* प्रत्येक पात्र किसान को फसल कर्ज माफी योजना लाभ : प्रभारी मंत्री
* मंत्री डॉ. प्रभूराम चौधरी ने किसानों को कर्ज मुक्ति एवं सम्मान प्रमाण पत्र बाँटे
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी जय किसान फसल कर्ज माफी योजना के अन्तर्गत जिले की प्रत्येक तहसील में समारोह आयोजित कर किसानों को कर्ज मुक्ति एवं सम्मान प्रमाण पत्र वितरित किए जा रहे हैं। प्रदेश के शिक्षा मंत्री एवं पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभूराम चौधरी के मुख्य आतिथ्य में शुक्रवार 1 मार्च को जिले की सिमरिया, अमानगंज एवं पन्ना मुख्यालय में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में किसानों को ऋण मुक्ति एवं सम्मान पत्र वितरित किये गए। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि प्रमाण पत्र वितरण का कार्य का शुभारंभ हो चुका है। प्रत्येक पात्र किसानों को ऋण मुक्ति एवं सम्मान पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार हर वर्ग के कल्याण की योजनाएं चला रही है। अब शासन की योजनाओं से कोई भी वर्ग वंचित नहीं रहेगा।
जिले की तीनों तहसील में आयोजित कार्यक्रमों का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण के साथ ही सबसे पहले किसानों की चिंता करते हुए जय किसान फसल ऋण माफी योजना की फाइल पर हस्ताक्षर किये थे। उन्होंने योजना के शुभारंभ के साथ ही प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जल्द से जल्द किसानों की सूची तैयार कर कर्ज माफी का कार्य प्रारंभ किया जाए। प्रदेश के 55 लाख किसानों को प्रथम चरण में कर्ज माफी एवं सम्मान पत्र वितरण का कार्य प्रत्येक जिले में प्रदेश के मंत्रीगण जाकर कर रहे हैं। इसके उपरांत जो भी लोग शेष रह गए हैं उनके ऋण माफी की कार्यवाही निरंतर जारी है। शेष लोगों को बैंक एवं जिला प्रशासन के अधिकारी किसानों के घर जाकर ऋण मुक्ति एवं सम्मान पत्र देंगे।
रोजगार के लिए युवा कराएं पंजीयन
प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभूराम चौधरी ने शासन की युवा स्वाभिमान स्वरोजगार योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अभी तक राष्ट्रीय महात्मा गांधी रोजगार योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 100 का रोजगार उपलब्ध कराया जाता था। अब शहरी क्षेत्र के युवाओं के लिए यह योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्र के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर 100 का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। 21 साल से ऊपर के प्रत्येक बेरोजगार को 4 हजार रूपये महीने का भत्ता भी दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि शत-प्रतिशत युवा पंजीयन कराकर इस योजना का लाभ उठाएं। उन्हेंने मुख्यमंत्री विवाह-निकाह योजना पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब 51 हजार रूपये की राशि दी जा रही है। इसमें 48 हजार रूपये की राशि सीधे कन्या के खाते में जाएगी। उन्होंने गौसंवर्धन-संरक्षण के उद्देश्य से प्रारंभ की गई योजना के तहत कहा कि अब प्रत्येक जनपद पंचायत में 3-3 गौशालाएं प्रथम चरण में खोली जाएंगी। इसके बाद आवश्यकता अनुसार और गौशालाएं खोली जाएंगी।
उन्होंने बताया कि वृद्धापेंशन योजना की राशि भी बढाकर 600 रूपये कर दी गयी है जो अप्रैल माह से मिलना प्रारंभ हो जाएगी। आगामी आने वाले समय में इस राशि को और भी बढाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार लाने के लिए शिक्षक पालक संघ की बैठकें आयोजित कर अभिभावकों को शिक्षण संस्थाओं में जाकर पठन-पाठन व्यवस्था को देखने की अपील की गयी है। उन्हेंने कहा कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नही किया जाएगा। मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया कमलनाथ जी लगातार प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। प्रभारी मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि प्रदेश में अल्प वर्षा के मद्देनजर ग्रीष्मकाल में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए भी प्रयास किये जा रहे हैं।
गड़बड़ी करने वालों की होगी एफआईआर
कलेक्टर मनोज खत्री ने अपने उद्बोधन में बताया कि जिले में जय किसान फसल ऋण माफी योजना के तहत किसानों को कर्ज मुक्ति एवं सम्मान पत्र का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। जिले में 85 हजार 339 आवेदन किए गए थे, इन आवेदनों में से 36439 आवेदनों का सत्यापन हो गया है। इन सत्यापित आवेदक किसानों को 111 करोड से अधिक की राशि ऋण मुक्ति के तहत किसानों के बैंक खातों में जमा कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 31 मार्च 2018 तक किसानों द्वारा लिए गए ऋणों को माफ किया जा रहा है। इसी तरह 12 दिसंबर 2018 तक जिन किसानों द्वारा अपने से ऋण राशि को बैंकों में जमा करा दिया गया था उन किसानों को सम्मान पत्र देकर सम्मानित करने के साथ उनकी राशि को भी उनके बैंक खातों में जमा कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी के द्वारा भी किसी अन्य किसान के फर्जी तरीके से ऋण लिया गया है ऐसे लोगों की जांच प्रारंभ कर दी गयी है। जांच में पकड़े गए लोगों के विरूद्ध पुलिस में प्रकरण दर्ज कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी किसान को ऐसा लगता है कि वह इस योजना के तहत पात्र है और लाभ से वंचित रह गया है वे किसान आवेदन कर सकते हैं। इसकी जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की अध्यक्षता में समितियां बनाई गयी हैं। ऐसे प्रकरण की जांच उपरांत पात्र पाए जाने वाले किसान को ऋण मुक्ति प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
इनकी रही उपस्थिति
पन्ना में किसानों को प्रमाण पत्र वितरण के कार्यक्रम को गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी, शिवजीत सिंह, मीना यादव, जिला पंचायत सदस्य केशव प्रताप सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिव्यारानी सिंह, पन्ना ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनीस खान, मनीष मिश्रा, बृजमोहन यादव, इंद्रमणि गर्ग ने सम्बोधित करते हुए शासन की योजनाओं पर प्रकाश डाला। तहसील स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री कैप्टन जयपाल सिंह, पूर्व सांसद एवं पूर्व मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, अनुराधा शेंडगे, रविन्द्र शुक्ला, आनंद शुक्ला, जयनरेश दिवेदी, रावेन्द्र प्रताप सिंह, भभूत सिंह राजपूत, केपी सिंह बुंदेला, केशरी अहिरवार, मनीष शर्मा, दीपचंद्र अग्रवाल, वैभव थापक, दीपक तिवारी, मृगेंद्र सिंह एवं प्रशासनिकअधिकारी-कर्मचारी,पंच-सरपंच, गणमान्यजन नागरिक तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
2









मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने 73वें संविधान संशोधन के जरिए पंचायतों को सर्वअधिकार सम्पन्न बनाने की बुनियाद रखी थी। दिग्विजय सिंह सरकार ने इस क्रांतिकारी संविधान संशोधन को मध्यप्रदेश में पूरे देश में सबसे पहले लागू किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का हृदय ग्रामीण क्षेत्र है। हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती ग्रामीण क्षेत्रों की कार्य-शैली पर ही आधारित है। इस मौके पर पंचायत प्रतिनिधियों के विकास राशि के अधिकार में वृद्धि करने की घोषणा की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष की विकास राशि को दोगुना करते हुए 25 से बढ़ाकर 50 लाख, उपाध्यक्ष को 15 से बढ़ाकर 25 लाख, जिला पंचायत सदस्य को 10 से बढ़ाकर 15 लाख, जनपद पंचायत अध्यक्ष को 12 लाख से बढ़ाकर 15 लाख, जनपद उपाध्यक्ष को 8 लाख से बढ़ाकर 10 लाख और जनपद सदस्य को 4 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रूपये तक के विकास कार्यों की घोषणा करने के अधिकार होंगे।



मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बड़े शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था की समस्या पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इसके लिए एकीकृत पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था के बारे में विचार करना होगा उन्होंने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग के लिए बजट की कमी नहीं होगी। पुलिस अधिकारियों ने स्मार्ट पुलिसिंग में आने वाली बाधाओं और उनको दूर करने के उपायों के संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा की। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों से ट्रैफिक व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी रखने, नशा मुक्ति केंद्र खोलने, निचले पुलिस अमले को कंप्यूटर ट्रेनिंग देने, पुलिस आवास व्यवस्था के विस्तार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में पुलिस महानिदेशक वी. के. सिंह, प्रमुख सचिव गृह मलय श्रीवास्तव और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।


मृतक अंशुल मिश्रा के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित परिजनों एवं ग्रामीणों ने दोपहर में पुलिस थाना बृजपुर के बाहर जमकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया। इस प्रदर्शन के चलते कुछ देर के लिए बृजपुर-पहाड़ीखेरा मार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित रहा। इस दौरान वहाँ मौजूद पुलिस बल ने सूझबूझ से काम लेते हुए आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने का भरोसा दिलाकर प्रदर्शन को समाप्त कराया।




एम.डी.ए. (मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) कार्यक्रम के सफल आयोजन के उद्देश्य से सोमवार 18 फरवरी 19 को कलेक्टर सभागार पन्ना में कलेक्टर मनोज खत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सभी विभाग प्रमुख एवं कार्यालय प्रमुख उपस्थित थे। कलेक्टर श्री खत्री ने निर्देशानुसार फाइलेरिया से प्रभावित जिले के सत्रह हाईरिस्क ग्राम-नगर में जिले स्तरीय अधिकारियों द्वारा स्वंय सामूहिक दवा सेवन का निरीक्षण किया जायेगा। इसके अलावा ग्रामों एवं नगरों में संबंधित निकाय द्वारा विशेष रूप से स्वच्छता अभियान संचालित करेंगे जिससे कि गंदे पानी में-नालियों में पनपने वाले क्यूलेक्स मच्छर से होने वाली हाथी पांव एवं हाइड्रोसिल जैसी बीमारियों को नियंत्रित किया जा सके। कलेक्टर मनोज खत्री ने फाइलेरिया रोग के प्रति जान जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से सभी विभाग प्रमुखों को अपने कार्यालयों में फाइलेरिया से संबंधित आइ.ई.सी. (प्रचार-प्रसार) सामग्री का प्रदर्शन करने एवं दवा सेवन के लिए कर्मचारियों एवं नागरिकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।


