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सब्जी उत्पादन से खेती को बनाया लाभ का धंधा | कृषक लखनलाल की आय में हुआ इजाफा

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स्टेकिंग पद्धति द्वारा सफलतापूर्वक उगाई गई कद्दूवर्गीय फसलों को दिखाते कृषक लखनलाल कुशवाहा।

कृषि वैज्ञानिकों की सलाह पर खेती करके जनवार के किसान ने बदली तकदीर 

हर साल 15-17 लाख की होने लगी आय, परिवार में आई खुशहाली और सम्पन्नता

प्रेरणा लेकर गांव के अन्य किसानों ने भी अपनाई खेती की उन्नत तकनीक

पन्ना। रडार न्यूज    उन्नत तकनीक अपनाकर और कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर खेती की जाये तो वह लाभ का धंधा बन सकती है। कृषक लखनलाल ने यह साबित कर दिया है। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्राम जनवार के निवासी काश्तकार लखनलाल कुशवाहा की गिनती आज जिले के प्रगतिशील किसानों में होती है। परम्परागत खेती के साथ-साथ फल-सब्जी उत्पादन और खेती से जुड़ी सहायक गतिविधियों को अपनाकर इस वृद्ध किसान ने खेती के धंधे को और अधिक लाभकारी बना लिया है। जिसके कारण उनका परिवार खुशहाल एवं सम्पन्न हो गया है। उन्हें आज वैज्ञानिक तकनीक से परंपरागत फसलें एवं सब्जियों के उत्पादन से सिर्फ 12 एकड़ कृषि भूमि से प्रतिवर्ष औसत 15 से 17 लाख रूपये की आय होने लगी है।

अपने तीनों पुत्रों के साथ खड़े प्रगतिशील किसान लखनलाल कुशवाहा।

लागत और मेहनत की तुलना में खेती से होने वाली कई गुना अधिक आय को देखते हुए कृषक लखनलाल कुशवाहा के तीनों बेटे शिक्षित होने के बाबजूद सरकारी नौकरी ना कर आधुनिक पद्धति से खेती कर रहे हैं। अच्छी बात यह है कि इनके खेत में वर्ष भर औसतन एक दर्जन श्रमिकों को रोजगार भी मिल रहा है। जिला मुख्यालय पन्ना से महज 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम जनवार के काश्तकार लखनलाल के संघर्ष और सफलता की कहानी किसी सुपरहिट फिल्म की पटकथा जैसी है। जनवार के लोगों के बीच रियल हीरो की छवि बनाने वाले इस किसान के बारे जानकर यह विश्वास और अधिक मजबूत होता है कि सफलता पर किसी का एकाधिकार नहीं है। यदि कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति, रणनीति, संकल्प और मन में दृढ़ विश्वास हो तो सफलता कदम चूमती है। कुछ वर्ष पूर्व तक लखनलाल कुशवाहा की स्थिति भी दूसरे किसानों के जैसी थी। रातदिन अथक परिश्रम करने के बाद खेती से उनका किसी तरह जीविकोपार्जन ही चलता था। इस बीच कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना के वैज्ञानिकों के संपर्क में आने के बाद लखनलाल ने जब उनकी सलाह पर खेती की तो उन्हें अच्छी-खासी आय होने लगी। बस यहीं से इस किसान की जिंदगी ने ऐसी करवट ली कि उसकी तकदीर ही बदल गई।

एक बार की मेहनत से लेते हैं तीन फसलें

काश्तकार लखनलाल द्वारा अनुपयोगी लेंटाना, बांस और जीआई तार की मदद से कद्दूवर्गीय फसलों का उत्पादन स्टेकिंग पद्धति द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है। कद्दूवर्गीय फसलों को फैलने के लिए सहारा देने लेंटाना की झाड़ियों और जीआई तार के उपयोग से भूमि से 5-6 फिट ऊँचा जाल बनाने में सिर्फ एक बार मेहनत और लागत लगती है जबकि इससे तीन फसलों का उत्पादन प्राप्त होता है। स्टेकिंग पद्धति के जरिये लखनलाल वर्तमान में खीरा (ककड़ी), गिलकी, लौकी की फसल ले रहे हैं। इसके बाद सैम, कद्दू , करेला का उत्पादन होगा। अर्थात बारिश के मौसम से लेकर शुरुआती गर्मियों के मौसम तक एक के बाद एक फसल की पैदावार आती रहती है। लखनलाल कुशवाहा के पास कुल 12 एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने अपने दोनों खेतों में की 60 फीसदी भूमि पर स्टेकिंग पद्धति से कद्दूवर्गीय फसलें लगाई है। इनके फसल चक्र के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि खीरा की फसल बुबाई से लेकर 90 दिनों तक रहती है। इसके बाद लौकी की फसल बुबाई से लेकर 140 दिन तक रहती है। साल के आखिरी महीने यानि दिसंबर में सैम की फसल आती है जोकि मार्च तक फलियां देती है। लखनलाल के अनुसार स्टेकिंग तैयार करने में आने वाली लागत खीरा की एक-दो बार की बिक्री में ही निकल आती है। इस तरह खीरा के बाद आने वाली दो फसलों से उन्हें शुद्ध आय होती है। इसके अलावा वे बैगन, प्याज, मिर्च, टमाटर, भिंडी आदि सब्जियां लगाते हैं।

आम, अमरुद और अचार से भी कमाई

प्रदेश में खेती को लाभकारी बनाने के लिये किसानों को परम्परागत खेती के साथ-साथ उद्यानिकी और खेती से जुड़ी सहायक गतिविधियों के लिये भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। फलस्वरूप कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना के प्रमुख डॉ. बी.एस. किरार और डॉ. आर. के. जायसवाल की सलाह पर किसान लखनलाल कुशवाहा ने अपने खेत की मेढ़ पर अच्छी किस्म के अमरुद, आम, नीबू और अचार (चिरौंजी) के पेड़ लगाए थे, जोकि पिछले कुछ वर्षों से हर सीजन में बंफर उत्पादन देकर आय बढ़ाने में मददगार साबित हो रहे हैं। इनके खेत में अमरुद के 70, आम की विभिन्न किस्मों के 25, अचार के 15, और नींबू के 10 पेड़ लगे हैं। इसके अलावा वे पशुपालन भी कर रहे हैं। दस नग भैंस वंशीय पशुओं से कुशवाहा परिवार को जहां पर्याप्त दूध-घी मिल रहा है, वहीं उसकी बिक्री से अतिरिक्त आय हो रही है। लखनलाल कुशवाहा के सबसे छोटे बेटे मनमोहन ने बताया कि वह अपनी भैंसों को अच्छी क्वालिटी का चारा खिलाते है। अपने खेत के एक हिस्से में वे पशुओं के लिए नैपियर घास का उत्पादन भी कर रहे हैं। वहीं पशुओं के गोबर का जैविक खाद के रूप में उपयोग अपने खेतों में करके ज्यादा फसल उत्पादित कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों की उपयोगी सलाह पर खेती करते हुए लखनलाल और उनके तीनों पुत्रों ने छोटे-छोटे प्रयासों से सफलता की ऐसी कहानी लिखी है जिसे देखकर जनवार सहित आसपास के गांवों के लोगों की खेती को लेकर सोच में बदलाव आया है। इनसे प्रेरणा लेकर अन्य लोगों में भी यह उम्मीद जागी है कि वे भी अपनी खेती को लाभ का धंधा बनाकर खुशहाल एवं सम्पन्न हो सकते हैं। जनवार ग्राम में आये इस सकारात्मक बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण वे आदिवासी हैं जोकि कुछ साल पहले तक लखनलाल के खेतों में बतौर कृषि मजदूर काम किया करते थे। आज वे स्वयं लखनलाल के नक्शेकदम पर चलते हुए कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकी को अपनाकर खेती से अपनी आर्थिक स्थिति सवांर रहे हैं।

खेती में मुनाफा देखकर नहीं की नौकरी

प्रदेश और केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए आज जहां कई योजनाएं और कार्यक्रम संचालित कर प्रतिवर्ष उन पर बड़ी धन राशि खर्च कर रही हैं, वहीं लखनलाल कुशवाहा जैसे लोग भी हैं जोकि सिर्फ विशेषज्ञों की सलाह मात्र से अपने बलबूते ही खुशहाली और समृद्धि की इबारत लिख रहे हैं। यह खेती से होने वाली अच्छी-खासी कमाई का ही नतीजा है कि लखनलाल के तीनों पुत्रों – चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा, लक्ष्मी प्रसाद और मनमोहन कुशवाहा ने पढ़े-लिखे होने के बाबजूद आज तक नौकरी के बारे में नहीं सोचा। तीनों भाइयों का मानना है कि थोड़ा प्रयास करने पर उन्हें छोटी-मोटी सरकारी नौकरी मिल सकती थी। लेकिन उसमें जितनी वेतन मिलती उससे कई गुना अधिक आज वे खुद मालिक बनकर कमा रहे हैं। खेती ने इन्हें इतना सक्षम बना दिया है कि आज वे दूसरों को नियमित रूप से रोजगार दे रहे हैं। खेती के काम में इनकी वृद्ध माँ हल्की बाई आज भी बराबर से हांथ बटाती हैं। इस परिवार में खेती को लेकर गज़ब का उत्साह है। खेती से इनके जीवन में आई सम्पन्नता का प्रमाण आधुनिक साधन जैसे स्वयं के दो ट्रेक्टर-ट्राली, पिकअप जीप, आधुनिक कृषि उपकरण, डीजल एवं समर्सेबल पम्पों के अलावा खेतों की सिंचाई की समुचित व्यवस्था होना है।

पन्ना सहित पड़ोसी जिलों में बेंचते हैं सब्जी

पैर से विकलांग चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि उनके खेत से निकलने वाली सब्जी को छोटा भाई पिकअप जीप से लेकर पन्ना, सतना, देवेंद्रनगर, अमानगंज, कटनी, रीवा और जबलपुर तक बेंचने जाता है। इनकी सब्जी की बाजार में अच्छी मांग रहती है क्योंकि ताजी होने के साथ-साथ उसे जैव उर्वरकों और जैविक कीटनाशकों का उपयोग कर उगाया जाता है। रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग नाम मात्र के लिए ही करते हैं। उधर लखनलाल कुशवाहा 63 साल की उम्र में आज भी अपनी बाइक से प्रतिदिन सब्जी बेंचने के लिए पन्ना जाते हैं। जहां उनकी सब्जी हाथों-हाथ बिक जाती है। उम्र के इस पड़ाव में भी लखनलाल मेहनत, लगन और उत्साह के मामले किसी से पीछे नहीं है। कठिन परिश्रम से अर्जित अपनी सफलता को वे बड़ी ही साफ़गोई से बताते हैं। अपने जीवन संघर्ष के पन्नों को पलटते हुए वे कहते आज में जहां खड़ा हूँ उससे पूर्णतः संतुष्ट हूँ। लखनलाल कुशवाहा के फर्श से अर्श तक पहुंचने की कहानी उन्नत खेती की बदौलत जीवन संवारने की गवाह बनी हुई है। जिसके कारण उनका परिवार अब जागरूक समृद्ध परिवारों की श्रेणी में गिना जानें लगा हैं। उनका कहना है कि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक को अपनाकर मेहनत-लगन से खेती की जाये साथ ही खेती से जुड़ी सहायक गतिविधियों पर भी फोकस किया जाये तो खेती-किसानी मुनाफे का धंधा साबित हो सकती है।

इनका कहना है-    लखनलाल कुशवाहा से आज जनवार के किसान प्रेरणा ले रहे हैं। खेती को लाभ का धंधा बनाकर उससे आय कई गुना कैसे बड़ाई जाये, यह इस प्रगतिशील किसान से भलीभांति सीखा जा सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र के मार्गदर्शन में कुशवाहा परिवार पिछले पांच साल से उन्नत तकनीक को अपनाकर खेती कर रहा है। वे पूर्णतः जैविक खेती की और अग्रसर हैं।

डॉ. बी. एस. किरार, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र जिला पन्ना।

बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अपग्रेड किये जायें कॉल सेंटर

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सांकेतिक फोटो।

प्रमुख सचिव ऊर्जा ने जबलपुर में बिजली व्यवस्था की समीक्षा की

भोपाल। रडार न्यूज     प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक सुविधायें मुहैया करवाने के लिए कॉल सेंटरों को अपग्रेड करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके लिए कॉल सेन्टरों में कार्यरत कार्मिकों की संख्या और संसाधन बढ़ाने के लिए कहा गया है। प्रमुख सचिव ऊर्जा आई.सी.पी. केशरी ने आज जबलपुर में बिजली कंपनियों के कार्यों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिये। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक संजय कुमार शुक्ल ने कहा कि उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति समस्याओं के समाधान और लाइन कार्मिकों के उचित समन्वय के लिए वायरलेस सेट्स का उपयोग किया जाए।

प्रमुख सचिव श्री केशरी ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को निर्देश दिए कि कंपनी के प्रत्येक डिवीजन और जिले में बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए एक नोडल अभियंता नियुक्त किया जाए। नोडल अभियंता के वाट्सऐप युक्त मोबाइल नंबर की सूचना प्रत्येक उपभोक्ता को आवश्यक रूप से दी जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना-सौभाग्य का लक्ष्य इस वर्ष अक्टूबर माह तक हासिल करना है। इसके लिए उच्च शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों की सहायता से सर्वेक्षण करवा कर बिजली विहीन घरों को कनेक्शन प्रदान करने की कार्यवाही की जाए।

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि उपभोक्ता शिविर में सरल बिजली स्कीम के लिए पृथक से विशेष काउंटर लगाए जाएं। इस माह के अंत तक पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सर्किल और डिवीजन में योजना का लक्ष्य हासिल किया जाये। सरल बिजली बिल का लाभ लेने वालों का पूरा डाटा तीन माह के भीतर डिजीटाइज कर दिया जाए। डिजीटल डाटा में डिवीजन, डिस्ट्रीब्यूशन कोड उपभोक्ता के आईवीआरएस और श्रमिक आईडी टेग रहेगा। उन्होंने मैदानी अभियंताओं से कहा कि 25 अगस्त और 8 सितंबर को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत का पंजीकृत श्रमिकों, कर्मकारों और किसानों को व्यापक लाभ दिलावाया जाये। जिन हितग्राहियों के प्रकरण समाप्त हो रहे हों, उनकी उपस्थिति मैदानी बिजली अभियंता अदालत में सुनिश्चित की जाये। रबी सीजन से पूर्व बिजली प्रणाली सुदृढ़ीकरण कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाये।सब स्टेशन और लाइन के निर्धारत कार्य समय सीमा में पूरे किये जाएं। उन्होंने ट्रांसफार्मर की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में सौभाग्य योजना, सरल बिजली बिल स्कीम, मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिजल माफी स्कीम 2018, शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति स्थिति, राजस्व, मीटराइजेशन योजना आदि की समीक्षा की गई।

भोपाल और ग्वालियर में “अटल” की स्मृति में बनेंगे स्मारक | हबीबगंज रेल्वे स्टेशन भी वाजपेयी के नाम पर होगा !

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पुष्पचक्र अर्पित कर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान।

मध्यप्रदेश के स्कूलों में अगले साल से पढ़ाई जायेगी उनकी जीवनी

सात स्मार्ट सिटी में विश्वस्तरीय लाइब्रेरीभी बनेंगी उनके नाम पर 

भोपाल । रडार न्यूज     मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये राज्य सरकार ने कई निर्णय लिये हैं। भोपाल और ग्वालियर में उनकी स्मृति में भव्य स्मारक बनाये जायेंगे। ग्वालियर के गोरखी के जिस विद्यालय में स्वर्गीय वाजपेयी कक्षा 6 से 8 तक पढ़े थे उसे उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। इसमें स्मार्ट क्लास, प्लेनेटोरियम और म्यूजियम बनाया जायेगा, साथ ही स्वर्गीय अटल बिहारी की प्रतिमा स्थापित की जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास में कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में भोपाल और ग्वालियर में स्मृति वन स्थापित किये जायेंगे। जिनमें अटल की प्रतिमा के साथ उनके कार्यों को बेहतर ढ़ंग से प्रस्तुत किया जायेगा ताकि भावी पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके। भोपाल में 600 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे ग्लोबल स्किल पार्क का नाम स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जायेगा। प्रदेश के स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किये जा रहे सात शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और सतना में स्वर्गीय अटल के नाम पर विश्वस्तरीय लाइब्रेरी स्थापित की जायेगी। इन लाइब्रेरियों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में युवाओं के लिये कोचिंग, शोध और सामाजिक चिंतन के केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। इसी तरह सात स्मार्ट सिटी में बन रहे इनक्यूबेशन सेंटर्स का नाम स्वर्गीय अटल जी के नाम पर रखा जायेगा। इन सेंटरों पर मध्यप्रदेश के युवाओं को स्टार्टअप स्थापित करने की सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी।

तीन राष्ट्रीय पुरस्कार स्थापित किये जायेंगे

पूर्व सांसद कैलाश नारायण सारंग ने स्थानीय गुजराती भवन में हुई श्रद्धांजलि सभा में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धा-सुमन अर्पित किये।

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी अगले वर्ष से स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल की जायेगी। स्वर्गीय अटल बिहारी के नाम से तीन राष्ट्रीय पुरस्कार स्थापित किये जायेंगे। पाँच-पाँच लाख रूपये के यह पुरस्कार कविता, पत्रकारिता और सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को दिये जायेंगे। प्रदेश में श्रमिकों के बच्चों के लिये बनाये जा रहे चार श्रमोदय विद्यालयों के नाम भी स्वर्गीय अटल जी के नाम पर रखे जायेंगे। विदिशा में शुरू हो रहे मेडिकल कॉलेज का नाम भी उनके नाम पर रखा जायेगा। भोपाल के अत्याधुनिक हबीबगंज रेल्वे स्टेशन का नाम स्वर्गीय अटल के नाम पर करने के लिये केन्द्रीय रेलमंत्री से आग्रह किया जायेगा।

21 को भोपाल में श्रद्धांजलि सभा

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आगामी 21 अगस्त को भोपाल में समाज का हर वर्ग स्वर्गीय वाजपेयी श्री को श्रद्धांजलि दें इसके लिये रविन्द्र भवन के मुक्ताकाश में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जायेगी। आगामी 22 से 25 अगस्त बीच सभी जिला मुख्यालय में तथा आगामी 25 से 30 अगस्त के बीच सभी विकासखण्ड और ग्राम पंचायतों में भी श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जायेगी। उनकी अस्थियों को नर्मदा सहित प्रदेश की सभी प्रमुख नदियों में प्रवाहित किया जायेगा।

केरल बाढ़ प्रभावितों की सहायता की अपील

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केरल के बाढ़ प्रभावितों के लिये राज्य सरकार द्वारा दस करोड़ रूपये की सहायता राशि भेजी जायेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपील की है कि संकट की इस घड़ी में अपने सामर्थ्य के अनुसार केरल के बाढ़ प्रभावितों को सहयोग करें। इसके लिये मुख्यमंत्री सहायता कोष में केरल सहायता के नाम से खाता क्रमांक 37885301406 स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बल्लभ भवन शाखा में राशि जमा करा सकते हैं।

 

मतदान केन्द्र पर वोटर लिस्ट में इसलिए चेक करें अपना नाम !

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सांकेतिक फोटो।

मतदाता सूची द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य 31 तक

पन्ना। रडार न्यूज     आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव के पूर्व मतदाता सूची को पूर्णतः त्रुटि रहित बनाने के लिए द्वितीय विशेष पुनरीक्षण कार्य प्रारंभ हो गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री ने जानकारी देते हुये बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य 31 अगस्त-2018 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। उन्होंने जिले के आम मतदाता से अपील करते हुये कहा है कि मतदाता अपने मतदान केन्द्र् पर जाकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज होने की पुष्टि करें। उसमें यदि कही कोई संशोधन कराना चाहते हो अथवा कोई आपत्ति हो तो निर्धारित दिनांक के पूर्व बीएलओ अथवा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं।

मतदाताओं को बीवीपीएटी की दी जाएगी जानकारी

चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाये रखने के लिए इस बार ईव्हीएम के साथ बीवीपीएटी मशीनों का भी उपयोग किया जायेगा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री ने आम मतदाता को को ईव्हीएम वीवीपीएटी की जानकारी देने के लिए इनका प्रदर्शन मतदान केन्द्रों पर करने के निर्देश दिये हैं । उन्होने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पन्ना, पवई, अजयगढ़, गुनौर एवं शहनगर तथा परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास पन्ना, अजयगढ़ , गनौर एवं पवई के साथ सहायक संचालक उद्यान पन्ना को एक-एक ईव्हीएम मय बीवीपीएटी मशीन के साथ उपलब्ध कराते हुये निर्देश दिये है कि प्रति दिन कम से कम दस मतदान केन्दों में प्रदर्शित कर आम मतदाता को जानकारी उपलब्ध करायें ।

पंचतत्व में विलीन हुए “अटल बिहारी” | दत्तक पुत्री नमिता ने दी मुखाग्नि

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शोक में डूबे देश ने नम आँखों से दी अंतिम विदाई

राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

नई दिल्ली।  देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी शुक्रवार शाम को पंचतत्व में विलीन हो गए। आज लाखों-करोड़ों लोगों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। उनकी अंत्येष्टि नई दिल्ली के स्मृति स्थल में की गई। उनकी दत्तक बेटी नमिता भट्टाचार्य ने जैसे ही उन्हें मुखाग्नि दी वहां मौजूद लोगों की आंखें छलक उठीं।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल थे। इसके अलावा भूटान नरेश जिग्मे खेसर, पाकिस्तान के कानून मंत्री अली ज़फ़र, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका के कार्यवाहक विदेश मंत्री लक्ष्मण किरिएला विदेश मंत्रियों समेत कई विदेशी नेताओं ने भी वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह समेत भाजपा के नेता अंतिम यात्रा में पैदल ही शामिल हुए और करीब सात किलोमीटर की दूरी तय करके स्मृति स्थल पहुंचे। वाजपेयी की अंतिम यात्रा भाजपा कार्यालय से शुरू होकर जिस मार्ग से गुज़री, सड़क के दोनों ओर बड़ी तादाद में लोग उनके अंतिम दर्शन करने के लिए कई घंटों से खड़े थे। अंतिम यात्रा के दौरान पूरे समय “अटल बिहारी वाजपेयी अमर रहे,” “जब तक सूरज–चांद रहेगा, अटलजी का नाम रहेगा”, “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम”, के नारे गूंजते रहे।

उल्लेखनीय है कि अटल बिहारी वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार की शाम दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया था। वे 93 वर्ष के थे। आज सुबह उनके पार्थिव शरीर को भाजपा के मुख्यालय में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया था जहां भाजपा के सभी दिग्गज नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी भाजपा कार्यालय पहुंचकर वाजपेयी को अंतिम श्रद्धासुमन अर्पित किए। दोपहर करीब 2 बजे यहीं से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। रास्ते में लोग अपने चहेते नेता के शव पर पुष्प वर्षा करते रहे। स्मृति स्थल पर अंतिम संस्कार से पहले सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सलामी दी। तत्पश्चात शाम के समय पूरे राजकीय सम्मान के साथ वाजपेयी का अंतिम संस्कार संपन्न किया गया।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन | देशभर में शोक की लहर

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दिल्ली के एम्स में चल रहा था इलाज, राजनीति के युग का हुआ अंत

नई दिल्ली। रडार न्यूज   देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का इलाज के दौरान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में निधन हो गया। उनकी हालत पिछले कुछ दिनों से नाजुक बनी थी और उसमें कोई सुधार नहीं हो रहा था। 93 वर्षीय श्री वाजपेयी काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। आज शाम पांच बजकर पांच मिनट पर उन्होंने अंतिम साँस ली। एम्स ने इस संबंध प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी है। इसके पूर्व एम्स प्रबंधन ने गुरुवार सुबह 11 बजे मेडिकल बुलेटिन जारी कर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत काफी नाजुक बताई थी। उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार पुनः अटल बिहारी वाजपेयी को देखने के लिए एम्स पहुंचे। बुधवार को भी वे एम्स गए थे।

श्री वाजपेयी की हालत नाजुक होने की खबर आने के बाद एक-एक कर कई बड़े नेता उन्हें देखने के लिए एम्स पहुंचे। वाजपेयी से मिलने पहुंचने वालों में भाजपा के सीनियर नेता लाल कृष्ण आडवाणी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन प्रमुख हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी श्री वाजपेयी की हालत जानने एम्स पहुंचे। मालूम हो कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को इसी वर्ष जून में किडनी में संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से एम्स में भर्ती कराया गया था। भाजपा के संस्थापकों में शामिल अटल जी तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे हैं। अटल जी के निधन से देश में शोक की लहर देखी जा रही। कई नेताओं ने उनके निधन को भारतीय राजनीति के एक युग का अंत बताया।

वर्ष 1996 में पहली बार बने थे प्रधानमंत्री

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दस बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए अटल बिहारी वाजपेयी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। एक लोकप्रिय वक्ता होने के साथ-साथ वे अच्छे कवि और पत्रकार भी थे। वे दूसरी लोकसभा से चौदहवीं लोकसभा तक सांसद रहे। वर्ष 1996 में श्री वाजपेयी पहली बार सिर्फ 13 दिनों के लिए प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन बहुमत साबित न कर पाने की वजह से 31 मई 1996 को उन्हें त्यागपत्र देना पड़ा था। इसके बाद वर्ष 1998 तक लोकसभा में विपक्ष के नेता रहे। वर्ष 1998 के आमचुनावों में सहयोगी दलों के साथ उन्होंने लोकसभा में अपने गठबंधन का बहुमत साबित किया और इस तरह एक बार फिर प्रधानमंत्री बने। लेकिन एआईएडीएमके द्वारा समर्थन वापस लेने के कारण उनकी सरकार गिर गई और इस तरह वर्ष 1999 एक बार फिर आम चुनाव हुए। यह चुनाव एनडीए ने साझा घोषणापत्र पर लड़ा जिसमें बहुमत मिलने पर वाजपेयी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली थी।

दीवार में अनुभूति के रंग भरकर “बाघ और जंगल की दुनिया” दिखाने वाले स्टूडेंट्स हुए पुरुस्कृत 

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विजेता प्रतिभागियों को पुरुष्कार वितरित करतीं डीएफओ मीना कुमारी मिश्रा एवं समीप खड़े के.एस.भदौरिया क्षेत्र संचालक, नरेश सिंह यादव डीएफओ उत्तर पन्ना।

बाघ दिवस पर आयोजित पेंटिग प्रतियोगिता के पुरूस्कार वितरण कार्यक्रम संपन्न

प्रतिभागियों को बाघ संरक्षण से वन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बताया

पन्ना। रडार न्यूज    बेजान दीवारों पर कूचियां चलाकर अपनी अनुभूति के रंगों से उनमें बाघ और जंगल की दुनिया जीवंत करने वाले बच्चों को बुधवार 15 अगस्त को एक गरिमामयी कार्यक्रम में पुरुष्कृत किया गया। पेंटिंग प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल द्वारा तीन अलग-अलग श्रेणी के टॉप थ्री विजेताओं के नामों की पूर्व में की गई घोषणा की गई थी। बुधवार को  पन्ना टाईगर रिज़र्व के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सभी श्रेणी के विजेता प्रतिभागियों को   कुल 33000 रुपये का पुरुष्कार और प्रमाण पत्र वितरित किये गए। उल्लेखनीय है कि 29 जुलाई 2018 को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर पन्ना जिले के विभिन्न प्रतिभागियों द्वारा शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय पन्ना की दीवार पर वन्यप्राणियों के चित्रों की पेंटिंग की प्रतियोगिता में भाग लिया गया था।

दीवार पेंटिंग प्रतियोगिता के पुरुष्कार वितरण कार्यक्रम में उपस्थित विजेता प्रतिभागी।

दीवार पेंटिंग प्रतियोगिता के लिए मध्यप्रदेश टाईगर फाउन्डेशन सोसायटी भोपाल के निर्देशानुसार प्रतिभागियों की तीन श्रेणी बनाई गयी थी। इनमें स्कूल, कॉलेज एवं अन्य के रुप में प्रतिभागियों को रखा गया था। स्कूल एवं कॉलेज को दल के रुप में एवं अन्य श्रेणी में मात्र एक व्यक्ति को रखा गया था। पेंटिंग प्रतियोगिता में विजेता घोषित करने के लिए एक जज कमेटी का गठन किया गया। कमेटी के द्वारा तीनों श्रेणी के विजेताओ को प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान देकर परिणाम घोषित किये गये थे। जिसके आधार पर प्रथम विजेता को 5000 एवं द्वितीय को 3000 एवं तृतीय स्थान पाने वाले को 1000 रुपये कुल 11000 रुपये का पुरुष्कार एक श्रेणी के लिए निर्धारित होकर तीनों श्रेणियों के लिए कुल 33000 रुपये का पुरुष्कार वन अधिकारियों एवं जज कमेटी के सदस्यों की उपस्थिति में वितरित किये गए। पुरुष्कार वितरण कार्यक्रम पन्ना टाईगर रिजर्व पन्ना के सभाकक्ष में 15 अगस्त 2018 को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में के.एस. भदौरिया क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व, नरेश सिंह यादव, वनमण्डलाधिकारी उत्तर पन्ना, श्रीमती मीना कुमारी मिश्रा वनमण्डलाधिकारी दक्षिण पन्ना, साहिल गर्ग उप वनमण्डलाधिकारी पन्ना,  नरेन्द्र सिंह उप वनमण्डलाधिकारी विश्रामगंज, श्रीमती गोस्वामी शिक्षक एवं जज कमेटी सदस्य,  राजकुमार अहिरवार, परिक्षेत्राधिकारी पन्ना टाईगर रिजर्व एवं समस्त विजेता दल के सदस्य तथा  शिक्षकगण उपस्थित रहे। क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व पन्ना द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को बाघ संरक्षण से वन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में विस्तृत रूप से बताया। नरेश सिंह यादव वनमण्डलाधिकारी उत्तर पन्ना द्वारा अंतराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाये जाने के संबंध में बताया। कार्यक्रम में श्रीमती मीना कुमारी मिश्रा वनमण्डलाधिकारी दक्षिण पन्ना द्वारा भी प्रतियोगिता के बारे में अपने उदगार व्यक्त किये। पुरूस्कार कार्यक्रम का सफल संचालन उप वनमण्डलाधिकारी विश्रामगंज नरेन्द्र सिंह द्वारा किया गया। प्रतियोगिता के नोडल अधिकारी कौशलेन्द्र प्रसाद पाण्डेय, प्रभारी वन परिक्षेत्राधिकारी पन्ना ने पुरूस्कार वितरण संपन्न कराया ।

उल्लास, उमंग और उत्साह के साथ समारोहपूर्वक मनाया गया 72 वां स्वतंत्रता दिवस

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स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करते मुख्य अतिथि एवं जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय।

अजयगढ़ में शान से लहराया तिरंगा, देशभक्ति के गूंजे तराने

स्कूली बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दी प्रस्तुति

अजयगढ़ (पन्ना)। रडार न्यूज    देश की आजादी का पर्व स्वतंत्रता दिवस अजयगढ़ में हर्षोल्लास के साथ समारोहपूर्वक मनाया गया। हृदय में हिलोरें मारती राष्ट्रप्रेम की प्रबल भावना के बीच बुधवार 15 अगस्त को यहां स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में अपार उल्लास, उमंग और उत्साह के माहौल में आन-बान और शान के साथ जब राष्ट्रीय ध्वज लहराया तो स्वतंत्रता दिवस अमर रहे के गगनभेदी नारे गूंज ऊठे। अजयगढ़ में स्वतंत्रता दिवस का जनपद स्तरीय मुख्य समारोह  छोटी फील्ड में आयोजित हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इसके पश्चात प्रदेश के नागरिकों के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया। जनपद अध्यक्ष श्री पाण्डेय ने सभी को राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों के संघर्ष और बलिदान से हमें आजादी मिली है। पूरा राष्ट्र इन महान सपूतों का ऋणी है, उन बलिदानियों का स्मरण करते हुए हम विनम्रतापूर्क कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं। इस अवसर हम-आप स्वतंत्रता के मूल्यों को समझते हुए ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प लें जिसकी परिकल्पना आजादी के नायकों ने की थी। आज के दिन वीर शहीदों को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। देश और प्रदेश के विकास के लिए हम पूरी ईमानदारी के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ दें। क्योंकि सबके सहयोग से ही सुराज की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।

छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत किये सांस्कृतिक कार्यक्रम

इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने राष्ट्र प्रेम की भावना से ओतप्रोत गीतों, नृत्य आदि रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर कमला ज्योति मंदिर स्कूल को प्रथम, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अजयगढ़ को दिवतीय परुष्कार मुख्य अतिथि एवं जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय ने प्रदान किया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा, राकेश गर्ग एडवोकेट, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, एसडीएम जे.एस. बघेल, एसडीओपी इशरार मंसूरी, तहसीलदार राजेंद्र मिश्रा, सीएमओ अजय अग्निहोत्री, नगर निरीक्षक वीरेंद्र बहादुर सिंह, प्राचार्य निशा जैन, राजेंद्र रैकवार सहित गणमान्य नागरिक, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्कूलों के शिक्षक-बच्चे और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। स्वतंत्रता दिवस समारोह का संचालन अरविंद कुजूर और नीलेश गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य समारोह के पूर्व नगर के सभी स्कूलों, शासकीय संस्थाओं में उनके प्रमुखों द्वारा ध्वजारोहण किया गया। अजयगढ़ विकासखण्ड अंतर्गत आंचलिक क्षेत्रों में भी 72 वां स्वतंत्रता दिवस गरिमामयी तरीके से हर्षोल्लास के साथ समारोहपूर्वक मनाया गया।

स्वतंत्रता दिवस समारोह | मंत्री मेहदेले ने ध्वजारोहण कर ली परेड की सलामी

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परेड का निरीक्षण कर सलामी लेती मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले।

समूचे पन्ना जिले में आन-बान-शान से लहराया तिरंगा

स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों का किया गया सम्मान

स्कूली बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं

स्टूडेंट्स ने बैंड की धुन पर किया पीटी का आकर्षक प्रदर्शन

पन्ना। रडार न्यूज   स्वतंत्रता दिवस जिलेभर में आन-बान और शान से मनाया गया। मुख्य समारोह पुलिस परेड मैदान पन्ना में आयोजित किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा लोकतंत्र सेनानियों का शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। समारोह में विभिन्न शालाओं के बच्चों ने लयबद्ध पीटी तथा मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह का समापन उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कार देकर हुआ। जिलेभर में सभी जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों तथा ग्राम पंचायतों में हर्ष और उल्लास से स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। जगह-जगह ध्वज वंदन करके शहीदों को नमन किया गया। स्वतंत्रता दिवस में विशेष मध्यान्ह भोज जिले के सभी प्राथमिक तथा माध्यमिक शालाओं में आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री के संदेश का किया वाचन

पुलिस परेड मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह की मुख्य अतिथि मंत्री सुश्री मेहदेले द्वारा ध्वजारोहण करने के साथ प्रारंभ हुआ। तदोपरांत परेड कमाण्डर द्वारा राष्ट्रीय सलामी दी गयी। जिसके बाद सी.डी. के माध्यम से मध्यप्रदेश गान ’’सुख का दाता’’ का प्रसारण किया गया। परेड निरीक्षण एवं परेड कमाण्डर द्वारा अपना स्थान लेने के बाद मुख्य अतिथि द्वारा मुख्यमंत्री जी के प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया गया। तिरंगीय गुब्बारे खुले आकाश में छोडे गये। ध्वज को सलामी देने के लिए हर्ष फायर किया गया। महामहिम राष्ट्रपति जी का जयघोष किया गया। जिसके बाद जिला पुलिस बल सहित 12 दलों ने आकर्षक परेड का प्रदर्शन किया। जिसमें जिला पुलिस बल, एसएएफ, नगर सेना, एनसीसी, स्काउट गाईड, रेडक्रॉस तथा शौर्य दल शामिल रहे। इस दौरान अभिनव पहल करते हुए लिस्यु आनन्द विद्यालय की ओर से बैंड दल शामिल रहा। परेड का नेतृत्व आर. आई. देविका सिंह बघेल ने किया। इसके बाद विद्यालयों के 1000 विद्यार्थियों ने आकर्षक पी.टी. प्रस्तुत की। बैण्ड की धुन पर उन्होंने मनोहारी आकृतियां बनाई। इन बच्चों द्वारा ’’ये वक्त की आवाज है मिलकर चलो’’ गीत का सुमधुर सामूहिक गायन किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देतीं छात्राएं।

समारोह में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने देश प्रेम की भावना से भरे गीतों के साथ रोचक नृत्य प्रस्तुत किए। सांस्कृतिक कार्यक्रम में सबसे पहले कनिष्ठ वर्ग महर्षि उमावि के बच्चों ने ’’कर चले हम फिदा’’ गीत पर नृत्य प्रस्तुति दी। इसके बाद लिस्यु उमावि के बच्चों ने ’’सुन-सुन मेरे नन्हे सुन’’ गीत पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किया। समारोह में वरिष्ठ वर्ग से सरस्वती उमावि के बच्चों द्वारा ’’जय हो’’ गीत पर प्रस्तुति दी गई। इसके बाद महारानी दुर्गा राज्यलक्ष्मी विद्या मंदिर के बच्चों ने ’’वंदे मातरम् गीत पर सुन्दर प्रस्तुति दी जिसमें बेटी बचाओ, महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दिया गया। सबसे अंत में जवाहर नवोदय विद्यालय द्वारा ’’मॉ तुझे सलाम’’ गीत पर देशभक्ति से ओतप्रोत मनोहारी प्रस्तुति दी गयी।

पुरूस्कार वितरण

समारोह का समापन पुरस्कार वितरण से हुआ। पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा सशस्त्र ड्रिल में प्रथम स्थान जिला पुलिस बल तथा दूसरा स्थान एसएएफदल को दिया गया। बिना शस्त्र के ड्रिल में प्रथम स्थान एनसीसी सीनियर डीविजन छत्रसाल कॉलेज तथा द्वितीय स्थान एनसीसी जूनियर विंग शासकीय मनहर कन्या पन्ना को प्राप्त हुआ। शिक्षा विभाग द्वारा परेड में प्रथम स्थान एनसीसी जूनियर डिवीजन आर.पी. उत्कृष्ट विद्यालय पन्ना को प्राप्त हुआ। द्वितीय स्थान एनसीसी (जेडी/डब्ल्यू) महारानी दुर्गा राज्यलक्ष्मी विद्या मंदिर पन्ना एवं गाईड दल लिस्यु एवं माध्यमिक शाला हिरणबाग पन्ना को संयुक्त रूप से प्राप्त हुआ। इसी तरह तृतीय स्थान संयुक्त रूप से रेडक्रास गर्ल्स एवं शौर्य दल को प्राप्त हुआ है। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही 14 अगस्त 2018 को आयोजित स्वतंत्रता दौड के विजेता प्रतिभागियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदाय किए गए।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कनिष्ठ वर्ग में लिस्यु उमावि पन्ना को प्रथम एवं महर्षि उमावि पन्ना को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। वरिष्ठ वर्ग में जवाहर नवोदय विद्यालय रमखिरिया पन्ना को प्रथम, महारानी दुर्गा राज्यलक्ष्मी विद्या मंदिर पन्ना को द्वितीय एवं सरस्वती उमावि पन्ना को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। समारोह में अध्यक्ष जिला पंचायत  रविराज सिंह यादव, नगरपालिका अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह, कलेक्टर मनोज खत्री, पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरीश कुमार मिश्रा, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी कर्मचारी, पत्रकारबन्धु, गणमान्य नागरिक, विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थीगण तथा बडी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का संचालन सुश्री मीना मिश्रा, प्रमोद अवस्थी तथा डॉ. विनय श्रीवास्तव द्वारा किया गया।

हीरा खनन परियोजना में 72वां “स्वतंत्रता दिवस” हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

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परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा ने सीआईएसएफ जवानों और विद्यार्थियों की संयुक्त सलामी गारद का निरीक्षण किया और परेड की सलामी ली ।

परियोजना प्रबंधक और वरिष्ठतम कर्मचारी ने संयुक्त रूप से किया ध्वजारोहण

डीएव्ही स्कूल के स्टूडेंट्स ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दी प्रस्तुति

गोल्ड माइंस का ठेका प्राप्त करना एनएमडीसी की बड़ी उपलब्धि- श्री शर्मा 

मझगवां (पन्ना)। रडार न्यूज  राष्ट्र-सेवा के छठवें दशक में प्रवेश कर चुकी एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खनन परियोजना में राष्ट्र का 72वां “स्वतंत्रता दिवस” पूरे हर्षोल्लास के साथ धूम-धाम से मनाया गया । परियोजना खेल मैदान में आयोजित समारोह में प्रात:9 बजे मुख्य अतिथि तथा परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा और विशिष्ट अतिथि एवं परियोजना के वरिष्ठतम कर्मचारी जे.पी. शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से ‘राष्ट्रीय-ध्वज’ फहराया गया ।

एमपी में जारी है खनिजों की खोज

हीरा खनन परियोजना मझगवां में स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह को संबोधित करते मुख्य अतिथि तथा परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा।

ध्वजारोहण के उपरांत मुख्य अतिथि तथा परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा ने सीआईएसएफ जवानों और विद्यार्थियों की संयुक्त सलामी गारद का निरीक्षण किया और परेड की सलामी ली । परेड निरीक्षण के दौरान मुख्य अतिथि के साथ सहायक कमांडेंट धीरज सिंह राणा उपस्थित थे । अपने संदेश में मुख्य अतिथि राजीव शर्मा ने परियोजना के सफल परिचालन का श्रेय कर्मचारियों, मजदूर संघों, स्थानीय प्रशासन तथा मझगवां एवं पन्ना के रहवासियों को दिया। एनएमडीसी की भविष्य की योजनाओं के संबंध में बताते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश राज्य में संभावित खनिज संसाधनों के संधान हेतु सर्वेक्षण कार्य जारी है और यह कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा कर लिया जाएगा । हाल ही में एनएमडीसी द्वारा आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में गोल्ड माइंस ठेका प्राप्त करने की बड़ी उपलब्धि का भी उन्होंने उल्लेख किया ।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हुए सम्मानित


स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में मंचासीन अतिथिगण।

“स्वतंत्रता दिवस” के पावन अवसर पर परियोजना प्रबंधक ने वर्ष 2017-18 के दौरान कार्य-निष्पादन में प्रदर्शित श्रेष्ठता एवं कौशल हेतु ‘नेहरू श्रम पुरस्कार’ प्रदान किया । परितोषिक वितरण कार्यक्रम में ‘उत्कृष्ट कर्मचारी पुरस्कार’, ‘उत्कृष्ट केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल कैडट पुरस्कार’ सहित डीएव्ही पब्लिक स्कूल मझगवां के सभी कक्षाओं के प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स को भी पुरस्कार प्रदान किए गए ।कार्यक्रम में डीएव्ही पब्लिक स्कूल मझगवां के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसके अंतर्गत शहीद भगत सिंह की जीवनी पर अत्यंत मनमोहक एवं भावपूर्ण नाटिका भी प्रस्तुत की गई । इस अवसर पर परियोजना कर्मचारियों और सीआईएसएफ के जवानों के बीच रस्साकशी प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया गया । परियोजना की महिला समिति डायमंड इव्स क्लब, मझगवां की अध्यक्षा श्रीमती सपना शर्मा के नेतृत्व में सदस्याओं ने परियोजना चिकित्सालय का दौरा किया और वहाँ भर्ती अस्वस्थ जनों के बीच फल वितरित किया ।

इनकी रही उपस्थिति

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देते डीएव्ही पब्लिक स्कूल के स्टूडेंट्स।

इस अवसर पर डायमण्ड इव्स क्लब की अध्यक्षा श्रीमती सपना शर्मा, उप महाप्रबंधक के. चंद्रशेखर, उप महाप्रबंधक कार्मिक बी.के. माधव, श्रमिक संघों के के महामंत्री द्वय सर्वश्री समर बहादुर सिंह और शहजाद खान, सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट धीरज सिंह राणा, डीएव्ही. पब्लिक स्कूल के प्राचार्य पी.सी. सिंह, परियोजना के समस्त विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिवार के सदस्यगण, सभी एसोशियेसन और श्रमिक संघों के पदाधिकारीगण, डीएव्ही के शिक्षक व स्टूडेंट्स, सीआईएसएफ के जवानों सहित मझगवां के निवासियों की बड़ी संख्या उपस्थित थी । कार्यक्रम में परियोजना कार्मिक विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे ।