* हाथों में तख्तियाँ और तिरंगा लेकर चल रहे थे लोग
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश भर में इन दिनों विरोध और समर्थन का दौर जारी है। इस कानून की खिलाफत तथा समर्थन करने वाले दोनों ही पक्षों के लोग सड़कों पर उतर कर अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त कर रहे हैं। सोमवार 13 जनवरी को पन्ना जिला मुख्यालय में भारतीय जनता पार्टी नेताओं की अगुवाई में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। पन्ना नागरिक परिषद् के तत्वाधान में निकली यह पदयात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुँचीं जहाँ नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा के नेता, जनप्रतिनिधि एवं प्रबुद्धजन शामिल रहे।
सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नागरिकता संशोधन अधिनियम के प्रति अपना पूर्ण समर्थन जताने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेतागण एवं नागरिक छत्रसाल पार्क के बाहर एकत्रित हुए। तत्पश्चात दोपहर करीब 1 बजे शहर में विशाल पैदल मार्च निकाला गया। जिसमें शामिल लोग सीएए के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने वाली तख्तियाँ, राष्ट्रीय ध्वज एवं लम्बी तिरंगा पट्टी को हाथों में पकड़कर चल रहे थे। देश भक्ति गीतों के बीच निकाले गए समर्थन जुलुस को देखने के लिए लोग अपने घरों के बाहर या फिर छतों पर आ गए। करीब तीन किलोमीटर का नगर भ्रमण कर तिरंगा यात्रा के कलक्ट्रेट पहुँचने पर कलेक्टर के प्रतिनिधि को सीएए के समर्थन में एक ज्ञापन सौंपा गया। तिरंगा यात्रा में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री कुसुम मेहदेले, भाजपा जिलाध्यक्ष रामबिहारी चौरसिया, जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज यादव, सतानंद गौतम, जयप्रकाश चतुर्वेदी, संजय नगायच, अमित गुप्ता, बृजेन्द्र गर्ग, निम्मी जैन, रामकरण द्विवेदी, दिलीप शिवहरे, राजकुमार वर्मा आदि भाजपा नेता शामिल रहे।
विपक्ष के बहकावे में ना आएँ
नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन करने वालों ने इसे मोदी सरकार का सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि, हमारे पड़ोसी देशों में जो भी अल्प संख्यक भाई अपनी धार्मिक आस्था या मान्यताओं के कारण अत्याचार-भेदभाव का शिकार हो रहे हैं उन्हें इस क़ानून के जरिए भारत की नागरिकता प्रदान की जायेगी। इस क़ानून में नागरिकता देने का प्रावधान है, किसी की नागरिकता लेने का नहीं हैं। भारत ने इस क़ानून के माध्यम से पहली बार पूरी दुनिया का ध्यान पाकिस्तान में अल्प संख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की ओर खींचा है। कुछ लोग विपक्षी दलों के बहकावे में आकर इस कानून का विरोध कर रहे हैं। इसलिए आज पूरा देश विपक्षी दलों की वोट बैंक की इस घटिया राजनीति को धिक्कार रहा है।
सीएए का समर्थन करने वालों ने कहा कि देश के नागरिकों को इस क़ानून के लागू होने से ज़रा भी घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि इससे उनकी नागरिकता पर कोई आँच नहीं आएगी। उल्लेखनीय गत दिनों भारतीय जनता पार्टी के द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में एक संगोष्ठी भी पन्ना जिला मुख्यालय में आयोजित की गई थी। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने नागरिकता संशोधन कानून के प्रावधानों पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुए लोगों को जागरूक किया था। साथ ही इस कानून का विरोध करने वाले विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला था।
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उल्लेखनीय है कि पवई क़स्बा के समीप बघाई मोड़ पर रहने वाली कुसुम बाई पत्नी मुलुआ चौधरी 55 वर्ष का खून से लथपथ शव बुधवार 8 जनवरी की सुबह उसी के खेत में पड़ा मिला था। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची पवई थाना पुलिस ने शव के समीप से वह कुल्हाड़ी भी बरामद की थी जिससे कुसुम बाई की हत्या की गई थी। घटना दिनाँक को कुसुम बाई अपने घर पर बहू माया बाई के साथ सोई थी, जबकि उसका पति मुलुआ चौधरी और पुत्र संजू चौधरी खेत की रखवाली करने के लिए खेत में बनीं झोपड़ी सोए हुए थे, जोकि घर के ही नजदीक स्थित है। बुधवार 8 जनवरी की सुबह माया बाई ने पति संजू चौधरी को फोन करके बताया कि घर के दरवाजे बाहर से बंद हैं, उसने पति को घर बुलाया कि वह आकर दरवाजे खोल दे। कुछ समय बाद दरवाजे खुलने पर माया बाई जब दिशा मैदान जाने के लिए निकली तो कुछ ही दूरी पर उसे खेत में सास कुसुम बाई मृत अवस्था में पड़ी मिली। कुसुम बाई 55 वर्ष की संदिग्ध मौत पर पवई थाना पुलिस के द्वारा अज्ञात अपराधी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 302, 201, 34 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया गया। अंधी हत्या को चुनौती के रूप में लेते हुए पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी के द्वारा इसके खुलासे के लिए एक टीम गठित की गई।


मंत्री श्री सिंह ने कहा कि पूरा विश्वास है कि इस फेस्टिवल का स्वरूप हर साल बढ़ता जायेगा। उन्होंने कहा कि अगले फेस्टिवल में प्रदेश की जनजातीय और धार्मिक कहानियों को भी बेहतर स्थान मिलेगा। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश माखनलाल चतुर्वेदी, राहत इंदौरी, हरिशंकर परसाई जैसी अनेक हस्तियों के लिये जाना जाता है।
श्री सिंह ने श्री वर्तुल सिंह की ‘भोपालनामा”, श्रेयांश दीक्षित की ‘व्हेन आई मेट माई सेल्फ”, डॉ. रीमा आहूजा की ‘प्री इन्डिपेंडेंस इण्डिया”, कु. ईशा वाश्यम दास की ‘मर्डर एट मूनलाइट कैफे एण्ड अदर स्टोरीज”, रघुराज राजेन्द्रम् की ‘थ्री एस एण्ड अवर हेल्थ” और बारह वर्ष की जुड़वा बहन भव्या और नव्या सिंह की ‘पोस्ट मिलेनियल टेल्स” पुस्तक का विमोचन किया।
कार्यक्रम में लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी, मसूरी के संचालक संजीव चौपड़ा ने कहा कि शहर की पहचान सिर्फ किलों और झीलों से ही नहीं, बल्कि वहाँ के साहित्य और लोगों के व्यवहार से भी प्रदर्शित होती है। गौरव चन्द्रा ने फेस्टिवल के आयोजन के संबंध में जानकारी दी। वरिष्ठ पत्रकार अभिलाष खाण्डेकर ने रायपुर स्मार्ट सिटी में बनाई गई अत्याधुनिक लायब्रेरी का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी लायब्रेरी भोपाल और इंदौर में भी बननी चाहिए। इस दौरान साहित्य और कला-प्रेमी दर्शक उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरूआत राष्ट्रगीत वन्दे-मातरम् से हुई। तत्पश्चात् मध्यप्रदेश गान हुआ। इस मौके पर स्वामी विवेकानन्द का शिकागो के ऐतिहासिक भाषण की रिकॉर्डिंग सुनाई गई। तत्पश्चात् सूर्य नमस्कार के तीन राउंड और अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका और भ्रामरी प्राणायाम हुए। अंत में राष्ट्र गान के साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का समापन हुआ।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुये उमा भारती ने कहा कि भाजपा मिस्डकाल और एसएमएस से बनी पार्टी नहीं अपितु संघर्ष, मेहनत और समॢपत कार्यकर्ताओं के पसीने से बनी है। इसलिये देश विरोधी कार्य करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ जहां कड़ी कार्यवाही होगी, वहीं देश की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले लोगों से नुकसानी की वसूली की जायेगी। उ.प्र. में इसकी शुरूआत की जा चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में जब देश का धर्म के आधार पर विभाजन हुआ उस समय मुसलमान भारत छोड़कर पाकिस्तान क्यों नहीं गये, क्योंकि वे जानते थे कि हिन्दुओं से अच्छा पड़ोसी और हिन्दुस्तान से अच्छा देश उन्हें कहीं नहीं मिलेगा। हम धर्म के मामले में उदार रहेंगे लेकिन राष्ट्र की एकता और अखण्डता के मामले में आक्रामक होंगे और राष्ट्र विरोधी लोगों को उखाड़कर फेकेंगे। सुश्री भारती ने कहा कि हम घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।





ट्रक क्रमांक एम.पी. 09 एच.एच. 6727 का शराब के नशे में वाहन चलाने पर प्रकरण तैयार कर न्यायालय पेश किया गया। न्यायालय द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालक को 11000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। वाहन चेकिंग की कार्यवाही में यातायात पुलिस थाना के प्रधान आरक्षक रामरतन गोस्वामी, प्रधान आरक्षक सज्जन प्रसाद, आरक्षक सुनील पाण्डेय, उमाशंकर सिंह, विक्रम बागले, दिलीप कुमार एवं चालक सत्येन्द्र सिंह शामिल थे।
