मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल कान्ता राव ने दिव्यांगजनों को सुगम मतदान की सुविधायें मुहैया करवाने आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित किया।
दिव्यांगजनों को मताधिकार के लिये सहयोग किया जायें : कान्ता राव
दिव्यांगजनों को सुगम मतदान सुविधा हेतु राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न
भोपाल। रडार न्यूज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल.कान्ता राव ने दिव्यांगजनों के सुगम मतदान हेतु आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में कहा कि प्रदेश के प्रत्येक दिव्यांग मतदाता को मतदान करने के लिये सहयोग किया जावेगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा निर्वाचन -2018 में सुगम मतदान के लिये मतदाता सूची से दिव्यांगजनों को चिन्हित कर उनसे संपर्क किया जाये। इस कार्य में सामाजिक न्याय विभाग, एन.जी.ओ, सामाजिक संगठनों और दिव्यांगजनों के लिये कार्य करने वाली अन्य संस्थाओं का सहयोग भी लिया जायें। श्री कान्ता राव ने कहा कि दिव्यांग मतदाताओं को उनके मताअधिकार के उपयोग के लिये जागरूक किया जाये चिन्हित किये गये सभी दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्रों तक लाने ले जाने की व्यवस्था की जावें।
एनजीओ को भी मतदान के लिये प्रेरित करें
संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विकास नरवाल ने प्रशिक्षण देते हुये कहा कि सुगमता से दिव्यांगजनों के लिये कार्य करने वाले सामाजिक संगठनों को भी मतदान के लिये प्रेरित किया जायें। श्री नरवाल ने बताया कि प्रदेश में 4 लाख 50हजार दिव्यांगजनों को मतदाता सूची में जोडा़ गया है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 27 सितम्बर को किया जायेगा। आयुक्त सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण के.जी. तिवारी ने कार्यशाला में कहा कि दिव्यांगजनों को अतिरिक्त सम्मान एवं सहानुभूति की नहीं केवल समाज एवं परिवार के सहयोग की आवश्यकता है। श्री तिवारी ने दिव्यांगजनों को चुनाव दल में शामिल करने का सुझाव भी दिया।
निर्वाचक प्रक्रिया में सहभागिता का प्रावधान
श्रीमती गुन्चा बत्रा अनुभाग अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग ने कहा कि समाज नि:शक्त को भी सशक्त करने में अपना योगदान दे। निर्वाचन आयोग के लिये प्रत्येक निर्वाचक महत्वपूर्ण है। निर्वाचन विधियां दिव्यांग व्यक्तियों को न केवल समानता की गारंटी देती है, अपितु निर्वाचक प्रक्रिया में उनकी पहुंच एवं सहभागिता के लिए भी प्रावधान करती है। कार्यशाला में प्रो. रोहित त्रिवेदी एवं अनिल मुद्गल ने दिव्यांग व्यक्तियों के मतदान में आने वाली आधारभूत कठिनाईयां एवं उनकी विशिष्ट आवश्यकता और राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर पकंज दुबे ने दिव्यांग व्यक्तियों को सुविधायें प्रदान करने के संबंध में विभिन्न नियमों-निर्देशों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। ज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से आये नोडल अधिकारी और पुलिस कॉर्डिनेटर उपस्थित थे।
कलेक्टर की पहल से दो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को मिले शव वाहन
हर जरूरतमंद को नैतिकता के साथ सुविधा मुहैया कराएं- कलेक्टर श्री खत्री
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार के दौरान किसी मरीज की मृत्यु होने अथवा दुर्घटना में किसी व्यक्ति के असमय काल-कवलित होने की स्थिति में शोक संतृप्त परिजनों को शव को ले जाने के लिए वाहन व्यवस्था हेतु अब भटकना नहीं पड़ेगा। दुःख की घड़ी में पीड़ित मानवता की सेवा के लिए पन्ना कलेक्टर मनोज खत्री ने अनूठी पहल करते हुए दो राजसात वाहनों को शव परिवहन के उपयोग हेतु जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों अजयगढ़ एवं शाहनगर को प्रदान किया है। जिससे पार्थिव शरीर (शव) को सम्मानपूर्वक और सुगमता के साथ समय पर पहुंचना संभव हो सकेगा। कलेक्टर मनोज खत्री ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना के प्रतिवेदन पर कार्यवाही करते हुये आबकारी अधिनियम के तहत अवैध शराब परिवहन करते पाये जाने पर दो वाहन जप्त कर राजसात किये गये थे। इन दोनों चार पहिया वाहनों को शव परिवहन के लिए प्रदान किया गया है। यह वाहन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों अजयगढ एवं शाहनगर को दिये गये है। इन वाहनों की रोगी कल्याण समिति द्वारा मरम्मत कराई जाएगी। इन वाहनों को मृत शरीर परिवहन के लिए उपयोग किया जायेगा। वाहन सौंपते हुये कलेक्टर ने कहा कि इन्हें हमेशा चालू हालत में रखते हुये हर जरूरतमंद को नैतिकता के आधार पर मुहैया कराएं। जिससे किसी भी जरूरतमंद को अपने परिजन का शव ले जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
अवैध शराब परिवहन करते पकड़े थे वाहन
मनोज खत्री, कलेक्टर पन्ना।
प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार ये वाहन क्रमांक एमपी-35-बी.ए-0263 बोलेरो वाहन स्वामी नीरज लखेरा निवासी अमानगंज तथा वाहन क्रमांक एमपी-35 एल.ए. -0369 छोटा हाथी वाहन स्वामी रवि कुशवाहा की मृत्यु पश्चात् पत्नी पूनम कुशवाहा के थे। वर्ष 2016-17 में अवैध शराब परिवहन करते पाये जाने पर क्रमशः थाना अमानगंज एवं कोतवाली पन्ना तथा आबकारी अधिकारी पन्ना द्वारा जप्त कर प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किये गये। इन दोनों प्रकरणों में राजसात के आदेश जारी होने के दिनांक से 30 दिवस की अवधि में आदेश के विरुद्ध अपील राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की गयी और न ही वरिष्ठ न्यायालय से कोई दस्तावेज प्राप्त हुए। प्रकरण में विधि सम्मत सम्पूर्ण कार्यवाही करने के उपरांत वाहन को कलेक्टर मनोज खत्री ने जनहित के उपयोग के लिए बोलेरो को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ एवं वाहन छोटा हाथी को समुदायिक स्वास्थ्य केन्द शाहनगर को सौंप दिये हैं। अब इन क्षेत्रों के लोगों को शव वाहन की सुविधा मिलना प्रारंभ हो जायेगी । उल्लेखनीय है कि प्रदेश व देश में के कई जगह से ऐसी खबरें समाचार पत्रों-टीव्ही चैनलों में अक्सर ही आती रहती हैं जब वाहन व्यवस्था ना होने के कारण शव को साईकिल, हाथ ठेला पर या फिर अर्थी की तरह कई किलोमीटर दूर तक ले जाने के लिए लोगों को मजबूर होना पड़ता है। बहरहाल बुंदेलखंड अंचल के पन्ना जिले में इस असहनीय कष्टप्रद स्थिति का सामना किसी को भीन करना पड़े इस दिशा में सार्थक पहल करते हुए राजसात वाहनों को आंचलिक स्वास्थ्य केंद्रों को सौंपा जाना सराहनीय निर्णय है।
वन भूमि में स्थित राजा ढ़ाबे का अतिक्रमण हटवाते पन्ना टाइगर रिज़र्व के अधिकारी-कर्मचारी।
किशनगढ़-बिजावर मार्ग किनारे वन क्षेत्र में स्थित ढ़ाबा को हटाया
छतरपुर। रडार न्यूज पन्ना टाइगर रिजर्व में तेज-तर्राट आईएफएस अधिकारी बासु कन्नौजिया के उपसंचालक के पद पर पदस्थ होने का असर धीरे-धीरे ही सही पर अब दिखने लगा है। वन्य जीवों और उनके रहवास की सुरक्षा पुख्ता करने के उद्देश्य से संरक्षित वन क्षेत्र के अतिक्रमण को चिन्हित कर उसे हटाने की मुहिम शुरू हो गई है। जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचने लगा है। कुछ समय पूर्व पन्ना जिले में टाइगर रिजर्व के अमानगंज परिक्षेत्र अंतर्गत वन भूमि पर खेती करने, मवेशियों की चराई के लिए अस्थाई ठिकाना बनाने और झोपड़ी बनाकर रहने वालों को बेदखल करने की कार्रवाई की गई थी। इसी क्रम में सोमवार 17 सितम्बर 2018 को छतरपुर जिले में किशनगढ़-बिजावर मार्ग किनारे वन क्षेत्र में स्थित ढ़ाबा को हटाने की कार्रवाई की गई। वन परिक्षेत्र किशनगढ़ बफर की बीट बसुधा के कक्ष क्रमांक-पी-521 में अतिक्रमण कर अवैध तरीके से बनाये गए राजा ढ़ाबा को हटवाकर वन भूमि को मुक्त कराया गया। इस दौरान ढ़ाबा संचालक देवेंद्र सिंह व उसका पुत्र करन सिंह परमार मौके पर मौजूद रहे और नुकसान से बचने के लिए अपना सामान स्वयं निकाल ले गए। कई वर्षों से घने जंगल में सड़क किनारे स्थित इस ढ़ाबे को हटाने की कार्रवाई प्यार सिंह ठाकुर, अधीक्षक केन घड़ियाल अभ्यारण खजुराहो एवं परिक्षेत्र अधिकारी किशनगढ़ कोर-बफर के नेतृत्व में की गई। बिना किसी विवाद के वन भूमि से अतिक्रमण को हटाने में महीप कुमार रावत बीटगार्ड बसुधा की महत्पूर्ण भूमिका रही।
अतिक्रमण को रोकने बने ठोस योजना
वन अमले की मौजूदगी में अपना सामान निकलता ढ़ाबा संचालक और उसके सहयोगी।
उल्लेखनीय है कि आईएफएस अधिकारी बासु कन्नौजिया कुछ वर्ष पूर्व जब पन्ना जिले के उत्तर वन मंडल में डीएफओ के पद पर तैनात थीं तब उनके द्वारा बड़े पैमाने पर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की गई थी। जिससे अतिक्रमणकारियों और माफियाओं में हड़कंप मचा था। हालांकि पन्ना से बासु कन्नौजिया का तबादला होने के बाद वहां आने वाले अधिकारी और मैदानी अमला अपनी उदासीनता के चलते उक्त वन भूमि को ज्यादा दिनों तक सुरक्षित नहीं रख पाए। सख्ती कम होने का फायदा उठाते हुए अतिक्रमणकारियों ने पुनः वन भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया। इसलिए पीटीआर को इससे सबक लेते हुए ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए कि हटाया गया वाला अतिक्रमण किसी भी सूरत पुनः न होने पाये साथ ही नये अतिक्रमण को भी सख्ती से रोका जाना चाहिए। ताकि इतनी महत्वपूर्ण कार्रवाई औचित्यहीन न होने पाए।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार 18 सितम्बर को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश में पत्रकारों के लिये स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना में कैशलेस ईलाज की राशि की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख रूपये करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही पत्रकार की मृत्यु होने पर परिवार को मिलने वाली दुर्घटना बीमा सहायता राशि 10 लाख रूपये की गई। मंत्रि-परिषद ने पत्रकारों की चिकित्सा सहायता योजना के नियमों में माता-पिता को शामिल करने का निर्णय लिया। मध्यप्रदेश संचार प्रतिनिधि कल्याण सहायता नियम 2005 में पारिवारिक परिभाषा में आश्रित माता-पिता, जो शासकीय कर्मचारी नहीं हों और जिनकी पेंशन सहित सभी स्त्रोतों से वार्षिक आय एक लाख रूपये से अधिक नहीं हो, का नाम शामिल करने का निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सूचना केन्द्र, मुबंई के सेवानिवृत्त स्टेनो टायपिस्ट की संविदा नियुक्ति में एक वर्ष अथवा अन्य व्यवस्था होने तक, जो पहले हो, वृद्धि करने का निर्णय लिया।
सात नई तहसील सृजन की मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने तहसील देवरी जिला रायसेन, तहसील खुजनेर जिला राजगढ़, तहसील सुठालिया जिला राजगढ़, तहसील रन्नौद जिला शिवपुरी, तहसील झार्डा जिला उज्जैन, तहसील बहादुरपुर जिला अशोकनगर और तहसील पीथमपुर जिला धार का सृजन करने का निर्णय लिया है। सृजित की गई प्रत्येक नई तहसील के लिये आवश्यक पदों के सृजन की मंजूरी भी दी गई है। मंत्रि-परिषद ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की अधोसंरचना विकास योजना को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक निरंतर रखने के लिये नीतिगत/सैद्धांतिक सहमति दी। साथ ही, मध्यप्रदेश में सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट को एक जुलाई 2016 से गो-लाईफ मान्य करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने संचालित कृषि यंत्रीकरण की प्रोत्साहन योजना का वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक निरंतर संचालन तथा वित्तीय आकार कुल राज्याशं राशि 168 करोड़ 50 लाख रूपये का अनुमोदन किया। प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिये संचालित नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर अन्तर्गत परम्परागत खेती विकास योजना वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक के लिये केन्द्रांश राशि 156 करोड़ 25 लाख 80 हजार तथा राज्यांश राशि 104 करोड़ 17 लाख 20 हजार कुल राशि 260 करोड़ 43 लाख रूपये की वित्तीय सीमा अन्तर्गत निरंतरता का मंत्रि-परिषद ने निर्णय लिया। साथ ही, गहन पशु विकास परियोजना को वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक निरंतर रखने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने संसदीय कार्य विभाग की स्थापना में स्वीकृत 12 अस्थाई पदों को 31 मार्च 2019 तक निरंतर रखने का निर्णय लिया।
भोपाल में होगी किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा
मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिये 3 करोड़ 36 लाख 15 हजार रूपये की राशि के पूंजीगत निवेश तथा 35 नये पदों के सृजन की मंजूरी दी। किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा भोपाल में विकसित होने से मेडिसिन एवं सर्जरी विभाग में पीजी एवं डीएम/एमसीएच के अतिरिक्त पाठयक्रम भी शुरू हो सकेंगे। इससे प्रदेश में उच्च विशेषज्ञता वाले चिकित्सा विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे। मंत्रि-परिषद ने राज्य प्रशासनिक सेवा के बेहतर संवर्ग प्रबंधन एवं अधिकारियों की समयबद्ध क्रमोन्नति सुनिश्चित करने के लिये वरिष्ठ प्रवर श्रेणी/प्रवर श्रेणी और वरिष्ठ श्रेणी में वर्तमान में निर्धारित सेवा अवधि में वर्ष 2018 के लिये एक वर्ष की छूट प्रदान करने का निर्णय लिया। प्रदेश के 51 जिलों के लिये राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान में 56 पद और प्रवर श्रेणी वेतनमान में 8 पदों के सृजन की मंजूरी भी दी।
नवीन कॉलेजों में अगले सत्र से मिलेगा प्रवेश
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के तहत जिला सागर में उदयानिकी महाविद्यालय, रहली और कृषि महाविद्यालय, खुरई की स्थापना का निर्णय लिया। दोनों महाविद्यालय शैक्षिणक सत्र 2018-19 से प्रारंभ कर छात्रों को प्रवेश देने का भी निर्णय लिया गया।मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में अरहर की फसल पर उत्पादकों को कम दर प्राप्त होने से किसानों को हो रही हानि के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा बाजार हस्तक्षेप करते हुए दिनांक 10 जून से 30 जून 2017 तक 5050 रूपये बोनस सहित समर्थन मूल्य पर अरहर उपार्जन तथा विक्रय प्रक्रिया को अनुमति प्रदान की।प्याज के भण्डारण शुल्क पर व्यय की गई राशि तत्समय अनुमोदित की गई दर 676 रूपये प्रति मी. टन प्रति माह के मान से वास्तविक गणना करते हुए भुगतान की कार्यवाही करने की मंजूरी भी दी गई। जिन जिलों में प्याज की छँटनी के बावजूद 75 प्रतिशत अथवा अधिक मात्रा में प्याज सड़ी/नष्ट हुई है, उन जिलों में छँटनी व्यय शून्य मानते हुए शेष सभी जिलों में तत्समय अनुमोदित छँटाई 20 रूपये प्रति क्विंटल की दर से माह में तीन बार छँटाई करने पर 60 रूपये प्रति क्विंटल प्रतिमाह के मान से किये गये वास्तविक व्यय की राशि का भुगतान करने का निर्णय लिया गया।
निवेश प्रोत्साहन नीति में संशोधन की मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत जन-निजी भागीदारी द्वारा क्रियान्वित की जा रही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्य योजनाओं के लिये नियत बिडिंग पैरामीटर व्ही.जी.एफ के स्थान पर टिंपिग फीस रखने के संशोधन की मंजूरी दी। साथ ही, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की शेष अवधि के लिये 1714 करोड़ 64 लाख की राशि की योजना निरंतरता के लिये स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 में संशोधन की मंजूरी दी। संशोधन अनुसार अब अनुसंधान विकास एवं शोध कार्य में किए जाने वाले निवेश को भी नीति का लाभ दिया जायेगा। इसके साथ ही, जीएसटी के लागू होने की स्थिति में और वेट के समाप्त होने पर पूँजीगत अनुदान की सीमा बढ़ाने का प्रावधान किया गया। नीति के अनुरूप अब सभी लाभ संबंधित निवेशकों को प्रदाय किये जायेंगे। प्रावधानों के अनुसार सहायता स्वीकृति-वितरण की प्रक्रिया संबंधी किसी प्रपत्र एवं फार्म में संशोधन के लिये मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम को अधिकृत किया गया है। भविष्य में प्रोत्साहन योजना में किसी प्रकार के संशोधन-परिर्वतन के लिये मध्यप्रदेश शासन की साधिकार समिति को अधिकृत किया गया।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा शर्मा का म.प्र. महिला आयोग की अध्यक्ष एवं सदस्यों ने स्वागत किया।
राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती शर्मा ने सखी-संगिनी को किया सम्मानित
समिति सदस्यों का दो दिवसीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ
भोपाल। रडार न्यूज राष्ट्रीय महिला आयोग की अघ्यक्ष श्रीमती रेखा शर्मा ने सखी-संगिनियों को अपने-अपने क्षेत्र के साहस, उत्साह और प्रेरणा का मंत्र देते हुए कहा कि महिलाओं पर अत्याचार और शोषण का मूल कारण अशिक्षा है। श्रीमती शर्मा ने कहा कि सभी महिलाओं को शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान में भी प्रशिक्षित होने की जरूरत है। यह बात श्रीमती शर्मा ने म.प्र राज्य महिला आयोग द्वारा दो दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि पुलिस को भी महिलाओं के प्रति-व्यवहार के लिए प्रशिक्षित करने की जरूरत है। उन्होंने प्रदेश की बांछड़ा जनजाति की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में प्रयास किये जाने की जरूरत बताई।
महिलाओं को सशक्त बनाने किये जा रहे कार्य
प्रदेश एवं जिला स्तरीय समिति सदस्यों का दो दिवसीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम में उपस्थित महिला सदस्य।
राज्य महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती लता वानखेड़े ने मध्यप्रदेश में महिलाओं के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिये हो रहे कार्यो के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिला आयोग ने आठ समितियों का गठन किया है जिनके माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के दिशा में कार्य किये जा रहे है। आयोग ने जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर गठित सखी-संगिनी और शक्ति समितियों के माध्यम से एक लाख चौदह हजार महिलाओं को जोड़ा है। इसके अलावा हमारी सदस्य समझदार बेटी कार्यक्रम के माध्यम से स्कूल, कॉलेज और अन्य स्थानों पर शिविर लगाकर बेटियों को शिक्षित कर रही है। कार्यक्रम में प्रदेश एवं जिला स्तरीय सदस्यों को शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सूर्या चौहान, श्रीमती प्रमिला वाजपेयी, श्रीमती गंगा उइके, श्रीमती अंजू सिंह बघेल एवं श्रीमती सुमन राय और आयोग के सलाहकार एवं योग फाउन्डेशन के संस्थापक प्रमोद दुबे उपस्थित थे।
राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने पं. खुशीलाल शासकीय आयुर्वेद संस्थान के प्रवेश द्वार का लोकार्पण किया।
राजस्व मंत्री द्वार पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान का प्रवेश लोकार्पित
भोपाल। रडार न्यूज मध्यप्रदेश में आयुर्वेद यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिये प्रयास किये जाएंगे। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद संस्थान के प्रवेश द्वार के लोकार्पण समारोह में कही। प्रवेश द्वार का निर्माण 20 लाख रूपये की लागत से किया गया है। श्री गुप्ता ने निर्माण कार्य में 10 लाख रूपये विधायक निधि से दिये हैं। राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि आयुर्वेद वर्तमान की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद कॉलेज और यहां के विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिये हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को आगे आकर समस्याओं का निराकरण करना चाहिए, जिससे किसी को आन्दोलन करने की जरूरत ही न पड़े। माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष रामदयाल प्रजापति ने भी विचार व्यक्त किये।
यूनानी कॉलेज में बनेगा ऑडिटोरियम
अपर मुख्य सचिव आयुष श्रीमती शिखा दुबे ने कहा कि होम्योपेथी और यूनानी कॉलेज का भी प्रवेश द्वार बनवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही कॉलेज का 500 सीटर ऑडिटोरियम हॉल भी बनवाया जाएगा। पचास बेड का सुपरस्पेशियल्टी पंचकर्म हास्पिटल का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी को मिलकर ऐसा प्रयास करना है कि उत्तर के लोग आयुर्वेद चिकित्सा के लिये केरल नहीं भोपाल आएं। आयुर्वेद कॉलेज के अधीक्षक उमेश शुक्ला ने कॉलेज में संचालित पाठ्यक्रमों एवं अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान चिकित्सक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
मंत्रि-परिषद की बैठक में स्वच्छ भारत मिशन शहरी के लिये दी गई स्वच्छता
भोपाल। रडार न्यूज नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत वर्ष 2019 तक 1714 करोड़ रुपये की राशि स्वच्छता गतिविधियों पर खर्च की जायेगी। मंत्रि-परिषद द्वारा आज हुई बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के लिये 1714.64 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्री श्रीमती माया सिंह ने बताया कि भारत सरकार द्वारा नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति के उन्नयन के लिये जो पैरामीटर निर्धारित किये गये हैं, उन पर प्रदेश में बेहतर कार्य किया गया है। प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्र खुले में शौच से मुक्त घोषित किये जा चुके हैं। व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की श्रेणी में 5 लाख से अधिक व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में शौचालययुक्त आवास का निर्माण करवाया जा रहा है। इसके साथ ही, कचरा संग्रहण और निपटान में भी वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग किया जा रहा है। ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन के अंतर्गत 26 क्लस्टर का गठन, कचरे से खाद और विद्युत उत्पादन का कार्य भी प्रदेश में किया जा रहा है। जबलपुर नगर निगम द्वारा कचरे से 11.5 मेगावॉट विद्युत उत्पादन किया जा रहा है।
12 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में बनेंगे ऑडिटोरियम
राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य की अध्यक्षता में हुई संचालक मण्डल की बैठक
भोपाल। रडार न्यूज एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की व्यवस्था उत्कृष्ट करने एवं शैक्षणिक गतिविधियों में प्रगति के अध्ययन के लिये अधिकारियों और प्राचार्यों को गुजरात, उड़ीसा, महाराष्ट्र, राजस्थान, नई दिल्ली जैसे राज्यों में प्रशिक्षण के लिये भेजा जायेगा। यह निर्णय आज जनजातीय कार्य मंत्री लाल सिंह आर्य की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश ट्रायबल वेलफेयर रेसीडेंशियल एण्ड आश्रम एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस सोसायटी के संचालक मण्डल की बैठक में लिया गया। बैठक में प्रमुख सचिव एस.एन. मिश्रा और आयुक्त श्रीमती दीपाली रस्तोगी उपस्थित थीं। मंत्री श्री आर्य ने 12 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में ऑडिटोरियम निर्माण के लिये एक करोड़ की राशि प्रति संस्था व्यय करने की मंजूरी दी। इसमें 40 लाख रुपये केन्द्र सरकार का रहेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को खेल एवं कला गतिविधियों से जोड़ा जाये। एकलव्य विद्यालयों का अधिकारियों द्वारा सतत निरीक्षण किया जाये। जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम अच्छा रहा है, उनकी सराहना की जाये और कमजोर रिजल्ट वाले विद्यालय पर विशेष ध्यान दिया जाये।
इंटरनेशनल लेवल के क्रीड़ा परिसर बनेंगे
बैठक में बताया गया कि 7 इंटरनेशनल लेवल के क्रीड़ा परिसर डिजाइन किये जा रहे हैं। इसमें इंदौर में ओलम्पियाड, खरगोन में जिमनास्टिक, इटारसी में तैराकी, जबलपुर में साइकिलिंग जैसी सुविधा उपलब्ध करवाई जायेंगी। श्री आर्य ने कहा कि कहीं भी क्वालिटी से समझौता नहीं करें, गुणवत्ता बनाये रखें। निर्माण कार्यों में 75 प्रतिशत से अधिक के कार्य को प्राथमिकता से पूरा करें। अगले चरण में 50 प्रतिशत कार्य को प्राथमिकता दें। श्री आर्य ने कहा कि आवासीय विद्यालय में रहने वाले विद्यार्थियों की जरूरत की सामग्री के बारे में बच्चों से चर्चा अवश्य करें।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सतना में राज्य स्तरीय पिछड़ा वर्ग महाकुंभ को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पिछड़ा वर्ग महाकुंभ में समाज-सेवियों को किया सम्मानित
सतना। रडार न्यूज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सतना में आयोजित राज्य-स्तरीय पिछड़ा वर्ग महाकुंभ में कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर कानून का दुरुपयोग नहीं होने देंगे। किसी भी वर्ग के व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। सबको न्याय मिलेगा। प्रदेश में किसी भी स्थिति में सामाजिक समरसता का वातावरण दूषित नहीं होने दिया जायेगा। श्री चौहान ने पिछड़ा वर्ग के लोगों का आव्हान किया कि समाज के सभी वर्गों की भलाई के लिये एकजुट होकर कार्य करें। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि योजनाओं में हर वर्ग के व्यक्ति के हित को ध्यान में रखा गया है। योजनाओं का लाभ सभी वर्गों के लोग प्राप्त कर रहे हैं, किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा, स्व-रोजगार आदि योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि सभी वर्गों के विकास के लिये योजनाओं में प्रावधान किये गये हैं। श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना समाज के सभी वर्गों के गरीब तबके के लिये सुरक्षा कवच है।
सम्मानित हुए समाज सेवी
मुख्यमंत्री ने सतना में राज्य स्तरीय पिछड़ा वर्ग महाकुंभ में पिछड़ा वर्ग राज्य सेवा पुरस्कार से पिछड़ा वर्ग के समाजसेवियों को सम्मानित किया।
महाकुंभ में रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार वर्ष 2016 से समाज-सेवी सर्वश्री मुन्नासिंह दांगी, विजय घाटोड, मुन्नीलाल यादव, ज्वाला प्रसाद विश्वकर्मा, बृजेश चौहान, मुख्यतार सिंह यादव, हेमलाल महाजन, डॉ. धन सिंह चंदेल, श्रीमती जमुना यादव, श्रीमती राममूर्ति राजपूत, श्रीमती मनीषा चौरसिया, श्रीमती सीमा सेन, श्रीमती प्रेमलता सेनी, श्रीमती ममता विश्वकर्मा और श्रीमती मंजू चौधरी को सम्मानित किया गया। महात्मा ज्योतिबा फुले पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार वर्ष 2016-17 से समाज-सेवी श्री कृष्णगोपाल कश्यप और साबित्रीबाई फुले पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार वर्ष 2016-17 से समाज-सेवी श्रीमती मंजू सराठे को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग के उद्यमियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये।
इनकी रही उपस्थिति
सतना में राज्य स्तरीय पिछड़ा वर्ग महाकुंभ में उपस्थित जनसमुदाय।
राज्य-स्तरीय पिछड़ा वर्ग महाकुंभ में उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रुस्तम सिंह, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती ललिता यादव, ऊर्जा मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और सांसद गणेश सिंह, प्रहलाद पटेल और जनार्दन मिश्रा, विधायक नारायण त्रिपाठी और शंकरलाल तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुधा सिंह, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में वरिष्ठ समाज-सेवी मौजूद थे।
महेंद्र भवन स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय पन्ना का फाइल फोटो।
सोशल मीडिया पर दो लेटर पोस्ट कर DSO ने लगाये बेहद गंभीर आरोप
कलेक्टर के खिलाफ पन्ना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी शिकायत
पन्ना। रडार न्यूज भाजपा जिलाध्यक्ष पन्ना सतानंद गौतम द्वारा पिछले दिनों जिला आपूर्ति अधिकारी को कथित तौर पर गालियां देने और धमकाने बहुचर्चित विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सियासी और प्रशसनिक हलकों में हलचल मचाने वाले इस विवाद की लपटों की जद में पन्ना कलेक्टर मनोज खत्री भी आ गये है। जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) भूपेंद्र सिंह परिहार ने सोशल मीडिया पर दो पत्र जारी कर जारी कलेक्टर पर भाजपा जिलाध्यक्ष को बचाने के लिए अपने पद और प्रभाव का गलत इस्तेमाल कर गवाहों पर दबाब बनाकार उनके बयान बदलवाने का सनसनीखेज गंभीर आरोप लगाया है। इससे नाराज डीएसओ द्वारा कलेक्टर के खिलाफ भी कोतवाली थाना पन्ना पुलिस को शिकायत भेजकर प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायती पत्र के अनुसार 13 सितंबर 2018 को शाम के समय जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय में भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम द्वारा सेल्समेन नारायण सिंह को उचित मूल्य दुकान विरबाही का प्रभार देने के लिए दबाव बनाते हुए जब डीएसओ भूपेंद्र सिंह के साथ कथित रूप से गालीं-गलौज कर धमकी दी गई थी तब अधीनस्थ कर्मचारी मौके पर मौजूद थे। कोतवाली थाना पुलिस को भेजी गई इस घटना की लिखित शिकायत तथा पंचनामा में डीएसओ ने अपने कार्यालय के उन प्रत्यक्षदर्शी कर्मचारियों- महेश गंगेले लिपिक, सत्यम रिछारिया कम्प्यूटर ऑपरेटर, धर्मेंद्र शर्मा लिपिक, गोविंद यादव भृत्य के नामों का उल्लेख किया था। मालूम हो कि घटना के संबंध बनाये गए पंचनामा में इन कर्मचारियों ने हस्ताक्षर किए थे। बाद में पुलिस को दिये गए बयान में कर्मचारियों ने घटना को नकार दिया।
भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ हुए विवाद के बाद से छुट्टी पर गए डीएसओ की खाली पड़ी कुर्सी।
डीएसओ भूपेंद्र सिंह का आरोप है कि सत्ताधारी दल के जिलाध्यक्ष को आपराधिक प्रकरण से बचाने के उद्देश्य से यह सब कलेक्टर के दबाब में किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने पत्र में डीएसओ ने यह खुलासा किया है कि बयान बदलने के लिए कलेक्टर का दबाब होने की बात उन्हें 15 सितम्बर 2018 को लिपिक महेश गंगेले और सत्यम रिछारिया कम्प्यूटर ऑपरेटर ने ही बताई थी। अपने लेटर में उन्होंने पन्ना कलेक्टर मनोज खत्री और भाजपा जिलाध्यक्ष के बीच प्रगाढ़ संबंध होने का भी जिक्र किया है। इन तमाम आरोपों में कितनी सच्चाई है यह संबंधित पक्ष ही बेहतर जानते हैं। बहरहाल विवादित पृष्ठभूमि वाले डीएसओ के इन आरोपों ने जिले सियासी हलकों-प्रशासनिक गलियारों से लेकर आमलोगों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर इस विवाद को लेकर लोगों की लगातार प्रतिक्रियायें आ रहीं हैं। उधर कांग्रेस के आईटी सेल के पदाधिकारी भी इस विवाद से जुड़ी ख़बरों और डीएसओ भूपेंद्र सिंह के पत्रों को सोशल मीडिया पर तेजी से फैला रहे हैं।
प्लीज, पन्ना से अपना तबादला करा लें
मनोज खत्री, कलेक्टर पन्ना।
गालीं-गलौंज विवाद के बाद से लेकर अब तक डीएसओ भूपेंद्र सिंह के तीन लेटर सोशल मीडिया पर आ चुके हैं। जिसमें दो लेटर निरीक्षक कोतवाली थाना पन्ना को भेजे गए जबकि 17 सितम्बर को तीसरा पत्र कलेक्टर पन्ना, मनोज खत्री के नाम से जारी किया गया। इस पत्र में भाजपा जिलाध्यक्ष को बचाने के लिए कथित तौर पर गवाहों को बयान बदलने के लिए मजबूर करने को उन्होंने कलेक्टर श्री खत्री द्वारा अपनी पदीय गरिमा गिराना बताया है। पत्र में आगे कहा गया है कि- मुझे आपके इस कृत्य पर शर्म आती है, क्योंकि यह कृत्य अधीनस्थ अधिकारी के साथ किया गया विश्वासघात है। इस पत्र के अंत में डीएसओ ने आश्चर्यजनक तरीके से कलेक्टर मनोज खत्री से अपना तबादला पन्ना से कहीं और कराने का अनुरोध करते हुए लिखा है, जिससे हम अधिकारीगण प्रशासनिक कार्य बिना किसी तनाव के पूर्व की तरह बेहतर तरीके से कर सकें। उल्लेखनीय कि इस पत्र में कलेक्टर श्री खत्री और भाजपा जिलाध्यक्ष पन्ना सतानंद गौतम के लिए बेहद घटिया भाषा का उपयोग किया गया। उनके आपसी संबंधों पर भी अमर्यादित टिपण्णी की गई है। कलेक्टर के खिलाफ एक तरफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के लिए कोतवाली थाना पुलिस को शिकायत भेजने और दूसरी तरफ उन्हीं से अपना ट्रांसफर पन्ना से कहीं और कराने का निवेदन डीएसओ ने पत्र में जिस अंदाज में किया है उससे उनकी मंशा पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। उधर जब इन आरोपों के संबंध कलेक्टर मनोज खत्री से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से साफ मना कर दिया।
विवादों के लिए हैं चर्चित
भूपेंद्र सिंह परिहार, जिला आपूर्ति अधिकारी पन्ना।
विवादों का पर्याय बन चुके डीएसओ भूपेंद्र सिंह अपने आरोपों और पत्रों की अमर्यादित भाषा शैली को लेकर कई लोगों के निशाने पर भी हैं। ताज़ा विवाद के सामने आने के बाद इनके पिछले कारनामे भी चर्चाओं में आ गये है। कलेक्टर मनोज खत्री की ही तरह इन्होनें पन्ना के तत्कालीन कलेक्टर धनंजय सिंह भदौरिया के खिलाफ भी मोर्चा खोलते हुए आरोपों की बौछार कर दी थी। बाद में यह विवाद हाईकोर्ट तक गया था। मालूम होकि भूपेंद्र सिंह अब तक जहां भी ये रहे हैं वहां अपने आरोपों-विवादों से बबाल पैदा करते रहे हैं। पूर्व में ये कई बार लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई के घेरे में भी आ चुके हैं। इतना ही नहीं एक मामले में लंबे समय तक नौकरी से अनुपस्थित भी रहे हैं। कुछ वर्ष पूर्व एक कार्रवाई को लेकर हुए विवाद के बाद इन्हें पन्ना से हटाया गया था। बाबजूद इसके परिहार को पन्ना जिले में दूसरी बार पदस्थ किया गया। इस बार भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ कथित तौर हुए विवाद के बाद भूपेंद्र सिंह फिर से चर्चाओं में है। सरकारी नौकरी के साथ ही इनके विवादों की फेहरिस्त भी लम्बी होती जा रही है। जिस पर गौर करने के बाद कई लोग इनके आरोपों को तनिक भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ऐसे लोगों का मानना है कि अपनी कारगुजारियों से ध्यान हटाने के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर झूठे आरोप लगाकर दबाब बनाना भूपेंद्र सिंह की आदत बन चुकी है, पन्ना से लेकर भोपाल तक यह बात सभी को भलीभांति पता है। इसमें कुछ भी नया नहीं है।
इनका कहना है
“भूपेंद्र सिंह परिहार मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति है, उसे नौकरी में नहीं बल्कि हॉस्पिटल में होना चाहिए ताकि उनकी मानसिक स्थिति का इलाज हो सके। अपने अब तक सर्विस पीरियड में परिहार ने सिर्फ दूसरों पर अनर्गल आरोप लगाकर विवाद ही पैदा किये हैं। पहले मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाये अब कलेक्टर के खिलाफ आरोप लगा रहे हैं। इनकी शिकायत और आरोपों की सत्यता सब जान चुके हैं।”
सतानंद गौतम, जिलाध्यक्ष भाजपा पन्ना।
“डीएसओ की शिकायत की जांच चल रही है, जिसने जो भी बयान दिए उन्हें दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस किसी भी तरह से दबाब में नहीं है, जांच में जो भी तथ्य निकलकर सामने आएंगे हम उसी के अनुसार कार्रवाई करेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कोई शिकायत नहीं की है पर एक आवेदन देकर डीएसओ के आरोपों को असत्य और निराधार बताया है।”
विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक पन्ना।
“पन्ना कलेक्टर के विरुद्ध किसी तरह का कोई आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हुआ है, वाट्सएप पर जरूर पड़ा है। पत्र डाक से भेजा गया होगा इसलिए नहीं मिला है।