संविधान के माध्यम से सबको मिला समान न्याय, अजाक्स के प्रांतीय सम्मेलन में बोले मुख्यमंत्री कमलनाथ

* पूरा विश्व करता है बाबा साहेब अम्बेडकर का सम्मान
भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि आज देश में अगर सभी वर्गों को समान रूप से न्याय मिल रहा है तो उसका श्रेय बाबा साहेब अम्बेडकर को जाता है। बाबा साहेब ने भारतीय संविधान बनाया, जिसकी बुनियाद न्याय पर टिकी है। श्री नाथ आज रवीन्द्र भवन में अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ के प्रांतीय अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुसार ही मध्यप्रदेश में शासन-प्रशासन चलेगा। न्याय में कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आज देश विभिन्नताओं के बावजूद एक झंडे के नीचे खड़ा है, यह न्याय की ही ताकत है। यहाँ सबके लिये समान दृष्टि है। समाज के गरीब, कमजोर वर्ग की आवाज हमारा संविधान है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, सभ्यता और इतिहास में न्याय को विशेष स्थान मिला है।
अजाक्स के लोगों के साथ होगा न्याय
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. अम्बेडकर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि सिर्फ भारत ही नहीं, पूरा विश्व उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का सम्मान करता है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के संविधान बनाने में मदद की। मुख्यमंत्री ने अजाक्स द्वारा प्रस्तुत मांग-पत्र पर कहा कि दिसंबर महिने के बाद प्रदेश की सरकार को काम करने के लिए मात्र पाँच माह का समय मिला है। मैं आश्वस्त करना चाहता हूँ कि मध्यप्रदेश में न्याय की सरकार है। इस नाते अजाक्स के लोगों के साथ भी न्याय होगा।
मुख्यमंत्री ने अजाक्स से अपेक्षा की कि वह आज की युवा पीढ़ी को भटकने से रोके। उन्हें सामाजिक मूल्यों से जोड़े, जो किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने कहा कि इसके लिए संगठन द्वारा विशेष प्रयास किया जाएं, जिससे हमारा युवा वर्ग भ्रमित न हो, किसी के बहकावे में न आए।
शासन-प्रशासन में मिले पर्याप्त प्रतिनिधित्व
अजाक्स के प्रांतीय अध्यक्ष जे.एन. कंसोटिया ने अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर शासकीय छुट्टी घोषित करने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने शासन-प्रशासन एवं संस्थाओं में अजाक्स के लोगों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने का आग्रह किया। विजय शंकर श्रवण, एच.एस. सूर्यवंशी एवं सी.एम. धुर्वे ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा, गृह मंत्री बाला बच्चन, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, आदिम जाति कल्याण मंत्री ओंकार सिंह मरकाम, उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी, महिला-बाल विकास मंत्री इमरती देवी, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री लखन घनघोरिया एवं बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती, मंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के दिए निर्देश
* लोक स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने की विभागीय समीक्षा
भोपाल। (www.radarnews.in) लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मंत्रालय और संचालनालय में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारी संभाग और जिलों का दौरा जरूर करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के बेहतर परिणाम के लिये मानिटरिंग जरूरी है। मंत्री श्री सिलावट शनिवार शाम मंत्रालय में विभागीय समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा में प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल, संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशनछवि भारद्वाज और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
शुरू होंगे नए स्वास्थ्य केन्द्र
मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि विभाग में चिकित्सकों, नर्स और एएनएम आदि के रिक्त पदों पर नियुक्ति करने की प्रक्रिया में तेजी लायें। श्री सिलावट ने नये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप-स्वास्थ्य केन्द्र और सिविल अस्पताल शुरू करने और पुरानों के उन्नयन की कार्यवाही में भी तेजी लाने के लिये कहा।
स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस थाना के समीप बिकती रही शराब, कैमरा ऑन करते ही मौके पर मची भगदड़, ड्राई-डे पर शाहनगर में जमकर छलके जाम
* शराब की अवैध बिक्री की अनदेखी करती रही स्थानीय पुलिस
* शराब ठेकेदार के कर्मचारी सुरा प्रेमियों को सप्लाई करते रहे शराब
* प्रतिबंध के बाद भी शराब की बिक्री होने की एसडीएम को दी गई जानकारी
संजय त्रिपाठी, शाहनगर। पन्ना जिले के शाहनगर क़स्बा में स्वतंत्रता दिवस के दिन गुरुवार 15 अगस्त को प्रतिबंध के बावजूद शराब की अवैध बिक्री जारी रही। शराब की दुकान को ठेकेदार ने बंद तो रखा लेकिन उसके कर्मचारी दुकान के बाजू में ही शराब बिक्री कर खुलेआम शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाते रहे। हैरानी की बात यह है कि पुलिस थाना से महज 400-500 मीटर की दूरी पर शराब की अवैध बिक्री का खेल चलता रहा और स्थानीय पुलिस इससे बेखबर बनी रही। शराब की अवैध बिक्री को लेकर पुलिस की उदासीनता को उसके अघोषित संरक्षण के तौर पर देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पर्वों एवं गाँधी जयंती के उपलक्ष्य पर लाइसेंसी दुकानों पर शराब की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित रहती है। इन दिनों को बकायदा शासन के द्वारा शुष्क दिवस (ड्राई-डे) घोषित किया जाता है। लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग के संरक्षण के चलते शराब दुकान ठेकेदारों ने इस प्रतिबंध का तोड़ निकाल लिया है।
आमतौर पर यह देखा जाता है कि शुष्क दिवस पर शराब की लाइसेंसी दुकान तो दिखावे के लिए बंद रहती है पर उसी के आसपास शराब ठेकेदार के कर्मचारी शारब की अवैध बिक्री करते रहते हैं। इस बार स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के दिन शाहनगर में भी यही हुआ। मालूम हो कि शुष्क दिवस पर शराब बेंचना गंभीर अपराध है, ऐसे में पुलिस शराब की बिक्री करने वाले कर्मचारी को गिरफ्तार कर शराब को जप्त कर सकती है। प्रतिबंध के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर शराब दुकान का लाइसेंस तक आबकारी विभाग निरस्त कर सकता है। लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग से ठेकेदारों की साँठगाँठ के चलते इस तरह की कठोर कार्यवाही नहीं की जाती है। गुरुवार 15 अगस्त को शाहनगर कस्बा में बोरी मार्ग पर स्थित शराब दुकान के पिछले हिस्से से दिनभर शराब की बिक्री की गई। शाम होने पर शराब दुकान के समपीप निर्माणाधीन दुकान में शराब रखकर बेंची गई। फलस्वरूप शुष्क दिवस पर शाहनगर में जमकर शराबखोरी हुई।
कैमरा देखते ही मची भगदड़

अवैध रूप से शराब बिक्री होने की जानकारी मिलने पर इस संवाददाता ने मौके पर पहुँचकर जब कैमरे में सच्चाई को कैद करना शुरू किया तो मौके पर भगदड़ की स्थिति निर्मित हो गई। शुष्क दिवस का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से शराब बेंचने वाले कैमरे से बचने के लिए भाग खड़े हुए। फिर भी जितना कैमरे में कैद हुआ उससे पता चलता है कि अवैध शराब की अवैध बिक्री किस तरह फलफूल रही है। मौके से इस मामले की सूचना शाहनगर एसडीएम अभिषेक सिंह को दी गई और साक्ष्य के रूप में वीडियो भेजे गए। एसडीएम ने कार्यवाही के लिए जिला आबकारी अधिकारी को भी अवगत कराने की बात कही गई। लेकिन तत्काल प्रभाव से मौके पर कार्यवाही कराने की पहल नहीं की गई। गौर करने वाली बात यह है कि, पुलिस और आबकारी विभाग के संरक्षण के चलते पूरे क्षेत्र में बड़ी समस्या बन चुकी अवैध शराब बिक्री की रोकथाम को लेकर अगर प्रशासनिक अफसर भी शिथिलता बरतेंगे तो इस पर अंकुश कैसे लग पाएगा। उधर, जब इस सम्बंध में शराब दुकान ठेकेदार से उसका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनसे सम्पर्क नहीं हो सका।
शांति के टापू में भीड़ की हिंसा के खिलाफ उपजा आक्रोश, सर्व समाज ने की कठोर कार्यवाही की मांग

* पन्ना, अमानगंज और पवई में मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन
* पन्ना जिले के गुनौर कस्बा में भोपाल के दो युवकों के साथ भीड़ ने की थी मारपीट
पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के विकासखण्ड मुख्यालय गुनौर में पिछले दिनों भोपाल निवासी दो युवाओं के साथ स्थानीय लोगों द्वारा की गई मारपीट की घटना को लेकर जिले के संवेदनशील लोगों ने गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया है। शांति का टापू कहलाने वाले पन्ना जिले के लिये इस तरह की घटनाओं को साम्प्रदायिक सदभाव बिगाड़ने एवं तनाव फैलाने की सुनियोजित शाजिस करार देते हुये सर्व समाज के लोगों ने इस घटना में लिप्त तत्वों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने की मांग की है। इस संबंध में शुक्रवार को जिला मुख्यालय पन्ना एवं अमानगंज में प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सोंपे गए ।
जिसमें गुनौर में भीड़ की हिंसा की अमानवीय घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुये बताया गया कि दोनों युवकों की बमुश्किल किसी तरह बच पाई। इस तरह की घटनायें ही माॅब लिंचिंग (भीड़ के द्वारा की गई हत्या) में तब्दील हो जाती है। उल्लेखनीय है कि गुनौर में गत दिनों रत्न बेंचने आये भोपाल के दो युवकों को महज चोर होने के संदेह पर भीड़ ने सत्यता अथवा वास्तविकता की पड़ताल किये बगैर ही खुलेआम कानून को अपने हांथ में लेते हुये उन पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया था। दोनों युवकों को दिनदहाड़े रस्सी से बांधकर लात-घूसों से उनकी जमकर पिटाई की गई। इतना ही नहीं इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया गया।
पुलिस की भूमिका पर लगा प्रश्न चिन्ह

इस मामले में गुनौर थाना पुलिस की कार्यवाही पर सवाल खड़े करते हुये कहा गया है कि महज संदेह के चलते भीड़ की हिंसा का शिकार बने रत्न व्यवसायी गुलाब अली पुत्र काजी अली एवं सलमान अली पुत्र यासीन अली निवासी भोपाल के मामले की एफआईआर में अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। जबकि घटना के वीडियो में हमलावरों की स्पष्ट पहचान हो रही है। इतना ही नहीं इस अत्यंत ही दुखद घटना का पांच दिन बाद पन्ना की मीडिया द्वारा सनसनीखेज खुलासा करने के पूर्व तक गुनौर थाना पुलिस ने वीडियो के आधार पर अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना भी उचित नहीं समझा।
गुनौर पुलिस की ओर से अत्यंत ही संवेदनशील प्रकरण में बरती गई घोर उदासीनता से उसकी कार्यप्रणाली और मंशा पर भी सवालिया निशान लग रहा है। ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई है कि घटना के वीडियो के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें नामजद करते हुये दर्ज आपराधिक प्रकरण में तत्काल गिरफ्तार किया जाये। साथ ही इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावत्ति को रोकने के लिये युवकों के साथ हिंसा करने वाली अराजक भीड़ के विरूद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन सौंपने में ये रहे शामिल
पन्ना में मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम बी.बी. पाण्डेय को ज्ञापन सोंपने वालों में मुख्य रूप से अब्दुल हमीद, शशिकांत दीक्षित, शैलेष विश्वकर्मा, आकिल बेग, रियासत खान, डाॅ, कदीर खान, मनोज सेन, आबिद बेग, इम्तियाज खांन, सत्येन्द्र मिश्रा आदि शामिल रहे। वहीं अमानगंज में ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से नायब शहर सदर इकबाल खान, सफकत रसूल, वसीम खान, अतहर खान, जमील सौदागर, अताउल मुस्तफा, रमजान खान, कल्लु खान, रजा खान, मुबीन खान, मलिक खान, सकेब खान, शाहिद अली सहित मुस्लिम समाज के अन्य लोग शामिल रहे।
पवई में भी सोंपा गया ज्ञापन

गुनौर कस्बा में भोपाल निवासी दो मुस्लिम व्यवसायियों के साथ भीड़ द्वारा की गई हिंसा को घृणा से प्रेरित और सुनियोजित अपराध करार देते हुये दो दिन पूर्व पवई में कलेक्टर के नाम सर्वसमाज द्वारा ज्ञापन सौंपा गया। लोगों का खाना है कि रत्न बेंचने आये युवकों को बिना किसी ठोस आधार के चोरी के संदेह में सरेआम पीटना एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। जिसके जरिये कतिपय लोग समाज के भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे है। पन्ना जिले में अमन-चैन और सदभाव को बनाये रखने के लिये कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से इस घटना में लिप्त आरोपियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करने की मांग की गई है। साथ ही भीड़ की हिंसा को लेकर शिथिलता बरतने वाले गुनौर थाना के थाना प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ के विरूद्ध भी कार्यवाही करने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में डाॅ, सरफराज फारूकी, रामसेवक सिंगरौल, शरीफ अहमद फारूकी एडवोकेट, महेन्द्र रजक, परमलाल प्रजापति, आजम मोहम्मद, राजेश सोनी, नसीम मोहम्मद आदि लोग शामिल रहे।
नगरीय विकास विभाग के मंत्री जयवर्धन सिंह का पन्ना आगमन पर हुआ भव्य स्वागत
* ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पन्ना ने गर्मजोशी के साथ की मंत्री की अगुवानी
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की कैबिनेट के सबसे युवा सदस्य एवं नगरीय विकास विभाग के मंत्री जयवर्धन सिंह शुक्रवार 16 अगस्त को सतना से खजुराहो के लिए रवाना होते समय अल्प समय के लिए पन्ना में रुके। इस अवसर पर पन्ना के सतना-कटनी तिराहे पर सत्यम होटल के सामने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पन्ना के अध्यक्ष अनीश खान की अगुवाई में कांग्रेसजनों द्वारा मंत्री जयवर्धन सिंह का पुष्पहार, बैंड-बाजा और आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया गया। मंत्री जयवर्धन सिंह सतना से रवाना होकर खजुराहो में आयोजित राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में बतौर अतिथि शामिल होने के लिए जा रहे थे। अपने काफिले के साथ मंत्री जयवर्धन सिंह दोपहर करीब 12:00 बजे पन्ना स्थित सतना-कटनी तिराहे पर पहुंचे जहां उनकी अगुवानी में पलक-पाँवड़े बिछाए खड़े कांग्रेसजनों द्वारा परम्परागत तरीके से आत्मीय स्वागत किया गया।
सहयोग के लिए हर समय तत्पर रहूँगा

मंत्री बनने के बाद पहली बार पन्ना पहुंचे जयवर्धन सिंह को बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों द्वारा पुष्पाहार पहनाकर स्वागत किया गया। उनके आगमन की खुशी में जमकर आतिशबाजी भी की गई। कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारों और ढ़ोल-नगाड़ों की थाप के बीच मंत्री जयवर्धन सिंह का ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पन्ना के अध्यक्ष अनीश खान ने शाल-श्रीफल से स्वागत किया साथ ही उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। तत्पश्चात मंत्री श्री सिंह ने कांग्रेसजनों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूँछी और सभी से एकजुटता के साथ पार्टी हित में काम करने की बात कही।
इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेसजनों को भरोसा दिलाया कि पन्ना नगर पालिका सहित जिले की समस्त नगर पंचायतों के विकास के जो भी काम उनके समक्ष लाए जाएंगे उसे तत्काल स्वीकृति प्रदान की जाएगी। अंत में पन्ना के कांग्रेस अध्यक्ष अनीश खान द्वारा स्थानीय कांग्रेसजनों का नगरीय विकास मंत्री से परिचय कराया गया। मंत्री जयवर्धन सिंह पार्टी कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों से मुलाकात करते हुए कहा कि मुझ से संबंधित कार्य के लिए आप किसी भी समय मेरे पास बेझिझक आ सकते हैं, मैं अपनी हैसियत अनुसार हर समय आपके सहयोग के लिए तत्पर रहूँगा।
इनके द्वारा किया गया स्वागत
मंत्री जयवर्धन सिंह का स्वागत करने वालों में मुख्य रूप से शिवजीत सिंह (भैया राजा), श्रीमती मीना सिंह यादव, श्रीमती कल्पना वर्मा, मुरारीलाल थापक, सुखदेव मिश्रा, रामअवतार तिवारी, बृजमोहन सिंह यादव, अजयगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गर्ग, हाकिम सिंह बुंदेला, ओमप्रकाश, शंकर दुबे, सियाराम यादव,जीवनलाल सिद्धार्थ, दयाराम लोधी, भगवानदीन रजक, शीतल शुक्ला, मनीष पाठक, चंद्र प्रकाश पाठक, सरदार सिंह यादव, विशाल यादव, वैभव थापक, डॉक्टर कदीर खान, शशिकांत दीक्षित, पिंकू सिद्दीकी, इरशाद मोहम्मद, अब्दुल हमीद, जीतू तिवारी, श्रीमती जुबेदा खातून, श्रीमती गीता बंशकार, केसरी अहिरवार, अकरम खान, छोटू खान,बाल किशोर शर्मा, कल्लू पटेल, के.पी. सिंह बुंदेला, भूपेंद्र सिंह बुंदेला, ओम प्रकाश अहिरवार, कमल सिंह राजपूत, विजय सिंह, राजेंद्र यादव, इस्माइल खान, सुरेंद्र सेन, डॉटर नफीस खान, बृजेंद्र यादव, अक्षय जैन, मुन्नी लाल बंशका, अरविंद यादव, गुड्डा खान, शिवलाल सेन, रामदास जाटव, रियासत खान, निक्की खान, अल्ताफ खान, मुख्त्यार बेग, सहित बड़ी संख्या में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पन्ना के पदाधिकारी एवं कार्यकर्तागण शामिल थे।
CM कमलनाथ की कार्यशैली से प्रभावित होकर बीजेपी विधायक कांग्रेस में हो रहे शामिल : मंत्री जयवर्धन सिंह

* नगरीय विकास एवं आवास विभाग के मंत्री का पन्ना में हुआ भव्य स्वागत
* पत्रकारों से बोले, “मध्य प्रदेश में केवल एक ही सीएम और शेर है कमलनाथ”
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले 8 महीने में प्रदेश में तेज गति से विकास कार्य कराए हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ के कामों और कार्यशैली से विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रभावित होकर कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। निश्चित ही यह हमारे लिए गर्व का विषय हैं। शुक्रवार 16 अगस्त को सतना से खजुराहो के लिए रवाना होते समय पन्ना में अपने अल्प प्रवास के दौरान मंत्री जयवर्धन सिंह ने पत्रकारों से चर्चा में बताया कि नगरीय क्षेत्रों में कच्चे मकानों एवं झुग्गी बस्तियों में रहने वाले गरीबों को आवास योजना का लाभ सिर्फ इसलिए नहीं मिला क्योंकि उनके पास पट्टा नहीं था। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हाल ही में ऐसे सभी गरीबों को प्राथमिकता से पट्टा देने की घोषणा की है ताकि उनके कच्चे मकानों का आवास योजना के तहत पक्का निर्माण संभव हो सके।

आपने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस की सरकार सर्वांगीण और समावेशी विकास के लिए संकल्पित होकर पूरी ईमानदारी से कार्य कर रही है। बहुत जल्द हमारी सरकार “नया सबेरा योजना” शुरू करने जा रही है, इस महत्वकाँक्षी योजना से गरीब तबके के लोगों में के जीवन में खुशहाली आएगी। गरीबों के जीवन यह योजना निश्चित ही नया सबेरा लेकर आएगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जयवर्धन सिंह से पत्रकारों ने सवाल किया कि उनके पिता एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को वर्तमान में मध्य प्रदेश का सुपर सीएम कहा जाता है ? अपने जबाब में उन्होंने जोरदार तरीके से इसका खण्डन करते हुए कहा कि यह कहना पूर्णतः गलत है, मध्य प्रदेश में केवल एक ही सीएम और शेर है वह कमलनाथ जी हैं।
ब्रेकिंग न्यूज़ : DFO को गाड़ी से उतारकर फॉरेस्ट गार्ड ने दी गालियाँ, सरेआम बेइज्जत कर जान से मारने की दी गई धमकी, जंगल में अवैध हीरा खदानें संचालित कराने के आरोप में अपने निलंबन से है नाराज
* पन्ना के उत्तर वन मण्डल कार्यालय के समीप आवासीय परिसर की घटना
* विभाग प्रमुख अधिकारी के साथ अभद्रता पर मूकदर्शक बना रहा स्टॉफ
* स्वतंत्रता दिवस के जिला स्तरीय समारोह में शामिल होने जा रहे थे DFO
* डीएफओ ने कार्यवाही के लिए पुलिस अधीक्षक को भेजी घटना की शिकायत
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में उत्तर वन मण्डल के डीएफओ नरेश सिंह यादव के साथ एक फॉरेस्ट गार्ड ने सरेआम गालीं-गलौंज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। डीएफओ को उनके अधीनस्थ अमले के सामने फॉरेस्ट गार्ड राजेन्द्र यादव बड़े ही दुस्साहसिक तरीके से बेइज्जत करता रहा लेकिन किसी ने भी उसे रोकने का नैतिक साहस नहीं दिखाया। कथित तौर पर शराब के नशे में धुत फॉरेस्ट गार्ड को पकड़कर उसका मेडीकल कराने के लिए डीएफओ बार-बार कहते रहे लेकिन विभागीय अमला उनके निर्देशों को अनसुना कर मूकदर्शक बना रहा। यह अप्रत्याशित घटनाक्रम गुरुवार 15 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे का है।

उत्तर वन मण्डल पन्ना के डीएफओ नरेश सिंह यादव अपने कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर ध्वजारोहण करने के बाद शासकीय वाहन से स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में सम्मलित होने के लिए निकले। उनके पीछे वन विभाग के एसडीओ, रेन्जर एवं अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों की गाड़ियाँ चल रहीं थी। वन विभाग के आवासीय परिसर के समीप उप वन मण्डल कार्यालय पन्ना-विश्रामगंज के सामने रास्ते में वनरक्षक राजेन्द्र यादव ने जबरदस्ती डीएफओ का शासकीय वाहन रोक लिया। वाहन पर जोर से हाथ मारते और गालीं-गलौंज करते हुए गेट खोलकर वह डीएफओ के बगल की सीट पर बैठ गया। कथित तौर पर अपने निलंबन से नाराज राजेन्द्र यादव ने डीएफओ से कहा कि- “तूँ कौन होता है मुझे निलंबित करने वाला। तुझे मैं देख लूँगा।” डीएफओ नरेश सिंह यादव को गाड़ी से नीचे उतारकर कर आरोपी वनरक्षक उन्हें काफी देर तक सरेआम अश्लील गालियाँ देते हुए बेइज्जत करता रहा।
पुलिस से सुरक्षा की माँग

आमचर्चा है कि मौके पर मौजूद विभागीय अमले ने हस्तक्षेप कर वनरक्षक को ऐसा करने से मना करना अथवा रोकना भी उचित नहीं समझा। डीएफओ के साथ हुई अभद्रता के दौरान अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारी आश्चर्यजनक रूप से तमाशबीन बने रहे। डीएफओ नरेश सिंह आरोपी वनरक्षक को पकड़कर उसका मेडीकल कराने तथा पंचनामा बनाने के लिए बार-बार कहते रहे लेकिन इतनी भीड़ में किसी ने भी आगे आने की हिम्मत नहीं दिखाई। चर्चा तो यहाँ तक है कि विवाद के दौरान वनरक्षक राजेन्द्र यादव ने 2 से 3 बार डीएफओ को ललकारते हुए उनके साथ हाथापाई करने की कोशिश की लेकिन विश्रामगंज एसडीओ नरेन्द्र सिंह परिहार ने उसे पकड़कर ऐसा करने से रोक लिया। डीएफओ ने अपने साथ अभद्रता करने वाले वनरक्षक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराने हेतु पुलिस अधीक्षक पन्ना एवं कोतवाली थाना प्रभारी पन्ना को लिखित शिकायत भेजी है। जिसमें उन्होंने बताया है कि स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में जाते समय मुझे वनरक्षक राजेन्द्र यादव के द्वारा रोककर व्यवधान उत्पन्न करते हुए शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का गंभीर कृत्य किया गया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से भयभीत उत्तर वन मण्डल के डीएफओ ने पुलिस से अपनी जानमाल की सुरक्षा हेतु पर्याप्त प्रबंध करने की मांग की है।
हीरा खदानें संचालित कराने का है आरोप

पन्ना जिले के उत्तर वन मण्डल अंतर्गत आने वाले वन क्षेत्र में हीरों की सघन उपलब्धता के फलस्वरूप वर्तमान में यहाँ की कई बीटों में सैंकड़ों की संख्या में अवैध हीरा खदानें जंगल के अंदर संचालित हो रहीं हैं। पिछले माह विश्रामगंज वन परिक्षेत्र के इटवां सर्किल की अवैध हीरा खदानों पर कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर हीरा खदान माफिया ने हमला कर दिया था। वनरक्षकों को घायल कर माफिया और उनके गुर्गे अपने साथियों को छुड़ा ले गए थे। इस सनसनीखेज घटना ने वन क्षेत्र में संचालित अवैध हीरा खदानों ने सबका ध्यान अपनीं ओर खींचा। सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर चर्चायें करने लगे। परिणामस्वररूप जिला मुख्यालय पन्ना के समीप विश्रामगंज रेन्ज अंतर्गत टगरा बीट के वन कक्ष क्रमाँक पी-301 स्मृति वन के पीछे (भियारानी) में बड़े पैमाने पर लम्बे समय से चल रहीं अवैध हीरा खदानों को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई।

आमचर्चा है कि भियारानी की अवैध खदानों में हर सप्ताह 2-3 करोड़ के हीरे मिलते हैं। पिछले दिनों समाचार पत्रों में यहाँ की अवैध हीरा खदानों की ख़बरें प्रमुखता से प्रकाशित हुई। जिसमें विभागीय अमले पर संलिप्तता के गंभीर आरोप लगे। इन ख़बरों को संज्ञान में लेते हुए डीएफओ उत्तर वन मण्डल द्वारा स्थल की जाँच कराई गई। जिसमें बड़े पैमाने पर हीरों का उत्खनन पाए जाने पर प्रथम दृष्ट्या टगरा के बीटगार्ड राजेन्द्र यादव को तत्काल प्रभाव से 13 अगस्त को निलंबित कर दिया गया। डीएफओ नरेश सिंह यादव का कहना है कि निलंबन की कार्यवाही से बौखलाकर वनरक्षक राजेन्द्र यादव ने उनके साथ अभद्रता की है।
इनका कहना है –
“डीएफओ सर के साथ मैंने किसी तरह की अभद्रता नहीं की, यदि मैं ऐसा कुछ करता तो वहाँ मौजूद विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मेरे कृत्य का विरोध करते पर ऐसा कुछ भी हुआ ही नहीं है। डीएफओ सर के आरोप पूरी तरह झूठे और निराधार हैं। वे अपने एक करीबी की हीरा खदान भियारानी क्षेत्र में संचालित कराने का मेरे ऊपर दबाब बना रहे थे, जब मैनें यह करने से मना किया तो मेरी जाँचें कराकर मुझे निलंबित कर दिया गया। जिस व्यक्ति की मैंने खदान संचालित नहीं होने दी उसने मुझे 5 दिन पहले ही बता दिया था कि मुझे निलंबित किया जाएगा। इस क्षेत्र को हीरा खनन माफियाओं से बचाने के लिए मैं रात में 2-3 बजे तक गश्त करता था। सबको मालूम है कुछ समय पूर्व हीरा खदान लगाने से रोकने पर मेरा एक स्थानीय बाहुबली से विवाद भी हुआ था।”
– राजेन्द्र यादव, वनरक्षक।
“उत्तर वन मण्डल के डीएफओ नरेश सिंह यादव के साथ वनरक्षक के द्वारा अभद्रता करने की जानकारी मिली है। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की है, प्रकरण में विभागीय स्तर पर भी कार्यवाही की जा रही है। अवैध हीरा खदान चलवाने को लेकर डीएफओ के द्वारा दबाब बनाने सम्बंधी वनरक्षक राजेन्द्र यादव के आरोप तब शायद गंभीरता से लिए जाते जब वह अपने विरुद्ध कार्यवाही होने के पूर्व इसकी लिखित में शिकायत करता। आज तो वह कुछ भी बोल सकता है। भियारानी क्षेत्र में अवैध हीरा खदानें संचालित होने की ख़बरें आने पर मैनें ही डीएफओ को कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। इस मामले में डिप्टी रेन्जर और रेन्जर की भूमिका की भी जाँच की जा रही है।”
– के. एस. भदौरिया, प्रभारी मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर।
“डीएफओ नरेश सिंह यादव ने एक वनरक्षक द्वारा उनके साथ अभद्रता करने की जानकारी दी थी, उनकी शिकायत तो अभी नहीं मिली है, शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए अपराध पंजीबद्ध किया जाएगा।
– मयंक अवस्थी, पुलिस अधीक्षक पन्ना।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित, बोले- शहीदों के परिजनों के साथ है सरकार
* सशस्त्र सेना बलों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास होंगे
भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि देश के सशस्त्र सेना बलों में मध्यप्रदेश के युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये कदम उठाये जाएंगे। आज यहाँ स्थानीय मिंटो हाल में गृह विभाग और सैनिक कल्याण संचालनालय की ओर से आयोजित शहीद सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के लिये पूर्व सैनिकों की सहायता ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा में कर्तव्य पालन करते हुए शहीद हुए जवानों के परिजनों का सम्मान किया।
भारत की पहचान है विविधता
मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभक्ति का जज्बा सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों ने जिस अनुशासन और उत्कृष्टता के साथ देश सेवा में समय बिताया है, उस जज्बे और अनुभव का उपयोग सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि आज पूरे विश्व में भारत की पहचान विविधता के कारण है। उन्होंने कहा कि विश्व में शायद ही ऐसा कोई देश हो, जहाँ के सैन्य बलों में इतनी विविधता है। विभिन्न जाति, धर्म और सम्प्रदाय के लोग हैं लेकिन सबका लक्ष्य सिर्फ राष्ट्रभक्ति और देश सेवा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को देश प्रेम के मूल्यों से जोड़ना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के परिजनों का सम्मान करना सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों से हमेशा संपर्क में रहना होगा ताकि शासन को उनकी परेशानियों का पता चलता रहे और समय पर उसका समाधान भी होता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज सेवा से जुड़े कामों में पूर्व सैनिकों की क्षमता और प्रतिभा का सदुपयोग करने की जरूरत है।
इन शहीदों के परिजन हुए सम्मानित
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शहीद जी.डी. अश्विनी कुमार काछी, हरीश चन्द्र पाल, कांस्टेबल संदीप यादव, देवेन्द्र चंद नागले, हेड कांस्टेबल उमेश बापू जाटव, एएसआई अमृत लाल भिलाला और कांस्टेबल बाल मुकुंद प्रजापति के परिजनों को सम्मानित किया और उनकी खैरियत पूछी। मुख्यमंत्री ने परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि सरकार शहीदों के परिजनों के साथ है। इस अवसर पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आरिफ अकील, विधि-विधायी कार्य मंत्री पी.सी. शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्य सभा सदस्य दिग्विजय सिंह, मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती, पुलिस महानिदेशक व्ही.के. सिंह और शहीदों के परिजन तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
गुड न्यूज़ : प्रदेश की 313 चयनित ऑगनवाड़ी बाल शिक्षा केन्द्र के रूप में विकसित, बच्चों को खेल-खेल में दी जाएगी शाला पूर्व शिक्षा
* बाल शिक्षा केन्द्रों का 28 अगस्त से से होगा शुभारंभ
भोपाल। (www.radarnews.in) प्रदेश में प्रत्येक विकास खण्ड के एक ऑगनवाड़ी केन्द्र को बाल शिक्षा केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रथम चरण में 28 अगस्त को चयनित 313 ऑगनवाड़ी केन्द्रों में बाल शिक्षा केन्द्र शुरू किया जा रहा है। इस संदर्भ में महिला बाल विकास मंत्री इमरती देवी की अध्यक्षता में ई.सी.सी.ई. परिषद का गठन किया गया है। विभागीय प्रमुख सचिव को परिषद की कार्यकारी समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है।
आयुक्त महिला-बाल विकास एम.बी.ओझा ने कहा है कि प्रदेश में बाल शिक्षा केन्द्रों का शुभारंभ 15 अगस्त के स्थान पर 28 अगस्त को किया जाएगा। इस संबंध में रेगुलेटरी दिशा-निर्देश तैयार किये जा रहे है। बाल शिक्षा केन्द्रों के माध्यम से प्रदेश में शासकीय एवं निजी क्षेत्रों में 6 वर्ष की उम्र तक के बच्चों के समुचित विकास के लिये प्री-प्रायमरी संस्थाओं का नियमन, निगरानी एवं मुल्यांकन संभव होगा। प्रदेश स्तर पर भी शाला पूर्व शिक्षा नीति तथा नियामक दिशा-निर्देश बनाये जा रहे हैं।
निगरानी के लिये शिशु विकास कार्ड

ऑगनवाड़ी केन्द्रों में आने वाले 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिये 19 विषयों का माहवार पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है। सत्र में स्वयं की पहचान, मेरा घर, व्यक्तिगत साफ-सफाई, रंगों और आकृति, तापमान एवं पर्यावरण, पशु-पक्षी, यातायात के साधन और सुरक्षा के नियम, हमारे मददगार मौसम और बच्चों का आत्म-विश्वास तथा हमारे त्यौहार शामिल हैं। बाल शिक्षा केन्द्र में 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिये आयु समूह के अनुसार 3 एक्टीविटी वर्कबुक तैयार की गई है। बच्चों के विकास की निगरानी के लिये शिशु विकास कार्ड बनाये गये हैं।
खेल-खेल में शिक्षा
ऑगनवाड़ी शिक्षा केन्द्रों में खेल-खेल में बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिये दैनिक गतिविधियाँ होगीं। इसमें क्रियात्मक खेल, रचनात्मक नाटक अथवा नकल करने वाले खेल, सामूहिक और नियमबद्ध खेल शामिल हैं। इन केन्द्रों पर खेलों के आधार पर बच्चों से अलग-अलग गतिविधियाँ करवाई जायेंगी। केन्द्रों पर प्रतिदिन 3 से 4 घन्टे शाला पूर्व शिक्षा के लिये निर्धारित हैं। बच्चों को एक गतिविधि के लिये 15 से 20 मिनिट का समय निर्धारित किया गया है क्योंकि 3 से 6 तक की उम्र वर्ष के बच्चे एक गतिविधि पर इससे अधिक समय तक ध्यान नहीं दे पाते।
कक्ष की होगी आकर्षक सज्जा




जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने आज यहाँ एडवेंचर ग्राउंड के पास पहाड़ी पर वृहद स्तर पर पौधा-रोपण अभियान का शुभारंभ किया। श्री शर्मा शांडिल्य महाराज की पालकी यात्रा में भी शामिल हुए। स्थानीय पार्षद मोनू सक्सेना, सुशील बिल्लोरे, जन-प्रतिनिधि और श्रद्धालु पालकी यात्रा में शामिल हुए।




