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एसडीएम को आवेदन के साथ किसान ने दी 200 रुपए की रिश्वत तो कार्यालय में मचा हड़कंप, वजह पता चलने पर पटवारी को लगाई फटकार

* भूमि संबंधी अभिलेख में सुधार कराने तीन माह से परेशान था किसान

* तहसील कार्यालय गुनौर के लिपिक और पटवारी माँग रहे थे रिश्वत

पन्ना। रडार न्यूज   पन्ना जिले में स्थित राजस्व अधिकारियों के कार्यालय में बगैर रिश्वत के कोई काम नहीं होता। रिश्वत लेने के लिए आम आदमी को निचले स्तर के कर्मचारी और उनके दलाल मिलकर बेबजह भटकाते है। रिशवत के खातिर लोगों को किस हद तक परेशान किया जा रहा है इसकी बानगी जिले के गुनौर क़स्बा में स्थित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी के कार्यालय में देखने को मिली। ग्राम जूड़ी निवासी एक युवा किसान ने जब हल्का पटवारी और लिपिक की कार्यप्रणाली से परेशान होकर एसडीएम को अपने आवेदन पत्र के साथ दो सौ रुपये की रिश्वत दी तो वे दंग रह गए। इस अप्रत्याशित और असहज करने वाली स्थिति के चलते एक पल के लिए उन्हें कुछ समझ नहीं आया। पर जब उन्होंने किसान को रुपए लौटते हुए कारण पूँछा तो अपने अधीनस्थों के क्रिया-कलाप जानकर वे शर्मिंदा हो गए। एसडीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हल्का पटवारी विजय गोपाल को बुलाकर मौके पर ही जमकर फटकार लगाई। एसडीएम भूपेंद्र रावत ने किसान को हुई परेशानी के लिए खेद जताते हुए शीघ्रता से उसकी समस्या का समाधान करने का भरोसा दिलाया है। गुनौर तहसील परिसर में हुआ यह घटनाक्रम क्षेत्र सहित समूचे जिले में चर्चा का विषय बना है।

क्या है मामला

गुनौर तहसील के ग्राम जूड़ी निवासी कृषक बालगोविंद पिता रतनलाल ने बताया कि गांव में स्थित उसकी पैतृक कृषि भूमि में उसका नाम दस्तावेज में नाबालिग के रूप में दर्ज है। उसमें अपना नाम बालिग के रूप में दर्ज कराने के लिए उसने जन्मतिथि प्रमाणीकरण सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज आवेदन पात्र के साथ 28 जनवरी को प्रस्तुत किए। तहसील कार्यालय के लिपिक उसे तभी से रोजाना बुलाते हैं और कभी पटवारी को बुलाकर लाने तो कभी प्रतिवेदन बनवाने की बात करते है। बालगोविंद ने बताया कि आज उसे बमुशिकल पटवारी विजय गोपाल मिले तो उनके द्वारा काम के एवज में एक हजार रूपए की मांग की गई। परिणामसवरुप पटवारी के कहने पर ही वह अपने आवेदन पत्र के 200 रुपए देने के लिए एसडीएम के पास पहुँचा था। परेशान किसान की मजबूरी-लाचारी का पटवारी द्वारा अनुचित लाभ उठाते हुए रिश्वत माँगने पर एसडीएम ने पटवारी को कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही युवा किसान का काम प्राथमिकता से पूरा करने की हिदायत दी गई। एसडीएम गुनौर भूपेंद्र रावत ने किसान से रिश्वत की माँग करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिये है। उनका कहना है कि शिकायत यदि सही पाई गई तो पटवारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
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