मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना | हरी एवं सफेद सूची में रहेंगे पात्र किसानों के नाम, दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने भरना होगा गुलाबी आवदेन पत्र

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मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना के क्रियान्वयन हेतु आयोजित प्रशिक्षण को संबोधित करते पन्ना कलेक्टेर मनोज खत्री।

* योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित

* कलेक्टर ने विकासखण्डवार आयोजित प्रशिक्षण कार्यशालाओं में दी जानकारी

* सम्पूर्ण कार्यवाहियां प्राथमिकता देते हुए गंभीरता के साथ करने की दी हिदायत

पन्ना। रडार न्यूज    मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना का सम्पूर्ण प्रदेश में मंगलवार 15 जनवरी 2019 से क्रियान्वयन आरंभ किया जा रहा है। इसके ठीक एक दिन पूर्व पन्ना जिले में योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु शासन के निर्देशों से अवगत कराने हेतु सोमवार 14 जनवरी को विकासखण्डवार प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन प्रशिक्षण कार्यशालाओं में सभी संबंधित प्रशासनिक एवं बैंक के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना, किसानों की पात्रता, अपात्रता, योजना के क्रियान्वयन के लिए की जाने वाली कार्यवाहियों एवं प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी। कलेक्टर मनोज खत्री ने इन सभी प्रशिक्षण कार्यशालाओं में पहुंचकर अधिकारियों, कर्मचारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना के क्रियान्वयन हेतु की जाने वाली सम्पूर्ण कार्यवाहियों को प्राथमिकता देते हुए गंभीरता के साथ करने की हिदायत दी।
कलेक्टर के निर्देशानुसार जनपद पंचायत पन्ना एवं अजयगढ़ की प्रशिक्षण कार्यशाला जनपद पंचायत पन्ना के प्रांगण कें प्रातः 10 बजे से आयोजित की गयी। जनपद पंचायत गुनौर अन्तर्गत प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दोपहर 1 बजे से किया गया। इसी तरह जनपद पंचायत पवई एवं शाहनगर के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला जनपद पंचायत पवई के प्रांगण में दोपहर 12 बजे से आयोजित की गयी।

इन्हें मिलेगा योजना का लाभ

प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर मनोज खत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन के निर्णय अनुसार प्रदेश के किसानों द्वारा एक अप्रैल 2007 को अथवा उसके बाद ऋण प्रदाता से लिया गया फसल ऋण जो 31 मार्च 2018 की स्थिति में उसमें से अधिकतम 2 लाख रूपये की सीमा तक सहकारी बैंकों के लिए कालातीत अथवा अन्य ऋण प्रदाता बैंकों के लिए एनपीए घोषित किया गया हो को मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना का लाभ दिया जाएगा। जिन किसानों द्वारा 31 मार्च 2018 की स्थिति में कालातीत घोषित ऋण दिनांक 12 दिसंबर 2018 तक पूर्णतः अथवा आंशिक रूप से पटा दिया गया है उन्हें भी योजना का लाभ दिया जाएगा।

कृषक जो ऋण माफी के लिए अपात्र होंगे

प्रशिक्षण में ऋण माफी योजना की पात्रता एवं अपात्रता की जानकारी देते हुए कलेक्टर श्री खत्री ने बताया कि ऐसे किसान फसल ऋण माफी के लिए अपात्र होंगे जो वर्तमान एवं भूतपूर्व पदाधिकारी सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगरीय निकायों के अध्यक्ष-महापौर, कृषि उपज मण्डी के अध्यक्ष, सहकारी बैंकों के अध्यक्ष, केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा गठित निगम, मंडल अथवा बोर्ड के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष हों। इनके अलावा समस्त आयकर दाता, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को छोडकर भारत सरकार तथा प्रदेश के समस्त शासकीय अधिकारी, कर्मचारी तथा इनके निगम-मंडल-अर्द्धशासकीय संस्थाओं में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी फसल ऋण माफी के लिए अपात्र होंगे। ऐसे किसान जिन्हें 15 हजार रूपये या उससे अधिक की पेंशन प्राप्त होती है (भूतपूर्व सैनिकों को छोड़कर) एवं ऐसे किसान जो 12 दिसंबर 2018 या उसके पूर्व जीएसटी में पंजीकृत व्यक्ति/फर्म/फर्म के संचालक/फर्म के भागीदार ऋण माफी के लिए अपात्र होंगे।

पंचायत में चस्पा होगी किसानों की सूची

प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री खत्री ने बताया कि योजना के अन्तर्गत संभावित पात्र पाए गए किसानों को 2 सूचियों में रखा गया है। ऐसे किसान जिनके बैंक खातों में आधार सीडिंग है उनके नाम हरी सूची में तथा जिन कृषकों के बैंक खातों में आधार सीडिंग में नही उनके नाम सफेद सूची में रखे गए हैं। जिन किसानों के बैंक खातों में आधार सीडिंग नही है संबंधित बैंक/समिति द्वारा आधार सीडिंग का कार्य किया जाएगा। उन्होंने किसानों की सूची संबंधित ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर यथाशीघ्र चस्पा करने के निर्देश दिए है। साथ ही कहा कि ग्राम स्तर पर समय निर्धारित कर प्रतिदिन सूची में दर्ज कृषकों से सम्पर्क कर उन्हें योजना की जानकारी दें तथा पूरी प्रक्रिया से अवगत कराएं। योजना के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए एवं ग्राम स्तर पर डूंडी पिटवाकर मुनादी करवायी जाए।

हरा, सफेद तथा गुलाबी आवेदन की दी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर ने बताया कि जिन किसानों के नाम हरी सूची में है उन्हें हरा फार्म तथा जिनका नाम सफेद सूची में है उन्हें सफेद फार्म भरकर संबंधित ग्राम पंचायत में जमा करना होगा। इसी तरह जिनका नाम उपरोक्त दोनों सूचियों में नही है उन्हें गुलाबी फार्म भरकर अपना आवेदन संबंधित ग्राम पंचायत में 5 फरवरी 2019 तक जमा करना होगा। नगरीय क्षेत्र से संबंधित कृषि भूमि होने पर संबंधित नगरीय निकाय में आवेदन जमा किया जाएगा। हरी अथवा सफेद सूची में दर्शित जानकारी पर आपत्ति अथवा दावा प्रस्तुत करने का अधिकार किसान के पास होगा। इसके लिए संबंधित किसान को गुलाबी आवेदन भरना होगा। 26 जनवरी 2019 को ग्राम सभाओं का होगा कर शेष रह गए आवेदन किसानों की जानकारी दी जाएगी तथा उन्हें 5 फरवरी 2019 तक का समय दिया जाएगा। उन्होंने प्रतिदिन की प्रगति की रिपोर्ट भेजने के निर्देश संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को दिए हैं।

ये रहे उपस्थित

इन खण्ड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशालाओं में मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अशोक चतुर्वेदी के अलावा संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, तहसीलदार, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, खण्ड पंचायत अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पंचायत समन्वय अधिकारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, समस्त पटवारी, शाखा प्रबंधक समस्त बैंक, समिति प्रबंधक, समस्त सचिव एवं समस्त रोजगार सहायक मौजूद थे।