एटीपी मशीन से लाखों रूपए की सनसनीखेज चोरी | बिजली कंपनी ऑफिस की घटना

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लॉकर में रखे छोटे नोटों की कुछ गड्डियाँ छोड़ गए चोर

बिजली बिलों के जमा का दो दिन से ऑफिस में रखा था कैश

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बिजली कंपनी के ऑफिस में स्थापित बिजली बिल जमा करने वाली एटीपी मशीन का लॉकर खोलकर अज्ञात आरोपियों द्वारा लाखों रुपये की चोरी करने की सनसनीखेज घटना से हड़कंप मचा है। चोरी की इस हैरान करने वाली वारदात को शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात्रि बड़े ही शातिर तरीके से अंजाम दिया गया। रविवार 26 अगस्त 2018 की सुबह करीब 8 बजे एटीपी मशीन का ऑपरेटर वीरेंद्र कुमार गौतम रोज की ही तरह पन्ना के आगरा मोहल्ला पुराना पावर हाऊस चौराहा किनारे स्थित विधुत कंपनी के संभागीय कार्यालय में जब ड्यूटी पर पहुंचा तो उसे मशीन रूम का लॉक टूटा हुआ मिला। वहीं रूम के अंदर एटीपी मशीन का लॉकर खुला था और उसमें रखा लाखों रुपये का कैश गायब था। यह नजारा देख ऑपरेटर वीरेंद्र कुमार गौतम के होश उड़ गए। आनन-फानन में उसके द्वारा मध्य पूर्व क्षेत्र विधुत वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को मोबाइल फोन पर घटना की सूचना दी गई। रक्षाबंधन का त्यौहार और छुट्टी का दिन होने के कारण कुछ देर बाद विधुत कंपनी के अधिकारी संभागीय कार्यालय पहुंचे जहां घटना की जानकारी लेने के बाद कोतवाली थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई। दलबल के साथ विधुत कंपनी ऑफिस पहुंचे कोतवाली थाना टीआई अरविंद कुजूर ने पुलिस डॉग से घटनास्थल का निरिक्षण कराया साथ ही एफएसएल टीम द्वारा सूक्ष्म अवलोकन कर अज्ञात आरोपियों के फिंगर प्रिंट, मौके पर मौजूद साक्ष्य का संकलन किया गया। घटनास्थल की फोटो और वीडियोग्राफ़ी भी कराई गई।

सुरक्षा के नहीं थे इंतजाम

मध्य पूर्व क्षेत्र विधुत वितरण कंपनी संभागीय कार्यालय पन्ना के कार्यपालन अभियंता ओ. पी. सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि एटीपी मशीन के लॉकर से 6 लाख 74 हजार रुपये चोरी हुए हैं। उक्त राशि पन्ना शहर के विधुत उपभोक्ताओं द्वार जमा की गई थी। उल्लेखनीय है कि एटीपी मशीन के माध्यम से विधुत बिल जमा करने का ठेका पन्ना में दिल्ली की कंपनी टीएसआई का है। नियमानुसार कंपनी के कर्मचारी प्रतिदिन जितना कैश जमा करते हैं उसे शाम को विधुत कंपनी के कैशियर को सौंप देते हैं और फिर वह बैंक में जाकर जमा कर देता है। लेकिन पिछले दो दिनों से बिल जमा राशि की नकदी कैशियर के हैंडओवर नहीं की गई थी। कंपनी की ओर से कोई सुरक्षा गार्ड और ऑफिस में रात्रि में चौकीदार तैनात न होने के बाद भी वहां दो दिन के विधुत बिल कलेक्शन की इतनी बड़ी राशि सिर्फ कमरे के ताले और लॉकर के भरोसे रखी गई। जबकि सबको पता था कि उक्त इलाका गंभीर अपराधों के लिहाज से संवेदनशील है। फिर भी बगैर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के इतना बड़ा जोखिम उठाया गया।

एटीपी मशीन के लॉकर में रखीं छोटे नोटों की गड्डियां जिन्हें चोर आश्चर्यजनक रूप से छोड़ गये।

गौर करने वाली बात है कि एटीपी मशीन रूम का लॉक तोड़ा गया जबकि ऐसा प्रतीत होता है कि मशीन के लॉकर जिसमें कैश रखा था उसे चाबी से खोलकर रुपये निकाले गये। चोरी की घटना के सामने आने के बाद इसकी टाइमिंग को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। चोरी तब हुई जब वहां कैश अधिक था। संदेह यह भी है कि अज्ञात चोरों को इसकी जानकारी थी। लाखों रुपये की चोरी की की इस घटना में छोटे नोटों की 4-5 गड्डियां अपराधियों द्वारा आश्चर्यजनक रूप से लॉकर में छोड़ जाने से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह प्रोफेशनल चोरों का काम नहीं है। उधर इन सब बातों के फैलने से घटना में किसी जानकर का हांथ की आशंका को लगातार बल मिल रहा। चर्चा यह भी है कि मशीन रूम का लॉक अंदर से ही तोड़ा गया है। बहरहाल इससे विधुत कंपनी और एटीपी ठेका कंपनी के कर्मचारियों में भी अंदरखाने खलबली मची है। पुलिस द्वारा एटीपी ठेका कंपनी के कर्मचारियों से गहन पूंछतांछ भी की जा रही है।

सक्रिय हुए अपराधी पुलिस इंट्री वसूली में मस्त

घटना के संबंध में मीडियाकर्मियों को जानकारी देते अरविंद कुजूर निरीक्षक एवं समीप खड़ी कोतवाली थाना पन्ना की पुलिस टीम।

एटीपी मशीन से लाखों रुपये की चोरी होने के मामले में कोतवाली पुलिस की रात्रि गश्त पर भी लोग गंभीर सवाल उठा रहे हैं। शहर की हर गली में अवैध शराब-गांजा की बिक्री, क्रिकेट सट्टा, जुआ के फड़ों, शराबियों के उत्पात आदि को लेकर वैसे भी लोगों में कोतवाली पुलिस की भूमिका को लेकर असंतोष व्याप्त है। उल्लेखनीय है कि अजयगढ़ कस्बा के स्टेट बैंक में पिछले महीने एक ग्राहक के थैले में रखे 50 हजार रुपये अज्ञात चोर बड़े ही शातिर तरीके से चुरा ले गए थे। दिनदहाड़े बैंक के अंदर हुई इस घटना के आरोपी अब तक पकड़े नहीं गये। वहीं कुछ दिन पूर्व पन्ना कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत दहलानचौकी में दो बदमाशों ने कट्टे की नोंक पर एक दंपत्ति से लूटपाट की थी। इन तमाम सनसनीखेज घटनाओं से साफ है कि पन्ना जिले में पुलिस की घोर निष्क्रियता के चलते अपराधी पुनः सक्रिय हो गये हैं। अपराधी जिस बेखौफ अंदाज में एक के बाद एक वारदातों को बड़ी आसानी से अंजाम दे रहे हैं, इसका मुख्य कारण पुलिस का अपने मूल कार्य पर ध्यान केंद्रित ना होकर वा मालवाहक वाहनों से इंट्री शुल्क वसूली में व्यस्त होना है। पन्ना शहर हो या आंचलिक थानों की पुलिस प्रतिदिन रात्रि में वाहन चैकिंग के नाम पर वसूली का खेल चल रहा है। नोट छापने के चक्कर में रात्रि गश्त दिखावे तक सिमट गई है, इस पर किसी का ध्यान ही नहीं है। इस बीच जब कोई घटना हो जाती है तो थानों के प्रभारी अपनी कारगुजारियों को छिपाने के लिए पुलिस बल की कमी का रोना रोने लगते हैं।

इनका कहना है – “चोरी की घटना जिन परिस्थितियों में हुई और घटनास्थल पर जो कुछ पाया गया उससे प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि इसमें किसी जानकर का हांथ हो सकता है। फिर भी हम हर एंगल से घटना की जांच कर रहे हैं। कुछ कर्मचारियों से भी पूंछतांछ की गई है, सबकुछ सही रहा तो इस चुनौतीपूर्ण घटना का शीघ्र ही खुलासा किया जायेगा।

अरविंद कुजूर निरीक्षक कोतवाली थाना पन्ना।