कोर्ट मैरिज करने आया प्रेमी युगल क्यों पहुंचा हवालात !

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सांकेतिक फोटो।

पन्ना कलेक्ट्रेट से दोनों को पकड़कर पुलिस ले गई कोतवाली थाना

कतिपय संगठनों के विरोध के कारण वैवाहिक बंधन में नहीं बंध पाए दो बालिग

पन्ना। रडार न्यूज  हमारा समाज चाहे कितना भी आधुनिक क्यों न हो, पर आज आम सोच यही है कि बच्चों की जिंदगी पर माता-पिता का पूरा अधिकार है। बच्चों को अपनी जिंदगी हर फैसला उनसे पूंछकर ही लेना चाहिए। बात अगर शादी की हो तो माता-पिता की राय का काफी महत्व समझा जाता है। जिसे जीवनसाथी चुना है अगर वह अंतरजातीय है तो उससे विवाह के लिए परिवार को राजी करना आसान नहीं होता है। यदि प्रेमी जोड़ा अंतरधार्मिक है तो समस्या कहीं अधिक जटिल हो जाती है। दरअसल समाज में स्वीकार्यता ना होने के कारण अंतरधार्मिक विवाह को किसी गंभीर अपराध या पाप की तरह देखा जाता है। यही वजह है कि अंतरधार्मिक जोड़े की शादी के लिए प्रायः उनके परिवार के लोग ही राजी नहीं होते और समाज तो हमेशा ही इनके खिलाफ रहता है। कस्बाई और ग्रामीण इलाकों में तो अंतरधार्मिक विवाहों पर खासा बबाल मचता है। कतिपय संगठन अपने राजनैतिक उद्देश्य की पूर्ती के लिए युवक और युवती का धर्म देखकर इनका समर्थन या विरोध करते हैं। मध्यप्रदेश के पन्ना में सोमवार को कुछ ऐसा ही हुआ। यहां एक अंतरधार्मिक प्रेमी जोड़े को कानूनी रूप से विवाह करने के लिए हर कदम पर विरोध और अड़चनों का सामना करना पड़ा।

अलग-अलग धर्मों से ताल्लुक रखने वाला प्रेमी युगल कतिपय संगठनों के विरोध और उसके दबाब में पन्ना कोतवाली थाना पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के कारण कानूनी रूप से विवाह बंधन में नहीं बंध सका। दोनों बालिगों को पुलिस कानून व्यवस्था बिगड़ने व डायल 100 पर युवती के परिजनों द्वारा की गई शिकायत का हवाला देकर पन्ना कलेक्ट्रेट कर्यालय से कोतवाली थाना ले गई। उधर युवती को खोजते हुए उसके भाई कुछ ही देर बाद वहां पहुंच गए। दोनों भाईयों ने पुलिस की मौजूदगी में बहिन से जब घर चलने को कहा तो उसने प्रेमी को छोड़कर कहीं भी जाने से साफ़ इंकार कर दिया।

सांकेतिक फोटो।

युवती ने बड़े ही बेबाक अंदाज में सबके सामने एक महिला एएसआई को बताया कि वे दोनों अजयगढ़ थाना क्षेत्र के एक ही गांव में पड़ोस में रहते हैं। उनके बीच पिछले पांच साल से प्रेम संबंध हैं। इसकी जानकारी दोनों के परिवार वालों को है। युवती ने बताया कि घर के लोग मेरे ऊपर इच्छा के विरुद्ध विवाह करने का दबाब डाल रहे हैं। मना करने पर उसके साथ कई बार मारपीट भी की गई। युवती के अनुसार वह कक्षा 11वीं उत्तीर्ण है, अंकसूची के आधार पर वर्तमान में उसकी उम्र 20 वर्ष है, इसलिए वह अपने जीवन का निर्णय लेने में सक्षम व स्वतंत्र है। इस दौरान वह बार-बार यह आरोप लगाती रही कि कथिततौर पर उसके अधिवक्ता ने उनके साथ धोखा किया है। विवाह कराने के नाम पर मोटी फीस लेने के बाद भी संकट में हमारी कोई मदद नहीं की। युवती ने कोतवाली पुलिस से चेतावनी भरे लहजे कहा कि यदि उसे किसी के दबाब में प्रेमी से विवाह करने से रोका गया तो वह अपनी जान दे देगी।

सांकेतिक फोटो।

युवती के इन तेवरों को देखते हुए पुलिस ने उसके गुम होने संबंधी डायल 100 पर हुई शिकायत की जाँच का हवाला देकर काफी समझाइश के बाद बमुश्किल भाइयों के साथ अजयगढ़ थाना जाने के लिए राजी किया। सोमवार की शाम युवती को अपनी सुपुर्दगी में लेकर उसके दोनों भाई अजयगढ़ के लिए रवाना हो गए। जबकि युवक को पूंछतांछ के लिए थाना में रातभर रोक कर रखा गया। उक्त युवक की आयु करीब 23 वर्ष है। वर्तमान में वह इंदौर में प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग कर रहा है। मंगलवार की सुबह युवक के परिजनों के आने पर कोतवाली थाना पुलिस ने उसे भी सुपुर्दगी में देकर छोड़ दिया। इस प्रकरण में कोतवाली थाना पुलिस की भूमिका को लेकर जब पन्ना एसपी से पूंछा गया तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए अधीनस्थों से जानकारी लेकर जबाब देने की बात कही। कुछ समय बाद पुलिस कप्तान से पुनः सम्पर्क करने पर उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। उधर अजयगढ़ थाना प्रभारी ने भी मोबाइल रिसीव नहीं किया।

इनका कहना है-  “कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ संगठनों के लोग उनकी कोर्ट मैरिज का विरोध करने के लिए एकत्र हो गए थे जिससे युवक-युवती पर खतरे को देखते हुए कोतवाली थाना लाया गया था। साथ ही उक्त युवती के लापता होने के संबंध उसके परिजनों ने डायल 100 पर सूचना दी थी। युवती के संदिग्ध अवस्था कलेक्ट्रेट परिसर में देखे जाने की सूचना मिलने पर उसे परिजनों के सुपुर्द कर अग्रिम कार्रवाई हेतु अजयगढ़ थाना भेजा गया। युवक को भी आज सुबह छोड़ दिया है।”             

            अरविंद कुजूर, निरीक्षक कोतवाली थाना पन्ना