Home Blog Page 190

डायल 100 का दुरूपयोग करने पर एएसआई समेत 3 पुलिसकर्मी लाइन अटैच

0
देवेन्द्रनगर पुलिस थाना का वह डायल 100 वाहन जिसका उपयोग राशन की कालाबाजारी में किया गया

* रात के अंधेरे में 100 डायल वाहन से की थी शासकीय अनाज की कालाबाजारी

रमेश अग्रवाल, देवेन्द्रनगर (पन्ना) । रडार न्यूज   डायल 100 का दुरूपयोग कर ग्राम सिमरी मड़ैयन की शासकीय उचित मूल्य की दुकान से गरीबों के राशन की कालाबाजारी करने वाले एएसआई समेत 3 पुलिसकर्मियों को पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह ने तत्काल प्रभाव से देवेन्द्रनगर थाना से हटाते हुए लाइन अटैच कर दिया है। पिछले दिनों चर्चा में आये इस मामले का खुलासा ग्राम सिमरी मड़ैयन के जागरूक ग्रामीणों ने किया था। रात के अंधेरे में 100 डायल वाहन से शासकीय अनाज की पुलिसकर्मियों द्वारा कालाबाजारी किये जाने की शिकायत प्रत्यक्षदर्शियों ने तहसीलदार देवेन्द्रनगर व पुलिस थाना देवेन्द्रनगर में की थी। ग्रामीणों की शिकायत पर तहसीलदार व टीआई हिमांशु चौबे ने गांव पहुँचकर उनके व आरोपित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए थे।
देवेन्द्रनगर थाना प्रभारी द्वारा जांच प्रतिवेदन भेजे जाने पर पुलिस कप्तान ने विभाग की बदनामी से जुड़े इस प्रकरण को गंभीरता से लिया है। देवेन्द्रनगर टीआई हिमांशु चौबे ने जांच प्रतिवेदन में बताया है कि जिस दिन ये घटनाक्रम हुआ उस दिन 100 डायल पुलिस वाहन का ग्राम सिमरी मड़ैयन के लिए कोई इवेंट सूचना नहीं था। अर्थात डायल 100 वाहन को बिना शासकीय कार्य के मनमाने तरीके से ले जाया गया था। बिना इवेंट के वाहन को ग्राम सिमरी मड़ैयन ले जाने और उसमें सरकारी अनाज की बोरियां लादकर वाहन दुरुपयोग किया गया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने दोषी सहायक उपनिरीक्षक मान सिंह, प्रधान आरक्षक कुंजबिहारी व आरक्षक कृष्ण प्रताप सिंह यादव को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर विभागीय अमले को साफ संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता और गलत कार्यों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बेलगाम ट्रक और मोटर साईकिल की सीधी भिड़ंत, एक की मौत, एक गम्भीर

0
सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त टीव्हीएस अपाचे मोटरसाइकिल।

* पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर कस्बा में हुआ सड़क हादसा

देवेन्द्रनगर (पन्ना) । रडार न्यूज   पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्रान्तर्गत रविवार 6 दिसम्बर की रात्रि 11 बजे के करीब सलेहा रोड में मोटरसाइकिल व ट्रक की सीधी भिड़ंत में एक युवक की मौत हो गई जबकि उसका साथी गम्भीर रूप से घायल हो गया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार की रात्रि अतुल बागरी पिता बसन्त कुमार बागरी निवासी नुनाही थाना देवेन्द्रनगर व उसका मित्र गोलू बागरी निवासी बसुधा थाना नागौद जिला सतना अपाचे मोटरसाइकिल से सलेहा रोड की ओर अपने मित्र के यहाँ जन्मदिन मनाने जा रहे थे। रास्ते में मध्य भारत ग्रामीण बैंक के सामने चलते ट्रक और मोटरसाइकिल में सीधी भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में मोटरसाइकिल में सवार दोनों युवकों को गम्भीर चोटें आईं जिन्हें उपचार हेतु स्थानीय लोगों की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवेन्द्रनगर ले जाया गया। इलाज के दौरान अतुल बागरी ने दम तोड़ दिया वहीं गम्भीर रूप से घायल गोलू बागरी को प्राथमिक इलाज के बाद जबलपुर रेफर कर दिया गया। जहाँ पर उसका इलाज जारी है।
पुलिस ने घटना की सूचना पर अज्ञात ट्रक चालक के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया है। सोमवार 7 दिसम्बर को शव का पोस्टमार्टम होने के उपरांत उसे परिजनों को सौंपा गया। उल्लेखनीय है कि इस सड़क दुर्घटना की सूचना देने के घटना के आधे घण्टे तक 108 वाहन मौके पर नहीं पहुंचा। इस दौरान खून से लथपथ दोनों घायल जमीन पर तड़पते रहे। जिससे सही समय पर उपचार न मिलने के कारण एक की मौत हो गई और दूसरा जिंदगी और मौत की जंग से जूझ रहा है।

द बर्निंग बस : तीर्थयात्रियों से भरी बस में शार्ट-सर्किट से भड़की भीषण आग, जान बचाने लिए खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकले यात्री, चंद मिनिट में जलकर ख़ाक हुई बस

0

* पन्ना-छतरपुर मार्ग पर स्मृति वन के समीप हुआ हादसा

* रात्रि 3 बजे बस में आग लगते ही फैली अफरा-तफरी, नींद में थे यात्री

* चालक-परिचालक की सूझबूझ और तत्परता से बाल-बाल बचे 50 तीर्थयात्री

* बस अग्निकांड से मड़ला घाटी में 3 वर्ष पूर्व हुए भयानक हादसे की यादें हुई ताजा

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज   महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले से 50 तीर्थ यात्रियों को लेकर गंगासागर जा रही बस में सोमवार देर रात 3 बजे शार्ट-सर्किट के कारण अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग की लपटों ने प्रचंड रूप धारण करते हुए पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। बस के चालक-परिचालक ने सजगता दिखाते हुए बड़ी ही सूझबूझ और तत्परता के साथ समय रहते सभी यात्रियों को नींद से जगाकर जलती हुई बस से किसी सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस बीच चंद मिनिट में ही पूरी बस धू-धूकर जलकर गई। इस हादसे की सूचना मिलने पर दो दमकल वाहन और पन्ना कोतवाली थाना पुलिसकर्मी आनन-फानन मौके पर पहुँच गए। दमकल वाहनों में तैनात फायरमैनों ने पानी की बौछार कर आग पर काबू पा लिया लेकिन तब तक पूरी बस जल चुकी थी। हादसे में बाल-बाल बचे तीर्थ यात्रियों को कोतवाली पुलिस द्वारा रात्रि में ही स्मृति वन में ठहराया गया और उनकी भोजन आदि की व्यवस्था की गई। वहीं पन्ना के कई संवेदनशील लोगों व सामाजिक संगठनों ने आगे आकर तीर्थ यात्रियों को कपड़े, बिस्तर, जूते-चप्पल उपलब्ध कराये। सोमवार 7 दिसम्बर की सुबह पन्ना में लोग जब नींद से जागे तो इस हादसे के बारे में जानकर दंग रह गए।

ओरछा से चित्रकूट जा रही थी बस

प्राप्त जानकारी के अनुसार विजय लक्ष्मी बस सर्विस की बस क्रमाँक-MP-13-P-3611 रविवार 6 दिसम्बर की शाम को टीकमगढ़ जिले के ओरछा से चित्रकूट के लिए रवाना हुई थी। यह बस देर रात 3 बजे जब पन्ना के समीप स्मृति वन पहुँची तो अचानक इंजन से धुँआ निकलने लगा और देखते ही देखते आग भड़क उठी। चालक-परिचालक ने सजगता दिखाते हुए हादसे की आशंका पर तुरंत तीर्थ यात्रियों को नींद से जगाकर बस से बाहर निकाला। इस बीच मची अफरा-तफरी के चलते कई यात्री जलती हुई बस से जल्दी से जल्दी बाहर निकलकर जान बचाने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़कर कूद गए। राहगीरों की मदद से पुलिस को हादसे की सूचना दी गई। आनन-फानन मौके पर पहुंचे दमकल चालक उत्तम सुनकर व रामआसरे साहू, फायर मैन अमित सेन, रुपेश शर्मा ने भी कई यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की और फिर आग को काबू किया गया। हालांकि, बस तब तक पूरी तरह जल चुकी थी।

… तो कोई जिंदा न बचता

सोमवार देर रात हुए बस अग्निकांड ने तीन वर्ष पूर्व मड़ला घाटी में हुए हृदय विदारक भयावह हादसे की यादें ताजा कर दीं हैं। मई 2015 में मड़ला घाटी में चलती बस में आग लगने के बाद वह पुलिया के नीचे गिर गई थी। लाछागृह बनी बस में सवार रहे 22 यात्री जिंदा जलकर असमय काल-कवलित हो गए थे। इस हादसे में भी तीर्थ यात्रियों के बचने की उम्मीद नहीं थी। क्योंकि, तीर्थ यात्री बस में खाना पकाने के लिए 7 गैस सिलेंडर, बड़ी मात्रा में कैरोसीन, खाने का तेल आदि सामग्री रखे हुए थे। बस में जब आग लगी तो चालक-परिचालक ने सजगता और सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत सभी यात्रियों को नींद से जगाकर बाल-बाल बचा लिया। वहीं दमकल कर्मियों ने समय रहते जलती हुई बस से गैस सिलेंडर बाहर निकाल लिए जिससे उनमें ब्लास्ट नहीं हो सका। भीषण बस अग्निकांड में मौत के भयावह मंजर को करीब से देखने वाले तीर्थयात्री कोई जनहानि न होने को ईश्वरीय चमत्कार बता रहे हैं।

क्राइम | पन्ना की सुनहरा रेत खदान में विवाद, फायरिंग और लूटपाट से इलाके में फैली दहशत

0
विवाद के बाद सुनहरा रेत खदान में कार्यवाही करती अजयगढ़ थाना की पुलिस टीम।

* भाजपा नेता के हाइवा में रेत की लोडिंग को लेकर हुआ था विवाद

* रेत खदान के मैनेजर और गुर्गों ने की फायरिंग, अजयगढ़ थाना में रिपोर्ट दर्ज

* कांग्रेस नेता के भतीजे और साथियों पर लूटपाट, तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप

अजयगढ़ (पन्ना)। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सक्रिय माफियाओं ने रेत की लूट के लिए अजयगढ़ विकासखण्ड की रेत खदानों को खूनी संघर्ष का मैदान बना दिया है। परिणामस्वरुप खदान क्षेत्रों गोलीबारी, लूटपाट और मारपीट जैसी संगीन वारदातें आम हो चुकीं हैं। यहाँ तेजी से बेकाबू होते हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा है कि रेत खदानों में माफियाओं की मर्जी के बगैर आमआदमी तो क्या प्रशासनिक अधिकारी तक वहाँ नहीं जा सकते है। अजयगढ़ में केन नदी पर संचालित वैध और अवैध रेत खदानों के चलते कई किलोमीटर का इलाका अघोषित तौर पर प्रवेश से प्रतिबंधित क्षेत्र में तब्दील हो चुका है। शनिवार 5 जनवरी को यहाँ शिवा काॅर्पोरेशन द्वारा संचालित सुनहरा रेत खदान में तीन पक्षों के बीच जमकर विवाद होने की खबर है। जिसमें फायरिंग, लूटपाट, मारपीट, तोड़फोड़ होने की बात सामने आई है। रेत की खुलेआम लूट के लिए बदनाम अजयगढ़ की खदानें इस घमासान के बाद एक बार फिर सुर्खियों में हैं।

केन नदी से पानी के अंदर से रेत के खनन व लोडिंग में उपयोग होने वाली जब्तशुदा जेसीबी मशीन।
प्राप्त जानकारी अनुसार भारतीय जनता पार्टी पन्ना के पूर्व जिलाध्यक्ष जयप्रकश चतुर्वेदी के हाइवा क्रमांक- MP-35-HA-0385 को लेकर चालक भूरा यादव निवासी पन्ना और क्लीनर अंगद कोंदर 21 निवासी विश्रामगंज रेत लेने के लिए सुनहरा खदान के कैम्प गए थे। कैम्प में कई वाहन पूर्व से टोकन के लिए नंबर लगाए हुए खड़े थे, चालक भूरा यादव के कहने पर रेत खदान के कर्मचारी भजन ने उसे नवाब खां उर्फ प्यारे पहले टोकन दे दिया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। इस बीच चालक भूरा यादव हाइवा को लेकर रेत लोड करने के लिए रात 11 बजे सुनहरा खदान पर पहुँचा जहाँ एलएनटी मशीन रेत भरने लगी, तभी वहाँ आये सल्लू पाण्डेय, उज्जवल पाण्डेय, महेन्द्र मिश्रा, नवीन मिश्रा व चार-पाँच लोगों द्वारा चालक भूरा यादव के साथ गालीं-गलौंज करते हुए मारपीट करने लगे। अपनी जान बचाने के लिए भूरा यादव ने नदी में छंलाग लगा दी और क्लीनर अंगद कोंदर भागकर कैम्प की ओर चला गया।
सुरक्षा के दृष्टि से सुनहरा रेत खदान के कैम्प में तैनात पुलिस जवान।
उधर, सुनहरा रेत खदान के मैनेजर सरदार जसपाल सिंह राणा मौके पर पहुंचे तो नवाब खां सहित अन्य वाहनों के चालकों द्वारा हाइवा को बगैर नम्बर लगाये टोकन दिये जाने पर कड़ी आपत्ती जताई गई। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने पर मैनेजर जससपाल सिंह और उसके सुरक्षा गार्ड अशोक सिंह द्वारा नवाब खां व उसके साथी चालक नीरज पाठक के ऊपर फायरिंग की गई जिसमें वे दोनों बाल-बाल बच गये। इस घटना से नाराज अन्य वाहनों के चालक इकठ्ठा होने लगे जिसे देख जसपाल सिंह राणा, सुरक्षा गार्ड अशोक सिंह व उनके अन्य साथी मौके से भाग निकले। मालूम होकि उज्जवल पाण्डेय जनपद पंचायत अजयगढ़ के अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय के भतीजे हैं।

कैम्प में तोड़फोड़ कर की गई लूटपाट

विवाद के चलते क्षतिग्रस्त की गई बोलेरो जीप।
सुनहरा रेत खदान के कैशियर भजन लाल शर्मा का आरोप है कि रात्रि में उनके कैम्प में गाड़ी लेकर आये उज्जवल पाण्डेय, सल्लू पाण्डेय, महेन्द्र मिश्रा, नवीन मिश्रा व साथियों द्वारा उनकी बोलेरो जीप, सोलर लाईट में तोड़फोड़ की गई। साथ ही उनके व सत्येन्द्र तोमर के साथ मारपीट करते हुए उक्त सभी लोग 2 लाख 26 हजार 250 रूपये लूटकर ले गये। इस विवाद की सूचना मिलने पर देर रात दलबल के साथ मौके पर पहुंचे अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी, थाना प्रभारी बीएस परमार, चौकी प्रभारी बीरा बालेश सिंह ने नदी के अंदर से रेत के खनन व लोडिंग के लिए खडी एक एलएनटी, एक जेसीबी मशीन व एक डम्फर को जब्त किया है। घटनास्थल से चले हुए कारतूस के खाली खोखे भी मिले है।
सुरक्षा की दृष्टि से देर रात से ही सुनहरा खदान व कैम्प में पुलिस बल तैनात किया गया है। इस मामले में अजयगढ़ थाना पुलिस ने चालक नवाब खां निवासी ग्राम सिंहपुर की रिपोर्ट पर वीरेन्द्र सिंह रावत, भजन, सरदार जसपाल सिंह राणा, सुरक्षा गार्ड अशोक सिंह के विरूद्ध धारा 336, 294, 34 आईपीसी के तहत् प्रकरण पंजीबद्ध किया है। जबकि सुनहरा रेत खदान के कैशियर भजन लाल शर्मा द्वारा लूटपाट व मारपीट किये जाने के संबंध में थाने में दिये गये आवेदन पत्र को पुलिस ने जांच में लिया है।

लापता है हाइवा का चालक

अजयगढ़ थाना पुलिस द्वारा जब्त किया गया भाजपा नेता का हाइवा।
भारतीय जनता पार्टी पन्ना के पूर्व जिलाध्यक्ष जयप्रकश चतुर्वेदी के हाइवा के क्लीनर अंगद कोंदर द्वारा रविवार को पुलिस थाना अजयगढ़ में एक लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई। जिसमें यह कहा गया है कि शनिवार 5 जनवरी की रात्रि सुनहरा रेत खदान में हुई मारपीट की घटना के दौरान केन नदी में छलांग लगाने वाले हाइवा चालक भूरा यादव निवासी पन्ना का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। उसके घर में परिजनों से बात करने पर पता चला कि वह अब तक अपने घर भी नहीं पहुंचा है। क्लीनर के इस खुलासे के बाद से हाइवा चालक भूरा यादव के नदी में डूबने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल, अजयगढ़ थाना पुलिस ने अंगद की रिपोर्ट पर 5-6 अज्ञात व्यक्तियों के विरूद्ध धारा 147, 294, 323, 506 आईपीसी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। वहीं पुलिस द्वारा लापता हाइवा चालक की खोजबीन की जा रही है।

पहले भी हो चुकीं हैं कई घटनायें

विवाद की जानकारी लेने बीरा चैकी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक।
अजयगढ़ की रेत खदानों में पहले भी कई संगीन वारदातें हो चुकीं है। कुछ समय पूर्व मोहाना रेत खदान का कवरेज करने गये पन्ना के पत्रकारों ने जब वहां नदी में चल रही एलएनटी मशीन को अपने कैमरे में कैद करने की कोशिश की तो मौके पर तैनात अपराधिक तत्वों ने उनका मोबाईल छीन लिया था। इसके पूर्व मोहाना खदान में ही तत्कालीन अजयगढ़ तहसीलदार को बंधक बनाकर सतना निवासी रूचिर जैन और उनके साथियों द्वारा मारपीट की गई थी। मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश की अंतर्राज्जीय सीमा के समीप स्थित चांदीपाठी रेत खदान क्षेत्र में कुछ वर्ष पूर्व केन नदी पर बनाये गये अवैध पुल को तोड़ने की कार्यवाही के दौरान तत्कालीन एसडीएम नाथूराम गौंड़ और एसडीओपी जगन्नाथ सिंह मरकाम के ऊपर रेत माफियाओं द्वारा फायरिंग की गई थी। वहीं अवैध रेत परिवहन करते हुए पकड़े गये ट्रकों को रेत माफिया चंदौरा चौकी पुलिस की अभिरक्षा से लेकर उत्तर प्रदेश भाग निकले थे। इसके अलावा रेत खदानों में मारपीट की घटनाएं आये दिन होती रहती है।

इनका कहना है-

‘‘सुनहरा रेत खदान व कैम्प में हुए विवाद पर पुलिस थाना अजयगढ़ में नवाब खां एवं अंगद कोंदर की रिपोर्ट पर आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है, जबकि खदान के कैशियर भजनलाल शर्मा के आवेदन पत्र की जांच की जा रही है। सुनहरा खदान में रेत खनन के लिए नदी में उतारी गई एक जेसीबी, एक एलएनटी व एक डम्फर को जब्त किया गया है।‘‘

विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक पन्ना।

मंत्री-परिषद के निर्णय : मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना में 31 मार्च 2018 तक के ऋण माफ होंगे और 12 दिसंबर तक ऋण चुकाने वाले किसान लाभांवित होंगे

0
मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई।

* 37 लाख लघु-सीमांत कृषक सहित 55 लाख कृषकों को होगा लाभ

* किसानों को 22 फरवरी से मिलेंगे ऋण मुक्ति प्रमाण-पत्र और किसान सम्मान-पत्र

भोपाल। रडार न्यूज   मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना के तहत किसानों के 2 लाख रूपये तक के ऋण माफ करने का निर्णय लिया गया। योजना में 31 मार्च 2018 तक के ऋण माफ होंगे और 12 दिसम्बर 2018 तक ऋण पटाने वाले किसान लाभांवित होंगे। एक अप्रैल 2007 को अथवा उसके बाद ऋण प्रदाता संस्था से लिये गये फसल ऋण को इसमें शामिल किया गया है। योजना में सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा राष्ट्रीयकृत बैंक से फसल ऋण प्राप्त करने वाले किसानों को अधिकतम 2 लाख की सीमा तक योजना पात्रतानुसार लाभ देने का निर्णय लिया गया।

55 लाख कृषकों को मिलेगा लाभ

ऐसे किसान जिन पर 31 मार्च, 2018 की स्थिति में रेगुलर आउट-स्टेंडिंग लोन और एनपीए-कालातीत लोन था तथा जिन किसानों ने दिनांक 12 दिसम्बर, 2018 तक पूर्णत: अथवा आंशिक रूप से कृषि ऋण पटा दिया है, उन्हें भी योजना का लाभ दिया जायेगा। प्राथमिक कृषि साख समितियों द्वारा दिये गये अल्पकालीन फसल ऋण भी योजना में शामिल रहेंगे। योजना के दायरे में भूतपूर्व सैनिक शामिल रहेंगे। योजना का लाभ लगभग 55 लाख कृषकों को मिलेगा। इसमें लघु और सीमांत 37 लाख कृषकों को प्राथमिकता से ऋण माफी का लाभ मिलेगा।

पंचायत में चस्पा होगी सूची

प्रत्येक विकासखंड में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत योजना के क्रियान्वयन के लिये जिम्मेदार होंगे। सूची के प्रकाशन के बाद आधार कार्ड सीडेड सूची (हरी सूची) के किसानों से हरे रंग के आवेदन-पत्र तथा गैर आधार कार्ड सीडेड सूची (सफेद सूची) के किसानों से सफेद रंग के आवेदन-पत्र ग्राम पंचायत में सूची चस्पां होने के बाद ग्राम पंचायत कार्यालय में ऑफ लाइन प्राप्त किये जायेंगे। दोनों सूची में शामिल नहीं होने वाले किसान गुलाबी रंग के आवेदन-पत्र में आवेदन कर सकेंगे। तीनों किस्म के आवेदन-पत्र की जानकारी 26 जनवरी 2019 को ग्राम सभा की बैठक में दी जायेगी।

‘ऋणमुक्ति प्रमाण-पत्र’ दिये जायेंगे

मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना के क्रियान्वयन के बारे में प्राप्त होने वाले सुझावों और क्रियान्वयन प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों के निराकरण के लिये मंत्रि-परिषद की समिति निर्णय लेगी। समिति मुख्य रूप से छूटे हुए किसानों से संबंधित निर्णय लेगी। किसानों को 22 फरवरी 2019 से उत्साह पूर्वक कार्यक्रम कर ‘ऋणमुक्ति प्रमाण-पत्र’ और किसान सम्मान-पत्र दिये जायेंगे। ऐसे किसान जिन्होंने 31 मार्च 2018 को बकाया ऋण को पूर्णत: अथवा आंशिक रूप से दिनांक 12 दिसंबर 2018 तक पटा दिया है, उन्होंने योजना में लाभ प्रदान करने के अतिरिक्त ‘किसान सम्मान-पत्र’ से सम्मानित किया जायेगा।

विवाह राशि बढ़ाकर 51 हजार रूपये की

मंत्री-परिषद ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना अन्तर्गत दी जाने वाली राशि को 28 हजार से बढाकर 51 हजार रूपये करने का निर्णय लिया। इस राशि में से सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन के लिये अधिकृत निकायों को 3 हजार रूपये प्रति कन्या के मान से और शेष राशि 48 हजार कन्या के बचत बैंक खाते में जमा करवाई जाएगी। आदिवासी अंचलों में जनजातियों में प्रचलित विवाह प्रथा के तहत होने वाले एकल या सामूहिक विवाह को भी कन्या विवाह सहायता की राशि दी जाएगी।

ग्वालियर मेले में यानों पर 50 प्रतिशत छूट

मंत्री-परिषद ने ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2018-19 में मध्यप्रदेश में पंजीकृत गैर परिवहन यानों तथा छोटे परिवहन यानों को, मेला अवधि के दौरान विक्रय पर जीवन काल कर में 50 प्रतिशत की छूट सशर्त देने का निर्णय लिया।

पन्ना के व्यापार को बढ़ाने के लिए सार्थक प्रयास करूँगा : बृजेन्द्र प्रताप

0

* नवनिर्वाचित पन्ना विधायक ने व्यापारियों को दिलाया भरोसा

* व्यापार मण्डल ने किया विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह का सम्मान

* व्यापारियों का नववर्ष मिलन कार्यक्रम समारोहपूर्वक संपन्न

पन्ना। रडार न्यूज  हीरों और मंदिरों की नगरी पन्ना की पहचान व्यापारिक केन्द्र के रूप में भी स्थापित हो, यहां व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हर स्तर पर ठोस प्रयास किये जायेंगे। इसकी राह में जो भी बाधाएं आयेंगी उन्हें दूर किया जायेगा। व्यापारी भाइयों की समस्याओं का समाधान कराना भी मेरी प्राथमिकता में है, आपने मुझ पर भरोसा जताया है इसलिए मैं भी आपको निराश नहीं करूँगा। उक्ताशय के विचार पन्ना विधानसभा के नव निर्वाचित विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने व्यक्त किये। वे व्यापार मण्डल पन्ना द्वारा लवकुश वाटिका में अयोजित अपने सम्मान समारोह और व्यापारियों के नववर्ष मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
शुक्रवार 4 दिसम्बर को रात्रि में आयोजित हुए इस भव्य कार्यक्रम में विधायक श्री सिंह पन्ना के व्यापारी बंधुओं से सीधे रूबरू हुए। उन्होंने अपने सम्मान और समर्थन के लिए व्यापरियों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हर सुख-दुख में मैं आपके साथ खड़ा हूँ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अध्यक्ष व्यापार मण्डल पन्ना अनूप मोदी एवं मंचासीन अतिथि रामअवतार पाठक, पूर्व विधायक राजेश वर्मा ने अपने उद्बोधन में व्यापारियों का हौसला बढ़ाया। इस अवसर पर व्यापार मण्डल की ओर से विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया गया। कार्यक्रम का मंच का संचालन कर रहे युवा व्यापारी कमल लालवानी ने अपने उद्बोधन में अतिथियों के समक्ष व्यापारियों की मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए व्यापार मण्डल के भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटित कराने की बात कही। अंत में उनके द्वारा सभी का आभार प्रकट किया गया।

ये रहे उपस्थित

व्यापार मंडल के सम्मान समारोह एवं नव वर्ष मिलन समारोह में पन्ना के अधिकांश व्यापारी शामिल रहे। जिनमें मुख्य रूप से जगमोहन कोहली, विनय खरे, त्रिलोकचंद जैन, नारायणदास गुप्ता, संजय अग्रवाल, अनिल पंसारी, सुबोध खरे, विष्णु छुट्टानी, रामे गुप्ता, सोनू गुप्ता, संजय सेठ, संदीप जैन, रवि फवबानी, बच्चू शर्मा, पंकज साहू, श्यामलाल जगवानी, पी.सी. यादव, अरूण शर्मा, मनीष शर्मा, प्रेम केशरवानी, अमित शर्मा , मुन्नू शर्मा, महेश शिवहरे, लखन लालवानी, अरविन्द साहू, श्रीचंद लालवानी, डब्बू जैन, आशिफ सिद्धिकी, गोपाल लालवानी, विज्जन सोनी, पप्पू उपाध्याय, शारदा गुप्ता, नीलेश जैन, संजय शर्मा, पप्पू महोबिया, ओमप्रकाश गुप्ता, मनोज केशरवानी, विवेक अग्रवाल, विनीत गुप्ता, छोटू सेठ, गणेश साहू, प्रशांत अग्रवाल, दीपक शर्मा, राजकुमार गुप्ता, रमेश शिवहरे, ब्रजेश शर्मा आदि व्यापारी उपस्थित थे।

गुड न्यूज | अनुभूति कार्यक्रम में अब शहर के स्कूली बच्चे भी करेंगे “जंगल की मुफ्त सैर”

0
वन मंत्री उमंग सिंघार ने ईको पर्यटन बोर्ड की गतिविधियों की समीक्षा की।

* वन मंत्री उमंग सिंघार ने ईको पर्यटन बोर्ड को दिये निर्देश

भोपाल। रडार न्यूज  वन मंत्री उमंग सिंघार ने ईको पर्यटन बोर्ड को अनुभूति कार्यक्रम में शहरी बच्चों को भी प्रदेश के टाईगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य का नि:शुल्क भ्रमण करवाने के निर्देश दिये हैं। श्री सिंघार ने कहा कि प्रारंभ में इंदौर एवं भोपाल का एक-एक स्कूल चुनें। इस अनुभव के आधार पर आगे की रणनीति तैयार करें। श्री सिंघार ने यह बात ग्रामीण बच्चों के लिये इन दिनों जारी अनुभूति कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कही। अपर मुख्य सचिव वन के.के. सिंह भी मौजूद थे।
बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.एस. राजपूत ने बताया कि प्रदेश में 15 दिसम्बर 2018 से 15 जनवरी 2019 तक अनुभूति कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय उद्यान, टाईगर रिजर्व और अभयारण्यों के आस-पास रहने वाले शासकीय स्कूलों के बच्चों को वन, वन्य-प्राणी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने की विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। सुबह शुरू होने वाले कैम्प में बच्चों के खाने-पीने की व्यवस्था के साथ पक्षी-वन्य-प्राणी दर्शन, प्रकृति पथ भ्रमण, परिचर्चा, सांस्कृतिक और अन्य प्रतियोगिताएँ की जाती हैं। इस वर्ष करीब 56 हजार बच्चे कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, जिसमें दिव्यांग बच्‍चे भी शामिल हैं।
वन मंत्री श्री सिंघार ने एडवेंचर स्पोर्टस, वानिकी गतिविधियों,ईको पर्यटन में स्थानीय लोगों को रोजगार, पर्यटकों के लिये मूलभूत सुविधाओं में वृद्धि और प्रदेश के विभिन्न ईकों पर्यटन-स्थलों पर जारी गतिविधियों की समीक्षा की। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-प्राणी) यू. प्रकाशम, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक आलोक कुमार, दिलीप कुमार और पुष्कर सिंह बैठक में उपस्थित थे।

हर ग्राम पंचायत का मास्टर प्लान बने, उसी के आधार पर हो पंचायत का सुनियोजित विकास : मंत्री कमलेश्वर पटेल

0
पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा की।

* पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने विभागीय समीक्षा में दिये निर्देश

भोपाल। रडार न्यूज हर ग्राम पंचायत का मास्टर प्लान बने। मास्टर प्लान के आधार पर ही ग्राम पंचायत का सुनियोजित विकास हो। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने यह बात विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में कही। श्री पटेल ने कहा कि जिस अधिकारी के पास जो जिम्मेदारी है, उसका निर्वहन जनहित में करें। आपका काम ग्राउण्ड लेवल पर दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो सुविधा जिसके लिए है, उसको मिलना सुनिश्चित करें। श्री पटेल ने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जायेगा और लापरवाही पर सख्त कार्यवाही भी की जायेगी।पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में गुणवत्ता पूर्ण कार्य करवाये जायें। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करवायें। उन्होंने कहा कि शौचालय गुणवत्तापूर्ण और उपयोगी होना चाहिए। जो कार्य पूरे हो चुके हैं, उनका भुगतान समय पर किया जाये।

प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रदेश अव्वल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के क्रियान्वयन में देश में प्रथम स्थान पर आने पर बधाई दी। मध्यप्रदेश में 14 लाख 29 हजार 84 के लक्ष्य के विरूद्ध 11 लाख 90 हजार 823 आवास बनाये जा चुके हैं। इस तरह से 83.33 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो चुका है, जो अन्य प्रदेशों से अधिक है। श्री पटेल ने आजीविका मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि संस्थाएँ जिस उद्देश्य को लेकर बनायी गयी हैं, उसे पूरा करने में पूरी ताकत लगायें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकास खण्ड में मिशन का कार्यालय होना चाहिए। अपर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि 159 विकासखण्ड में भवन बनाये जा रहे हैं। श्री पटेल ने कहा कि जिन जिलों में वर्षा कम हुई है, वहाँ के गाँवों में पेय-जल आपूर्ति के लिए पहले से प्लान बनायें। निर्माणाधीन स्टेडियम का कार्य समय-सीमा में पूरा करें।

नल-जल योजना में लगेंगे स्मार्ट मीटर

बैठक में बताया गया कि ग्रामीण नल-जल योजनाओं में स्मार्ट मीटर लगेंगे। इनकी रीडिंग सीधे कंट्रोल रूम में दर्ज होगी। इसके बिल भी ऑनलाइन जमा किये जायेंगे। इससे विद्युत बिल जमा नहीं होने से नल-जल योजनाएँ बंद नहीं होगी।

संभाग स्तर पर पंच-सरपंच सम्मेलन

पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि संभाग स्तर पर पंच-सरपंच सम्मेलन जल्द करवाये। अपर मुख्य सचिव श्री बैंस ने बताया कि प्रशिक्षण केन्‍द्रों में स्मार्ट क्लास-रूम बनाये जायेंगे। उन्होंने बताया कि मध्यान्ह भोजन योजना में बच्चों को सप्ताह में तीन दिन दूध दिया जाता है। बैठक में सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास अमित राठौर, संचालक वाल्मी श्रीमती उर्मिला शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सोशल-डिजिटल मीडिया सहित सभी प्रचार माध्यमों का जनसंपर्क प्रभावी उपयोग करे : मंत्री श्री शर्मा

0
जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने मंत्रालय में प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभागीय कार्य-प्रणाली की जानकारी प्राप्त की।

* जनसंपर्क मंत्री पी. सी. शर्मा ने विभाग का प्रेजेन्टेशन देखा

* अधिमान्यता एवं पत्रकार कल्याण समितियां तत्काल प्रभाव से भंग

भोपाल। रडार न्यूज  जनसंपर्क, विधि-विधायी कार्य मंत्री पी.सी. शर्मा ने मंत्रालय में जनसंपर्क विभाग की प्रथम बैठक में विभागीय संरचना, कार्य-प्रणाली एवं गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विभाग संचार के आधुनिक माध्यमों को अपनायें और प्रदेश सरकार द्वारा जारी वचन-पत्र पर प्रभावी रूप से अमल हों। जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने आज जनसंपर्क विभाग का कार्यभार ग्रहण कर मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि शासन की मंशानुरूप विभाग कार्य करें और सरकार की गतिविधियों का सोशल-डिजिटल मीडिया सहित जनसंचार के सभी माध्यमों पर प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाये। श्री शर्मा ने जी.टी.बी. काम्प्लेक्स (न्यू मार्केट) स्थित सूचना केन्द्र (लायब्रेरी) की समय अवधि बढ़ाने के लिए कहा।

जनसम्पर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने जनसम्पर्क विभाग के आयुक्त पी. नरहरि से विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली।
बैठक में आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क पी. नरहरि ने प्रेजेन्टेशन के माध्यम से विभागीय गतिविधियों एवं संरचना को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वचन-पत्र में जनसंपर्क विभाग से संबंधित सभी बिन्दुओं पर कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है, जिसके प्रस्ताव तुरंत प्रस्तुत किये जाएंगे। इसके पहले आज सुबह जनसंपर्क मंत्री श्री शर्मा के मंत्रालय स्थित अपने कक्ष पहुँचने पर सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क पी. नरहरि और विभागीय अधिकारियों ने जनसंपर्क मंत्री का पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया एवं शुभकामनाएँ दी। मंत्री श्री शर्मा ने अधिकरियों से परिचय भी प्राप्त किया।

अधिमान्यता समितियों का होगा पुनर्गठन

राज्य शासन द्वारा राज्य, जिला और तहसील-स्तरीय अधिमान्यता के लिये गठित राज्य एवं संभाग-स्तरीय समिति, पत्रकार संचार कल्याण समिति, पत्रकारिता के लिये विभिन्न सम्मानों के चयन संबंधी समितियों और पत्रकारों की कठिनाइयों के अध्ययन के लिये गठित समितियों का पुनर्गठन करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिये वर्तमान में गठित सभी समितियाँ तत्काल प्रभाव से भंग कर दी गई हैं।

फॉलोअप : महिला एसआई की मौत का राज खोलेगा मोबाइल, मर्ग कायम कर घटना की जाँच में जुटी पुलिस

0
प्रशिक्षु एसआई सुश्री अनामिका सिंह कुशवाहा को पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि देते हुए पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह।

* शासकीय आवास में नहीं मिला सुसाइड नोट, पुलिस ने जप्त किया मोबाइल

* पवई विधायक प्रहलाद सिंह लोधी और एसपी ने पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

* गृहग्राम छीर में शव पहुँचने पर ग्रामीणों ने नम आँखों से दी अंतिम विदाई

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की पुलिस चौकी मोहन्द्रा की प्रभारी एवं प्रशिक्षु एसआई सुश्री अनामिका सिंह कुशवाहा 25 वर्ष द्वारा फाँसी लगाकर आत्महत्या करने की घटना के 24 घण्टे बाद भी आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल सका। घटनास्थल से किसी तरह का कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। मृतिका के कानों में इयरफोन लगा हुआ पाया गया जिससे यह कयास लगाये जा रहे है कि फाँसी के फंदे पर झूलने से पूर्व अथवा फाँसी लगाते समय उसकी किसी से मोबाइल पर बात हुई थी, इसलिए पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त किया है। पन्ना से बुलाई गई पुलिस की एफएसएल टीम और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य संकलित किये हैं। अनामिका के शव और आवास की वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी भी कराई गई। पुलिस महकमे को अंदर तक झकझोर देने वाली इस सनसीखेजन घटना की हर पहलू से गहन जाँच की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि अनामिका सिंह के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल की विस्तृत पड़ताल और उसके परिजनों के बयानों से आत्महत्या की गुत्थी सुलझ सकती है। सिमरिया थाना पुलिस ने फ़िलहाल इस घटना पर मर्ग कायम किया है।

थाना परिसर में दी गई श्रद्धांजलि

पीएसआई अनामिका सिंह कुशवाहा।
सिमरिया में शुक्रवार 4 जनवरी की सुबह पीएसआई अनामिका सिंह कुशवाहा के शव को उनके परिजनों की मौजूदगी में फाँसी के फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद थाना परिसर में उनके शव को अंतिम दर्शन हेतु रखा गया जहां बेहद ही ग़मगीन माहौल और भारी भीड़ के बीच क्षेत्रीय विधायक प्रहलाद सिंह लोधी, पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी.के.एस. परिहार, पवई एसडीओपी बी. एस. परिहार, सिमरिया थाना प्रभारी याकूब खान आदि के द्वारा पुष्पचक्र अर्पित श्रद्धांजलि दी गई। सभी ने इस घटना पर गहरा दुःख प्रकट किया है और शोक संतृप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। दोपहर में अनामिका के शव को पूरे सम्मान के साथ लेकर अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी और सिमरिया थाना प्रभारी याकूब खान उसके गृह ग्राम छीर थाना देवरी जिला सागर के लिए वाहन से रवाना हो गए। इस दौरान मृतिका के नाना सुरेन्द्र पटेल व चाचा गोपाल पटेल भी उनके साथ रहे।
पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि देते हुए पवई विधायक प्रहलाद सिंह लोधी।
शव के ग्राम छीर पहुँचने पर वहां शोक की लहर दौड़ गई। वहाँ सैंकड़ों लोगों ने उन्हें नम आँखों से अंतिम विदाई दी। मातम के माहौल शाम करीब 5 स्थानीय शमशान भूमि में पीएसआई अनामिका सिंह कुशवाहा का अंतिम संस्कार किया गया। अनामिका के आत्मघाती कदम उठाने से उन्हें करीब से जानने वाले स्तब्ध हैं, लोगों को यह समझ नहीं आ रहा है कि बेहद मजबूत इरादों वाली लड़की अनामिका ने अचानक इस तरह जीवनलीला क्यों समाप्त कर ली। आखिर ऐसी क्या वजह थी जिसके चलते उसे आत्महत्या करनी पड़ी।

क्या है मामला

फाँसी के फंदे से शव को उतारते पुलिसकर्मी।
प्रशिक्षु एसआई सुश्री अनामिका सिंह कुशवाहा 25 ने गरुवार रात 9:30 बजे सिमरिया पुलिस थाना परिसर में स्थित अपने शासकीय आवास में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रात्रि में करीब 9 बजे तक वे सिमरिया थाना बैठी रहीं। इसके बाद वे किसी को बिना कुछ बताये अपने शासकीय आवास पहुँची और आत्मघाती कदम उठा लिया। अनामिका ने ऐसा कदम क्यों उठाया, प्रारंभिक पुलिस जाँच में इसका पता नहीं चल सका। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के प्रकाश में आने के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। प्राप्त जानकारी अनुसार एसपी विवेक सिंह को गुरुवार 3 जनवरी को सभी थाना और चौकी प्रभारियों से रेडियो ट्रांसमिशन के द्वारा बात करनी थी, जिसमें प्रशिक्षु एसआई अनामिका सिंह कुशवाहा अनुपस्थित रहीं।
शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते पुलिसकर्मी।
एसपी ने अनामिका के संबंध में थाना प्रभारी सिमरिया याकूब खान से बात की और उनसे बात कराने को कहा। थाना प्रभारी अनामिका के शासकीय आवास पहुँचे तो दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण आवाज लगाई पर अंदर से कोई जबाब नहीं मिला। काफी देर तक अंदर से कोई आवज न आने पर दरवाजा तोड़कर देखा तो अंदर पंखे से बंधे दुपट्टे के सहारे फाँसी के फंदे पर उनकी लाश लटकी थी। अनमिका के द्वारा आत्महत्या करने पता चलते ही रात्रि में पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी.के.एस. परिहार और पवई एसडीओपी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकरी ली। इसके पश्चात सागर जिले के देवरी थाना के ग्राम छीर में रह रहे मृतिका के परिजनों को सूचना दी गई।

इनका कहना है-

“प्रशिक्षु एसआई सुश्री अनामिका सिंह कुशवाहा की आत्महत्या मामले में मर्ग कायम कर हर एंगल से गहन जाँच की जा रही है, जाँच हेतु उनका मोबाइल फोन जब्त किया गया है, कॉल डिटेल की पड़ताल और परिजनों के बयानों से आत्महत्या के कारण का पता चल सकता है। फ़िलहाल प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।”

बी. एस. परिहार, एसडीओपी पवई जिला पन्ना।