* मंत्री श्री उमंग सिंघार द्वारा प्रदेशवासियों का आव्हान
भोपाल। (www.radarnews.in) वन मंत्री उमंग सिंघार ने पंचायतों और शिक्षण संस्थाओं से आग्रह किया है कि प्रदेश को हरा-भरा बनाये रखने के लिये वन महोत्सव में सक्रिय भागीदारी निभायें। उन्होंने कहा कि पौधा-रोपण के लिये नजदीकी वनरोपणी से पौधे प्राप्त कर सकते हैं। श्री सिंघार ने बताया कि प्रदेश में 15 हजार से भी अधिक वन समितियाँ वनों के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मंत्री श्री सिंघार ने वन-महोत्सव के सफल आयोजन के लिये शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए बतायाकि वनों और प्रकृति के प्रति जन-जागृति के उद्देश्य से यह महोत्सव प्रति वर्ष मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की परम्परा के अनुसार हमें पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा करने में पूरा सहयोग देना होगा। तभी हम भावी पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण की सौगत दे सकेंगे। वन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वनों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में प्रभावी पहल कर रही है, जिसका लाभ प्रदेशवासियों को मिलने लगा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में ऑनलाइन आवेदन पर वन रोपणियों से पौधे प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है।
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पन्ना जिले की नगर पंचायत देवेन्द्रनगर में भृत्य के पद पर पदस्थ जगत सिंह घोष निवासी ग्राम करहिया ने पुलिस थाना देवेन्द्रनगर में शिकायत दी थी कि अज्ञात व्यक्ति ने उसका एटीएम कार्ड बदलकर दिनाँक 18 जनवरी 2019 से लेकर 06 फरवरी 2019 तक उसके स्टेट बैंक के खाते से 5 लाख 90 हजार रुपए निकाल लिए। यह राशि अलग-अलग शहरों के एटीएम से निकली गई।शिकायत पर धोखाधड़ी और आई.टी. एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने पन्ना एसडीओपी आर. एस. रावत के नेतृत्व में एक टीम गठित की। धोखाधड़ी कर लोगों की मेहनत की कमाई हड़पने वाले अपराधियों पर पैनी नजर रखने तथा उनकी धरपकड़ के लिए बैंक और एटीएम के आसपास सादे कपड़ों में पुलिस जवानों को तैनात किया गया। पुलिस अधीक्षक ने संदेही आरोपियों के सीसीटीव्ही फुटेज प्रसारित कराकर पीड़ित जगत सिंह के बैंक स्टेटमेण्ट के आधार पर रूपए आहरित करने वाले स्थानों पर जानकारी जुटाने एवं प्रचार-प्रसार करने साइबर टीम व टीम प्रभारी को निर्देशित किया। इस बीच मुखबिर ने पुलिस को शनिवार 29 जून को देवेन्द्रनगर थाना अंतर्गत बड़वारा तिराहा पर सफेद रंग की एक कार में संदिग्ध व्यक्तियों के बैठे होने की सूचना दी गई। पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और आनन-फानन में मौके पर पहुँचकर घेराबंदी करते हुए कार में सवार दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इनके चेहरे एटीएम से प्राप्त सीसीटीव्ही फुटेज से मेल खा रहे थे।
एटीएम बदलकर धोखधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्य बड़े ही शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। ये लोग अपने सफर के दौरान बीच-बीच में भीड़भाड़ वाले एटीएम बूथों में घुसकर कभी किसी को राशि निकालने में मदद के नाम पर या फिर धक्का देकर एटीएम गिरा देते थे। फिर सामने वाले व्यक्ति का ध्यान भटकाकर बड़ी ही चालाकी के साथ एटीएम बदल लेते थे और उसका पासवर्ड देख लेते थे। बाद में दूसरे स्थान पर नकद राशि निकाल लेते या फिर स्वैप के माध्यम से रकम हड़प लेते थे। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि ये उन लोगों को टॉरगेट करते थे जो एटीएम ऑपरेट करने में दक्ष नहीं हैं। धोखाधड़ी में पर्याप्त रुपए मिलने पर ये अपने घर जाकर ऐश-ओ-आराम करते थे। पकड़े गए आरोपियों ने मध्य प्रदेश के मैहर, सतना, रीवा, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, भोपाल, उज्जैन, इंदौर एवं अन्य राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली में भी कई स्थानों पर इसी तरीके से धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस कप्तान ने इस गिरोह का पर्दाफाश होने से उन्होंने इस तरह की घटनाओं में विराम लगने की उम्मीद जताई है। पन्ना पुलिस की इस सफलता की छतरपुर रेन्ज के डीआईजी अनिल महेश्वरी ने सराहना करते हुए पुलिस टीम को 20 हजार रुपए के पुरुष्कार से पुरुस्कृत करने की घोषणा की है।






शोकसभा तत्पश्चात पत्रकारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। जिसमें पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और इस तरह की घटनाओं पर शासन-प्रशासन की सहजता के सम्बंध गहन विचार-विमर्श हुआ। शाहगढ़ की घटना पर सभी पत्रकारों ने एक स्वर में गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे भारत के पत्रकारिता इतिहास में दर्ज काला अध्याय बताया। और कहा कि जिस दिन पत्रकार नहीं बचेंगे उस दिन देश में लोकतंत्र नहीं बच पाएगा। इस अवसर वरिष्ठ पत्रकार बालकृष्ण शर्मा ने कहा कि पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को देखते हुए हमें कहीं अधिक सतर्कता, सजगता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करने की जरूरत है। हमारा यह प्रयास होना चाहिए कि हम कोई ऐसा काम ना करें जिससे पत्रकार और पत्रकारिता बदनाम हो। हम अपनी हदों को जाने और उसके अंदर रहते हुए जन समस्याओं से लेकर शासन-प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार, अपराध आदि की खबरें प्रकाशित करें। खबर प्रकाशन से पूर्व तथ्यों की अच्छी तरह पड़ताल करना बेहद जरूरी है और उसमें सभी पक्षों की बात को समाहित करें। खबर प्रकाशित करने में जल्दबाजी न कर तथ्यपरक और विश्वसनीय खबर देना हमारा दायित्व है। कई बार जल्दबाजी में खबरें देने के चक्कर में तथ्यों की आधी-अधूरी पड़ताल पत्रकार और पत्रकारिता दोनों के लिए घातक साबित होती है।









खबर मिल रही है कि इसी प्रकरण में बहुत जल्द सहायक संचालक मड़ला प्रतिभा शुक्ला पर भी कार्यवाही की गाज गिर सकती है। दरअसल पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया ने पन्ना बफर रेन्ज की हरसा बीट के टपकनिया क्षेत्र में सागौन लकड़ी कटाई मामले की अपने स्तर पर जाँच कराकर जो रिपोर्ट प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल को भेजी है उसमें सहायक संचालक मड़ला प्रतिभा शुक्ला पर दायित्व के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। वैसे भी वन बल प्रमुख जे. के. मोहंती पहले ही रेंजर और सहायक संचालक के विरुद्ध कार्यवाही करने का बयान दे चुके हैं। उधर, प्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार ने इसी प्रकरण में पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक व उप संचालक के खिलाफ भी एक्शन लेने की बात कही है।





