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केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने ठेकेदारों को दी धमकी-‘गड़बड़ की तो वहीं गाड़ दूंगा‘

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बैतूल आये केन्द्रीय मंत्री ने सड़क ठेकेदारों को जमकर लगाई फटकार

भोपाल। रडार न्यूज  केंद्रीय परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को बैतूल में सड़क बना रहे ठेकेदारों को जमकर लताड़ लगाई। नितिन गडकरी ने धमकाने वाले अंदाज में कहा कि अगर काम में गड़बड़ हुई तो गिट्टी के बिना आपको गाड़ दूंगा। तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में भाग लेने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के साथ बैतूल आये केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि- उन्होंने करोड़ों रुपये की सड़कें स्वीकृत की हैं, जिसकी मालिक जनता है। जितने भी ठेकेदार आपके यहां काम कर रहे हैं कोई मेरे पास दिल्ली नहीं आता। एक पैसे का करप्शन नहीं है। मैंने उन्हें बोल दिया है कि अगर गड़बड़ करोगे तो गिट्टी के बिना तुम्हें वहीं गाड़ दूंगा।

पर्याप्त बजट है उपलब्ध-

श्री गडकरी ने इस दौरान मंच से कहा कि उनके विभाग में रुपये की कमी नहीं है। जितना चाहे वे देने को तैयार हैं। इसी के साथ नितिन गडकरी ने कहा कि सिंचाई के लिए केंद्र सरकार राज्यों की भी मदद कर रही है, सिंचाई के लिए एमपी को हजारों करोड़ रुपये दिए गए। श्री गडकरी ने आगे कहा कि 21वीं सदी में राजनीति जाति और पैसे की नहीं है। शिवराज सरकार की तारीफ करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने अच्छा काम किया है। वहीं गन्ना किसानों के भुगतान पर बोलते हुए श्री गडकरी ने कहा कि गन्ना किसानों को समय से भुगतान किया जा रहा है।

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असंगठित श्रमिकों को 13 जून से मिलेंगें हितलाभ – मुख्यमंत्री श्री चैहान

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गंजबसौदा में 23106 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 2.62 करोड़ रू. बोनस का वितरण

भोपाल। रडार न्यूज   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने शुक्रवार 18 मई को गंजबसौदा में कहा कि सरकार द्वारा असंगठित श्रमिकों को समाज मे सम्मान पूर्वक जीवन यापन करने का अधिकार देने के लिये हर संभव प्रयास किये जा रहें हैं। मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना के तहत हर गरीब, हर मजदूर को जमीन का पट्टा दिया जायेगा। वर्ष 2023 तक मध्यप्रदेश में रहने वाले हर गरीब व्यक्ति को सरकार पक्का मकान बनाकर देगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीबी दूर करने के संकल्प को जल्द से जल्द पूरा करने की ओर अग्रसर है। असंगठित मजदूरों को 13 जून से लाभ वितरण प्रारंभ कर दिया जाएगा। इस हेतु प्रदेश के हर विकासखण्ड में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हितलाभ वितरण कार्यक्रम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चैहान ने असंगठित मजदूर कल्याण योजना के तहत श्रमिकों को पंजीयन कार्ड, आवास हेतु पट्टों का वितरण तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि, चरण पादुका योजना के तहत महिलाओं को चप्पलें, पुरूषों को जूतें, पानी की बोतल एवं सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत अन्य हितग्राहियों को भी लाभ वितरित किये।

होगा निःशुल्क इलाज-

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि गरीब व मजदूर का सरकार निःशुल्क इलाज कराएगी। आयुष्मान भारत योजना, राज्य बीमारी सहायता कोष, मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से गरीब को इलाज हेतु सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गरीबों को 2 सौ रूपये माह की दर से फलैट रेट पर बिजली दी जाएगी। स्वसहायता समूहों को दीगर काम धंधों से जोड़ा जाएगा। उन्हें सरकार बैंक लिंकेज देगी, साथ ही इनके कौशल विकास का काम भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गरीबों के हित में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि किसी गरीब व्यक्ति की 60 साल से कम उम्र में सामान्य मृत्यु होने पर उसके परिवार को 2 लाख रूपये, दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख रूपये और अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रूपये दिए जाएंगे। केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा कि देश में दस लाख दिव्यांग जनों को सहायक उपकरण वितरित किये गये है। कार्यक्रम में विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री तथा प्रदेश के गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह, खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री सूर्य प्रकाश मीणा, विधायक वीर सिंह पंवार, विधायक कल्याण सिंह, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष महेश कोरी, असंगठित कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुल्तान सिंह शेखावत, बड़ी संख्या में असंगठित क्षेत्रों में कार्य कर रहे श्रमिक व तेन्दूपत्ता बोनस के हितग्राही उपस्थित थे।

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जर्जर हुआ अम्हां बांध, फूटने का है खतरा

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बांध की मरम्मत न होने से आक्रोशित है क्षेत्र के किसान
निर्माण के बाद से जल संसाधन विभाग ने नहीं ली सुध

पन्ना/मोहन्द्रा-रडार न्यूज  पन्ना जिले के पवई विकासखण्ड अंतर्गत मोहन्द्रा के समीप प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भुवनेश्वर मंदिर के किनारे बने अम्हां के राजा बांध की अत्यंत ही जर्जर स्थिति देखकर यह सवाल सहज ही मन में उठता है कि जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन क्या वाकई प्राचीन जल सरचनाओं के सरंक्षण को लेकर गंभीर है। क्योंकि इनके संरक्षण के बिना वर्षा जल की बूंद-बूंद को सहेजने और भू-जल संवर्धन की परिकल्पना करना भी मुश्किल है। क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान बने इस बांध की बदहाली के कारण पिछले कुछ सालों से इसका आधा पानी फिजूल ही बह जाता है। फलस्वरूप कृषि सीजन में किसानों को अपनी जरूरत के मुताबिक फसल की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। जिससे प्रभावित किसानों में आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। यहां स्थाई चैकीदार के आभाव में क्षेत्र के दबंग और असमाजिक तत्व छोटी-मोटी जरूरतों के लिए मनमाने तरीके से जब चाहे लापरवाहीपूर्वक बांध के गेट खोल देते है। परिणामस्वरूप गेट के क्षतिग्रस्त होने से बांध का पानी तब तक बहता रहता है जब तक कि पानी का लेवल स्लूस गेट के नीचे नहीं चला जाता। पिछले साल फिजूल बहते पानी को रोकने के लिए अंचल के किसान क्षतिग्रस्त गेट की मरम्मत कराने की गुहार लगाते रहे लेकिन जल संसाधन विभाग के तकनीकी अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। आज नतीजा ये है कि बांध का पानी खाली होने से इसकी सतह दिखने लगी है। स्थानीय किसानों की मानें तो पिछले पच्चीस साल में हमेशा मई और जून के महीने में बांध का जलस्तर सतह से दस फीट ऊपर ही रहा पर अब तो आधा बांध ही पूरी तरह सूख चुका है और उसकी सतह साफ नजर आ रही है। शेष आधे बांध में बमुश्किल एक-दो फिट पानी बचा है। सर्वविदित है कि अल्प वर्षा के चलते पन्ना जिला जल आभावग्रस्त घोषित है। प्रचण्ड गर्मी के इस बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में अम्हां बांध के रीत जाने का दुष्प्रभाव क्षेत्र के हैण्डपम्प और कुओं का जल स्तर काफी नीचे जाने के रूप में साफ नजर आ रहा है। जिससे बांध क्षेत्र की परिधि में रहने वाले लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

मरम्मत की है दरकार-

                   अम्हां बांध का स्लूस गेट अत्यंत ही जर्जर हो चुका है। स्लूस गेट को मजबूती देने के लिए निर्मित बोल्डर-पत्थर की पक्की संरचना काफी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके एक हिस्से के बोल्डर उखड़ने से बारिश के समय बांध में पानी की आवक बढ़ने पर भराव के दबाव के कारण बांध के फूटने की आंशका क्षेत्र के किसान जता रहे है। यदि शीघ्र ही जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो घटिया निर्माण के चलते करोड़ों की लागत के बांध फूटने के लिए बुरी तरह बदनाम हो चुके पन्ना जिले से आगामी मानसून सीजन में एक और बांध के फूटने की खबर आ सकती है। अंचल के किसान इस बात को लेकर परेशान है कि उनकी आशंका यदि सच साबित हुई तो व्यापक नुकसान भी उन्हें उठाना पड़ सकता है। पन्ना के माथे पर एक और बांध के फूटने का कलंक न लगे। इसके लिए जरूरी है कि समय रहते तत्परता से अम्हां बांध सहित इस स्थिति में पहुंच चुके अन्य बांधों का गहन निरीक्षण कर उनकी आवश्यक मरम्मत कराई जाये।

अनगिनत जगह से फूटी कैनाल-

                अम्हां बांध से निकलने वाली नहर भी बदहाल स्थिति में है। नहर के जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने तथा भराव आदि के चलते अम्हां बांध से होने वाली सिंचाई का रकबा लगातार तेजी से घट रहा है। जिम्मेदारों की घोर उदासीनता के कारण बांध में होने वाले भराव के मद्देनजर इसकी रूपांकित सिंचाई क्षमता के अनुसार धरातल पर 20 प्रतिशत सिंचाई भी नहीं हो पा रही है। पन्ना जिले में जल संसाधन विभाग द्वारा कागजों पर इसी तरह सिंचाई का रकबा बढ़ाने का खेल कई सालों से खेला जा रहा है। बिडम्बना यह है कि जमीनी हकीकत जानने के बावजूद प्रशासन और सरकार में बैठे लोग इसे अपनी उपलब्धि बताते हुए खुद ही पीठ थपथपाने में लगे है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए ‘‘पर ड्राॅप मोर क्राॅप‘‘ का नारा देने वालों में राज में सिंचाई तालाबों-नहरों की बदहाली देखते हुए यह कोरी जुमलेबाजी नजर आती है।

 

इनका कहना है-

                 ‘‘जल संसाधन विभाग के विद्युत यांत्रिकी शाखा की टीम वर्तमान में शाहनगर क्षेत्र के सिंचाई जलाशयों के गेट सुधार और आवश्यकतानुसार मरम्मत का कार्य कर रही है। अम्हां बांध को किसी भी सूरत में फूटने नहीं देगें, शीघ्र ही इसका भी सुधार प्राथमिकता से कराया जायेगा। बारिश के पूर्व पवई संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी तालाबों का सुधार कार्य कराना हमारा लक्ष्य है।‘‘
बीएल दादौरिया, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग पवई

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रोजगार सहायकों की हड़ताल का कांग्रेस ने किया समर्थन

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प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष बोले जीआरएस है नियमितीकरण के हकदार

पन्ना। रडार न्यूज नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदेश के ग्राम रोजगार सहायक पिछले चार दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। जिसके कारण पंचायतों में कामकाज लगभग ठप्प हो गया है। जिला मुख्यालय पन्ना में जनपद कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन पर बैठे ग्राम रोजगार सहायकों की मांग को समर्थन देने के लिए गत् दिवस सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष बृजमोहन सिंह यादव के नेतृत्व में किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुर्जर, पूर्व मण्डी अध्यक्ष शिवजीत सिंह भईयाराजा, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशिकांत दीक्षित सहित कई कांग्रेसी नेता उनके मंच पर पहुंचे। इस दौरान श्री यादव ने रोजगार सहायकों की समस्याओं से अवगत कराते हुए बताया कि पन्ना जिले की समस्त 395 ग्राम पंचायतों के रोजगार सहायकों के कामबंद हड़ताल पर जाने से मनरेगा, पीएम आवास, असंगठित मजदूर पंजीयन, मतदाता सूची, जन्म-मृत्यु पंजीयन, खाद्यान्न पर्ची आदि कार्य प्रभावित है। मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस के अध्यक्ष दिनेश गुर्जर ने ग्राम रोजगार सहायकों की मांग को न्यायोचित ठहराते हुए कहा कि इन्हें भी शासन के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की तरह नियमित करते हुए वेतन-भत्ते और सुविधायें मिलनी चाहिए। आपने कहा कि रोजगार सहायकों की मांग के सबंध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से चर्चा करते हुए आपको पूरा सहयोग प्रदान किया जायेगा।

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अंतरिम व्यवस्था बनाकर तत्काल प्रारंभ करें पदोन्नति

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मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने की मांग

मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम सौंपा 42 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन

पन्ना। रडार न्यूज  राज्य में विधानसभा चुनाव के पहले विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी वर्षों से लंबित अपनी जायज मांगों को पूरा कराने के लिए सक्रिय हो गये है। प्रदेश सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत् कर्मचारी संगठनों ने पिछले कुछ समय से अपने प्रदर्शन-आंदोलन भी तेज कर दिये है। वहीं मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले विभिन्न कर्मचारी संगठन एकजुटता के साथ अपने हितों की आवाज बुलंद कर रहे है। इसी क्रम में बुधवार को जिला मुख्यालय पन्ना में संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष अलोक कुमार खरे, संयोजक कमलेश त्रिपाठी और संरक्षक केपी सिंह यादव के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वार अपनी महत्वपूर्ण मांगों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान व मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को तीन पेज का एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस 42 सूत्रीय ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई है कि वर्ष 2016 में पदोन्नति पर लगाई गई रोक को हटाकर न्यायालय के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में अंतरिम व्यवस्था कर पदोन्नति को तत्काल प्रारंभ किया जाये। ताकि पात्रतानुसार विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल सके। लम्बे समय से चली आ रही लिपिकों की वेतन विसंगतियों को दूर करते हुए मंत्रालय के कर्मचारियों के समान वेतनमान, समयमान वेतनमान-पदोन्नति एवं सभी प्रकार के लाभ प्रदान किये जायें। सातवें वेतनमान के अन्य सभी प्रासंगिक लाभ केन्द्र सरकार के समान दिया जाये। वेतनमान में ग्रेड-पे केन्द्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार के समान दिया जाये। अग्रवाल वेतन आयोग की कर्मचारी हितैषी अनुसंशाओं को लागू करते हुए कार्यभारित कर्मचारियों को नियमित किया जाये एवं सेवानिवृत्ति पर अवकाश नगदीकरण का लाभ प्रदान किया जाये।

संविदा कर्मचारियों को करो नियमित-

मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने प्रदेश के सभी विभागों के संविदा कर्मचारियों को तत्काल नियमित करने तथा नियमित कर्मचारियों की तरह वेतन-भत्ते और सभी सुविधायें देने की मांग प्रमुखता से की है। जिन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की सेवायें समाप्त की गई है उनकी सेवा तत्काल प्रभाव से बहाल करने का मुद्दा भी उठाया है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 5200-20200 का वेतनमान देते हुए ग्रेड-पे में सुधार किया जाये, इनकी सेवानिवृत्ति की आयु को बढ़ाकर 64 वर्ष करने की मांग की गई है। संयुक्त मोर्चा का कहना है कि वाहन चालकों की भर्ती पर लगे प्रतिबंध को हटाते हुए अनुबंध पर टैक्सी लगाने की प्रथा को बंद किया जाये। इसके अलावा सीएम की घोषणानुसार स्वास्थ्य विभाग में ग्रामीण अंचल में कार्य करने वाले मैदानी अमले को ग्रामीण भत्ता देते हुए डाॅक्टरों के समान रात्रिकालीन भत्ता दिया जाये साथ ही ब्रह्मस्वरूप समिति की सिफारिशों का लाभ देने सहित अन्य मांगें शामिल है।

ये रहे शमिल-

ज्ञापन सौंपने वालों में बीपी परौहा, राजकिशोर शर्मा, आरडी चैरसिया, मुरारीलाल थापक, महीप रावत, विमल यादव, मनोज पाण्डेय, केपी यादव, अशेाक पाण्डेय, आरपी प्रजापति, महाराज सिंह सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी शामिल रहे।

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अभी करो-अर्जेंट करो, हमको ‘‘परमानेंट करो‘‘

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जीआरएस ने प्रचण्ड गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन

नियमितीकरण की मांग को लेकर हड़ताल पर डटे प्रदेशभर के ग्राम रोजगार सहायक

पन्ना। रडार न्यूज  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं को ग्राम स्तर पर क्रियान्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले ग्राम रोजगार सहायक (सहायक सचिव) नियमितीकरण की मांग को लेकर 15 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। ग्राम रोजगार सहायक संगठन के प्रांतीय आव्हान पर मध्यप्रदेश के समस्त जीआरएस के एक साथ अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल पर जाने से पंचायतों में कामकाज लगभग ठप्प हो गया है। अल्प मानदेय पर काम करने वाले ग्राम रोजगार सहायकों की मांग है कि उनका नियमितीकरण करते हुए दूसरे विभागों के कर्मचारियों की तरह सम्मानपूर्वक जीवन यापन के लिए पर्याप्त वेतन-भत्ते और आवश्यक सुविधायें प्रदान की जायें। ग्राम रोजगार सहायकों की एकजुटता के चलते इनकी प्रांतव्यापी हड़ताल का दो दिन में ही व्यापक असर दिखने लगा है। उधर हड़ताली जीआरएस लगातार अपने आंदोलन को तेज कर रहे है।

जमकर की नारेबाजी-

हड़ताल के तीसरे दिन गुरूवार 17 मई 2018 को जिला मुख्यालय पन्ना में जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे ग्राम रोजगार सहायकों ने अपनी जायज मांग को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ठ कराने के लिए 43 डिग्री सेल्सियस तापमान में प्रचण्ड धूप और लू के धपेड़ों के बीच अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जीआरएस बुलंद आवाज में नारा लगा रहे थे कि- ‘‘अभी करो अर्जेंट करो हमको पर्मानेंट करो‘‘। ग्राम रोजगार सहायक संघ पन्ना के ब्लाॅक अध्यक्ष कृष्ण यादव ने अनिश्चितकालीन हड़ताल के संबंध में चर्चा के दौरान बताया कि जिले की सभी 395 ग्राम पंचायतों के सहायक सचिव हड़ताल पर है। प्रदेश अध्यक्ष रोशन सिंह परमार के निर्देशानुसार वर्तमान में सभी विकासखण्ड मुख्यालयों में संबंधित ब्लाॅक इकाईयों द्वारा 15 मई से लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।

अल्प मानदेय में नहीं होता गुजारा-

जीआरएस संघ के मीडिया प्रभारी रामदास शर्मा का कहना है कि ग्राम रोजगार सहायकों को जितना काम करना पड़ता है उसके एवज में जो मानदेय दिया जाता है वह काफी कम है। जबरदस्त मंहगाई के इस दौर में 9 हजार रूपये के अल्प मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना हमारे लिए काफी मुश्किल हो रहा है। परिणामस्वरूप प्रदेशभर के जीआरएस आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे है। श्री शर्मा का कहना है कि शासन-प्रशासन के समक्ष जीआरएस के संविलियन और नियमितीकरण करने की मांग को कई बार प्रमुखता से रखा गया। लेकिन इस न्यायोचित मांग का समय पर निराकरण न होने से हमें मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा है।

मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन-

जीआरएस संघ के जिला उपाध्यक्ष कमलेश पाठक का कहना है कि जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती तब तक अपने हितों की रक्षा के लिए पूरी एकजुटकता के साथ इसी तरह संघर्ष करते रहेगें। जनपद कार्यालय पन्ना के बाहर प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से बलराम पटैरिया, उपाध्यक्ष कु. रूचि बुंदेला, सतीष तिवारी, भूपत यादव, इब्राहीम खान, संतोष साहू, सचिन सिंह परमार, नारायण चंद्र, द्वारका ओमरे, रामस्वरूप यादव, जयकिशोर विश्वकर्मा, देवीदयाल सेन, अभिलाषा चैबे, गीता द्विवेदी, गायत्री दुबे ,वर्षा सिंह, रंजना मिश्रा, सहित बडी संख्या में ग्राम रोजगार सहायक शामिल रहे।

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बाईक रैली निकालकर डेंगू से बचाव का दिया संदेश

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1 लाख 35 हजार परिवार आयुष्मान योजना से होगें लाभांवित

पन्ना। रडार न्यूज डेंगू बीमारी से बचाव हेतु जागरूकता बाइक रैली का आयोजन किया गया। मलेरिया अधिकारी कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर नगरपालिका अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा द्वारा बाइक रैली को रवाना किया गया। प्रमुख चैराहों से होते हुये रैली का समापन मलेरिया कार्यालय में हुआ। इस रैली का उददेश्य डेंगू बीमारी के प्रति लोगों मंे जागरूकता पैदा करना है। शहर में माइकिंग कार्य, पंपलेट का वितरण भी किया गया। रैली के उपरांत आईपीडीपी सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें नगर के पार्षद, मीडिया प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयुष्मान भारत योजना के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई। इस योजना का लाभ वंचित गरीब श्रेणी के वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर चिन्हित परिवारांे को 5 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा लाभ प्रदान किया जावेगा। योजना का सुभारंभ 15 अगस्त 2018 को मान प्रधानमंत्री द्वारा किया जावेगा। इस योजना के क्रियान्वयन हेतु स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायत विभाग के सहयोग से डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। पन्ना जिले के 1 लाख 35 हजार 604 परिवार इस योजना से लाभांवित होगें। इस योजना के लिये जिले के 922 गांवो में सर्वे एवं सत्यापन का कार्य आशा, एएनएम कार्यकर्ताओ तथा पंचायत सचिव द्वारा किया जा रहा हैं। सर्वे के दौरान प्राप्त परिवारों के अपडेशन का कार्य विकासखण्ड एंव जिला स्तर पर जारी हैं, जो कि आगामी 30 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एलके तिवारी, जनप्रतिनिधि, मीड़िया प्रतिनिधि, जिला मलेरिया अधिकारी, स्टाफ और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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पन्ना के कल्दा पठार में हुआ दर्दनाक सड़क हादसा

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पिकअप वाहन पलटने से 4 की मौत, 26 गंभीर घायल

नई बहू की विदा कराकर मालवाहक से वापिस लौट रहे थे आदिवासी

मातम में बदली विदाई की खुशियां, घायलों में आदिवासी परिवार की बहू भी शामिल

पन्ना। रडार न्यूज बुन्देलखण्ड का पचमड़ी कहलाने वाले पन्ना के कल्दा पठार में बुधवार 16 मई को दोपहर करीब 12 बजे चांपा मोड़ के समीप यात्रियों से खचाखच भरा एक तेज रफतार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। पिकअप चालक की घोर लापरवाही के कारण हुए इस दर्दनाक हादसे में चार व्यक्ति असमय कालकवलित हो गये। जबकि 26 लोगों को चोटें आई हैं। नई-नवेली बहू की विदाई (गौना) कराकर वापिस लौटते समय हुए इस भीषण सड़क हादसे के बाद से कल्दा-श्यामगिरी पठार क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। घायलों में आदिवासी परिवार की बहू भी शामिल है। दूरस्थ पठारी इलाके में हुए सड़क हादसे के घायलों को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से प्राथमिक उपचार हेतु नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र सलेहा एवं पन्ना लाकर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। दोनों ही जगह घायलों का उपचार जारी है। हादसे के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार शाहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पोसी निवासी आदिवासी परिवार अपनी बहू की विदाई कराकर कल्दा पठार से पिकअप वाहन क्रमांक एमपी-21-जी-2088 में सवार होकर खुशी-खुशी वापिस घर लौट रहा था। तभी रास्ते में कल्दा-श्यामगिरी मार्ग पर चापा मोड़ के समीप अचानक पिकअप वाहन चालक भागचंद पिता लछ्छू गड़ारी का संतुलन बिगड़ गया जिससे तेज रफतार वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे इस तहर पलटा कि वह चारों खाने चित्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर चींख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि पिकअप में पीछे बैठे कई यात्री इसके नीचे दब गये और कई लोग दूर-दूर तक जा गिरे। जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अत्यंत ही गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को उपचार हेतु पन्ना लाते समय उनमें से एक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया जबकि दूसरे घायल का इलाज के दौरान जिला चिकित्सालय पन्ना में दुखांत हो गया। समाचार लिखे जाने तक पिकअप वाहन पलटने से मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई और 26 यात्री घायल बताये जा रहे है। मृतकों में भैया लाल आदिवासी पिता कड़ोरा आदिवासी 60 वर्ष, पचोला आदिवासी पिता निर्पत आदिवासी 75 वर्ष, नरेश आदिवासी पिता लालमणी आदिवासी 30 वर्ष तीनों निवासी ग्राम पोसी एवं कुल्लन आदिवासी 40 वर्ष निवासी मगरपुरा शामिल है।

 महिलाएं और बच्चे भी शामिल  –

    पिकअप हादसे के घायलों में मुख्य रूप से कल्लू आदिवासी 70 वर्ष, रामा आदिवासी 50 वर्ष, रामनाथ आदिवासी 50 वर्ष, राजेश आदिवासी 12 वर्ष, शिव आदिवासी 18 वर्ष, अभिषेक 8 वर्ष, राहुल 8वर्ष, मोहित आदिवासी, रवि आदिवासी 12 वर्ष, संदीप आदिवासी 7 वर्ष, लल्ली आदिवासी 12 वर्ष, बाबूलाल 70 वर्ष, तेजबाई आदिवासी 22 वर्ष, सोनेलाल आदिवासी 12 वर्ष, कुंजीलाल 48 वर्ष, रतन लाल, दयाराम 50 वर्ष, मंत्री आदिवासी 40 वर्ष, सुखबीर आदिवासी 10 वर्ष, बाबूलाल 35 वर्ष और वाहन चालक भागचंद पिता लछ्छू गडा़री शामिल है। सभी घायलों के हाथ-पैर ,सिर में गंभीर चोट आईं हैं। घायलों का प्राथमिक उपचार सलेहा प्राथमिक स्वास्थ्य में डॉक्टर अजय अजय चैधरी द्वारा किया गया। तत्पश्चात गंभीर घायलांे को समुचित उपचार हेतु एम्बूलेंस तथा निजी वाहनों से तत्परता से जिला चिकित्सालय पन्ना के लिए रेफर किया गया। सड़क हादसे के मृतकों के शव को पोस्टमार्टम हेतु सलेहा में रखा गया है। लोगों का मानना है दूरस्थ पठारी इलाके में हुऐ इस भीषण सड़क हादसे के गंभीर घायलों को यदि तत्परता से प्राथमिक उपचार मिल जाता तो शायद उनकी जान बच जाती। हालांकि इस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य को लेकर तुरंत सक्रिय हो गया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पन्ना से पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल, गुनौर एसडीएम अभिषेक ठाकुर, गुनौर एसडीओपी बीएस धुर्वे ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्यों एवं घटनास्थल का जायजा लिया।

घायलों को देखने पहुंचे कमिश्नर-

शाहनगर के श्यामगिरी मोड़ पर हुई दुःखद घटना के घायलों से मिलने सागर संभाग के संभागायुक्त मनोहरलाल दुबे, पुलिस महानिरीक्षक सतीश कुमार सक्सेना, कलेक्टर मनोज खत्री एवं जिला पंचायत सीईओ गिरीश मिश्रा जिला अस्पताल पन्ना पहुंचे। वहां उन्होंने घायलों को आश्वासन देते हुए जिला चिकित्सालय की टीम को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीकेएस परिहार सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे। इस घटना में गंभीर रूप से घायल पुरूषोत्तम आदिवासी को मेडिकल काॅलेज रीवा रिफर किया गया है। जबकि शेष घायलों को जिला चिकित्सालय पन्ना में भर्ती किया गया है। यह सभी जुगरवारा पंचायत के पोसी गांव के निवासी हैं। कलेक्टर श्री खत्री ने बताया कि इस हादसे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के व्यक्ति सहानुभूति प्रकट की है। मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रूपये की आर्थिक सहायता और गंभीर घायलों को 25-25 हजार रूपये सहायता राशि देने की घोषणा की गई।

एक वर्ष पूर्व हुई थी शादी-

आदिवासी समाज में शादी के एक वर्ष बाद बहू का गौना (विदाई) होने की परम्परा चली आ रही है। फलस्वरूप बहू का गौना कराने ग्राम पोसी के आदिवासी अपने रिश्तेदारों के साथ मालवाहक पिकअप वाहन में सवार होकर 15 मई को कल्दा आये थे। आदिवासी परम्पराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार सभी रस्में पूरी होने पर बहू को लेकर पिकअप वाहन से बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे पोसी के आदिवासी रवाना ही हुए थे कि थोड़ी ही देर बाद आई भीषण हादसे की दुःखद खबर से विदाई की खुशियां मातम में बदल गईं। इस हादसे की खबर जब लड़की तेज बाई के परिजनों को लगी तो हा-हाकार मच गया। थोड़ी ही देर में यह दुःखद समाचार जंगल की आग की तरह पूरे पठारी इलाके में फैल गया। जिससे देखते ही देखते घटना स्थल पर सैकड़ों लोग जमा हो गये।

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इन गांवों में 14 साल बाद भी नहीं मिटा उपेक्षा का अंधेरा

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योजनाओं के सिर्फ नाम बदले, विद्युतीकरण की कछुआ चाल नहीं बदली

लाईट न होने से बच्चों की पढ़ाई और खेती प्रभावित

पन्ना। रडार न्यूज प्रदेश में और केन्द्र में सरकार बदलने पर ग्रामीण विद्युतीकरण की महत्वकांक्षी योजना के नाम बदलने में सत्तासीनों ने रूचि दिखाई है लेकिन विद्युतीकरण को गति देने में इनकी जरा भी दिलचस्पी नहीं है। जनप्रतिनिधियों-नेताओं के दावों के उलट जमीनी हकीकत यह है कि पन्ना जिले के कई गांव आज भी विद्युत विहीन है। इन गांवों के वाशिंदे उपेक्षा के घोर अंधेरे में रहने को मजबूर है। परिणामस्वरूप ग्रामीणों का आज और उनकी भावी पीढ़ी का सुनहरा भविष्य अंधेरे की भेंट चढ़ते हुए चौपट हो रहा है। पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खोरा के मजरा ग्राम छोटी बनकी एवं गलदहा इसका एक उदाहरण मात्र है। ग्राम पंचायत खोरा महज पांच किलोमीटर से कम की दूरी पर स्थित इन दोनों गांवों में पिछले 14 साल में बिजली नहीं पहुंच सकी। दोनों गावों के विद्युतीकरण का कार्य सिर्फ सर्वे तक ही सीमित होकर रह गया है। अंधेरे में रहने को विवश यहां के ग्रामीणों ने मंगलवार को पन्ना में कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचकर तत्परता से विद्युतीकरण कार्य कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि लाईट न होने के कारण वे अपनी फसलों की सही तरीके से सिंचाई नहीं कर पाते। इसलिए शासन की तमाम योजनाओं के बावजूद उनके लिए खेती आज भी घाटे का धंधा बनी हुई है। शाम ढ़लते ही उनके गांव अंधेरे में डूब जाने से बच्चों की पढ़ाई भी खासी प्रभावित हो रही है। कलेक्टर मनोज खत्री ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरतापूर्वक लेेेते हुए विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री ओपी सोनी को सौभाग्य योजना अंतर्गत मजरा ग्राम छोटी बनकी एवं गलदहा का शीघ्रता से विद्युतीकरण कराने के निर्देश दिये है। अब देखना यह है कि अंधेरे में डूबे दोनों गांवों को बिजली से रोशन करने में और कितना वक्त लगता है।

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मध्यप्रदेश में ग्राम रोजगार सहायक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

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पन्ना जिले की 395 ग्राम पंचायतों में कामकाज प्रभावित

पन्ना। रडार न्यूज ग्राम रोजगार सहायक संघ के आव्हान पर प्रदेशभर के जीआरएस अपने नियमितीकरण और संविलियन की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल पर चले गये है। ग्राम रोजगार सहायकों की हड़ताल के पहले दिन ही पंचायतों का कामकाज काफी प्रभावित रहा। प्रांतव्यापी इस हड़ताल का पन्ना जिले में खासा असर देखा जा रहा है। जिला मुख्यालय में जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर ब्लाॅक इकाई पन्ना के समस्त ग्राम रोजगार सहायक धरने पर बैठ गये है। जीआरएस संघ के मीडिया प्रभारी रामदास शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ग्राम रोजगार सहायक प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य कर रहे हैं। शासन की समस्त जनकल्याण्कारी योजनाओं को अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभान्वित करने का कार्य किया जा रहा है। ग्राम रोजगार सहायकों को संविलियन कर नियमित किया जाये। इस मांग को लेकर सभी रोजगार सहायक दिनांक 15 मई से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हंै। वहीं जनपद पंचायत पन्ना के शासकीय व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर होकर शासकीय कार्यों को न करने का संकल्प लिया। ग्राम रोजगार संगठन के मंच के बैनर तले ब्लाॅक अध्यक्ष कृष्ण यादव, जिला उपाध्यक्ष कमलेश पाठक, बलराम पटैरिया, उपाध्यक्ष कु. रूचि बुंदेला, सतीष तिवारी, भूपत यादव, इब्राहीम खान, संतोष साहू, सचिन सिंह परमार, नारायण चंद्र, द्वारका ओमरे, रामस्वरूप यादव, जयकिशोर विश्वकर्मा, देवीदयाल सेन, अभिलाषा चैबे, गीता द्विवेदी, गायत्री दुबे ,वर्षा सिंह, रंजना मिश्रा, सहित बडी संख्या में रोजगार सहायक मौजूद रहे। इस दौरान भारतीय संघ द्वारा ग्राम रोजगार सहायक संगठन की मांगों का समर्थन करते हुए नियमितिकरण की मांग को जायज बताया मजदूर संघ के महामंत्री जगदीश प्रसाद जड़िया एवं उपाध्यक्ष ओपी चैबे सहित संगठन के सदस्य मौजूद रहे।

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