सीएम कमलनाथ ने सफाईकर्मियों को दी बधाई; कहा कड़ी मेहनत का फल है सफलता
भोपाल | रडार न्यूज मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि उन सभी सफाईकर्मियों को बोनस के रूप में पाँच-पाँच हजार रुपए की सम्मान राशि दी जायेगी जिनकी रात-दिन की मेहनत से स्वच्छता सर्वेच्छण, 2019 में मध्यप्रेदश के छह शहर ने देश के 20 टॉप शहर में अपना स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री ने इन छह शहरों के सफाईकर्मियों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सफाईकर्मियों की कड़ी मेहनत से पूरे देश में मध्यप्रदेश का नाम रोशन हुआ है। छह शहर सर्वोच्च स्वच्छता की श्रेणी में शामिल हुए हैं। प्रदेश के नागरिकों के लिये यह गौरव का विषय है।
उल्लेखनीय है कि स्वच्छता सर्वेच्छण, 2019 में देश के 4237 शहर में टॉप 20 शहर में प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, खरगोन और नागदा शामिल है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि स्वच्छता सर्वेच्छण 2019 में इन शहरों ने सर्वोच्च स्थान हासिल किया। इस सफलता में इन शहरों के आम नागरिकों की जागरूकता और जन-भागीदारी के साथ ही असली योगदान उन सफाईकर्मियों का है, जिन्होंने दिन-रात मेहनत की और लगातार कर रहे हैं। उनकी कर्मठता से यह गौरव हासिल हो पाया है।
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मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल की खजुराहो लोकसभा सीट की बात करें तो यहाँ कांग्रेस और भाजपा के खेमे में प्रत्याशी चयन को लेकर काफी खींचतान है। दरअसल, इसका कारण दावेदारों की तादाद ज्यादा होना है। दावेदारों के नामों पर मंथन करके दोनों ही पार्टियों की प्रदेश चुनाव समिति संभावित प्रत्याशियों के नामों का पैनल केन्द्रीय चुनाव समिति को भेज चुकी हैं। मिशन-2019 के लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त करने के लिए भाजपा और कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार के चयन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रदेश समिति से प्राप्त नामों और अन्य स्रोतों से आये नामों पर शीर्ष स्तर पर बैठकों में गहनतापूर्वक विचार-विमर्श किया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी की विचारधारा में आस्था रखने और आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सक्षम, स्वच्छ छवि तथा जीत की प्रबल संभावना वाले सुयोग्य दावेदार को दोनों ही पार्टियाँ संसदीय सीट से प्रत्याशी घोषित कर सकती हैं। संभवतः इस महीने के अंत तक प्रत्याशियों के नामों का ऐलान हो सकता है।
बीजेपी का मजबूत किला कहलाने वाली खजुराहो सीट पर इस बार पार्टी के सामने कई गंभीर चुनौतियाँ हैं। मसलन, प्रदेश में हुआ हालिया सत्ता परिवर्तन, बसपा-सपा गठबंधन से बने समीकरण, लगातार जीत के बाद भी अति पिछड़े इस इलाके को भाजपा सांसदों द्वारा केन्द्र से कोई महत्पूर्ण सौगात न दिला पाना और वर्तमान सांसद नागेन्द्र सिंह की निष्क्रियता चुनाव में भाजपा के लिए परेशानी का सबब साबित होगी। पार्टी के रणनीतिकारों को इसका भली-भाँति एहसास है। उल्लेखनीय है कि खजुराहो सीट के नए स्वरुप में अस्तित्व में आने के बाद यहाँ पर वर्ष 2009 में भाजपा-कांग्रेस के बीच अब तक का सबसे नजदीकी मुकाबला हुआ था। इस चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार राजा पटैरिया को भाजपा प्रत्याशी जीतेन्द्र सिंह ने करीब 27 हजार मतों के अंतर से पराजित किया था। वर्ष 2014 के चुनाव में कांग्रेस ने राजा पटैरिया को पुनः उम्मीदवार बनाया लेकिन मोदी लहर के चलते इस क्षेत्र के लोगों के लिए पूर्णतः अपरचित पूर्व मंत्री नागेंद्र सिंह करीब ढ़ाई लाख मतों के विशाल अंतर से चुनाव जीत गए। सांसद नागेन्द्र की निष्क्रियता ने इस क्षेत्र के लोगों को काफी निराश किया है। संसद में जहाँ वे अहम मुददों पर खामोश रहे वहीं चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में उनकी उपस्थिति भी नगण्य बनी रही। हालिया विधानसभा चुनाव में सतना जिले की नागौद सीट से चुनाव जीते नागेन्द्र सिंह भी मानते हैं वे कि सांसद रहते हुए जनाकांक्षाओं की कसौटी खरे नहीं उतर सके। जिसका खामियाजा आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को भुगतना पड़ सकता है।
बीजेपी से पूर्व मंत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले, पूर्व विधायक विजय बहादुर सिंह बुंदेला, पूर्व विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार, पूर्व विधायक ध्रुव प्रताप सिंह, पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह गुड्डू, किसान नेता उमेश सोनी, पन्ना भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम, घासीराम पटेल, एडवोकेट विनोद तिवारी, पीताम्बर टोपनानी, अश्विनी गौतम, पन्ना सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष संजय नगायच, सुधीर शर्मा, विनोद टिकरिया, रमेश शुक्ला, अनुपमा सिंह लोधी, जयप्रकाश चतुर्वेदी, देवीदीन दुबे, चमनलाल आनंद शामिल हैं। उधर, भाजपा के कुछ बड़े नेताओं की नज़र भी खजुराहो सीट पर है। जबकि कांग्रेस के दावेदारों में पूर्व मंत्री राजा पटैरिया, मुकेश नायक, रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व विधायक सौरभ सिंह, पूर्व विधायक श्रीकांत दुबे, मनोज त्रिवेदी, पदमा शुक्ला, चंद्रिका प्रसाद दिवेदी, नीरज सिंह, अनुराधा शेंडगे, धीरज तिवारी गुड्डू, गिरधारी लोधी, रावेन्द्र प्रताप सिंह, निरंजन पंजवानी, सुनील मिश्रा पूर्व विधायक, अजय अहिंसा, कविता सिंह, फिरोज खान, रविन्द्र शुक्ला, बृजेन्द्र मिश्रा उर्फ़ राजा भैया, मीना यादव, शारदा पाठक, भरत मिलन पाण्डेय, दिव्यारानी सिंह, वीरेन्द्र दिवेदी, राकेश जैन कक्का के नाम चर्चा में हैं। मजेदार बात यह है कि विजराघवगढ़ विधायक संजय पाठक को प्रत्याशी बनाए जाने की अटकलें भी दोनों ही पार्टियों में स्थानीय स्तर पर लगती रहती हैं। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की अल्पमत की सरकार और भाजपा तथा कांग्रेस के विधायकों की संख्या के करीबी अंतर को देखते हुए जानकारों को लगता है कि कोई भी पार्टी फिलहाल अपने विधायक को चुनावी रण में नहीं उतारेगी।
कांग्रेस में पूर्व मंत्री मुकेश नायक निश्चित ही बड़ा नाम है, लेकिन पवई और कटनी में उन्हें अपनी ही पार्टी के नेताओं का कड़ा विरोध झेलना पड़ सकता है। रहा सवाल पूर्व मंत्री राजा पटैरिया का तो उन्हें अवसर मिलने की स्थिति में लगातार दो चुनाव हारने के बाद भी क्षेत्र में सक्रियता बनाए रखने के फलस्वरूप मतदाताओं की सहानुभूति मिल सकती है। इनके पक्ष में एक बात यह भी है समूचे खजुराहो संसदीय क्षेत्र में गाँव-गाँव इनके अपने लोग है। क्षेत्र के मतदाता और पार्टी नेता-कार्यकर्ता भी इन्हें भलीभाँति जानते है। लेकिन, राजा पटैरिया की सबसे बड़ी परेशानी चुनावी प्रबंधन न कर पाना है जिसका नुकसान उन्हें पिछले चुनावों में हार के रूप में झेलना पड़ा है। खजुराहो संसदीय क्षेत्र में पिछड़े वर्ग के मतदाताओं की निर्णायक स्थिति को देखते हुए भाजपा से पूर्व मंत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले मजबूत उम्मीदवार साबित हो सकती हैं। हालाँकि पूर्व विधायक विजय बहादुर सिंह बुंदेला, पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह गुड्डू, पूर्व विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार और संजय नगायच को भी कमतर नहीं आँका जा सकता। इनका जहाँ लोगों से व्यक्तिगत जुड़ाव है वहीं युवा मतदाताओं का भी इन्हें समर्थन मिल सकता है।



मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सीआरपीएफ के जवान शहीद अश्वनी कुमार काछी जबलपुर, शहीद मनोज चौरे बैतूल, शहीद मनमोहन सिंह परिहार सतना, सेना के जवान शहीद रंजीत सिंह तोमर दतिया, शहीद रामेश्वर प्रसाद पटेल जबलपुर, शहीद जगराम सिंह तोमर मुरैना, मध्यप्रदेश पुलिस के शहीद एएसआई, अमृतलाल भिलाला, आरक्षक शहीद अरविंद सेन अलीराजपुर, रायेसन के आरक्षक शहीद इन्द्रपाल सिंह सेंगर, आरक्षक शहीद बालमुकुंद प्रजापति छतरपुर, और शहीद श्री रमाशंकर यादव भोपाल के परिजनों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर चिकित्सा एवं संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, वाणिज्यिक कर मंत्री ब्रजेन्द्र सिंह राठौर, जनसंपर्क एवं विधि विधायी मंत्री पी.सी. शर्मा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे, विधायक आरिफ मसूद, पुलिस महानिदेशक वी.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव गोपाल रेड्डी, आयुक्त जनसंपर्क पी. नरहरि, आयुक्त भोपाल श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव और दिलीप तिवारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में सेना और सीआरपीएफ के जवानों और मुम्बई से आये कलाकारों ने देश भक्ति गीत प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में सेना, सीआरपीएफ, पुलिस के जवान और एनसीसी स्काउट गाईड के छात्र-छात्राओं के साथ शहीदों के परिजन और नागरिक उपस्थित थे।




मंत्री श्री शर्मा ने सम्मेलन के दौरान ही प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा रश्मि अरुण शमी और आयुक्त लोक शिक्षण जयश्री कियावत से अतिथि शिक्षकों की माँगों को पूरा करने के संबंध में मोबाइल फोन पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिये।
प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभूराम चौधरी ने शासन की युवा स्वाभिमान स्वरोजगार योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अभी तक राष्ट्रीय महात्मा गांधी रोजगार योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 100 का रोजगार उपलब्ध कराया जाता था। अब शहरी क्षेत्र के युवाओं के लिए यह योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्र के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर 100 का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। 21 साल से ऊपर के प्रत्येक बेरोजगार को 4 हजार रूपये महीने का भत्ता भी दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि शत-प्रतिशत युवा पंजीयन कराकर इस योजना का लाभ उठाएं। उन्हेंने मुख्यमंत्री विवाह-निकाह योजना पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब 51 हजार रूपये की राशि दी जा रही है। इसमें 48 हजार रूपये की राशि सीधे कन्या के खाते में जाएगी। उन्होंने गौसंवर्धन-संरक्षण के उद्देश्य से प्रारंभ की गई योजना के तहत कहा कि अब प्रत्येक जनपद पंचायत में 3-3 गौशालाएं प्रथम चरण में खोली जाएंगी। इसके बाद आवश्यकता अनुसार और गौशालाएं खोली जाएंगी।
कलेक्टर मनोज खत्री ने अपने उद्बोधन में बताया कि जिले में जय किसान फसल ऋण माफी योजना के तहत किसानों को कर्ज मुक्ति एवं सम्मान पत्र का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। जिले में 85 हजार 339 आवेदन किए गए थे, इन आवेदनों में से 36439 आवेदनों का सत्यापन हो गया है। इन सत्यापित आवेदक किसानों को 111 करोड से अधिक की राशि ऋण मुक्ति के तहत किसानों के बैंक खातों में जमा कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 31 मार्च 2018 तक किसानों द्वारा लिए गए ऋणों को माफ किया जा रहा है। इसी तरह 12 दिसंबर 2018 तक जिन किसानों द्वारा अपने से ऋण राशि को बैंकों में जमा करा दिया गया था उन किसानों को सम्मान पत्र देकर सम्मानित करने के साथ उनकी राशि को भी उनके बैंक खातों में जमा कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी के द्वारा भी किसी अन्य किसान के फर्जी तरीके से ऋण लिया गया है ऐसे लोगों की जांच प्रारंभ कर दी गयी है। जांच में पकड़े गए लोगों के विरूद्ध पुलिस में प्रकरण दर्ज कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी किसान को ऐसा लगता है कि वह इस योजना के तहत पात्र है और लाभ से वंचित रह गया है वे किसान आवेदन कर सकते हैं। इसकी जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की अध्यक्षता में समितियां बनाई गयी हैं। ऐसे प्रकरण की जांच उपरांत पात्र पाए जाने वाले किसान को ऋण मुक्ति प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
पन्ना में किसानों को प्रमाण पत्र वितरण के कार्यक्रम को गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी, शिवजीत सिंह, मीना यादव, जिला पंचायत सदस्य केशव प्रताप सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिव्यारानी सिंह, पन्ना ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनीस खान, मनीष मिश्रा, बृजमोहन यादव, इंद्रमणि गर्ग ने सम्बोधित करते हुए शासन की योजनाओं पर प्रकाश डाला। तहसील स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री कैप्टन जयपाल सिंह, पूर्व सांसद एवं पूर्व मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, अनुराधा शेंडगे, रविन्द्र शुक्ला, आनंद शुक्ला, जयनरेश दिवेदी, रावेन्द्र प्रताप सिंह, भभूत सिंह राजपूत, केपी सिंह बुंदेला, केशरी अहिरवार, मनीष शर्मा, दीपचंद्र अग्रवाल, वैभव थापक, दीपक तिवारी, मृगेंद्र सिंह एवं प्रशासनिकअधिकारी-कर्मचारी,पंच-सरपंच, गणमान्यजन नागरिक तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।


