जन ने स्वीकार किया तंत्र का अनुरोध | अधिकारियों के आश्वासन के बाद कुड़रा में हुई वोटिंग

0
724
पहुंच विहीन दुर्गम वन ग्राम कुड़रा का मतदान केंद्र ।

* जिला निर्वाचन अधिकारी की पहल ने दिखाया असर 

* 324 में से 221 ग्रामीणों ने डाले वोट, कतार में खड़े कई मतदाता

पन्ना। रडार न्यूज     जिला निर्वाचन अधिकारी पन्ना मनोज खत्री की विशेष पहल के फलस्वरूप कुड़रा के ग्रामीणों ने आखिरकार मतदान का बहिष्कार सामूहिक समाप्त कर दिया। बुधवार 28 नवंबर को दोपहर करीब 3 बजे के बाद यहां ग्रामीणों द्वारा उत्साहपूर्वकअपने मताधिकार उपयोग किया गया। जिसके चलते महज पौने दो घंटे में ही वहां कुल 324 मतदाताओं में से 221 मतदाता वोट डाल चुके थे, समाचार लिखे जाने तक 17 वोटर मतदान केंद्र के बाहर लाइन में लगे थे। कुड़रा में मतदान का सामूहिक बहिष्कार समाप्त कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा अजयगढ़ सीईओ, नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों के एक दल को वहां भेजा गया। जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों की ओर से सड़क निर्माण संबंधी मांग को यथा शीघ्र पूर्ण करने का आश्वासन मिलने के बाद कुड़रा के ग्रामीण मतदान करने के लिए राजी हुए। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर पन्ना मनोज खत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि कुड़रा की पहुंच मार्ग निर्माण की समस्या के समाधान हेतु स्थानीय ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया है। अधिकारियों से चर्चा उपरांत ग्रामीणों की नाराजगी दूर हो गई और उनके द्वारा सहर्ष अपने मताधिकार का उपयोग किया गया।
उल्लेखनीय है कि पन्ना विधानसभा क्षेत्र क्रमांक -60 के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत धरमपुर के ग्राम कुड़रा के ग्रामीणों ने गांव के मार्ग निर्माण की मांग को लेकर करीब एक माह पूर्व मतदान का सामूहिक बहिष्कार करने का ज्ञापन एसडीएम अजयगढ़ को सौंपा था। सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन की और से समय रहते कोई ठोस आश्वासन न में मिलने की स्थिति कुड़रा ग्राम के वाशिंदों ने अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार आज सुबह विधानसभा चुनाव-2018 के मतदान का सामूहिक रूप से बहिष्कार कर दिया। जोकि दोपहर 3 बजे तक जारी रहा। बुधवार 28 नवंबर को सुबह 10 :25 बजे तक सिर्फ 2 वोट पड़े थे। इस खबर से हरकत में आये प्रशासन ने आनन-फानन में गांव में ही तैनात अन्य कर्मचारियों तथा मध्यान्ह भोजन व्यवस्था से जुड़े समूह की महिलाओं आदि को प्रेरित कर मतदान कराया गया। इस तरह दोपहर 3 बजे तक कुड़रा में सिर्फ 10 लोगों ने ही वोट ही डाले थे। दोपहर बाद मतदान का सामूहिक बहिष्कार समाप्त कराने में सफलता मिलने पर जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है।