* केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट में असहयोग तथा खजाना खोजने वालों के कोर क्षेत्र में अवैध प्रवेश मामले पर राज्य सरकार ने लिया एक्शन
* पीटीआर की नई क्षेत्र संचालक अंजना सुचिता और उप संचालक होंगे मोहित सूद
शादिक खान,पन्ना।(www.radarnews.in) राज्य सरकार ने लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले गुरुवार 7 मार्च को भारतीय वन सेवा के पांच अधिकारियों को प्रशासकीय आधार पर स्थानांतरित करते हुए नवीन पदस्थापना आदेश जारी किए है। वन विभाग के सचिव अतुल कुमार मिश्रा के हस्ताक्षर से देर शाम जारी स्थानांतरण आदेश अनुसार, पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक बृजेन्द्र झा (IFS-2003 बैच) व संयुक्त संचालक रिपुदमन सिंह (IFS-2010 बैच) को हटाकर तत्काल प्रभाव से भोपाल अटैच किया गया। इस फेरबदल को पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन के दोनों शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ डॉ. मोहन यादव सरकार के सख़्त एक्शन के तौर पर देखा जा रहा है। विभागीय चर्चाओं की मानें तो, जनवरी माह में पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में गड़ा धन (खजाना खोजने) के लिए मेटल डिटेक्टर लेकर आधा दर्जन लोगों के वाहन समेत अवैध प्रवेश करने के मामले में पार्क के दोनों शीर्ष अधिकारियों पर एक साथ स्थानांतरण की गाज गिरी है। पन्ना टाइगर रिजर्व के एफडी और जेडी के स्थानांतरण को लेकर एक चर्चा यह भी है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना में आपेक्षित सहयोग न करने पर दोनों अफसरों को हटाया गया है। बहरहाल कारण चाहे जो भी हो पर दोनों सीनियर आईएफएस अफसरों को फील्ड की पोस्टिंग से एक साथ हटाकर राज्य सरकार ने लापरवाह अफसरों को कड़ा संदेश दिया है।
राज्य शासन द्वारा जारी भारतीय वन सेवा अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश अनुसार, पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, बृजेन्द्र झा की नवीन पदस्थापना मुख्य वन संरक्षक, मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम भोपाल में की गई है। श्री झा की सेवायें प्रतिनियुक्ति पर सौंपी गई है। पन्ना टाइगर रिजर्व के संयुक्त संचालक रिपुदमन सिंह को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय भोपाल में वन संरक्षक के पद पर पदस्थ किया है। इन अधिकारियों के स्थान पर शासन ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय भोपाल में पदस्थ वन संरक्षक श्रीमती अंजना सुचिता तिर्की (IFS-2010 बैच) को पन्ना टाइगर रिजर्व में क्षेत्र संचालक और मोहित सूद (IFS-2017बैच) डीएफओ सामान्य वन मंडल उमरिया की नवीन पदस्थापना उप संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व के पद पर की गई है।
राज्य शासन द्वारा जारी भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की नवीन पदस्थापना आदेश की कॉपी।
उल्लेखनीय है कि, पीटीआर के वर्तमान क्षेत्र संचालक (एफडी) बृजेन्द्र झा व संयुक्त संचालक संचालक (जेडी) रिपुदमन सिंह की उदासीनतापूर्ण कार्यशैली को लेकर पार्क के मैदानी अमले में भी आंतरिक तौर पर तीव्र असंतोष और गहरी नाराजगी व्याप्त है। कथित तौर पर दोनों शीर्ष अधिकारियों के बीच सामंजस्य का घोर आभाव होने के कारण पन्ना पार्क की सुरक्षा में तैनात मैदानी अमले को मानदेय तथा वेतन सहित विभागीय कार्यों के देयकों का समय पर भुगतान सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है। सामान्य विभागीय कार्य भी दोनों अफसरों की खींचतान के कारण बाधित है। इसका खामियाजा मैदानी वन अमले को भुगतना पड़ रहा है। जिसका प्रत्यक्ष-परोक्ष दुष्प्रभाव वन्य जीवों और वनों की सुरक्षा पर पड़ रहा है। गुरूवार की देर शाम दोनों अफसरों को पन्ना से भोपाल स्थानांतरित किये जाने की खबर आने के बाद से ही पन्ना टाइगर रिजर्व के मैदानी अमले में ख़ुशी का माहौल देखा जा रहा है।
कोर एरिया में ईको कैंप संचालन पर किया गुमराह
पन्ना टाइगर रिजर्व से जुड़े एक विश्वसनीय सूत्र ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि, एफडी बृजेन्द्र झा और जेडी रिपुदमन सिंह के बीच आपसी सामंजस्य न होने के कारण विभागीय कार्यों के प्रभावित होने, पार्क की निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ने से भोपाल में बैठे विभाग के शीर्ष अधिकारी काफी समय से चिंतित थे। इस बीच जनवरी महीने में पार्क के कोर एरिया अंतर्गत मड़ला रेंज की बलैया बीट में खजाना खोजने के लिए मेटल डिटेक्टर लेकर कार से छह लोगों के घुसने का मामला सामने आने पर हर कोई हैरान रह गया। शिकार की बढ़ती घटनाओं के बीच कोर एरिया में दफ़ीनाखोरों के वाहन लेकर काफी अंदर तक घुसने की घटना ने पार्क की सुरक्षा व्यवस्था की बेहद लचर स्थिति को उजागर कर दिया था। खजाना खोजने वाले आरोपियों से बीटगार्ड की सांठ-गांठ के खुलासे ने पन्ना पार्क की अत्यंत ही चिंताजनक स्थिति की ओर जिम्मेदारों का ध्यान आकृष्ट कराने का काम किया। वहीं पन्ना पार्क के कोर एरिया में हिनौता स्थित प्रवेश द्वारा के बगल में अवैधानिक रूप से संचालित ईको कैंप में पर्यटन गतिविधियां को बंद करने के मामले भी कथित तौर एफडी और जेडी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करते रहे हैं। इसके आलावा केंद्र सरकार की प्राथमिकता वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए चल रहे भूमि अधिग्रहण सहित अन्य कार्यों में पन्ना जिला प्रशासन को पार्क के दोनों अधिकारियों का आपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा था। इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने पन्ना टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बृजेन्द्र झा और ज्वाइंट डायरेक्टर रिपुदमन सिंह को स्थानांतरित कर भोपाल अटैच कर दिया है।
वन परिक्षेत्र स्तर पर आयोजित रोजगारोन्मुखी कौशल विकास का प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित वन विभाग के अधिकारी, एलएण्डटी कंपनी प्रतिनिधि और क्षेत्र के युवा।
* दक्षिण वन मण्डल पन्ना अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण शिविर में परिक्षेत्र मोहन्द्रा के 166, रैपुरा के 146 युवा हुए शामिल
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) दक्षिण वन मण्डल पन्ना अंतर्गत संजीव झा वनसंरक्षक छतरपुर वृत्त छतरपुर एवं पुनीत सोनकर वनमण्डलाधिकारी दक्षिण वनमण्डल पन्ना की विशेष पहल से परिक्षेत्र स्तर पर वनक्षेत्रों के ग्रामीणों को बहुराष्ट्रीय कंपनी एल एण्ड टी (Larsen & Toubro) के माध्यम से कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान करने की पहल की गई है। इस क्रम में वन परिक्षेत्र मोहन्द्रा एवं रैपुरा के तहत आज वन विभाग के माध्यम से एलएण्डटी कम्पनी (L&T) द्वारा रोजगारोन्मुखी शिविर आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में वनक्षेत्रों में निवासरत विशेष रूप से संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के परिक्षेत्र मोहन्द्रा के 166, परिक्षेत्र रैपुरा के 146 बेरोजगार युवाओं को एलएण्डटी (लार्सन एंड टुब्रो) कंपनी के समन्वयक कमल चंद्रवंशी द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही रोजगार के अवसर के बारे में बताया गया। युवाओं की विभिन्न समस्याओं के निराकरण एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। इस दौरान युवाओं द्वारा रोजगार के लिए पंजीयन भी कराया गया। प्रशिक्षण शिविर में वन परिक्षेत्र अधिकारी मोहन्द्रा अभय दुबे, वन परिक्षेत्राधिकारी रैपुरा रजित द्विवेदी, नृपाल सिंह, उप वनक्षेत्रपाल शंकर प्रसाद दहायत, उप वनक्षेत्रपाल नरेश दुबे, वनपाल रंजना नागर, देवी सिंह यादव, रामदास रैकवार भी उपस्थित रहे।
* पूर्व प्रभारी मंत्री एवं आयुष विभाग के राज्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाई गई थी मांग
* आयुष चिकित्सालय में मरीजों को भर्ती कर आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी से किया जाएगा उपचार
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिला मुख्यालय पन्ना को आयुष (आयुर्वेद) चिकित्सालय की बहुप्रतीक्षित सौगात मिल गई है। पन्ना में 50 बिस्तर के आयुष चिकित्सालय की स्थापना के लिए प्रशासकीय स्वीकृति का आदेश जारी किया गया है। निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग द्वारा 13 करोड़ 37 लाख 47 हजार रूपए की लागत से आयुष चिकित्सालय भवन का निर्माण कराया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (भवन) से प्राप्त तकनीकी स्वीकृति अनुसार विभाग की आयुक्त सोनाली पोंक्षे वायंगणकर द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति का आदेश जारी किया गया है। आयुष चिकित्सालय बनकर तैयार होने पर वहां आयुष चिकित्सकों के द्वारा मरीजों को भर्ती करके आयुष पद्धति (प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति) के तहत स्वास्थ्य सेवाएं एवं उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। विदित हो कि आयुष पद्धति में आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी की स्वास्थ्य देखभाल एवं उपचार की प्रणालियाँ शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि, पन्ना जिले के पूर्व प्रभारी मंत्री एवं आयुष विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रामकिशोर नानो कांवरे के समक्ष आयुष चिकित्सालय का मुद्दा अनेकों बार प्रमुखता से उठाया गया था। जिस पर राज्यमंत्री श्री कांवरे ने जनहित से जुड़ी मांग को गंभीरता से लेते हुए तत्परता से पूरा करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पन्ना में 50 बिस्तर के आयुष चिकित्सालय की स्थापना संबंधी प्रस्ताव तैयार कर प्रेषित करने के भी निर्देश दिए थे। पन्ना विधायक बृजेन्द्र सिंह द्वारा विधानसभा सत्र में भी प्रश्न के माध्यम से चिकित्सालय निर्माण के संबंध में प्रशासकीय स्वीकृति की मांग रखी गई थी, जिस पर मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने त्वरित संज्ञान लेकर कार्यवाही की।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले लाइनमैन को लाइनमैन दिवस पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करते मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड पन्ना के अधीक्षण यंत्री शरद श्रीवास्तव।
* पन्ना जिला मुख्यालय में शहरी विद्युत वितरण केन्द्र में मनाया गया लाइनमैन दिवस
* उत्कृष्ट कार्य करने वाले लाइनमैन को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित, टूलकिट भी प्रदान की गई
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MPPKVVCL) पन्ना के तत्वाधान में धर्म सागर तालाब के पास स्थित पावर हाउस (शहरी विद्युत वितरण केन्द्र) प्रांगण में आज 4 मार्च को लाइनमैन दिवस का आयोजन किया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधीक्षण यंत्री शरद श्रीवास्तव रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अधीक्षण यंत्री शरद श्रीवास्तव ने संबोधित करते हुए कहा कि जीवन से बढ़कर कुछ नहीं है इसलिए आपको सुरक्षा के साथ काम करने की आवश्यकता है। केंद्र सरकार की मंशानुरूप लाइनमैन दिवस मनाए जाने का उद्देश्य है कि सुरक्षा के उपाय की जानकारी आप लोगों को विस्तार से दिया जाए।
अधीक्षण यंत्री ने कहा कि बिजली संबंधी कार्य करते समय अपना दिमाग शांत रखिए, मोबाइल बंद रखिए तो जान की सुरक्षा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जो टूल किट दिए गए हैं उसका उपयोग करिए शरीर को बचाना हमारा पहला उद्देश्य है काम के समय जल्दबाजी न करें। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जब हमारा जीवन रहेगा तभी हम काम कर पाएंगे हमेशा लाइट सुधारने के समय लाइन बंद करके कम करें।
पन्ना में लाइनमैन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अधिकारी-कर्मचारी एवं ठेकेदार।
कार्यक्रम को आरके तिवारी डीई सतर्कता, जीके चन्द्रारते डीई, राहुल बिरला सहायक यंत्री शहर, वरिष्ठ पत्रकार मनीष मिश्रा, विद्युत ठेकेदार अख्तर खान सहित कई लाइनमैनो ने उन्होंने संबोधित करते हुए सुरक्षात्मक पहलुओं पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान लाईनमैनों को टूलकिट प्रदान किये गए उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन के एस घोषी सहायक यंत्री शहर ने किया। कार्यक्रम में काफी संख्या में लाइनमैन व विद्युत कंपनी के कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
* पिछले चुनाव कांग्रेस प्रत्याशी को 4 लाख 92 हजार से अधिक मतों के अंतर से दी थी मात
* ओबीसी मतदाताओं के प्रभाव वाली खजुराहो सीट पर कांग्रेस से गठबंधन के चलते इस बार सपा उतारेगी अपना उम्मीदवार
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) भारतीय जनता पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए देश के कई राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों की 195 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों की अपनी पहली सूची शनिवार को जारी कर दी है। इस सूची में मध्य प्रदेश की 29 में से 24 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। खजुराहो संसदीय क्षेत्र से भाजपा ने अपने मौजूदा सांसद एवं पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा (वीडी शर्मा) पर पुनः भरोसा जताया है। वीडी ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के चलते 64 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त कर कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह को 4 लाख 92 हजार से अधिक वोटों के रिकार्ड अंतर से करारी शिकस्त दी थी। कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार वीडी शर्मा को खजुराहो की जगह भोपाल सीट से चुनावी समर में उतारा जाएगा। यही कारण था कि खजुराहों के लिए कई नाम चर्चा में बने थे, जिसमें पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह और कटनी से आने वाले संजय पाठक का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा था। लेकिन शनिवार को बीजेपी उम्मीदवारों की पहली सूची के आने के साथ ही तमाम कयासों-अटकलों पर पूर्ण विराम लग चुका है।
ओबीसी वर्ग से हो सकता है सपा प्रत्याशी
प्रतीकात्मक चित्र।
बता दें कि, सूबे के बुंदेलखंड अंचल में आने वाली खजुराहो सीट पर अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता चुनावी नतीजों के लिहाज से निर्णायक माने जाते हैं। इस बार विपक्षी दलों के गठबंधन “इंडिया” में शामिल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच हाल ही में संपन्न हुए सीटों के समझौते के तहत मध्य प्रदेश की एकमात्र खजुराहो सीट सपा को मिली है। अर्थात आगामी लोकसभा चुनाव में खजुराहो सीट पर समाजवादी पार्टी अपना उम्मीदवार उतारेगी जिसे कांग्रेस पार्टी का समर्थन प्राप्त होगा। सामाजिक न्याय की पुरजोर तरीके से सियासत करने वाली समाजवादी पार्टी को लेकर जानकारों का मानना है कि ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूला के तहत जल्द ही खजुराहो के लिए सशक्त उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है। जनचर्चा है कि, समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी पिछड़ा वर्ग में आने वाली कुर्मी या फिर यादव जाति से हो सकता है। साथ ही यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि, सपा उम्मीदवार बुंदेलखंड अंचल से हो सकता है।
भाजपा का मजबूत गढ़ है खजुराहो सीट
खजुराहो संसदीय क्षेत्र का मानचित्र।
पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने खजुराहो सीट पर राजपरिवार से आने वाले पूर्व राजनगर विधायक विक्रम सिंह नातीराजा की पत्नी कविता सिंह को प्रत्याशी बनाया था। कांग्रेस नेत्री कविता सिंह का मायका पन्ना जिले के अमानगंज क्षेत्र में और ससुराल खजुराहो होने के चलते चुनाव प्रचार अभियान के दौरान पूरे समय स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशी का मुद्दा जोरदार तरीके से उछला था। क्योंकि वीडी शर्मा ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र से आते हैं। हालांकि, 2019 के लोस चुनाव में मोदी लहर के चलते वीडी शर्मा ने कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह को 4 लाख 92 हजार से अधिक वोटों के रिकार्ड अंतर से करारी शिकस्त दी थी। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा को 811,135 और कविता सिंह को 3,18,753 मत प्राप्त हुए थे। विदित हो कि, खजुराहो सीट को भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है। वर्ष 1989 से लेकर 2019 तक संपन्न हुए नौ लोकसभा चुनाव में खजुराहो सीट पर लगातार भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी जीत दर्ज करा रहे हैं। शनिवार 2 फरवरी को खजुराहो लोकसभा सीट से वीडी शर्मा को पुनः उम्मीदवार घोषित किए जाने पर इस संसदीय क्षेत्र में आने वाले छतरपुर, पन्ना एवं कटनी जिले के भाजपा (BJP) पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं और वीडी समर्थकों ने फटाखे फोड़कर, मिठाई वितरित कर पार्टी के निर्णय पर ख़ुशी जाहिर की है।
आउटसोर्स एजेंसी कामथीन सिक्योरिटी सर्विस एवं इससे जुड़ीं अन्य ब्लैक लिस्टेड तथा गैर अनुभव वाली कंपनी की निविदा निरस्त करने की मांग को लेकर सीएमएचओ पन्ना को लिखित शिकायत दी गई।
* पन्ना जिले के स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2014 से लगातार कार्य कर रही कामथीन सिक्योरिटी सर्विस
* निविदा और अनुबंध शर्तों के उल्लंघन की सैंकड़ों शिकायतों के बाद भी एजेंसी पर कोई कार्यवाही नहीं
* नवीन निविदा प्रक्रिया से ब्लैक लिस्टेड एवं गैर अनुभवी एजेंसी स्काई ब्लू को बाहर करने की मांग
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) घपलों-घोटालों के लिए बदनाम मध्य प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन के बाद भी व्यवस्था में दूर-दूर तक कहीं कोई परिवर्तन नज़र नहीं आ रहा है। सत्ता का संरक्षण प्राप्त भ्रष्टाचारी और माफिया डबल इंजन की सरकार में कल भी मजे में थे और आज भी वे खुलेआम नियम-कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए लूट मचा रहे हैं। पन्ना जिले के स्वास्थ्य विभाग में पिछले दस साल से सपोर्ट स्टॉफ, सिक्योरिटी गार्ड्स एवं सफाईकर्मी उपलब्ध कराने वाली आउटसोर्स एजेंसी मेसर्स कामथीन सिक्योरिटी सर्विस का मामला, इसका एक उदाहरण मात्र है। यह ब्लैक लिस्टेड एजेंसी स्वास्थ्य विभाग को कर्मचारी उपलब्ध कराने की निविदा शर्तों, अनुबंध शर्तों व कार्यादेश में उल्लेखित निर्देशों को खुला उल्लंघन करते हुए सैंकड़ों कर्मचारियों के मानदेय, ईपीएफ, आईएसआईसी के करोड़ों रुपए डकार कर बैठी है। वर्ष 2014 से माह फरवरी 2024 तक मेसर्स कामथीन सिक्योरिटी सर्विस, इंदौर के विरुद्ध पन्ना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), खण्ड चिकित्सा अधिकारियों (BMO), राजस्व अधिकारियों एवं जिला कलेक्टर को शोषित-पीड़ित ठेका कर्मचारियों के द्वारा सैंकड़ों शिकायतें, ज्ञापन सौंपें गए। अनेकों बार धरना-प्रदर्शन तथा कामबंद हड़ताल की गई लेकिन न तो कामथीन का ठेका निरस्त हुआ और ना ही प्रभावित कर्मचारियों को इंसाफ मिल सका। वर्तमान में जिले में आउटसोर्स एजेंसी के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया प्रचलन में होने से कामथीन सिक्योरिटी सर्विस की कारगुजारियों का काला चिठ्ठा नए सिरे से सुर्ख़ियों में आ गया है।
आगामी वर्षों के लिए जिले की विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं/कार्यालयों में आवश्यक कुशल, अर्धकुशल, अकुशल श्रेणी के श्रमिक (कर्मचारी) उपलब्ध कराने हेतु आउटसोर्स एजेंसी के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। इसमें शामिल पन्ना जिले की आउटसोर्स एजेंसी कचनारा इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी के द्वारा कलेक्टर व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्हीएस उपाध्याय को मेसर्स कामथीन सिक्योरिटी सर्विस, इंदौर तथा प्रथम नेशनल सिक्युरिटी सर्विस को लेकर लिखित आपत्ती/शिकायत दी गई है। कचनारा इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी सर्विस ने अपनी शिकायत/आपत्ती में मेसर्स कामथीन सिक्योरिटी सर्विस, इंदौर तथा प्रथम नेशनल सिक्युरिटी सर्विस को ब्लैक लिस्टेड एजेंसी बताते हुए इनकी निविदा को निरस्त करने की मांग की है। कचनारा इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी सर्विस के द्वारा अपनी शिकायत के साथ उक्त एजेंसियों को ब्लैक लिस्टेड करने वाले संस्थान एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर द्वारा जारी पत्र दिनांक 17 मई 2016 को संलग्न किया है। पत्र के अनुसार एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा कामथीन सिक्योरिटी सर्विस को तीन वर्ष के लिए प्रतिबंधित किया गया था।
अपर संचालक ने दिए थे ब्लैक लिस्टेड करने के आदेश
आउटसोर्स एजेंसी के चयन हेतु जारी निविदा प्रक्रिया से ब्लैक लिस्टेड एजेंसी कामथीन सिक्योरिटी सर्विस एवं इससे जुड़ीं अन्य कंपनी को बाहर करने की मांग को लेकर पन्ना कलेक्टर से सप्रमाण शिकायत की गई।
इस शिकायत के साथ अपर संचालक (शिकायत) संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं मध्य प्रदेश सपना एम. लोवंशी के द्वारा दिनांक 20 जुलाई 2022 को तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सतना डॉ. एम.के. अवधिया को जारी पत्र भी संलग्न है। इस पत्र में स्पष्ट शब्दों में सीएमएचओ को आदेशित किया गया है कि, “कामथीन सिक्योरिटी सर्विस को आज ही ब्लैक लिस्टेड करें तथा कर्मचारियों के भुगतान की बकाया राशि का भुगतान किए जाने संबंधी कार्यवाही तत्काल करें। साथ ही की गई कार्यवाही से अद्योहस्ताक्षकर्ता को आज ही अवगत कराते हुए ईमेल आईडी पर एवं डाक द्वारा भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। चूंकि प्रकरण सीएम मॉनिट श्रेणी ए (प्लस) में दर्ज होने कारण पत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रकरण में तत्काल आगामी कार्यवाही करें।”
एक ही परिवार की तीन एजेंसियों ने डाली निविदा
कचनारा इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी सर्विस पन्ना ने कामथीन सिक्योरिटी सर्विस के मालिकान से जुड़ी एक अन्य एजेंसी प्रथम नेशनल सिक्युरिटी सर्विस के भी ब्लैक लिस्टेड होने का प्रमाण अपने शिकायती पत्र के साथ संलग्न किया है। बता दें कि, इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक म.प्र. के रजिस्ट्रार द्वारा दिनांक 04 जनवरी 2022 को जारी पत्र के अनुसार 2 वर्ष के लिए ब्लैक लिस्टेड किया गया गया था। कामथीन सिक्योरिटी सर्विस के चतुर-चालाक मालिकान ने कई संस्थाओं में अपनी एजेंसी के ब्लैक लिस्टेड होने पर स्काई ब्लू नामक एक अन्य आउटसोर्स एजेंसी का पंजीयन कराया गया। ताकि रोजगार की तलाश में भटकते शिक्षित-बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की आड़ में उनकी मेहनत की कमाई के बड़े हिस्से को डकारा जा सके। यहां गौर करने वाली बात यह है कि, पन्ना जिले के स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी उपलब्ध कराने के अपने ठेका को बरक़रार रखने के लिए कामथीन सिक्योरिटी सर्विस और इससे जुड़ीं दो अन्य आउटसोर्स एजेंसी, प्रथम नेशनल सिक्युरिटी सर्विस और स्काई ब्लू सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड इंदौर भी निविदा प्रक्रिया में शामिल है। इस कवायद का असल मकसद कामथीन से सांठगांठ रखने वाले भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों की मदद से तीन में किसी एक एजेंसी के नाम पर ठेका हांसिल किया जा सके।
कार्य अनुभव और टर्न ओवर नहीं
आउटसोर्स एजेंसी स्काई ब्लू सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड इंदौर को लेकर शिकायतकर्ता की कचनारा इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी सर्विस पन्ना के प्रतिनिधि का कहना है कि, इस (तीसरी) एजेंसी को न तो किसी तरह का कोई वांछित अनुभव है और ना ही वार्षिक वित्तीय लेनदेन (टर्न ओवर) भी पर्याप्त है। इस स्थिति में ठेका कर्मचारियों के मानदेय, ईपीएफ एवं आईएसआईसी की राशि नियमित रूप से समय पर पारदर्शी तरीके से पूर्ण भुगतान करने, समस्त शर्तों का अक्षरशः पालन करने तथा अच्छे रिकार्ड वाली निविदा प्रक्रिया में शामिल अन्य किसी भी एजेंसी का ठेका दिया जाना न्यायोचित होगा।
महीनों काम कराने के बाद भी नहीं दिया मानदेय
कामथीन सिक्योरिटी सर्विस के शोषण का शिकार सुखवंत चौबे, उर्मिला वंशकार, मिनीबाई बाल्मीक, यूनिस खान आदि ने पत्रकारों के समक्ष अपनी आपबीती सुनाने बताया कि, उनसे और उनके साथियों से स्वास्थ्य संस्थाओं में सिर्फ 3, 4, 5 हजार रुपए से लेकर 6 हजार रुपए तक मासिक मानदेय पर कई महीनों तक कार्य कराया गया है। किसी को भी निविदा/अनुबंध शर्तों तथा श्रम विभाग के नियमों के अनुसार प्रचलित कुशल/अकुशल/अर्धकुशल श्रमिकों की निर्धारित कलेक्टर दर के अनुसार मानदेय भुगतान नहीं किया गया। साथ ही एक भी कर्मचारी को नियमनुसार ईपीएफ एवं आईएसआईसी की राशि का भी भुगतान नहीं किया। इस तरह कामथीन सिक्योरिटी सर्विस स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से ठेका कर्मचारियों का पिछले दस साल से लगातार दो तरफा बेइंतहा शोषण कर रही है। पीड़ित सुखवंत चौबे व उर्मिला वंशकार का आरोप है कि, उक्त कंपनी ने उनके कई माह के मानदेय का भुगतान न कर उन्हें काम से ही निकाल दिया था। स्वास्थ्य विभाग में शिकायत करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। इतना ही ठेका कर्मचारियों को कभी भी हर माह की 5 तारीख को भुगतान न देकर 2-3 में मानदेय का भुगतान किया जाता है। कुल मिलाकर आधा-अधूरा मानदेय देकर और ईपीएफ एवं आईएसआईसी की राशि का भुगतान न करके कामथीन सिक्योरिटी सर्विस ने कथित तौर पर करोड़ों रुपए का घपला किया है।
इनका कहना है-
“ठेका कर्मचारियों को पूर्ण मानदेय तथा ईपीएफ आदि का भुगतान न करने से जुड़ी कामथीन सिक्योरिटी सर्विस के विरुद्ध शिकायत की जांच क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक सागर के द्वारा की गई है। जिसका प्रतिवेदन भी संचालनालय भोपाल को भेजा जा चुका है, इस पर जो भी निर्णय होगा उसका पालन किया जाएगा। वर्तमान में जारी निविदा प्रक्रिया में शामिल कुछ एजेंसियों के ब्लैक लिस्टेड होने की सप्रमाण शिकायत मिली है, जिसकी जांच उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।”
डॉ. व्हीएस उपाध्याय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला पन्ना।
“ठेका कर्मचारियों का शोषण करने के आरोप पूर्णतः असत्य और निराधार हैं, हमारी कंपनी के द्वारा प्रत्येक कर्मचारी को उसकी पात्रता श्रेणी अनुसार नियमित रूप से मानदेय भुगतान, ईपीएफ आदि का भुगतान किया जा रहा है। मैं आपको समस्त दस्तावेज दिखाऊंगा। हमारी कंपनी को ब्लैक लिस्टेड नहीं किया गया है।”
स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की सांठगांठ से ठेका कर्मचारियों के मेहनत की कमाई डकारने वाली कामथीन कंपनी पन्ना में वर्ष 2014 से लगातार कार्य कर रही है। पन्ना के अधिकारी एक बार फिर इस एजेंसी को ठेका देने की फ़िराक में हैं जिस पर साक्ष्यों के साथ लिखित आपत्ति दर्ज कराई गई है। pic.twitter.com/MecwXVZxjm
* अभिभावकों की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया था पाॅक्सो एक्ट के तहत मामला
पन्ना।(www.radarnews.in) जिला शिक्षा अधिकारी सूर्य भूषण मिश्रा द्वारा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी अजयगढ़ के प्रतिवेदन पर शासकीय प्राथमिक शाला पिपराही संकुल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरदी के प्राथमिक शिक्षक राकेश शर्मा को निलंबित करने की कार्यवाही की गई है। निलंबन अवधि में शिक्षक का मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय शाहनगर निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में शिक्षक राकेश शर्मा को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
विदित हो कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर के आधार पर प्राथमिक शिक्षक द्वारा कक्षा 3 में अध्ययनरत छात्राओं के साथ कथित अश्लील हरकत की शिकायत संज्ञान में आई थी। छात्राओं के अभिभावकों द्वारा पुलिस थाने में शिकायत की गई, जिस पर एफआईआर में आईपीसी की धारा 394, 506 एवं पाॅक्सो एक्ट 7/8 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। आरोपी प्राथमिक शिक्षक राकेश शर्मा का कृत्य शिक्षकीय गरिमा एवं पदीय कर्तव्य के प्रतिकूल होकर म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है। इस पर शिक्षक को म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्यवाही की गई है।
रिश्वत मांगने पर लिपिक निलंबित
संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग सागर द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के प्रतिवेदन पर शासकीय आर.पी. उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पन्ना के सहायक ग्रेड-3 सुनील कुमार वर्मा को निलंबित करने की कार्यवाही की गई है। श्री वर्मा को छात्रवृत्ति के फार्म संबंधी कार्य करने के एवज में एक हजार रूपए की मांग करने का दोषी पाया गया तथा पदांकित संस्था से निरंतर अनुपस्थित होने तथा शासकीय कार्य के निर्वहन में अनियमितता व पदीय दायित्वों में घोर लापरवाही, स्वेच्छारिता एवं अनुशासनहीनता बरतने का दोषी भी पाया गया। सहायक ग्रेड-3 को निलंबित कर मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय गुनौर निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में श्री वर्मा को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
* अभियुक्त को दस हजार रुपए के अर्थदंड से भी किया दंडित
* विशेष न्यायाधीश पन्ना श्री इंद्रजीत रघुवंशी ने सुनाया फैसला
पन्ना। (www.radarnews.in) पूर्व पदांकित विद्यालय में पदस्थापना कराने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने वाले सहायक शिक्षक एवं लिपिक शिक्षा प्रकोष्ठ जिला पंचायत को विशेष न्यायालय पन्ना ने अभियुक्त रामशंकर रैकवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं में दोषसिद्ध पाते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विद्वान विशेष न्यायाधीश श्री इंद्रजीत रघुवंशी ने प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए अभियुक्त को 10 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना रोहित गुप्ता ने अभियोजन के प्रकरण और उस पर आए न्यायालय के फैसले की जानकारी दी है।
प्राप्त जानकारी अनुसार, दिनांक 17 जुलाई 2019 को आवेदक अरविंद कुमार द्विवेदी, वरिष्ठ अध्यापक शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लुहरगांव जिला पन्ना ने अनावेदक रामशंकर रैकवार सहायक शिक्षक (लिपिक) शिक्षा प्रकोष्ठ जिला पंचायत पन्ना के विरुद्ध रिश्वत की माँग संबंधी शिकायती पत्र पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर के समक्ष प्रस्तुत किया था। फरियादी ने शिकायती पत्र में बताया था, उसके द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत पन्ना को लिखित आवेदन पत्र दिया गया था। जिसमें लेख किया था कि उसकी असंचयी प्रभाव से रोकी गई एक वेतनवृद्धि एवं पदस्थापना पूर्व पदांकित शाला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सलेहा में की जाए। आवेदक की वेतन वृद्धि तो बहाल हो गई लेकिन पदस्थापना सलेहा में नहीं हुई। आवेदक अरविंद कुमार ने जिला पंचायत के शिक्षा प्रकोष्ठ शाखा में पदस्थ बाबू रामशंकर रैकरवार सहायक शिक्षक से सम्पर्क किया गया। लिपिक रामशंकर ने नोटशीट प्रस्तुत कर काम करवाने के एवज में आवेदक से 10.000/-रू. (दस हजार) की रिश्वत की मांग की गई। आवेदक रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि लिपिक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। लोकयुक्त पुलिस के द्वारा शिकायत की तस्दीक के बाद प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
ट्रैप कार्रवाई हेतु लोकायुक्त पुलिस के द्वारा अरविंद कुमार द्विवेदी को रिश्वत के लेनदेन की बातचीत रिकार्ड करने हेतु वाइस रिकार्डर देकर लिपिक रामशंकर रैकवार के धाम मोहल्ला पन्ना में स्थित घर भेजा गया था। कुछ समय पश्चात आवेदक का पूर्व निर्धारित इशारा किया तो समस्त ट्रैप दल आरोपी के मकान में दाखिल हो गया। ट्रैपदल को आता देख रामशंकर ने रिश्वत राशि अपने मकान के दूसरे कमरे में रखी पलंग पेटी के पीछे फेंक दी थी। आरोपी लिपिक रामशंकर रैकवार को हिरासत में लेकर उसके दोनों हाथों को सोडियम कार्बोनेट के घोल में घुलाने पर घोल का रंग हल्का गुलाबी हो गया था। आरोपी के दूसरे कमरे से रिश्वत के नोट बरामद कराये गये जो 10,000/-रूपये थे। इस मामले में लोकायुक्त पुलिस के द्वारा आरोपी के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 13(1)बी, 13(2) पी.सी. एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। सम्पूर्ण अनुसंधान उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
फाइल फोटो।
इस प्रकरण का विचारण विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) पन्ना इंद्रजीत रघुवंशी के न्यायालय हुआ। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी करते हुए संदीप कुमार पांडेय, जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा दौरान विचारण अभियोजन के साक्ष्य को क्रमबद्ध तरीके से लिपिबद्ध कराकर न्यायालय के समक्ष आरोपी के विरूद्ध आरोप को संदेह से परे प्रमाणित किया गया। साथ ही आरोपी का कृत्य गंभीरतम होने के कारण उसे कठोर से कठोरतम सजा दिये जाने का अनुरोध किया गया। अभिलेख पर आए साक्ष्य, अभियोजन के तर्कों एवं न्यायिक दृष्टांतो से संतुष्ट होते हुए न्यायालय द्वारा अभियुक्त रामशंकर रैकवार को क्रमशः भ्रष्टचार निवारण अधिनियम धारा- 7, 13(1)(बी)(बी) सहपठित धारा- 13(2) के आरोप में दोषसिद्ध पाकर क्रमशः 4 वर्ष, 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं पांच-पांच हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पन्ना में 88वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।
* ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पर 88वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ
* भाई-बहनों की उपस्थिति में धूमधाम से किया गया शिव ध्वजारोहण
* आध्यात्मिक ज्ञान से प्रेरित होकर बुराइयों को छोड़ने का लिया संकल्प
पन्ना। (www.radarnews.in) प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा इस वर्ष 88वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है। जिसका गरिमामयी शुभारंभ आज ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पन्ना में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पन्ना जिले के पुलिस अधीक्षक सांई कृष्णा एस थोटा (IPS) उपस्थित रहे। शिव जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्था के द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान एवं शिव सन्देश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। जिनका समापन संस्था के मुख्यालय माउंट आबू (राजस्थान) में 8 मार्च को 88वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती (महाशिवरात्रि) पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में होगा।
ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पन्ना में 88वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में शिव ध्वजारोहण किया गया।
जिला मुख्यालय पन्ना में ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पर आज सर्वप्रथम शिव ध्वजारोहण कर शिव जयंती महोत्सव कार्यक्रम का धूमधाम से शुभारंभ किया गया। तदुपरांत बीके सीता बहनजी ने सभी को शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा, शिवरात्रि के दिन भक्तगण शिवलिंग पर धतूरा, बेर, बेलपत्र इत्यादि चढ़ाते हैं। शिवरात्रि पर हम जागरण करते हैं एवं अन्न का व्रत रखते हैं परंतु वास्तव में परमात्मा शिव पर यथार्थ रूप में क्या चढ़ाना चाहिए और किस प्रकार से व्रत का पालन करना चाहिए? इसके आध्यात्मिक रहस्य को समझने की आवश्यकता है तभी स्वयं का और संपूर्ण विश्व का कल्याण संभव है। धतूरा विषय विकार, बेर नफरत-घृणा का प्रतीक है। अतः हमें शिव पर विकारों, विषय–वासना एवं बुरी आदतों को चढ़ाना चाहिए अर्थात त्याग करना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक जिला पन्ना सांई कृष्णा एस थोटा (IPS) को ईश्वरीय सौगात प्रदान करती ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पन्ना की प्रमुख बीके सीता बहनजी।
बहन जी ने कहा, वास्तव में, शिवरात्रि वर्तमान कलयुग के अंत और सतयुग के प्रारंभ के संगम का नाम है। जब स्वयं निराकार परमात्मा शिव साकार मानव तन, प्रजापिता ब्रह्मा के तन में अवतरित होकर मनुष्य आत्माओं से विकारों और बुराइयों का, ईश्वरीय ज्ञान और राजयोग की शिक्षा देकर त्याग कराते हैं। अतः शिवरात्रि पर विकारों और बुराइयों से व्रत रखें। रात्रि जागरण का आध्यात्मिक रहस्य है कि परमात्मा शिव के वर्तमान समय के अवतरण के काल में हम अपनी आत्मा की ज्योति को जगाएं। अतः शिवरात्रि के महत्व और आध्यात्मिक रहस्य को यथार्थ रीति से समझकर मानने से ही सभी मनुष्य आत्माओं का, संसार का कल्याण हो सकता है।
बहन जी ने बताया, वर्तमान तमोप्रधान धर्म ग्लानी के समय में निराकार परमपिता परमात्मा शिव का इस धरा पर अवतरण हो चुका है। परमात्मा शिव अनेक आध्यात्मिक रहस्य का उद्घाटन करके सत्य धर्म की स्थापना का दिव्य कर्म कर रहे हैं। महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य को समझकर अपने तमोगुणी स्वभाव और संस्कारों का त्याग करके स्वयं के जीवन में तथा इस सृष्टि में सत्यम, शिवम, सुंदरम के मंगलमय तत्व का संचार करें।
ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पन्ना में 88वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को पुलिस अधीक्षक जिला पन्ना सांई कृष्णा एस थोटा (IPS) ने संबोधित किया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक जिला पन्ना सांई कृष्णा एस थोटा (IPS) ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मेडिटेशन को हमें अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने अपने अनुभव की बात करते हुए बताया कि, हमारे प्रशासनिक जीवन में भी हमें मेडिटेशन से काफी मदद मिलती है और मन शांत रहता है। मेडिटेशन अर्थात ध्यान (राजयोग) से आत्मबल बढ़ता है, जिससे विषम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय को सहजता से लेने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित भाई-बहनों द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान से प्रेरित होकर बुराइयों को छोड़ने का संकल्प लिया गया।
* साइबर तहसील की नई व्यवस्था को लेकर शासन का बड़ा दावा
* प्रदेश के सभी जिलों में 29 फरवरी से शुरू होगी साइबर तहसील व्यवस्था
* नई व्यवस्था में धोखाधड़ी से जमीन-खरीदने बेचने की संभावना शून्य
* वर्तमान में नामंतरण कराने तहसील कार्यालय के चक्कर काटने के साथ देनी पड़ती है रिश्वत
पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के राजस्व प्रशासन सुधार में साइबर तहसील व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों के हित में अभूतपूर्व परिवर्तन होने जा रहा है। आगामी 29 फरवरी को प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ साइबर तहसील का शुभारंभ होगा। जिला जनसम्पर्क कार्यालय पन्ना के द्वारा जारी समाचार में यह दावा किया गया है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार अब प्रदेश में राजस्व प्रकरणों का निराकरण अत्यंत कम समय में हो जाएगा। भू-अभिलेखों में अमल के बाद भू-अभिलेखों एवं आदेश की सत्यापित प्रतिलिपि संबंधित पक्षकार को मिल सकेगी। अब अनावश्यक रूप से लंबित रहने वाले प्रकरणों का तकनीकी सहायता से कम समय में गुणवत्तापूर्ण निराकरण हो सकेगा। साइबर तहसीलों में औसत 15 से 17 दिनों का समय लग रहा है, जो मैन्युअल प्रक्रिया में लगने वाले 60 दिनों की तुलना में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 15 दिन की समय सीमा में बिना आवेदन दिए, पेपरलेस, फेसलेस और ऑनलाइन नामांतरण और भू अभिलेख अद्यतन करने के लिए साइबर तहसील स्थापित की गयी है।
इस प्रकार संपूर्ण खसरा के क्रय-विक्रय से संबंधित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण साइबर तहसीलों से किया जा सकता है। इस प्रकार के प्रकरणों में त्वरित नामांतरण के अलावा भू-अभिलेख अपडेट होगा। क्षेत्रीय तहसील स्तर पर अविवादित प्रकरणों के निराकरण का भार कम होगा। साइबर तहसील की व्यवस्था के लिए राजस्व विभाग द्वारा मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 में संशोधन कर धारा 13-क में साइबर तहसील के प्रावधान किए गए हैं। साइबर तहसील की व्यवस्था सभी जिलों में लागू हो रही है।
उल्लेखनीय है कि, वर्तमान में भूमि के रजिस्ट्री के बाद नामांतरण कराने के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होता है और तहसील कार्यालय में पेशी पर उपस्थित होना पड़ता है। सिर्फ इतना ही नहीं नामांतरण कराने के लिए तहसील कार्यालय के दलालों/कर्मचारियों को रिश्वत के रूप में मोटी रकम भी देनी पड़ती है। अब साइबर तहसील की नई व्यवस्था के लागू होने के बाद यह देखना वाकई महत्वपूर्ण होगा कि नामंतरण को लेकर जिस तरह के बड़े-बड़े दावे किए गए उसमें लोगों को रिश्वत देने के लोगों को मजबूर होना पड़ता है या नहीं।
साइबर तहसील में कैसे होगा काम
साइबर तहसील में पंजीयन से नामांतरण तक की प्रकिया लागू कर दी गई है। साइबर तहसील को 4 अलग-अलग प्लेटफार्मों जैसे संपदा पोर्टल, भूलेख पोर्टल, राजस्व प्रकरण प्रबंधन व्यवस्था के पोर्टल से जोड़ दिया गया है। सायबर तहसील में ऐसे प्रकरण निराकरण योग्य हैं-संपूर्ण खसरा, जिसे विभाजित नहीं किया गया एवं ऐसी जमीन जो किसी प्रकार से गिरवी या बंधक ना रखी गई हो। पोर्टल पर पंजीयन करने के बाद और रजिस्ट्री के बाद रेवेन्यू पोर्टल पर स्वतः केस दर्ज हो जाएगा। इसके बाद सायबर तहसीलदार द्वारा जाँच की जाएगी। सूचना के बाद इश्तेहार एवं पटवारी रिपोर्ट के लिए मेमो जारी किया जाएगा। इसके बाद आदेश पारित कर भू-अभिलेख को अपडेट किया जाएगा। दस दिन बाद दावा-आपत्ति प्राप्त नहीं होने पर ई-मेल एवं व्हाट्सएप से आदेश दिए जायेंगे।
साइबर तहसील की विशेषतायें व लाभ
रजिस्ट्री के बाद बिना आवेदन किये नामांतरण का प्रखंड दर्ज हो जाता है। इस प्रक्रिया में क्रेता और विक्रेता को नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में उपस्थित होने, पेशी पर आने की जरूरत नहीं है। संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन व फेसलेस एवं पेपरलेस है। साथ ही प्रक्रिया पारदर्शी होने के साथ ही मानवीय हस्तक्षेप भी नहीं है। नोटिस क्रेता-विक्रेता तथा ग्राम के सभी निवासियों को एसएमएस से मिलता है। नोटिस आरसीएमएस पोर्टल पर भी दिखता है। इसमें ऑनलाइन आपत्ति दर्ज की जा सकती है। अंतिम आदेश की कॉपी ईमेल या व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदक को मिलेगी। आदेश पारित होते ही स्वतः भू-अभिलेखों में सुधार हो जाता है। आदेश एवं राजस्व अभिलेखों में अमल की प्रक्रिया सरकारी छुट्टियां को छोड़कर 15 दिनों में पूरी हो जाएगी।
इस व्यवस्था ने क्षेत्राधिकार की सीमाओं को समाप्त कर दिया है। इस प्रणाली से रियल टाइम में भू अभिलेख अपडेट किए जाने की अनूठी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे पटवारी का हस्तक्षेप नहीं रहेगा। पटवारी रिपोर्ट ऑनलाइन जमा करने की सुविधा है। कम से कम समय में निराकरण होगा। पहले इन प्रक्रियाओं में औसत 60 दिन लग जाते थे। साइबर तहसील में औसत 15 दिनों में ही यह प्रक्रिया पूरी हो जायेगी। साइबर तहसील द्वारा पारित आदेश की पीडीएफ प्रति आवेदक को ईमेल-व्हाट्सएप से मिल जाएगी। इसकी प्रति आरसीएमएस पोर्टल पर भी अपलोड होगी।