भाजपा जिलाध्यक्ष के भाई की दबंगई | वनकर्मियों से जप्त जेसीबी मशीन को लेकर भाग गए

0
2954
सांकेतिक फोटो।

वन क्षेत्र में अवैध उत्खनन करते पकड़ी थी जेसीबी मशीन, पन्ना जिले के उत्तर वन मंडल

की धरमपुर रेंज का मामला, पत्रकारों को घटनाक्रम की जानकारी देने से बचते रहे धरमपुर रेंजर

24 घंटे बाद कहानी में आया ट्विस्ट, रेंजर अब अपनी ही कार्रवाई को बता रहे गलत

डीएफओ ने माना रेंजर की भूमिका संदिग्ध, बोले मौके पर जाकर स्वयं जांच करूंगा

पन्ना। रडार न्यूज    मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम के छोटे भाई रामबाबू गौतम पर वन क्षेत्र में अवैध रूप से नलजल योजना की पाइप लाइन बिछाने के लिए जेसीबी मशीन से नाली की खुदाई कराने और जेसीबी मशीन को वनकर्मियों द्वारा जप्त करने पर खुलेआम दबंगई दिखाते हुए उसे छुड़ाकर ले जाने के आरोप लगे है। रविवार 21 अक्टूबर की रात से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस खबर की सत्यता जानने के लिए पत्रकारों ने धरमपुर रेंजर बी.के. विश्वकर्मा को कई बार कॉल किये लेकिन उन्होंने मोबाइल फोन रिसीव नहीं किया। वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के बजाय रेंजर धरमपुर इस गंभीर मामले पर रहस्मय गहरी चुप्पी साधे रहे। उधर उत्तर वन मंडल पन्ना के डीएफओ नरेश सिंह यादव से जब रविवार की ही रात्रि में बात की गई तो उन्होंने उक्त घटनाक्रम की आंशिक तौर पर पुष्टि करते हुए इसे सही बताया लेकिन वनकर्मियों से जप्तशुदा जेसीबी मशीन लेकर भाग निकलने तथा वन क्षेत्र में अवैध खुदाई कराने वालों के नाम मालूम न होने की बात कही। मजेदार बात यह है कि कथित तौर पर सत्ताधारी दल भाजपा के जिलाध्यक्ष के भाई से सीधे जुड़े इस मामले में महज 24 घंटे बाद ही नया मोड़ आ गया है।

रेंजर की भूमिका पर लगा प्रश्न चिन्ह

घटनाक्रम के संबंध में वाट्सएप ग्रुप में पोस्ट की गई सूचना का फोटो।

आश्चर्यजनक रूप से वन परिक्षेत्र धरमपुर के रेंजर बी.के. विश्वकर्मा अब अपनी ही कार्रवाई को गलत बता रहे हैं। सोमवार 22 अक्टूबर 2018 को उन्होंने डीएफओ को बताया कि जिस स्थान से जेसीबी मशीन पकड़ी गई थी वह वन क्षेत्र नहीं बल्कि राजस्व क्षेत्र था। रेंजर साहब अब अपनी गलती स्वीकार करते हुए वन-राजस्व सीमा निर्धारण की अस्पष्टता के कारण भ्रम की स्थिति में राजस्व क्षेत्र में कार्रवाई करने की बात कह रहे है। रहस्मयी चुप्पी तोड़ते हुए रेंजर के द्वारा किये गए इस चौंकाने वाले खुलासे से इस मामले में उनकी भूमिका को लेकर संदेह गहरा गया है। रेंजर के बदले हुए रुख को सत्ता के दबाब में वन अपराध के आरोपियों को कथित रूप से बचाने के लिए नई कहानी गढ़ने और अपनी व अधीनस्थ अमले की कारगुजारियों को पर पर्दा डालने चर्चाओं को बल मिल रहा है। सवाल यह भी है कि जेसीबी को पकड़ते समय रेंजर जैसे जिम्मेदार अधिकारी ने यह सुनिश्चित क्यों नहीं किया कि जहां पर खुदाई की गई वह वन क्षेत्र है या राजस्व भूमि है। इस मामले में समग्र परिस्थितियों के मद्देनजर आमजन के साथ-साथ उत्तर वन मंडल पन्ना के डीएफओ नरेश सिंह यादव भी धरमपुर रेंजर के दावे और उनकी भूमिका को संदिग्ध मानते हुए स्वयं मौके पर जाकर जीपीएस और टोपोशीट के आधार पर जांच करने की बात कह रहे हैं। जिले के राजनैतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बने इस प्रकरण की सत्यता तो निष्पक्ष जांच होने पर ही पता चलेगी। बहरहाल रेंजर धरमपुर ने पहले कार्रवाई करके और फिर कथित आरोपियों द्वारा जप्त जेसीबी मशीन को दबंगई दिखाते छुड़ाकर ले जाने के बाद अपनी ही कार्रवाई को ही गलत बताकर एक बार फिर से वन विभाग की अच्छी खासी फजीहत करा दी है।

क्या है मामला

उत्तर वन मंडल पन्ना के डीएफओ नरेश सिंह यादव।

पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत मझगांय बांध से क्षेत्र के ग्रामों में समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत पेयजल सप्लाई हेतु मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित परियोजना क्रियान्वयन इकाई पन्ना द्वारा पाइप लाइन बिछाई जा रही है। धरमपुर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले वन ग्राम कुड़रा तक पाइप लाइन बिछाने के लिए जल निगम ने उत्तर वन मंडल से 3.71 हेक्टेयर वन भूमि में कार्य करने की अनुमति पिछले महीने मांगी थी। जल निगम के इस आवेदन पत्र कार्रवाई चल ही रही थी कि इस बीच चुनाव आचार संहिता लगने के कारण यह लंबित हो गया। उधर रविवार 21 अक्टूबर 2018 को बिना अनुमति के एक जेसीबी मशीन से वन क्षेत्र में पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई शुरू कर दी गई। उत्तर वन मंडल पन्ना के डीएफओ नरेश सिंह यादव ने बताया कि दोपहर में 3 बजे धरमपुर रेंजर बी. के. विश्वकर्मा द्वारा उन्हें मोबाइल पर इसकी जानकारी दी गई। बिना अनुमति के वन भूमि में उत्खनन कार्य होने पर रेंजर ने दलबल के साथ कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन को पकड़ लिया। रेंजर ने मुझे बताया कि इस कार्रवाई के कुछ देर बाद अंधेरा होने तथा अचानक मौसम खराब होने का लाभ उठाकर कतिपय लोग जप्त जेसीबी मशीन को लेकर भाग गए। इस मामले अजयगढ़ के जनपद सदस्य रामबाबू गौतम का नाम सामने आया है, जिसकी पुष्टि आज खुद डीएफओ ने की है। उल्लेखनीय है कि भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम और उनके भाई रामबाबू पिछले कुछ समय से लगातार विवादों और आरोपों के घेरे में हैं। दोनों भाइयों पर सत्ता की आड़ में अजयगढ़ क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन कराने के बेहद गंभीर आरोप लगते रहे हैं।

इनका कहना है-
मैं अभी भोपाल में हूं कहां किसकी जेसीबी मशीन पकड़ी है और कौन उसे छुड़ाकर ले गया मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। वन क्षेत्र में रामबाबू जेसीबी क्यों चलवायेगा, बात करता हूं-पता करता हूं।

सतानंद गौतम, जिलाध्यक्ष भाजपा पन्ना।

मेरी न तो जेसीबी मशीन पकड़ी गई और न ही मेरा कहीं कोई काम चल रहा है। वाट्सएप पर किसी अमित जड़िया ने मेरे खिलाफ कोई मनगढ़ंत आधारहीन पोस्ट डाली है ऐसा मुझे पता चला है, मैं इस पर संबंधित व्यक्ति से बात करता हूं। इन बातों में कोई सत्यता नहीं है यह मुझे और मेरे भाई को बेबजह बदनाम करने की साजिश है।

रामबाबू गौतम, जनपद सदस्य अजयगढ़।