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एटीपी मशीन से लाखों रूपए की सनसनीखेज चोरी | बिजली कंपनी ऑफिस की घटना

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लॉकर में रखे छोटे नोटों की कुछ गड्डियाँ छोड़ गए चोर

बिजली बिलों के जमा का दो दिन से ऑफिस में रखा था कैश

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बिजली कंपनी के ऑफिस में स्थापित बिजली बिल जमा करने वाली एटीपी मशीन का लॉकर खोलकर अज्ञात आरोपियों द्वारा लाखों रुपये की चोरी करने की सनसनीखेज घटना से हड़कंप मचा है। चोरी की इस हैरान करने वाली वारदात को शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात्रि बड़े ही शातिर तरीके से अंजाम दिया गया। रविवार 26 अगस्त 2018 की सुबह करीब 8 बजे एटीपी मशीन का ऑपरेटर वीरेंद्र कुमार गौतम रोज की ही तरह पन्ना के आगरा मोहल्ला पुराना पावर हाऊस चौराहा किनारे स्थित विधुत कंपनी के संभागीय कार्यालय में जब ड्यूटी पर पहुंचा तो उसे मशीन रूम का लॉक टूटा हुआ मिला। वहीं रूम के अंदर एटीपी मशीन का लॉकर खुला था और उसमें रखा लाखों रुपये का कैश गायब था। यह नजारा देख ऑपरेटर वीरेंद्र कुमार गौतम के होश उड़ गए। आनन-फानन में उसके द्वारा मध्य पूर्व क्षेत्र विधुत वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को मोबाइल फोन पर घटना की सूचना दी गई। रक्षाबंधन का त्यौहार और छुट्टी का दिन होने के कारण कुछ देर बाद विधुत कंपनी के अधिकारी संभागीय कार्यालय पहुंचे जहां घटना की जानकारी लेने के बाद कोतवाली थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई। दलबल के साथ विधुत कंपनी ऑफिस पहुंचे कोतवाली थाना टीआई अरविंद कुजूर ने पुलिस डॉग से घटनास्थल का निरिक्षण कराया साथ ही एफएसएल टीम द्वारा सूक्ष्म अवलोकन कर अज्ञात आरोपियों के फिंगर प्रिंट, मौके पर मौजूद साक्ष्य का संकलन किया गया। घटनास्थल की फोटो और वीडियोग्राफ़ी भी कराई गई।

सुरक्षा के नहीं थे इंतजाम

मध्य पूर्व क्षेत्र विधुत वितरण कंपनी संभागीय कार्यालय पन्ना के कार्यपालन अभियंता ओ. पी. सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि एटीपी मशीन के लॉकर से 6 लाख 74 हजार रुपये चोरी हुए हैं। उक्त राशि पन्ना शहर के विधुत उपभोक्ताओं द्वार जमा की गई थी। उल्लेखनीय है कि एटीपी मशीन के माध्यम से विधुत बिल जमा करने का ठेका पन्ना में दिल्ली की कंपनी टीएसआई का है। नियमानुसार कंपनी के कर्मचारी प्रतिदिन जितना कैश जमा करते हैं उसे शाम को विधुत कंपनी के कैशियर को सौंप देते हैं और फिर वह बैंक में जाकर जमा कर देता है। लेकिन पिछले दो दिनों से बिल जमा राशि की नकदी कैशियर के हैंडओवर नहीं की गई थी। कंपनी की ओर से कोई सुरक्षा गार्ड और ऑफिस में रात्रि में चौकीदार तैनात न होने के बाद भी वहां दो दिन के विधुत बिल कलेक्शन की इतनी बड़ी राशि सिर्फ कमरे के ताले और लॉकर के भरोसे रखी गई। जबकि सबको पता था कि उक्त इलाका गंभीर अपराधों के लिहाज से संवेदनशील है। फिर भी बगैर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के इतना बड़ा जोखिम उठाया गया।

एटीपी मशीन के लॉकर में रखीं छोटे नोटों की गड्डियां जिन्हें चोर आश्चर्यजनक रूप से छोड़ गये।

गौर करने वाली बात है कि एटीपी मशीन रूम का लॉक तोड़ा गया जबकि ऐसा प्रतीत होता है कि मशीन के लॉकर जिसमें कैश रखा था उसे चाबी से खोलकर रुपये निकाले गये। चोरी की घटना के सामने आने के बाद इसकी टाइमिंग को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। चोरी तब हुई जब वहां कैश अधिक था। संदेह यह भी है कि अज्ञात चोरों को इसकी जानकारी थी। लाखों रुपये की चोरी की की इस घटना में छोटे नोटों की 4-5 गड्डियां अपराधियों द्वारा आश्चर्यजनक रूप से लॉकर में छोड़ जाने से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह प्रोफेशनल चोरों का काम नहीं है। उधर इन सब बातों के फैलने से घटना में किसी जानकर का हांथ की आशंका को लगातार बल मिल रहा। चर्चा यह भी है कि मशीन रूम का लॉक अंदर से ही तोड़ा गया है। बहरहाल इससे विधुत कंपनी और एटीपी ठेका कंपनी के कर्मचारियों में भी अंदरखाने खलबली मची है। पुलिस द्वारा एटीपी ठेका कंपनी के कर्मचारियों से गहन पूंछतांछ भी की जा रही है।

सक्रिय हुए अपराधी पुलिस इंट्री वसूली में मस्त

घटना के संबंध में मीडियाकर्मियों को जानकारी देते अरविंद कुजूर निरीक्षक एवं समीप खड़ी कोतवाली थाना पन्ना की पुलिस टीम।

एटीपी मशीन से लाखों रुपये की चोरी होने के मामले में कोतवाली पुलिस की रात्रि गश्त पर भी लोग गंभीर सवाल उठा रहे हैं। शहर की हर गली में अवैध शराब-गांजा की बिक्री, क्रिकेट सट्टा, जुआ के फड़ों, शराबियों के उत्पात आदि को लेकर वैसे भी लोगों में कोतवाली पुलिस की भूमिका को लेकर असंतोष व्याप्त है। उल्लेखनीय है कि अजयगढ़ कस्बा के स्टेट बैंक में पिछले महीने एक ग्राहक के थैले में रखे 50 हजार रुपये अज्ञात चोर बड़े ही शातिर तरीके से चुरा ले गए थे। दिनदहाड़े बैंक के अंदर हुई इस घटना के आरोपी अब तक पकड़े नहीं गये। वहीं कुछ दिन पूर्व पन्ना कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत दहलानचौकी में दो बदमाशों ने कट्टे की नोंक पर एक दंपत्ति से लूटपाट की थी। इन तमाम सनसनीखेज घटनाओं से साफ है कि पन्ना जिले में पुलिस की घोर निष्क्रियता के चलते अपराधी पुनः सक्रिय हो गये हैं। अपराधी जिस बेखौफ अंदाज में एक के बाद एक वारदातों को बड़ी आसानी से अंजाम दे रहे हैं, इसका मुख्य कारण पुलिस का अपने मूल कार्य पर ध्यान केंद्रित ना होकर वा मालवाहक वाहनों से इंट्री शुल्क वसूली में व्यस्त होना है। पन्ना शहर हो या आंचलिक थानों की पुलिस प्रतिदिन रात्रि में वाहन चैकिंग के नाम पर वसूली का खेल चल रहा है। नोट छापने के चक्कर में रात्रि गश्त दिखावे तक सिमट गई है, इस पर किसी का ध्यान ही नहीं है। इस बीच जब कोई घटना हो जाती है तो थानों के प्रभारी अपनी कारगुजारियों को छिपाने के लिए पुलिस बल की कमी का रोना रोने लगते हैं।

इनका कहना है – “चोरी की घटना जिन परिस्थितियों में हुई और घटनास्थल पर जो कुछ पाया गया उससे प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि इसमें किसी जानकर का हांथ हो सकता है। फिर भी हम हर एंगल से घटना की जांच कर रहे हैं। कुछ कर्मचारियों से भी पूंछतांछ की गई है, सबकुछ सही रहा तो इस चुनौतीपूर्ण घटना का शीघ्र ही खुलासा किया जायेगा।

अरविंद कुजूर निरीक्षक कोतवाली थाना पन्ना।

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बहिनों ने भाई की कलाई पर रेशम की डोर से बाँधा प्यार

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देवेन्द्रनगर में परम्परागत तरीके से मनाया गया रक्षाबंधन

भाइयों ने सुरक्षा के वचन के साथ बहनों को दिए उपहार

देवेन्द्रनगर। रडार न्यूज     भाई-बहिन के पवित्र और भावनात्मक प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन श्रावण माह की पूर्णिमा के दिन रविवार को पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर में परम्परागत तरीके से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रक्षाबंधन के दिन बहिनों ने भाइयों की कलाई पर रेशम की डोर बांधकर भाई-बहिन के अटूट रिश्ते को और अधिक मजबूत बनाया। वहीं इस अवसर पर भाइयों ने बहिनों को रक्षा का वचन देते हुए उन्हें उपहार भेंट किये। भाई बहिन के पवित्र प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का विशेष महत्व स्नेह और उत्साह के पर्व के रूप में है। यह साहस,शक्ति,विजय और प्रतिज्ञा का प्रतीक है।यह पवित्र त्योहार भाई बहिन के रिश्ते को सम्पूर्ण सम्मान और स्नेह देता है। शायद इसलिए हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रक्षाबंधन का त्यौहार को लेकर भाई बहिनों में अपार उत्साह देखा गया। अन्य त्यौहारों के स्वरूप में भले ही काफी बदलाव आया हो पर भाई बहिन की राखी बांधने की परंपरा आज भी जीवित है। रविवार की सुबह बहिनों ने पूजा अर्चना कर भाई की दीर्घायु के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।ततपश्चात बहिनों ने भाई को तिलक लगाकर उनकी दाहिनी कलाई पर स्नेहरूपी रक्षासूत्र बाँधा और फिर भाइयों का मुंह मीठा कराया। रक्षासूत्र बांधते समय भाई बहिन के पवित्र,भावनात्मक और निश्छल प्रेम की अभिव्यक्ति रेशम की डोर में बंधे इस रिश्ते का सुखद अहसास करा रही थी। भाइयों ने राखी बंधवाने के बाद बहिनों को उपहार देकर उनकी खुशी को दुगुना कर दिया। वहीं रक्षाबंधन त्योहार में बसों में गन्तव्य स्थान में जाने के लिए काफी भीड़ देखी गयी। वहीं मिठाइयों,किराना, वस्त्रों एवं जनरल स्टोर की दुकानों में महिलाओं की भीड़ थी। मैन तिराहे पर लगने वाली दुकानों में चहल पहल देखने को मिली। कुल मिलाकर बहना ने भाई की कलाई में राखी बांधकर अटूट रिश्ते को जीवंत रखा।

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स्टूडेंट्स के साथ शिक्षकों और अधिकारियों ने झाड़ू लगाकर की सड़क की सफाई

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डीएव्ही स्कूल के सामने झाड़ू लगाकर सड़क की सफाई करते स्टूडेंट्स, शिक्षक और हीरा खनन परियोजना के अधिकारी-कर्मचारी।

हीरा खनन परियोजना मझगवां में ‘स्वच्छता सप्ताह’ का शुभारंभ

राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत शपथ लेकर “स्वच्छता के लिए किया श्रमदान”

मझगवां (पन्ना)।      इस्पात मंत्रालय के तत्वावधान में और ‘राष्ट्रव्यापी स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत एनएमडीसी लिमिटेड, हीरा खनन परियोजना में दिनांक 24 से 31 अगस्त 2018 तक ‘स्वच्छता सप्ताह’ आयोजित किया जा रहा है । परियोजना परिसर में स्थित डीएव्ही. पब्लिक स्कूल मझगवां के सामने सप्ताह-व्यापी स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया गया । इस अवसर पर परियोजना प्रबंधन समिति के सदस्य उप महाप्रबंधक के. चंद्रशेखर, उप महाप्रबंधक कार्मिक बी.के. माधव, उप महाप्रबंधक खनन डी. मैति, परियोजना के सभी विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी, श्रमिक संघों के महामंत्री समर बहादुर सिंह और शहजाद खान, डीएव्ही स्कूल के प्राचार्य पी.सी. सिंह, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे । कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए उप महाप्रबंधक कार्मिक बी.के. माधव ने सभी को ‘स्वच्छता शपथ’ दिलाई गई।

‘राष्ट्रव्यापी स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत सभी को ‘स्वच्छता शपथ’ दिलाते उप महाप्रबंधक कार्मिक बी.के. माधव।

इसके पश्चात स्वैच्छिक श्रमदान करते हुए एकत्रित जनसमूह ने विद्यालय के आस-पास के क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया गया । स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों और हीरा खनन परियोजना के अधिकारियों-कर्मचारियों ने हाँथ में झाड़ू थामकर संयुक्त रूप से सड़क की साफ़-सफाई करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। स्वच्छता सप्ताह के अंतर्गत परियोजना परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा । विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए डी.ए.व्ही. स्कूल सहित समीपवर्ती शासकीय हाईस्कूल, मिडिल स्कूल और प्राथमिक पाठशालाओं में विविध प्रतियोगिताओं सहित जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है । उल्लेखनीय है कि हीरा खनन परियोजना की टाउनशिप समूचे पन्ना जिले में बेहतर साफ़-सफाई, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, जल निकासी की समुचित व्यवस्था और अपनी हरियाली के लिए जानी जाती है। इस विशेष ‘स्वच्छता सप्ताह’ के चलते परियोजना परिसर में स्वच्छता पर कहीं अधिक ध्यान देने के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ जीवन के लिए इसे अपनाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

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तंत्र की उपेक्षा से निराश जन का ऐलान | विधानसभा चुनाव का पुनः करेंगे बहिष्कार

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जिला पंचायत उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपते गौरा के ग्रामीण।

गौरा के ग्रामीणों ने मतदान ना करने का लिया सामूहिक निर्णय

देवेन्द्रनगर से गौरा ग्राम को पृथक कर पन्ना तहसील में जोड़ने सौंपा ज्ञापन

पन्ना। रडार न्यूज     वर्तमान व्यवस्था में लोक यानि आम आदमी की हैसियत लगातार तेजी से कमजोर हो रही है, इसके विपरीत तंत्र अर्थात शासन-प्रशासन में बैठे लोगों की व्यवस्था पर पकड़ बेहद मजबूत हो चुकी है। जिसका दुष्परिणाम यह है कि सत्तासीन आमजन के प्रति अपनी जिम्मेदारी और जबाबदेही से मुँह मोड़कर खुलकर मनमानी कर रहे है। जनसमस्याओं के समाधान से इन्हें कोई सरोकार नहीं है। यहां तक कि आश्वासन देने के बाद भी ये जनहित से जुड़ी जायज मांग को समय पर पूरा करने के प्रति ईमानदार नहीं हैं। इस अराजकतापूर्ण माहौल में चौतरफा घोर उपेक्षा, हताशा-निराशा और बेबसी के चलते जनमानस में लोकतंत्र के महापर्व यानि चुनाव में मतदान रुपी अपनी भागीदारी के प्रति अरुचि पैदा हो रही है। जनप्रतिनिधियों और व्यवस्था के द्वारा खुद को ठगा महसूस कर रहे लोगों की पीड़ा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें अपनी मांग को पूरा कराने के लिए चुनाव में सामूहिक रूप से मतदान का बहिष्कार करने का कठोर निर्णय लेना पड़ रहा है। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की देवेंद्रनगर तहसील के ग्राम गौरा का मामला इसका एक उदाहरण मात्र है। यहां के लोगों ने वर्ष 2013 की तरह एक बार फिर विधानसभा चुनाव में सामूहिक रूप से मतदान का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। इसका कारण इनकी समस्या का आज तक समाधान न होना है।

तहसील बदलने से बढ़ी मुश्किलें

दरअसल कुछ वर्ष पूर्व तक गौरा ग्राम पन्ना तहसील के अंतर्गत आता था। बाद में इसे देवेंद्रनगर तहसील में शामिल कर दिया गया। बस यहीं से गौरा के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई। बताते चलें कि गौरा से देवेंद्रनगर तहसील की दूरी करीब 60 किलोमीटर है जबकि पन्ना से यह महज 30 किलोमीटर दूर स्थित है। अर्थात देवेंद्रनगर की तुलना में पन्ना का फासला आधा है। इसके मद्देनजर गौरा के वाशिंदे लंबे समय से अपने गांव को देवेंद्रनगर तहसील से पृथक कर पन्ना तहसील में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि देवेंद्रनगर तक आवागमन के लिए सार्वजानिक परिवहन का कोई सीधा साधन उनके गांव से नहीं है। उन्हें पहले गुनौर जाना पड़ता है फिर वहां से ककरहटी या कटन होकर देवेंद्रनगर के लिए बस मिलती है। इस तरह आवागमन में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है साथ ही उनका समय और रुपया भी अधिक लगता है।

सांकेतिक फोटो।

देवेंद्रनगर तहसील मुख्यालय से दूरी अधिक होने और गौरा की भौगोलिक स्थिति के कारण यह गांव अलग-थलग सा पड़ गया है। इस समस्या का निराकरण न होने से नाराज ग्रामीणों ने वर्ष 2013 सामूहिक रूप से विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया था। तब गौरा ग्राम को पन्ना तहसील से जोड़ने का निर्णय लेकर तत्परता से इस समस्या का  समाधान करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन गहरी नींद में सो रहे जिला प्रशासन इन पांच वर्षों में गौरा ग्राम को पन्ना तहसील में शामिल कराने के लिए कुछ भी नहीं किया। जिससे क्षुब्ध ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव का एक बार फिर बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।

मांग पूरी न होने पर नहीं करेंगे मतदान

गौरा के ग्रामीणों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को अपनी समस्या के समाधान का अंतिम अवसर देते हुए यह ऐलान किया है कि चुनाव के पूर्व यदि उनके गांव को पन्ना तहसील में शामिल नहीं किया गया तो उन्हें पुनः विधानसभा चुनाव में मतदान का सामूहिक बहिष्कार करने के लिए विवश होना पड़ेगा। इस संबंध गत दिवस जिला पंचायत पन्ना के उपाध्यक्ष के नेतृत्व में कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। है। ज्ञापन सौंपने वालों में हरदेव सिंह, केदारप्रसाद, राजकुमार, बखत सिंह, रामबहोरी, सतेंद्र, गयाप्रसाद, संतोष सिंह, बैजनाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन समय रहते इस मांग को पूरा कर पता है या नहीं और गौरा के ग्रामीण मतदान को लेकर क्या फैसला लेते हैं।

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एमपी पुलिस का टेरर टैक्स | रेत के ट्रकों से सभी थानों में होती है इंट्री वसूली

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इंट्री वसूली के खिलाफ अजयगढ़ एसडीएम जेएस बघेल को ज्ञापन सौंपते ट्रक आनर्स।

रुपये ना देने पर मनमाने तरीके से कार्रवाई कर बनाते हैं दबाब

अवैध वसूली से परेशान ट्रक मालिकों ने पुलिस के खिलाफ खोला मोर्चा

कलेक्टर-एसपी को ज्ञापन सौंपकर इंट्री वसूली बंद कराने की गई मांग

पन्ना। रडार न्यूज     मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी उपलब्धियों गिनाते हुए अक्सर ही यह कहते हैं कि उन्होंने मध्यप्रदेश की धरती से दस्यु गिरोहों का सफाया कराकर उनके आतंक अंत कर दिया है। यह बात काफी हद तक सही है, लेकिन एक कटु सत्य यह भी मौजूदा सरकार की छत्रछाया में कतिपय वर्दीधारी डकैत पैदा हो गए हैं। ये आम नागरिकों के लिए जंगल में रहने वाले डकैत गिरोहों से कहीं अधिक खतरनाक है। शासन-प्रशासन की सरपरस्ती में इनका आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि जंगल में रहने वाले दस्यु गिरोह मौका देखकर कभी-कभार रात के अंधेरे में छिपते-छिपाते अपहरण या लूटपाट की वारदात को अंजाम देकर धन उगाही करते थे, लेकिन कतिपय वर्दीधारी डकैतों ने खुलेमाम लूट मचा रखी है । आरोप है कि इनके द्वारा अपने पद व नियम-कानूनों का मनमाने तरीके से दुरूपयोग करते हुए रेत का परिवहन करने वाले वाहनों से गुण्डा टैक्स की तर्ज पर दबाव देकर वसूली की जा रही है। पन्ना जिले में ऐसा कोई भी थाना या चौकी नहीं है जहां रेत के वाहनों से इंट्री शुल्क के रूप में वसूली न की जा रही हो। यह हम नहीं बल्कि पन्ना जिले के समस्त ट्रक ऑनर्स कह रहे हैं। इनमें कुछ ट्रक मालिक सत्तधारी दल भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के कद्दावर नेता भी हैं। पुलिस की इंट्री वसूली को लेकर इनमें गहरा रोष व्याप्त है। इस टेरर टैक्स के खिलाफ लामबंद ट्रक मालिकों ने गुरुवार को पन्ना आकर कलेक्टर मनोज खत्री को इस संबंध पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। जिसमें बड़ी स्पष्टता के साथ यह उल्लेख किया गया है कि पुलिस द्वारा मासिक इंट्री शुल्क उगाही के लिए कौन-कौन से हथकंडे अपनाकर उन्हें परेशान और मजबूर किया जा रहा है। इसके पूर्व उक्त ज्ञापन अजयगढ़ एसडीएम जेएस बघेल और पन्ना पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया था। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से धर्मेंद्र सिंह, अवध तिवारी, सुखदेव मिश्रा, प्रेम सिंह यादव, बब्लू सिंह, धीरेन्द्र सिंह, आमोद रावत, रवि रावत, राहुल कुशवाहा, रवि तिवारी, रामचंद्र गुप्ता, मुल्लू गुप्ता, सचिन पटेल, नंदू मुखिया सहित अन्य लोग शामिल रहे।

इंट्री शुल्क ना देने पर बना देते फर्जी प्रकरण

सांकेतिक फोटो।

पन्ना जिले में टेरर टैक्स बन चुकी पुलिस की इंट्री वसूली का हाल यह है कि वैधानिक तरीके से रॉयल्टी जमा करने के पश्चात् निर्धारित क्षमता से कम (अंडर लोड) रेत का परिवहन करने के बाद भी ट्रकों को किसी ना किसी बहाने जबरन अवैध तरीके से पकड़कर प्रकरण दर्ज किये जा रहे हैं। ट्रक मालिकों का कहना है कि इंट्री वसूली के लिए दबाब बनाने के मकसद से उन्हें परेशान किया जा रहा है। जिले के सभी पुलिस थानों और चौकियों में इंट्री शुल्क उगाही की जाती है। जोकि 5,000 हजार से लेकर 10,000 तक होती है। इंट्री शुल्क ना देने पर ट्रकों के खिलाफ पहले कार्रवाई करने की धमकी देते हैं और फिर झूठा केस बना देते हैं। मालूम होकि सीजन में पन्ना जिले की वैध-अवैध रेत खदानों से प्रतिदिन 400-500 ट्रक रेत का परिवहन होता है। बारिश के मौसम में ट्रकों की संख्या घटकर 100-150 तक हो जाती है। रेत से लोड वाहन जिस भी थाना या चौकी क्षेत्र से गुजरता है वहां चल रहे रेट के अनुसार प्रति वाहन के हिसाब से मासिक 5,000 हजार से लेकर 10,000 तक इंट्री शुल्क जमा करनी पड़ती है। इस तरह पन्ना जिले के सभी पुलिस थानों को हर महीने सिर्फ रेत के वाहनों से ही अवैध वसूली के रूप में लाखों रुपये की काली कमाई हो रही है। ट्रक ऑनर्स की मानें तो अजयगढ़ थाना में सबसे ज्यादा इंट्री शुल्क वसूली की जा रही है। वर्तमान में यहां प्रति वाहन से 20,000 रूपए लिए जा रहे हैं जबकि पूर्व में इंट्री शुल्क 15,000 हजार रुपये थी। विदित हो कि पन्ना जिले की अधिकांश रेत खदानें अजयगढ़ थाना क्षेत्र में ही स्थित हैं।

रुपये लेकर छोड़ते हैं वाहन

सांकेतिक फोटो।

अवैध वसूली से परेशान ट्रक मालिकों ने ज्ञापन के माध्यम से यह आरोप लगाया है कि उनके वाहनों को पुलिस द्वारा खनिज या राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति के बगैर मनमाने तरीके से पकड़कर थाना में खड़ा कराकर मोटी रकम की मांग की जाती है। रुपये ना देने पर वाहनों को कार्रवाई के नाम पर 2-3 माह तक खड़ा रखा जाता है। जिससे ट्रकों के टायर, कमानी आदि कलपुर्जों को क्षति पहुंचती है और वाहन मालिक को लाखों रुपये का नुकसान होता है। उधर इसका सीधा असर ट्रकों पर आश्रित ड्राइवर, क्लीनर और हेल्पर की रोजी-रोटी पर पड़ता। लगभग 2-3 माह तक बेरोजगार रहने से इनके सामने भूखों मरने की नौबत आ जाती है। अजयपाल ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन अजयगढ़ के अनुसार पिछले दो माह से पुलिस प्रशासन द्वारा स्थानीय वाहनों को चलने नहीं दिया जा रहा है। जबकि उत्तरप्रदेश के लिए रेत परिवहन करने वाले वाहनों से मोटी रकम लेकर उनकी प्रतिदिन निकासी की जा रही है। रेत के वाहनों से वसूली का आलम यह है कि डायल-100 में तैनात पुलिसकर्मी रास्ते में वाहनों को रोककर वसूली करते हैं। हालांकि ऐसा नहीं कि पन्ना जिले के थानों में और डायल-100 में तैनात सभी पुलिसकर्मी इंट्री वसूली में लिप्त हैं। कई पुलिसकर्मी ईमानदार हैं और वे इस अवैध वसूली के सख्त खिलाफ भी हैं।

डीजीपी की ताकीद भी बेअसर

डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला के पन्ना प्रवास के दौरान प्रेसवार्ता का फाइल फोटो।

मध्यप्रदेश पुलिस के प्रमुख ऋषि कुमार शुक्ला की ताकीद के बाद भी पन्ना जिले की पुलिस रेत की ठेकेदारी का मोह छोड़ नहीं पा रही है। कुछ माह पूर्व जिले के अल्प प्रवास पर आये डीजीपी श्री शुक्ला ने एक सवाल का जबाब देते हुए बड़े ही स्पष्ट तौर पर यह कहा था कि रेत के अवैध उत्खन्न-भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए खनिज विभाग और राजस्व अधिकारी हैं। रेत या शराब पकड़ना पुलिस का काम नहीं है। यदि किसी कार्रवाई में खनिज या राजस्व विभाग के अधिकारी सहयोग मांगते हैं तो पुलिस उन्हें सहयोग दे सकती है। बकौल डीजीपी शासन व्यवस्था में हर विभाग अपनी की जिम्मेदारी तय है, इसलिए बेहतर यही होगा कि पुलिस अपना मूल कार्य करे। डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने प्रेसवार्ता जब यह बात कही थी तब आईजी सागर वहां उपस्थित थे। इसके बाद भी रेत का परिवहन करने वाले वाहनों से पुलिस की इंट्री वसूली बेखौफ चल रही है। स्थिति यह है कि रेत के वैध-अवैध कारोबार में खनिज विभाग की भूमिका जहां कागजी कार्रवाई तक सीमित होकर रह गई वहीं पन्ना पुलिस वर्दी का रौब दिखाकर इसके केंद्र में आ गई है।

साहब, अब आप ही बताएं हम क्या करें

रेत के ट्रकों से पुलिस की अवैध वसूली के खिलाफ एकजुट अजयगढ़ के ट्रक आनर्स।

पुलिस के इंट्री वसूली रूपी टेरर टैक्स से परेशान हो चुके ट्रक मालिकों ने गुरुवार 23 अगस्त 2018 को पन्ना आकर कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए इससे निजात दिलाने की गुहार लगाई है। ट्रक मालिकों ने दोनों अधिकारियों के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए उनसे पूंछा था कि वे किस नियम-कानून से अपने वाहनों का संचालन करें ताकि उनसे इंट्री वसूली न हो और पुलिस द्वारा उनके वाहनों को अनावश्यक रोका ना जाये। इस संबंध ट्रक मालिकों ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। साथ ही वाहनों के पकड़े जाने पर नियमनुसार अर्थदण्ड (जुर्माना) की कार्रवाई कर उन्हें तत्परता से छोड़ने की मांग की गई है। इस मामले को पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता से लेते रेत के वैध परिवहन को पूर्ण संरक्षण प्रदान करने और वाहनों से अवैध वसूली पर प्रभावी रोक लगाते हुए इसमें लिप्त पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की बात कही है। एसपी के आश्वासन के बाद फ़िलहाल इंट्री वसूली पर अंकुश लगने की उम्मीद की जा रही है। हलांकि यह तो कुछ समय बाद ही पता चल पायेगा कि इंट्री वसूली पर पूर्णतः रोक लग पाती है या फिर पूर्व की तरह यह जारी रहती है।

इनका कहना है-     अजयगढ़ थाना में सबसे ज्यादा इंट्री शुल्क 20,000 रूपए महीना लिया जा रहा है। अन्य थानों में 5,000-10,000 रूपए लगते हैं। अवैध वसूली इतनी बढ़ गई है कि सभी ट्रक मालिक बहुत परेशान हैं। ईटीपी लेकर चलने, वाहन अंडर लोड होने के बाद भी उन्हें पकड़ा जाता है और रुपये लेकर छोड़ने के बाद मासिक इंट्री ना देने पर पुनः पकड़ने की धमकी दी जाती है।

सुखदेव मिश्रा, ट्रक ऑनर्स

अजयगढ़ से लेकर सतना तक सभी थानों में रेत के वाहनों से पुलिस अवैध तरीके से इंट्री वसूली करती है यह सबको पता है। वैधानिक तरीके से परिवहन करने वालों को अनावश्यक परेशान ना किया जाये इस संबंध में सभी ने एकजुट होकर ज्ञापन सौंपा है।

धर्मेंद्र सिंह, व्यवसाई

रेत के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगा है इसलिए कुछ लोग अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। वे कुछ भी कहने के लिए स्वतंत्र हैं।

वीरेन्द्र बहादुर सिंह, टीआई थाना अजयगढ़

पुलिस की इंट्री वसूली की मुझे जानकारी नहीं है, यदि अवैध वसूली हो रही है तो यह अनुचित और आपत्तिजनक है। इस पर रोक लगवाने के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे।

सतानंद गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष पन्ना

रेत का वैधानिक तरीके से परिवहन करने पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जायेगी। इंट्री वसूली के आरोपों की जांच कराकर इसमें लिप्त पाये जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जायेगी। रेत पुलिस के फोकस में नहीं है हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता अपना मूल कार्य है।

विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक पन्ना
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निष्पक्ष और पारदर्शी रहकर निर्वाचन कार्य करें। निष्पक्ष हैं तो यह दिखना भी चाहिए

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जिला निर्वाचन अधिकारी ने की चुनावी तैयारियों की समीक्षा

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए- खत्री

पन्ना। रडार न्यूज    आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर पन्ना जिले में निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं का पालन करने संबंधी दिशा-निर्देश आज जिला पंचायत सभागार में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री ने जिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिए। जिले के अधिकारियों के साथ ही तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी, बीएलओ, रोजगार सहायक एवं पंचायत सचिवों के संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर मनोज खत्री ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण तथा गहन परीक्षण के साथ ही संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिये। उन्होंने संयुक्त बैठक में उपस्थित कर्मचारियों का आकस्मिक ज्ञान परीक्षण भी किया। इस अवसर पर कलेक्टर की मौजूदगी में वीवीपैट मशीन का संचालन एवं उसकी समस्त प्रक्रियाओं की जानकारी मास्टर ट्रेनर डॉक्टर संजय जड़िया एवं हरिराम माली द्वारा उपस्थित शासकीय कर्मियों को दी गई। इस दौरान कलेक्टर श्री खत्री ने भारत निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप सभी शासकीय कर्मियों को निष्पक्ष और पारदर्शी रहकर आचरण संहिता का कड़ाई से पालन करने संबंधी निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा यदि आप निष्पक्ष है तो निष्पक्ष दिखना भी चाहिए। निर्वाचन संबंधी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी

उन्होंने पंचायत कर्मियों एवं बीएलओ से घर-घर जाकर मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने और स्त्री-पुरुष लिंगानुपात वास्तविक रूप से निर्धारित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उपस्थित सभी अधिकारियों से कहा स्वयं जाकर निरीक्षण करें एवं किसी प्रकार की कोई कमी ना रहने दे। लगभग ढ़ाई घंटे चली इस अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक में सीईओ जिला पंचायत डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, एसडीएम पन्ना बीबी पांडे, अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत अशोक चतुर्वेदी, तहसीलदार एन. के. चौरसिया, जनपद पन्ना सीईओ सुश्री तपस्या जैन, नायब तहसीलदार सुश्री दिव्या जैन के साथ ही जिले के स्वीप नोडल अधिकारी प्रोफेसर विनय श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

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बैठक में अनुपस्थित दो सचिव निलंबित, जीआरएस देवरी की हुयी सेवा समाप्त

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कलेक्टर ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा

जनपद पंचायत पन्ना के लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश

पन्ना। रडार न्यूज    विधानसभा चुनाव के पूर्व पन्ना कलेक्टर मनोज खत्री एक्शन मोड में आ गये हैं। फलस्वरूप प्रशासन में इन दिनों थोड़ी कसावट आई है। जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर मनोज खत्री द्वारा निर्वाचन की तैयारियों तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की गयी। इस दौरान बैठक में अनुपस्थित जनपद पंचायत पन्ना की ग्राम पंचायत खपटहा और जनकपुर के सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। शालाओं की निगरानी में शिथिलता बरतने और निर्देशों पर अमल ना करने पर चर्चित जनशिक्षक अम्बुज श्रीवास्तव को तत्काल पन्ना से हटाकर शाहनगर विकासखण्ड में पदस्थ करने के निर्देश कलेक्टर ने डीपीसी को दिए हैं। इसके अलावा अन्य लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने सभी पंचायत सचिवों, ग्राम रोजगार सहायकों को, जिन मतदान केन्द्रों में महिला मतदाताओं की संख्या कम हैं उनमें पात्र सभी महिलाओं के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित कराने हेतु फार्म-6 भराकर संबंधित बीएलओ के पास दिनांक 25 अगस्त तक जमा करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार ग्राम पंचायत के समस्त मतदान केन्द्रों में विकलांग मतदाताओं की पहचान कर मतदाता सूची में यदि उनके नाम नहीं है तो नाम जोड़ने की कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये गये। कलेक्टर ने कहा कि इन कार्यों का सुपरविजन एडीईओ-पीसीओ द्वारा किया जाएगा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत इनकी ड्यूटी लगाएं। डीपीसी सभी मतदान केन्द्रों में रैम्प बनवाएं। उन्होंने मतदान केन्द्रों के अनुसार ट्राईसाईकिल की मांग शासन को प्रेषित करने हेतु उप संचालक सामाजिक न्याय को निर्देश दिये ।

एमडीम की गुणवत्ता जांचें

विभागीय योजनाओं की समीक्षा करने पर शिक्षा की गुणवत्ता एवं मानीटरिंग हेतु पूर्व में दिये गये निर्देशों का अमल न करने पर कलेक्टर द्वारा अम्बुज श्रीवास्तव जन शिक्षक को तत्काल पन्ना से हटाकर शाहनगर विकासखण्ड में पदस्थ करने के निर्देश जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र पन्ना को दिये गये। समस्त जनशिक्षकों को शालाओं का नियमित निरीक्षण कर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा अनुपस्थित शिक्षकों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु नाम प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पन्ना को निर्देश दिये कि वह प्रतिमाह मध्यान्ह भोजन की खण्ड स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित करें तथा उसमें गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन प्रदाय न करने वाले समूहों के विरूद्ध कार्यवाही करें।

लापरवाह ग्राम रोजगार सहायक की गई नौकरी

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुये कलेक्टर ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में आवास पूर्ण नहीं है अथवा कम आवास पूर्ण है वह 31 अगस्त 2018 तक अधिक से अधिक आवास पूर्ण करायें। बैठक में अनुपस्थित सचिव ग्राम पंचायत खपटहा अखिलेश गर्ग, राकेश उरमलिया सचिव ग्राम पंचायत जनकपुर को निलंबित किया गया। योजनाओं की जानकारी न होने तथा ग्राम पंचायत में आवास पूर्ण न कराने पर सुश्री वर्षा राजपूत ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत देवरी की संविदा सेवा समाप्त की गयी। साथ ही बृन्दावन कुशवाहा पंचायत समन्वय अधिकारी की एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के निर्देश दिये। समीक्षा के दौरान ग्राम पंचायत भसूंड़ा की प्रगति कम होने के कारण ग्राम पंचायत का वित्तीय प्रभार सचिव रमेश कुशवाहा से हटाकर देवीदयाल सेन ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत भसूंड़ा को दिया गया।

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फाँसी की सजा से मंदसौर घटना में हुआ न्याय : शिवराज सिंह

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फाइल फोटो।

मुख्यमंत्री ने पुलिस, अभियोजन अधिकारियों की तत्परता की सराहना

भोपाल। रडार न्यूज    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंदसौर में मानवता को कलंकित करने वाली त्रासदपूर्ण घटना में दोषियों को फाँसी की सजा होने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें न्याय हुआ है। घटना में दोषी व्यक्तियों को फाँसी की सजा दिलाने में जिला अदालत, पुलिस और अभियोजन से जुड़े अधिकारियों ने जो तत्परता दिखाई है वह सराहनीय है। श्री चौहान ने कहा कि बेटियों की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के लिये सिर्फ फाँसी ही सजा है। पीड़ित बेटी प्रदेश की बेटी है। उसका हर तरह से पूरा ख्याल रखा जायेगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि घटना की जाँच में मंदसौर जिला पुलिस की अनुसंधान टीम ने तत्परता के साथ कार्य किया और दोषियों को फाँसी देने के लिये सभी साक्ष्य जुटाये। अभियोजन की कार्रवाई मात्र आठ दिन में पूरी की गई। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों का दोष सिद्ध पाया और फाँसी सजा सुनाई। इस प्रकरण में जिस कर्त्तव्य-निष्ठा और कार्य-कुशलता के साथ पुलिस और अभियोजन अधिकारियों ने दोषियों को फाँसी की सजा दिलवाने का काम किया, वह काबिले तारीफ है। ऐसी जघन्य घटनाओं के प्रति राज्य शासन संवेदनशील है। दरिंदों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जायेगा। मध्यप्रदेश ने ऐसे संवेदनशील मामलों में तत्काल कार्रवाई कर दोषियों को फाँसी दिलाने का काम किया है।

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शिवराज के मंत्री सड़क पर खड़े होकर लोगों से करेंगे सुरक्षा नियमों के पालन की अपील

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक हुई।

सड़क-सुरक्षा नियमों के पालन के लिये जन-जागृति अभियान चलाने के निर्देश 

शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में 10 हजार ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किये

मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में हुई राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक

भोपाल। रडार न्यूज     मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिये जन-जागृति अभियान चलाया जाये। उन्होंने कहा कि समाज की सहभागिता के साथ व्यापक अभियान का संचालन 4 सितंबर से शुरू किया जाये। श्री चौहान आज मंत्रालय में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

श्री चौहान ने कहा कि नियमों के पालन के लिये प्रवर्तन से पूर्व समझाइश की पहल की जानी चाहिए। लोगों को सड़क सुरक्षा की समस्या पर विचार करने के लिये प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रेरणा और प्रोत्साहन के प्रयास बेहद जरूरी हैं। भोपाल में जन-जागृति अभियान के शुभारंभ अवसर पर मंत्रि-परिषद के सदस्य सड़क पर खड़े होकर नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की अपील करें। सप्ताह के दौरान प्रभारी मंत्री अपने क्षेत्रों में भी जन-जागृति का कार्य करें। उन्होंने जन-जागृति अभियान में धर्मगुरुओं और समाज सेवियों का सहयोग प्राप्त करने के लिये कहा ताकि सड़क-सुरक्षा नियमों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच निर्मित हो।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई का अभियान चलाने की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि अभियान के संबंध में अग्रिम सूचना को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाये। पर्याप्त मात्रा में ब्रीथ एनालाइजर और स्पीड गन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाये, ताकि मदिरा पीकर और तेज गति से ड्राइविंग करने वालों के विरुद्ध प्रमाणिक कार्रवाई हो सके।

गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में प्रदेश में 10 हजार वाहन चालन अनुज्ञप्तियों को निलंबित किया गया है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव बी.पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला सहित राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य मौजूद थे।

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वृहद परियोजना नियंत्रण मण्डल द्वारा 1925 करोड़ की निविदायें स्वीकृत

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सांकेतिक फोटो।

तीन जिलों में 2.18 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मिलेगी सिंचाई सुविधा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई नियंत्रण मंडल की 110वीं बैठक

भोपाल। रडार न्यूज    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल जल-संसाधन विभाग की 110वीं बैठक आज मंत्रालय में संपन्न हुई। बैठक में कुण्डलिया सिंचाई परियोजना की दांयी तट वितरण प्रणाली के डिजाईन बिल्ड ऑपरेट, बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना अंतर्गत बांध निर्माण, पार्वती कम्पोजिट ग्रेविटी बांध निर्माण और सीता नगर परियोजना अंतर्गत कंपोजिट ग्रेविटी बांध निर्माण के 1925 करोड़ के कार्यों की निविदाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। कार्य की पूर्णता पर राजगढ़, सागर और दमोह जिले के कुल 2 लाख 18 हजार हेक्टेयर से भी अधिक क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाये कि परियोजनाओं का निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हों और समय-सीमा में पूर्ण हों। कार्यों की निरंतर निगरानी की जाये। मुख्यमंत्री को बताया गया कि कुण्डलिया परियोजना के अंतर्गत काली सिंध नदी पर राजगढ़ जिले के विकासखंड जीरापुर के गांव सिरपोई में बांध निर्माण का कार्य पूर्ण हो गया है। बांध में सिंचित जल से 1 लाख 25 हजार हेक्टेर क्षेत्र में सिंचाई की जायेगी। पेयजल के लिये 10 मिलियन घनमीटर और औद्योगिक उपयोग के भी लिये 15 मिलियन घनमीटर पानी उपलब्ध होगा। साथ ही, 30 मिलियन घनमीटर जल का प्रावधान पर्यावरण कार्यों के संरक्षण के लिये किया गया है।

बैठक में बताया गया कि राजगढ़ में लगभग 65 हजार हेक्टेयर में उच्च-स्तरीय सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। कार्य पूर्णता पर 64 हजार 656 हेक्टेयर प्रेशराईज्ड एवं सूक्ष्म पाईप लाइन द्वारा सिंचाई की जल वितरण प्रणाली स्थापित की जायेगी। परियोजना से राजगढ़ जिले के 255 ग्रामों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। बीना संयुक्त सिंचाई एवं उद्देश्यीय परियोजना अंतर्गत सागर जिले में राहतगढ़ के गांव गावरी के समीप बीना नदी पर बांध निर्माण प्रस्तावित है। बांध की कुल भराव क्षमता 270 मिलियन घनमीटर होगी। इसमें तीन ग्रामीण पेयजल समूह योजना के लिये 37 मिलियन घनमीटर पानी आरक्षित रहेगा। इस बांध से 10 किलोमीटर नीचे एक अन्य बांध चकरपुर का निर्माण भी प्रगतिरत है। दोनों बांधों का संयुक्त जल-भराव 300 मिलियन घनमीटर होगा। इससे सागर जिले के 403 ग्रामों की कुल 90 हजार हेक्टेयर भूमि में एक हेक्टेयर चक तक भूमिगत पाईप लाइन बिछाकर स्प्रिंकलर प्रणाली से सिंचाई की जायेगी।

राजगढ़ जिले के ग्राम फतेहपुर के समीप पार्वती नदी पर बांध निर्माण परियोजना प्रस्तावित है। इस बांध की कुल जल-भराव क्षमता 172 मिलियन घनमीटर है। परियोजना की रूपांकित सिंचाई क्षमता 48 हजार हेक्टेयर है। पेयजल के लिये 10 मिलियन घनमीटर पानी का प्रावधान किया गया है। दमोह जिले के विकासखंड पथरिया के ग्राम सीतानगर के समीप सोनार नदी पर सीता नगर परियोजना प्रस्तावित है। बांध की कुल भराव क्षमता 65 मिलियन घनमीटर से अधिक है। परियोजना के जलाशय से जल का उद्वहन कर भूमिगत पाईप लाइन द्वारा उच्च दाब पर एक हेक्टेयर तक जल प्रदाय कर सूक्ष्म सिंचाई परियोजना पद्धति से दमोह जिले की 16 हजार 200 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी की सिंचाई होगी। इसमें दमोह तहसील का 11 हजार 400 हेक्टेयर और पथरिया तहसील का 4 हजार 800 हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित होगा। बैठक में वित्त मंत्री जयंत मलैया, जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्र और नियंत्रण मंडल के सदस्य मौजूद थे।

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