भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर, मंदसौर और सतना में मासूम बेटियों से हुई ज्यादती की घटनाओं के संबंध में कहा है कि ये घटनाएं हृदय विदारक हैं, अंदर तक झकझोर देती हैं। जो लोग ऐसा काम करते हैं, वे राक्षस हैं, नरपिशाच हैं। ऐसे लोग धरती पर रहने लायक नहीं हैं। ऐसे व्यक्तियों को फाँसी के फंदे पर लटकाना चाहिये। इसके बिना खौफ पैदा नहीं होगा।
श्री चौहान ने आज यहां इलेट्रानिक मीडिया में अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि अक्सर देखा गया है कि निचली अदालत में दरिंदों को फाँसी की सजा हो जाती है। फिर ऊपरी अदालतों में प्रकरण जाता है और प्रक्रिया लंबी हो जाती है। दुष्टों को फाँसी देने में देर हो जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जल्दी सुनवाई के लिये फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाने के लिये सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि उच्च अदालतों में भी फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाकर सुनवाई होना चाहिये ताकि जल्दी से जल्दी ऐसे नरपिशाचों को फांसी हो सके।
श्री चौहान ने कहा कि वे अभियान चलायेंगे कि मासूम बेटियों से ज्यादती करने वाले दरिदों को किसी भी कीमत पर फाँसी की सजा मिले। उन्होंने कहा कि बलात्कारियों को जेल से कदापि नहीं छोड़ा जाना चाहिये। ऐसे लोग मानसिक रूप से विकृत हैं। वे दोबारा समाज में आकर फिर घिनौना काम करेंगे। इनका सही ठिकाना यह दुनिया नहीं है। श्री चौहान ने कहा कि मुझे दरिंदगी का शिकार हुई बेटियों के स्वास्थ्य की चिंता है। उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना मेरी सरकार का परम कर्तव्य है।
पन्ना। राडार न्यूज़ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा 3 जुलाई 2018 को करौंद भोपाल से सरल बिजली तथा मुख्यमंत्री बकाया बिल माफी योजना का शुभारंभ किया गया। इसी क्रम में जिले के पाॅंचों विकासखण्डों में भी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योजना के तहत अब तक जिले में 20133 असंगठित श्रमिकों एवं बीपीएल कार्डधारी हितग्राहियों के 16 करोड़ 37 लाख रूपये के बिल माफ किए गए हैं। खण्ड स्तरीय कार्यक्रमों में भोपाल से मुख्यमंत्री जी के उद्बोधन का सीधा प्रसारण भी हितग्राहियों द्वारा देखा गया।
विकासखण्ड पन्ना में शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव, जनपद अध्यक्ष श्रीमती शोभा सिंह तथा नगरपालिका अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा की उपस्थिति में किया गया। इसी क्रम में गुनौर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह, अजयगढ़ में जनपद अध्यक्ष भरतमिलन पाण्डेय तथा नगर परिषद अध्यक्ष संजू विश्वकर्मा, शाहनगर में जनपद अध्यक्ष श्रीमती सीमादेवी पाल तथा पवई में जनपद उपाध्यक्ष अजयदेव बुन्देला की उपस्थिति में शुभारंभ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पांचों विकासखण्डों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग एक हजार हितग्राहियों को टोकन स्वरूप सरल बिजली बिल तथा मुख्यमंत्री बकाया बिल माफी योजना के प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस दौरान कार्यपालन अभियंता विद्युत मण्डल ओ.पी. सोनी पन्ना विकासखण्ड में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में मुख्यमंत्री कैरियर काउंसलिंग पहल - “छू लेंगे आसमाँ” के तहत विद्यार्थियों से चर्चा की।
एक लाख विद्यार्थियों को रोजगार देने चार अगस्त को लगेगा रोजगार मेला
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विद्यार्थियों से कहा है कि वे असफलताओं से निराश नहीं हों। आगे बढ़ने की इच्छा और साहस बनाये रखें। एक राह बंद होती है, तो हजारों राहें खुलती हैं। रास्ते हजार हैं। विकल्प बहुत हैं। श्री चौहान आज यहाँ सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री केरियर काउंसलिंग पहल – ‘छू लेंगे आसमां’ के अंतर्गत तीसरे चरण की काउंसलिंग में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि केरियर काउंसलिंग स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, आदिम जाति कल्याण और कौशल विकास विभागों का संयुक्त प्रयास है। यह काउंसलिंग 12वीं कक्षा के ऐसे विद्यार्थियों के लिये आयोजित की गई है, जो परीक्षा में अपेक्षित परिणाम नहीं ला पाए।
नया इतिहास लिखने के लिये तैयार रहें-
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में मुख्यमंत्री कैरियर काउंसलिंग पहल – “छू लेंगे आसमाँ” के दौरान विद्यार्थियों से रू-ब-रू हुए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी चार अगस्त को एक लाख बच्चों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिये विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को नई ऊर्जा के साथ निरंतर आगे बढ़ते रहने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि समय और परिस्थितियां हमेशा बदलती रहती हैं। हमेशा अच्छा होने की उम्मीद रखें। निराशाओं को अपने पास नहीं फटकने दें। आगे बढ़ने का जुनून रखें और नया इतिहास लिखने केलिये तैयार रहें। श्री चौहान ने कहा कि विद्यार्थियों के लिये अनूठी योजनाएं बनाई गई हैं, जिससे पैसों के अभाव के कारण उनकी पढ़ाई बीच में न छूटे। यदि वे अपना काम शुरू करना चाहते हैं, तो किसी प्रकार की बाधा न आये। उन्होंने कहा जीवन में बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं, जहाँ कौशल सम्पन्न लोगों की हमेशा जरूरत रहती है। ऐसे क्षेत्रों का चुनाव करें और असफलता से न घबराते हुए फिर से प्रयास करें। जो लगातार कोशिश करते हैं, उनकी हार नहीं होती।
निरंतर आगे बढ़ें-
श्री चौहान ने स्वामी विवेकानंद के वक्तव्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया में कोई काम असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हताश और निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। अपेक्षित परिणाम नहीं लाने पर लोगों की टिप्पणियों पर भी ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उन्होने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे कम नंबरों के कारण अपने बच्चों को कमतर नहीं आंकें। उनकी प्रतिभा में कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में ईश्वर ने समान प्रतिभा, बुद्धि, क्षमता और ऊर्जा दी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने पर भरोसा रखें। आगे कई रास्ते हैं। कई विकल्प हैं। जीवन में निरंतर आगे बढ़ें। उन्होंने दुनिया के कुछ महान व्यक्तियों का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रारंभिक असफलताओं के बाद उन्होंने ऐसे काम किए, जो आज पूरी दुनिया याद करती है। श्री चौहान ने कहा कि अहंकार से दूर रहें, धैर्य रखें, उत्साह रखें और स्वयं पर विश्वास रखें। आगे बढने का यहीं मंत्र है।
स्मार्ट क्लास के लिये बनेगा हाल-
श्री चौहान ने सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास के लिये 200 बच्चों की क्षमता का हाल बनवाने की घोषणा की। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में केरियर काउंसलिंग केन्द्रों में उपस्थित विद्यार्थियों के सवालों का जवाब दिया और उन्हें उत्साहवर्धक मार्गदर्शन भी प्रदान किया। स्कूल शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी ने कहा कि शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान के मार्गदर्शन में अनेक योजनाएं तैयार की गई हैं। इन योजनाओं का पूरा लाभ उठायें और अपना केरियर सँवारें।
माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष एस.आर. मोहंती ने बताया कि पहले चरण की काउंसलिंग 21 से 31 मई तक आयोजित हुई थी, जिसमें 29 हजार 478 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनके नंबर 70 प्रतिशत से ऊपर थे। दूसरे चरण की काउंसलिंग 08 से 15 जून तक आयोजित की गई, जिसमें 70 प्रतिशत तक के विद्यार्थियों शामिल थे। तीसरे चरण की काउंसलिंग में वे बच्चे शामिल हो रहे हैं, जो अपेक्षित परिणाम नहीं ला पाये। तीसरे चरण की काउंसलिंग 355 केन्द्रों में चल रही है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष हेमंत देशमुख, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी, प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण एस.एम. मिश्रा एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने आभार व्यक्त किया।
चलती बस में मारपीट कर बदमाश लूट ले गये 6 हजार रुपए
देवेन्द्रनगर-पन्ना के बीच बड़ागाँव के समीप हुई सनसनीख़ेज़ वारदात
पन्ना। रडार न्यूज़ एक यात्री बस में सवार कुछ बदमाश कंडक्टर के साथ मारपीट कर कट्टे की नोंक पर 6 हजार रुपए लूट ले गए। घटना देवेन्द्रनगर से 5 किलोमीटर दूर पन्ना मार्ग पर नेशनल हाइवे क्रमांक -39 पर मंगलवार रात्रि करीब 8:15 बजे हुई। बेखौफ बदमाशों की खुली गुंडागर्दी का शिकार बने कंडक्टर ने दबंग आरोपियों की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर बस स्टॉफ के सहयोग से बीच रास्ते में बस खड़ी करके चक्काजाम लगा दिया। इससे बेहद तनाव के बीच नेशनल हाईवे-39 पर लगभग आधा घंटे तक वाहनों के पहिये पूरी तरह थमे रहे। फलस्वरूप सड़क के दोनों और सैंकड़ों वाहनों की लम्बी कतार लग गई।
वह बस जिसके कंडक्टर से लूटपाट हुई।
बड़ागाँव और गहरा नाला के बीच हुई वारदात की सूचना पीड़ित बस परिचालक अमित तिवारी द्वारा डायल 100 पुलिस को दी गई। कुछ समय बाद देवेन्द्रनगर थाना प्रभारी मनीष मिश्रा और डायल 100 पुलिस मौके पर पहुँची और हमलावरों की तत्परता से गिरफ़्तारी का भरोसा दिलाते हुए आवागमन बहाल कराया गया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने रोड रेज और लूट की इस सनसनीख़ेज़ घटना को अंजाम देने वाले 3-4 बदमाशों को हिरासत में ले लिया था। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी किसी ने पुष्टि नहीं की है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार से पन्ना से सतना जा रही रमेश ट्रेवल्स की अम्बे बस क्रमांक- MP-19 P- 3156 में सवार होने के लिए बड़ागाँव के कुछ युवकों ने हाँथ हिलाकर इशारा किया पर बस नहीं रुकी। इसे अपना अपमान समझकर उक्त युवकों ने बस का पीछा किया। रास्ते में बस की रफ़्तार धीमी पड़ने पर वे सभी उसमें सवार हो गए और चलती बस में कंडक्टर से मारपीट करते हुए कट्टे की नोंक पर 6 हजार रुपए लूट कर फरार हो गए। घटना के समय बस में तकीबन दर्जनभर यात्री सवार थे। लेकिन वे सभी इतनी दहशत में थे कि किसी ने भी कंडक्टर की बेदम पिटाई कर रहे बदमाशों को रोकने या उनका विरोध करने का साहस नहीं दिखाया।
इनका कहना है-
” बस कंडक्टर के साथ सिर्फ़ मारपीट हुई है, कट्टे की नोंक पर किसी तरह की लूटपाट नहीं हुई है। पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है, उसके बाद ही घटना की जानकारी दे पाऊँगा। जहां बस खड़ी थी वहां रास्ता संकीर्ण होने के कारण जाम लगा किसी ने चक्काजाम लगाया नहीं था।”
मनीष मिश्रा, थाना प्रभारी देवेन्द्रनगर, जिला पन्ना
देखने में आया है कि निर्भया काण्ड के बाद से हमारे देश में बलात्कार की लगभग हर घटना का राजनीतिकरण करने की कोशिश होती है। यह समाज और लोगों की मानसिकता में आई नई गिरावट है। बलात्कार पीड़िता से जाकर मिलना फोटो अवसर में बदल दिया जाता है। इंदौर के अस्पताल में भर्ती मंदसौर की बच्ची से जब भाजपा सांसद और विधायक सहानुभूति जताने पहुंचे तो विधायक जी ने पीड़िता के परिवारजनों से कहा कि सांसद जी का धन्यवाद दीजिए कि वह आपसे स्पेशली मिलने आए है।
इतना ही नहीं आजकल बलात्कार की खबर आते ही धार्मिक आधार पर चिंगारी भड़काने के लिए कुछ लोगों की फौज सन्नद्ध हो जाती है। स्कोर सेटल करने के लिए दरिंदगी और जघन्यता को भुलाकर लोग सवाल करने लगते हैं कि अब मोमबत्ती गैंग कहां छिप गई है? आखिर कब ये लोग दिल्ली, मेरठ, नागांव, मुंबई, ठाणे, नरेला, मुजफ्फरपुर वगैरह जाएंगे और उन बच्चियों के बलात्कार के खिलाफ कैंडल मार्च निकालेंगे जिनके आरोपी मुसलमान हैं? अमुक बलात्कार के बाद आपके मुंह में दही क्यों जम गया था?
मंदसौर में 6 साल की बच्ची के साथ हुए बलात्कार को भी कठुआकाण्ड के बरक्स रख कर देखने-दिखाने के प्रयास तेज हो गये हैं। इस प्रवृत्ति को महज सोशल मीडिया का ढीलापन या बेरोजगारों के शगल की तरह देख कर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह एक एजेण्डा के तहत अंजाम दिया जाता है। अगर पीड़िता कोई हिन्दू लड़की हुई और बलात्कारी मुसलमान तो हिंसक और घृणित प्रतिक्रियाओं की बाढ़ ही आ जाती है।
बलात्कार की घटनाओं में हिन्दू-मुसलमान-सिख-ईसाई वाला एंगल खोजना विकृत मानसिकता का द्योतक है। इसे समाज के कोढ़ की तरह देखा जाना चाहिए। पिछले कुछ समय में खबरें आई हैं कि ठाणे की 5 साल की एक लड़की का बलात्कारी मौलवी निकला। दिल्ली के 70 साल के मदरसा शिक्षक ने 9 साल की बच्ची का बलात्कारा करने के बाद उसकी हत्या याद कर दी। राजस्थान के एक मदरसा शिक्षक और उसके दोस्त ने 16 साल की लड़की का बलात्कार किया। असम के नागांव जिले में 9 साल की हिन्दू लड़की का बलात्कार 3 मुसलमान लड़कों ने किया और उसे जला कर मार डाला। बिहार में 6 साल की लड़की का बलात्कार कर उसकी हत्या करने वाला 40 साल का मोहम्मद मेराज आलम था। लेकिन इनके समर्थन में कोई खड़ा हुआ हो, ऐसा देखने-सुनने में नहीं आया। यह जरूर देखने को मिला कि उन्नाव बलात्कार काण्ड में लिप्त भाजपा विधायक को बचाने की जी-जान से कोशिश की गई, लेकिन जनाक्रोश के सामने इसमें विफलता हाथ लगी।
सांकेतिक फोटो
कठुआ काण्ड में जहां आरोपी हिंदू धर्म से संबंधित थे वहीं मंदसौर काण्ड के आरोपी मुस्लिम हैं। लेकिन दोनों जगह हुई प्रतिक्रियाओं में बुनियादी फर्क यह है कि कठुआ मामले में आरोपियों का बचाव करने के लिए हिंदू संस्थाओं से जुड़े नेता और भाजपा विधायक सड़कों पर उतर आए थे, वहीं मंदसौर में आरोपियों को फांसी दिलाने की मांग करते हुए मौलवी और काजी सड़कों पर उतर पड़े हैं और कह रहे है कि इन दरिंदों को न तो कब्र के लिए जगह दी जाएगी और न ही फातिहा पढ़ा जाएगा और तो और स्थानीय बार एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि बलात्कारी आसिफ और इमरान का केस लड़ने उनका कोई भी वकील अदालत में पेश नहीं होगा। इसके उलट आपको याद ही होगा कि कठुआ मामले में किस तरह पीड़िता की वकील को जान से मारने की धमकियां दी गई थीं। हत्यारों के समर्थन में रैलियां निकली थीं और भाई लोग जेब का पैसा खर्च करके वीडियो बना लए थे कि उस मंदिर में बलात्कार हो ही नहीं सकता था। बलात्कार स्त्री के साथ हुआ सबसे बड़ा अप्राकृतिक अत्याचार है। यह स्त्री के तन और मन को हमेशा के लिए रौंद कर रख देता है। इसे जब धर्म के आईने में रख कर भेदभाव किया जाता है तो इंसानियत शर्मसार हो उठती है। लेकिन राजनीति का मयार इतना गिर चुका है कि वह सबसे पहले पीड़िता की जाति और धर्म और वर्ग देखती है। नफा-नुकसान तोलकर प्रतिक्रियाएं दी जाती हैं। देश के कोने-कोने से रोजाना बलात्कार की हजारों रपटें आती हैं लेकिन मुश्किल से ही किसी को सजा मिल पाती है। अभी एक राष्ट्रीय सर्वे आया कि भारत में महिलाओं के जीने के लिए नरक जैसी परिस्थितियां बन चुकी हैं, लेकिन आत्मावलोकन की जगह केन्द्र सरकार की तरफ से उस सर्वे को ही झुठलाने की होड़ मच गई। ऐसी मानसिकता में स्त्रियों को न्याय कैसे मिलेगा?
न्याय होता हुआ दिखता भी नहीं है, इसीलिए बलात्कारियों को न समाज की शर्मिंदगी है, न कानून का खौफ। राजनीति और धर्म के ठेकेदारों की सरपरस्ती में सब कुछ डंके की चोट पर होता है। इसका सबसे बड़ा कारण है बलात्कार के प्रति हमारी संवेदनहीनता, बलात्कार की घटनाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ने की हमारी कमजोर इच्छा शक्ति, महिलाओं के प्रति हमारा दोगला व्यवहार, बेटे-बेटियों की परवरिश में भेदभाव और किसी की भी बेटी के साथ हुए बलात्कार को नजरअंदाज कर जाना। इसी का फायदा उठाकर मर्दों के भीतर पलती हैवानियत मौका पाते ही झपट्टा मार देती है।
जब किसी नीच बलात्कारी के धर्म के अनुसार आपका खून खौलने की प्रतीक्षा करता है तो जांच कराइए। जरूर कहीं कुछ गड़बड़ है। और अगर किसी के कहने-समझाने पर आप ऐसा कर रहे हैं तो मनुष्यों में आपकी गिनती नहीं होगी। दूसरे की मां-बहन-बेटी को अपनी मां-बहन-बेटी की जगह रख कर देखिए, बलात्कारी हिन्दू-मुसलमान नहीं, भेड़िया नजर आएगा और आप उसे सरेआम फांसी देने की मांग करेंगे। (व्यक्त विचार लेखक के अपने हैं।)
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सागर जिले के खुरई में बीना सिंचाई परियोजना का ई-शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा बीना नदी संयुक्त सिंचाई परियोजना का ई-शिलान्यास
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जो अब तक कभी नहीं हुआ, वो हम कर दिखायेंगे। खेती और सिंचाई के मामले में हम मध्यप्रदेश को दुनिया का सर्वोत्तम राज्य बनायेंगे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड अंचल में वर्तमान में 38 हजार 598 करोड़ रूपये लागत की सिंचाई परियोजनायें चल रही हैं। इनका काम पूरा होने पर बुन्देलखण्ड अंचल के पांच जिलों के 25 लाख एकड़ भू-रकबे में सिंचाई होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज सागर जिले के खुरई में लगभग 4 हजार करोड़ लागत की बीना नदी संयुक्त सिंचाई परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने इस मौके पर परियोजना का ऑनलाइन ई-शिलान्यास किया। यह परियोजना पूर्ण होने पर खुरई, बीना एवं सुरखी विधानसभा क्षेत्र के 90 हजार हैक्टेयर रकबे में सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से सिंचाई होगी। इस परियोजना के अंतर्गत करीब 21 मेगावाट जल-विद्युत का उत्पादन भी किया जायेगा।
‘पर ड्राप-मोर क्रॉप’ सिंद्धांत की होगी सिंचाई परियोजनाएँ-
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ‘पर ड्राप-मोर क्रॉप’ सिद्वांत के आधार पर मध्यप्रदेश में नई परियोजनायें मंजूर की जा रही हैं। इसमें नहर प्रणाली में भूमिगत पाईप लाइन बिछाकर उच्च दबाव पर जल प्रदाय कर सूक्ष्म सिंचाई पद्वति को अपनाया जा रहा है। श्री चौहान ने कहा कि दस बरस पहले तक प्रदेश में मात्र 7.50 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई होती थी, जो वर्ष 2017-18 में बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर तक हो गयी है। अगले पांच सालों में प्रदेश की 80 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में बण्डा, बाणसुजारा, पवई सिंचाई परियाजनाओं पर काम जारी है। केन-बेतवा लिंक परियोजना पर उत्तरप्रदेश से चर्चा चल रही है। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के हक का एक-एक बूंद पानी बुन्देलखण्ड को दिलाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में प्रस्तावित अन्य सिंचाई परियोजनाओं का भी जल्द ही भूमि-पूजन किया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि बीना नदी संयुक्त सिंचाई परियोजना की एजेन्सी तय कर दी गयी है। कॉन्ट्रैक्टर भी आ चुका है। अब इस परियोजना पर तेजी से काम पूरा किया जायेगा।
नीति, नीयत और नेतृत्व से निकलती है विकास की राह-
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सागर जिले के खुरई में बीना सिंचाई परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नीति, नीयत और नेतृत्व ठीक हो, तो विकास की राह निकल ही आती है। हमारी सरकार गांवों, गरीबों, किसानों, खेतों, खलिहानों और प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर विकास की मुस्कान लाने के लिये कार्य कर रही है। सरकार ने गरीबों के लिये सभी द्वार खोल दिये हैं। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में प्रदेश के हर गरीब के लिये रोटी, कपड़ा, मकान, पढ़ाई-लिखाई, दवाई से लेकर रोजगार तक की व्यवस्था हमने की है। हमने यह कानून बनाया है कि प्रदेश में रहने वाले हर गरीब व्यक्ति को जमीन का मालिक बनाया जायेगा। उसे आवासीय पट्टा देकर उसका पक्का मकान भी बनवाया जायेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री अन्त्योदय आवास योजना के तहत हमारी सरकार अगले चार सालों में 40 लाख गरीबों को पक्का मकान बनवाकर देगी। गरीब व्यक्ति के बच्चों की पढ़ाई की फीस सरकार भरेगी। इलाज का खर्च भी सरकार वहन करेगी। श्रमिक गर्भवती महिलाओं को 16 हजार रूपये दिये जायेंगे। सरल बिजली बिल योजना के तहत 200 रूपये पर फ्लैट रेट पर बिजली दी जायेगी। सामान्य मृत्यु पर 2 लाख और दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख रूपये दिये जायेंगे। अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये नकद दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि गरीबों और किसानों के लिये सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है।
गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि इस परियोजना में पाईप के माध्यम से पानी खेतों तक लाया जायेगा और ड्रिप पद्धति से सिंचाई होगी। श्री सिंह ने कहा दो-तीन वर्ष के अंदर पूरे क्षेत्र में पानी पहुंच जायेगा। उन्होंने कहा सागर जिले के किसानों के लिए फसल बीमा के रूप में 242 करोड़ रूपये तथा सूखा राहत में 158 करोड़ रूपये वितरित किये गये हैं। साथ ही जिले में समर्थन मूल्य पर 300 करोड़ रूपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में डाल दी गयी है। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, विधायक इंजी. प्रदीप लारिया, महेश राय और वीरसिंह पंवार, सागर के महापौर अभय दरे, स्थानीय जनप्रतिनिधि के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण जनसमुदाय मौजूद था।
भोपाल। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों/सिविल डिस्पेंसरी को हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के रूप में विकसित किया जायेगा। इनका नाम मध्यप्रदेश ‘आरोग्यम” (सेहत एवं सुकून केन्द्र) होगा। अगले वर्ष शेष जिलों में हेल्थ एण्ड वेलनेस केन्द्र विकसित किये जायेंगे। उप स्वास्थ्य केन्द्रों को विकसित करने की प्रक्रिया निरन्तर जारी रहेगी।
‘हब एण्ड स्पोक्स” मॉडल पर आधारित कॉम्प्रीहेन्सिव प्रायमरी हेल्थ केयर की अवधारणा पर आगे बढ़ते हुए राज्य ने तय किया है कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को प्रभावी रिफरल केन्द्र बनाया जाये, जहाँ सभी 12 तरह की चिन्हित सेवाएँ उपलब्ध हों। इन केन्द्रों पर अन्य सेवाओं के साथ असंचारी रोग डायबिटीज, हायपरटेंशन, ह्रदय रोग तथा कैंसर के बारे में परीक्षण और प्राथमिक उपचार उपलब्ध करवाना राज्य की प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश में पीएचसी-हेल्थ एण्ड वेलफेयर सेंटर पर आयुष चिकित्सा सेवाएँ भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
अभी प्रदेश के 25 जिलों में राजगढ़, सीहोर, बैतूल, रायसेन, विदिशा, अशोकनगर, भिण्ड, गुना, श्योपुर, बड़वानी, खण्डवा, देवास, उज्जैन, डिण्डौरी, बालाघाट, छिन्दवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, शहडोल, सतना, अनूपपुर, सिंगरौली, छतरपुर, दमोह और पन्ना को शामिल किया गया है। प्रारंभिक तौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रवार गैप असेसमेंट एनालिसिस किया गया है। तदनुसार मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर से संबद्ध महत्वपूर्ण मानव संसाधनों यथा चिकित्सा अधिकारी, स्टॉफ नर्स, एएनएम तथा आशा का संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण की कार्य-योजना बना ली गई है। तकनीकी सहयोग के रूप में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, भोपाल द्वारा विदिशा जिले में कुछ हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर्स को निरंतर परामर्श दिया जायेगा। प्राथमिक तौर पर राज्य में 51 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को उन्नत कर हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के रूप में इसी माह से शुरू करने की योजना है।
नई दिल्ली। भारतीय मुद्रा रुपए की हालत ऐसी कभी नहीं हुई जैसी अभी है। एक डॉलर के बदले 69 रुपए देने पड़ रहे हैं। जिन देशों की मुद्रा रुपया है सबकी हालत पतली है।
पाकिस्तान, श्रीलंका, इंडोनेशिया और नेपाल के रुपए की सेहत भी ठीक नहीं है। हालांकि अमरीकी डॉलर की तंदुरुस्ती की चपेट में केवल रुपया ही नहीं है। ईरान की मुद्रा रियाल तो बुरी तरह से पस्त हो गई है। ईरान बहुत मुश्किल हालात में है। राजधानी तेहरान में लोग अपनी दुकानें बंद कर सरकार के ख़िलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। ईरान की मुद्रा रियाल अमरीकी डॉलर के सामने आख़िरी सांस ले रहा है। ईरान के अर्थशास्त्रियों का कहना है कि राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया तो मामला हाथ से निकल जाएगा।
एक डॉलर मतलब 90 हज़ार ईरानी रियाल-
ईरान के अनाधिकारिक बाजार में लोग 90 हजार रियाल देकर एक अमरीकी डॉलर ख़रीद रहे हैं। इसी समय पिछले साल की तुलना में यह 110 फीसदी की वृद्धि है।
MNA IMAGE
अगर आधिकारिक रूप से देखें तो एक डॉलर के बदले लगभग 43 हजार रियाल देने पड़ रहे हैं। आठ मई को जब अमरीका ने ईरान से परमाणु समझौते को ख़त्म करने का ऐलान किया तब से ईरानी मुद्रा रियाल की क़ीमत में 40 फीसदी की गिरावट आई है।
ईरान पर फिर से अमरीकी प्रतिबंधों का ख़तरा है। इस ख़तरे के डर से ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था और बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति है। ईरान के निर्यात और आयात बुरी तरह से प्रभावित होने वाले हैं। अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार इस हफ़्ते तेहरान के सेंट्रल मार्केट में दुकानदारों ने कई प्रदर्शन किए।
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि संकट की घड़ी में ईरानी शांति और एकता के साथ रहें। ईरान के सर्वोच्च नेता अयतोल्लाह अली ख़मेनई ने भी कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है। उन्होंने सरकार से कहा है कि जो ईरान की अर्थव्यस्था को अस्थिर करने में लगे हैं, सरकार उनका सख़्ती से सामना करे।
की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने मार्केट के ख़िलाफ जाकर एक डॉलर के मुक़ाबले 42 हजार रियाल की एकीकृत एक्सचेंज दर तय करने की कोशिश की।
इसके साथ ही 100 अहम मनी एक्सचेंजर्स को गिरफ़्तार किया गया। कहा जा रहा था कि ये मनी एक्सचेंजर्स अलग-अलग रेट पर रियाल के बदले डॉलर दे रहे थे। हालांकि सरकार की ये कोशिशें भी काम नहीं आईं।
अटलांटिक काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार मनी चेंजर्स ने आधिकारिक रेट पर डॉलर बेचना बंद कर दिया है। जब मनी चेंजर्स को एक डॉलर के लिए 42 हजार रियाल लेने पर मजबूर किया गया तो इन्होंने कहना शुरू कर दिया कि डॉलर ख़त्म हो गया है। दूसरी तरफ सरकार आधिकारिक रूप से बाजार की मांग की तुलना में काफी कम डॉलर की आपूर्ति कर रही है।
कम ब्याज दर-
सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान की तरफ से 15 फीसदी से कम ब्याज दर रखने के कारण भी नीतिगत स्तर पर नाकामी मिली है।
हाल के सालों में ईरानी बैंकों ने 25 फीसदी ब्याज दर की पेशकश की थी ताकि जो अपनी मुद्रा डॉलर में रखना चाहते थे उनका सामना किया जा सके। कहा जा रहा है कि कम ब्याज दरों के कारण लोगों ने व्यापार के लिए डॉलर को ही चुना।
हालांकि मसला केवल यही नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक जो सबसे बड़ी वजह है वो ये है कि सेंट्रल बैंक के पास विदेशी मुद्रा की भारी कमी है और ईरानी पर्यटकों में डॉलर की मांग में कोई कमी नहीं आ रही है।
सांकेतिक फोटो
अटलांटिक काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार ईरान तेल और गैस के निर्यात से सालाना क़रीब 50 अरब डॉलर का राजस्व हासिल कर रहा है।
इसमें से सात अरब डॉलर तेल की राष्ट्रीय कंपनियों के पास चला जाता है ताकि वो गैस और तेल की खोज जारी रख सकें। इसके साथ ही इस राशि का इस्तेमाल ये उपकरणों और नवीनीकरण के मद में भी करते हैं।
इसके साथ ही क़रीब 9 अरब डॉलर ईरानी पर्यटकों को मुहैया कराया जाता है। एक अनुमान के मुताबिक़ तस्करी में 12 से 20 अरब डॉलर की राशि चली जाती है। मतलब हर साल तेल और गैस के निर्यात से आने वाले 50 अरब डॉलर में से 28 से 36 अरब डॉलर देश से बाहर चले जाते हैं।
अमरीकी ग़ुस्से का कोई जवाब नहीं-
इन सबके बीच अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि अमरीका ने आठ मई को परमाणु समझौते को रद्द किया तो इसका बड़ा मनोवैज्ञानिक असर देशी और विदेशी निवेशकों पर पड़ा।
लोगों ने अपनी पूंजी ईरान से वापस लेकर दुबई और इस्तांबुल में लगाना शुरू कर दिया। निवेशकों के मन में ईरान की अर्थव्यवस्था में अस्थिरता का डर बुरी तरह से घर कर गया है।
ईरान के पहले उपराष्ट्रपति ईशाक़ जहांगीरी को सुधारवादी माना नेता माना जाता है। उन्होंने कहा है कि ईरान को सीधे अमरीका से बात करनी चाहिए। ईशाक़ ने कहा है कि ईरान गंभीर श्इकनॉमिक वॉरश् में जा रहा है और इसका नतीजा बहुत बुरा होगा।
उन्होंने कहा है कि ईरान को इस संकट से चीन और रूस भी नहीं निकाल सकते हैं। उनका कहना है कि अमरीका ही इस संकट से ईरान को निकाल सकता है।
अरमान अख़बार ने लिखा है कि ईरान आने वाले दिनों में और मुश्किल में होगा। इस अख़बार ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के पूर्व राजदूत अली ख़ुर्रम के बयान को छापा है जिसमें उन्होंने कहा है, ” जिस तरह अमरीका ने इराक़ में सद्दाम हुसैन की सरकार को उखाड़ फेंका था उसी तरह से ईरान के लिए भी अमरीका ने योजना बनाई है। अमरीका ने इराक़ में यह काम तीन स्तरों पर किया था और ईरान में भी वैसा ही करने वाला है। पहले प्रतिबंध लगाएगा, फिर तेल और गैस के आयात को पूरी तरह से बाधित करेगा और आख़िर में सैन्य कार्रवाई करेगा।”
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ईरान के भीतर ही आवाज उठ रही है कि हसन रूहानी कुछ ठोस क़दम उठाएं। ईरान के जाने-माने अर्थशास्त्री सईद लायलाज ने अल-जजीरा से कहा है, “सरकार विदेश जाने वाले ईरानियों को डॉलर ख़रीदने के लिए सब्सिडी देती है। इस सब्सिडी को तत्काल ख़त्म किया जाना चाहिए। सरकार की नीति के अनुसार विदेश जाने वाले हर ईरानी बाजार की दर से आधी क़ीमत पर 1000 डॉलर ख़रीद सकता है।”
सईद ने कहा, “हर साल एक करोड़ से एक करोड़ 20 लाख के बीच ईरानी विदेश जाते हैं और ये 15 अरब डॉलर से 20 अरब डॉलर तक खर्च कर आते हैं। इस सब्सिडी के कारण डॉलर की मांग कभी कम नहीं होती। मैं ये नहीं कह रहा कि सरकार ईरानियों के विदेशी दौरे को सीमित कर दे पर सरकार सब्सि़डी देना तो बंद कर ही सकती है। हमें नहीं पता कि सरकार इस पर कोई फैसला क्यों नहीं ले रही है।”
युवती ने प्रेमी के खिलाफ पुलिस थाना में दर्ज कराई रिपोर्ट
शादी का झांसा देकर नौ माह से कर रहा था यौन शोषण
शाहनगर। रडार न्यूज बुन्देलखण्ड अंचल के पन्ना में पिछले एक माह से लगातार यौन शोषण और दुष्कर्म के हैरान करने वाले मामले सामने आ रहे है। जिनके कारण पन्ना जिला गलत वजहों से सुर्खियों में बना है। यहां के शाहनगर थाना अंतर्गत एक युवक ने विवाह के कुछ दिन बाद पत्नी को चरित्र संदेह पर वापिस उसके घर भेजने का मामला प्रकाश में आया है। दरअसल सुहागरात के दिन युवक को जब यह पता चला कि उसकी 19 वर्षीय नवविवाहिता पत्नी गर्भवती है तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम की जानकारी उसने अपने परिजनों को दी और फिर ससुराल पक्ष के लोग नवविवाहिता को 23 जून 2018 को वापिस उसके घर छोड़ गये। ससुराल पक्ष ने युवती के परिजनों को अपनी बदनामी और उनके बेटे के भविष्य को चैपट करने का उलाहना देते हुए उसे रखने से साफतौर पर मना कर दिया है। मालूम हो कि शाहनगर थाना क्षेत्र की उक्त युवती का विवाह 18 जून 2018 को ही हुआ था। विवाह की खुशियों के बीच उस समय अचानक भुचाल आ गया जब ससुराल पक्ष को बहु के तकरीबन 7 माह की गर्भवती होने का पता चला। गर्भवती होने के खुलासे के बाद चैतरफा शर्मिंदगी का सामना कर रही युवती ने अपनी इस हालत के लिए प्रेमी राजेश गड़ारी को जिम्मेदार ठहराया है। उसने अपने परिजनों के साथ शाहनगर थाना पहुंचकर ग्राम मंहगवा सरकार निवासी राजेश गड़ारी पुत्र फग्गू गड़ारी के खिलाफ यौन शोषण करने की रिपोर्ट लिखाई है। युवती का आरोप है कि शादी का झांसा देकर राजेश पिछले नौ माह से उसका दैहिक शोषण कर रहा था। मना करने पर राजेश द्वारा उसे शीघ्र विवाह करने का भरोसा दिलाया गया। बाद में युवती के गर्भवती होने पर राजेश ने विवाह करने से मना कर दिया। इस बीच परिजनों ने दूसरी जगह विवाह कर दिया। पीड़िता की रिपोर्ट पर शाहनगर थाना पुलिस ने उसके प्रेमी राजेश के खिलाफ दुष्कर्म व एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत् प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है। तीन परिवारों को प्रभावित करने वाला यह घटनाक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इनका कहना है- ‘‘युवती की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे है। आरोपी को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा।‘‘ श्याम सिंह परिहार, थाना प्रभारी शाहनगर
शादी का झांसा देकर बनाये थे इंदौर में बनाये थे शारीरिक संबंध
सिंहस्थ में ड्यूटी के दौरान हुई थी पहचान
रीवा। रडार न्यूज जिले के सेमरिया थाना में पदस्थ उप निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह पर एक युवती ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। युवती की रिपोर्ट पर इंदौर में पुलिस ने सब इंस्पेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म और मारपीट करने का प्रकरण दर्ज किया है। इधर आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की भनक लगने पर सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह पांच दिन की छुट्टी पर चला गया है। पीड़िता के अनुसार शैलेन्द्र सिंह 19 अगस्त को उसे रीवा लेकर आया और यहां एक मंदिर में विवाह कर लिया। जिसके बाद वह एक घर में ले गया जहां पहले से तीन लड़के मौजूद थे और उनके ही सामने गाली-गलौंच करते हुए उसके कपड़े उतारने की कोशिश की। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में सिंहस्थ में ड्यूटी लगने के दौरान शैलेन्द्र सिंह उज्जैन में पदस्थ था। इसी दौरान उसकी युवती से पहचान हो गई। फिर दोनों फोन पर बात करने लगे और इस तरह उनके बीच निकटता बढ़ती गई। युवती का कहना है कि 5 फरवरी 2017 को शैलेन्द्र ने उसे मिलने के लिए इंदौर बुलाया था। जहां शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोप युवती ने लगाये है। शैलेन्द्र पूर्व में युवती से शादी करने के लिए तैयार था पर बाद में वह मुकर गया। इससे परेशान पीड़िता ने जुलाई महीने में पुलिस थाना में शिकायत की थी। लेकिन तत्कालीन टीआई ज्योति शर्मा ने दोनों के बीच समझौता करवा दिया था। पीड़िता ने बताया कि समझौते के समय लिखित तौर पर वह वादा किया था कि वह उससे शादी करेगा। इनका कहना है- ‘‘उप निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह के विरूद्ध दुष्कर्म का मामला दर्ज होने की जानकारी सोशल मीडिया से मिली है। इस संबंध में अधिकारिकतौर पर अभी कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई। वर्तमान में शैलेन्द्र सिंह छुट्टी पर है।‘‘ सुनील गुप्ता, थाना प्रभारी सेमरिया