देश की सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम है राष्ट्रीय बालरंग महोत्सव : मंत्री डॉ. चौधरी
* बाल कलाकारों की सांस्कृतिक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों को आत्म-विभोर किया
* सांस्कृतिक नृत्य में सिक्किम प्रथम, हरियाणा द्वितीय और हिमाचल प्रदेश तृतीय स्थान पर रहा
भोपाल। (www.radarnews.in) स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजित राष्ट्रीय बालरंग महोत्सव के समापन समारोह में कहा कि यह महोत्सव वास्तव में देश की सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम है। इस विरासत के संवाहक हैं आज के बच्चे। महोत्सव इन बच्चों के लिये अपने-अपने क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक विशेषताओं तथा वेश-भूषा, कला, नृत्य, खान-पान आदि की विविधताओं को साझा करने का मंच है।
बच्चों द्वारा बनाए व्यंजनों का लिया स्वाद

मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिये पढ़ाई के साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सहभागिता भी बहुत जरूरी है। इससे बच्चे अनुशासन, आत्म-निर्भरता, प्रबंधन आदि सीखते हैं। डॉ. चौधरी ने समर्थ एवं लघु भारत प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों द्वारा लगाई गई स्टीम शिक्षा पद्धति एवं उमंग मॉड्यूल की सराहना की। उन्होंने फूड जोन के विभिन्न स्टॉल्स में बच्चों द्वारा बनाए गए लज़ीज़ व्यंजनों का स्वाद लिया और प्रतियोगिताओं के विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा एवं आयुक्त लोक-शिक्षण जयश्री कियावत भी उपस्थित थीं।
बाल पत्रकारों ने लिया अतिथियों का इंटरव्यू

महोत्सव में सांस्कृतिक नृत्य में सिक्किम प्रथम, हरियाणा द्वितीय और हिमाचल प्रदेश तृतीय स्थान पर रहा। मध्यप्रदेश को प्रथम और छत्तीसगढ़ को द्वितीय सांत्वना पुरस्कार मिला। समर्थ एवं लघु भारत प्रदर्शनी, फूड जोन, क्रॉफ्ट आदि के पुरस्कार भी वितरित किये गए। बाल पत्रकारों ने सभी अतिथियों का इंटरव्यू लिया और उन्हे बाल-पत्र भेंट किया। बाल कलाकारों की प्रथम 5 सांस्कृतिक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों को आत्म-विभोर किया।

बड़ी उपलब्धि : मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन पर पन्ना को राष्ट्रीय पुरस्कार, जिले के अधिकारियों-कर्मचारियों ने व्यक्त की प्रसन्नता

* जिपं सीईओ और मनरेगा प्रभारी ने दिल्ली पहुंचकर प्राप्त किया पुरुष्कार
* जिले के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पहली बार मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
पन्ना। (www.radarnews.in) भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के राष्ट्रीय पुरूस्कार के.सुब्रमण्यम ऑडीटोरियम नई दिल्ली में प्रदाय किये गये। जिसके अन्तर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में मध्यप्रदेश से पन्ना जिले को प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय पुरूस्कार प्रदान किया गया। यह पुरूस्कार भारत सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं भारत सरकार की पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के. एवं परियोजना अधिकारी मनरेगा संजय सिंह परिहार को भव्य समारोह में मोमेन्टो एवं प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। मनरेगा में यह राष्ट्रीय पुरूस्कार प्राप्त करने वाला मध्यप्रदेश में पन्ना एकमात्र जिला है।
इस समारोह में पुरूस्कार प्राप्ति हेतु कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के. एवं परियोजना अधिकारी मनरेगा संजय सिंह परिहार को आमंत्रित किया गया था। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा अत्यावश्यक कार्य आ जाने के कारण वहां नही पहुंच सके, उनके द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के नेतृत्व में 12 सदस्यीय दल पुरूस्कार प्राप्त करने हेतु दिल्ली भेजा गया।
जिले को यह राष्ट्रीय पुरूस्कार प्राप्त होने से जिले के अधिकारी-कर्मचारियों सहित ग्रामीण विकास विभाग के समस्त अमले द्वारा बहुत प्रसन्नता व्यक्त की जा रही है, क्योंकि जिले को ग्रामीण विकास विभाग में राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह का पुरूस्कार पहली बार प्राप्त हुआ है। यह निश्चित रूप से जिले के लिये गौरव की बात है। भारत सरकार के इस सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश, तमिलनाडू, नागालैण्ड, सिक्किम राज्यों के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री, भारत सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अमरजीत सिन्हा, अतिरिक्त सचिव अल्का उपाध्याय, मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव उमाकान्त उमराव, मध्यप्रदेश की मनेरगा आयुक्त शिल्पी गुप्ता, संयुक्त आयुक्त मनरेगा प्रभात उइके, मीडिया अधिकारी अनिल गुप्ता सहित पूरे देश के विभिन्न राज्यों से पधारे वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
CAA : काले कानून से देश और संविधान को बचाने सड़क पर उतरे छात्र, मुँह में पट्टी बांधकर कैंपस में पुलिस की बर्बरता का किया विरोध

* नागरिकता संशोधन कानून को पन्ना के छात्रों ने बताया संविधान विरोधी
* इस विवादास्पद क़ानून को वापिस लेने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
* छात्रों को पहले देना था मौन धरना पर धारा 144 लागू होने पर बदला कार्यक्रम
पन्ना।(www.radarnews.in) नागरिकता संसोधन कानून-2019 और प्रस्तावित एनआरसी की आंच में पूरा देश सुलग रहा है। इस काले क़ानून का देश भर में कड़ा विरोध हो रहा है। नए नागरिकता कानून को संविधान विरोधी बताते हुए जगह-जगह छात्र-छात्राएं इसके खिलाफ आंदोलित हो रहे हैं। बीते दिनों राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एवं अलीगढ़ सहित कुछ स्थानों पर छात्र-छात्राओं के शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन को कथित तौर पर कुचलने के लिए पुलिस के द्वारा उनके साथ बर्बरता की गई। पुलिस ने कैंपस के अंदर घुसकर छात्र-छात्राओं को जिस बेरहमी के साथ पीटा उसे लेकर देश भर के छात्र-छात्राओं में रोष व्याप्त है।

फलस्वरूप, गुरुवार को पन्ना जिला मुख्यालय में भी नागरिकता कानून के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से सांकेतिक प्रदर्शन हुआ। अजाक्स छात्र संघ पन्ना के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय अहिरवार के नेतृत्व में छात्रों ने स्थानीय आंबेडकर चौक पर देश व संविधान को बचाने के लिए नागरिकता के काले कानून के खिलाफ सड़क पर उतरकर मुँह में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वे अपने हाथों में नारे लिखीं तख्तियां लिए रहे। तत्पश्चात पन्ना कलेक्टर की प्रतिनिधि नायब तहसीलदार ममता शर्मा को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसके माध्यम से धर्म के आधार भेदभाव करने वाले संविधान विरोधी नागरिकता कानून को वापिस लेने एवं छात्र-छात्राओं के साथ बर्बरता करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की पुरजोर मांग की गई है।
पहले समझाया फिर दी गई धमकी
उल्लेखनीय है कि विवादास्पद नागरिकता संसोधन कानून-2019 के विरोध स्वरूप अजाक्स छात्र संघ को अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष मौन धरना देना था, लेकिन गुरुवार 19 दिसम्बर को दोपहर करीब 12 बजे जब अचानक पन्ना जिले में प्रतिबंधात्मक धारा 144 को लागू किए जाने की खबर सोशाल मीडिया पर आई तो अजाक्स छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष संजय अहिरवार ने तुरंत अपना धरना रद्द कर दिया। मगर कार्यकम पूर्व घोषित होने के चलते छात्रों के द्वारा सिर्फ ज्ञापन सौंपा गया। इस धरना-प्रदर्शन को लेकर पन्ना के आंबेडकर चौक (कोतवाली चौराहा) में आज सुबह से ही पुलिस काफी मुस्तैदी से तैनात रही।
उधर, कथित तौर पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने धरना-प्रदर्शन को रद्द कराने के लिए छात्र नेता संजय अहिरवार से मोबाइल फोन पर संपर्क कर काफी समझाया गया, पर जब वह इसके लिए राजी नहीं हुआ तो उसके तथा साथियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने की धमकी दी गई। इस गतिरोध के बीच कुछ देर बाद सोशल मीडिया पर जिले में धारा 144 लागू होने की सूचना आई तो छात्रों ने कानून का सम्मान और प्रशासन का सहयोग करते हुए बिना किसी देरी के अपना मौन धरना रद्द करने का ऐलान करते हुए सिर्फ ज्ञापन सौंपने तक कार्यक्रम को सीमित कर दिया। मालूम हो कि छात्र नेता संजय अहिरवार ने पुलिस एवं प्रशासन पर धमकी देने का आरोप पत्रकारों से चर्चा में लगाया है।
संविधान पर हमला है नागरिकता कानून

छात्रों द्वारा राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि, नागरिकता संशोधन बिल के क़ानून बनने के बाद से देश के कई हिस्सों में धरना-प्रदर्शनों का दौर लगातार जारी है। दरअसल ऐसा इसलिए है क्योंकि केन्द्र की सरकार ने बहुमत का दुरूपयोग करके जो नागरिकता संशोधन कानून बनाया है वह संविधान की मूल भावना के विपरीत है। इस कानून में धर्म के आधार पर नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है जोकि असंवैधानिक है। बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने देश का जो संविधान बनाया है वह किसी भी नागरिक के साथ धर्म-जाति-भाषा आदि के आधार पर भेदभाव नहीं करता है। बाबा साहब आंबेडकर द्वारा बनाये गए धर्मनिरपेक्ष और समानता पर आधारित संविधान पर नागरिकता का काला कानून सीधा हमला करता है। इससे देश की एकता-अखंडता-शांति, सद्भावना और भाईचारा संकट में आ गया है। देश भर में नागरिक इसके खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं। यह काला कानून आइडिया ऑफ़ इण्डिया के भी खिलाफ है।
देश को बांटने की घिनौनी साजिश
ज्ञापन सौंपने वाले छात्रों ने बताया कि वह इसका विरोध इसलिए हैं, क्योंकि नागरिकता के इस काले कानून और देश भर में प्रस्तावित एनआरसी को लागू करने के पीछे केन्द्र सरकार की मंशा राजनैतिक लाभ के लिए नागरिकों को बांटकर धुर्वीकरण करना है। इस घिनौने षड़यंत्र के खिलाफ देश भर में छात्र-छात्राएं आंदोलित हो रहे हैं। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों के भारत और संविधान को बचाने के लिए देश के कई विश्विद्यालयों के छात्र-छात्राएं लगातार शांतिपूर्वक विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन इन विरोध-प्रदर्शनों को सरकार के इशारे पर कुचला जा रहा है। दिल्ली के जामिया विश्विद्यालय, अलीगढ़ के एएमयू विश्विद्यालय और असम राज्य सहित कई जगह छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस के द्वारा बर्बरता की गई। छात्र-छात्राओं के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई, कैम्पस में घुसकर पुलिस के द्वारा उन्हें बढ़ी ही निर्दयता के साथ पीटा गया है। छात्र-छात्राओं पर इस तरह अत्याचार करके शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करने का लोकतान्त्रिक अधिकार उनसे छीना जा रहा है।
देश में चल क्या रहा है, देख रही दुनिया

ज्ञापन में यह उल्लेख किया गया है कि, न्यूज चैनलों और अखबारों के माध्यम से पूरे देश व दुनिया भर के लोगों ने छात्र-छात्राओं पर की गई पुलिस की दमनात्मक कार्यवाही को देखा है। वर्तमान में देश में जो कुछ भी हो रहा है उसमें लोकतंत्र के चारों स्तंभ जिस तरह से अपनी भूमिका निभा रहे है उसे भी लोग गौर से देख रहे हैं। राष्ट्रपति से मांग की गई है कि देश को बांटने वाले संविधान विरोधी नागरिकता संशोधन कानून को देश हित में वापिस लिया जाए एवं कैम्पस में घुसकर छात्र-छात्राओं के साथ हिंसा करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ छात्र हित में वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाए।
हीरा खनन परियोजना का केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने किया भ्रमण, परियोजना संचालन में आ रही समस्याओं की दी गई जानकारी

* विद्यार्थियों और ग्रामीणों के लिए किया निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर का उद्घाटन
पन्ना। (www.radarnews.in) केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते बुधवार 18 दिसम्बर पन्ना जिले के भ्रमण के दौरान मझगवाँ क़स्बा स्थित एनएमडीसी लिमिटेड, हीरा खनन परियोजना पहुँचे। मंत्री श्री कुलस्ते के परियोजना में प्रथम आगमन पर परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। सर्वप्रथम केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री ने परियोजना द्वारा ‘नैगम सामाजिक दायित्व’ के अंतर्गत विद्यार्थियों और ग्रामीणजनों के लिए तीन चरणों में आयोजित होने वाले ‘नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर’ का डी.ए.व्ही. स्कूल में उदघाटन किया । दूसरे और तीसरे चरण में परियोजना के निकटवर्ती गाँव हिनौता और बड़ौर में विद्यार्थियों और ग्रामीणजनों के लिए ‘नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर’ का आयोजन किया जा रहा है ।

केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने हीरा खदान परिसर का भ्रमण किया और परिसर में पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर परियोजना प्रशासनिक भवन के ‘सम्मेलन कक्ष’ में मंत्री श्री कुलस्ते के लिए आयोजित ‘पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन’ में परियोजना प्रबंधन द्वारा हीरा खनन परियोजना के संबंध में विस्तार से बताया गया ।

परियोजना परिचालन में आ रही समस्याओं के बारे में ध्यान आकृष्ट करते हुए खनन-संचालन हेतु पूरक खनि पट्टा के विस्तार, वाइल्ड लाइफ क्लियरेंस व फॉरेस्ट क्लियरेंस और पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु विभिन्न विभागों की अति आवश्यक अनुमति के लिए किए गए आवेदनों की यथास्थिति से उन्हें अवगत कराया गया । केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री के परियोजना दौरे के अवसर पर पन्ना जिला कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और जिला प्रशासन के उच्च अधिकारी उपस्थित थे ।


- हीरा खनन परियोजना मझगवाँ के परिसर में पौधरोपण करते हुए केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते।

- दीप प्रज्जवलित कर निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर का उद्घाटन करते हुए केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते।

- केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों के लिए आयोजित निःशुल्क नेत्र जाँच शिविरको संबोधित किया।
नवीन कलेक्ट्रेट भवन में होगा प्रदूषण रहित बिजली का उत्पादन, विधुत विभाग को अतिरिक्त बिजली की बिक्री कर घटाया जाएगा मासिक बिल
* सौर ऊर्जा से प्रतिदिन 450 यूनिट बिजली का होगा उत्पादन
* बिजली गुल होने पर अब बाधित नहीं होगा शासकीय कार्य
* कलेक्टर ने स्विच ऑन कर किया सोलर संयंत्र का शुभारंभ
पन्ना।(www.radarnews.in) नवीन कलेक्ट्रेट भवन में निर्बाध रूप से विद्युत व्यवस्था को बनाए रखने एवं प्रदूषण रहित विद्युत उत्पादन करने के साथ विद्युत की बचत का काम कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा नवीन कलेक्ट्रेट भवन मेें किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत उन्होंने कलेक्ट्रेट भवन की खाली पड़ी छत में 370 सोलर पैनल सावन इलेक्ट्रानिक हैदराबाद के द्वारा स्थापित कराए गए हैं। यह सोलर पैनल 120 के.व्ही. विद्युत उत्पादन करेंगे। जिससे विद्युत विभाग से विद्युत प्रदाय बंद होते ही स्थापित सोलर पैनल यूनिट से विद्युत प्रवाह प्रारंभ हो जाएगा। इस व्यवस्था से विद्युत प्रदाय के कारण कभी भी कार्य प्रभावित नहीं होगा।
प्रतिमाह एक लाख की बिजली का उत्पादन
स्थापित यूनिट का शुभारंभ कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा लोकार्पण फीटा काटकर एवं यूनिट का स्विच ऑन किया गया। इस यूनिट में 60-60 किलोवाॅट के दो सोलर संयंत्र स्थापित हैं। इनको 4 सोलर हाईग्रेड इन्वेटर से जोड़ा गया है। प्रत्येक इन्वेटर से 30 किलोवाॅट विद्युत मिलेगी। इस सौर ऊर्जा संयंत्र से प्रतिदिन 450 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। माह में यह संयंत्र कुल 13500 यूनिट बिजली पैदा करेगा। जिसका मूल्य एक लाख 7 हजार 500 रूपये होता है। यह राशि प्रतिमाह बचत की जा सकेगी। इस संयंत्र के साथ एक नेट मीटर लगाया गया है। जिससे सौर ऊर्जा से उत्पादित विद्युत पन्ना के विद्युत विभाग को प्राप्त होगी। इसका लेखा-जोखा रखा जाएगा। अतिरिक्त विद्युत स्थानीय विद्युत विभाग को मिलने पर प्रत्येक माह विद्युत देयक में सम्मिलित कर विद्युत आपूर्ति करेगा।
इनकी रही उपस्थिति
सोलर संयंत्र से कलेक्टर चेम्बर, कलेक्टर न्यायालय, मीटिंग हाॅल, एनआईसी, व्हीसी रूम को जोड़ा जाएगा। इनमें विद्युत प्रवाह बंद होने के साथ ऑटोमेटिक सोलर पैनल से विद्युत प्रदाय प्रारंभ हो जाएगा। सोलर संयंत्र के शुभारंभ अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के., अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे, संयुक्त कलेक्टर सिकलचन्द परस्ते के साथ विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
गरीब-मजदूरों के सच्चे हमदर्द समाजसेवी युसूफ बेग “रूरल आइकॉन अवार्ड” से सम्मानित

* केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और प्रदेश के पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल ने किया सम्मानित
भोपाल (www.radarnews.in) अति पिछड़े बुंदेलखंड अंचल अंतर्गत आने वाले पन्ना एवं आसपास के जिलों में मजदूरों के अधिकारों एवं सिलिकोसिस पीड़ितों के लिए आवाज उठा रहे युसूफ बेग को आज भोपाल के कोटयार्ड मरियेट होटल में केन्द्रीय मंत्री कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास भारत सरकार, नरेन्द्र सिंह तोमर एवं मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल द्वारा रूरल आइकॉन अवार्ड से सम्मानित किया गया। समाजसेवी युसूफ बेग के साथ साथ प्रदेश के दस अन्य समाजसेवियों को इस अवार्ड से सम्मानित किया गया। ज्ञातव्य हो कि समाज सेवी युसूफ बेग द्वारा हीरा-पत्थर खदानों और क्रेशर गिट्टी में काम करने वाले असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के हकों एवं उनके स्वास्थ्य को लेकर लगभग दो दशक से संघर्ष किया जा रहा है।
इन्ही क्षेत्रों के मजदूरों के बच्चों में कुपोषण एवं खाद्य सुरक्षा को लेकर श्री बेग द्वारा लगातार संघर्ष की गया। जिसके फलस्वरूप खनन क्षेत्रों में काम करने वाले ऐसे मजदूर जो सिलिका डस्ट के कारण सिलिकोसिस बीमारी से ग्रसित होकर काल के गाल में समां रहे थे, जिसके लिए उन्होंने पन्ना से लेकर दिल्ली तक इनकी आवाज को पहुँचाया और इसी संघर्ष के कारण आज राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के निर्देशन में सिलिकोसिस पीड़ित मजदूरों की मौत के बाद उनके परिजनों को 3-3 लाख रुपये की सहायता राशि मिलना शुरू हुआ है। साथ ही सिलिकोसिस मजदूरों के लिए पुनर्वास निति भी तैयार की गयी है। जिसे मध्य प्रदेश लागू करना बाकी है। समाजसेवी युसूफ बेग को इस अवार्ड से नवाजे जाने पर प्रदेश के खनन क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों एवं उनके सहयोगी और सहभागियों में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी है। उनकों बधाई देने वालों का ताँता लगा हुआ है।
विजय दिवस : भारत न पहले कमजोर था और ना आज कमजोर है : कमलनाथ

* मुख्यमंत्री ने भारत द्वारा वर्ष 1971 में पाक पर जीत को बताया ऐतिहासिक
* शौर्य स्मारक से जनता को दिया विजय दिवस का संदेश
भोपाल (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री कमल नाथ ने शौर्य स्मारक में 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के विजय दिवस पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि भारत न पहले कमजोर था और न ही आज कमजोर है। कमल नाथ ने जनता को विजय दिवस का संदेश जारी करते हुए कहा कि इस अवसर पर हम सब को यह याद रखना चाहिए कि सभी नागरिकों को, चाहे वे किसी भी मजहब, जाति अथवा पंथ को मानने वाले हों, सबका यह कर्तव्य है कि राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत बनाएँ। अपने शहीदों का गुणगान करें। मुख्यमंत्री ने नागरिकों का आह्वान किया है कि हम सब भारत के विकास, खुशहाली और अमन-चैन के लिए मिलकर प्रयास करें।
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने विजय दिवस संदेश में कहा कि 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध एक सैन्य संघर्ष था। यह संघर्ष 3 दिसंबर 1971 को शुरू हुआ और 16 दिसंबर को ढाका में पाक सेना के समर्पण के साथ समाप्त हुआ। उन्होंने कहा कि इस युद्ध की शुरुआत में पाकिस्तान ने भारत की वायुसेना के 11 स्टेशनों पर हवाई हमले किये। इसमें भारतीय सेना का पाकिस्तान से पूर्वी और पश्चिमी मोर्चे पर संघर्ष हुआ। भारतीय सेना ने पाक सेना को दोनों मोर्चों पर परास्त किया। हताश पाकिस्तानी सेना आत्म-समर्पण करने के लिए मजबूर हुई। इसी के साथ पूर्वी पाकिस्तान नए “बांग्लादेश” के रूप में स्थापित हुआ।

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि इसी जीत को हम आज विजय दिवस के रूप में मनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह युद्ध तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के सशक्त नेतृत्व और अद्वितीय राष्ट्रवाद की अद्भुत मिसाल होने के साथ भारतीय जांबाज सैनिकों के अदम्य शौर्य का भी प्रतीक है। इस युद्ध में पाकिस्तान के 93 हजार सैनिक घुटने टेकने पर मजबूर हुए और उन्हें आत्म-समर्पण करना पड़ा।
युगों तक किया जायेगा याद

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभूतपूर्व विजय के दो कारण थे। पहला कारण था तत्कालीन प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रीमती इंदिरा गांधी का दृढ़ संकल्प और राजनीतिक नेतृत्व तथा दूसरा कारण था भारतीय थल सेना अध्यक्ष और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल एच.एच.एफ.जे.सैम मानेकशॉ का कुशल रणनीतिक नेतृत्व। उन्होंने कहा कि उस समय के अधिकांश पश्चिमी देश और महाशक्ति अमेरिका भारत को पाकिस्तान के विरुद्ध कुछ नहीं करने के लिए खुलेआम धमका रहे थे। तब श्रीमती इंदिरा गांधी का ही साहस था, जिन्होंने पाकिस्तान को सशस्त्र संघर्ष में सबक सिखाया और भारत की प्रभुता स्थापित की। उनकी असाधारण सूझबूझ और सैन्य बलों के अदम्य शौर्य ने देशवासियों को जिस तरह हर्षित और गौरवान्वित किया, वह बेमिसाल था और युगों तक याद किया जायेगा।
ऐतिहासिक भाषण का अंश दोहराया

मुख्यमंत्री ने तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा 16 दिसंबर 1971 को संसद में दिए गए वक्तव्य का प्रमुख अंश दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था “मुझे एक घोषणा करनी है कि पश्चिमी पाकिस्तान की सेना ने बिना शर्त समर्पण कर दिया है और यह संसद और समूचा राष्ट्र इस ऐतिहासिक घटना पर खुशी से झूम रहा है। हमें अपनी थल सेना, नौसेना और वायु सेना तथा सीमा सुरक्षा बल पर गर्व है, जिन्होंने अत्यंत शानदार तरीके से अपनी गुणवत्ता और क्षमता का प्रदर्शन किया। अपने कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा और अनुशासन सर्वविदित है। भारत उन वीर जवानों को हमेशा याद रखेगा, जिन्होंने इस संघर्ष में अपने जीवन की कुर्बानी दे दी। हम उनके परिवारों के साथ हैं।” मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि 1971 की इस जीत ने भारत को एक अंतर्राष्ट्रीय शक्ति के रूप में स्थापित किया। इससे देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी को पूरे विश्व में दृढ़ता के साथ निर्णय लेने वाली “आयरन लेडी ” के रूप में पहचान मिली।
दुनिया ने इंदिरा जी के इस कदम को सराहा
कैप्टन प्रवीण डावर, दिल्ली ने 1971 के भारत पाक युद्ध का उल्लेख करते हुए बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने कुशल नेतृत्व और साहस का परिचय देकर सेनाओं का मनोबल बढ़ाया। पूरे विश्व में इंदिरा जी के इस कदम को सराहा गया। कैप्टन डावर ने जनसम्पर्क और संस्कृति विभाग के इस कार्यक्रम की प्रशंसा की और विजय दिवस पर किये गये प्रकाशनों को जानकारी परक बताया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने शौर्य स्मारक परिसर में स्थित शौर्य स्तंभ के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित किये। कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री आरिफ अकील, जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा, मुख्य सचिव सुधि रंजन मोहंती, ब्रिगेडियर आदित्य विक्रम पैठिया उपस्थित थे। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने श्री पैठिया को वर्ष 1971 के युद्ध में विशेष योगदान के लिये सम्मानित किया। कार्यक्रम में गायिका संदीपा पारे और उनके साथियों ने देश भक्ति गीत प्रस्तुत किये। इन गीतों में कैफी आजमी के लिखे गीत-हिन्दुस्तान की कसम… न झुकेंगे… और जो समर में हो गये अमर… शामिल हैं। पुलिस बैण्ड द्वारा भी देश भक्ति गीतों की धुनें प्रस्तुत की गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आमजन, विद्यार्थी, अधिकारी और जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सम्मानित हुए सैन्य अधिकारी एवं जवान

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने वर्ष 1971 के युद्ध के सैन्य अधिकारियों और जवानों को प्रतीक चिन्ह और शाल प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित सैन्य अधिकारियों में मेजर जनरल एम.पी.एस. कोंटल, भारत भूषण देव, एम.एल.खन्ना, ब्रिगेडियर प्रवीर गोस्वामी, कर्नल एस. कुमार वी.एस.एम., कर्नल पी.के. चटर्जी, कर्नल डी. वर्मा, कर्नल एस.के.एस. परमार, कैप्टन स्वराज पुरी, स्व. सुभाष सकरगाय की धर्मपत्नी श्रीमती प्रतिभा, ए. खान की पत्नी श्रीमती नाजरा बेगम, मेजर सूबेदार एस. हरि की धर्मपत्नी श्रीमती मेरी और यशवंत सिंह रावत की धर्मपत्नी श्रीमती विद्यावती शामिल है। इस मौके पर श्री मुंशीलाल गेहलोत की धर्मपत्नी श्रीमती सोनम देवी, रामचन्द्र अभिचन्दानी की धर्मपत्नी श्रीमती हरि, भानुप्रताप सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती सिंह, सुरेश शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती रामा, रामदेव शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती सुशीला, नरेश जायसवाल की धर्मपत्नी श्रीमती ममता, पूरन सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती भवानी देवी, वी. के. महेश्वरी की धर्मपत्नी श्रीमती शकुन्तला, विंग कमाण्डर वी.एस. रघुवंशी, गुरूशरण सिंह ग्रोवर, कर्नल एम.एम. दत्ता, विंग कमाण्डर जी. के. दुबे, प्रकाश सिंह, एम.के. गुप्ता, कैप्टन हरवान सिंह चौहान, ले. कर्नल संजीव पंडित, सीपीयू सुरेश, कैप्टन जे.एन. प्रसाद, नायक सूबेदार कुलदीप सिंह दुग्गल, बी.सी. जोशी, नायक सूबेदार बी.सी. कटोच, एम.सी.पी.यू. अशोक दुबे, सीपीयू गुलाब सिंह, हवलदार उदय नारायण शर्मा, राम किशन पटेल, नायक सिंह, बनवारीलाल दुबे, सिपाही कमल कांत, रघुवंश प्रसाद, विजय सिंह, प्रेमलाल, आशाराम, के.एम. चेरियन, प्रकाश रामलाल पाठक और नायक रामदास भी सम्मानित हुए।
युवाओं के लिये विद्यालयीन शिक्षा के साथ प्रेक्टिकल ज्ञान भी जरूरी : मुख्यमंत्री कमलनाथ
* छिन्दवाड़ा एन.आई.आई.टी के विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित
भोपाल (www.radarnew.in) मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज छिन्दवाड़ा में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी (NIIT) में विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धा के जमाने में युवाओं को किसी न किसी क्षेत्र का प्रेक्टिकल ज्ञान होना जरूरी है। कमलनाथ ने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिये रोज ज्ञान में वृद्धि करने के लिये तैयार रहना चाहिये।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि उन्होंने केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री रहते हुए छिन्दवाड़ा जिले में युवाओं के स्किल डेव्हलपमेंट की दिशा में निरंतर प्रयास किये। कमलनाथ ने छिन्दवाड़ा में एनआईआईटी की स्थापना के उद्देश्य की जानकारी देते हुए युवाओं से अपेक्षा की कि वे हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर छिन्दवाड़ा और पूरे प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। कार्यक्रम में सांसद नकुलनाथ, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे, पूर्व विधायक दीपक सक्सेना और अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
गुड न्यूज : मनरेगा योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन पर पन्ना जिले को राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा पुरूस्कार

* दिल्ली में दिए गए प्रजेंटेशन के सत्यापन पश्चात हुआ पन्ना जिले का चयन
* इसके पूर्व वृद्धजनों को बेहतर सेवाएं देने पर जिले को मिला था राष्ट्रीय पुरुष्कार
पन्ना। (www.radarnews.in) महात्मा गांधी नरेगा अवार्ड 2019 हेतु केन्द्र सरकार द्वारा पूरे देश में राज्यों, जिलों, जनपद तथा ग्राम पंचायतों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अन्तर्गत विभिन्न श्रेणियों में 19 दिसम्बर को दिल्ली में पुरूस्कृत किया जाना प्रस्तावित है। मध्यप्रदेश से पन्ना जिले को महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना अन्तर्गत प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पुरूस्कार के लिये चयनित किया गया है। इस प्रक्रिया हेतु सर्वप्रथम जिलों द्वारा प्रदेश स्तर पर अपने-अपने जिलों का प्रजेंटेशन राज्य स्तर पर भोपाल भेजा गया।
दिल्ली से आई टीम ने किया सत्यापन




विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल खजुराहो के नजदीक स्थित रनेह फॉल एवं केन घड़ियाल सेंचुरी को देखने के लिए बड़ी तादाद में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से से यहां पर एक मात्र मादा घड़ियाल ही नजर आती रही है। नर घड़ियाल के आभाव में प्रजनन न होने से पन्ना की केन घड़ियाल सेंचुरी का अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर पहुँच गया था। पन्ना टाईगर रिजर्व प्रबंधन ने इसे गंभीरता से लेते हुए घड़ियाल सेंचुरी को पुनः आबाद करने की दिशा में ठोस प्रयास शुरू किए गए। करीब एक वर्ष के सतत प्रयास के फलस्वरूप मुरैना जिले के देवरी स्थित घड़ियाल प्रजनन केन्द्र से 25 घड़ियाल प्राप्त करने में कामयाबी मिली है। शनिवार 21 दिसम्बर को विशेषज्ञों की एक टीम 20 मादा व 5 नर घड़ियालों को लेकर पन्ना पहुँची, जिन्हें केन नदी के मोहारी घाट में सफलतापूर्वक छोड़ा गया।
पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया ने बताया कि यहाँ आने के बाद मुझे पता चला कि केन घड़ियाल सेंचुरी, खजुराहो में सिर्फ एक मात्र मादा घड़ियाल की ही मौजूदगी है। सेंचुरी में घड़ियालों को पुनः बसाने के लिए प्लान तैयार कर मुरैना से घड़ियाल प्राप्त करने के प्रयास शुरू किए गए। करीब एक वर्ष की मेहनत के बाद आखिरकार हम घड़ियाल प्राप्त करने में कामयाब रहे। श्री भदौरिया ने कहा कि नर व मादा घड़ियाल पर्याप्त संख्या में मिल जाने से अब सूनी पड़ी केन घड़ियाल सेंचुरी भी आबाद हो गई है। आपने बताया कि शनिवार को केन घड़ियाल सेंचुरी के मोहारी घाट में मुरैना से प्राप्त घड़ियालों को रिलीज करने के लिये सभी अनुमतियां व आवश्यक तैयारियां पार्क प्रबन्धन द्वारा पूर्व से ही कर ली गई थीं। घड़ियालों के यहां आने पर उन्हें सुरक्षित तरीके से सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया है। अब इनकी सतत निगरानी की जा रही है।
पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया ने बताया कि केन घड़ियाल सेंचुरी, खजुराहो में आखिरी बार वर्ष 2007 में घड़ियाल लाकर छोड़े गए थे। महज 12 वर्ष में यहाँ पुनः घड़ियालों का वजूद खतरे में क्यों आया ? इस सवाल पर वे कहते हैं, केन नदी के दोनों किनारों पर रेत का आभाव होने तथा बारिश के मौसम नदी के तेज बहाव में घड़ियालों के बहकर उत्तर प्रदेश चले जाने के कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बनी है। विदित हो कि घड़ियालों के प्रजनन हेतु नदी के दोनों किनारों पर पर्याप्त मात्रा में रेत होना आवश्यक है, क्योंकि घड़ियाल रेत में ही अपने अण्डे देते हैं। पिछले कुछ वर्षों से केन नदी के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने में रेत का वैध-अवैध खनन होने का दुष्परिणाम घड़ियालों के सदियों पुराने प्राकृतिक रहवास पर पड़ा है। नदी के बड़े क्षेत्र को रेत खनन के लिए मशीनों से जिस तरह खोखला किया गया उससे घड़ियालों के लिए हालात काफी मुश्किल हो गए। सूत्र बताते हैं, घड़ियाल सेंचुरी क्षेत्र में भी चोरी-छिपे रेत का अवैध उत्खनन लम्बे समय तक जारी रहा। इस विनाशलीला के चलते घड़ियालों का अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्त होने की कगार पर पहुँच गया।
क्षेत्र संचालक श्री भदौरिया ने केन नदी पर रेत के बड़े पैमाने पर होने वाले अवैध उत्खनन पर चिन्ता प्रकट करते हुये कहा कि केन नदी के किनारों पर रेत नहीं रह गई है। रेत के अभाव में घड़ियालों का लम्बे समय तक जीवित रह पाना बड़ा कठिन हो जाता है। केन घड़ियाल सेंचुरी,खजुराहो के आस-पास नदी के किनारों से रेत मिल ही नहीं रही, जो चिन्ता की बात है। केन घड़ियाल सेंचुरी में छोड़े गये घड़ियालों को अनुकूल व सुरक्षित परिस्थितियां मिलें, इसके लिये जरूरी उपाय किए जा रहे हैं, ताकि प्रजनन की प्रक्रिया बिना बाधा के जारी रहे। आपने बताया कि केन नदी में छोड़े गए घड़ियाल अभी दो से ढाई वर्ष की आयु के है। ये लगभग 8-10 वर्ष बाद प्रजनन के लिए तैयार हो जाएंगे। यानी घड़ियालों की नई पीढ़ी को आने में अभी काफी वक्त लगेगा।


जिले द्वारा मनरेगा अन्तर्गत कराये गये उत्कृष्ट कार्य के लिये किये गये प्रस्तुतीकरण एवं भारत सरकार द्वारा कराये गये सत्यापन उपरान्त पन्ना जिले का चयन महात्मा गांधी नरेगा अवार्ड 2019 हेतु किया गया है। अवार्ड वितरण का कार्यक्रम 19 दिसम्बर 2019 को सी सुब्रमन्यन हाल, नई दिल्ली में आयोजित है, जिसमें जिले के कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बालागुरू के. अवार्ड प्राप्त करने हेतु उपस्थित होंगे। निश्चित् रूप से राष्ट्रीय स्तर पर पुरूस्कार हेतु मध्यप्रदेश से पन्ना जिले का चयन होने पर जिले के लिये गौरव की बात है, जो जिले में बेहतर कार्य करने के लिये नई ऊर्जा का संचार करेगा।
गौरतलब है कि पन्ना जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अप्रैल 2007 से प्रारम्भ हुई। इस योजना के प्रारम्भ होने से जहां हितग्राही मूलक योजना अन्तर्गत 6974 कूपों के निर्माण के साथ साथ डीजल पम्प प्रदाय किये जाने से 10461 एकड़ सिंचित रकवे में वृद्धि हुई, जिस कारण से कृषि उत्पादन वृद्धि में अभूतपूर्व परिणाम सामने आये। साथ ही मनरेगा अभिसरण के माध्यम से 1175 सीमेन्ट कांक्रीट रोड का निर्माण हुआ, जिससे ग्रामवासियों के लिये आवागमन सुगम हुआ। जिले में प्रचलित विभिन्न कार्यो के अन्तर्गत वर्ष 2018.19 में 63114 परिवारों को 3116498 मानव दिवस रोजगार उपलब्ध कराया गया, जिसमें 1127707 मानव दिवस रोजगार महिलाओं को उपलब्ध कराया गया है। मनरेगा में प्रदान किये रोजगार में 36.19 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है।