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राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस का हुआ शुभारंभ, कार्यक्रम में विधायक बागरी ने किया “डीईसी की दवा” सेवन

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फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करते गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी।

* फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए नागरिकों से की दवा के सेवन की अपील

पन्ना। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में फाइलेरिया उंन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बुधवार 27 फरवरी को राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस के उपलक्ष्य पर जिला चिकित्सालय पन्ना में एमडीए कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री बागरी एवं उपस्थित अधिकारियों द्वारा स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर उपस्थित लोगों को इसके लिए प्रेरित किया।

इन बातों का रखें ध्यान

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल.के. तिवारी एवं जिला मलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई कि- दो वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों को डी.ई.सी. एवं एल्वेंडाजोल की एक खुराक भोजन के पश्चात उम्र के अनुसार अवश्य खाना है। इसके सेवन करने से फाइलेरिया रोग से बचा जा सकता है। इन गोलियों का सेवन खाली पेट नही करना है, दो वर्ष से कम आयु के बच्चो को, गर्भवती माताओं को, अतिवृद्ध और गम्भीर रूप से बीमार लोगों को गोली नही खाना है यह गोली पूर्णतः सुरक्षित है पहले से ही फाइलेरिया के कृमि खून में होने पर ही हल्का सा बुखार आ सकता है तब भी घबराने की जरूरत नहीं है पैरासिटामोल गोली खाने से कुछ समय मे ही अराम मिल जाता है।

एम्बुलेन्स को दिखाई हरी झण्डी

गुनौर स्वास्थ्य केन्द्र को आवंटित एम्बुलेन्स को हरी झण्डी दिखाते विधायक।
राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस के शुभारंभ समारोह में नगरपालिका पन्ना अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, मनीष मिश्रा, भोपाल से आये राज्य सलाहकार (कीट विज्ञानी) डॉ. सत्येन्द्र पाण्डेय, सिविल सर्जन डॉ.व्ही.एस. उपाध्याय, लेप्रा सोसायटी पन्ना के प्रोजेक्ट मेनेजर वीरेन्द्र दुबे, स्वास्थ्य विभाग के समस्त स्टाफ व आम नागरिक समारोह में उपस्थित मौजूद थे। इस अवसर पर विधायक शिवदयाल बागरी द्वारा जिला चिकित्सालय परिसर से गुनौर स्वास्थ्य केन्द्र के लिए आवश्यक सुविधाओं से युक्त नवीन एम्बुलेन्स को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस एम्बुलेन्स के गुनौर में पहुंच जाने से वहां के रोगियों को अन्य चिकित्सालय में रेफर करने में पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
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“पंचायत प्रतिनिधि पिछले पंद्रह साल से रबर स्टेम्प प्रतिनिधि बनकर रह गये थे, हम पंचायत राज को अधिकार सम्पन्न बनाकर ग्राम स्वराज का सपना साकार करेंगे” : सीएम कमलनाथ

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राष्ट्रीय त्रिस्तरीय पंचायत राज प्रतिनिधियों एवं स्व-सहायता समूहों की प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में पंचायिका विशेषांक का विमोचन किया।

* पंचायत प्रतिनिधियों की विकास राशि के अधिकार में वृद्धि का एलान

* पंचायत प्रतिनिधियों को भोपाल और मंत्रालय के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे

* पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण को संबोधित मुख्यमंत्री ने किया संबोधित

भोपाल। रडार न्यूज   मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पिछले पंद्रह साल में पंचायत राज कमजोर हुआ है। विकास की बुनियाद पंचायत संस्थाओं को वही अधिकार दिये जायेंगे जिसका सपना हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देखा था। उन्होंने कहा कि पंचायतों के चुने हुए प्रतिनिधियों को भोपाल, मंत्रियों और मंत्रालय के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे। उन्हें इतने अधिकार दिये जायेंगे कि वे अपने गाँव का विकास स्वयं कर सकें। श्री नाथ आज राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान त्रि-स्तरीय पंचायत राज प्रतिनिधियों तथा स्व-सहायता समूहों के प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। जनसंपर्क एवं विधि-विधायी मंत्री पी.सी. शर्मा एवं किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री सचिन यादव उपस्थित थे।

जिपं अध्यक्ष को अब मिलेंगे 50 लाख

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने 73वें संविधान संशोधन के जरिए पंचायतों को सर्वअधिकार सम्पन्न बनाने की बुनियाद रखी थी। दिग्विजय सिंह सरकार ने इस क्रांतिकारी संविधान संशोधन को मध्यप्रदेश में पूरे देश में सबसे पहले लागू किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का हृदय ग्रामीण क्षेत्र है। हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती ग्रामीण क्षेत्रों की कार्य-शैली पर ही आधारित है। इस मौके पर पंचायत प्रतिनिधियों के विकास राशि के अधिकार में वृद्धि करने की घोषणा की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष की विकास राशि को दोगुना करते हुए 25 से बढ़ाकर 50 लाख, उपाध्यक्ष को 15 से बढ़ाकर 25 लाख, जिला पंचायत सदस्य को 10 से बढ़ाकर 15 लाख, जनपद पंचायत अध्यक्ष को 12 लाख से बढ़ाकर 15 लाख, जनपद उपाध्यक्ष को 8 लाख से बढ़ाकर 10 लाख और जनपद सदस्य को 4 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रूपये तक के विकास कार्यों की घोषणा करने के अधिकार होंगे।

पंचायतों को अधिकार देने से मजबूत होगा प्रजातंत्र 


मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पंद्रह साल में हमारे जिला, जनपद अध्यक्ष और सरपंच रबर स्टेम्प और लेटर पेड के प्रतिनिधि बनकर रहे गये थे। उनके पास अपने गाँव के विकास का कोई अधिकार नहीं था। श्री नाथ ने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा। मध्यप्रदेश में सरकार का संचालन ग्रामीण क्षेत्रों से होगा। हमने अपने वचन-पत्र में वादा किया था कि पंचायत प्रतिनिधियों को सर्वशक्ति सम्पन्न बनायेंगे। उन्हें वही अधिकार दिये जायेंगे जो गांधी जी की और राजीव जी की कल्पना थी। श्री नाथ ने कहा कि राहुल गांधी जी ने पंचायत राज को सुदृढ़ बनाने के लिये मुझसे विस्तार से चर्चा की थी। मैंने उनसे कहा था कि आज जो पंचायत सचिवों के चेहरे पर निराशा दिख रही है, वे जब अगली बार मध्यप्रदेश आयेंगे तो उनके चेहरे पर मुस्कराहट होगी। कमलनाथ ने कहा कि नई सरकार प्रदेश के विकास की बुनियाद को मजबूत बनाने की ओर देख रही है। उन्होंने कहा कि पंचायतों को अधिकार सम्पन्न बनाना मतलब प्रजातंत्र को मजबूत बनाना है। हमारी सरकार कुलीन वर्ग की सरकार नहीं है। यह गरीबों, मजदूरों और ग्रामीणों की सरकार है, जिन्हें सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य है।

विरासत में खाली खजाना और बदहाल व्यवस्था मिली


मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण कार्यशाला को सम्बोधित किया।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि पिछले 58 दिन में हमने मध्यप्रदेश में यह बताया है कि विकास की नींव किस तरह रखी जाती है। कृषि और प्रदेश के बेरोजगारों को नजरअंदाज करके हम विकास की कल्पना नहीं कर सकते। इसलिये हमने सबसे पहले कर्ज के बोझ से दबे किसानों का कर्जा माफ किया है और नौजवानों को काम देने की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि जब हमने अपनी सरकार बनाई तो हमें विरासत में खाली खजाना और बदहाल व्यवस्था मिली। हमारा प्रदेश बलात्कार में, किसानों की आत्महत्या में और बेरोजगारी में नंबर वन है। इन चुनौतियों का हम सामना करेंगे और प्रदेश के विकास के नक्शे को बदल देंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों का आव्हान किया कि वे बदली हुई व्यवस्था को देखें, सच्चाई को पहचाने और अपना समर्थन दें। यह सरकार घोषणाओं की, विज्ञापनों की सरकार नहीं है, हम आपको काम करके दिखायेंगे और वचन-पत्र को पूरा करके आपका विश्वास हासिल करेंगे।

पंच परमेश्वर अब महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना

मुख्यमंत्री ने विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया।.
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पंचायत प्रतिनिधियों को सुदृढ़ बनाने की पहल की है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों की घोषणा करने के लिये जो राशि मिलती थी उसमें वृद्धि करने की स्वीकृति उन्होंने दी है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण और दक्षता का कार्यक्रम है। इसके जरिए हम पंचायत प्रतिनिधियों को बतायेंगे कि वे कैसे अपने गाँव के विकास का काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से करें। उन्होंने पंच-परमेश्वर योजना का नाम बदलकर महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना करने की भी घोषणा की। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के विकास में सहभागी बनें। इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये। प्रारंभ में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती गौरी सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने मुख्यमंत्री को स्मृति-चिन्ह भेंट किया।
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निर्देश। अपेक्षित परिणामों के लिये पुलिस एक टीम के रूप में काम करे : कमलनाथ

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पुलिस मुख्यालय में गृह विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की।

* मुख्यमंत्री ने आईजी, डीआईजी, एसपी की उच्च स्तरीय बैठक में दिये निर्देश

* बोले, अच्छा पुलिस अधिकारी अच्छा न्यायदाता भी है

भोपाल। रडार न्यूज   मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि पुलिस अधिकारी इतने अधिकार संपन्न हैं कि वे वंचितों को न्याय दिला सकते हैं। अच्छा पुलिस अधिकारी अच्छा न्याय दाता भी होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई सरकार पुलिस का मनोबल हमेशा ऊँचा रखने और पुलिस की सुविधाएँ बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता, बराबरी और न्याय, प्रजातंत्र के तीन मुख्य स्तंभ है। स्वतंत्रता और बराबरी की सीमाएँ हैं लेकिन न्याय असीमित है। यह जरूरी नहीं कि न्याय हमेशा अदालत से ही मिले। अच्छी सोच के साथ भी न्याय दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री आज यहाँ पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक, उप पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षकों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था के माध्यम से सबसे गरीब और कमजोर वर्गों की सुरक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य संस्थाओं के साथ पुलिस संस्था की गरिमा बनी रहना चाहिए क्योंकि यह गरिमा संविधान से मिलती हैं। संविधान को शक्ति प्रजातंत्र से मिलती है।

नई सरकार की कार्य-संस्कृति अपनाएँ

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि पुलिस प्रशासन को नई सरकार की कार्य-संस्कृति और सोच से परिचित होकर उसे अपनाना होगा। कानून-व्यवस्था सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी कानून-व्यवस्था का चेहरा है। लोगों को अपनी रक्षा-सुरक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों से अपेक्षा होती है। इसलिये हमेशा लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की कोशिश करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को न्याय की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। पुलिस बल को कमजोर वर्गों के हित में काम करना चाहिए। पीड़ित व्यक्ति पुलिस की ओर न्याय के लिए देखता है, इसे अच्छी तरह समझना चाहिए । उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन भी विविधता में एकता की प्रतिनिधि संस्था है। अलग-अलग समाज, जाति, धर्म के पुलिस ऑफिसर हैं लेकिन सभी कानून से बंधकर लोगों के हित में काम करते हैं।

पुलिस एक टीम के रूप में काम करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध का परिदृश्य टेक्नोलॉजी के परिवर्तन के साथ ही बदल रहा है। पुलिस अधिकारियों को भी इस परिवर्तन के साथ चलना होगा। उन्होंने कहा कि अपेक्षित परिणामों के लिए पुलिस को एक टीम के रूप में काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने और इनसे होने वाले अपराधों को रोकने के लिए राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी प्रकार महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के मामले में भी अपराधियों को छोड़ा नहीं जाएगा। ऐसे अपराधों से जुड़ी जाँच में लापरवाही को भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिस बल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ निषेधात्मक कार्रवाई का दायरा भी बढ़ाये जिससे अपराध घटित होने की संभावनाएँ कम हो जाए।

सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वालों के प्रति सचेत रहें

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांप्रदायिक सद्भाव को बनाए रखना पुलिस की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक दुर्भावना बहुत तेजी से फैलती हैं और इसे नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसलिए पुलिस प्रशासन को सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले तत्वों के प्रति और ज्यादा सचेत रहना होगा। ऐसे लोगों से सख्ती से निपटें। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व चुनाव और विशेष धार्मिक अवसरों पर सक्रिय रहते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक सद्भाव और सहिष्णुता भारत की पहचान है। उन्होंने कहा कि हमेशा कमजोर और जरूरतमंदों का पक्ष लें ताकि उनमें सुरक्षा की भावना बनी रहे।

एकीकृत ट्रैफिक व्यवस्था पर विचार करें

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बड़े शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था की समस्या पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इसके लिए एकीकृत पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था के बारे में विचार करना होगा उन्होंने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग के लिए बजट की कमी नहीं होगी। पुलिस अधिकारियों ने स्मार्ट पुलिसिंग में आने वाली बाधाओं और उनको दूर करने के उपायों के संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा की। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों से ट्रैफिक व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी रखने, नशा मुक्ति केंद्र खोलने, निचले पुलिस अमले को कंप्यूटर ट्रेनिंग देने, पुलिस आवास व्यवस्था के विस्तार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में पुलिस महानिदेशक वी. के. सिंह, प्रमुख सचिव गृह मलय श्रीवास्तव और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
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अपराध | जुआ के विवाद में नवयुवक की गई जान , दोस्त ने गोली मारकर की हत्या

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अंशुल मिश्रा के शव के पास खड़े क्षेत्र के लोग। (फाइल फोटो)

* पन्ना जिले के बृजपुर थाना के ग्राम पहाड़ीखेरा की घटना

* रात में दोस्तों के साथ जुआ खेला, सुबह खाना खाने ढाबा पहुँचे तब हुआ विवाद

* आरोपियों की गिरफ्तारी की माँग को लेकर पुलिस थाना के बाहर किया प्रदर्शन

पन्ना। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बृजपुर थाना अंतर्गत ग्राम पहाड़ीखेरा में जुआ के विवाद में एक नवयुवक की गोली मारकर हत्या करने का सनसनीखेज घटनाक्रम सामने आया है। शुक्रवार 22 फरवरी की सुबह करीब 5 बजे हुई हत्या की इस वारदात के बाद से इलाके में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित है। मृतक सुमन राज उर्फ अंशुल मिश्रा एवं हत्यारोपी अच्छे दोस्त बताये जा रहे हैं। पुलिस की अब तक की तहकीकात में पता चला है कि सुमन राज उर्फ अंशुल मिश्रा ने रात में अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ जुआ खेला और कथित तौर पर शराबखोरी की। आज सुबह चारों युवक दो बाइक में सवार होकर खाना खाने के लिए पहाड़ीखेरा-कालिंजर मार्ग किनारे स्थित गौतम ढाबा पहुंचे जहाँ उनके बीच हुए विवाद के चलते प्रीत बुंदेला ने गोली मारकर अंशुल मिश्रा की हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद प्रीत उर्फ प्रीतम बुंदेला अपने दो अन्य दोस्तों विक्रम व्यापारी और हरिनारायण गुप्ता के साथ मौके से फरार हो गया।

बाइक से फरार हुए आरोपी

प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्रवाई करती पुलिस।
सुबह-सुबह हुए हत्याकाण्ड की सूचना मिलने पर पहाड़ीखेरा चौकी प्रभारी आर. बी.दिवेदी जब मौके पर पहुंची तो अंशुल मिश्रा पुत्र रविशंकर मिश्रा 22 वर्ष निवासी ग्राम बृजपुर मृत अवस्था में ढाबा के सामने पड़ा था। अंशुल के सीने पर बाईं और गोली लगी है जिससे मौके पर उसकी मौत हो गई। घटनास्थल से पुलिस ने एक हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल जप्त की है। उधर, कुछ समय बाद अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी ने भी पहाड़ीखेरा पहुँचकर घटनास्थल व शव का मुआयना किया। साथ ही वारदात के संबंध में जानकारी प्राप्त की। अपना ढाबा संचालक पुष्पेन्द्र गौतम एवं उसके कर्मचारी ने पुलिस को बताया कि सुमन राज उर्फ अंशुल मिश्रा समेत उसके चार दोस्त सुबह करीब 5 बजे ढाबा में खाना खाने के लिए आये थे। उन्हें जब ढाबा के कर्मचारी पवन गौंड़ ने खाना खत्म होने की जानकारी दी तो वे नाराज होकर गालियाँ देने लगे। इसके पश्चात उक्त युवकों ने सिगरेट खरीदी और ढाबा के बाहर खड़े होकर उसका सेवन करने लगे। कुछ मिनिट बाद उनके बीच आपस में विवाद हो गया जिसमें एक युवक ने सुमन राज उर्फ अंशुल मिश्रा के ऊपर फायर कर उसकी हत्या कर दी। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मोटरसाईकिल लेकर फरार हो गए।

पिता से मांगे थे रूपए

वारदात के बाद ढाबा के बाहर मौजूद क्षेत्र के लोग।
जवान बेटे की हत्या होने का दुखद समाचार मिलते ही बृजपुर से मिश्रा परिवार के सदस्य और ग्रामीण बड़ी तादाद में पहाड़ीखेरा पहुँचे। ऐसी चर्चा है कि सुमन राज उर्फ अंशुल मिश्रा गुरूवार शाम से घर नहीं पहुंचा था। रात्रि में उसने पिता रविशंकर मिश्रा को फोन कर उनसे एक हजार रुपए की मांग की। अंशुल को उसका चचेरा भाई अमित मिश्रा जब एक हजार रुपये देने गया तो वह अपने दोस्तों के साथ था। शुक्रवार की सुबह बेटे की मौत की खबर मिलने पर मिश्रा परिवार में कोहराम मच गया। आक्रोशित और व्यथित परिजनों ने हत्याकाण्ड को ढाबा के अंदर अंजाम दिए जाने और ढाबा संचालक पर हत्याकाण्ड की वास्तविकता को छिपाने सरीके गंभीर आरोप लगाए जिससे वहाँ कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। उधर, पुलिस ने घटना पर हत्या का मामला पंजीबद्ध कर फरार आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए हैं।

पुलिस थाना के सामने किया प्रदर्शन

मृतक अंशुल मिश्रा के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित परिजनों एवं ग्रामीणों ने दोपहर में पुलिस थाना बृजपुर के बाहर जमकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया। इस प्रदर्शन के चलते कुछ देर के लिए बृजपुर-पहाड़ीखेरा मार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित रहा। इस दौरान वहाँ मौजूद पुलिस बल ने सूझबूझ से काम लेते हुए आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने का भरोसा दिलाकर प्रदर्शन को समाप्त कराया।
फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले का पहाड़ीखेरा चौकी क्षेत्र पिछले कुछ माह से संगीन वारदातों को लेकर सुर्खियों में बना है। कुछ समय पूर्व यहाँ डकैत गिरोह द्वारा एक वन श्रमिक का अपहरण करने, युवकों से लूटपाट करने और फिर जंगल एक महिला का जला हुआ क्षत-विक्षत शव मिलने की घटना सामने आई थी। इन घटनाओं को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि आज नवयुवक अंशुल की जघन्य हत्या की वारदात ने एक बार फिर इस सीमावर्ती इलाके को दहला दिया है। क्षेत्र में बढ़ती संगीन आपराधिक वारदातों को लेकर लोगों में गुस्सा और भय व्याप्त है। क्षेत्र में निर्मित अशांति के इस माहौल के लिए लोग पुलिस को जिम्मेदार बता रहे है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस की कार्यप्रणाली में आपेक्षित सुधार नहीं हुआ और तत्परता से पहाड़ीखेरा चौकी को पर्याप्त पुलिस बल तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए तो यहाँ आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण पाना संभव नहीं होगा। जाहिर है, इस स्थिति में हालात और अधिक ख़राब हो सकते हैं।

इनका कहना है

“जुआ के विवाद में अंशुल की हत्या उसके दोस्त ने गोली मारकर की है, संभवतः उक्त युवक शराब के नशे में थे, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु सीमवर्ती पुलिस थानों को सूचना दी जा चुकी है, नाकेबंदी और सर्चिंग की जा रही है। सभी आरोपी बहुत जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे।”

इसरार मंसूरी, एसडीओपी अजयगढ़, जिला पन्ना।

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ऋण माफी योजना : 25 लाख से अधिक किसानों के खाते में जमा होंगे 10 हजार 123 करोड़, मुख्यमंत्री कमलनाथ 22 फरवरी को करेंगे राशि अंतरण कार्य का शुभारंभ

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सांकेतिक फोटो।

* दिन-रात कार्य कर पोर्टल पर दर्ज की गईं स्वीकृतियाँ

भोपाल। रडार न्यूज   प्रदेश में जय किसान फसल ऋण माफी योजना में मुख्यमंत्री कमलनाथ शुक्रवार 22 फरवरी को रतलाम जिले से किसानों के ऋण खातों में ऋण माफी की राशि अंतरण की कार्यवाही का शुभारंभ करेंगे। योजना के अंतर्गत स्वीकृतियाँ जारी करने का कार्य दिन-रात करके कार्यवाही को अंतिम रूप दिया गया है। कलेक्टर स्तर से ऋण माफी की स्वीकृतियाँ निरंतर पोर्टल पर प्राप्त की गईं। योजना में 9 राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से किसानों को लाभांवित किया जायेगा। यह बैंक हैं – स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब एण्ड सिंध बैंक, ओरिएण्टल बैंक ऑफ कामर्स, इलाहबाद बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेन्ट्रल एमपी ग्रामीण बैंक (आरआरबी), नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक। इन बैंकों के संचालक मण्डल के अनुमोदन से वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी के अंतर्गत आवश्यक कार्यवाही संपन्न की गई है। योजना के अंतर्गत प्रदेश में तहसीलवार लाभांवित होने वाले चिन्हित किसानों की कुल संख्या 25 लाख 49 हजार 451 है। इन्हें एक मार्च 2019 तक योजना के तहत राशि प्राप्त हो जायेगी।

किसानों को वितरित किये जाएंगे प्रमाण-पत्र

मुख्यमंत्री कमलनाथ।
उल्लेखनीय है कि जय किसान ऋण माफी योजना में 22 फरवरी से पात्र किसानों के बैंक खाते में भुगतान की कार्यवाही के साथ ही किसानों को सम्मान पत्र देने का निर्णय भी लिया गया है। प्रदेश में 25 फरवरी से एक मार्च तक 383 तहसीलों में सम्मेलन किये जाएंगे। सम्मेलन में चालू ऋण खाता धारक किसानों को कालातीत फसल ऋण माफी के प्रकरणों में ऋण माफी पत्र प्रदान किये जाएंगे। जिले के प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति के अनुमोदन के बाद संबंधित बैंक में योजना के प्रावधान के अनुसार राशि जमा कराई जायेगी। किसान सम्मेलन में किसानों को सम्मान पत्र फसल ऋण माफी प्रमाण-पत्र वितरित किये जाएंगे। जो किसान कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो पाएंगे, उन्हें पात्रतानुसार किसान सम्मान पत्र तथा फसल ऋण माफी पत्र उनके निवास पर मैदानी अमले द्वारा अनिवार्यत: पहुँचाने के निर्देश दिये गये हैं।
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चना, मसूर और सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीदी 25 मार्च से

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सांकेतिक फोटो।

* केन्द्र ने 15.62 लाख मीट्रिक टन खरीदी की स्वीकृति दी

भोपाल। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में रबी वर्ष-2018-19 की रबी उपज चना, मसूर और सरसों का समर्थन मूल्य पर उपार्जन 25 मार्च से 90 दिन तक किया जायेगा। केन्द्र शासन ने तीनों जीन्सों की कुल 15 लाख 62 हजार 500 मीट्रिक टन खरीदी का अनुमोदन प्रदान किया है। इसमें अधिकतम 11 लाख 48 हजार 750 मीट्रिक टन चना, एक लाख 69 हजार 750 मीट्रिक टन मसूर तथा अधिकतम 2 लाख 44 हजार मीट्रिक टन सरसों शामिल है। संबंधित संस्थानों को पंजीकृत कृषकों से समर्थन मूल्य पर औसत एफएक्यू गुणवत्ता का अनाज नियमानुसार उपार्जित करने के लिये कहा गया है। साथ ही, किसानों के खाते में उपार्जन के बाद तीन दिन में समर्थन मूल्य पर भुगतान करने के निर्देश दिये गये हैं।
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फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम | 3845 वालंटियर घर-घर जाकर “फाइलेरिया रोधी दवा” का कराएंगे सेवन

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* फाइलेरिया दिवस पर 27 फरवरी को होगा 15 वां एमडीए कार्यक्रम का शुभारंभ

* कार्यक्रम के आयोजन हेतु जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक संपन्न

* जिले में दवा वितरण-सेवन की निगरानी करेंगे 383 सुपरवाइजर

* 17 हाईरिस्क ग्रामों में जिला स्तरीय अधिकारी करेंगे निरीक्षण

* गर्भवती माताओं, अतिवृद्ध और बीमार व्यक्तियों को नहीं खिलाई जाएगी दवा

पन्ना। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश का पन्ना जिला फाइलेरिया बीमारी के प्रकोप वाले जिलों में शामिल है। यहाँ साल दर साल नये फाइलेरिया रोगी चिंताजनक रूप से सामने आ रहे है। इसे दृष्टिगत रखते हुए फाइलेरिया उन्नमूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पन्ना जिले में विगत वर्ष की तरह इस वर्ष भी राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस के उपलक्ष्य पर 27 फरवरी 2019 को (15 वां एम.डी.ए.) कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। जिसमें दो वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को सामूहिक रूप से फाइलेरिया रोधी दवा (डी.ई.सी एवं एलवेन्डाजोल) का सेवन कराया जायेगा। इसके पश्चात दिनांक 28. फरवरी एवं 01 मार्च 2019 को पन्ना जिले में कार्यक्रम का मॉप अप राउंड आयोजित होगा जिसमें दवा सेवन से छूटे हुये लोगों को पुनः घर-घर जाकर दवा वितरकों द्वारा दवा सेवन कराया जायेगा। इस कार्य हेतु जिले में तीन हजार आठ सौ पैंतालीस दवा वितरक एवं तीन सौ तैरासी सुपरवाइजर की ड्यूटी लगाई गयी है।

जनमानस को करें जागरूक

एम.डी.ए. (मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) कार्यक्रम के सफल आयोजन के उद्देश्य से सोमवार 18 फरवरी 19 को कलेक्टर सभागार पन्ना में कलेक्टर मनोज खत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सभी विभाग प्रमुख एवं कार्यालय प्रमुख उपस्थित थे। कलेक्टर श्री खत्री ने निर्देशानुसार फाइलेरिया से प्रभावित जिले के सत्रह हाईरिस्क ग्राम-नगर में जिले स्तरीय अधिकारियों द्वारा स्वंय सामूहिक दवा सेवन का निरीक्षण किया जायेगा। इसके अलावा ग्रामों एवं नगरों में संबंधित निकाय द्वारा विशेष रूप से स्वच्छता अभियान संचालित करेंगे जिससे कि गंदे पानी में-नालियों में पनपने वाले क्यूलेक्स मच्छर से होने वाली हाथी पांव एवं हाइड्रोसिल जैसी बीमारियों को नियंत्रित किया जा सके। कलेक्टर मनोज खत्री ने फाइलेरिया रोग के प्रति जान जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से सभी विभाग प्रमुखों को अपने कार्यालयों में फाइलेरिया से संबंधित आइ.ई.सी. (प्रचार-प्रसार) सामग्री का प्रदर्शन करने एवं दवा सेवन के लिए कर्मचारियों एवं नागरिकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।

5 से 8 वर्ष तक करना पड़ता है दवा का सेवन

सांकेतिक फोटो।
बैठक में कार्यक्रम की जटिलता को स्पष्ट करते हुये मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना डॉ. एल.के. तिवारी द्वारा मनुष्य और मच्छर के बीच फाइलेरिया के कृमि का संचार रोकने के लिए सामूहिक दवा सेवन (एम.डी.ए.) को आवश्यक बताया गया और स्पष्ट किया गया कि यदि पांच से आठ वर्ष तक सभी लोग फाइलेरिया की दवा का लगातार वर्ष में एकबार सेवन करें तो जिले से अथवा किसी समुदाय से फाइलेरिया बीमारी के नये प्रकरणो को प्रकट होने से रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि गर्भवती माताओं, अतिवृद्ध और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियो को छोड़कर दो वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को फाइलेरिया रोधी दवा सामूहिक रूप से खिलाई जाएगी। बैठक में जिला मलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत सहित सभी विभाग प्रमुख उपस्थित रहे।
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मच्छरों के डंक से गरीबों को सुरक्षा प्रदान करने में लापरवाही ! मेडिकेटिड मच्छरदानियों का नहीं किया वितरण

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सांकेतिक फोटो।

* मलेरिया मुक्त पन्ना जिले का लक्ष्य कैसे होगा हाँसिल

* 26 जनवरी को शुभारंभ कराने के बाद नहीं बाँटीं नि:शुल्क मच्छरदानियां

पन्ना। रडार न्यूज   मच्छर जनित रोग मलेरिया-फाइलेरिया के प्रकोप के मामले में पन्ना जिला मध्यप्रदेश और देश के शीर्ष जिलों की सूची में शामिल होने के बाबजूद जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बैक्टर जनित रोगों से जनमानस के बचाव और मलेरिया मुक्त जिले का लक्ष्य हाँसिल करने के प्रति ईमानदार नहीं है ! जिले में गरीब परिवारों को मच्छरों के डंक से सुरक्षा प्रदान करने के लिए मेडिकेटिड मच्छरदानियों का नि:शुल्क वितरण अब तक प्रारंभ न होने से तो यही जाहिर होता है। जबकि मेडिकेटिड मच्छरदानी (एल.एल.आई.एन.) के नि:शुल्क वितरण का शुभारंभ 26 जनवरी 2019 को हो गया था। करीब एक माह बाद भी पात्र व्यक्तियों को मेडिकेटिड मच्छरदानियों का वितरण करना तो दूर इन्हें अब तक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों से चिन्हित ग्रामों के आरोग्य केन्द्रों पर भी नहीं भेजा गया। ग्राम स्तर पर इन मच्छरदानियों का वितरण आरोग्य केन्द्रों से किया जाना है। मालूम होकि मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में मेडिकेटिड मच्छरदानियों का वितरण काफी पहले शुरू हो गया है लेकिन पन्ना जिले में इसे लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्वास्थ्य आयुक्त भोपाल ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
फाइल फोटो।
स्वास्थ्य आयुक्त ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना को एल.एल.आई.एन. का पूर्ण वितरण तत्परता से चालू महीने में ही सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि एल.एल.आई.एन वितरण कार्यक्रम में हुई अनावश्यक देरी के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना को कथित तौर जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। क्योंकि इनके द्वारा मच्छरदानियों का बीएमओ कार्यालयों के भण्डार गृहों से आरोग्य केन्द्रों के लिए समय पर नहीं परिवहन कराया गया। जबकि इस कार्य के लिए सीएमएचओ के पास पर्याप्त बजट उपलब्ध है। आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता के बाबजूद एल.एल.आई.एन वितरण कार्यक्रम पर जिम्मेदारों की लापरवाही और अरुचि भारी पड़ती दिख रही है। मजेदार बात यह है कि शासन के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को पन्ना जिले में सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में 21 विभागों के प्रमुखों की एक जिला स्तरीय समन्वय समिति गठित की गई थी। मेडिकेटिड मच्छरदानियों के वितरण में इतनी देरी क्यों हुई और जिला स्तरीय समन्वय समिति द्वारा शासन की मंशानुरूप कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए किस तरह की भूमिका अदा की जा रही यह भी बड़ा सवाल है।

इन बीमारियों से मिलेगी सुरक्षा

सांकेतिक फोटो।
मेडिकेटिड मच्छरदानी का उपयोग मच्छर जनित बीमारियों जैसे- मलेरिया, फाईलेरिया, डेंगू, चिकुनगुन्या, जापानी मस्तिष्क ज्वर, काला बुखार आदि बीमारियों से सुरक्षा कवच प्रदान करता है। कुछ सावधानियों के साथ यदि इसका उपयोग किया जाये तो कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी तीन वर्ष तक 20 बार धोने के बाद भी असरकारक बनी रहती है। उल्लेखनीय है कि मेडिकेटिड मच्छरदानियों का वितरण जिले के चिन्हित ग्रामों में 6 सदस्यीय समिति के द्वारा किया जाना है। इस समिति में ग्राम सरपंच, सचिव, एमपीडब्ल्यू, एएनएम, आंगनवाडी कार्यकर्ता तथा आशा कार्यकर्ता शामिल हैं।

                फैक्ट फाइल

268700 मेडिकेटिड मच्छरदानियों का होगा नि:शुल्क वितरण
482000 व्यक्तियों को मच्छर जनित रोगों से मिलेगी सुरक्षा
496 चिन्हित ग्रामों और नगरीय निकायों किया जाएगा वितरण
3 साईज में हैं उपलब्ध, अधिकतम 3 व्यक्ति कर सकते हैं उपयोग
मेडिकेटिड मच्छरदानी के संपर्क में आते ही मर जाते है मच्छर
3 साल तक 20 बार धोने के बाद भी मच्छर मारने में रहेगी सक्षम

इनका कहना है-

मेडिकेटिड मच्छरदानी वितरण में देरी तो हुई है क्योंकि इनका परिवहन ग्राम स्तर तक नहीं हो पाया है, इस संबंध से आप अधिक जानकारी के लिए सीएमएचओ साहब से चर्चा कर सकते हैं क्योंकि इसे वे ही देख रहे हैं।

हरिमोहन रावत, जिला मलेरिया अधिकारी पन्ना।

मेडिकेटिड मच्छरदानी वितरण बड़ा कार्यक्रम है, निश्चित ही इसका शुभारंभ 26 जनवरी को हो गया था लेकिन अभी इन्हें बीएमओ के पास से उप स्वास्थ्य केन्द्रों तक और फिर वहाँ से वितरण हेतु आरोग्य केन्द्रों तक पहुँचाना है। इनके परिवहन की कार्यवाही सोमवार से शुरू होगी। इनके वितरण में किसी तरह की लापरवाही जैसी कोई बात नहीं है।

डॉ एल. के. तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना।

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“सबको समय पर न्याय मिलेगा तो लोकतंत्र होगा मजबूत” : मुख्यमंत्री कमलनाथ

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जबलपुर में म.प्र. न्यायाधीश संघ के अधिवेशन का शुभारंभ किया।

* प्रदेश में 3 दिसम्बर को मनाया जायेगा अधिवक्ता दिवस

* जबलपुर में मध्यप्रदेश न्यायाधीश संघ के अधिवेशन का शुभारंभ

भोपाल। रडार न्यूज  मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शनिवार 16 फरवरी को जबलपुर में मध्यप्रदेश न्यायाधीश संघ के अधिवेशन का शुभारंभ करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती का सबसे बड़ा आधार न्याय है। सबको समय पर न्याय मिलेगा, तो लोकतंत्र मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर तीन दिसम्बर को अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एस.के. सेठ की अध्यक्षता में शुरू हुए अधिवेशन में विशिष्ट अतिथि विधि एवं विधायी कार्य, जनसम्पर्क तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री पी.सी. शर्मा थे।

पीड़ितों को न्याय दिलाने में सरकार सहयोग करेगी


मुख्यमंत्री ने म.प्र. न्यायाधीश संघ के अधिवेशन को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि लोगों को न्याय मिलने से ही लोकतंत्र सुदृढ़ होता है। मध्यप्रदेश सरकार न्यायिक व्यवस्था को सभी आवश्यक संसाधन और सुविधाएँ उपलब्ध करवाने में पीछे नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को दुनिया के लिए आदर्श बताते हुए कहा कि विविधता से परिपूर्ण हमारे देश की न्यायिक व्यवस्था ही हमारे लोकतंत्र को पोषित और संरक्षित कर रही है। उन्होंने कहा लोकतंत्र का अर्थ है स्वतंत्रता, समानता और न्याय। स्वतंत्रता और समानता की सीमाएँ हैं परन्तु न्याय असीमित है। न्याय ही हमें स्वतंत्रता और समानता दिलाता है। हमें यह बात हमेशा ध्यान रखना होगी कि जब तक सबसे निर्धन और कमजोर तबके तक न्याय नहीं पहुँच जाता, तब तक न्याय का काम पूरा नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए न्यायिक संरचना को और अधिक सशक्त बनाना होगा। उन्होंने कहा कि निचली अदालतों को सुदृढ़ बनाया जाएगा। पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने में सरकार पूरा सहयोग करेगी। श्री नाथ ने कहा कि आज के दौर में न्यायपालिका को नए प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए आधुनिक रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने उच्च न्यायालय और जिला न्यायालयों को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने की बात कही।

एमपी में न्यायिक प्रतिबद्धता का स्तर सराहनीय

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस एस.के. सेठ ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद मध्यप्रदेश में न्यायिक प्रतिबद्धता का स्तर सराहनीय है। उन्होंने मेडिको लीगल प्रकरण, मुकदमों एवं लम्बित मामलों की बढ़ती संख्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में नई भर्तियों, सुचारू संचालन के साथ-साथ आवश्यक वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता से न्यायपालिका की दक्षता को बढ़ाया जा सकता है। विधि-विधायी कार्य मंत्री शर्मा ने पुलवामा में शहीद हुए जबलपुर जिले के अश्वनी कुमार को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए कहा कि जबलपुर से पूरे प्रदेश में संस्कार का संचार होता है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वचन-पत्र के मुताबिक न्यायिक क्षेत्र में अधोसंरचना विकास और न्यायालयों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देगी।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के प्रशासनिक जज एच.जी. रमेश, पोर्टफोलियो जज आर.एस. झा, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, महाधिवक्ता राजेन्द्र तिवारी, न्यायाधीश संघ के अध्यक्ष डी.के. नायक ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर म.प्र. उच्च न्यायालय, जिला न्यायालयों के न्यायाधीश और न्यायाधीश संघ के पदाधिकारी मौजूद थे।
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प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी संचालनालय का गठन होगा, महिलाओं को 24 घंटे आपातकालीन सहायता देने हेल्पलाइन योजना को स्वीकृति

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जबलपुर में प्रेस से चर्चा की।.

* पहली बार जबलपुर में हुई कैबिनेट की बैठक, सीएम कमलनाथ ने की अध्यक्षता

भोपाल। रडार न्यूज   मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में शनिवार 16 फरवरी को पहली बार जबलपुर में संपन्न मंत्रि-परिषद बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी संचालनालय एवं उसके लिए आवश्यक कैडर के गठन को मंजूरी दी गई। बैठक में महिलाओं को आपातकालीन स्थिति में सहायता देने के लिए 24 घंटे महिला हेल्पलाइन 181 (टोल फ्री नंबर) योजना को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में प्रोद्यौगिकी के क्षेत्र में हो रहे विस्तार के परिप्रेक्ष्य में सूचना प्रौद्योगिकी संचालनालय के गठन के साथ ही सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स प्रोजेक्ट ई-मिशन को जारी रखने को मंजूरी दी। यह मिशन 2017-18 से 2019-20 तक चालू रहेगा।

हेल्पलाइन केन्द्रों के लिए 27 पद मंजूर 

मंत्रि-परिषद ने महिलाओं को आपातकालीन सहायता देने की मंशा से महिला हेल्पलाइन केन्द्रों के लिए 27 पदों की पूर्ति आऊटसोर्स से करने के लिए एक करोड़ सात लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। महिला हेल्पलाइन 181 को वर्तमान में उपलब्ध सभी आपातकालीन सेवाओं का वन स्टाप सेन्टर तथा अन्य हेल्पलाइन से जोड़ा जायेगा। किसी भी दूरसंचार माध्यम से 181 नंबर का उपयोग किया जा सकता है। हेल्पलाइन केन्द्रों से हिंसा पीड़ित महिलाओं को दूरसंचार के जरिए 24 घंटे सहायता मिलेगी। पीड़ित महिला को आपातकालीन सेवाओं के साथ विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी जायेगी।
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश में दूरसंचार सेवा, इंटरनेट सेवा, अधोसंरचना प्रदाताओं द्वारा वायर लाइन एवं वायरलेस आधारित वाइस एवं डाटा पहुँच सेवाएँ उपलब्ध करवाने के लिए नीति 2019 के दिशा-निर्देश का अनुमोदन किया। शहरी क्षेत्रों में मोबाइल टावर स्थापना के संबंध में मध्यप्रदेश नगर पालिका नियम 2012 में प्रस्तावित संशोधनों को सैद्धांतिक अनुमति प्रदान की गई ।

लोकसभा चुनाव के लिये 1634 पदों की मंजूरी

फाइल फोटो।
मंत्रि-परिषद ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में 76, जिला निर्वाचन कार्यालयों के लिए 408 तथा रिटर्निंग आफिसर कार्यालयों के लिए 1150 कुल 1634 पदों की पूर्ति, प्रति नियुक्ति, आउटसोर्स और पदोन्नति से करने को मंजूरी दी। इन पदों का निर्माण एक मार्च 2019 से 30 जून 2019 तक के लिए होगा। मंत्रि-परिषद ने संयुक्त आवासीय आयुक्त मुंबई को कार्यालय प्रमुख और आहरण संवितरण अधिकारी घोषित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की।

शहीदों को मंत्रि-परिषद ने दी श्रृद्धांजलि

मंत्रि-परिषद की बैठक में जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के अश्वनी काछी और अन्य शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। बैठक के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ सहित सभी उपस्थित मंत्रियों ने दो मिनिट का मौन धारण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
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