शांति के टापू में भीड़ की हिंसा के खिलाफ उपजा आक्रोश, सर्व समाज ने की कठोर कार्यवाही की मांग

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पिछले दिनों गुनौर में दो मुस्लिम युवकों के साथ भीड़ द्वारा की गई मारपीट के मामले में कार्यवाही को लेकर पन्ना में ज्ञापन सौंपते सर्व समाज के लोग।

* पन्ना, अमानगंज और पवई में मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन

* पन्ना जिले के गुनौर कस्बा में भोपाल के दो युवकों के साथ भीड़ ने की थी मारपीट

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के विकासखण्ड मुख्यालय गुनौर में पिछले दिनों भोपाल निवासी दो युवाओं के साथ स्थानीय लोगों द्वारा की गई मारपीट की घटना को लेकर जिले के संवेदनशील लोगों ने गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया है। शांति का टापू कहलाने वाले पन्ना जिले के लिये इस तरह की घटनाओं को साम्प्रदायिक सदभाव बिगाड़ने एवं तनाव फैलाने की सुनियोजित शाजिस करार देते हुये सर्व समाज के लोगों ने इस घटना में लिप्त तत्वों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने की मांग की है। इस संबंध में शुक्रवार को जिला मुख्यालय पन्ना एवं अमानगंज में प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सोंपे गए ।
जिसमें गुनौर में भीड़ की हिंसा की अमानवीय घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुये बताया गया कि दोनों युवकों की बमुश्किल किसी तरह बच पाई। इस तरह की घटनायें ही माॅब लिंचिंग (भीड़ के द्वारा की गई हत्या) में तब्दील हो जाती है। उल्लेखनीय है कि गुनौर में गत दिनों रत्न बेंचने आये भोपाल के दो युवकों को महज चोर होने के संदेह पर भीड़ ने सत्यता अथवा वास्तविकता की पड़ताल किये बगैर ही खुलेआम कानून को अपने हांथ में लेते हुये उन पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया था। दोनों युवकों को दिनदहाड़े रस्सी से बांधकर लात-घूसों से उनकी जमकर पिटाई की गई। इतना ही नहीं इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया गया।

पुलिस की भूमिका पर लगा प्रश्न चिन्ह

अमानगंज में मुस्लिम समाज के लोगों ने भीड़ की हिंसा के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की माँग की।
इस मामले में गुनौर थाना पुलिस की कार्यवाही पर सवाल खड़े करते हुये कहा गया है कि महज संदेह के चलते भीड़ की हिंसा का शिकार बने रत्न व्यवसायी गुलाब अली पुत्र काजी अली एवं सलमान अली पुत्र यासीन अली निवासी भोपाल के मामले की एफआईआर में अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। जबकि घटना के वीडियो में हमलावरों की स्पष्ट पहचान हो रही है। इतना ही नहीं इस अत्यंत ही दुखद घटना का पांच दिन बाद पन्ना की मीडिया द्वारा सनसनीखेज खुलासा करने के पूर्व तक गुनौर थाना पुलिस ने वीडियो के आधार पर अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना भी उचित नहीं समझा।
गुनौर पुलिस की ओर से अत्यंत ही संवेदनशील प्रकरण में बरती गई घोर उदासीनता से उसकी कार्यप्रणाली और मंशा पर भी सवालिया निशान लग रहा है। ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई है कि घटना के वीडियो के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें नामजद करते हुये दर्ज आपराधिक प्रकरण में तत्काल गिरफ्तार किया जाये। साथ ही इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावत्ति को रोकने के लिये युवकों के साथ हिंसा करने वाली अराजक भीड़ के विरूद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

ज्ञापन सौंपने में ये रहे शामिल

पन्ना में मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम बी.बी. पाण्डेय को ज्ञापन सोंपने वालों में मुख्य रूप से अब्दुल हमीद, शशिकांत दीक्षित, शैलेष विश्वकर्मा, आकिल बेग, रियासत खान, डाॅ, कदीर खान, मनोज सेन, आबिद बेग, इम्तियाज खांन, सत्येन्द्र मिश्रा आदि शामिल रहे। वहीं अमानगंज में ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से नायब शहर सदर इकबाल खान, सफकत रसूल, वसीम खान, अतहर खान, जमील सौदागर, अताउल मुस्तफा, रमजान खान, कल्लु खान, रजा खान, मुबीन खान, मलिक खान, सकेब खान, शाहिद अली सहित मुस्लिम समाज के अन्य लोग शामिल रहे।

पवई में भी सोंपा गया ज्ञापन

गत दिनों गुनौर घटना को लेकर पवई में ज्ञापन सौंपकर लोगों ने स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी उठाए हैं कई गंभीर सवाल।
गुनौर कस्बा में भोपाल निवासी दो मुस्लिम व्यवसायियों के साथ भीड़ द्वारा की गई हिंसा को घृणा से प्रेरित और सुनियोजित अपराध करार देते हुये दो दिन पूर्व पवई में कलेक्टर के नाम सर्वसमाज द्वारा ज्ञापन सौंपा गया। लोगों का खाना है कि रत्न बेंचने आये युवकों को बिना किसी ठोस आधार के चोरी के संदेह में सरेआम पीटना एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। जिसके जरिये कतिपय लोग समाज के भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे है। पन्ना जिले में अमन-चैन और सदभाव को बनाये रखने के लिये कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से इस घटना में लिप्त आरोपियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करने की मांग की गई है। साथ ही भीड़ की हिंसा को लेकर शिथिलता बरतने वाले गुनौर थाना के थाना प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ के विरूद्ध भी कार्यवाही करने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में डाॅ, सरफराज फारूकी, रामसेवक सिंगरौल, शरीफ अहमद फारूकी एडवोकेट, महेन्द्र रजक, परमलाल प्रजापति, आजम मोहम्मद, राजेश सोनी, नसीम मोहम्मद आदि लोग शामिल रहे।