खबर जरा हटके | राजसात वाहनों का अब शव परिवहन में होगा उपयोग

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सांकेतिक फोटो।

कलेक्टर की पहल से दो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को मिले शव वाहन

हर जरूरतमंद को नैतिकता के साथ सुविधा मुहैया कराएं- कलेक्टर श्री खत्री 

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार के दौरान किसी मरीज की मृत्यु होने अथवा दुर्घटना में किसी व्यक्ति के असमय काल-कवलित होने की स्थिति में शोक संतृप्त परिजनों को शव को ले जाने के लिए वाहन व्यवस्था हेतु अब भटकना नहीं पड़ेगा। दुःख की घड़ी में पीड़ित मानवता की सेवा के लिए पन्ना कलेक्टर मनोज खत्री ने अनूठी पहल करते हुए दो राजसात वाहनों को शव परिवहन के उपयोग हेतु जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों अजयगढ़ एवं शाहनगर को प्रदान किया है। जिससे पार्थिव शरीर (शव) को सम्मानपूर्वक और सुगमता के साथ समय पर पहुंचना संभव हो सकेगा। कलेक्टर मनोज खत्री ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना के प्रतिवेदन पर कार्यवाही करते हुये आबकारी अधिनियम के तहत अवैध शराब परिवहन करते पाये जाने पर दो वाहन जप्त कर राजसात किये गये थे। इन दोनों चार पहिया वाहनों को शव परिवहन के लिए प्रदान किया गया है। यह वाहन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों अजयगढ एवं शाहनगर को दिये गये है। इन वाहनों की रोगी कल्याण समिति द्वारा मरम्मत कराई जाएगी। इन वाहनों को मृत शरीर परिवहन के लिए उपयोग किया जायेगा। वाहन सौंपते हुये कलेक्टर ने कहा कि इन्हें हमेशा चालू हालत में रखते हुये हर जरूरतमंद को नैतिकता के आधार पर मुहैया कराएं। जिससे किसी भी जरूरतमंद को अपने परिजन का शव ले जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े।

अवैध शराब परिवहन करते पकड़े थे वाहन

मनोज खत्री, कलेक्टर पन्ना।

प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार ये वाहन क्रमांक एमपी-35-बी.ए-0263 बोलेरो वाहन स्वामी नीरज लखेरा निवासी अमानगंज तथा वाहन क्रमांक एमपी-35 एल.ए. -0369 छोटा हाथी वाहन स्वामी रवि कुशवाहा की मृत्यु पश्चात् पत्नी पूनम कुशवाहा के थे। वर्ष 2016-17 में अवैध शराब परिवहन करते पाये जाने पर क्रमशः थाना अमानगंज एवं कोतवाली पन्ना तथा आबकारी अधिकारी पन्ना द्वारा जप्त कर प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किये गये। इन दोनों प्रकरणों में राजसात के आदेश जारी होने के दिनांक से 30 दिवस की अवधि में आदेश के विरुद्ध अपील राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की गयी और न ही वरिष्ठ न्यायालय से कोई दस्तावेज प्राप्त हुए। प्रकरण में विधि सम्मत सम्पूर्ण कार्यवाही करने के उपरांत वाहन को कलेक्टर मनोज खत्री ने जनहित के उपयोग के लिए बोलेरो को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ एवं वाहन छोटा हाथी को समुदायिक स्वास्थ्य केन्द शाहनगर को सौंप दिये हैं। अब इन क्षेत्रों के लोगों को शव वाहन की सुविधा मिलना प्रारंभ हो जायेगी । उल्लेखनीय है कि प्रदेश व देश में के कई जगह से ऐसी खबरें समाचार पत्रों-टीव्ही चैनलों में अक्सर ही आती रहती हैं जब वाहन व्यवस्था ना होने के कारण शव को साईकिल, हाथ ठेला पर या फिर अर्थी की तरह कई किलोमीटर दूर तक ले जाने के लिए लोगों को मजबूर होना पड़ता है। बहरहाल बुंदेलखंड अंचल के पन्ना जिले में इस असहनीय कष्टप्रद स्थिति का सामना किसी को भीन करना पड़े इस दिशा में सार्थक पहल करते हुए राजसात वाहनों को आंचलिक स्वास्थ्य केंद्रों को सौंपा जाना सराहनीय निर्णय है।