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प्रधान आरक्षक के घर से वर्दी चुरा ले गये शातिर चोर

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पीडित प्रधान आरक्षक

रात भर जागकर की चौकीदारी, फिर भी घर में हो गई चोरी

पन्‍ना जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र की घटना, कटनी में पदस्थ है प्रधान आरक्षक

शाहनगर। रडार न्‍यूज पड़ोसी जिला कटनी में पदस्थ प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र सिंह ठाकुर पन्ना जिले के शाहनगर तहसील मुख्यालय में अपने निज निवास में आया था। जहां बीती रात उसके साथ बेहद ही शर्मनाक घटना घटित हुई। शातिर चोरों ने इस प्रधान आरक्षक के घर में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घर से सिर्फ पुलिसकर्मी की वर्दी और उसमें रखे करीब 11 हजार रूपये चोरी किये गये। घटना की सूचना मिलते ही शाहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की पड़ताल शुरू की गई। लेकिन इस घटना ने शातिर चोरों के साहस को बयां कर दिया। पीड़ित पुलिसकर्मी ने बताया कि 11 मई को कटनी में अपनी ड्यूटी करने के पश्चात वह शाहनगर अपने निज निवास पर आया था। इन दिनों घर पर निर्माण कार्य चल रहा है। घर के निर्माण कार्य के लिये उसने अपनी जमापूंजी से 20 हजार रूपये सामग्री खरीदने के लिये निकाले थे। शेष 11 हजार 70 रूपये उसकी वर्दी की जेब में रखे थेा आम दिनों की तरह वीरेन्द सिंह ने अपनी वर्दी उतार कर टांग दी। उसे घर के पास पड़ी निर्माण सामग्री के चोरी होने का भय था,  इसी भय के चलते वह रात्रि करीब 3 बजे तक सामान की चौकीदारी करता रहा। लेकिन देर रात जब उसे नींद आई तो वह सोने चला गया। सुबह जब उठा तो घर में टंगी उसकी वर्दी नदारत थी। पीड़ित प्रधान आरक्षक ने तुरंत ही शाहनगर थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस की अल्प आय में किसी तरह वह गुजारा करता है, जिसके चलते उसके पास एक मात्र ही वर्दी थी, जिसे शातिर चोर ले गये। उसे डर है कि उसकी वर्दी का उपयोग किसी आपराधिक कृत्य में न हो। यही कारण है कि पीड़ित पुलिसकर्मी ने इस मामले पर जल्द से जल्द कार्रवाही की मांग की है। वहीं इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कम्प मचा हुआ है। चोरों ने पुलिस के घर चोरी की घटना को अंजाम देकर अपने बेखौफ इरादे स्पष्ट कर दिये हैं, जिससे लोगों में भय बना हुआ है।

आख़िरकार मासूम अनिरूद्ध ने जीती मौत से जंग

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माँ की गोद में खिलखिलाता मासूम अनिरुद्ध

बचपन में ही हार्ट सहित हुई दो सर्जरी और कुपोषण, इतना कुछ सहा है अनिरूद्ध ने

उचित परामर्श और समय पर समुचित इलाज से बची जिंदगी

पन्ना। रडार न्यूज अनूप के घर खुशियां तो आईं पर जैसे किसी की नजर लग गई हो। विवाह के बाद जब अनूप और सुष्मिता की पहली संतान अनिरूद्ध ने जन्म लिया तो उनका पूरा परिवार खुशियों से भर उठा। अनूप सोनी पन्ना शहर के वार्ड क्रमांक 12 सिंचाई काॅलोनी के निवासी हैं। अनिरूद्ध अपने दादा विनोद सोनी का पहला पोता है। उसके आने से जैसे उसके दादा का बचपन भी लौट आया था। मासूम अनिरूद्ध को जन्म के बाद से अपनी जिंदगी के लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ा। लेकिन आज अनिरूद्ध मौत से जंग जीतकर पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है। जिसमें माता-पिता के साथ-साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाईजर, परियोजना अधिकारी और जिले के डाॅक्टर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बहू सुष्मिता के गर्भवती होेते ही सासू मां बिना देर किए अपने नजदीकि आॅगनवाडी केन्द्र पहुंच गई थीं। वहां उन्होने बहू का स्वास्थ्य परीक्षण कराया एवं पंजीयन भी करवा दिया। जिसके बाद मंगलवार के दिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमति कुसुम शुक्ला द्वारा धूम-धाम से गोद भराई की रस्म निभाई गई। कार्यकर्ता द्वारा आगे भी समय-समय पर सुष्मिता की जांच कराई गई और सभी टीके भी लगवाये गये। जिसके बाद वह दिन आया जिसका सबको बेसब्री से इंतजार था। जिला स्वास्थ्य केन्द्र पन्ना में 14 अप्रैल 2017 को सुष्मिता ने परिवार के नए सदस्य अनिरूद्ध को जन्म दिया। पूरा परिवार नए मेहमान के आने की खुशियां मना रहा था। तभी पता चला कि अनिरूद्ध के शरीर में मल द्वार ही नही हैं। इससे उनका परिवार चकित रह गया। चिंतित होकर उन्होंने आॅगनवाडी कार्यकर्ता से संपर्क किया।

जबलपुर में हुई पहली सर्जरी

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की सलाह पर डाॅक्टरों से संपर्क कर वे बच्चे को जबलपुर ले गये जहाॅ आॅपरेशन कर अनिरूद्ध का मल द्वार खोला गया। बच्चे के जन्म के बाद से ही कार्यकर्ता द्वारा अनिरूद्ध का पंजीयन आॅगनवाडी केन्द्र में कर दिया गया था जिसके बाद वह लगातार संपर्क में बनी रहीं। कार्यकर्ता द्वारा

मौत से जंग जीतने के बाद पूर्णतः स्वस्थ्य मासूम अनिरुद्ध

बच्चे व परिवार के साथ घटित पूरा वाक्या परियोजना अधिकारी श्रीमती रेखा बाला सक्सेना एवं पयवेक्षक श्रीमति किरण खरे को बताया गया। जिसके बाद से परियोजना अधिकारी और पर्यवेक्षक ने अनिरूद्ध पर हमेशा विशेष ध्यान रखा। बच्चे पर सत्त निगरानी रखी। इस दौरान उन्होंने पाया कि अनिरूद्ध की आयु के हिसाब से उसका वजन नही बढ़ रहा है और अनिरूद्ध कुपोषण ग्रस्त होता जा रहा हैं। इससे कार्यकर्ता एवं समस्त अधिकारियों ने चिंतित हो कर अनिरूद्ध के परिजनों से भेंट की। परिजनों को कई बार समझाईश और प्रेरणा देकर नन्हें अनिरूद्ध को पोषण पुर्नवास केन्द्र पन्ना में भर्ती कराया गया। जहाॅ डाॅ. पीके गुप्ता द्वारा स्वास्थय परीक्षण कर बताया कि अनिरूद्ध को गंभीर समस्या है। किसी बडे शहर-हाॅस्पिटल में स्वास्थ्य परीक्षण कराने की आवश्यकता है।

हार्ट में थे दो छेद

परिजनों ने सतना में अनिरूद्ध की जाॅच कराई। जांच के बाद पता चला कि उसके हार्ट में 2 छेद हैं। एक के बाद एक परेशानी के सामने आने से अनिरूद्ध के परिजन घबराने लगे थे। बिना देर किये उन्होने बैंगलोर में रह रहे अपने रिश्तेदारों से संपर्क कर एनएच नारायण हाॅस्पिटल में 23 फरवरी 2018 को अनिरूद्ध का आॅपरेशन कराया। आॅपरेशन सफल रहा। पिछले माह 8 अप्रैल 2018 को नन्हा अनिरूद्ध मौत से जंग जीत कर अपने घर वापिस आ गया है। आज अनिरूद्ध पूरी तरह से स्वस्थ हैं। अपने लाड़ले अनिरूद्ध को खुशहाल और स्वस्थ देख पूरा परिवार खुश हैं और परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, कार्यकर्ता एवं पूरे महिला बाल विकास विभाग को दुआएं देते नही थकता और कहता है कि आप सभी के सहयोग और समय पर जानकारी देने से ही नन्हें अनिरूद्ध को नया जीवन मिला सका है।

दवा खरीदी और वितरण में व्यापक अनियमितताएं उजागर

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स्टाॅक रजिस्टर में जितनी दवायें दर्ज स्टोर में उसकी आधी भी नहीं मिलीं

सीईओ जिपं ने किया जिला चिकित्सालय के ड्रग स्टोर का आकस्मिक निरीक्षण

स्टोर कीपर राजेश कुमार चौरहा एवं प्रभारी अधिकारी डाॅ. रमेश केसरी को नोटिस जारी

पन्ना। रडार न्यूज जिला चिकित्सालय पन्ना में सरदार वल्लभ भाई पटेल योजना अंतर्गत दवा खरीदी एवं वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमिततायें सामने आईं है। स्टोर के स्टाॅक रजिस्टर एवं आॅनलाईन स्टाॅक पंजी में काफी अंतर पाया गया है। सिर्फ इतना ही नहीं रिकार्ड में जितनी दवा स्टोर में उपलब्ध होना दर्ज है मौके पर उसकी आधी दवायें भी नहीं पाई गई। इससे साफ जाहिर है कि दवाओं की खरीदी और वितरण में यहां बड़े पैमाने पर लम्बे समय से फर्जीवाड़ा चल रहा है। जिला चिकित्सालय पन्ना के दवा स्टोर में अनियमितताओं का हैरान करने वाला यह खुलासा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा गत् दिवस किये गये आकस्मिक निरीक्षण से हुआ है। इस सघन निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं प्रकाष में आईं। जिसके लिए संबंधितों को कारण बताओ सूचना जारी किये गये हैं। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन व्हीएस उपाध्याय भी मौजूद रहे।

यहां सब गोलमाल है

जिला पंचायत सीईओ पन्ना डाॅ. गिरीश कुमार मिश्रा ने जिला चिकित्सालय के दवा स्टोर के निरीक्षण के दौरान आॅनलाईन स्टाॅक लेजर रजिस्टर में दर्ज दवाईयोें का भौतिक सत्यापन करने पर पाया कि एमोक्सीसिलिन एण्ड क्लेव्युनेलिक एसिड की टेबलेट 9 मई की स्थिति में 7000 दर्ज में से 3000 टेबलेट ही उपलब्ध हैं। जबकि 20 फरवरी 2018 के बाद से यह टेबलेट किसी को भी जारी नहीं की गई है। इसी तरह आॅनलाईन स्टाॅक लेजर रजिस्टर में दर्ज इन्जेक्शन, इन्सुलिन तथा अन्य दवाओं के भौतिक सत्यापन पर दर्ज की तुलना में कम संख्या में दवाईयां पायी गईं। निरीक्षण के दौरान आॅनलाईन स्टाॅक पंजी में भी भिन्नता पायी गई और स्टाॅक रजिस्टर संधारित नहीं पाया गया। इन्वायस रजिस्टर में दवा किसको वितरित की गई है, उसके हस्ताक्षर भी नहीं पाये गये। इसके अलावा इन्वायस रजिस्टर में और वार्डों के चालान रजिस्टर में भी अंतर पाया गया। इन तथ्यों के मद्देनजर इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि आॅनलाईन दवा खरीदी हेतु जितना आॅर्डर किया जा रहा है, सप्लाई उसकी आधी या फिर उससे भी कम ली जा रही है। स्टाॅक पंजी में दर्ज दवाओं की संख्या की आधी दवायें ही स्टोर में मिलना इस बात का प्रमाण है।

कलेक्टर न्यायालय में पंजीबद्ध होगा प्रकरण

इन सभी अनियमितताओं के फलस्वरूप मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत पन्ना द्वारा वार्ड प्रभारी राजेश कुमार चौरहा एवं प्रभारी अधिकारी ड्रग स्टोर जिला चिकित्सालय डाॅ. रमेश केसरी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण चाहा गया है। साथ ही प्रकरण को कलेक्टर पन्ना के न्यायालय में पंजीबद्ध करने एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए प्रेषित किया गया है। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले का स्वास्थ्य विभाग करीब एक दशक से दवा एवं अन्य खरीदी में व्यापक अनियमितताओं, नियुक्तियों मेेें फर्जीवाड़े, कागजों पर कार्यक्रम आयोजित करनेे, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और कुप्रबंधन को लेकर सुर्खियों में बना है। जिला चिकित्सालय सहित आंचलिक स्वास्थ्य केन्द्रों में हुए घपले-घोटालों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं लिपिकीय स्टाॅफ द्वारा कथिततौर पर बनाई अनुपातहीन-बेनामी सम्पत्ति की लोकायुक्त संगठन से जांच कराने की मांग भी राजनैतिक दलों की तरफ से उठती रही है।
इनका कहना है-

           ‘‘दवा की खरीदी आॅनलाईन होती है इसमें कोई फर्जीवाड़ा नहीं हुआ है। जहां तक रजिस्टर में दर्ज दवाओं की मात्रा एवं उपलब्ध दवाईयों में अंतर का सवाल है तो यह समय पर इंट्री न होने के कारण हो सकता है। इस संबंध में स्टोर कीपर से चर्चा उपरांत ही विस्तृत जानकारी दे सकता हूं।‘‘
-डाॅ. व्हीएस उपाध्याय, सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय पन्ना

”मंटो” के टीज़र में अपने दमदार लुक से छा गए नवाज़ुद्दीन

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नई दिल्ली। दमदार एक्टिंग के लिए प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्द्की अक्सर ही अपनी फिल्मों और अपने द्वारा निभाए जाने वाले किरदारों को लेकर सुर्खियों में आते हैं। जल्द ही नवाज फिल्म ‘मंटो’ में नजर आने वाले हैं और इस फिल्म में वह मशहूर लेखक सआदत हसन मंटो के किरदार में नजर आएंगे। हाल ही में इस फिल्म के टीजर को रिलीज किया गया है और फिल्म के टीजर में ही नवाज की एक्टिंग काफी दमदार लग रही है। टीजर को देख कहा जा सकता है कि यह फिल्म काफी अच्छी होगी लेकिन अब तक फिल्म का ट्रेलर नहीं आया है। इस फिल्म में नवाज़ुद्दीन के साथ रसिका दुग्गल लीड रोल में नजर आएंगी। रसिका इस फिल्म में मंटो की पत्नी की भूमिका में है। फिल्म में नवाज एक ऐसे लेखक के किरदार में है जो एक तरह का विद्रोही है। वह अदालत में अपनी किताब के खिलाफ दर्ज हुए केस लड़ता है। साथ ही टीजर में दिखाए गए नवाज के कुछ डायलॉग्स भी आपको काफी पसंद आएंगे। जैसे एक सीन में वह कहते हैं कि, मंटो वही लिखता है जो वो देखता है। वहीं एक दूसरे सीन में वह बोलते दिखेंगे, मंटो अपनी कहानियों को आइना समझता है, जिसमें समाज अपने आप को देख सके। भारत में रिलीज होने से पहले फिल्म को 13 मई को कान्स फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। कान्स में यह फिल्म अन सर्टन रिगार्ड सेक्शन में दिखाई जाएगी। नंदिता दास के निर्देशन में बनी इस फिल्म में परेश रावल, ऋषि कपूर, रसिका दुग्गल और ताहिर राज भसीन भी नजर आएंगे। इस फिल्म को एचपी स्टूडियो, फिल्मस्टोक और वायकॉम 18 द्वारा प्रोड्यूस किया गया है। गौरतलब है कि सआदत हसन मंटो उर्दु लेखक थे। कहानीकार होने के अलावा वह फिल्म और रेडियो के लिए पटकथा भी लिखते थे और वह एक पत्रकार भी थे।

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ‘राज़ी’ को मिली अच्छी शुरुआत

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नई दिल्ली। बॉलीवुड की चुलबुली अदाकारा आलिया भट्ट और एक्टर विक्की कौशल की फ़िल्म राज़ी को बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन ही अच्छी शुरुआत मिली थी। फिल्म में आलिया भट्ट एक जासूस की भूमिका में हैं और विक्की कौशल पाकिस्तानी सैनिक का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म की कहानी 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। पहले दिन फिल्म का प्रदर्शन अच्छा रहा था और फिल्म ने 7 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया था जिसके बाद अब फिल्म के दूसरे दिन की कमाई के आंकड़े भी सामने आ गए हैं। फिल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों का अच्छा रिव्यू मिल रहा है और इस वजह से फिल्म की शनिवार की कमाई में ग्रोथ देखने को मिली। दूसरे दिन फिल्म ने 11.30 करोड़ का कारोबार किया। ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। इस आंकड़े को देखते हुए उन्होंने लिखा कि यह फिल्म पहले सप्ताह के अंत तक लगभग 31 करोड़ का कारोबार कर सकती है। फिल्म के दो दिन के आंकड़े मिलाए जाएं तो इस फिल्म ने अब तक कुल 18.83 करोड़ का कारोबार कर लिया है। गौरतलब है कि इस फिल्म की कहानी हरिंदर सिक्का की नोवल ‘कॉलिंग सहमत’ पर आधारिती है और यह एक सत्य घटना पक आधारित है। फिल्म का निर्देशन मेघना गुल्जार ने किया है। इस फिल्म में आलिया भारत के लिए पाकिस्तान की जासूसी करती हैं और इस वजह से वह पाकिस्तान में शादी करती हैं। फिल्म में आलिया की मां सोनी राजदान ने भी काम किया है और बड़े पर्दे पर भी उनकी मां का किरदार निभाया है।  इसके अलावा फिल्म में जित कपूर, शिषिर शर्मा, सोनी राजदान, अमृता खानविलकर और जयदीप अहलावत भी मुख्य भूमिकाओं में हैं।

जानिए निर्मला सीतारमन ने चिदंबरम को क्यों कहा कांग्रेस का नवाज शरीफ

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 नई दिल्ली। रक्षा मंत्री एवं भाजपा की वरिष्ठ नेत्री निर्मला सीतारमन ने कांग्रेस और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा, पी चिदंबरम और उनके परिवार की विदेशों में करोड़ों की संपत्ति है। उन्होंने कहा, हम अक्सर सुनते हैं कि पी चिदंबरम और उनके परिवार के खिलाफ इन्कम टेक्स विभाग कार्रवाई कर रहा है। चिदंबरम भारत में कांग्रेस के नवाज शरीफ हैं। उन्होंने कहा, कांग्रेस के पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी खुद एक फाइनेंशियल मेटर में बेल पर बाहर हैं। उन्हें खुद इस मामले में आकर बताना चाहिए। क्या वह अपनी पार्टी के इस सीनियर लीडर की विदेशों में मौजूद संपत्ति की जांच कराएंगे। गौरतलब है कि विदेशों में संपत्ति के मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी। निर्मला सीतारमन ने नवाज शरीफ के मुंबई हमले के मामले में खुलासे पर कहा, ये एक गंभीर खुलासा है। हम हमेशा से कहते आए हैं कि इन हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ है। ये खुलासा हमारे दावे को मजबूत करता है।

शत्रुघ्न सिन्हा ने राहुल का मजाक उड़ाने पर पीएम मोदी के खिलाफ बोला हमला

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नई दिल्ली  अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने राहुल गांधी की तारीफ़ करते हुए कहा कि वे पिछले सालों में परिपक्व हुए है और उन्होंने देश के हित में कई प्रासंगिक सवाल उठाए हैं। सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बार फिर पीएम मोदी पर निशाना साधा है. शत्रुघ्न सिन्हा ने पीएम दावेदारी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान को लेकर आलोचना के लिए पीएम मोदी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के सवालों का जवाब देने के बजाए पीएम मोदी ध्यान हटाने की राजनीति कर रहे हैं। साथ ही शत्रुघ्न सिन्हा ने राहुल गांधी की तारीफ़ करते हुए कहा कि वे पिछले सालों में परिपक्व हुए है और उन्होंने देश के हित में कई प्रासंगिक सवाल उठाए हैं। दरअसल बीते दो-तीन सालों से पार्टी में अनदेखी की वजह से शत्रुघ्न सिन्हा पार्टी आलाकमान से नाराज़ हैं और उन्होंने पहले भी यशवंत सिन्हा के सुर में सुर मिलाते हुए पीएम मोदी और अमित शाह पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष पिछले कुछ वर्षों में परिपक्व हुए हैं और वह आम जनता के बीच लोकप्रिय हैं। अगर देश की सबसे बड़ी और पुरानी पार्टी के नेता के अंदर देश का अगला प्रधानमंत्री बनने की संभावना दिखती है तो इसमें ग़लत क्या है? कोई भी पीएम बनने का सपना देख सकता है और सपने तभी सच होते हैं, जब आप सपने देखते हैं। हमारे प्रजातंत्र में कोई भी देश का प्रधानमंत्री बन सकता है. नामदार, कामदार, दामदार या फिर कोई औसत समझदार पीएम बन सकता है, अगर उसके पास संख्याबल और समर्थन है. हम इस पर इतना हो-हल्ला क्यों मचा रहे हैं। वैसे भी यह उनका अंदरूनी मामला है और कोई भी बहुमत हासिल करने के बाद ही पीएम बन सकता है।

जबाब न देकर कर रहे भटकाव की राजनीति

पिछले कुछ सालों में हमारे देश की सबसे पुरानी पार्टी के नेता परिपक्व हुए हैं। उनके कुछ प्रासंगिक सवालों का उत्तर देने के बजाय मज़ाक बनाया जा रहा है। नीरव, ललित, माल्या, बैंक, रफ़ाल डील और भी बहुत सी। जवाब देने के बजाए हम भटकाव की राजनीति में चले जाते हैं। विकास और दूसरे मुद्दों से उतर इस कला में हम पारंगत हो चुके हैं।हालांकि सर, यह हमारी जनता, राजनीति और नीतियों से जुड़ा हुआ मामला है। आपको शुभकामनाओं के साथ जय कर्नाटक, जय हिंद।

हिमाचल प्रदेश में बस गहरी खाई में गिरी, हादसे में 7 यात्रियों की मौत

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शिमला। रडार न्यूज़ हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के नजदीक सिरमौर के सनोरा के पास बस गहरी खाई में  गिर जाने के कारण सात लोगों की मौत हो गयी और 12 गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस ने बताया कि यह वाहन मानव से राजगढ़ की ओर जा रहा था और उसी समय खाई में गिर गई। उन्होंने बताया कि ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। हादसे में सात लोगों की मौत हो गयी और 12 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये।  पुलिस ने बताया कि बचाव अभियान चल रहा है और घायलों को नजदीक के अस्पताल ले जाया गया।  साथ ही शव भी बरामद कर लिये गये हैं। मिली जानकारी के मुताबिक सिरमौर के सनोरा के पास बस गहरी खाई में लुढ़कते हुये चली गई। घटना के दौरान कई यात्रियों के सिर बस में टकरा जाने से जिससे उनको गहरी चोट लग गई। जब तक राहत और बचाव का काम शुरू होता 7 यात्रियों की मौत हो चुकी थी। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने घायलों को बस से बाहर निकाला है।

बुन्‍देलखण्ड क्षेत्र में ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल व्यवस्था की विशेष निगरानी

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सांकेतिक फोटो

पीएचई विभाग के प्रमुख सचिव एवं प्रमुख अभियंता कर रहे सघन भ्रमण 

भोपाल। रडार न्यूज़ प्रदेश के बुन्‍देलखण्ड क्षेत्र के सागर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह एवं दतिया जिलों के साथ प्रदेश के अन्य जिलों में भी ग्रामीण क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल प्रदाय करने के लिये पर्याप्त प्रयास किये जा रहे हैं। बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जिलों में पिछले 2-3 वर्षों में अल्प-वर्षा के कारण पेयजल अथवा जल से संबंधित अन्य समस्याएँ प्रदेश की तुलना में अधिक थीं। विभाग ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र में विशेष प्रयास कर स्थापित नल-जल योजनाओं/स्थल जल योजनाओं एवं हैण्ड-पम्पों को चालू बनाये रखने के लिये विशेष प्रयास किये हैं। समूचे बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 6 जिलों में कुल 2177 नल-जल योजनाएँ एवं कुल 54 हजार 780 हैण्ड-पम्प स्थापित हैं। सागर जिले में 10 हजार 686 स्थापित हैण्ड-पम्पों में से वर्तमान में 10 हजार 6 हैण्ड-पम्प चालू एवं 620 जल-स्तर नीचे जाने एवं 60 हैण्ड-पम्प अन्य कारणों से बंद हैं। छतरपुर जिले में 10 हजार 124 स्थापित हैण्ड-पम्पों में से वर्तमान में 8828 हैण्ड-पम्प चालू एवं 1199 जल-स्तर नीचे जाने एवं 197 हैण्ड-पम्प अन्य कारणों से बंद हैं। पन्ना जिले में 9510 स्थापित हैण्ड-पम्पों में से वर्तमान में 8612 हैण्ड-पम्प चालू एवं 738 जल-स्तर नीचे जाने एवं 160 हैण्ड-पप अन्य कारणों से बंद हैं। टीकमगढ़ जिले में 9606 स्थापित हैण्ड-पम्पों में से वर्तमान में 7931 हैण्ड-पम्प चालू एवं 1339 जल-स्तर नीचे जाने एवं 336 हैण्ड-पम्प अन्य कारणों से बंद हैं। दमोह जिले में 9376 स्थापित हैण्ड-पम्पों में से वर्तमान में 9043 हैण्ड-पम्प चालू एवं 206 जल-स्तर नीचे जाने एवं 127 हैण्ड-पम्प अन्य कारणों से बंद हैं। इसी प्रकार दतिया जिले में 5478 स्थापित हैण्ड-पम्पों में से वर्तमान में 5372 हैण्ड-पम्प चालू एवं 62 जल-स्तर नीचे जाने एवं 44 हैण्ड-पम्प अन्य कारणों से बंद हैं। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सागर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह एवं दतिया जिले में क्रमश: 664, 347, 348, 319, 355 एवं 144 नल-जल योजनाएँ/स्थल जल-योजनाएँ स्थापित हैं। इनमें से क्रमश: 547, 272, 267, 155, 330 एवं 138 योजनाएँ कार्यरत हैं। ग्रीष्म ऋतु में स्रोत सूखने से बंद योजनाओं को तत्काल नवीन नल-कूप खनन कर चालू करने का भरपूर प्रयास विभाग द्वारा किया जा रहा है।

जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित

लघु सुधार की योजनाएँ, जिनमें बहुत कम राशि में कार्य करके पंचायत के माध्यम से ही पेयजल योजना चालू की जा सके, इसके लिये जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत एवं कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य विभाग सदस्य हैं, इन्हें 20 लाख रुपये प्रति योजना प्रति वर्ष तक की राशि की स्वीकृति के अधिकार दिये गये हैं। स्थानीय स्तर पर जिलों के कलेक्टर एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से भी समन्वय स्थापित कर लघु सुधार की योजनाओं को ग्राम पंचायतों के माध्यम से चालू करवाया गया है। वृहद सुधार वाली योजनाओं को विभाग द्वारा चालू किया गया है।

 प्रत्येक विकासखण्ड में 8-8 नवीन योजना का चयन

प्रत्येक घर को नल के माध्यम से जल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से नवीन ‘मुख्यमंत्री ग्राम पेयजल योजना’ के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक विकासखण्ड में कुल 8-8 नवीन योजनाओं का चयन किया गया है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र के सागर जिले की कुल 40 योजनाएँ लागत रुपये 36 करोड़ 4 लाख की स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 18 योजनाओं के लिये निविदाएँ प्राप्त हो चुकी हैं। छतरपुर जिले की कुल 23 योजनाएँ लागत रुपये 25 करोड़ 25 लाख की स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 2 योजनाओं के लिये निविदाएँ प्राप्त हो चुकी हैं। पन्ना जिले की कुल 8 योजनाएँ लागत रुपये 9 करोड़ 47 लाख की स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 5 योजनाओं के लिये निविदाएँ प्राप्त हो चुकी हैं। टीकमगढ़ जिले की कुल 24 योजनाएँ लागत रुपये 36 करोड़ 4 लाख की स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 9 योजनाओं के लिये निविदाएँ प्राप्त हो चुकी हैं। दमोह जिले की कुल 16 योजनाएँ लागत रुपये 14 करोड़ 65 लाख की स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 13 योजनाओं के लिये निविदाएँ प्राप्त हो चुकी हैं एवं दतिया जिले की कुल 18 योजनाएँ लागत रुपये 15 करोड़ 90 लाख की स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 12 योजनाओं के लिये निविदाएँ प्राप्त हो चुकी हैं। इस वित्तीय वर्ष में 4-4 योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना है। निविदाओं की शर्तों का सरलीकरण करने से इन योजनाओं में से अधिकतर योजनाओं के लिये निविदाएँ प्राप्त हो गई हैं एवं इनके क्रियान्वयन की कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।

हैण्ड-पम्पों का संधारण

पहले से स्थापित हैण्ड-पम्पों के संधारण के लिये विभाग ने सतत गंभीर प्रयास किये हैं। पिछले एक वर्ष में सागर जिले में 3406 हैण्ड-पम्पों में कुल 28 हजार 204 मीटर पाइप बढ़ाकर, छतरपुर जिले में 3037 हैण्ड-पम्पों में 11 हजार 214 मीटर, पन्ना जिले में 3242 हैण्ड-पम्पों में 17 हजार 943 मीटर, टीकमगढ़ जिले में 3036 हैण्ड-पम्पों में 17 हजार 932 मीटर, दमोह जिले में 2673 हैण्ड-पम्पों में 18 हजार 269 मीटर एवं दतिया जिले में 805 हैण्ड-पम्पों में 3979 मीटर पाइप बढ़ाकर उन्हें चालू किया गया है। इसके अतिरिक्त पिछले एक वर्ष में सागर जिले में 16 हजार 265 हैण्ड-पम्पों के मरम्मत का कार्य, छतरपुर जिले में 19 हजार 766, पन्ना जिले में 12 हजार 458, टीकमगढ़ जिले में 14 हजार 85, दमोह जिले में 9511 और दतिया जिले में 3185 हैण्ड-पम्पों के मरम्मत का कार्य करवाकर पेयजल उपलब्ध करवाया गया है। इस प्रकार हैण्ड-पम्पों को राइजर पाइप बढ़ाकर या साधारण खराबी होने पर त्वरित गति से सुधार कार्य कर चालू करने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है।

सिंगल फेस सब-मर्सिबल पम्प

ऐसे ग्राम जिनके हैण्ड-पम्पों में जल-स्तर 200 फिट से नीचे जाने के कारण अधिकतर हैण्ड-पम्प बंद होने की स्थिति में थे, उनमें भी आवश्यकता अनुसार एक या दो नल-कूपों में, जिनमें कि पर्याप्त आवक क्षमता है, उनमें सिंगल-फेस सब-मर्सिबल पम्प स्थापित कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध करवाया गया है। जिला सागर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह एवं दतिया में क्रमश: 60, 130, 114, 122, 141 एवं 49 सब-मर्सिबल पम्प स्थापित किये गये हैं। ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की समस्याओं के निदान के लिये विभाग ने माह दिसम्बर से ही कार्य-योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन शुरू कर दिया है। बुन्देलखण्ड के सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में हैण्ड-पम्पों में बढ़ाने के लिये राइजर पाइप एवं प्राथमिक दृष्टि से प्रत्येक जिले में 200-200 सिंगल-फेस सब-मर्सिबल पम्प आवश्यकतानुसार स्थापित करने के लिये उपलब्ध करवा दिये गये हैं।

पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाये रखने अधिकारी सजग

विभागीय प्रमुख सचिव  प्रमोद अग्रवाल एवं प्रमुख अभियंता के.के. सोनगरिया, पूरे प्रदेश के साथ बुन्देलखण्ड क्षेत्र के सभी जिलों में सतत भ्रमण कर पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाये रखने के लिये सभी प्रयास कर रहे हैं। विभाग द्वारा माह फरवरी में ही प्रत्येक जिले के ऐसे कठिन ग्रामों का चिन्हांकन मैदानी अधिकारियों से करवा लिया गया है, जहाँ आगामी ग्रीष्म ऋतु में पेयजल समस्या की संभावना हो। प्रत्येक जिले के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं विभाग से जिले के कार्यपालन यंत्री-सहायक यंत्री – उपयंत्री भी जिलों में बैठक कर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दे रहे हैं। इसके लिये प्रमुख अभियंता द्वारा आदेश जारी कर प्रत्येक वरिष्ठ अधिकारी को 2-3 जिलों की जिम्मेदारी दी गई। इसमें उन्हें ग्रीष्मकाल में प्रत्येक बसाहटों में पेयजल की सुनिश्चितता करने के निर्देश दिये गये हैं। ये अधिकारी अपने प्रभार के जिलों का दौरा कर चिन्हांकित समस्याग्रस्त क्षेत्र के साथ समूचे जिले में कहीं भी व्यवस्थाओं में व्यवधान होने पर उनका समाधान किया जा रहा है। निचले स्तर पर फील्ड में सहायक यंत्री, उप यंत्री एवं हैण्ड-पम्प मैकेनिक भी अपने कार्य-क्षेत्रों में नल-जल योजनाएँ एवं हैण्ड-पम्पों को चालू रखने में सतत भ्रमण कर आवश्यक कार्यवाही कर रहे हैं। वरिष्ठतम अधिकारियों के अतिरिक्त संबंधित मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री एवं कार्यपालन यंत्री भी अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर पेयजल की उपलब्धता पर दृष्टि बनाये हुए हैं। इस प्रकार प्रशासन एवं विभाग का समूचा अमला ग्रीष्म ऋतु में प्रत्येक बसाहट में पेयजल की सुनिश्चितता बनी रहे इसके लिये सजग है।

राज्यों को ओडीएफ बनाने में केन्द्र सरकार करेगी  वित्तीय मदद : सुश्री उमा भारती

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दो अक्टूबर 2018 तक मध्यप्रदेश होगा पूर्ण ओडीएफ राज्य – मुख्यमंत्री श्री चौहान 
उल्लेखनीय प्रगति के लिये मध्यप्रदेश की सराहना 
गोवर्धन योजना का शुभारंभ
 

भोपाल। रडार न्यूज़ केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा है कि देश को 2 अक्टूबर, 2019 तक पूरी तरह खुले में शौच जाने से मुक्त बनाने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य पूरा करने के लिये राज्यों को केन्द्र सरकार भरपूर वित्तीय सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य को वर्ष 2014 से अब तक 3 हजार 180 करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। वित्त आयोग से स्वच्छता के लिये अलग से धनराशि निर्धारित करने का आग्रह किया जायेगा, जिससे खुले में शौच जाने से मुक्त घोषित होने के आगे की गतिविधियाँ को क्रियान्वित किया जा सके। सुश्री भारती आज यहाँ रविन्‍द्र भवन परिसर में राज्य-स्तरीय स्वच्छता पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रही थीं। सुश्री उमा भारती ने कहा कि प्लास्टिक स्वच्छता का सबसे बड़ा शत्रु है। उन्होंने नागरिकों का आव्हान किया कि सड़क पर किसी भी प्रकार का प्लास्टिक का सामान अथवा पॉलीथीन नहीं फेकें, इससे गौ-धन की हानि होती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की शुरूआत स्व-प्रेरणा से होती है। इसलिये खुले में शौच जाने से मुक्त हो चुकी ग्राम पंचायतों के सरपंचों की यह जिम्मेदारी है कि वे अब ओडीएफ के आगे की गतिविधियों की तैयारी करें। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि स्वच्छता निरंतर चलने वाला काम है। इसे करने में सरकारी पहल का इंतजार नहीं करें। उपलब्ध संसाधनों में ही पहल शुरू करें। उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की।

स्वच्छता जन-अभियान से बदली है मानसिकता : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि दो अक्टूबर 2018 तक मध्यप्रदेश खुले में शौच जाने से पूरी तरह मुक्त प्रदेश हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को जन-अभियान का स्वरूप दिया है। इससे लोगों की मानसिकता बदली है। लोगों ने स्वच्छता के महत्व को स्वीकारा है। मुख्यमंत्री ने स्वच्छाग्रहियों से अपील की कि लोगों को शौचालय का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। मध्यप्रदेश को स्वच्छ और स्वस्थ प्रदेश बनाने का संकल्प लें। श्री चौहान ने कहा कि स्वच्छता के लिए प्लास्टिक का उपयोग अत्यंत हानिकारक है। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचता है। उन्होंने स्वच्छाग्रहियो को संकल्प दिलवाया कि वे धीरे-धीरे प्लास्टिक का उपयोग करना छोड़ दें। नागरिकों को भी इसके लिये प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने असंगठित श्रमिक कल्याण योजना की चर्चा करते हुए स्वच्छाग्रहियों का आह्वान किया कि इस योजना के क्रियान्वयन में पूरा सहयोग करें। उन्होंने बताया कि इस योजना में हर गरीब का अपना मकान होगा, उसे आवासीय भूमि का पट्टा मिलेगा। मुफ्त में इलाज होगा। दुर्घटना होने पर 4 लाख रूपये और सामान्य मृत्यु पर दो लाख रूपये उसके आश्रितों को मिलेंगे। सुश्री उमा भारती और श्री चौहान ने भारत सरकार की गोवर्धन योजना का शुभारंभ किया। यह योजना नरसिंहपुर की ग्राम पंचायत कोदसा एवं ग्वालियर की ग्राम पंचायत चिरूली से शुरू हुई है।

मध्य प्रदेश को अग्रिम बधाई

केन्द्रीय स्वच्छता एवं पेयजल मंत्रालय के सचिव श्री परमेश्वरन अय्यर ने बताया कि वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत अभियान शुरू होने से पहले देश में 55 करोड़ लोग खुले में शौच जाते थे। मात्र साढे़ तीन साल में इनकी संख्या घटकर 20 करोड़ रह गई है। उन्होंने कहा कि पिछले साढे़ तीन सालों में देश को स्वच्छ बनाने के अभियान में जितना काम हुआ, उतना बीते सात दशकों में भी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि आज 400 जिले और साढे़ तीन लाख लाख गाँव खुले में शौच जाने से मुक्त हो गए हैं। उन्होंने बताया कि दो अक्टूबर, 2019 तक पूरे देश को खुले में शौच जाने से मुक्त करने का लक्ष्य है। श्री अय्यर ने मध्यप्रदेश की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान के संचालन में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने दो अक्टूबर 2018 तक मध्यप्रदेश को पूरी तरह से ओडीएफ राज्य बनाने के संकल्प के लिए अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि अब हर प्रदेश को ओडीएफ से एक कदम आगे बढ़कर कार्य करने की दिशा में रणनीति बनानी होगी।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले हुए सम्मानित 

केन्द्रीय मंत्री सुश्री उमा भारती और मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, सरपंचों और स्वच्छाग्रहियों को पुरस्कार एवं उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर सुश्री उमा भारती ने ओडीएफ सत्यापन मार्गदर्शिका का विमोचन किया।पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  गोपाल भार्गव, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विश्वास सारंग, जिला पंचायत अध्यक्ष मनमोहन नागर, सीहोर जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री उर्मिला मरेठा और अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास इकबाल सिंह बैंस उपस्थित थे।