पन्ना में नेशनल हाईवे-39 के किनारे स्थित सेंट जोसेफ कैथोलिक चर्च।
* महापर्व को लेकर उत्साह के साथ भक्तिभाव में डूबे मसीही समाज के लोग
पन्ना। रडार न्यूज परमपिता परमेश्वर के पुत्र प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव यानि क्रिसमस पर्व की तैयांरयां पन्ना में पूरी हो चुकीं हैं, बस कुछ ही घंटे बाद प्रभु यीशु मसीह का जन्मोत्सव परम्परागत तरीके हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा। क्रिसमस पर्व के लिए शहर के सभी चर्चों का रंगरोगन कर उनकी एलईडी लाईटों से आकर्षक विघुत सज्जा की गई है। क्रिसमस से पूर्व के कार्यक्रम भी यहां मसीही समाज द्वारा उत्साह और भक्तिभाव के साथ आयोजित किये जा रहे हैं। फादर जोसफ़ ने बताया कि सेंट जोसेफ कैथोलिक चर्च में प्रभु यीशु का अवतरण दिवस क्रिसमस के कार्यक्रम सोमवार 24 दिसम्बर की रात्रि 11:30 बजे से शुरू हो जायेंगे। मध्यरात्रि में जैसे ही घड़ी में 12 बजेंगे प्रभु यीशू का चरनी में जन्म होगा। इस अवसर पर विशेष प्रार्थना की जायेगी और क्रिसमस का संदेश दिया जायेगा।
पन्ना में बाबा बादशाह साईं कॉलोनी में स्थित ईसीआई चर्च
ईसीआई चर्च पन्ना के प्रमुख फादर सॉलोमन थापा ने बताया कि क्रिसमस पर्व के उपलक्ष्य पर विशेष प्रार्थना चर्च में मंगलवार 26 दिसम्बर को सुबह आयोजित होगी। मालूम होकि महापर्व क्रिसमस की तैयारियां वैसे तो दिसम्बर माह की 1 तारीख से ही शुरू हो जातीं हैं। पर जैसे-जैसे क्रिसमस नजदीक आता है तैयारियां तेज हो जाती हैं। शहर के सेंट जोसेफ चर्च, जेसुपाल आश्रम और बाबा बादशाह साईं कॉलोनी में स्थित ईसीआई चर्च को क्रिसमस के लिए विशेष तौर पर सजाया-संवारा गया है। यहां प्रभु यीशू के जन्म के लिए चरनी बनाई बनाई गई है। गिरिजाघरों और मसीही समाज के लोगों के घरों पर लगा शुभ तारा शांतिदूत प्रभु यीशू के अवतरण की राह दिखा रहा है।
कैथोलिक चर्च में चरनी की साज-सज्जा करते फादर जोसफ़ व मसीही समाज के लोग।
क्रिसमस के पूर्व परम्परानुसार पिछले कुछ दिनों से शहर में मसीही समाज के घरों में सामूहिक रूप से कैरोल सिंगिंग के कार्यक्रम आयोजित किये गए। इस दौरान मसीही समाज के लोगों के घरों में यीशू की बाल्यवस्था प्रतीक रुपी प्रतिमा ले जाकर सभी को प्रभु के जन्मोत्सव का संदेश दिया गया । उल्लेखनीय है कि क्रिसमस को लेकर शहर की दुकानें गिफ्ट आईटम, ग्रीटिंग्स और सजावटी समानों की मांग बढ़ गई है। कई उत्साही बच्चों ने सांता क्लॉज की वेशभूषा धारण करने के लिए खास किस्म की ड्रेस खरीदी है।
एमपीईबी के कैशियर का बैग चुराने वाला नाबालिग आरोपी।
* सीसीटीव्ही कैमरों में कैद हुई चोरी की सनसनीखेज वारदात
* बैग चुराने वाले अज्ञात बालक की पहचान करने में जुटी पुलिस
शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के अंदर से एमपीईबी के लिपिक के 7 लाख रुपये चोरी होने से हड़कंप मच गया। कैशियर के काउंटर के पास से नोटों से भरा बैग एक लड़के के द्वारा चोरी किया गया है। उसकी करतूत बैंक के सीसीटीव्ही कैमरों में कैद हुई है। चोरी की इस सनसनीखेज घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी है। बड़े ही शातिर तरीके से चोरी की घटना को अंजाम देने वाले पीली टी-शर्ट वाले लड़के का सुराग लगाने के प्रयास शुरू हो गये हैं।
एमपीईबी के कैशियर का बैग चुराने वाला नाबालिग आरोपी।
उधर, स्टेट बैंक के अंदर से ग्राहक का नोटों से भरा बैग चोरी होने के बाद से पन्ना जिले में स्थित विभिन्न बैंकों के अंदर की सुरक्षा-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लग गया है। क्योंकि, इस तरह की घटनाएं पहली बार नहीं हुई है। कुछ माह पूर्व जिले के अजयगढ़ क़स्बा स्थित स्टेट बैंक की शाखा में भी एक बुजुर्ग ग्राहक के साथ ऐसी ही वारदात हुई थी। पन्ना स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में भी पहले कई बार बैंक के अंदर से ग्राहकों के रुपये चोरी होने की हैरान करने वाली घटनायें सामने आईं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति तब है जबकि इन बैंकों में सशस्त्र सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। फिर भी बैंक के अंदर सक्रिय रहने वाले चोर, लुटेरे ग्राहकों को लगातार अपना निशाना बना रहे हैं, जिससे ग्राहक और उनके रुपयों की सुरक्षा भगवन भरोसे प्रतीत होती है।
पलक झपकते ही गायब हुआ बैग
चोरी की घटना का शिकार बने एमपीईबी के कैशियर मुबीन खान (दाईं ओर) जानकारी देते हुए।
मध्य पूर्व क्षेत्र विधुत वितरण कम्पनी लिमिटेड संभाग पन्ना के शहरी वितरण केंद्र में पदस्थ हेड कैशियर मुबीन खान ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले तीन दिन बैंक की छुट्टी होने के दौरान बिजली बिलों की जो राशि ग्राहकों के द्वारा जमा की गई थी उसे लेकर सोमवार 24 दिसम्बर को बैंक में जमा करने आया था। भारतीय स्टेट बैंक की बेनीसागर मोहल्ला स्थित मुख्य शाखा में कैशियर के काउंटर के बाजू नोटों से भरा बैग रखकर बाउचर भरने लगा इसी दौरान पलक झपकते ही मेरा बैग गायब हो गया। इससे कुछ देर के लिए बैंक के अंदर-बाहर हड़कंप मच गया। बड़े ही रहस्मय तरीके से गायब हुए बैग का पता लगाने के लिए बैंक मैनेजर ने जब सीसीटीव्ही कैमरों के फुटेज खंगाले तो पीले रंग की टी-शर्ट पहने एक लड़का मुबीन खान के पीछे बैंक के अंदर प्रवेश करता हुआ नजर आता है, कुछ देर बाद वही लड़का मौका पाकर बड़ी ही सफाई से नोटों से भरा बैग लेकर चंपत हो जाता है।
भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पन्ना का फाइल फोटो।
सबकुछ इतनी तेजी से हुआ कि बैंक के अंदर आसपास मौजूद लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी। बैंक के प्रवेश द्वार पर तैनात रहने वाला गार्ड भी उस शातिर लड़के को खाली हाथ अंदर आते और बैग लेकर निकलते हुए गौर नहीं कर पाया। एमपीईबी के पीड़ित लिपिक मुबीन खान ने बताया कि चोरी हुए बैग 6 लाख 95 हजार रुपये रखे थे। उल्लेखनीय है कि कुछ माह पूर्व पन्ना में एमपीईबी के संभागीय कार्यालय परिसर में स्थित बिजली बिल जमा करने वाली एटीपी मशीन का लॉकर तोड़कर अज्ञात चोरों ने लाखों रुपये की चोरी की घटना को अंजाम दिया था। इसका खुलासा भी अब तक नहीं हो पाया है।
इनका कहना है-
“पहले एटीपी मशीन में और अब बैंक के अंदर से कैशियर का बैग चोरी होने की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। पुलिस को घटना की जानकारी दी जा चुकी है, एक लड़के ने बैग चोरी किया है जोकि सीसीटीव्ही कैमरों में नजर आ रहा है।”
– ओपी सोनी, कार्यपालन अभियंता एमपीईबी पन्ना।
“सीसीटीव्ही कैमरों से हांसिल फुटेज के आधार पर आरोपी बालक की पहचान कर उसे पकड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं, तकरीबन 6 लाख से अधिक की चोरी हुई है। इस चोरी का जल्दी खुलासा होने की उम्मीद है, कोतवाली पुलिस की टीम इस काम में जुटी है।
भोपाल। रडार न्यूज प्रदेश में किसानों को रबी सीजन के दौरान आवश्यकतानुसार यूरिया की आपूर्ति के लिये कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 2 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति किसानों को वितरित की जा चुकी है। यूरिया की 7 रेक्स पहुँच चुकी हैं और संबंधित जिलों में इनका वितरण किया जा रहा है। करीब 45 हजार मीट्रिक टन यूरिया एक-दो दिन में प्रदेश के रेक्स पाइंट पर पहुँचेगा। इसके वितरण के लिये भी कृषि एवं सहकारिता विभाग के मैदानी अमले को निर्देश दिये गये हैं। इसके अलावा 76 हजार मीट्रिक टन डी.ए.पी., 6000 मीट्रिक टन काम्प्लेक्स की आपूर्ति किसानों को रबी सीजन के दौरान की गई है। इस बार प्रदेश में 4 लाख 10 हजार मीट्रिक टन यूरिया आपूर्ति की सहमति केन्द्रीय मंत्रालय द्वारा दी गई है।
यूरिया की निरंतर आपूर्ति के संबंध में पिछले दिनों मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल और उर्वरक एवं रसायन मंत्री सदानंद गौड़ा से फोन पर बात की थी। इसके बाद से प्रदेश में यूरिया की आपूर्ति में तेजी आ गई है।
मंडीदीप रेक पाइंट पर 1226 मीट्रिक टन यूरिया जल्द पहुँच रहा है। इसका वितरण रायसेन, भोपाल और सीहोर के किसानों को किये जाने की व्यवस्था की जा रही है। इसी तरह रतलाम रेक पाइंट पर 4048 मीट्रिक टन यूरिया पहुँच रहा है। इसका वितरण रतलाम, धार, मंदसौर और उज्जैन जिले के किसानों को किया जायेगा।
कोटा के चम्बल फर्टिलाइजर प्लांट और गुना के नेशनल फर्टिलाइजर प्लांट से मध्यप्रदेश को प्राथमिकता के साथ यूरिया की आपूर्ति किये जाने की सहमति दी गई है। इससे प्रदेश में आने वाले दिनों में यूरिया की आपूर्ति में और तेजी आयेगी। देश के ईस्ट और वेस्ट पोर्ट से भी डी.ए.पी. के स्थान पर यूरिया की सप्लाई को विशेष प्राथमिकता दिये जाने को कहा गया है।
शाहनगर वन परिक्षेत्र की टिकरिया बीट में मिला मृत मादा तेंदुए का क्षत-विक्षत शव। जांच में पता चला कि तेंदुए का शिकार करंट के तार बिछाकर किया गया।
दक्षिण वन मंडल पन्ना के शाहनगर वन परिक्षेत्र की घटना
पुलिस ने मृत शिकारी के दो साथियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर भेजा जेल
शिकार की घटना का स्थानीय वन अमले को सप्ताह भर बाद चला पता
शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बाघ समेत दूसरे वन्य जीवों पर गंभीर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यहां के संरक्षित और सामान्य वन क्षेत्रों में स्वछंद विचरण करने वाले वन्यजीव अब जरा भी सुरक्षित नहीं है। दरअसल, यहाँ पिछले कुछ महीनों से शिकारी गिरोहों के सक्रिय होने से वन्यजीवों के शिकार की घटनाएं चिंताजनक तेजी से बढ़ गई हैं। बड़े पैमाने पर पत्थर के अवैध उत्खनन के लिए बदनाम पन्ना जिले का दक्षिण वन मंडल वन्य जीवों के शिकार की सनसनीखेज घटनाओं को लेकर कुछ समय से सुर्ख़ियों में बना है। शिकार का ताज़ा मामला शाहनगर वन परिक्षेत्र की टिकरिया बीट अंतर्गत प्रकाश में आया है। यहां के वन कक्ष क्रमांक- पी-975, 976 में 12 दिसम्बर को वन्य जीवों के शिकार के लिए मैन विधुत लाइन में नंगे तार डालकर करंट प्रवाहित करने के दौरान उसकी चपेट में आने से एक शिकारी सौखीलाल चौधरी पुत्र लोटा चौधरी 38 वर्ष की मौत हो गई थी। शाहनगर थाना पुलिस ने इस घटना की मर्ग जांच बाद मृतक के दो साथियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करते हुए कुछ दिन पूर्व उन्हें जेल भेज दिया। सप्ताह भर बाद पता चला है कि करंट लगने से सिर्फ शिकारी भर की मौत नहीं हुई थी बल्कि, एक मादा तेंदुआ भी इसकी चपेट में आने से बेमौत मारा गया है।
रेंजर शाहनगर रामबिहारी खरे ने “रडार न्यूज” को जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार 19 दिसम्बर को दोपहर में उन्हें टिकरिया बीट में तेंदुए का क्षत-विक्षत शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुँचकर जांच करने पर पता चला कि वन्य जीवों के शिकार के लिए लगाए गए करंट के तार के सम्पर्क में आने से मादा तेंदुआ की भी मौत हुई है। शव की हालत देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तेंदुआ की मौत भी 7-8 दिन पूर्व हुई है। गुरुवार 20 दिसम्बर को मृत तेंदुए का पशु चिकित्सकों की टीम से पोस्टमार्टम कराने के बाद उसके क्षत-विक्षत शव को जला दिया गया। जबकि बिसरा आदि को जांच के लिए सागर स्थित फॉरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। वहीं, करंट लगाकर मादा तेंदुआ का शिकार करने के मामले में वन विभाग द्वारा संदेही आरोपी बिसालिया चौधरी निवासी टिकरिया की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
क्या है मामला
शिकार की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगा पाने बुरी तरह नाकाम साबित हो रहे दक्षिण वन मंडल पन्ना के जिम्मेदार अधिकारी अपनी विफलताओं को छिपाने और बदनामी से बचने के लिए मीडियाकर्मियों को जानकारी से कन्नी काट रहे हैं। मादा तेंदुआ की मौत को लेकर वन विभाग के सूत्रों से हांसिल जानकारी अनुसार अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि शिकारी सौखीलाल चौधरी पुत्र लोटा चौधरी 38 निवासी टिकरिया ने वन्य जीवों के शिकार के लिए अपने स्वजातीय परचितों सुनील चौधरी 27 वर्ष व उसके पिता बिसालिया चौधरी निवासी ग्राम टिकरिया एवं बिसालिया चौधरी के ही दामाद दयाराम चौधरी पुत्र प्यारेलाल चौधरी 32 वर्ष निवासी ग्राम भिलसायं के साथ मिलकर 12 दिसम्बर को मैन विधुत लाइन में तार डालकर टिकरिया के जंगल में करंट का जाल बिछाया था। इस दौरान गलती से सौखीलाल चौधरी खुद ही करंट की चपेट में आ गया जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। शाहनगर थाना प्रभारी अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में मृतक के साथियों सुनील चौधरी एवं दयाराम चौधरी के खिलाफ आईपीसी की 304, 34 के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए दोनों को 15 दिसम्बर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में पवई जेल भेज जा चुका है।
जिम्मेदारों ने बरती लापरवाही
उल्लेखनीय है कि वन, वन्य प्राणियों एवं वन संपदा की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाले विभागीय अधिकारी और मैदानी अमला अपने दायित्वों का निर्वहन कितनी सजगता व ईमानदारी से कर रहा है, मादा तेंदुआ के शिकार की घटना से यह साफ़ जाहिर हो चुका है। जंगल में शिकारियों की लगातार बढ़ती सक्रियता के बीच वन अमला इतना चौकस है कि तेंदुए के शिकार का पता उसे सप्ताह भर बाद चला ? शाहनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत कुछ समय पहले भी कई स्थानों पर शिकारियों द्वारा जंगल में करंट के तार बिछाने का पता चला था लेकिन, जिम्मेदारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिसका दुष्परिणाम मादा तेंदुआ का शिकार होने के रूप सामने आया है। तेंदुए के शिकारी तो देर-सबेर पकड़े ही जायेंगे पर इस क्षति के लिए उत्तरदायी अकर्मण्य अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही होती है यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
नहीं थम रहीं शिकार की घटनायें
कुछ दिन पूर्व पवई रेंज में शिकारियों के ठिकाने और कार में मिला विस्फोटक व शिकार में उपयोग होने वाली सामग्री।
पन्ना जिले के दक्षिण वन मंडल अंतर्गत इस वर्ष शिकार के सबसे ज्यादा मामले सामने आये हैं। अभी कुछ दिन पूर्व 14 दिसंबर को रात्रि में पवई वन परिक्षेत्र अंतर्गत शिकार में लिप्त एक गिरोह के ठिकाने से वन विभाग के अमले ने 687 नग एक्सप्लोसिव डायनामाईट, शिकार में उपयोग होने वाला जीआई तार व खूटियाँ, एक एयरगन, एक कुल्हाड़ी, मृत बेजुबान वन्य जीव, सागौन की लकड़ी और इंडिगो कार को जब्त किया था। इसके आलावा शिकारियों द्वारा बिछाये गए करंट के तार के संपर्क में आने से मौके पर एक गाय जलती हुई मिली। वहीं एक जंगली बिल्ली एवं एक कबरबिज्जू करन्ट में फंसकर जली हुए अवस्था में मृत पाये गये थे। इसके पूर्व दक्षिण वन मंडल अंतर्गत ही दो तेंदुओं, एक भालू का शिकार हुआ था। वन्य जीवों के अंगों का गैरकानूनी कारोबार कर रुपये कमाने के उद्देश्य से तस्करों-शिकारियों ने नर भालू के शिकार के बाद उसका प्राइवेट पार्ट सहित उसके शरीर के कई अंग निकालकर सुरक्षित रख लिए थे। जिन्हें बाद में शिकारियों की निशानदेही पर वन अमले ने जब्त कर लिया था। पन्ना जिले के उत्तर वन मंडल में भी इस वर्ष अब तक दो तेंदुओं के शिकार की घटनाएं सामने आई हैं।
कहीं फिर बाघ विहीन न हो जाये पन्ना !
फाइल फोटो
चिंताजनक बात यह है कि कड़ी सुरक्षा वाले पन्ना टाईगर रिज़र्व में भी शातिर शिकारियों ने अपना जाल फैला रखा है। इसका खुलासा कुछ माह पूर्व पन्ना टाईगर रिज़र्व अंतर्गत एक युवा बाघिन का शिकार फंदा लगाकर किये जाने की घटना से हुआ था। बताते चलें कि वर्तमान में पन्ना टाईगर रिज़र्व में करीब तीन दर्जन बाघ हैं। जिसमें एक दर्जन बाघ टाईगर रिज़र्व से सटे पन्ना के उत्तर एवं दक्षिण वन मंडल के जंगल तथा पड़ोसी जिलों के जंगलों में अपना रहवास बनाये हुए हैं। पन्ना जिले के वन क्षेत्रों में पत्थर खनन माफिया, सागौन तस्करों और शिकारी गिरोहों की मौजूदगी के परिणामस्वरूप लगातार बढ़ती शिकार घटनाओं के मद्देनजर यह कहना गलत नहीं होगा यहां के बाघ और दूसरे बेजुबान वन्यजीव अब सुरक्षित नहीं हैं। जानकारों का मानना है कि वन्य जीवों की सुरक्षा में बरती जा रही घोर आपराधिक लापरवाही पर समय रहते यदि प्रभावी अंकुश नहीं लगा तो पन्ना के जंगल पुनः बाघ विहीन हो सकते हैं।
इनका कहना है-
“मैंने स्थानीय अधिकारियों के साथ गुरुवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया था। मृत तेंदुए को भी देखा था, डॉग स्कवॉड से मिले सुराग के आधार शिकार के मामले में फरार एक व्यक्ति की तलाश की जा रही है। शिकार की घटनाओं की रोकथाम को लेकर वन अमला पूरी तरह सजग है, शिकारियों को पकड़ने और तार जप्त करने की लगातार कार्रवाई की जा रही है। बाघों के मूवमेंट पर भी नजर रखी जा रही है।”
– राघवेंद्र श्रीवास्तव, मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर
बालरंग समारोह के पहले दिन राज्य स्तरीय समारोह में मध्यप्रदेश के विभिन्न संभागों के स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ दी।
* तीन दिवसीय बालरंग के पहले दिन हुई राज्य-स्तरीय प्रतियोगिता
* बालरंग के आयोजन ने मध्यप्रदेश को विशिष्ट पहचान दिलाई – श्रीमती कियावत
भोपाल। रडार न्यूज भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आज से तीन दिवसीय बालरंग समारोह शुरू हुआ। समारोह के पहले दिन राज्य-स्तरीय प्रतियोगिताएँ हुईं। इन प्रतियोगिताओं में विभिन्न संभागों के स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं।
समारोह का शुभारंभ आयुक्त, लोक शिक्षण जयश्री कियावत ने किया। श्रीमती कियावत ने कहा कि बालरंग के आयोजन ने मध्यप्रदेश को विशिष्ट पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि बालरंग बच्चों को सीखने-सिखाने की गतिविधियों का महापर्व है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि देश की वैभवशाली सांस्कृतिक धरोहर नृत्य, गायन, वादन और अन्य कलाओं में विद्यार्थी बालरंग से प्रेरणा लेकर बड़े मंचों पर अपनी बेहतर प्रस्तुतियाँ देंगे।
गौरवशाली परम्पराओं का प्रदर्शन
समारोह के पहले दिन राज्य स्तरीय समारोह के उद्घाटन सत्र को आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने सम्बोधित किया।
बालरंग समारोह के पहले दिन सांस्कृतिक, साहित्यिक, संस्कृत और योग की विभिन्न बच्चों ने प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रतियोगिताओं में दिव्यांग बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केन्द्र रहीं। आज से लघु भारत प्रदर्शनी भी प्रारंभ हुई। प्रदर्शनी में विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं गौरवशाली परम्पराओं का आकर्षक ढंग से प्रदर्शन किया गया। समर्थ प्रदर्शनी के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों का स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक ढंग से प्रदर्शन किया गया। बालरंग में स्कूली बच्चों ने प्रदेश के प्रसिद्ध व्यंजनों के स्टॉल भी लगाये हुए हैं। बालरंग समारोह में 20 और 21 दिसम्बर को राष्ट्रीय लोक-नृत्य प्रतियोगिता होगी। समारोह में स्काउट कैम्प में जंगल कैम्प, रिवर क्रॉसिंग, मंकी ब्रिज, कमाण्डो ब्रिज की जानकारी स्कूल के बच्चों को दी जा रही है।
राज्यपाल करेंगी समारोह का शुभारंभ
भोपाल स्थित इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आज से बालरंग समारोह शुरू हुआ।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल गुरुवार, 20 दिसम्बर को मानव संग्रहालय में राष्ट्रीय बालरंग समारोह का शुभारंभ प्रात: 10 बजे करेंगी। राष्ट्रीय बालरंग समारोह में हिमाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, झारखण्ड, तेलंगाना, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मिजोरम, नागालैण्ड, सिक्किम, त्रिपुरा, मणिपुर राज्य के अलावा दो केन्द्र शासित प्रदेश दादर एवं नगर हवेली और दिल्ली के स्कूली बच्चे सहभागिता कर रहे हैं। राष्ट्रीय बालरंग समारोह में विभिन्न राज्यों के लोक-नृत्यों की प्रस्तुतियाँ दी जायेंगी।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पुलिस मुख्यालय में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की समीक्षा की।
* मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पुलिस अधिकारियों को दिये निर्देश
* बोले सीएम, अपराधिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस रखें
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद कमलनाथ एक्शन मोड में आ चुके हैं। मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के कुछ ही घंटे बाद उन्होंने जिस तरह किसानों की कर्ज माफ़ी के आदेश जारी किये हैं उससे यह साबित हो चुका। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने चुनावी वादों को पूरा करने और लोगों को एक अच्छी सरकार देने की दिशा में तेजी से प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने आज पुलिस मुख्यालय में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। इस महत्पूर्ण बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से चर्चा करते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था, आंतरिक चुनौतियों, उपलब्ध संसाधनों एवं पुलिस बल की समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी खबर यह है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बैठक में पुलिस बल में साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
महिला अपराधों की प्रति रहें संवेदनशील
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि पुलिस बल में साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था की जाये। किसी भी प्रकार की आपराधिक और गैर कानूनी गतिविधियों के प्रति जीरो टालरेंस रखें। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिये समग्र दृष्टिकोण के साथ रणनीति बनायी जाये। महिलाओं के विरुद्ध अपराध के नियंत्रण के लिये संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ कार्य किया जाये। श्री नाथ ने पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि गुड-गवर्नेंस का प्रमुख आधार पुलिस बल है। राज्य की छवि पुलिस व्यवस्था पर निर्भर है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव गृह मलय श्रीवास्तव, पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला एवं अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
सड़क दुर्घटनाओं को रोकें
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने पुलिस बल के लिये साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था में तकनीकी संसाधनों को आधुनिक किया जाये। पुलिस बल के लिये आपात परिस्थितियों में अवकाश उपयोग नहीं करने पर क्षतिपूर्ति की व्यवस्था हो। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसके लिये सड़क नियोजन और प्रतिरक्षात्मक उपायों परसमेकित रूप से कार्य किया जाये।
समाज की रक्षक है पुलिस
बैठक को संबोधित करते मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं बाईं और बैठे पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की छवि का पैरामीटर पुलिस होती है। यह आवश्यक है कि बल के सदस्यों का मनोबल ऊँचा हो। नजरिया देश-प्रदेश की विविधतापूर्ण संस्कृति और स्वरूप के संरक्षण का हो। उन्होंने कहा कि पुलिस समाज की रक्षक है। पुलिस को भविष्य की तकनीकों और सामाजिक चुनौतियों के अनुसार तैयारियाँ करने पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने युवा पीढ़ी में नशे की लत के प्रसार को जड़ मूल से समाप्त करने की जरूरत बतायी। पुलिस महानिदेशक श्री शुक्ला ने प्रदेश की शांति एवं कानून-व्यवस्था का ब्यौरा दिया। साथ ही आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों और नियंत्रण के प्रयासों की जानकारी दी। प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री कमलनाथ से किसानों के प्रतिनिधि मण्डल ने मंत्रालय में भेंट कर कर्ज माफी के लिये आभार व्यक्त किया।
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री कमलनाथ से किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने आज यहां मंत्रालय में भेंट की। किसानों ने कर्ज माफी के ऐतिहासिक निर्णय के लिये मुख्यमंत्री श्री नाथ के प्रति धन्यवाद और आभार ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री के किसान हितैषी फैसले से किसानों में व्याप्त हर्ष और उल्लास की भावनाओं से उन्हें अवगत कराया। विधायक कमलेश्वर पटेल ने प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व किया। इस अवसर पर अन्य जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
मुख्यमंत्री का प्रशासनिक अधिकारियों को पहला संबोधन
मुख्य सचिव को सौंपा कांग्रेस पार्टी का वचन पत्र
मुख्यमंत्री के संबोधन की महत्वपूर्ण बातें –
* जनता का पैसा अर्थपूर्ण तरीके से खर्च करें क्योंकि हम सब जवाबदेह हैं
* सिस्टम का अंग बन गया है भ्रष्टाचार इसे हर हाल में रोकें
* पंचायत से लेकर मंत्रालय तक परिवर्तन लाना होगा
*ऐसी व्यवस्था बनायें, जो पूरी तरह से जवाबदेह हो
* जिन विभागों को बंद करना है बतायें, कई निगम मंडल सजावटी बने
भोपाल। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से अपने पहले संबोधन में कहा कि यथास्थिति बनाये रखने के दृष्टिकोण को बदलने की जरूरत होगी। जो चल रहा है, चलने दें या ऐसे ही चलता है, जैसा दृष्टिकोण अब नहीं चलेगा। नये नजरिये और नये दृष्टिकोण के साथ व्यवस्था में परिवर्तन लाना होगा। उन्होंने मुख्य सचिव को कांग्रेस पार्टी का वचन पत्र सौंपते हुए कहा कि यह जनता की अपेक्षाओं का दस्तावेज है। इसे हर वर्ग ने तैयार किया है। उन्होंने कहा कि नये संसाधनों को तलाशने और “आउट ऑफ बाक्स” सोच अपनाना होगी। फिजूल खर्ची को रोकना होगा। जनता का पैसा अर्थपूर्ण तरीके से खर्च करना होगा क्योंकि हम सब जनता के पैसों के प्रति जवाबदेह हैं। मुख्यमंत्री ने वचन पत्र पर आधारित योजनायें बनाने की अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे स्वयं में परिवर्तन लायें। नये दृष्टिकोण से चीजों को देखें, परखें। उन्होंने कहा कि सुधार और परिवर्तन में फर्क है। अचीवमेंट और फुलफिलमेंट में फर्क है। फुलफिलमेंट ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होने कहा कि अधिकारियों और सरकार का लक्ष्य एक है। मुख्यमंत्री कमलनाथ शपथ लेने के बाद मंत्रालय पहुँचे और नये ऐनेक्सी भवन का शुभारंभ किया। उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली परिचय बैठक में अपना संबोधन दिया। उन्होने देर से आने पर माफी मांगते हुए कहा कि अब से इतंजार नहीं करना पड़ेगा।
व्यवस्था में परिवर्तन है जरूरी
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
कमलनाथ ने मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने बडी अपेक्षाओं के साथ नई सरकार चुनी है। लोगों ने सिस्टम पर भरोसा किया है। उन्होंने कहा कि लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिये व्यवस्था में परिवर्तन करना जरूरी है। नये नजरिये,, नये दृष्टिकोण और रचनात्मकता के साथ परिवर्तन लाना होगा। सिस्टम कई सालों से एक जैसा चल रहा है जबकि दुनिया बदल रही है, जो पुरानी व्यवस्थाएं ठीक नहीं है, उन्हें जारी रखना समय के अनुरूप नहीं है।
नई पीढ़ी पर पर ध्यान दें
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि युवाओं के बारे में सोचना होगा। नई पीढ़ी की जरूरतों को समझना होगा क्योंकि वे ही प्रदेश का निर्माण करेंगे। प्रदेश की रक्षा करेंगे। रोजगार और बेरोजगार के बीच की खाई भी चुनौती है। इसके लिये उन्होंने अधिकरियों से अपनी विचार प्रक्रिया में परिवर्तन लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह सोचना होगा कि निवेश कैसे आये। उन्होंने कहा कि सिर्फ नीतियों और मांगने से निवेश नहीं आता। निवेश को आकर्षित करना पड़ेगा।
फिजूल खर्ची रोकें
कमलनाथ ने कहा कि कई बार योजनाएं अच्छी होती हैं लेकिन उनका डिलीवरी सिस्टम खराब होता है, इसलिये वे असफल हो जाती हैं। ग्राम पंचायत से लेकर मंत्रालय तक परिवर्तन लाना होगा। कौन से ऐसे विभाग हैं, जिन्हें सक्षम बनाने की जरूरत है और कौन से विभाग हैं, जिन्हें बंद करना उचित होगा। इस दिशा में भी सोचें। कई निगम मंडल सजावटी बन गये हैं। कहां फिजूल खर्ची हो रही है, यह देखना होगा। यह काम प्रशासनिक टीम की क्षमता और राजनैतिक इच्छाशक्ति से किया जा सकता है।
विभागों को मजबूत बनायें
कमलनाथ ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभागों को मजबूत बनायें। केवल मुख्यमंत्री का कार्यालय ही शक्तिशाली नहीं हो। शक्ति का विकेन्द्रीकरण जरूरी है। इसलिये हर विभाग सक्षम और जनता के प्रति जवाबदेह हो। ऐसी व्यवस्था बनायें, जो पूरी तरह से जवाबदेह हो।
हर हाल में करें भ्रष्टाचार पर नियंत्रण
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्य सचिव बी.पी. सिंह को वचन-पत्र की प्रति सौंपी।
भ्रष्टाचार के मुददे पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यह सोचें कि कैसे भ्रष्टाचार पर रोक लग सकती है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार सिस्टेमैटिक हो गया है। गाँव-गाँव में फैल गया है और सिस्टम का ही अंग बन गया है। इसी के कारण राजनीति में गिरावट आई है। भ्रष्टाचार को हर हाल में नियंत्रित करना होगा। उन्होने इसके लिये सभी अधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सक्षम बनाया जायेगा ताकि वे भ्रष्टाचार को प्रभावी तरीके से रोकें। बाधा डालने और रोकने का सिस्टम ठीक नहीं है। अपने अधीनस्थ स्टाफ को हमेशा प्रेरित करते रहें। सबके सहयोग से ही यह संभव होगा।
कमलनाथ ने कहा कि सभी विभागों का परिचयात्मक प्रस्तुतिकरण शुरू होगा फिर आवश्यकतानुसार विस्तृत समीक्षा होगी। उन्होंने मुख्य सचिव बी.पी.सिंह को कांग्रेस पार्टी का वचन पत्र सौंपा। बैठक में सभी विभागों के प्रमुख उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय के नवनिर्मित एनेक्सी भवन का लोकार्पण किया।
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज राज्य मंत्रालय के वल्लभ भवन की नवनिर्मित एनेक्सी का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री नाथ द्वारा लोकार्पित एनेक्सी भवन का निर्माण 615 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। भवन में कुल पाँच मंजिलें हैं। कुल 40 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में बहुमंजिला भवन का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय पाँचवी मंजिल पर स्थित है। इस अवसर पर मुख्य सचिव बी.पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक आर.के. शुक्ला सहित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं मंत्रालयीन कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्य सचिव बी.पी. सिंह को वचन-पत्र की प्रति सौंपी।
* किसानों के दो लाख तक के अल्पकालीन ऋण माफी का आदेश जारी
* उद्योगों में 70 प्रतिशत रोज़गार प्रदेश के स्थानीय निवासियों को देना जरूरी
* कन्या विवाह-निकाह योजना का अनुदान 28 से बढ़ाकर 51 हजार रू. किया
भोपाल। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज शपथ ग्रहण के तत्काल बाद कृषि ऋण माफी, रोजगार सृजन की संभावनाओं और कन्या विवाह और निकाह योजना की राशि बढ़ाने संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिये। कृषि ऋण माफी के संबंध में किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा आज ही प्रदेश में स्थित राष्ट्रीयकृत तथा सहकारी बैंकों में अल्पकालीन फसल ऋण के रूप में राज्य शासन द्वारा पात्रता अनुसार पात्र पाये गये किसानों के रू. दो लाख (2.00 लाख) की सीमा तक का 31 मार्च 2018 की स्थिति में बकाया फसल ऋण माफ करने का आदेश जारी कर दिया गया। राज्य शासन के इस निर्णय से लगभग 34 लाख किसान लाभान्वित होंगे। फसल ऋण माफी पर संभावित व्यय 35 से 38 हजार करोड़ अनुमानित है।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कृषि ऋण माफी की योजना को तत्काल लागू करने के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति भी बनायी है। यह समिति कृषि ऋण माफी योजना को तत्काल क्रियान्वित करेगी। कमलनाथ ने कहा कि कृषि ऋण माफी हमारा महत्वपूर्ण चुनावी वचन था, जिसे हम जल्दी ही पूरा करेंगे।
चार गारमेन्ट पार्क स्थापित होंगे
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने टेक्सटाइल्स-गारमेन्ट इण्डस्ट्री में रोजगार सृजन की अधिक संभावनाओं को देखते हुए राज्य के चार संभागों में टेक्सटाइल-गारमेन्ट पार्क की स्थापना का निर्णय लिया है। ये पार्क इन्दौर संभाग के धार जिले के मोहना औद्योगिक क्षेत्र, भोपाल संभाग के भोपाल जिले के अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र, जबलपुर संभाग के छिन्दवाड़ा में लेहगडुआ औद्योगिक क्षेत्र और उज्जैन संभाग के रतलाम जिले के जावरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोज़गार सुलभ करवाने के उद्देश्य से उद्योग संवर्धन नीति 2018 और एम.एस.एम.ई. विकास नीति-2017 में संशोधन का निर्णय लिया है। संशोधन के अनुरूप अब राज्य शासन से वित्तीय एवं अन्य सुविधाएँ लेने वाली औद्योगिक इकाइयों को 70 प्रतिशत रोज़गार मध्यप्रदेश के स्थायी निवासियों को देना अनिवार्य होगा।
कन्या विवाह-निकाह योजना की राशि बढ़ाकर 51 हजार
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री पद का कार्यभार ग्रहण किया एवं किसानों के कर्ज माफी की फाइल पर दस्तखत किये।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कन्या विवाह और निकाह योजना में संशोधन कर कन्या की खुशहाली के लिये अनुदान राशि 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार करने का निर्णय लिया। साथ ही अब सभी आदिवासी अंचलों में जनजातियों में प्रचलित विवाह प्रथा से होने वाले एकल और सामूहिक विवाह में भी कन्या को सहायता दी जायेगी। साथ ही इस योजना में आय सीमा का बंधन भी समाप्त कर दिया गया है। अब सभी सामूहिक विवाह करने वालों को इसका लाभ मिलेगा।