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मानवता को कलंकित करने वाले अपराधियों की सजा सिर्फ फांसी : शिवराज

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज प्रदेश पुलिस और आभियोजना के अधिकारियों कर्मचारियों को महिलाजन्य अपराधों की रोकधाम में उत्कृष्ट कार्यो के लिये सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को दिये उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र 

दरिंदों को फांसी की सजा दिलवाकर समाज में सुरक्षा का संदेश दिया

भोपाल। रडार न्यूज  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिलाओं, बेटियों के विरूद्ध जघन्य अपराधों में उत्कृष्ट विवेचना कर अपराधियों को फांसी की सजा दिलवाने में मध्यप्रदेश पुलिस ने पूरे देश में उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील श्रेणी के अपराधों की विवेचना को और ज्यादा प्रभावी बनाया जायेगा ताकि मानवता को कलंकित करने वाले दरिंदे बच नहीं पायें। विवेचना से जुड़े पुलिस अमले को और ज्यादा सुविधाएं देने पर भी विचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि उच्चतम एवं उच्च न्यायालयों और अभियोजन से भी ऐसे मामलों की सुनवाई के लिये फास्टट्रैक कोर्ट शुरू करने का अनुरोध किया गया है।

श्री चौहान ने आज महिलाओं और बेटियों के विरूद्ध जघन्य अपराधों में उत्कृष्ट विवेचना कर अपराधियों को फांसी की सजा दिलवाने वाले पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री निवास परिसर में सम्मानित किया। इनमें डीआईजी, पुलिस अधीक्षक, फोरोंसिक साईंस लैब के अधिकारी, पुलिस कांस्टेबल और अभियोजन अधिकारी शामिल हैं।

धरती को दरिंदों के बोझ से मुक्त कर देना चाहिये

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में उत्कृष्ट सेवाओं के सम्मानित मध्यप्रदेश पुलिस एवं अभियोजना प्रभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे ।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिन दरिंदों ने मानवता को कलंकित किया, इंसानियत का खून किया, बेटियों की गरिमा को अपमानित किया, ऐसे दरिंदों को फांसी की सजा दिलवाकर प्रदेश की पुलिस और अभियोजन अधिकारियों ने समाज में सुरक्षा का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं मन को पीड़ा पहुंचाती हैं, लेकिन दरिंदों को कड़ी सजा दिलवाकर संतोष भी होता है। दरिंदे किसी भी हालत में बचना नहीं चाहिए। श्री चौहान ने कहा कि शैतानों के कोई मानव अधिकारी नहीं होते। धरती को ऐसे दरिंदों के बोझ से मुक्त कर देना चाहिये। फांसी ही इनके लिये एकमात्र सजा हो सकती है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने पूरे देश में उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। ऐसे जघन्य अपराधों में दोषियों को रिकार्ड समय में फांसी की सजा मिली। उन्होंने कहा कि समाज में दूषित मानसिकता वालों को सुधारने के लिये उन्हें संस्कार देने का अभियान चलाना चाहिए, लेकिन यह एक लम्बी प्रक्रिया है और कुछ दरिंदों पर इनका कोई असर नहीं होता। वे अपराध करते रहते हैं। ऐसे अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा होना जरूरी है। श्री चौहान ने पुलिस और अभियोजन अधिकारियों के उत्कृष्ट प्रयासों और टीम वर्क की सराहना करते हुये कहा कि अपराधियों को सजा दिलाना समाज सेवा का काम है। उन्होंने फांसी की सजा सुनाने वाली अदालतों को भी नमन करते हुये कहा कि अत्यंत संवेदनशील प्रकरणों में न्यायालयों ने भी तत्परता से न्याय देने का काम किया है।

टेक्नॉलाजी के उपयोग से अपराधों के नियंत्रण मदद मिली

पुलिस महानिदेशक  आर.के. शुक्ला ने कहा कि डिजिटल टेक्नॉलाजी के उपयोग से विवेचना में प्रक्रिया में तेजी आयी है और अपराधों का तथ्यामक विश्लेषण करने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में सीसीटीव्ही कैमरे लगाने से अपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखने में काफी मदद मिली है। सभी जिलों के संवेदनशील क्षेत्रों में 10 हजार सीसीटीव्ही कैमरे लगाये गये हैं। डीएनए परीक्षण की टेक्नॉलाजी के उपयोग से भी अपराधियों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों के विरुद्ध हुए जघन्य अपराधों में अपराधियों की विवेचना कर उन्हे सजा दिलवाने में अभियोजन अधिकारी, पुलिस अधिकारी और समाज के सहयोग से पूरी टीम ने काम किया है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव गृह  मलय श्रीवास्तव, संचालक लोक अभियोजन डॉ. राजेन्द्र कुमार और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  अन्वेष मंगलम् एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

वीवीपीएटी के संबंध में समूह की महिलाओं को दी गयी जानकारी

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पन्ना। रडार न्यूज़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पालन में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री द्वारा सभी अधिकारियों को अपने अधीनस्थ स्टाफ को नवीन ईव्हीएम एवं वीवीपीएटी मशीन के संबंध में जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में प्रचार वाहन द्वारा विधानसभा क्षेत्रवार मतदान केन्द्र पहुंचकर आमजन को जागरूक किया जा रहा है। पिछले दिवस आयोजित समय सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक के दौरान उपस्थित सभी विभाग प्रमुखों एवं कार्यालय प्रमुखों को भी इस संबंध में प्रशिक्षण दिया गया है। इसी क्रम में जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर मनोज खत्री की उपस्थिति में आयोजित कार्यशाला में तेजस्वनी महिला संघ एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं तथा कर्मचारियों को वीवीपीएटी के संबंध में जागरूक किया गया। इस दौरान ट्रेनर द्वारा पूर्व की मशीनों एवं नवीन वीवीपीएटी मशीन के बीच के अन्तर को विस्तारपूर्वक समझाया गया। कन्ट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट, वीवीपीएटी मशीन में मतदाता पर्ची का डिस्प्ले अनिवार्य रूप से देखने आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी। महिलाओं से मौके पर ट्रायल वोटिंग भी करवायी गयी। साथ ही इन महिलाओं सेे अपने से जुडे अन्य सभी लोगों को इस संबंध में जागरूक करने की अपील की गयी है। इस दौरान जिला प्रबंधक तेजस्वनी संघ संजीव सिंह, डीपीएम राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन डी.के. पाण्डेय, अधीनस्थ स्टाफ तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।

छात्र-छात्राओं की समस्याओं का तुरंत निराकरण करें विश्वविद्यालय : राज्यपाल

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राज्यपाल श्रीमती आनदीबेन पटेल ने आज बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के 48 वें स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया।

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह सम्पन्न 

भोपाल। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय छात्र-छात्राओं की समस्याओं का निराकरण तुरंत करें। समस्त कार्यवाही समय सीमा में करें ताकि छात्र-छात्राओं का भविष्य खराब न हो। उन्होंने यह बात आज यहाँ बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में कही। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियाँ हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया।

राज्यपाल श्रीमती आनदीबेन पटेल ने आज बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने कन्या छात्रावास का भ्रमण कर छात्राओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली और संबंधित को निराकारण के लिए निर्देश दिये।

राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि विद्यार्थियों को समय का महत्व समझने की आवश्यकता है। जिस काम के लिए जो समय निश्चित है, वह काम उस समय पर अवश्य पूरा करें। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि अनुशासन आपका सबसे बड़ा गुण और कर्त्तव्य होना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि हमारी सोच ऐसी होना चाहिए कि हम सब मिलकर कैसे विश्वविद्यालय के स्तर को ऊंचा उठा सकते है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें, उन्हें आदर्श नागरिक बनाने का प्रयास करें। राज्यपाल ने वृक्षारोपण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार को 5-5 पौधे जरूर लगाना चाहिये और वृक्ष बनने तक उनकी रक्षा भी सुनिश्चित करना चाहिये।

राज्यपाल श्रीमती आनदीबेन पटेल ने आज बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने कन्या छात्रावास का भ्रमण कर छात्राओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली और संबंधित को निराकारण के लिए निर्देश दिये।

श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह से महिलाओं की आर्थिक स्थिति ठीक हो सकती है। जब तक हम महिलाओं को जागरूक नहीं बनाएंगे, तब तक आधी आबादी विकास नहीं कर सकती। उन्होंने छात्रों से दहेज न लेने, बाल-विवाह का विरोध करने और प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने की शपथ लेने का आव्हान किया। श्रीमती पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का भी ध्यान रखा जाये। उन्होंने मीडिया से कहा कि जब कोई अच्छा काम करता है तो उसे अवश्य दिखायें। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी.सी. गुप्ता, रजिस्ट्रार डॉ. यू.एन. शुक्ल सिंह सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी इस मौके पर उपस्थित थे।

डिसड्रोमीटर से दक्षिण-पश्चिम मानसून वर्षा का वैज्ञानिक अध्ययन शुरू

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मेपकास्ट में वर्षा के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए लगाया गया डिसड्रोमीटर।

भोपाल। म.प्र.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् भोपाल (मेपकॉस्ट) एवं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ‘इसरो’के स्पेस एप्लीकेशन्स सेंटर (सैक),अहमदाबाद द्वारा मौसम उपग्रह इन्सैट-3डीआर में लगे उपकरणों से प्राप्त डाटा से भोपाल क्षेत्र में दक्षिण पश्चिम मानसून से होने वाली वर्षा का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा रहा है। इस शोध परियोजना से प्राप्त नतीजों से फसलों के चयन में आसानी होगी।

मेपकॉस्ट के सुदूर संवेदन अनुप्रयोग केन्द्र के कृषि तथा मृदा प्रभाग के प्रभारी,वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ.जी.डी.बैरागी ने बताया कि मेपकास्ट परिसर में स्थित विज्ञान भवन पर डिसड्रोमीटर उपकरण स्थापित किया गया है। इस उपकरण से प्राप्त दक्षिण-पश्चिम मानसून से होने वाली वर्षा के विभिन्न प्रतिमानों (रेनफॉल प्रॉड्क्टस) पर रिसर्च की जा रही है। तीस किग्रा.वजनी डिसड्रोमीटर अत्याधुनिक उपकरण है,जो वर्षा संबंधी आंकड़ों की रिकॉर्डिंग में अहम भूमिका निभाता है।

डॉ.जी.डी.बैरागी ने बताया कि डिसड्रोमीटर उपकरण मेपकॉस्ट के विज्ञान भवन के साथ ही भोपाल में आईआईएफएम, आईएमडी, जेडीए ऑफिस, एनआईटीटीटीआर (निटर), भेल, बीएमएचआरसी, एसआईआरटी कालेज और बीएसएसएस कॉलेज पर भी स्थापित किया गया है। मेपकास्ट को अनुसंधान के लिए स्थल निर्धारण, सर्वेक्षण और लॉजिस्टिक का कार्य सौंपा गया है। शोध कार्य आरंभ होने के पहले दोनों वैज्ञानिक संस्थानों ने कार्य योजना के विभिन्न घटकों पर विचार मंथन किया था।

क्या है उन्नत मौसम उपग्रह इन्सैट-3डीआर

इन्सैट-3 डीआर उन्नत और देश में ही निर्मित मौसम उपग्रह है, जिसे 26 जुलाई 2015 को अंतरिक्ष में स्थापित किया गया था। यह देश का पहला भू-स्थिर उपग्रह है, जिसमें ‘इमेजर’ एवं साउंडर उपकरण लगे हुए हैं और जो वायुमंडल के विभिन्न आयामों जैसे वर्षा, आर्द्रता, तापमान, कोहरा, हिमपात आदि का उच्च गुणवत्ता आधरित डाटा उपलब्ध कराने में सहायक होगा। उपग्रह आधरित वर्षा को केलीब्रेट करने के लिए भोपाल शहर में 9 संस्थानों पर डिसड्रोमीटर से प्राप्त वर्षा के आंकड़ों से मॉडल तैयार कर वर्षा के सटीक आंकड़ों के प्रॉडक्ट तैयार किये जायेंगे।

 

वन विहार में आया सफेद कोबरा

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वन विहार में बैतूल से लाया गया विलक्षण सफेद कोबरा साँप।

भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में बैतूल से एक सफेद कोबरा (एल्बिनो) साँप रेस्क्यू कर लाया गया है। इस विलक्षण साँप को बैतूल जिले के सारणी परिक्षेत्र से पकड़ा गया है। यह साँप बहुत आकर्षक और सुंदर दिखता है।

वन विहार में बैतूल से लाया गया विलक्षण सफेद कोबरा साँप को चिकित्सक की देखरेख में रखा जा रहा है।

 प्रकृति ने कोबरा साँप को काला रंग दिया है, परंतु जेनेटिक मॉडिफिकेशन के कारण कभी-कभी एल्बिनो प्राणी जन्म लेता है। प्रकृति के विरुद्ध हुए ये प्राणी ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाते हैं। विपरीत रंग होने के कारण ये शिकारी की नजर से नहीं बच पाते हैं। इस साँप को वन विहार में वन्य-प्राणी चिकित्सक की देखरेख में साँपों के लिये बनाये गये ट्रांजिट सेंटर में रखा गया है। स्वास्थ्य परीक्षण के साथ सफेद कोबरा की निरंतर निगरानी की जा रही है।

जिलेभर में गरिमामय ढंग से हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवस-कलेक्टर

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अधिकारी सौंपे गए दायित्व के अनुसार तैयारियां प्रारंभ करें-कलेक्टर

पन्ना। रडार न्यूज़ कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर मनोज खत्री की अध्यक्षता में स्वत्रंता दिवस समारोह गरिमापूर्वक मनाए जाने के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आयोजन के संबंध में विचार विमर्श कर विभिन्न निर्णय लिए गए। बैठक में कलेक्टर श्री खत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय गौरव का दिन है, यह पूरे जिले में गरिमा और उल्लास के साथ मनाया जायेगा। इस दिन पूरे जिले में आन-बान-शान से तिरंगा लहराएगा। मुख्य समारोह पुलिस परेड मैदान में आयोजित होगा। सभी अधिकारी सौपे गये दायित्व के अनुसार सभी तैयारियां करें। इसमें छोटी- छोटी बातों का भी पूरा ध्यान रखे। समारोह में लाउड स्पीकर तथा माइक्रोफोन की व्यवस्था अच्छी रखें। समारोह हमें आकर्षक परेड तथा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की पूरी तैयारी करें। जिले के साथ-साथ तहसील तथा ग्राम पंचायतों में भी समारोहपूर्वक स्वतंत्रता दिवस मनाएं। सभी प्राथमिक तथा माध्यमिक शालाओं में विशेष मध्यान्ह भोजन का आयोजन कराएं। कलेक्टर ने सभी शासकीय भवनों में स्वतंत्रता दिवस की रात में रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिला स्तरीय समारोह पुलिस परेड मैदान में प्रातः 9.00 बजे मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण से प्रारम्भ होगा जिसका समापन पुरूस्कार वितरण से होगा। कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण तथा मुख्य नागरपालिका अधिकारी मैदान के समतलीकरण साज-सज्जा, मंच तथा पंडाल व्यवस्था करें। वेरीकेटिंग के लिए वन मण्डाधिकारी उपयुक्त बांस और बल्ली उपलब्ध कराये। एस.डी.एम. तथा तहसीलदार पन्ना पूरे समारोह की व्यवस्थाओं के प्रभारी होंगे। परेड तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम की अंतिम रिर्हसल 13 अगस्त को प्रातः 9 बजे से होगी। जिला शिक्षा अधिकारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूरी तैयारी कराये। सांस्कृतिक कार्यक्रम में राष्ट्रीय भावना से भरे गीत शामिल करें। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में समय सीमा का विशेष ध्यान रखकर अभ्यास कराएं। कार्यक्रम के दौरान बरसात होने की स्थिति में सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए जाएंगे। उन्होंने स्कूली विद्यार्थियों के साथ-साथ महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की संस्थाओं के बैनर के साथ उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उनहोंनेकहा कि सभी अधिकारी अपने कार्यालय के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी तथा कर्मचारियों को स्वत्रता दिवस समारोह में सम्मानित कराएं। इसके लिए प्रस्ताव 10 अगस्त के पूर्व जिला दण्डाधिकारी के समक्ष अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करे। इसमें कार्यो के विवरण के साथ कर्मचारी के विभागीय जांच न्यायालयीन प्रकरण आदि न होने संबंधी प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करें। समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा उन्हें सम्मानित कराने की व्यवस्था तहसीलदार पन्ना करेगें। इसमें जिला आबकारी अधिकारी उन्हें सहयोग देगे। समारोह स्थल में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पत्रकारगणों, गणमान्य नागरिकों तथा आम जनता के बैठने की उचित व्यवस्था करें। उन्होंने समारोह का आमंत्रण पत्र समय पर वितरित कराने हेतु निर्देशित किया।
कलेक्टर ने कहा की सभी कार्यालयों में प्रातः 7.30 बजे तक अनिवार्य रूप से ध्वजारोहरण कराये। ध्वजारोहण में ध्वजसंहिता के प्रावधानों का पूरी तरह से पालन करें। राष्ट्रीय ध्वज का नियत समय पर अवरोहण भी करायें। सभी कार्यालयों शालाओं तथा सार्वजानिक प्रतिष्ठानों में भी ध्वजारोहण करायें। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीकेएस परिहार ने बताया कि परेड की रिहर्सल 04 अगस्त से प्रारम्भ होगी। इसमें चुने हुये दल शामिल रहेगें। इसमें शामिल विद्यार्थियों को रक्षित निरीक्षक के मार्गदर्शन में रिहर्सल के लिए नियमित रूप से भेजें। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. गिरीश कुमार मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अशोक चतुर्वेदी, जिला कमाण्डेंट होमगार्ड के.के. नारौलिया, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग ए.बी. साहू, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास भरत सिंह राजपूत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी तथा कार्यालय प्रमुख उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश में जोर-शोर से मना अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस

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भोपाल अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में बाघ संरक्षण और जागरूकता पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किये गये। इनमें सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।कान्हा टाइगर रिजर्व के मोचा में संभागायुक्त जबलपुर आशुतोष अवस्थी के मुख्य आतिथ्य में हुए कार्यक्रम में बाघ संरक्षण गतिविधियों का प्रस्तुतिकरण किया गया। मोचा ग्राम के स्कूली छात्र-छात्राओं ने क्षेत्र संचालक डॉ. संजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में कान्हा ईको सेंटर से खटिया प्रवेश-द्वार तक आकर्षक नारों के साथ रैली निकाली। वन्य-प्राणी प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रमाण-पत्र एवं प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। चित्रकला और कविता-पाठ के विजेता शालेय छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। राज्य वन अनुसंधान संस्थान, डब्ल्यू.डब्ल्यू.एफ.-इण्डिया, वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट, द लॉस्ट वाइल्डरनेस फाउण्डेशन, भारतीय वन्य-जीव संस्थान, द कार्बेट फाउण्डेशन, फाउण्डेशन फॉर ईकोलॉजिकल सिक्युरिटी, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इण्डिया और सिंघीनावा फाउण्डेशन द्वारा कान्हा भू-भाग पर बाघ संरक्षण के लिये किये गये प्रयासों और अध्ययन का प्रस्तुतिकरण दिया गया। आशुतोष अवस्थी ने कान्हा भू-भाग में स्थानीय समुदायों, विशेषकर बैगा आदिवासियों के आर्थिक तथा सांस्कृतिक उत्थान के माध्यम से वन्य-प्राणी संरक्षण के महत्व पर जानकारी दी। कलेक्टर सुश्री सूफिया फारूखी वली ने बाघ संरक्षण में स्थानीय समुदायों को आजीविका कार्यक्रमों के माध्यम से जोड़ने पर बल दिया। विद्यार्थियों ने देश में वन और वन्य-प्राणी संरक्षण के महत्व को रेखांकित करने वाली आकर्षक एकांकियों की प्रस्तुति की। कान्हा के खोजी कुत्तों ने भी आकर्षक ड्रिल का प्रदर्शन किया।

पेंच टाइगर रिजर्व-

पेंच टाइगर रिजर्व और स्वयंसेवी संस्था सेविंग टाइगर सोसायटी द्वारा संयुक्त रूप से सिवनी, भाहर, खवासा और जमतरा ग्राम में पैदल रैली निकालने के साथ चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। सिवनी की रैली में 700 छात्र-छात्राओं और 900 लोगों ने भाग लिया। रैली को कलेक्टर सिवनी गोपाल चन्द डाड, क्षेत्र संचालक विक्रम सिंह परिहार और संयुक्त संचालक के.के. गुरवानी ने रवाना किया। रैली में छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किये गये प्ले-कार्डों में चयनितों को वन्य-प्राणी संरक्षण सप्ताह के दौरान पुरस्कृत किया जायेगा। चित्रकला प्रतियोगिता में 5वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। जमतरा रैली में 450 और खवासा रैली में लगभग एक हजार छात्र-छात्राओं और नागरिकों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान को सौंपे गये नगरीय विकास के राष्ट्रीय पुरस्कार

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने लखनऊ (उ.प्र.) में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में मिले 5 पुरस्कार सौंपे । इस अवसर पर महापौर नगर निगम भोपाल आलोक शर्मा मुख्य सचिव बी.पी.सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

भोपाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आज नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने मध्यप्रदेश को नगरीय विकास में नवाचारों के लिये मिले राष्ट्रीय पुरस्कार सौंपे। ये पुरस्कार विगत 27-28 जुलाई को लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय नगरीय विकास कार्यशाला में मध्यप्रदेश को भारत सरकार द्वारा प्रदान किये गये हैं। इस अवसर पर महापौर आलोक शर्मा, मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह,प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास विवेक अग्रवाल, भोपाल निगमायुक्त अविनाश लवानिया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्मार्ट सिटी संजय कुमार भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि विगत 28 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भोपाल स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में इन्टीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेन्टर के लिये भोपाल के महापौर आलोक शर्मा और अमृत योजना में बाँड जारी करने के नवाचार के लिये इंदौर महापौर श्रीमती मालिनी लक्ष्मण गौड़ को राष्ट्रीय पुरस्कारों से अलंकृत किया था। इसके पूर्व 27 जुलाई को कार्यशाला में केन्द्रीय शहरी विकास, आवासीय एवं शहरी गरीबी उन्मूलन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने मध्यप्रदेश को नगरीय विकास के क्षेत्र में नवाचारों के लिये चार राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया था। ये पुरस्कार भोपाल के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में पब्लिक बाइक शेयरिंग, बी-नेस्ट इंक्यूबेशन सेंटर और जबलपुर स्मार्ट सिटी के एनडीएमसी के स्मार्ट क्लॉस-रूम एवं वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिये प्रदान किये गये।

लिपिकों की हड़ताल : रैली निकालकर भरी हुंकार | कार्यालयों में प्रभावित कामकाज

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छठवें दिन भी जारी रही लिपिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

मांगें पूरी होने तक हड़ताल को जारी रखने का किया ऐलान

पन्ना। रडार न्यूज   वेतन विसंगति सहित अपनी 23 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर प्रदेश के सभी विभागों के लिपिक इन दिनों अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं। लगातार छटवें दिन लिपिकों की हड़ताल जारी रहने से सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित है। जिसका व्यापक असर अब साफ दिखने लगा है। प्रदेश सरकार की उदासीनता के कारण लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ की हड़ताल के जल्दी समाप्त होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। संघ के प्रांताध्यक्ष मनोज बाजपेई पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि अब कोरे आश्वासनों और झूठे वादों से काम नहीं चलेगा, जब तक निश्चित समय सीमा में मांगे पूर्ण होने का ठोस आश्वासन नहीं मिलता तब तक हम न्याय के लिए अपने संघर्ष को जारी रखेंगे। इस गतिरोध को समाप्त कराने के लिए सरकार की और से कोई सार्थक पहल ना होने से लिपिकों की हड़ताल दिन प्रतिदिन तेज हो रही है। चरणबद्ध आंदोलन के तहत शुरू हुई हड़ताल के छटवें दिन जिला मुख्यालय पन्ना में धरना स्थल कलेक्ट्रेट चौराहे से नगर में पैदल मार्च निकाला गया। जिसमें जिला मुख्यालय सहित विकासखंड स्तरीय कार्यालयों के लिपिक बड़ी संख्या में शामिल रहे। अपनी उपेक्षा और वेतन विसंगति मामले पर हो रहे अन्याय से आक्रोशित लिपिकों ने रैली के दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए लिपिकों की रैली वापिस धरना स्थल पर पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई।

लागू हों समिति की अनुशंसायें

इस अवसर पर मध्यप्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ जिला शाखा पन्ना के जिला अध्यक्ष आर.डी. चौरसिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि लंबित मांगों के निराकरण के लिए हमने कई बार सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया लेकिन कोरे आश्वासन देने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसलिए अन्याय और शोषण के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए हमें विवश होना पड़ा है। लेकिन अब हम तब तक शांत होने वाले नहीं हैं जब तक हमें अपना हक़ नहीं मिल जाता। श्री चौरसिया ने बताया कि लिपिक वर्गीय कर्मचारियों की वेतन विसंगति सहित लंबित मांगों के निराकरण हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा रमेशचंद्र शर्मा, अध्यक्ष मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति भोपाल की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया था। माह जुलाई 2017 में उक्त समिति द्वारा शासन को 23 बिंदुओं का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। लेकिन इसकी लिपिक हितैषी अनुशंसाओं को लागू करने के लिए सरकार की और से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। हमारी मांग है उक्त अनुशंसाओं को अक्षरशः लागू करने के आदेश जारी किये जायें। संयुक्त मोर्चा जिला पन्ना के अध्यक्ष आलोक खरे ने लिपिकों की मांगों को न्यायोचित बताते हुए कहा कि अन्य कर्मचारी संगठन भी इस संघर्ष में हमारे साथ हैं। उनके द्वारा अनिश्चित कालीन हड़ताल का समर्थन किया गया है।

 रैली में ये रहे शामिल


लिपिक वर्गीय कर्मचारी कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के चलते पन्ना में खाली पड़े कार्यालय।

पैदल मार्च में मुख्य रूप से बी.पी.परौहा अध्यक्ष तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ पन्ना, रामलखन शर्मा, रज्जब मोहम्मद, नारायण प्रसाद कोरी, रामबाबू अहिरवार, रामप्रताप रैकवार, आशीष रैकवा, जय सिंह, श्यामू सिंह, श्रीमती जयश्री वर्मा, सुरेखा रड़के, नीलम भारती, वंदना प्रजापति, सरोज प्रजापति, प्रशान्त सहस्त्रबुद्धे, मयंक मिश्रा, तरूण गोस्वामी, जे.पी.लखेरा, कुलदीप खरे, महेन्द्र खरे, लक्ष्मीकान्त यादव, बी.पी.पाठक, आर.के. नागर, पंकज श्रीवास्तव, मोहनीश घोटे, आर. के.रवि, गोविन्द प्रसाद वर्मन, मोतीलाल चौधरी, नन्दीलाल वर्मन, अरविन्द सिंह गौड़, आर.पी.तिवारी, शिवम पाण्डेय, अरविन्द कुमार रैकवार, बेनी प्रसाद आदिवासी, हाकिम सिंह, अरविन्द्र कुमार मिश्रा, सुभाष चन्द्र दास, गुलाब दहायत, प्रमोद आरख, विश्राम कोरी, प्रदीप सोनी, धर्मेन्द्र शर्मा, अनिल जैन शारदा प्रसाद कुशवाहा, राम कुमार कोरी, इमरान खान, राकेश शुक्ला, विजय कृष्ण दुबे, अखिलेश रैकवार, संजय बागरी, अभिषक जैन, सोम प्रकाश चौबे, प्रेम नारायण रैकवार, प्रकाश रैकवार, मुस्तफा खान, राजा सिंह महदेले, एन.पी.पाण्डेय, पी.के.गुप्ता, रामकिशोर पाल, महेश प्रसाद गंगेले, शिवशंकर डे, संतोष रजक , शुभम अरजरिया सहित बड़ी संख्या में लिपिक शामिल रहे।

जेल से फरार हत्या के दोनों आरोपी गिरफ्तार

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पुलिस टीम की अभिरक्षा में दोनों आरोपी।

चादर की रस्सी के सहारे दीवार फांदकर पवई जेल से हुए थे फरार

दोनों आरोपियों पर घोषित था 10-10 हजार रुपए का ईनाम

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में करीब एक माह पूर्व हुए पवई जेल ब्रेक काण्ड में पुलिस को महत्पूर्ण सफलता मिली है। मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जेल से फरार हत्या के दोनों आरोपियों को मनौर के समीप जंगल से गिरफ्तार करने का दावा किया है। पवई जेल की सुरक्षा में सेंध लगाकर विचाराधीन बंदी नारायण पटेल व शिवसिंह राठौर 17 जून 2018 को फरार हो गए थे। इन दोनों की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 10-10 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया था।

पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह ने आज प्रेसवार्ता में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 17 जून 2018 को प्रदीप सिंह परिहार जेल प्रहरी उपजेल पवई जिला पन्ना थाना पवई में आकर सहायक अधीक्षक उपजेल पवई का हस्ताक्षरित एक लिखित आवेदन पत्र दिया था जिसमें विचाराधीन बंदी शिव सिंह राठौर पिता राजेन्द्र सिंह राठौर उम्र 25 वर्ष निवासी धरमपुरा थाना शाहनगर व नारायण पटेल पिता कल्लू पटेल उम्र 22 वर्ष निवासी खम्हरिया थाना शाहनगर पूर्व मे थाना शाहनगर के जेल से फरार होने का उल्लेख था। जिस पर थाना पवई में आईपीसी की धारा 224 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

उक्त दोनों ही आरोपियों के विरुद्ध जिले के थाना शाहनगर में पुर्व में हत्या के अलग-अलग प्रकरण पंजीबद्ध हैं, जिसमें वे न्यायिक अभिरक्षा में पवई जेल में बंद थे। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित पुलिस टीम को शनिवार 27 जुलाई को इनके मनौर ढाबा के आगे जंगल में देखे जाने की सूचना मुख़बिर से मिली। पुलिस टीम ने तत्परता से मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नारायण पटेल व शिव सिंह राठौर ने पूंछतांछ में पुलिस को बताया कि वे चादर की रस्सी बनाकर उसे पेड़ से बांधकर जेल की दीवार फाँद कर भागे थे। दोनों गुजरात के सूरत और अहमदाबाद काम करने चले गये थे। कुछ दिन काम करने के बाद वापस पन्ना तरफ आ रहे थे जिन्हें पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मनौर के समीप जंगल से गिरफ्तार कर लिया। अधीक्षक पन्ना ने उक्त टीम को घोषित इनाम से पुरुष्कृत करने की घोषणा की गई है ।