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दिव्यांगों और उनके सहयोगियों का मतदान प्रक्रिया की दी गई जानकारी

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मतदान की गोपनीयता बनाए रखने सहयोगियों से भरवाया जायेगा घोषणा पत्र

पन्ना। रडार न्यूज    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री के मार्गदर्शन में नगरपालिका पन्ना द्वारा 20 अक्टूबर 2018 को एसडीएम पन्ना बी.बी. पाण्डेय की अध्यक्षता में दिव्यांग मतदाताओं के सहयोगियों का प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के प्रारंभ में श्री पाण्डेय द्वारा मतदान के लिए प्रोत्साहित करते हुए सभी मतदाताओं को दिनांक 28 नवंबर 2018 को अनिवार्य रूप से मतदान कर अपने मत का उपयोग करने की बात कही। उन्होंने सुगम मतदान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि समाज के सभी दिव्यांगों को मतदान के अधिकार का उपयोग कराने हेतु निर्वाचन आयोग प्रतिबद्ध है और जिला प्रशासन द्वारा इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। तहसीलदार पन्ना निकित चौरसिया द्वारा सभी दिव्यांग मतदाताओं से अपील की गयी कि कोई भी मतदाता मतदान करने से न चूके और सभी का उत्तरदायित्व है कि वह अपने मतदान का उपयोग करें। डॉ. संजय जड़िया व्याख्याता डाइट पन्ना द्वारा ईव्हीएम एवं वीवीपैट की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए आए हुए सभी दिव्यांग मतदाताओं और उनके सहयोगियों को मतदान प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिव्यांग के सहयोगियों को साथी का घोषणा पत्र भरना एवं मतदान की गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है। श्रीमती मेघा बागोरा विशेष शिक्षक सामाजिक न्याय विभाग द्वारा सभी दिव्यांग मतदाताओं और उनके सहयोगियों को मतदान प्रक्रिया में उसके उपयोग की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान दिव्यांग मतदाताओं से बात करते समय अपने चेहरे पर मुस्कराहट का भाव रखते हुए प्रक्रिया सम्पन्न करावें। प्रशिक्षण में नायब तहसीलदार सुश्री दिव्या जैन ने सभी मतदान प्रभारियों को समक्ष में बताया कि समस्त दिव्यांग सहयोगियों के नाम एवं मोबाइल नम्बर एक पृथक से पंजी तैयार कर संधारित करें ताकि निर्वाचन से संबंधित नवीन निर्देशों से समय समय पर अवगत कराया जा सके। मुख्य नगरपालिका अधिकारी पन्ना अरूण पटैरिया द्वारा प्रशिक्षण में आए हुए दिव्यांग मतदाताओं और उनके सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। प्रशिक्षण के दौरान सुश्री आकांक्षा द्विवेदी एसएसबीए पन्ना, राजकुमार मिश्रा डाइट पन्ना, अखिल भार्गव एवं समस्त बीएलओ उपस्थित रहे।

प्राचीन परंपरा | महाराजा छत्रसाल के वंशज पन्ना नरेश राघवेन्द्र सिंह को सौंपी दिव्य तलवार

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-पन्ना राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य लोकेन्द्र सिंह खेजड़ा मंदिर में महामति श्री प्राणनाथ के चरणों में नमन करते हुए।

सैंकड़ों वर्षों से चली आ रही परम्परा के साक्षी बने हजारों सुन्दरसाथ

महामति प्राणनाथ जी एवं महाराजा छत्रसाल जी के जयकारों से गूंजा नगर

पवित्र नगरी पन्ना में अंतर्राष्ट्रीय शरदपूर्णिमा महोत्सव का हुआ भव्य आगाज

पन्ना। रडार न्यूज     विजयादशमी के दिन पांच पद्मावती पुरी धाम पन्ना के प्राचीन खेजड़ा मंदिर की छठा निराली थी। मंदिर के विशाल परिसर में सायंकाल 4 बजे से एकत्र महामति के हजारों अनुयायी भक्तिभाव में लीन होकर बड़ी उत्सुकता के साथ उस घड़ी और दृश्य का इंतजार करने लगे जो आज से लगभग चार सौ वर्ष पूर्व घटी थी, तब आज के ही दिन महामति श्री प्राणनाथ जी द्वारा छत्रसाल जी को दिव्य तलवार और बीरा भेंट कर उन्हें विजय का आशीर्वाद दिया था। फलस्वरूप उन्होंने मुगलों के विरुद्ध ऐतिहासिक 52 लड़ाइयां जीतकर बुंदेलखंड में अपना साम्राज्य स्थापित किया था। तभी से प्रतिवर्ष दशहरा के दिन इस परम्परा के निर्वाहन में महाराज छत्रसाल के वंशजों को तलवार व वीरा भेंट किया जाता है। शुक्रवार को खेजड़ा मंदिर में सैंकड़ों वर्ष पुरानी इस गौरवशाली परंपरा का निर्वाहन करते हुए सायंकाल 7 बजे जब मंदिर के पुजारी द्वारा पन्ना नरेश महाराज राघवेन्द्र सिंह को तिलक लगाकर चमत्कारिक दिव्य तलवार और बीरा भेंट किया गया तो पूरा नगर श्री प्राणनाथ प्यारे और महाराजा छत्रसाल के जयकारों से गूंज उठा। इस परम्परा के साक्षी बने देश-विदेश से आए हजारों सुन्दरसाथ श्रद्धालुओं ने अपने आप को धन्य महसूस करते हुए श्री जी के चरणों में मत्था टेका। इस अवसर पर पन्ना राज परिवार के वरिष्ठ सदस्य लोकेन्द्र सिंह और श्री प्राणनाथ जी मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी, प्रणामी समाज के धर्मोपदेशक तथा विद्वानजन उपस्थित रहे।

विद्वानों ने बताई महिमा

खेजड़ा मंदिर प्रांगण में उपस्थित श्रद्धालु।

प्रणामी समाज की ऐसी मान्यता है कि महामति प्राणनाथ जी ने छत्रसाल जी को देश और धर्म की रक्षा के लिए वरदानी तलवार सौंपी थी तथा वीरा उठाकर संकल्प करवाया था।.महामति प्राणनाथ जी से मिले आशीर्वाद और चमत्कारिक दिव्य तलवार से ही छत्रसाल जी शक्तिशाली मुगलों को 52 लड़ाइयों में पराजित कर बुंदेलखंड में अपना विशाल साम्राज्य स्थापित कर पाए। और फिर पन्ना को उन्होंने अपनी राजधानी बनाया। शुक्रवार को खेजड़ा मंदिर में धर्म गुरूओं द्वारा विस्तारपूर्वक छत्रसाल जी की महिमा बताई और महामति श्री प्राणनाथ जी द्वारा दिए गए आशीर्वाद स्वरूप दिव्य तलवार व बीरा का महत्व बतलाया। धर्मोपदेशक पं. खेमराज जी ने इस स्थान की विशेषता तथा अखंड मुक्तिदाता, निष्कलंक बुद्ध अवतार, प्राणनाथ जी की महिमा सुनाते हुए कहा कि इसी स्थान से नरवीर केसरी महाराजा छत्रसाल साकुण्डल हुये थे और पूरे देश में एकता, सामाजिक समरसता का वह भाव जो उन्हें महामति प्राणनाथ जी ने दिया था उसे विस्तारित किया था। आपने कहा कि यह महामति का आर्शीवाद ही था कि छत्रसाल छत्ता हो गए और उनके तेज से सारे सुल्तान घब़राने लगे थे। इस अवसर पर धर्मोपदेशक पं. कुंजबिहारी दुबे, मनोज शर्मा, पुजारी देवकरण त्रिपाठी, डॉ. मस्तबाबा जी महाराज ने भी अपने उद्बोधन में महामति प्राणनाथ और छत्रसाल के बारे में उपस्थित लोगों को जानकारी दी।

विरोध का अनूठा तरीका | पवई विधायक मुकेश नायक को रावण बताकर ग्रामीणों ने किया पुतला दहन

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पवई विधायक मुकेश नायक का पुतला दहन कर उनके खिलाफ नारेबाजी करते ग्रामीण।

विकास के मामले में शाहनगर क्षेत्र की उपेक्षा का लगाया आरोप

विधानसभा चुनाव से पहले पवई सीट पर तेज हुआ सियासी घमासान

प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर लगाये “पवई बचाओ-मुकेश भगाओ” के नारे

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज    मध्यप्रदेश में बुंदेलखंड अंचल के पन्ना जिले की चर्चित विधानसभा सीट पवई में पिछले महीने शुरू हुआ सियासी घमासान समय के साथ और अधिक तेज होता जा रहा है। इस सीट से कांग्रेस के मौजूदा विधायक मुकेश नायक अभी तक सिर्फ अपनी पार्टी के नेताओं का कड़ा विरोध झेल रहे थे लेकिन अब क्षेत्र के मतदाता भी इनके खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी द्वारा मुकेश नायक को पवई सीट से चुनावी समर में बतौर प्रत्याशी पुनः उतारने की आधिकारिक तौर पर औपचारिक घोषणा की उलटी गिनती शुरू होने के बीच गुरुवार 18 अक्टूबर 2018 को दशहरा के एक दिन पूर्व शाहनगर क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपने विधायक को आज का रावण बताते हुए प्रतीकात्मक रूप से रावण के स्थान पर उनका पुतला दहन कर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पुतला दहन के वीडियो में धू-धूकर जलते पुतले के समीप खड़े कुछ युवा और ग्रामीण महिलायें विधायक नायक के खिलाफ तीखी नारेबाजी कर रही हैं। एक अन्य वीडियो में उक्त पुतले के सिर पर मुकेश नायक का फोटोग्राफ लगा है और उसमें चस्पा पोस्टर में-“पवई बचाओ, मुकेश भगाओ, आज का रावण।” स्लोगन लिखा है। ग्रामीणों का यह अनूठा विरोध प्रदर्शन पवई सहित समूचे जिले चर्चा का विषय बना है।

कई गांवों में जलाए गए पुतले

मुकेश नायक के पुतला दहन के वीडियो तथा चंद लाइनों के मैसेज को कांग्रेस से निष्कासित वरिष्ठ नेता अनिल तिवारी सहित अन्य कई लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट व शेयर किया हैं। जिसमें में यह दावा किया जा रहा है कि शाहनगर क्षेत्र के नुनागर, आमा, देवरी, कचौरी, पुरैना, सुंगरहा, खजुरी, सुडौर और महिलवारा सहित कई पंचायतों में विधायक मुकेश नायक के खिलाफ जनाक्रोश की अभिव्यक्ति के रूप में दशहरा की पूर्व संध्या पर उनके पुतले जलाये गए है । कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारी महिलायें और युवा मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए नायक पर विकाशस के मामले में शाहनगर क्षेत्र की घोर उपेक्षा करने का आरोप लगा रहे हैं। इनका कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश सुपात्र गरीब हितग्राहीमूलक कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित जबकि अपात्रों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाया गया। इसकी जानकारी के बाबजूद विधायक सुपात्र गरीबों को उनका हक दिलाने और अति पिछड़े शाहनगर क्षेत्र के विकास के लिए कोई ठोस पहल नहीं की। जिससे यह इलाका विकास के मामले में इन पांच सालों और अधिक पिछड़ गया। जटिल भौगोलिक संरचना वाले आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र के गांवों में आज भी लोगों को मूलभूत सुविधायें तक नसीब नहीं हो रही है। क्षेत्र सड़क, बिजली ,पानी, शिक्षा और स्वास्थय सेवायें बदहाल स्थिति में हैं। जिसे लेकर लोगों में विधायक के साथ-साथ प्रदेश की भाजपा सरकार के प्रति भी गहरा असंतोष व्याप्त है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विधायक मुकेश नायक इस इलाके की जानबूझकर उपेक्षा करते रहे हैं।

नहीं चाहिए बदजुबान बाहरी विधायक

पवई विधायक मुकेश नायक।

पुतला दहन से जुड़े एक वायरल वीडियो में एक ग्रामीण युवक मुकेश नायक द्वारा क्षेत्र के लोगों के साथ की गई बदजुबानी और आपत्तिजनक अमर्यादित टिप्पणियों पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए सख्त लहजे में कहता है कि जो क्षेत्र के लोगों को अपशब्द कहकर अपमानित करे उन्हें ऐसा बाहरी विधायक नहीं चाहिए। इस बार हमारा विधायक क्षेत्रीय होगा जो क्षेत्र का विकास करेगा। सर्वविदित है कि पिछले कई महीनों से पवई विधानसभा क्षेत्र में सर्वदलीय क्षेत्रीय संघर्ष समिति के तत्वाधान में सभी राजनैतिक दलों के नेता हर बार की तरह इस बार भी एकजुटता के साथ क्षेत्रीय व्यक्ति को टिकिट देने की मांग प्रमुख राजनैतिक दल भाजपा-कांग्रेस से कर रहे हैं। बाहरी नेताओं को पवई से भगाने की रणनीति के तहत गांव-गांव जनजागरण अभियान चला रही सर्वदलीय क्षेत्रीय संघर्ष समिति ने क्षेत्रीय प्रत्याशी के मुद्दे पर जनभावनाओं को उभारने के लिए इस मांग को क्षेत्रीय अस्मिता जोड़ दिया है।

मुकेश विरोधियों का है दबदबा

कांग्रेस नेता अनिल तिवारी।

उल्लेखनीय है कि पवई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाला शाहनगर विकासखंड का इलाका मुकेश नायक के धुर विरोधी और वर्तमान में कांग्रेस से निष्कासित वरिष्ठ नेता अनिल तिवारी का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। इसके अलावा नायक के अन्य विरोधी भी इसी क्षेत्र में अच्छा खासा दखल रखते है। इसलिए विधायक समर्थक पुतला दहन को जनाक्रोश की अभिव्यक्ति न मानकर इसे प्रायोजित विरोध-प्रदर्शन करार दे रहे हैं। इनका दावा हैं कि मुकेश विरोधी घोषित तत्वों ने टिकिट न मिलने की हताशा में पर्दे के पीछे रहकर चुनाव से पहले माहौल खराब करने के लिए यह प्रोपेगेंडा रचा है। मालूम होकि कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के प्रमुख सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पिछले माह पवई में परिवर्तन यात्रा की आमसभा में विधायक मुकेश नायक को मंच से ही पुनः प्रत्याशी घोषित करते हुए उपस्थित लोगों से उन्हें पुनः प्रचंड बहुमत से विजयी बनाने की अपील की थी। सिंधिया की इस घोषणा पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव अनिल तिवारी ने शाहनगर में उन्हीं के सामने मुकेश नायक का कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए पवई क्षेत्र की जनाकांक्षाओं के मद्देनजर किसी भी क्षेत्रीय नेता को टिकिट देने की मांग की थी। इस विरोध-प्रदर्शन को अनुशासनहीनता मानते हुए कुछ समय पूर्व अनिल तिवारी को तत्काल प्रभाव से कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था।

प्रशासन को नहीं लगी भनक

पवई विधायक मुकेश नायक के खिलाफ क्षेत्र में बढ़ते विरोध को दर्शाता स्लोगन।

चुनाव आयोग द्वारा पिछले दिनों विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करने के बाद से संपूर्ण मध्यप्रदेश में आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। इस अवधि में सक्षम अधिकारी की अनुमति और पूर्व सूचना के बगैर किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन, आमसभा या अन्य कोई भी सार्वजानिक कार्यक्रम करना आचार संहिता का उल्लंघन करना माना जाता है, जोकि अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए आज जब सोशल मीडिया पर पवई विधायक मुकेश नायक के पुतला दहन के वीडियो और मैसेज वायरल हुए तो नवरात्रि की ड्यूटी में व्यस्त शाहनगर के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अपुष्ट सूत्रों की मानें तो इस प्रदर्शन की न तो पूर्व सूचना दी गई थी और न ही किसी के द्वारा इसकी अनुमति ली गई थी। फलस्वरूप शाहनगर एसडीएम अभिषेक सिंह ठाकुर तथा थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण श्रीवास्तव ने अपने-अपने स्तर पर इसकी छानबीन शुरू कर दी है। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को इस घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है। संभवतः आने वाले दिनों में इस मामले में प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध आचार संहिता का उल्लंघन करने की नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

पन्ना : स्कॉर्पियो से पकड़े 58 लाख रूपये, 1 किलो सोना और चांदी भी मिली

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वाहन चैकिंग के दौरान उत्तरप्रदेश के आगरा निवासी चार लोगों से जप्त की गई नकद राशि।

वाहन चैकिंग के दौरान निर्वाचन की सर्विलांस टीम को मिली बड़ी सफलता

स्कॉर्पियो से कटनी से आगरा जा रहे चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया 

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद मंगलवार को पन्ना जिले के रैपुरा कस्बा में निर्वाचन सर्विलांस टीम ने वाहन चैकिंग के दौरान उत्तरप्रदेश की एक स्कॉर्पियो गाड़ी से 57 लाख 80 हजार रुपये नकद, 1 किलोग्राम सोना और 300 ग्राम चांदी जप्त करते हुए वाहन में सवार चार लोगों को हिरासत में लिया है। रैपुरा तहसीलदार रामप्रताप सिंह और थाना प्रभारी राकेश तिवारी के नेतृत्व की गई इस कार्रवाई को प्रशासन की अब तक सबसे बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इस कार्रवाई की खबर मिलने पर पुलिस के आला अधिकारी भी रैपुरा पहुंच चुके थे। पकड़े गए व्यक्तियों से नकदी रुपयों और सोना-चांदी के संबंध में पूंछतांछ की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 अक्टूबर की रात्रि करीब 8 बजे पन्ना जिले के दूरस्थ सीमावर्ती कस्बा रैपुरा के कटनी तिराहा पर निर्वाचन सर्विलांस टीम मुस्तैदी के साथ वाहन चैकिंग कर रही थी। इस दौरान कटनी की ओर से आई स्कॉर्पियो क्रमांक- UP-80-GD-8334 को रोककर उसमें सवार लोगों से पूंछतांछ की गई। संदेह होने पर स्कॉर्पियो वाहन की तलाशी ली गई जिसके अंदर 57 लाख 80 हजार रुपये नकद, 1 किलोग्राम सोना और 300 ग्राम चांदी पाया गया। बड़ी तादाद में मिली नकदी और सोना-चांदी को पुलिस ने जप्त किया है।

सोना-चांदी व्यापारी होने की है चर्चा

रैपुरा थाना परिसर में खड़ी पुलिस टीम द्वारा पकड़ी गई स्कॉर्पियो गाड़ी।

स्कॉर्पियो में सवार रहे आगरा उत्तरप्रदेश निवासी चार व्यक्तियों संजय उपाध्याय, हिमांशु जैन, मन्नू उर्फ मदन यादव व कपिल उर्फ पप्पू से पुलिस थाना में गहन पूंछतांछ की जा रही है। इनके पास नकदी रुपयों और सोना-चांदी के संबंध कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले है। इस कार्रवाई को लेकर ऐसी चर्चा है पकड़े गए सभी लोग सोना-चांदी के व्यापारी हैं। लेकिन फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि उक्त लोग इतनी अधिक नकद राशि और सोना-चांदी कहां से लाये थे और इसे लेकर कहां जा रहे थे। जप्त रुपये और सोना-चांदी आगरा निवासी व्यापारी संजय उपाध्याय का होना बताया गया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी ने भी इसकी पुष्टि नहीं की है।

वाहन में मिले संदिग्ध 58 लाख रुपये और सोना-चांदी।

इस कार्रवाई के संबंध विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए रैपुरा थाना प्रभारी राकेश तिवारी से संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका मोबाइल बंद मिला। जबकि पवई एसडीओपी बुधवार सुबह जानकारी देने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग के आदेशानुसार आचार संहिता लागू होने के बाद यदि कोई व्यक्ति वैध दस्तावेज के बगैर 10 लाख या इससे अधिक नकद राशि लिए पकड़ा जाता है तो उक्त राशि जप्त कर इसकी सूचना आयकर विभाग को आवश्यक कार्रवाई हेतु दी जायेगी। दरअसल मतदाताओं को नोट या सामग्री वितरण के लालच से प्रभावित होने से रोकने तथा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके विधानसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए आयोग ने इस बार कई सख्त प्रावधान किये हैं। जिसके चलते जिले में लगातार विभिन्न कार्रवाइयां की जा रही है।

चुनावी कलह | भाजपा जिलाध्यक्ष और नेत्री के खिलाफ पुलिस थाना में की रिपोर्ट

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सांकेतिक फोटो।

महिला नेत्री पर एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देने का आरोप

भाजपा किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष का ऐलान न्याय न मिलने छोड़ दूंगा पार्टी

पन्ना। रडार न्यूज    भाजपा जिलाध्यक्ष पन्ना सतानंद गौतम एक बार विवादों के घेरे में है। इस बार उन पर और आरक्षित गुनौर विधानसभा सीट से टिकिट की दावेदार नेत्री अमिता बागरी व उनके पति अमित जैन पर भाजपा के ही एक नेता ने अभद्र व्यवहार करने तथा चुनाव में सपोर्ट न करने पर एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देने के संगीन आरोप लगाये हैं। इस मामले की लिखित रिपोर्ट भाजपा किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार पाण्डेय पुलिस थाना अमानगंज में दी है। इस घटनाक्रम को चुनावी समय में भाजपा के खेमे में बढ़ती कलह के तौर पर देखा जा रहा है। मीडिया की सुर्ख़ियों में आने के बाद से यह मामला आम जनमानस के साथ-साथ विपक्षी दलों के बीच कई दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय की शिकायत के अनुसार 13 अक्टूबर 2018 को दोपहर के समय अमिता बागरी निवासी देवेंद्रनगर ने फोन पर उसे धमकी देते कहा कि- “चुनाव में मेरा सपोर्ट नहीं करोगे तो मैं तुम्हें एससी-एसटी एक्ट में झूठा फंसा दूंगी।” ग्राम कमताना निवासी भाजपा किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष श्री पांडेय का आरोप है भाजपा नेत्री अमिता बागरी के पति अमित जैन आदतन अपराधी हैं और हाल ही में उसका जिलाबदर भी हुआ है। अमित जैन द्वारा भी 2 अक्टूबर को उसे फोन पर चुनाव में पत्नी का सपोर्ट न करने पर एससी-एसटी एक्ट में झूठा फंसाने की धमकी दी गई।

सपोर्ट न किया तो कर दूंगा निष्कासित

कृष्ण कुमार की मानें तो अमित जैन ने उसे धमकाते हुए कहा था कि तुम मुझे जानते नहीं हो, मेरे खिलाफ इतने आपराधिक प्रकरण दर्ज है इसके बाद भी मेरा कुछ नहीं हुआ क्योंकि मेरे साथ भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम हैं। मालूम होकि कृष्ण कुमार पाण्डेय अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के सागर संभाग के अध्यक्ष भी हैं। फोन पर अमित जैन ने इन्हें ब्राह्मण समाज का प्रचार-प्रसार, बैठकें आयोजित करने पर देख लेने की धमकी देते हुए कहा कि एक बार एससी-एसटी एक्ट लग जायेगा तो इसका विरोध करना भूल जाओगे, जेल जाने के बाद जमानत तक नहीं होगी। इसी मामले पर को लेकर 13 अक्टूबर 2018 की शाम 6 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम ने भी कथित रूप से कृष्ण कुमार पाण्डेय को फोन कर चुनाव में अमिता बागरी को सपोर्ट करने के लिए दबाब बनाते हुए अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही चुनाव में सपोर्ट न करने और एससी-एसटी एक्ट का विरोध बंद न करने पर उसे पार्टी से निष्कासित करने की बात कही गई। इन धमकियों से व्यथित भाजपा नेता ने गत दिवस अमानगंज में प्रेसवार्ता कर उन्हें धमकी देने वालों के विरुद्ध पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने तथा न्याय न मिलने की स्थिति में पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था। परिणामसवरुप इस विवाद को लेकर भाजपा के अंदरखाने हड़कंप मचा है।

डीएसओ ने भी लगाये थे गंभीर आरोप

प्रेससवार्ता के दौरान संपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी देते भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार पाण्डेय।

मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम के खिलाफ महज एक माह में पुलिस थाना में दूसरी बार शिकायत हुई है। इसके पूर्व उन्होंने अपनी पार्टी की ही एक महिला नेत्री के सेल्समैन पति से उचित मूल्य दुकान का प्रभार छीने जाने पर नाराज होकर जिला आपूर्ति अधिकारी भूपेंद्र सिंह परिहार के साथ उनके ही कार्यालय कथित रूप से अभद्रता, गालीं-गलौंज और धमकी देते हुए शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई थी। पन्ना के कलेक्ट्रेट परिसर में हुई इस घटना पर आपूर्ति अधिकारी ने भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद और उनके साथ आये लोगों के विरुद्ध कोतवाली थाना पन्ना में लिखित शिकायत की थी। इस पर श्री गौतम अपने बचाव में भूपेंद्र सिंह परिहार की विवादित अधिकारी की छवि और उनके मानसिक रूप से बीमार होने की दलील देते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते रहे हैं। बहरहाल इस बार जिस तरह भाजपा के ही वरिष्ठ नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय ने सतानंद पर महिला नेत्री अमिता बागरी को सपोर्ट करने के लिए दबाब बनाने और धमकी देने सरीके गंभीर आरोप लगाये उससे इनकी कार्यशैली और व्यवहार पर जहां प्रश्न चिन्ह लगा है वहीं इस प्रकरण से चुनावी समय में भारतीय जनता पार्टी की छवि भी धूमिल हो रही है। सुर्खियों में बने इस विवाद की पृष्ठभूमि में कई तरह की बातें पार्टी पदाधिकारियों और आमजन के बीच चर्चाओं में है जिन पर विपक्षी दलों के नेता जमकर चटखारे ले रहे हैं। वहीं इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम की चुप्पी से भी नकारात्मक चर्चाओं-अफवाहों को बल मिल रहा है। विदित होकि सतानंद पन्ना सीट से स्वयं भाजपा से टिकिट के प्रबल दावेदार हैं लेकिन जिस तरह इनका नाम लगातार विवादों में आ रहा है उसे देखते हुए इनकी दावेदारी कमजोर पड़ने के साथ-साथ भाजपा जिलाध्यक्ष की कुर्सी भी खतरे में पड़ने की आशंका दबी जुबान पार्टी नेता जता रहे हैं।

इनका कहना हैं-

कृष्ण कुमार पाण्डेय के आरोप पूर्णतः असत्य और निराधार हैं, वे मेरे विरुद्ध पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे थे, मेरे समर्थन में जो लोग पोस्ट करते थे उस पर वे नकारात्मक और जातिसूचक टिप्पणी करते थे। मैंने और मेरे पति ने विनम्रता के साथ उनसे दुष्प्रचार न करने का निवेदन किया था। हम लोगों ने उन्हें किसी तरह की कोई धमकी नहीं दी, चूँकि मैं गुनौर सीट से टिकिट की प्रबल दावेदार हूं इसलिए मेरी छवि धूमिल करने के लिए षड़यंत्र किया जा रहा है।

अमिता बागरी, जिला मंत्री भाजपा महिला मोर्चा।

यह मामला पार्टी में शीर्ष स्तर के नेताओं के संज्ञान में है, इसलिए में कोई मैं अपनी तरफ से कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।

सतानंद गौतम, जिलाध्यक्ष भाजपा पन्ना।

शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार पाण्डेय बयान देने के लिए नहीं आ रहे हैं, उनके आरोपों की जांच हेतु साइबर सेल की सहायता ली जाएगी चूंकि धमकी मोबाइल फोन पर देना बताया है। साइबर सेल से पता चल जायेगा किसने कब किससे बात की है। मैं इस मामले में किसी दबाब में नहीं हूं, यह तो पुलिस का रोज का काम है।

वीरेंद्र सिंह चौहान, थाना प्रभारी अमानगंज।

अजब-गजब | स्वास्थय केंद्र भवन को बनाया राशन दुकान, पंचायत सचिव चला रहा अवैध क्लीनिक

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करीब पांच वर्ष से अधूरा पड़ा गहदरा ग्राम का उप स्वास्थय केंद्र भवन।

पन्ना जिले में जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण चरम पर है अराजकता

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज      मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल का अति पिछड़ा पन्ना जिला लंबे समय से भ्रष्ट  अफसरों और नाकारा जनप्रतिनिधयों का चारागाह बना है। यहां व्याप्त अंधेरगर्दी चरम पर है, उत्तरदायित्व के आभाव मैदानी अमला खुलकर मनमानी कर रहा है जिसका दुष्परिणाम यह है कि शासन की महत्वकांक्षी योजनायें दम तोड़ रही है और हालात में बदलाव लाकर न्यू इंडिया बनाने की उम्मीद बेमानी साबित हो रही है। जिले में सबसे ज्यादा अराजकतापूर्ण स्थिति स्वास्थय विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में निर्मित है। जनपद पंचायत पन्ना के अंतर्गत आने वाली आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत गहदरा का मामला इसका एक उदाहरण मात्र है। यहां करीब 2-3 वर्ष पूर्व निर्मित उप स्वास्थय केंद्र भवन को पंचायत के नुमाइंदों ने शासकीय उचित मूल्य की राशन दुकान में तब्दील कर दिया है।

उप स्वास्थय केंद्र भवन के अंदर खुली रखी गांव के दबंगों की उड़द की दाल।

बीआरजीएफ योजना के तहत वर्ष 2013-14 में स्वीकृत 8 लाख रुपये की लागत वाले स्वास्थय केंद्र भवन में पिछले कई महीनों से राशन की दुकान धड़ल्ले से संचालित हो रही है। इतना ही नहीं इस भवन में सरकारी राशन सामग्री के अलावा गांव के दबंगों का अनाज व चारा आदि भंडारित है। इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी कि गहदरा का उप स्वास्थय केंद्र वर्षों से किराये के एक तंग कमरे में संचालित है जबकि उसके लिए बने भवन को निर्माण एजेंसी ने मनमाने तरीके से राशन दुकान व अनाज गोदाम में तब्दील कर दिया है। इस भवन को ग्राम पंचायत द्वारा अब तक स्वास्थय विभाग को हस्तांतरित ना करना भी समझ से परे है । उधर स्वास्थय विभाग के अधिकारी इसे लेकर बेपरवाह है।

शौंचालय निर्माण के लिए नहीं मिला राजमिस्त्री

बोरियों में कथित रूप से भरा रखा उचित मूल्य दुकान का अनाज।

कुछ दिन पूर्व मीडियाकर्मियों की टीम द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उठाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी का कर्तव्य बोध जाग गया। उन्होंने अपनी उदासीनता को छिपाने के लिए आनन-फानन में उप स्वास्थय केंद्र भवन हस्तांतरित करने के लिए सरपंच ग्राम पंचायत गहदरा को पत्र लिख दिया। इस पत्र की प्रतिलिपि वरिष्ठ अधिकारियों प्रेषित की गई ताकि बात ऊपर तक पहुंचने की स्थिति में जबाब देना आसान हो सके। मजेदार बात यह कि ग्राम पंचायत गहदरा के सचिव से पुष्पेंद्र सिंह से जब पांच साल बाद भी उक्त भवन हैंडओवर न करने का कारण पूंछा गया तो उन्होंने बताया कि शौंचालय का निर्माण न होने कि वजह भवन अधूरा है। उन्हें अब तक कोई राजमिस्त्री नहीं मिला इसलिए शौंचालय का निर्माण नहीं हो सका। पंचायत सचिव का यह जबाब असंतोषजनक होने के साथ-साथ इस बात संकेत भी है कि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में जबाबदेही के आभाव में वे अपनी अकर्मण्यता पर पर्दा डालने के लिए निर्लज्जता के साथ सफेद झूठ बोल रहे हैं। पंचायत सचिव से जब पूंछा गया कि स्वास्थय केंद्र भवन बनाने वाले राजमिस्त्री को क्या शौंचालय बनाना नहीं आता था? जबकि पंचायतों पिछले साढ़े चार सालों सिर्फ शौंचालय ही बन रहे हैं। इससे निरुत्तर पंचायत सचिव मोबाइल पर चर्चा के दौरान हंसते हुए बोले वहां से सप्ताह भर में शौंचालय का निर्माण कराकर स्वास्थय केंद्र भवन को हैंडओवर कर दिया जायेगा। उनके अनुसार स्वास्थय केंद्र भवन में राशन दुकान सरपंच ने खुलवाई थी जिसे वहां से तत्काल हटाया जा रहा है।

अवैध क्लीनिक से चलाता है ग्राम पंचायत

कुंवरपुर के पंचायत सचिव हरचरण पटेल का भापतपुर ग्राम में स्थित अवैध मेडीकल स्टोर।

पन्ना जिले की जनपद पंचायत अजयगढ़ की ग्राम पंचायत कुंवरपुर के पंचायत सचिव हरचरण पटेल का मामला हमारी व्यवस्था के खोखलेपन को उजागर करता है। यहां थोड़ी सी चढ़ोत्री चढ़ाकर किस तरह आसानी से अवैध कार्य करने की छूट मिल जाती है। जिससे हरचरण पटेल सरीके के लोग इस भ्रष्ट व्यवस्था का लाभ उठाते हुए न सिर्फ खुलेआम तमाम नियम-कानूनों की घज्जियां उड़ा रहे हैं बल्कि इंसानी जान के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर अपराध भी कर रहे हैं। ये महाशय ग्राम भापतपुर में लंबे समय से बिना किसी वैध लाइसेंस और फार्मेसी की डिग्री के मेडीकल स्टोर सह क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। दवायें बेंचने के अलावा हरचरण पटेल अपने अनुभव से सर्दी-जुकाम, बुखार और दर्द आदि का इलाज कर देते हैं।

पंचायत सचिव हरचरण पटेल

पंचायत सचिव से झोलाछाप डॉक्टर बने हरचरण पटेल अपनी पंचायत के काम दवा दुकान से ही निपटाते है। कभी-कभार कोई विशेष कार्य पड़ने पर ही इनका कुंवरपुर आना होता है इसलिए सचिव से संबंधित कार्यों के लिए कुंवरपुर के लोगों को ग्राम भापतपुर तक भटकना पड़ता है। गत दिवस मीडियाकर्मियों की टीम ने भापतपुर पहुंचकर पंचायत सचिव हरचरण पटेल से जब उनकी दवा दुकान सह क्लीनिक के वैध पंजीयन तथा डिग्री के संबंध में पूंछा तो वे मौके पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इससे पता चलता है कि हरचरण पटेल के पास दवा दुकान का लाइसेंस भले ही न हो लेकिन पंचायत सचिव रहते हुए उनके इस गैरकानूनी कार्य पर स्वास्थय विभाग पन्ना के सीएमएचओ, अजयगढ़ बीएमओ, ड्रग इंस्पेक्टर, अजयगढ़ के जनपद पंचायत सीईओ और जिला पंचायत सीईओ को शायद किसी तरह की कोई आपत्ति नहीं है, इसलिए सबकुछ बड़े मजे से चल रहा है।

इनका कहना है-

स्वास्थय केंद्र की बिल्डिंग 2-3 वर्ष पूर्व ही बन गई थी लेकिन अभी तक विभाग को हैंडओवर नहीं हुई जिससे उप उप स्वास्थ्य केंद्र किराये के कमरे में संचालित करना पड़ रहा है। यहां की स्थिति से वरिष्ठ अधिकारी भलीभांति अवगत है।

-विद्यावती लखेरा, एएनएम गहदरा।

उप स्वास्थय केंद्र भवन 2-3 वर्ष पूर्व बनकर तैयार हो गया था यह किस कारण से अब तक हैंडओवर नहीं हुआ सरपंच-सचिव से बात करने पर ही पता चलेगा। जीआरएस से मेरी बात हुई थी उसने कुछ कार्य शेष होने की जानकारी दी थी। समय पर भवन का कार्य पूर्ण ना होना और उसका हस्तांतरण न होने के लिए कौन जबाबदेह, इस संबंध में क्या कह सकता हूं।

-मुकेश शिवहरे, उपयंत्री जपं पन्ना।

सरपंच ने सेल्समैन को व्यवहारिकता में भवन की चाबी दे दी थी, भवन का कार्य अधूरा है इसलिए हैंडओवर नहीं किया। इंजीनियर और पंचायत सचिव से मेरी बात हुई है भवन को खाली कराया जा रहा है। इसे शीघ्र ही पूर्ण कराकर हैंडओवर करने की बात कही है।

-डॉ. एलके तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।

आपके माध्यम से यह हैरान करने वाली जानकारी मिली है कि कुंवरपुर पंचायत सचिव अपने मुख्यालय में न रहकर भापतपुर ग्राम में अवैध रूप से दवा दुकान चला रहा है। इसकी जांच कराकर नियमनुसार कार्रवाई की जायेगी।

-गिरीश मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत पन्ना।

गैंगरेप पीड़ित छात्रा बनी मां, बच्चे को दिया जन्म

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जिला चिकित्सालय पन्ना में बिस्तर पर लेटी छात्रा उसका नवजात शिशु और समीप बैठी मां।

रिश्ते के मामा ने नाबालिग को बनाया था हवस का शिकार

छात्रा और उसके परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ की कठोर कार्रवाई की मांग

पन्ना। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में गैंगरेप पीड़ित एक 15 वर्षीय छात्रा ने बुधवार 10 अक्टूबर को जिला चिकित्सालय पन्ना में एक बच्चे जन्म दिया है। बिन ब्याही मां बनी नाबालिग किशोरी को करीब 9 माह पूर्व दो स्वजातीय युवकों ने अपनी हवस का शिकार बनाया था। दोनों ही आरोपी रिश्ते में छात्रा के मामा लगते हैं। पन्ना जिले के सिमरिया थाना के ग्राम मोहन्द्रा रहने वाली छात्रा ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि रात्रि में घटना दिनांक को रात्रि करीब 8:30 बजे खिरका टोला में शौंचकर वह मोहल्ले की ही एक महिला के साथ वापिस घर लौट रही थी तभी रास्ते जग्गी रैकवार पुत्र स्वर्गीय पहाड़ी रैकवार 32 वर्ष और मुड़ी रैकवार पुत्र नंदी रैकवार 35 वर्ष दोनों निवासी मोहन्द्रा ने उसे जबरन पकड़ लिया। यह देख उसके साथ वाली महिला डरकर भाग गई। मौका पाकर दोनों कामांध दरिंदों ने मामा-भांजी के पवित्र और विश्वास भरे रिश्ते को तारतार करते हुए नाबालिग को बारी-बारी अपनी हवस का शिकार बनाया। बाद में इस घटना के संबंध में किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी देकर दोनों वहशी मौके से भाग गए। किसी तरह डरी-सहमी घर पहुंची किशोरी ने रात में ही अपनी मां को घटना की जानकारी दी। अगले दिन गैंगरेप पीड़ित छात्रा माता-पिता के साथ मोहन्द्रा पुलिस चौकी पहुंची जहां घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी जग्गी रैकवार व मुड़ी रैकवार के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर दोनों को तत्परता से गिरफ्तार किया। पुलिस द्वारा सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को पवई न्यालय में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल गया।

पीड़िता की आंखों से नहीं रुक रहे आंसू

पिछले 20 साल से मोहन्द्रा स्थित अपनी ससुराल में रह रहे छात्रा के पिता ने बताया कि वह गांव में स्थित एक होटल में काम करता है। जबकि उसकी पत्नी मजदूरी करती है। बेटी के साथ बुरा काम करने वाले आरोपी कोई और नहीं बल्कि उसकी पत्नी के ही चचेरे भाई हैं। पिता का कहना है सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई बेटी के गर्भ ठहरने का पता काफी देर से चला। बुधवार 10 अक्टूबर को बेटी को प्रसव पीड़ा होने पर उसे मोहन्द्रा ले गए जहां से पवई के लिए रेफरल कर दिया। इसके बाद पवई सामुदायिक स्वास्थय केंद्र से भी बेटी को जिला चिकित्सालय पन्ना के लिए रेफरल किया गया। पन्ना में बुधवार शाम करीब 4 बजे नाबालिग छात्रा ने एक बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों ही स्वस्थ बताये जा रहे हैं। हालाकिं बिन ब्याही मां बनी किशोरी अपनी संतान, खुद के भविष्य तथा गरीब माता-पिता की समाज में बदनामी को लेकर गहरी चिंता में डूबी है। उसकी उदासी-लाचारी साफ़ बयां कर रही कि इस समय उस पर क्या गुजर रही है। छात्रा कि आंखों से गिरते आंसू इस बात का प्रमाण है कि इतने महीने बाद भी वह उस भयानक हादसे से उभर नहीं पाई है, जिसने उसकी हंसती-खेलती जिंदगी को गम और दुखों से भर दिया।

दबाब डालकर स्टाम्प में लगवाये अंगूठा

सांकेतिक फोटो

पीड़िता के पिता ने गुरुवार 11 अक्टूबर 2018 को पन्ना में मीडियाकर्मियों से चर्चा में पवई के एक अधिवक्ता पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करीब 3-4 माह पूर्व पवई से मोहन्द्रा आये वकील साहब ने उसके परिवार को मंजू रैकवार के घर बुलाया जहां दरवाजे बंदकर राजीनामा करने का दबाब डालते हुए स्टाम्प पर उसके और पत्नी व सगे साले घसोटी का अंगूठा लगवा लिया। उस समय कमरे के अंदर पवन रैकवार, लल्लू चौरसिया आदि लोग मौजूद थे। वकील ने कथित तौर पर उनसे कहा कि राजीनामा करने के बाद आरोपी उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी नहीं देंगे। बेटी का विवाह कराने का भरोसा दिलाते हुए उसके साले घसोटी को एक लाख रुपये भी दिए गए। छात्रा के अनपढ़ माता-पिता का कहना है कि जिस स्टाम्प पर जबरन उनके अंगूठा निशानी लगवाए गए उसमें क्या लिखा था उन्हें मालूम नहीं है। उक्त वकील ने धौंस देकर दुष्कर्म पीड़िता के हस्ताक्षर स्टाम्प में कराने की कोशिश की थी लेकिन वह इसके लिए राजी नहीं हुई। कुछ दिन बाद लल्लू चौरसिया एक लाख रुपये भी घसोटी रैकवार से वापस ले गया। इस घटनाक्रम के बाद गैंगरेप के दोनों आरोपी जमानत पर छूट गए। अपनी बेटी का भविष्य बर्बाद करने और उसे कभी न भूलने वाला जख्म देने वाले आरोपियों तथा राजीनामा का दबाब डालकर उन्हें बचाने वालों के खिलाफ पिता ने कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं कक्षा 8वीं में पढ़ने वाली पीड़िता ने भी उसके साथ हैवानियत करने वाले दरिंदों व उनके मददगारों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है।

दुखद हादसा | ट्रेक्टर-ट्राली पलटने से दो की मौत, एक घायल

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हड़ा घाटी के नीचे पड़ा क्षतिग्रस्त ट्रेक्टर-ट्राली।

पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र के ग्राम हड़ा के समीप हुआ हादसा

घाटी उतरते समय अनियंत्रित होकर पलटी ट्रेक्टर-ट्राली, आरोपी चालक फरार

अजित बढ़ौलिया, पवई। रडार न्यूज  पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरुवार 11 अक्टूबर 2018 को दोपहर करीब 12 बजे एक तेज रफ्तार ट्रेक्टर-ट्राली चालक की घोर लापरवाही के कारण अनियंत्रित होकर पलटने से उसमें सवार दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि एक वृद्ध बहादुर सिंह पिता हीरा सिंह 70 वर्ष निवासी ग्राम कुटरहिया गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल वृद्ध की नाजुक हालत को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद पवई से कटनी के लिए रेफरल किया गया है। हादसा पवई से करीब 10 किलोमीटर दूर पवई-मोहन्द्रा मार्ग पर उस समय हुआ जब ट्रेक्टर-ट्राली हड़ा की घाटी उतर रहा था। बिना नंबर के इस महिन्द्रा ट्रेक्टर का चालक कथित तौर पर अत्यंत ही तेज गति से लापरवाहीपूर्वक वाहन चला रहा था, जिससे ट्रेक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया।


घटनास्थल पर शव के पास बैठे विलाप करते मृतिका के परिचित।

इस दर्दनाक हादसे के समय ट्रेक्टर-ट्राली में सवार सविता रानी पति इमरत सिंह आदिवासी 30 वर्ष निवासी कुटरहिया एवं तोड़न सिंह यादव पिता शंकर यादव 65 वर्ष निवासी ग्राम रमपुरा की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद से आरोपी ट्रेक्टर-ट्राली चालक फरार है। घाट में काफी ऊंचाई से ट्रेक्टर-ट्राली के नीचे गिरने के कारण ट्रेक्टर के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। पता चला है कि दोनों मृतक और घायल साप्ताहिक बाजार करने के लिए पवई आ रहे थे। इस हादसे की सूचना मिलने पर 100 डायल पुलिस वाहन द्वारा मृतकों और घायल वृद्ध को पवई के सामुदायिक स्वास्थय केंद्र लाया गया। जहां ड्यूटी डॉक्टर ने सविता रानी और तोड़न सिंह यादव का परिक्षण करने के पश्चात दोनों को मृत घोषित कर दिया। जबकि जिंदगी और मौत से जूझ रहे गंभीर घायल वृद्ध बहादुर सिंह निवासी ग्राम कुटरहिया को प्राथमिक उपचार के बाद आनन-फानन में कटनी के लिए रेफरल कर दिया। समाचार लिखे जाने तक घायल और मृतकों के परिजन पवई नहीं पहुंचे थे। उधर पुलिस दवार सड़क हादसे पर मर्ग कायम करने की कार्रवाई की जा रही थी। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

सड़क हादसा | तेज रफ्तार कार की ठोकर से बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत 

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बाइक सवार को ठोकर मारने बाद सड़क किनारे नाले के समीप पड़ी सेंट्रो कार।

पन्ना-पहाड़ीखेरा मार्ग पर लक्ष्मीपुर ग्राम के नाला के समीप हुआ हादसा 

 चार माह पूर्व हुआ था अरविंद का विवाह, घर और ससुराल में मातम का माहौल 

पन्ना। रडार न्यूज   एक बाइक सवार युवक को सामने से आ रही तेज रफ्तार सेंट्रो कार के चालक ने अत्यंत ही लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए सीधी ठोकर मार दी। इस हादसे में अत्यंत ही गंभीर रूप से जख्मी बाइक सवार अरविंद सिंह यादव की इलाज के दौरान जिला चिकित्सालय में दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदय विदारक हादसा बुधवार 10 अक्टूबर 2018 को दोपहर लगभग 3:30  बजे पन्ना-पहाड़ीखेरा मार्ग पर लक्ष्मीपुर ग्राम के नाला के समीप हुआ। हादसे के समय अरविंद  सिंह यादव पुत्र हल्के यादव 27 वर्ष निवासी ग्राम मुटवाकलां अपनी ससुराल ग्राम कृष्णा-कल्याणपुर में साली को छोड़कर वापिस गांव जा रहा था। जवान बेटे की सड़क हादसे में मौत होने की दुखद खबर आने के बाद से अरविंद के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर पैतृक ग्राम मुटवाकलां और उसकी ससुराल ग्राम कृष्णा-कल्याणपुर में मातम का माहौल निर्मित है। मालूम हो कि अरविंद का विवाह इसी वर्ष जून माह में हुआ था।

पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल

पन्ना में जिला चिकित्सालय के शव विच्छेदन गृह के बाहर बैठे शोक संतृप्त परिजन।

प्राप्त जानकारी  अनुसार अरविंद सिंह यादव अपनी साली को ससुराल ग्राम कृष्णा-कल्याणपुर में छोड़ने के बाद प्लेटिना मोटर साइकिल से वापिस घर जा रहा था कि तभी रास्ते में लक्ष्मीपुर ग्राम के नाला के समीप विपरीत दिशा से अत्यंत ही तेज गति से आई सेंट्रो कार क्रमांक-MP- 35-CA- 0367 के चालक ने घोर लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए सीधी ठोकर मार दी। कार की ठोकर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार अरविंद उचटकर दूर जा गिरा। अरविंद की लहूलुहान हालत देख अज्ञात आरोपी चालक दुर्घटनाग्रस्त कार और घायल को तड़पता हुआ छोड़ मौके से फरार हो गया। राहगीरों-ग्रामीणों और पुलिस की मदद से अरविंद सिंह यादव को मरणासन्न स्थिति में इलाज हेतु जिला चिकित्सालय पन्ना लाकर भर्ती कराया गया। कार की ठोकर लगने से उसके सीने, माथे और हाथ में आई बेहद गंभीर चोटें आई थीं। सड़क हादसे की दुखद सूचना मिलने पर बेसुध हालत में परिजन और ससुराल पक्ष के लोग भी पन्ना जिला चिकित्सालय पहुंच गए। जिला चिकित्सालय में  जिंदगी और मौत से जूझते अरविंद को समुचित इलाज हेतु मेडीकल कॉलेज रीवा ले जाने की तैयारी चल ही रही थी कि महज एक घंटे के अंदर ही उसका दुखांत हो गया। इस हादसे पर कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने फ़िलहाल मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया है।

 कटनी-कानपुर हाईवे पर दो ट्रकों के बीच सीधी भिड़ंत | बुरी तरह फंसे ड्राइवरों को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित निकाला  

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तेज रफ्तार में आमने-सामने हुई ट्रकों की भीषण भिड़ंत का भयावह दृश्य।

पवई के समीप मुराछ ग्राम में हुआ हादसा, दो घंटे तक लगा रहा जाम 

अजित बढ़ौलिया, पवई। रडार न्यूज     पन्ना जिले में कटनी-कानपुर हाईवे पर पवई से करीब 6 किलोमीटर दूर मुराछ ग्राम के समीप मंगलवार 9 अक्टूबर की सुबह दो ट्रकों के बीच सीधी भीषण भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में सामने से दोनों ट्रकों के परख्च्चे उड़ गए। बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए ट्रकों में फंसे उनके घायल चालकों को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर  करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद लहूलुहान हालत में सुरक्षित निकाला गया। दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए पवई सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें कटनी के लिए रेफरल कर दिया गया। ईश्वर का यह चमत्कार ही है कि ट्रकों के चकनाचूर होने के बाद भी उनमें फंसे जिंदगी और मौत से जूझते दोनों चालकों की जान बाल-बाल बच गई। ट्रक ड्राइवरों के रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते पवई-कटनी मार्ग पर करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। जिससे मार्ग के दोनों और वाहनों की लंबी कतार लग गई। वाहनों के पहिए थमने से प्रभावित लोगों थोड़ा परेशान होना पड़ा।  प्राप्त जानकारी अनुसार प्रातः लगभग 8ः30 बजे ट्रक क्रमांक एचआर 67 बी- 5082 जो पन्ना से कटनी की और जा रहा था एवं ट्रक क्रमांक डब्लूबी 37 सी- 2483 जो कटनी से पन्ना की और बेहद तेज रफ्तार से जा रहा था रास्ते में ग्राम मुराछ के समीप दोनों की आमने-सामने भिण्डत हो गई।

ग्रामीणों ने तत्परता से शुरू किया बचाव कार्य 

ट्रक से घायल ड्राइवर को बाहर निकालते मुराछ के ग्रामीणजन।

सुबह-सुबह हुए इस भीषण दुर्घटना की भनक लगते ही मुराछ के लोग मौके पर पहुंचे और  बिना किसी देरी के उनमें फंसे चींखते-चिल्लाते मदद की गुहार लगाते दोनों ड्राइवरों को बचाने में जुट गए। उधर इस हादसे की खबर मिलने पर पवई एसडीओपी बीएस परिहार, थाना प्रभारी पवई दलबल के साथ कुछ देर बाद पहुंच गए और व्यवस्थित तरीके से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों और पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर जेसीबी मशीन की मदद से ट्रकों के क्षतिग्रस्त हिस्से में फंसे चालक आजाद खान 45 वर्ष निवासी मेरठ उत्तर प्रदेश व कोदो पाल 50 वर्ष निवासी सतना को करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन दोनों को तुरंत  इलाज हेतु पवई ले जाया गया। तब कहीं जाकर पवई-पन्ना मार्ग पर वाहनों का आवागमन बहाल हो सका। क्षतिग्रस्त ट्रकों में फंसे जिंदगी और मौत से जूझते चालकों की जान बचाने में पुलिस के साथ-साथ मुराछ के ग्रामीणों की सराहनीय भूमिका रही। सामने से टकराये दोनों ट्रकों की हालत देखकर लोग चालकों के जिंदा बचने को चमत्कार बता रहे हैं।