* सुरक्षित घर पहुंचे रामनरेश को देख छलक उठीं परिजनों की आंखें
* 24 घंटे बाद पकड़ छूटने पर पन्ना पुलिस ने ली राहत की सांस
* पहाड़ीखेरा सहित तराई अंचल में डैकत गिरोह की दहशत बरकरार
शादिक खान,पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना-सतना जिले के सीमावर्ती इलाके के जंगल से हथियारबंद नकाबपोश डकैतों द्वारा अपहृत किये गए वन विभाग के चौकीदार रामनरेश वल्द गेंदालाल खैरवार 37 वर्ष निवासी ग्राम ककरहा थाना बरौंधा जिला सतना की पकड़ छूट गई है। पन्ना सहित पड़ोसी जिलों की पुलिस के बढ़ते दबाब के बीच अज्ञात दस्यु गिरोह ने खुद को बचाने के लिए रामनरेश खैरवार को रविवार की शाम करीब 4 बजे सीमावर्ती इलाके के जंगल में मुक्त कर दिया। कुछ घंटे तक जंगल में भटकने के बाद चौकीदार रामनरेश जब ग्राम ककरहा स्थित अपने घर पहुंचा तो उसे अपने बीच सकुशल पाकर परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं। उधर जब यह ख़बर पुलिस के आला अधिकारियों को मिली तो उन्होंने राहत की सांस ली है। लेकिन, पहाड़ीखेरा सहित समूचे क्षेत्र में डकैतों की दहशत बरकरार है। इलाके के लोग जंगल और अपने खेतों में जाने से डर रहे है। डकैतों की कैद से छूटा रामनेरश दहशत में होने के कारण खुलकर कुछ भी बोल नहीं रहा है। हालांकि, उसने अपने परिजनों को बताया कि अपहरण करने के बाद डकैतों ने उसके साथ किसी तरह की मारपीट नहीं की। वे अधिकांश समय उसकी आंखों में पट्टी बांधे रहे।
चहला नाला जंगल से हुआ था अपहरण
चौकीदार रामनरेश खैरवार।
उल्लेखनीय है कि अपहरण की वारदात शनिवार 3 नवंबर 2018 की शाम करीब 4-5 बजे के बीच उस समय हुई जब रामनरेश खैरवार पन्ना जिले के पहाड़ीखेरा ग्राम से साप्ताहिक बाजार करके अपने बेटे पुष्पेंद्र खैरवार 12 वर्ष के साथ बाइक से वापिस गांव ककरहा जा रहा था। रास्ते में चहला नाला के समीप छः हथियारबंद नकाबपोश डकैतों ने इन्हें रोक लिया। रामनरेश खैरवार के साथ मारपीट कर फिरौती वसूलने के उद्देश्य से दस्यु गिरोह उसे जबरन अपने साथ ले गया था। जबकि उसके पुत्र पुष्पेंद्र को किसी ने छुआ भी नहीं था। रामनरेश का अपहरण करने के पूर्व डकैत गिरोह ने चहला नाला के ही समीप बाइक सवार नीलेश सिंह गौंड़ 32 वर्ष उसके दोस्तों दीपक सिंह गौंड, गुड्डा सिंह गौंड़ सभी निवासी ग्राम बरहा भटिया को रोककर मारपीट करते हुए इनके करीब 600 रुपये और एक मोबाईल फोन छीन लिया था। नीलेश लूट की वारदात की पुलिस को तुरंत सूचना न दे पाए इसलिए डकैतों ने उसकी बाइक की हवा निकाल दी थी। इसके कुछ देर बाद दस्यु गिरोह ने जब रामनरेश खैरवार का अपहरण कर उसे साथ ले गए तो नीलेश और उसके साथी ही रामनरेश खैरवार के बेटे पुष्पेंद्र को उसी की बाइक से ग्राम ककरहा स्थित उसके घर लेकर गए थे। अपहृत चौकीदार के परिजनों छोटे भाई छोटेलाल खैरवार व साले नत्थू खैरवार द्वारा आनन-फानन में शनिवार को ही रात्रि में करीब 8 बजे पहाड़ीखेरा पहुंचकर स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी रामगोपाल द्विवेदी को घटना की सूचना दी गई।
काम आई पुलिस कप्तान की रणनीति
विवेक सिंह ,पुलिस अधीक्षक पन्ना।
पन्ना जिले के बृजपुर थाना की पुलिस चौकी पहाड़ीखेरा अंतर्गत अज्ञात डकैत गिरोह द्वारा लूटपाट और अपहरण करने की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने तत्परता से पुलिस टीमों का गठन करते हुए जंगल की घेराबंदी कर सघन सर्चिंग अभियान शुरू करा दिया था। साथ ही पड़ोसी जिला सतना और बांदा के पुलिस अधीक्षकों को घटना की जानकारी देते हुए सर्चिंग अभियान में दोनों जिलों की पुलिस का भी सहयोग लिया गया। इसके अलावा डकैतों द्वारा लूटे गए मोबाइल फोन के सिग्नल के जरिये सायबर सेल की मदद से उनके हर मूवमेंट पर पैनी नजर रखी जा रही थी। पुलिस की चौतरफा तगड़ी घेराबंदी के चलते पकड़े जाने के डर से अज्ञात डकैत रविवार शाम करीब 4 बजे अपहृत चौकीदार रामनरेश खैरवार को जंगल में ही छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भाग गए। इस तरह पन्ना पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह के कुशल रणनीतिक निर्देशन और तत्परता से की गई कार्रवाई के फलस्वरूप बने दबाब के चलते अपहरणकर्ता डकैतों के चंगुल से रामनरेश खैरवार को 24 घंटे में सकुशल मुक्त करा लिया गया। निश्चित तौर पर यह पन्ना पुलिस के लिए बड़ी सफलता है।
जंगल सर्चिंग पर रवाना होने के पूर्व पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश देते अधिकारी।
* घर पहुंचे नाबालिग बेटे ने परिजनों को दी पिता के अपहरण की जानकारी
* पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सीमावर्ती चहला नाला जंगल की घटना
* अपहरण के पूर्व सशस्त्र बदमाशों ने बाइक सवार तीन युवकों से की लूटपाट
* आचार संहिता लागू होने के समय दस्यु गिरोह की धमक से क्षेत्र में फैली दहशत
शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना-सतना जिले के सीमावर्ती इलाके के जंगल से आधा दर्जन हथियारबंद नकाबपोश डकैतों ने वन विभाग के चौकीदार रामनरेश वल्द गेंदालाल खैरवार 37 वर्ष का अपहरण कर लिया। अपहरण की सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के पूर्व दुस्साहसी डकैतों द्वारा बाइक सवार तीन युवकों के साथ मारपीट कर उनके साथ लूटपाट की गई। लूट और अपहरण की वारदात शनिवार 3 नवंबर की शाम 4-5 बजे के बीच पन्ना जिले के बृजपुर थाना की पुलिस चौकी पहाड़ीखेरा के क्षेत्र अंतर्गत चहला नाला के समीप की बताई जा रही है। विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की कड़ी निगरानी और नाकेबंदी के बीच हथियारबंद नकाबपोश डकैतों ने जिस तरह दुस्साहसिक अंदाज में दो बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है उससे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। उधर, डकैतों के आतंक की खबरें आने के बाद से पन्ना-सतना जिले के सीमावर्ती इलाके समेत तराई अंचल के लोग दहशत में है। डकैतों के चंगुल से वन विभाग के चौकीदार रामनरेश वल्द गेंदालाल खैरवार 37 वर्ष निवासी ग्राम ककरहा थाना बरौंधा जिला सतना को मुक्त करने के लिए पन्ना और पड़ोसी सतना जिले की पुलिस द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में सघन जंगल सर्चिंग की जा रही है। पन्ना के पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह रविवार को सुबह से ही पहाड़ीखेरा पहुंच गए। उनके निर्देशन में पन्ना पुलिस की कई टीमें जंगल में सर्चिंग अभियान चलाकार चप्पा-चप्पा छान रहीं हैं। क्षेत्र में ऐसी चर्चा है कि अपहरण की वारदात में दस्यु सुंदरी साधना सिंह पटेल के गिरोह का हाथ है, लेकिन अभी तक इसकी अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।
परिजनों के उड़े होश
डकैतों के द्वारा की गई लूटपाट का शिकार बना नीलेश और उसके दोस्त।
अपहरण की वारदात शनिवार 3 नवंबर 2018 की शाम करीब 4-5 बजे के बीच उस समय हुई जब रामनरेश खैरवार पन्ना जिले के पहाड़ीखेरा ग्राम से साप्ताहिक बाजार करके अपने बेटे पुष्पेंद्र खैरवार 12 वर्ष के साथ बाइक से वापिस गांव ककरहा जा रहा था। रास्ते में चहला नाला के समीप छः अज्ञात हथियारबंद नकाबपोश डकैतों ने इन्हें रोक लिया। रामनरेश खैरवार के साथ मारपीट कर फिरौती वसूलने के उद्देश्य से दस्यु गिरोह उसे जबरन अपने साथ ले गया। जबकि उसके बेटे पुष्पेंद्र को किसी ने छुआ भी नहीं। किसी तरह बाइक से घर पहुंचे पुष्पेंद्र ने परिजनों को जब पिता के साथ हुए घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी दी तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। रामनरेश खैरवार को लेकर अत्यंत ही चिंतित और परेशान परिजनों छोटे भाई छोटेलाल खैरवार व साले नत्थू खैरवार ने आनन-फानन में पहाड़ीखेरा पहुंचकर रात्रि में करीब 8 बजे स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी रामगोपाल द्विवेदी को अपहरण की घटना की दी गई।
अपहृत चौकीदार का पुत्र पुष्पेंद्र खैरवार।
लेकिन तब तक रात और अंधेरा अधिक हो जाने के कारण शनिवार को पुलिस का जंगल सर्चिंग अभियान शुरू नहीं हो सका। मालूम हो कि रामनरेश खैरवार का अपहरण करने के पूर्व डकैत गिरोह ने चहला नाला के ही समीप बाइक सवार नीलेश सिंह गौंड़ 32 वर्ष व उसके दोस्तों दीपक सिंह गौंड, गुड्डा सिंह गौंड़ सभी निवासी ग्राम बरहा भटिया थाना बरौंधा जिला सतना को रोककर मारपीट करते हुए इनसे करीब 600 रुपये और एक मोबाईल फोन छीन लिया था। नीलेश लूट की वारदात की पुलिस को तुरंत सूचना न दे पाए इसलिए डकैतों ने उसकी बाइक की हवा निकाल दी थी। इसके कुछ देर बाद दस्यु गिरोह जब रामनरेश खैरवार का अपहरण कर उसे अपने साथ ले गए तो नीलेश और उसके दोस्त ही रामनरेश के बेटे पुष्पेंद्र को उसी की बाइक से ग्राम ककरहा स्थित उसके घर लेकर गए थे।
रेत की वसूली में व्यस्त पुलिस
फाइल फोटो।
वर्तमान में विधानसभा चुनाव की जारी आदर्श आचार संहिता के दौरान जब पुलिस के हाई अलर्ट पर होने का दावा किया जा रहा है उस समय दस्यु गिरोह द्वारा बेखौफ अंदाज में शाम 4-5 बजे के बीच लूटपाट और अपहरण जैसी बेहद संगीन वारदातों को अंजाम देकर बड़ी आसानी से भाग निकलना पन्ना जिले के बृजपुर थाना की पहाड़ीखेरा चौकी पुलिस की घोर निष्क्रियता और असफलता को उजागर करता है । पहाड़ीखेरा की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां पुलिस का हर समय मुस्तैद रहना अपराधों की रोकथाम के लिए बेहद जरुरी है। मालूम होकि पुलिस चौकी पहाड़ीखेरा की सीमा पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बांदा और एमपी के सतना जिले से जुड़ी हैं। सीमावर्ती बियावान जंगल का वृहद इलाका और यहां का तराई अंचल कई दशकों से एमपी-यूपी के खूंखार दस्यु गिरोहों की शरणस्थली बना है। यहां पर आज भी कई ईनामी डकैत गिरोह सक्रिय हैं, इनकी चहलकदमी पन्ना जिले के वन क्षेत्र में भी बनी रहती है।
चहला नाला के समीप घटनास्थल का मुआयना करते पुलिस अधिकारी।
एक और पन्ना जिले में शांतिपूर्ण तरीके से निष्पक्ष निर्वाचन संपन्न कराने के लिए पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह अपराधों की प्रभावी रोकथाम हेतु जरुरी उपाय सहित अभियान चलाकर लगातार आपराधिक तत्वों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर रहे हैं वहीं जिले के अजयगढ़ अनुभाग अंतर्गत आने वाले समस्त थानों और चौकियों में तैनात प्रभारी व अधीनस्थ अमला रात-दिन सिर्फ रेत खदान संचालकों, अवैध रेत खदानें चलने वाले माफियाओं और रेत परिवहन करने वाले वाहनों से इंट्री वसूली में व्यस्त है। पुलिस अधीक्षक को जमीनी हकीकत न बताकर अपने कारनामों को छिपाने के लिए गुमराह करते हुए इनके द्वारा लगातार गलत जानकारी दी जा रही है। अजयगढ़ अनुभाग अंतर्गत बढ़ते अपराधों का मुख्य कारण रेत की लूट से नोट छापने के लिए पुलिस द्वारा माफियाओं व अपराधी तत्वों को खुला संरक्षण देना है। पहाड़ीखेरा पुलिस चौकी अमले का हाल यह है कि उत्तर प्रदेश के कालिंजर और बृजपुर की ओर से नागौद-सतना जाने वाले रेत के वाहनों से इंट्री वसूली यहां पुलिस का मुख्य कार्य बन चुका है।इन हालत के ही कारण अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की पुलिस कप्तान के विशेष प्रयासों को आपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है।
इनका कहना है-
“पुलिस की टीमें जंगल में सघन सर्चिंग ऑपरेशन चला रहीं हैं, पड़ोसी जिलों की पुलिस की भी इसमें मदद ली जा रही है। अपहृत व्यक्ति को सकुशल मुक्त कराने के लिए हम पूरा प्रयास कर रहे है उम्मीद है जल्द ही इसमें सफलता मिलेगी।”
* छतरपुर सीट से आलोक चतुर्वेदी पज्जन भैया प्रत्याशी घोषित
* इंदौर जिले की राऊ सीट से जीतू पटवारी पुनः लड़ेंगे चुनाव
* कांग्रेस ने भी पहली सूची में पन्ना सीट से घोषित नहीं किया प्रत्याशी
* राधौगढ़ से पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के विधायक पुत्र जयवर्धन को मिला टिकिट
भोपाल। रडार न्यूज लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस पार्टी ने मध्यप्रदेश के लिए 155 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। शनिवार 3 नवंबर की रात्रि करीब 9 बजे कांग्रेस की और से जारी प्रत्याशियों के नामों की पहली सूची में सभी वर्गों को महत्व देते हुए संतुलन बनाये रखने की कवायद साफ़ नजर आती है। कांग्रेस ने उन नेताओं पर भरोसा जताया है जोकि अपने क्षेत्र में न सिर्फ चर्चित है बल्कि प्रभाव भी रखते है। जारी सूची मध्यप्रदेश में कांग्रेस के किसी एक या दो बड़े नेताओं का टिकिट वितरण में एकतरफा दखल न होकर सामंजस्य बनाते हुए सभी की राय को महत्व दिया गया है। पार्टी की और पहले बताया जा रहा था कि सूची 5 नवंबर को जारी होगी लेकिन, नामांकन दाखिल करने के लिए समय कम बचने के मद्देनजर आनन-फानन में कांग्रेस ने 155 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर सस्पेंस खत्म कर दिया है। कांग्रेस के 155 उम्मीदवारों के नामों की सूची पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं केंद्रीय चुनाव समिति प्रभारी मुकुल वासनिक के हस्ताक्षर से जारी की गई है।
सांकेतिक फोटो।
पहली सूची में पन्ना जिले की चर्चित पवई सीट से वर्तमान विधायक मुकेश नायक को उम्मीदवार बनाया गया है। जबकि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित गुनौर सीट से शिवदयाल बागरी पर भरोसा जताते हुए पुनः अवसर दिया है। शिवदयाल वर्ष 2013 में भाजपा के महेंद्र बागरी से महज डेढ़ हजार मतों के अंतर से हार गए थे। कांग्रेस की पहली सूची में पन्ना सीट शामिल नहीं है। भाजपा ने भी अब तक पन्ना सीट से उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है। दोनों ही प्रमुख दलों की दूसरी सूची में संभवतः पन्ना सीट से प्रत्याशियों के नामों का ऐलान हो सकता है। उधर पन्ना सीट पर उम्मीदवारों के नाम पर लगातार गहराते संशय से लोग निराश है। आज कांग्रेस के उम्मीदवार के नाम का ऐलान होने की पूरी संभावना थी लेकिन पहली सूची में उसने भी अपना पत्ता नहीं खोला है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार शेष 75 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा 5 नवंबर तक हो सकती है।
संजय सिंह के कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा करते पीसीसी चीफ कमलनाथ।
* संजय ने साधा निशाना बोले- भाजपा सिर्फ नामदारों को पूंछती है
* संजय के कांग्रेस में आने से भाजपा और शिवराज को लगा तगड़ा झटका
* पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने बहू कृष्णा के साथ कमलनाथ से की मुलाकात
नई दिल्ली। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के मुख्यंत्री शिवराज सिंह चौहान के साले संजय सिंह शनिवार नवंबर को कांग्रेस में शामिल हो गए। संजय, बालाघाट जिले की वारासिवनी सीट से टिकिट न मिलने से नाराज थे। कांग्रेस में संजय सिंह के शामिल होने की घोषणा पीसीसी चीफ कमलनाथ दवारा दिल्ली में बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई। चुनाव के समय साले का कांग्रेस में जाना व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्यप्रदेश भाजपा के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को आई भाजपा के 177 उम्मीदवारों की पहली सूची में वारासिवनी सीट से टिकिट न मिलने से वे नाराज थे। भारतीय जनता पार्टी ने वारासिवनी सीट से वर्तमान विधायक योगेंद्र निर्मल को पुनः प्रत्याशी घोषित किया है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को भाजपा ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए दोपहर में 177 उम्मीदवारों के नामों की पहली सूची जारी की थी। करीब 6 घंटे बाद इसमें आंशिक संशोधन करते हुए घट्टिया सीट को रोक दिया गया था। भाजपा की शेष 54 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा जल्दी हो सकती है। पहली सूची में भाजपा ने तीन मंत्रियों के टिकिट काटते हुए दो के पुत्रों को उम्मीदवार घोषित किया है। इसके अलावा अब तक 33 विधायकों के टिकिट काटे जा चुके है।
पेशे से ठेकेदार हैं संजय सिंह
संजय सिंह।
कांग्रेस में शामिल हुए संजय सिंह पेशे से ठेकेदार हैं। वे नीलाक्ष इंफ्रास्ट्रक्चर नाम की निर्माण कंपनी के प्रमुख हैं। संजय सिंह मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह के सगे भाई हैं। आज उन्होंने कांग्रेस का हाथ थामते ही भाजपा पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। संजय ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि वहां नामदारों को नवाजा जा रहा है और कामदारों को किनारे कर दिया गया है।
मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल
पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी विधायक बाबूलाल गौर अपनी बहू कृष्णा गौर के साथ।
फिलहाल भाजपा में मचे घमासान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और भोपाल की गोविंदपुरा सीट से विधायक बाबूलाल गौर ने अपनी बहू व भोपाल की पूर्व महापौर कृष्णा गौर के साथ मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से भेंट की है। इस खबर के आने के बाद भाजपा के खेमे हलचल बढ़ गई है। मालूम हो कि बीजेपी की पहली सूची में गोविंदपुरा सीट शामिल नहीं है। बाबूलाल गौर ने कांग्रेस नेता गोविंद गोयल से भी मुलाकात की है। गोयल ने पिछला चुनाव गोविंदपुरा सीट से बाबूलाल गौर के खिलाफ लड़ा था जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और सीनियर भाजपा नेता बाबूलाल गौर के बीच हुई मुलाकात क्या रंग लाती इस पर दोनों ही दलों के नेताओं की नजरें टिकीं हैं।
शुभ मुहूर्त में नामांकन दाखिल करने आयेंगे उम्मीदवार
पन्ना। रडार न्यूज कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार नामनिर्देशन पत्र भरने के प्रथम दिन शुक्रवार 2 नवंबर को पन्ना जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों से किसी भी अभ्यर्थी द्वारा नामनिर्देशन पत्र दाखिल नहीं किया गया है। अर्थात पहले दिन नामांकन दाखिल करने का खाता नहीं खुला। पन्ना जिले की चर्चित पवई विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकेश नायक ने शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल करने पूरी तैयारी कर रखी थी किंतु कांग्रेस की सूची जारी होने में विलंब के चलते उन्हें बी-फार्म नहीं मिल सका। जिससे श्री नायक पन्ना आकर अपना पर्चा दाखिल नहीं कर सके। मालूम होकि विधायक मुकेश नायक को पवई सीट से पुनः चुनावी समर में उतारने की सहमति काफी पहले बन चुकी थी, बस आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा शेष है। शुक्रवार 2 नवंबर को शुभ महूर्त में पन्ना आकर पर्चा दाखिल करने के लिए विधायक मुकेश नायक और उनके समर्थकों ने वृहद स्तर तैयारियां कर रखीं थी। दरअसल, कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची जारी न होने के कारण पार्टी की और से उन्हें बी-फार्म नहीं मिल सका। फलस्वरूप मुकेश नायक ने पूरी तैयारी के बाबजूद आज अपना नाम-निर्देशन पत्र नहीं भरा। चर्चा है कि श्री नायक उम्मीदवार घोषित होने के बाद किसी भी दिन शुभ महूर्त में भारी काफिले और सैंकड़ों समर्थकों के साथ पन्ना आकर अंतिम तिथि 9 नवंबर तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं।
जमा कर सकते हैं अधिकतम 4 नामांकन
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री ने पत्रकार साथियों को अवगत कराते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा निर्वाचन 2018 के लिए जारी कार्यक्रम के अनुसार 2 नवंबर 2018 शुक्रवार को निर्वाचन की अधिसूचना जारी हो चुकी है । इसी दिन से अभ्यर्थियों द्वारा नाम-निर्देशन पत्र भरे जाएंगे। नामनिर्देशन पत्र भरने की अंतिम तिथि 9 नवंबर 2018 शुक्रवार है। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 12 नवंबर 2018 सोमवार को की जाएगी। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 14 नवंबर 2018 बुधवार को निर्धारित की गयी है। दिनांक 4 नवंबर एवं 7 नवंबर 2018 को अवकाश के कारण इन तिथियों में नामनिर्देशन पत्र नही लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार नामांकन पत्र अभ्यर्थी स्वयं अथवा उसके प्रस्तावकों में से कोई एक अधिसूचित दिनों पर प्रातः 11 बजे से दोपहर बाद 3 बजे के बीच प्रस्तुत कर सकेगा। एक अभ्यर्थी अधिकतम 4 नामांकन प्रस्तुत कर सकता है।
यहां जमा होंगे नाम-निर्देशन पत्र
श्री खत्री ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र पवई के लिए नामनिर्देशन पत्र अपर कलेक्टर कोर्ट रूम में, विधानसभा क्षेत्र गुनौर के लिए पुराना एडीजे कोर्ट पन्ना में एवं विधानसभा क्षेत्र पन्ना के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पन्ना के कार्यालय में लिए जाएंगे। नियमों के अनुसार रिटर्निंग आफिसर के कार्यालय की 100 मीटर की परिधि के अन्दर 3 वाहनों के प्रवेश की अनुमति रहेगी। रिटर्निंग आफिसर के कार्यालय में अभ्यर्थी सहित अधिकतम 5 व्यक्ति ही प्रवेश के लिए पात्र रहेंगे। अभ्यर्थी द्वारा नामांकन पत्र भरने के साथ शपथ पत्र भी भरा जाएगा। अभ्यर्थी को निर्धारित प्रारूप में अपना फोटो भी देना होगा। कलेक्टर ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान मीडिया द्वारा कव्हरेज में सहयोग के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में एक मीडिया प्वाइंट बनाया गया है।
निगरानी के लिए 4 तरह के दल गठित
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री ने बताया कि अभ्यर्थियों के व्यय लेखा एवं कार्यकलापों पर निगरानी के लिए 4 तरह के दल गठित किए गए हैं। इन दलों में स्थैतिक निगरानी दल, वीडियो निगरानी दल, वीडियो अवलोकन दल एवं उडनदस्ता दल शामिल है। जिले के लिए 2 व्यय प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। बी.जी. कृष्णन पन्ना एवं गुनौर के लिए तथा कल्याण नाथ को पवई विधानसभा के लिए नियुक्त किया गया है। इनके अलावा भी अन्य प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं जिनका आगमन आगामी समय में जिले में होगा। निर्वाचन संबंधी सामान्य जानकारी देते हुए उन्हेंने बताया कि जिले की महिला मतदाताओं के प्रेरित करने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तीन-तीन पिंक पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं जिन्हें पिंक थीम पर तैयार किया जा रहा है जो महिलाओं के रंग का प्रतीक है। इन पोलिंग बूथों पर महिला मतदान कर्मी की ही ड्यूटी लगाई जाएगी। इसी तरह दिव्यांग मतदाताओं के प्रोत्साहन के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक सुगम मतदान केन्द्र तैयार किया जा रहा है। इनमें दिव्यांग अधिकारी-कर्मचारियों की सहमति के बाद मतदान कार्य में उनकी नियुक्ति की जाएगी।
मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के अन्तर्गत ’’आओ सजाएं अपना मतदान केन्द्र’’ का होगा आयोजन
पन्ना। रडार न्यूज विधानसभा निर्वाचन को दृष्टिगत रखते हुए इन दिनों मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी क्रम में 5 नवंबर 2018 दिन सोमवार को शाम 5 बजे से 7 बजे तक जिले के समस्त 891 मतदान केन्द्रों पर एक साथ दीप प्रज्जवलन एवं रंगोली सजाने का आयोजन किया जाएगा। जिसमें कम से कम 50 दीपक प्रत्येक मतदान केन्द्र पर प्रज्जवलित किए जाएंगे एवं रंगोली सजाई जाएगी। कार्यक्रम में जिला सशक्तिकरण अधिकारी, समस्त परियोजना अधिकारी (महिला बाल विकास), आजीविका मिशन के अधिकारी-कर्मचारी, समस्त बीएलओ, समस्त आंगनवाडी कार्यकर्ता-सहायिका, एएनएम, समस्त मैदानी अमला कार्यक्रम में सहभागी होंगे।
अधिकारियों को सौंपे दायित्व
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री ने बताया कि ’’आओ सजाएं अपना मतदान केन्द्र’’ थीम पर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य दायित्व जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना एवं समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जिला पन्ना को सौंपा गया है। उन्होंने संबंधित सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यह कार्यक्रम पूर्णतः गैर राजनैतिक है, आदर्श आचरण संहिता का अक्षरशः पालन करना सुनिश्चित करें। किसी भी राजनैतिक दल-जनप्रतिनिधि द्वारा कार्यक्रम को सम्बोधित नहीं किया जाए। साथ ही किसी भी राजनैतिक पार्टी के संबंध में चर्चा नहीं की जाए। यह कार्यक्रम केवल मतदाताओं की जागरूकता के लिए आयोजित किया जा रहा है।
दीपक शांत होने के बाद जायेंगे घर
सांकेतिक फोटो।
उन्होंने कहा है कि कार्यक्रम में स्व-सहायता समूह की महिलाओं को भी जोड़ा जाए। मतदान केन्द्र की साफ-सफाई एवं पुताई आदि कार्यक्रम के पूर्व करा ली जावे। मतदान की तारीख मतदान केन्द्र की बाह्य दीवार पर बड़े अक्षरों में अंकित कराई जावे। मतदाता जागरूकता वॉल पेंटिंग मतदान केन्द्रों के बाहर लगाई जावे। भवन के जिस कक्ष में मतदान होगा उस कक्ष की दीवारों पर कुछ भी लिखा न हो यह सुनिश्चित कर लिया जावे ताकि मतदान दिवस को असुविधा न हो। मतदान कक्ष के बाहर आंगनवाडी कार्यकर्ता एवं सहायिका कार्यक्रम प्रारंभ होने के पूर्व रंगोली सजाने का कार्य करेंगी। इसमें किशोरी बालिकाओं को जोड़ा जावे। कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित मतदाताओं को तिलक लगाकर किया जावे। सभी मैदानी अधिकारी-कर्मचारी इस तिथि एवं समय पर अपने-अपने क्षेत्र के मतदान केन्द्र पर उपस्थित रहेंगे एवं शांतिपूर्वक मतदान की अपील करेंगे। बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं को पीले चावल देकर मतदान के लिए आमंत्रित किया जावे। कार्यक्रम में महिला, पुरूष, बुजुर्ग, दिव्यांग सभी की उपस्थिति रहेगी। आंगनवाडी कार्यकर्ता एवं सहायिका निर्धारित गणवेश में कार्यक्रम में सहभागिता करेंगी। उन्होंने सम्पूर्ण कार्यक्रम की फोटोग्राफी कराने एवं दीपक शांत होने के पश्चात ही अधिकारी-कर्मचारी द्वारा मतदान केन्द्र छोड़ने के निर्देश दिए हैं।
* पन्ना विधानसभा सीट से प्रत्याशी को लेकर कयासों का दौर जारी
* अगले कुछ दिनों में घोषित होंगे शेष 53 प्रत्याशियों के नाम
* बुधनी विधानसभा सीट से सीएम शिवराज लड़ेंगे चुनाव
* मंत्री गौरीशंकर शेजवार की जगह उनके बेटे को मिला टिकिट
भोपाल/नई दिल्लीरडार न्यूज मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार 2 नवंबर को 230 विधानसभा सीटों में से 177 पर उम्मीदवारों के नाम पहली सूची जारी कर दी। शेष 53 सीटों पर अगले कुछ दिनों में प्रत्याशियों के नामों की घोषणा हो सकती है। जारी सूची के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी सीट से ही चुनावी समर में उतरेंगे। पन्ना जिले की चर्चित पवई विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित गुनौर सीट से मौजूदा विधायक महेंद्र बागरी की टिकिट काटते हुए पूर्व विधायक राजेश वर्मा को उम्मीदवार घोषित किया गया है। पन्ना सीट पर फिलहाल प्रत्याशी के नाम का ऐलान न होने से कई तरह के कयास लगाए जा रहे है। पन्ना सीट मंत्री कुसुम सिंह की परंपरागत सीट है। बढ़ते इंतजार के बीच यहां पर लोगों की दिलचस्पी इस बात को लेकर है कि भाजपा पन्ना से पुनः अपनी सबसे सशक्त, सफल और स्वाभाविक दावेदार कुसुम महदेले को ही चुनावी मैदान उतारती या फिर उनकी उम्र को आधार मानकर किसी नये नेता को मौका दिया जायेगा।
सांकेतिक फोटो।
भाजपा की जारी सूची के अनुसार मंत्री माया सिंह का ग्वालियर पूर्व सीट से टिकट कट गया है। उल्लेखनीय है एक दिन पूर्व दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक संपन्न हुई थी। जिसमें उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया गया था। इस बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए थे। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में बनी के पश्चात् इस समिति के सचिव जगत प्रकाश नड्डा के हस्ताक्षर से आज भाजपा ने पहली सूची जारी की है।
चला भाई-भतीजावाद
खजुराहो सांसद नागेंद्र सिंह को नागौद से प्रत्याशी बनाया है। मंत्री हर्ष सिंह का टिकिट काटकर उनके बेटे विक्रम सिंह को रामपुर बघेलान से उम्मीदवार बनाया गया है। मंत्री गौरीशंकर शेजवार की जगह उनके बेटे मुदित शेजवार को उम्मीदवार बनाया। छतरपुर जिले की चंदला सीट से विधायक आरडी प्रजापति का टिकिट काटकर उनके पुत्र राकेश प्रजापति को प्रत्याशी बनाया गया। छतरपुर से विधायक एवं मंत्री ललिता यादव को इस बार बड़ा मलहरा सीट से उम्मीदवार घोषित किया गया है। देवास सांसद मनोहर ऊंटवाल को आगर सीट से उम्मीदवार बनाया है। व्यापमं घोटाले के आरोपी पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के भाई उमाकांत शर्मा को सिरोंज सीट से टिकिट दिया है। सुमावली से विधायक सत्यपाल सिंह का टिकिट काटकर उनके भाई सतीश सिकरवार को ग्वालियर पूर्व से टिकिट दिया गया है। ग्वालियर पूर्व से विधायक एवं मंत्री माया सिंह का टिकिट कट गया है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह व ज्योतिरादित्य सिंधिया।
विवाद को सुलझाने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बनाई कमेटी
आज देर शाम जारी हो सकती है कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची
भोपाल। रडार न्यूज मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए टिकिट वितरण को लेकर कांग्रेस में प्रदेश के शीर्ष नेताओं के बीच गुटबाजी के चलते तकरार होने की चर्चायें सुनाई दे रही हैं। मीडिया में आ रहीं ख़बरों के अनुसार बुधवार को दिल्ली में देर रात तक चली कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच कुछ टिकिटों को लेकर बहस हो गई। यह सब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में हुआ। कथित तौर पर हुए इस विवाद को सुलझाने के लिए राहुल गांधी ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में कांग्रेस के सीनियर नेता अशोक गहलोत, वीरप्पा मोइली और अहमद पटेल शामिल हैं।
मालूम हो कि कांग्रेस प्रत्याशियों के चयन के लिए बुधवार को केंद्रीय चुनाव समिति की तीसरी और आखिरी बैठक थी, जिसमें उभरे विवाद को सुलझाने के लिए चुनाव समिति ने दिग्विजय और सिंधिया के साथ देर रात तक बैठक की। हालांकि, इस मसले पर मीडिया में आ रहीं रिपोर्ट पर वीरप्पा मोइली ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में टिकिट वितरण को लेकर उनकी पार्टी के नेताओं के बीच किसी तरह कोई विवाद नहीं है। इस बीच गुरुवार देर शाम कांग्रेस की पहली सूची जारी होने की उम्मीद की जा रही है। इस सूची में उन सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित हो सकते जिन पर पहले सहमति बन चुकी है।
कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से की गई आवश्यक कार्यवाही
भोपाल । रडार न्यूज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कान्ता राव ने बताया है कि आदर्श आचरण संहिता लगने के बाद 6 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2018 तक प्रदेश में कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से 25 हजार 611 गैर जमानती वारंट तामील करवाये गये हैं। साथ ही 2 हजार 343 अवैध हथियार जब्त किये गये हैं और 2 लाख 48 हजार 493 शस्त्र थानों में जमा कराये गये हैं। सम्पत्ति विरूपण के अन्तर्गत 15 लाख 22 हजार 812 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं, जिनमें से 14 लाख 71 हजार 703 प्रकरणों में कार्यवाही की गयी है। शासकीय सम्पत्ति विरूपण में 11 लाख 84 हजार 234 प्रकरण पंजीबद्ध कर 11 लाख 52 हजार 111 प्रकरणों में कार्यवाही की गई है। निजी सम्पत्ति विरूपण के अंतर्गत 3 लाख 38 हजार 578 प्रकरण पंजीबद्ध कर 3 लाख 19 हजार 592 प्रकरणों में कार्यवाही की गई है। वाहनों के दुरूपयोग पर 9 हजार 54 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं।
पन्ना। रडार न्यूज कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मनोज खत्री के निर्देशन में एवं इन्द्रजीत सिंह चौहान जिला आबकारी अधिकारी पन्ना के मार्गदर्शन में अवैध देशी-विदेशी मदिरा पर कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में आबकारी उपनिरीक्षक रमाकांत बघेल हमराह आबकारी बल द्वारा रविवार 27 अक्टूबर 2018 को आरोपी गणेश यादव निवासी मुटवाकला कब्जे से 21 पाव देशी मदिरा सादा एवं आरोपी महेन्द्र यादव निवासी मुटवाकला कब्जे से 19 पाव देशी मदिरा सादा जप्त की गयी। वृत्त पवई अन्तर्गत सहायक जिला आबकारी अधिकारी शोभनाथ राय, एम.एल. चौधरी आबकारी उपनिरीक्षक संभागीय उड़नदस्ता सागर, आबकारी उपनिरीक्षक कृष्णकुमार पटेल एवं सुश्री दीपाली भोजक हमराह आबकारी बल द्वारा आरोपी श्रीमती पूनम लोधी निवासी हरदुआ के कब्जे से 5 लीटर हाथ भट्टी महुआ शराब एवं 90 किलो महुआ लाहन, आरोपी ओमप्रकाश लोधी निवासी बनौली के कब्जे से 2 लीटर हाथ भट्टी महुआ शराब तथा आरोपी श्रीमती भाना बाई आदिवासी निवासी टपरन बनौली के कब्जे से 4 लीटर हथ भट्टी महुआ शराब जप्त की गयी। इस प्रकार कुल 5 प्रकरणों में 18.2 बल्क लीटर देशी-हाथ भट्टी मदिरा जप्त कर आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (1)के अन्तर्गत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण पंजीबद्ध किए गए।