फायर सीजन रेड अलर्ट के चक्कर में कहीं मतदान करने से वंचित न रह जाए पन्ना टाईगर रिजर्व का मैदानी अमला !

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सांकेतिक फोटो

* अग्नि सुरक्षा के लिए जंगल में ड्यूटी पर रहना हो गया अनिवार्य

* मतदान के लिए मैदानी कर्मचारियों को नहीं मिल रहा अवकाश

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज  पन्ना टाईगर रिजर्व अंतर्गत गर्मी के सीजन में जंगल में आग लगने की घटनायें बढ़ने के मद्देनजर इनसे वन और वनजीवों के बचाव हेतु पार्क प्रबंधन ने 5 दिन पूर्व एक आदेश जारी कर फायर सीजन पर रेड अलर्ट घोषित करते हुए मैदानी अमले की छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इस आदेश के कारण पार्क के मैदानी अमले को मतदान हेतु अपने घर जाने के लिए छट्टी न मिलने ख़बरें मिल रहीं हैं। इस कारण बड़ी तादाद में पार्क के कर्मचारियों को अपने मताधिकार से वंचित होना पड़ सकता है।उल्लेखनीय है कि तापमान में वृद्धि के साथ ही जंगल में आग लगने की घटनायें बढ़ गईं हैं।
सांकेतिक फोटो
आगजनी की घटनाओं से जंगल और वन्यजीवों को होने वाली व्यापक क्षति को देखते हुए पन्ना टाईगर रिजर्व प्रबंधन ने आग से वन और वन्यजीवों की सुरक्षा हेतु मौके पर कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए फायर सीजन रेड अलर्ट घोषित किया है। पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक द्वारा 30 अप्रैल को जारी रेड अलर्ट आदेश के बाद सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश स्वीकृति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जिन कर्मचारियों की छुट्टी पूर्व से स्वीकृत थी उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि अग्नि सीजन में कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी भी श्रमिक का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। किसी भी विशेष परिस्थिति में अधिकारी-कर्मचारी-श्रमिक का अवकाश लिखित में उप संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व द्वारा स्वीकृत किया जाएगा।
फाइल फोटो।
फायर सीजन में रेड अलर्ट घोषित होने के कारण कई मैदानी कर्मचारियों को मतदान करने के लिए अपने घर जाने के लिए रविवार दोपहर तक अवकाश न मिलने की जानकारी सूत्रों के माध्यम से मिली है। इस स्थिति के चलते पन्ना टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात मैदानी अधिकारियों-कर्मचारियों-श्रमिकों को लोकसभा चुनाव के लिए 6 मई को होने वाले मतदान में अपने मताधिकार के उपयोग से वंचित होना पड़ सकता है। पता चला है कि कई मैदानी कर्मचारियों को मतदान हेतु अवकाश माँगने पर भी रेन्जरों द्वारा नहीं दिया गया। अवकाश न मिलने के कारण मैदानी कर्मचारी अपने मताधिकार का उपयोग कैसे कर पाएंगे यह बड़ा सवाल बना है।
क्षेत्र संचालक द्वारा जारी आदेश।
इसे विडम्बना ही कहा जाएगा कि एक ओर प्रशासन पिछले एक माह से मताधिकार के उपयोग को लेकर नागरिकों को प्रेरित और जागरूक करने के लिए जन जागरूकता अभियान चला रहा है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक- एक वोट महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से मतदान अवश्य करने की अपील की जा रही है। इस बार लोकसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए काफी प्रयास किए गए। इन सबके बीच पन्ना टाइगर रिजर्व के मैदानी कर्मचारी यदि मतदान करने से वंचित होते हैं तो निश्चित ही इसे पार्क प्रबंधन की अदूरदर्शिता, अव्यवहारिकता और लापरवाही माना जाएगा। उल्लेखनीय है कि पन्ना टाइगर रिजर्व की सीमाएँ पन्ना, छतरपुर और दमोह जिले तक फैलीं हैं। ये जिले जिन संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, उनमें सोमवार 6 मई को मतदान मतदान होना है। मतदान शुरू होने के लिए अब जबकि महज कुछ घंटे ही शेष बचे हैं ऐसे में यह देखना महत्पूर्ण होगा कि अवकाश न मिलने के कारण पन्ना टाइगर रिजर्व के मैदानी कर्मचारी अपने मताधिकार का उपयोग कर पाते हैं या नहीं।
इनका कहना है-
“यह बात सही है कि फायर सीजन पर रेड अलर्ट घोषित होने के कारण अवकाश स्वीकृति पर रोक लगी है, लेकिन मैदानी अधिकारी-कर्मचारी और श्रमिकों को अपने मताधिकार के लिए अवकाश लेने की आवश्यकता नहीं है, सभी कर्मचारी बगैर अवकाश लिए अपने मताधिकार का उपयोग करने जा सकते हैं, इसके लिए कोई रोक नहीं है। आपने जानकारी दी है तो मैं तत्काल वायरलैस के माध्यम से सबको सूचित करता हूँ ताकि इसे लेकर किसी तरह के कोई भ्रम की स्थिति न रहे।”

के.एस. भदौरिया क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व।