मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन योजना शुरू करने का निर्णय
50 से 79 वर्ष की अविवाहित महिलाओं को 300 रूपये प्रतिमाह मिलेगी पेंशन
मुख्य प्रहरी और पशुपालन विभाग के सांख्यिकी अधिकारियों को नवीन स्वीकृत
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में भोपाल तथा इन्दौर मेट्रो रेल परियोजनाओं को निरंतर रखने की मंजूरी दी। भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के लिये यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक से 500 मिलियन यूरो का ऋण लिये जाने की स्वीकृति भी दी गई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रोजेक्ट मेनेजमेंट यूनिट के लिये 129 पद और प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिटों के 274 पदों के संबंध में निर्णय लिया गया। भोपाल और इन्दौर के लिये पृथक अतिरिक्त प्रबंध संचालक के दो पद के सृजन को मंजूरी दी। सभी पदों की पूर्ति, भर्ती प्रक्रिया, मानदेय, अर्हता तथा अनुभव की आवश्यकता का निर्धारण करने का अधिकार एमपीएमआरसीएल को होगा।मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन योजना शुरू करने का निर्णय लिया। इसमें 50 से 79 वर्ष की अविवाहित पात्र महिलाओं को 300 रूपये प्रतिमाह एवं 80 वर्ष या उससे अधिक की अविवाहित पात्र महिलाओं को 500 रूपये प्रतिमाह पेंशन राशि दी जायेगी।
चिकित्सालयों में सीपीएस डिप्लोमा पाठयक्रम
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के चिकित्सालयों में सीपीएस डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी दी। प्रदेश के चिकित्सालयों में स्त्री रोग (डी.जी.ओ.), शिशु रोग (डी.सी.एच.), निश्चेतना (डी.ए.), जनरल मेडिसिन (डी.जी.एम.), सायकोलॉजिकल मेडिसिन (डी.पी.एम.), पैथालॉजी एवं बैक्टिरियोलॉजी (डी.पी.बी.), जनरल सर्जरी (डी.जी.एम.), मेडिकल रेडियोलॉजी एवं इलेक्ट्रोलॉजी (डी.एम.आर.ई.) एवं इमरजेंसी मेडिसिन (डी.ई.एम.ई), में सी.पी.एस. डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की अनुमति दी। साथ ही सी.पी.एस. डिप्लोमा पाठ्यक्रम को पी.जी. डिप्लोमा के समतुल्य मानने और सी.पी.एस. डिप्लोमा करने वाले चिकित्सा अधिकारियों को सभी लाभ की पात्रता तथा विशेषज्ञ के पदों पर पदोन्नति के लिये भी सी.पी.एस. डिप्लोमा को मान्य करने का निर्णय लिया।
यूपीएससी की नि:शुल्क कोचिंग के लिये होगा चयन
मंत्रि-परिषद ने उच्च शिक्षा विभाग की नवीन योजना में प्रतिभावान स्नातक योग्यता प्राप्त विद्यार्थियों को अखिल भारतीय सेवाओं (यूपीएससी) परीक्षा की तैयारी के लिये दिल्ली में नि:शुल्क कोचिंग देने का निर्णय लिया। इसमें ऐसे प्रतिभावान छात्रों का चयन किया जायेगा, जो स्वयं के व्यय पर कोचिंग नहीं कर पाते। इसमें सभी वर्गों के 100 छात्रों का चयन निर्धारित मापदंड अनुसार कर यूपीएससी की तैयारी करने उन्हें दिल्ली स्थित कोंचिग संस्थानों में भेजा जायेगा।
नई छ: नगर परिषद और एक तहसील बनेंगी
मंत्रि-परिषद ने ग्राम पंचायत सिराली जिला हरदा और ग्राम पंचायत मालनपुर जिला भिण्ड को नगर परिषद के रूप में गठित करने तथा राज्यपाल को प्रेषित करने की मंजूरी दी। इसी प्रकार मंत्रि-परिषद ने नगर परिषद घोड़ाडोंगरी जिला बैतूल, नगर परिषद शाहपुर जिला बैतूल, नगर परिषद सुरखी जिला सागर तथा नगर परिषद निवाली बुजुर्ग जिला बड़वानी गठित करने तथा राज्यपाल को प्रेषित करने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने तहसील माकड़ोन जिला उज्जैन का सृजन करने तथा सृजित की गई नवीन तहसील के लिये आवश्यक पदों का सृजन करने की भी मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने नवीन जिला न्यायालय भवन इन्दौर (पिपल्याहाना) के निर्माण के लिये 411 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
मंत्रि-परिषद ने इन्दौर नगर निगम क्षेत्र में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पुनर्विकास के लिए एमओजी लाईन के चयनित क्षेत्र की कुल 16.413 हेक्टेयर भूमि नगरीय विकास एवं आवास विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने जेल विभाग में मुख्य प्रहरी के 905 पदों में से 180 पदों को प्रमुख मुख्य प्रहरी के पद वेतनमान रूपये 5200-20200+2800 ग्रेड-पे नवीन वेतनमान 28700-91300 में उन्नयन करने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग के सांख्यिकी अधिकारियों को वेतनमान रू. 2000-3500 के स्थान पर रू. 2200-4000 स्वीकृत करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के 676 थानों में महिला पुलिसकर्मियों एवं महिला फरियादियों के लिये पृथक कक्ष और प्रसाधन कक्ष की व्यवस्था के लिये परियोजना लागत 49 करोड़ 10 लाख 84 हजार रूपये की सैद्धान्तिक सहमति प्रदान की।
सहकारी परियोजनाओं को 163 करोड़ की मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के तहत वर्तमान में संचालित 14 एकीकृत सहकारी विकास परियोजनाओं की शेष राशि और 3 नवीन प्रस्तावित परियोजनाओं दतिया, डिण्डौरी एवं दमोह के लिये एकीकृत सहकारी विकास परियोजना को कुल 163 करोड़ रूपये की व्यय सीमा में वर्ष 2019-20 तक निरंतर रखने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के अन्तर्गत प्राथमिक साख सहकारी समितियों (पैक्स एवं लैम्पस) को प्रबंधकीय अनुदान योजना को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक 37 करोड़ 83 लाख की व्यय सीमा में निरंतर रखने की मंजूरी दी गई। योजना में राज्य शासन द्वारा प्रति पैक्स 24 हजार रूपये प्रतिवर्ष और प्रति लैम्पस 48 हजार रूपये प्रतिवर्ष प्रबंधकीय अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। मंत्रि-परिषद ने भोपाल गैस दुर्घटना संबंधित दावा संचालनालय को वर्ष 2017-18 में संचालित करने तथा वर्ष 2018-19 से विभिन्न प्रकार के नवीनीकरण एवं सुदृढीकरण के लिये 2019-20 तक निरंतर संचालित करने की मंजूरी दी।
पुजारी कल्याण कोष गठित होगा
मंत्रि-परिषद ने पुजारियों के हित के लिए पुजारी कल्याण कोष का गठन करने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधान अनुसार खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग के गठन, स्वरूप, कार्यालयीन अमले, वित्तीय अलिप्तियों के लिये जारी किये गये आदेशों का अनुसमर्थन किया। मंत्रि-परिषद ने संरक्षित क्षेत्रों के बाहर वन्य-प्राणी प्रबंधन की योजना को एक अप्रैल 2017 के बाद से वर्ष 2019-20 तक तथा योजना का कुल आकार 265 करोड़ रूपये की सीमा तक मान्य करने की स्वीकृति दी। इसी प्रकार ईको पर्यटन विकास बोर्ड की अनुदान योजना को एक अप्रैल 2017 के बाद आगामी तीन वर्षों तक कुल वित्तीय आकार 96 करोड़ 15 लाख रूपये की सीमा मान्य कर उसे निरंतर रखने की मंजूरी भी दी। मंत्रि-परिषद ने कौशल विकास संचालनालय के तहत नाबार्ड के लोन से आईटीआई भवन निर्माण योजना को वर्ष 2017-18 से 2018-19 तक निरंतर रखने का निर्णय लिया।




जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मंत्री महदेले एवं अध्यक्ष खजुराहो सांसद नागेन्द्र सिंह द्वारा किया गया। जिसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल.के. तिवारी द्वारा आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश निरामयम् योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी तथा उन्होंने बताया कि लगभग 1400 विभिन्न रोग बीमारियों का ईलाज योजना के अन्तर्गत किया जाएगा। कार्यक्रम में कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला क्रियान्वयन इकाई आयुष्मान भारत योजना मनोज खत्री ने उपस्थितजन को सम्बोधित करते हुए बताया कि योजना का लाभ मुख्य रूप से तीन तरह के परिवारों को मिलेगा- पहला सामाजिक आर्थिक जातीय सर्वेक्षण 2011 के चिन्हित परिवार, दूसरा मुख्यमंत्री संबल योजना के पंजीकृत परिवार एवं तीसरे मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के अन्तर्गत पात्रता पर्ची धारक परिवार। उन्होंने बताया कि यह योजना केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही है। जिसमें एक साल में बिना किसी प्रीमियम के 5 लाख तक का ईलाज शासन द्वारा निःशुल्क कराया जाएगा। इस योजना से मरीजों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिलने के साथ-साथ अस्पताल को भी लाभ होगा। लगभग 70 प्रतिशत राशि रोगी कल्याण समिति को प्राप्त होगी, जिससे अस्पताल की अधोसंरचना का विकास होगा। इतना ही नही संबंधित चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टॉफ को भी आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा। योजना के अन्तर्गत उप स्वास्थ्य केन्द्रों को अपग्रेड कर हेल्थ अवेयरनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। वहां सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए सक्षम बनाया जाएगा।
आयुष्मान भारत, मध्यप्रदेश निरामयम् योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए चयनित तीनों वर्ग के हितग्र्राहियों के पास आधार कार्ड, फोटोग्राफ, समग्र आईडी, राशन कार्ड एवं असंगठित श्रमिकों के पास संबल योजना का कार्ड होना आवश्यक है। जिला अस्पताल में एक आयुष्मान भारत कियोस्क (हेल्पडेस्क) स्थापित किया गया है। जिसमें वर्तमान में दो आयुष्मान मित्रों को नियुक्त किया गया है। मरीज को भर्ती के दौरान यह आयुष्मान मित्र उनका पूरा सहयोग करेंगे। मरीज को चिन्हित अस्पताल में जाकर अपना एनरोलमेंट कराना होगा। ई-रिकार्ड के सत्यापन तथा अनुमोदन के बाद हितग्राहियां को गोल्डन ई-कार्ड प्रदाय किया जाएगा।


मनोज गुप्ता- सरल स्वभाव स्वच्छ छवि के उच्च शिक्षित मृदुभाषी नेता और सफल व्यवसाई है। मनोज का बहुआयामी व्यक्तित्व इनकी लोकप्रियता का आधार है। ये खिलाड़ियों और कलाकरों के लिए सबसे बड़े मददगार हैं, गरीब-दीन-दुखियों और जरूरतमंदों के लिए यथा संभव सहयोग करने वाले सहृदयी व्यक्ति हैं। पार्टी के कार्यक्रमों के लिए आवश्यक व्यवस्थायें करने में सदैव तत्पर रहने और सबको साथ लेकर चलने वाले नेता हैं। ग्रामीण अंचल के लोग इन्हें गायत्री परिवार के सक्रिय सदस्य के रूप में जानते हैं, जोकि धार्मिक कर्मकांडों, कुरीतियों और अंधविश्वाश के प्रति जनजागरण के पुनीत कार्य में संलग्न है। श्री गुप्ता लंबे समय से पन्ना की प्रतिभाओं को कला के क्षेत्र में उभारने के लिए उन्हें निस्वार्थ भाव से हर संभव सहयोग दे रहे हैं। इसी तरह खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में भी इनका विशेष योगदान रहता है। समाजसेवा से जुड़े कार्यों से भी युवा नेता मनोज गुप्ता ने अपनी अलग पहचान बनाई है। कांग्रेस नेता मनोज वर्ष 2006 में तब राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं में आये थे जब वार्ड पार्षद के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में इन्होंने भाजपा की कद्दावर नेत्री एवं प्रदेश की मंत्री कुसुम महदेले के वार्ड से उनके ही विश्वस्त प्रत्याशी को बड़े अंतर से पराजित किया था। बहरहाल पन्ना विधानसभा सीट से टिकिट की मांग कर रहे मनोज वैश्य वर्ग से इकलौते दावेदार हैं। वैश्य समाज को आमतौर भाजपा का मजबूत वोट बैंक माना जाता है, ऐसे में यदि मनोज को टिकिट मिलती है तो कांग्रेस इसमें सेंध लग सकती है। लेकिन टिकिट को लेकर इनकी सबसे बड़ी मुश्किल प्रदेश स्तर पर किसी बड़े नेता से जुड़ाव ना होना है।




शनिवार 22 सितम्बर की सुबह स्थानीय पान मंडी के वासिंदों ने चौकी पुलिस को सूचना दी कि रात्रि में ग्यारह घरों के लगभग बीस ताले तोड़कर अज्ञात अपराधियों ने चोरी की छूट-पुट वारदातों को अंजाम दिया है। यह सूचना पाकर हरकत में आई पुलिस ने मौके में पहुॅंचकर घटना का जायजा लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहल्ले के उन लगभग सभी घरों को निशाना बनाकर कटर से ताला या जंजीर तोड़ी गई जो या तो सूने पड़े थे या फिर उन कमरों से थोड़ी दूर घर के लोग सो रहे थे। हालांकि घनी बस्ती में एक-एक कर दर्जन भर मकानों के ताले टूटना पुलिस के लिये उस समय और भी अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है जब एक दिन पूर्व भी पुलिस चौकी के ठीक सामने चोरी की घटना हुई हो। यही नहीं, बीते एक माह के अंदर मोहन्द्रा में चोरी की यह तीसरी घटना है। मोहल्ले के लोगों ने यह भी दावा किया कि मोहन्द्रा के एक पूर्व बस संचालक के नशेड़ी बेटे सहित बस्ती के कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के युवा और दनवारा, पिपरहा, बरतला, गुड़मनिया, पटना खम्परिया व सिमरा गांव के असमाजिक तत्वों का मेलजोल होना भी मोहन्द्रा की छवि को लगातार दागदार बना रहा है। इन्हीं लोगों की वजह से मोहन्द्रा में कुछ न कुछ अपराध होते रहते है।
मोहन्द्रा की पान मंडी इलाके में जिनके घरों-दुकानों के ताले चटकाकर अज्ञात बदमाशों द्वारा चोरी की गई उनमें रामजी चौरसिया व सिया नामदेव की दुकानों के अलावा, दिलीप चौरसिया, अंगद चौरसिया, द्वारका चौरसिया, रामअवतार चौरसिया, रामरतन बब्बा जू, मनीष चौरसिया, रामस्वरुप चौरसिया, रम्मू चौरसिया का मकान शामिल है। इसके अलावा चोरों ने स्थानीय लोगों की आस्था के केंद्र दसाई माता के मंदिर को भी नहीं बख्शा। मंदिर की दान पेटी का ताला तोड़कर शातिर चोर चढ़ोत्री के करीब पांच हजार रुपये चुरा ले गए।
सिमरिया थाना कि पुलिस चौकी मोहन्द्रा के अंतर्गत 28 गांव आते है। विस्तृत क्षेत्र होने के बाबजूद यहां कई वर्षों से पर्याप्त पुलिस बल न होना भी लचर सुरक्षा व्यवस्था का एक बड़ा और अहम् कारण है। चौकी में जब भी किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का आगमन होता है तो स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस बल के रिक्त पदों को भरने की मांग प्रमुखता से की जाती है। लेकिन इस मामले में अधिकारियों से अब तक सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले। परिणामस्वरूप अपराधियों के सक्रिय होने से इलाके में हालत तेजी से खराब हो रहे हैं। वर्तमान में पुलिस चौकी मोहन्द्रा में एक एएसआई, एक प्रधान आरक्षक, एक हवलदार और दो सैनिक पदस्थ है। यहां तीन हवलदारों के पद पिछले कई सालों से रिक्त पड़े है, जिन्हें अब तक भरा नहीं जा सका है। गौर करने वाली बात यह कि उक्त पद कई दशक पूर्व स्वीकृत हुए थे। जब जनसंख्या और चुनौतियां दोनों ही अपेक्षाकृत कम थीं। समय के साथ न तो स्वीकृत पदों में वृद्धि की गई और न ही पूर्व स्वीकृत रिक्त पदों को भरा गया। इसलिए गिनती के पुलिस कर्मियों के रहते हुए अपराधों की प्रभावी रोकथाम होना संभव नहीं है। कोई भी कर्मचारी 24 घंटे ड्यूटी नहीं कर सकता है, यह बात समझते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए रिक्त पदों को भरने लिए गंभीरता से ध्यान देने की जरुरत है

श्रीमती गुन्चा बत्रा अनुभाग अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग ने कहा कि समाज नि:शक्त को भी सशक्त करने में अपना योगदान दे। निर्वाचन आयोग के लिये प्रत्येक निर्वाचक महत्वपूर्ण है। निर्वाचन विधियां दिव्यांग व्यक्तियों को न केवल समानता की गारंटी देती है, अपितु निर्वाचक प्रक्रिया में उनकी पहुंच एवं सहभागिता के लिए भी प्रावधान करती है। कार्यशाला में प्रो. रोहित त्रिवेदी एवं अनिल मुद्गल ने दिव्यांग व्यक्तियों के मतदान में आने वाली आधारभूत कठिनाईयां एवं उनकी विशिष्ट आवश्यकता और राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर पकंज दुबे ने दिव्यांग व्यक्तियों को सुविधायें प्रदान करने के संबंध में विभिन्न नियमों-निर्देशों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। ज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से आये नोडल अधिकारी और पुलिस कॉर्डिनेटर उपस्थित थे।


