* पन्ना जिले के प्रवास पर आए नदी न्यास अध्यक्ष ने देखी केन नदी की दुर्दशा
* रेत का बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन होने से केन का सीना और कोख हुई छलनी
* करीब 40 किलोमीटर के क्षेत्र में जलीय जीवों और केन के कछार का विनाश
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाले मध्य प्रदेश नदी न्यास के अध्यक्ष महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबा ने माफियाओं को अपने चिरपरिचित अंदाज में आगाह करते हुए कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा माफिया अब संभल जायें क्योंकि यह शिवराज की सरकार नहीं कमलनाथ की सरकार है, गैरकानूनी काम करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नदी न्यास अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा ने यह बात पन्ना जिले में पत्रकारों से चर्चा में कही। कम्प्यूटर बाबा शनिवार 1 फ़रवरी को अपने दो दिवसीय प्रवास पर पन्ना पहुँचे। कुछ देर पन्ना में रुकने के बाद कम्प्यूटर बाबा जिले के अजयगढ़ तहसील क्षेत्र के दौरे पर रवाना हो गए। जहाँ उन्होंने केन नदी का अवलोकन किया और इस नदी में सप्ताह भर पूर्व तक संचालित रहीं पंचायतों की रेत खदानों भी मुआयना किया।

कम्प्यूटर बाबा ने अजयगढ़ जनपद क्षेत्र में रेत खदानों के निरीक्षण की शुरुआत मोहना खदान से की। इसके पश्चात उन्होंने चाँदीपाठी, रामनई, जिगनी आदि रेत खदानों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने मोहाना रेत खदान में नदी के किनारे वृक्षारोपण कर सरपंच को निर्देश दिए कि लगाए जा रहे वृक्षों की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी सरपंचों की है। इस दौरान नदी न्यास अध्यक्ष महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबा ने पत्रकारों से चर्चा में बताया कि नदियों की का दायित्व मुझे मिला है, इनकी सुरक्षा बनीं रहे और नदियों को नुकसान न हो इसका जायजा लेने आया हूँ। प्रदेश की नदियाँ कल-कल बहें मुख्यमंत्री कमलनाथ की यह मंशा है। इसके लिए पूरे प्रदेश की नदियों का दौरा कर उनके दोनों किनारों पर पौधरोपण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए जा रहे हैं। नदियों के किनारे हरियाली बनी रहे, वहाँ अवैध कटाई और रेत का अवैध खनन न हो यह सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
कम्प्यूटर बाबा ने जोर देते हुए कहा कि शासन की रेत नीति के अनुसार रेत का खनन होना चाहिए यदि रेत माफिया अवैध रूप से प्रतिबंधित मशीनों को नदी में उतारकर रेत निकालते है तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मीडिया के माध्यम से कम्प्यूटर बाबा ने माफियाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि आप संभल जाएँ यह शिवराज सरकार नहीं कमलनाथ की सरकार है, इसमें कोई भी हो चाहे वह रेत माफिया, भू-माफिया हो या फिर अपराधी हो उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा। पिछले दिनों पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन को रोकने के लिए की गई कार्रवाई को उन्होंने प्रभावी कार्यवाही बताते हुए इसके लिए कलेक्टर, एसपी और खनिज अधिकारी को बधाई दी और आगे भी इसी तरह कार्रवाई करने की बात कही है।
इसके पूर्व पन्ना के सर्किट हाउस में कम्प्यूटर बाबा ने कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के साथ वन एवं खनिज विभाग के अधिकारियों से जिले में नदियों के संरक्षण तथा अवैध रेत उत्खनन पर पूर्णतः पाबंदी लगाने के संबंध में चर्चा की। उल्लेखनीय है कि लंबे समय से बेतहाशा रेत खनन के दुष्परिणाम केन नदी में साफ़ दिखने लगे हैं। सदानीरा केन तेजी से बरसाती नदी में तब्दील हो रही है। दैत्याकार मशीनों के जबड़ों से नदी का सीना और कोख छलनी कर रेत निकाले जाने से केन की जल धारण क्षमता पर विपरीत असर पड़ा है। मोहाना से लेकर रामनई तक करीब 40 किलोमीटर में नदी का कछार पूरी तरह उजड़ चुका है। वहीं इस क्षेत्र में जलीय जीव भी गिनती के ही रह गए हैं।
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जिले के तहसील मुख्यालय गुनौर में 29 जनवरी को सीएए व एनपीआर के विरोध स्वरूप एक नुक्कड़ सभा आयोजित हुई। जिसमें नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत धर्म के आधार पर नागरिकता देने के प्रावधानों को देश के संविधान की मूल भावना के विपरीत बताते हुए इसे मोदी सरकार का विभाजनकारी कानून करार दिया गया। वक्ताओं ने अपने भाषण में कहा कि यह काला कानून है जोकि देश की धर्मनिरपेक्ष छवि पर चोट करता है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान और देश को इस कानून से बचाना बेहद जरुरी है, क्योंकि यह “आइडिया ऑफ़ इण्डिया” के खिलाफ है।
दलित नेता देवीदीन आशू ने कहा कि लगातार दो बार प्रचण्ड बहुमत प्राप्त कर सत्ता में आई केन्द्र की मोदी सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने में अब तक पूर्णतः विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार अपनी इस नाकामी को छिपाने और असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर धार्मिक-साम्प्रदायिक एजेण्डे को चला रही है। इसके पीछे मकसद राजनैतिक एवं चुनावी लाभ के लिए ध्रुवीकरण करना है। युवाओं को रोजगार, महंगाई को काबू करना, अर्थव्यवस्था में सुधार, कामगारों-किसानों की बेहतरी, विदेशों में जमा काले धन को वापिस लाने से मोदी सरकार को अब कोई सरोकार नहीं है।
नुक्कड़ सभा में एडवोकेट आनंद पटेल ने भी मोदी सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की। इनका आरोप है कि केन्द्र सरकार की गलत नीतियों एवं फैसलों के कारण वैश्विक स्तर पर भारत की साख लगातार तेजी से गिर रही है। विभिन्न सर्वेक्षणों में भारत की रेटिंग गिरने से देश की साख पर बट्टा लग रहा है। लेकिन, अहंकार और आत्ममुग्धता में डूबी केन्द्र सरकार इस सच्चाई से आँख फेर रही है। श्री पटेल ने कहा कि इस कारण स्थिति में सुधार तो होने से रहा, उल्टा हालात कहीं अधिक चिंताजनक हो सकते है।
नवगठित आंबेडकराईट पार्टी ऑफ़ इण्डिया (एपीआई) मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष देशपाल पटेल ने अपने उद्बोधन में बताया कि डीएनए टेस्ट के आधार पर एनआरसी को लागू करने की माँग व्यवहारिक है इससे वास्तविक बाहरी व्यक्तियों की पहचान संभव हो सकेगी और वैज्ञानिक तौर यह प्रमाणित भी हो जाएगा कि भारत के मूल निवासी कौन हैं। श्री पटेल का दावा है कि अनेकों अध्ययनों एवं डीएनए टेस्ट से यह साबित हो चुका है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदाय के लोग इस देश के मूल निवासी हैं। जबकि आर्य बाहर से भारत में आए थे।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज देश में जितने भी अल्पसंख्यक हैं उनके पूर्वज अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग से ही आते थे। कालान्तर में उन्होंने जाति एवं वर्ण व्यवस्था से बाहर आकर दूसरे धर्मों को स्वीकार कर लिया था। देशपाल पटेल ने कहा कि एनआरसी को लागू करने के पीछे सरकार का असल मकसद यदि वाकई बाहरी व्यक्तियों को देश से बाहर निकालना है तो फिर डीएनए टेस्ट इसमें काफी मददगार साबित हो सकता है। इसलिए एनआरसी को डीएनए टेस्ट के आधार पर लागू किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम को वरिष्ठ नेता रामकिशोर मिश्रा, शिवजीत सिंह, मीना सिंह यादव, मनीष मिश्रा, अनीष खान, लक्ष्मी दहायत, मुरारी लाल थापक, मंगला भाले, सत्यजीत सिंह, देवीप्रसाद दीक्षित, युसुफ बेग, संतोष तिवारी, धीरेन्द्र पाठक, विवेक व्यास आदि लोगो ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना के जिला कार्यक्रम अधिकारी ऊदल सिंह, शीला सिंह परिहार, सहायक संचालक ज्योति पाण्डेय, अशोक विश्वकर्मा, गौरव चंसोरिया, आशीष शर्मा, करूणा अवस्थी, पुरूषोत्तम जड़िया, डॉ.प्रमोद श्रीवास्तव, शशिकांत दीक्षित, रियासत खान, सुरेन्द्र सेन, राजेन्द्र कुमार धामी, गणेश जड़िया, पवन पाठक, महेश परमार, सुंदरलाल रैकवार, अज्जू गर्ग, जगतपाल सिंह, अक्षय जैन, पूनम मिश्रा, बहादुर सिंह, राजाबाबू पटेल, सुनील रजक, सत्यम उपाध्याय, छोटू त्रिपाठी, सौरभ रैकवार, अंकित पाराशर, सुनील अवस्थी, विमलेश सेन, रोहित शर्मा, सिद्धार्थ शर्मा, अनुराग मिश्रा, आनंद बाजपेयी, अलोक शर्मा, विकास तिवारी, प्रतीक परमार, निखिल, सुभांश तिवारी, कामता नगायच, सुंदरम गर्ग, राहुल तिवारी, शरद शर्मा, हीरालाल विश्वकर्मा सहित काफी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका उपस्थित रही। कार्यक्रम का सफल संचालन आयुषी चौरसिया द्वारा किया गया।
पन्ना एसडीओपी आर.एस. रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि कमलेश तिवारी अपने बच्चों और पत्नी को पन्ना जिले के ही सुनवानी थाना अंतर्गत स्थित ससुराल में छोड़ने के बाद वापस अपने गांव बिरवाही के लिये निकला था। लेकिन, वह घर नहीं पहुंचा। जब यह बात कमलेश के परिजनों और उनके ससुराल पक्ष को पता चली तो उनके द्वारा खोजबीन शुरू की गई साथ ही पुलिस थाना में भी गुमशुदगी की सूचना दी गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि कमलेश अपनी पत्नी और बच्चों को ससुराल लेकर अचानक इसलिये गया था क्योंकि कुछ दिन पूर्व गांव के ही एक युवक ने उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की थी। इस घटनाक्रम को लेकर वह काफी दुःखी था। छेड़खानी की रिपोर्ट पुलिस थाना में दर्ज कराई गई और आरोपी भी जेल जा चुका है। पन्ना एसडीओपी आर.एस. रावत का के अनुसार, फिलहाल यह बात सामने आई है कि बेटी के साथ हुई इस घटना से कमलेश शायद इतना अधिक आहत हुआ कि उसने आत्मघाती कदम उठाते फाँसी लगा ली। एसडीओपी श्री रावत का कहना इस घटना के हर पहलू की बारीकी से विस्तृत जाँच की जा रही है, जाँच में जो निष्कर्ष निकलेगा उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रगान, मार्चपास्ट के आयोजन के उपरांत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके परिजनों को शाल, श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इसके उपरांत नौनिहालों द्वारा आकर्षक पीटी का प्रदर्शन किया गया। आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। बच्चों के जज्बे को वहां उपस्थित सभी ने सलाम किया। इस अवसर पर एक हजार छात्र-छात्राओं द्वारा एक साथ पीटी का प्रदर्शन किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति शुरू की गयी इनमें कनिष्ठ वर्ग में सरस्वती उमावि पन्ना, लिस्यु आनन्द विद्यालय पन्ना एवं महर्षि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पन्ना द्वारा प्रस्तुति दी गयी। इसी प्रकार वरिष्ठ वर्ग में नेशनल पब्लिक स्कूल पन्ना, जवाहर नवोदय विद्यालय पन्ना, बालिका छात्रावास पन्ना द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गयी। वहीं खेल एवं युवक कल्याण में प्रशिक्षणरत बच्चों द्वारा मलखम्ब का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की झांकी का प्रदर्शन किया। इसमें आदिम जाति कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास, जिला शिक्षा केन्द्र, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, नगरपालिका, उद्यानिकी, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र आदि विभागों द्वारा आकर्षक झांकियां निकालकर लोगों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एवं गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत अक्षत कुमार खरे को राष्ट्रीय बालीबाल प्रतियोगिता, कु. कनिष्का शुक्ला टेबिल टेनिस, अरविंद यादव राष्ट्रीय बालरंग प्रतियोगिता के लिए पुरस्कृत किया गया। जिला पंचायत पन्ना से श्री बालागुरू के आईएएस एवं संजय सिंह परिहार प्रभारी अधिकारी मनरेगा को मनरेगा राष्ट्रीय सम्मान 2019, अशोक चतुर्वेदी उप संचालक सामाजिक न्याय को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा वयोश्रेष्ठ सम्मान 2019, सरपंच/सचिव ग्रारोस, उपयंत्री ग्राम पंचायत कल्दा एवं सरपंच/सचिव ग्रारोस उपयंत्री ग्राम पंचायत मोहन्द्रा को उत्कृष्ट गौशाला निर्माण, अवधेश मिश्रा एवं गौरीशंकर गुप्ता समन्वयक जनपद पंचायत पन्ना को उत्कृष्ट गौशाला निर्माण के लिए पुरस्कृत किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए मोती सिंह सहायक विकास विस्तार अधिकारी जनपद पंचायत शाहनगर, गौरीशंकर गुप्ता समन्वयक जनपद पंचायत पन्ना, गौरव सराफ सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को सीएम हेल्पलाईन की शिकायतों का निराकरण, कुलदीप द्विवेदी स्टेनो कलेक्टर आदेशों-निर्देशों का तत्परता से पालन, राधाकृष्ण गोस्वामी सहायक ग्रेड-3 उमावि पहाड़ीखेरा संकुल केन्द्रोें में लेखा का उत्कृष्ट संधारण करने पर पुरस्कृत किया गया।
परेड में सब इंस्पेक्टर निवास सिंह को प्रथम, सब इंस्पेक्टर कृष्ण मवाई एवं सब इंस्पेक्टर अंजली राजपूत को द्वितीय, सीनियर एनसीसी में अंडर आफिसर तरूण कुमार राय प्रथम, जूनियर डिवीजन एनसीसी में सर्जेन्ट घनश्याम यादव को द्वितीय, जूनियर एनसीसी छात्रा विंग में सर्जेन्ट नेहा रैकवार को प्रथम, रेडक्रास गल्र्स में आकांक्षा रजक को द्वितीय, गाईड दल में कु. अलमीन खातून को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। कनिष्ठ वर्ग में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लिस्यु आनन्द उमावि पन्ना को प्रथम, महर्षि उमावि पन्ना को द्वितीय तथा सरस्वती उमावि पन्ना को तृती स्थान प्राप्त हुआ। वरिष्ठ वर्ग में बालिका छात्रावास को प्रथम, जवाहर नवोदय विद्यालय एवं नेशनल पब्लिक स्कूल को संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। झांकी के प्रदर्शन में जिला पंचायत को प्रथम, टाईगर रिजर्व एवं महिला बाल विकास को संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान तथा जिला शिक्षा केन्द्र को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। सम्पन्न हुए कार्यक्रम में जिला अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार, गणमान्य नागरिक, आमजन, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम संचालन प्रो. विनय श्रीवास्तव, व्याख्याता प्रमोद अवस्थी तथा अध्यापिका मीना मिश्रा द्वारा किया गया।







इसी प्रकार जनपद पंचायत अजयगढ़ के ग्राम बीरा में पंचायत को आवंटित खदान का संचालन भी रेत माफिया अब तक धड़ल्ले से करते रहे हैं। इसके एवज में माफियाओं से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को कथित तौर पर लाखों रुपए एडवांस बतौर कमीशन देने होते हैं। एक वायरल वीडियो से बात का खुलासा हुआ है। वीडियो में कांग्रेस नेता एवं अजयगढ़ के जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय, पन्ना विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे दशरथ पहलवान, बीरा सरपंच जुगराज सिंह एवं रेत माफियाओं के बीच प्रशासनिक मैनेजमेंट की चर्चा हो रही है। इस वीडियो के सोशल मीडिया में वायरल होने से प्रदेश की कमलनाथ सरकार की अच्छी-खासी बदनामी हो रही है। वीडियो के माध्यम से पन्ना जिले के शीर्ष अधिकारियों के कथित संरक्षण में चल रही रेत की लूट का पर्दाफश होने के साथ अधिकारियों का रेट कार्ड भी मीडिया की सुर्ख़ियों में बना है। माना जा रहा है कि, रेत माफियाओं की बातचीत का वीडियो के वायरल होने से हो रही फजीहत के चलते ही बीरा खदान की ईटीपी तत्काल प्रभाव से बंद की गई है।
ग्राम बीरा नम्बर-3 खसरा नम्बर-1 रकवा 6.00 हेक्टेयर में संचालित पंचायत की रेत खदान के साथ-साथ वहाँ केन नदी में अन्य स्थानों से माफिया खुलेआम मशीनों से बड़े पैमाने पर रेत खनन कर रहे थे। बीरा से निकलने वाली अवैध रेत का परिवहन पंचायत की ईटीपी पर होता था। हालांकि शुक्रवार 24 जनवरी को पन्ना कलेक्टर के हस्ताक्षर से जारी ईटीपी बंद करने के आदेश में जिला प्रशासन द्वारा सरपंच ग्राम पंचायत बीरा एवं मोहाना के द्वारा रेत का गौण खनिज नियमों के तहत उत्खनन न करना, प्लान, सिया/डिया पर्यावणीय अनुमति के तहत एवं स्वीकृत आदेश/अनुबंध पत्र की निहित शर्तों का पालन न किए जाने पर तत्काल प्रभाव से स्वीकृत क्षेत्र खदान की ईटीपी बंद करने का उल्लेख किया गया है।
