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द बर्निंग वैन | घाटी में गिरी मारुति वैन में हुआ ब्लास्ट, एक व्यक्ति जिंदा जला

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जली हुई मारुती वैन और उसमें मृत व्यक्ति के कंकाल को देखते राहगीर।

पन्ना जिला मुख्यालय से 17 किलोमीटर दूर अजयगढ़ घाटी में हुआ हादसा

मौके पर पहुंचा दमकल वाहन और पुलिस, वैन से मृत व्यक्ति का कंकाल बरामद

करीब 4 वर्ष पूर्व मड़ला घाटी में हुए भीषण हादसे की भयावह यादें हुई ताजा

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में एक मारुति वैन के घाटी मोड़ में अनियंत्रित होकर कई फिट नीचे गिरने से उसके सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। इस दर्दनाक हादसे के समय वैन में बीच की सीट में बैठा अज्ञात जिंदा जल गया। पूर्णतः जल चुकी वैन से पुलिस ने मृत अज्ञात व्यक्ति का कंकाल बरामद किया है। हादसे के बाद से मारुति वैन के चालक और उसमें सवार रहे अन्य व्यक्तियों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उक्त लोग कहां और किस हालत में है। यह सनसनीखेज हादसा जिला मुख्यालय पन्ना से करीब 17 किलोमीटर दूर अजयगढ़ घाटी में मंगलवार 23 अक्टूबर 2018 को रात्रि करीब 8 :45 बजे हुआ। मारुति वैन में आग लगने की सूचना मिलने पर पन्ना से दमकल वाहन तुरंत मौके पर पहुंच गया और दमकलकर्मियों द्वारा पानी की बौछार छोड़कर वैन की आग को कुछ ही मिनिट में पूरी तरह बुझा दिया लेकिन तब तक उसके अंदर फंसा रहा अज्ञात व्यक्ति आग की लपटों में जिन्दा जलकर कंकाल बन चुका था।

चालक और सहयात्रियों की तलाश जारी

द बर्निंग वैन बनी मारुती में बीच की सीट में पड़ा मृत व्यक्ति का कंकाल।

पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह ने रडार न्यूज को बताया कि मारुति वैन क्रमांक UP- 71- P-3699 की स्थिति को देखते हुए प्रारंभिक जांच में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह पन्ना से अजयगढ़ की और जा रही थी। रास्ते में घाटी के खतरनाक मोड़ पर वैन चालक वाहन को सही तरीके से काट नहीं पाया। जिससे उक्त वाहन के कई फिट नीचे गिरने से उसमें लगी गैस किट के सिलेंडर में विस्फोट हो गया और भीषण आग लग गई। अचानक हुए इस हादसे के कारण वैन के अंदर बीच की सीट में बैठा अज्ञात व्यक्ति समय रहते बाहर नहीं निकल पाया जिससे वह जिन्दा जल गया। हादसे के बाद से वैन चालक और उसमें सवार रहे व्यक्तियों के संबंध में अब कुछ भी पता नहीं चल सका। कंकाल में तब्दील हो चुके मृत व्यक्ति की शिनाख्त हेतु पुलिस उसके साथ यात्रा कर रहे लोगों की खोजबीन में जुटी है। आज की इस दर्दनाक घटना ने पन्ना जिले की मड़ला घाटी में करीब चार वर्ष पूर्व एक तेज रफ़्तार बस के पुलिया के नीचे गिरने और उसमें आग लगने से तकरीबन दो दर्जन लोगों के जिंदा जलने की दिल दहला देने वाले हादसे की यादें ताजा कर दी हैं।

जर्जर घाटी मार्ग बन रहे हादसों का कारण

मड़ला घाटी में मोड़ पर ढ़ह चुकी पुलिया की सुरक्षा दीवार और गड्ढ़ों में तब्दील सड़क।

उल्लेखनीय है कि वन विभाग की आपत्तियों के चलते पन्ना जिले की बेहद खतरनाक-खस्ताहाल मड़ला और अजयगढ़ घाटी का चौड़ीकरण तथा निर्माण कार्य लंबे समय से नहीं हो पा रहा है। जिससे अत्यंत ही जर्जर हो चुकी इन दोनों ही घाटियों से होकर गुजरना (यात्रा करना) बेहद ही जोखिम भरा हो गया है। परिणामस्वरूप इन दोनों ही घाटी मार्गों पर आये दिन गंभीर हादसे हो रहे रहे हैं। चिंताजनक पहलू यह कि दोनों घाटी मार्गों की जर्जर हालत के कारण लगातार हो रहे हादसों में लोगों के असमय काल-कवलित होने के बाद भी इनके पुनर्निर्माण के लिए समय रहते जनप्रतिनधियों व प्रशासनिक अधिकारियों की और से कोई ठोस प्रयास नहीं किये गए। इनकी बदहाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों घाटियों की सुरक्षा दीवार जगह-जगह क्षतिग्रस्त होकर ढ़ह चुकी है और रास्ते में पड़ने वाले दशकों पुराने पुल-पुलिया भी धसकने की कगार पर पहुंच चुके हैं। मालूम होकि पन्ना जिले की मड़ला घाटी पन्ना-छतरपुर के बीच नेशनल हाइवे क्रमांक-39 में और अजयगढ़ घाटी कटनी-कानपुर अंतर्राज्जीय राजमार्ग क्रमांक-47 में पन्ना-बांदा के बीच स्थित है। इन दोनों ही महत्वपूर्ण मार्गों से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन निकलते हैं इसलिए इन मार्गों पर बढ़ते हादसों का बड़ा कारण बनी घाटी मार्ग की खस्ताहाल स्थिति में आवश्यक सुधार तथा चौड़ीकरण सहित इनका नए सिरे से निर्माण प्राथमिकता के साथ कराना बेहद जरुरी हो गया है। यदि इस दिशा तत्परता से ईमानदार प्रयास नहीं किये गए तो मड़ला घाटी जैसे भयानक सड़क हादसों की पुनरावृत्ति का खतरा बना रहेगा।

आचार संहिता उल्लंघन का मामला : पत्रकार के खिलाफ फर्जी प्रकरण दर्ज करने का विरोध

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कलेक्टर मनोज खत्री और एसपी विवेक सिंह से चर्चा करते पत्रकारगण।

पन्ना में पत्रकारों ने सामुहिक रूप से कलेक्टर-एसपी को सौंपा ज्ञापन

फर्जी प्रकरण वापिस लेने और बिना जांच मामला दर्ज करने पर टीआई के निलंबन की मांग

पन्ना। रडार न्यूज  आचार संहिता प्रभावी होते ही प्रशासनिक और और पुलिस अधिकारियों की तानाशाहीपूर्ण हनक शुरू हो गई है। जिसका ताजा मामला जिले के शाहनगर क्षेत्र में विगत दिनों तब सामने आया जब ग्रामीणों दवारा बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन करते हुए क्षेत्रीय विधायक मुकेश नायक का पुतला दहन करने पर प्रदर्शनकारी ग्रामीणों के साथ-साथ इस खबर का कवरेज करने वाले पत्रकार मदन तिवारी के विरुद्ध आचार संहिता के उल्लंघन का मामला पंजीबद्ध किया गया। शाहनगर थाना पुलिस बिना किसी प्रमाण के मनमाने तरीके से पत्रकार को प्रदर्शनकारियों के साथ आरोपी बनाये जाने से पुलिस की कार्यशैली और मंशा प्रश्नचिन्ह लग गया है। पुलिस की इस कार्रवाई की तीखी आलोचना हो रही है। उधर सोमवार को जिला मुख्यालय पन्ना के पत्रकारों ने सामूहिक रूप से इसकी कड़ी निंदा करते हुए पन्ना कलेक्टर मनोज खत्री और पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह को इस मामले को इस मामले के विरोध स्वरुप ज्ञापन सौंपते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पत्रकारों ने इस घटना को मीडिया पर हमला करार दिया है। पत्रकारों ने बिना जांच के पत्रकारों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने को गलत बताते हुए पत्रकार मदन तिवारी के खिलाफ दर्ज मामले को वापिस लेने तथा शाहनगर थाना प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।

कैसे खबर कवर कर पाएंगे पत्रकार

ज्ञापन सौंपने के बाद कलेक्ट्रेट से बहार आते पत्रकारगण।

सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया कि शाहनगर पुलिस की यह कार्यवाही बेहद ही निंदनीय और लोकतांत्रिक के चौथे स्तंभ पर हमला है। चुनाव के दौरान हर तरह की गतिविधियों की रिपोर्टिंग करना पत्रकारों का दायित्व है, ऐसे में कवरेज के दौरान यदि पत्रकार की उपस्थिति पर उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होता है तो चुनाव कवरेज करना संभव ही नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि पत्रकार भीड़ का हिस्सा नहीं हैं, बावजूद इसके शाहनगर पुलिस ने बिना अनुमति हुए प्रदर्शन में पत्रकार मदन तिवारी की भूमिका की जांच किये बगैर ही सिर्फ शिकयत के आधार पर उनके विरूद्ध आपराधिक मामला दर्ज कर लिया। ज्ञापन में लेख है कि इस तरह की घटना ने सभी पत्रकारों को भयभीत कर दिया है। चुनाव में कवरेज कैसे करें, यह सवाल बना हुआ है। क्या अब पुलिस प्रशासन और जनसंपर्क विभाग के निर्देशों पर यदि खबरों का कवरेज व प्रकाशन करना होगा, तो निष्पक्ष पत्रकारिता कैसे संभव होगी ? पत्रकारों ने मांग करते हुए कहा कि 72 घंटों के अंदर जांच कर प्रकरण से मदन तिवारी का नाम हटाया जाये, साथ ही पुलिस रिकार्ड में समाचार पत्र का नाम लिखने और बिना जांच पत्रकार पर प्रकरण दर्ज करने वाले लापरवाह थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाये।

जल्द होगी कार्यवाही- कलेक्टर

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर मनेज खत्री ने इस मामले में बिना जांच प्रकरण दर्ज करने पर खेद जताया है। वहीं पुलिस अधीक्षक विवके सिंह ने भी उक्त प्रकरण की जल्द से जल्द जांच कराकर उचित कार्यवाही का भरोसा दिया है। कलेक्टर पन्ना ने कहा कि चुनाव में इस तरह की कुछ गलतियां होती है, जिन्हें नजरअंदाज कर मीडिया को सहयोगी भूमिका निभानी चाहिए ताकि निर्वाचन का कार्य सहजता से हो संपन्न सके। उन्होंने इस प्रकरण पर जल्द कार्यवाही का भरोसा दिया।

शरदपूर्णिमा महोत्सव : श्री प्राणनाथ जी की निकली शाही सवारी, भक्ति रस से सराबोर हुआ पन्ना धाम

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शोभायात्रा के साथ चल रहा जागिनी अभियान का रथ।

श्री जी एक झलक पाने उमड़ पड़े हजारों श्रृद्धालू और नगरवासी

सवारी में दिखा भक्ति भाव व विविधता का अनूठा समागम

पन्ना। रडार न्यूज   श्री पांच पद्मावतीपुरी धाम पन्ना में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय शरदपूर्णिमा महोत्सव के धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला में सोमवार की शाम सद्गुरू के सम्मान का प्रतीक कही जाने वाली श्री प्राणनाथ जी की दिव्य सवारी (शोभायात्रा) श्री खेजड़ा मंदिर से भक्ति भाव से परिपूर्ण होकर उत्साह व धूम धाम के साथ निकाली गई। इस ऐतिहासिक सवारी में श्री जी की मनमोहक सेवा शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण रही जिसकी एक झलक पाने के लिये हजारों श्रद्धालु बेताब दिखे। भक्ति रस में डूबा विविधता का अनोखा समागम जिसमें विभिन्न प्रांतों व भिन्न-भिन्न देशों से आए श्रद्धालु सुन्दरसाथ को एक धुन में मगन होकर नाचते झूमते देखा गया। नगर के प्रमुख मार्गों से सवारी के निकलने के दौरान ऐसा लग रहा था मानो समूचा पन्ना धाम ही भक्ति रस में सराबोर हो गया हो। प्रणामी सम्प्रदाय के आस्था का केन्द्र अति प्राचीन खेजड़ा मंदिर से मंगलवार शाम छः बजे से अखंड मुक्तिदाता, निष्कलंक बुद्ध अवतार महामति प्राणनाथ जी की सवारी जब निकली तो ऐसा लगा मानो सभी संत मनीषी विविध रूप धारण कर इस सवारी की शोभा बढ़ा रहे हो। दिव्य रथ पर सवार श्री जी तथा देश के कई भागों से आए सुन्दर साथ के अलावा धर्मगुरू इस भव्य सवारी की धर्म निष्ठता एवं भक्तिभाव के साथ 400 वर्षों से सतत आयोजित होने वाले इस ध्तिहासिक आयोजन के साक्षी बने। श्री जी की इस विशाल सवारी में नगर के निवासियों के अलावा देश विदेश के हजारों सुन्दरसाथ मौजूद थे जो अलग-अलग टुकड़ियों में नाचते गाते तथा अपनी-अपनी परम्पराओं के अनुरूप पन्ना नगर की पवित्र धरती पर प्राणनाथ जी के प्रेम का अहसास कराते नजर आए।

सद्गुरू के सम्मान का है प्रतीक  

तेरस की सवारी में श्री जी की मनमोहक झांकी।

अंतर्राष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव के दौरान पन्ना नगर में सैकड़ों वर्षों से लगातार श्री जी की सवारी भव्य स्वरूप के साथ निकाली जाती है। इस सवारी का आयोजन पहली बार बुन्देलखण्ड केशरी महाराजा छत्रसाल जी ने किया था। सद्गुरू के सम्मान का प्रतीक कही जाने वाली इस तेरस की सवारी को लेकर मान्यता है कि जब बुन्देलखण्ड को चारों तरफ से औरंगजेब के सरदारों ने घेर लिया था तब महामति श्री प्राणनाथ जी ने महाराजा छत्रसाल को अपनी चमत्कारी दिव्य तलवार देकर विजयश्री का आर्शीवाद दिया था और कहा था कि हे राजन जब तक तुम अपने दुश्मनों को धूल चटाकर नहीं आ जाते तब तक में इसी खेजड़ा मंदिर में ही रूकूंगा। तेरस को जब महाराजा छत्रसाल अपने दुश्मनों पर फतह हासिल कर लौटे तो अपने सद्गुरू महामति प्राणनाथ जी को पालकी में बिठाकर अपने कंघों का सहारा देकर श्री प्राणनाथ जी मंदिर में स्थित गुम्मट बंगला जिसे ब्रम्ह चबूतरा भी कहते हैं में लाए थे जिसके प्रतीक स्वरूप तभी से यह आयोजन हर वर्ष किया जाता है। श्री खेजड़ा जी मंदिर से निकली श्री जी की सवारी को श्री प्राणनाथ जी मंदिर की कुल तीन किलोमीटर तक की यात्रा में सात से आठ घंटे का समय लग जाता है।

जगह-जगह हुई श्री जी की आरती

सवारी के दौरान भक्ति संगीतों पर नाचते गाते श्रद्धालु सुन्दरसाथ।

धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व की इस विशाल शोभायात्रा में पन्ना नगर वासियों ने भी पूरे उत्साह व भक्ति भाव के साथ बढ़ चढ़कर अपनी भागीदारी निभाई गई. रथ में सवार श्री जी की एक झलक निहारने के लिए लोग घंटों सड़क के किनारे खड़े रहे। सवारी के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह श्री जी की आरती उतारी गई एवं शोभा यात्रा में सम्मिलित सुन्दरसाथ को मिठाइयां बांटी गईं वहीं नगरवासियों द्वारा जगह-जगह शुद्ध पेयजल आदि की भी व्यवस्था की गई थी। तेरस की इस विशेष शोभा यात्रा में श्री 108 प्राणनाथ ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं ट्रस्ट के बाहर के पदाधिकारियों ट्रस्ट के प्रबंधक एवं समस्त न्यासियों सहित स्थानीय एवं देश के कोने-कोने से आए धर्माचार्य व धर्मोपदेशकों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।

भाजपा जिलाध्यक्ष के भाई की दबंगई | वनकर्मियों से जप्त जेसीबी मशीन को लेकर भाग गए

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सांकेतिक फोटो।

वन क्षेत्र में अवैध उत्खनन करते पकड़ी थी जेसीबी मशीन, पन्ना जिले के उत्तर वन मंडल

की धरमपुर रेंज का मामला, पत्रकारों को घटनाक्रम की जानकारी देने से बचते रहे धरमपुर रेंजर

24 घंटे बाद कहानी में आया ट्विस्ट, रेंजर अब अपनी ही कार्रवाई को बता रहे गलत

डीएफओ ने माना रेंजर की भूमिका संदिग्ध, बोले मौके पर जाकर स्वयं जांच करूंगा

पन्ना। रडार न्यूज    मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम के छोटे भाई रामबाबू गौतम पर वन क्षेत्र में अवैध रूप से नलजल योजना की पाइप लाइन बिछाने के लिए जेसीबी मशीन से नाली की खुदाई कराने और जेसीबी मशीन को वनकर्मियों द्वारा जप्त करने पर खुलेआम दबंगई दिखाते हुए उसे छुड़ाकर ले जाने के आरोप लगे है। रविवार 21 अक्टूबर की रात से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस खबर की सत्यता जानने के लिए पत्रकारों ने धरमपुर रेंजर बी.के. विश्वकर्मा को कई बार कॉल किये लेकिन उन्होंने मोबाइल फोन रिसीव नहीं किया। वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के बजाय रेंजर धरमपुर इस गंभीर मामले पर रहस्मय गहरी चुप्पी साधे रहे। उधर उत्तर वन मंडल पन्ना के डीएफओ नरेश सिंह यादव से जब रविवार की ही रात्रि में बात की गई तो उन्होंने उक्त घटनाक्रम की आंशिक तौर पर पुष्टि करते हुए इसे सही बताया लेकिन वनकर्मियों से जप्तशुदा जेसीबी मशीन लेकर भाग निकलने तथा वन क्षेत्र में अवैध खुदाई कराने वालों के नाम मालूम न होने की बात कही। मजेदार बात यह है कि कथित तौर पर सत्ताधारी दल भाजपा के जिलाध्यक्ष के भाई से सीधे जुड़े इस मामले में महज 24 घंटे बाद ही नया मोड़ आ गया है।

रेंजर की भूमिका पर लगा प्रश्न चिन्ह

घटनाक्रम के संबंध में वाट्सएप ग्रुप में पोस्ट की गई सूचना का फोटो।

आश्चर्यजनक रूप से वन परिक्षेत्र धरमपुर के रेंजर बी.के. विश्वकर्मा अब अपनी ही कार्रवाई को गलत बता रहे हैं। सोमवार 22 अक्टूबर 2018 को उन्होंने डीएफओ को बताया कि जिस स्थान से जेसीबी मशीन पकड़ी गई थी वह वन क्षेत्र नहीं बल्कि राजस्व क्षेत्र था। रेंजर साहब अब अपनी गलती स्वीकार करते हुए वन-राजस्व सीमा निर्धारण की अस्पष्टता के कारण भ्रम की स्थिति में राजस्व क्षेत्र में कार्रवाई करने की बात कह रहे है। रहस्मयी चुप्पी तोड़ते हुए रेंजर के द्वारा किये गए इस चौंकाने वाले खुलासे से इस मामले में उनकी भूमिका को लेकर संदेह गहरा गया है। रेंजर के बदले हुए रुख को सत्ता के दबाब में वन अपराध के आरोपियों को कथित रूप से बचाने के लिए नई कहानी गढ़ने और अपनी व अधीनस्थ अमले की कारगुजारियों को पर पर्दा डालने चर्चाओं को बल मिल रहा है। सवाल यह भी है कि जेसीबी को पकड़ते समय रेंजर जैसे जिम्मेदार अधिकारी ने यह सुनिश्चित क्यों नहीं किया कि जहां पर खुदाई की गई वह वन क्षेत्र है या राजस्व भूमि है। इस मामले में समग्र परिस्थितियों के मद्देनजर आमजन के साथ-साथ उत्तर वन मंडल पन्ना के डीएफओ नरेश सिंह यादव भी धरमपुर रेंजर के दावे और उनकी भूमिका को संदिग्ध मानते हुए स्वयं मौके पर जाकर जीपीएस और टोपोशीट के आधार पर जांच करने की बात कह रहे हैं। जिले के राजनैतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बने इस प्रकरण की सत्यता तो निष्पक्ष जांच होने पर ही पता चलेगी। बहरहाल रेंजर धरमपुर ने पहले कार्रवाई करके और फिर कथित आरोपियों द्वारा जप्त जेसीबी मशीन को दबंगई दिखाते छुड़ाकर ले जाने के बाद अपनी ही कार्रवाई को ही गलत बताकर एक बार फिर से वन विभाग की अच्छी खासी फजीहत करा दी है।

क्या है मामला

उत्तर वन मंडल पन्ना के डीएफओ नरेश सिंह यादव।

पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत मझगांय बांध से क्षेत्र के ग्रामों में समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत पेयजल सप्लाई हेतु मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित परियोजना क्रियान्वयन इकाई पन्ना द्वारा पाइप लाइन बिछाई जा रही है। धरमपुर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले वन ग्राम कुड़रा तक पाइप लाइन बिछाने के लिए जल निगम ने उत्तर वन मंडल से 3.71 हेक्टेयर वन भूमि में कार्य करने की अनुमति पिछले महीने मांगी थी। जल निगम के इस आवेदन पत्र कार्रवाई चल ही रही थी कि इस बीच चुनाव आचार संहिता लगने के कारण यह लंबित हो गया। उधर रविवार 21 अक्टूबर 2018 को बिना अनुमति के एक जेसीबी मशीन से वन क्षेत्र में पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई शुरू कर दी गई। उत्तर वन मंडल पन्ना के डीएफओ नरेश सिंह यादव ने बताया कि दोपहर में 3 बजे धरमपुर रेंजर बी. के. विश्वकर्मा द्वारा उन्हें मोबाइल पर इसकी जानकारी दी गई। बिना अनुमति के वन भूमि में उत्खनन कार्य होने पर रेंजर ने दलबल के साथ कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन को पकड़ लिया। रेंजर ने मुझे बताया कि इस कार्रवाई के कुछ देर बाद अंधेरा होने तथा अचानक मौसम खराब होने का लाभ उठाकर कतिपय लोग जप्त जेसीबी मशीन को लेकर भाग गए। इस मामले अजयगढ़ के जनपद सदस्य रामबाबू गौतम का नाम सामने आया है, जिसकी पुष्टि आज खुद डीएफओ ने की है। उल्लेखनीय है कि भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम और उनके भाई रामबाबू पिछले कुछ समय से लगातार विवादों और आरोपों के घेरे में हैं। दोनों भाइयों पर सत्ता की आड़ में अजयगढ़ क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन कराने के बेहद गंभीर आरोप लगते रहे हैं।

इनका कहना है-
मैं अभी भोपाल में हूं कहां किसकी जेसीबी मशीन पकड़ी है और कौन उसे छुड़ाकर ले गया मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। वन क्षेत्र में रामबाबू जेसीबी क्यों चलवायेगा, बात करता हूं-पता करता हूं।

सतानंद गौतम, जिलाध्यक्ष भाजपा पन्ना।

मेरी न तो जेसीबी मशीन पकड़ी गई और न ही मेरा कहीं कोई काम चल रहा है। वाट्सएप पर किसी अमित जड़िया ने मेरे खिलाफ कोई मनगढ़ंत आधारहीन पोस्ट डाली है ऐसा मुझे पता चला है, मैं इस पर संबंधित व्यक्ति से बात करता हूं। इन बातों में कोई सत्यता नहीं है यह मुझे और मेरे भाई को बेबजह बदनाम करने की साजिश है।

रामबाबू गौतम, जनपद सदस्य अजयगढ़।

कार्रवाई | विधायक का पुतला जलाने वालों पर आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज

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शाहनगर क्षेत्र के नुनागर ग्राम में पवई विधायक मुकेश नायक के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीणजन।

पन्ना जिले के शाहनगर और सिमरिया थाना में दर्ज हुए प्रकरण

बिना अनुमति के विरोध-प्रदर्शन करने पर दर्जन भर लोगों के खिलाफ कार्रवाई

पुतला दहन की न्यूज कवर करने वाले पत्रकार को भी पुलिस ने बनाया आरोपी

पन्ना। रडार न्यूज  बुंदेलखंड अंचल के चर्चित विधानसभा क्षेत्र पवई में पिछले कुछ महीनों से जारी राजनैतिक घमासान चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही तेज हो गया है। इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के नामों की अधिकृत घोषणा के पूर्व टिकिट के कतिपय प्रबल दावेदारों के बीच पर्दे के पीछे से और आमने-सामने शह-मात का खेल चल रहा है। इस बीच विगत दिनों पवई के विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुकेश नायक पर विकास के मामले में क्षेत्र की घोर उपेक्षा करने, सुपात्रों को योजनाओं का लाभ न दिलाने तथा क्षेत्र के लोगों से अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें अपशब्द कहने के विरोध स्वरुप कई स्थानों ग्रामीणों द्वारा विधायक के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करते हुए उनके पुतले जलाये गए थे। दशहरे पर विधायक को रावण की संज्ञा देते हुए उनका पुतला दहन करने से पैदा हुई सियासी आंच में फ़िलहाल प्रदर्शनकारी ही झुलसते नजर आ रहे हैं। बिना पूर्व सूचना एवं अनुमति के विरोध-प्रदर्शन करने पर पन्ना जिले के शाहनगर और सिमरिया पुलिस थाना में करीब दर्जनभर लोगों के खिलाफ नामजद दो अलग-अलग प्रकरण पंजीबद्ध किये गए है। विधायक प्रतिनिधि श्याम प्रताप सिंह राठौर उर्फ शंभू सिंह की लिखित रिपोर्ट पर पुलिस थाना शाहनगर में दर्ज प्रकरण में विरोध-प्रदर्शन के अगुवा रहे शाहनगर के जनपद उपाध्यक्ष आशीष खरे का नाम एफआईआर में है। इसके अलावा पुलिस ने इस घटनाक्रम का कवरेज करने वाले स्थानीय पत्रकार मदन तिवारी को भी आरोपी बनाया है। आवेदन पत्र के अनुसार एफआईआर दर्ज करने की बात कह रही शाहनगर पुलिस द्वारा इस मामले की न्यूज कवर करने वाले पत्रकार को प्रदर्शकारियों के साथ आरोपी बनाने कड़ा विरोध शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर लोग इस कार्रवाई को लेकर पुलिस की तीखी आलोचना कर रहे हैं। पुलिस अफसरों पर मीडियाकर्मियों के ऊपर दबाब बनाने और नकारात्मक ख़बरों को दबाने के लिए कानून का दुरूपयोग करने के गंभीर आरोप लग रहे है।

इनके खिलाफ दर्ज हुए प्रकरण

प्राप्त जानकारी अनुसार दशहरा के पूर्व संध्या पर 18 अक्टूबर को शाहनगर के ग्राम नुनागर में ग्रामीणों और कांग्रेस से निष्कासित नेता अनिल तिवारी के समर्थकों ने एकत्रित होकर पुतले में रावण के स्थान पर मुकेश नायक का मुखौटा लगाया और उसका दहन किया। इस दौरान मुकेश नायक भगाओ पवई बचाव के नारे लगाए। इस पर शाहनगर थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक -29/18 धारा-188 भादवि का अपराध प्रदर्शनकारी आशीष खरे,लोकेन्द्र सिह पिता हेतराम राठौर, सुदामा पिता मंगी राठौर निवासी नुनागर, रहीस खान पिता नजीर खान निवासी शाहनगर, बालचन्द्र साहू पिता गुल्ला साहू , पान बाई पति गनेश राठौर निवासी नुनागर, मदन तिवारी निवासी शाहनगर, गुल्ला साहू पिता आशराम साहू , कुसमिया राठौर (नौखेलाल की बहन) , मूरत सिह कृपाल राठौर निवासी नुनागर थाना एवं अन्य 7-8 व्यक्तियों के विरूद्ध दर्ज किया गया। इसी प्रकार बिना अनुमति के ग्राम बनौली स्थित कुआंताल मेला प्रांगण में विजयादशमी के दिन 19 अक्टूबर को पुनः विधायक मुकेश नायक का पुतला जलाने के मामले में थाना सिमरिया पुलिस ने अपराध क्रमांक 283/18 धारा 188 भदवि के तहत प्रदर्शनकारी अजयपाल लोधी, सत्यपाल लोधी एवं अन्य 10-12 आरोपियों के विरूद्ध पंजीबद्ध किया है।

विधायक को घेरने विरोधी हुए एकजुट

उल्लेखनीय है कि पिछले माह पवई में एक आमसभा में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा पवई सीट से मुकेश नायक को पुनः प्रत्याशी घोषित करने के बाद से ही उनका विरोध शुरू हो गया है। पवई सीट से टिकिट के दावेदार बताये जा रहे कांग्रेस के अन्य नेता खुलकर नायक के विरोध में उतर आये हैं। विधायक मुकेश नायक को प्रत्याशी बनाने की सिंधिया की घोषणा का उन्हीं के सामने सड़क पर उतरकर विरोध करने पर अनिल तिवारी को पहले ही कांग्रेस निष्कासित किया जा चुका है। हाल ही में जिस तरह पवई विधायक के पुतले जलाये गए और इन विरोध-प्रदर्शनों में अनिल तिवारी समर्थक रहे उससे लोगों के बीच यह चर्चा जोर पकड़ रही है यह सब प्रायोजित है। चुनाव से पूर्व मुकेश का माहौल खराब करने उनके विरोधियों ने हांथ मिला लिए है। इसमें कुछ पर्दे के पीछे से तो कुछ सामने आकर मुकेश की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। फलस्वरुप उन्हें कभी क्षेत्र के विकास के मुद्दे पर तो कभी बाहरी होने के कारण घेरते हुए खास रणनीति के तहत किसी भी क्षेत्रीय नेता को टिकिट देने की मांग एकजुटता के साथ की जा रही। बहरहाल कई ग्रामों में मुकेश नायक को जमकर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सामूहिक रूप से जारी क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग के बीच मुकेश नायक को पुनः टिकट मिलती है, तो इस बार चुनाव में उन्हें खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है।

इनका कहना है- लिखित आवेदन पत्र के आधार पर प्रकरण दर्ज किया गया है, मामले की विवेचना में यदि मदन तिवारी की विरोध-प्रदर्शन में कोई भूमिका नहीं पाई जाती तो इस पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी, आप भरोसा करें किसी के साथ गलत नहीं होगा।

अरुण श्रीवास्तव, निरीक्षक थाना शाहनगर।

लोकगायन के द्वारा मतदाताओं को किया गया जागरूक

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बालिकाओं ने पेंटिंग में लोकतंत्र के रंग भरकर समझाया मतदान का महत्व

पन्ना। रडार न्यूज   कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री के निर्देशन में जिलेभर में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए स्वीप गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। लोकतंत्र के रंग, रंगमंच के संग थीम पर मनाए जा रहे इस सप्ताह के तहत नुक्कड़ नाटक, गरबा, कार्टून एवं कैरीकैचर प्रतियोगिता आयोजित कर मतदाताओं में जागरूकता फैलाई जा रही है। इसी कड़ी में गुनौर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम द्वारी में लोक गायन के द्वारा मतदाताओं को जागरूक किया गया। इसके साथ ही बालिकाओं द्वारा पोस्टर बनाकर एवं महिलाओं द्वारा मेंहदी और रंगोली के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक किया गया। जिसके बाद मतदाता जागरूकता रैली निकाली गयी।यह गतिविधियां मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गुनौर सुश्री शिखा भलावी, तहसीलदार अमानगंज सुश्री दीपा चतुर्वेदी, परियोजना अधिकारी सुश्री कीर्ति चंदेल की उपस्थिति में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।

दिव्यांगों और उनके सहयोगियों का मतदान प्रक्रिया की दी गई जानकारी

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मतदान की गोपनीयता बनाए रखने सहयोगियों से भरवाया जायेगा घोषणा पत्र

पन्ना। रडार न्यूज    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री के मार्गदर्शन में नगरपालिका पन्ना द्वारा 20 अक्टूबर 2018 को एसडीएम पन्ना बी.बी. पाण्डेय की अध्यक्षता में दिव्यांग मतदाताओं के सहयोगियों का प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के प्रारंभ में श्री पाण्डेय द्वारा मतदान के लिए प्रोत्साहित करते हुए सभी मतदाताओं को दिनांक 28 नवंबर 2018 को अनिवार्य रूप से मतदान कर अपने मत का उपयोग करने की बात कही। उन्होंने सुगम मतदान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि समाज के सभी दिव्यांगों को मतदान के अधिकार का उपयोग कराने हेतु निर्वाचन आयोग प्रतिबद्ध है और जिला प्रशासन द्वारा इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। तहसीलदार पन्ना निकित चौरसिया द्वारा सभी दिव्यांग मतदाताओं से अपील की गयी कि कोई भी मतदाता मतदान करने से न चूके और सभी का उत्तरदायित्व है कि वह अपने मतदान का उपयोग करें। डॉ. संजय जड़िया व्याख्याता डाइट पन्ना द्वारा ईव्हीएम एवं वीवीपैट की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए आए हुए सभी दिव्यांग मतदाताओं और उनके सहयोगियों को मतदान प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिव्यांग के सहयोगियों को साथी का घोषणा पत्र भरना एवं मतदान की गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है। श्रीमती मेघा बागोरा विशेष शिक्षक सामाजिक न्याय विभाग द्वारा सभी दिव्यांग मतदाताओं और उनके सहयोगियों को मतदान प्रक्रिया में उसके उपयोग की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान दिव्यांग मतदाताओं से बात करते समय अपने चेहरे पर मुस्कराहट का भाव रखते हुए प्रक्रिया सम्पन्न करावें। प्रशिक्षण में नायब तहसीलदार सुश्री दिव्या जैन ने सभी मतदान प्रभारियों को समक्ष में बताया कि समस्त दिव्यांग सहयोगियों के नाम एवं मोबाइल नम्बर एक पृथक से पंजी तैयार कर संधारित करें ताकि निर्वाचन से संबंधित नवीन निर्देशों से समय समय पर अवगत कराया जा सके। मुख्य नगरपालिका अधिकारी पन्ना अरूण पटैरिया द्वारा प्रशिक्षण में आए हुए दिव्यांग मतदाताओं और उनके सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। प्रशिक्षण के दौरान सुश्री आकांक्षा द्विवेदी एसएसबीए पन्ना, राजकुमार मिश्रा डाइट पन्ना, अखिल भार्गव एवं समस्त बीएलओ उपस्थित रहे।

प्राचीन परंपरा | महाराजा छत्रसाल के वंशज पन्ना नरेश राघवेन्द्र सिंह को सौंपी दिव्य तलवार

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-पन्ना राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य लोकेन्द्र सिंह खेजड़ा मंदिर में महामति श्री प्राणनाथ के चरणों में नमन करते हुए।

सैंकड़ों वर्षों से चली आ रही परम्परा के साक्षी बने हजारों सुन्दरसाथ

महामति प्राणनाथ जी एवं महाराजा छत्रसाल जी के जयकारों से गूंजा नगर

पवित्र नगरी पन्ना में अंतर्राष्ट्रीय शरदपूर्णिमा महोत्सव का हुआ भव्य आगाज

पन्ना। रडार न्यूज     विजयादशमी के दिन पांच पद्मावती पुरी धाम पन्ना के प्राचीन खेजड़ा मंदिर की छठा निराली थी। मंदिर के विशाल परिसर में सायंकाल 4 बजे से एकत्र महामति के हजारों अनुयायी भक्तिभाव में लीन होकर बड़ी उत्सुकता के साथ उस घड़ी और दृश्य का इंतजार करने लगे जो आज से लगभग चार सौ वर्ष पूर्व घटी थी, तब आज के ही दिन महामति श्री प्राणनाथ जी द्वारा छत्रसाल जी को दिव्य तलवार और बीरा भेंट कर उन्हें विजय का आशीर्वाद दिया था। फलस्वरूप उन्होंने मुगलों के विरुद्ध ऐतिहासिक 52 लड़ाइयां जीतकर बुंदेलखंड में अपना साम्राज्य स्थापित किया था। तभी से प्रतिवर्ष दशहरा के दिन इस परम्परा के निर्वाहन में महाराज छत्रसाल के वंशजों को तलवार व वीरा भेंट किया जाता है। शुक्रवार को खेजड़ा मंदिर में सैंकड़ों वर्ष पुरानी इस गौरवशाली परंपरा का निर्वाहन करते हुए सायंकाल 7 बजे जब मंदिर के पुजारी द्वारा पन्ना नरेश महाराज राघवेन्द्र सिंह को तिलक लगाकर चमत्कारिक दिव्य तलवार और बीरा भेंट किया गया तो पूरा नगर श्री प्राणनाथ प्यारे और महाराजा छत्रसाल के जयकारों से गूंज उठा। इस परम्परा के साक्षी बने देश-विदेश से आए हजारों सुन्दरसाथ श्रद्धालुओं ने अपने आप को धन्य महसूस करते हुए श्री जी के चरणों में मत्था टेका। इस अवसर पर पन्ना राज परिवार के वरिष्ठ सदस्य लोकेन्द्र सिंह और श्री प्राणनाथ जी मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी, प्रणामी समाज के धर्मोपदेशक तथा विद्वानजन उपस्थित रहे।

विद्वानों ने बताई महिमा

खेजड़ा मंदिर प्रांगण में उपस्थित श्रद्धालु।

प्रणामी समाज की ऐसी मान्यता है कि महामति प्राणनाथ जी ने छत्रसाल जी को देश और धर्म की रक्षा के लिए वरदानी तलवार सौंपी थी तथा वीरा उठाकर संकल्प करवाया था।.महामति प्राणनाथ जी से मिले आशीर्वाद और चमत्कारिक दिव्य तलवार से ही छत्रसाल जी शक्तिशाली मुगलों को 52 लड़ाइयों में पराजित कर बुंदेलखंड में अपना विशाल साम्राज्य स्थापित कर पाए। और फिर पन्ना को उन्होंने अपनी राजधानी बनाया। शुक्रवार को खेजड़ा मंदिर में धर्म गुरूओं द्वारा विस्तारपूर्वक छत्रसाल जी की महिमा बताई और महामति श्री प्राणनाथ जी द्वारा दिए गए आशीर्वाद स्वरूप दिव्य तलवार व बीरा का महत्व बतलाया। धर्मोपदेशक पं. खेमराज जी ने इस स्थान की विशेषता तथा अखंड मुक्तिदाता, निष्कलंक बुद्ध अवतार, प्राणनाथ जी की महिमा सुनाते हुए कहा कि इसी स्थान से नरवीर केसरी महाराजा छत्रसाल साकुण्डल हुये थे और पूरे देश में एकता, सामाजिक समरसता का वह भाव जो उन्हें महामति प्राणनाथ जी ने दिया था उसे विस्तारित किया था। आपने कहा कि यह महामति का आर्शीवाद ही था कि छत्रसाल छत्ता हो गए और उनके तेज से सारे सुल्तान घब़राने लगे थे। इस अवसर पर धर्मोपदेशक पं. कुंजबिहारी दुबे, मनोज शर्मा, पुजारी देवकरण त्रिपाठी, डॉ. मस्तबाबा जी महाराज ने भी अपने उद्बोधन में महामति प्राणनाथ और छत्रसाल के बारे में उपस्थित लोगों को जानकारी दी।

विरोध का अनूठा तरीका | पवई विधायक मुकेश नायक को रावण बताकर ग्रामीणों ने किया पुतला दहन

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पवई विधायक मुकेश नायक का पुतला दहन कर उनके खिलाफ नारेबाजी करते ग्रामीण।

विकास के मामले में शाहनगर क्षेत्र की उपेक्षा का लगाया आरोप

विधानसभा चुनाव से पहले पवई सीट पर तेज हुआ सियासी घमासान

प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर लगाये “पवई बचाओ-मुकेश भगाओ” के नारे

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज    मध्यप्रदेश में बुंदेलखंड अंचल के पन्ना जिले की चर्चित विधानसभा सीट पवई में पिछले महीने शुरू हुआ सियासी घमासान समय के साथ और अधिक तेज होता जा रहा है। इस सीट से कांग्रेस के मौजूदा विधायक मुकेश नायक अभी तक सिर्फ अपनी पार्टी के नेताओं का कड़ा विरोध झेल रहे थे लेकिन अब क्षेत्र के मतदाता भी इनके खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी द्वारा मुकेश नायक को पवई सीट से चुनावी समर में बतौर प्रत्याशी पुनः उतारने की आधिकारिक तौर पर औपचारिक घोषणा की उलटी गिनती शुरू होने के बीच गुरुवार 18 अक्टूबर 2018 को दशहरा के एक दिन पूर्व शाहनगर क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपने विधायक को आज का रावण बताते हुए प्रतीकात्मक रूप से रावण के स्थान पर उनका पुतला दहन कर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पुतला दहन के वीडियो में धू-धूकर जलते पुतले के समीप खड़े कुछ युवा और ग्रामीण महिलायें विधायक नायक के खिलाफ तीखी नारेबाजी कर रही हैं। एक अन्य वीडियो में उक्त पुतले के सिर पर मुकेश नायक का फोटोग्राफ लगा है और उसमें चस्पा पोस्टर में-“पवई बचाओ, मुकेश भगाओ, आज का रावण।” स्लोगन लिखा है। ग्रामीणों का यह अनूठा विरोध प्रदर्शन पवई सहित समूचे जिले चर्चा का विषय बना है।

कई गांवों में जलाए गए पुतले

मुकेश नायक के पुतला दहन के वीडियो तथा चंद लाइनों के मैसेज को कांग्रेस से निष्कासित वरिष्ठ नेता अनिल तिवारी सहित अन्य कई लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट व शेयर किया हैं। जिसमें में यह दावा किया जा रहा है कि शाहनगर क्षेत्र के नुनागर, आमा, देवरी, कचौरी, पुरैना, सुंगरहा, खजुरी, सुडौर और महिलवारा सहित कई पंचायतों में विधायक मुकेश नायक के खिलाफ जनाक्रोश की अभिव्यक्ति के रूप में दशहरा की पूर्व संध्या पर उनके पुतले जलाये गए है । कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारी महिलायें और युवा मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए नायक पर विकाशस के मामले में शाहनगर क्षेत्र की घोर उपेक्षा करने का आरोप लगा रहे हैं। इनका कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश सुपात्र गरीब हितग्राहीमूलक कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित जबकि अपात्रों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाया गया। इसकी जानकारी के बाबजूद विधायक सुपात्र गरीबों को उनका हक दिलाने और अति पिछड़े शाहनगर क्षेत्र के विकास के लिए कोई ठोस पहल नहीं की। जिससे यह इलाका विकास के मामले में इन पांच सालों और अधिक पिछड़ गया। जटिल भौगोलिक संरचना वाले आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र के गांवों में आज भी लोगों को मूलभूत सुविधायें तक नसीब नहीं हो रही है। क्षेत्र सड़क, बिजली ,पानी, शिक्षा और स्वास्थय सेवायें बदहाल स्थिति में हैं। जिसे लेकर लोगों में विधायक के साथ-साथ प्रदेश की भाजपा सरकार के प्रति भी गहरा असंतोष व्याप्त है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विधायक मुकेश नायक इस इलाके की जानबूझकर उपेक्षा करते रहे हैं।

नहीं चाहिए बदजुबान बाहरी विधायक

पवई विधायक मुकेश नायक।

पुतला दहन से जुड़े एक वायरल वीडियो में एक ग्रामीण युवक मुकेश नायक द्वारा क्षेत्र के लोगों के साथ की गई बदजुबानी और आपत्तिजनक अमर्यादित टिप्पणियों पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए सख्त लहजे में कहता है कि जो क्षेत्र के लोगों को अपशब्द कहकर अपमानित करे उन्हें ऐसा बाहरी विधायक नहीं चाहिए। इस बार हमारा विधायक क्षेत्रीय होगा जो क्षेत्र का विकास करेगा। सर्वविदित है कि पिछले कई महीनों से पवई विधानसभा क्षेत्र में सर्वदलीय क्षेत्रीय संघर्ष समिति के तत्वाधान में सभी राजनैतिक दलों के नेता हर बार की तरह इस बार भी एकजुटता के साथ क्षेत्रीय व्यक्ति को टिकिट देने की मांग प्रमुख राजनैतिक दल भाजपा-कांग्रेस से कर रहे हैं। बाहरी नेताओं को पवई से भगाने की रणनीति के तहत गांव-गांव जनजागरण अभियान चला रही सर्वदलीय क्षेत्रीय संघर्ष समिति ने क्षेत्रीय प्रत्याशी के मुद्दे पर जनभावनाओं को उभारने के लिए इस मांग को क्षेत्रीय अस्मिता जोड़ दिया है।

मुकेश विरोधियों का है दबदबा

कांग्रेस नेता अनिल तिवारी।

उल्लेखनीय है कि पवई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाला शाहनगर विकासखंड का इलाका मुकेश नायक के धुर विरोधी और वर्तमान में कांग्रेस से निष्कासित वरिष्ठ नेता अनिल तिवारी का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। इसके अलावा नायक के अन्य विरोधी भी इसी क्षेत्र में अच्छा खासा दखल रखते है। इसलिए विधायक समर्थक पुतला दहन को जनाक्रोश की अभिव्यक्ति न मानकर इसे प्रायोजित विरोध-प्रदर्शन करार दे रहे हैं। इनका दावा हैं कि मुकेश विरोधी घोषित तत्वों ने टिकिट न मिलने की हताशा में पर्दे के पीछे रहकर चुनाव से पहले माहौल खराब करने के लिए यह प्रोपेगेंडा रचा है। मालूम होकि कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के प्रमुख सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पिछले माह पवई में परिवर्तन यात्रा की आमसभा में विधायक मुकेश नायक को मंच से ही पुनः प्रत्याशी घोषित करते हुए उपस्थित लोगों से उन्हें पुनः प्रचंड बहुमत से विजयी बनाने की अपील की थी। सिंधिया की इस घोषणा पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव अनिल तिवारी ने शाहनगर में उन्हीं के सामने मुकेश नायक का कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए पवई क्षेत्र की जनाकांक्षाओं के मद्देनजर किसी भी क्षेत्रीय नेता को टिकिट देने की मांग की थी। इस विरोध-प्रदर्शन को अनुशासनहीनता मानते हुए कुछ समय पूर्व अनिल तिवारी को तत्काल प्रभाव से कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था।

प्रशासन को नहीं लगी भनक

पवई विधायक मुकेश नायक के खिलाफ क्षेत्र में बढ़ते विरोध को दर्शाता स्लोगन।

चुनाव आयोग द्वारा पिछले दिनों विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करने के बाद से संपूर्ण मध्यप्रदेश में आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। इस अवधि में सक्षम अधिकारी की अनुमति और पूर्व सूचना के बगैर किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन, आमसभा या अन्य कोई भी सार्वजानिक कार्यक्रम करना आचार संहिता का उल्लंघन करना माना जाता है, जोकि अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए आज जब सोशल मीडिया पर पवई विधायक मुकेश नायक के पुतला दहन के वीडियो और मैसेज वायरल हुए तो नवरात्रि की ड्यूटी में व्यस्त शाहनगर के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अपुष्ट सूत्रों की मानें तो इस प्रदर्शन की न तो पूर्व सूचना दी गई थी और न ही किसी के द्वारा इसकी अनुमति ली गई थी। फलस्वरूप शाहनगर एसडीएम अभिषेक सिंह ठाकुर तथा थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण श्रीवास्तव ने अपने-अपने स्तर पर इसकी छानबीन शुरू कर दी है। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को इस घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है। संभवतः आने वाले दिनों में इस मामले में प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध आचार संहिता का उल्लंघन करने की नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

पन्ना : स्कॉर्पियो से पकड़े 58 लाख रूपये, 1 किलो सोना और चांदी भी मिली

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वाहन चैकिंग के दौरान उत्तरप्रदेश के आगरा निवासी चार लोगों से जप्त की गई नकद राशि।

वाहन चैकिंग के दौरान निर्वाचन की सर्विलांस टीम को मिली बड़ी सफलता

स्कॉर्पियो से कटनी से आगरा जा रहे चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया 

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद मंगलवार को पन्ना जिले के रैपुरा कस्बा में निर्वाचन सर्विलांस टीम ने वाहन चैकिंग के दौरान उत्तरप्रदेश की एक स्कॉर्पियो गाड़ी से 57 लाख 80 हजार रुपये नकद, 1 किलोग्राम सोना और 300 ग्राम चांदी जप्त करते हुए वाहन में सवार चार लोगों को हिरासत में लिया है। रैपुरा तहसीलदार रामप्रताप सिंह और थाना प्रभारी राकेश तिवारी के नेतृत्व की गई इस कार्रवाई को प्रशासन की अब तक सबसे बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इस कार्रवाई की खबर मिलने पर पुलिस के आला अधिकारी भी रैपुरा पहुंच चुके थे। पकड़े गए व्यक्तियों से नकदी रुपयों और सोना-चांदी के संबंध में पूंछतांछ की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 अक्टूबर की रात्रि करीब 8 बजे पन्ना जिले के दूरस्थ सीमावर्ती कस्बा रैपुरा के कटनी तिराहा पर निर्वाचन सर्विलांस टीम मुस्तैदी के साथ वाहन चैकिंग कर रही थी। इस दौरान कटनी की ओर से आई स्कॉर्पियो क्रमांक- UP-80-GD-8334 को रोककर उसमें सवार लोगों से पूंछतांछ की गई। संदेह होने पर स्कॉर्पियो वाहन की तलाशी ली गई जिसके अंदर 57 लाख 80 हजार रुपये नकद, 1 किलोग्राम सोना और 300 ग्राम चांदी पाया गया। बड़ी तादाद में मिली नकदी और सोना-चांदी को पुलिस ने जप्त किया है।

सोना-चांदी व्यापारी होने की है चर्चा

रैपुरा थाना परिसर में खड़ी पुलिस टीम द्वारा पकड़ी गई स्कॉर्पियो गाड़ी।

स्कॉर्पियो में सवार रहे आगरा उत्तरप्रदेश निवासी चार व्यक्तियों संजय उपाध्याय, हिमांशु जैन, मन्नू उर्फ मदन यादव व कपिल उर्फ पप्पू से पुलिस थाना में गहन पूंछतांछ की जा रही है। इनके पास नकदी रुपयों और सोना-चांदी के संबंध कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले है। इस कार्रवाई को लेकर ऐसी चर्चा है पकड़े गए सभी लोग सोना-चांदी के व्यापारी हैं। लेकिन फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि उक्त लोग इतनी अधिक नकद राशि और सोना-चांदी कहां से लाये थे और इसे लेकर कहां जा रहे थे। जप्त रुपये और सोना-चांदी आगरा निवासी व्यापारी संजय उपाध्याय का होना बताया गया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी ने भी इसकी पुष्टि नहीं की है।

वाहन में मिले संदिग्ध 58 लाख रुपये और सोना-चांदी।

इस कार्रवाई के संबंध विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए रैपुरा थाना प्रभारी राकेश तिवारी से संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका मोबाइल बंद मिला। जबकि पवई एसडीओपी बुधवार सुबह जानकारी देने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग के आदेशानुसार आचार संहिता लागू होने के बाद यदि कोई व्यक्ति वैध दस्तावेज के बगैर 10 लाख या इससे अधिक नकद राशि लिए पकड़ा जाता है तो उक्त राशि जप्त कर इसकी सूचना आयकर विभाग को आवश्यक कार्रवाई हेतु दी जायेगी। दरअसल मतदाताओं को नोट या सामग्री वितरण के लालच से प्रभावित होने से रोकने तथा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके विधानसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए आयोग ने इस बार कई सख्त प्रावधान किये हैं। जिसके चलते जिले में लगातार विभिन्न कार्रवाइयां की जा रही है।