मुख्यमंत्री ने 1.11 लाख किसानों के बैंक खाते में दी 882.74 करोड़ फसल बीमा राशि
शाजापुर जिले को मिली 117 करोड़ से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की सौगात
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शाजापुर जिले के कालापीपल में फसल बीमा राशि वितरण समारोह में कहा कि मैं किसानों का दर्द समझता हूँ। किसान अलग-अलग मौसम की मार झेलते हुए खेतों में मेहनत कर पसीना बहाता है। उन्होंने कहा कि मैं किसानों को उनकी मेहनत और पसीने की पूरी कीमत दूँगा। किसानों की मेहनत को व्यर्थ नहीं जाने दूँगा। श्री चौहान ने समारोह में राजगढ़ और शाजापुर जिले के एक लाख 11 हजार किसानों के बैंक खातों में खरीफ वर्ष 2017 की 882 करोड़ 74 लाख रुपये फसल बीमा राशि ई-पेमेंट से ट्रांसफर की। उन्होंने किसानों को बीमा दावा राशि के प्रमाण-पत्र भी वितरित किये। श्री चौहान ने शाजापुर जिले के 117 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 22 निर्माण कार्यों का ई-शिलान्यास और ई-लोकार्पण भी किया।
किसानों का बकाया बिजली बिल हुआ शून्य-

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों के विशाल जन-समूह को बताया कि बिजली बिल माफी योजना में किसानों का पुराना सभी बकाया बिजली बिल अब शून्य कर दिया गया है। अब किसानों को हर महीने 200 रुपये तक वास्तविक बिजली का बिल भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि आगामी 5 वर्ष के विकास की कार्य-योजना बनाने के लिये किसानों सहित समाज के सभी वर्गों से सुझाव आमंत्रित किये जायेंगे। श्री चौहान ने इस मौके पर मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना, सरल बिल योजना, बिजली बिल माफी योजना, भावांतर भुगतान योजना और कृषक समृद्धि योजना की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाई खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने और अपने बच्चों को कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हों, राज्य सरकार हर कदम पर उनका साथ देगी।
मालवांचल की फसलों का पूरा पेटर्न बदल जायेगा-
श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा के पानी को क्षिप्रा नदी में डालने का असंभव कार्य राज्य सरकार ने संभव कर दिखाया है। देवास, उज्जैन, शाजापुर और आगर जिलों में सिंचाई के लिये नर्मदा-कालीसिंध पार्ट-1 और पार्ट-2 तथा नर्मदा-मालवा-गंभीर पार्ट-1 और पार्ट-2 तथा नर्मदा-मालवा-क्षिप्रा पार्ट-2 लिंक परियोजनाओं से सिंचाई की विस्तृत कार्य-योजना तैयार की गई है। योजना से विभिन्न चरणों में मालवांचल के 14 लाख 20 हजार एकड़ में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित होने से अगले 5 साल में मालवांचल में फसलों का पूरा पेटर्न ही बदल जायेगा। इस मौके पर प्रभारी मंत्री दीपक जोशी, सांसद मनोहर ऊँटवाल और रोड़मल नागर, विधायक इंदर सिंह परमार, जसवंत सिंह हाड़ा और अरुण भीमावद, ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष विजेन्द्र सिसोदिया, जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष प्रदीप पाण्डे, अन्य जन-प्रतिनिधि, कृषि उत्पादन आयुक्त पी.सी. मीणा और बड़ी संख्या में किसान बन्धु मौजूद थे।










वहीं गोलीवारी की इस घटना के समय किराना दुकान में गुड़ खरीदने आया ग्रामसेवक यादव पिता रामविशाल यादव 40 वर्ष की हथेली में गोली लगने से उसकी दो उंगलिया उड़ गई। फायरिंग की घटना को अंजाम देने के बाद से बिहारी सिंह ठाकुर 60 वर्ष फरार है। उधर गोलीबारी में घायल लाड़ले यादव को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहनगर में प्राथमिक उपचार के बाद कटनी के लिए रेफरल किया गया है। पड़ोसी जिला कटनी के एमजीएम अस्पताल में भर्ती लाड़ले यादव की हालत गंभीर बताई जा रही है। शनिवार को इस घटना की सूचना मिलने पर ग्राम जुगरवारा पहुंचे शाहनगर थाना में पदस्थ उप निरीक्षक निरंकार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2015 में लाड़ले यादव के पिता रामभगत यादव की बिहारी सिंह ठाकुर के पुत्रों ने हत्या कर दी थी। इस मामले में बिहारी सिंह के पुत्र वीर सिंह ठाकुर, बलवीर सिंह ठाकुर, नाति सुमेर उर्फ भूरा सिंह, जगत सिंह, बृजेन्द्र सिंह सहित पांच व्यक्ति अजीवन कारावास की सजा भुगत रहे है। इसी बुराई के चलते बिहारी सिंह ठाकुर ने रामभगत यादव की तरह उसके पुत्र लाड़ले यादव की हत्या कर अपने बेटों की सजा का बदला लेने की मंशा से गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया है।
इस घटना पर थाना पुलिस ने आरोपी बिहारी सिंह ठाकुर के विरूद्ध अपराध क्रमांक 186/18 धारा 294, 307 आईपीसी के तहत् प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है। शाहनगर थाना प्रभारी शंकर सिंह ठाकुर ने स्थानीय संवादाता संजय त्रिपाठी से अनौपचारिक चर्चा में गोलीकाण्ड के आरोपी को शीघ्र गिरफतार करने की बात कही है। उधर इस खूनी रंजिश के चलते ग्राम जुगरवारा में तनाव और दहशत का माहौल है।
वर्ष 2011 से सभी शिक्षक संगठनों द्वारा इस मांग को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि 10 अप्रैल 2017 से निरंतर विभिन्न मंचों से मुख्यमंत्री, प्रदेश के शिक्षा मंत्री और शिक्षा राज्यमंत्री द्वारा इस मांग को न्यायोचित ठहराते हुए इसे पूर्ण करने की घोषणा कर चुके है। श्री त्रिपाठी का कहना है कि मध्यप्रदेश में मौजूदा समय में अफसरशाही इस कदर हावी है कि शीर्ष अधिकारी तमाम अड़गें लगाकर मुख्यमंत्री की घोषणा को पूर्ण होने नहीं दे रहे है। भोपाल स्थित राज्य सचिवालय (मंत्रालय) में बैठे अफसरों द्वारा बेवजह पैदा की जा रही अड़चनों से शिक्षक अपना हक पाने से वंचित है। इसकी पीड़ा और कुण्ठा के चलते परेशान शिक्षक हर पल खुद को अपमानित महसूस कर रहे है। इसे बिडम्बना ही कहा जायेगा कि इस घोषणा को अमल में लाने पर प्रदेश सरकार पर एक रूपये पर बोझ नहीं पड़ना है बावजूद इसके शिक्षक हितैषी मांग झूठी घोषणाओं और वादों तक सिमट कर रह गई है। कर्मचारी नेता कमलेश त्रिपाठी ने जोर देते हुए कहा कि अब हम और बर्दास्त नहीं करेंगे। प्रति माह प्रदेशभर में 400-500 शिक्षक अपमान का घूट पीकर रिटायर्ड होने को मजबूर है। प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षक हताशा और निराशा के दौर से गुजर रहे है। तीन से चार दशक तक एक ही पद पर सेवा करते हुए रिटायर्ड होना हर किसी को बेचैन कर रहा है। आपने कहा कि पदोन्नति/पदनाम की मांग हमारे स्वाभिमान और हक जुड़ी है जिसे हरहाल में पूर्ण कराने के लिए विभिन्न शिक्षक संगठनों ने अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहते हुए जुलाई महीने से चरणबद्ध आंदोलन करने का ऐलान किया है।



ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश की पवई विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में कुल मिलाकर 22 हजार ऐसे मतदाताओं के नाम सूची में सम्मिलित है जो दो-दो और तीन-तीन ग्रामों के पोलिंग बूथों की सूची में दर्ज है। एक ही मतदाता दो-दो जगह अपना नाम दर्ज कराये हुये है। कुछ तो ऐसे मतदाताओं के नाम दर्ज है जो न तो उस पोलिंग बूथ में निवास करते है और न ही पवई विधानसभा के मतदाता है। ज्ञापन में आगे उल्लेख किया गया है कि लोकतंत्र में मतदान एक निष्पक्ष प्रक्रिया है दो-दो पोलिंग बूथों में नाम दर्ज होने से एक ही मतदाता दो स्थानों पर मतदान करेगा जो कि निर्वाचन प्रक्रिया में पूर्ण रूप से अवैधानिक है। ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाया जाना अति आवश्यक है। ज्ञापन के माध्यम से तत्काल कार्यवाही कर मतदाता सूची में सम्मिलित फर्जी नाम एवं दो-दो पोलिंग बूथों में शामिल नाम को निरस्त कर एक ग्राम की पोलिंग बूथ में रखे जाने का आग्रह किया गया है। विधायक के खुलासे के बाद मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की कार्यवाही पर सवालों के घेरे में आगई है।




