सड़क-सुरक्षा नियमों के पालन के लिये जन-जागृति अभियान चलाने के निर्देश
शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में 10 हजार ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किये
मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में हुई राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिये जन-जागृति अभियान चलाया जाये। उन्होंने कहा कि समाज की सहभागिता के साथ व्यापक अभियान का संचालन 4 सितंबर से शुरू किया जाये। श्री चौहान आज मंत्रालय में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
श्री चौहान ने कहा कि नियमों के पालन के लिये प्रवर्तन से पूर्व समझाइश की पहल की जानी चाहिए। लोगों को सड़क सुरक्षा की समस्या पर विचार करने के लिये प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रेरणा और प्रोत्साहन के प्रयास बेहद जरूरी हैं। भोपाल में जन-जागृति अभियान के शुभारंभ अवसर पर मंत्रि-परिषद के सदस्य सड़क पर खड़े होकर नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की अपील करें। सप्ताह के दौरान प्रभारी मंत्री अपने क्षेत्रों में भी जन-जागृति का कार्य करें। उन्होंने जन-जागृति अभियान में धर्मगुरुओं और समाज सेवियों का सहयोग प्राप्त करने के लिये कहा ताकि सड़क-सुरक्षा नियमों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच निर्मित हो।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई का अभियान चलाने की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि अभियान के संबंध में अग्रिम सूचना को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाये। पर्याप्त मात्रा में ब्रीथ एनालाइजर और स्पीड गन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाये, ताकि मदिरा पीकर और तेज गति से ड्राइविंग करने वालों के विरुद्ध प्रमाणिक कार्रवाई हो सके।
गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में प्रदेश में 10 हजार वाहन चालन अनुज्ञप्तियों को निलंबित किया गया है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव बी.पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला सहित राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य मौजूद थे।







यहां हालत यह है विभागीय अधिकारियों ने ठेकेदार को लाभ पहुंचाने नवीन पुलियों का निर्माण कराने की बजाय पहले से निर्मित पुलियों के ऊपर सीसी सड़क का निर्माण कार्य करा दिया। सड़क निर्माण कार्य में पानी की निकासी के लिये छोटे पाईप डालने के बजाय बड़े मझोले पाईप डालने की ग्रामीणों की मांग को ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों द्वारा नजरांदाज किया जाता रहा। बरसात के दिनों मे अगर एक घंटे भी बारिश हो जाये तो रहवासी घरों के अन्दर पानी चला जाता है, घरों की नालियां जाम हो जाती है। और सड़क झील में में तब्दील हो जाती है। ग्रामीणों ने कई बार घरें मे पानी भर जाने की शिकायत स्थानीय लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से तक की पर कोई नतीजा नहीं निकला। सवाल उठता है सैकड़ों साल पुराने कच्चे व कमजोर मकानों में पानी भर जाने के बाद उपजी शीलन से यदि कोई मकान भरभरा कर गिर जाये और उसमें कोई जनहानि हो जाये तो इसकी जिम्मेदारी किसके कन्धों पर आयेगी।





इस अवसर पर छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर किरण खरे ,वरिष्ठ प्राध्यापक एवं मास्टर ट्रेनर प्रोफेसर पी. पी. गौर ,एवं प्रोफेसर पी. पी. मिश्रा के साथ ही जिले के स्वीप नोडल अधिकारी, प्रोफेसर विनय श्रीवास्तव प्रशिक्षण सत्र के दौरान उपस्थित थे। नोडल अधिकारी प्रोफेसर एच. एस. शर्मा एवं मास्टर ट्रेनर डॉक्टर आर. एम. दत्ता द्वारा जिले की महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वीवीपैट मशीन की व्यवहारिक कठिनाइयों एवं संचालन संबंधी क्रिया प्रणाली से अवगत करवाया। प्रोफेसर शर्मा द्वारा मतदान की प्रक्रिया एवं उससे संबंधित समस्त संचालन संबंधी गतिविधियों को विस्तार से समझाया गया। मास्टर ट्रेनर डॉक्टर आर. एम. दत्ता ने महिला अधिकारियों को व्यावहारिक रूप से वीवीपैट मशीन का प्रशिक्षण दिया तथा उनसे स्वयं प्रैक्टिस करवा कर पूर्णरूपेण प्रशिक्षित किया गया।
