* प्रदेश के 51 मतगणना केन्द्रों 15 हजार कर्मचारी तैनात
* 230 ऑब्जर्वर की उपस्थिति में होगी मतगणना
* ईव्हीएम से कुछ देर में बाहर आयेगी नई सरकार
भोपाल। रडार न्यूज मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 के लिये 51 मतगणना केन्द्रों पर रिटर्निंग अधिकारी द्वारा मंगलवार 11 दिसंबर को प्रातः 8 बजे से मतगणना प्रारम्भ की जायेगी। विधानसभा वार 230 ऑब्जर्वर को तैनात किया गया है। मतगणना के पूर्व ईव्हीएम स्ट्रांग रूम को कलेक्टर-रिटर्निंग अधिकारी, आब्जर्वर तथा अभ्यर्थियों-अभिकर्ता की उपस्थिति में खोला जायेगा। समस्त 230 विधानसभाओं के लिये 306 हॉल में मतगणना होगी। इसमें 3220 टेबिलें मतगणना के लिये लगाई गई है।मतगणना के लिए रिजर्व कर्मियों सहित लगभग 15,000 अधिकारियों-कर्मचारियों को लगाया गया है। मतगणना कर्मियों का तीन रेण्डमाईजेशन किया जाना है। प्रथम रेण्डमाईजेशन मतगणना के 7 दिवस पूर्व किया जा चुका है। द्वितीय रेण्डमाईजेशन भी 24 घण्टे पहले आर्ब्जवर की उपस्थिति में किया जा चुका है तथा तीसरा रेण्डमाईजेशन आर्ब्जवर की उपस्थिति में मतगणना दिवस को सुबह किया जाएगा, जिसमें विधानसभा वार टेबिल आवंटन किया जायेगा। मतगणना शुरू होने के साथ ही जनता का फैसला आने लगेगा। दोपहर तक यह पता चल जायेगा मतदाताओं ने इस बार किसे चुना है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतगणना की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मतगणना स्थल पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाकर रिकॉर्डिंग की जायेगी।
सीसीटीवी कैमरों से रिकॉर्डिंग होगी
सभी जिलों के मतगणना केंद्र परिसर में 5-5 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। इसके साथ ही प्रत्येक मतगणना हॉल में 3-3 सीसीटीवी कैमरे का उपयोग किया जायेगा। इस प्रकार मतगणना प्रक्रिया की पूरी रिकॉर्डिंग सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से उपलब्ध रहेगी।




उर्जित पटेल ने 4 सितंबर 2016 को आरबीआई गवर्नर का पद संभाला था। उनका कार्यकाल सितंबर 2019 तक था। लेकिन आज उन्होंने 9 महीने पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर जारी अपने बयान में पटेल ने कहा- “निजी वजहों से मैंने तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया है। पिछले कई वर्षों से भारतीय रिज़र्व बैंक में विभिन्न पदों पर रहना मेरे लिए सम्मान की बात रही है। पिछले कुछ वर्षों में रिज़र्व बैंक कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और सहयोग बेहद अहम रहा। मैं इस मौके पर अपने सहयोगियों और रिज़र्व बैंक के डायरेक्टर्स के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ और भविष्य के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूँ।“

















उप संचालक सामाजिक न्याय एवं सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास का संचालक एनजीओ इन दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य करें। इन बच्चों को आईटीआई एवं पॉलीटेक्निक कॉलेज में प्रशिक्षण दिलाने एवं डिग्री डिप्लोमा कोर्स के लिए चिन्हांकित किया जाए। ताकि वे स्वयं आत्मनिर्भर बनकर परिवार के लोगों का भी सहारा बन सकें। उन्होंने कहा कि जिले में दिव्यांग बच्चों के लिए केवल एक ही बालक छात्रावास है। यहां बालक एवं बालिकाओं के लिए और छात्रावास खुल सकें इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिव्यांग किसी से कम नही हैं, अच्छे अवसर मिले तो वे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। आइए हम सब मिलकर दिव्यांगजनों के बारे में अच्छी जागरूकता समाज में फैलाएं।


