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प्रदेश सरकार ने 52 दिन में किसान ऋण माफी सहित 26 वचनों को पूरा किया

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मुख्यमंत्री कमलनाथ।

* मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिखाई अपनी सरकार की तेज गति

भोपाल। रडार न्यूज   मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने 52 दिन के कार्यकाल में वचन-पत्र में जनता से किये गये 26 वचनों की पूर्ति के जरिए बता दिया कि जन-हित और प्रदेश हित सरकार का लक्ष्य होगा। शपथ लेने के 2 घंटे बाद ही प्रदेश के 55 लाख किसानों के 50 हजार करोड़ के ऋण माफ करने का निर्णय लेकर वचन-पत्र का पहला वचन पूरा किया गया। यही नहीं उन्होंने मुख्य सचिव को वचन-पत्र सौंपकर मंशा जतायी कि अगले पाँच साल का मुख्य एजेंडा यही है, इसे पूरा करना होगा।

पहले दिन से ही वर्किंग मोड पर

सत्रह दिसम्बर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही कमल नाथ सरकार ‘वर्किंग मोड’ पर आ गई और उन्होंने अपनी सरकार के काम करने की तेज गति को बताया। किसानों के बाद युवाओं को रोजगार देने के वचन-पत्र के दूसरे बिन्दु को पूरा करने के लिये निर्णय लिया गया कि अब उद्योगों में 70 प्रतिशत रोजगार प्रदेश के स्थानीय लोगों को देना जरुरी होगा। प्रदेश के विकास में युवाओं की भूमिका सुनिश्चित करने और युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिये मोहना, धार, भोपाल, छिंदवाड़ा और जावरा में टेक्सटाईल पार्कों की स्थापना का फैसला किया। युवा स्वाभिमान योजना के जरिये युवाओं को 100 दिन का काम उपलब्ध कराने के साथ-साथ कौशल विकास के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई।
वचन-पत्र के तीसरे बिन्दु कन्या विवाह-निकाह योजना का अनुदान 28 से बढ़ाकर 51 हजार रुपये करने का निर्णय लिया। वृद्धावस्था तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 600 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया। दिव्यांग महिला और सामान्य पुरुष के बीच विवाह को बढ़ावा देने के लिये प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये की गई।

पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश

आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में दिन-रात लगे रहने वाले पुलिस कर्मियों के हित में पुलिस बल को एक दिन का साप्ताहिक अवकाश देने का फैसला लागू हो गया है। पुलिस बल में 50 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती और उनका आवास भत्ता बढ़ाकर 5 हजार रुपये करने का भी प्रस्ताव प्रक्रिया में है।

नया आध्यात्म विभाग गठित

वचन-पत्र के एक और बिन्दु को पूरा करते हुए सर्वधर्म समभाव बढ़ाने के लिये नया आध्यात्म विभाग गठित किया। ताप्ती, मंदाकिनी और क्षिप्रा नदी न्यास भी गठित करने का फैसला लिया। मंदिरों के पुजारियों को वेतन 1500 से बढ़ाकर 3 हजार रुपये करने के बाद ही प्रदेश में 1000 गौ-शालाएँ निराश्रित गायों के लिये खोलने का निर्णय लिया। इससे प्रदेश की एक लाख निराश्रित गायों को आसरा मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 3600 लोगों को इलाहाबाद में हो रहे कुंभ में भेजने का फैसला लिया। इसके लिये 12 फरवरी, 14 फरवरी, 22 फरवरी एवं 24 फरवरी को विशेष ट्रेन रवाना होगी। वंदे मातरम को नए सिरे से भव्य स्वरूप में शुरू कर लोगों में देश भक्ति की एक नई भावना का संचार दिया गया।

अल्प समय में जनहित के अनेक फैसले

अल्प समय में कमल नाथ सरकार ने जनहित के अनेक फैसले लिये। शासकीय विद्यालयों में 52 रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की। मादक द्रव्यों के अवैध व्यापार पर सख्ती से रोक लगाने, आशा कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने और बिजली की सतत् सुचारु आपूर्ति के लिये खराब ट्रांसफार्मर तत्काल बदलने के निर्देश दिये। ग्रामीण परिवहन सेवा को बेहतर बनाने के साथ ही प्रत्येक हल्के पर पटवारी पदस्थ करने को कहा।

कृषक हित संबंधी अनेक फैसले

फाइल फोटो।
वचन-पत्र के मुताबिक किसानों को दिये जाने वाले 2 लाख रुपये मूल्य तक के कृषि उपकरणों पर 50 प्रतिशत का अनुदान देने का आदेश जारी किया। आधुनिक तकनीक से सब्जियों, फसलों, औषधियों और फूल उगाने वाले उत्पादको के पॉली हाउस और ग्रीन हाउसों का आकार 1000 से 5000 हजार वर्ग फिट तय किया गया। इसके लिये उनको ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। किसानों को दस हार्स पावर तक पंपों के लिये आधी दरों पर बिजली देने की व्यवस्था की जा रही है। सभी घरों में 100 यूनिट तक की बिजली खपत पर 100 रुपये का बिल आये, इसकी तैयारी की जा रही है। वचन-पत्र के एक और बिन्दु के जरिये आधुनिक तकनीक से मृदा और बीज के परीक्षण की सुविधा किसानों को दी गयी। खरबूज, तरबूज, सिंघाड़े और कमल ककड़ी की खेती को फसल कार्यक्रम में शामिल कर उन्नत बीज बाजार एवं अनुदान देने के आदेश भी जारी हो गये हैं। वचन-पत्र के अनुसार गैर-कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली देने का वादा पूरा कर दिया गया है।

बिजली बिल सुधार और प्रदाय संबंधी फैसले

इसी तरह बिजली सप्लाई, ट्रांसफार्मर की बिजली फेल होने और शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में गलत बिजली बिल बनने की शिकायतों के लिये कॉल-सेंटर बनाये गये हैं। शिकायत 1912 पर दर्ज करवायी जा सकती है। समय-सीमा में इनका निराकरण हो, इसके लिये निर्देश दिये गये हैं। ये कॉल-सेंटर 24 घंटे कार्यरत रहेंगे। आउटसोर्स कर्मचारियों के मुद्दों के निराकरण के लिये एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी के एच.आर. हेड की अध्यक्षता में समिति गठित की गयी है।
घाटे में चल रहे मध्यप्रदेश पर्यटन निगम के होटलों को निजी क्षेत्र में देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। दस होटल 30 साल की लीज पर दिये जा चुके हैं और 11 होटलों का चयन भी कर लिया गया है। वचन-पत्र के मुताबिक 10 हेरीटेज भवन को निजी क्षेत्र में देने के लिये चिन्हित किया गया है। भोपाल स्थित मिंटो हॉल को हेरीटेज कन्वेंशन में बदला गया है।

खिलाड़ियों को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री कमलनाथ।
वचन-पत्र के मुताबिक राज्य स्तरीय मैडल जीतने वाले खिलाड़ियों को कोचिंग और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सेदारी के लिये सभी तरह का सहयोग प्रदान करने के आदेश जारी कर दिये गये हैं। भविष्य में सभी खेल प्रतियोगिताओं में महिला खिलाड़ियों के साथ महिला खेल अधिकारी या महिला कोच को भेजा जाना अनिवार्य किया गया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को जिला खेल अधिकारी का नियंत्रक एवं नोडल अधिकारी बनाया गया है। ये खेल विभाग के अतिरिक्त पदेन निदेशक होंगे।
ग्राम-सभाओं में महिलाओं की विशेष भागीदारी के लिये 8 मार्च-अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सबला महिला सभा और 19 नवम्बर को प्रियदर्शनी महिला सभा की जायेगी। प्रदेश के राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को सम्मान देने के उद्देश्य से बादल भोई और जनगण श्याम के नाम पर पुरस्कार स्थापित किये गये। अनुसूचित-जनजाति के युवाओं के कौशल विकास के लिये जिला स्तर पर कोचिंग सेंटर खोले गये। चिन्हित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) को मजबूत बनाया गया है। उपभोक्ताओं के लिये एफपीएस युक्त 30 गोदाम का निर्माण और बेहतर निगरानी के लिये आई.टी. सिस्टम का निर्माण किया जा रहा है। भोपाल बीआरटीएस की मौजूदा स्थिति के आंकलन और संभावित सुधार के लिये मेनिट को नियुक्त किया गया है। फिलहाल बीसीएलएल द्वारा स्कूल बसों को बीआरटीएस ट्रेक पर कुछ शर्तों के साथ चलाने की इजाजत दी गयी है।

रियायती दर पर दाल वितरण

कमल नाथ सरकार ने उचित मूल्य की 24 हजार से अधिक दुकानों से 1 लाख 17 हजार पात्र परिवारों को रियायती दर पर प्रतिमाह चार किलो दाल वितरण की शुरुआत की। गुमाश्ता कानून में नवीनीकरण की अनिवार्यता समाप्त कर दस लाख से अधिक छोटे व्यावसाइयों को लाभान्वित किया। सभी नगरीय निकायों को शव-वाहन उपलब्ध कराने का फैसला भी सरकार ने लिया।

अस्पताल और स्वास्थ्य केन्द्रों पर गंदगी मिलने पर होगी सख्त कार्यवाही

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लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कोलार स्थित स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया।

* स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट ने सफाई व्यवस्था के लिये दिये कड़े निर्देश

भोपाल। रडार न्यूज  लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि स्वास्थ्य केन्द्र और अस्पताल परिसर में गन्दगी पाये जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी। मंत्री श्री सिलावट आज यहाँ कोलार स्थित स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर रहे थे। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिये कि अस्पताल में पानी सप्लाई की टंकियों की हर 15 दिन में सफाई सुनिश्चित हो। पेयजल के लिये ऑरो सिस्टम लगाये जायें।
कोलार स्वास्थ्य केन्द्र में ओपीडी में मरीजों की कतार मिलने पर उन्होंने कहा कि पंजीयन के काउन्टर बढ़ाये जायें और ओपीडी कक्ष में मरीजों के लिये बैठनें की व्यवस्था की जाये। निरीक्षण के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ के कक्ष में उचित परीक्षण टेबल नहीं होने और प्रसूताओं को भोजन नहीं दिये जाने पर मंत्री सिलावट ने सीएमएचओ को तत्काल बेहतर व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के लिये कहा।
मंत्री सिलावट ने कोलार स्वास्थ्य केन्द्र के अतिकुपोषित बच्चों के एनआरसी वार्ड में पलंग के बीच में पर्याप्त स्पेस नहीं होने पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छोटे से कक्ष में 10 पलंग लगाये गये हैं। दो पलंग के बीच में पर्याप्त स्पेस नहीं रखा गया है। उन्होंने निर्देश दिये कि वार्ड का विस्तार कर पलंगों के बीच में पर्याप्त दूरी रखी जाये। निरीक्षण के दौरान विधायक रघुराज सिंह कंसाना और पंकज चतुर्वेदी भी साथ थे।

किसानों की पीड़ा दूर कर उन्हें समृद्ध बनाने लागू की ऋण माफ़ी योजना, क्योंकि जब किसान मजबूत होगा तभी प्रदेश और देश मजबूत होगा : मंत्री प्रभुराम

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जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला को संबोधित करते पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी।

* प्रभारी मंत्री ने जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला पहुंचकर की कृषकों से चर्चा

* विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गयी किसान उपयोगी प्रदर्शनी को सराहा

पन्ना रडार न्यूज   प्रदेश के शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी बुधवार को कृषि उपज मण्डी प्रांगण पन्ना में आयोजित जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसान देश के विकास की नींव का पत्थर हैं, जब किसान मजबूत होगा तभी प्रदेश और देश मजबूत हो सकता है। इस बात के महत्व को समझते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने शपथ लेने के तत्काल बाद जय किसान फसल ऋण माफी योजना के रूप में किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रदेश के कृषकों को समृद्धशाली बनाने तथा पीड़ित कृषकों की पीड़ा को दूर करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। योजना के क्रियान्वयन में बैंक एवं जिला प्रशासन के सभी अधिकारी, कर्मचारी पूरी लगन एवं निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। जिले के हर पात्र कृषक को योजना का लाभ अनिवार्य रूप से मिले। इसके अतिरिक्त जिले में चल रही अन्य सभी जनहित की योजनाओं का भी लाभ समाज के हर वर्ग, हर तबके एवं दूरस्थ अचंलों में निवास कर रहे लोगों को भी मिले। यह अपेक्षा उन्होंने जिले के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों से की। मंत्री डॉ. चौधरी दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी कार्यक्रम के समापन दिवस पर जिलेभर से पहुंचेकृषकों को सम्बोधित कर रहे थे।

विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का किया अवलोकन

जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी कार्यक्रम में पहुंचते ही शिक्षा मंत्री मध्यप्रदेश शासन एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी द्वारा सबसे पहले कृषि संबंधी विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गयी किसान उपयोगी प्रदर्शनियों का अवलोकन किया गया। उन्होंने प्रवेश द्वार पर ही किसानों के पंजीयन के लिए बनाए गए काउंटर एवं मॉडल रूप में बनाई गयी विभागीय प्रदर्शनी की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से किसान भाईयों को दी जा रही व्यवहारिक जानकारियों से निश्चित ही उन्हें लाभ पहुंचेगा। उल्लेखनीय है कि कृषि विज्ञान मेले में कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन अन्तर्गत विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी, उद्यानिकी विभाग अन्तर्गत मशरूम कल्चर, एजोला कल्चर पर आधारित एवं पशुपालन विभाग द्वारा उन्नत नस्ल एवं दुग्ध उत्पादन पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गयी थी।

राजू को सौंपी मोबाइल मार्केट वेन की चाबी

जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी कार्यक्रम में मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी द्वारा मत्स्य विभाग की नील क्रांति योजना के अन्तर्गत राजू रैकवार अध्यक्ष मत्स्य उद्योग सहकारी समिति पन्ना को मोबाइल मार्केट वेन की चाबी प्रदाय की गयी। रूपये 10 लाख की लागत की इस वेन के लिए योजना अन्तर्गत 4 लाख रूपये का अनुदान दिया गया है। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों डॉ. बी.एस. किरार एवं डॉ. धर्मेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा टिकाउ खेती, बीज चयन, उन्नत खेती, कीटों की फसलों की सुरक्षा आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं वैज्ञानिक सलाह दी गयी।
बुन्देलखण्डी गायिका श्रीमती शांति देवी द्वारा बुन्देली गीतों के माध्यम से कृषकों को उन्नत खेती की जानकारी मनोरंजक ढंग से दी गयी। इस अवसर पर विधायक गुनौर शिवदयाल बागरी, पूर्व मंत्री केप्टन जयपाल सिंह, कलेक्टर मनोज खत्री, पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, उप संचालक कृषि ए.पी. सुमन, पूर्व विधायक पन्ना श्रीकांत दुबे, श्रीमती दिव्यारानी सिंह, केशव प्रताप सिंह, शशिकांत दीक्षित, मनीष मिश्रा, शिवजीत सिंह, अनुराधा शेंडगे, मीना यादव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, कर्मचारी, पत्रकारबन्धु तथा बड़ी संख्या में जिलेभर से आए हुए कृषक भाई -बहनें उपस्थित रहे।

किसानों को मिले फसल ऋण माफी योजना का लाभ, दोषियों को सबक सिखाने करें कार्यवाही : प्रभुराम

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* प्रभारी मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी की अध्यक्षता में जियोस की बैठक आयोजित

* पेयजल समस्या से निपटने अभी से कार्ययोजना बनाकर करें क्रियान्वयन

* विद्युत शिकायत संबंधी नम्बर 1912 हर पंचायत भवन के बाहर लिखवायें

पन्ना रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में करीब डेढ़ माह पूर्व कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद बुधवार 6 फरवरी को पन्ना में जिले के नए प्रभारी मंत्री एवं मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी की अध्यक्षता में नवीन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला योजना समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिला योजना समिति पन्ना की पूर्व बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा के उपरांत प्रभारी मंत्री डॉ. चौधरी ने विद्युत विभाग, जय किसान फसल ऋण माफी योजना, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विभिन्न दिशानिर्देश दिए। इस दौरान समिति के सदस्यों की समस्याएं भी सुनीं गयी और उनके निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

विधुत कटौती से पूर्व उपभोक्ताओं को दें सूचना

बैठक में विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि कार्यपालन यंत्री विद्युत मंडल ट्रांसफार्मर जलने के बाद भी आ रहे बिजली के बिल संबंधी शिकायतों का यथाशीघ्र निराकरण कराएं। विद्युत संबंधी शिकायतों के लिए आवंटित टोल फ्री नम्बर 1912 का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। हर ग्राम पंचायत भवन की बाहरी दीवार पर यह नम्बर लिखवाया जाए। जिससे ग्रामवासी तत्काल अपनी समस्या दर्ज करा सकें। उन्होंने कहा कि विद्युत संबंधी विभिन्नरिपेयरिंग कार्यो के दौरान विद्युत बाधित होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को पहले से समय रहते सूचित कर दिया जाए जिससे उन्हें जानकारी के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े। यह किसान फसल ऋण माफी योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि शासन की मंशा अनुरूप किसानों को योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। प्रकाश में आए धोखाधड़ी वाले प्रकरणों की विधिवत जांच कराई जाए और दोषियों को सबक सिखाया जाए। उन्होंने बैंकर्स से भी कहा कि शीघ्र मिलान कर प्रोविजनल लिस्ट जारी करें जिससे समय पर सभी अग्रिम कार्यवाहियां पूर्ण करते हुए पात्र कृषकों को योजना का लाभ दिलाया जा सके।

कागजों में नहीं धरातल पर चालू हों नलजल योजनाएं

मंत्री डॉ. चौधरी ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि कार्यपालन यंत्री पेयजल उपलब्धता पर विशेष ध्यान दें। किसी भी स्थिति में पेयजल का संकट उत्पन्न नहीं होना चाहिए। हैण्डपम्पों का सुधार कराया जाए। सुधार योग्य बंद नलजल योजनाओं को शीघ्र चालू कराया जाए। ये सिर्फ कागजों पर नहीं बल्कि धरातल पर चालू होनी चाहिए। पानी की समस्या से निपटने के लिए पहले से कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन करें। कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत यह सुनिश्चित करें कि नलजल योजना की पाइप लाइन बिछाने के दौरान सीसी सडकों को अनावश्यक क्षतिग्रस्त न किया जाए। नियमानुसार समय पर मरम्मत कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने चालू एवं बंद सभी नलजल योजनाओं की सूची जिला योजना समिति के सभी सदस्यों को सौंपने के निर्देश कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को दिए। जिससे समिति के सदस्य स्वयं मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन कर वस्तुस्थिति से अवगत हो सके।

शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने सब मिलकर प्रयास करें

शिक्षा की समीक्षा करते हुए मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि विगत दिवस नवाचार करते हुए 2 फरवरी को प्रदेश की सभी शासकीय शालाओं में अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन कराया गया है। इससे अभिभावकों को अपने बच्चों को और बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलेगा। साथ ही अभिभावक शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चे के भौतिक स्तर का आंकलन कर शिक्षकों के साथ मिलकर बच्चे के विकास में पूर्ण सहयोग दे सकेंगे। आगे भी नियमित रूप से इस तरह की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को गणवेश का वितरण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए। स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार की जा रही गणवेशों में जिला प्रशासन गुणवत्ता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराएं।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमित स्कूलों का निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान बच्चों की उत्तर पुस्तिकाओं एवं उनके ज्ञान का आंकलन अनिवार्य रूप से करें। अन्य विभागों के अधिकारी भी शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर करने के प्रयास में सक्रिय सहयोग करें। हमें उपलब्ध संसाधनों में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने का प्रयास करना है। कलेक्टर जिले में शिक्षा की वर्तमान स्थिति के पीछे कारणों का आंकलन करें और उसमें सुधार के प्रयास करें। आज के बच्चे कल का भविष्य हैं। उनका भविष्य सवांरना हम सबकी संयुक्त जिम्मेदारी है। बच्चों का शिक्षा में रूझान बढ़े, उनकी क्षमताओं का विकास हो और वे देश-विदेश में जिले का नाम रोशन कर सके इसके लिए शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की।

निर्देशों पर तत्परता से होगा अमल

जियोस की बैठक में उपस्थित सदस्य।
बैठक में कलेक्टर एवं सदस्य, सचिव जिला योजना समिति मनोज खत्री द्वारा जिले में जय किसान फसल ऋण माफी योजना के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी गयी। साथ ही उन्होंने प्रभारी मंत्री डॉ. चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का तत्परता के साथ पालन कराना सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया।बैठक में जिला योजना समिति के सदस्यों एवं स्थाई विशेष आमंत्रित सदस्यों में बृजेन्द्र प्रताप सिंह विधायक पन्ना, शिवदयाल बागरी विधायक गुनौर, रविराज सिंह यादव जिला पंचायत अध्यक्ष, माधवेन्द्र सिंह उपाध्यक्ष जिला पंचायत, ममता शर्मा, कालीशरण, श्रीमती पूनम सपेरा, जगदीश सिंह, स्वामी प्रसाद मिश्रा एवं अश्वनी भटनागर के अलावा पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा,वन मण्डलाधिकारी उत्तर एन.एस. यादव, वन मण्डलाधिकारी दक्षिण मीना मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अशोक चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के विभाग प्रमुख एवं कार्यालय प्रमुख मौजूद रहे।

इस स्कूल में बालिकाओं और शिक्षकों को लगता है डर, जानिए आखिर क्या है वजह !

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छायाकार : मनीष सारस्वत।

* स्कूल का पुराना जर्जर भवन धराशायी हुआ तो हो सकता है बड़ा हादसा

* बच्चियों के सिर पर मंडरा रहे गंभीर खतरे को लेकर उदासीन है जिम्मेदार

* हेडमास्टर ने सबको भेजे पत्र लेकिन सालभर से कोई देखने तक नहीं आया

शादिक खान, भानू गुप्ता पन्ना। रडार न्यूज  हमारी व्यवस्था क्या हादसा होने के बाद ही जागती है ? यह सवाल अक्सर ही उठता रहता है, क्योंकि यह देखने में आया है कि कई मामलों में हादसों अथवा दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु समय रहते पुख्ता इंतजाम नहीं किये जाते हैं। जिम्मेदारों की इस आपराधिक लापरवाही के कारण कई बार निर्दोष लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ती या फिर बड़ी क्षति उठानी पड़ती है। बात अगर छोटे बच्चों की सुरक्षा की हो तो जिम्मेदारों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे इसमें किसी तरह की कोताही न बरतकर तत्परता से आवश्यक उपाय करेंगे। लेकिन, शासकीय मनहर कन्या माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला पन्ना के मामले ऐसा हुआ नहीं है। दरअसल इस शाला का प्राचीन भवन अत्यंत ही जर्जर स्थिति में होने से इसके किसी भी समय धराशायी होने का खतरा बना है।
प्रधानाध्यापिका नम्रता जैन।
शाला में पढ़ने वाली 170 बच्चियाँ और यहाँ पदस्थ शिक्षकगण हादसे की आशंका को लेकर अत्यंत चिंतित और भयभीत हैं। शाला की प्रधानाध्यापिका नम्रता जैन ने इस संबंध में जिला परियोजना समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान पन्ना, जिला शिक्षा अधिकारी, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण संभाग पन्ना और कलेक्टर पन्ना को पत्र भेजकर हालात की गंभीरता से अवगत कराया। लेकिन किसी ने आवश्यक सुरक्षा प्रबंध करना तो दूर शाला में जाकर वहाँ बच्चियों के सिर पर मँडराते खतरे की जानकारी लेना भी उचित नहीं समझा। इस पत्राचार को साल भर का समय हो रहा है लेकिन कथित जिम्मेदार व संवेदनशील अफसर अब तक जिला मुख्यालय की इस शाला में नहीं पहुँच सके। क्या इनकी नींद हादसा होने के बाद ही टूटेगी। उधर, हर दिन गुजरते समय के साथ बच्चियों और शिक्षकों की धड़कनें तेज हो रहीं है।

जर्जर भवन में लग रहीं कक्षाएं

प्रधानाध्यापिका द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को लिखा गया पत्र।
मध्यप्रदेश के पन्ना शहर के बीचों-बीच स्थित शासकीय मनहर कन्या माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला एक ही भवन में संचालित है। इसका आगे का हिस्सा करीब 100 वर्ष पुराना होने के कारण समुचित मरम्मत के आभाव में जर्जर हो चुका है। बारिश के दिनों में यहाँ के कमरों में पानी भर जाता है, जिससे करंट फैलने का खतरा बना रहता है। प्रधानाध्यापिका नम्रता जैन ने “रडार न्यूज” को बताया कि शाला के पिछले हिस्से में स्थित नवीन भवन में सिर्फ 6 कमरे स्थित हैं इसलिए 2 कक्षाएं पुराने जर्जर भवन में लगाना मजबूरी है। यहाँ हादसे की आशंका को लेकर बालिकाएँ और शिक्षक काफी डरे हुए रहते हैं। गौरतलब है कि श्रीमती जैन ने वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया है कि “शाला भवन पुराना है, इसका अग्रिम भाग जीर्ण -शीर्ण हो गया है। कभी भी किसी भी समय यह धराशायी हो सकता है तथा दुर्घटना हो सकती है। भवन में कक्षाएं लगती हैं, इसके अग्रिम भाग की मरम्मत तुरंत कराया जाना आवश्यक है। कृपया भवन का निरीक्षण कर तुरंत आवश्यक मरम्मत कराने की कृपा करें।” लेकिन कई माह गुजरने के बाद भी किसी को इस ओर ध्यान देने की फुर्सत ही नहीं मिली। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति तब है जब बात सैंकड़ों बच्चियों की जिंदगी की है। वरिष्ठ अधिकारियों की हद दर्जे की उदासीनता से परिलक्षित होता है कि इनके लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा महज जुमला बन चुका है।

अभिभावक नहीं कराते बेटियों का दाखिला

विष्णु त्रिपाठी, जिला परियोजना समन्वयक।
शासकीय मनहर कन्या माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला पन्ना के भवन के अगले हिस्से की जर्जर स्थिति के चलते यहां साल दर साल दाखिला घट रहा है। माध्यमिक शाला की प्रधानाध्यपिका नम्रता जैन की मानें तो अपनी बेटी की सुरक्षा की चिंता और शाला की बाहर से बदहाल स्थिति देखकर अभिभावक बच्चियों को यहाँ प्रवेश दिलाने से कतराते है। जिसका दुष्परिणाम छात्राओं की संख्या घटने के रूप में सामने आ रहा है। उल्लेखनीय है कि शाला भवन का अगला हिस्सा न सिर्फ जर्जर है बल्कि यह बाहर से देखने पर यह काल कोठरी नुमा लगता है। इसके कम ऊंचाई के प्रवेश द्वार और संकीर्ण तंग कमरे शाला के पिछले भाग की सुंदरता पर ग्रहण लगा रहे हैं। बाहरी भाग के प्राचीन स्थापत्य के कारण छोटे से इस शाला परिसर में शौंचालय और पार्किंग आदि की व्यवस्था भी नहीं बन पा रही है। यहाँ पढ़ने वाली छात्राएं भी शाला की बदहाली को लेकर हादसे की आशंका से डरी हुई हैं, इनकी माँग है कि शाला के जर्जर हिस्से को गिराकर नवीन निर्माण कराया जाए ताकि शाला की सुंदरता के साथ-साथ आवश्यक व्यवस्थाएँ बेहतर हो सकें।

इनका कहना है-

“शासकीय मनहर कन्या माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला पन्ना के भवन के जर्जर होने की जानकारी आपके द्वारा दी गई, मैं सहायक यंत्री को मौके पर भेजकर निरीक्षण कराऊँगा, सहायक यंत्री के प्रतिवेदन अनुसार भवन की मरम्मत अथवा उसे गिराकर नवीन निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही तत्परता से की जाएगी।”

विष्णु त्रिपाठी, जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र पन्ना।

फैसला : छेड़छाड़ के मामले में राजीनामा होने के बावजूद न्यायालय ने आरोपी को सुनाई सजा, जुर्माना भी लगाया

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सांकेतिक चित्र।
पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में छेड़छाड़ के एक मामले में पीड़िता तथा आरोपी के बीच समझौता होने के बाबजूद न्यायालय ने अभियुक्‍त विष्‍णु साहू पिता रामकिशोर उर्फ बड़े साहू निवासी ग्राम छतैनी थाना धरमपुर को आईपीसी की धारा 354 में दोषी मानते हुए न्‍यायालय उठने तक की सजा सुनाई है। न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट प्रथम श्रेणी अजयगढ़ अरविन्‍द कुमार बरला ने निर्णय पारित करते हुए अभियुक्त को 500 रूपये अर्थदण्‍ड से भी दण्डित किया है। न्यायालय के इस निर्णय की काफी चर्चा हो रही है।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना आशुतोष कुमार द्विवेदी ने न्यायालय के निर्णय के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि दिनाँक 13 अक्टूबर 2017 को फरियादिया अपने खेत में बने मकान में थी, तभी आरोपी विष्‍णु साहू उसे अकेला देखकर बुरी नियत से उसका हाथ पकड़कर खींचने लगा। छेड़छाड़ का विरोध करते हुए फरियादिया के चींखने-चिल्लाने पर घर के लोग आ गए। इस बीच आरोपी मौके से फरार हो गया।
पीड़िता के द्वारा घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना धरमपुर में दर्ज कराई गई। जिस पर पुलिस ने आरोपी विष्‍णु साहू के विरुद्ध अपराध क्रमांक 139/17 पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत अभियोग-पत्र न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किया गया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान फरियादिया तथा आरोपी के बीच समझौता हो गया था, लेकिन न्‍यायालय के द्वारा अभियोजन के तर्को तथा न्‍यायिक दृष्‍टांतों से सहमत होते हुए आरोपी के विरूद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित पाया। जिस पर अभियुक्‍त विष्‍णु साहू को धारा 354 भादवि में न्‍यायालय उठने तक की सजा और 500 रूपये के अर्थदण्‍ड से दंडित किया गया। इस प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी अजयगढ़ जिला पन्‍ना उमेश सोनी द्वारा की गई।

मध्यप्रदेश | इस आईएएस अफसर को महँगी पड़ी विधायक की उपेक्षा, राज्य सरकार ने फील्ड से हटाकर मंत्रालय में की पोस्टिंग

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* पन्ना जिला पंचायत सीईओ डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा का हुआ तबादला

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों की पूंछपरख बढ़ गई है, ख़ासकर विधायकों को काफी महत्व दिया जा रहा है। जनहित से जुड़ीं इनकी सिफारिशों पर प्राथमिकता से अमल करने के निर्देश राज्य सरकार ने दिए हैं। फलस्वरूप, विधायक की अनुशंसा को नजरअंदाज कर इनकी उपेक्षा करना अफसरों को महँगा पड़ रहा है। इसका ताज़ा मामला पन्ना जिले में सामने आया है। यहाँ की आरक्षित गुनौर सीट से विधायक शिवदयाल बागरी की जिला पंचायत पन्ना के सीईओ डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा (आईएएस) से नाराजगी की ख़बरों के बीच राज्य सरकार ने उनका तबादला कर दिया है। वर्ष 2013 बैच के आईएएस अधिकारी श्री मिश्रा को पन्ना से हटाकर मंत्रालय भोपाल में उप सचिव के रूप पदस्थ किया गया है। जिला पंचायत सीईओ का स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद से यह आम चर्चा है कि इसके माध्यम से राज्य सरकार और विधायक शिवदयाल बागरी ने अपने-अपने तरीके से जिले में व्याप्त अफसरशाही को कड़ा संदेश दिया है। प्रदेश में सरकार के बदलाव के साथ अधिकारियों को भी अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाना होगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा को स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है।

क्या है मामला

मालूम हो कि तीन विधानसभा सीट वाले पन्ना जिले में शिवदयाल बागरी कांग्रेस के इकलौते विधायक है। इनके और पन्ना के जिला पंचायत सीईओ डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा (आईएएस) के बीच पिछले कुछ समय से किस बात को लेकर अनबन चल रही थी इसका स्पष्ट तौर पता तो नहीं चल सका। लेकिन, प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो विधायक श्री बागरी ने कुछ दिन पूर्व अपने निर्वाचन क्षेत्र गुनौर के दो पंचायत सचिवों के स्थानांतरण सहित अन्य कार्यों के संबंध पन्ना आकर जिला पंचायत सीईओ से उनके कार्यालय में भेंट की थी। मुलाकात के दौरान विधायक की सिफारिशों पर सीईओ ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए शीघ्र कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। कथित तौर पर बाद में उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को बुलाकर विधायक से सिफारिश कराने के लिए उन्हें कड़ी फटकार लगा दी।
इस घटनाक्रम का पता चलने पर गुनौर विधायक द्वारा गहरी अप्रसन्नता व्यक्त की गई। 26 जनवरी को श्री बागरी ने छिंदवाड़ा जाकर इसकी जानकारी मुख्यमंत्री कमलनाथ को दी। फलस्वरूप, पन्ना के जिला पंचायत सीईओ डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा (आईएएस) का 30 जनवरी को स्थानांतरण आदेश जारी हो गया। फ़िलहाल जिला पंचायत सीईओ के रूप में किसी की पदस्थापना नहीं की गई है। इस घटनाक्रम के बाद जिले के प्रशासनिक हलकों में हलचल बड़ गई है। क्योंकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद पन्ना जिले में जिला पंचायत सीईओ के स्थानांतरण के रूप में यह पहली प्रशासनिक सर्जरी है। अगला नंबर किसका होगा इसे लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों खलबली मची है। खासकर उन अधिकारियों में जिनकी भूमिका विधानसभा चुनाव में संदिग्ध होने की जन चर्चायें हैं।

शिक्षा में सुधार पर अपने विभाग में असफल

आईएएस अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा पन्ना जिले में स्कूलों की शैक्षणिक व्यस्था को बेहतर बनाने के लिए पिछले कुछ माह से लगातार स्वयं स्कूलों का निरीक्षण कर रहे थे और इसके लिए उन्होंने टीमें भी बनाई थीं। जिसके चलते कई शिक्षकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई। सीईओ की इस मुहिम से जिले के शिक्षा महकमे में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई। कतिपय लापरवाह और कामचोर शिक्षकों समेत कुछ शिक्षक संगठन इसे लेकर सीईओ से अंदर ही अंदर नाराज चल रहे थे। विनम्र स्वाभाव के ईमानदार अफसर की छवि वाले जिला पंचायत सीईओ गिरीश कुमार मिश्रा कम समय में अपने प्रयासों से शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं में तो कुछ हद तक सुधार करने में सफल रहे हैं, लेकिन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अराजकता पर प्रभावी अंकुश लगाने वे कामयाब नहीं हो सके। आधे-अधूरे तथा अत्यंत ही गुणवत्ता विहीन प्रधानमंत्री आवासों व शौंचालयों की लक्ष्यपूर्ति के लिए कागजों पर उन्हें पूर्ण बता दिया गया। कई पंचायतों में तो व्यक्तिगत शौंचालयों का निर्माण भी नहीं हुआ और राशि निकाल कर गबन कर लिया गया। पंच परमेश्वर योजनान्तर्गत पंचायतों में अधिकांशतः घटिया कार्य कराये गए।
फर्जी उपलब्धियाँ अर्जित करने के लिए पंचायतों को खुले में शौंच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर दिया गया। इसी तर्ज पर फर्जी आवास लक्ष्यपूर्ति दिखाकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने शासन से लाखों रुपये की सम्मान राशि प्राप्त कर ली। उधर, सरकारी स्कूलों में बच्चों को मीनू आधारित गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन भी नसीब नहीं हुआ। मासूमों का निवाला व्यवस्था में व्याप्त कमीशनखोरी की भेंट चढ़ता रहा और जिम्मेदार तमाशबीन बने रहे।

इनका कहना है-

“पन्ना जिले में मुझे एक वर्ष नौ माह का समय हो चुका है, मेरा स्थानांतरण पूर्णतः सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हुआ है। इसमें किसी जनप्रतिनिधि या राजनैतिक दल के नेता की शिकवा-शिकायत अथवा विरोध जैसा कुछ भी नहीं है। पता नहीं क्यों मेरे स्थानांतरण को लेकर झूठी अफवाह फैलाई जा रही है, लोग कुछ भी छाप रहे हैं।”

डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत पन्ना।

 

मध्यप्रदेश में निराश्रित गौ-वंश की रक्षा के लिये एक हजार गौ-शाला खोलने का निर्णय

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मुख्यमंत्री कमलनाथ को आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का संदेश देने के लिए ब्रह्मचारी डॉ. नीलम जैन, सुश्री रेखा जैन और प्रेयश कुमार जैन ने मुलाकात की।

* आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को दिया आशीर्वाद

* अन्य संस्थाओं ने भी बताया सराहनीय निर्णय

भोपाल। रडार न्यूज   मुख्यमंत्री कमलनाथ को आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने निराश्रित गौ-वंश के लिये एक हजार गौ-शालाएँ खोलने के निर्णय पर अपना आशीर्वाद दिया है। आचार्य श्री का यह संदेश लेकर आज ब्रह्मचारी बहन डॉ. नीलम जैन, सुश्री रेखा जैन एवं प्रेयश कुमार जैन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।आचार्य विद्यासागर महाराज ने अपने आशीर्वाद संदेश में इस बात पर खुशी जाहिर की कि इससे मूक-पशु गाय का संरक्षण होगा। उन्हें आश्रय मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस निर्णय को प्रेरक बताया। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने मुख्यमंत्री को सागर जेल में कैदियों के लिये बनाए विशेष प्रशिक्षण सेल के शुभारंभ कार्यक्रम में भी आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री कमल नाथ के निराश्रित गौ-वंश के लिये गौ-शालाएँ खोलने के निर्णय की पूरे प्रदेश में व्यापक सराहना हुई है। गौ-शालाओं के संचालकों को मुख्यमंत्री की इस पहल से उम्मीद हुई है कि प्रदेश में गो-धन और वंश की रक्षा हो सकेगी।

सराहनीय और संघर्षमय पहल

ग्वालियर के लाल टिपारा में नगर निगम की गौ-शाला में 7 हजार गौ-वंश की देखभाल कर रही श्री कृष्णायन संस्था के महंत स्वामी ऋषभ देवानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ की पहल सराहनीय और संघर्षमय पहल है। उन्होंने सुझाव दिया कि गौ-वंश के संरक्षण के लिए गोचर की व्यवस्था और प्रबंधन के साथ ही इस काम में सेवाभावी संतों को जोड़ा जाये, तो मुख्यमंत्री अपने प्रोजेक्ट गौ-शाला को साकार कर सकेंगे।

अच्छी सोच के साथ सकारात्मक पहल

इंदौर में अहिल्या माता गौ-शाला संचालित करने वाले रवि सेठी ने कहा कि वे वर्षों से गौ-संरक्षण एवं गौ-उत्पाद के क्षेत्र में सेवा की भावना से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गौ-संरक्षण और निराश्रित गायों के लिये जो कदम उठाया है वह अच्छी सोच के साथ सकारात्मक पहल है। उनके इस अभियान में अहिल्या माता गौ-शाला पूरा सहयोग प्रदान करेगी।

प्रयास साकार होंगे और गौ-धन की रक्षा होगी

छतरपुर जिले के ग्राम पंचायत कुर्रा पट्टी के ग्राम सपन पट्टी में राधारानी गौ-शाला संचालित करने वाले उत्तम यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस निर्णय से गौ-माता के संरक्षण के प्रयास न केवल साकार होंगे बल्कि गौ-धन की रक्षा हो सकेगी। श्री यादव ने बताया कि उनकी 11 लोगों की समिति वर्तमान में 30-35 गायों का पालन कर रही है।

कार्रवाई | ट्रक समेत बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब जब्त, अवैध परिवहन कर धार से रीवा ले जाई जा रही थी शराब

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कोतवाली थाना पन्ना पुलिस द्वारा पकड़ा गया शराब से लोड ट्रक।

* ट्रक चालक के खिलाफ पन्ना पुलिस ने दर्ज किया आबकारी एक्ट का मामला

पन्ना। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंग्रेजी शराब से लोड एक ट्रक को पकड़ा है। धार से रीवा जा रहे ट्रक क्रमांक MP-07-HB-1638 में 7,42,500 रुपये मूल्य की अँग्रेजी शराब लोड बताई जा रही है। इस ट्रक को 24 जनवरी को रीवा वेयर हाउस पहुँचना था लेकिन यह निर्धारित समयावधि में वहाँ नहीं पहुँचा। शराब के अवैध परिवहन की नियत से संदेहात्मक स्थिति में इस ट्रक को सोमवार को जब पकड़ा गया तो उसका चालक पहले ही फरार हो चुका था। ट्रक में मौजूद हेल्पर सरदार लाल पिता मंगीलाल 40 निवासी गुड़भेली थाना बड़ोद जिला आगर मध्यप्रदेश को कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने हिरासत में लेकर पूँछतांछ की गई। दस्तावेजों की जाँच में अवैध परिवहन का मामला उजागर होने पर पुलिस ने ट्रक समेत शराब को जब्त कर चालक के खिलाफ आबकारी एक्ट का प्रकरण कायम किया है।

7 लाख रूपए है मूल्य

अवैध परिवहन करते पकड़ी गईं शराब की पेटियां।
कोतवाली थाना पन्ना के निरीक्षक अरविन्द कुजूर ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार 28 जनवरी को पन्ना में सत्यम पैलेस के सामने सतना-कटनी तिराहा पर यातायात पुलिस के चेक प्वॉइंट पर यातायात पुलिसकर्मियों द्वारा धार से रीवा जा रहे अँग्रेजी शराब से लोड ट्रक को सड़क किनारे खड़ा कराकर सूचना दी गई। कोतवाली पुलिस की टीम जब मौके पर पहुँची तो ट्रक क्रमांक MP-07-HB-1638 में त्रिपाल से ढ़ंककर रस्सी बांधकर अंदर गोवा स्प्राइट विह्स्की की 1100 पेटी रखी थी। कुल 9900 वल्क लीटर्स अँग्रेजी शराब कीमत 7,42,500 को दिनाँक 24 जनवरी को रीवा के वेयर हाउस पहुँचना था। ट्रक में मौजूद हेल्पर मंगीलाल ने पूंछतांछ में बताया कि चालक पीछे रोड में उतरकर कहीं चला गया। शराब से भरा ट्रक समय से रीवा न पहुँचकर अवैध परिवहन की नियत से पन्ना में संदेहात्मक स्थिति में पाये जाने पर पुलिस ने ट्रक के फरार चालक के विरूद्द अपराध क्रमाँक-68/19 धारा 34(2) आबकारी एक्ट का प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया है। अवैध रुप से परिवहन की जा रही शराब को पकड़वाने में यातायात थाना पन्ना के एएसआई जी.पी. तिवारी व आरक्षक 63 सुनील पाण्डेय की अहम भूमिका रही।

मध्य प्रदेश | स्मार्ट सिटी की तरह स्मार्ट गाँव भी बनाये जायेंगे

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मुख्यमंत्री कमलनाथ से जायका के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।

* मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिला जायका मिशन दल

* मोनो रेल प्रोजेक्ट तथा वन संरक्षण में निवेश की इच्छा जताई

भोपाल। रडार न्यूज  मुख्यमंत्री कमलनाथ से आज जायका मिशन दल ने मुलाकात की। श्री नाथ की जायका के प्रतिनिधि-मण्डल से स्मार्ट सिटी की तरह स्मार्ट गाँव बनाने के संबंध में चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि प्रस्तावित परियोजनाओं का परीक्षण कर सभी औपचारिकताएँ पूरी कर जल्द ही उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये, जिससे अगले तीन वर्ष में योजनाएँ मूर्त रूप ले सकें। मुख्यमंत्री ने जायका मिशन दल से प्रदेश में मोनो रेल परिचालक प्रोजेक्ट तथा वन संरक्षण, संयुक्त वन प्रबंधन और जैव-विविधता परियोजना में निवेश की इच्छा व्यक्त की। इस मौके पर मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती उपस्थित थे।

3000 करोड़ की परियोजना प्रस्तावित

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान जायका के मिशन दल ने बताया कि जापान द्वारा मध्यप्रदेश में समूह जल-प्रदाय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये वित्तीय सहायता देने की सहमति दी गयी है। जायका से वित्तीय सहायता के लिये 3000 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित है। परियोजना में मंदसौर, नीमच एवं रतलाम जिले के 9 विकासखण्ड के 1735 गाँव में लगभग 20 लाख ग्रामीण आबादी को घरेलू नल कनेक्शन के जरिये पेयजल उपलब्ध होगा। जायका मिशन दल में सुश्री मिसातो तकाहासी कन्ट्री ऑफिसर, कजुनोरी नकाई इंजीनियर, केनीचीरो इवाहोरी प्रोग्राम स्पेशलिस्ट, सुब्रतो तलुकदार प्रिंसिपल डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट, जायका कन्सलटेंट फर्म निप्पॉन कोई कम्पनी लिमिटेड के मयासुकी फुजी, टीम लीडर रिसा किकुची, सब लीडर हीदेहीसा तमुरा, फेसिलिटी प्लानिंग और ऑपरेशन एण्ड मेटेंनेंस अकीरो नटोरी शामिल थे।