* फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए नागरिकों से की दवा के सेवन की अपील
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में फाइलेरिया उंन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बुधवार 27 फरवरी को राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस के उपलक्ष्य पर जिला चिकित्सालय पन्ना में एमडीए कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री बागरी एवं उपस्थित अधिकारियों द्वारा स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर उपस्थित लोगों को इसके लिए प्रेरित किया।
इन बातों का रखें ध्यान
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल.के. तिवारी एवं जिला मलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई कि- दो वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों को डी.ई.सी. एवं एल्वेंडाजोल की एक खुराक भोजन के पश्चात उम्र के अनुसार अवश्य खाना है। इसके सेवन करने से फाइलेरिया रोग से बचा जा सकता है। इन गोलियों का सेवन खाली पेट नही करना है, दो वर्ष से कम आयु के बच्चो को, गर्भवती माताओं को, अतिवृद्ध और गम्भीर रूप से बीमार लोगों को गोली नही खाना है यह गोली पूर्णतः सुरक्षित है पहले से ही फाइलेरिया के कृमि खून में होने पर ही हल्का सा बुखार आ सकता है तब भी घबराने की जरूरत नहीं है पैरासिटामोल गोली खाने से कुछ समय मे ही अराम मिल जाता है।
एम्बुलेन्स को दिखाई हरी झण्डी

राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस के शुभारंभ समारोह में नगरपालिका पन्ना अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, मनीष मिश्रा, भोपाल से आये राज्य सलाहकार (कीट विज्ञानी) डॉ. सत्येन्द्र पाण्डेय, सिविल सर्जन डॉ.व्ही.एस. उपाध्याय, लेप्रा सोसायटी पन्ना के प्रोजेक्ट मेनेजर वीरेन्द्र दुबे, स्वास्थ्य विभाग के समस्त स्टाफ व आम नागरिक समारोह में उपस्थित मौजूद थे। इस अवसर पर विधायक शिवदयाल बागरी द्वारा जिला चिकित्सालय परिसर से गुनौर स्वास्थ्य केन्द्र के लिए आवश्यक सुविधाओं से युक्त नवीन एम्बुलेन्स को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस एम्बुलेन्स के गुनौर में पहुंच जाने से वहां के रोगियों को अन्य चिकित्सालय में रेफर करने में पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने 73वें संविधान संशोधन के जरिए पंचायतों को सर्वअधिकार सम्पन्न बनाने की बुनियाद रखी थी। दिग्विजय सिंह सरकार ने इस क्रांतिकारी संविधान संशोधन को मध्यप्रदेश में पूरे देश में सबसे पहले लागू किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का हृदय ग्रामीण क्षेत्र है। हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती ग्रामीण क्षेत्रों की कार्य-शैली पर ही आधारित है। इस मौके पर पंचायत प्रतिनिधियों के विकास राशि के अधिकार में वृद्धि करने की घोषणा की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष की विकास राशि को दोगुना करते हुए 25 से बढ़ाकर 50 लाख, उपाध्यक्ष को 15 से बढ़ाकर 25 लाख, जिला पंचायत सदस्य को 10 से बढ़ाकर 15 लाख, जनपद पंचायत अध्यक्ष को 12 लाख से बढ़ाकर 15 लाख, जनपद उपाध्यक्ष को 8 लाख से बढ़ाकर 10 लाख और जनपद सदस्य को 4 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रूपये तक के विकास कार्यों की घोषणा करने के अधिकार होंगे।



मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बड़े शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था की समस्या पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इसके लिए एकीकृत पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था के बारे में विचार करना होगा उन्होंने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग के लिए बजट की कमी नहीं होगी। पुलिस अधिकारियों ने स्मार्ट पुलिसिंग में आने वाली बाधाओं और उनको दूर करने के उपायों के संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा की। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों से ट्रैफिक व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी रखने, नशा मुक्ति केंद्र खोलने, निचले पुलिस अमले को कंप्यूटर ट्रेनिंग देने, पुलिस आवास व्यवस्था के विस्तार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में पुलिस महानिदेशक वी. के. सिंह, प्रमुख सचिव गृह मलय श्रीवास्तव और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।


मृतक अंशुल मिश्रा के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित परिजनों एवं ग्रामीणों ने दोपहर में पुलिस थाना बृजपुर के बाहर जमकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया। इस प्रदर्शन के चलते कुछ देर के लिए बृजपुर-पहाड़ीखेरा मार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित रहा। इस दौरान वहाँ मौजूद पुलिस बल ने सूझबूझ से काम लेते हुए आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने का भरोसा दिलाकर प्रदर्शन को समाप्त कराया।




एम.डी.ए. (मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) कार्यक्रम के सफल आयोजन के उद्देश्य से सोमवार 18 फरवरी 19 को कलेक्टर सभागार पन्ना में कलेक्टर मनोज खत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सभी विभाग प्रमुख एवं कार्यालय प्रमुख उपस्थित थे। कलेक्टर श्री खत्री ने निर्देशानुसार फाइलेरिया से प्रभावित जिले के सत्रह हाईरिस्क ग्राम-नगर में जिले स्तरीय अधिकारियों द्वारा स्वंय सामूहिक दवा सेवन का निरीक्षण किया जायेगा। इसके अलावा ग्रामों एवं नगरों में संबंधित निकाय द्वारा विशेष रूप से स्वच्छता अभियान संचालित करेंगे जिससे कि गंदे पानी में-नालियों में पनपने वाले क्यूलेक्स मच्छर से होने वाली हाथी पांव एवं हाइड्रोसिल जैसी बीमारियों को नियंत्रित किया जा सके। कलेक्टर मनोज खत्री ने फाइलेरिया रोग के प्रति जान जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से सभी विभाग प्रमुखों को अपने कार्यालयों में फाइलेरिया से संबंधित आइ.ई.सी. (प्रचार-प्रसार) सामग्री का प्रदर्शन करने एवं दवा सेवन के लिए कर्मचारियों एवं नागरिकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।




मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस एस.के. सेठ ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद मध्यप्रदेश में न्यायिक प्रतिबद्धता का स्तर सराहनीय है। उन्होंने मेडिको लीगल प्रकरण, मुकदमों एवं लम्बित मामलों की बढ़ती संख्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में नई भर्तियों, सुचारू संचालन के साथ-साथ आवश्यक वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता से न्यायपालिका की दक्षता को बढ़ाया जा सकता है। विधि-विधायी कार्य मंत्री शर्मा ने पुलवामा में शहीद हुए जबलपुर जिले के अश्वनी कुमार को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए कहा कि जबलपुर से पूरे प्रदेश में संस्कार का संचार होता है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वचन-पत्र के मुताबिक न्यायिक क्षेत्र में अधोसंरचना विकास और न्यायालयों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देगी।

