सीसीटीव्ही कैमरों से मिले सुराग के आधार पर 10 लाख की चोरी का खुलासा, फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ही निकले चोर

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पुलिस टीम की अभिरक्षा में खड़े लाखों रुपये की चोरी करने वाले शातिर आरोपी।

* तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गए 10 लाख रुपये किये बरामद

* पुलिस ने घटना का रिक्रिएशन कराकर देखा पेंचकस से किस तरह खोले थे गेट

* शहडोल जिले के जयसिंह नगर में भी चोरी की एक वारदात को दिया था अंजाम

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश के पन्ना शहर में स्थित माइक्रो फाइनेंस कंपनी क्रेडिट ऍक्सेस ग्रामीण लिमिटेड के ब्रांच ऑफिस ग्रामीण कूटा से 4-5 दिसंबर की दरम्यानी रात तिजोरी (लॉकर) समेत 10 लाख से अधिक नकदी रुपये रहस्मय तरीके से चोरी होने की वारदात का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा करने का दावा किया है। सीसीटीव्ही कैमरों से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के ही दो कर्मचारियों समेत कुल 3 लोगों को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में दुर्गेश कुशवाहा पुत्र रामप्रसाद कुशवाहा निवासी मझगवां जिला कटनी, निर्मल कुशवाहा पिता सुन्दर लाल कुशवाहा व रामकिशोर चौधरी पिता राकेश चौधरी दोनों निवासी भदौरा जिला कटनी शामिल हैं। इनमें दुर्गेश कुशवाहा फाइनेंस कंपनी की पन्ना ब्रांच और निर्मल कुशवाहा शहडोल जिले की ब्रांच में पदस्थ है। पुलिस ने इनसे चोरी किये गए 10 लाख रुपये बरामद किये हैं।
पकड़े गये आरोपियों ने पुलिस की पूंछतांछ में शहडोल जिले के जयसिंह नगर थाना क्षेत्र में भी इसी वर्ष साढ़े 3 लाख रुपये चोरी की एक अन्य घटना को अंजाम देने की बात कबूल की है। पन्ना पुलिस ने इस चोरी के एक लाख रूपये और कुछ सामान इन शातिर आरोपियों से जब्त किया है। चोरी की इन घटनाओं के खुलासे को पन्ना पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
माइक्रो फाइनेंस कंपनी का ब्रांच ऑफिस जहां पर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया।
उल्लेखनीय है कि फाइनेंस कंपनी के ऑफिस में जिस रात चोरी हुई थी वहां ब्रांच मैनेजर समेत कंपनी के 7 कर्मचारी अंदर सो रहे थे लेकिन किसी को भी तिजोरी चोरी होने की भनक नहीं लगी। अगले दिन सुबह जब कर्मचारी नींद से जागे तो रुपयों की तिजोरी गायब देख उनके होश उड़ गए थे। चोरी की सनसनीखेज घटना के प्रकाश में आने के बाद से ही लोग फाइनेंस कंपनी के किसी न किसी कर्मचारी का इसमें हाथ होने का संदेह जता रहे थे। पुलिस द्वारा किये गए चोरी के खुलासे में खुलासे में कंपनी के दो कर्मचारियों की मुख्य भूमिका होने से लोगों का संदेह सच साबित हुआ है। हालांकि पकड़े गए आरोपियों में वे कर्मचारी शामिल नहीं है जोकि घटना दिनांक को ऑफिस में सोये हुए थे।

क्या था मामला

पत्रकारों को चोरी की घटना के खुलासे की जानकारी देते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह।
पन्ना पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने शनिवार 8 दिसंबर को पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि महिला समूहों को ऋण वितरण करने वाली क्रेडिट ऍक्सेस ग्रामीण लिमिटेड के ब्रांच ऑफिस के मैनेजर राजेश साहू पिता सालिकराम साहू 26 ने कोतवाली थाना पन्ना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 4-5 दिसंबर की दरम्यानी रात हम लोग ऑफिस में सोए हुए थे, सुबह देखा तो ऑफिस में रखी तिजोरी (लॉकर) गायब मिला। तिजोरी में 10 लाख 56 हजार रुपये रखे थे। राजेश ने पुलिस को बताया कि 4 दिसंबर की रात को ही हम लोग कटनी की ब्रांच से 10 लाख रुपये लेकर आये थे। तिजोरी समेत राशि चोरी की घटना को अज्ञात चोर द्वारा ऑफिस के गेट में होल करके अंजाम दिया गया था। इस घटना पर कोतवाली थाना पुलिस द्वारा चोरी का मामला दर्ज कर प्रकरण को विवेचना में लिया गया। लाखों रुपये की इस सनसनीखेज वारदात को चुनौती के रूप में लेते हुए पुलिस कप्तान और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। तत्पश्चात आरोपियों की गिरफ़्तारी हेतु 10 हजार का इनाम घोषित करते हुए हर पहलू से जांच कर अपराधियों का जल्द से जल्द सुराग लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए।

सीसीटीव्ही कैमरों में दिखे संदेही

इस तरह होल पेंचकस से खोले गए थे ऑफिस के गेट।
चोरी की घटना के खुलासे के लिए पन्ना कोतवाली टीआई अरविंद कुजूर द्वारा पन्ना शहर में लगे सीसीटीव्ही कैमरों को खंगाला गया, जिसमें कुछ संदेही उसी इलाके में मोटरसाईकिल से घूमते हुए नजर आये। इस अहम् सुराग के आधार पर घटना दिनांक को फाइनेंस कंपनी के ब्रांच ऑफिस में सोये कर्मचारियों से कड़ाई से पूंछतांछ की गई। जिसमें मैनेजर राजेश साहू ने बताया कि उसने दुर्गेश कुशवाहा हेलमेट के संबंध में बातचीत की थी। इस दौरान उसने कटनी जाने की बात कही थी। मालूम हो कि दुर्गेश कुशवाहा इसी कंपनी का कर्मचारी है जोकि पन्ना में पदस्थ है और घटना के पूर्व से छुट्टी पर था। कटनी रुपये लेने जाना पड़ता है यह बात उसे भलीभांति पता थी। दुर्गेश जब वापस पन्ना लौटा तो संदेह के आधार पर कोतवाली पुलिस द्वारा अभिरक्षा में लेकर उससे कड़ाई से पूंछतांछ की गई।
इस दौरान उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि चोरी की घटना को निर्मल कुशवाहा व रामकिशोर चौधरी दोनों निवासी भदौरा जिला कटनी के साथ मिलकर अंजाम दिया था। टीआई अरविंद कुजूर ने दुर्गेश को अपने साथ कटनी ले जाकर उसके दोनों सहयोगियों को हिरासत में ले लिया। चोरी किये गए 10 लाख रुपये भी इनसे बरामद कर लिए। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त मोटरसाईकिल को जप्त किया है। विदित हो कि आरोपी निर्मल कुशवाहा माइक्रो फाइनेंस कंपनी क्रेडिट ऍक्सेस ग्रामीण लिमिटेड के ब्रांच ऑफिस शहडोल में तैनात है।

मड़ला घाटी में फेंक दी थी तिजोरी

पकड़े गए चोरों से जप्त चुराए गए रुपये और वह लॉकर जिसमें रुपये रखे थे।
पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए बताया कटनी से तीनों आरोपियों को पन्ना लाकर उनसे घटना के संबंध में सिलसिलेवार पूंछतांछ की गई। आरोपियों ने बताया कि 4-5 दिसंबर की रात 12 बजे पन्ना आकर नुकीले पेंचकस की मदद से ऑफिस के दरवाजों को खोला गया। फिर कमरे में रखी तिजोरी को उठाकर मोटरसाईकिल से मड़ला घाटी ले गए। जहां छेनी-हथोड़ी की मदद से तिजोरी का ताला खोलकर रुपये निकाल लिए और उसे वहीं पर छोड़कर मोटरसाईकिल से अपने घर चले गए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चोरी की इस रहस्मयी घटना का अपराधियों से रिक्रिएशन कराकर यह देखा गया कि उनके द्वारा पेंचकस से किस तरह ऑफिस के गेट खोले गए थे। पुलिस अधीक्षक ने एक सवाल के जबाब में बताया कि चोरी की घटना के समय ऑफिस में सो रहे कर्मचारियों की अब तक की जांच में किसी तरह की संलिप्तता सामने नहीं आई है, हालांकि पकड़े गए आरोपियों को रिमांड में लेकर इस संबंध गहन पूंछतांछ की जाएगी। साथ ही यह पता लगाया जायेगा कि इनके द्वारा पूर्व में जयसिंह नगर के आलावा चोरी की अन्य किसी घटना को अंजाम तो नहीं दिया गया।