* पन्ना के नयागाँव और रैपुरा की आमसभा में बोलीं पूर्व मुख्यमंत्री
* खजुराहो सीट से भाजपा प्रत्याशी बीडी शर्मा को जिताने मतदाताओं से की अपील
शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश में बीजेपी के 15 साल तक लगातार सत्ता में रहने के बाद विधानसभा चुनाव-2018 में बहुमत के आँकड़े चंद सीटें दूर रहने के कारण सरकार नहीं बन पाई थी। इसकी कसक भाजपा के नेताओं को बेचैन कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान समेत उनकी पार्टी के कई नेता प्रदेश की कांग्रेस सरकार के लोकसभा चुनाव के बाद गिरने की बात कह चुके हैं। इसी कड़ी नया नाम मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का जुड़ गया है। खजुराहो संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा के पक्ष में चुनाव प्रचार करने आईं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने पन्ना जिले धरमपुर अंचल के नयागाँव और पवई विधानसभा के रैपुरा में एक आमसभा को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषणों में जो कुछ कहा उसकी उसकी काफी चर्चा हो रही है। यहाँ पढ़िए उनके भाषणों के चुनिंदा संपादित अंश–
कमलनाथ हैं मिस्टर इंडिया, दिखते ही नहीं

मध्यप्रदेश का जो बुन्देलखण्ड है उसकी तुलना में उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड की हालत बहुत ज्यादा खराब है। क्योंकि, शिवराज जी की सरकार ने यहाँ बहुत काम करवाए हैं। उन्होंने केन्द्र की योजनाओं का भी लाभ लिया, राज्य सरकार ने भी बहुत सारी योजनएँ यहाँ चलाई हैं और बुन्देलखण्ड का कायाकल्प करने का कोशिश की है। यहाँ बहुत बड़ी मात्रा में सिंचाई हुई, बिजली का उत्पादन हुआ और किसानों ने भरपूर उपज ली है । आपने मध्यप्रदेश में चार माह पूर्व हुए सत्ता परिवर्तन पर बोलते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार बदलने से यहाँ की रौनक चली गई है। क्योंकि, शिवराज ऐसे मुख्यमंत्री थे जो सब से मिलते-जुलते थे, लोगों के घर तक आ जाते थे। अब जो मुख्यमंत्री हैं उन्हें मैं- “मिस्टर इण्डिया” कहती हूँ। एक फिल्म आई थी मिस्टर इण्डिया, उसका जो मुख्य पात्र था वह दिखता नहीं था पर होता था, वो हवा में गायब रहता था। सुश्री भारती ने मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम लिए बगैर उन पर हमला करते हुए कहा कि अब जो मुख्यमंत्री हैं मिस्टर इण्डिया है, वो दिखते ही नहीं हैं, उनका पता ही नहीं है। इसलिए यहाँ की रौनक चली गई है और विकास के कार्यक्रम अवरुद्ध हो गए हैं। मैं ये नहीं कहूंगीं कि हम तो ये सरकार अभी गिरा देंगे, या फिर ये सरकार गिर जानी चाहिए। हमारी इच्छा कुछ नहीं है। लेकिन ये सरकार गिरनी है इसकी कुण्डली में अकाल मृत्यु लिखी है।
हम करेंगे चौकीदारी
सुश्री भारती ने कहा कि हम किसी की सरकार गिराना पसंद नहीं करते क्योंकि हमारी सरकारें उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश,राजस्थान हिमाचल में गिराईं गईं थी राम के नाम पर। तत्कालीन उत्तर प्रदेश की सरकार को गिराना मान भी लिया जाए कि मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के कार्यकाल में वहाँ 6 दिसंबर (बाबरी मस्जिद विध्वंस) हुआ था। लेकिन सुन्दरलाल पटवा, भेरौ सिंह शेखावत और शांता कुमार तो 6 दिसंबर कारसेवा में नहीं गए थे। उन्होंने कहा कि हम गए थे कारसेवा में, केन्द्र की कांग्रेस सरकार मुझे चढ़ा देती फाँसी, लेकिन उसने हमारी सरकारों को बैठे-बिठाये भंग कर दिया था। हमें ये पीड़ा मालूम है, अटल बिहारी वाजपेयी को ये पीड़ा थी इसलिए उन्होंने आर्टिकल 356 को समाप्त कर दिया था। अब मनमर्जी से सरकारें नहीं गिराईं जा सकती। सरकारें अपनी ही करतूत से ही गिर जाएँ तो अलग बात है। उमा भारती ने जोर देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की मौजूदा सरकार को गिराने की चेष्टा हम नहीं करेंगें, ये सरकार ही ऐसी है कि गिर जाएगी। लेकिन ये सरकार जितने दिनों तक रहेगी हम आपकी चौकीदारी करेंगे। केन्द्र और प्रदेश सरकार की विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन की चौकीदारी करेंगे।
भाग्यशाली है खजुराहो क्षेत्र कि बीडी शर्मा मिले

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने खजुराहो संसदीय क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा की तारीफ़ करते हुए उन्हें जुझारू और संघर्षशील व्यक्ति बताया। उन्होंने आमसभा में उपस्थित लोगों को बताया कि श्री शर्मा जब उन्हें पहली बार मिले तो उनका हाथ टूटा हुआ था। छात्रों के प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए पुलिस से भिड़ंत होने के दौरान डण्डे के प्रहार से इनका हाथ टूट गया था। मैं उस समय मुख्यमंत्री थी, ये मुझसे आकर मिले थे। बीडी शर्मा ऐसे बहादुर लोगों में से है जो डण्डा खाने में पीछे नहीं रहते माला पहनने में पीछे रहते हैं। सुश्री भारती ने बीडी शर्मा को जिताने अपील करते हुए बताया कि ये बहुत संघर्ष करने, तपस्या करने वाले व्यक्ति हैं। आप इन्हें सांसद बनाकर भेजिए फिर देखिए ये जिला और संसदीय क्षेत्र कैसे चमकता है। ये संघर्ष तब कर रहे थे जब हमारी सरकार थी, ये विद्यार्थी परिषद् के नेता थे और मैं मुख्यमंत्री थी फिर भी ये संघर्ष कर रहे थे। क्योंकि ये सिद्धांतों के लिए और देश के लिए मरने-मिटने वाले लोग हैं। मेरा ये मानना है कि खजुराहो लोकसभा सीट के लोगों का भाग्य है कि एक संघर्ष करने वाला व्यक्ति यहाँ पहुँच गया है। जो कि सभी योजनाओं को जमीन पर लाने लिए प्रयास करेंगे, इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इनकी प्रकृति में ही काम करना है, ये आराम नहीं करते आपके लिए रात-दिन काम करेंगे। ये समझलो उमा भारती का ही दूसरा रूप हैं। ये सालों-साल से अपने घर नहीं गए हैं।
गरीब के सामने कलेक्टर-एसपी जोड़ें हाथ तब प्रजातंत्र









पन्ना टाईगर रिजर्व की चार दिवारी के अंदर जंगल के बीचों-बीच स्थित रमपुरा गाँव बाहरी दुनिया से लगभग कटा हुआ है। इसलिए वहाँ के लोगों को वर्तमान में चल रही लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया का पता ही नहीं है। बुधवार 24 अप्रैल को जिला मुख्यालय पन्ना से पत्रकारों का एक दल जब वन विभाग से जुड़ी खबर को कवरेज करने रमपुरा गया था। इस दौरान वहाँ के रहवासियों से चौपाल में लोकसभा चुनाव के संबंध चर्चा करने पर मोतीलाल आदिवासी पिता सुकाइयाँ आदिवासी 40 वर्ष ने बताया कि – “वोटें तो पहले जाड़े मा पर गईं, मालक अब काए को चुनाओ आ होत, काय फिरकें वोटें डारीं जाने हैं का।” यह अप्रत्याशित उत्तर सुनकर पत्रकार हैरान रह गए। दरअसल, यह जबाब सिर्फ मोतीलाल आदिवासी की नहीं है बल्कि वहाँ रहने वाले किसी भी महिला या पुरुष को यह पता ही नहीं है कि वर्तमान में किसी चुनाव की प्रक्रिया चल रही है, मतदान कब होना है और किस दल से कौन प्रत्याशी है ? पन्ना से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रमपुरा में अब तक न तो प्रशासन की स्वीप गतिविधियों का आयोजन हुआ और न ही वहाँ कोई उम्मीदवार पहुँचा है।
एक तरफ जहाँ पूरे देश में लोकसभा चुनाव का शोर है तो वहीं रमपुरा जैसे गाँव भी हैं, बाहरी दुनिया से कटे होने के कारण इनमें लोकतंत्र के महापर्व की खबर अब तक नहीं पहुंच पाई है। लोकसभा निर्वाचन को लेकर यहाँ के लोगों की अनभिज्ञता का कारण गांव की भौगोलिक स्थिति के अलावा जागरूकता का आभाव, अशिक्षा और बिजली न होना है। इसी गांव के प्यारेलाल आदिवासी,लखनलाल आदिवासी, मुल्लू आदिवासी, बेबा गुलजार बाई, हीराबाई आदिवासी को लोकसभा चुनाव के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इन्होंने बड़ी ही साफगोई से मीडियाकर्मियों बताया कि – “हमाए गाँव में ता कौनउं खा पतो नईंयाँ के फिरके वोटें परने।” मालूम होकि करीब चार माह पूर्व प्रदेश में विधानसभा चुनाव-2018 के लिए मतदान हुआ था। जबकि लोकसभा निर्वाचन-2019 के तहत खजुराहो संसदीय क्षेत्र में मतदान 6 मई 2019 को होना है।
खजुराहो संसदीय क्षेत्र में मतदान की तिथि नजदीक आने के मद्देनजर करीब 200 से अधिक मतदताओं वाले रमपुरा गाँव के लोगों को लोकसभा चुनाव की जानकारी न होना बेहद चिंताजनक है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने की कवायद इन हालात कैसे सफल हो पाएगी, यह बड़ा सवाल बना है ? लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक वोट महत्पूर्ण होने के दावों के बीच रमपुरा के मतदाताओं तक निर्वाचन पूर्व मतदाता जागरूकता के लिए होने वाली स्वीप गतिविधियों का न पहुँचना अफसोसजनक है। इससे पता चलता है कि खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत पन्ना जिले के दूरस्थ, पहुँचविहीन और अति पिछड़े ग्रामों में लोकसभा चुनाव को लेकर मतदाता बेखबर है। उधर, खजुराहो सीट से चुनाव लड़ रहे 17 प्रत्याशियों में से कोई भी अब तक रमपुरा नहीं पहुँचा।

























समाचार लिखे जाने तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका। आग लगने की सूचना मिलने पर पन्ना कोतवाली पुलिस और नगर पालिका के दमकल वाहन तुरंत मौके पर पहुंच गए। दमकल कर्मियों ने पानी की बौछारें छोड़ते हुए आधा घंटा की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस सांस ली। समाचार लिखे जाने तक आगजनी की घटना में हुई क्षति की अधिकारिक तौर पर जानकारी नहीं मिल सकी।