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खजुराहो लोकसभा क्षेत्र : अंतिम दिन तक कुल 25 व्यक्तियों ने भरे नाम निर्देशन पत्र, बीजेपी के 4 बागी नेताओं ने भी दाखिल किया पर्चा

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अपना नामांकन जमा करते बीजेपी प्रत्याशी।

* पूर्व विधायकद्वय गिरिराज, सुकीर्ति जैन,जयप्रकाश और सुधीर ने बढ़ाया सिरदर्द

* बागियों-विरोधियों को मनाने में दिग्गज नेताओं को मिली अधूरी सफलता

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज  लोकसभा निर्वाचन-2019 संसदीय क्षेत्र खजुराहो में नाम निर्देशन पत्र भरने की अंतिम तारीख गुरुवार 18 अप्रैल तक कुल 25 नाम निर्देशन पत्र भरे गए। नामांकन भरने वालों में भारतीय जनता पार्टी के चार क्षेत्रीय बागी नेता भी शामिल हैं। अंतिम दिन खजुराहो सीट से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा ने विशाल रैली के साथ पन्ना के नवीन कलेक्ट्रेट भवन पहुँचकर स्वयं अपना नामांकन दाखिल किया। खुली जीप में सवार रहे भाजपा प्रत्याशी श्री शर्मा के साथ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा टिकिट वितरण को लेकर कुछ दिनों से नाराज चल रहे स्थानीय नेता भी मौजूद थे।
विष्णु दत्त शर्मा, बीजेपी प्रत्याशी।
इसके पूर्व पन्ना के पॉलीटेक्निक कॉलिज ग्राउण्ड में बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित हुई आमसभा में भाजपा के दिग्गज नेताओं के साथ मंच पर उन नेताओं की उपस्थिति चर्चा का विषय रही जो कि कल तक मुरैना निवासी बीडी शर्मा को बाहरी उम्मीदवार बताते हुए उनके खिलाफ सोशल मीडिया से लेकर सड़कों पर विरोध का बिगुल फूँक रहे थे। इनके द्वारा किसी भी क्षेत्रीय नेता को टिकिट देने की भावनात्मक दलीलें देते हुए बीडी शर्मा के विरोध स्वरूप उनके पुतले तक समर्थकों से जलवाए और बीडी शर्मा वापस जाओ के नारे लगवाए गए। टिकिट वितरण के बाद से सोशल मीडिया में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ मुहिम चलाते हुए इनके द्वारा यह प्रचारित कराया गया कि पार्टी नेतृत्व ने इस मनमाने निर्णय से क्षेत्र के लोगों की जनभावनाओं को ठेस पहुँचाई है। दरअसल, ये नेता खुद भी टिकिट के दावेदार रहे हैं। मुरैना निवासी बीडी शर्मा को खजुराहो सीट से प्रत्याशी बनाए जाने से नाराज चल रहे उक्त नेताओं ने इसे क्षेत्र के लोगों के स्वाभिमान से जोड़कर प्रत्याशी और पार्टी के खिलाफ माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी । श्री शर्मा के बाहरी होने के मुद्दे को तूल देकर क्षेत्रवाद पर जनभावनाओं को उभरने के लिए भी पूरा जोर लगाया गया।

क्या बागी भी मान जाएँगे !

नामांकन दाखिल करते भाजपा के बागी नेता जयप्रकाश चतुर्वेदी।
भाजपा का मजबूत गढ़ कहलाने वाली खजुराहो सीट पर पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ अपनों के विरोध और बगावत को देखते हुए चिंतित भाजपा के दिग्गज नेताओं की ओर से डैमेज कंट्रोल की तत्परता से कवायद शुरू की गई। बुधवार शाम को इस सिलसिले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय सहत्रबुद्धे अचानक हेलीकॉप्टर से पन्ना पहुँचें। नाराज चल रहे टिकिट के दावेदारों को उनके द्वारा तलब कर समझाइश दी गई। इसका असर कतिपय नेताओं पर हुआ है, जिनके संबंध में शुरू से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी के बड़े नेताओं की पूँछ-परख, मान-मनोव्वल के बाद वे आखिरकार मान जाएंगे। गुरुवार को हुआ भी यही। मजेदार बात यह है कि इन नेताओं ने न सिर्फ आमसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई बल्कि मंच से भाजपा प्रत्याशी बीडी शर्मा को विजयी बनाने की अपील की। भाजपा सूत्रों से पता चला है कि इन नेताओं को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा और प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी पार्टी प्रत्याशी का विरोध न करने की समझाइश दी है।

नामांकन दाखिल करते भाजपा के बागी नेता सुधीरशर्मा।
हालाँकि भाजपा के दिग्गज नेता खजुराहो सीट पर पार्टी प्रत्याशी के विरोध और बगावत से निपटने में फिलहाल पूरी तरह सफल नहीं हो सके। बताते चलें कि भाजपा के चार नेताओं ने बगावत करते हुए अपना नामांकन दाखिल किया है। यह स्थिति तब है जबकि इनके कुछ महत्वकांक्षी साथी पाला बदल चुके हैं। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन जमा करने वाले बागी भाजपा नेताओं में कटनी जिले के पूर्व विधायकद्वय गिरिराज किशोर पोद्दार, सुकीर्ति जैन, पन्ना के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश चतुर्वेदी, छतरपुर जिले के भाजपा नेता सुधीर शर्मा शामिल हैं। मुड़वारा के पूर्व विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार ने तो बीडी शर्मा को प्रत्याशी घोषित किये जाने के तुरंत बाद ही भाजपा से अपना इस्तीफ़ा दे दिया था। विरोध करने वाले तो किसी तरह मान गए पर अब देखना यह है बगावत करने वाले भाजपा नेता चुनावी समर में अंत तक डटे रहते हैं या फिर अलग-थलग पड़ने के कारण अथवा अन्य किसी वजह से वे भी अपना नामांकन फार्म वापिस लेकर चुनावी मुकाबले से हटते हैं। उधर, कल तक पार्टी प्रत्याशी का विरोध करने वाले जिन नेताओं ने यू टर्न लेते हुए पल्टी मारी है वे अब अपनी विश्वसनीयता कायम रखने और इस फैसले का बचाव करते हुए कई तरह के तर्क दे रहे हैं।

इनके द्वारा भरे गए नामांकन

रिटर्निंग ऑफिसर को अपना नामांकन फार्म सौंपते भाजपा प्रत्याशी बीडी शर्मा।
कलेक्टर एवं जिला रिटर्निंग ऑफिसर मनोज खत्री से प्राप्त जानकारी के अनुसार लोकसभा निर्वाचन 2019 संसदीय क्षेत्र 08-खजुराहो में नाम निर्देशन पत्र भरने की अंतिम तारीख तक कुल 25 नाम निर्देशन पत्र भरे गए। नाम निर्देशन पत्र जमा कराने वालों में-  कविता सिंह जिला छतरपुर ने इण्डिनय नेशनल कांगेस, विष्णुत्त शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी जिला भोपाल, वीर सिंह पटेल जिला चित्रकूट उत्तर प्रदेश ने समाजवादी पार्टी, जगदीश कुमार जिला पन्ना ने अखिल भारतीय अपना दल, गिरवल जिला छतरपुर ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया), मीना रैकवार जिला भोपाल निर्दलीय, सुधीर शर्मा निवासी जिला छतरपुर ने निर्दलीय, जयप्रकाश चतुर्वेदी जिला पन्ना ने निर्दलीय, गिरिराज किशोर पोद्दार जिला कटनी ने निर्दलीय, सुकीर्ति जैन जिला कटनी ने निर्दनीय, विनोद कुमार लखनऊ उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय जनसंचार दल, नरेन्द्र पाण्डेय जिला कटनी ने निर्दलीय, राजकुमार जिला कटनी ने निर्दलीय, मनीष कुमार जिला छतरपुर ने राष्ट्रीय आदर्श मेम्बर पार्टी, अश्विनी कुमार जिला छतरपुर ने सर्वोदय भारत पार्टी, मोहम्मद इमरान जिला छतरपुर ने निर्दलीय, पर्वत सिंह जिला छतरपुर ने निर्दलीय, प्रमोद कुमार जिला पन्ना ने निर्दलीय, देशपाल जिला पन्ना ने अम्बेडकर राईट पार्टी ऑफ इण्डिया, राकेश शुक्ला जिला कटनी ने ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लॉक, नीरज जिला पन्ना ने निर्दलीय, बालकिशन जिला कटनी ने भारतीय शक्ति चेतना पार्टी, भूपत कुमार जिला पन्ना ने निर्दलीय, संतकुमार जिला पन्ना ने समग्र उत्थान पार्टी और राजबहादुर सिंह सोलंकी जिला कटनी ने रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इण्डिया (ए) के नाम शामिल हैं।

लोकसभा चुनाव : शिवराज का शाब्दिक प्रहार- “पाकिस्तान की भाषा बोल रही कांग्रेस, राहुल गाँधी दुनिया के सबसे बड़े झूठ बोलने वाले” बीजेपी के चुनाव प्रचार से जनता के मुद्दे गायब

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खजुराहो संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी बीडी शर्मा को विजयी बनाने का पन्ना में संकल्प दिलाते भाजपा के वरिष्ठ नेतागण।

* आमसभा में पाकिस्तान, आतंकवाद, एयर स्ट्राइक, जवानों के शौर्य का जिक्र

* बीजेपी प्रत्याशी बीडी शर्मा की नामांकन रैली में जुटे पार्टी के दिग्गज नेता

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज   खजुराहो संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा की नामांकन रैली और आमसभा में शामिल होने के लिए गुरुवार को पन्ना पहुँचे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँघी पर बड़ा शाब्दिक हमला बोला है। उन्होंने पाकिस्तान के बालाकोट में कुछ समय पूर्व भारत के जवानों द्वारा की गई एयर स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों की संख्या को लेकर सवाल पूँछने पर कांग्रेस पार्टी की तीखी आलोचना करते हुए उस पर पाकिस्तान की भाषा बोलने का आरोप लगाया है। पूर्व सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत का मान-सम्मान, स्वाभिमान पूरी दुनिया में बढ़ाया है। मोदी जी के नेतृत्व में एक नए भारत का उदय हुआ है, एक गौरवशाली, समृद्ध, संपन्न और एक शक्तिशाली भारत का उदय हुआ है। हमने यूपीए की भी सरकार देखी है जब पाकिस्तान से आतंकवादी आए और मुम्बई को तबाह कर दिया। उस समय प्रधानमंत्री मौनी बाबा थे। वे कुछ बोले ही नहीं, अब ऐसा नहीं होता। आज नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं, उरी और पुलवामा में आतंकवादी हमला हुआ तो हमारे जवानों ने पाकिस्तान की सीमा के अंदर घुसकर आतंकवादियों की लाशों के ढ़ेर लगा दिए। पुलवामा में हमला हुआ तो एयर स्ट्राईक की गई। वहाँ भी हमारे जवान आतंकियों की लाशों के ढ़ेर लगाकर सुरक्षित वापस लौट आए।
आमसभा को सम्बोधित करते पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान।
शिवराज ने आमसभा में उपस्थित लोगों से सवाल करते हुए पूँछा- क्या यूपीए सरकार में यह संभव था ? हमारे एक जवान अभिनंदन जो हेलीकॉप्टर को मारने के चक्कर में पाकिस्तान की सीमा में पहुंच गए थे, पकड़े गए लेकिन इसके बाद मोदी जी ने साफ़ कह दिया, अभिनंदन का बाल भी अगर बांका हुआ तो पाकिस्तान का नामोनिशान नहीं बचेगा। अभिनंदन 72 घंटे के अंदर सकुशल वापस आ गए, देश में उनका अभिनंदन हुआ। मोदी जी ने बता दिया है कि, ये पहले वाला भारत नहीं है। आतंकवादी धरती पर तो क्या पाताल में भी घुस जाएंगे तो हम उन्हें वहां घुसकर मारेंगे। हमारा भारत आज स्वाभिमान के साथ सीना तान के खड़ा है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने जोर देते हुए कहा कि तकलीफ होती है कांग्रेस की हालत देखकर, हमारे जवान शहादत दे रहे हैं, पाकिस्तान में मार-मार कर आ रहे हैं। एक नेता जो 10 साल मुख्यमंत्री रहे वह आतंकवादी हमले को दुर्घटना बताते हैं, कांग्रेसी सबूत मांगते हैं कितनी है लाशें गिरीं। लाशें गिनने का काम युद्धवीर नहीं गिद्धवीर करते हैं। ऐसा करके कांग्रेस पकिस्तान की भाषा बोल रही है। इसे सबक सिखाना जरुरी है।

कर्जमाफ़ी के नाम झूठ बोला

आमसभा में उपस्थित लोग।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी दुनिया के सबसे बड़े झूठेले हैं। मध्यप्रदेश सहित अन्य प्रदेशों में सभी किसानों की अब तक कर्जमाफी न होने के मुद्दे पर उन्होंने राहुल गाँधी को घेरते हुए कहा कि याद करिए मध्य प्रदेश की धरती पर आकर किसानों का कर्जा माफ़ करने अन्यथा मुख्यमंत्री बदलने का ऐलान किया था। लेकिन 130 दिन बाद भी किसानों का कर्जा माफ़ नहीं हुआ। राहुल गाँधी कहते है किसान का कर्जा माफ हो गया। जबकि उन्हीं की पार्टी के मुख्यमंत्री कमलनाथ किसानों को एसएमएस भेजकर यह कह रहे हैं कि लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है इसलिए इसे बाद में देखा जाएगा। एक कहता है कर्ज माफ़ हो गया जबकि दूसरा कह रहा है कि चुनाव बाद देखा जायेगा ! उन्होंने प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर आरोप लगाया कि जिन किसानों को केंद्र सरकार छः हजार रुपए देना चाहती थी इस सरकार ने उनकी सूची नहीं भेजी। आपने कांग्रेस की सरकार पर घटिया राजनीति करने और गरीब-किसान हितैषी योजनाओं को बंद करने का आरोप लगाया है। श्री चौहान ने राहुल गाँधी के ऐलान पर तंज कसते हुए कहा कि कि उन्होंने कहा था कि 10 दिन में यदि किसानों का कर्जा माफ़ नहीं हुआ तो सीएम बदल देंगे, अब तक तो कितने सीएम बदल जाते। मोबाइल की फैक्ट्री लगाने की बात करते थे, कहाँ है फैक्ट्री ? मोबाइल तो क्या यहाँ चिप तक नहीं बनती है। युवाओं को रोजगार देने के नाम पर उन्हें ढ़ोल बजाने, मवेशी चराने, जुगनू चमकाने, बिच्छू नचाने आदि काम बताए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार याद रखे यदि युवाओं की उपेक्षा की गई तो युवा उसका ढ़ोल बजाकर छिंदवाड़ा तक छोड़कर आएंगे।

एमपी छोड़कर नहीं जाऊँगा

पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने पन्ना की आमसभा में कहा कि प्रदेश की सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। उनकी उपज कम दाम पर खरीदी जा रही है। उपज की गुणवत्ता के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है जबकि मेरे समय ऐसा नहीं होता था। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने बताया कि पहले जब किसानों पर कोई प्राकृतिक आपदा आती थी तो वे तुरंत उनके बीच पहुँचते थे और मदद के लिए सरकारी खजाना खोल देते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों को अगर उनका हक़ नहीं मिला तो प्रदेश सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। आपने बताया कि मध्य प्रदेश को छोड़कर मैं कहीं जाने वाला नहीं हूँ। प्रदेश में रहते हुए इस बेईमान सरकार की छाती पर मूंग दलूँगा। मैं किसानों को उनका हक दिलाऊंगा। किसानों,नौजवानों और माताओं -बहनों की लड़ाई में अगर जान भी देनी पड़ी तो मेरी समाधि मध्यप्रदेश में ही बनेगी।

मोदी सरकार जरुरी पर मुद्दों की बात नहीं

चुनावी आमसभा को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्षद्वय विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रभात झा, प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव एवं पूर्व मंत्री कुसुम मेहदेले ने भी सम्बोधित किया। इन सभी नेताओं चुनाव आयोग के निर्देशों को दरकिनार करते अपने भाषणों में सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक के जरिए देश की सेना के शौर्य और वीरता का उल्लेख किया। पाकिस्तान को मुहँतोड़ जबाब देने का श्रेय नरेंद्र मोदी को देते हुए उन्हें मजबूत प्रधानमंत्री बताया। इन नेताओं ने देश की सुरक्षा के लिए नरेंद्र मोदी को पुनः प्रधानमंत्री बनाने का मतदाताओं से आव्हान किया। भाजपा नेताओं ने अपने भाषणों में पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, प्रधानमंत्री मोदी के सक्षम नेतृत्व का गुणगान, आतंकवाद, विपक्ष की कमजोरी पर तो खूब बोला लेकिन खजुराहो संसदीय क्षेत्र की बदहाली, लगातार कई दशक से निर्वाचित हो रहे भाजपा सांसदों द्वारा क्षेत्र की जनाकांक्षाओं को पूरा न करने, क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी योजना, केंद्र की मोदी सरकार की योजनाओं से देश में आए बदलाव, पिछले लोकसभा चुनाव के समय किये गए वादों, नोटबंदी की असफलता, जीएसटी की जटिलता, महँगाई, प्रतिवर्ष 2 करोड़ नौकरियाँ देने के वादे, रफाल विमानों के सौदे में हुए कथित भ्रष्टाचार के सवाल, खजुराहो संसदीय क्षेत्र को प्रभावित करने वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना के भविष्य, ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन अंतर्गत पन्ना में कार्य की बेहद धीमी गति, रेल लाइन के लिए हुए भू-अर्जन का उचित मुआवजा न मिलने, विदेशों में जमा कालाधन वापस न आने, आतंकी हमलों में जवानों के शहीद होने, देश के बैंकों से हजारों करोड़ का कर्ज लेकर उद्योगपतियों के विदेश भागने और अच्छे दिन लाने के वादे को पूरा करने उठाए गए कदम से आम आदमी के जीवन में आए बदलाव पर बात नहीं की। कुल मिलाकर मौजूदा समय भाजपा के चुनाव प्रचार से जनता के मुद्दे पूरी तरह से गायब हो चुके है। पार्टी के नेताओं का चुनावी कैम्पेन राष्ट्रवाद पर केंद्रित होकर रह गया। इनकी पूरी कोशिश चुनावी माहौल को पाकिस्तान, आतंकवाद, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, सैनिकों के शौर्य की चर्चा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को मजबूत व कुशल बताकर वोट हाँसिल करना प्रतीत होती है।

खजुराहो लोकसभा सीट : भाजपा के दिग्गजों ने सम्भाली डैमेज कंट्रोल की कमान, विनय सहस्त्रबुद्धे अचानक पन्ना पहुँचे, भाजपा प्रत्याशी के नामाँकन जुलुस में आज शिवराज होंगे शामिल

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पुलिस लाइन पन्ना में हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे।

* गुरुवार को पन्ना के पॉलीटेक्निक ग्राउण्ड में होगी चुनावी आमसभा

* बागियों और विरोधियों से निपटने की भाजपा संगठन ने शुरू की कवायद

* पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ माहौल बनाने वाले नेताओं पर हो सकती है कार्यवाही

शादिक खान, खजुराहो / पन्ना। रडार न्यूज  लोकसभा चुनाव 2019 के लिए खजुराहो संसदीय क्षेत्र से लम्बे इंतजार के बाद भाजपा उम्मीदवार के रूप में विष्णु दत्त शर्मा के नाम का ऐलान होने के बाद से पार्टी के अंदर-बाहर विरोध, असंतोष और बगावत के सुर लगातार मुखर हो रहे है। मुरैना जिले के निवासी विष्णु दत्त शर्मा को बाहरी बताकर टिकिट के दावेदार रहे कई नेता सोशल मीडिया से लेकर सड़कों पर उतरकर उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने के फैसले का खुलकर विरोध कर रहे हैं। पार्टी के फैसले से नाराज चल रहे कुछ नेताओं ने बगावती तेवर दिखाते चुनाव में नुकसान पहुँचाने के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप चुनाव लड़ने का ऐलान कर भाजपा की परेशानी को बढ़ा दिया है। टिकिट बंटवारे के बाद से खजुराहो सीट पर भाजपा के खेमे में मचे इस घमासान को शांत कराने के लिए चिंतित पार्टी के दिग्गज नेताओं ने कमान सम्भाल ली है। बुधवार 17 अप्रैल की शाम भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे का अचानक हेलीकॉप्टर से पन्ना पहुँचना डैमेज कंट्रोल की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
शिवराज सिंह चौहान।
उधर, गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पन्ना पहुँच रहे हैं। वे यहाँ पार्टी प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा के नामंकन जुलूस में शामिल होंगे। गुरुवार 18 अप्रैल को भाजपा प्रत्याशी द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के पूर्व पन्ना के पॉलीटेक्निक कॉलिज ग्राउण्ड में सुबह 10 से एक चुनावी आमसभा आयोजित की गई है। जिसे पार्टी के वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे। आमसभा के बाद विशाल जुलूस के रूप में भाजपा प्रत्याशी बीडी शर्मा नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए अपना नाम-निर्देशन पत्र दाखिल करने के लिए इंद्रपुरी कॉलोनी स्थित नवीन कलेक्ट्रेट जाएँगे। इस पैदल मार्च के बहाने भाजपा की रणनीति अघोषित शक्ति प्रदर्शन कर कांग्रेस को जबाब देना है। मालूम हो कि खजुराहो संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह ने दो दिन पूर्व हजारों समर्थकों के साथ पन्ना के नवीन कलेक्ट्रेट भवन में पहुँचकर अपना नामांकन भरा था।

अपनों का खुला विरोध बना सिरदर्द

हेलीकॉटर से बाहर आते विनय सहस्त्रबुद्धे।
खजुराहो सीट से बीडी शर्मा को प्रत्याशी घोषित करने के विरोधस्वरूप कटनी-मुड़वारा के पूर्व विधायक गिरिराज किशोर राजू पोद्दार ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया। खजुराहो संसदीय क्षेत्र में शामिल छतरपुर जिले के चंदला विधानसभा क्षेत्र में पूर्व विधायक विजय बहादुर सिंह बुंदेला के समर्थकों ने बीडी शर्मा का पुतला फूँककर और बीडी शर्मा वापस जाओ के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया है। भाजपा के पूर्व विधायक सुकीर्ति जैन, सुधीर शर्मा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष पन्ना जयप्रकाश चतुर्वेदी, संजय नगायच आदि नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर टेंशन को बढ़ा दिया है। वहीं पूर्व विधायक एवं कटनी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष ध्रुव प्रताप सिंह मुरैना जिले के निवासी बीडी शर्मा को भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने पर इसे खजुराहो संसदीय क्षेत्र के लिए काला दिवस बताया है। विरोध करने वाले ये सभी नेता खजुराहो सीट से भाजपा के टिकिट के दावेदार रहे हैं। बीडी शर्मा को बाहरी बताकर इनके द्वारा लगातार विरोध करने से भाजपा का अपने मजबूत गढ़ खजुराहो में चुनावी माहौल ख़राब हो रहा है। इनकी माँग है कि खजुराहो सीट से बाहरी नेता को थोपने के बजाए किसी भी स्थानीय नेता को प्रत्याशी बनाया जाए। ज्ञातव्य है कि खजुराहो संसदीय क्षेत्र के लिए नामांकन भरने की अंतिम तिथि गुरुवार 18 अप्रैल है, इसके मद्देनजर प्रत्याशी बदलने की माँग पूरी होना असंभव प्रतीत होती है। इस स्थिति में विरोध करने वाले नेता क्या कदम उठाएंगे इस पर सबकी नजरें रहेंगी।

गढ़ को बचाने उठा सकते हैं शख्त कदम

विष्णु दत्त शर्मा, बीजेपी प्रत्याशी।
भाजपा सूत्रों की मानें तो अपने मजबूत गढ़ खजुराहो संसदीय क्षेत्र को हर हाल में बचाने के लिए पार्टी का शीर्ष नेतृत्व संजीदा है। इसलिए विरोध और बगावत करने वाले नेताओं को समझाइश देने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को पन्ना भेजा गया। इसके बाद भी अगर बगावती तेवर वाले नेता नहीं मानें तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि खजुराहो संसदीय सीट मध्य प्रदेश की उन सीटों में शामिल है जहाँ कई दशकों से बीजेपी का कब्ज़ा है। इस सीट से निवर्तमान सांसद नागेंद्र सिंह ने यहाँ से वर्ष 2014 में 2 लाख से अधिक मतों के अंतर से बड़ी जीत दर्ज कराई थी। लेकिन इस बार बीजेपी ने यहाँ से बीडी शर्मा को उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारा है तो वहीं कांग्रेस ने छतरपुर और पन्ना राजघराने से ताल्लुक रखने वालीं कविता सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। दरअसल,कविता सिंह की ससुराल खजुराहो और मायका पन्ना जिले में होने से चुनाव इन्हें क्षेत्रीय होने का लाभ मिलने की उम्मीद है। जबकि बाहरी प्रत्याशी उतारने का मुद्दा गहराने से भाजपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है। बताते चलें कि खजुराहो संसदीय क्षेत्र से भाजपा के टिकिट के दावेदारों में कई जनाधार वाले क्षेत्रीय नेता शामिल रहे हैं। लेकिन, टिकिट वितरण में जनभावनाओं को नजरअंदाज कर क्षेत्रीय नेताओं की उपेक्षा की गई। शायद यही वजह है कि, मुरैना निवासी बीडी शर्मा को भाजपा द्वारा खजुराहो सीट से प्रत्याशी घोषित करने के फैसले को नाराज नेता पैराशूट प्रत्याशी उतारने के तौर प्रचारित कर रहे है। अब देखना यह कि डैमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी संभाल रहे भाजपा के दिग्गज नेता अपनों के विरोध और क्षेत्रीय बनाम बाहरी प्रत्याशी के मुद्दे से आने वाले दिनों में कैसे निपटते हैं।

खजुराहो लोकसभा सीट : कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह और सपा के वीर सिंह ने दाखिल किया नामांकन, बगावत और विरोध ने बढ़ाई बीजेपी की परेशानी

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खजुराहो संसदीय क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल करतीं कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह।

* प्रचंड गर्मी में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन सड़कों पर दिखा जनसैलाब

* कविता बोलीं, सिंचाई सुविधा और रोजगार के अवसर बढ़ाने करुँगी काम

* भाजपा प्रत्याशी बीडी शर्मा ने दिन भर पार्टी नेताओं से की मुलाकात

* बाहरी होने के कारण भाजपा प्रत्याशी का छतरपुर से लेकर कटनी तक विरोध

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज   बुंदेलखंड अंचल के खजुराहो संसदीय क्षेत्र में गर्मी के तेवर तीखे होने के साथ ही चुनावी पारा भी तेजी चढ़ने लगा है। इस सीट के अंतर्गत आने वाले पन्ना जिले में सोमवार को राजनैतिक हलचल और काफी गहमा-गहमी रही। यहाँ से कांग्रेस की प्रत्याशी कविता सिंह ने आज विशाल जुलूस की शक्ल में पन्ना के नवीन कलेक्ट्रेट भवन पहुंचकर अपना नाम-निर्देशन पत्र दाखिल किया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष पन्ना दिव्यारानी सिंह सहित समूचे संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ता-पदाधिकारी उपस्थित थे। कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन जुलूस को अघोषित शक्ति प्रदर्शन के तौर देखा जा रहा है। जिसकी चर्चा हर किसी की जुबान पर है। खजुराहो संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी वीर सिंह पटेल ने भी आज अपना नामांकन भरा। उधर, भाजपा के प्रत्याशी बीडी शर्मा अपने विरोध को थामने के लिए आज सुबह से ही पार्टी के सीनियर नेताओं के घर पहुँचकर उनसे मेल-मुलाकात करने में व्यस्त रहे। तीनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के पन्ना में रहने के कारण आज यहाँ राजनैतिक सरगर्मी अपने शबाब पर रही।

जुलूस के साथ पहुंचीं नामांकन भरने

हाथ जोड़कर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करतीं कांग्रेस प्रत्याशी।
खजुराहो संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह सोमवार की दोपहर करीब एक बजे पन्ना नगर के लवकुश वाटिका से विशाल जुलूस के साथ नामांकन भरने के लिए इंद्रपुरी कॉलोनी स्थित नवीन कलेक्ट्रेट भवन के लिए निकलीं। इस दौरान उन्होंने अपने विधायक पति के साथ किशोर जी मंदिर में माथा टेका। इस दौरान मंदिर के चौराहे से लेकर नवीन कलेक्ट्रेट तक सड़क पर कांग्रेस प्रत्याशी समर्थकों का सैलाब नजर आ रहा था। कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन में शामिल होने के लिए समूचे संसदीय क्षेत्र से सैंकड़ों वाहनों में हजारों लोग पन्ना पहुँचे। इनके उत्साह के आगे प्रचंड गर्मी भी बेअसर नजर आई। करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह नवीन कलेक्ट्रेट पहुंचीं जहां उन्होंने अपना नाकांकन फार्म रिटर्निंग ऑफीसर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री को सौंपा। नामांकन भरकर कांग्रेस प्रत्याशी के वापिस जाने के कुछ देर बाद सपा प्रत्याशी वीर सिंह पटेल कलेक्ट्रेट पहुँचे। जहाँ उन्होंने रिटर्निंग ऑफीसर के समक्ष अपना नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किया।

लोकतंत्र में जनता के सेवक होते हैं –

नामांकन दाखिल करते सपा प्रत्याशी वीर सिंह पटेल।
कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह ने नामांकन दाखिल करने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में पत्रकारों से चर्चा में अपने चुनावी मुद्दे बताए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ाने और हर खेत तक पानी पहुँचाने के लिए नहरों का निर्माण कराना उनकी प्राथमिता होगी। अति पिछड़े इस इलाके में रोजगार के आभाव में होने वाले पलायन को रोकने के लिए लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराया जाएगा। किसानों, युवाओं और महिलाओं की बदहाली को दूर करेंगे। उन्होंने केन-बेतबा लिंक परियोजना के निर्माण के संबंध अपना नजरिया जाहिर न कर बड़ी ही चतुराई से इस विवादित मुद्दे पर पन्ना जिले के नागरिकों की मंशानुरूप निर्णय लेने की बात कही। कविता सिंह से जब यह पूँछा गया कि उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने से कांग्रेस पर परिवारवाद को बढ़ाबा देने के आरोप लग रहे हैं, तो इस सवाल पर उन्होंने पार्टी के फैसले और खुद का बचाव करते हुए कहा कि पिछले साढ़े चार साल से मैं खजुराहो नगर परिषद् की अध्यक्ष हूँ। इस दौरान मैंने जनहित से जुड़े अनेक कार्य किए है जिसे देखते हुए पार्टी ने मुझे प्रत्याशी बनाया है। क्षेत्र के लोगों और कांग्रेसजनों ने भी मुझे टिकिट दिए जाने की मांग की थी।
कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह।
मालूम हो कि कविता सिंह राजनगर सीट से कांग्रेस विधायक विक्रम सिंह नातीराजा की पत्नी हैं। पूर्व राजपरिवार से ताल्लुक रखने वालीं कविता सिंह से पत्रकारों ने सवाल किया कि यदि वे सांसद निर्वाचित हुईं तो आम जनमानस के लिए क्या उनकी सहज उपलब्धता होगी। इसके जबाब में उन्होंने कहा कि खजुराहो संसदीय क्षेत्र मेरा घर है, इसलिए मैं ज्यादा से ज्यादा समय अपने लोगों के बीच रहकर उनके लिए काम करूँगीं। भारतीय जनता पार्टी के द्वारा खजुराहो संसदीय क्षेत्र से मुरैना जिले के निवासी बीडी शर्मा को अपना प्रत्याशी बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय व्यक्ति का अपने लोगों से जुड़ाव होता है, वह क्षेत्र की समस्याओं से अवगत होता है इसलिए उनका तत्परता से परिणाममूलक समाधान करा सकता है। राजपरिवार से आने वालीं कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह ने अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि के सवाल पर जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र में कोई राजा-रानी नहीं होते, जनता के सेवक होते हैं।

विकास और रोजगार मुद्दा होगा

सपा प्रत्याशी वीर सिंह पटेल।
सपा प्रत्याशी वीर सिंह पटेल ने नामांकन भरने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में विकास और रोजगार अहम मुद्दा होगा। उत्तर प्रदेश में जिस तरह का विकास समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किया है वैसा ही विकास इस क्षेत्र में कराया जायेगा। खजुराहो लोकसभा सीट पर इस बार बसपा-सपा गठबंधन की जीत होगी। एक सवाल के जबाब में सपा प्रत्याशी ने कहा कि मैं कोई बाहुबली नहीं हूँ, न कोई दस्यु है, न कोई ददुआ है, पिता की मृत्यु के बाद भी मैं चित्रकूट से विधायक निर्वाचित हुआ। मेरा आचरण या व्यवहार कभी बाहुबली जैसा नहीं रहा, यह बात सर्वविदित है। मालूम हो कि समाजवादी पार्टी प्रत्याशी वीर सिंह पटेल दस्यु सरगना रहे ददुआ के पुत्र है। आज पत्रकारों ने जब श्री पटेल से पूँछा कि चुनाव में वे क्या अपने पिता की तर्ज पर बाहुबल दिखाएंगे तो उन्होंने बहुत ही संतुलित जबाब देते हुए कहा कि जो इस दुनिया में नहीं है हम उसकी चर्चा नहीं करते। मैं यहाँ सपा की नीतियों और बसपा सुप्रीमो मायावती जी के आशीर्वाद से चुनाव लड़ने आया हूँ।

राजा-रानी और किसान पुत्र के बीच है चुनाव

भाजपा प्रत्याशी बीडी शर्मा को आशीर्वाद देतीं पूर्व मंत्री कुसुम मेहदेले।
खजुराहो लोकसभा क्षेत्र से टिकिट के दावेदार रहे नेताओं की नाराजगी से जूझ रहे भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि इस क्षेत्र में मैनें लोगों के साथ मिलकर बहुत संघर्ष किया है, इसलिए यह मेरे लिए नया क्षेत्र नहीं हैं। यहाँ की जनता का आशीर्वाद यदि मिला तो खजुराहो संसदीय क्षेत्र को और आगे ले जाने का प्रयास करूँगा। उन्होंने कहा कि मैं तो निमित्त मात्र हूँ, बीजेपी में तो कार्यकर्ता चुनाव लड़ता है। मुझे यहाँ पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठजनों का स्नेह-आशीर्वाद मिल रहा है। ये चुनाव राजा-रानी और गरीब कार्यकर्ता के बीच है जोकि किसान का बेटा है। इसलिए कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत, बूथ के मैनेजमेंट, सबके आशीर्वाद से भाजपा इस चुनाव को प्रचंड बहुमत से जीतेगी। श्री शर्मा ने बताया कि यह चुनाव नरेंद्र मोदी के लिए, देश के लिए है। मैं जब यहाँ से सांसद बनूँगा तो क्षेत्र का एक-एक कार्यकर्ता सांसद बनकर खड़ा होगा और पूरे क्षेत्र में विकास की गंगा बहाएगा।

 विरोध और बगावत ने बढ़ाई भाजपा की परेशानी


पूर्व विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार।
खजुराहो संसदीय क्षेत्र को भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है लेकिन इस बार यहाँ की परिस्थितियाँ भाजपा प्रत्याशी और पार्टी रणनीतिकारों के लिए परेशानी का सबब बनीं है। एक तरफ जहाँ कांग्रेस ने खजुराहो की बहु और पन्ना की बेटी कविता सिंह के रूप क्षेत्रीय प्रत्याशी को चुनावी समर में उतारा है तो वहीं भाजपा और सपा के उम्मीदवार बाहरी हैं। मुरैना जिले के निवासी विष्णु दत्त शर्मा को खजुराहो से प्रत्याशी बनाए जाने के निर्णय का टिकिट के दावेदार रहे कई नेता खुलकर विरोध कर रहे हैं। रविवार को श्री शर्मा के नाम का ऐलान होते ही कटनी-मुड़वारा सीट से भाजपा के पूर्व विधायक रहे गिरिराज किशोर राजू पोद्दार ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह को अपना इस्तीफ़ा भेज दिया था। उन्होंने प्रत्याशी चयन प्रक्रिया से क्षुब्ध होने का उल्लेख करते हुए भाजपा संगठन के सभी पदों और दायित्वों से से स्वयं को तत्काल प्रभाव से मुक्त करने का ऐलान सोशल मीडिया के जरिए किया है। सोमवार को भाजपा के लिए एक चिंताजनक खबर तब आई जब पता चला कि उसके एक और पूर्व विधायक सुकीर्ति जैन ने खजुराहो संसदीय क्षेत्र के लिए नाम-निर्देशन पत्र खरीदा है। इस दौरान भाजपा पूर्व पन्ना जिलाध्यक्ष जयप्रकाश चतुर्वेदी उनके साथ रहे। उधर, चंदला से भाजपा पूर्व विधायक रहे विजय बहादुर सिंह बुंदेला के समर्थकों द्वारा भाजपा प्रत्याशी का पुतला फूँकने की खबर पड़ोसी जिला छतरपुर से आई है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बीडी शर्मा वापस जाओ के नारे भी जमकर लगाए।
बगावती तेवर दिखाने वाले भाजपा के नेतागण।
भाजपा की टिकिट घोषित होने के बाद समूचे खजुराहो संसदीय क्षेत्र में बाहरी बनाम क्षेत्रीय का मुद्दा तेजी से गर्माने लगा है। युवा नेता संजय नगायच ने भी बागवती तेवर दिखाने शुरू कर दिए है। रविवार को ही नगायच ने सोशल मीडिया में पोस्ट डालकर पार्टी के निर्णय पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए लोगों से पूँछा – “28 साल विचार और संगठन की सेवा करने के बाद ना विधानसभा, ना लोकसभा, न किसी जिम्मेदारी के लायक फिर मुझे क्या करना चाहिए।” बगाबत, असंतोष के लगातार बुलंद होते स्वरों के बीच डैमेज कंट्रोल के लिए भाजपा प्रत्याशी बीडी शर्मा टिकिट घोषित होने के कुछ घंटे बाद रविवार देर रात में ही पन्ना पहुँच गए थे। लेकिन, तमाम कोशिशों के बाबजूद फिलहाल बगावत और विरोध थमता हुआ नहीं दिख रहा है। भाजपा की बढ़ती परेशानी को देखते हुए इस बार उसके लिए अपने मजबूत गढ़ में मुकाबला बेहद मुश्किल हो सकता है।

लोकसभा चुनाव : बीजेपी ने खजुराहो सीट से विष्णु दत्त शर्मा को दिया टिकिट, सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विरोध

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सांकेतिक फोटो।

* टिकिट के दावेदार रहे क्षेत्रीय भाजपा नेता पार्टी के निर्णय से हुए निराश

* दावेदारों की ओर से बाहरी प्रत्याशी का विरोध करने की पोस्ट हो रही वायरल

* भोपाल, इंदौर, विदिशा, गुना और सागर सीट पर घोषित नहीं किए उम्मीदवार

शादिक खान, खजुराहो / पन्ना। रडार न्यूज   भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को लोकसभा चुनाव के लिए 6 प्रत्याशियों की सूची जारी की है। इस लिस्ट में मध्य प्रदेश की तीन सीटों खजुराहो, धार और रतलाम के लिए लम्बे इंतजार के बाद प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया गया। बुंदेलखंड अंचल में बीजेपी का मजबूत गढ़ कहलाने वाली खजुराहो सीट से इस बार विष्णु दत्त शर्मा को टिकिट मिला है। यहाँ उनका मुकाबला कांग्रेस की क्षेत्रीय प्रत्याशी कविता सिंह और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार वीर सिंह पटेल से होगा। मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चम्बल अंचल से आने वाले बीडी शर्मा (विष्णु दत्त शर्मा) का नाम खजुराहो सीट से अंतिम समय में चर्चा में आया। इससे नाराज टिकट के दावेदारों की ओर से एकजुटता के साथ विरोध दर्ज कराने की ख़बरें आज सुबह से ही सोशल मीडिया में आने लगीं। जिसमें इनके द्वारा सामूहिक रूप से किसी भी क्षेत्रीय दावेदार को टिकिट देने की मांग करना बताया गया। सोशल मीडिया में वैसे कई दिनों से क्षेत्रीय प्रत्याशी की मुहिम चलाई जा रही थी। लेकिन, भाजपा नेतृत्व ने इसे खारिज करते हुए खजुराहो से विष्णु दत्त शर्मा के नाम पर अपनी मुहर लगा दी है।

शर्मा का जीतना मुशिकल !

दावेदारों की ओर से व्हाट्सएप पर डाली एक गई पोस्ट।
परिणामस्वरूप रविवार को खजुराहो सीट के लिए भाजपा के बहुप्रतीक्षित उम्मीदवार के तौर पर बीडी शर्मा के नाम का ऐलान होने के साथ ही सोशल मीडिया पर उनका विरोध शुरू हो गया। हालाँकि किसी दावेदार ने अब तक सामने आकर विरोध दर्ज नहीं कराया है। सोशल मीडिया पर भाजपा प्रत्याशी को बाहरी बताकर उनके खिलाफ चलाई जा रही मुहिम को लेकर एक युवा दावेदार के समर्थक खासे सक्रिय है। इन्होंने सोशल मीडिया पर भाजपा नेतृत्व के फैसले की तीखी आलोचना करते हुए खजुराहो समेत प्रदेश की अन्य सीटों पर बाहरी प्रत्याशियों को थोपने का आरोप लगाया है। खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत आने वाले तीनों जिलों छतरपुर, पन्ना और कटनी के पार्टी संगठन के भी इस निर्णय के विरोध में होने और अपनी भावनाओं से पार्टी नेतृत्व को अवगत कराने के लिए खून से पत्र लिखने की खबर सोशल मीडिया पर आई है। जिसमें बताया गया है कि पूर्ववर्ती दोनों बाहरी भाजपा सांसदों की अकर्यमणता एवं निष्क्रियता के चलते खजुराहो संसदीय क्षेत्र का विकास नहीं हो सका। यदि बाहरी प्रत्याशी आया तो हजारों नेता-कार्यकर्ता इस्तीफ़ा देकर विरोध करेंगे। भाजपा प्रत्याशी के विरोध में व्हाट्सएप पर डाली एक गई पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है जिसमें खजुराहो सीट से भाजपा के टिकिट के दावेदार रहे कई नेताओं के नामों का उल्लेख है। इस पोस्ट में कांग्रेस की क्षेत्रीय प्रत्याशी कविता सिंह के पन्ना की बेटी और खजुराहो की बहू होने के चलते जनता में उनका जादू होने की बात कही गई है। साथ ही यह भी लिखा है कि भाजपा द्वारा काफी देर से टिकिट घोषित करने और उसमें भी बाहरी नेता को प्रत्याशी बनाए जाने से खजुराहो सीट पर बीडी शर्मा बुरी तरह परास्त होंगे। स्थानीय नेता के अलावा बाहरी नेता का जीतना मुश्किल है।

नाराज नेता क्या खुलकर करेंगे बगाबत

सांकेतिक फोटो।
व्हाट्सएप के कई ग्रुपों में भाजपा प्रत्याशी के विरोध में खबर की शक्ल में की गई पोस्ट चर्चा का विषय बनी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि खुद को पार्टी का अनुशासित सिपाही बताने वाले भजपा के नेता बाहरी प्रत्याशी के मुद्दे पर खुलकर बगावत का बिगुल फूँकने का साहस दिखाते हैं या फिर पर्दे के पीछे से सोशल मीडिया पर विरोध की मुहिम को जारी रखते हुए भितरघात के रास्ते पर जाएंगे अथवा मान-मनौव्वल के बाद शांत हो जाएंगे। टिकिट के दावेदार रहे नेता आगे आने दिनों में क्या निर्णय लेते इस पर सबकी नजरें रहेंगी। बहरहाल, इतना जरूर है कि खजुराहो सीट पर बाहरी नेता को टिकिट दिए जाने से स्थानीय स्तर पर भाजपा खेमे में और उसके समर्थकों में निराशा देखी जा रही है। टिकिट के दावेदार रहे क्षेत्रीय नेताओं को पार्टी के इस निर्णय से तगड़ा झटका लगा है। उधर, लम्बे इंतजार के बाद उम्मीदवार के नाम का ऐलान होने के साथ ही भाजपा की प्याली ऊठे तूफ़ान को कांग्रेस और सपा प्रत्याशी अपने लिए एक अवसर के रूप में देख रहे हैं।

रतलाम से डामोर को बनाया प्रत्याशी

भाजपा प्रत्याशियों की सूची।
भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति के सचिव जगत प्रकाश नड्डा के हस्ताक्षर से रविवार को जारी 6 प्रत्याशियों की सूची में मध्यप्रदेश की 3 और राजस्थान की 1, हरियाणा की 2 सीटों पर उम्मीदवारों का नाम घोषित किया गया है। इस सूची में मध्य प्रदेश की खजुराहो सीट से विष्णु दत्त शर्मा, रतलाम सीट से जीएस डामोर और धार सीट से छत्तर सिंह दरबार को टिकिट मिला है। भाजपा ने अभी भी भोपाल, इंदौर, विदिशा, गुना और सागर सीट को होल्ड पर रखा है। इन सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के नाम का ऐलान नाम-निर्देशन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि के पूर्व किसी भी समय होने की संभावना है।

अनूठा प्रयास | पोप ने सूडान के नेताओं के पैर चूमे, जानिए क्या है वजह !

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The New York Times
वेटिकन सिटी। शांति के लिए पोप फ्रांसिस के गांधीवादी तरीके से लोग उस वक्त हैरान रह गए, जब उन्होंने दक्षिण सूडान के नेताओं के पैरों को चूम लिया। पोप फ्रांसिस ने सूडान की लड़खड़ाती शांति प्रक्रिया को बढ़ाबा देने के लिए विनम्रता की मिशाल पेश करते हुए अफ़्रीकी देश के प्रतिद्वंदी नेताओं के पैर छुए और उन्हें चूमा।
अफ़्रीकी नेताओं के लिए वेटिकन में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में गुरुवार को पोप ने दक्षिण सूडान के राष्ट्रपति और विपक्षी नेता को बढ़ते संकट के बाबजूद शांति समझौते के साथ आगे बढ़ने के लिए कहा। इसके बाद वह घुटनों पर बैठ गए और एक-एक करके नेताओं के पैरों को चूमा। पोप आमतौर पर एक रस्म के तौर पर होली थर्स्डे पर कैदियों के पैर धोते हैं, लेकिन नेताओं के साथ ऐसा पहले कभी नहीं किया गया।
Reuters
पोप ने अपने समापन वक्तव्य में दक्षिण सूडान के बारे में कहा मैं हृदय से कामना व्यक्त करता हूँ कि शत्रुताएं आखिरकार समाप्त हो जाएंगी। युद्धविराम का सम्मान किया जाएगा, राजनीतिक जातीय विभाजन समाप्त किया जाएगा और उन सभी नागरिकों के सामान्य हित के लिए स्थाई शांति कायम होगी जो राष्ट्र निर्माण को आरंभ करने का सपना देखते हैं।
राष्ट्रपति सलवा कीर और विपक्षी दल के प्रमुख रीक मचर को साथ लाने के लिए आध्यात्मिक समारोह का आयोजन किया गया था। इसके अलावा तीन उप राष्ट्रपति भी समारोह में मौजूद थे। पोप ने उनके भी पैर चूमे। पोप फ्रांसिस ने नेताओं से अपील करते हुए कहा कि आप लोगों के बीच मतभेद और विवाद हो सकते हैं, लेकिन इन्हें अपने ऑफिस तक ही सीमित रखें। आम लोगों के जीवन पर इसका प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

एसडीएम को आवेदन के साथ किसान ने दी 200 रुपए की रिश्वत तो कार्यालय में मचा हड़कंप, वजह पता चलने पर पटवारी को लगाई फटकार

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तहसील कार्यालय गुनौर के बाहर खड़ा परेशान किसान बालगोविंद अपने दस्तावेज दिखाते हुए।

* भूमि संबंधी अभिलेख में सुधार कराने तीन माह से परेशान था किसान

* तहसील कार्यालय गुनौर के लिपिक और पटवारी माँग रहे थे रिश्वत

पन्ना। रडार न्यूज   पन्ना जिले में स्थित राजस्व अधिकारियों के कार्यालय में बगैर रिश्वत के कोई काम नहीं होता। रिश्वत लेने के लिए आम आदमी को निचले स्तर के कर्मचारी और उनके दलाल मिलकर बेबजह भटकाते है। रिशवत के खातिर लोगों को किस हद तक परेशान किया जा रहा है इसकी बानगी जिले के गुनौर क़स्बा में स्थित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी के कार्यालय में देखने को मिली। ग्राम जूड़ी निवासी एक युवा किसान ने जब हल्का पटवारी और लिपिक की कार्यप्रणाली से परेशान होकर एसडीएम को अपने आवेदन पत्र के साथ दो सौ रुपये की रिश्वत दी तो वे दंग रह गए। इस अप्रत्याशित और असहज करने वाली स्थिति के चलते एक पल के लिए उन्हें कुछ समझ नहीं आया। पर जब उन्होंने किसान को रुपए लौटते हुए कारण पूँछा तो अपने अधीनस्थों के क्रिया-कलाप जानकर वे शर्मिंदा हो गए। एसडीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हल्का पटवारी विजय गोपाल को बुलाकर मौके पर ही जमकर फटकार लगाई। एसडीएम भूपेंद्र रावत ने किसान को हुई परेशानी के लिए खेद जताते हुए शीघ्रता से उसकी समस्या का समाधान करने का भरोसा दिलाया है। गुनौर तहसील परिसर में हुआ यह घटनाक्रम क्षेत्र सहित समूचे जिले में चर्चा का विषय बना है।

क्या है मामला

गुनौर तहसील के ग्राम जूड़ी निवासी कृषक बालगोविंद पिता रतनलाल ने बताया कि गांव में स्थित उसकी पैतृक कृषि भूमि में उसका नाम दस्तावेज में नाबालिग के रूप में दर्ज है। उसमें अपना नाम बालिग के रूप में दर्ज कराने के लिए उसने जन्मतिथि प्रमाणीकरण सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज आवेदन पात्र के साथ 28 जनवरी को प्रस्तुत किए। तहसील कार्यालय के लिपिक उसे तभी से रोजाना बुलाते हैं और कभी पटवारी को बुलाकर लाने तो कभी प्रतिवेदन बनवाने की बात करते है। बालगोविंद ने बताया कि आज उसे बमुशिकल पटवारी विजय गोपाल मिले तो उनके द्वारा काम के एवज में एक हजार रूपए की मांग की गई। परिणामसवरुप पटवारी के कहने पर ही वह अपने आवेदन पत्र के 200 रुपए देने के लिए एसडीएम के पास पहुँचा था। परेशान किसान की मजबूरी-लाचारी का पटवारी द्वारा अनुचित लाभ उठाते हुए रिश्वत माँगने पर एसडीएम ने पटवारी को कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही युवा किसान का काम प्राथमिकता से पूरा करने की हिदायत दी गई। एसडीएम गुनौर भूपेंद्र रावत ने किसान से रिश्वत की माँग करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिये है। उनका कहना है कि शिकायत यदि सही पाई गई तो पटवारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

खुलासा | हिरासत में लिए गए शिकारी को रेंजर के सामने पेश करने के बाद छोड़ा गया, शिकार की घटना के सबूत मिटाने नदी में फेंका था जब्त मांस

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टाईगर स्ट्राईक फोर्स सतना की जाँच टीम द्वारा जब्त जंगली सुअर के शिकार संबंधी साक्ष्य।

* पन्ना जिले के रैपुरा में जंगली सुअर के शिकारी को रूपए लेकर छोड़ने का मामला

* निलंबित चालक का आरोप रेंजर ने रफा-दफा कराया था शिकार का प्रकरण

* वन कर्मचारी संघ ने रेंजर के खिलाफ कार्यवाही न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज  मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में दक्षिण वन मण्डल अंतर्गत रैपुरा वन परिक्षेत्र में पिछले दिनों जंगली सुअर के शिकारी पूरन बसोर को रैपुरा स्थित पुराना रेंज कार्यालय में रात भर हिरासत में रखने के बाद वन अपराध दर्ज किए बगैर उसे छोड़ने और फिर शिकारियों के घर से जब्तशुदा माँस को वनकर्मियों से नदी में फिंकवाकर इस बहुचर्चित मामले को रफादफा करने में रेंजर देवेश गौतम की मुख्य भूमिका होने का खुलासा हुआ है। इस प्रकरण में कथित तौर पर संलिप्तता के आरोप में निलंबित किये गए वनकर्मियों में शामिल वाहन चालक दशरथ सिंह राजगौंड़ ने मीडिया के सामने आकर यह आरोप लगाया है कि शिकार के मामले को रैपुरा रेंजर देवेश गौतम के इशारे पर दबाया गया। इसके लिए रेंजर ने शिकारी पूरन से 50 हजार रुपए की रिश्वत ली थी। साथ ही उसने शिकार की घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों से भी रुपये दिलाने का वादा किया था। वाहन चालक दशरथ सिंह का आरोप है कि इस मामले टाईगर स्ट्राईक फोर्स सतना और उप वन मंडलाधिकारी पवई के द्वारा पृथक-पृथक की गई जाँच में संबंधित वनकर्मियों तथा आरोपी सहित अन्य लोगों ने अपने बयान (कथनों) में इस बात का उल्लेख किया है। इससे प्रत्येक व्यक्ति की संलिप्तता-भूमिका पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है। बाबजूद इसके वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य आरोपी रैपुरा रेंजर के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्यवाही न कर उन्हें बचाने में जुटे है। अन्य वनकर्मियों की तरह रेंजर को प्रभारी मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर ने निलंबित न कर प्रतिवेदन को आवश्यक कार्यवाही के लिए भोपाल भेज दिया। जबकि रेंजर के खिलाफ एक्शन लेने के लिए प्रभारी मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर सक्षम है।

सीसीएफ पर रेंजर को बचाने का आरोप

फाइल फोटो।
ज्ञातव्य है कि जंगली सुअर के शिकारी को छोड़ने और रुपए लेकर शिकार के मामले को रफादफा करने का खुलासा उस समय हुआ जब सप्ताह भर पूर्व टाईगर स्ट्राईक फोर्स सतना की टीम द्वारा गुप्त सूचना पर प्रकरण की जांच के सिलसिले में दलबल के साथ रैपुरा पहुँचकर दबिश दी गई। पूर्व में वन विभाग की हिरासत से छूटे आरोपी पूरन बसोर निवासी जमुनिया को जाँच टीम ने हिरासत में लेकर उससे गहन पूँछतांछ की और शिकार हुए सूअर के अवशेष सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य तत्परता से जब्त किये गए। तब जाकर पन्ना में बैठे वन विभाग के बड़े अधिकारियों को अपने मैदानी अमले के शर्मनाक आपराधिक कृत्य का पता चला था। इस मामले वन विभाग की चौतरफा बदनामी होने और जिम्मेदार अधिकारियों की सजगता को लेकर गंभीर सवाल उठने पर दक्षिण वन मण्डल की डीएफओ मीना कुमारी मिश्रा ने टाईगर स्ट्राईक फोर्स सतना के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर 7 अप्रैल को पप्पू कुशवाहा बीटगार्ड रतनगांव, संदीप तिवारी बीटगार्ड जमुनिया, दशरथ सिंह वाहन चालक और कमलेश्वर प्रसाद अग्निहोत्री, वनपाल परिक्षेत्र सहायक रैपुरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके अलावा रेंजर के विरुद्ध कार्यवाही हेतु प्रस्ताव प्रभारी मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर को भेजा गया। इस बेहद संवेदनशील मामले में सीसीएफ छतरपुर के. एस. भदौरिया ने प्रस्ताव पर अपनी ओर से तत्परता से कोई कार्यवाही न कर गेंद पीसीसीएफ भोपाल के पाले में डाल दी। निलंबित वनरक्षक दशरथ सिंह और वन कर्मचारी संघ पन्ना के जिलाध्यक्ष महीप कुमार रावत का कहना है कि कार्यवाही संबंधी प्रस्ताव को भोपाल भेजकर रेंजर देवेश गौतम को अपना बचाव करने का अवसर जानबूझकर दिया गया। इनके द्वारा यह आशंका जताई जा रही है कि रैपुरा में रहते श्री गौतम गवाहों को प्रभावित और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते है।

जानिए क्या हुआ था उस दिन !

निलंबित वाहन चालक दशरथ सिंह।
निलंबित वाहन चालक का दावा है कि होली के त्यौहार के समय वे लोग जंगल गश्ती करते हुए रतनगांव की ओर से वापस लौट रहे थे, रास्ते में एक श्वान (कुत्ता) मांस का टुकड़ा मुँह में दबाकर जा रहा था। उसे जब डंडे का भय दिखाया गया तो वह मांस का टुकड़ा छोड़कर भाग निकला। जाँच करने पर पाया गया कि वह जंगली सूअर का कान है। वाहन में सवार वनकर्मियों ने आसपास के इलाके की छानबीन की तो एक खेत में खून के निशान पाए गए। उक्त खेत में जमुनिया निवासी पूरन बसोर खेती करता है। वाहन चालक दशरथ के अनुसार वनकर्मी जमुनिया चौकी में उसे और वाहन को छोड़कर पूरन के घर गए जहाँ से उसे पकड़ कर कुछ सामान जब्त कर लाए। उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ग्राम कुआंखेड़ा में भी दो दलितों के घर छापा मारकर आपत्तिजनक सामान जब्त किया गया। कुछ देर बाद सभी लोग वाहन से वापस रैपुरा लौट गए जहाँ पुराने रेंज कार्यालय में पूरन को बंदी बनाकर रखा गया। शाम के समय वनकर्मियों द्वारा उसे रेंजर देवेश गौतम के समक्ष पेश किया गया। रात भर हिरासत में रखने के बाद पूरन को अगले दिन सुबह छोड़ दिया गया। कुछ देर बाद दो वनकर्मी रेंजर के निर्देश पर मुझे लेकर वाहन से अधराड़ की नदी की तरफ गए और वाहन को दूर खड़ा कराकर वहाँ कुछ सामान फेंक आए। जब इस मामले की भनक लगने पर टाईगर स्ट्राईक फोर्स जाँच करने पहुँची तो उक्त वनकर्मियों ने अपने बयान में शिकार के जब्तशुदा मांस को नदी में फेंकना बताया। रेंजर के इशारे पर मामले को रफादफा करने खुलासा जाँच टीम के समक्ष किया गया। दशरथ की मानें तो जाँच टीम के आने के पूर्व उसे इस कृत्य की जानकारी तक नहीं थी, निर्दोष होने के बाबजूद उसे निलंबित किया गया।

.. तो फिर बाघ विहीन हो जायेगा पन्ना

महीप कुमार रावत।
मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ शाखा पन्ना के जिला अध्यक्ष महीप कुमार रावत ने जंगली सूअर के शिकार के प्रकरण को रुपए लेकर रफादफा करने के मामले में रेंजर की मुख्य भमिका होने के खुलासे के बाद भी उनके खिलाफ तत्परता से कोई कार्यवाही न होने पर कड़ी आपत्ती जताई है। उनका आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारी निहित स्वार्थपूर्ती के चक्कर में छोटे कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही कर रेंजर को बचा रहे है। इस भेदभावपूर्ण स्थिति को उन्होंने असहनीय और दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए यह ऐलान किया है कि यदि रैपुरा रेंजर देवेश गौतम के शीघ्र खिलाफ कठोर कार्यवाही नहीं की गई तो वन कर्मचारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को विवश होगा। इसकी सम्पूर्ण जबाबदारी प्रभारी मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर की होगी। श्री रावत ने आशंका जताते हुए कहा कि यदि ऐसे भ्रष्ट अधिकारी को छोड़ा गया तो पन्ना के बाघों और बहुमूल्य वन सम्पदा का विनाश हो जाएगा। क्योंकि वर्ष 2009 के पूर्व पन्ना के बाघ विहीन होने की जाँच में यह तथ्य सामने आये थे कि पन्ना टाईगर रिजर्व के कतिपय तत्कालीन रेंजरों व एसडीओ की बाघों के शिकार में संलिप्तता रही है। पन्ना में बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम की सफलता से बाघों का उजड़ा हुआ संसार आज यहाँ पुनः आबाद हो चुका है तो हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि कई बाघ यहाँ के सामान्य वन क्षेत्रों में विचरण कर रहे है। वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष महीप कुमार रावत ने कहा कि उन्हें इस बात का डर कि रूपए लेकर शिकारियों को छोड़ने वाले अधिकारी को यदि दंडित नहीं किया गया तो इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति को रोक पाना संभव नहीं होगा। रुपयों के लालच में ऐसे अधिकारी पन्ना के बाघों का शिकार भी करा सकते है।

इनका कहना है

“रेंजर देवेश गौतम के विरुद्ध जाँच प्रतिवेदन आवश्यक कार्यवाही के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल को भेजा गया है। इस मामले में डीएफओ दक्षिण वन मण्डल ने पूर्व में चार वनकर्मियों को निलंबित किया है। टाईगर स्ट्राईक फोर्स के अलावा उनके दवारा इस मामले की अपने स्तर भी जाँच कराई जा रही है।”

के. एस. भदौरिया प्रभारी मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर।

“रेंजर के खिलाफ यदि कार्यवाही का प्रतिवेदन आता है तो उस आवश्यक कार्यवाही निश्चित रूप से की जाएगी, लेकिन फिलहाल मेरी जानकारी में ऐसा कोई प्रस्ताव मेरे समक्ष आया नहीं है। रूपए लेकर शिकारियों को छोड़ना गंभीर मामला है, इस संबंध में तुरंत प्रभारी मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर से बात करता हूँ।”

जे. के. मोहन्ती, प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल।

बीजेपी और कांग्रेस ने खजुराहो संसदीय क्षेत्र के नागरिकों के साथ हमेशा छलावा किया : वीर सिंह पटेल

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खजुराहो संसदीय क्षेत्र के सपा प्रत्याशी वीर सिंह पटेल का स्वागत करते समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता।

* समाजवादी पार्टी प्रत्याशी ने शुरू किया चुनाव प्रचार अभियान

* पन्ना में बोले, मतदाताओं का आशीर्वाद मिला तो उन्हें निराश नहीं करूँगा

* दलित-पिछड़े और कमजोर वर्गों को के हितों के संरक्षण का दोहराया संकल्प

* सपा और बसपा कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से किया प्रत्याशी का स्वागत

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज  बुंदेलखंड का खजुराहो संसदीय क्षेत्र प्राकृतिक रूप से समृद्ध होने के बाद भी विकास के मामले में बहुत पीछे है। खजुराहो के मंदिरों, पन्ना के हीरे और कटनी के मार्बल की अंतर्राष्ट्रीय पहचान का लाभ इस क्षेत्र के लोगों को अब तक नहीं मिला। अति पिछड़े इस अंचल की बदहाली और यहाँ के लोगों की लाचारी के लिए भाजपा-कांग्रेस के निकम्मे जनप्रतिनिधि सीधे तौर जिम्मेदार है। यहाँ के लोगों ने इन दोनों ही पार्टियों के सांसदों को चुनकर कई बार दिल्ली पहुँचाया लेकिन वे संसद में जनता की आवज को बुलंद नहीं कर सके। भाजपा और कांग्रेस के सांसदों ने लोगों को निराश किया है। इनके द्वारा चुनाव के समय किये गए वादों को पूरा न करने से इलाके लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे है। उक्ताशय के विचार खजुराहो संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के युवा उम्मीदवार वीर सिंह पटेल ने व्यक्त किए। गुरुवार शाम को को सपा प्रत्याशी श्री पटेल क्षेत्र का भ्रमण करते हुए पन्ना पहुंचे। इस दौरान जगात चौकी के समीप पन्ना विधानसभा से सपा के उम्मीदवार रहे दशरथ यादव के निज निवास पर सपा और बसपा कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से गर्मजोशी के साथ अपने प्रत्याशी का स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि गत दिनों समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खजुराहो संसदीय क्षेत्र से वीर सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाए जाने का ऐलान किया था। जिसके बाद श्री पटेल ने समय गंवाए बिना अपना चुनाव प्रचार अभियान में तेजी से जुट गए है।

अपना विकास करते रहे जनप्रतिनिधि

वीर सिंह पटेल, प्रत्याशी खजुराहो।
क्षेत्र के सपा-बसपा नेताओं सहित महत्वपूर्ण लोगों से मेल-मुलाकात करने निकले पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल ने पन्ना में पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस खजुराहो संसदीय क्षेत्र में पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यकों की स्थिति अच्छी नहीं है। इन वर्गों को उनके संवैधानिक अधिकार नहीं मिल रहे है। यहां की बहुमूल्य प्राकृतिक सम्पदा और संसाधनों का दोहन सामंती और मनुवादी ताकतें कर रहीं है। बड़ी संख्या में कमजोर वर्गों को सुपात्र होने के बाद भी शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। क्षेत्र में ऐसे हजारों गरीब परिवार हैं जिनके नाम गरीबी रेखा की सूची में नहीं है क्योंकि उनके पास राजस्व अधिकारियों को देने के लिए रिश्वत नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा-उदासीनता-अकर्यमण्यता के कारण बनी है। सपा प्रत्याशी ने कहा कि यह इलाका इसलिए पिछड़ा हुआ है क्योंकि चुनाव जीतने के बाद यहाँ जनप्रतिनिधि अपने और परिवार के विकास में जुट जाते है। विकास की असीम संभावनाओं के बाबजूद इस इलाके के साथ भाजपा-कांग्रेस की प्रदेश सरकारों और इन दलों के जनप्रतिनिधियों ने न्याय नहीं किया।
उन्होंने एक सवाल के जबाब में कहा कि खजुराहो संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं का समर्थन और आशीर्वाद चुनाव में अगर मुझे मिला तो यहाँ के लोगों को निराश नहीं होने दूँगा। क्षेत्र के लोगों का जहां पसीना गिरेगा वहाँ में अपना खून बहाऊंगा। श्री पटेल ने जोर देते हुए कहा कि गरीब, किसान, मजदूर, पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्गों के ऊपर सामंतियों और सिस्टम का अन्याय-अत्याचार नहीं होने दूँगा। कमजोर वर्गों के हित संरक्षण के साथ-साथ जनभावनाओं के अनुरूप क्षेत्र के विकास से जुड़े कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ कराये जाएँगे। ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के चुनावी गठबंधन के चलते खजुराहो समेत तीन संसदीय सीटें सपा के खाते आई है। अर्थात यहाँ समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को बसपा का समर्थन प्राप्त है।

शेष हत्यारोपियों की शीघ्र हो गिरफ़्तारी

खजुराहो संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी वीर सिंह पटेल ने पन्ना जिले के सलेहा थाना अंतर्गत ग्राम पल्हरी में गाठ दिनों दबंगों के नाबालिग पुत्रों द्वारा किसान की 10 वर्षीय बेटी सोनम सिंगरौल की गर्दन पर हंसिया से प्रहार कर बेरहमी से हत्या करने और उसकी ,माँ कुँवरबाई के ऊपर प्राणघातक हमला कर उसे घायल किये जाने की जघन्य वारदात पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए इसे बुंदेलखंड में व्याप्त सामंतवाद का आतंक बताया है, जो कि कई दशकों से इलाके के कमजोर लोगों पर कहर बनकर टूट रहा है। श्री पटेल ने कहा कि मैं इसी शोषण,अत्याचार और अन्याय के खिलाफ डटकर संघर्ष करने के लिए आया हूँ। उन्होंने इस मामले में मृत बालिका की घायल माँ और उसके पिता द्वारा वारदात में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपियों को भी तत्परता से गिरफ्तार उन्हें भी दर्ज प्रकरण में आरोपी बनाने की मांग की है। इसके अलावा ग्राम पल्हरी में निर्मित भय और आतंक के मद्देनजर गाँव में पुलिस बल तैनात करने तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। इस अवसर पर पन्ना और छतरपुर जिले के सपा-बसपा कार्यकर्ता-पदाधिकारी मौजूद थे।

लोकसभा निर्वाचन-2019 : नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में बरती जा रही विशेष सतर्कता, अतिरिक्त सुरक्षा बल होगा तैनात

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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कांता राव ने बालाघाट जिले में लोकसभा निर्वाचन की तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।

* बालाघाट जिले में 80 प्रतिशत से अधिक मतदान सुनिश्चित करने के प्रयास

* सीईओ श्री कान्ता राव ने मतदान के लिये सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की

भोपाल। रडार न्यूज  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कान्ता राव ने आज बालाघाट जिला मुख्यालय में लोकसभा चुनाव की तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। श्री राव ने कहा कि नक्सली समस्या के कारण भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बालाघाट जिले में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वर्ष 2014 में हुए लोकसभा निर्वाचन की अपेक्षा इस वर्ष प्रदेश को अधिक सुरक्षा बल उपलब्ध करवाया जा रहा है। श्री राव ने बताया कि प्रदेश को जो अतिरिक्त सुरक्षा बल मिलेगा, उसे बालाघाट जिले में ही तैनात किया जायेगा। उन्होंने पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन द्वारा स्थापित समन्वय की सराहना की।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रात: 7 से अपरान्ह 4 बजे तक मतदान

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कान्ता राव ने कहा कि बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित 3 विधानसभा क्षेत्र बैहर, लांजी एवं परसवाड़ा के मतदान केन्द्रों पर प्रात: 7 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक मतदान कराया जायेगा। शेष विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों पर प्रात: 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए मतदान के दिन सभी मतदान केन्द्रों पर छाया और पानी की व्यवस्था की जायेगी।
मतदान प्रतिशत में बालाघाट जिला प्रदेश में अग्रणी रहा है। लोकसभा निर्वाचन-2019 में बालाघाट जिले में 80 प्रतिशत से भी अधिक मतदान सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जी.पी. सिंह, महानिरीक्षक कानून-व्यवस्था योगेश चौधरी, पुलिस महानिरीक्षक बालाघाट रेंज के.पी. व्यंकटेश्वर राव, संभागायुक्त जबलपुर राजेश बहुगुणा और जिला कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

मतदाता जागरूकता के लिये ‘रोड ऑफ डेमोक्रेसी”

युवाओं द्वारा बनाई गई रंगोली और पेंटिंग्स का अवलोकन करते सीईओ।
श्री कान्ता राव ने मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत बालाघाट में अम्बेडकर चौक से जय स्तम्भ चौक तक की सड़क को ‘रोड ऑफ डेमोक्रेसी” घोषित किये जाने की सराहना की। उन्होंने इस रोड पर युवाओं और छात्र-छात्राओं द्वारा बनाई गई निर्वाचन संबंधी रंगोली और पेंटिंग का अवलोकन भी किया।