Home Blog Page 210

अलग-अलग तालाबों में दो शव मिलने से फैली सनसनी

0

 

पुलिस की प्रारंभिक जांच में मृत युवकों की नहीं हो सकी पहचान

बेनीसागर तालाब में मिले मृतक के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान

पन्ना। रडार न्यूज    शहर के बेनीसागर और लोकपाल सागर तालाब में गुरूवार 30 अगस्त 2018 की सुबह दो युवकों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोनों मृतकों की पहचान नहीं हो सकी। इनकी आयु करीब 25-30 वर्ष होने का अनुमान है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर यह पता नहीं चल सका कि दोनों युवक किसी हादसे का शिकार होकर पानी में डूबे हैं या फिर उन्होंने आत्महत्या की है अथवा उनकी हत्या की गई है। दोनों ही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने हर एंगल से इनकी जांच शुरू कर दी है। कोतवाली थाना निरीक्षक अरविंद कुजूर और एफएसएल अधिकारी महेंद्र सिंह द्वारा बेनीसागर और लोकपाल सागर तालाब पहुंचकर दोनों शवों और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया गया।

पन्ना के लोकपाल सागर तालाब में मिला युवक का शव।

शव जिस हालत में पाए गए उसकी वीडियो और फोटोग्राफी कराई गई। इन दोनों शवों को नगर पालिका के सफाई कर्मियों की मदद से पुलिस द्वारा पानी से बाहर निकाला गया। बेनीसागर तालाब में जिस युवक का शव मिला है उसके चेहरे और शरीर पर चोट के निशान और ब्लड पाया गया। शव की स्थिति को देखकर यह प्रतीत हो रहा है कि उक्त युवक की संदिग्ध मौत 24 घंटे के अंदर हुई है। गौर करने वाली बात यह है कि युवक की पेंट नीचे से ऊपर की और मुड़ी है। जैसा कि आमतौर पर लोग उथले पानी में उतरने पर कपड़ों को गीला होने से बचाने के लिए करते हैं। अज्ञात मृतकों की पहचान के लिए पुलिस ने उनके फोटो जारी किये हैं। जबकि लोकपाल सागर तालाब से जो शव बरामद हुआ है वह काफी फूल चूका है। ऐसा अनुमान है कि इस युवक की मौत करीब 2-3 दिन पूर्व हुई है। पुलिस ने इन घटनाओं पर मर्ग कायम कर अपनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मृतकों की शिनाख्त होने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विवेचना पूर्ण पर ही उनकी मौत के वास्तविक कारण का पता चल पायेगा।

सुरक्षा दीवार ना होने से हुई मौत !

पन्ना के बेनीसागर तालाब में मिला युवक का शव।

बेनीसागर तालाब में जिस जगह युवक का शव मिला है वहां समीप ही अंग्रेजी शराब दुकान स्थित है। शाम के समय शराब खरीदने के बाद उसे पीने के लिए तालाब किनारे पियक्क्ड़ों की अच्छी खासी भीड़ रहती है। कुछ समय पूर्व तालाब की सुरक्षा दीवार गिर चुकी है। जिससे वहां बैठना काफी जोखिम भरा हो गया है। आज बेनीसागर तालाब में शव मिलने के बाद कुछ लोग यह आशंका जता रहे हैं कि शराब के नशे में पानी में गिरने से उक्त युवक की मौत हुई है। इस आशंका में कितनी सच्चाई है यह तो बाद में पता चलेगा बहरहाल मुख्य सड़क किनारे स्थित इस तालाब के किनारे शीघ्र ही मजबूत सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई तो यहां किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

नाबालिग से बलात्कार के मामले में कोर्ट सख्त | पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट अस्वीकार, संज्ञान लिया प्रकरण

0
जिला एवं सत्र न्यायालय पन्ना का फाइल फोटो।

विशेष न्यायाधीश पन्ना अमिताभ मिश्रा ने दिया महत्वपूर्ण आदेश

डीएनए रिपोर्ट निगेटिव आने पर पुलिस ने पेश किया था खात्मा प्रतिवेदन

पन्ना। रडार न्यूज    मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में नाबालिग से बलात्कार के एक प्रकरण में निगेटिव आई डीएनए रिपोर्ट को आधार बनाकर सलेहा थाना पुलिस द्वारा क्लोजर रिपोर्ट पेश करते हुए मामले में खात्मा लगाने प्रस्तुत किये गए प्रतिवेदन को न्यालय ने अस्वीकार कर दिया है। करीब तीन वर्ष पुराने इस प्रकरण की क्लोजर रिपोर्ट का गहन परीक्षण करने और पीड़िता व उसके माता-पिता के बयानों को दृष्टिगत रखते हुए विशेष न्यायाधीश पन्ना अमिताभ मिश्रा ने पाया कि आरोपी भूरी ऊर्फ कुंजबिहारी पाण्‍डेय पिता कृष्‍ण मोहन पाण्‍डेय के विरुद्ध मामला चलाने के पर्याप्त आधार हैं। फलस्वरूप न्यालय ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को ठुकराते हुए इस प्रकरण को संज्ञान लिया है। न्यालय के इस महत्वपूर्ण आदेश से बलात्कार पीड़िता और उसके परिजनों में न्याय मिलने की उम्मीद जागी है। वहीं नाबालिग ने कोर्ट से पुनः डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी आशुतोष कुमार दिवेदी ने जानकारी देते बताया कि जिले के सलेहा थाना क्षेत्र की एक गर्भवती नाबालिग को 7 दिसम्बर 2015 को पेट दर्द के चलते सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र देवेन्‍दनगर में भर्ती कराया गया था। जहां उसके 5-6 माह के शिशु का गर्भपात हो गया था।

फीमर बोन और डीएनए की कराई थी जांच

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र से मिली तहरीर के आधार पर पुलिस ने जब उक्त अविवाहित किशोरी से उसके गर्भवती होने के संबंध में पूंछतांछ की तो उसने बताया कि गांव के ही दबंग भूरी ऊर्फ कुंजबिहारी पाण्‍डेय पिता कृष्‍ण मोहन पाण्‍डेय ने उसके साथ बलात्कार किया था। जिसके बाद उसे गर्भ ठहर गया। इस घटना के संबंध में किसी को भी बताने पर आरोपी ने उसे व उसके परिवार वालों को जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में पीड़िता के मृत शिशु का शव परीक्षण और पीड़िता के मेडीकल परीक्षण उपरांत थाना सलेहा द्वारा आरोपी के खिलाफ बलात्कार का मामला पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण की जांच करते हुए पुलिस द्वारा पीड़िता के माता-पिता और अन्‍य साक्षियों के बयान दर्ज किये गए। पुलिस ने मृत नवजात शिशु के फीमर बोन और आरोपी भूरी पाण्‍डेय एवं पीड़िता की एफएसएल सागर से डीएनए फिंगर प्रिटिंग यूनिट से जाँच कराई गई। डीएनए रिपोर्ट में यह बताया गया कि पीड़िता नवजात शिशु की जैविक माता है किन्‍तु आरोपी भूरी पाण्‍डेय नवजात शिशु का जैविक पिता नहीं है। इसी आधार पर थाना सलेहा के द्वारा प्रकरण में खात्‍मा प्रतिवेदन माननीय न्‍यायालय के समक्ष प्रस्‍तुत किया गया। इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए आरोपी के विरुद्ध पुलिस को पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण प्रकरण में खात्मा लगाने की अपील कोर्ट से की गई।

आरोपी ने बताया था, बदलवा दिया ब्लड सैंपल

पुलिस द्वारा क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के पूर्व इस मामले में पीड़िता व उसके माता-पिता के बयान हुए थे। अभियोजन अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह द्वारा कथन करवाये गये थे। जिसमें पीड़िता के द्वारा आरोपी भूरी पाण्‍डेय के द्वारा बलात्‍कार किये जाने की बात बताई गयी, उसके माता-पिता के द्वारा भी न्‍यायालय के समक्ष हुये कथन में आरोपी भूरी पाण्‍डेय के द्वारा उसकी पुत्री के साथ बलात्‍कार किये जाने की बात बताई है। नाबालिग ने अपने कथन में यह भी बताया कि आरोपी ने उससे कहा था कि उसने ब्‍लड सेंपल बदलवा दिया है और जब मैं न्‍यायालय कथन देने आ रही थी तब आरोपी रास्ते में मिला और धमकी दिया की पन्‍ना बयान देने मत जाओ। नहीं तो ट्रेक्‍टर चढवाकर तुम लोगों को खत्‍म कर दूंगा। पीड़िता ने न्यालय से अनुरोध किया कि ब्‍लड सैंपल की दोबारा जाँच कराई जाये।

इस आधार पर दिया केस चलाने का आदेश

सांकेतिक फोटो।

पुलिस के खात्मा प्रतिवेदन का अवलोकन करने के पश्चात् विशेष न्यायाधीश पन्ना अमिताभ मिश्रा ने अपने आदेश में यह लेख किया है कि- कोई भी अविवाहित नाबालिग लड़की और उसके माता-पिता सील को दांव पर लगाकर बलात्‍कार जैसे गंभीर अपराध में किसी को झूंठा नहीं फंसाना चाहेंगें। पीड़िता ने खात्‍मा प्रतिवेदन पर अपने साक्ष्‍य में यह प्रकट किया है कि आरोपी के द्वारा पैसे तथा प्रभाव का इस्‍तेमाल करते हुये ब्‍लड सैंपल को बदलवा दिया गया है। इन परिस्थितियों में डीएनए प्रोफाइल में नकारात्‍मक रिपोर्ट की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। न्‍यायालय ने थाना सलेहा के खात्‍मा प्रतिवेदन को अस्‍वीकार करते हुये केस डायरी में संलग्‍न दस्‍तावेजी साक्ष्‍य, पीड़िता व उसके माता-पिता के कथनों के आधार पर आरोपी भूरी ऊर्फ कुंज बिहारी पाण्‍डेय के विरूद्ध धारा 376,506 भादवि एवं 5/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के अर्न्‍तगत अपराध का संज्ञान लिया गया है।

सीएम शिवराज सिंह का दावा | हमने बदहाल प्रदेश को खुशहाल बनाया

0
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सागर जिले के सुरखी में लगभग 171 करोड़ रूपये लागत की जैरा सिंचाई परियोजना का शिलान्यास किया।

सुरखी में 300 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का शिलान्यास

मुख्यमंत्री द्वारा सुरखी को नगर पंचायत बनाने एवं आईटीआई खोलने की घोषणा

भोपाल। रडार न्यूज     मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीबी हटाने के हमने केवल नारे नहीं दिये, बल्कि गरीबों की जिन्दगी में खुशहाली लाने के ठोस इन्तजाम किये हैं। विकास के साथ जनता की जिन्दगी बदलने का अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान बुधवार को सागर जिले के सुरखी में जेरा मध्यम सिंचाई परियोजना सहित 300 करोड़ रूपये के विकास कार्यों के भूमि-पूजन अवसर पर बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने सुरखी को नगर पंचायत बनाने एवं सुरखी में आईटीआई खोलने की घोषणा की।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमें डेढ़ दशक पहले बदहाल एवं बर्बाद प्रदेश मिला था, जिसमें न सड़कें थी, न सिंचाई के साधन थे, न बिजली थी, शिक्षा व्यवस्था चौपट थी, बच्चों का भविष्य अंधकार में था और लोगों की जिन्दगी में अंधेरा छाया हुआ था। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि हमने बदहाल प्रदेश को खुशहाल बनाया है। उन्होंने प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए लोगों से आग्रह किया कि योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने बताया कि समाज के कमजोर वर्ग को मूलभूत सुविधाऐं उपलब्ध कराने के लिये संबल योजना आंरभ की गयी है। गरीब परिवारों के भारी भरकम बिजली के बिल माफ कर उन्हे मात्र दो सौ रूपये प्रतिमाह के मान से बिजली देने का निर्णय लिया गया है। श्री चौहान ने इस मौके पर प्रदेश की तरक्की के लिये अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

171 करोड़ की सिंचाई परियोजना का भूमिपूजन 

इस दौरान श्री चौहान ने कहा कि किसानों को जितना पैसा इस सरकार ने दिया है उतना उन्हें कभी नहीं मिला। हमने किसानों को उनके पसीने की पूरी कीमत देने की व्यवस्था की है। इन सिंचाई परियोजनाओं से बुंदेलखण्ड की खेती-किसानी की तस्वीर बदल जायेगी। उन्होंने 171 करोड़ रूपये के जेरा मध्यम सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन किया इससे लगभग 50 हजार एकड़ भूमि की सिंचाई होगी। साथ ही उन्होंने 13.86 करोड़ रूपये की कालीपठार सिंचाई परियोजना एवं 12.75 करोड़ रूपये की पड़रियाकलॉ बांध का भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक श्रीमती पारूल साहू ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार, गृह एवं परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह, राज्यसभा सांसद प्रभात झा, सागर सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, दमोह सांसद प्रहलाद पटेल, बण्डा विधायक हरवंश सिंह राठौर, नारायण प्रसाद कबीरपंथी, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती लता वानखेड़े सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

जिले के 400 से अधिक प्राइवेट स्कूल क्यों बंद रहे !

0

फीस नियंत्रण अधिनियम समेत 1 एकड़ भूमि की अनिवार्यता का किया विरोध

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम मांगो को लेकर सौंपा ज्ञापन

पन्ना। रडार न्यूज     मध्य प्रदेश प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार 29 अगस्त 2018 को पन्ना जिले के करीब 400 से अधिक निजी स्कूल शासन के विभिन्न नियम-कानूनों के विरोध स्वरुप बंद रहे। इसकी पूर्व सूचना के चलते आज बच्चे आज अपने घरों में ही रहे। फलस्वरूप प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। प्राइवेट स्कूलों के संचालक लंबे समय से स्कूलों की मान्यता, संचालन और फीस नियंत्रण अधिनियम समेत अन्य प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि सरकार के अव्यवहारिक नियम-कानूनों के कारण प्राइवेट स्कूल संचालित करना बेहद कठिन हो गया। इसके खिलाफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन जिला इकाई पन्ना के तत्वाधान में प्राइवेट स्कूलों कें संचालको द्वारा मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से एक ज्ञापन प्रेषित किया है। रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे प्राइवेट स्कूलों कें संचालको द्वारा यहां कलेक्टर के प्रतिनिधि को अपना ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें मुख्य रूप से फीस अधिनियम 2018 का विरोध, आर.टी .आई के अंतर्गत प्राईवेट स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों की फीस की प्रतिवर्ष प्रतिपूर्ति करने, प्राइवेट स्कूल संचालन हेतु मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 1 एकड़ भूमि की अनिवार्यता को समाप्त करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से संघ के अध्यक्ष मनीष यादव, संरक्षक आरबी सिंह सेंगर, नईम खान, सचिव प्रवीण यादव, प्रतिपाल सिंह, आर.बी. पटेल, दिनेश कुमार सिंह, संतराम, लोकेंद्र सिंह, सरोज मिश्रा सहित जिले के सहित के सभी प्राइवेट विद्यालयों के संचालक उपस्थित रहे।

रेंज ऑफिस का घेराव कर कांग्रेसियों के साथ ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

0

कचनारी ग्राम में पन्ना टाईगर रिज़र्व की कार्रवाई से उपजा आक्रोश

वन अमले ने गरीबों के झोपड़े तोड़े और वर्षों से काबिज भूमि से किया बेदखल

अमानगंज। रडार न्यूज     पन्ना टाईगर रिज़र्व का वन परिक्षेत्र अमानगंज बफर इन दिनों सुर्खियों में है। यहां पिछले दिनों ग्राम कचनारी में निर्मित गरीबों के झोपड़ों को वन भूमि में अतिक्रमण बताकर बगैर नोटिस दिए बारिश के मौसम में तोड़ने की कार्रवाई से उपजा आक्रोश अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि इस बीच ग्राम मोहार निवासी केशव बंजारा के विरुद्ध नीलगाय के शिकार का कथिततौर पर फर्जी प्रकरण बनाये जाने से नाराज ग्रामीण सड़कों पर उतर आये हैं। वन परिक्षेत्र अमानगंज बफर से सटे ग्रामों के वाशिंदों का आरोप है कई दशकों से वे जिस भूमि में रह रहे या खेती कर रहे हैं उससे बेदखल करने की सुनियोजित साजिश के तहत उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। पीटीआर के इस अत्याचार के खिलाफ नगर कांग्रेस कमेटी अमानगंज के नेतृत्व में वन क्षेत्र के ग्रामों से सटे रहवासियों और प्रभावित लोगों ने गत दिनों पुलिस थाना अमानगंज और फिर अगले दिन रेंज ऑफिस का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया।

डिप्टी रेंजर के खिलाफ दर्ज हो प्रकरण 

हल्ला बोल रैली निकलकर कांग्रेस नेताओं के साथ रेंज ऑफिस अमानगंज पहुंचे ग्रामीणों ने वहां डिप्टी रेंजर आरपी प्रजापति और कुछ वनकर्मियों पर उनके साथ मारपीट करने फर्जी वन अपराध दर्ज कर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाते हुए तीखी नारेबाजी की गई। नगर पंचायत अध्यक्ष अमानगंज हक्कुन दहायत ने मांग है कि ग्रामीणों के विरुद्ध दर्ज फर्जी मामले वापिस लिए जायें और उनके साथ मारपीट करने वाले डिप्टी रेंजर आरपी प्रजापति और वनकर्मियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाये। रेंज ऑफिस में प्रदर्शन के दौरान चुनाव अभियान समिति सदस्य शिवजीत सिंह ने अपने उद्बोधन में संपूर्ण घटनाक्रम को गरीबों के साथ जुल्म करार देते हुए कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री अपने भाषणों में कहते हैं कि उनके रहते हुए कोई भी गरीब की झोपड़ी को हाँथ नहीं लगा सकता। गरीबों को उनके कब्जे की भूमि पट्टा दिया जायेगा। जबकि इसके विपरीत भाजपा सरकार में निरंकुश अफसर कानून का दुरूपयोग कर गरीबों को बेघर करने का अभियान चला रहे हैं।

शिवराज की कथनी-करनी में अंतर

युवक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष वैभव थापक ने कहा कि गरीबों के हक़ की लड़ाई जिला स्तर पर लड़ी जायेगी, हम सब आपके साथ है। कार्यक्रम का नेतत्व कर रहे नगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष वसीम खान ने आरोप लगाते हुए कहा कि डिप्टी रेंजर द्वारा ग्राम कचनारी दहशत का माहौल बना कर गरीब लोगों से रुपयों की मांग की जा रही है। रुपये न देने पर मिलने पर रेंजर द्वारा मारपीट एवं फ़र्ज़ी केश बनाकर निर्दोष लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। यह घोर निंदनीय और आपत्तिजनक है। गरीबों को षड़यंत्रपूर्वक उनके कब्जे की भूमि से बेदखल करने से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार की कथनी-करनी के अंतर को गरीब समझ चुके है। आगामी समय में इसका करारा जबाब झूठी सरकार को दिया जायेगा। धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन सौंपने वालों में में मुख्य रूप से आईटी सेल अमानगंज ब्लाक अध्यक्ष विनय दहायत, नगर कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष अभिषेक दिवेदी, अजयवीर सिंह, भूपेंद्र सिंह, आशीष बागरी, पूर्व विधायक फुंदर चौधरी, भभूत सिंह, अंगद प्रजापति, सतीश दुबे, अभिषेक दिवेदी, जीतेंद्र दिवेदी सिरी, प्रमोद तिवारी, राधा चौधरी, लक्ष्मी दहायत, सौरभ दुबे, गजराज सिंह, मुन्ना महाराज, संदीप तिवारी, नितेश पांडेय, लक्ष्मी चौबे एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।

इनका कहना है-   कुछ लोग अपने अतिक्रमण को बचाने के लिए मेरे विरुद्ध झूठे आरोप लगा रहे हैं। भले ही वे वर्षों से भूमि पर काबिज हैं लेकिन उनके पास इसका कोई प्रमाणित साक्ष्य नहीं है। कचनारी की भूमि की वस्तुस्थिति की जाँच हेतु संयुक्त सर्वे के लिए राजस्व को भी लेख किया गया है। केशव के ऊपर संदेह होने पर शिकार का प्रकरण दर्ज किया गया है।

आरपी प्रजापति, डिप्टी रेंजर अमानगंज।

फॉरेस्ट की सीमा चिन्हित है और हर जगह हमारे पक्के मुनारे बने हैं। सिर्फ संदेह के आधार पर किसी के विरुद्ध वन अपराध दर्ज नहीं किया जा सकता है, जब तक कि संबंधित के विरुद्ध ठोस साक्ष्य न हो। क्योंकि दर्ज प्रकरण को न्यालय में सिद्ध करना पड़ता है। इस मामले में डिप्टी रेंजर अमानगंज से बात करूंगा यदि कोई गलती पाई गई तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

के. एस. भदौरिया, सीसीएफ पन्ना टाईगर रिज़र्व।

एनएमडीसी ने जिला चिकित्सालय के लिए स्वीकृत किये 13 लाख | पहली किस्त में दिया 6 लाख 75 हजार का चेक

0
पन्ना एसडीएम बी.बी. पांडे को स्वीकृत राशि की प्रथम किश्त का चेक सौंपते हीरा खनन परियोजना के उप महाप्रबंधक कार्मिक बी.के. माधव।

विधुत जीर्णोद्धार कार्यों के लिए स्वीकृत की गई अनुदान राशि

मझगवां (पन्ना)। रडार न्यूज   नैगम सामाजिक दायित्व के निर्वहन में सदैव अग्रणी रहने वाली एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खनन परियोजना द्वारा परिक्षेत्र में बुनियादी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में सहयोग करने के साथ-साथ यहां के लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी केंद्र में रखकर अनेक कार्य किये जा रहे हैं। एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना ने नैगम सामाजिक दायित्व (सी.एस.आर.) मद के तहत कुछ दिन पूर्व जिला चिकित्सालय पन्ना को नवीन शव वाहन प्रदान करने के पश्चात वहां विधुत जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 13 लाख 50 हजार की अनुदान राशि स्वीकृत की है ।

सीएसआर मद से स्वीकृत इस राशि की प्रथम क़िस्त के रूप में जिला चिकित्सालय पन्ना के प्रबंधन को जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के माध्यम से 6 लाख 75 हजार रुपये का चेक सौंपा गया है। सोमवार 27 अगस्त 2018 को पन्ना कलेक्टरेट कार्यालय परिसर में एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना के उप महाप्रबंधक कार्मिक बी.के. माधव ने जिला अस्पताल पन्ना के सिविल सर्जन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.एस. उपाध्याय की उपस्थिती में एसडीएम पन्ना बी.बी. पांडे को स्वीकृत राशि की प्रथम किश्त के रूप में 6 लाख 75 हजार रुपये का चेक सौंपा। जिला रोगी कल्याण समिति जिला चिकित्सालय पन्ना को प्रदान किए गए इस राशि से पन्ना जिला अस्पताल में वैद्युतिक जीर्णोद्धार कार्यों को पूरा किया जाएगा ।

इस अवसर पर जिला अस्पताल पन्ना के प्रशासक हरीशंकर त्रिपाठी उपस्थित थे । मालूम हो कि हाल ही में जिला कलेक्टर मनोज खत्री ने जिला रोगी कल्याण समिति पन्ना की कार्यकारिणी समिति का गठन किया था, जिसके अंतर्गत परियोजना प्रबंधक एनएमडीसी लिमिटेड को इस समिति में सदस्य बनाया गया है । उल्लेखनीय है कि “हीरक जयंती वर्ष” में प्रवेश कर चूकी सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड की मझगवां पन्ना में स्थापित हीरा खनन परियोजना जिले के विकास हेतु समय-समय पर जिला प्रशासन को अपना सहयोग प्रदान करती आई है और परिक्षेत्र विकास के लिए सदैव तत्पर रहती है ।

एटीपी मशीन से लाखों रूपए की सनसनीखेज चोरी | बिजली कंपनी ऑफिस की घटना

0

लॉकर में रखे छोटे नोटों की कुछ गड्डियाँ छोड़ गए चोर

बिजली बिलों के जमा का दो दिन से ऑफिस में रखा था कैश

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बिजली कंपनी के ऑफिस में स्थापित बिजली बिल जमा करने वाली एटीपी मशीन का लॉकर खोलकर अज्ञात आरोपियों द्वारा लाखों रुपये की चोरी करने की सनसनीखेज घटना से हड़कंप मचा है। चोरी की इस हैरान करने वाली वारदात को शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात्रि बड़े ही शातिर तरीके से अंजाम दिया गया। रविवार 26 अगस्त 2018 की सुबह करीब 8 बजे एटीपी मशीन का ऑपरेटर वीरेंद्र कुमार गौतम रोज की ही तरह पन्ना के आगरा मोहल्ला पुराना पावर हाऊस चौराहा किनारे स्थित विधुत कंपनी के संभागीय कार्यालय में जब ड्यूटी पर पहुंचा तो उसे मशीन रूम का लॉक टूटा हुआ मिला। वहीं रूम के अंदर एटीपी मशीन का लॉकर खुला था और उसमें रखा लाखों रुपये का कैश गायब था। यह नजारा देख ऑपरेटर वीरेंद्र कुमार गौतम के होश उड़ गए। आनन-फानन में उसके द्वारा मध्य पूर्व क्षेत्र विधुत वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को मोबाइल फोन पर घटना की सूचना दी गई। रक्षाबंधन का त्यौहार और छुट्टी का दिन होने के कारण कुछ देर बाद विधुत कंपनी के अधिकारी संभागीय कार्यालय पहुंचे जहां घटना की जानकारी लेने के बाद कोतवाली थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई। दलबल के साथ विधुत कंपनी ऑफिस पहुंचे कोतवाली थाना टीआई अरविंद कुजूर ने पुलिस डॉग से घटनास्थल का निरिक्षण कराया साथ ही एफएसएल टीम द्वारा सूक्ष्म अवलोकन कर अज्ञात आरोपियों के फिंगर प्रिंट, मौके पर मौजूद साक्ष्य का संकलन किया गया। घटनास्थल की फोटो और वीडियोग्राफ़ी भी कराई गई।

सुरक्षा के नहीं थे इंतजाम

मध्य पूर्व क्षेत्र विधुत वितरण कंपनी संभागीय कार्यालय पन्ना के कार्यपालन अभियंता ओ. पी. सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि एटीपी मशीन के लॉकर से 6 लाख 74 हजार रुपये चोरी हुए हैं। उक्त राशि पन्ना शहर के विधुत उपभोक्ताओं द्वार जमा की गई थी। उल्लेखनीय है कि एटीपी मशीन के माध्यम से विधुत बिल जमा करने का ठेका पन्ना में दिल्ली की कंपनी टीएसआई का है। नियमानुसार कंपनी के कर्मचारी प्रतिदिन जितना कैश जमा करते हैं उसे शाम को विधुत कंपनी के कैशियर को सौंप देते हैं और फिर वह बैंक में जाकर जमा कर देता है। लेकिन पिछले दो दिनों से बिल जमा राशि की नकदी कैशियर के हैंडओवर नहीं की गई थी। कंपनी की ओर से कोई सुरक्षा गार्ड और ऑफिस में रात्रि में चौकीदार तैनात न होने के बाद भी वहां दो दिन के विधुत बिल कलेक्शन की इतनी बड़ी राशि सिर्फ कमरे के ताले और लॉकर के भरोसे रखी गई। जबकि सबको पता था कि उक्त इलाका गंभीर अपराधों के लिहाज से संवेदनशील है। फिर भी बगैर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के इतना बड़ा जोखिम उठाया गया।

एटीपी मशीन के लॉकर में रखीं छोटे नोटों की गड्डियां जिन्हें चोर आश्चर्यजनक रूप से छोड़ गये।

गौर करने वाली बात है कि एटीपी मशीन रूम का लॉक तोड़ा गया जबकि ऐसा प्रतीत होता है कि मशीन के लॉकर जिसमें कैश रखा था उसे चाबी से खोलकर रुपये निकाले गये। चोरी की घटना के सामने आने के बाद इसकी टाइमिंग को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। चोरी तब हुई जब वहां कैश अधिक था। संदेह यह भी है कि अज्ञात चोरों को इसकी जानकारी थी। लाखों रुपये की चोरी की की इस घटना में छोटे नोटों की 4-5 गड्डियां अपराधियों द्वारा आश्चर्यजनक रूप से लॉकर में छोड़ जाने से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह प्रोफेशनल चोरों का काम नहीं है। उधर इन सब बातों के फैलने से घटना में किसी जानकर का हांथ की आशंका को लगातार बल मिल रहा। चर्चा यह भी है कि मशीन रूम का लॉक अंदर से ही तोड़ा गया है। बहरहाल इससे विधुत कंपनी और एटीपी ठेका कंपनी के कर्मचारियों में भी अंदरखाने खलबली मची है। पुलिस द्वारा एटीपी ठेका कंपनी के कर्मचारियों से गहन पूंछतांछ भी की जा रही है।

सक्रिय हुए अपराधी पुलिस इंट्री वसूली में मस्त

घटना के संबंध में मीडियाकर्मियों को जानकारी देते अरविंद कुजूर निरीक्षक एवं समीप खड़ी कोतवाली थाना पन्ना की पुलिस टीम।

एटीपी मशीन से लाखों रुपये की चोरी होने के मामले में कोतवाली पुलिस की रात्रि गश्त पर भी लोग गंभीर सवाल उठा रहे हैं। शहर की हर गली में अवैध शराब-गांजा की बिक्री, क्रिकेट सट्टा, जुआ के फड़ों, शराबियों के उत्पात आदि को लेकर वैसे भी लोगों में कोतवाली पुलिस की भूमिका को लेकर असंतोष व्याप्त है। उल्लेखनीय है कि अजयगढ़ कस्बा के स्टेट बैंक में पिछले महीने एक ग्राहक के थैले में रखे 50 हजार रुपये अज्ञात चोर बड़े ही शातिर तरीके से चुरा ले गए थे। दिनदहाड़े बैंक के अंदर हुई इस घटना के आरोपी अब तक पकड़े नहीं गये। वहीं कुछ दिन पूर्व पन्ना कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत दहलानचौकी में दो बदमाशों ने कट्टे की नोंक पर एक दंपत्ति से लूटपाट की थी। इन तमाम सनसनीखेज घटनाओं से साफ है कि पन्ना जिले में पुलिस की घोर निष्क्रियता के चलते अपराधी पुनः सक्रिय हो गये हैं। अपराधी जिस बेखौफ अंदाज में एक के बाद एक वारदातों को बड़ी आसानी से अंजाम दे रहे हैं, इसका मुख्य कारण पुलिस का अपने मूल कार्य पर ध्यान केंद्रित ना होकर वा मालवाहक वाहनों से इंट्री शुल्क वसूली में व्यस्त होना है। पन्ना शहर हो या आंचलिक थानों की पुलिस प्रतिदिन रात्रि में वाहन चैकिंग के नाम पर वसूली का खेल चल रहा है। नोट छापने के चक्कर में रात्रि गश्त दिखावे तक सिमट गई है, इस पर किसी का ध्यान ही नहीं है। इस बीच जब कोई घटना हो जाती है तो थानों के प्रभारी अपनी कारगुजारियों को छिपाने के लिए पुलिस बल की कमी का रोना रोने लगते हैं।

इनका कहना है – “चोरी की घटना जिन परिस्थितियों में हुई और घटनास्थल पर जो कुछ पाया गया उससे प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि इसमें किसी जानकर का हांथ हो सकता है। फिर भी हम हर एंगल से घटना की जांच कर रहे हैं। कुछ कर्मचारियों से भी पूंछतांछ की गई है, सबकुछ सही रहा तो इस चुनौतीपूर्ण घटना का शीघ्र ही खुलासा किया जायेगा।

अरविंद कुजूर निरीक्षक कोतवाली थाना पन्ना।

बहिनों ने भाई की कलाई पर रेशम की डोर से बाँधा प्यार

0

देवेन्द्रनगर में परम्परागत तरीके से मनाया गया रक्षाबंधन

भाइयों ने सुरक्षा के वचन के साथ बहनों को दिए उपहार

देवेन्द्रनगर। रडार न्यूज     भाई-बहिन के पवित्र और भावनात्मक प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन श्रावण माह की पूर्णिमा के दिन रविवार को पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर में परम्परागत तरीके से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रक्षाबंधन के दिन बहिनों ने भाइयों की कलाई पर रेशम की डोर बांधकर भाई-बहिन के अटूट रिश्ते को और अधिक मजबूत बनाया। वहीं इस अवसर पर भाइयों ने बहिनों को रक्षा का वचन देते हुए उन्हें उपहार भेंट किये। भाई बहिन के पवित्र प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का विशेष महत्व स्नेह और उत्साह के पर्व के रूप में है। यह साहस,शक्ति,विजय और प्रतिज्ञा का प्रतीक है।यह पवित्र त्योहार भाई बहिन के रिश्ते को सम्पूर्ण सम्मान और स्नेह देता है। शायद इसलिए हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रक्षाबंधन का त्यौहार को लेकर भाई बहिनों में अपार उत्साह देखा गया। अन्य त्यौहारों के स्वरूप में भले ही काफी बदलाव आया हो पर भाई बहिन की राखी बांधने की परंपरा आज भी जीवित है। रविवार की सुबह बहिनों ने पूजा अर्चना कर भाई की दीर्घायु के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।ततपश्चात बहिनों ने भाई को तिलक लगाकर उनकी दाहिनी कलाई पर स्नेहरूपी रक्षासूत्र बाँधा और फिर भाइयों का मुंह मीठा कराया। रक्षासूत्र बांधते समय भाई बहिन के पवित्र,भावनात्मक और निश्छल प्रेम की अभिव्यक्ति रेशम की डोर में बंधे इस रिश्ते का सुखद अहसास करा रही थी। भाइयों ने राखी बंधवाने के बाद बहिनों को उपहार देकर उनकी खुशी को दुगुना कर दिया। वहीं रक्षाबंधन त्योहार में बसों में गन्तव्य स्थान में जाने के लिए काफी भीड़ देखी गयी। वहीं मिठाइयों,किराना, वस्त्रों एवं जनरल स्टोर की दुकानों में महिलाओं की भीड़ थी। मैन तिराहे पर लगने वाली दुकानों में चहल पहल देखने को मिली। कुल मिलाकर बहना ने भाई की कलाई में राखी बांधकर अटूट रिश्ते को जीवंत रखा।

स्टूडेंट्स के साथ शिक्षकों और अधिकारियों ने झाड़ू लगाकर की सड़क की सफाई

0
डीएव्ही स्कूल के सामने झाड़ू लगाकर सड़क की सफाई करते स्टूडेंट्स, शिक्षक और हीरा खनन परियोजना के अधिकारी-कर्मचारी।

हीरा खनन परियोजना मझगवां में ‘स्वच्छता सप्ताह’ का शुभारंभ

राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत शपथ लेकर “स्वच्छता के लिए किया श्रमदान”

मझगवां (पन्ना)।      इस्पात मंत्रालय के तत्वावधान में और ‘राष्ट्रव्यापी स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत एनएमडीसी लिमिटेड, हीरा खनन परियोजना में दिनांक 24 से 31 अगस्त 2018 तक ‘स्वच्छता सप्ताह’ आयोजित किया जा रहा है । परियोजना परिसर में स्थित डीएव्ही. पब्लिक स्कूल मझगवां के सामने सप्ताह-व्यापी स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया गया । इस अवसर पर परियोजना प्रबंधन समिति के सदस्य उप महाप्रबंधक के. चंद्रशेखर, उप महाप्रबंधक कार्मिक बी.के. माधव, उप महाप्रबंधक खनन डी. मैति, परियोजना के सभी विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी, श्रमिक संघों के महामंत्री समर बहादुर सिंह और शहजाद खान, डीएव्ही स्कूल के प्राचार्य पी.सी. सिंह, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे । कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए उप महाप्रबंधक कार्मिक बी.के. माधव ने सभी को ‘स्वच्छता शपथ’ दिलाई गई।

‘राष्ट्रव्यापी स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत सभी को ‘स्वच्छता शपथ’ दिलाते उप महाप्रबंधक कार्मिक बी.के. माधव।

इसके पश्चात स्वैच्छिक श्रमदान करते हुए एकत्रित जनसमूह ने विद्यालय के आस-पास के क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया गया । स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों और हीरा खनन परियोजना के अधिकारियों-कर्मचारियों ने हाँथ में झाड़ू थामकर संयुक्त रूप से सड़क की साफ़-सफाई करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। स्वच्छता सप्ताह के अंतर्गत परियोजना परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा । विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए डी.ए.व्ही. स्कूल सहित समीपवर्ती शासकीय हाईस्कूल, मिडिल स्कूल और प्राथमिक पाठशालाओं में विविध प्रतियोगिताओं सहित जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है । उल्लेखनीय है कि हीरा खनन परियोजना की टाउनशिप समूचे पन्ना जिले में बेहतर साफ़-सफाई, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, जल निकासी की समुचित व्यवस्था और अपनी हरियाली के लिए जानी जाती है। इस विशेष ‘स्वच्छता सप्ताह’ के चलते परियोजना परिसर में स्वच्छता पर कहीं अधिक ध्यान देने के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ जीवन के लिए इसे अपनाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

तंत्र की उपेक्षा से निराश जन का ऐलान | विधानसभा चुनाव का पुनः करेंगे बहिष्कार

0
जिला पंचायत उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपते गौरा के ग्रामीण।

गौरा के ग्रामीणों ने मतदान ना करने का लिया सामूहिक निर्णय

देवेन्द्रनगर से गौरा ग्राम को पृथक कर पन्ना तहसील में जोड़ने सौंपा ज्ञापन

पन्ना। रडार न्यूज     वर्तमान व्यवस्था में लोक यानि आम आदमी की हैसियत लगातार तेजी से कमजोर हो रही है, इसके विपरीत तंत्र अर्थात शासन-प्रशासन में बैठे लोगों की व्यवस्था पर पकड़ बेहद मजबूत हो चुकी है। जिसका दुष्परिणाम यह है कि सत्तासीन आमजन के प्रति अपनी जिम्मेदारी और जबाबदेही से मुँह मोड़कर खुलकर मनमानी कर रहे है। जनसमस्याओं के समाधान से इन्हें कोई सरोकार नहीं है। यहां तक कि आश्वासन देने के बाद भी ये जनहित से जुड़ी जायज मांग को समय पर पूरा करने के प्रति ईमानदार नहीं हैं। इस अराजकतापूर्ण माहौल में चौतरफा घोर उपेक्षा, हताशा-निराशा और बेबसी के चलते जनमानस में लोकतंत्र के महापर्व यानि चुनाव में मतदान रुपी अपनी भागीदारी के प्रति अरुचि पैदा हो रही है। जनप्रतिनिधियों और व्यवस्था के द्वारा खुद को ठगा महसूस कर रहे लोगों की पीड़ा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें अपनी मांग को पूरा कराने के लिए चुनाव में सामूहिक रूप से मतदान का बहिष्कार करने का कठोर निर्णय लेना पड़ रहा है। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की देवेंद्रनगर तहसील के ग्राम गौरा का मामला इसका एक उदाहरण मात्र है। यहां के लोगों ने वर्ष 2013 की तरह एक बार फिर विधानसभा चुनाव में सामूहिक रूप से मतदान का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। इसका कारण इनकी समस्या का आज तक समाधान न होना है।

तहसील बदलने से बढ़ी मुश्किलें

दरअसल कुछ वर्ष पूर्व तक गौरा ग्राम पन्ना तहसील के अंतर्गत आता था। बाद में इसे देवेंद्रनगर तहसील में शामिल कर दिया गया। बस यहीं से गौरा के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई। बताते चलें कि गौरा से देवेंद्रनगर तहसील की दूरी करीब 60 किलोमीटर है जबकि पन्ना से यह महज 30 किलोमीटर दूर स्थित है। अर्थात देवेंद्रनगर की तुलना में पन्ना का फासला आधा है। इसके मद्देनजर गौरा के वाशिंदे लंबे समय से अपने गांव को देवेंद्रनगर तहसील से पृथक कर पन्ना तहसील में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि देवेंद्रनगर तक आवागमन के लिए सार्वजानिक परिवहन का कोई सीधा साधन उनके गांव से नहीं है। उन्हें पहले गुनौर जाना पड़ता है फिर वहां से ककरहटी या कटन होकर देवेंद्रनगर के लिए बस मिलती है। इस तरह आवागमन में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है साथ ही उनका समय और रुपया भी अधिक लगता है।

सांकेतिक फोटो।

देवेंद्रनगर तहसील मुख्यालय से दूरी अधिक होने और गौरा की भौगोलिक स्थिति के कारण यह गांव अलग-थलग सा पड़ गया है। इस समस्या का निराकरण न होने से नाराज ग्रामीणों ने वर्ष 2013 सामूहिक रूप से विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया था। तब गौरा ग्राम को पन्ना तहसील से जोड़ने का निर्णय लेकर तत्परता से इस समस्या का  समाधान करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन गहरी नींद में सो रहे जिला प्रशासन इन पांच वर्षों में गौरा ग्राम को पन्ना तहसील में शामिल कराने के लिए कुछ भी नहीं किया। जिससे क्षुब्ध ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव का एक बार फिर बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।

मांग पूरी न होने पर नहीं करेंगे मतदान

गौरा के ग्रामीणों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को अपनी समस्या के समाधान का अंतिम अवसर देते हुए यह ऐलान किया है कि चुनाव के पूर्व यदि उनके गांव को पन्ना तहसील में शामिल नहीं किया गया तो उन्हें पुनः विधानसभा चुनाव में मतदान का सामूहिक बहिष्कार करने के लिए विवश होना पड़ेगा। इस संबंध गत दिवस जिला पंचायत पन्ना के उपाध्यक्ष के नेतृत्व में कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। है। ज्ञापन सौंपने वालों में हरदेव सिंह, केदारप्रसाद, राजकुमार, बखत सिंह, रामबहोरी, सतेंद्र, गयाप्रसाद, संतोष सिंह, बैजनाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन समय रहते इस मांग को पूरा कर पता है या नहीं और गौरा के ग्रामीण मतदान को लेकर क्या फैसला लेते हैं।