दिव्यांग किसी से कम नहीं, अवसर मिलें तो करेंगे बेहतर प्रदर्शन- खत्री

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विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास पुराना पन्ना में मूकबाधिर बच्चों ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुतियां दीं।

 * विविध प्रतियोगिताओं के आयोजन के साथ मनाया गया विश्व विकलांग दिवस

पन्ना। रडार न्यूज    विश्व दिव्यांग दिवस 3 दिसंबर के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर मनोज खत्री के मुख्य आतिथ्य में सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास पुराना पन्ना में किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गयी। विश्व दिव्यांग दिवस के उपलक्ष्य में विगत 2-3 दिवसों में जिलेभर में आयोजित की गयी विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदाय किए गए। इस दौरान दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए सद्गुरू नेत्र चिकित्सालय चित्रकूट द्वारा विशाल नेत्र परीक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया। इस दौरान उप संचालक सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण अशोक चतुर्वेदी, सहायक संचालक शिक्षा रामप्रकाश शुक्ला, जिला परियोजना समन्वयक विष्णु त्रिपाठी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सुश्री तपस्या जैन, सहायक परियोजना समन्वयक आबिद अली, प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला पुराना पन्ना चन्द्रभान सेन, भारतीय साइन लेंग्वेज विशेषज्ञ श्रीमती मेघा बगोरा, सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास का स्टॉफ, अभिभावक, पत्रकारगण तथा दिव्यांग बच्चे मौजूद रहे।

सुरक्षित भविष्य के लिए करें प्रयास

प्रतिभागी बच्चों को सम्मानित करते कलेक्टर मनोज खत्री।
कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर मनोज खत्री द्वारा मॉ सरस्वती के चित्र के समक्ष माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया। इसके बाद स्कूली बच्चों द्वारा स्वागत गीत गाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री खत्री ने सभी बच्चों को विश्व दिव्यांग दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह दिवस लोगों के बीच दिव्यांगजनों के संबंध में जागरूकता फैलाने के लिए आयोजित किया जाता है। अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण, पत्रकार साथी सभी मिलकर दिव्यांगजनों को बेहतर परिवेश देने में एवं उनकी समस्याएं सही ढ़ंग से सामने रखने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से अपनी भूमिका निभाते हैं। लेकिन हमे इससे एक कदम ओर आगे बढकर सोचने एवं कार्य करने की आवश्यकता है। हमारा प्रयास केवल बच्चों को शिक्षित बनाने तथा अध्ययनकाल में उनकी देखरेख तक ही सीमित नही रहना चाहिए। यहां से जाने के बाद भी उनका भविष्य सुरक्षित रहे इस दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता है।

बालिकाओं के लिए भी खुलेगा छात्रावास  

उप संचालक सामाजिक न्याय एवं सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास का संचालक एनजीओ इन दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य करें। इन बच्चों को आईटीआई एवं पॉलीटेक्निक कॉलेज में प्रशिक्षण दिलाने एवं डिग्री डिप्लोमा कोर्स के लिए चिन्हांकित किया जाए। ताकि वे स्वयं आत्मनिर्भर बनकर परिवार के लोगों का भी सहारा बन सकें। उन्होंने कहा कि जिले में दिव्यांग बच्चों के लिए केवल एक ही बालक छात्रावास है। यहां बालक एवं बालिकाओं के लिए और छात्रावास खुल सकें इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिव्यांग किसी से कम नही हैं, अच्छे अवसर मिले तो वे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। आइए हम सब मिलकर दिव्यांगजनों के बारे में अच्छी जागरूकता समाज में फैलाएं।
कार्यक्रम में उप संचालक सामाजिक न्याय अशोक चतुर्वेदी ने कहा कि दिव्यांग बच्चे असाधारण है और विशेष प्रतिभा के धनी है। बस उसे निखारने और उन्हें एक प्लेटफार्म देने की आवश्यकता है। सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

प्रतिभागियों को किया सम्मानित

कार्यक्रम में जिला परियोजना समन्वयक विष्णु त्रिपाठी ने बताया कि तीन दिसंबर विश्व दिव्यांग दिवस के उपलक्ष्य में दिव्यांग बच्चों के लिए विकासखण्ड स्तर पर विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन विगत दिनों किया गया है। जिसके बाद जिला स्तरीय विजेता प्रतिभागियों को कार्यक्रम में सम्मानित किया जा रहा है। कार्यक्रम में सहायक परियोजना समन्वयक आबिद अली ने विश्व दिव्यांग दिवस आयोजन के इतिहास एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दिव्यांग लोगां प्रति समाज में जागरूकता लाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा प्रत्येक वर्ष 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने यह परम्परा वर्ष 1992 से प्रारंभ की है। हर साल इससे संबंधित अलग-अलग थीम रखी जाती है। इस वर्ष की थीम एजेण्डा ऑफ सस्टेनेबल डवलपमेन्ट पर आधारित है। विश्व दिव्यांग दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान सहायक संचालक शिक्षा रामप्रकाश शुक्ला ने अपने वेतन से 21 हजार रूपये की राशि दिव्यांग बच्चों के कल्याण के लिए प्रदाय करने की घोषणा की।

दिव्यांग बच्चों ने दी विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों द्वारा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गयी। मूकबाधिर बच्चों द्वारा साइन भाषा विशेषज्ञ श्रीमती मेघा बगोरा के मार्गदर्शन में सामूहिक सांस्कृतिक गान प्रस्तुत किया गया। माइम नाटिका के माध्यम से साफ-सफाई रखने, एटीएम की प्रक्रिया, विभिन्न खेलों आदि के संबंध में प्रस्तुति दी गयी। दृष्टिबाधित बच्चों द्वारा वादन एवं गायन किया गया। कार्यक्रम में माय एंजल डांस गु्रप के बच्चों द्वारा भी मनोरंजक प्रस्तुति दी गयी।