मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना | हरी एवं सफेद सूची में रहेंगे पात्र किसानों के नाम, दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने भरना होगा गुलाबी आवदेन पत्र

* योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित
* कलेक्टर ने विकासखण्डवार आयोजित प्रशिक्षण कार्यशालाओं में दी जानकारी
* सम्पूर्ण कार्यवाहियां प्राथमिकता देते हुए गंभीरता के साथ करने की दी हिदायत
पन्ना। रडार न्यूज मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना का सम्पूर्ण प्रदेश में मंगलवार 15 जनवरी 2019 से क्रियान्वयन आरंभ किया जा रहा है। इसके ठीक एक दिन पूर्व पन्ना जिले में योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु शासन के निर्देशों से अवगत कराने हेतु सोमवार 14 जनवरी को विकासखण्डवार प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन प्रशिक्षण कार्यशालाओं में सभी संबंधित प्रशासनिक एवं बैंक के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना, किसानों की पात्रता, अपात्रता, योजना के क्रियान्वयन के लिए की जाने वाली कार्यवाहियों एवं प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी। कलेक्टर मनोज खत्री ने इन सभी प्रशिक्षण कार्यशालाओं में पहुंचकर अधिकारियों, कर्मचारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना के क्रियान्वयन हेतु की जाने वाली सम्पूर्ण कार्यवाहियों को प्राथमिकता देते हुए गंभीरता के साथ करने की हिदायत दी।
कलेक्टर के निर्देशानुसार जनपद पंचायत पन्ना एवं अजयगढ़ की प्रशिक्षण कार्यशाला जनपद पंचायत पन्ना के प्रांगण कें प्रातः 10 बजे से आयोजित की गयी। जनपद पंचायत गुनौर अन्तर्गत प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दोपहर 1 बजे से किया गया। इसी तरह जनपद पंचायत पवई एवं शाहनगर के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला जनपद पंचायत पवई के प्रांगण में दोपहर 12 बजे से आयोजित की गयी।
इन्हें मिलेगा योजना का लाभ
प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर मनोज खत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन के निर्णय अनुसार प्रदेश के किसानों द्वारा एक अप्रैल 2007 को अथवा उसके बाद ऋण प्रदाता से लिया गया फसल ऋण जो 31 मार्च 2018 की स्थिति में उसमें से अधिकतम 2 लाख रूपये की सीमा तक सहकारी बैंकों के लिए कालातीत अथवा अन्य ऋण प्रदाता बैंकों के लिए एनपीए घोषित किया गया हो को मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना का लाभ दिया जाएगा। जिन किसानों द्वारा 31 मार्च 2018 की स्थिति में कालातीत घोषित ऋण दिनांक 12 दिसंबर 2018 तक पूर्णतः अथवा आंशिक रूप से पटा दिया गया है उन्हें भी योजना का लाभ दिया जाएगा।
कृषक जो ऋण माफी के लिए अपात्र होंगे
प्रशिक्षण में ऋण माफी योजना की पात्रता एवं अपात्रता की जानकारी देते हुए कलेक्टर श्री खत्री ने बताया कि ऐसे किसान फसल ऋण माफी के लिए अपात्र होंगे जो वर्तमान एवं भूतपूर्व पदाधिकारी सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगरीय निकायों के अध्यक्ष-महापौर, कृषि उपज मण्डी के अध्यक्ष, सहकारी बैंकों के अध्यक्ष, केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा गठित निगम, मंडल अथवा बोर्ड के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष हों। इनके अलावा समस्त आयकर दाता, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को छोडकर भारत सरकार तथा प्रदेश के समस्त शासकीय अधिकारी, कर्मचारी तथा इनके निगम-मंडल-अर्द्धशासकीय संस्थाओं में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी फसल ऋण माफी के लिए अपात्र होंगे। ऐसे किसान जिन्हें 15 हजार रूपये या उससे अधिक की पेंशन प्राप्त होती है (भूतपूर्व सैनिकों को छोड़कर) एवं ऐसे किसान जो 12 दिसंबर 2018 या उसके पूर्व जीएसटी में पंजीकृत व्यक्ति/फर्म/फर्म के संचालक/फर्म के भागीदार ऋण माफी के लिए अपात्र होंगे।
पंचायत में चस्पा होगी किसानों की सूची
प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री खत्री ने बताया कि योजना के अन्तर्गत संभावित पात्र पाए गए किसानों को 2 सूचियों में रखा गया है। ऐसे किसान जिनके बैंक खातों में आधार सीडिंग है उनके नाम हरी सूची में तथा जिन कृषकों के बैंक खातों में आधार सीडिंग में नही उनके नाम सफेद सूची में रखे गए हैं। जिन किसानों के बैंक खातों में आधार सीडिंग नही है संबंधित बैंक/समिति द्वारा आधार सीडिंग का कार्य किया जाएगा। उन्होंने किसानों की सूची संबंधित ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर यथाशीघ्र चस्पा करने के निर्देश दिए है। साथ ही कहा कि ग्राम स्तर पर समय निर्धारित कर प्रतिदिन सूची में दर्ज कृषकों से सम्पर्क कर उन्हें योजना की जानकारी दें तथा पूरी प्रक्रिया से अवगत कराएं। योजना के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए एवं ग्राम स्तर पर डूंडी पिटवाकर मुनादी करवायी जाए।
हरा, सफेद तथा गुलाबी आवेदन की दी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर ने बताया कि जिन किसानों के नाम हरी सूची में है उन्हें हरा फार्म तथा जिनका नाम सफेद सूची में है उन्हें सफेद फार्म भरकर संबंधित ग्राम पंचायत में जमा करना होगा। इसी तरह जिनका नाम उपरोक्त दोनों सूचियों में नही है उन्हें गुलाबी फार्म भरकर अपना आवेदन संबंधित ग्राम पंचायत में 5 फरवरी 2019 तक जमा करना होगा। नगरीय क्षेत्र से संबंधित कृषि भूमि होने पर संबंधित नगरीय निकाय में आवेदन जमा किया जाएगा। हरी अथवा सफेद सूची में दर्शित जानकारी पर आपत्ति अथवा दावा प्रस्तुत करने का अधिकार किसान के पास होगा। इसके लिए संबंधित किसान को गुलाबी आवेदन भरना होगा। 26 जनवरी 2019 को ग्राम सभाओं का होगा कर शेष रह गए आवेदन किसानों की जानकारी दी जाएगी तथा उन्हें 5 फरवरी 2019 तक का समय दिया जाएगा। उन्होंने प्रतिदिन की प्रगति की रिपोर्ट भेजने के निर्देश संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को दिए हैं।
ये रहे उपस्थित
इन खण्ड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशालाओं में मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अशोक चतुर्वेदी के अलावा संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, तहसीलदार, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, खण्ड पंचायत अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पंचायत समन्वय अधिकारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, समस्त पटवारी, शाखा प्रबंधक समस्त बैंक, समिति प्रबंधक, समस्त सचिव एवं समस्त रोजगार सहायक मौजूद थे।
अंधा क़त्ल | बेरहमी से महिला की हत्या कर लाश को जंगल में जलाया, वन्य जीवों का निवाला बने क्षत-विक्षत भयावह शव को देख डरकर भागे लकड़हारे, मृतिका के साथ बलात्कार होने की आशंका
* पन्ना जिले के पहाड़ीखेरा क्षेत्र के चहला नाला जंगल में फिर सामने आई वारदात
* शव मिलने से इलाके में फैली सनसनी, घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
* महिला की पहचान होने पर आसानी से सुलझ सकती है “ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री”
* अज्ञात कातिल के खिलाफ दर्ज किया हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बृजपुर थाना की पुलिस चौकी पहाड़ीखेरा अंतर्गत चहला नाला जंगल में रविवार की सुबह एक अज्ञात महिला का अधजला हुआ शव अत्यंत ही क्षत-विक्षत और भयावह स्थिति में मिलने से सनसनी फैल गई। आशंका जताई जा रही है कि महिला के साथ बलात्कार के बाद उसकी बेरहमी हत्या कर शव को चहला नाला जंगल में लाकर सड़क किनारे झाड़ियों की आड़ में जलाया गया है। सूचना पर पहुँची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने इस जघन्य वारदात की जाँच शुरू कर दी है। शव की स्थिति को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्या की वारदात को 4-5 दिन पूर्व अंजाम दिया गया। लेकिन, स्थानीय पुलिस को इसका घटना का पता रविवार 13 जनवरी को चला। लाश की अभी तक शिनाख्त (पहचान) नहीं हो पाई है। प्रारंभिक जाँच में सामने आये तथ्यों के आधार पर बृजपुर थाना पुलिस ने इस मामले में अज्ञात कातिल के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का प्रकरण पंजीबद्ध किया है। इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए स्थानीय पुलिस द्वारा आसपास के थानों से सम्पर्क स्थापित कर महिला की शिनाख्ती के प्रयास किये जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि महिला की पहचान होने पर हत्या के कारण और इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले हत्यारोपी का पता लगाना उसके लिए आसान होगा।
लाश की हालत देख डर गए थे लकड़हारे

महिला की अधजली लाश को जंगली जानवरों द्वार अपना निवाला बनाने से वह काफी क्षत-विक्षत और डरावनी हो चुकी थी। उसका धड़ अलग, पैर अलग पड़े मिले। वहीं सिर के नीचे धड़ तक का हिस्सा काफी हद तक कंकाल में परिवर्तित हो चुका था। शनिवार को दोपहर के समय चहला नाला जंगल से लकड़ी लेकर क्षेत्र के कुछ युवा जब वापस घर लौट रहे थे तो रास्ते में सड़क के समीप झाड़ियों में पड़ी डरावनी लाश देखकर वे घबरा गए। भयभीत लकड़हारे भागकर सीधे अपने घर आये और परिजनों सहित ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। इस तरह रविवार की सुबह करीब 7 बजे एक ग्रामीण ने पहाड़ीखेरा आकर चौकी पुलिस को जंगल में एक महिला का अधजला हुआ शव पड़ा होने की सूचना दी गई। महिला की उम्र करीब 25 वर्ष होने का अनुमान है। पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से मृतिका के जले हुए लाल रंग के स्वेटर का कुछ हिस्सा और उसकी चूड़ियों के टुकड़े बरामद किये हैं। महिला की लाश सड़क से महज 50 फिट की दूरी पर झाड़ियों की आड़ में मिलने से यह भी आशंका जताई जा रही है कि उसकी हत्या कहीं और की गई बाद में लाश को यहां लाकर जलाया गया है।
क्षेत्र में चर्चा यह भी है कि महिला के साथ बलात्कार करने के बाद उसे मौत के घाट उतारा गया है, हालाँकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। उधर, अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी, पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर पहुंचकर शव और घटनास्थल मुआयना किया। इस चुनौतीपूर्ण अंधे क़त्ल के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक ने तत्परता से एक टीम गठित करते हुए इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों को प्रकरण की जाँच के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
अपहरण और लूट के बाद हत्या

बृजपुर थाना की पहाड़ीखेरा पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत चहला नाला के जंगल का इलाका आपराधिक वारदातों के लिहाज से काफी संवेदनशील हो गया है, क्योंकि दो माह पूर्व विधानसभा चुनाव के समय इसी नाला के पास एक दस्यु गिरोह ने बंदूकों की नोंक पर दिनदहाड़े कुछ युवकों से न सिर्फ लूटपाट की थी बल्कि इसके कुछ ही मिनिट बाद पड़ोसी जिला सतना निवासी वन विभाग के एक चौकीदार का अपहरण कर लिया था। विधानसभा चुनाव के समय जब पुलिस के अलर्ट होने और सीमावर्ती इलाके की नाकेबंदी कर चाकचौबंद व्यवस्था का दावा किया जा रहा था तब इन सनसनीखेज घटनाओं के सामने आने पर स्थानीय पुलिस की काफी बदनामी हुई थी। इन दो बड़ी घटनाओं के बाद भी यहाँ की पुलिस व्यवस्था काफी लचर बनी है, क्षेत्र में अपराधों की रोकथाम को लेकर समय रहते कोई ठोस उपाय न करने का ही यह दुष्परिणाम है कि महिला की हत्या कर शव को चहला नाला जंगल में जलाकर अज्ञात अपराधी बड़ी आसानी से भाग निकले। चौकी से महज 10 किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग किनारे हुई इस दहला देने वाली घटना का पता भी पुलिस को 4-5 दिन बाद चला। पहाड़ीखेरा क्षेत्र में अपहरण और लूट की घटना के बाद से डकैत गिरोह को लेकर लोग पहले से ही दहशत में है, इस बीच जंगल में महिला का जला हुआ शव मिलने से अपनी जानमाल की सुरक्षा को लेकर इलाके के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले के पहाड़ीखेरा पुलिस चौकी क्षेत्र की जटिल भौगोलिक स्थिति के चलते यह इलाका कई दशकों से दस्यु गिरोहों और अपराधियों की सुरक्षित शरण स्थली बना हुआ है। बियावान जंगल से घिरे पहाड़ीखेरा चौकी क्षेत्र की सीमा पड़ोसी जिला सतना के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले से भी जुड़ी है। यहाँ सीमित पुलिस बल की तैनाती एवं संसाधनों का अभाव होने के कारण कमजोर सुरक्षा व्यवस्था का लाभ उठाकर अपराधी वारदात को अंजाम देने के बाद बड़ी आसानी से भाग निकलते हैं। क्षेत्र में लगातार तेजी से बढ़ते संगीन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को विशेष ध्यान देने की जरुरत है क्योंकि यहाँ पुलिस के सामने कई बड़ी चुनौतियाँ हैं।
इनका कहना है –
“लकड़हारों ने जंगल में शव देखा था जिसकी सूचना मिलने पर तत्परता से पहाड़ीखेरा चौकी प्रभारी और मैंने स्थल का निरीक्षण किया। महिला की पहचान फ़िलहाल नहीं हो सकी। उसके सिर चेहरे में चोट के निशान मिले हैं, शव को जलाया गया है। प्रथमदृष्टया हत्या का मामला प्रतीत होने पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 302, 201 के तहत प्रकरण कायम किया है। अंधे क़त्ल के खुलासे के लिए मृतिका की शिनाख्ती के प्रयास किये जा रहे हैं। मृतिका के साथ बलात्कार हुआ है या नहीं इसका पता जाँच में ही चलेगा। क्षेत्र में अपराधों की रोकथाम को लेकर लगातार रात्रि गश्त और पेट्रोलिंग के साथ अन्य जरुरी उपाय किये जा रहे हैं।”
– अवधेश प्रताप सिंह बघेल, थाना प्रभारी बृजपुर।
फैसला | नाबालिग से बलात्कार के मामले में पुलिस ने लगाया खात्मा, न्यायालय ने किया अस्वीकार, अभियुक्त को सुनाई आजीवन कारावास की सजा और 2 लाख का अर्थदण्ड भी ठोंका
* गर्भवती हुई नाबालिग के अर्धविकसित शिशु की जन्म के तुरंत बाद हो गई थी मौत
* आरोपी ने बदलवा दिया था ब्लड सैंपल इसलिए निगेटिव आई थी डीएनए रिपोर्ट
* पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर न्यालय में प्रस्तुत किया था केस का खात्मा प्रतिवेदन
* पीड़िता ने अपने बयान में किया था साक्ष्यों से छेड़छाड़ होने के षड्यंत्र का खुलासा
* न्यालय ने परिस्थितियों पर विचार कर खत्मा अस्वीकार कर संज्ञान में लिया था प्रकरण
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सलेहा थाना अंतर्गत करीब 4 पूर्व एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए बलात्कार के जिस प्रकरण में पुलिस ने डीएनए रिपोर्ट के आधार खत्मा लगाने (प्रकरण को समाप्त करने) की मांग की थी, उस रिपोर्ट को पीड़िता के बयानों और समग्र परिस्थितियों के आधार पर न्यालय ने संदिग्ध मानकर पुलिस की मांग को अस्वीकार करते हुए प्रकरण को न सिर्फ संज्ञान लिया, बल्कि आज इस बहुचर्चित मामले में अभियुक्त भूरी उर्फ कुंजबिहारी पाण्डेय को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा उसे 2 लाख 2 हजार रुपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया गया है। विशेष न्यायाधीश पन्ना अमिताभ मिश्रा द्वारा सुनाये गए इस महत्पूर्ण फैसले की आज पन्ना में काफी चर्चा रही। उधर पीड़िता और उसके परिजन न्यालय के इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट हैं। विशेष न्यायधीश ने अपने इस फैसले में कई उल्लेखनीय टिप्पणी की है। प्रदेश में संभवत: इस तरह का यह पहला मामला है, जिसमें डीएनए रिपोर्ट निगेटिव होने पर पुलिस द्वारा खात्मा प्रस्तुत किया गया था लेकिन न्यायालय के द्वारा पुलिस का खात्मा प्रतिवेदन अस्वीकार कर प्रकरण को संज्ञान लिया गया।
गर्भपात होने पर दरिंदगी का चला पता

जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना आशुतोष कुमार द्विवेदी ने विशेष न्यालय द्वारा पारित निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि घटना दिनांक 7 दिसम्बर 2015 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवेन्द्रनगर की स्टॉफ नर्स ने स्थानीय पुलिस थाना को इस आशय का पत्र भेजा कि एक 15 वर्षीय नाबालिग ने लगभग 5-6 महीने के अर्धविकसित शिशु को जन्म दिया था जिसकी तुरंत मृत्यु हो गई। गर्भपात के कारण प्रसूता की हालत गंभीर होने पर उसे जिला चिकित्सालय पन्ना भेजा जा रहा है। देवेन्द्रनगर थाना के द्वारा इस घटना पर मर्ग कायम किया गया। पीड़िता से पूछतांछ करने पर उसने बताया कि, आरोपी भूरी उर्फ कुंजबिहारी पाण्डेय पिता कृष्ण मोहन पाण्डेय, निवासी ग्राम कठवरिया थाना सलेहा जिला पन्ना के द्वारा उससे जबरन बलात्कार किया गया था। आरोपी द्वारा इस संबंध में किसी से बताने पर उसे व उसके परिवारवालों को जान से मारने की धमकी दी गई थी। नाबालिग अपने साथ हुई दरिंदगी के बाद गर्भवती हो गई थी, पेट दर्द होने पर माँ के द्वारा उसे इलाज हेतु देवेन्द्रनगर लाया गया था, जहॉं 5-6 माह के शिशु का गर्भपात हुआ। नवजात शिशु का शव परीक्षण और पीड़िता के मेडीकल परीक्षण उपरांत, थाना-देवेन्द्रनगर में आरोपी भूरी उर्फ कुंजबिहारी पाण्डेय के विरूद्ध बलात्कार का अपराध पंजीबद्ध किया गया तथा घटनास्थल थाना-सलेहा क्षेत्र के अन्तर्गत होने के कारण केस- डायरी संबंधित थाना को भेजी गयी।
इस कारण ख़ारिज कर दिया था खात्मा
सलेहा पुलिस ने अग्रिम विवेचना प्रारंभ करते आरोपी भूरी उर्फ कुंजबिहारी पाण्डेय, पीड़िता तथा भ्रूण के फीमर बोन का सागर की डीएनए फिंगर प्रिटिंग यूनिट से जाँच कराई गई। जाँच रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया कि पीड़िता नवजात शिशु की जैविक माता है लेकिन आरोपी भूरी उर्फ कुंजबिहारी पाण्डेय नवजात शिशु का जैविक पिता नहीं है। इसी आधार पर थाना सलेहा के द्वारा बलात्कार के प्रकरण में खात्मा लगाने हेतु प्रतिवेदन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिस पर विचार करने के पूर्व न्यालय ने पीड़िता व गवाहों के कथन और मेडीकल रिपोर्ट का अवलोकन किया। न्यायालय के समक्ष बयान देते समय पीड़िता ने यह बताया था कि, आरोपी भूरी उर्फ कुंजबिहारी पाण्डेय ने उससे कहा था कि, उसने ब्लड सैंपल बदलवा दिया है। जब मैं न्यायालय में कथन देने आ रही थी, तब आरोपी रास्ते में मिला और उसने धमकी दी कि, पन्ना बयान देने मत जाओ, नहीं तो ट्रेक्टर चढ़वाकर तुम लोगों को खत्म कर दूँगा। पीड़िता ने कहा था कि वह चाहती है कि, ब्लड सैंपल की दोबारा जॉंच की जाये। विद्वान न्यायधीश द्वारा इन समस्त परिस्थितियों पर विचार करते हुये बलात्कार के प्रकरण में प्रस्तुत खात्मा प्रतिवेदन को अस्वीकार करते हुये इस अपराध का संज्ञान लिया गया था।
न्यायालय ने अपराध का संज्ञान लेते समय अपने आदेश में यह भी लेख किया है कि, “कोई भी नाबालिग अविवाहित लडकी और उसके माता-पिता, सील को दांव पर लगाकर बलात्कार जैसे गंभीर अपराध में किसी को झूंठा नहीं फंसाना चाहेंगें, पीड़िता ने अपने खात्मा प्रतिवेदन कथनों में अपने साक्ष्य में यह प्रकट किया है, कि आरोपी के द्वारा पैसे तथा प्रभाव का इस्तेमाल करते हुये ब्लड सैंपल को बदलवा दिया गया है। इन परिस्थितियों में डीएनए प्रोफाइल में नकारात्मक रिपोर्ट की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।”
आरोपी दया का हक़दार नहीं

न्यालय में इस प्रकरण के विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना प्रवीण कुमार सिंह के द्वारा साक्षियों के कथन कराये गए। जिसमें पीड़िता और उसके माता-पिता ने आरोपित भूरी उर्फ कुंज बिहारी पाण्डेय द्वारा बलात्कार किये जाने की बात बताई गई । प्रकरण की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश, जिला पन्ना अमिताभ मिश्रा ने अपने फैसले में अभियोजन के द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और न्यायिक-दृष्टांतों के आधार पर आरोपी भूरी उर्फ कुंजबिहारी पाण्डेय को नाबालिग के साथ बलात्कार करने का दोषी पाया है। न्यायालय के द्वारा अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए अभियुक्त भूरी उर्फ कुंज बिहारी पाण्डेय को धारा 376 भादवि व धारा 5/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 2 लाख रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। धारा 506 भाग 2 में दो वर्ष का कारावास और 2000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। न्यायालय ने अपने फैसले में यह भी कहा कि, “आरोपी के द्वारा 15 वर्ष से कम उम्र की बालिका के साथ किये गये चारित्रिक अपराध की गंभीरता को देखते हुये जिसमें आहत के द्वारा एक मृत नवजात भ्रूण को जन्म दिया गया है, आरोपी दया का हकदार नहीं है।”
सीएम की संवेदनशीलता | आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले शिक्षक को किया माफ, निलंबन समाप्त करने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री कमलनाथ के विरुद्ध शिक्षक मुकेश तिवारी ने की थी आपत्तिजनक टिप्पणी
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनके विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले शिक्षक मुकेश तिवारी का निलंबन समाप्त करने के निर्देश जबलपुर कलेक्टर को दिए हैं। उन्होंने कहा है कि एक शिक्षक पद पर आने के लिए मेहनत और तपस्या लगती है और सबसे महत्वपूर्ण है वह परिवार जो उन पर आश्रित है। इसलिए मैं भावावेश में की गई टिप्पणी के लिए शिक्षक मुकेश तिवारी को माफ करना चाहता हूँ।
मुकेश और उनका परिवार परेशान हो, मैं नहीं चाहता
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है, मैं ऐसा मानता हूँ और मैं सदैव इसका पक्षधर रहा हूँ। शासकीय सेवा में पदस्थ रहते हुए शिक्षक का यह आचरण नियमों का उल्लंघन हो सकता है। इसलिए उन्हें निलंबित किया गया। श्री कमलनाथ ने कहा कि दूसरी और मैं यह सोचता हूँ कि शिक्षक ने इस पद पर आने के लिए कितने वर्षों तक तपस्या और मेहनत की होगी। उन पर एक परिवार भी आश्रित होगा। निलंबन से उनके सहित परिवार को परेशानी से गुजरना पड़ सकता है। यह सब मेरे विरुद्ध की गई टिप्पणी से हो यह मैं नहीं चाहता। उनके निलंबन की कार्रवाई नियमों के हिसाब से सही हो सकती है लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से शिक्षक मुकेश तिवारी को माफ करना चाहता हूँ। मैं नहीं चाहता कि उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई हो। कमलनाथ ने कहा की एक शिक्षक का काम होता है समाज का निर्माण करना। विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा देना। उन्होंने शिक्षक मुकेश तिवारी से अपेक्षा की कि वे भविष्य में अपने कर्तव्यों पर विशेष ध्यान देंगे।
बदले की भावना से नहीं करेंगे काम
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि शिक्षक मुकेश तिवारी का निलंबन तत्काल समाप्त हो और उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही ना हो। श्री मुकेश तिवारी स्वयं तय करें की उन्होंने जनता द्वारा चुनी गई सरकार के मुख्यमंत्री के लिए जो कहा है वह उचित है या अनुचित। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 वर्ष में जो कुछ हुआ उसे में बदले की भावना से नहीं लेना चाहता बस इतना विश्वास दिलाता हूँ कि हम बदले की भावना से कोई भी काम नहीं करेंगे और ना ही अब अपनों की तरह किसी को प्रताड़ित करेंगे।
श्रमिक संघों की हड़ताल | एनएमडीसी की हीरा खनन परियोजना में दो दिनों तक ठप्प रहा कामकाज
* चौदह सूत्रीय मांगों को लेकर श्रमिक संघों ने संयुक्त रूप से दिया धरना
* न्यूनतम मजदूरी हो 18 हजार, सभी कामगारों पेंशन गारंटी देने की मांग
पन्ना। रडार न्यूज केन्द्र सरकार की कामगार विरोधी नीतियां के विरोध में संघर्ष करने हेतु श्रमिक महासंघों के आव्हान का समर्थन करते हुए पन्ना में एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खनन परियोजना के समस्त कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर रहे। परिणामस्वरूप हीरा खनन परियोजना में दो दिनों तक कामकाज लगभग ठप्प रहा। इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हीरा खनन परियोजना के दोनों प्रमुख श्रमिक संगठनों पीएचकेएमएस और एमपीआरएचकेएमएस से संबंद्ध समस्त कर्मचारियों व श्रमिकों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हुए श्रमिकों की आवाज को संयुक्त रूप से बुलंद किया। हीरा खनन परियोजना के टीओ गेट पर 8 एवं 9 जनवरी 2019 को परियोजना के कर्मचारियों द्वारा धरना देते हुए केन्द्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों की तीखी अलोचना की गई।
श्रम कानूनों को सख्ती से करें लागू
मध्यप्रदेश राष्ट्रीय हीरा खनन मजदूर संघ पन्ना के महामंत्री समर बहादुर सिंह ने केन्द्र की सरकार पर श्रमिकों से जुड़े मुद्दों की घोर अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के सम्मानपूर्वक जीवन यापन के लिए जरूरी है कि न्यूनतम मजदूरी 18 हजार रूपये की जाये। सभी कामगारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए पेंशन की गारण्टी दी जाये। एक ही तरह का कार्य करने वाले नियमित व ठेका कामगारों को एक समान मजदूरी देकर भेदभाव को खत्म किया जाये। श्रमिकों के हितों के लिए श्रम कानूनों को कड़ाई से लागू किया जाये। पन्ना हीरा खदान मजदूर संघ के महामंत्री शहजाद खान ने धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए रोजगार के सृजन हेतु तत्परता से उचित कदम उठाये जायें। मंहगाई को काबू करके लोगों को राहत देने के लिए भी सख्त मापदण्ड लागू किये जायें। श्रमिक हितों की रक्षा के लिए श्रम कानूनों के संशोधन पर तुरंत रोक लगाई जाये। हीरा खनन परियोजना का संचालन तीन पालियों में सुनिश्चित किया जाये।
पीएम आवास योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंच हुए सम्मानित
* आवास निर्माण का टाॅरगेट पूरा करने पर रनवाहा व धरमपुर सरपंच को मिला प्रशस्ति पत्र
राजेन्द्र कुमार लोधी, पन्ना। रडार न्यूज गरीबों के पक्के आवास के सपने सकार कर रही केन्द्र सरकार की महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् स्वीकृत आवासों की समय-सीमा में लक्ष्यपूर्ति पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए जिला पंचायत से लेकर जनपद और ग्राम पंचायतों को टाॅरगेट दिया गया था। निश्चित समय अवधि में आवास के टाॅरगेट को पूरा करने वाले अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और निकायों को शासन द्वारा सम्मानित करने का प्रावधान किया गया है। फलस्वरूप जनपद पंचायत पन्ना द्वारा गत् दिनों प्रधानमंत्री आवास योजना की 80 प्रतिशत लक्ष्यपूर्ति निश्चित समयावधि में किये जाने पर संबधित पंचायतों के सरपंच-सचिव एवं पंचायत समन्वयकों को समारोहपूर्वक सम्मानित किया गया।
शुक्रवार 11 जनवरी 2019 को जनपद पंचायत पन्ना के परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरीश मिश्रा एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अशोक चतुर्वेदी द्वारा ग्राम पंचायत रनवाहा की सरपंच राजकुमारी सिंह मेहदेले को प्रधानमंत्री आवास योजना में उत्कृष्ट कार्य करने पर शील्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं ग्राम पंचायत धरमपुर में आवास योजना का शत्-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण होने पर सरपंच अनीता बृजमोहन सिंह यादव व सचिव राकेश वर्मा को शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत पन्ना की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री तपस्या जैन, परियोजना अधिकारी मनरेगा संजय सिंह परिहार, पंचायत निरीक्षक घनश्याम शर्मा सहित जनपद पन्ना के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश | सीएम कमलनाथ ने मंत्रियों को जिलों का प्रभार सौंपा, प्रभुराम चौधरी बने पन्ना व दमोह के प्रभारी मंत्री
मंत्री तरुण भनोत और प्रदीप जायसवाल को मिले 3-3 जिले
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को विभागों के आवंटन के बाद आज मंत्रियों को जिलों के प्रभार भी सौंप दिया। कई दिनों से इसे लेकर अटकलें लगाई जा रहीं थीं, आज मंत्रियों को जिलों का प्रभार सौंपने की सूची जारी होने के साथ ही सभी अटकलों पर विराम लग गया है। महत्पूर्ण बात यह है कि मंत्रियों को उनके गृह जिलों से दूर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में किसानों और कमजोर वर्गों से जुड़े मसलों पर संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए हैं। डॉ. प्रभुराम चौधरी को पन्ना और दमोह जिलों का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। मंत्रियों को मिले जिलों के प्रभार की सूची इस प्रकार है-
नाम मंत्री प्रभार वाले जिले
1. डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ – धार, बड़वानी
2. सज्जन सिंह वर्मा – उज्जैन, खरगौन
3. हुकुम सिंह कराड़ा – मंदसौर, नीमच
4. डॉ. गोविन्द सिंह – दतिया, भोपाल
5. बाला बच्चन – इंदौर
6. आरिफ अकील – सीहोर, भिण्ड
7. बृजेन्द्र सिंह राठौर – सागर, छतरपुर
8. प्रदीप जायसवाल – सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर
9. लाखन सिंह यादव – श्योपुर, मुरैना
10. तुलसी सिलावट – खण्डवा, बुरहानपुर
11. गोविन्द सिंह राजपूत – टीकमगढ़, निवाड़ी
12. इमरती देवी – गुना
13. ओमकार सिंह मरकाम – शहडोल, उमरिया
14. डॉ. प्रभुराम चौधरी – दमोह, पन्ना
15. प्रियव्रत सिंह – जबलपुर, कटनी
16. सुखदेव पांसे – छिंदवाड़ा, सिवनी
17. उमंग सिंघार – ग्वालियर
18. हर्ष यादव – रायसेन, विदिशा
19. जयवर्द्धन सिंह – राजगढ़ आगर-मालवा
20. जीतू पटवारी – शाजापुर, देवास
21. कमलेश्वर पटेल – बालाघाट, बैतूल
22. लखन घनघोरिया – रीवा, सतना
23. महेन्द्र सिंह सिसौदिया – अशोकनगर
24. पी. सी. शर्मा – होशंगाबाद, हरदा
25. प्रद्युम्न सिंह तोमर – शिवपुरी
26. सचिन सुभाष यादव -रतलाम
27. सुरेन्द्र सिंह बघेल – झाबुआ, अलीराजपुर
28. तरुण भनोत – नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी
हीरा खदान की आड़ में चल रही हथियारों की तस्करी का खुलासा
* दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पकड़ा अंतर्राज्यीय हथियार तस्कर
* हीरा खदान क्षेत्र में छिपाकर रखे गये 5 देशी पिस्टल बरामद
पन्ना। रडार न्यूज हीरों की धरती के रूप विश्विख्यात पन्ना जिले में गंभीर किस्म के खतरनाक अपराधियों का जाल फैल रहा है। चिन्ता की बात तो यह है कि जिले की पुलिस इन अपराधिक गतिविधियों से अनजान बनी हुई है। जिले में हीरा खदान की आड़ में हथियारों की तस्करी का धन्धा चल रहा था, जिसकी भनक पन्ना पुलिस को नहीं थी। मामले का खुलासा तब हुआ जब मंगलवार की सुबह दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने पन्ना में दबिश देकर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी होने के बाद पन्ना पुलिस भी सक्रिय हुई और आरोपी से जब पूछतांछ की गई तब यह सनसनीखेज खुलासा हुआ। पन्ना के आगरा मुहल्ला निवासी आरोपी हमीद पिता जमील खान 58 वर्ष हीरा खदान की आड़ में हथियारों की खरीद-फरोख्त का काम करता था।
एमपी-यूपी में फैला था नेटवर्क
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुये पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह ने आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपी का नेटवर्क मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से लेकर प्रदेश के बाहर भी फैले होने की सूचना है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 5 देशी पिस्टल बरामद कर पूछतांछ शुरू कर दी है, पूछतांछ में और भी खुलासे की संभावना व्यक्त की जा रही है। पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने बताया कि 8 जनवरी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने सूचना दी थी कि 13 सितम्बर 2018 को स्पेशल सेल दिल्ली में दर्ज अपराध क्र. 111/18 के आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार पकड़े गये थे। उक्त गिरफ्तार आरोपी के तार पन्ना सहित अन्य शहरों से जुड़े होना बताया गया था।
खरगौन से मँगवाता था हथियार

पत्रकारों को हमीद की गिरफ़्तारी की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह
दिल्ली पुलिस की सूचना पर पुलिस अधीक्षक पन्ना के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना बी.के.एस परिहार के मार्गदर्शन में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल टीम एवं पन्ना पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुये संदेही से पूँछताछ की गई। पूँछताछ पर संदेही द्वारा अपना नाम हमीद पिता जमील खान उम्र 58 वर्ष निवासी आगरा मोहल्ला का होना बताया। आरोपी ने पुलिस की पूँछताछ पर बताया कि मैं खरगौन तरफ से देशी पिस्टल मँगवाकर बेचता हूँ । सरकोहा जंगल के नाला में मैं फर्जी रूप से हीरा खदान लगाया हूँ वहीं पर पिस्टल छिपाकर रखा हूँ। आरोपी द्वारा बताये गये स्थान पर पहुँचकर सर्च करने पर संयुक्त पुलिस टीम को नाला के किनारे झाड़ी के बीच से एक काले रंग का थैला दिखा जिसे खोलकर देखा तो उक्त थैले में 5 नग देशी पिस्टल मिले ।
अन्य तस्करों के ठिकानों पर पुलिस टीम भेजी
हीरा खदान में मिलीं पिस्टल को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया जाकर थाना कोतवाली पन्ना में अपराध क्रमांक 21/19 धारा 25,27 आर्म्स एक्ट का कायम किया जाकर विवेचना में लिया गया है। संयुक्त पुलिस टीम द्वारा आरोपी के अन्य ठिकानों पर भी छापामार कार्यवाही की गई। आरोपी उक्त हथियारों को प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर से खरीदता एवं बेचता था। पूँछताछ पर आरोपी द्वारा उत्तरप्रदेश एवं म.प्र. के अवैध हथियार तस्करों के ठिकाने भी बताये हैं। इन ठिकानों पर पुलिस टीम भेजकर कार्यवाही की जा रही है।
कार्रवाई : पन्ना से एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर ले गई दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच, अपहरण होने की अफवाह उड़ने पर फैली सनसनी
* गिरफ़्तारी के संबंध में स्थानीय पुलिस और परिजनों को नहीं दी गई जानकारी
* पन्ना पुलिस ने संदिग्ध के घर की तलाशी लेकर उसके पुत्रों को हिरासत में लिया
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम मंगलवार की सुबह हमीद खान नाम के एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। दिल्ली पुलिस द्वारा इस कार्रवाई को इतने गुप्त तरीके से अंजाम दिया गया कि इसकी जानकारी तक स्थानीय पुलिस को नहीं दी गई। पन्ना बस स्टैण्ड के समीप सुबह 9 बजे क्राइम ब्रांच की टीम सुनियोजित तरीके से हमीद खान 55 वर्ष को गिरफ्तार कर चार पहिया वाहन से जब अपने साथ ले गई तो आसपास मौजूद लोग समझे कि अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण किया है। आनन-फानन कोतवाली थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई। दिनदहाड़े अपहरण होने की सनसनीखेज खबर सोशल मीडिया के माध्यम,से चंद मिनिट में ही पूरे शहर में फ़ैल गई जिससे हड़कंप मच गया।
उधर, इस वारदात की गंभीरता को देखते हुए जिले के सभी थानों की पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्र में नाकेबंदी कर अपहरणकर्ताओं की धरपकड़ के लिए वाहन चैकिंग शुरू कर दी। करीब आधा घण्टे बाद सफ़ेद रंग के उक्त वाहन को पुलिस द्वारा घेराबंदी कर अजयगढ़ थाना क्षेत्रान्तर्गत पकड़ा गया। स्थानीय पुलिस ने जब पूँछतांछ की तो सच्चाई सामने आई। हमीद खान को पकड़ने वाले बदमाश नहीं बल्कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम है, यह जानकर पन्ना पुलिस दंग रह गई। क्योंकि स्थानीय पुलिस अधिकारियों को इस कार्रवाई की पूर्व सूचना नहीं गई थी। संदिग्ध को गिरफ्तार कर ले जाते समय भी बताना उचित नहीं समझा। दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तारी क्यों की गई इसका अधिकारिक तौर पर खुलासा कई घण्टे बाद भी नहीं हो सका है। इससे दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
हथियारों की तस्करी का है मामला !

पुलिस सूत्रों के अनुसार कथित तौर पर हथियारों की तस्करी मामले में मिले इनपुट के आधार पर पन्ना के आगरा मोहल्ला निवासी हमीद खान को गिरफ्तार कर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम मंगलवार 8 जनवरी की सुबह अपने साथ ले गई। पन्ना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी.के.एस. परिहार ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने हमीद खान को पन्ना पुलिस को बिना सूचना दिए ही गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को लेकर अपहरण की खबर फैलने पर हम लोगों ने उनकी गाड़ी को घेराबंदी कर पकड़ा तब पता चला कि दिल्ली पुलिस है। फ़िलहाल यह बताना मुश्किल है कि हबीब खान को क्यों गिरफ्तार किया गया और क्या मामला है हम दिल्ली पुलिस से आवश्यक जानकारी हांसिल करने का प्रयास कर रहे है, संभवतः जल्दी ही सबकुछ पता चल जायेगा।
घर की सर्चिंग कर बेटों को हिरासत में लिया











