खास खबर : 60 हजार करोड़ के हीरा भण्डार वाली बंदर खदान की नीलामी प्रक्रिया शुरू, बोली लगाने के पूर्व खदान से निकले हीरों को देखने आज पन्ना आएँगे निवेशक

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सांकेतिक फोटो।

* अंतर्राष्ट्रीय कम्पनी रियो टिंटो ने जमा कराए थे बंदर खदान में मिले हीरे

* पन्ना में निवेशकों के स्वागत की लिए जिला प्रशासन ने बिछाया रेड कारपेट

* प्रदेश के खनिज साधन विभाग के सचिव की देखरेख में सभी तैयारियाँ हुई पूरी

* निवेशक 20 एवं 21 अगस्त को कर सकेंगे कच्चे हीरों का अवलोकन-अध्ययन

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) बेशकीमती रत्न हीरों के खनन के लिए मध्य प्रदेश का पन्ना जिला दुनियाभर में विख्यात है, यदि सबकुछ सही रहा तो पन्ना का पड़ोसी जिला छतरपुर भी बहुत जल्द हीरों के खनन के लिए जाना जाएगा। छतरपुर जिले की बक्स्वाहा तहसील में स्थित बंदर डायमण्ड ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस खदान में 60 हजार करोड़ रुपए का मूल्य का हीरा भण्डार होने का अनुमान है। बंदर हीरा खदान से वर्ष 2017 में अंतर्राष्ट्रीय हीरा खनन कम्पनी रियो टिंटो के बाहर निकलने के बाद राज्य सरकार ने इसकी नए सिरे से नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस खदान से बहुमूल्य रत्न हीरों के खनन के लिए खनन क्षेत्र की कई दिग्गज कम्पनियों ने रूचि दिखाई है। करीब 10 वर्ष तक बंदर खदान में हीरों के अन्वेषण (खोज) के दौरान रियो टिंटो कम्पनी को यहाँ 2700 कैरेट वजन के कच्चे हीरे मिले थे। इन हीरों को कम्पनी ने पन्ना में लाकर जमा कराया था। बंदर डायमण्ड ब्लॉक के लिए बोली लगाने हेतु इच्छुक निवेशक (कंपनियां) भारी-भरकम निवेश करने से पूर्व इस खदान से निकले कच्चे हीरों को देखने-परखने 20 अगस्त एवं 21 अगस्त को पन्ना आ रहे हैं।

पन्ना में जमा हैं बंदर खदान से निकले हीरे

फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि खनन कम्पनी रियो टिंटो द्वारा प्रास्पेक्टिंग लाइसेंस लेकर करीब 10 वर्ष तक बंदर प्रोजेक्ट में गहरी खुदाई कर हीरों की खोज की गई थी। बंदर प्रोजेक्ट को छोड़ने के ठीक पहले रियो टिंटो कम्पनी के अधिकारियों ने खोज में मिले 2700 कैरेट वजन के कच्चे हीरों को 2400 पैकेट में पन्ना हीरा कार्यालय माध्यम से पन्ना के जिला कोषालय में जमा कराया था। अब बंदर हीरा प्रोजेक्ट की प्री-बिड में शामिल कंपनियाँ (निवेशक) इसके लिए बोली लगाने के पूर्व खदान से निकले कच्चे हीरों का अवलोकन एवं अध्ययन करने पन्ना आ रहे हैं। पन्ना कलेकटर कर्मवीर शर्मा ने बताया कि हीरों को दिखाने के लिए 16 अगस्त तक आवेदन जमा कराने वाले निवेशकों को दो दिन 20 अगस्त एवं 21 अगस्त को कच्चे हीरों का अवलोकन एवं अध्ययन पुराने कलेक्ट्रेट (महेन्द्र भवन) के सभागार में कराया जाएगा।

निवेशकों के स्वागत की तैयारियां हुई पूरी

महेन्द्र भवन पन्ना का फाइल फोटो।
निवेशकों के स्वागत के लिए रेड कॉरपेट बिछाकर महेन्द्र भवन पैलेस को दुल्हन की तरह सजाया-संवारा गया है। मध्य प्रदेश शासन के खनिज साधन विभाग के सचिव की देखरेख में यहाँ सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रुप दिया गया। हीरों के अवलोकन एवं अध्ययन की पूरी प्रक्रिया को बेहतर तरीके से निर्विध्न संपन्न कराने के लिए कई जिलों से खनिज विभाग के अधिकारी एवं विशेषज्ञ तीन दिन से पन्ना में डटे हैं।
निवेशकों की बैठक व्यवस्था का जायजा लेते पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
पन्ना के कोषालय में जमा हीरों को मंगलवार 20 अगस्त को निकालकर दोपहर 11:30 बजे से सायंकाल 4:00 बजे तक निवेशकों को कड़ी सुरक्षा के बीच महेन्द्र भवन पैलेस में निवेशकों को दिखाया जाएगा। निवेशकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस प्राचीन भवन में खास इंतजाम किए गए है। निवेशकों के लिए हीरों के अध्ययन-अवलोकन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए यहाँ करीब 50 अधिकारियों-कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात करते हुए अलग-अलग दायित्व सौंपे गए हैं।

इन कम्पनियों के प्रतिनधि आएँगे पन्ना

हीरों के अवलोकन एवं अध्ययन के लिए आने वाले निवेशकों के स्वागत के लिए महेन्द्र भवन पैलेस के गेट पर बनाया गया स्वागत द्वार।
छतरपुर जिले के बंदर डायमण्ड ब्लॉक में अन्वेषण (खोज) के दौरान प्राप्त 2700 कैरेट कच्चे हीरों को 2400 पैकेट में पन्ना लाकर रियो टिंटो एक्सप्लोरेशन कम्पनी द्वारा माह फरवरी 2017 में जिला हीरा कार्यालय के माध्यम से पन्ना के कोषालय में जमा कराया गया था। खान मंत्रालय के अनुसार बंदर हीरा खदान में 34.20 मिलियन कैरेट हीरे का भण्डार है। हीरों के अकूत भण्डार वाली इस खदान को अपना बनाने की तमन्ना रखने वाली कम्पनियों में प्रमुख रूप से अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड, अरविंदो रियलटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रायवेट लिमिटेड, एस्सेल माइनिंग, फ्यूरा, वेदांता ग्रुप, एनएमडीसी लिमिटेड शामिल है। मंगलवार 20 अगस्त एवं बुधवार 21 अगस्त को बंदर खदान के कच्चे हीरों के अवलोकन एवं अध्ययन हेतु इन कंपनियों के प्रतिनिधियों पन्ना आएंगे। इसके उपरांत हीरों को पूरी सुरक्षा के साथ जिला कोषालय पन्ना में रखा जाएगा।