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पात्र किसानों को कर्ज माफी का लाभ आसानी से मिले : मुख्यमंत्री कमलनाथ

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मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद की पहली बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई।

* मंत्रि-परिषद की बैठक में कर्ज माफी पर दिया गया प्रेजेन्टेशन

* 5 जनवरी को होगी कर्ज माफी योजना की मंजूरी

* कृषि ऋण माफी की कट ऑफ डेट 31 मार्च की जगह 30 नवम्बर करने पर विचार

भोपाल। रडार न्यूज    मुख्यमंत्री कमल नाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि किसानों की कर्ज माफी योजना का मसौदा इस तरह से तैयार किया जाये कि प्रदेश का कोई भी पात्र और जरूरतमंद किसान इससे वंचित न रहे। किसानों की कर्ज माफी पर आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रमुख सचिव कृषि विकास एवं किसान कल्याण डॉ. राजेश राजौरा द्वारा प्रेजेन्टेशन दिया गया। मुख्यमंत्री कमल नाथ द्वारा अधिकारियों को दिये गये निर्देश के बाद 5 जनवरी को होने वाली मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों की कर्ज माफी योजना को मंजूरी दी जायेगी।

61 लाख से ज्यादा किसानों को मिलेगा लाभ

बैठक में बताया गया कि 31 मार्च, 2018 की स्थिति में किसानों को कृषि कर्ज माफी का लाभ दिया जायेगा। इसमें 2 लाख रुपये तक के कालातीत कृषि ऋण को माफ किया जायेगा। इससे प्रदेश के 61 लाख 20 हजार किसान लाभान्वित होंगे और उनके करीब 62 हजार 294 करोड़ रुपये राशि के कर्ज में से दो लाख रूपये तक कृषि ऋण माफ किये जायेंगे। इनमें राष्ट्रीयकृत, सहकारी और आरआरबी से लिये गये कृषि ऋण शामिल हैं। किसानों को सुविधा दिये जाने के लिये ग्राम पंचायत स्तर पर आवेदन करने की सुविधा होगी।

अन्य राज्यों से बेहतर होगी योजना

मध्यप्रदेश में किसानों की कर्ज माफी के लिये जो योजना तैयार की गई है, वह उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र राज्य में लागू की गई योजना से बेहतर होगी। प्रदेश में किसानों को कर्ज माफी अल्पकालीन फसल ऋण पर ही प्रदान की जायेगी।

ऋण चुकाने वालों को सम्मान-निधि 

मंत्रि-परिषद की बैठक में कृषि ऋण बकाया के लिये 31 मार्च, 2018 के स्थान पर कट ऑफ डेट 30 नवम्बर, 2018 किये जाने पर भी विचार किया गया। जानकारी दी गई कि कालातीत बकायादारों की कर्ज माफी पर लाभान्वित किसान को ऋण मुक्ति प्रमाण-पत्र भी दिया जायेगा। ऐसे किसान जिन्होंने 31 मार्च, 2018 के चालू बकाया को 30 नवम्बर तक चुका दिया है, उनको प्रति हेक्टेयर सम्मान-निधि प्रदान करने पर भी विचार किया गया।

ग्रामसभा में प्रस्तुत की जायेंगी पात्रता सूचियाँ

मंत्रिपरिषद की बैठक में बताया गया कि कर्ज माफी अल्पकालीन फसल ऋण पर ही प्रदान की जाना है। कर्ज माफी के लिये राज्य शासन द्वारा देय राशि डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से किसान के ऋण खाते में जमा की जायेगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये आधार कार्ड की ऋण खाते में सीडिंग अनिवार्य होगा। पहले चरण में लघु सीमांत किसान तथा सहकारी बैंकों के करंट आउट स्टेंडिंग लोन के भुगतान पर विचार किया जायेगा। योजना में कालातीत ऋण, जो योजना मापदण्डों में पात्र पाए गए हैं, उस राशि को बैंकों से वन टाइम सेटलमेंट करने के बाद कार्यवाही की जायेगी। बैठक में जानकारी दी गई कि एक अप्रैल, 2007 या उसके बाद लिये गये ऋण जो 31 मार्च, 2018 को कालातीत घोषित किये गये हों, उनको योजना में शामिल किया जायेगा। प्रदेश में 26 जनवरी, 2019 की ग्रामसभा में योजना की पात्रता सूचियाँ प्रस्तुत की जायेंगी।
प्रेजेन्टेशन में बताया गया कि कृषि ऋण माफी योजना के लिये मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सक्षम साधिकार समिति का गठन किया जायेगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में क्रियान्वयन समिति गठित की जा चुकी है। जिला स्तर पर प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति का गठन किया जायेगा। किसानों को ऋण मुक्ति प्रमाण-पत्र और सम्मान-पत्र सार्वजनिक कार्यक्रमों में वितरित किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्य सचिव को भेंट किया कृतज्ञता प्रस्ताव

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह को आज मंत्रालय में कृतज्ञता प्रस्ताव भेंट किया।

* मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह 31 दिसम्बर 2018 को हो रहे हैं सेवानिवृत्त

भोपाल। रडार न्यूज   मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज मंत्रि-परिषद की ओर से मुख्य सचिव श्री बसंत प्रताप सिंह को कृतज्ञता प्रस्ताव भेंट किया। प्रस्ताव में श्री सिंह के गौरवपूर्ण कार्यकाल के उल्लेख के साथ-साथ सतत् एवं समावेशी विकास, राजस्व विभाग में सुधार, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और जलवायु सरंक्षण जैसे विषयों में सक्रियता के लिये उनकी विशेष रूप से सराहना की गई।
मंत्रि-परिषद ने श्री सिंह के दीर्घ और सुखद जीवन की कामना भी की । मंत्रि-परिषद की बैठक के पूर्व श्री सिंह को कृतज्ञता प्रस्ताव भेंट किया गया। इस अवसर पर मंत्रि-परिषद के सदस्यों सहित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा सचिव स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि बसंत प्रताप सिंह की मुख्य सचिव के रूप में यह मंत्रि-परिषद की अंतिम बैठक थी। श्री सिंह ने 1 नवम्बर 2016 को मुख्य सचिव का कार्यभार ग्रहण किया। वे 31 दिसम्बर 2018 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

मध्यप्रदेश | एक दिन में बिजली की अधिकतम मांग के रिकार्ड टूटे, पहली बार बिजली की मांग 13,740 मेगावाट दर्ज

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सांकेतिक फोटो

* इस साल रबी सीजन में बिजली की मांग के नए रिकार्ड कायम हुए

* विद्युत कम्पनियां 14 हजार मेगावाट से अधिक बिजली की आपूर्ति को तैयार

भोपाल। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश में गत 26 दिसम्बर को बिजली की अधिकतम मांग का नया रिकार्ड बना। बिजली सेक्टर के इतिहास में पहली बार बिजली की एक दिन की अधिकतम मांग 13 हजार 740 मेगावाट दर्ज हुई। राज्य में कहीं भी विद्युत व्यवधान नहीं हुआ। दो दिन से बिजली की अधिकतम मांग 13 हजार 700 मेगावाट के ऊपर दर्ज हो रही है।
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इस साल रबी सीजन में अक्टूबर, नवम्बर एवं दिसम्बर में बिजली की अधिकतम मांग के नित नए रिकार्ड कायम हुए। पिछले वर्ष बिजली की अधिकतम मांग 28 दिसम्बर 2017 को 12 हजार 240 मेगावाट दर्ज हुई थी। चालू रबी सीजन में 31 अक्टूबर को इस रिकार्ड को पीछे कर बिजली की अधिकतम मांग 12 हजार 268 मेगावाट दर्ज हुई। इसके बाद नवम्बर और दिसम्बर में बिजली की अधिकतम मांग के नित नए रिकार्ड बने। प्रदेश में चार दिन यानी 24 दिसम्बर को बिजली की अधिकतम मांग 13 हजार 640 मेगावॉट, 25 दिसम्बर को 13 हजार 642 मेगावाट, 26 दिसम्बर को बिजली की अधिकतम मांग 13 हजार 740 मेगावाट और 27 दिसम्बर को भी 13 हजार 700 मेगावाट के ऊपर दर्ज हुई है। राज्य की विद्युत कम्पनियां 14 हजार मेगावाट से अधिक बिजली मांग की आपूर्ति करने को तैयार हैं।
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पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी (इंदौर व उज्जैन संभाग) में बिजली की अधिकतम मांग 5,207 मेगावाट, मध्य क्षेत्र वितरण कंपनी (भोपाल व ग्वालियर संभाग) में 4,736 मेगावाट और पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी (जबलपुर, सागर व रीवा संभाग) में 3,797 मेगावाट दर्ज हुई।
           प्रदेश में 26 दिसम्बर को जब बिजली की मांग 13 हजार 740 मेगावाट दर्ज हुई, उस समय पॉवर जनरेटिंग कंपनी के ताप एवं जल विद्युत गृह, इंदिरा सागर-सरदार सरोवर-ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना, एनटीपीसी (सेन्ट्रल सेक्टर), सासन अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट व आईपीपी, बिजली बैंकिग व अन्य स्त्रोत से बिजली प्राप्त हुई।

घरेलु उपभोक्ताओं को 24 और खेती के लिए 10 घंटे निरंतर गुणवत्तापूर्वक बिजली उपलब्ध हो- कमलनाथ

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मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद की पहली बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई।

* विद्युत आपूर्ति में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी

* मंत्रि-परिषद की बैठक में ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के निर्देश

भोपाल। रडार न्यूज  मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक में ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान बिजली उपभोक्ताओं को पर्याप्त एवं निरंतर बिजली उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि कार्य के लिये अनिवार्यत: 10 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाये। सब स्टेशन-निर्माण कार्य पूरा करने के लिये और अत्यंत आवश्यक होने पर ही शट-डाउन किया जाये। बिजली की आपूर्ति में किसी भी प्रकार का व्यवधान स्वीकार नहीं किया जायेगा। इसकी निरंतर एवं गहन मॉनीटरिंग करने के निर्देश भी उन्होंने दिये।

ट्रांसफार्मर के फेल होने पर तत्काल बदला जाये

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने रबी मौसम में सिंचाई के महत्व को देखते हुए ट्रांसफार्मर के फेल होने पर उसे बदलने का कार्य तत्परता से करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि तीन दिन में ट्रांसफार्मर को उचित क्षमता के ट्रांसफार्मर से बदला जाना सुनिश्चित किया जाये। इस कार्य में राज्य शासन के निर्देशानुसार किसानों अथवा बिजली उपभोक्ताओं द्वारा परिवहन में सहयोग किया जाता है तो उन्हें ट्रेक्टर आदि के किराये का भुगतान भी किया जाये। बिजली लाइन टूटने से होने वाली दुर्घटनाओं में जन-हानि होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाये। मुख्यमंत्री ने बिजली बिल की शिकायतों के निराकरण के लिये समाधान शिविर लगाने के निर्देश भी दिये।

निर्देशों का मैदानी स्तर पर हो क्रियान्वयन

कमल नाथ ने कॉल-सेंटर/1912 सेवाओं को और मजबूत करने तथा जनता को उनका लाभ दिलवाने के लिये व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने खेती के लिये 10 घंटे और अन्य उपभोक्ताओं को 24 घंटे की बिजली आपूर्ति गुणवत्तापूर्वक सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये। अधिकारियों से कहा गया कि बिजली आपूर्ति के संबंध में राज्य शासन के निर्देशों को कागजों तक सीमित न रखकर उनका मैदानी स्तर पर समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये।

नवकरणीय ऊर्जा की क्षमता बढ़ायें

मुख्यमंत्री की समीक्षा के दौरान विद्युत उपलब्धता, अधोसंरचना की स्थिति, वर्तमान में चल रहे कार्य, रबी मौसम के लिये पर्याप्त बिजली की उपलब्धता आदि की जानकारी दी गई। बैंकिंग एवं विद्युत क्रय-विक्रय की समीक्षा भी की गई। विभाग द्वारा बताया गया कि वर्तमान में किये गये अनुबंधों एवं एक-दो वर्षों में म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कम्पनी, एनटीपीसी के साथ ही नवकरणीय ऊर्जा की क्षमता बढ़ाने से वर्ष 2024-25 तक पर्याप्त विद्युत उपलब्ध हो जायेगी। बैठक में नवकरणीय ऊर्जा की वर्तमान स्थिति एवं आगामी वर्षों में बढ़ने वाली विद्युत क्षमता पर भी चर्चा की गई। बैठक में ऊर्जा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

16 आई.ए.एस. अधिकारियों की नवीन पद-स्थापना आदेश जारी

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सांकेतिक फोटो।

* इंदौर सहित छ: जिलों के कलेक्टर हुए प्रभावित  

भोपाल। रडार न्यूज  मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट लाने के लिए आई.ए.एस.अधिकारियों की नये सिरे से जमावट शुरू कर दी है। इसी क्रम में राज्य शासन द्वारा 16 आई.ए.एस. अधिकारियों की नवीन पदस्थापना की गयी है। इस फेरबदल में 6 जिलों के कलेक्टर प्रभावित हुए हैं। आई.ए.एस. अधिकारियों की नवीन पदस्थापना सूची इस प्रकार है-

क्र.

नाम एवं वर्तमान पदस्थापना

नवीन पद-स्थापना

1.

निशांत वरवड़े

कलेक्टर जिला इंदौर

मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल

2.

 मालसिंह भयड़िया

कलेक्टर जिला उमरिया

उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मंत्रालय

3.

अविनाश लवानिया

आयुक्त, नगर पालिक निगम, भोपाल

अपर आयुक्त, वाणिज्य कर, इंदौर

4.

उमेश कुमार

संचालक, एमपी स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी तथा पदेन उप सचिव मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग

कलेक्टर, जिला बुरहानपुर

5.

जगदीश चन्द्र जटिया

अपर संचालक, उच्च शिक्षा संचालनालय भोपाल

कलेक्टर, जिला मण्डला

6.

राकेश कुमार श्रीवास्तव

कलेक्टर जिला नीमच

उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मंत्रालय

7.

श्री प्रबल सिपाहा

संचालक, नर्मदा घाटी विकास प्रधिकरण, इंदौर

कलेक्टर, जिला झाबुआ

8.

अमरपाल सिंह

अपर आयुक्त (राजस्व)

सागर संभाग, सागर

कलेक्टर, जिला उमरिया

9.

 अनय द्विवेदी

कलेक्टर, जिला मण्डला

उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मंत्रालय

10.

 कर्मवीर शर्मा

कलेक्टर, जिला राजगढ़

उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मंत्रालय

11.

 अभिजीत अग्रवाल

कलेक्टर, जिला टीकमगढ़

उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मंत्रालय

12.

सौरव कुमार सुमन

उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन मंत्रालय

कलेक्टर, जिला टीकमगढ़

13.

 बी विजय दत्ता

उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन मंत्रालय

आयुक्त, नगर पालिक निगम, भोपाल

14.

सुश्री निधि निवेदिता

उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन मंत्रालय

कलेक्टर, जिला राजगढ़

15.

प्रवीण सिंह अढायच

आयुक्त, नगर पालिक निगम, सतना

कलेक्टर, जिला सिवनी

16.

 राजीव रंजन मीना

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, देवास

कलेक्टर, जिला नीमच

निशांत वरवड़े द्वारा मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर डॉ. पल्लवी जैन गोविल, वि.क.अ.-सह-आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाएँ तथा आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) केवल मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, भोपाल के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगी।

 

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकरदयाल शर्मा की 19वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा

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देश के नवें राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. शंकर दयाल शर्मा की 19वीं पुण्य-तिथि पर नई दिल्ली में शांति वन में उनकी समाधि पर आयोजित सर्वधर्म श्रद्धाजंलि सभा आयोजित हुई।

* समाधि पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी

भोपाल। रडार न्यूज भारत के नवें राष्ट्रपति डॉ. शंकरदयाल शर्मा की 19वीं पुण्यतिथि पर आज सुबह नई दिल्ली में शांति वन में उनकी कर्मभूमि पर सर्वधर्म श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भजन गायन हुआ और राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी। अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा और पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री सुरेश पचौरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने स्व. डॉ. शर्मा को श्रद्धा सुमन अर्पित किये। मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से मंत्री पी.सी. शर्मा ने आगन्तुकों की अगवानी की तथा स्व. डॉ. शर्मा की समाधि पर पुष्प अर्पित किये।
इस अवसर पर स्व. डॉ. शंकर दयाल शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती विमला शर्मा, पुत्र आशुतोष दयाल शर्मा एवं परिवार के सदस्य मौजूद थे। मध्यप्रदेश शासन के दिल्ली स्थित विशेष आयुक्त अनुराग जैन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।

15वीं विधानसभा का प्रथम सत्र 7 से 11 जनवरी तक

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मध्यप्रदेश विधानसभा का फाइल फोटो।
भोपाल। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश की 15वीं विधानसभा का प्रथम सत्र सोमवार 7 जनवरी 2019 से 11 जनवरी 2019 तक आयोजित किया जाएगा। इस 5 दिवसीय सत्र में 5 बैठकों का आयोजन होगा। अपर सचिव मध्यप्रदेश विधानसभा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 7 जनवरी,2019 सोमवार को शपथ-प्रतिज्ञान, 8 जनवरी, मंगलवार को शपथ-प्रतिज्ञान, अध्यक्ष का निर्वाचन, राज्यपाल का अभिभाषण, राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव, 9 जनवरी, बुधवार को निधन का उल्लेख, शासकीय कार्य, 10 जनवरी, गुरूवार को शासकीय कार्य, राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर चर्चा, 11 जनवरी, शुक्रवार को शासकीय कार्य, राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर चर्चा की जाएंगी।

जनता को आभास होगा कि सरकार उसकी सेवा के लिये है- कमलनाथ

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय में मंत्रीमंडल के सदस्यों का वरिष्ठ अधिकारियों से परिचय कराया।

* शासन में लापरवाही और सुस्ती के बर्दाश्त नहीं की जायेगी

* वचन पत्र के क्रियान्वयन की समयबद्ध कार्य योजना बनेगी

* मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक में दिए निर्देश

भोपाल। रडार न्यूज  मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि शासन में लापरवाही और सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके प्रति सरकार जीरो टालरेंस होगी। जनसेवा सरकार का प्राथमिक दायित्व होगा। जनता को यह आभास होगा कि सरकार उसकी सेवा के लिये है। श्री नाथ आज यहां मंत्रालय में मंत्री-परिषद और अधिकारियों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव बी.पी. सिंह भी मौजूद थे।

जनहित के कार्यों में न हो हीला-हवाली

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने निर्देश दिये कि जनहित के कार्य बिना हीला-हवाली के हों। नियमानुसार किये जा सकने वाले कार्य नियमित कार्य-प्रणाली से सुनिश्चित किये जायें। मुख्यमंत्री के समक्ष केवल ऐसे विषय लाए जायें, जो नियमित व्यवस्था में नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि विभाग के संचालन का दायित्व विभागीय मंत्री का होगा। प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संचालन का दायित्व मुख्यमंत्री सचिवालय का नहीं बल्कि विभाग का होगा। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि वचन पत्र के समस्त बिंदुओं के क्रियान्वयन का उत्तरदायित्व संबंधित विभाग का होगा। विभाग इसके क्रियान्वयन की समयबद्ध कार्ययोजना बना लें। उन्होंने कहा कि नये नजरिए के साथ व्यवस्था को देखें। परिवर्तन नवाचार के लिये यह आवश्यक हैं। उन्हें अमल करने का प्रयास करें। नियम-कायदों में केवल परिवर्तन पर्याप्त नहीं होगा।

वचन पत्र के बिंदुओं पर होगा अमल

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मंत्री-परिषद की बैठक के साथ ही विभागीय बैठकें भी शीघ्र ही आयोजित की जाएंगी। इससे सभी मंत्रीगण विभागों की कार्य प्रणाली से परिचित रहेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रथम बैठक ऊर्जा विभाग की होगी। इसके बाद कृषि विभाग की बैठक होगी। शीघ्र ही अन्य विभागों की बैठकों की समय-सारणी जारी की जाएगी। मुख्य सचिव बी.पी. सिंह ने बताया कि वचन पत्र के अनुसार कार्रवाई का प्रारूप संबंधित विभागों द्वारा तैयार कर लिया गया है। विभागीय मंत्री का मार्गदर्शन प्राप्त कर उसे प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि प्रदेश में योग्य और कर्मठ अधिकारियों की टीम है, जो समय-सीमा में कार्य करने में दक्ष हैं। बैठक के प्रारंभ में समस्त अधिकारियों ने अपना परिचय दिया। बैठक में सभी विभागों के प्रमुख सचिव, विभाग के सचिव और विभागाध्यक्ष मौजूद थे।

मध्यप्रदेश | 28 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ, इनमें 1 निर्दलीय और 2 महिलाएं शामिल

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* मालवा-निमाड़ अंचल से सर्वाधिक 8 विधायक बने मंत्री

* बुंदेलखंड से गोविंद सिंह राजपूत और बृजेन्द्र सिंह को मिला मौका

* मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश के दिग्गज नेताओं से चर्चा कर तय किये नाम

भोपाल। रडार न्यूज    मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के मंत्रिमंडल का मंगलवार 24 दिसम्बर को शपथ ग्रहण समारोह पूर्वक संपन्न हुआ। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा प्रदेश के 28 विधायकों को मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। मंत्री बनने वालों में निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल, दाे महिला नेत्रियाँ विजयलक्ष्मी साधौ व इमरती देवी और एक मुस्लिम- आरिफ अकील शामिल हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंत्रिमंडल में 15 विधायक ऐसे हैं, जोकि पहली बार मंत्री बने हैं। कांग्रेस से पहली बार विधायक बने 55 नए चेहरों में से किसी को भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रहे बसपा और सपा के विधायकों को मंत्रिमंडल स्थान नहीं मिला है। हालाँकि, मंत्री पद के लिए इनकी ओर से काफी दबाब बनाया गया था। राजभवन में आज आयोजित हुए मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया उपस्थित रहे। राज्यपाल ने नवनियुक्त मंत्रियों को शपथ लेने के बाद बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। शपथ ग्रहण कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव बी.पी. सिंह ने किया।

इन्होंने ली मंत्री पद की शपथ

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के विधायक पुत्र जयवर्धन सिंह मंत्री पद की शपथ लेते हुए।
मंत्री पद की शपथ लेने वालों में सज्जन सिंह वर्मा, हुकुम सिंह कराड़ा, विजयलक्ष्मी साधौ, गोविंद सिंह, बाला बच्चन, आरिफ अकील, बृजेंद्र सिंह राठौर, प्रदीप जायसवाल (निर्दलीय), लाखन सिंह यादव, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, इमरती देवी, ओमकार सिंह मरकाम, डॉ. प्रभुराम चौधरी, प्रियव्रत सिंह, सुखदेव पांसे, उमंग सिंघार, हर्ष यादव, जयवर्धन सिंह, जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, लखन घनघोरिया, महेंद्र सिंह सिसोदिया, पीसी शर्मा, प्रद्युम्न सिंह तोमर, सचिन सुभाष यादव, तरुण भनोत व सुरेन्द्र सिंह बघेल शामिल हैं।

दिल्ली में बनीं सहमति

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंत्रीमंडल का स्वरुप दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी की सहमति से फाइनल हुआ। दिल्ली में राहुल गाँधी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री कमलनाथ समेत मध्यप्रदेश के दिग्गज नेताओं के साथ बैठक की थी, जिसमें सभी से खुलकर चर्चा उपरांत 28 नामों को स्वीकृति दी गई थी।

विधानसभा सत्र 7 जनवरी से

जानकारी अनुसार मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र 7 जनवरी से शुरू हो रहा है, जिसमें सभी विधायकों को प्रोटेम स्पीकर शपथ दिलाएंगे, जो कि सदन का वरिष्ठ नेता होता है। इस पद के लिए अभी भाजपा से गोपाल भार्गव का नाम आगे है। यह सत्र 11 जनवरी तक चलेगा।

लुटेरों का आतंक | बाइक सवार युवकों को डण्डों से पीटा, चालक की मौत होने पर लूटपाट कर फरार हुए बदमाश

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छापा नाला के समीप घटना की जाँच-पड़ताल करते पुलिसकर्मी।

* पन्ना-अमानगंज मार्ग पर छापा नाला के समीप हुई वारदात

* रात भर नाले में पड़ा रहा मृतक का शव, दर्द से कराहता रहा साथी

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले का कोतवाली थाना सोमवार 24 दिसम्बर को हत्या-लूट और बैंक के अंदर हुई लाखों रुपये की सनसनीखेज़ चोरी की घटनाओं को लेकर सुर्ख़ियों में रहा। यहां अज्ञात बदमाशों द्वारा एक युवक की नृशंस हत्या कर उसके साथी से लूटपाट करने की खबर आने से सुबह-सुबह लोग दहशत में आ गए। इस जघन्य वारदात को रविवार 23 दिसम्बर की शाम कटनी-कानपुर स्टेट हाइवे पर पन्ना-अमानगंज के बीच छापा नाला के समीप तीन अज्ञात बदमाशों द्वारा अंजाम दिया गया। लुटेरों के हमले में घायल हुए युवक रामकिशोर पिता काशी प्रसाद यादव 25 वर्ष को आज सुबह पन्ना लाकर उपचार हेतु जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। जबकि पुलिस जांच और एफएसएल टीम की जांच के चलते मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए शाम के समय पन्ना लाया जा सका। इस घटना पर फ़िलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को गहन जांच में लिया है।

वनकर्मी की मदद से बची जान

जिला चिकित्सालय पन्ना में भर्ती घायल युवक रामकिशोर यादव।
घायल रामकिशोर यादव निवासी ग्राम सलैया थाना जिला छतरपुर ने वारदात के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वह रविवार 23 दिसम्बर की शाम अपने गांव के ही राम सिंह पिता शंकर सिंह गौंड़ 40 वर्ष के साथ पन्ना से अमानगंज की ओर मोटर साइकिल से जा रहे थे। शाम करीब 6-7 बजे रास्ते में छापा नाला के समीप मिले तीन लोगों ने उनके ऊपर डण्डों से हमला कर दिया। सिर पर डंडे के प्रहार से राम सिंह की बाइक अनियंत्रित हो गई और दोनों वहीं गिर गए। अचेत अवस्था में पड़े राम सिंह गौंड़ को और उसे बदमाशों ने नाले में फेंक दिया जबकि उनकी बाइक को जंगल में ही छिपा दिया। इसके बाद हमलावर उनकी जेबों में रखे रूपए और मोबाइल लेकर फरार हो गए। कड़ाके की सर्दी में दोनों पूरी रात नाले में पड़े रहे।
नाले में पड़ा मृतक राम सिंह गौंड़ का शव।
सुबह जब रामकिशोर यादव होश में आया तो उसने मदद के लिए चींखना-चिल्लाना शुरू किया। इस दौरान वहाँ से गुजर रहे एक वन रक्षक ने जब उसकी दर्दभरी चीखें सुनीं और नीचे उतर कर देखा तो नाले दो लोग घायल अवस्था में पड़े मिले। वन रक्षक ने समझा कि उनका एक्सीडेंट हुआ है, पर जब घायल रामकिशोर ने आपबीती सुनाई तो सच्चाई का पता चला। वन रक्षक ने आनन-फानन डॉयल 100 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया और फिर घायल रामकिशोर यादव को उपचार हेतु जिला चिकित्सालय पन्ना ले जाया गया।

घटना को संदिग्ध मान रही पुलिस

वह मोटरसाइकिल जिसे घटना के समय मृतक राम सिंह गौंड चला रहा था।
कोतवाली थाना पन्ना की पुलिस चौकी बराछ के अंतर्गत हुई इस घटना को लेकर चौकी प्रभारी राजेंद्र नामदेव का कहना है कि मृतक राम सिंह पिता शंकर सिंह गौंड़ 40 वर्ष के सिर, मुँह में चोटें आईं है और उसके दाँत टूटे हैं। घटनास्थल से फ़िलहाल ऐसे साक्ष्य नहीं मिले हैं कि लूटपाट के इरादे से हत्या करना साबित हो। सुबह-सुबह इस वारदात का पता चलने पर पुलिस द्वारा मृतक और घायल युवकों के परिजनों को घटना के संबंध सूचना दी गई। दोपहर तक दोनों युवकों के परिजन मौके पर पहुँच चुके थे, पुलिस द्वारा इनसे यह पता करने की कोशिश की जा रही है कि उनका किसी से विवाद तो नहीं हुआ था या फिर किसी से कोई रंजिश तो नहीं चल रही थी। चौकी प्रभारी बराछ का कहना है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में इस घटना पर मर्ग कायम कर हर पहलू से गहन जांच-पड़ताल की जा रही है, फ़िलहाल कुछ कहना संभव नहीं है। घायल युवक के पूरी तरह होश में आने पर उसके बयान दर्ज किये जायेंगे और मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना है-
“प्रारंभिक पुलिस जांच में मृतक और घायल युवक का विवाद होने की बात सामने आई है, फ़िलहाल लूटपाट के साक्ष्य नहीं पाए गए। पुलिस घटना की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है जल्दी ही इसकी वास्तविकता को सामने लाया जायेगा।”

– विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक पन्ना।