* खेल मंत्री ने की विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा
* बोले, खेल भावना से हो विभाग के काम, राजनैतिक हस्तक्षेप से नहीं
भोपाल। रडार न्यूज खेल और युवा कल्याण एवं उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने आज टी.टी. नगर स्टेडियम स्थित मेजर ध्यानचंद हॉल में आयोजित एक बैठक में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की सिलसिलेवार समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश के जिलों से आए जिला खेल अधिकारियों से रूबरू चर्चा की और खेलों के विकास में ग्रास रूट पर आ रही कठिनाईयों की जानकारी हासिल कर जरूरी मार्गदर्शन दिया। संचालक खेल और युवा कल्याण डॉ. एस.एल. थाउसेन ने बैठक में खेल मंत्री को खेल गतिविधियों और विभागीय उपलब्धियों से अवगत कराया।
बैठक को संबोधित करते हुए खेल मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि खेलों का विकास सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और इसके लिए किसी भी तरह की कोई कमी बाकी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्य खेल भावना से हो, राजनैतिक हस्तक्षेप से नहीं। मुख्यमंत्री कमलनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश को खेलों में अग्रणी राज्य बनाया जाएगा।
सकारात्मक भावना से करें कार्य
बैठक में खेल मंत्री जीतू पटवारी ने खेल अधिकारियों को समन्वित प्रयासों से कार्य करने की जरूरत बताते हुए कहा की टीम भावना से किए गए कार्यो में सफलता सुनिश्चित है। सभी अधिकारी सौंपे गए दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर सरकार के वचन पत्र को अमली जामा पहनाएं। खेल मंत्री ने जिला खेल अधिकारियों से कहा कि वे मुस्तैदी और गंभीरता के साथ विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन करें। खेलों को गति देने के लिए क्या कुछ किया जा सकता है इसके लिए ‘ब्लू प्रिन्ट’ तैयार करें ताकि हम प्रतिभावान खिलाड़ी तैयार कर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा प्रदर्शन के अवसर उपलब्ध करा सकें। उन्होंने जिला खेल अधिकारियों को आश्वस्त किया कि खेलों के विकास हेतु आवश्यकतानुसार भूमि खेल विभाग को आबंटित हो इसके लिए हरसंभव कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में खेल मंत्री द्वारा खेल विभाग द्वारा संचालित विभिन्न खेल अकादमियों के क्रियान्वयन, विभागीय अधोसंरचनाओं, एवं खेल गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक से पूर्व खेल संचालक डॉ. एस.एल. थाउसेन ने खेल मंत्री जीतू पटवारी को पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया। खेल मंत्री ने सभी अधिकारियों से परिचय भी प्राप्त किया। बैठक में उप सचिव खेल श्रीमती अंजू भदौरिया, संयुक्त संचालक खेल डॉ. विनोद प्रधान एवं बी.एस. यादव सहित समस्त जिला खेल अधिकारी मौजूद थे।
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छिन्दवाड़ा कलेक्टर डॉ. श्रीनिवास शर्मा ने जनसभा में जिले में भविष्य के लिये स्वीकृत विकास और जन-कल्याणकारी कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कार्य की लागत और पूर्ण होने की समय-सीमा भी बताई। बताया गया कि जिले में कृषि महाविद्यालय खोला जायेगा। जुन्नारदेव, तामिया, हर्रई एवं बिछुआ में कृषि उपज उप मंडी प्रारंभ की जायेगी। छिन्दवाड़ा नगरीय क्षेत्र में एक मार्च से प्रति दिन नियमित रूप से पेयजल की सप्लाई की जायेगी। छिन्दवाड़ा शहर के इंदिरा तिराहे से गांगीवाड़ा तक 8.10 किलोमीटर लंबे मार्ग को 22 करोड़ की लागत से चौड़ा किया जायेगा। छिन्दवाड़ा नगरीय क्षेत्र में मुख्यमंत्री आश्रय योजना के एक हजार 223 हितग्राहियों को एक माह के भीतर आवासीय पट्टे दिये जायेंगे। वन विभाग द्वारा जिले के एक हजार 100 युवाओं को रोजगारमूलक प्रशिक्षण दिया जायेगा। छिन्दवाड़ा में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के भवन और प्रयोगशाला का निर्माण करवाया जायेगा।
कलेक्टर ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत जिले में लगभग 1,426 करोड़ रूपये का निवेश पेयजल व्यवस्था के लिये किया जायेगा। इसमें मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा जिले के 711 गाँवों में 1017 करोड़ की लागत से समूह पेयजल योजना क्रियान्वित कर आगामी 30 महीने में सभी ग्रामों के प्रत्येक घर में नल कनेक्शन से पानी उपलब्ध कराया जायेगा। इससे विकासखण्ड मोहखेड़ के 153, छिन्दवाड़ा के 107, परासिया के 131, चौरई के 180, बिछुआ के 70, अमरवाड़ा के 63 और जामई के 7 ग्रामों के ग्रामवासी लाभान्वित होंगे। निगम के माध्यम से ही मोहगाँव बांध के जल-स्रोत से 369 करोड़ रूपये लागत की 288 गाँवों की समूह पेयजल योजना बनायी जायेगी। इससे पांढुर्णा के 159 और सौंसर के 129 गाँव के ग्रामवासी लाभान्वित होंगे। ग्राम शिकारपुर में 20 लाख की लागत से आगामी 3 माह में दो नये हैंड पम्प और वर्तमान नल-जल योजना के पुनरूद्धार-सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा किया जायेगा।
जिले के ग्रामों में स्थापित 990 नल-जल योजनाओं में सुधार की आवश्यकता वाली 150 योजनाओं का आगामी 3 माह में सुधार और नये पेयजल-स्रोतों का निर्माण किया जायेगा। जिले के 3 नगरीय निकायों परासिया, चांदामेटा और बड़कुही एवं 5 ग्रामों भाजीपानी, भमोड़ी, जाटाछापार, इकलहरा और अम्बाड़ा में संचालित पेंचव्हेली समूह पेयजल योजना में 22 करोड़ का निवेश कर इसका उन्नयन किया जायेगा। साथ ही 7 नये गाँव नजरपुर, जमकुंडा, सुकरी, दातला, डुंगरिया, पनारा और पालाचौरई को इस योजना से जोड़ा जायेगा। सिंचाई विभाग के अंतर्गत बहुउद्देश्यीय पेंच परियोजना के डिस्ट्रीब्यूटरी केनाल के पास केनाल की ऊपरी जमीनों में बड़ी संख्या में कम गहरे कुएँ खोदकर सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी तथा चोटल डैम के निचले क्षेत्र में पेंच और कुलबहरा नदी पर श्रृंखलाबद्ध रूप से बैराज और स्टाप डेम बनाये जायेंगे, जिससे नदियों के किनारे सिंचाई हो सके।

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि किसानों, युवाओं और महिलाओं के हितों के संरक्षण और विकास के लिये मध्यप्रदेश सरकार सदैव तत्पर रहेगी। उनकी चुनौतियाँ अब हमारी होंगी। प्रदेश में कृषि आधारित अर्थ-व्यवस्था को मजबूत किया जायेगा। युवाओं के लिये बेहतर रोजगार, महिलाओं की उन्नति और सुरक्षित वातावरण निर्माण के लिये राज्य सरकार वचनबध्द है। मुख्यमंत्री श्री नाथ छिंदवाड़ा में विशाल आभार सभा को संबोधित कर रहे थे।


