मंत्री माया सिंह ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का माना आभार
भोपाल। रडार न्यूज केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के प्रोजेक्ट इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने प्रदेश की भोपाल-इंदौर मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने इसके लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रेल मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया है। मंत्री श्रीमती सिंह ने भोपाल-इंदौर मेट्रो रेल परियोजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत की सोच का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की विशेष रूचि के कारण ही मध्यप्रदेश को रिकार्ड समय में पी.आई.बी. से परियोजना की मंजूरी मिल सकी है। श्रीमती सिंह ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिले सहयोग को प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण बताया है। नगरीय विकास मंत्री ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के निर्देशन में भोपाल-इंदौर मेट्रो रेल परियोजना शीघ्र ही क्रियान्वित की जाएगी। प्रदेश के इतिहास में यह मुख्यमंत्री की उत्कृष्ट उपलब्धि के रूप में दर्ज होगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज रतलाम में मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण कर अवलोकन किया।
सीएम ने रतलाम में मेडिकल कॉलेज सहित 400 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण
रतलाम मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों को भी मिलेगा मेधावी योजना का लाभ
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज रतलाम में कहा कि ग्रामीण अंचलों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर उपलब्ध करवाये जायेंगे। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या निरंतर बढ़ाई जा रही है। पहले प्रति वर्ष 600 डॉक्टर प्रदेश में तैयार होते थे। अब प्रदेश को 2600 डॉक्टर प्रति वर्ष मिलेंगे। उन्होंने रतलाम में मेडिकल कॉलेज सहित 400 करोड़ से भी ज्यादा लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करते हुए यह जानकारी दी। श्री चौहान ने घोषणा की कि प्रदेश की मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का लाभ रतलाम मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों को भी दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज परिसर में माँ सरस्वती की प्रतिमा का पूजन-अर्चन भी किया।
विद्यार्थियों को दी बधाई
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज रतलाम में नवीन कलेक्टोरेट भवन का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि रतलाम मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाये गये हैं। मेडिकल कॉलेज में 750 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण किया गया है, जहाँ गंभीर बीमारियों के उपचार की समुचित व्यवस्था मुहैया करवाई जायेगी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्रथम बैच के विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि रतलाम मेडिकल कॉलेज का अस्पताल निश्चित ही उज्जैन संभाग का सर्वश्रेष्ठ अस्पताल होगा। श्री चौहान ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिये राज्य सरकार द्वारा मुहैया करवाई जा रही आर्थिक सहायता की योजनाओं के बारे में भी बताया।
सीएम का अभिनंदन किया
मुख्यमंत्री को विधायक चैतन्य काश्यप ने स्वर्णाक्षरों से रचित अभिनंदन-पत्र भेंट किया। स्थानीय उद्योग संघ, लघु उद्योग भारती, वैश्य महा-सम्मेलन, नमकीन व्यापारी संघ, इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन सहित करीब 25 स्वयंसेवी संस्थाओं और संगठनों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। इस मौके पर राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष एवं विधायक चैतन्य काश्यप, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष हिम्मत कोठारी, राज्य कृषि आयोग के अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार, विधायक मथुरालाल डामर, डॉ. राजेन्द्र पाण्डे, जीतेन्द्र गहलोत, श्रीमती संगीता चारेल, महापौर डॉ. सुनीता यार्दे, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमेश मइड़ा, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष अशोक चौटाला, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा शिवशेखर शुक्ला सहित अन्य जन-प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ने पन्ना जिले की आशा एवं आंगनवाडी कार्यकर्ताओं से किया सीधा संवाद
एमपी के दस्तक अभियान की सराहना करते हुए अन्य राज्यों में भी अपनाने की बात कही
पन्ना। रडार न्यूज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को देश के विभिन्न राज्यों की आशा, एएनएम एवं आंगनवाडी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया। पन्ना जिले के लिए यह गौरव की बात है कि मध्यप्रदेश से प्रधानमंत्री जी द्वारा वीडियो कान्फ्रेन्स के माध्यम से जिले की आशा एवं आंगनवाडी कार्यकर्ताओं से सीधे चर्चा की गयी। उन्होंने मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रारंभ किए गए घर-घर दस्तक अभियान की सराहना करते हुए अन्य राज्यों में भी अपनाए जाने की उम्मीद व्यक्त की। पन्ना जिले की आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं आंगनवाडी कार्यकर्ताओं द्वारा दस्तक अभियान के तहत निभाई जा रही भूमिका एवं स्मार्ट फोन का प्रयोग कर डिजीटल इण्डिया अभियान को सफलता की ओर ले जाते हुए सुपोषण लाने के प्रयास की भूरी-भूरी सराहना की गयी तथा बधाई दी।
आसान हुआ रिकार्ड अपडेट करना
जिला एनआईसी से सीधा संवाद करते हुए आंगनवाडी कार्यकर्ता फूलकली प्रजापति ने प्रधानमंत्री जी को बताया कि मोबाईल मिलने और आईसीडीएस-सीएएस के आ जाने से काम में बहुत आसानी हुई है। पहले लगभग 11 पंजियां भरने में कठिनाई होती थी। अब बहुत आसानी से सारी जानकारी सीधे मोबाईल में ही दर्ज कर दी जाती है। ग्रोथ चार्ट पेंसिल से भरने में कई बार लाईन आडी-टेढी एवं अस्पष्ट हो जाती थी। लेकिन अब मोबाईल में ग्रोथ चार्ट आटोेमेटिक जनरेट हो जाता है। उसके रंग से माता-पिता को भी समझाने में आसानी होती है। एसएमएस भी माता-पिता को चला जाता है। इससे माता-पिता पहले से अधिक जागरूक हो रहे हैं। इसके साथ ही मोबाईल के माध्यम से एक वीडियो भी दिया गया है। जिसके माध्यम से सुपोषण के बारे में लोगों को समझाने में आसानी हो गयी है। आईसीडीएस-सीएएस से अब शिशु के टीके की दिनांक, गृह भेंट की तारीख और गर्भवती माताओं एवं कुपोषित बच्चों की जानकारी स्वतः पहले से मोबाईल स्क्रीन पर दिखने लगती है। इस सुविधा के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का धन्यवाद दिया। इसी तरह आशा कार्यकर्ता राजापुर ग्राम श्रीमती मीतू दत्ता ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को प्रदेश शासन द्वारा प्रारंभ किए गए दस्तक अभियान और जिले में उसके क्रियान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान साल में 2 बार चलाया जाता है। अभियान के पूर्व आशा और आंगनवाडी कार्यकर्ता घर-घर जाकर 5 वर्ष के सभी बच्चों की नामजद सूची तैयार करते हैं। नियत दिनांक जानकारी देकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हैं। उन्होंने बताया कि आज की स्थिति में उनके गांव में एक भी बच्चा गंभीर कुपोषित नही है। अभियान के तहत घर-घर जाकर सेवाएं देने से उनका आत्म विश्वास बढ़ा है और कार्य में भी सुधार आया है। इसके लिए उन्होंने मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
एनीमिया मुक्त भारत का संकल्प
जिले की आशा कार्यकर्ताओं एवं आंगनवाडी कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जवाहरातों में पन्ना प्रसिद्ध है, लेकिन आज जिले की आशा एवं आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के कामों ने जिले को देश में हीरे की तरह प्रसिद्ध बना दिया है। हमारी बहनें मोबाईल फोन के माध्यम से आसानी से अपना काम कर रही हैं। सुपोषण मेलों, पोषण आहार, टीकाकरण, दस्तक अभियान के साथ डिजीटल टेक्नालॉजी का प्रयोग कर नई पीढ़ी को सुपोषित बना रही हैं। मध्यप्रदेश का यह अभिनव प्रयोग बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कमजोर नींव पर मजबूत इमारत का निर्माण नहीं हो सकता है। शिशु के जीवन के पहले एक हजार दिवस बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान मिलने वाला पोषण और स्वास्थ्य की देखभाल से ही उसका पूरा भविष्य निश्चित होता है। उनका यह भविष्य ही देश का विकास सुनिश्चित करता है। इस स्वस्थ और समृद्ध भारत के निर्माण में आशा, एएनएम और आंगनवाडी कार्यकर्ता देश के लाखों हांथों की तरह निरंतर कार्य करते हैं। इस ट्रिपल -ए की शक्ति पर मुझे पूर्ण विश्वास है। हमें मिलकर कुपोषण और गंदगी के खिलाफ जंग जीतना है। एनीमिया मुक्त भारत का संकल्प आपके सहयोग से पूरा करना है।
आशा, आंगनवाडी कार्यकर्ता को मिली सौगातें
प्रधानमंत्री द्वारा एक ओर जहां आशा, आंगनवाडी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं से सीधा संवाद करते हुए उनके द्वारा किए जा रहे कार्यो की सराहना की गयी, वहीं दूसरी ओर उन्हें नई सौगातें भी दीं। संवाद के दौरान उन्होंने केन्द्र सरकार की योजनाओं में आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाले मानदेय को दोगुना करने की घोषणा की। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा एवं जीवन ज्योति योजना के तहत बिना किसी प्रीमियम के 2 लाख रूपये तक का सुरक्षा कवच देकर सुरक्षित किया। उन्होंने कहा कि यह प्रीमियम सरकार भरेगी। इसी तरह यदि किसी दुर्घटनावश आशा कार्यकर्ता की मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये बीमा सुरक्षा कवच सहित कुल 4 लाख रूपये की राशि परिवार को दी जाएगी। उन्होंने आंगनवाडी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को केन्द्र सरकार की ओर से मिलने वाले मानदेय को भी बढाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि जिन आंगनवाडी कार्यकर्ताओं को 3 हजार रूपये मानदेय मिलता था उन्हें अब 4500 रूपये मिलेंगे। वहीं जिन्हें 2250 रूपये मिलते थे उन्हें 3500 रूपये किया गया। इसी तरह आंगनवाडी सहायिकाओं को 1500 रूपये के स्थान पर 2250 रूपये मिलेंगे। उन्होंने पोषण आहार के तहत आईसीडीएस-सीएएस तकनीकी का इस्तेमाल करने पर भी मानदेय बढाते हुए 250 रूपये से 500 रूपये करने की घोषणा की।प्रधानमंत्री द्वारा दी गयी सौगातों के लिए जिले की आशा कार्यकर्ता, आंगनवाडी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं द्वारा एक साथ ताली बजाकर हर्ष व्यक्त करते हुए सीधे संवाद के माध्यम से प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस दौरान जिला एनआईसी में आशा कार्यकर्ता, आंगनवाडी कार्यकर्ता एवं सहायिका, सुपरवाईजर के साथ जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल.के. तिवारी मौजूद रहे।
सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने पवई विधायक मुकेश नायक के खिलाफ नारेबाजी करते अनिल तिवारी समर्थक।
मुकेश नायक को पुनः प्रत्याशी घोषित करने पर सिंधिया का काफिला रोककर किया था विरोध
विधानसभा चुनाव से पहले पन्ना जिले की पवई सीट पर बढ़ने लगा सियासी घमासान
पन्ना रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की पवई विधानसभा सीट से कांग्रेस के वर्तमान विधायक मुकेश नायक को परिवर्तन यात्रा की सभा में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा मंच से पुनः प्रत्याशी घोषित के ऐलान के खिलाफ सड़क पर उतरकर उन्हीं के सामने खुलकर विरोध करना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव अनिल तिवारी को काफी महंगा पड़ा है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने उन्हें बार-बार अनुशासनहीनता का व्यव्हार करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। अनिल के निष्कासन की खबर आने से उनके समर्थक जहां नाराज है वहीं पवई में सियासी हलचल एक बार फिर बढ़ गई है। कांग्रेस के खेमे में मचे इस घमासान का विधानसभा चुनाव पर क्या असर पड़ता है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। बहरहाल इतना तय कि मुकेश नायक यदि कांग्रेस की और से चुनावी समर में उतरते हैं तो उन्हें दूसरे दलों के प्रत्याशियों के साथ-साथ अपनों की चुनौती का भी सामना करना पड़ेगा।
सोशल मीडिया पर चला रहे थे अभियान
सांकेतिक फोटो।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनिल तिवारी को निष्कासित किये जाने के संबंध में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर के हस्ताक्षर से मंगलवार 11 सितम्बर 2018 को पत्र जारी किया गया है, जिसमें में उल्लेख है कि- “आपके द्वारा बार-बार अनुशासनहीनता का व्यव्हार करने के कारण प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आपको अपना स्पष्टीकरण 7 दिवस के अंदर प्रेषित करने के लिए निर्देशित किया गया था। आपका स्पष्टीकरण आज तक प्राप्त नहीं हुआ है। अतः आपके अनुशासनहीन व्यव्हार के कारण प्रदेश कांग्रेस द्वारा तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया जाता है।” निष्कासन कब तक के लिए किया गया है पत्र में इसका कहीं भी उल्लेख नहीं है। अनिल पर अनुशासन का डंडा चलाने की पृष्ठभूमि में भले ही अन्य मामले रहे हों पर इस कार्रवाई के केंद्र में पिछले दिनों मुकेश नायक के खिलाफ किया गया बहुचर्चित प्रदर्शन ही है। जोकि खबरिया चैनलों और सोशल मीडिया में अब तक सुर्खियों में रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनिल तिवारी सोशल मीडिया में लम्बे समय से पवई विधायक मुकेश नायक के खिलाफ अभियान चलाते हुए लगातार जनता से की गई उनकी वादाखिलाफी, क्षेत्र में कई लोगों के साथ विधायक द्वारा की गई अभद्रता, पवई विधानसभा की बदहाली, मुकेश की वैचारिक प्रतिबद्धता और जनभावनाओं के उभार के मद्देनजर क्षेत्रीय व्यक्ति को टिकिट देने सहित अन्य मसलों पर बेहद सख्त और अमर्यादित टिप्पणी करते रहे हैं। जिसके चलते पूर्व में उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा अनुशासनहीनता करने के आरोप में नोटिस जारी किया गया था।
मुकेश के खिलाफ जमकर की थी नारेबाजी
विधायक मुकेश नायक का हाथ उठाकर उन्हें आगामी चुनाव प्रचंड बहुमत से विजयी बनाने की अपील करते सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया।
धुर विरोधी माने-जाने वाले मुकेश नायक और अनिल तिवारी के बीच जारी घमासान पिछले दिनों 5 सितम्बर को तब चरम पहुँच गया जब मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी चुनाव अभियान समिति प्रमुख एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सत्ता परिवर्तन यात्रा के तहत पवई में आयोजित आमसभा को संबोधित करते हुए उपस्थित लोगों से मौजूदा विधायक मुकेश नायक को आगामी चुनाव में 50 हजार मतों के अंतर से विजयी बनाने अपील कर उन्हें पुनः प्रत्याशी घोषित कर दिया। सिंधिया ने मंच से मुकेश के नाम की घोषणा ऐसे समय पर की जब वहां सर्वदलीय संघर्ष समिति के तत्वाधान में पवई विधानसभा क्षेत्र के सभी दलों के नेतागण क्षेत्रीय अस्मिता को नेतृत्व के मुद्दे से जोड़कर पार्टियों से क्षेत्रीय व्यक्ति को प्रत्याशी बनाने का अभियान जोर-शोर से चला रहे हैं। ऐसे में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के मंच से मुकेश नायक को प्रत्याशी घोषित करने के महज एक घंटे बाद ही इस फैसले का कड़ा विरोध शुरू हो गया था। पवई से सिंधिया जब कटनी जा रहे थे तभी रास्ते में शाहनगर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव अनिल तिवारी और उनके समर्थकों ने सिंधिया का काफिला रोककर मुकेश नायक भगाओ, पवई बचाओ के नारे लगाए थे। इस घटनाक्रम से असहज सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रदर्शनकारियों को समझाते प्रदेश कांग्रेस कमेटी के समक्ष अपना पक्ष सही तरीके से रखने की बात कही थी। सिंधिया के सामने ही उनकी घोषणा पर इस तरह खुलेआम कड़ा विरोध दर्ज कराने के बाद से ही अनिल तिवारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होना तय माना जा रहा था। बताते चलें कि पवई सीट से अनिल तिवारी स्वयं टिकिट के लिए दावेदारी करते रहे हैं । इसके अलावा रावेन्द्र प्रताप सिंह, भुवन सिंह,अरुण पाल सिंह बुंदेला, गिरधारी लोधी, मुन्ना राजा सिमरा, रामनरेश दुबे, प्रहलाद लोधी, राजाराम लोधी, आशीष खरे टिकिट के दावेदार होने के साथ-साथ पवई विधायक मुकेश नायक के खुले विरोधी माने जाते हैं।
पार्टी के फैसले पर छलका दर्द
कांग्रेस नेता अनिल तिवारी।
कांग्रेस नेता अनिल तिवारी से निष्कासन के संबंध में जब उनकी प्रतिक्रिया पूँछी गई तो पार्टी के फैसले पर उनका दर्द सधे शब्दों में छलक उठा। उन्होंने रडार न्यूज से बात करते हुए कहा कि- “पूर्व में पीसीसी ने नोटिस नहीं भेजा इसकी जानकारी मुझे समाचार पत्र के माध्यम से लगी थी। पवई में मुकेश नायक के भारी विरोध और क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग को लेकर जनभावनाओं से पार्टी नेताओं को अवगत कराया था। जब हमारी बात नहीं सुनी गई तो पवई सीट को बचाने के लिए हमें प्रदर्शन करना पड़ा। जनाकांक्षाओं के उभार को देखते हुए क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग करना यदि गुनाह है तो मैं दोषी हूँ और लिए कोई भी सजा भुगतने के लिए तैयार हूँ । पार्टी ने निष्कासित करके मुझे आगामी चुनाव में कटनी और पन्ना जिले में अपनी मर्जी के मुताबिक काम करने के लिए स्वतंत्र कर दिया है। मैं इस निष्कासन को समाप्त कराने के लिए किसी से याचना करने वालों में नहीं हूँ। दुख सिर्फ इस बात का है कि पार्टी ने आज एक दल-बदलू बहरूपिये को महत्व देकर अपने निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्ता को घोर उपेक्षित किया है। मुकेश नायक वही व्यक्ति है जो अजय भारत पार्टी और भारतीय जनशक्ति पार्टी में रहते हुए कांग्रेस के नेताओं को जी भरकर कोसता था। मौजूदा विधायक के नाते पवई से इस बार भी यदि मुकेश को प्रत्याशी बनाया गया तो उसकी हार सुनिश्चित है।“
डीजल-पेट्रोल की मूल्य वृद्धि के खिलाफ सड़कों पर उतरे कांग्रेसी
भाजपा की गलत नीतियों के कारण आम आदमी पर पड़ रही महंगाई की मार
अजयगढ़/अमानगंज। रडार न्यूज डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस की बेतहाशा तेजी से बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस के भारत बंद का सोमवार 10 सितम्बर को पन्ना जिले के अजयगढ़ कस्बा में खासा असर देखने को मिला। शांतिपूर्ण बंद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन करने को लेकर कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच झूमाझटकी हो गई। कांग्रेस के नेताओं से पुतला छीनने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जिससे कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल निर्मित हो गया। हालांकि बंद का नेतृत्व कर रहे ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गर्ग एडवोकेट के दखल के बाद स्थिति सामान्य हो गई। इसके पूर्व कांग्रेस नेताओं ने जुलूस की शक्ल में पैदल मार्च करते हुए व्यापारियों से भारत बंद के लिए समर्थन माँग फलस्वरूप व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर लीं। वहीं इस पूर्व घोषित बंद के आव्हान के मद्देनजर कई दुकानदारों ने तो सुबह अपनी दुकानें ही नहीं खोली। जबकि कुछ दुकानों के शटर दोपहर बाद खुले। अजयगढ़ में बंद को लेकर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। बाजार बंद कराने के पश्चात कांग्रेस नेता नगर के हृदय स्थल जयस्तंभ चौक पर सड़क में धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा महंगाई के मुद्दे पर भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई ।
भाजपाईयों का दोहरा चरित्र हुआ उजागर
आमआदमी को राहत देने के लिए महंगाई पर तुरंत लगाम लगाने की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अजयगढ़ द्वारा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कोंग्रस ने डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस के दाम कम ना होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महंगाई के मुद्दे पर पूरा देश-दुनिया भाजपा के बड़बोले नेताओं का सफ़ेद झूंठ देख चुकी है। डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस के आसमान छूते मूल्य के कारण आमआदमी के घर का बजट बिगड़ गया। रोजमर्रा की जरुरत सामान महंगा होने गरीब के लिए परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो चूका है। डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस पर भारी-भरकम टैक्स लेकर भाजपा की सरकारें देश के जनमानस को खुलेआम लूट रही हैं। आम नागरिक महंगाई के मुद्दे पर इनकी कथनी-करनी का अंतर बेहतर तरीके से समझ चुका है। अच्छे दिन आने का झांसा देने वालों को जनता विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मुँहतोड़ जबाब देगी। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गर्ग, रामओतार तिवारी, धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, श्रीराम पाठक, मोहम्मद अबरार, चन्द्रभान यादव, प्रेम कुमार पांडेय, सुखदेव मिश्रा, अरविंद सिंह बुंदेला, सगीर बेग, आशीष यादव, प्रबल चौबे, साधना अवस्थी, फरहा खान, यूनिश खान, मेहबूब, अब्दुल खान, आकाश जाटव, करामत उल्ला, राघवेंद्र सिंह परमार,जीतू यादव, शेख मोहमद, राहुल श्रीवास, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे
साईकिल चलाकर जताया विरोध
डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस की मूलय वृद्धि का विरोध में अमानगंज के कांग्रेस नेताओं ने साईकिल रैली निकालकर प्रदर्शन किया। साईकिल में सवार होकर कांग्रेस नेता नगर भ्रमण कर व्यापारियों से अपील कर दुकानें बंद कराते रहे। किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र बुंदेला के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने आम लोगों को बताया कि कुछ साल पहले तक नरेंद्र मोदी,सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित भाजपा के सभी छोटे बड़े नेता महंगाई के मुद्दे पर किस तरह बड़ी-बड़ी बातें करते थे, लेकिन आज महंगाई जब वास्तव में डायन बनकर आमआदमी का निवाला छीन रही है तो भाजपाई निर्लज्जता के साथ चुप्पी साधे बैठे हैं। नगर परिषद अध्यक्ष हक्कुन दहायत और पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष वसीम खान कहा कि जब डॉलर की तुलना भारतीय रुपया और डीजल-पेट्रोल के दाम सौ के आंकड़े की और तेजी से बढ़ रहे तो मोदी जी और दूसरे भाजपाई देश को जबाब देने से बचने के लिए दुबके हुए बैठे है। छप्पन इंच के सीने से अब दहाड़ सुनाई नहीं देती। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार के समय अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जब कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक थीं तब देश में डीजल-पेट्रोल 65-70 रूपए प्रति लीटर बिकता था। रसोई गैस के दाम भी लगभग 400 रुपये थे। पिछले चार साल में कच्चे तेल की कीमत सिर्फ 40 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही है। फिर भी नरेंद्र मोदी और शिवराज सरकार ने आम आदमी को कोई राहत नहीं दी। उल्टा टैक्स बढ़ाया है जिससे महंगाई के कारण आमआदमी की कमर टूट चुकी है। वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जब कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर से भी कम है फिर भी देश में पेट्रोल-डीजल के दाम आग लगी है। साईकिल रैली का समापन तहसील कार्यलय में हुआ जहां महंगाई के मुद्दे पर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने वालों में अभिषेक दुवेदी, नितेश पांडेय, आशीष दुबे, अश्वनी भटनागर, कमल सिंह राजपूत, अतहर खान, सतीश दुबे, गजराज सिंह राजपूत, कोमल यादव, सत्यम तिवारी, कल्लू खान, मुन्ना तिवारी, छंगा वंशकार, सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्त्ता उपस्तिथ रहे ।
पेट्रोल- डीज़ल और गैस के लगातार बढ़ते दामों के खिलाफ कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन
अच्छे दिन का वादा करने वालों ने आमजनता को दिया रिकार्ड महंगाई का तोहफा
पन्ना। रडार न्यूज पेट्रोल- डीज़ल और रसोई गैस के लगातार बढ़ते दामों और बेतहाशा महंगाई के विरोध में सोमवार को कांग्रेस के भारत बंद का पन्ना जिला मुख्यालय सहित आंचलिक क्षेत्रों में व्यापक असर देखा गया। अधिकांश जगह दुकानदारों-व्यवसाईयों ने दुकानें बंद रखकर भारत बंद को अपना समर्थन दिया। बंद को देखते हुए पुलिस की और से सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम रहे। पन्ना में कांग्रेस के शांतिपूर्ण बंद में उस समय थोड़ी तनाव की स्थिति बन गई जब गाँधी चौक पर स्थित सुपर बाजार को बंद कराने पहुंचे युवा नेताओं की प्रतिष्ठान संचालक व पुलिस से झड़प हो गई। जिसमें सुपर बाजार के गॉर्ड के सिर पर दुकान की शटर लगने से हल्की चोट आई है। प्रतिष्ठान संचालक से हुई कहासुनी से नाराज युवा नेता सुपर बाजार के बाहर धरने पर बैठ गए। इस विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने तत्परता से हस्तक्षेप करते हुए बड़ी ही सूझबूझ से गतिरोध को समाप्त कराकर व्यापारियों से दुकानें बंद करने की अपील करते हुए आगे बढ़ गए। उल्लेखनीय है कि बेतहाशा महंगाई के विरोध में सोमवार को कांग्रेस के भारत बंद के आव्हान के मद्देनजर पन्ना कई दुकानदारों ने सुबह अपनी दुकानें ही नहीं खोली थीं। दोपहर 11 बजे जब जिला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पन्ना, और युवा कांग्रेस के पदाधिकारी शहर के बड़ा बाजार चौराहा से पैदल मार्च करते हुए व्यापारियों से बंद को समर्थन देने की अपील करते हुए निकले तो शेष दुकानें भी बंद हो गई। पैदल मार्च के दौरान कोंग्रेसियों ने भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मुख्य मार्गों से होते हुए प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट चौराहा पहुंचे जहां नुक्कड़ सभा आयोजित हुई।
महंगाई “डायन” ने बढ़ाई मुश्किलें
कांग्रेसियों ने पेट्रोल- डीज़ल और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों और खाद्य सामग्री सहित दैनिक उपयोग की सामग्री के दामों में तेजी से हो रही वृद्धि के मुद्दे पर सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी तथा इसके नेताओं को जमकर घेरा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सुरसा की तरह बढ़ती महंगाई से भाजपाईयों का दोहरा चरित्र और सफ़ेद झूठ उजागर हो गया है। वर्ष 2014 के पहले तक महंगाई के मुद्दे पर जनता को बरगलाने और घड़ियाली आँसू बहाने वाले भाजपा नेताओं के होंठ आज सिल गए हैं। डीजल-पेट्रोल के रेट 65-70 रूपये होने पर जो लोग छाती पीटकर रोते थे आज उन्हीं के राज में महंगाई रिकार्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। डीजल-पेट्रोल के दाम तेजी से शतक की और बढ़ रहे हैं और महंगाई को डायन कहने वाले आज सत्ता में बेशर्मी से मौन साधे हुए बैठे हैं। महंगाई के कारण आमआदमी और निम्न माध्यम वर्ग की तकलीफ अब इन्हें नजर नहीं आती। अच्छे दिन लाने का वादा करने वालों ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम आधे से भी कम होने के बाद भी लोगों को कोई राहत नहीं दी। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी के नेताओं की कथनी-करनी के अंतर को पूरा देश भली-भांति समझ चुका है। केंद्र सरकार आमआदमी के हित में नहीं बल्कि चंद उद्योगपतियों की स्वार्थपूर्ति के लिए काम कर रही। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की मोदी और मध्य्प्रदेश की शिवराज सरकार को सबसे असफल और जनविरोधी सरकार बताते हुए लोगों से आगामी चुनाव में इसे उखाड़ फेंकने की अपील की है।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
भारत बंद के प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिव्यरानी सिंह, श्रीकांत दुबे, भास्कर देव बुंदेला, शिवजीत सिंह, मीना सिंह यादव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पन्ना अनीश खान, मनोज गुप्ता, केशव प्रताप सिंह, दीपचंद अग्रवाल, मनीष शर्मा, शारदा पाठक, पुष्पेंद्र सिंह, मुरारी लाल थापक, राजेश तिवारी, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष युवा कांग्रेस वैभव थापक, रशीद सौदागर, कुलदीप सिंह, रेहान खान, दीपक तिवारी युवा कांग्रेस अध्यक्ष पन्ना विस, अक्षय तिवारी, डॉ. कदीर खान, मनोज सेन, अनीश सिद्दीकी पिंकू, रवि तिवारी, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष मृगेंद्र सिंह, इस्माईल खान, डीके दुबे, खज्जू राजा, खुशीराम प्रजापति, सूर्यप्रकाश वर्मा, सुन्दर लाल रैकवार, राहत अली, अज्जू गर्ग, मोहम्मद इरशाद, किशोर रैकवार, अय्यूब खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के वरिष्ठ और युवा नेता शामिल रहे।
गुरने नदी में होमगार्ड जवानों के सर्चिंग ऑपरेशन का फाइल फोटो।
पन्ना जिले के सलेहा थाना क्षेत्र के ग्राम भितरी मुटमुरु की घटना
पहाड़ी नदी गुरनेमें नहाते समय पानी के तेज बहाव में बह गया था वृद्ध
गांव में मातम का माहौल, पीड़ित परिजनों का रो-रोकर हुआ बुरा हाल
थाना प्रभारी बोले, पुलिस अपने स्तर पर चला रही सर्चिँग ऑपरेशन
पन्ना| रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सलेहा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भितरी मुटमुरू में पहाड़ी नदी गुरने के तेज बहाव में बहने वाले वृद्ध का घटना के चौथे दिन भी कोई पता नहीं चल पाया है। होमगार्ड की रेस्क्यू टीम अपना सर्चिंग ऑपरेशन बंद कर पहले ही पन्ना लौट चुकी है। उधर इतना लंबा समय गुजरने के बाद बद्री प्रसाद यादव 65 के सुरक्षित मिलने की संभावना कम होने से गांव में मातम का माहौल है। वृद्ध के घर पर तो हादसे के बाद से ही कोहराम मचा है, बेसुध परिजनों की आँखों से आँसूं रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं। प्रभावित परिवार को ढाँढस बंधाने और अपनी संवेदना व्यक्त करने के लिए आने वाले लोगों की आँखें भी इनके गम और दर्द को देखकर छलक उठती हैं। सलेहा थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि थाना पुलिस वृद्ध का पता लगाने के के लिए अपने स्तर सतत सर्चिँग ऑपरेशन चला रही। गुरने नदी का जलस्तर कम होने पर ही इसका नतीजा निकलने की बात कही जा रही है। उधर पीड़ित परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और गांव के लोग भी तलाश में जुटे हैं।
समय रहते नहीं मिल पाई मदद
जानकारी अनुसार बद्री प्रसाद यादव पुत्र गगन सिंह यादव 65 निवासी ग्राम भितरी मुटमुरू गुरुवार 6 सितम्बर 2018 को दोपहर करीब 2 बजे नहाने के लिए गुरने नदी गया था। नहाते समय बद्री प्रसाद अचानक गहराई की तरफ आकर नदी के तेज बहाव में बह गया। कुछ ही दूरी पर नहा रहीं गांव की महिलाओं ने जब नदी में डूबते वृद्ध को पानी से बाहर आने के लिए संघर्ष करते हुए देखा तो जोर-जोर से आवाज़ लगाकर आसपास मौजूद लोगों को मदद के लिए बुलाया। हालांकि ग्रामीण जब मौके पर पहुंचकर नदी में उतरे तब तक वृद्ध बद्री प्रसाद यादव नदी के तेज बहाव और विपुल जल राशि में अदृश्य हो चुका था। इस हादसे की सूचना मिलने पर सलेहा थाना पुलिस और तहसीलदार करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुँचे। इनके द्वारा होमगार्ड कमांडेंट को जानकारी देकर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सहयोग माँगा गया। गुरुवार को होमगार्ड के गोताखोरों की टीम के शाम तकरीबन 7 भितरी मुटमुरू ग्राम पहुँचने से अँधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन अगले दिन शुक्रवार 7 सितम्बर की सुबह प्रभावी तरीके से शुरू हो पाया। इस बीच तेज बारिश होने से होमगार्ड की रेस्क्यू टीम को कोई सफलता नहीं मिल सकी। नदी का जल स्तर अधिक होने के कारण होमगार्ड के जवान शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सर्चिंग ऑपरेशन बीच में ही बंद कर अपनी बोट लेकर वापिस पन्ना लौट गए।
केन नदी में भी हो तलाश
उल्लेखनीय है कि गुरने नदी पन्ना जिले के कल्दा पठार से निकलती है। पठार का पानी इस नदी के जरिए मैदानी इलाकों में आने से अल्प बारिश में भी इसका बहाव तेज रहता है। भितरी मुटमुरू ग्राम पठार के ठीक नीचे स्थित होने से यहां पानी का प्रवाह कहीं अधिक तेज होता है। पहाड़ से नीचे उतरने पर गुरने नदी करीब 20 किलोमीटर तक मैदानी इलाके से होते हुए मुड़वारी ग्राम के पास केन नदी में मिल जाती है। वृद्ध बद्री प्रसाद यादव के नदी बहने को तकरीबन 72 घंटे हो चुके है , जिसके मद्देनजर उनके सुरक्षित मिलने की संभावना कम हो चुकी है। जानकारों का कहना है कि पुलिस को अपना सर्चिंग ऑपरेशन गुरने के साथ-साथ केन नदी में भी चलाना चाहिए तब शायद वृद्ध का पता चल सकता है।
“सबकी योजना-सबका विकास जन-अभियान 2 अक्टूबर से – मंत्री श्री भार्गव
भोपाल। रडार न्यूज पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि ‘सबकी योजना-सबका विकास” की मूल अवधारणा के तहत प्रदेश में 2 अक्टूबर से 31 दिसम्बर, तक जन-अभियान चलाया जायेगा। इसमें ग्राम के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए वर्ष 2019-20 की ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार की जायेगी। अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास इकबाल सिंह बैंस द्वारा 22 हजार 812 ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। इसके लिये कलेक्टर को नोडल और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस कार्य में पंचायत की मदद के लिये फेसीलिटेर नियुक्त किये जायेंगे। फेसीलिटेर द्वारा ग्राम पंचायत का मिशन अंत्योदय के अंतर्गत सर्वे का कार्य किया जायेगा। ग्राम की अधोसंरचना, मानव विकास एवं आर्थिक गतिविधि के आधार पर ग्राम पंचायतों की 100 की स्केल पर रैंकिंग का निर्धारण किया जायेगा। सर्वे तथा मेपिंग का कार्य 28 सितम्बर, तक पूर्ण कर 2 अक्टूबर, की ग्रामसभा में अनुमोदन के लिये प्रस्तुत किया जायेगा।
मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास की तैयार योजना का 2 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक दो चरणों में आयोजित ग्राम-सभाओं में अनुमोदन के लिये प्रस्तुत की जायेगी। इस कार्य में सभी विभागों का मैदानी अमला अपनी भागीदारी दर्ज करायेगा। ग्राम में 20×10 वर्ग फीट का जन-सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिये गये हैं, जिस पर ग्राम पंचायत की सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदर्शित की जायेंगी। ग्रामसभा के अनुमोदन के उपरांत ग्राम पंचायत विकास योजना का अंतिम प्रकाशन 31 दिसम्बर, 2018 तक किया जायेगा।
राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता को वार्ड-24 में बहनों ने राखी बांधी।
राजस्व मंत्री को वार्ड 24 और 31 की बहनों ने बाँधी राखियाँ
भोपाल। रडार न्यूज राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि बहनों की सुरक्षा और समृद्धि की जिम्मेदारी हमारी है। उन्होंने बताया कि बहनों को नगरीय विकास तथा पंचायत निर्वाचन और शिक्षकों की भर्ती में 50 प्रतिशत और अन्य पदों में (वन विभाग को छोड़कर) 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। श्री गुप्ता ने यह बात वार्ड 24 और 31 में आयोजित रक्षा-सूत्र कार्यक्रम में कही। बहनों ने श्री गुप्ता को उत्साहपूर्वक राखियाँ बाँधी। मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि लड़की जन्म से ही लाड़ली लक्ष्मी योजना में लखपति बन जाती है। मुख्यमंत्री कन्यादान-निकाह योजना में कन्याओं का विवाह करवाने के साथ ही उनके खाते में 25 हजार रूपये दिये जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बहनों की समाज और सरकार के कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। श्री गुप्ता ने संबल योजना के बारे में भी जानकारी दी। रक्षासूत्र कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
एनएफएचएस-चार में पन्ना जिले की स्थिति से अवगत कराते प्रख्यात समाजसेवी सचिन कुमार जैन एवं बगल में बैठे यूसुफ़ बेग।
जन्म के साथ ही भूखे रहने को विवश हैं 67 प्रतिशत नवजात
कुपोषण के कारण 42 प्रतिशत बच्चे ठिगनेपन का हो रहे शिकार
मात्र ढ़ाई प्रतिशत महिलाओं को मिल रहीं सम्पूर्ण प्रसव पूर्व सेवाओं का लाभ
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री ललिता यादव के प्रभार वाले पन्ना जिले में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के मानक बेहद गंभीर स्थिति में है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 (एनएफएचएस-चार) के हैरान करने वाले नतीजों से यह बात निकलकर सामने आई है कि पन्ना जिले में सिर्फ 33 प्रतिशत बच्चों को ही जन्म के पहले घंटे में माँ का पोष्टिक दूध नसीब होता है। इस तरह शेष 67 प्रतिशत नवजात शिशुओं को जन्म के साथ ही भूखे रहने का दर्द सहन करना पड़ता हैं। कुपोषण के कलंक के कारण मध्यप्रदेश का कालाहांडी कहलाने वाले पन्ना जिले के खराब हालत का अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि यहां पैदा होने वाले 42 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के कारण ठिगनेपन का शिकार हो रहे हैं। खुद को प्रदेश की महिलाओं का भाई और बच्चों का मामा कहने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के राज में कुपोषण, मातृ-शिशु मृत्यु दर, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और प्रसव पूर्व महिलाओं की जांच में घोर लापरवाही बरती जा रही है। जिसके गंभीर दुष्परिणामों को एनएफएचएस-चार के सर्वेक्षण ने उजागर किया है।
शिशु जीवन और पोषण पर आधारित मीडिया फोरम में उपस्तिथ पन्ना जिले के मीडियाकर्मी।
इस सर्वेक्षण रिपोर्ट से पन्ना जिले के स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास के दावों, धरातल पर योजनाओं के क्रियान्वयन और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की अधिकता वाले इस जिले में केवल 2.5 प्रतिशत महिलाओं को ही सम्पूर्ण प्रसव पूर्व सेवाएँ प्राप्त हो रही हैं। इससे बड़ी बिडंबना भला और क्या होगी। पन्ना जिले की वास्तविकता यह है कि गर्भावस्था से ही यहां महिलाओं और उनकी कोख में पलने वाले बच्चों की चुनौतियों ही शुरुआत हो जा रही है। विकास संवाद मानव विकास शोध संस्था और पृथ्वी ट्रस्ट द्वारा नवजात शिशु, शिशु जीवन और पोषण पर आधारित मीडिया फोरम के दौरान शोधकर्ता सचिन कुमार जैन ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-चार) के अध्ययन निष्कर्षों को प्रस्तुत करते हुए यह बताया कि पन्ना में केवल 13.8 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं तक ही चार या इससे अधिक प्रसवपूर्व भ्रमण हो रहे हैं। सुरक्षितमातृत्व और नवजात शिशु मृत्यु को कम करने के लिए बेहद जरूरी हैकि हर गर्भवती महिला को पूर्ण प्रसव पूर्व जांचों की लाभ (जिसमें एएनएम द्वारा चार भ्रमण, टिटनेस के टीके, 100 आयरन-फोलिक एसिड गोलियां, वज़न, रक्तचाप जी आंच आदि शामिल हैं) मिलना ही चाहिए, किन्तु पन्ना में केवल 2.5 प्रतिशत महिलाओं को ही सम्पूर्ण प्रसव पूर्व सेवाएँ प्राप्त हो रही हैं। मध्यप्रदेश में सीधी जिले (1.7 प्रतिशत) के बाद पन्ना खराब स्थिति वाले जिलों की सूची में दूसरे स्थान पर है।
नवजात को बीमारियों से बचाता है स्तनपान
सांकेतिक फोटो।
मानक सिद्धांत बताते हैं कि जन्म के बाद का स्तनपान बच्चों को संक्रमण से बचाता है, इसमें उच्च गुणवत्ता का प्रोटीन, वसा, कैलोरी, लैक्टोज़, विटामिन और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चे की तमाम जरूरतों को पूरा कर देते हैं। यह पचाने में आसान होता है और शिशु में बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है। बच्चों के जीवन के नज़रिए से बेहद महत्वपूर्ण इस पहलू को हर स्तर पर नज़रंदाज़ किया गया है। अध्ययनों से यह स्पष्ट दिखाई देता है कि मध्यप्रदेश में बच्चों के जीवन से सम्बंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर अभी सघन प्रयास किये जाना शेष हैं। एनएफएचएस-चार के अनुसार पन्ना जिले में 74.4 प्रतिशत संस्थागत प्रसव हुए, किन्तु जन्म के पहले घंटे में मां का दूध (कोलेस्ट्रम फीडिंग) केवल 32.7 प्रतिशत बच्चों को ही हासिल हुआ। इससे दो बातें स्पष्ट रूप से नज़र आती हैं। पहली कि संस्थागत प्रसव वास्तव में पूर्ण रूप से सही प्रक्रिया से लागू नहीं किया जा रहा है। यदि ऐसा होता तो कम से कम 74.4 प्रतिशत बच्चों को तो जन्म के एक घंटे के भीतर पहला पीला गाढ़ा दूध मिल ही जाता। दूसरी बात यह कि लगभग 67 प्रतिशत यानी दो तिहाई बच्चे जन्म के पहले ही क्षण से भूख का सामना करने को मजबूर होते हैं।
सिर्फ 12 प्रतिशत बच्चों को मिलता है ऊपरी आहार
पन्ना जिले की प्रभारी एवं महिला बाल विकास मंत्री ललिता यादव।
श्री जैन ने बताया कि दूसरा पहलू यह है कि जन्म के बाद के छः महीनों तक बच्चों को केवल और केवल माँ का दूध ही पिलाया जाना चाहिए। जबकि पन्ना जिले में 58. 6 प्रतिशत बच्चों को ही केवल स्तनपान हासिल हो रहा है। यानी शेष बच्चों को पानी, शहद, घुट्टी या अन्य सामग्री का आहार शुरू कर दिया जा रहा है. यह बच्चे के जीवन के लिए घातक व्यवहार साबित होता है, क्योंकिअन्य सामग्रियों से वे जल्दी ही डायरिया सरीखे संक्रमण के शिकार हो जाते हैं। उल्लेखनीय है कि जन्म के बाद के 28 दिन सबसे संवेदनशील होते हैं। नवजात शिशु की मृत्यु की आशंका पांच साल की उम्र के बच्चे की मृत्यु की आशंका से 30 गुना ज्यादा होती है। इस विषय को नज़रंदाज़ किया जाना अपने आप में असंवेदनशीलता का परिणाम है। यह बहुत जरूरी है कि सरकार यह नज़र रखे कि डिब्बाबंद बाल आहार (इन्फेंट फार्मूला) को बढ़ावा देने के लिए ही कहीं स्तनपान को सीमित तो नहीं किया जा रहा है? वास्तव में इस विषय को विकास की योजना के केंद्र में लाने की जरूरत है। इसके बाद एनएफएचएस-चार से पता चल रहा है कि केवल 12. 6 प्रतिशत बच्चों को छः महीने की होते ही पर्याप्त ऊपरी पोषण आहार मिल पा रहा है। शेष 89 प्रतिशत बच्चे, जो शारीरिक और मानसिक विकास के दौर में होते हैं और उन्हें अच्छे पोषण की जरूरत होती है, भूख के साथ विकास करते हैं। जिले में 42. 3 प्रतिशत बच्चे ठिगनेपन (स्टनटिंग) के शिकार हैं। बच्चों की लम्बाई को बढ़ने से रोकने वाला यह कुपोषण एक पीढी से दूसरी पीढ़ी तक बहने वाली खाद्य और पोषण असुरक्षा के कारण होता है और इसके बहुत गहरे असर होते हैं। जो बच्चे कुपोषण के शिकार होते हैं, वे स्कूल भी देर से जा पाते हैं और आगे चल कर जीवन में उनकी आय अर्जित करने की क्षमता भी नकारात्मक रूप से प्रभावित होती है। ऐसे समुदाय के साथ तब समाज यह मान्यता बनता है कि ये लोग, जिनमें से ज्यादातर आदिवासी, अनुसूचित जाति और अन्य वंचित तबकों के लोग होते हैं, श्रम और मेहनत नहीं करना चाहते हैं, आलसी होते हैं आदि आदि. वास्तव में हम उनसे भोजन छीन कर बचपन में ही उनकी क्षमताओं को सीमित कर देते हैं।
आठ साल में हुई 7 लाख शिशुओं की मौत
सांकेतिक फोटो।
मीडिया फोरम में पत्रकारों से संवाद में यह स्पष्ट हुआ कि बच्चों के जीवन, स्वास्थ्य और पोषण की चुनौतियों को केवल विभागीय योजनाओं तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता है। यदि स्थिति को वास्तव में बदलना है तो परम्पराओं और सामाजिक व्यवहार से लेकर समुदाय के जंगल, पानी, जमीन और कौशल तक के हकों को सुरक्षित करना होगा। वर्तमान में कुपोषण और बाल जीवन सुरक्षा के कार्यक्रमों में व्यापाक पहलू शामिल ही नहीं हो रहे हैं। इस फोरम में मातृत्व हक़ पर गहराई से चर्चा हुई। जिसमें यह उल्लेख किया गया कि हर गर्भवती महिला को आराम, पोषण और सुकून मिल सके, इसके लिए उन्हें कम से कम चाह माह की मजदूरी के बराबर की राशि मातृत्व हक़ की सहायता के रूप में दी जाना चाहिए, अन्यथा उन्हें लगातार मजदूरी पर जाते रहना होगा, जिससे महिला और बच्चे का जीवन संकट में बना रहेगा. यह चौंकाने वाली बात है कि हमारे राजनीतिक दल भी इस पहलू पर कोई पक्ष नहीं रखते हैं। मध्यप्रदेश में बच्चों को जन्म से ही खाद्य असुरक्षा और भूख के दर्द का सामना करना पड़ता है। यदि हमें समाज के विकास का पैमाना तय करना हैं, तो केवल बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा के मानकों को ही विकास का पैमाना बनाया जाना चाहिए। भारत के सभी राज्यों के बीच नवजात शिशु मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में है। जब हर एक हज़ार जीवत जन्म पर 32 बच्चे जन्म के 28 दिनों के भीतर ही मर जाते हों, तब यह जरूरी हो जाता है कि हम अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करें। विकास संवाद के अध्ययन से पता चला है कि वर्ष 2008 से 2016 के बीच मध्यप्रदेश में 6.80 लाख नवजात शिशुओं की मृत्यु हुई है।