शहीद जवान आशीष त्रिपाठी के शव को सलामी देती सशस्त्र जवानों की गारद।
बीएसएफ जवान आशीष का राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार
पन्ना के सपूत को नम आंखों से दी विदाई, अंतिम यात्रा में शामिल हुए सैंकड़ों लोग
पन्ना। रडार न्यूज़ त्रिपुरा के आरकेपुर में तैनात बीएसएफ के जवान पन्ना निवासी आशीष त्रिपाठी पुत्र शिवसागर त्रिपाठी की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। तिरंगे में लिपटा उनका शव गुरूवार देर रात्रि पन्ना लाया गया। यहां इंद्रपुरी कॉलोनी स्थित मुक्तिधाम में भारत माता की जय और शहीद आशीष त्रिपाठी अमर रहे के जयकारों के बीच राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पन्ना के सपूत को विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। छः वर्षीय बेटे अस्तित्व त्रिपाठी ने अपने चाचा सौरभ का हांथ पकड़कर जब शहीद पिता को दी मुखाग्नि दी तो यह देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखों से आंसू छलक उठे।
तिरंगे में लिपटे पिता के शव को चूमता मासूम अस्तित्व त्रिपाठी।
दाह संस्कार से पूर्व सशस्त्र जवानों की गारद ने सैन्य सम्मान के साथ जवान के शव को सलामी दी। इस मौके पर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों, राजनेताओं, पत्रकारों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में बीएसएफ की 164 बटालियन में निरीक्षक के पद पर त्रिपुरा के आरकेपुर में पदस्थ रहे आशीष त्रिपाठी की 3 जुलाई को अचानक तबियत बिगड़ने पर मिलेट्री हाॅस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उनका दुखद निधन हो गया। आशीष की इस तरह अचानक मृत्यु होने की दुखद सुचना जब उनके परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया। जांबाज आशीष को करीब से जानने वालों को तो इस ख़बर पर यकीन ही नहीं हो रहा था। गुरुवार देर रात जब सेना के जवान अपने साथी का पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे तो शहीद के माता-पिता, पत्नी व अन्य परिजन शव से लिपट कर रोने लगे।
पैतृक गांव में शोक की लहर-
बीएसफ जवान आशीष त्रिपाठी को अंतिम विदाई देने उमड़े सैंकड़ों लोग।
आज शहीद आशीष की अंतिम यात्रा में उनके पैतृक ग्राम फरस्वाहा से भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शामिल होकर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजली अर्पित की। अंतिम यात्रा में सैंकड़ों लोग शामिल हुए इस दौरान सबकी आंखें नम थीं। मालूम हो कि श्री त्रिपाठी अपने पीछे भरे-पूरे परिवार के साथ 6 वर्षीय पुत्र व पत्नि को छोड़ गये। उनके निधन पर शहर के गणमान्य नागरिकों व पत्रकारों ने शोक संवेदनाए व्यक्त कीं है।
12 वर्षों तक की देश की सेवा-
अपने शहीद पिता को मुखाग्नि देता मासूम अस्तित्व त्रिपाठी।
राष्ट्रप्रेम की प्रबल भावना और देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा रखने वाले आशीष ने आज से करीब 12 वर्ष पूर्व 2006 में भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसफ) में सब इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती हुए थे। कश्मीर, पंजाब व त्रिपुरा पदस्थापना के दौरान बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्होंने सदैव पूरी कर्तव्यनिष्ठा, मेहनत और लगन के साथ देश की सीमाओं की सुरक्षा के दायित्व को बखूबी निभाया। मुख्यालय में तैनाती के दौरान भी उनकी सेवाएं उत्कृष्ट रहीं। फलस्वरूप शानदार सर्विस रिकार्ड के चलते आशीष त्रिपाठी को सेना में निरीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली थी।
अब यह बताने की जरूरत नहीं कि बलात्कार फिर हत्या जैसे अपराधों का सैलाब यकायक क्यों फूट पड़ा। जवाब है वर्जनाएं टूट गईं सबकुछ खुल्लमखुल्ला हो गया। पहले कैसेट्स में ब्लू फिल्में आईं,फिर ये कम्प्यूटर में घुसीं और अब इनकी जगह जेब के मोबाइल फोन में बन गई। बीबीसी की एक रिपोर्ट बताती है कि कुल नेट सामग्री में तीस फीसद पोर्न सामग्री। है। दो साल पहले मैक्स हास्पिटल ने स्कूली छात्रों के बीच सर्वे के बाद पाया कि 47 फीसद छात्र रोजाना पोर्न की बात करते हैं। नेट के सामान्य उपयोगकर्ता को प्रतिदिन कई बार पोर्न सामग्री से वास्ता पड़ता है। वजह प्रायः नब्बे फीसद समाचार व अन्य जानकारियों की साइट पोर्नसाईटस से लिंक रहती हैं या बीच में विज्ञापन घुसे रहते हैं। कई प्रतिष्ठित अखबारों पर यह आरोप लग चुका है कि वे यूजर्स, लाईक,हिट्स बढ़ाने के लिए पोर्न सामग्री का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि यूजर्स की संख्या के आधार पर ही विज्ञापन मिलते हैं। यानी कि वर्जनाओं को वैसे ही फूटने का मौका मिला जैसे कि बाढ़ में बाँध फूटते हैं। सारी नैतिकता इसके सैलाब में बह गई।
कमाल की बात यह कि साँस्कृतिक झंडाबरदारी करने वाली सरकार ने इस पर दृढ़ता नहीं दिखाई। इंदौर हाईकोर्ट के वकील कमलेश वासवानी की जनहित याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने 850 पोर्नसाईटस पर प्रतिबंध लगाने को कहा। सरकार ने दृढ़ता के साथ कार्रवाई शुरू तो की लेकिन जल्दी ही कदम पीछे खींच लिए। कथित प्रगतिशीलों और आधुनिकता वादियों ने इसे निजत्व पर हमला बताया और कहा कि इससे अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होता है। नेशनल क्राईम ब्यूरो के भयावह रिकॉर्ड के बाद भी सरकार ने आसानी से कदम पीछे खींच लिए। जनहित के अपने निर्णय पर वैसी नहीं डटी जैसी कि नोटबंदी में डट गई। तत्कालीन एटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष कहा-पोर्नसाईटस पर प्रतिबंध लगाने को लेकर समाज और संसद में व्यापक बहस की जरूरत है। सरकार की ओर से रोहतगी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री डिजटलाजेशन की बात कर रहे हैं तब पोर्न को बैन करना संभव नहीं है। अभी सिर्फ चाईल्ड पोर्न पर पाबंदी है। प्रायः समाजशास्त्री और मनोवैज्ञानिक यह मानते हैं कि यौनिक अपराधों की बढोत्तरी के पीछे पोर्नसाईटस हैं जो हर उम्र के लिए खुली हैं। गूगल ट्रेन्ड के मुताबिक पोर्न शब्द की खोज करने 10 शीर्ष देशों में एक भारत भी है। नैतिक श्रेष्ठता का दम भरने वाली सरकार को चाहिए कि इस मामले में चीन से सीख ले। चीन ने अश्लीलता के खिलाफ अभियान चलाते हुए 180000 ऑनलाइन प्रकाशन रोके। पोर्नसाईटस के खिलाफ कड़ी कार्वाइयां की। कैमरून जब इंग्लैण्ड के प्रधानमंत्री थे तब माइक्रोसॉफ्ट और गूगल को धमकाया था कि यदि पोर्नसाईटस पर लगाम नहीं लगाई तो उनका डेरा-डकूला देश से बाहर फेक देंगे। दुनिया के हर समझदार देश इस गंदी सड़ाँध के खिलाफ है एक सिवाय भारत के। तमाम घटनाओं के बाद भी कोई सबक नहीं ले रहा। आधुनिकता और प्रगतिवादी सिर्फ पोर्नसाईटस के मामले में ही सुने जाते हैं। अन्य मामलों में तो ये भोकते ही रह जाते हैं सरकार को जो करना होता है कर लेती है। कौन पता लगाए इसके पीछे क्या रहस्य है? समाज और नई पीढी को पतनशीलता से बचाना है तो नोटबंदी जैसी दृढ़ता के साथ ही टोटल पोर्नबंदी करनी होगी।
(लेख़क वरिष्ठ पत्रकार और टिप्पणीकार हैं)
(डिस्क्लेमर :- इस आलेख में व्यक्त किये गए विचार लेख़क के निजी विचार हैं)
हत्यारोपियों का मेडीकल परीक्षण कराने उन्हें स्वास्थ्य केंद्र ले जाते पुलिसकर्मी।
पुलिस ने पाँच महिलाओं को भी बनाया आरोपी
जमीनी विवाद को लेकर हुई तीन हत्याओं के बाद से सिमराखुर्द में तनाव बरक़रार
पवई। रडार न्यूज़ पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र के ग्राम सिमराखुर्द के टपरियन में दो परिवारों के बीच चल रहे जमीनी विवाद में दबंगों के हस्तक्षेप करने से उपजे झगड़े के ख़ूनी संघर्ष का रूप लेने से दोनों ही पक्षों के तीन लोगों को अपनी जान गवांनी पड़ी। दो अलग-अलग समुदायों से जुड़ी इस वारदात की गंभीरता को और इलाके में पूर्व में हुए अत्यंत ही जघन्य हत्याकाण्डों के रक्त रंजित इतिहास के मद्देनजर पुलिस ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए महज चौबीस घंटे के अंदर दोनों पक्षों के 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं पिछले 36 घण्टों से सिरामरखुर्द ग्राम पुलिस छावनी बना हुआ है। पवई में भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। दो परिवारों के बीच का यह विवाद कोई और रूप ना लेने पाये साथ ही इस पर कोई सियासत भी ना हो इसे लेकर पुलिस पूरी तरह हाईअलर्ट पर है। शांति और कानून व्यवस्था को हर हाल में बनाये रखने के लिए पुलिस के आला अफसर पल-पल की खबर ले रहे हैं साथ ही हालात पर पैनी नज़र रखे हुए हैं। उधर ड्यूटी पर तैनात पुलिस के जवान हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। ख़ूनी संघर्ष में मरने वालों के अंतिम संस्कार के बाद ग्राम सिमराखुर्द के टपरियन में तनावपूर्ण शांति बरक़रार है। इस मामले में पुलिस ने गुरूवार 5 जुलाई 2018 को एक पक्ष की और से आठ आरोपियों अकरम खाॅन पिता अकबर, मुन्ना खाॅ पिता अनार खाॅ, अकबर खाॅ पिता अनार खाॅ, शकूरन बानो पति अनार खाॅ, मदीना बानो पति अकबर, रीनू पति शहीद खाॅ, अमजद पिता अकबर खाॅ, शायरा बानो पति मुन्ना खाॅ, गुलाब खाॅ पति शफी खाॅ, अनार खाॅ पिता अमीर खाॅ को धारा 302, 147, 342 आईपीसी व दूसरे पक्ष की और से चार लोगों रघुवीर सिंह उर्फ छोटे राजा, किशन चौधरी पिता सुकईयां चौधरी, रामेश्वरी चौधरी पिता किशन चौधरी, गुलाब बाई पति किशन चौधरी को दर्ज आपराधिक प्रकरण में धारा 302, 34 आईपीसी और धारा 25/27 आर्म्स के तहत गिरफ्तार किया है। इन्हें आज पुलिस द्वारा न्यालय में पेश किया गया। जहां से सभी 12 आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
क्या है मामला-
उल्लेखनीय है कि ग्राम सिमराखुर्द के टपरियन निवासी किशुन चौधरी और अनार खान पिता अमीरा खान 70 वर्ष के बीच लम्बे समय से जमीनी विवाद चल रहा है। बुधवार 4 जुलाई को गांव के दबंग रघुवीर सिंह ठाकुर उर्फ़ छोटे राजा द्वारा किशुन चौधरी की ओर से जमीनी विवाद में हस्तक्षेप करते हुए अनार खान के घर उसे धमकाने पहुंचे। अनार खान ने विवादित भूमि पर अपना दवा छोड़ने से इंकार करते हुए जब इस मामले में दखलंदाजी न करने की बात कही तो उनके बीच मुहँवाद हो गया । इसे अपना अपमान समझकर बौखलाहट में रघुवीर सिंह ठाकुर अनार खान से उसके घर में ही झगड़ने लगा। जब इस बात की भनक रघुवीर सिंह के बड़े भाई जगदीश सिंह को लगी तो वह तुरंत अपनी रायफल लेकर मौके पर पहुंचा और गालियाँ देते हुए दिनदहाडे़ फायरिंग कर वृद्ध अनार खान पिता अमीरा खान 70 वर्ष व उसकी बहू हसीना बानो पत्नी अमजद खान 25 वर्ष के सीने में गोलियां उतर दीं। जिसमें अनार खान की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसकी बहू हसीना बानो ने पवई स्वास्थ्य केन्द्र पहुँचते ही दम तोड़ दिया। अनार खान को बचाने आया अकरम खान पुत्र अकबर खान 20 वर्ष गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं दबंगों से पिता और भाभी की मौत का बदला लेने के लिए अनार खान के परिजनों ने जगदीश सिंह उर्फ बड़े राजा की बंदूक छुड़ाकर लाठियों से पीट-पीटकर और पत्थर पटककर उसकी हत्या कर दी। इस सनसनीखेज घटना में रघुवीर सिंह को भी चोटें आयीं है। मालूम हो कि बुधवार को दो पक्षों के बीच हुए ख़ूनी संघर्ष में तीन लोगों की मौत होने की सूचना मिलते ही आईजी सागर संभाग सतीष कुमार सक्सेना व छतरपुर रेंज के डीआईजी अनिल महेश्वरी कुछ ही घंटे बाद मौके पर पहुँच गए थे और स्तिथि को नियंत्रण में रखने के लिए देर रात तक भारी पुलिस बल के साथ स्वयं कमान संभाले रहे।
अचेत हालत में पड़े मासूम रोहित गौंड़ का उपचार करती नर्स और समीप बैठे शोकमग्न माता-पिता।
पन्ना जिले के गांधी ग्राम में हुआ हृदय विदारक हादसा
पन्ना। रडार न्यूज़ कोतवाली थाना के समीपी गांव गांधी ग्राम में स्थित एक चैपरा के पानी में डूबने से दो सगी मासूम बहनों का दर्दनाक दुखांत हो गया। जबकि उनके छोेटे भाई रोहित गौंड़ की हालत नाजुक बनी है। उसे इलाज के लिए जिला अस्तपाल पन्ना में भर्ती कराया गया है। सुबह-सुबह हुए इस हादसे के बाद से आदिवासी परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं गांधी ग्राम सहित आसपास के गांव में शोक की लहर व्याप्त है। ट्रेक्टर चालक राजेश गौंड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह करीब 10 बजे उसके बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। खेलते-खेलते वे कब चैपरा के पास चले गये किसी को पता ही नहीं चला।
श्रमिकों ने निकाला पानी से बाहर-
चैपरा में भरे पानी में नहाते समय रीता गौंड़ 8 वर्ष, विनीता गौंड़ 6 वर्ष और रोहित गौंड़ 5 वर्ष पानी में डूबने लगे। अपने सगे भाई-बहनों को पानी में डूबता हुआ देख राजेश की सबसे छोटी बेटी राधिका गौंड़ जोकि घटना के समय चैपरा के ही पास खड़ी थी, अचानक जोर-जोर से रोने लगी। समीप स्थित एक निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे मजदूर बच्ची के रोने की आवाज सुनकर जब मौके पर पहुंचे तो वहां का नजारा देख दंग रह गये। आनन-फानन तीनों बच्चों को पानी से बाहर निकालकर श्रमिक उनके घर ले गये।
पन्ना लाते समय रास्ते में हुई मौत-
अत्यंत ही गंभीर हालत में बच्चों को इलाज के लिए निजी वाहन से पन्ना लाते समय रास्ते में रीता और विनीता ने दम तोड़ दिया। जबकि उनके छोटे भाई रोहित की हालत गंभीर बनी है। जिला चिकित्सालय के बच्चा वार्ड में भर्ती मासूम रोहित जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। वहीं दो बेटियों को खोने और बेटे के अचेत अवस्था में होने से आदिवासी दम्पत्ति गहरे सदमे में है। राजेश ने रोते हुए बताया कि उसकी दोनों बड़ी बेटियां गांव के ही प्राथमिक शाला में पढ़ती थी। कोतवाली थाना पुलिस ने इस हादसे पर मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया है।
पन्ना जिले के धरमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम ममनीपुर की घटना
चार आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण
जमीनी विवाद की दो घटनाओं में चार की मौत, दो गंभीर रूप से घायल
पन्ना रडार न्यूज़ मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बुधवार का दिन जमीनी विवादों से उपजे दो ख़ूनी संघर्षों के नाम रहा। जिनमें चार लोगों की मौत हो गई। एक वारदात पन्ना जिले के पवई थाना अंतर्गत हुई जिसमें दोनों पक्षों के तीन लोग मारे गए। जबकि दोनों पक्षों के दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। दूसरी वारदात धरमपुर थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी खोरा के ग्राम ममनीपुर में लोधी समाज के लोगों के बीच हुई। जहां खेत की जुताई करने गए एक किसान राजकुमार पिता मंगल सिंह लोध 45 साल की गांव के ही स्वजातीय लोगों ने लाठी-कुल्हाड़ी से हमलाकर हत्या कर दी। मृतक के छोटे भाई रासकिशोर लोध ने घटना की जानकारी पुलिस को देते हुए बताया कि वह आज सुबह ट्रेक्टर लेकर अपने भाई राजकुमार लोध का खेत जोतने गया था। सुबह करीब 10 बजे वहां राजकुमार पिता बाबू लाल लोध, संतराम पिता बाबू लाल लोध, विजय पिता बाबू लाल लोध, अशोक पिता बाबू लाल लोध, गौतम पिता राजकुमार लोध लाठी-कुल्हाड़ी लेकर पहुंचे और राजकुमार लोध को घेरकर उसके ऊपर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। खून से लथपथ राजकुमार लोध के जमीन पर गिरते ही हमलावर उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए। मरणासन्न स्तिथि में राजकुमार पिता मंगल सिंह लोध 45 साल को समुचित उपचार हेतु परिजन पन्ना लेकर आये। यहां जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान शाम करीब 4 बजे राजकुमार की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि कृषक राजकुमार लोध के सिर और पैर में गंभीर आईं थीं। उल्लेखनीय है कि मकान बनाने को लेकर राजकुमार लोध और संतराम लोध के बीच विवाद चल रहा था। जिसके चलते संतराम और उसके परिजनों ने बुधवार 4 जुलाई की सुबह मौका पाकर एक राय होकर हत्या की जघन्य वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद से ग्राम ममनीपुर में तनाव मिश्रित मातम का माहौल है। धरमपुर थाना पुलिस ने इस वारदात पर फ़िलहाल संतराम पिता बाबू लाल लोध व उसके तीन भाइयों राजकुमार लोध, विजय लोध, अशोक लोध के खिलाफ आईपीसी की धारा 307, 34 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। वारदात के बाद से फरार उक्त आरोपियों की पुलिस द्वारा सरगर्मी से तालश की जा रही है।
पन्ना जिले के सिमराखुर्द ग्राम में जमीनी विवाद पर हुआ खूनी संघर्ष
पन्ना। रडार न्यूज़ मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के पवई थाना के ग्राम सिमराखुर्द में दो परिवारों के बीच में चल रहे जमीनी विवाद में दबंगों के हस्तक्षेप ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। जिसमें दोनों पक्षों के तीन लोगों की मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। इस सनसनीखेज घटना में गोली लगने के कारण गंभीर रूप से घायल एक 20 वर्षीय को उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई में भर्ती कराया गया है। इस वारदात के बाद से सिमराखुर्द में बेहद तनावपूर्ण स्थिति निर्मित है। विवाद बढ़ने के मद्देनजर आसपास के थानों से पुलिस बल बुलाकर वहां तैनात किया गया है।
गोली लगने से हुई ससुर और बहू की मौत-
वृद्ध के शव का मुआयना करते पुलिस अधिकारी ।
घटना स्थल पर पहुंचे स्थानीय पत्रकार सतीष पटेल व अजित बढ़ोलिया ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम सिमराखुर्द के किशुन चौधरी और अनार खान पिता अमीरा खान 70 वर्ष के बीच लम्बे समय से जमीनी विवाद चल रहा है। बुधवार को गांव के दबंग जगदीश सिंह उर्फ बड़े राजा व रघुवीर सिंह ठाकुर द्वारा किशुन चौधरी की ओर से जमीनी विवाद में हस्तक्षेप करते हुए अनार खान के घर उसे धमकाने पहुंचे। अनार खान ने जब दोनों भाईयों से इस मामले में दखलंदाजी न करने की बात कही तो उनके बीच वाद-विवाद बढ़ गया। जगदीश सिंह और उसका छोटा भाई रघुवीर सिंह अपने घर आये और रायफल उठाकर वापिस अनार खान के घर पहुंचकर दिनदहाडे़ ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगे। इस घटना में गोली लगने से अनार खान पिता अमीरा खान 70 वर्ष, उसकी बहू हसीना बानो पत्नी अमजद खान 25 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि गोली लगने से अकरम खान पुत्र अकबर खान 20 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं रघुवीर सिंह के भी घायल होने की खबर मिली है।
लाठी-डंडों से की हत्या-
वहीं दबंगों से पिता और भाभी की मौत का बदला लेने के लिए अनार खान के परिजनों ने जगदीश सिंह उर्फ बड़े राजा की बंदूक छुड़ाकर लाठियों से हमलाकर और पत्थर पटकर मार डाला। जगदीश सिंह का खून से लथपथ शव अनार खान के घर पर बकरियों की सार में मिला। इस भीषण खूनी संघर्ष के बाद से ग्राम सिमराखुर्द में तनावपूर्ण मातम का माहौल निर्मित है। इस जघन्य हत्याकाण्ड से पूरा इलाका दहल उठा है। इस क्षेत्र में पूर्व में भी कई दहला देने वाले काण्ड हो चुके है, क्षेत्रवासी अत्यंत ही दहशत में है। उधर तीन-तीन हत्यायें होने के करीब एक घंटे बाद भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीकेएस परिहार, पवई एसडीएम अभिषेक सिंह, सिमरिया थाना प्रभारी डीके सिंह ने घटना का जायजा लिया और मृतकों के परिजनों व ग्रामीणों को शांति बनाये रखने की समझाईस दी गई। वहीं पन्ना से अतिरिक्त पुलिस बल को सिमराखुर्द भेजा गया जिसे शांति व कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए तैनात किया गया है।
डीआईजी सिमराखुर्द पहुंचे-
जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में हुए ख़ूनी संघर्ष में तीन लोगों जघन्य हत्या की सुचना मिलते ही छतरपुर रेंज के डीआईजी अनिल महेश्वरी शाम लगभग 4 बजे सिमराखुर्द पहुंचे।
एहतियात के तौर पर ग्राम सिमराखुर्द में तैनात पुलिसबल ।
पड़ोसी जिला दमोह से भी अतिरिक्त पुलिस जवान सहयोग के लिए मौके पर मौके पर पहुँच चुके थे। डीआईजी श्री महेश्वरी ने स्थानीय पुलिस अधिकारीयों से घटना के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की तथा घटनास्थल का दौरा कर मृतकों के परिजनों से भी मिले। उल्लेखनीय है कि दबंगों के प्रभाव वाले इस इलाके में पूर्व कई बेहद जघन्य हत्याकाण्ड हुए हैं जिनकी गूंज प्रदेश स्तर तक रही है। इन हत्याकाण्डों में अब तक कई लोग मारे जा चुके हैं, यहां कई सालों से चल रहे ख़ूनी संघर्षों के बेहद रक्त-रंजित इतिहास को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस किसी भी स्तिथि निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया से म.प्र.वाटर स्पोटर्स अकादमी के पदक विजेता खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की।
भोपाल। खेल और युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया से आज यहाँ जकार्ता में पिछले दिनों आयोजित एशियन सेलिंग चैम्पियनशिप में देश को कांस्य पदक दिलाने वाली मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी की प्रतिभावान सेलिंग खिलाड़ी एकता यादव और शैला चार्ल्स तथा कोरिया में गत दिवस आयोजित एशियन जूनियर रोइंग चैम्पियनशिप में देश को दो रजत पदक दिलाने वाले मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के होनहार रोइंग खिलाड़ी मंगल सिंह, नीतेश भारद्वाज, रोहित सेंधव और विजय पाल सिंह ने सौजन्य भेंट की। खेल मंत्री ने वाटर स्पोर्ट्स अकादमियों के खिलाड़ियों द्वारा एशियन सेलिंग चैम्पियनशिप और एशियन जूनियर रोइंग चैम्पियनशिप में किए गए शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक जीतकर देश और प्रदेश को गौरवान्वित कर रहे हैं, जिन पर हमें गर्व है। इस अवसर पर संचालक खेल और युवा कल्याण डाँ. एस.एल. थाउसेन, वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के सेलिंग प्रशिक्षक जी.एल. यादव एवं रोइंग प्रशिक्षक कैप्टन दलबीर सिंह मौजूद थे।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया से रोइंग के पदक विजेता खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की।
उल्लेखनीय है कि जकार्ता में पिछले दिनों आयोजित एशियन सेलिंग चैम्पियनशिप के 49cr FX क्लास बोट इवेन्ट में मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी की सेलिंग खिलाड़ी एकता यादव और शैला चार्ल्स की जोड़ी ने देश को कांस्य पदक दिलाया। इसी तरह कोरिया में गत दिवस आयोजित एशियन जूनियर रोइंग चैम्पियनशिप में मध्य प्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ी मंगल सिंह और नीतेश भारद्वाज की जोड़ी ने जूनियर मेन क्वाटरपूल स्कल तथा रोहित सेंधव और विजय पाल सिंह की जोड़ी ने जूनियर मेन कॉक्सलेस फोर इवेन्ट में एक-एक रजत पदक देश को दिलाए।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन में जन शिकयतों का निराकरण किया।
मुख्यमंत्री ने समाधान ऑनलाइन में किया जन शिकायतों का निराकरण
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जनता को सुशासन देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारीगण जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुये, उसी दिन निराकरण करने का प्रयास करें। श्री चौहान आज यहाँ मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन के दौरान ‘समाधान एक दिन” और ‘लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम’ के अंतर्गत हुई कार्यवाही की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों की दर्जन भर जन शिकायतें सुनी और उनका समाधान तथा संबंधितों को 7 लाख रूपये से अधिक राशि का भुगतान कराया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के तहत जनता को समय पर सेवायें नहीं उपलब्ध कराने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाया जाये। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को बधाई और प्रशस्ति पत्र दिये। साथ ही कमजोर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिये। उन्होंने संबल योजना के अंतर्गत जहाँ पंजीयन कम हुआ है, वहाँ पंजीयन संख्या बढ़ाने के प्रयास करने के निर्देश दिये। सभी पात्र गर्भवती महिलाओं का पंजीयन और प्रसूति सहायता देना सुनिश्चित करने, भूमि का पट्टा देने आदि के निर्देश दिये। इसी तरह आकांक्षी विकासखण्डों में आवश्यक कार्य कराने के निर्देश दिये।
किसानों को शेष राशि का शीघ्र भुगतान करें-
श्री चौहान ने किसानों को चना, मसूर की बिक्री राशि, भावांतर की राशि एवं किसान समृद्धि योजना की शेष प्रोत्साहन राशि का शीघ्र भुगतान करने के अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित किया है कि किसानों को अपनी उपज की बिक्री में किसी भी तरह की तकलीफ नहीं होनी चाहिये। कोई भी जायज किसान इससे वंचित नहीं रहना चाहिये तथा इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होना चाहिये। इस दौरान बताया गया कि 4 से 31 जुलाई तक कृषि उपज मंडियों में उड़द और मूंग की खरीदी की जायेगी।
सहरिया, भारिया और बैगा महिलाओं को गत दिसम्बर माह से मिलेंगे एक हजार रूपये-
मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति सहरिया, भारिया और बैगा महिलाओं को एक हजार रूपये प्रति माह मिलना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पैसे की कोई कमी नहीं है। सभी पात्र बहनों को यह राशि विगत दिसम्बर माह से दी जा रही है। जिन हितग्राहियों को यह राशि नहीं मिली है, उनके बैंक खातों में शीघ्र पहुँचायी जाये। वे अपने बच्चों को पौष्टिक आहार दे सकें। उन्होंने चरण पादुका योजना के अंतर्गत शेष बचे हितग्राहियों को शीघ्र जूते-चप्पल, साड़ी एवं पानी की कुप्पी वितरित करने के निर्देश दिये हैं।
अपराधियों से पूरी दृढ़ता और कठोरता से निबटें-
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि अपराधियों के विरूद्ध सघन अभियान चलाया जाये। साथ ही अवैध शराब और अश्लील साहित्य के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान को और तेज किया जाये। उन्होंने कहा है कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सरकार के लिये सर्वोपरि है। बेटियों के विरूद्ध होने वाले अपराधों के प्रति पूरी संवेदना रखें तथा अपराधियों से पूरी दृढ़ता और कठोरता से निबटें। उन्होंने बताया कि सतना की घटना में पीड़ित बच्ची को एम्स में इलाज के लिये एयर एंबूलेंस से दिल्ली भेजा गया।
बेटियों के अपराधियों को फाँसी की सजा दिलाने का प्रयास-
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसके पहले मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बेटियों के साथ हुई घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इसे गम्भीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन नराधमों को फाँसी की सजा दिलाने के पूरे प्रयास करें। मंदसौर और सतना की घटनाओं की शीघ्र विवेचना पूरी कर चालान प्रस्तुत किया जाए। ग्वालियर की घटना का चालान प्रस्तुत हो गया है। उसकी जल्दी सुनवायी पूरी कराने तथा इंदौर और धार की घटनाओं पर अपराधियों को न्यायालयों द्वारा फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है, उसकी माननीय उच्च न्यायालय से शीघ्र पुष्टि कराने का प्रयास करें, जिससे अपराधियों को फाँसी पर लटकाया जा सके। श्री चौहान ने स्पष्ट कहा की समाज में ऐसे नरपिशाचों के लिए कोई जगह नही हैं। हम उन्हें फाँसी तक नहीं छोड़ेंगे।
12 आवेदकों की समस्याओं का समाधान हुआ-
शिवपुरी की तहसील कोलारस के ग्राम अटरनी निवासी इन्द्र सेन ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 5 लाख रूपये का ऋण लिया था। इसकी अनुदान राशि डेढ़ लाख रूपये प्राप्त हुई। इसी तरह राजगढ़ के ग्राम जोगीपुरा निवासी मांगीलाल सोंधिया की पत्नी की कुंए में गिरने से मृत्यु हो गई थी जो प्रधानमंत्री जन-धन बीमा योजना में बीमित थी। किन्तु कंपनी द्वारा उनका बीमा दावे का भुगतान नहीं किया जा रहा था। समाधान ऑनलाइन में प्रकरण प्राप्त होने पर दो लाख रूपये का भुगतान मिल गया। घटना का विवरण मिलने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बीमा कंपनी की भूमिका पर गहन अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रकरण की वस्तुस्थिति से केन्द्र सरकार को अवगत करायेंगे। खंडवा, हरसूद के ग्राम प्रतापपुरा निवासी लक्ष्मण सिंह यादव 40 प्रतिशत नि:शक्त है, फिर भी उन्हें नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ नहीं मिला था। समाधान में आवेदन करने पर उन्हें एक लाख रूपये की सहायता राशि प्राप्त हो गई। कटनी जिले के रीठी विकासखंड गांव बिलेरी निवासी श्री सुनीत कुमार पटेल ने 217 क्विंटल से अधिक धान का समिति मे विक्रय किया था। बोनस की राशि 43 हजार 520 रूपये का भुगतान प्राप्त हो गया। नरसिंहपुर विकासखण्ड चॉपरपाठा गांव अजसरा निवासी श्री विनोद साहू को कृषि विभाग से पाइप क्रय करने के अनुदान की राशि 4500 रूपये का भुगतान मिल गया। खरगोन के विकासखण्ड बड़वाह ग्राम बेतालिया निवासी श्री सुंदरलाल हिरवे को प्रधानमंत्री आवास की चौथी किश्त की मजदूरी का भुगतान 10 हजार 344 रूपये प्राप्त हुआ। बालाघाट तहसील वारासिवनी के गांव कोसते निवासी संतोष मदनकर को मनरेगा की सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण की 23 दिन की मजदूरी का भुगतान प्राप्त हुआ। ग्वालियर लश्कर निवासी सुश्री रजनी राठौर को बी एड की छात्रवृत्ति राशि 7 हजार 830 रूपये का भुगतान प्राप्त हुआ। दमोह विकासखण्ड जबेरा गांव सिगरामपुर निवासी हरिराम चौधरी को भवन निर्माण मजदूरी का 26 हजार 4 सौ रूपये का भुगतान मिला। सतना के ग्राम रामनगर निवासी वैभव पांडे को विक्रमादित्य छात्रवृत्ति योजना की राशि 2 हजार का भुगतान प्राप्त हुआ। डिंडोरी विकासखण्ड बजंग गांव गीधा निवासी सुरेश कुमार ठाकुर के भवन में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावास रिक्त करने के बाद भी किराया नहीं दिया समाधान में प्रकरण प्रस्तुत करने पर उन्हें शेष किराया राशि एक लाख 52 हजार 216 रूपये प्राप्त हो गए।
उत्कृष्ट अधिकारी सम्मानित हुये-
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लेवल वन स्तर पर मई माह में अधिकतम संतुष्टि के साथ सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण के लिए 9 अधिकारियों को बधाई और प्रशस्ति पत्र दिलवाये। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होने वाले अधिकारियों में अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी गुना दीपक मांझी, सहायक यंत्री नगरीय विकास एवं आवास सागर अरविंद पटेरिया, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंदसौर, उपायुक्त सहकारिता अशोक कुमार शुक्ला बैतूल, सहायत यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी होशंगाबाद नरेश कुवाल, तहसीलदार होशंगाबाद आलोक पारे, सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग अल्प संख्यक कल्याण जबलपुर आशीष दीक्षित और कनिष्ठ अभियंता ऊर्जा रीवा ए.के.चौधरी शामिल हैं।
इसी तरह समाधान एक दिन के उत्कृष्ट प्राधिकारियों को जून माह में शतप्रतिशत प्रकरणों का एक दिवस में निराकरण करने पर सम्मानित किया गया। श्रेणी ए में तहसीलदार लखनादौन जिला सिवनी राकेश कुमार चौरसिया, विकासखंड शिक्षा अधिकारी देवास एफ.बी. मानेकर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आगर मालवा जे.सी.राठौर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आष्टा जिला सीहोर नवल मीणा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी देवास आर.के. विश्वकर्मा, श्रेणी बी में मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमानगंज पन्ना, मोहम्मद हसन, नगर निगम इंदौर के सहायक आयुक्तद्वय निर्रजय भट्ट, शरद पाराशर, तहसील अमानगंज जिला पन्ना रविन्द्र सिंह चौहान और विदिशा के श्री कौरव को सम्मानित किया गया।
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर, मंदसौर और सतना में मासूम बेटियों से हुई ज्यादती की घटनाओं के संबंध में कहा है कि ये घटनाएं हृदय विदारक हैं, अंदर तक झकझोर देती हैं। जो लोग ऐसा काम करते हैं, वे राक्षस हैं, नरपिशाच हैं। ऐसे लोग धरती पर रहने लायक नहीं हैं। ऐसे व्यक्तियों को फाँसी के फंदे पर लटकाना चाहिये। इसके बिना खौफ पैदा नहीं होगा।
श्री चौहान ने आज यहां इलेट्रानिक मीडिया में अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि अक्सर देखा गया है कि निचली अदालत में दरिंदों को फाँसी की सजा हो जाती है। फिर ऊपरी अदालतों में प्रकरण जाता है और प्रक्रिया लंबी हो जाती है। दुष्टों को फाँसी देने में देर हो जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जल्दी सुनवाई के लिये फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाने के लिये सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि उच्च अदालतों में भी फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाकर सुनवाई होना चाहिये ताकि जल्दी से जल्दी ऐसे नरपिशाचों को फांसी हो सके।
श्री चौहान ने कहा कि वे अभियान चलायेंगे कि मासूम बेटियों से ज्यादती करने वाले दरिदों को किसी भी कीमत पर फाँसी की सजा मिले। उन्होंने कहा कि बलात्कारियों को जेल से कदापि नहीं छोड़ा जाना चाहिये। ऐसे लोग मानसिक रूप से विकृत हैं। वे दोबारा समाज में आकर फिर घिनौना काम करेंगे। इनका सही ठिकाना यह दुनिया नहीं है। श्री चौहान ने कहा कि मुझे दरिंदगी का शिकार हुई बेटियों के स्वास्थ्य की चिंता है। उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना मेरी सरकार का परम कर्तव्य है।
पन्ना। राडार न्यूज़ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा 3 जुलाई 2018 को करौंद भोपाल से सरल बिजली तथा मुख्यमंत्री बकाया बिल माफी योजना का शुभारंभ किया गया। इसी क्रम में जिले के पाॅंचों विकासखण्डों में भी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योजना के तहत अब तक जिले में 20133 असंगठित श्रमिकों एवं बीपीएल कार्डधारी हितग्राहियों के 16 करोड़ 37 लाख रूपये के बिल माफ किए गए हैं। खण्ड स्तरीय कार्यक्रमों में भोपाल से मुख्यमंत्री जी के उद्बोधन का सीधा प्रसारण भी हितग्राहियों द्वारा देखा गया।
विकासखण्ड पन्ना में शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव, जनपद अध्यक्ष श्रीमती शोभा सिंह तथा नगरपालिका अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा की उपस्थिति में किया गया। इसी क्रम में गुनौर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह, अजयगढ़ में जनपद अध्यक्ष भरतमिलन पाण्डेय तथा नगर परिषद अध्यक्ष संजू विश्वकर्मा, शाहनगर में जनपद अध्यक्ष श्रीमती सीमादेवी पाल तथा पवई में जनपद उपाध्यक्ष अजयदेव बुन्देला की उपस्थिति में शुभारंभ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पांचों विकासखण्डों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग एक हजार हितग्राहियों को टोकन स्वरूप सरल बिजली बिल तथा मुख्यमंत्री बकाया बिल माफी योजना के प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस दौरान कार्यपालन अभियंता विद्युत मण्डल ओ.पी. सोनी पन्ना विकासखण्ड में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद रहे।