द बर्निंग वैन | घाटी में गिरी मारुति वैन में हुआ ब्लास्ट, एक व्यक्ति जिंदा जला

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जली हुई मारुती वैन और उसमें मृत व्यक्ति के कंकाल को देखते राहगीर।

पन्ना जिला मुख्यालय से 17 किलोमीटर दूर अजयगढ़ घाटी में हुआ हादसा

मौके पर पहुंचा दमकल वाहन और पुलिस, वैन से मृत व्यक्ति का कंकाल बरामद

करीब 4 वर्ष पूर्व मड़ला घाटी में हुए भीषण हादसे की भयावह यादें हुई ताजा

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में एक मारुति वैन के घाटी मोड़ में अनियंत्रित होकर कई फिट नीचे गिरने से उसके सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। इस दर्दनाक हादसे के समय वैन में बीच की सीट में बैठा अज्ञात जिंदा जल गया। पूर्णतः जल चुकी वैन से पुलिस ने मृत अज्ञात व्यक्ति का कंकाल बरामद किया है। हादसे के बाद से मारुति वैन के चालक और उसमें सवार रहे अन्य व्यक्तियों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उक्त लोग कहां और किस हालत में है। यह सनसनीखेज हादसा जिला मुख्यालय पन्ना से करीब 17 किलोमीटर दूर अजयगढ़ घाटी में मंगलवार 23 अक्टूबर 2018 को रात्रि करीब 8 :45 बजे हुआ। मारुति वैन में आग लगने की सूचना मिलने पर पन्ना से दमकल वाहन तुरंत मौके पर पहुंच गया और दमकलकर्मियों द्वारा पानी की बौछार छोड़कर वैन की आग को कुछ ही मिनिट में पूरी तरह बुझा दिया लेकिन तब तक उसके अंदर फंसा रहा अज्ञात व्यक्ति आग की लपटों में जिन्दा जलकर कंकाल बन चुका था।

चालक और सहयात्रियों की तलाश जारी

द बर्निंग वैन बनी मारुती में बीच की सीट में पड़ा मृत व्यक्ति का कंकाल।

पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह ने रडार न्यूज को बताया कि मारुति वैन क्रमांक UP- 71- P-3699 की स्थिति को देखते हुए प्रारंभिक जांच में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह पन्ना से अजयगढ़ की और जा रही थी। रास्ते में घाटी के खतरनाक मोड़ पर वैन चालक वाहन को सही तरीके से काट नहीं पाया। जिससे उक्त वाहन के कई फिट नीचे गिरने से उसमें लगी गैस किट के सिलेंडर में विस्फोट हो गया और भीषण आग लग गई। अचानक हुए इस हादसे के कारण वैन के अंदर बीच की सीट में बैठा अज्ञात व्यक्ति समय रहते बाहर नहीं निकल पाया जिससे वह जिन्दा जल गया। हादसे के बाद से वैन चालक और उसमें सवार रहे व्यक्तियों के संबंध में अब कुछ भी पता नहीं चल सका। कंकाल में तब्दील हो चुके मृत व्यक्ति की शिनाख्त हेतु पुलिस उसके साथ यात्रा कर रहे लोगों की खोजबीन में जुटी है। आज की इस दर्दनाक घटना ने पन्ना जिले की मड़ला घाटी में करीब चार वर्ष पूर्व एक तेज रफ़्तार बस के पुलिया के नीचे गिरने और उसमें आग लगने से तकरीबन दो दर्जन लोगों के जिंदा जलने की दिल दहला देने वाले हादसे की यादें ताजा कर दी हैं।

जर्जर घाटी मार्ग बन रहे हादसों का कारण

मड़ला घाटी में मोड़ पर ढ़ह चुकी पुलिया की सुरक्षा दीवार और गड्ढ़ों में तब्दील सड़क।

उल्लेखनीय है कि वन विभाग की आपत्तियों के चलते पन्ना जिले की बेहद खतरनाक-खस्ताहाल मड़ला और अजयगढ़ घाटी का चौड़ीकरण तथा निर्माण कार्य लंबे समय से नहीं हो पा रहा है। जिससे अत्यंत ही जर्जर हो चुकी इन दोनों ही घाटियों से होकर गुजरना (यात्रा करना) बेहद ही जोखिम भरा हो गया है। परिणामस्वरूप इन दोनों ही घाटी मार्गों पर आये दिन गंभीर हादसे हो रहे रहे हैं। चिंताजनक पहलू यह कि दोनों घाटी मार्गों की जर्जर हालत के कारण लगातार हो रहे हादसों में लोगों के असमय काल-कवलित होने के बाद भी इनके पुनर्निर्माण के लिए समय रहते जनप्रतिनधियों व प्रशासनिक अधिकारियों की और से कोई ठोस प्रयास नहीं किये गए। इनकी बदहाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों घाटियों की सुरक्षा दीवार जगह-जगह क्षतिग्रस्त होकर ढ़ह चुकी है और रास्ते में पड़ने वाले दशकों पुराने पुल-पुलिया भी धसकने की कगार पर पहुंच चुके हैं। मालूम होकि पन्ना जिले की मड़ला घाटी पन्ना-छतरपुर के बीच नेशनल हाइवे क्रमांक-39 में और अजयगढ़ घाटी कटनी-कानपुर अंतर्राज्जीय राजमार्ग क्रमांक-47 में पन्ना-बांदा के बीच स्थित है। इन दोनों ही महत्वपूर्ण मार्गों से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन निकलते हैं इसलिए इन मार्गों पर बढ़ते हादसों का बड़ा कारण बनी घाटी मार्ग की खस्ताहाल स्थिति में आवश्यक सुधार तथा चौड़ीकरण सहित इनका नए सिरे से निर्माण प्राथमिकता के साथ कराना बेहद जरुरी हो गया है। यदि इस दिशा तत्परता से ईमानदार प्रयास नहीं किये गए तो मड़ला घाटी जैसे भयानक सड़क हादसों की पुनरावृत्ति का खतरा बना रहेगा।