छेड़छाड़ और पोस्को एक्ट के तहत दर्ज नहीं की एफआईआर
चौकी प्रभारी ने घटना को दबाने के लिए शिक्षक को धारा-151 में भेजा जेल
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में एक शिक्षक ने तीसरी कक्षा की एक छात्रा के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ की है। लड़की के पिता का आरोप है कि जब वह इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस चौकी गये तो चौकी प्रभारी ने इस शर्मनाक कृत्य दबाते हुए आरोपी को बचाने के लिए उसे विवाद(झगड़ा) करने के आरोप में सीआरपीसी की धारा-151 के तहत जेल भेज दिया। शुक्रवार को पीड़ित छात्रा को लेकर उसके माता-पिता ने पन्ना आये और यहां उन्होंने पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह को अपनी आपबीती सुनाते हुए उनसे न्याय की गुहार लगाई है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को दी गई लिखित शिकायत में बताया गया है कि पन्ना कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम बराछ के सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ने वाली एक 8 वर्षीय लड़की मंगलवार 28 अगस्त 2018 को दोपहर करीब 1 लंच टाइम में जब अपना टिफिन लेने के लिए कक्षा के अंदर गई तो वहां शिक्षक गोविंद नारायण पटेल द्वारा कथित रूप से उसके साथ छेड़छाड़ की गई। शिक्षक पर आरोप है कि उसने जबरन छात्रा के गुप्तांगों को छूते हुए बलात्कार करने का प्रयास किया। स्कूल में हुई इस घटना से डरी-सहमी छात्रा भागकर अपने घर आई और संपूर्ण घटना की जानकारी उसने अपनी दादी को दी।
शिकायत अनुसार नहीं लिखी रिपोर्ट

पीड़ित छात्रा के पिता ने बताया कि बेटी के साथ हुई घटना की जानकारी परिजनों से मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कराने वह स्थानीय पुलिस चौकी में गया था। जहां चौकी प्रभारी द्वारा उसकी शिकायत के अनुसार रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। लड़की के पिता ने का कहना है कि आरोपी के घृणित कृत्य पर पर्दा डालते हुए उसे बचाने और तत्परता से कार्रवाई करने का दिखावा करते हुए चौकी प्रभारी ने शिक्षक गोविंद नारायण पटेल के विरुद्ध सीआरपीसी की धारा-151 के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। लेकिन शिक्षक के खिलाफ छेड़छाड़ या बलात्कार का प्रयास करने और पोस्को एक्ट की धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं किया। पीड़िता के पिता ने जब इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई तो कथित रूप से चौकी प्रभारी बराछ ने बेटी की बदनामी होने सहित अन्य कुतर्कों की आड़ लेकर वास्तविक घटना के आधार पर प्रकरण दर्ज करने से मना कर दिया और गालियां देते हुए छात्रा के पिता को भगा दिया। उल्लेखनीय है आज पन्ना आये पीड़ित लड़की के माता-पिता के साथ उनके गांव बराछ के और स्थानीय युवाओं ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर शिक्षक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने तथा चौकी प्रभारी की भूमिका की जांच कराते हुए उनके खिलाफ एक्शन लेने की मांग की है। जिस पर पुलिस कप्तान ने निष्पक्षता के साथ नियमानुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
इनका कहना है- “बच्ची के माता-पिता ने एक आवेदन पत्र दिया है, जिसे गंभीरता से लेते हुए महिला पुलिस अधिकारी से जांच कराई जा रही है। इस मामले में चौकी प्रभारी बराछ द्वारा शिकायत के अनुसार प्रकरण दर्ज ना करने की भी जांच कराई जायेगी। यदि शिकायत सही पाई गई तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बालिकाओं और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जयेगी।“
विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक पन्ना।
“लड़की के पिता से शिक्षक का विवाद हुआ था इसलिए सीआरपीसी की धारा-151 के तहत कार्रवाई की गई। छात्रा के पिता ने चौकी आकर मुझे जो आवेदन पत्र और बयान दिए उसमें उन्होंने शिक्षक द्वारा छात्रा को बुरी नियत से देखने का आरोप लगाया है, जिसकी जांच की जा रही है। छात्रा के पिता ने अब क्या आरोप लगाए हैं उसकी मुझे जानकारी नहीं है। कहने को तो कोई कुछ भी कह सकता है, जिस स्कूल में दर्जन भर शिक्षक पदस्थ हैं, सैंकड़ों बच्चे पड़ते हैं वहां इतनी बड़ी घटना हो जाये और किसी को पता भी न चले, क्या यह संभव है।“













इस दौरान श्री चौहान ने कहा कि किसानों को जितना पैसा इस सरकार ने दिया है उतना उन्हें कभी नहीं मिला। हमने किसानों को उनके पसीने की पूरी कीमत देने की व्यवस्था की है। इन सिंचाई परियोजनाओं से बुंदेलखण्ड की खेती-किसानी की तस्वीर बदल जायेगी। उन्होंने 171 करोड़ रूपये के जेरा मध्यम सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन किया इससे लगभग 50 हजार एकड़ भूमि की सिंचाई होगी। साथ ही उन्होंने 13.86 करोड़ रूपये की कालीपठार सिंचाई परियोजना एवं 12.75 करोड़ रूपये की पड़रियाकलॉ बांध का भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक श्रीमती पारूल साहू ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार, गृह एवं परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह, राज्यसभा सांसद प्रभात झा, सागर सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, दमोह सांसद प्रहलाद पटेल, बण्डा विधायक हरवंश सिंह राठौर, नारायण प्रसाद कबीरपंथी, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती लता वानखेड़े सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

हल्ला बोल रैली निकलकर कांग्रेस नेताओं के साथ रेंज ऑफिस अमानगंज पहुंचे ग्रामीणों ने वहां डिप्टी रेंजर आरपी प्रजापति और कुछ वनकर्मियों पर उनके साथ मारपीट करने फर्जी वन अपराध दर्ज कर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाते हुए तीखी नारेबाजी की गई। नगर पंचायत अध्यक्ष अमानगंज हक्कुन दहायत ने मांग है कि ग्रामीणों के विरुद्ध दर्ज फर्जी मामले वापिस लिए जायें और उनके साथ मारपीट करने वाले डिप्टी रेंजर आरपी प्रजापति और वनकर्मियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाये। रेंज ऑफिस में प्रदर्शन के दौरान चुनाव अभियान समिति सदस्य शिवजीत सिंह ने अपने उद्बोधन में संपूर्ण घटनाक्रम को गरीबों के साथ जुल्म करार देते हुए कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री अपने भाषणों में कहते हैं कि उनके रहते हुए कोई भी गरीब की झोपड़ी को हाँथ नहीं लगा सकता। गरीबों को उनके कब्जे की भूमि पट्टा दिया जायेगा। जबकि इसके विपरीत भाजपा सरकार में निरंकुश अफसर कानून का दुरूपयोग कर गरीबों को बेघर करने का अभियान चला रहे हैं।
युवक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष वैभव थापक ने कहा कि गरीबों के हक़ की लड़ाई जिला स्तर पर लड़ी जायेगी, हम सब आपके साथ है। कार्यक्रम का नेतत्व कर रहे नगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष वसीम खान ने आरोप लगाते हुए कहा कि डिप्टी रेंजर द्वारा ग्राम कचनारी दहशत का माहौल बना कर गरीब लोगों से रुपयों की मांग की जा रही है। रुपये न देने पर मिलने पर रेंजर द्वारा मारपीट एवं फ़र्ज़ी केश बनाकर निर्दोष लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। यह घोर निंदनीय और आपत्तिजनक है। गरीबों को षड़यंत्रपूर्वक उनके कब्जे की भूमि से बेदखल करने से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार की कथनी-करनी के अंतर को गरीब समझ चुके है। आगामी समय में इसका करारा जबाब झूठी सरकार को दिया जायेगा। धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन सौंपने वालों में में मुख्य रूप से आईटी सेल अमानगंज ब्लाक अध्यक्ष विनय दहायत, नगर कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष अभिषेक दिवेदी, अजयवीर सिंह, भूपेंद्र सिंह, आशीष बागरी, पूर्व विधायक फुंदर चौधरी, भभूत सिंह, अंगद प्रजापति, सतीश दुबे, अभिषेक दिवेदी, जीतेंद्र दिवेदी सिरी, प्रमोद तिवारी, राधा चौधरी, लक्ष्मी दहायत, सौरभ दुबे, गजराज सिंह, मुन्ना महाराज, संदीप तिवारी, नितेश पांडेय, लक्ष्मी चौबे एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
