* पन्ना जिले के पटनातमोली गांव में हुई आगजनी की घटना
* पान की फसल और बरेजा जलने से हुआ 5 लाख का नुकसान
पन्ना। (www.radarnews.in) तापमान में वृद्धि के साथ ही आगजनी की घटनायें भी बढ़ गईं है। पन्ना जिले के सलेहा थाना अंतर्गत आने वाले चर्चित ग्राम पटनातमोली में बीती रात अचानक भडकी प्रचंड आग में पान का एक बरेजा जलकर पूरी तरह राख हो गया। आगजनी की इस घटना के चलते गांव मे कुछ देर के लिये भगदड़ और अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनीं रही। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर जब काबू पाया गया तब तक बरेजा जलकर खाक हो चुका था। इससे प्रभावित पान उत्पादक किसान को करीब 5 लाख की क्षति हुई है। पुलिस की प्रारम्भिक जाँच-पड़ताल में आग लगने के कारण पता नहीं चल सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पान की खेती के लिये प्रसिद्ध पटनातमोली गांव मे शानिवार 11 मई की रात पान उत्पादक कृषक बिहारी चौरसिया के परिवार में तिलकोत्सव समारोह चल रहा था। जिसमें बिहारी समेत चौरसिया परिवार के सदस्य और गाँव के अधिकांश लोग शामिल हुए। वैवाहिक कार्यक्रम की खुशियों के बीच गाँव में उस समय अचानक चींख-पुकार गूँजने लगी जब पान कृषक बिहारी चौरसिया के पान बरेजे में आग भड़क उठी। आगजनी की घटना का पता लोगों को तब चला जब चौतरफा आग से घिरे पान बरेजे से ऊंची लपटें और धुंआ उठने लगा। प्रचंड हो चुकी आग को देख गांव में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी फैल गई। उधर, आगजनी प्रभावित कृषक बिहारी चौरसिया, उसके परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण बदहवाश हालत में तुरंत गाँव के नजदीक उसरहा हार में स्थित पान बरेजे में पहुँचे। आग के गाँव में फैलने के खतरे को देखते हुए तत्काल डॉयल 100 पर पुलिस को सूचना दी गई। इस बीच सभी लोग मिलकर प्रचंड आग को काबू करने के लिए पानी डालते रहे।

ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत और तत्परता से बचाव कार्य शुरू करने के फलस्वरुप आग पर समय रहते पूरी तरह काबू पा लिया गया। जिससे आसपास के खेत और पटनातमोली गाँव तो आग की लपटों की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। लेकिन, बिहारी चौरसिया के पान बरेजे को नहीं बचाया जा सका। पान की फसल के साथ बरेजा भी जलकर खाक हो गया। आगजनी प्रभावित पान कृषक को करीब 4-5 की आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। बरेजे के अंदर 60 पारी में लगी पान की फसल पूरी तरह तबाह हो गई। पीड़ित किसान के पुत्र शिव प्रसाद चौरासिया ने बताया कि आग जिस तरफ से लगी है वहाँ बिजली के तार भी नहीं थे, जिससे स्पार्किंग होने का सवाल ही नहीं उठता। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि किसी व्यक्ति द्वारा बरेजे में आग लगाई गई है। सलेहा थाना पुलिस इस घटना की गहनता से जाँच कर रही है। आगजनी की घटना से प्रभावित परिवार में सदमे में डूबा है, वहीं गाँव के लोग भी दुखी हैं।
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उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में तीन दिन के अंदर हत्या की दूसरी वारदात के सामने आने से चुनावी समय में पुलिस की सजगता पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। अजयगढ़ की वारदात के पूर्व पन्ना जिला मुख्यालय में लोकसभा चुनाव के मतदान के एक दिन पूर्व शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात पहाड़कोठी में इरफान पिता स्वर्गीय मुन्ना खान निवासी आगरा मोहल्ला पन्ना की पत्थर पटककर नृशंस हत्या किए जाने की सनसनीखेज घटना प्रकाश में आई थी। वहीं कुछ दिन पूर्व जिले के मड़ला थाना अंतर्गत अज्ञात हमलावर एक युवक के ऊपर फायरिंग कर भाग निकले थे। इन घटनाओं को लेकर पुलिस की लचर कार्यप्रणाली और ढुलमुल रवैये की तीखी आलोचना हो रही है। आमजन का मानना है कि पुलिस के हाई अलर्ट पर रहने के दौरान जब अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं तो फिर सामान्य दिनों में क्या होगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। दरअसल, पुलिस का फोकस अपने मूल कार्य पर न होने के कारण इस तरह के हालात बन रहे हैं।






















