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छात्र-छात्राएँ देश के नव-निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दें – राज्यपाल

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राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने उज्जैन में विक्रम विश्वाविद्यालय के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की।

विद्यार्थी आत्म-विश्वासी और नवाचारी बनें – श्री पवैया  

भोपाल । रडार न्यूज़   राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि छात्र-छात्राएँ देश के नव-निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिये आगे आयें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एनएसएस जैसे सशक्त प्रकल्पों के माध्यम से विद्यार्थियों की विकास में सहभागिता बढ़ायें। राज्यपाल श्रीमती पटेल आज उज्जैन में विक्रम विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने समारोह में विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान कीं और विभिन्न संकायों में मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण-पदक प्रदान किये। 

छात्र-छात्राओं को गाँवों में भेजें-
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने उज्जैन में विक्रम विश्वाविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।

राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि ज्ञान के अर्जन में नारी शक्ति नित नई ऊँचाइयों पर विजय पताका फहरा रही है। श्रीमती पटेल ने कहा कि उपनिषद में दीक्षांत उपदेश में सत्य बोलो, धर्म का आचरण करो आदि उपदेशों के बारे में विस्तृत जानकारी समाहित है। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों द्वारा गाँव को गोद लेकर छात्र-छात्राओं को गाँवों में भेजना चाहिये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण छात्राएँ शिक्षा प्राप्त करने से वंचित नहीं रहें। इसके लिये ग्रामों में ऐसा वातावरण बनाना है, जिससे हर छात्रा महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करे।

कड़ी मेहनतकरें-
विक्रम विश्वाविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उपस्तिथ छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक ।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने दीक्षांत समारोह में मारवाड़ी पगड़ी और भारतीय परिधान में उपाधियाँ प्राप्त करने आये छात्र-छात्राओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गाउन में विद्यार्थियों का समूह जादूगरों का जमावड़ा लगता था।श्री पवैया ने कहा कि शिक्षा प्राप्त कर उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी शिक्षा में वृद्धि करते हुए समाज के नव-निर्माण में योगदान दें। तभी शिक्षा की सार्थकता होगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी आत्म-विश्वासी और नवाचारी बनें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को भी यह देखना होगा कि विश्वविद्यालय से अध्ययन कर निकलने वाले विद्यार्थियों का देश में कितना मान होता है। अकादमिक प्रतिष्ठा अर्जित करने के लिये कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है। दीक्षांत समारोह में कुलपति डॉ. एस.एस. पाण्डे ने स्वागत भाषण में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और अनुसंधान के संबंध में जानकारी दी।

अनियमितताओं के चलते चार जिलों के सीएमएचओ , सीएस निलंबित

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सांकेतिक फोटो।

सफाई, सुरक्षा आदि कार्यों पर प्रावधान से अधिक खर्च की गई राशि

सामग्री खरीदी में भण्डार-क्रय नियमों का नहीं किया पालन

भोपाल। रडार न्यूज स्वास्थ्य केन्द्रों की साफ-सफाई और सुरक्षा आदि कार्यों पर निर्धारित वार्षिक मापदण्ड से कई गुना अधिक राशि मनमाने तरीके से नियम विरूद्ध खर्च करने पर प्रदेश के चार जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों व सिविल सर्जन को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। जिसमें हरदा, धार, सीहोर और राजगढ़ के सीएमएचओ व सिविल सर्जन शामिल हैं। निलंबन की कार्यवाही प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण भोपाल के निर्देश पर की गई है। इस संबंध में विवेक श्रोत्रिय अपर संचालक प्रशासन, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाऐं भोपाल द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य कार्यालयों में सफाई, सुरक्षा एवं बायो-मेडिकल वेस्ट मद में निर्धारित वार्षिक मापदण्ड राशि से अधिक राशि व्यय की गई। स्वास्थ्य संचालनालय की बजट शाखा के संज्ञान में यह बात आने पर संचालनालय स्तर पर जांच दल गठित करते हुए जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन में यह पाया गया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला हरदा द्वारा सफाई मद में व्यापक वित्तीय अनियमिततायें की गई। सफाई मद से विभिन्न प्रकार की सफाई, सामग्री एवं बायोमेडिकल वेस्ट, कलेक्शन बैग की सामग्री आदि के क्रय में रूपये 38,89,432/- व्यय किये गये। जबकि इस मद में मापदण्ड और रूपये शून्य था। इसके बाद भी इतनी बड़ी राशि सामग्री क्रय पर खर्च की गई जोकि वित्तीय अनियमितता है। साथ ही लेखा शीर्षों का मद परिर्वतन किया गया। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला धार द्वारा सफाई के मद से विभिन्न प्रकार की सफाई सामग्री, बायोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन बैग की सामग्री क्रय पर वित्तीय वर्ष 2018-19 में रूपये 1,02,20,690/- व्यय किये गये। जबकि इस मद में मापदण्ड रूपये 491054 अनुसार 15 प्रतिशत सामग्री रूपये 640500 अनुमत्त भी की जाये तब भी इस सीमा से कहीं अधिक रूपये 9580190/- व्यय किया जाना घोर वित्तीय अनियमितता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला सीहोर ने सुरक्षा मद में विभिन्न प्रकार की सुरक्षा सामग्री क्रय पर कुल रूपये 49,98,893/- व्यय किये गये। मजेदार बात यह है कि इस मद की राशि का खर्च मानव संसाधन (मैन पावर) पर होना था। सुरक्षा मद में मापदण्ड अनुसार रूपये 12,96,000/- थे, जिनका पूर्ण व्यय मैन पावर पर न करते हुए रूपये 49,98,893/- की सामग्री क्रय की गई। इसी तरह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला राजगढ़ द्वारा सफाई मद से विभिन्न प्रकार की सफाई सामग्री, औषधि एवं अन्य प्रकार की सामग्री आदि का क्रय किया गया। कुल क्रय की गई सामग्री रूपये 95,54,991/- की है। गौरतलब है कि सफाई मद में मापदण्ड के अनुसार रूपये 34,04,736/- थे। यदि 15 प्रतिशत सामग्री रूपये 4,44,096 मात्र अनुमत्य भी की जाये तो भी निर्धारित सीमा से अधिक राशि की सामग्री क्रय की गई। यह सीधेतौर पर वित्तीय अनियमितता है। स्वास्थ्य संचालनालय ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों व सिविल सर्जन के इस कृत्य को लोक निधि से व्यय के लिए आवश्यक शर्ताें का पालन न करते हुए मध्यप्रदेश वित्त संहिता, भण्डार-क्रय एवं सेवा उपार्जन नियम 2015 तथा वित्तीय अधिकार पुस्तिका के नियम-निर्देशों का उल्लंघन माना है। उक्त स्वास्थ्य अधिकारियों पर आरोप है कि उनके द्वारा मध्यप्रदेश कोषालय संहिता अुनसार आहरण एवं संवितरण अधिकारी की जिम्मेदारी के भी कर्तव्य का निर्वाहन न करते हुए शासकीय कोष से असमानुपातिक आहरण करवाया गया। वित्तीय अनियमितता के कारण निलंबित होने वालों में डाॅक्टर आरके धुर्वे, प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी हरदा, डाॅक्टर एसके खरे, प्रभारी सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय धार, डाॅक्टर दयाराम अहिरवार, प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला सीहोर एवं डाॅक्टर अनुसूईया गबली मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजगढ़ शामिल है।

यात्री प्रतीक्षालय के वाटर कूलर की पानी टंकी में मिलाया पेशाब

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यात्री प्रतीक्षालय के वाटर कूलर की पानी टंकी जिसमें पेशाब मिलाया गया।

असमाजिक तत्वों की अमानवीय हरकत से जनमानस में आक्रोश

पुलिस की निष्क्रियता से मोहन्द्रा में तेजी से बढ़ रहा है शराबियों का आतंक

मोहन्द्रा। रडार न्यूज़ पन्ना जिले के मोहन्द्रा कस्बा में असमाजिक तत्वों और शराबियों की हरकतों से हर कोई परेशान है। तेजी से बढ़ती इनकी आपत्तिजनक गतिविधियों के कारण आम लोगों का जीना मुहाल हो चुका है। क़स्बा की शांति को भंग कर माहोल बिगाड़ने ने जुटे शराबियों के बढ़ते आतंक का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीती रात यात्री प्रतीक्षालय की छत पर बैठकर शराब पी रहे कतिपय असामाजिक तत्वों ने वहाँ रखी वाटर कूलर की पानी टंकी में अपनी पेशाब मिला दी। इस घोर आपत्तिजनक और अमानवीय को शराबियों द्वारा अंजाम देते समय प्रतीक्षालय के एक दुकानदार ने देख लिया। दुकानदार ने जब इन लोगों को रोका तब तक वे पेशाब से भरी शीशी पानी टंकी में उड़ेल चुके थे। सुबह जब लोगों को इस घटना का पता चला तो आक्रोश फ़ैल गया।

मोहन्द्रा के यात्री प्रतीक्षालय की सीढ़ियों में पड़ी शराब की बोतलें।

उल्लेखनीय है कि यात्रियों और बस स्टैंड में रहने वाले लोगों को प्यास बुझाने के लिए शीतल जल मिल सके, इसके लिए मोहन्द्रा के सरपंच और स्थानीय लोगों ने पिछले वर्ष क्षेत्रीय विधायक से अनुरोध कर वाटर कूलर लगवाया था। किन्तु वाटर कूलर की टंकी यात्री प्रतीक्षालय के ऊपर बगैर किसी सुरक्षा बंदोबस्त के खुले में रखी है। टंकी के ढक्कन में ताला तक नहीं लगा है। खुले में टंकी रखी होने का ही अनुचित फायदा उठाते हुए वहां शराब पी रहे दो व्यक्तियों ने शराब की बोतल में पेशाब कर उसे टंकी के पानी में मिला दिया। गनीमत यह रही कि दुकानदार ने इन्हें देख लिया। यदि शराबी पेशाब की जगह पानी में ज़हर मिला देते तो फिर क्या होता, इस बारे में सोच कर लोग परेशान है। बताते चलें कि यह कोई पहली बार नहीं है जब शराबियों ने किसी असामाजिक गतिविधियों को अंजाम दिया हो, बस्ती के अंदर यह आए दिन की बात है। दरअसल वाद-विवाद के चक्कर से बचने और स्थानीय पुलिस पर भरोसा ना होने के चलते लोग इस तरह की सूचना पुलिस को देने से कतराते हैं। ग़ौरतलब है कि पुलिस चौकी से सौ मीटर की दूरी पर स्थित यात्री प्रतीक्षालय का जब यह हाल है तो दूर अंदर बस्ती में रात्रि के समय क्या होता होगा इसका अंदाजा स्वतः ही लगाया जा सकता।

विश्व के लिए शोध एवं अध्ययन का केन्द्र बना पन्ना टाईगर रिज़र्व

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शावकों के साथ बाघिन का फाइल फोटो।

बाघ पुर्नस्थापना योजना की कामयाबी से मिली ख्याति बना मिसाल

 वन सेवा के अधिकारियों के अलावा विदेशों से प्रशिक्षण प्राप्त करने आ रहे हैं प्रशिक्षु

पन्ना। रडार न्यूज़  मध्यप्रदेश के पन्ना नेशनल पार्क की स्थापना यूँ तो वर्ष 1981 में हुई थी, जिसे वर्ष 1994 में टाईगर रिजर्व के रूप में मान्यता मिली। लेकिन इसे आकर्षण का केन्द्र पन्ना टाईगर रिजर्व द्वारा बुनी गयी बाघों की विलुप्ति से पुर्नस्थापना की कहानी ने बनाया है। आज यह न केवल देश-विदेश के पर्यटकों को लुभा रहा है बल्कि देश-विदेश के अधिकारियों व ककर्मचारियों के लिए शोध एवं अध्ययन का केन्द्र बन गया है। पन्ना टाईगर रिजर्व का कोर क्षेत्र 576 वर्ग किलोमीटर तथा बफर क्षेत्र 1021 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। विश्व प्रसिद्ध सांस्कृतिक पर्यटन स्थल खजुराहो से इसका पर्यटन प्रवेश द्वार मड़ला महज 25 किलोमीटर दूर है। बाघों से आबाद रहने वाला पन्ना टाईगर रिजर्व विभिन्न कारणों से फरवरी 2009 में बाघ विहीन हो गया था। जिसके बाद इन विपरीत परिस्थितियोंय में पार्क प्रबंधन के द्वारा भारतीय वन जीव संस्थान देहरादून के विशेषज्ञों की मदद से दिसम्बर 2009 में पन्ना बाघ पुर्नस्थापना योजना की व्यापक रूप रेखा तैयार की गई। योजना के अंतर्गत 4 बाघिन व 2 वयस्क नर बाघों को बाघ पुर्नस्थापना के संस्थापक बाघों की आबादी के रूप में बांधवगढ़, कान्हा एवं पेंच टाईगर रिजर्व से पन्ना टाईगर रिजर्व में लाया गया ताकि यहां पर बाघों की वंश वृद्धि हो सके। लेकिन यह इतना आसान भी न था। योजना के मुताबिक पेंच टाईगर रिजर्व से लाया गया नर बाघ टी-3 यहां के जंगल में 10 दिन रहने के बाद यहां से दक्षिण दिशा में निकल पड़ा। यह बाघ नजदीकी जिलों के वन क्षेत्रों में लगभग 1 माह तक स्वच्छंद विचरण करता रहा। योजना के शुरूआती दौर में ही उत्पन्न हुई इस समस्या से पार्क प्रबंधन ने हार नहीं मानी। पार्क की टीम लगातार बाघ का पीछा करती रही। पार्क के 70 कर्मचारियों की टीम 4 हाथियों के द्वारा दिसम्बर 2009 को दमोह जिले के तेजगढ़ जंगल से इस बाघ को फिर से पन्ना टाईगर रिजर्व में लाया गया। पुनस्र्थापना किए गये बाघ में होमिंग (अपने घर लौटने की प्रवृत्ति) कितनी प्रबल होती है इसे पहली बार देखा गया। इस बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य को अपने दृढ़ निश्चिय से सफल बनाकर पन्ना पार्क टीम ने अपनी दक्षता साबित की है। बाघ टी-3 की उम्र अब 15 वर्ष हो गई है और अ बवह अपने ही वयस्क शावकों से अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।

70 शावकों का हुआ जन्म

मड़ला स्थित पन्ना टाईगर रिजर्व का प्रवेश द्वार।

बाघ टी-3 से पन्ना बाघ पुर्नस्थापना की सफतला की श्रंखला प्रारंभ हो गई। पार्क की सुरक्षा प्रबंधन एवं सृजन की अभिनव पहल को पहली ऐतिहासिक सफलता तब मिली जब बाघिन टी-1 ने वर्ष 2010 को 4 शावकों को जन्म दिया। जिसके बाद बाघिन टी-2 ने भी 4 शावकों को जन्म दिया। इसके बाद से सिलसिला निरंतर जारी है। बाघिन टी-1, टी-2 एवं कान्हा से लाई गई अर्द्ध जंगली बाघिनों टी-4, टी-5 एवं इनकी संतानों द्वारा अब तक लगभग 70 शावकों को जन्म दिया जा चुका है। जिनमें से जीवित रहे 49 बाघों में से कुछ ने विचरण करते हुए सतना, बांधवगढ़ तथा पन्ना एवं छतरपुर के जंगलों में आशियाना बना लिया है। बाघों की पुनस्र्थापना की इस सफलता की कहानी को सुनने और इससे सीख लेने प्रतिवर्ष भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को एक सप्ताह के लिए भेजा जाने लगा है। इतना ही नहीं कम्बोडिया एवं उत्तर पूर्व के देशों तथा भारत के विभिन्न राज्यों से भी बाघ पुर्नस्थापना का अध्ययन करने एवं प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए अधिकारी एवं कर्मचारी यहां आ रहे है।

पर्यटकों की संख्या में हुई वृद्धि

फाइल फोटो।

पिछले वर्षों में पर्यटकों विशेषकर विदेशी पर्यटको की संख्या में भी उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। वर्ष 2015-16 में कुल 36730 पर्यटक, वर्ष 2016-17 में कुल 38545 पर्यटक एवं वर्ष 2017-18 में मई 2018 तक की स्थिति में कुल 27234 पर्यटकों की संख्या दर्ज की गई है। इसके अलावा पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या के लिए रहवास प्रबंधन, मानव एवं वन्य प्राणी द्वंद का समाधान तथा पर्यटन से लगभग 500 स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्रदाय किया जा रहा है। वर्ष 2017-18 में 30 ग्रामों में संसाधन विकसित करने हेतु 60 लाख रूपये पार्क प्रबंधन द्वारा प्रदाय किए गए है। साथ ही स्थानीय 68 युवकों को आर आतिथ्य का प्रशिक्षण खजुराहो में दिलाकर उन्हें सितारा एवं 5 सितारा होटलों में रोजगार दिलाया गया है।

हर बच्चा जाये स्कूल, हम सबकी है यह ज़िम्मेदारी

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ग्राम सब्दुआ में मनाया गया स्कूल चलें अभियान कार्यक्रम आयोजित

अजयगढ़ । रडार न्यूज़ नेहरू युवा केन्द्र पन्ना द्वारा अजयगढ़ विकासखण्ड के ग्राम सब्दुआ में 27 जून 2018 को स्कूल चलें अभियान का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सरस्वती वंदना के बाद अतिथियों के स्वागत के लिए मिथलेश त्यागी द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इस अवसर अतिथियों ने अपने उद्बोधन में बताया कि स्कूल सभी को जाना अनिवार्य है। जिससे कोई भी बच्चा छूटा न रहे। यह भी बताया गया कि शौंचालय का घरों में होना अतिआवश्यक है। जिससे हमारे गांव तथा आस-पास गंदगी न फैले तथा वातावरण साफ स्वच्छ रहे। गांव के बच्चे निरोगी रहे तथा सभी मन साफ और निर्मल रहे यह जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. गिरीश कुमार मिश्रा, जनपद पंचायत अजयगढ़ के अध्यक्ष भरतमिलन पाण्डेय, उपाध्यक्ष सुरेश यादव तथा ग्राम के सरपंच श्री यादव उपस्थित रहे।

 

कचरे के ढ़ेर में मिली कुछ घंटे पहले जन्मी मासूम

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ग्रामीणों ने पवई स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज के लिए कराया भर्ती

अजित बढ़ौलिया, पवई। रडार न्यूज सरकार द्वारा बेटियों को बचाने और उन्हें शिक्षित व सशक्त बनाने बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ का नारा देते हुए बेशक तमाम तरह की योजनाएं चलाई जा रही हों, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि बच्चियों को समाज में आज भी बोझ माना जा रहा है। मानवता को तार-तार करते हुए शुक्रवार की सुबह अज्ञात निर्दयी मां ने महज कुछ घंटे पहले जन्मी अपनी बच्ची को कचरे के ढे़र पर फेंक दिया। इस चिलचिलाती उमस भरी गर्मी में बारिश के बीच अज्ञात पत्थर दिल मां ने अपनी नवजात बच्ची को मरने के लिए वहां छोड़ दिया, लेकिन कहते हैं कि जाको राखे साईंया मार सके न कोए। मामला पन्ना जिले के पवई थाना के ग्राम कृष्णगढ़ का है। सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों को यहां कचरे के ढ़ेर के पास किसी मासूम बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने जब पास जाकर देखा तो वहां तौलिया में लिपिटी मासूम को कचरे के ढ़ेर के बीच लावारिश हालत में पाकर दंग रह गये। मां की ममता को शर्मसार करने वाली इस घटना की सूचना आनन-फानन ग्रामीणों द्वारा डायल 100 पुलिस और 108 एम्बूलेंस को दी गई। काफी देर तक जब कोई मौके पर नहीं पहुंचा तो मासूम बच्ची की जान बचाने के लिए ग्रामीणों ने निजी वाहन से उसे आनन-फानन सामुदायिक केन्द्र पवई ले जाकर भर्ती करा दिया। मासूम बच्ची का इलाज करने वाले डाॅक्टर एमएल चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि उसका जन्म महज तीन से चार घंटे पूर्व ही हुआ है। बच्ची लगभग साढ़े 8 माह की बताई जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती मासूम का प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

डाॅक्टर चौधरी के अनुसार बच्ची का वजन कम होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए पवई से जिला चिकित्सालय पन्ना के लिए रेफरल किया जा रहा है। इतने महीनों तक मासूम को अपनी कोख में पालने के बाद उसे बरसात के मौसम में कचरे के ढ़ेर में इस तरह लावारिश हालत में मरने के लिए छोड़ने की घटना को लोग अनैतिक संबंधों को छिपाने के लिए किये गये अपराध के तौर पर देख रहे है। कुछ लोग यह भी आशंका जता रहे है कि संभवतः बेटी को बोझ मानने वालों के द्वारा उससे पीछा छुड़ाने के लिए इस तरह फेंका गया है। सर्वविदित है कि बेटियों को लेकर हमारे समाज की सोच आज भी बहुत संकीर्ण है। विडम्बना यह है भारतीय समाज में बेटी को देवी की तरह पूजा जाता है और लक्ष्मी माना जाता है। बावजूद इसके बेटियों की शिक्षा-दिक्षा और विवाह हेतु दान-दहेज की चिंता में कतिपय अभिभावक बेटियों को बोझ मानते है। बहरहाल कुछ घंटे पूर्व जन्मी मासूम बच्ची को इस तरह कचरे के ढ़ेर में फेंके जाने के पीछे असल वजह क्या है, यह तो पुलिस की जांच पूर्ण होने पर ही पता चलेगा। इस मामले में पवई थाना पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई है कि ऐसा कौन बेरहम व्यक्ति है, जो मासूम को मरने के लिये कचरे के ढ़ेर में फेंक गया।

कमलनाथ ने टेण्डर डालकर खरीदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद -अभिलाष

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भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस और पीसीसी चीफ पर किया शाब्दिक प्रहार

आमसभा को संबोधित करते हुए बोले मध्यप्रदेश में एक बार फिर खिलेगा कमल

भाजयुमो की युवा संकल्प यात्रा के पन्ना पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत्

पन्ना। रडार न्यूज भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा पूरे प्रदेश में निकाली जा रही युवा संकल्प यात्रा-2018 के बुधवार को पन्ना पहुंचने पर स्थानीय युवा नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर नगर में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा बाईक रैली निकाली गई। 15 जून को नलखेड़ा से भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डेय के नेतृत्व में शुरू हुई इस यात्रा के पन्ना पहुंचने पर यहां इन्द्रपुरी काॅलोनी स्थित पार्क मेें एक आमसभा आयोजित हुई। जिसे संबोधित करते हुए भाजयुमों के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डेय ने प्रदेश की भाजपा सरकार की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि विकास के पर्याय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने हर वर्ग के उत्थान और कल्याण के लिए योजनायें बनाई है। जिनका धरातल ईमानदारी से क्रियान्वयन होने के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश और यहां के लोगों की तकदीर और तस्वीर बदली है। कांग्रेस के शासनकाल में बीमारू राज्य रहे मध्यप्रदेश में सड़क, बिजली, पानी की स्थिति खस्ताहाल थी। लेकिन शिवराज सिंह चाैहान के कुशल नेतृत्व मेें मध्यप्रदेश विकास के नये आयाम स्थापित करते हुए आज विकासशील राज्यों की श्रेणी में आ गया है।

संकल्प यात्रा को लेकर युवाओं में है उत्साह-

आपने जोर देते हुए कहा कि वर्ष 2018 में कार्यकर्ताओं की मेहनत और जन-जन के आर्शीवाद से भाजपा की सरकार बनने पर मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने का सपने को साकार किया जायेगा। श्री पाण्डेय ने बताया कि मध्यप्रदेश में एक बार फिर कमल खिलाने के ही उद्देश्य को लेकर प्रदेशभर में युवा संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा को लेकर युवाओं में अपार उत्साह देखा जा रहा है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार ने विशेष पहल करते हुए युवा कांट्रेक्टर योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, कौशल विकास प्रशिक्षण के जरिये युवाआेें के हुनर को निखारते हुए उन्हें बेहतर रोजगार दिलाने सहित बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां निकाली है।

कमलनाथ सिर्फ छिंदवाड़ा के नेता-

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डेय ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस द्वारा पांच कार्यकारी अध्यक्ष बनाये जाने के फैसले पर चुटकी लेते हुए कहा कि आज कांग्रेस को पांच-पांच अध्यक्ष बनाने की आवश्यकता पड़ रही है। पहले कांग्रेस में तिकड़ी थी अब छकड़ी हो गई है। अब युवक कांग्रेस में भी इसी तर्ज पर छकड़ी बनाई जा रही है। जब कांग्रेस के मुख्य अध्यक्ष के अंदर नेतृत्व की क्षमता नहीं थी तो फिर उन्हें अध्यक्ष क्यों बनाया गया। भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष श्री पाण्डेय यहीं नहीं रुके उन्होंने मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष एवं छिंदवाड़ा के सांसद कमलनाथ पर शाब्दिक हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस में कामदार नहीं बल्कि दामदार चलता है, इसलिए सेठ जी को अध्यक्ष बना दिया गया। मुझे लगता है कि कांग्रेस के अध्यक्ष को टेंडर खोलकर बनाया गया है। पीसीसी चीफ के लिए जिसने टेंडर में सबसे ज्यादा दर भरी उसे पद दिया गया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को छिंदवाड़ा के बाहर किसी ने नहीं देखा क्योंकि वे हवाई जहाज से आते-जाते है। मीडिया के कुछ लोग मुझसे कह रहे थे कि आपको कमलनाथ को छिंदवाड़ा में जाकर घेरने की आवश्यकता क्यों पड़ी। मैंने उन्हें बताया कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष वास्तव में मण्डल अध्यक्ष व जिलाध्यक्ष के लायक है। क्योंकि वे छिंदवाड़ा के बाहर जाते नहीं है इसलिए मैं उनके घर में ही उन्हें घेरने जा रहा हूं।

कार्तिकेय ने किया युवाओं को प्रभावित-

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान के पुत्र युवा नेता कार्तिकेय सिंह चाैहान भाजयुमो की युवा संकल्प यात्रा में लगातार शामिल हो रहे है। बुधवार को वे यात्रा के साथ पन्ना पहुंचे। एक आम कार्यकर्ता की तरह कार्तिकेय सिंह चाैहान बड़ी ही सादगी के साथ संकल्प यात्रा की बाईक रैली में शामिल रहे। इस दौरान वे काफी उत्साह में नजर आये। जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कार्तिकेय सिंह भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डेय के साथ बाईक में पीछे सवार होकर हांथ में पार्टी का झण्डा पकड़े हुए उसे लहराते नजर आये। युवाओं में उत्साह भरने के लिए बीच-बीच में बाईक पर खड़े होकर वे झण्डा लहराते रहे। संकल्प यात्रा की आमसभा में भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष ने कार्तिकेय सिंह के पार्टी के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए बताया कि वे लगातार संकल्प यात्रा में आम कार्यकर्ता की तरह शामिल हो रहे है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के स्टार नेता शिवराज सिंह चाैहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह की सादगी और विनम्रता की चर्चा पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी रही। कार्यक्रम के दौरान जगह-जगह युवा मोर्चा के स्थानीय पदाधिकारियों ने कार्तिकेय सिंह साथ सेल्फी ली और जमकर फोटो भी खिंचवाये।

चिकित्सकों की कमी से उपचार के आभाव में बेमौत मर रहे मरीज

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डॉक्‍टरों के रिक्‍त पदों को भरने कांग्रेस ने दिया धरना

कमीशन के चक्‍कर में गुणवत्‍ताविहीन दवाओं की खरीदी केे लगाये आरोप 

पन्ना। रडार न्‍यूज पन्ना जिला चिकित्सालय में चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी तथा दवाओं की खरीदी में अनियमिततायें एवं भ्रष्टाचार को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय पन्ना स्थित जिला चिकित्सालय के सामने किसान कांग्रेस के अध्यक्ष शशिकांत दीक्षित के नेतृत्व में किसान कांग्रेस द्वारा धरना देकर उग्र प्रदर्शन करते हुये राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौपा गया आयोजित धरना कार्यक्रम प्रदर्शन में पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। दोपहर 12 बजे से शुरू हुए धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के नेताओं भास्कर देव बुंदेला, रविन्द्र शुक्ला, रामकिशोर मिश्रा, पुष्पेन्द्र सिंह, ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह, शिवजीत सिंह भईया राजा, शारदा पाठक, मीना यादव, केशव प्रताप सिंह, लक्ष्मी दहायत, मनोज गुप्ता, मुरारी थापक, आशीष बागरी, अजयवीर सिंह, रामकरण पाण्डेय, जीतेन्द्र जाटव, धीरेन्द्र पाठक, मनीष मिश्रा, रामवीर तिवारी आदि ने संबंधित करते हुये कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के मामले में पन्ना जिले की हालत सबसे खराब है जिला अस्पताल में लोग मरीजों को उपचार के लिये लेकर आते है ताकि वह ठीक हो जाये गंभीर रूप से बीमार मरीजों की अस्पताल में मिलने वाले इलाज से उनकी जान बच जाये किंतु पन्ना जिला चिकित्सालय की जो स्थिति है उसे हर कोई जानता है अस्पताल में आने के बाद मरीजों को देखने के लिये डॉक्टर नहीं मिलते। विशेषज्ञ एवं अनुभवी चिकित्सकों के नही होने से अस्पताल में मरीजों को उपचार के अभाव में दम तोडऩा पड़ता है। हालत है कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल में देखने के लिये जो डॉक्टर उपलब्ध है वे उन्हे अस्पताल से रिफर कर देते है और नतीजा यह हो रहा है कि बाहर के अस्पताल तक पहुंचने के दौरान ही अब तक जिले में कई लोगों की मौत हो चुकी है।

चौपाट है व्‍यवस्‍थायें-

किसान कांग्रेस के अध्यक्ष शशिकांत दीक्षित ने कहा कि पन्ना जिला चिकित्सालय की हालत से मरीज एवं उनके परिजन भयभीत है, वजह यह है कि अस्पताल में आधे से अधिक चिकित्सक नही है हृदय रोगी तथा अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को अस्पताल में पहुंचने के बाद दयनीय दौर से गुजरना पड़ रहा है। दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायलों का इलाज अस्पताल में सर्जिकल तथा अस्थि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते नहीं किया जाता है। जिला अस्पताल में ओपीडी तथा आईपीडी की व्यवस्थाये पूरी तरह से लड़खड़ाई रहती है। नर्सिंग स्टाफ की भी स्थिति यह है कि आधे से ज्यादा पद खाली है। श्री दीक्षित ने कहा कि पन्ना के साथ सरकार तथा जिले से जिन भाजपा के जनप्रतिनिधियों को इस जिले के लोगों ने चुन कर ताकत दी है वे पूरी तरह से अकर्मण्य साबित हुये है। इस जिले की जनता ने न जाने कितने अपने लोगों को उपचार के अभाव में खो दिया है। इसके लिये भाजपा के जनप्रतिनिधि और भाजपा की सरकार दोषी है। श्री दीक्षित ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में घटिया दवाओं की खरीदी हो रही है और बड़े पैमाने पर भ्रष्टार हो है जिससे कि अस्पताल की दवाओं से लोगों का भरोसा पूरी तरह से उठ चुका है। श्री दीक्षित ने जिला अस्पताल में दवा सहित अन्य खरीदी के कार्यो में बड़े पैाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये तथा इसकी उच्च स्तरीय जांच की गयी है। प्रदर्शन के दौरान जिले में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की बदहाली को भी उठाया गया तथा कहा गया कि जिले में कई प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऐसे है जहां डॉक्टर और स्टाफ नही होने से ताला लगा रहता है।

राज्‍यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन –

धरना प्रदर्शन के उपरांत स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर जम कर नारेबाजी करते हुये ज्ञापन लेने के लिये उपस्थित तहसीलदार श्रीमती बबीता राठौर को राज्यपाल के नाम संबंधित ज्ञापन सौपा गया तथा समस्याओं के निराकरण नही होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गयी। आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिवदयाल बागरी, सरदार सिंह यादव, अभिषेक शर्मा, मनोज सेन, दीपू दीक्षित, आशीष मिश्रा, सौरभ रैकवार, अंका रिछारिया, दीपक तिवारी, हीरालाल विश्वकर्मा, जनमेजय अरजरिया, दयाशंकर दीक्षित, रिंकू सिद्दीकी, पप्पू दीक्षित, सुनील अवस्‍थी,  धर्मेन्‍द्र प्रताप सिंह, विमलेश सेन, महेन्द्र पाण्डेय, मुस्ताक हुसैन, चंदन रावत, चंद्र प्रकाश पाल, राज प्रताप शर्मा, शहीद चच्चा, डमरू लाल सेन, केशरी अहिरवार, गोकुल विश्वकर्मा, अंकित शर्मा, नृपेन्द्र सिंह, मृगेन्द्र सिंह, रामप्रसाद यादव, विनय कांत पाण्डेय, जीतू तिवारी, रसीद सौदागार, पूनम मिश्रा, लोकेन्द्र यादव, सचिन चैरहा, हिमांशु परौहा, पार्षद जयशंकर व्यास, रनमत सिंह यादव, नीलेश शुक्ला, अंकित दीक्षित, वीरेन्द्र सिंह, पुष्पराज सिंह, पुन्ना सहित कांग्रेस एवं किसान काग्रेस के कार्यकर्ता, पदाधिकारी गण एवं किसान उपस्थित रहे।

 

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में मध्यप्रदेश को मिलेगा अवार्ड

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सांकेतिक फोटो

स्वास्थ्य मंत्री श्री रुस्तम सिंह को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा ने लिखा पत्र 

मातृ मृत्यु दर घटने पर अवार्ड सेरेमनी का दिया आमंत्रण 

भोपाल। मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मातृ मृत्यु दर कम करने पर पुरस्कृत किया जायेगा। इसके लिये केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रुस्तम सिंह को पत्र लिखकर 29 जून को होने वाली अवार्ड सेरेमनी के लिये आमंत्रित किया है। केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा ने मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंह को इसके लिये बधाई भी दी है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान देश में 3 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं को प्रसव के पहले देखभाल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये शुरू किया गया है।

राज्य शासन द्वारा प्रदेश में मातृ मृत्यु दर को कम करने के प्रयास अब सार्थक परिणाम देने लगे हैं। भारत के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय द्वारा वर्ष 2014 से 2016 तक के विशेष बुलेटिन में मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु में 48 अंकों की अभूतपूर्व गिरावट दर्ज हुई है। प्रदेश में वर्ष 2011-13 में मातृ मृत्यु दर 221 थी, जो अब घटकर मात्र 173 रह गई है। प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में 22 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

संस्थागत प्रसव, ए.एन.एम., आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, दस्तक अभियान आदि निरंतर जारी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के परिणाम अब आने लगे हैं। आने वाले वर्षों में यह गिरावट और अधिक स्पष्ट होगी। स्वास्थ्य संस्था स्तर से लेकर समुदाय स्तर तक प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। लोगों को जागरूक किया गया है कि गर्भ का पता चलते ही शीघ्र स्वास्थ्य केन्द्र में गर्भधात्री महिला का पंजीयन करवायें। इससे प्रसव के पहले आवश्यक जाँचें, टीकाकरण, खून की कमी आदि का उपचार होने के साथ ही अन्य जटिलताओं पर काबू पाने में आसानी हुई है।

मध्यप्रदेश में उच्च जोखिम प्रसव की संभावनाओं वाली महिलाओं का नियमित फॉलोअप करके उनका सुरक्षित प्रसव कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में खून की कमी वाली गर्भवती महिलाओं को आयरन टेबलेट्स और अत्यधिक खून की कमी होने पर आयरन के इंजेक्शन दिये जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को खून भी चढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं का नियमित पर्यवेक्षण किया जा रहा है। स्वास्थ्य संस्थाओं में नर्सिंग सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से नर्सिंग मेंटर्स की तैनाती की गई है।

रेत खदानों पर पड़े छापे। 5 एलएनटी, 1 जेसीबी और 12 ट्रक जब्त

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देर रात पुलिस टीमों ने दबिश देकर की कार्यवाही

प्रतिबंध के बावजूद मशीनों से निकाली जा रही थी रेत

केन नदी के जिगनी घाट में नहीं थम रहा रेत का अवैध उत्खनन

अजयगढ़/पन्ना। रडार न्यूज केन नदी कोख को छलनी कर रेत का अनियंत्रित तरीके से बेइंतहां दोहन कर रहे माफियाओं पर नकेल कसने के लिए गुरूवार देर रात पुलिस की चार टीमों ने अजयगढ़ की रेत खदानों पर दबिश देते हुए 5 एलएनटी मशीनें, 1 जेसीबी और 12 ट्रक जब्त किये है। इन खदानों में लम्‍बेे समय से प्रतिबंध के बावजूद मशीनों से रेत का खनन कराया जा रहा था। पन्ना पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल के निर्देशन में की गई छापामार कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम देने के लिए पन्ना से खासतौर पर पुलिस टीमों को भेजा गया। कथिततौर पर अजयगढ़  केे पुलिस व राजस्व अधिकारियों को इस कार्यवाई से दूर रखते हुए उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। फलस्वरूप गुरूवार देर रात से लेकर सुबह तक सुनहरा, बीरा, जिगनी आदि खदानों पर पुलिस के छापे पड़े तो समूचे अजयगढ़ क्षेत्र मेें हड़कम्प मच गया।  छापामार कार्रवाई से खदान क्षेत्रों में अफरा-तफरी फैल गई। प्रतिबंध के बावजूद मशीनों से रेत उत्खनन कराये जाने से पुलिस ने सुनहरा और डिजयाना कम्पनी की बीरा रेत खदान से दो-दो एलएनटी मशीनें और केन नदी के जिगनी घाट में पूर्णतः अवैध रूप से संचालित खदान से एक एलएनटी एवं एक जेसीबी मशीन जब्त की है। इसके अलावा रेत से भरे 12 ट्रक भी पुलिस ने पकड़े है। जप्तशुदा मशीनरी और वाहनों की कीमत करीब 5 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।

प्रशासन के संरक्षण में चल रहा था अवैध उत्खनन-

उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले के अजयगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत केन नदी पर स्वीकृत अधिकांश रेत खदानों मेें कई माह पहले ही रेत समाप्त हो चुकी थी। किन्तु स्थानीय पुलिस, खनिज और राजस्व विभाग की सांठगांठ से ठेकेदारों द्वारा खदान क्षेत्र के बाहर कई किलोमीटर में दैत्याकार मशीनों के जरिये पानी से रेत निकाली जा रही थी। पिछले तीन-चार माह से रेत के डम्पों की आड़ में केन नदी की रेत पर खुलेआम डकैती डाले जाने की खबर को रडार न्यूज ने दो दिन पूर्व प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए जिला प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाये थे। खबर मेें उन खदानाेें के नामों का भी उल्लेख किया गया था जिनकी रेत समाप्त हो चुकी है। पुलिस की छापामार कार्यवाही से यह साबित हो गया है कि मानसून के सक्रिय होने के बावजूद रेत खदान ठेकेदार केन की बहुमूल्य खनिज सम्पदा को लूटकर अपनी तिजोरी भरने के लिए रातदिन मशीनों से रेत खनन करा रहे थे। केन नदी के जिगनी घाट में एक भी खदान स्वीकृत न होने के बावजूद वहां से भी एक जेसीबी और एक एलएनटी मशीन रेत निकालते हुए पकड़ी गई इससे स्पष्ट है कि पूर्व में कई बार कार्यवाई होने के बावजूद जिगनी घाट में संचालित अवैध रेत खदानों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। जबकि पुलिस चाैकी चंदौरा से जिगनी घाट की दूरी पांच किलोमीटर से भी कम है।

छापाेें की खबर मिलने पर पहुंचे स्थानीय अधिकारी-

पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल द्वारा पन्ना से भेजी गई पुलिस टीमों द्वारा रेत खदानों पर बेहद गोपनीय तरीके से कार्रवाई को अंजाम देते ही इसकी खबर जंगल की आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। अल सुबह जब इस कार्यवाई की जानकारी अजयगढ़ के पुलिस और राजस्व अधिकारियों को लगी तो वे दंग रह गये। कथिततौर पर रेत खदान ठेकेदारों से सांठगांठ के चलते छापामार कार्यवाही से दूर रखे गये स्थानीय अधिकारी खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए कार्यवाई का जायजा लेते और पन्ना से आई टीमों का सहयोग करते नजर आये। छापामार कार्यवाई मुख्य रूप से पन्ना कोतवाली टीआई अरविंद कुजूर, सलेहा थाना प्रभारी शैलेन्द्र यादव एवं देवेन्द्रनगर थाना प्रभारी मनीष मिश्रा व उनकी टीम शामिल रही। समाचार लिखेे जानेे तक अजयगढ़ में रूक-रूक कर रहे रही बारिश के बीच पुलिस अधिकारी-कर्मचारी जब्तशुदा वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा कराने के लिए मशक्कत करते रहे।

इनका कहना है-

      ‘‘पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चार पुलिस टीमों ने छापामार कार्यवाई करते हुए रेत खदानों से 5 एलएनटी, 1 जेसीबी और 12 ट्रक जब्त किये है। इस मामले में अग्रिम कार्यवाई हेतु प्रतिवेदन जिला खनिज अधिकारी को प्रस्तुत किया जायेगा।‘‘
                                                                     -बीके सिंह परिहार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना