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11 हजार सीसीटीव्ही कैमरों से होगी मध्यप्रदेश की निगरानी

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 79 आधुनिक सी.सी.टी.व्ही.सर्विलेंस वाहनों का लोकार्पण किया।

 सेफ सिटी मॉनीटरिंग एवं रिस्पॉस सेन्टर का सीएम ने किया लोकार्पण

राज्य सरकार के लिये नागरिक सुरक्षा सर्वोपरि- मुख्यमंत्री श्री चौहान

भोपाल। रडार न्यूज   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार के लिये नागरिक सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिये राज्य सरकार कटिबद्ध है। अपराध मुक्त मध्यप्रदेश हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ सेफ सिटी मॉनीटरिंग एवं रिस्पॉस सेन्टर के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने डॉयल-100 के मोबाईल एप, डॉयल-100 सेवा में जोड़े जा रहे 150 मोटरसाईकिल वाहन तथा 79 आधुनिक सी.सी.टी.व्ही. सर्विलेंस वाहनों का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक की मदद से अपराधों को कम करने में मदद मिलेगी और नागरिकों में सुरक्षा का भाव बढ़ेगा। प्रदेश में डॉयल-100 सेवा को और विकसित किया जायेगा। साथ ही सी.सी.टी.व्ही. कैमरों की संख्या बढ़ाई जायेगी। निजी संस्थानों में भी सी.सी.टी.व्ही. कैमरे लगाये जाने का अभियान चलाया जायेगा। उन्होने कहा कि प्रदेश में बलात्कारियों को फाँसी की सजा दिलाने में आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है। आधुनिक तकनीकी का उपयोग कर कैसे अपराधों पर नियंत्रण किया जा सकता है, यह मध्यप्रदेश ने देश को दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी स्वतंत्रता दिवस समारोह के अपने भाषण में बलात्कारियों को तेजी से फाँसी की सजा दिलाने में मध्यप्रदेश का उल्लेख किया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सेफ सिटी मॉनिटरिंग एवं रिस्पाँस सेंटर के लोकार्पण समारोह को संबोधित किया।

श्री चौहान ने आज से शुरू हुई इस सेवा का अवलोकन भी किया और सी.सी.टी.व्ही. के माध्यम से उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर और दतिया के पीताम्बरा पीठ मंदिर के दर्शन किये। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री उपेन्द्र जैन ने रिस्पॉन्स सेंटर की सेवाओं की जानकारी दी। इस मौके पर बताया गया कि डॉयल-100 मोबाईल एप में एसओएस कॉलिंग, एस.एम.एस. सेंड तथा लोकेशन ट्रेकर्स जैसे फीचर्स हैं, जिससे सूचनाकर्ता को तत्काल मदद पहुंचायी जा सकेगी। डॉयल-100 सेवा में अब दोपहिया वाहनों के दौड़ने से तंग गलियों और संकरे रास्तों में भी मदद पहुंचायी जा सकेगी। आधुनिकतम सी.सी.टी.व्ही. सर्विलेंस वाहनों से दूरस्थ स्थानों की मॉनीटरिंग भी की जा सकेगी। प्रदेश में वर्तमान में दो हजार स्थानों पर 11 हजार सी.सी.टी.व्ही. कैमरे लगाने की कार्रवाई चलेगी।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव बी.पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक आर.के. शुक्ला, प्रमुख सचिव गृह श्री मलय श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती साधनासिंह, मुख्य सचिव की पत्नी श्रीमती इंदु सिंह, पुलिस महानिदेशक की पत्नी श्रीमती नीलिमा शुक्ला सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री का स्वतंत्रता दिवस पर संदेश | समृद्ध मध्यप्रदेश के लिये हर नागरिक का सहयोग और भागीदारी जरूरी

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वतंत्रता दिवस के राज्य-स्तरीय समारोह में परेड की सलामी ली।

सीएम शिवराज सिंह ने राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में किया ध्वजारोहण

ग्राम सरोवर अभिकरण बनेगा, पाँच हजार तालाब बनेंगे

रोजगार देने वाले उद्योगों को मिलेंगी रियायतें

जनजातीय क्षेत्रों में हर गाँव में बनेगी जनजातीय अधिकार सभा

भोपाल। रडार न्यूज     मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नागरिकों के सक्रिय सहयोग और भागीदारी से समृद्ध मध्यप्रदेश का निर्माण होगा। उन्होंने नागरिकों से समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने के लिये सुझाव माँगे। श्री चौहान ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में हर गाँव में जनजातीय अधिकार सभा बनाई जायेगी। इस सभा को स्थानीय विकास और संसाधनों के उपयोग के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश करने वाली जो औद्योगिक इकाई रोजगार उपलब्ध करायेगी, उसे शासकीय रियायतों में प्राथमिकता दी जायेगी। श्री चौहान आज स्थानीय लाल परेड ग्राउंड पर राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने समारोह में परेड की सलामी ली।

श्री चौहान ने उन सभी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी, जिनके बलिदान से भारत को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि अपना कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए जवानों के परिवारों को एक करोड़ रूपये की सम्मान निधि दी जायेगी। इसमें से 40 प्रतिशत राशि शहीदों के माता पिता के खातों में डाली जायेगी और बाकी शहीद के उत्तराधिकारी को दी जायेगी। माता-पिता को आजीवन पाँच हजार रूपये की पेंशन भी दी जायेगी। यदि शहीदों के बच्चे शहरों में पढ़ने आते हैं, तो उन्हें फ्लैट की सुविधा दी जायेगी। हर साल 14 अगस्त को प्रदेश में शहीद सम्मान दिवस मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण हो रहा है। नये भारत का निर्माण करने के लिये नये मध्यप्रदेश का निर्माण करना जरूरी है। हम बीमारू राज्य से प्रगतिशील और अब विकसित राज्य की ओर बढ रहे हैं। अब समद्ध मध्यप्रदेश बनाना है। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में आगे है। भरपूर बिजली है। भरपूर सिंचाई हो रही है। नर्मदा को गंभीर नदी से जोड़ा जा रहा है। इसके बाद पार्वती और कालीसिंध नदियों से जोड़ा जायेगा।

श्री चौहान ने कहा कि किसानों की समृद्धि राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। किसानों को कई राहतें दी गई हैं। उन्हें उनकी उपज का पूरा दाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सहायता देने पर भी विचार किया जाना चाहिये। प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है, लेकिन इसे और बढ़ाने की आवश्यकता है। गरीबों को पक्का मकान बनाने के लिये पट्टे दिये जा रहे हैं। कोई गरीब बिना मकान और जमीन के नहीं रहेगा। बिजली बिल माफ किये जा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई का खर्चा सरकार उठायेगी। इस साल के आखिर तक सभी घरों में बिजली होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा कर्मी बनाने की संस्कृति को समाप्त कर अध्यापक का सम्मानजनक पद बनाया गया है। बैतूल जिले से ‘एक परिसर-एक स्कूल’ का प्रयोग शुरू किया जा रहा है, जिसमें एक ही स्कूल परिसर में पढ़ाई के सभी आधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे। आगामी 17 अगस्त को ‘मिल-बाँचे मध्यप्रदेश” का शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने सभी सक्षम नागरिकों से अपील की कि वे अपनी पसंद के स्कूल में जायें और बच्चों को पढायें, शिक्षाप्रद कहानियाँ सुनायें और किताबें दान में दें।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस पदाधिकारियों को सेवा पदक से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से छोटे तालाबों के निर्माण के लिये ग्राम सरोवर अभिकरण बनाया जायेगा। यह अभिकरण पाँच वर्षों में पाँच हजार तालाब निर्मित करेगा। उद्योगों के जरिए रोजगार में वृद्धि के लिये अब उद्योगों को टैक्स में छूट देने के बजाय निवेश में सीधे सहायता देने के लिये औद्योगिक नीति में बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार बेहतर बनी हुई है। हमारी विकास दर पिछले कई वर्षों में लगातार डबल डिजिट में रही है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गरीब परिवारों को सभी मूलभूत सुविधाएँ जुटाने और गरीब परिवारों की आय बढ़ाने का काम किया जायेगा।

गरीबों की चिंता दूर करेगी संबल योजना

मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना ‘संबल’ की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि यह योजना प्रदेश की लगभग आधी आबादी की रोटी, कपड़ा, मकान, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, रोजगार जैसी मूलभूत चिंताओं को दूर करने का काम करेगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विशेष कार्य करने वाले अधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया।

एक जनवरी 2018 से ग्रामीण क्षेत्र में भू-खण्ड अधिकार अभियान में नौ लाख से अधिक परिवारों को भू-खण्ड अधिकार-पत्र दिए गए हैं। पहले वितरित भू-खण्ड अधिकार पत्रों को शामिल कर 35 लाख से अधिक परिवार को आवासीय भू-खण्ड मिल चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 7 लाख से ज्यादा आवास बन गये हैं। सवा लाख आवासों का निर्माण पूरा हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र के 94 प्रतिशत घरों में शौचालय सुविधा के साथ प्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। पंजीकृत श्रमिकों और संन्निर्माण कर्मकारों को अधिकतम 200 रूपये प्रति माह की दर से जुलाई माह से बिजली बिल देना प्रारंभ किया गया है। बिजली के क्षेत्र में आत्म-निर्भर होने के बाद अब लक्ष्य यह है कि हर नागरिक का घर बिजली से रोशन हो। सौभाग्य योजना के तहत 31 जिलों में सभी पात्र हितग्राहियों के घरों तक बिजली पहुँचाई जा चुकी है। अक्टूबर माह तक प्रदेश के हर घर में बिजली का प्रकाश लाने का हमारा लक्ष्य है।

किसानों के खातों में जमा कराये 35 हजार करोड़

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती की आय को पाँच वर्षों में दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये सिंचाई का रकबा बढाया जा रहा है। अभी 40 लाख हेक्टेयर है। इसे बढाकर 80 लाख हेक्टेयर कर दिया जायेगा। इस वर्ष फसल बीमा, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि, भावांतर भुगतान, प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति और अन्य विभिन्न योजनाओं से किसानों के खातों में सीधे 35 हजार करोड़ रूपये की राशि पहुँचायी गयी है।

कृषि के सहयोगी क्षेत्रों को भी भरपूर बढ़ावा दिया जा रहा है। नियमों में संशोधन करते हुए राहत राशि को 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है। इस वर्ष केला फसल क्षति राहत 27 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति हेक्टेयर और अधिकतम 3 लाख रुपये प्रति कृषक की गई है, जिससे बुरहानपुर के केला उत्पादक किसानों को आपदा की घड़ी में सरकार का संबल मिला। श्री चौहान ने कहा कि भूमि-स्वामी और बटाईदार के हितों का संरक्षण करने के लिए कानून बनाने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। अब भूमि-स्वामी निश्चिंत होकर अपनी भूमि पाँच वर्ष तक बटाई पर दे सकेगा।

स्मार्ट सिटी परियोजना में निवेश होगा 20 हजार करोड़

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विशेष कार्य करने वाले अधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में सात शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सतना और सागर शामिल है। इन शहरों में पुनर्घनत्त्वीकरण और पुनर्निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। इस परियोजना में 20 हजार करोड़ रूपये निवेश की योजना है। स्वच्छता सर्वेक्षण में पूरे देश में नगर निगम इंदौर प्रथम और नगर निगम भोपाल द्वितीय स्थान पर लगातार दूसरे वर्ष भी रहे हैं। अगले 3 वर्षों में प्रदेश का कोई भी नगरीय निकाय ऐसा नहीं होगा, जहाँ पेयजल परियोजना अधूरी हो अथवा पेयजल का संकट हो।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़कों के विकास में विशेष रूप से निवेश किया है। निरंतर विकास की प्रक्रिया आगे भी जारी है। सरकार 6,600 कि.मी. की सड़कों का निर्माण/उन्नयन और 3,200 कि.मी. सड़कों के नवीनीकरण का कार्य कर रही है। सभी संभागीय मुख्यालयों को फोर-लेन तथा सभी जिला मुख्यालयों को टू-लेन से जोड़ने का कार्य आने वाले समय में प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त चंबल एक्सप्रेस-वे जैसी महत्त्वपूर्ण सड़क निर्माण परियोजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाले समय में एक भी गाँव ऐसा नहीं बचेगा, जो बारहमासी सड़कों से जुड़ा ना हो।

आयुष्मान योजना से लाभान्वित होंगे एक करोड़ परिवार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शौर्य स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह भी मौजूद थीं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गरीबों के स्वास्थ्य के लिए शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि इस योजना के तहत प्रत्येक गरीब परिवार को पाँच लाख रुपये तक के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की गई है। योजना में राज्य के लगभग 75 लाख परिवारों को शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने एक कदम आगे जाकर 22 अन्य श्रेणी के परिवारों को भी इस योजना में शामिल कर लिया है। इस कदम से आयुष्मान भारत योजना का लाभ प्रदेश के लगभग एक करोड़ 15 लाख परिवार ले सकेंगे।

श्री चौहान ने कहा कि इस शिक्षा सत्र से दतिया, विदिशा, खण्डवा, रतलाम में नये मेडिकल कॉलेज शुरू कर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में 500 सीट की वृद्धि की गई है। सिवनी और छतरपुर में नए मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस प्रकार, आने वाले समय में शहडोल, शिवपुरी, सतना तथा छिंदवाड़ा सहित 6 नए मेडिकल कॉलेज प्रदेश में और कार्य करना प्रारंभ कर देंगे।

‘एक परिसर-एक शाला”

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता के सुधार के लिए “एक परिसर-एक शाला” की अवधारणा प्रारंभ की जा रही है। इसके तहत एक परिसर में चलने वाली सभी तरह की शालाओं का एकीकरण कर उन्हें एक ही विद्यालय के रूप में चलाया जाएगा। इससे शिक्षकों के साथ-साथ अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग हो पाएगा। उन्होंने बताया कि स्कूलों में शिक्षा कर्मी व्यवस्था को समाप्त करते हुए अध्यापक संवर्ग और संविदा शिक्षकों का शिक्षा एवं जनजातीय कल्याण विभाग में संविलियन किया गया है। महाविद्यालयों में काफी समय बाद नियमित प्राध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी है। इस वर्ष से मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना में पंजीकृत श्रमिकों के पुत्र-पुत्रियों को भी इसी योजना का लाभ मिलेगा।

हर साल साढ़े सात लाख युवाओं का कौशल संवर्धन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि युवा सशक्तिकरण मिशन के तहत राज्य सरकार ने प्रति वर्ष साढ़े सात लाख युवाओं के कौशल संवर्धन का लक्ष्य रखा है। भोपाल में सिंगापुर के सहयोग से 645 करोड़ का विश्व-स्तरीय ग्लोबल स्किल पार्क स्थापित किया जा रहा है। युवाओं को रोजगार देने के लिए राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर जिला मुख्यालयों पर रोजगार मेले लगाए गए, जिनमें लगभग सवा लाख युवाओं को नौकरियाँ प्रदान की गईं। राज्य शासन की स्व-रोजगार से जुड़ी योजनाओं के तहत लगभग एक लाख युवाओं को इसी महीने विशेष शिविर आयोजित कर पूरे प्रदेश में ऋण स्वीकृति-पत्र प्रदान किए गए हैं। एमएसएमई विकास नीति 2017 में विभिन्न अनुदान का एकीकरण कर इसे मध्यम, लघु तथा सूक्ष्म इकाईयों के लिए और आकर्षक बनाया गया है। प्रदेश में पिछले वर्ष दो लाख से अधिक एमएसएमई पंजीकृत हुईं हैं, जिसमें 1,400 करोड़ के निवेश के साथ 5 लाख लोगों को रोजगार मिला है।

जनजातीय कल्याण पर खर्च होंगे दो लाख करोड़

मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले 5 वर्षों में प्रदेश में जनजातीय कल्याण पर दो लाख करोड़ रुपए के कार्य किए जाएंगे, जिससे समस्त जनजातियों का सर्वांगीण विकास होगा। इस वर्ष 9 अगस्त को जनजातीय कल्याण की दिशा में एक नया कदम उठाते हुए अंर्तराष्ट्रीय आदिवासी दिवस को समारोह पूर्वक मनाया। अनुसूचित विकासखंडों के प्रत्येक ग्राम में जनजातीय अधिकार सभा का गठन होगा। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों में कुपोषण की समस्या को देखते हुए प्रत्येक परिवार के बैंक खाते में एक हजार रुपये प्रति माह का पोषण अनुदान जमा किया जा रहा है। अनुसूचित जातियों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता में है। प्रति वर्ष साढ़े 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों को हम 732 करोड़ रूपये से अधिक राशि की छात्रवृति एवं शिष्यवृति दे रहे हैं। साथ ही इन वर्गों के आर्थिक विकास के लिये पिछले वर्ष मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना, युवा उद्यमी योजना एवं आर्थिक कल्याण योजना के तहत 11 हजार हितग्राहियों को लगभग 362 करोड़ की आर्थिक सहायता दी गई है।

महिलाओं की सुरक्षा

श्री चौहान ने कहा कि बालिकाओं से दुष्कर्म या सामूहिक बलात्कार के अपराध को मृत्यु-दण्ड से दण्डनीय बनाने वाला कानून विधानसभा से पास करवाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डॉयल-100 सेवा में जोड़े जा रहे 130 मोटर साइकिल वाहनों का लोकार्पण किया।

ऐसे अपराधों के निराकरण के लिए 50 विशेष न्यायालय कार्यरत हैं। पिछले छ: माह में बालिकाओं से दुष्कर्म के आठ प्रकरणों में अपराधियों को मृत्यु-दण्ड की सजा दी गई है। श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष भी नर्मदा तथा अन्य नदियों के केचमेंट सहित पूरे प्रदेश में उच्च गुणवत्ता के 7 करोड़ पौधे लगाये जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। नर्मदा नदी के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा ‘नर्मदा सेवा मिशन’ गठित किया गया है। नर्मदा तट के 19 नगरीय निकाय में 1300 करोड़ की सीवरेज योजनाएँ प्रगति पर हैं। वनोपज संग्राहकों के कल्याण के लिए इस वर्ष राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को 2000 रूपये प्रति मानक बोरा राशि दी जा रही है, जो पिछले वर्ष से 60 प्रतिशत अधिक है। पहली बार 22 लाख 35 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूता-चप्पल, पानी की बोतल तथा महिला संग्राहकों को साड़ी प्रदाय की गई है।

गठित होगा लोक कलाकार मण्डल

राज्य सरकार कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिये राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ओंकारेश्वर में आदिगुरू शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास गठित किया गया है। कला एवं संस्कृति को सहेजने के लिये लोक कलाकार मण्डल गठित किया जा रहा है। पाँच नये हिन्दी सेवा सम्मान शुरू किये गये हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना का लाभ हजारों वरिष्ठ नागरिकों ने लिया है। प्रदेश की ‘स्पोर्टस हब’ के रूप में पहचान बन रही है। बीते डेढ़ दशक में खेल अधोसंरचनाओं का उल्लेखनीय विकास हुआ है। राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी खिलाड़ी पदक जीत रहे हैं। राज्य शासन ने कर्मचारियों के कल्याण का पूरा ध्यान रखा है। कर्मचारियों और पेंशन-धारकों को सातवें वेतनमान का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि सुशासन के लिये समाधान एक दिन-तत्काल सेवा प्रदाय व्यवस्था में 34 सेवाओं को एक दिन में प्रदाय किया जा रहा है। सीएम हेल्प लाइन नागरिक केन्द्रित सेवा प्रदाय की पहल है। इसमें अब तक प्राप्त 95 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण हो चुका है।

प्रभावी अपराध नियंत्रण

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 79 आधुनिक सी.सी.टी.व्ही.सर्विलेंस वाहनों का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार बेहतर रखने में सरकार सफल रही है। साम्प्रदायिक सौहार्द की दृष्टि से प्रदेश देश में मिसाल बना है। पिछले वर्षों में 161 नये पुलिस थाने तथा 111 नई पुलिस चौकियाँ स्थापित की गईं और 42 हजार 336 पदों पर भर्ती की गईं। महिलाओं के लिये 676 थानों में पृथक कक्ष के निर्माण की परियोजना में इस वर्ष 40 करोड़ का प्रावधान है। डॉयल-100 योजना से 50 लाख से भी अधिक पीड़ितों और जरूरतमंदों को मौके पर पुलिस सहायता मिली है। प्रदेश भर में संवेदनशील स्थानों पर 10 हजार सी.सी.टी.व्ही. कैमरे लगाकर अपराधों पर नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था करने वाला वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है।

राज्यपाल ने राजभवन में देखे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम

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राज्यपाल श्रीमती आंनदीबेन पटेल राजभवन में सांस्कृतिक प्रस्तुत करने वाले बच्चों के साथ।

विजेता बच्चों की कलाकृति की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया

भोपाल। रडार न्यूज  राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज राजभवन में कर्मचारियों और अधिकारियों के बच्चों ने देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।राज्यपाल ने उत्सुकता के साथ नन्हें बच्चों की प्रस्तुति को देखा और सराहना की।

राज्यपाल श्रीमती आंनदीबेन पटेल राजभवन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखते हुए।

राज्यपाल ने राजभवन में आयोजित ग्रीष्मकालीन प्रतियोगिता में विजेता बच्चों की कलाकृति की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री डी.डी. अग्रवाल तथा गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। राजभवन के इतिहास में यह पहला अवसर है जब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ है। कार्यक्रम में बच्चों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों महात्मा गाँधी, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, रानी दुर्गावती, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई आदि के व्यक्तित्व एवं बलिदान की कथाओं पर आधारित एकल नाटक प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में आर्केस्ट्रा पर देशभक्ति की धुनें प्रस्तुत की गईं।

आमजन के लिए 16 को भी खुला रहेगा राजभवन
राज्यपाल श्रीमती आंनदीबेन पटेल ने बच्चों द्वारा बनायी गयी पेंटिंग एवं अन्य सामग्रियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

राज्यपाल श्रीमती पटेल ने आमजनों की भीड़ तथा उत्साह को देखते हुए राजभवन को आमजन के लिए 16 अगस्त तक खोलेने के आदेश दिये हैं। पूर्व में राजभवन में आमजन के प्रवेश के लिये 11 अगस्त से 15 अगस्त तक के आदेश दिये गये थे। स्वतंत्रता दिवस पर राजभवन में दोपहर में शासकीय कार्यक्रमों को देखते हुए आमजन तथा बच्चों के लिए शाम 7 बजे से प्रवेश रखा गया है।

सैनिकों के त्याग, तपस्या और बलिदान से ही सुरक्षित है देश : शिवराज सिंह

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद सम्मान दिवस पर शौर्य स्मारक में शहीदों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किये।

“एक शाम वीरों के नाम” कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री 

प्राणों का उत्सर्ग करने वाले शहीदों की यादों को शौर्य स्मारक में संजोया

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शौर्य स्मारक में गाये देश भक्ति के तराने

भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज सपत्नीक स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शौर्य स्मारक में आयोजित “एक शाम वीरों के नाम” कार्यक्रम में शामिल हुए। शहीदों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि सैनिकों के त्याग, तपस्या और बलिदान से ही आज पूरा देश सुरक्षित है। राज्य सरकार ने शहीदों की शहादत को सम्मानित करने के लिये हर वर्ष 14 अगस्त को प्रदेश में शहीद सम्मान दिवस मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद सैनिक, अर्द्ध सैनिक और पुलिस बल के लगभग 30 हजार जवानों ने कर्त्तव्य का निर्वहन करते हुए प्राणों का उत्सर्ग किया है। ऐसे वीरों के प्रति श्रद्धा के केन्द्र के रूप में शौर्य स्मारक की स्थापना की गई है। स्मारक में शहीदों की यादों को संजोया गया है ताकि पूरा समाज उनका स्मरण कर सके, उन्हें नमन कर सके।

शहीद के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी नौकरी


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद सम्मान दिवस पर शौर्य स्मारक में देश भक्ति के गीत गाये।

श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने शहीदों के परिजनों को सम्मान निधि के रूप में एक करोड़ रूपये की राशि देने का निर्णय लिया है। इस राशि में से 40 प्रतिशत राशि शहीद के माता-पिता को दी जायेगी ताकि वे अपना जीवन सुख-शांति से व्यतीत कर सके। सम्मानित निधि की शेष 60 प्रतिशत राशि शहीद की पत्नी को दी जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद के परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा में योग्यतानुसार नौकरी देगी। शहीदों के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिये आवासीय भूखण्ड अथवा फ्लेट दिया जायेगा। शहीद की स्मृति में सार्वजनिक स्थानों का नामकरण किया जायेगा। शहीदों के परिजनों की सहमति से शहीद वीरों की प्रतिमा स्थापित करने का प्रावधान भी किया गया है।

राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद सम्मान दिवस पर शौर्य स्मारक में उपस्थित जन-समुदाय को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत गीत “मेरा रंग दे बसंती चोला” गाया और “अपनी सेना को जानिये” विषयक आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में मिलेट्री बैंड ने सलाम टू सोल्जर, जय हो गीत की, पाइप बैंड ने हन्ड्रेड-पाइपर्स, जय जन्मभूमि, जॉज बैंड ने मेरा रंग दे बसंती चोला गीत की और अभिलाष म्यूजिकल ग्रुप ने सारे जहां से अच्छा, कदमों से कदम मिलते है, गीत की प्रस्तुतियां दी। प्रारंभ में अतिथियों ने प्रदेश के शहीदों के गाँवों की मिट्टी शौर्य रज पर पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रगीत वंदेमातरम् और मध्यप्रदेश गान का गायन हुआ। इस अवसर पर सेना के लेफ्टिनेंट जनरल आर.पी. सिंह, मेजर जनरल पी.पी.एस. रावत, पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला और अपर मुख्य सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव, गणमान्य नागरिक, सेना के जवान, अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।

गुड न्यूज | राष्ट्रीय कृषि कल्याण अभियान में छतरपुर, राजगढ़ जिले को मिला प्रथम स्थान

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सांकेतिक फोटो।

देश के 112 जिलों में चलाया जा रहा अभियान

अभियान में मध्यप्रदेश के 8 जिलों को मिली श्रेष्ठ रैंकिंग

भोपाल। रडार न्यूज केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के राष्ट्रीय कृषि कल्याण अभियान में चलाये जा रहे कार्यक्रमों में प्रदेश के छतरपुर और राजगढ़ जिले को संयुक्त रूप से पहला स्थान मिला है। इन जिलों में अभियान के तहत बेहतर काम किया गया है। अभियान में प्रदेश के 8 जिलों छतरपुर, राजगढ़, गुना, विदिशा, सिंगरौली, बड़वानी, खण्डवा और दमोह को श्रेष्ठ रैंकिंग मिली है।

छतरपुर जिले में इस वर्ष एक जून से 14 अगस्त के दौरान लक्ष्य का शत-प्रतिशत 5362 स्वाइल हेल्थ-कार्ड बाँटे गये हैं। जिले में 4104 मिनी किट्स, सामाजिक वानिकी क्षेत्र में बाँस-रोपण में निर्धारित लक्ष्य से अधिक 25 हजार पौधों का रोपण किया गया है। नाडेप में शत-प्रतिशत और कृत्रिम गर्भाधान में निर्धारित लक्ष्य 2500 के विरुद्ध 2525 की उपलब्धि हासिल की गई है। कृषि आदान में निर्धारित किये गये 250 लक्ष्य के विरुद्ध 615 और किसानों के ट्रेनिंग प्रोग्राम में लक्ष्य 75 के विरुद्ध 357 उपलब्धि हासिल की गई है।

अभियान में राजगढ़ को भी पहला स्थान मिला है। यहाँ पर 16 हजार 919 स्वाइल हेल्थ-कार्ड, लक्ष्य से अधिक 4050 मिनी किट्स वितरित किये गये हैं। सामाजिक वानिकी में शत-प्रतिशत, नाडेप में लक्ष्य से अधिक 572, कृषि आदान में लक्ष्य 250 के विरुद्ध 340 और किसानों के ट्रेनिंग प्रोग्राम में 75 के लक्ष्य के विरुद्ध 101 की उपलब्धि हासिल की गई है। अभियान में गुना दूसरे स्थान पर, विदिशा को छठवाँ, सिंगरौली को सातवाँ, बड़वानी को नौवाँ, खण्डवा को 12वाँ और दमोह जिले को 16वें स्थान की रैंकिंग मिली है।

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय का कृषि कल्याण अभियान महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। अभियान में किसानों को कृषि आमदनी बढ़ाने के लिये विभिन्न प्रकार की मदद उपलब्ध करवाई जा रही है। कृषि कल्याण अभियान में देश के 112 जिलों में स्वाइल हेल्थ-कार्ड, मिनी किट्स, कृषि वानिकी, नाडेप, कृत्रिम गर्भाधान, कृषि आदान और ट्रेनिंग प्रोग्राम क्रियान्वित किये जा रहे हैं।

हमें यह आजादी महान सपूतों के बलिदान और संघर्ष से मिली है – महदेले

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शौर्य वीर स्व. प्यारेलाल मिश्रा एवं स्व. बालेन्द्र सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण करतीं मंत्री कुसुम सिंह महदेले मंत्री। के

मंत्री ने पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को दी श्रद्धाजंलि

बृजपुर में मनाया गया शौर्य दिवस,शहीदों के परिजनों का भी किया गया सम्मान

पन्ना। रडार न्यूज  देश की आजादी के पर्व स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व 14 अगस्त 2018 को शौर्य दिवस का आयोजन किया गया। पन्ना जिले में सुश्री कुसुम सिंह महदेले मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य आतिथ्य में शासकीय उमावि बृजपुर में शौर्य दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें जिले से संबंध रखने वाले शौर्य वीर स्वर्गीय प्यारेलाल मिश्रा एवं स्वर्गीय बालेन्द्र सिंह की शहादत का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी। शहीदों के परिजनों को भी शॉल, श्रीफल एवं प्रमाण पत्र प्रदाय कर सम्मानित किया गया।

शहीदों की विधवाओं का किया सम्मान

शौर्य वीर स्व. प्यारेलाल मिश्रा एवं स्व. बालेन्द्र सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण करतीं मंत्री कुसुम सिंह महदेले मंत्री।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री सुश्री महदेले सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा शौर्य वीर स्व. श्री प्यारेलाल मिश्रा (जिले के ग्राम रमखिरिया में जन्में) एवं स्व. श्री बालेन्द्र सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर किया गया। जिसके बाद मंत्री सुश्री महदेले द्वारा उनके सभी परिजनों का तिलक लगाकर, शॉल, श्रीफल एवं माल्यार्पण से सम्मानित किया। तदउपरांत दोनों शहीदों की पत्नियों को शहीद सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदाय किए गए। इस अवसर पर मंत्री सुश्री महदेले ने शहीदों के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि 15 अगस्त 1947 के पूर्व हमारा देश गुलाम था। यह आजादी हमें अनेक बलिदानों और संघर्षो के बाद मिली है। इसी उपलक्ष्य में स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व शौर्य दिवस मनाने का निर्णय शासन द्वारा लिया गया है। यह पहली बार है जब स्वतंत्रता दिवस के पूर्व स्थानीय शहीदों को याद कर उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। शहीदों की याद में ही भोपाल में शौर्य स्मरण बनाई गयी है। जब भी अवसर मिले इसे जरूर देखें।

शहीदों के परिवार के  सम्मान की जिम्मेदारी हमारी

हमारे वीर जवान कुछ देश के अन्दर तो कुछ देश की सीमा पर अपने प्राणों का भय त्याग कर हमारी रक्षा करते हैं। इस दौरान कई बार उनके प्राण न्यौछावर हो जाते हैं। जिसके बाद उनके परिवार की सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी हमारी है। जिसे हमें निभाना चाहिए। इससे अन्य परिवार भी प्रेरित होंगे। उन्होंने सभी से अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर देशहित में जब भी कुछ करने का अवसर आए उसके लिए तत्पर रहने का प्रण लेने की अपील की। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, बुन्देलखण्ड प्राधिकरण के उपाध्यक्ष महेन्द्र सिंह यादव, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह ने भी जिले के शहीदों के सम्मान में सभी उपस्थितों को सम्बोधित किया।

इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी छतरपुर मधुकर जोशी ने शहीद वीरों का स्मरण करने तथा उनके परिजनों को सम्मानित करने हेतु बड़ी संख्या में उपस्थित रहने के लिए सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान कलेक्टर मनोज खत्री, पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, आशुतोष महदेले,  बृजेन्द्र गर्ग सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, पत्रकारबन्धु, स्कूली बच्चे तथा क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

स्वतंत्रता दिवस आज | मंत्री सुश्री मेहदेले ध्वजारोहण कर लेंगी परेड की सलामी

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सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग़।

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छात्र-छात्राएं देंगी प्रस्तुति

पन्ना। रडार न्यूज  स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह जिला मुख्यालय के पुलिस परेड मैदान में आयोजित किया जाएगा। समारोह प्रातः 9 बजे मुख्य अतिथि सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी द्वारा ध्वजारोहण से प्रारंभ होगा। इसके बाद मुख्य अतिथि सुश्री महदेले जिला पुलिस बल, नगर सैनिक, एनसीसी की संयुक्त परेड की सलामी लेंगी। परेड के निरीक्षण के बाद वे मुख्यमंत्री जी के प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगी। इसके बाद समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समारोह का समापन पुरस्कार वितरण से होगा। समारोह में भाग लेने के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, सांसद, विधायकगणों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों तथा गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया गया है। जिला मुख्यालय के साथ-साथ सभी नगरपालिका, विकासखण्डों, नगर परिषद तथा ग्राम पंचायतों में भी समारोहपूर्वक स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी प्राथमिक तथा माध्यमिक शालाओं में विशेष मध्यान्ह भोज आयोजित किया जाएगा।

जिला पंचायत में अध्यक्ष आज करेंगे ध्वजारोहण

राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2018 को जिला पंचायत कार्यालय में अध्यक्ष रविराज सिंह यादव ध्वजारोहण करेंगे। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने जिला पंचायत के सभी सदस्यों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों से इस अवसर पर उपस्थित रहने का अनुरोध किया है।

शहीदों के माता-पिता को मिलेगी सम्मान निधि की 40 प्रतिशत राशि और 5 हजार रूपये पेंशन

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भिण्ड में शहीदों के परिजनो को सम्मानित किया।

प्रदेश में हर वर्ष 14 अगस्त को मनेगा शहीद सम्मान दिवस 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भिण्ड में शहीदो के परिजन को किया सम्मानित 

भोपाल । रडार न्यूज   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भिण्ड में शहीद  सम्मान दिवस समारोह में घोषणा की कि शहीदों को राज्य शासन द्वारा दी जाने वाली 1 करोड़ रूपये की सम्मान निधि में से 60 प्रतिशत राशि शहीद के वैधानिक वारिस और 40 प्रतिशत राशि शहीद के माता-पिता को दी जायेगी ताकि वे सम्मान पूर्वक जीवन जी सकें। इसी के साथ, शहीदों के माता-पिता को जीवन-यापन के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा 5 हजार रुपये प्रति माह की पेंशन भी दी जायेगी। साथ ही शहीद के वारिस को नौकरी, फ्लैट अथवा आवासीय प्लॉट दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भिण्ड में छत्तीसगढ़ सुकमा नक्सली हमले में शहीद जितेन्द्र सिं‍ह के पिता रामवीर सिंह को एक करोड़ रूपये की सम्मान राशि का चेक दिया।

श्री चौहान ने कहा कि शहीदों के नाम पर सार्वजनिक मार्ग, चौराहों और स्थलों का नामकरण किया जायेगा। स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर शहीदों की प्रतिमाएँ लगायी जायेगी। मुख्यमंत्री ने समारोह में भिण्ड जिले के 119 शहीदों के परिजनों को शॉल, श्रीफल, सम्मान-पत्र और उपहार भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शहीदों का राष्ट्र पर कर्ज है। हम मध्यप्रदेश में शहीदों की शहादत को नमन करते हुए परिजनों को सम्मानित करने की परंपरा कायम करेंगे। उन्होंने कहा कि शहीदों का स्मरण कर हम उनके कर्ज को उतारने का प्रयास करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आजादी के बाद सीमांत की रक्षा, आतंकवाद जैसी कार्यवाहियों में देश के 30 हजार जवानों ने शहादत दी है। इनमें से अकेले मध्यप्रदेश के 602 शहीदों को अब तक सूचीबद्ध किया गया है। इनमें भिण्ड, मुरैना और ग्वालियर जिले के शहीदों की संख्या सर्वाधिक है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भिण्ड में छतीसगढ़ सुकमा नक्सली हमले में शहीद जितेन्द्र सिं‍ह के फोटो पर माल्यार्पण किया।

इसके पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में स्वयं का सम्मान करवाने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेशभर में शहीद सम्मान दिवस मनाया जा रहा है। इसलिये आज केवल शहीदों के परिजनों और वीर नारियों का सम्मान किया जाये। समारोह में सामान्य प्रशासन और नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लालसिंह आर्य, सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद, विधायक  नरेन्द्र सिंह कुशवाह, चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी, राज्य बीज निगम के उपाध्यक्ष  मुन्नासिंह भदौरिया, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष  के.पी. सिंह भदौरिया, अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव  बसंत प्रताप सिंह, पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला, मध्यप्रदेश सैनिक कल्याण बोर्ड के निर्देशक बिग्रेडियर  आर.एस. नौटियाल, शहीदों के परिजन और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। 

कोर्ट मैरिज करने आया प्रेमी युगल क्यों पहुंचा हवालात !

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सांकेतिक फोटो।

पन्ना कलेक्ट्रेट से दोनों को पकड़कर पुलिस ले गई कोतवाली थाना

कतिपय संगठनों के विरोध के कारण वैवाहिक बंधन में नहीं बंध पाए दो बालिग

पन्ना। रडार न्यूज  हमारा समाज चाहे कितना भी आधुनिक क्यों न हो, पर आज आम सोच यही है कि बच्चों की जिंदगी पर माता-पिता का पूरा अधिकार है। बच्चों को अपनी जिंदगी हर फैसला उनसे पूंछकर ही लेना चाहिए। बात अगर शादी की हो तो माता-पिता की राय का काफी महत्व समझा जाता है। जिसे जीवनसाथी चुना है अगर वह अंतरजातीय है तो उससे विवाह के लिए परिवार को राजी करना आसान नहीं होता है। यदि प्रेमी जोड़ा अंतरधार्मिक है तो समस्या कहीं अधिक जटिल हो जाती है। दरअसल समाज में स्वीकार्यता ना होने के कारण अंतरधार्मिक विवाह को किसी गंभीर अपराध या पाप की तरह देखा जाता है। यही वजह है कि अंतरधार्मिक जोड़े की शादी के लिए प्रायः उनके परिवार के लोग ही राजी नहीं होते और समाज तो हमेशा ही इनके खिलाफ रहता है। कस्बाई और ग्रामीण इलाकों में तो अंतरधार्मिक विवाहों पर खासा बबाल मचता है। कतिपय संगठन अपने राजनैतिक उद्देश्य की पूर्ती के लिए युवक और युवती का धर्म देखकर इनका समर्थन या विरोध करते हैं। मध्यप्रदेश के पन्ना में सोमवार को कुछ ऐसा ही हुआ। यहां एक अंतरधार्मिक प्रेमी जोड़े को कानूनी रूप से विवाह करने के लिए हर कदम पर विरोध और अड़चनों का सामना करना पड़ा।

अलग-अलग धर्मों से ताल्लुक रखने वाला प्रेमी युगल कतिपय संगठनों के विरोध और उसके दबाब में पन्ना कोतवाली थाना पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के कारण कानूनी रूप से विवाह बंधन में नहीं बंध सका। दोनों बालिगों को पुलिस कानून व्यवस्था बिगड़ने व डायल 100 पर युवती के परिजनों द्वारा की गई शिकायत का हवाला देकर पन्ना कलेक्ट्रेट कर्यालय से कोतवाली थाना ले गई। उधर युवती को खोजते हुए उसके भाई कुछ ही देर बाद वहां पहुंच गए। दोनों भाईयों ने पुलिस की मौजूदगी में बहिन से जब घर चलने को कहा तो उसने प्रेमी को छोड़कर कहीं भी जाने से साफ़ इंकार कर दिया।

सांकेतिक फोटो।

युवती ने बड़े ही बेबाक अंदाज में सबके सामने एक महिला एएसआई को बताया कि वे दोनों अजयगढ़ थाना क्षेत्र के एक ही गांव में पड़ोस में रहते हैं। उनके बीच पिछले पांच साल से प्रेम संबंध हैं। इसकी जानकारी दोनों के परिवार वालों को है। युवती ने बताया कि घर के लोग मेरे ऊपर इच्छा के विरुद्ध विवाह करने का दबाब डाल रहे हैं। मना करने पर उसके साथ कई बार मारपीट भी की गई। युवती के अनुसार वह कक्षा 11वीं उत्तीर्ण है, अंकसूची के आधार पर वर्तमान में उसकी उम्र 20 वर्ष है, इसलिए वह अपने जीवन का निर्णय लेने में सक्षम व स्वतंत्र है। इस दौरान वह बार-बार यह आरोप लगाती रही कि कथिततौर पर उसके अधिवक्ता ने उनके साथ धोखा किया है। विवाह कराने के नाम पर मोटी फीस लेने के बाद भी संकट में हमारी कोई मदद नहीं की। युवती ने कोतवाली पुलिस से चेतावनी भरे लहजे कहा कि यदि उसे किसी के दबाब में प्रेमी से विवाह करने से रोका गया तो वह अपनी जान दे देगी।

सांकेतिक फोटो।

युवती के इन तेवरों को देखते हुए पुलिस ने उसके गुम होने संबंधी डायल 100 पर हुई शिकायत की जाँच का हवाला देकर काफी समझाइश के बाद बमुश्किल भाइयों के साथ अजयगढ़ थाना जाने के लिए राजी किया। सोमवार की शाम युवती को अपनी सुपुर्दगी में लेकर उसके दोनों भाई अजयगढ़ के लिए रवाना हो गए। जबकि युवक को पूंछतांछ के लिए थाना में रातभर रोक कर रखा गया। उक्त युवक की आयु करीब 23 वर्ष है। वर्तमान में वह इंदौर में प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग कर रहा है। मंगलवार की सुबह युवक के परिजनों के आने पर कोतवाली थाना पुलिस ने उसे भी सुपुर्दगी में देकर छोड़ दिया। इस प्रकरण में कोतवाली थाना पुलिस की भूमिका को लेकर जब पन्ना एसपी से पूंछा गया तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए अधीनस्थों से जानकारी लेकर जबाब देने की बात कही। कुछ समय बाद पुलिस कप्तान से पुनः सम्पर्क करने पर उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। उधर अजयगढ़ थाना प्रभारी ने भी मोबाइल रिसीव नहीं किया।

इनका कहना है-  “कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ संगठनों के लोग उनकी कोर्ट मैरिज का विरोध करने के लिए एकत्र हो गए थे जिससे युवक-युवती पर खतरे को देखते हुए कोतवाली थाना लाया गया था। साथ ही उक्त युवती के लापता होने के संबंध उसके परिजनों ने डायल 100 पर सूचना दी थी। युवती के संदिग्ध अवस्था कलेक्ट्रेट परिसर में देखे जाने की सूचना मिलने पर उसे परिजनों के सुपुर्द कर अग्रिम कार्रवाई हेतु अजयगढ़ थाना भेजा गया। युवक को भी आज सुबह छोड़ दिया है।”             

            अरविंद कुजूर, निरीक्षक कोतवाली थाना पन्ना

नव कलाप्रयोगों से नई पीड़ी को “श्रीरामकथा” की जीवन उपयोगिता और महत्व बताया

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प्रस्तुति गायिका सुश्री ममता शर्मा एवं साथी बनारस द्वारा अवधी गीतों की प्रस्तुति दी गई।

श्रीरामकथा के नव कलाप्रयोगों पर एकाग्र ‘‘रामायणम’’ समारोह का हुआ समापन

पारम्परिक नृत्य शैलियों के समन्वय से श्रीरामकथा नृत्य नाट्य की प्रस्तुति

अवधी गीतों में राम जन्म से लेकर राम वनवास तक के प्रसंगो को सुनाया

चित्रकूट। रडार न्यूज    मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा तुलसी शोध संस्थान, चित्रकूट में श्रीरामकथा के नव कलाप्रयोगों पर एकाग्र तीन दिवसीय प्रतिष्ठा आयोजन ‘रामायणम’ का आयोजन 11 से 13 अगस्त 2018 तक तुलसी भवन के नवनिर्मित ऑडिटोरियम में किया गया। श्रीरामकथा के कलारूपों की भारत के अनेक प्रान्तों की गायन, नृत्य, नाट्य आदि शौलियों में गान, मंचन और अभिनय की सुदीर्ध परम्परा है। रामकथा आख्यान विश्व की ऐसी मूल्य निर्मिति की कथा है जिसका विस्तार अन्य देशों में भी हैं। समकाल में हो रहे परिवर्तनों से कलाएँ भी अछूती नहीं है। ऐसे समय में हमारा दायित्व है कि नई पीढ़ी को मूल्यों के इस महाग्रन्थ की शास्वत जीवन उपयोगिता और महत्व के बारे में बताया जाये।

समकाल में कलाएँ इसका सशक्त माध्यम है। इस दृष्टि से रामकथा के नव कलाप्रयोगों को आधार बनाकर तीन दिवसीय ‘रामायणम’ समारोह की परिकल्पना की गई हैं। जिस तहर से पिछले दो दिनों में नवाचारी प्रयोगों को सुधि दर्शक-श्रोताओं की सराहना और प्रतिक्रिया मिली है तथा बच्चों और युवाओं ने जिस गभीरता के साथ कथा को देखा-सुना है, उससे इस आयोजन की सार्थकता श्री राम की लीला चित्रकूट में आशाजनक लगती है। बशर्ते इसकी गंभीरता को समझा जाये।
समारोह के समापन दिवस 13 अगस्त, 2018 को पहली प्रस्तुति गायिका -सुश्री ममता शर्मा एवं साथी -बनारस द्वारा अवधी गीतों में राम जन्म से लेकर राम वनवास तक के प्रसंगो पर आधारित गीतों की प्रस्तुतियाँ दी गई। दूसरी प्रस्तुति तिरूअनंतपुरम केरल से पधारे जॉय कृष्नन और साथियों द्वारा केरल की पारम्परिक नृत्य शैली केरलानादनम और शास्त्रीय नृत्य शैली भरतनाट्यम और कुचीपुड़ी के समन्वय से श्रीरामकथा नृत्य नाट्य की प्रस्तुतियाँ प्रकाश और ध्वनि के साथ कलाकारों के अद्भुत कला को देखकर दर्शकों द्वारा बार-बार तालियों से अभिवादन एवं मंत्रमुग्ध कथा का श्रवण करते रहे।