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कैबिनेट के निर्णय | भोपाल-इन्दौर मेट्रो रेल परियोजना के लिये 405 पद के सृजन की मंजूरी

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सांकेतिक फोटो।

मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन योजना शुरू करने का निर्णय

50 से 79 वर्ष की अविवाहित महिलाओं को 300 रूपये प्रतिमाह मिलेगी पेंशन

 मुख्य प्रहरी और पशुपालन विभाग के सांख्यिकी अधिकारियों को नवीन स्वीकृत

भोपाल। रडार न्यूज    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में भोपाल तथा इन्दौर मेट्रो रेल परियोजनाओं को निरंतर रखने की मंजूरी दी। भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के लिये यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक से 500 मिलियन यूरो का ऋण लिये जाने की स्वीकृति भी दी गई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रोजेक्ट मेनेजमेंट यूनिट के लिये 129 पद और प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिटों के 274 पदों के संबंध में निर्णय लिया गया। भोपाल और इन्दौर के लिये पृथक अतिरिक्त प्रबंध संचालक के दो पद के सृजन को मंजूरी दी। सभी पदों की पूर्ति, भर्ती प्रक्रिया, मानदेय, अर्हता तथा अनुभव की आवश्यकता का निर्धारण करने का अधिकार एमपीएमआरसीएल को होगा।मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन योजना शुरू करने का निर्णय लिया। इसमें 50 से 79 वर्ष की अविवाहित पात्र महिलाओं को 300 रूपये प्रतिमाह एवं 80 वर्ष या उससे अधिक की अविवाहित पात्र महिलाओं को 500 रूपये प्रतिमाह पेंशन राशि दी जायेगी।

चिकित्सालयों में सीपीएस डिप्लोमा पाठयक्रम

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के चिकित्सालयों में सीपीएस डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी दी। प्रदेश के चिकित्सालयों में स्त्री रोग (डी.जी.ओ.), शिशु रोग (डी.सी.एच.), निश्चेतना (डी.ए.), जनरल मेडिसिन (डी.जी.एम.), सायकोलॉजिकल मेडिसिन (डी.पी.एम.), पैथालॉजी एवं बैक्टिरियोलॉजी (डी.पी.बी.), जनरल सर्जरी (डी.जी.एम.), मेडिकल रेडियोलॉजी एवं इलेक्ट्रोलॉजी (डी.एम.आर.ई.) एवं इमरजेंसी मेडिसिन (डी.ई.एम.ई), में सी.पी.एस. डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की अनुमति दी। साथ ही सी.पी.एस. डिप्लोमा पाठ्यक्रम को पी.जी. डिप्लोमा के समतुल्य मानने और सी.पी.एस. डिप्लोमा करने वाले चिकित्सा अधिकारियों को सभी लाभ की पात्रता तथा विशेषज्ञ के पदों पर पदोन्नति के लिये भी सी.पी.एस. डिप्लोमा को मान्य करने का निर्णय लिया।

यूपीएससी की नि:शुल्क कोचिंग के लिये होगा चयन

मंत्रि-परिषद ने उच्च शिक्षा विभाग की नवीन योजना में प्रतिभावान स्नातक योग्यता प्राप्त विद्यार्थियों को अखिल भारतीय सेवाओं (यूपीएससी) परीक्षा की तैयारी के लिये दिल्ली में नि:शुल्क कोचिंग देने का निर्णय लिया। इसमें ऐसे प्रतिभावान छात्रों का चयन किया जायेगा, जो स्वयं के व्यय पर कोचिंग नहीं कर पाते। इसमें सभी वर्गों के 100 छात्रों का चयन निर्धारित मापदंड अनुसार कर यूपीएससी की तैयारी करने उन्हें दिल्ली स्थित कोंचिग संस्थानों में भेजा जायेगा।

नई छ: नगर परिषद और एक तहसील बनेंगी

मंत्रि-परिषद ने ग्राम पंचायत सिराली जिला हरदा और ग्राम पंचायत मालनपुर जिला भिण्ड को नगर परिषद के रूप में गठित करने तथा राज्यपाल को प्रेषित करने की मंजूरी दी। इसी प्रकार मंत्रि-परिषद ने नगर परिषद घोड़ाडोंगरी जिला बैतूल, नगर परिषद शाहपुर जिला बैतूल, नगर परिषद सुरखी जिला सागर तथा नगर परिषद निवाली बुजुर्ग जिला बड़वानी गठित करने तथा राज्यपाल को प्रेषित करने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने तहसील माकड़ोन जिला उज्जैन का सृजन करने तथा सृजित की गई नवीन तहसील के लिये आवश्यक पदों का सृजन करने की भी मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने नवीन जिला न्यायालय भवन इन्दौर (पिपल्याहाना) के निर्माण के लिये 411 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

मंत्रि-परिषद ने इन्दौर नगर निगम क्षेत्र में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पुनर्विकास के लिए एमओजी लाईन के चयनित क्षेत्र की कुल 16.413 हेक्टेयर भूमि नगरीय विकास एवं आवास विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने जेल विभाग में मुख्य प्रहरी के 905 पदों में से 180 पदों को प्रमुख मुख्य प्रहरी के पद वेतनमान रूपये 5200-20200+2800 ग्रेड-पे नवीन वेतनमान 28700-91300 में उन्नयन करने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग के सांख्यिकी अधिकारियों को वेतनमान रू. 2000-3500 के स्थान पर रू. 2200-4000 स्वीकृत करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के 676 थानों में महिला पुलिसकर्मियों एवं महिला फरियादियों के लिये पृथक कक्ष और प्रसाधन कक्ष की व्यवस्था के लिये परियोजना लागत 49 करोड़ 10 लाख 84 हजार रूपये की सैद्धान्तिक सहमति प्रदान की।

सहकारी परियोजनाओं को 163 करोड़ की मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के तहत वर्तमान में संचालित 14 एकीकृत सहकारी विकास परियोजनाओं की शेष राशि और 3 नवीन प्रस्तावित परियोजनाओं दतिया, डिण्डौरी एवं दमोह के लिये एकीकृत सहकारी विकास परियोजना को कुल 163 करोड़ रूपये की व्यय सीमा में वर्ष 2019-20 तक निरंतर रखने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के अन्तर्गत प्राथमिक साख सहकारी समितियों (पैक्स एवं लैम्पस) को प्रबंधकीय अनुदान योजना को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक 37 करोड़ 83 लाख की व्यय सीमा में निरंतर रखने की मंजूरी दी गई। योजना में राज्य शासन द्वारा प्रति पैक्स 24 हजार रूपये प्रतिवर्ष और प्रति लैम्पस 48 हजार रूपये प्रतिवर्ष प्रबंधकीय अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। मंत्रि-परिषद ने भोपाल गैस दुर्घटना संबंधित दावा संचालनालय को वर्ष 2017-18 में संचालित करने तथा वर्ष 2018-19 से विभिन्न प्रकार के नवीनीकरण एवं सुदृढीकरण के लिये 2019-20 तक निरंतर संचालित करने की मंजूरी दी।

पुजारी कल्याण कोष गठित होगा

मंत्रि-परिषद ने पुजारियों के हित के लिए पुजारी कल्याण कोष का गठन करने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधान अनुसार खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग के गठन, स्वरूप, कार्यालयीन अमले, वित्तीय अलिप्तियों के लिये जारी किये गये आदेशों का अनुसमर्थन किया। मंत्रि-परिषद ने संरक्षित क्षेत्रों के बाहर वन्य-प्राणी प्रबंधन की योजना को एक अप्रैल 2017 के बाद से वर्ष 2019-20 तक तथा योजना का कुल आकार 265 करोड़ रूपये की सीमा तक मान्य करने की स्वीकृति दी। इसी प्रकार ईको पर्यटन विकास बोर्ड की अनुदान योजना को एक अप्रैल 2017 के बाद आगामी तीन वर्षों तक कुल वित्तीय आकार 96 करोड़ 15 लाख रूपये की सीमा मान्य कर उसे निरंतर रखने की मंजूरी भी दी। मंत्रि-परिषद ने कौशल विकास संचालनालय के तहत नाबार्ड के लोन से आईटीआई भवन निर्माण योजना को वर्ष 2017-18 से 2018-19 तक निरंतर रखने का निर्णय लिया।

बीमार न रहेगा अब लाचार | प्रतिवर्ष 5 लाख तक का मुफ्त होगा इलाज

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आयुष्मान भारत, मध्यप्रदेश निरामयम् योजना का हुआ शुभारंभ

पन्ना। रडार न्यूज  देश के सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत योजना 23 सितंबर 2018 से पूरे देश में लागू हो गयी है। जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सुश्री कुसुम सिंह महदेले मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी द्वारा इस महत्वकांक्षी योजना का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम जिला चिकित्सालय पन्ना परिसर में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मंत्री महदेले द्वारा फीता काटकर जिला चिकित्सालय पन्ना में आयुष्मान भारत कियोस्क (हेल्पडेस्क) का उद्घाटन किया। जिसके बाद जिला चिकित्सालय की जीर्णोद्धार की गयी बर्न यूनिट का भी लोकार्पण किया तथा वहां की गयी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में रांची से प्रधानमंत्री द्वारा योजना के शुभारंभ कार्यक्रम का भी सीधा प्रसारण सभी उपस्थितों द्वारा देखा गया।

1400 बीमारियों के ईलाज की सुविधा

जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मंत्री महदेले एवं अध्यक्ष खजुराहो सांसद नागेन्द्र सिंह द्वारा किया गया। जिसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल.के. तिवारी द्वारा आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश निरामयम् योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी तथा उन्होंने बताया कि लगभग 1400 विभिन्न रोग बीमारियों का ईलाज योजना के अन्तर्गत किया जाएगा। कार्यक्रम में कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला क्रियान्वयन इकाई आयुष्मान भारत योजना मनोज खत्री ने उपस्थितजन को सम्बोधित करते हुए बताया कि योजना का लाभ मुख्य रूप से तीन तरह के परिवारों को मिलेगा- पहला सामाजिक आर्थिक जातीय सर्वेक्षण 2011 के चिन्हित परिवार, दूसरा मुख्यमंत्री संबल योजना के पंजीकृत परिवार एवं तीसरे मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के अन्तर्गत पात्रता पर्ची धारक परिवार। उन्होंने बताया कि यह योजना केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही है। जिसमें एक साल में बिना किसी प्रीमियम के 5 लाख तक का ईलाज शासन द्वारा निःशुल्क कराया जाएगा। इस योजना से मरीजों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिलने के साथ-साथ अस्पताल को भी लाभ होगा। लगभग 70 प्रतिशत राशि रोगी कल्याण समिति को प्राप्त होगी, जिससे अस्पताल की अधोसंरचना का विकास होगा। इतना ही नही संबंधित चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टॉफ को भी आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा। योजना के अन्तर्गत उप स्वास्थ्य केन्द्रों को अपग्रेड कर हेल्थ अवेयरनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। वहां सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए सक्षम बनाया जाएगा।

हितग्राहियों को वितरित किए गोल्डन ई-कार्ड

योजना के शुभारंभ अवसर पर अतिथियों द्वारा हितग्राहियों को गोल्डन ई-कार्ड वितरित किए गए। मुख्य अतिथि मंत्री सुश्री महदेले सहित अन्य अतिथियों ने हितग्राही रमेश प्रजापति, मुजाहिद रजा, मुकेश कुशवाहा, दयाराम विश्वकर्मा एवं नत्थूलाल को मंच से टोकन स्वरूप गोल्डन ई-कार्ड प्रदाय किए गए। शेष हितग्राहियों को जिला अस्पताल द्वारा कार्ड वितरित किए जाएंगे।

लाभ लेने के लिए यह दस्तावेज आवश्यक

आयुष्मान भारत, मध्यप्रदेश निरामयम् योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए चयनित तीनों वर्ग के हितग्र्राहियों के पास आधार कार्ड, फोटोग्राफ, समग्र आईडी, राशन कार्ड एवं असंगठित श्रमिकों के पास संबल योजना का कार्ड होना आवश्यक है। जिला अस्पताल में एक आयुष्मान भारत कियोस्क (हेल्पडेस्क) स्थापित किया गया है। जिसमें वर्तमान में दो आयुष्मान मित्रों को नियुक्त किया गया है। मरीज को भर्ती के दौरान यह आयुष्मान मित्र उनका पूरा सहयोग करेंगे। मरीज को चिन्हित अस्पताल में जाकर अपना एनरोलमेंट कराना होगा। ई-रिकार्ड के सत्यापन तथा अनुमोदन के बाद हितग्राहियां को गोल्डन ई-कार्ड प्रदाय किया जाएगा।

पन्ना विधानसभा क्षेत्र | कांग्रेस से टिकिट के लिए दावेदारों ने झोंकी ताकत, किसका दावा मजबूत

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चुनाव के ऐलान से पहले टिकिट पाने के लिए तेज हुई जोर आजमाइश

दिल्ली-भोपाल में शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर समझा रहे जीत के समीकरण

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 की रणभेरी बजने से ठीक पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सभी राजनैतिक दलों से टिकिट की मांग कर रहे दावेदारों के बीच आखिरी समय में टिकिट को लेकर जोर आजमाइश ऐसी चल रही है कि शीर्ष नेता काफी सोच-विचार करने को मजबूर हो गए हैं। कई दिनों से दिल्ली और भोपाल में डेरा डाले टिकिट के दावेदार बायोडाटा के साथ अपनी-अपनी पार्टी के उन सभी नेताओं से मेल-मुलाकात कर रहे जिनकी टिकिट वितरण में अहम भूमिका मानी जा रही। साथ ही वे अपने राजनैतिक आकाओं की परिक्रमा कर उन्हें अपनी जीत के समीकरण समझाते हुए टिकिट के लिए उनका आशीर्वाद लेने में लगे हैं। बुंदेलखंड अंचल के पन्ना जिले की पन्ना विधानसभा सीट से कांग्रेस के दावेदारों की बात करें तो यहां स्थिति एक अनार और कई बीमार वाली है। अब तक यहां करीब दो दर्जन टिकिट के दावेदार उभर कर सामने आये हैं। कांग्रेस में पन्ना से विधायक की टिकट की दावेदारी को लेकर महिला और पुरुष दोनों ही दावेदार ताल ठोक रहे हैं। जातिगत आधार पर दावेदारों का वर्गीकरण कर देखें तो ठाकुर (क्षत्रिय) नेताओं में शिवजीत सिंह, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, केशव प्रताप सिंह, भास्कर देव बुंदेला, अजयवीर सिंह बमरी, उपेंद्र प्रताप सिंह, मार्तण्ड देव बुंदेला शामिल हैं। पिछड़ा वर्ग से- बृजमोहन सिंह यादव, रामप्रसाद यादव बंदू , जगदीश यादव लौलास, मीना सिंह यादव मुख्य दावेदार हैं। ब्राह्मण नेताओं में श्रीकांत दुबे, शारदा पाठक, भरत मिलन पाण्डेय, अनुराधा शेंडगे, शशिकांत दीक्षित, रविंद्र शुक्ला, श्रीकांत दीक्षित, धीरज गुड्डू तिवारी, मुरारी लाल थापक, राकेश गर्ग के नाम चर्चा में हैं। जबकि वैश्य समाज से मनोज गुप्ता और आदिवासी नेताओं में जगदेव सिंह खज्जू राजा टिकिट के इकलौते दावेदार हैं।

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पन्ना जिले में पन्ना सहित कुल तीन विधानसभा सीटें हैं जिसमें गुनौर की सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। शेष दो सीटें पन्ना और पवई अनारक्षित हैं। प्रायः सभी राजनैतिक दल दोनों अनारक्षित सीटों पर चुनावी जीत के उद्देश्य से जातिगत समीकरणों को साधने के लिए अलग-अलग जाति-वर्ग के प्रत्याशी घोषित करते रहे हैं। इस तरह देखें तो पन्ना जिले की पवई सीट से कांग्रेस के वर्तमान विधायक मुकेश नायक जोकि 2013 के विधानसभा चुनाव में दस हजार से अधिक मतों से विजयी हुए थे, उन्हें विरोध के बाबजूद पुनः टिकिट मिलना लगभग तय है। पवई से मुकेश नायक रिपीट होते हैं तो पन्ना विधानसभा से ब्राह्मण नेताओं की टिकिट की दावेदारी कमजोर होगी जिसका स्वाभविक लाभ अन्य वर्गों के दावेदारों को मिलेगा। शायद यही वजह है कि अन्य वर्गों के दावेदारों के नाम कहीं अधिक गंभीरता से लिए जा रहे हैं। पन्ना सीट से कांग्रेस की टिकिट के दावेदारों में सबसे मजबूत दावा किसका है, दावेदारों के प्लस और माइनस पॉइन्ट क्या हैं, इन्हें लेकर जनमानस की क्या राय है, इन्हीं सब बिंदुओं से लेकर जनचर्चाओं के आधार पर प्रस्तुत है खास रिपोर्ट-

केशव प्रताप सिंह- स्वच्छ छवि के उच्च शिक्षित नेता हैं और पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस पार्टी में काफी सक्रिय हैं। इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी सशक्त है। केशव प्रताप छंगेराजा परिवार के सदस्य हैं और पन्ना राजपरिवार के दामाद हैं। ये वर्तमान में पन्ना विधानसभा क्षेत्र से ही जिला पंचायत के सदस्य हैं। इनके दो भाई भी पन्ना सीट से टिकिट के दावेदार हैं साथ ही केशव प्रताप सिंह की पत्नी दिव्यारानी सिंह वर्तमान में जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष है। पूर्व में इनकी पत्नी और चाचा को पवई सीट से कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया था तब दोनों को हार का सामना करना पड़ा था। आमलोगों के लिए इनकी सहज उपलब्धता थोड़ी मुश्किल रहती है। शिवजीत सिंह– बेदाग छवि और मिलनसार स्वाभाव के लोकप्रिय नेता हैं। कई दशक से कांग्रेस पार्टी में सक्रिय रहते हुए महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया है। पूर्व में पन्ना कृषि उपज मंडी समिति सदस्य भी रहे हैं। ग्रामीण राजनैतिक पृष्ठभूमि वाले शिवजीत सिंह की सबसे बड़ी खूबी लोगों के सुख-दुःख में उनके साथ खड़े रहना है। इसलिए समाज के सभी वर्गों में इनकी अच्छी-खासी पैठ होने के साथ-साथ पन्ना विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव लोगों से जीवंत संपर्क कायम है। क्षत्रिय दावेदारों के बीच शिवजीत सिंह जनाधार वाले नेता हैं। अन्य दावेदारों की तुलना में शिवजीत सिंह को टिकिट मिलने पर वे विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर देने का माद्दा रखते हैं। लेकिन टिकिट की दौड़ में इनकी सबसे बड़ी कमजोरी प्रदेश स्तर पर किसी बड़े नेता की सरपरस्ती न होना है। इसलिए बहुत सी बातें पक्ष में होने के बाद भी इन्हें अब तक टिकिट नहीं मिल सकी। ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह- उच्च शिक्षित, विनम्र और शालीन स्वाभाव के सफल कारोबारी हैं। कांग्रेस पार्टी में कई वर्षों से सक्रिय रहते हुए अहम पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पन्ना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अजयगढ़ विकासखंड में पैतृक ग्राम होने के साथ-साथ वहां व्यवसायिक गतिविधियों के फैलाव के चलते गांव-गांव लोगों से अच्छा मेलजोल है। श्री सिंह प्रतिष्ठित छंगेराजा परिवार के सदस्य हैं। पूर्व में इनके पिता को पवई सीट से कांग्रेस पार्टी ने चुनावी समर उतारा था जिसमें उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। क्षत्रिय नेताओं के बीच टिकिट के प्रबल दावेदार माने जा रहे ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के लिए समस्या की बात यह है कि इनके दो चचेरे भाई केशव प्रताप सिंह और उपेंद्र प्रताप सिंह भी पूरे दमखम से टिकिट मांग रहे हैं।

मनोज गुप्ता- सरल स्वभाव स्वच्छ छवि के उच्च शिक्षित मृदुभाषी नेता और सफल व्यवसाई है। मनोज का बहुआयामी व्यक्तित्व इनकी लोकप्रियता का आधार है। ये खिलाड़ियों और कलाकरों के लिए सबसे बड़े मददगार हैं, गरीब-दीन-दुखियों और जरूरतमंदों के लिए यथा संभव सहयोग करने वाले सहृदयी व्यक्ति हैं। पार्टी के कार्यक्रमों के लिए आवश्यक व्यवस्थायें करने में सदैव तत्पर रहने और सबको साथ लेकर चलने वाले नेता हैं। ग्रामीण अंचल के लोग इन्हें गायत्री परिवार के सक्रिय सदस्य के रूप में जानते हैं, जोकि धार्मिक कर्मकांडों, कुरीतियों और अंधविश्वाश के प्रति जनजागरण के पुनीत कार्य में संलग्न है। श्री गुप्ता लंबे समय से पन्ना की प्रतिभाओं को कला के क्षेत्र में उभारने के लिए उन्हें निस्वार्थ भाव से हर संभव सहयोग दे रहे हैं। इसी तरह खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में भी इनका विशेष योगदान रहता है। समाजसेवा से जुड़े कार्यों से भी युवा नेता मनोज गुप्ता ने अपनी अलग पहचान बनाई है।  कांग्रेस नेता मनोज वर्ष 2006 में तब राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं में आये थे जब वार्ड पार्षद के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में इन्होंने भाजपा की कद्दावर नेत्री एवं प्रदेश की मंत्री कुसुम महदेले के वार्ड से उनके ही विश्वस्त प्रत्याशी को बड़े अंतर से पराजित किया था। बहरहाल पन्ना विधानसभा सीट से टिकिट की मांग कर रहे मनोज वैश्य वर्ग से इकलौते दावेदार हैं। वैश्य समाज को आमतौर भाजपा का मजबूत वोट बैंक माना जाता है, ऐसे में यदि मनोज को टिकिट मिलती है तो कांग्रेस इसमें सेंध लग सकती है। लेकिन टिकिट को लेकर इनकी सबसे बड़ी मुश्किल प्रदेश स्तर पर किसी बड़े नेता से जुड़ाव ना होना है।

बृजमोहन सिंह यादव- पन्ना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कांग्रेस में पिछड़े वर्ग से स्वच्छ छवि, सरल स्वाभाव के लोकप्रिय और ग्रामीण अंचल में जनाधार वाले नेता। लंबे समय से त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। स्वयं सरपंच और सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष है। श्री यादव की माता जी पूर्व में जिला पंचायत की सदस्य और जनपद पंचायत पन्ना की अध्यक्ष रहीं है। वहीं लंबे समय तक यादव महासभा का जिलाध्यक्ष रहने के फलस्वरूप बृजमोहन सिंह यादव की अपने समाज में भी अच्छी पकड़ है। प्रदेश स्तर पर कांग्रेस के किसी प्रभावशाली नेता से जुड़ाव न होना टिकिट के इनके मजबूत दावे को कमजोर करता है। रामप्रसाद यादव बंदू – सामंजस्य बनाकर चलने वाले लो-प्रोफाइल जमीनी नेता। पन्ना विधानसभा के वनक्षेत्र से सटे ग्रामों में प्रभाव रखते हैं। वर्तमान में इनकी पत्नी जिला पंचायत की सदस्य हैं। एक क्षेत्र विशेष तक सीमित होने के कारण लम्बे राजनैतिक कैरियर के बाबजूद लोगों के बीच उभरकर कभी सामने नहीं आये। मीना यादव- पिछड़े वर्ग की उच्च शिक्षित सक्रिय नेत्री। इस बार पुनः टिकिट की मांग उन्होंने की है। मालूम होकि वर्ष 2013 के चुनाव में कांग्रेस ने इन्हें उम्मीदवार बनाया लेकिन जब नतीजे आये तो पार्टी की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा। वर्ष 2008 में पूर्व विधायक श्रीकांत दुबे से तो मीना यादव को कुछ ज्यादा वोट मिले लेकिन फिर भी वे अपनी जमानत नहीं बचा सकी। इस चुनाव में बसपा दूसरे और कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही।

श्रीकांत दुबे – पूर्व विधायक होने के साथ-साथ एक ईमानदार लो प्रोफाइल नेता की छवि। वर्ष 2008 में पन्ना सीट से विधायक निर्वाचित हुए श्री दुबे अपने कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य और स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य होने का दावा करते हैं। लोकप्रिय ब्राह्मण चेहरे के रूप कांग्रेस से टिकिट के प्रबल दावेदार हैं। पारिवारिक पृष्ठभूमि भी काफी सशक्त है। इनका कमजोर पक्ष वर्ष 2008 के चुनाव में सिर्फ 42 वोटों के अंतर से विजयी होना है। विधायक रहते हुए यूनिवर्सिटी की मांग पर पन्ना के पक्ष को मजबूती से सरकार के समक्ष नहीं रखा। पन्ना में कांग्रेस नेताओं का एक गुट भी इनके विरोध में बताया जाता है। शारदा पाठक- परिवार परामर्श केंद्र में लंबे समय तक कार्य करते हुए समाजसेविका के रूप में पहचान बनाने वाली उच्च शिक्षित नेत्री। अपने विनम्र स्वाभाव और सतत सक्रियता के फलस्वरूप पार्षद से पन्ना नगर पालिका अध्यक्ष तक का सफर तय कर चुकी हैं। अब विधायक बनने की तमन्ना है। इन्हें लेकर कतिपय लोगों की ऐसी धारणा है कि इनके निर्णय स्वतंत्र नहीं होते। नपा अध्यक्ष कार्यकाल के दौरान पूरे समय ये चंद लोगों से घिरी रहीं जोकि पर्दे के पीछे से नगर विकास के निर्णयों को प्रभावित करते थे। भरत मिलन पाण्डेय- पन्ना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली जनपद पंचायत अजयगढ़ के अध्यक्ष है। क्षेत्र में इनकी छवि एक संघर्षशील-जुझारू नेता की है। ये जितने लोकप्रिय है उतने ही विवादित भी हैं। पन्ना विधानसभा क्षेत्र भौगोलिक दृष्टिकोण से दो हिस्सों में बंटा है। घाटी के नीचे अजयगढ़ क्षेत्र में भरत मिलन जितने मजबूत है घाटी के ऊपर पन्ना में उतने ही कमजोर हैं।

पन्ना विधानसभा क्षेत्र क्रमांक -60 एक नजर में

मतदान केंद्र290
कुल मतदाता – 224468
पुरुष मतदाता -120410
महिला मतदाता -104055

पन्ना विधानसभा चुनाव परिणाम 2013-

अभ्यर्थी का नाम

दल

प्राप्त मत

प्रतिशत

परिणाम

कुसुम सिंह महदेले

भाजपा

54778

37.64

विजयी

महेन्द्र पाल वर्मा

बसपा

25742

17.69

निकटतम प्रतिद्वंदी

मीना सिंह यादव

कांग्रेस

23439

16.10

जमानत जप्त

पन्ना विधानसभा चुनाव परिणाम 2008-

अभ्यर्थी का नाम

दल

प्राप्त मत

प्रतिशत

परिणाम

श्रीकांत दुबे

कांग्रेस

22583 21.10 विजयी
कुसुम सिंह महदेले

भाजपा

22541

21.6

निकटतम प्रतिद्वंदी

राजकुमार जैन

सपा 19800 18.30
पराजित

पन्ना विधानसभा क्षेत्र से अब तक निर्वाचित विधायक

1951-52 लाल मोहम्मद – कांग्रेस
• 1957 देवेंद्र विजय सिंह – निर्दलीय
• 1962 नरेंद्र सिंह – कांग्रेस
• 1967 हेतराम दुबे – कांग्रेस
• 1972 हेतराम दुबे – कांग्रेस
• 1977 लोकेन्द्र सिंह – जनता पार्टी
• 1980 हेतराम दुबे – कांग्रेस
1985 जयप्रकाश पटेल – भाजपा
• 1990 कुसुम सिंह महदेले – भाजपा
• 1993 लोकेन्द्र सिंह – कांग्रेस
• 1998 कुसुम सिंह महदेले – भाजपा
• 2003 कुसुम सिंह महदेले – भाजपा
• 2008 श्रीकांत दुबे – कांग्रेस
• 2013 कुसुम सिंह महदेले – भाजपा

विधुत ठेकेदार की लापरवाही ने ले ली गरीब आदिवासी श्रमिक की जान

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अमानगंज में शव विच्छेदन गृह के बाहर खड़े शोक संतृप्त परिजन एवं साथी श्रमिक।

विधुत लाइन बंद कराये बगैर हाईटेंशन लाइन के नीचे खड़े करा रहा था पोल

दुखद हादसे की सूचना मिलने के बाद भी मौके पर नहीं आया ठेकेदार

राजदीप गोस्वामी, अमानगंज (पन्ना)। रडार न्यूज    पन्ना जिले के सुनवानी कस्बा में विधुत लाइन के पोल खड़े करते समय करंट लगने से एक गरीब आदिवासी श्रमिक की दर्दनाक मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। यह दुखद हादसा कथित रूप से विधुत ठेकेदार गया प्रसाद गर्ग के द्वारा सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपायों को ताक पर रखते हुए मनमाने तरीके से हाईटेंशन लाइन के नीचे घोर लापरवाही पूर्वक कार्य कराने के कारण हुआ है। करंट लगने से श्रमिक दमन सिंह गौंड़ पिता खजान सिंह 23 वर्ष निवासी रामपुर मैनहा थाना सलेहा के असमय काल-कवलित की सूचना मिलने के बाद ठेकेदार गया प्रसाद गर्ग न तो मौके पर आया और ना ही उसने मध्य पूर्व क्षेत्र विधुत वितरण कंपनी के अधिकारियों को इस हादसे की जानकारी देना उचित समझा। शुक्रवार 21 सितम्बर 2018 की शाम करीब 4 बजे हुई इस घटना पर अमानगंज थाना पुलिस ने शून्य पर मर्ग कायम किया है। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने शव को मृतक के परिजनों को सौंप दिया।

जबरन ले जाते थे काम पर


मृत श्रमिक की पत्नी मनोज गौंड़।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ठेकेदार गया प्रसाद गर्ग ने विधुत लाइन सुदृढ़ीकरण का कार्य का ठेका लिया था। शुक्रवार को ठेकेदार के लोग दमन सिंह गौंड़ व कुछ अन्य श्रमिकों को सुनवानी के समीप काम पर ले गए। अजमेर सिंह पिता उमराव सिंह ने बताया कि ठेकेदार के ड्राइवर सुखलाल ने उन्हें बताया था कि लाइट के तार कटे हुए हैं इसलिए काम करने में कोई खतरा नहीं है। जिसके चलते वे सभी लोग निर्भीक तरीके से कार्य करने में जुटे थे। 11 हजार केव्ही की लाइन के नीचे दो खंभे लगाने के बाद तीसरा खंभा खड़ा करते समय अचानक उसमें करंट उतर आया जिसकी चपेट में आने से दमन सिंह गौंड़ पिता खजान सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे की खबर मिलने के बाद से मृतक की पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी मनोज गौंड़ ने ठेकेदार पर जबरन जोखिम भरे तरीके से कार्य करवाने का गंभीर आरोप मीडिया कर्मियों से चर्चा में लगाया है। मनोज गौंड़ के अनुसार उसके पति को ठेकेदार के कर्मचारी जबरन घर से काम पर ले जाते थे। शुक्रवार को जहां काम कराया जा रहा था ठेकेदार ने नियानुसार वहां की विधुत सप्लाई बंद नहीं कराई थी। फिर उसके पति व अन्य श्रमिकों से यह बात छिपाते हुए विधुत प्रवाह बंद होने की झूठी जानकारी दी गई, जिसके कारण यह दुखद हादसा हुआ।

इनका कहना है-

“श्रमिक की मौत की सूचना मुझे वितरण केंद्र सिमरिया के जेई रवि सोनी ने दी थी, उन्होंने बताया था कि हादसा गया प्रसाद की साइट पर हुआ है। विधुत लाइन सुदृढ़ीकरण का कार्य सुरक्षात्मक तरीके से कराने के लिए ठेकेदार के द्वारा नियमानुसार विधुत लाइन बंद कराने की सूचना नहीं दी गई थी। इस मामले प्रथम दृष्टया ठेकेदार की घोर लापरवाही परिलक्षित होती है। संबंधित जेई और एई से इस हादसे की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

ओपी सोनी, कार्यपालन अभियंता पूर्व क्षेत्र विधुत कंपनी पन्ना।

मोहन्द्रा में चोरों का आतंक | एक ही रात में देवी मंदिर और 11 घरों में हुई चोरी

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त्योहारों के समय पुलिस की सक्रियता और रात्रि गश्त की खुली पोल

20 से अधिक ताले चटकाकर नकदी और सामान चुरा ले गये अज्ञात शातिर चोर

मोहन्द्रा (पन्ना) । रडार न्यूज    मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में त्योहारों के समय सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त होने के दावों और रात्रि गश्त के नाम पर जारी खानापूर्ति की पोल खुल गई है। यहां के सिमरिया थाना अंतर्गत आने वाले मोहन्द्रा ग्राम में 21-22 सितम्बर की दरम्यानी रात अज्ञात शातिर चोर दसाई देवी मंदिर और 11 घरों के ताले चटकाकर नकदी रुपये तथा गृहस्थी का सामान चुरा ले गए। शनिवार सुबह लोग जब नींद से जागे तो घरों में हुई चोरी का नजारा देख उनके होश उड़ गए। मोहन्द्रा में पान मंडी के आसपास के 11 घरों को एक ही रात में निशाना बनाये जाने की घटना से लोगों में स्थानीय चौकी पुलिस की लचर कार्यप्रणाली को लेकर गहरी नाराजगी व्याप्त है। छूट-पुट चोरी की ये घटनायें मोहन्द्रा में चोर-बदमाशों व आपराधिक तत्वों की बढ़ती दुस्साहसिक सक्रियता का प्रमाण है। इन सनसनीखेज घटनाओं ने आम आदमी की परेशानी को बढ़ा दिया है, उसे अब हर समय अपनी जान-माल की चिंता सता रही है। लगातार दूसरे दिन मोहन्द्रा में हुई चोरियों को लेकर पुलिस की भूमिका से असंतुष्ट लोगों का मानना है कि चौकी पुलिस अपने मूल कार्य पर ध्यान न देकर वाहनों से वसूली में मस्त है। जिसका लाभ उठाकर चोर-बदमाश सक्रिय हो गए हैं। शनिवार 22 सितम्बर की सुबह स्थानीय पान मंडी के वासिंदों ने चौकी पुलिस को सूचना दी कि रात्रि में ग्यारह घरों के लगभग बीस ताले तोड़कर अज्ञात अपराधियों ने चोरी की छूट-पुट वारदातों को अंजाम दिया है। यह सूचना पाकर हरकत में आई पुलिस ने मौके में पहुॅंचकर घटना का जायजा लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहल्ले के उन लगभग सभी घरों को निशाना बनाकर कटर से ताला या जंजीर तोड़ी गई जो या तो सूने पड़े थे या फिर उन कमरों से थोड़ी दूर घर के लोग सो रहे थे। हालांकि घनी बस्ती में एक-एक कर दर्जन भर मकानों के ताले टूटना पुलिस के लिये उस समय और भी अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है जब एक दिन पूर्व भी पुलिस चौकी के ठीक सामने चोरी की घटना हुई हो। यही नहीं, बीते एक माह के अंदर मोहन्द्रा में चोरी की यह तीसरी घटना है। मोहल्ले के लोगों ने यह भी दावा किया कि मोहन्द्रा के एक पूर्व बस संचालक के नशेड़ी बेटे सहित बस्ती के कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के युवा और दनवारा, पिपरहा, बरतला, गुड़मनिया, पटना खम्परिया व सिमरा गांव के असमाजिक तत्वों का मेलजोल होना भी मोहन्द्रा की छवि को लगातार दागदार बना रहा है। इन्हीं लोगों की वजह से मोहन्द्रा में कुछ न कुछ अपराध होते रहते है।

इनके घरों के टूटे ताले

मोहन्द्रा की पान मंडी इलाके में जिनके घरों-दुकानों के ताले चटकाकर अज्ञात बदमाशों द्वारा चोरी की गई उनमें रामजी चौरसिया व सिया नामदेव की दुकानों के अलावा, दिलीप चौरसिया, अंगद चौरसिया, द्वारका चौरसिया, रामअवतार चौरसिया, रामरतन बब्बा जू, मनीष चौरसिया, रामस्वरुप चौरसिया, रम्मू चौरसिया का मकान शामिल है। इसके अलावा चोरों ने स्थानीय लोगों की आस्था के केंद्र दसाई माता के मंदिर को भी नहीं बख्शा। मंदिर की दान पेटी का ताला तोड़कर शातिर चोर चढ़ोत्री के करीब पांच हजार रुपये चुरा ले गए।

चौकी में नहीं पर्याप्त पुलिस बल

सिमरिया थाना कि पुलिस चौकी मोहन्द्रा के अंतर्गत 28 गांव आते है। विस्तृत क्षेत्र होने के बाबजूद यहां कई वर्षों से पर्याप्त पुलिस बल न होना भी लचर सुरक्षा व्यवस्था का एक बड़ा और अहम् कारण है। चौकी में जब भी किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का आगमन होता है तो स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस बल के रिक्त पदों को भरने की मांग प्रमुखता से की जाती है। लेकिन इस मामले में अधिकारियों से अब तक सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले। परिणामस्वरूप अपराधियों के सक्रिय होने से इलाके में हालत तेजी से खराब हो रहे हैं। वर्तमान में पुलिस चौकी मोहन्द्रा में एक एएसआई, एक प्रधान आरक्षक, एक हवलदार और दो सैनिक पदस्थ है। यहां तीन हवलदारों के पद पिछले कई सालों से रिक्त पड़े है, जिन्हें अब तक भरा नहीं जा सका है। गौर करने वाली बात यह कि उक्त पद कई दशक पूर्व स्वीकृत हुए थे। जब जनसंख्या और चुनौतियां दोनों ही अपेक्षाकृत कम थीं। समय के साथ न तो स्वीकृत पदों में वृद्धि की गई और न ही पूर्व स्वीकृत रिक्त पदों को भरा गया। इसलिए गिनती के पुलिस कर्मियों के रहते हुए अपराधों की प्रभावी रोकथाम होना संभव नहीं है। कोई भी कर्मचारी 24 घंटे ड्यूटी नहीं कर सकता है, यह बात समझते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए रिक्त पदों को भरने लिए गंभीरता से ध्यान देने की जरुरत है

शासकीय योजनाओं के आवेदकों से बैंक सहयोगात्मक व्यवहार रखें:- सीएस

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मुख्य सचिव बी.पी. सिंह ने में 169वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक को संबोधित किया।

राज्य स्तरीय बैंकिग समिति की 169वीं बैठक सेन्ट्रल बैंक सभागार में सम्पन्न

भोपाल। रडार न्यूज   मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने कहा है की जिन प्रकरणों में राज्य शासन गारंटी दे उनसे बैंको द्वारा गारंटी माँगने की आवश्यकता नहीं है। शासन की योजनाओं में आवेदकों के साथ बैंकों को सहयोगात्मक व्यवहार रखना चाहिए। बैंक यह सुनिश्चित करें कि जनकल्याण और लोगों को आत्म निर्भर बनाने के उददेश्य से संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन इसी स्वरूप में हो। श्री सिंह 169 वीं राज्य-स्तरीय बैंकर्स समिति को सम्बोधित कर रहे थे। सेन्ट्रल बैंक सभागार में सम्पन्न बैठक में राज्य शासन द्वारा संचालित रोजगारोन्मुख योजनाओं, उदयमिता केन्द्रित योजनाओं सहित प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित योजनाओं के बैंकों से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में संचालक सुश्री मुदिता मिश्रा, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया के इक्जीकेटिव डारेक्टर बी.एस.शेखावत, कृषि उत्पादन आयुक्त पी.सी.मीना, प्रमुख सचिव वित्त अनुराग जैन, प्रमुख सचिव कृषि राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव जनजातिया कार्य विभाग एस.एन.मिश्रा, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण अजीत केसरी, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय अशोक शाह, प्रमुख सचिव सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग पंकज अग्रवाल सहित रिर्जव बैंक ऑफ इण्डिया, नावार्ड और बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।

167 बैंक शाखाएँ और 305 एटीएम आरंभ

बैठक में जानकारी दी गई की प्रदेश में बैंकिग सेवाओं के विस्तार के लिए जून 2017 से जून 2018 की अवधि में 167 बैंक शाखाएँ और 305 एटीएम आरंभ किये गये। वृद्ध और निशक्त:जन को उनके द्वार पर पेंशन उपलब्ध कराने के लिए पेंशन आपके द्वार योजना के अन्तर्गत 7 सितम्बर तक एक लाख 74 हजार हितग्राहियों से सम्पर्क किया गया। इस सुविधा का विस्तार 72 लाख हितग्राहियों पर किया जाना है। प्रदेश में विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं में आधार सीडिंग की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश भी दिये गये। राज्य स्तरीय बैंकिग समिति की बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत जल और स्वच्छता से संबंधित गतिविधियों जैसे पानी के कनेक्शन, वाटर हार्वेस्टिंग, स्नानगृह आदि निर्माण के लिये बैंकों द्वारा लोन सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सहमति हुई। डेयरी तथा मुर्गी पालन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, बैंकर्स द्वारा स्थानीय स्तर पर सम्पर्क बढ़ाने, वित्तीय साक्षरता को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिये गये।

चुनाव में प्रत्येक मतदाता महत्वपूर्ण | मध्यप्रदेश में 4 लाख 50 हजार दिव्यांगों के नाम को मतदाता सूची में जोड़े

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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल कान्ता राव ने दिव्यांगजनों को सुगम मतदान की सुविधायें मुहैया करवाने आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित किया।

दिव्यांगजनों को मताधिकार के लिये सहयोग किया जायें : कान्ता राव

दिव्यांगजनों को सुगम मतदान सुविधा हेतु राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न

भोपाल। रडार न्यूज    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल.कान्ता राव ने दिव्यांगजनों के सुगम मतदान हेतु आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में कहा कि प्रदेश के प्रत्येक दिव्यांग मतदाता को मतदान करने के लिये सहयोग किया जावेगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा निर्वाचन -2018 में सुगम मतदान के लिये मतदाता सूची से दिव्यांगजनों को चिन्हित कर उनसे संपर्क किया जाये। इस कार्य में सामाजिक न्याय विभाग, एन.जी.ओ, सामाजिक संगठनों और दिव्यांगजनों के लिये कार्य करने वाली अन्य संस्थाओं का सहयोग भी लिया जायें। श्री कान्ता राव ने कहा कि दिव्यांग मतदाताओं को उनके मताअधिकार के उपयोग के लिये जागरूक किया जाये चिन्हित किये गये सभी दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्रों तक लाने ले जाने की व्यवस्था की जावें।

एनजीओ को भी मतदान के लिये प्रेरित करें

संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विकास नरवाल ने प्रशिक्षण देते हुये कहा कि सुगमता से दिव्यांगजनों के लिये कार्य करने वाले सामाजिक संगठनों को भी मतदान के लिये प्रेरित किया जायें। श्री नरवाल ने बताया कि प्रदेश में 4 लाख 50हजार दिव्यांगजनों को मतदाता सूची में जोडा़ गया है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 27 सितम्बर को किया जायेगा। आयुक्त सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण के.जी. तिवारी ने कार्यशाला में कहा कि दिव्यांगजनों को अतिरिक्त सम्मान एवं सहानुभूति की नहीं केवल समाज एवं परिवार के सहयोग की आवश्यकता है। श्री तिवारी ने दिव्यांगजनों को चुनाव दल में शामिल करने का सुझाव भी दिया।

निर्वाचक प्रक्रिया में सहभागिता का प्रावधान

श्रीमती गुन्चा बत्रा अनुभाग अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग ने कहा कि समाज नि:शक्त को भी सशक्त करने में अपना योगदान दे। निर्वाचन आयोग के लिये प्रत्येक निर्वाचक महत्वपूर्ण है। निर्वाचन विधियां दिव्यांग व्यक्तियों को न केवल समानता की गारंटी देती है, अपितु निर्वाचक प्रक्रिया में उनकी पहुंच एवं सहभागिता के लिए भी प्रावधान करती है। कार्यशाला में प्रो. रोहित त्रिवेदी एवं अनिल मुद्गल ने दिव्यांग व्यक्तियों के मतदान में आने वाली आधारभूत कठिनाईयां एवं उनकी विशिष्ट आवश्यकता और राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर पकंज दुबे ने दिव्यांग व्यक्तियों को सुविधायें प्रदान करने के संबंध में विभिन्न नियमों-निर्देशों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। ज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से आये नोडल अधिकारी और पुलिस कॉर्डिनेटर उपस्थित थे।

खबर जरा हटके | राजसात वाहनों का अब शव परिवहन में होगा उपयोग

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सांकेतिक फोटो।

कलेक्टर की पहल से दो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को मिले शव वाहन

हर जरूरतमंद को नैतिकता के साथ सुविधा मुहैया कराएं- कलेक्टर श्री खत्री 

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार के दौरान किसी मरीज की मृत्यु होने अथवा दुर्घटना में किसी व्यक्ति के असमय काल-कवलित होने की स्थिति में शोक संतृप्त परिजनों को शव को ले जाने के लिए वाहन व्यवस्था हेतु अब भटकना नहीं पड़ेगा। दुःख की घड़ी में पीड़ित मानवता की सेवा के लिए पन्ना कलेक्टर मनोज खत्री ने अनूठी पहल करते हुए दो राजसात वाहनों को शव परिवहन के उपयोग हेतु जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों अजयगढ़ एवं शाहनगर को प्रदान किया है। जिससे पार्थिव शरीर (शव) को सम्मानपूर्वक और सुगमता के साथ समय पर पहुंचना संभव हो सकेगा। कलेक्टर मनोज खत्री ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना के प्रतिवेदन पर कार्यवाही करते हुये आबकारी अधिनियम के तहत अवैध शराब परिवहन करते पाये जाने पर दो वाहन जप्त कर राजसात किये गये थे। इन दोनों चार पहिया वाहनों को शव परिवहन के लिए प्रदान किया गया है। यह वाहन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों अजयगढ एवं शाहनगर को दिये गये है। इन वाहनों की रोगी कल्याण समिति द्वारा मरम्मत कराई जाएगी। इन वाहनों को मृत शरीर परिवहन के लिए उपयोग किया जायेगा। वाहन सौंपते हुये कलेक्टर ने कहा कि इन्हें हमेशा चालू हालत में रखते हुये हर जरूरतमंद को नैतिकता के आधार पर मुहैया कराएं। जिससे किसी भी जरूरतमंद को अपने परिजन का शव ले जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े।

अवैध शराब परिवहन करते पकड़े थे वाहन

मनोज खत्री, कलेक्टर पन्ना।

प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार ये वाहन क्रमांक एमपी-35-बी.ए-0263 बोलेरो वाहन स्वामी नीरज लखेरा निवासी अमानगंज तथा वाहन क्रमांक एमपी-35 एल.ए. -0369 छोटा हाथी वाहन स्वामी रवि कुशवाहा की मृत्यु पश्चात् पत्नी पूनम कुशवाहा के थे। वर्ष 2016-17 में अवैध शराब परिवहन करते पाये जाने पर क्रमशः थाना अमानगंज एवं कोतवाली पन्ना तथा आबकारी अधिकारी पन्ना द्वारा जप्त कर प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किये गये। इन दोनों प्रकरणों में राजसात के आदेश जारी होने के दिनांक से 30 दिवस की अवधि में आदेश के विरुद्ध अपील राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की गयी और न ही वरिष्ठ न्यायालय से कोई दस्तावेज प्राप्त हुए। प्रकरण में विधि सम्मत सम्पूर्ण कार्यवाही करने के उपरांत वाहन को कलेक्टर मनोज खत्री ने जनहित के उपयोग के लिए बोलेरो को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ एवं वाहन छोटा हाथी को समुदायिक स्वास्थ्य केन्द शाहनगर को सौंप दिये हैं। अब इन क्षेत्रों के लोगों को शव वाहन की सुविधा मिलना प्रारंभ हो जायेगी । उल्लेखनीय है कि प्रदेश व देश में के कई जगह से ऐसी खबरें समाचार पत्रों-टीव्ही चैनलों में अक्सर ही आती रहती हैं जब वाहन व्यवस्था ना होने के कारण शव को साईकिल, हाथ ठेला पर या फिर अर्थी की तरह कई किलोमीटर दूर तक ले जाने के लिए लोगों को मजबूर होना पड़ता है। बहरहाल बुंदेलखंड अंचल के पन्ना जिले में इस असहनीय कष्टप्रद स्थिति का सामना किसी को भीन करना पड़े इस दिशा में सार्थक पहल करते हुए राजसात वाहनों को आंचलिक स्वास्थ्य केंद्रों को सौंपा जाना सराहनीय निर्णय है।

 पन्ना टाइगर रिजर्व में जोर पकड़ने लगा अतिक्रमण हटाओ अभियान

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वन भूमि में स्थित राजा ढ़ाबे का अतिक्रमण हटवाते पन्ना टाइगर रिज़र्व के अधिकारी-कर्मचारी।

किशनगढ़-बिजावर मार्ग किनारे वन क्षेत्र में स्थित ढ़ाबा को हटाया

छतरपुर। रडार न्यूज    पन्ना टाइगर रिजर्व में तेज-तर्राट आईएफएस अधिकारी बासु कन्नौजिया के उपसंचालक के पद पर पदस्थ होने का असर धीरे-धीरे ही सही पर अब दिखने लगा है। वन्य जीवों और उनके रहवास की सुरक्षा पुख्ता करने के उद्देश्य से संरक्षित वन क्षेत्र के अतिक्रमण को चिन्हित कर उसे हटाने की मुहिम शुरू हो गई है। जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचने लगा है। कुछ समय पूर्व पन्ना जिले में टाइगर रिजर्व के अमानगंज परिक्षेत्र अंतर्गत वन भूमि पर खेती करने, मवेशियों की चराई के लिए अस्थाई ठिकाना बनाने और झोपड़ी बनाकर रहने वालों को बेदखल करने की कार्रवाई की गई थी। इसी क्रम में सोमवार 17 सितम्बर 2018 को छतरपुर जिले में किशनगढ़-बिजावर मार्ग किनारे वन क्षेत्र में स्थित ढ़ाबा को हटाने की कार्रवाई की गई। वन परिक्षेत्र किशनगढ़ बफर की बीट बसुधा के कक्ष क्रमांक-पी-521 में अतिक्रमण कर अवैध तरीके से बनाये गए राजा ढ़ाबा को हटवाकर वन भूमि को मुक्त कराया गया। इस दौरान ढ़ाबा संचालक देवेंद्र सिंह व उसका पुत्र करन सिंह परमार मौके पर मौजूद रहे और नुकसान से बचने के लिए अपना सामान स्वयं निकाल ले गए। कई वर्षों से घने जंगल में सड़क किनारे स्थित इस ढ़ाबे को हटाने की कार्रवाई प्यार सिंह ठाकुर, अधीक्षक केन घड़ियाल अभ्यारण खजुराहो एवं परिक्षेत्र अधिकारी किशनगढ़ कोर-बफर के नेतृत्व में की गई। बिना किसी विवाद के वन भूमि से अतिक्रमण को हटाने में महीप कुमार रावत बीटगार्ड बसुधा की महत्पूर्ण भूमिका रही।

अतिक्रमण को रोकने बने ठोस योजना

वन अमले की मौजूदगी में अपना सामान निकलता ढ़ाबा संचालक और उसके सहयोगी।

उल्लेखनीय है कि आईएफएस अधिकारी बासु कन्नौजिया कुछ वर्ष पूर्व जब पन्ना जिले के उत्तर वन मंडल में डीएफओ के पद पर तैनात थीं तब उनके द्वारा बड़े पैमाने पर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की गई थी। जिससे अतिक्रमणकारियों और माफियाओं में हड़कंप मचा था। हालांकि पन्ना से बासु कन्नौजिया का तबादला होने के बाद वहां आने वाले अधिकारी और मैदानी अमला अपनी उदासीनता के चलते उक्त वन भूमि को ज्यादा दिनों तक सुरक्षित नहीं रख पाए। सख्ती कम होने का फायदा उठाते हुए अतिक्रमणकारियों ने पुनः वन भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया। इसलिए पीटीआर को इससे सबक लेते हुए ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए कि हटाया गया वाला अतिक्रमण किसी भी सूरत पुनः न होने पाये साथ ही नये अतिक्रमण को भी सख्ती से रोका जाना चाहिए। ताकि इतनी महत्वपूर्ण कार्रवाई औचित्यहीन न होने पाए।

मंत्रि-परिषद के महत्वपूर्ण निर्णय | पत्रकारों की चिकित्सा सहायता योजना में शामिल होंगे उनके आश्रित माता-पिता

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सांकेतिक फोटो।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की

भोपाल। रडार न्यूज    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार 18 सितम्बर को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश में पत्रकारों के लिये स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना में कैशलेस ईलाज की राशि की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख रूपये करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही पत्रकार की मृत्यु होने पर परिवार को मिलने वाली दुर्घटना बीमा सहायता राशि 10 लाख रूपये की गई। मंत्रि-परिषद ने पत्रकारों की चिकित्सा सहायता योजना के नियमों में माता-पिता को शामिल करने का निर्णय लिया। मध्यप्रदेश संचार प्रतिनिधि कल्याण सहायता नियम 2005 में पारिवारिक परिभाषा में आश्रित माता-पिता, जो शासकीय कर्मचारी नहीं हों और जिनकी पेंशन सहित सभी स्त्रोतों से वार्षिक आय एक लाख रूपये से अधिक नहीं हो, का नाम शामिल करने का निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सूचना केन्द्र, मुबंई के सेवानिवृत्त स्टेनो टायपिस्ट की संविदा नियुक्ति में एक वर्ष अथवा अन्य व्यवस्था होने तक, जो पहले हो, वृद्धि करने का निर्णय लिया।

सात नई तहसील सृजन की मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने तहसील देवरी जिला रायसेन, तहसील खुजनेर जिला राजगढ़, तहसील सुठालिया जिला राजगढ़, तहसील रन्नौद जिला शिवपुरी, तहसील झार्डा जिला उज्जैन, तहसील बहादुरपुर जिला अशोकनगर और तहसील पीथमपुर जिला धार का सृजन करने का निर्णय लिया है। सृजित की गई प्रत्येक नई तहसील के लिये आवश्यक पदों के सृजन की मंजूरी भी दी गई है। मंत्रि-परिषद ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की अधोसंरचना विकास योजना को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक निरंतर रखने के लिये नीतिगत/सैद्धांतिक सहमति दी। साथ ही, मध्यप्रदेश में सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट को एक जुलाई 2016 से गो-लाईफ मान्य करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने संचालित कृषि यंत्रीकरण की प्रोत्साहन योजना का वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक निरंतर संचालन तथा वित्तीय आकार कुल राज्याशं राशि 168 करोड़ 50 लाख रूपये का अनुमोदन किया। प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिये संचालित नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर अन्तर्गत परम्परागत खेती विकास योजना वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक के लिये केन्द्रांश राशि 156 करोड़ 25 लाख 80 हजार तथा राज्यांश राशि 104 करोड़ 17 लाख 20 हजार कुल राशि 260 करोड़ 43 लाख रूपये की वित्तीय सीमा अन्तर्गत निरंतरता का मंत्रि-परिषद ने निर्णय लिया। साथ ही, गहन पशु विकास परियोजना को वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक निरंतर रखने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने संसदीय कार्य विभाग की स्थापना में स्वीकृत 12 अस्थाई पदों को 31 मार्च 2019 तक निरंतर रखने का निर्णय लिया।

भोपाल में होगी किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा

मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिये 3 करोड़ 36 लाख 15 हजार रूपये की राशि के पूंजीगत निवेश तथा 35 नये पदों के सृजन की मंजूरी दी। किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा भोपाल में विकसित होने से मेडिसिन एवं सर्जरी विभाग में पीजी एवं डीएम/एमसीएच के अतिरिक्त पाठयक्रम भी शुरू हो सकेंगे। इससे प्रदेश में उच्च विशेषज्ञता वाले चिकित्सा विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे। मंत्रि-परिषद ने राज्य प्रशासनिक सेवा के बेहतर संवर्ग प्रबंधन एवं अधिकारियों की समयबद्ध क्रमोन्नति सुनिश्चित करने के लिये वरिष्ठ प्रवर श्रेणी/प्रवर श्रेणी और वरिष्ठ श्रेणी में वर्तमान में निर्धारित सेवा अवधि में वर्ष 2018 के लिये एक वर्ष की छूट प्रदान करने का निर्णय लिया। प्रदेश के 51 जिलों के लिये राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान में 56 पद और प्रवर श्रेणी वेतनमान में 8 पदों के सृजन की मंजूरी भी दी।

नवीन कॉलेजों में अगले सत्र से मिलेगा प्रवेश

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के तहत जिला सागर में उदयानिकी महाविद्यालय, रहली और कृषि महाविद्यालय, खुरई की स्थापना का निर्णय लिया। दोनों महाविद्यालय शैक्षिणक सत्र 2018-19 से प्रारंभ कर छात्रों को प्रवेश देने का भी निर्णय लिया गया।मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में अरहर की फसल पर उत्पादकों को कम दर प्राप्त होने से किसानों को हो रही हानि के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा बाजार हस्तक्षेप करते हुए दिनांक 10 जून से 30 जून 2017 तक 5050 रूपये बोनस सहित समर्थन मूल्य पर अरहर उपार्जन तथा विक्रय प्रक्रिया को अनुमति प्रदान की।प्याज के भण्डारण शुल्क पर व्यय की गई राशि तत्समय अनुमोदित की गई दर 676 रूपये प्रति मी. टन प्रति माह के मान से वास्तविक गणना करते हुए भुगतान की कार्यवाही करने की मंजूरी भी दी गई। जिन जिलों में प्याज की छँटनी के बावजूद 75 प्रतिशत अथवा अधिक मात्रा में प्याज सड़ी/नष्ट हुई है, उन जिलों में छँटनी व्यय शून्य मानते हुए शेष सभी जिलों में तत्समय अनुमोदित छँटाई 20 रूपये प्रति क्विंटल की दर से माह में तीन बार छँटाई करने पर 60 रूपये प्रति क्विंटल प्रतिमाह के मान से किये गये वास्तविक व्यय की राशि का भुगतान करने का निर्णय लिया गया।

निवेश प्रोत्साहन नीति में संशोधन की मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत जन-निजी भागीदारी द्वारा क्रियान्वित की जा रही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्य योजनाओं के लिये नियत बिडिंग पैरामीटर व्ही.जी.एफ के स्थान पर टिंपिग फीस रखने के संशोधन की मंजूरी दी। साथ ही, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की शेष अवधि के लिये 1714 करोड़ 64 लाख की राशि की योजना निरंतरता के लिये स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 में संशोधन की मंजूरी दी। संशोधन अनुसार अब अनुसंधान विकास एवं शोध कार्य में किए जाने वाले निवेश को भी नीति का लाभ दिया जायेगा। इसके साथ ही, जीएसटी के लागू होने की स्थिति में और वेट के समाप्त होने पर पूँजीगत अनुदान की सीमा बढ़ाने का प्रावधान किया गया। नीति के अनुरूप अब सभी लाभ संबंधित निवेशकों को प्रदाय किये जायेंगे। प्रावधानों के अनुसार सहायता स्वीकृति-वितरण की प्रक्रिया संबंधी किसी प्रपत्र एवं फार्म में संशोधन के लिये मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम को अधिकृत किया गया है। भविष्य में प्रोत्साहन योजना में किसी प्रकार के संशोधन-परिर्वतन के लिये मध्यप्रदेश शासन की साधिकार समिति को अधिकृत किया गया।