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दो बैल, डेढ़ वर्ष से क्यों हैं कैद, इनकी बेबसी-बदहाली के बारे में जानकर हैरान रह जाएँगे आप !

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* अपने मालिक के अपराध की सजा भुगत बेजुबान निरीह बैल

* वन भूमि पर खेती करने वाले परिवारों से वनकर्मियों ने किया था जब्त

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज    मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पिछले डेढ़ वर्ष से भी अधिक समय से दो बैल वन विभाग की कैद में हैं। वे अपने मालिक द्वारा किये गए वन अपराध की अघोषित सजा काट रहे हैं। छोटे से आँगन वाले तंग कमरे रहने को मजबूर इन मूक पशुओं की हालत अत्यंत ही दयनीय है। इनकी बेबसी और बदहाली किसी संवेदनशील व्यक्ति को बेचैन कर सकती है। चार दिवारी के अंदर लम्बे समय से कैद होने के कारण बाहरी सम्पर्क से पूरी तरह कट चुके दोनों बैल आजाद होने के लिए हर पल छटपटा रहे हैं। लेकिन, उन लोगों ने इनकी अब तक कोई सुध नहीं ली जिनके कारण इन्हें कैद होना पड़ा। पशु मालिक के मुँह मोड़ने से बद्तर स्थिति में रहने और रुखा-सूखा खाने को मजबूर इन बैलों के पास जब भी कोई पहुँचता है तो वे उसे अपना मुक्तिदाता मानकर आशा भरी निगाहों से उसके पास आकर अनुशासित खड़े हो जाते हैं। लेकिन, इन्हें हर बार निराशा होना पड़ता है। बहरहाल, लम्बे इंतजार के बाद दोनों बैलों के वन विभाग की कैद से आजाद होने का एक अवसर आया है, बशर्ते सोमवार 28 जनवरी 2019 को होने वाली नीलामी में कोई इन्हें खरीद ले।

वन भूमि की जुताई करते पकड़े थे बैल

फाइल फोटो।
पन्ना जिले के उत्तर वनमंडल की देवेन्द्रनगर रेंज में आने वाले पहाड़ीखेरा सर्किल अंतर्गत फूटी झिर नामक स्थान पर वन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में बारिश के समय पौधरोपण कार्य कराया था। जिसके कुछ ही दिन बाद आसपास के आदिवासी परिवारों ने वहाँ अतिक्रमण कर पौधारोपण को नष्ट करने लिए वन भूमि की हल से जुताई कर दी। वन विभाग के अमले ने अवैध कब्जाधारियों को प्लांटेशन से खदेड़ते हुए उनके खिलाफ वन अपराध का प्रकरण कायम किया और हल खींचने रहे दोनों बैलों को मौके से पकड़ कर अपनी अभिरक्षा ले लिया। तभी से दोनों बैल पहाड़ीखेरा में स्थित वन परिक्षेत्र सहायक के कार्यालय परिसर में स्थित एक छोटे से आँगन वाले पुराने खण्डहरनुमा कमरे में कैद हैं। रेंजर सुरेन्द्र शेण्डे ने बताया कि बैलों को छुड़ाने के लिए उनके मालिक (पशुपालक) ने कोई प्रयास नहीं किया। जबकि, मैदानी कर्मचारियों ने पशुपालक परिवार से इस संबंध में कई बार चर्चा की। अपने ही बैलों के प्रति पशु मालिक के उपेक्षापूर्ण बर्ताव को देखते हुए इन्हें राजसात कर नीलाम करने तक अभिरक्षा में सुरक्षित रखने के अलावा हमारे पास दूसरा कोई विकल्प नहीं था। श्री शेण्डे मानते हैं कि इस प्रक्रिया में निश्चित ही काफी समय लगा है।
वनकर्मियों ने नहीं की देखभाल
हैरत की बात है कि एक और जहाँ देश भर में गौवंश संरक्षण को लेकर हंगामा बरपा है वहीं पहाड़ीखेरा डेढ़ वर्ष से कैद बैलों की सुध लेने या उन्हें आजाद कराने कोई संगठन, समाजसेवी या जनप्रतिनिधि आगे नहीं आया। जबकि क्षेत्र में सभी को इसकी जानकारी थी। उधर, इन बदनसीब बेजुबानों से उनका मालिक तो पहले ही मुँह मोड़ चुका था। इन परिस्थितियों में वन विभाग के अमले ने भी बैलों के साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया। परिक्षेत्र सहायक पहाड़ीखेरा समेत अधीनस्थ कर्मचारी इन्हें स्वयं की गलती से निर्मित समस्या मानते हैं। इसलिए, बैलों की देखभाल को लेकर इन्हें कोई सरोकार नहीं है। इन मूक पशुओं की बदहाली का पता पिछले दिनों तब चला जब पन्ना के पत्रकारों की एक टीम पहाड़ीखेरा के भ्रमण पर पहुँची। वहाँ परिक्षेत्र सहायक पहाड़ीखेरा के कार्यालय परिसर में स्थित खण्डरनुमा कमरे को खुलवाकर जब देखा तो दोनों बैल आँगन के एक कोने में रखे प्याँर को खा रहे थे। इनके लिए भूसा-पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई। बैलों को इतने दिनों तक भोजन के नाम पर मुफ्त में मिला रुखा-सूखा प्याँर खिलाकर उनके साथ क्रूरता की जा रही है। उचित देखभाल तथा भोजन के आभाव में दोनों ही बैलों की काया जर्जर हो चुकी है। इनके शरीर की अधिकांश हड्डियाँ दिखने लगी है। युवावस्था में ही ये बैल बीमार-वृद्ध से नजर आ रहे हैं।
इन्हें जिस कमरे में रखा गया है वहाँ हर तरफ बिखरे गोबर-मूत्र को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि कई महीनों से सफाई नहीं हुई है। परिक्षेत्र सहायक के.पी. मिश्रा बैलों की देखभाल न होने के आरोप से इंकार करते हैं लेकिन उनके पास इस बात कोई जबाब नहीं कि बैलों की यह हालत फिर कैसे हुई। इनकी सेवा में श्रमिक तैनात होने का दावा किया गया। जिसकी जमीनी सच्चाई यह कि पत्रकार जब कार्यालय परिसर में ही स्थित वन विभाग के रेस्ट हाउस पहुँचे तो वहाँ कमरों में तीन सुरक्षा श्रमिक आराम फरमाते हुए मिले। इससे जाहिर है कि तीन-तीन सुरक्षा श्रमिक तैनात होने के बाद भी बैलों का जानबूझकर ख्याल नहीं रखा गया। इन बैलों का दर्द पिंजरे के पंछी से भी गहन है क्योंकि पिंजरे की कैद में पंछी को अच्छा खाने को तो मिलता ही है और उसकी देखभाल करने वाला भी कोई रहता है। लेकिन, कैद की यातना सहन कर रहे इन निर्दोष बैलों को अच्छा भोजन तक नसीब न होने से ये तिल-तिल मर रहे हैं।
अब पीछा छुड़ाने में जुटा वन विभाग
बैलों की दुर्दशा को पत्रकारों के द्वारा पिछले दिनों अपने कैमरों में कैद करने के बाद उत्तर वन मंडल के अधिकारियों को यह एहसास हो गया था कि इनकी देखभाल में बरती गई लापरवाही के मुद्दे पर वह घिर सकते हैं, इसलिए डेढ़ साल बाद आनन-फानन में बैलों की नीलामी की तिथि घोषित कर दी गई। मालूम हो कि लम्बे समय से सीमित जगह में कैद रहने और खाने-पीने की कोई व्यवस्था न होने से दोनों बैल अब किसी उपयोग के लायक नहीं बचे हैं। छोटे से स्थान में कैद रहने से इनका शरीर काफी हद तक जकड़ चुका है। इसलिए, नीलामी में कोई इन्हें खरीदेगा इस बात की उम्मीद न के बराबर है। वन विभाग के अमले का भी यही मानना है। लेकिन, इन बैलों से हरहाल में पीछा छुड़ाने का मन बना चुके विभागीय अधिकारी इस स्थिति में अपने लोगों के नाम पर न्यूनतम बोली लगाकर इन्हें स्वछंद विचरण के लिए छोड़ सकते है। अब देखना यह है कि डेढ़ वर्ष से कैद दोनों बैलों को खरीदने के लिए सोमवार को कोई वास्तविक खरीददार सामने आता है या फिर वन अमले की योजनानुसार नीलाम होने पर उन्हें आजादी के रूप में आवारा भटकने की सजा मिलेगी।

गुड न्यूज | शहरी गरीब युवाओं के लिये शुरू होगी युवा स्वाभिमान योजना : कमलनाथ

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिन्दवाड़ा जिला मुख्यालय पर गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया।

* मुख्यमंत्री ने नागरिकों को दी गणतंत्र दिवस की बधाई

* मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिन्दवाड़ा में ली गणतंत्र दिवस परेड की सलामी

* बोले, विषम परिस्थितियों में कार्य संभाला लेकिन वादे पूरे करने में आड़े नहीं आयेगी वित्तीय बाधा

भोपाल रडार न्यूज    मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि शहरी क्षेत्र के गरीब युवाओं को अस्थायी रोजगार देने के लिये युवा स्वाभिमान योजना लागू की जा रही है। इसमें शहरी क्षेत्र के गरीब युवाओं को एक साल में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। गणतंत्र दिवस पर नागरिकों के नाम अपने संदेश में नई योजना की चर्चा करते हुए कमलनाथ ने कहा कि युवा शक्ति के हाथ में प्रदेश का भविष्य है। उन्होंने कहा कि युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत केवल युवा प्रतिभाओं को निखारने की है ताकि वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों का पूरा-पूरा लाभ उठा सकें।

पंजीयन 10 फरवरी से होगा प्रारंभ

कमलनाथ ने कहा कि रोजगार के दौरान युवाओं को उनके पसंद के क्षेत्र में कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनके हाथ में कौशल होगा, तो वे विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का पूरा-पूरा लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि योजना में 10 फरवरी से युवाओं का पंजीयन प्रारंभ होगा और फरवरी माह में ही रोजगार और कौशल देने का काम शुरू हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने नागरिकों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने संविधान के निर्माण से जुड़ी सभी महान विभूतियों एवं स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों का स्मरण किया। उन्होने छिन्दवाडा में गणतंत्र दिवस परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने काम शुरू करते ही पात्र किसानों का दो लाख रूपये तक का कर्ज माफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नीति में बदलाव करते हुए शासन की सहायता लेने वाले उद्योगों में कम से कम 70 प्रतिशत रोजगार प्रदेश के ही लोगों को दिया जायेगा।

वृद्धजनों, दिव्यांगों की पेंशन बढ़ेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धजनों, दिव्यांगों एवं कल्याणियों को दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 300 रूपये से बढ़ाकर 1000 रूपये कर दी जायेगी। इसे पूरा करने में पहला कदम बढ़ाते हुए अप्रैल के पहले सप्ताह से मिलने वाली पेंशन की राशि बढ़ाकर 600 रूपये प्रतिमाह कर दी जाएगी। हर साल इसमें बढ़ोत्तरी होगी।

तेन्दूपत्ता मजदूरी होगी 2500 रुपये

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले तेन्दूपत्ता सीजन से तेन्दूपत्ता मजदूरी और बोनस का नकद भुगतान होगा। तेन्दूपत्ता की मजदूरी दर 2000 रूपये प्रति मानक बोरा को बढ़ाकर 2500 रूपये प्रति मानक बोरा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवारा पशुओं के लिये गौशाला खोलने की योजना पर काम शुरू हो गया है। फरवरी माह में योजना को अंतिम रूप देकर क्रियान्वयन शुरू कर दिया जाएगा। जनजातीय कल्याण की चर्चा करते हुए कमलनाथ ने कहा कि जनजातीय भाइयों के पास जमीनों का सबसे बेहतर उपयोग करने के लिये जनजातीय कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति के सांसदों और विधायकों की एक समिति बनाई गई है। इस समिति की अनुशंसा पर सरकार काम करेगी।
अध्यात्म विभाग के गठन की चर्चा करते हुए कमलनाथ ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक विरासत एवं दर्शन प्रणाली एक वैश्विक धरोहर है। इस धरोहर के संरक्षण, संवर्धन और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में देश-विदेश की बहुलतावादी संस्कृति के विकास को नये आयाम देने का काम यह विभाग करेगा।

वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनायेंगे

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सरकार ने विषम वित्तीय परिस्थितियों में कार्य संभाला है लेकिन जनता से किये गये वादों को पूरा करने में वित्तीय बाधा आड़े नहीं आने दी जायेगी। वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने के अनेक कदम उठाये जायेंगे। करों की चोरी की रोकथाम और राजस्व बढ़ाने की व्यवस्था को पुख्ता कर एवं आय के नए साधनों को लागू कर वित्तीय संसाधन जुटाये जायेंगे। सरकार ऐसी योजनाओं को बदलेगी या समाप्त करेगी, जो आम लोगों के लिये अब जरूरी नहीं रह गई हैं।

अधोसंरचना विकास पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधोसंरचना विकास के कार्य जैसे सड़क, बिजली, सिंचाई, जल-प्रदाय, नगरीय अधोसंरचना आदि विकसित करने के लिये अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं से धनराशि जुटाई जाएगी। इन क्षेत्रों में कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। सामाजिक क्षेत्र की प्राथमिकताओं की चर्चा करते हुए श्री कमल नाथ ने कहा कि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई, अस्पतालों में बेहतर इलाज और कुपोषण के विरूद्ध समाज के साथ मिलकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

समृद्ध गांव बनायेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली, सड़क, स्वच्छता और कुटीर तथा ग्रामोद्योगों से स्थानीय स्तर पर रोजगार जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा कर गांवों को समृद्ध और स्वावलम्बी बनाया जायेगा। इसके लिये ग्राम पंचायतवार योजनाएं बनाकर स्थानीय लोगों की भागीदारी से उन पर अमल किया जायेगा। ‘लोगों की सरकार’ के स्थान पर ‘लोग ही सरकार’ के सिद्धांत पर त्रि-स्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को सशक्त बनाया जायेगा। ग्राम सभाओं को और अधिक सशक्त बनाते हुए विशेष महिला ग्राम सभाएं आयोजित की जायेंगी।

परिवर्तन के साथ नई कार्य संस्कृति जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में नयी कार्य-संस्कृति लाना जरूरी है। नये नजरिये और दृष्टिकोण के साथ परिवर्तन आयेगा। उन्होंने सभी शासकीय और पुलिस कर्मचारियों तथा अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जन सेवा का कार्य पूरी ईमानदारी के साथ करेंगे। सरकारी विभागों और सरकारी अमले के कामों का मूल्यांकन जनता करेगी। जनता का मूल्यांकन ही सही माना जायेगा। मध्यप्रदेश शासन-प्रशासन और आम लोगों के बीच समन्वय का उदाहरण पेश करेगा। सरकार हर वर्ग की चिंता करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार से लोगों को नाउम्मीदी नहीं होगी। प्रचार कम, काम ज्यादा होगा। आने वाले पांच सालों में प्रदेश को पूरी तरह विकसित प्रदेश बनाने की राह पर तेजी से काम करने के लिये राज्य सरकार संकल्पित है।

राज्यपाल ने राज्य स्तरीय समारोह में किया किया ध्वाजारोहण, प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

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राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लाल परेड ग्राउण्ड पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में परेड का निरीक्षण किया।
भोपाल। रडार न्यूज राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने 70 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया और नागरिकों को सम्बोधित किया। राज्यपाल ने ध्वजारोहण के पश्चात् गणतंत्र दिवस परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। हर्ष फायर के बीच पुलिस बैण्ड दल ने उपनिरीक्षक सुनील कटारे के निर्देशन में ‘‘जन गण मन’’ की धुन बजाई । राज्यपाल ने हर्ष के प्रतीक रंगीन गुब्बारे भी छोड़े।

आकर्षक परेड का प्रदर्शन

हर्ष फायर के बाद परेड कमाण्डर एस.डी.ओ.पी. जावरा जिला रतलाम आशुतोष बागरी (भापुसे) और परेड टू-आई सी. उप पुलिस अधीक्षक अशोक नगर संदीप कुमार निंगवाल के नेतृत्व मे गणतंत्र दिवस परेड का प्रदर्शन किया गया । परेड में श्वान दल सहित 20 प्‍लाटूनों ने आकर्षक परेड की।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति

परेड के पश्चात् विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये । लोक संस्‍कृति विभाग के कलाकारों ने भील जनजाति का मनमोहक भगोरिया लोकनृत्‍य प्रस्‍तुत किया । इसके बाद 20 विभागों ने विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का संदेश देती हुई आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन किया।

सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये पुरस्कार घोषित

गणतंत्र‍ दिवस परेड में सशस्त्र बलों में सर्वोत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन करने पर म.प्र. विशेष सशस्त्र बल की टुकड़ी को प्रथम, सीआईएसएफ की टुकड़ी को द्वितीय एवं जेल विभाग (पुरुष) टुकड़ी को तृतीय पुरस्‍कार घोषित किया। गैर शस्‍त्र दलों में एन.सी.सी. एयर विंग दल को प्रथम, एन.सी.सी.सीनियर गर्ल्स को द्वितीय तथा शौर्य दल को तृतीय पुरस्‍कार घोषित किया गया। इसी प्रकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रेणी में डीपीएस स्कूल नीलबड़ को प्रथम, शासकीय उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय आनंदनगर को द्वितीय, सेंट जेवियर स्कूल भेल को तृतीय तथा शारदा विद्या मंदिर केरवा रोड के बच्चों को सांत्वना पुरस्कार के लिये चयनित किया गया। विभागीय गतिविधियों पर आधारित विकास प्रदर्शिनियों की श्रृंखला में पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग की झाँकी को प्रथम, पर्यटन विभाग की झाँकी द्वितीय एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की झाँकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

फसल ऋण माफी योजना : फर्जी ऋण प्रकरणों में कटनी और सागर जिले में 4 के खिलाफ एफआईआर दर्ज

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सांकेतिक फोटो।

* दो समिति प्रबंधकों, शाखा प्रबंधक तथा सोसायटी अध्यक्ष को बनाया आरोपी

* किसान की शिकायत पर जाँच उपरांत तत्परता से की गई कार्यवाही

* पंचायत में सूची चस्पा होने से फर्जी ऋण प्रकरण का हुआ भंडाफोड़

भोपाल। रडार न्यूज   जय किसान फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत प्रदेश में फर्जी ऋण प्रकरणों में दोषी पाये जाने वाले व्यक्तियों पर तत्परता से वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। आज कटनी जिले में जरवाही समिति प्रबंधक लक्ष्मीकांत दुबे के विरुद्ध फर्जी ऋण प्रकरण में माधव नगर थाने में 24 जनवरी को सहकारी निरीक्षक गीतेश मेहरा द्वारा आईपीसी की धारा 420, 409, 201 तथा 120 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। सागर जिले में गत दिवस जिला सहकार केन्द्रीय बैंक की गौरझामर शाखा से संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसायटी में फर्जी ऋण प्रकरण पाये जाने पर सोसायटी प्रबंधक, शाखा प्रबंधक तथा सोसायटी अध्यक्ष को दोषी करार दिया गया है। इन दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता-1860 की धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
कटनी जिले के ग्राम गैतरा निवासी कृषक छोटे लाल ने कलेक्टर को शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया था। कृषक ने जानकारी दी थी कि जय किसान फसल ऋण माफी योजना में ग्राम पंचायत में चस्पा की गयी हरी सूची में 4 लाख 39 हजार 222 रुपये 54 पैसे का कर्ज आवेदक के ऋण खाते में दिखाया गया है। यह पूर्णत: गलत है, क्योंकि आवेदक समस्त ऋण 31 मार्च, 2018 के पूर्व चुकता कर चुका है। आवेदन पर कलेक्टर द्वारा जाँच कराये जाने पर ऋण मामला फर्जी पाया गया।

प्रदेश में निवेश के लिए उद्योगपतियों को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किया आमंत्रित

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मुख्यमंत्री कमल नाथ की उपस्थिति में दावोस में सीआईआई “इन्वेस्ट मध्यप्रदेश” कॉन्फ्रेंस में निवेश संबंधी ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए।

* दावोस में नामी उद्योगपतियों से मिले मुख्यमंत्री, निवेश नीति और सुविधाओं के बारे में बताया

भोपाल। रडार न्यूज  मुख्यमंत्री कमल नाथ ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक सम्मेलन में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं के बारे में उद्योगपतियों से मुलाकात की। बुधवार को मुख्यमंत्री श्री नाथ ने देश के बड़े उद्योगपतियों से वन-टू-वन भेंट कर उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नाथ के साथ सभी उद्योगपतियों ने उत्साहपूर्वक चर्चा की और प्रदेश में हर प्रकार की संभावनाओं को तलाश कर निवेश करने का भरोसा दिया ।
विश्व आर्थिक मंच पर मुख्यमंत्री श्री नाथ ने अडानी ग्रुप के गौतम अडानी, वेलस्पन ग्रुप के बी के गोयनका, डालमिया ग्रुप के पुनीत डालमिया, भारत फोर्ज के अमित कल्याणी, ट्राइडेंट ग्रुप के राजिंदर गुप्ता, अडानी पावर के अनिल सरदाना, अमर राजा ग्रुप के जयदेव गाल्ला, वी ई कॉमर्शियल्स के राहुल राय, आईनॉक्स ग्रुप के सिद्धार्थ जैन, सन ग्रुप के शिव खेमका, ट्राईमेक्स ग्रुप के प्रदीप कोनेरू, आरएमजेड कॉर्प के मनोज मेंडा, भारती इंटरप्राइजेज के राकेश भारती मित्तल, रिन्यू पावर के सुमंत सिन्हा, सुजलॉन एनर्जी के तुलसी तांती और लुलु ग्रुप के एम. ए. युसूफ अली से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने सभी उद्योगपतियों को प्रदेश की निवेश नीतियों और राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। उद्योगपतियों के साथ मुलाकात में मुख्यमंत्री के साथ मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती, प्रमुख सचिव उद्योग मोहम्मद सुलेमान और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक बर्णवाल भी मौजूद थे।

1 करोड़ 62 लाख जरूरतमंद व्यक्तियों को वितरित की जायेंगी कीटनाशक युक्त मच्छरदानी

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मुख्यमंत्री कमलनाथ।

* मुख्यमंत्री कमलनाथ छिन्दवाड़ा में और स्वास्थ्य मंत्री खंडवा में करेंगे वितरण

भोपाल। रडार न्यूज  प्रदेश में गरीब, कमजोर और अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के एक करोड़ 62 लाख जरूरतमंद व्यक्तियों को मलेरिया रोग के संक्रमण से बचाने के लिये कीटनाशक दवायुक्त मच्छरदानी नि:शुल्क वितरित की जायेगी। मच्छरदानियों की कुल अनुमानित लागत 300 करोड़ रुपये है।मुख्यमंत्री कमलनाथ छिन्दवाड़ा में और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट खंडवा में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मच्छरदानी वितरण कार्य का शुभारंभ करेगे। मंत्रि-परिषद के अन्य सदस्य अपने-अपने प्रभार के जिलों में मच्छरदानी वितरण कार्य का शुभारंभ करेंगे।

3 वर्ष तक रहेगी प्रभावी

नई तकनीक से कीटनाशक दवायुक्त मच्छरदानी (लाँग लॉस्टिंग इन्सेक्टीसाइडल नेट.एल.एल.आई.एन.) नई तकनीक से बनाई गई है। इसमें निर्माण के दौरान ही नायलोन के धागों में कीटनाशक दवा सिंथेटिक पायरेथ्राइड मिश्रित कर इसे बनाया गया है। इस मच्छरदानी की मजबूती और कीटनाशक क्षमता अधिक समय तक प्रभावी रहती है। कीटनाशकयुक्त मच्छरदानी में उपयोग किये गये कीटनाशक 3 वर्षों तक और 20 बार धुलाई करने तक प्रभावी रहते हैं। मच्छरदानी स्मॉल, मीडियम और लार्ज साइज में प्रदाय की जा रही है।

2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य

कीटनाशकयुक्त मच्छरदानी के उपयोग से मलेरिया के संक्रमण और अन्य मच्छर जनित रोगों से सुरक्षा मिलती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि एल.एल.आई.एन. के उपयोग के बाद मलेरिया के प्रकरणों में 60 से 80 प्रतिशत की कमी आना संभावित है। देश में वर्ष 2030 तक मलेरिया उन्मूलन के निर्धारित लक्ष्य को पाने में एल.एल.आई.एन. एक महत्वपूर्ण घटक है।

मनमानी : चहेतों को उपकृत करने के खेल में एससी-एसटी के साथ भेदभाव, वरिष्ठता को भी किया दरकिनार, वन विभाग के बड़े अफसरों का कारनामा

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फाइल फोटो।

* पन्ना में जूनियरों डिप्टी रेंजरों को नियम विरुद्ध दिया गया रेंज का प्रभार

* उपेक्षित महसूस कर रहे सीनियर डिप्टी रेंजर, वन कर्मचारी संघ ने जताई आपत्ति

पन्ना। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के संरक्षित और सामान्य वन मंडलों में पिछले कई महीनों से सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। यहाँ वन्यजीवों के शिकार की घटनाएँ चिंताजनक तेजी से बढ़ीं हैं, बड़े पैमाने पर वनों की अंधाधुंध कटाई जारी है, पत्थर व हीरा खनन के लिए माफिया जंगल को उजाड़ने और पहाड़ों को खोखला करने में जुटे हैं। वन संपदा के विनाश से जुड़ीं इन गंभीर चुनौतियों का सामना करने के मोर्चे पर जिम्मेदार विभागीय अधिकारी अक्षम और असफल साबित हो रहे हैं। उधर, इनके द्वारा मनमाने तरीके से लिए जा रहे भेदभावपूर्ण गलत निर्णयों के कारण विभागीय अमले में असंतोष पनप रहा है। डिप्टी रेंजरों को रेंज का प्रभार देने का मामला इसका इसका एक उदाहरण मात्र है।
पन्ना के उत्तर वन मंडल एवं पन्ना टाईगर रिजर्व अंतर्गत चहेतों को उपकृत करने के लिए सीनियर डिप्टी रेंजरों को दरकिनार कर जूनियर को रेंज का प्रभार दिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निहित स्वार्थपूर्ति के लिए की गई इस मनमानी के चलते सीनियर डिप्टी रेंजर अपमानित महसूस कर रहे हैं। उत्तर वन मण्डल की  विश्रामगंज रेंज के प्रभारी वन परिक्षेत्राधिकारी मनोज बघेल का मूल पद डिप्टी रेंजर है। वरिष्ठता के मामले में इनका नंबर अपने ही विभाग के डिप्टी रेंजर नंदा प्रसाद अहिरवार, घनश्याम सिंह चौहान, लीलाधर शाह के बाद आता है। लेकिन, पन्ना और छतरपुर में बैठे विभागीय अधिकारियों की मेहरबानी के चलते पहलवान बने  जूनियर डिप्टी रेंजर अपने सीनियरों पर भारी पड़ रहे हैं। रेंज का प्रभार देने के मामले में वरिष्ठता को नजरअंदाज करने का यह अनुचित और आपत्तिजनक निर्णय शिवराज सरकार के समय लिया गया था। सूत्रों के अनुसार भाजपा नेताओं से नजदीकी के चलते इन्हें नियम विरुद्ध लाभ देकर उपकृत किया गया।

देवेंद्रनगर से रेंजर को हटाया

नरेश सिंह यादव, डीएफओ उत्तर वन मंडल पन्ना।
उल्लेखनीय है कि सभी राजनैतिक दल और सरकारें आरक्षित वर्गों के हितों के संरक्षण की बात तो करती हैं लेकिन इस पर ईमानदारी से अमल नहीं करतीं। सामान्य वर्ग से आने वाले जूनियर डिप्टी रेंजर मनोज बघेल को रेंज का प्रभार देने का खामियाजा आरक्षित वर्ग से ताल्लुक रखने सीनियर डिप्टी रेंजर नंदा प्रसाद अहिरवार, लीलाधर शाह को उठाना पड़ रहा है। उधर, कुछ समय पहले देवेन्द्रनगर रेन्ज के परिक्षेत्राधिकारी (रेंजर) सुरेन्द्र शेण्डे को हटाकर वहाँ भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी अखिल बंशल को पदस्थ किया गया। जबकि उत्तर वन मंडल में ही तैनात की गईं मध्यप्रदेश वन सेवा की प्रशिक्षु अधिकारी सुश्री हरमन गोपा को अब तक किसी रेंज का प्रभार नहीं मिला है।
इस मामले में गौर करने वाली बात यह है कि आईएफएस अधिकारी अखिल बंशल को रेंज में पदस्थ करने के लिए पन्ना तथा विश्रामगंज रेंज का प्रभार सम्भाल रहे डिप्टी रेंजरों को न हटाकर देवेन्द्रनगर से आरक्षित वर्ग के रेंजर को पृथक किया गया। जबकि उत्तर वन मण्डल रेंजरों की कमी से जूझ रहा है। क्या यह निर्णय उचित है, इस पर बहस हो सकती है। जूनियर डिप्टी रेंजर रेंजों के प्रभार सम्भालें और रेंजर व सीनियर डिप्टी रेंजर लूप लाइन में पड़े रहें यह कहाँ का न्याय है। इतना ही नहीं प्रशिक्षण पर आईं सुश्री गोपा को अब तक कोई रेन्ज सिर्फ इसलिए नहीं मिल पा रही है क्योंकि ऐसा करने पर चहेते डिप्टी रेंजरों में से किसी एक से रेंज का प्रभार छिन जाएगा। इससे वरिष्ठ अधिकारियों के हित भी प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से प्रभावित होंगे।

सीएफ को सौंपा ज्ञापन

कुछ इसी तरह की स्थिति पन्ना टाईगर रिजर्व में भी देखी जा रही है। यहाँ सीनियर डिप्टी रेंजर कृपाल सिंह के पास किसी रेंज का प्रभार नहीं है जबकि उनसे जूनियर लालबाबू तिवारी, अमर सिंह, और रामप्रसाद प्रजापति प्रभारी रेंजर बने बैठे हैं। डिप्टी रेन्जर कृपाल सिंह अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं। इस तरह आरक्षित वर्गों से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ डिप्टी रेंजरों को रेंज कार्यालय का प्रभार न देकर उनके साथ खुलेआम भेदभाव किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के इस कारनामे से आरक्षित वर्गों के वनकर्मी उपेक्षित और अपमानित महसूस कर रहे हैं। सवाल यह है कि इन्हें आखिर किस अपराध की सजा दी जा रही है। वन विभाग के अंदर भी इसे लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है। कुछ दिन पूर्व मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ के द्वारा इस मनमानी के खिलाफ मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर को ज्ञापन सौंपकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। वन कर्मचारी संघ ने यह चेतावनी भी दी है कि इस मनमानी को यदि तुरंत नहीं रोका गया तो उसे आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।

दागियों पर मेहरबान

फाइल फोटो।
मनमाने तरीके से जूनियर डिप्टी रेंजरों को रेंज का प्रभार देने के मामले में उनकी छवि और कारनामों की घोर अनदेखी की गई। मालूम हो कि उत्तर वन मण्डल की विश्रामगंज रेंज के प्रभारी रेंजर मनोज सिंह बघेल की पत्नी के नाम पर दर्ज ट्रेक्टर को वन भूमि में अवैध रूप से जुताई करते हुए श्री बघेल ने ही जब्त किया था। इनके ऊपर निजी भूमि में पौधरोपण कराने, विभागीय कार्यों में अनियमितता करने, वन अपराधों की रोकथाम में असफल रहने के आरोप हैं। पन्ना टाईगर रिजर्व की पन्ना रेंज के प्रभारी रेंजर लालबाबू तिवारी पर भी भ्रष्टाचार के कई संगीन आरोप हैं। संरक्षित वन क्षेत्र से रेत, पिपरमेंट का अवैध परिवहन कराने और 50 श्रमिकों को बँधुआ मजदूर बनाकर उनसे पौधरोपण कार्य कराने के मामले में इनके विरुद्ध विभागीय जाँच चल रही है। बाबजूद इसके सीनियर डिप्टी रेंजरों को नजरअंदाज कर दागी जूनियरों पर वन विभाग के अधिकारी मेहरबान हैं। वरिष्ठ अधिकारियों से मिल रहे खुले संरक्षण के चलते वन विभाग में जमे दागी डिप्टी रेंजरों के हौसले बुलंद हैं। इस संबंध में जब मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर राघवेन्द्र श्रीवास्तव से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल बंद होने कारण संपर्क नहीं हो सका। वहीं उत्तर वन मंडल पन्ना के डीएफओ नरेश सिंह यादव के शासकीय कार्य के सिलसिले में प्रदेश से बाहर असम में होने के कारण उनसे भी बात नहीं हो सकी।

मध्यप्रदेश में पुजारियों के आएँगे अच्छे दिन, मानदेय में पांच गुना तक होगी वृद्धि

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जनसम्पर्क, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने मध्यप्रदेश संत पुजारी महासंघ स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित किया।

* धर्मस्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने संत पुजारी महासंघ के कार्यक्रम में की घोषणा

* मंदिरों के बेहतर रख-रखाव और संरक्षण के लिए अनुदान भी मिलेगा

भोपाल। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में किसानों का दो लाख तक का कृषि ऋण माफ़ होने के बाद अब जल्दी ही पुजारियों के अच्छे दिन आने वाले हैं। प्रदेश की कमलनाथ सरकार पुजारियों के मानदेय में पांच गुना तक वृद्धि करने जा रही है। धार्मिक न्यास-धर्मस्व एवं जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने आज एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी है। मध्यप्रदेश संत पुजारी महासंघ के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री शर्मा कहा कि सरकार शीघ्र ही पुजारियों के मानदेय में पांच गुना तक वृद्धि करने जा रही है। उन्होंने मंदिरों के रख-रखाव और संरक्षण के लिए अनुदान भी दिए जाने की बात कही।
मंत्री पी.सी. शर्मा को पुजारियों ने माँग पत्र सौंपा।
मंत्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि संत पुजारियों एवं धार्मिक स्थलों से संबंधित समस्याओं का निराकरण शीघ्र ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने अध्यात्म विभाग का गठन किया है। सभी समस्याओं के निराकरण के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में पुजारियों के द्वारा मांग पत्र धर्मस्व मंत्री को सौंपा गया। मांग पत्र में उल्लेखित मांगों पर विचार उपरांत उन्हें पूरा करने के हर संभव प्रयास किए जाने को श्री शर्मा ने आश्वस्त किया है। कार्यक्रम में पार्षद योगेन्द्र सिंह चौहान, संत पुजारी संघ के उपाध्यक्ष जगदीश शर्मा, नरेन्द्र दीक्षित, राकेश चतुर्वेदी, धु्व नारायण एवं अन्य पुजारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री आवास योजना में 700 करोड़ आवंटित करने की माँग, मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री पुरी से की भेंट

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नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह ने केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार हरदीप सिंह पुरी से भेंट की।
भोपाल। रडार न्यूज  प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने सोमवार को नई दिल्ली में शहरी विकास और आवास राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भेंट कर प्रदेश में चल रही विभागीय योजनाओं के संबंध में चर्चा की। मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में कुल 712 करोड़ रुपये आवंटित करने की माँग की।
श्री सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में लगभग एक लाख आवासों के लिये 600 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त और द्वितीय किश्त के रूप में 112 करोड़ रुपये आवंटित करने का आग्रह किया। मंत्री श्री सिंह ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में वित्तीय वर्ष 2018-19 की द्वितीय किश्त के 29 करोड़ 51 लाख रुपये जारी करने का अनुरोध किया।
मंत्री श्री सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन में 25 हजार 160 सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालय निर्माण का लक्ष्य पूरा करने के लिये 14 करोड़ 32 लाख रुपये का अतिरिक्त आवंटन जारी करने का आग्रह किया है। श्री सिंह ने इस अतिरिक्त आवंटन की माँग के पीछे सार्वजनिक शौचालय की पुनरीक्षित लागत को बताया है। उन्होंने प्रदेश में शहरी विकास योजनाओं की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराया। इस दौरान प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास प्रमोद अग्रवाल भी उपस्थित थे।

मेला देखने मायके आई नव विवाहिता हुई लापता, पत्नी की तलाश में दर-दर भटक रहा युवक, पुलिस से लगाई गुहार “प्लीज, मेरी मदद करो”

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पुलिस चौकी पहाड़ीखेरा के परिसर में उदास-हताश बैठा रामदीन कोल (जर्सी में) और उसका रिश्तेदार।

* पन्ना जिले के पहाड़ीखेरा पुलिस चौकी क्षेत्र की घटना

पन्ना। रडार न्यूज   मकर संक्रांति के पर्व पर मेला देखने के लिए ससुराल से अपने मायके आई 20 वर्षीय नव विवाहिता रहस्मय तरीके से लापता हो गई। विवाहिता के अचानक लापता होने उसका पति, माता-पिता सहित अन्य परिजन अत्यंत चिंतित और परेशान हैं। गुमशुदगी की यह घटना मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के पुलिस थाना बृजपुर अंतर्गत आने वाले पहाड़ीखेरा चौकी क्षेत्र की है। पत्नी की तलाश में पिछले कई दिनों से दर-दर भटक रहे रामदीन कोल की हालत विक्षिप्त जैसी हो गई है। नजदीकी रिश्तेदारी से लेकर सभी संभावित स्थानों पर खोजबीन कर थकहार चुके रामदीन ने पत्नी की तलाश के लिए पहाड़ीखेरा चौकी पुलिस से गुहार लगाई है।
रामदीन ने पुलिस को बताया कि- उसकी पत्नी आरती बहुत अच्छी थी और उसे बहुत प्रेम करती थी। वह इस तरह अचानक उसे छोड़कर क्यों चली गई उसे खुद भी कुछ समझ नहीं आ रहा है।इस घटनाक्रम पर चौकी पुलिस ने फ़िलहाल गुमइंसान का प्रकरण कायम किया है। मामला नवविवाहिता से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे संवेदनशीलता लिया है। पड़ोसी जिलों के पुलिस थानों को लापता आरती कोल 20 वर्ष की अपने-अपने क्षेत्र में खोजबीन हेतु उसके हुलिया, कद-काठी की जानकारी के साथ उसका पासपोर्ट साईज का फोटो भी भेजा है। इधर, पहाड़ीखेरा और बृजपुर पुलिस ने भी अपने स्तर पर तलाश शुरू कर दी है।

डेढ़ वर्ष पूर्व हुआ था विवाह

लापता आरती कोल का स्कूल के दिनों का फोटो।
पड़ोसी जिला सतना के ग्राम इटवां बमरहा निवासी रामदीन कोल पुत्र नत्थू कोल 27 वर्ष ने पुलिस को बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व ग्राम भसूड़ा निवासी निवासी आरती के साथ उसका विवाह हुआ था। पेशे से राजमिस्त्री रामदीन काम के सिलसिले में कुछ समय से चित्रकूट में रह रहा था जबकि पत्नी आरती कोल उसके माता-पिता के साथ गाँव में रहती थी। कुछ दिन पूर्व मकर संक्रांति पर्व पर पटपरनाथ का मेला देखने के लिए आरती ससुराल से अपने मायके ग्राम भसूड़ा आई थी। मेला देखने के बाद आरती अपने घर गई और फिर अगले दिन 15 जनवरी की सुबह वह अचानक रहस्मय तरीके से लापता हो गई। जब इस अप्रत्याशित घटना की सूचना रामदीन को दी गई तो वह इसे मजाक समझा। लेकिन, जब सास-ससुर से बात हुई तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। बिना किसी देरी के चित्रकूट से भागा-दौड़ा वह भसूड़ा पहुँचा और फिर पूरी जानकारी प्राप्त कर गाँव में अपने माता-पिता को इसकी सूचना दी।
फाइल फोटो।
अपने स्तर पर पत्नी की तलाश करके थकहार चुके रामदीन ने पहाड़ीखेरा चौकी पुलिस से मदद माँगी है। शनिवार 19 जनवरी को आरती की फोटो लेकर पहाड़ीखेरा पहुँचे रामदीन ने पुलिस को बताया कि मेरी पत्नी बहुत अच्छी है, मुझे प्रेम बहुत प्रेम करती थी, साथ ही मेरी और मेरे वृद्ध माता-पिता की सेवा भी करती थी। पत्नी के वियोग में व्यथित रामदीन का दर्द यह है कि दोनों के बीच जब सबकुछ अच्छा चल रहा था तो अचानक ऐसा क्या हुआ, जो उसकी पत्नी उसे बगैर कुछ बताए अचानक गायब हो गई। नव विवाहिता पत्नी के लापता होने के बाद से रामदीन को हर पल बस यही बात बेचैन और व्यथित कर रही है। उल्लेखनीय है कि डेढ़ वर्ष के वैवाहिक जीवन के बाद भी इनकी कोई संतान नहीं है। बहरहाल, नवविवाहिता के लापता होने के मामले की प्रारंभिक पुलिस जाँच में यह साफ़ नहीं हो पाया है कि आरती कोल अपनी मर्जी से कहीं गई है या फिर कोई उसे अगवा कर ले गया है।