आचार संहिता उल्लंघन का मामला : पत्रकार के खिलाफ फर्जी प्रकरण दर्ज करने का विरोध

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कलेक्टर मनोज खत्री और एसपी विवेक सिंह से चर्चा करते पत्रकारगण।

पन्ना में पत्रकारों ने सामुहिक रूप से कलेक्टर-एसपी को सौंपा ज्ञापन

फर्जी प्रकरण वापिस लेने और बिना जांच मामला दर्ज करने पर टीआई के निलंबन की मांग

पन्ना। रडार न्यूज  आचार संहिता प्रभावी होते ही प्रशासनिक और और पुलिस अधिकारियों की तानाशाहीपूर्ण हनक शुरू हो गई है। जिसका ताजा मामला जिले के शाहनगर क्षेत्र में विगत दिनों तब सामने आया जब ग्रामीणों दवारा बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन करते हुए क्षेत्रीय विधायक मुकेश नायक का पुतला दहन करने पर प्रदर्शनकारी ग्रामीणों के साथ-साथ इस खबर का कवरेज करने वाले पत्रकार मदन तिवारी के विरुद्ध आचार संहिता के उल्लंघन का मामला पंजीबद्ध किया गया। शाहनगर थाना पुलिस बिना किसी प्रमाण के मनमाने तरीके से पत्रकार को प्रदर्शनकारियों के साथ आरोपी बनाये जाने से पुलिस की कार्यशैली और मंशा प्रश्नचिन्ह लग गया है। पुलिस की इस कार्रवाई की तीखी आलोचना हो रही है। उधर सोमवार को जिला मुख्यालय पन्ना के पत्रकारों ने सामूहिक रूप से इसकी कड़ी निंदा करते हुए पन्ना कलेक्टर मनोज खत्री और पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह को इस मामले को इस मामले के विरोध स्वरुप ज्ञापन सौंपते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पत्रकारों ने इस घटना को मीडिया पर हमला करार दिया है। पत्रकारों ने बिना जांच के पत्रकारों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने को गलत बताते हुए पत्रकार मदन तिवारी के खिलाफ दर्ज मामले को वापिस लेने तथा शाहनगर थाना प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।

कैसे खबर कवर कर पाएंगे पत्रकार

ज्ञापन सौंपने के बाद कलेक्ट्रेट से बहार आते पत्रकारगण।

सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया कि शाहनगर पुलिस की यह कार्यवाही बेहद ही निंदनीय और लोकतांत्रिक के चौथे स्तंभ पर हमला है। चुनाव के दौरान हर तरह की गतिविधियों की रिपोर्टिंग करना पत्रकारों का दायित्व है, ऐसे में कवरेज के दौरान यदि पत्रकार की उपस्थिति पर उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होता है तो चुनाव कवरेज करना संभव ही नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि पत्रकार भीड़ का हिस्सा नहीं हैं, बावजूद इसके शाहनगर पुलिस ने बिना अनुमति हुए प्रदर्शन में पत्रकार मदन तिवारी की भूमिका की जांच किये बगैर ही सिर्फ शिकयत के आधार पर उनके विरूद्ध आपराधिक मामला दर्ज कर लिया। ज्ञापन में लेख है कि इस तरह की घटना ने सभी पत्रकारों को भयभीत कर दिया है। चुनाव में कवरेज कैसे करें, यह सवाल बना हुआ है। क्या अब पुलिस प्रशासन और जनसंपर्क विभाग के निर्देशों पर यदि खबरों का कवरेज व प्रकाशन करना होगा, तो निष्पक्ष पत्रकारिता कैसे संभव होगी ? पत्रकारों ने मांग करते हुए कहा कि 72 घंटों के अंदर जांच कर प्रकरण से मदन तिवारी का नाम हटाया जाये, साथ ही पुलिस रिकार्ड में समाचार पत्र का नाम लिखने और बिना जांच पत्रकार पर प्रकरण दर्ज करने वाले लापरवाह थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाये।

जल्द होगी कार्यवाही- कलेक्टर

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर मनेज खत्री ने इस मामले में बिना जांच प्रकरण दर्ज करने पर खेद जताया है। वहीं पुलिस अधीक्षक विवके सिंह ने भी उक्त प्रकरण की जल्द से जल्द जांच कराकर उचित कार्यवाही का भरोसा दिया है। कलेक्टर पन्ना ने कहा कि चुनाव में इस तरह की कुछ गलतियां होती है, जिन्हें नजरअंदाज कर मीडिया को सहयोगी भूमिका निभानी चाहिए ताकि निर्वाचन का कार्य सहजता से हो संपन्न सके। उन्होंने इस प्रकरण पर जल्द कार्यवाही का भरोसा दिया।