अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए जाते शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेता।
* विक्रेताओं ने कलेक्टर के नाम सौंपा 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन
* मांगों का निराकरण न होने पर कामबंद हड़ताल की दी गई चेतावनी
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश सहकारिता कर्मचारी संघ जिला इकाई पन्ना के तत्वाधन जिले भर के शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं ने शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए अपने हितों से जुड़ीं मांगों पर शासन-प्रशासन का ध्यान का ध्यान आकृष्ट कराया है। इस संबंध में कलेक्टर के नाम 9 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें सार्वजानिक वितरण प्रणाली व्यवस्था की विसंगतियों तथा व्यवहारिक कठिनाइयों को इंगित किया गया है। गरीबों के राशन वितरण की व्यवस्था के बेहतर और पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन हेतु विक्रेताओं ने ज्ञापन में उल्लेखित अपनी मांगों पर तत्परता से अमल कराए जाने की बात कही है।
अल्प वेतनभोगी सेल्समैनों ने कई वर्षों से उनका पारिश्रमिक/वेतन का भुगतान न होने एवं वेतन विसंगति में सुधार कराने की मांग को प्रमुखता से उठाया है। समय पर पारिश्रमिक/वेतन न मिलने और उसमें भी विसंगति होने के कारण शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं का शोषण हो रहा है। जानकारों का मानना है कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के स्तर पर विक्रेताओं के वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित न होने और उसमें विसंगति की अराजकतापूर्ण व्यवस्था की वजह से ही गरीबों के राशन वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और अनियमितताएं होती हैं।
ये हैं मुख्य मांगें
सांकेतिक फोटो।
विगत दिवस पन्ना कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर जे. पी. धुर्वे को ज्ञापन सौंपकर विक्रेताओं ने मांग की है, सार्वजानिक वितरण प्रणाली में उपलब्ध पीओएस मशीनों में सर्वर की समस्या एवं नेट रिचार्ज की व्यवस्था की जाए। क्योंकि अल्प वेतनभोगी विक्रेता महंगे मोबाइल फोन चलाने और प्रतिमाह 250 रुपए से अधिक के रिचार्ज का भुगतान करने में असमर्थ हैं। जिले में संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों के कमरा किराए में वृद्धि की जाए एवं ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे मकान मालिक को किराया का मासिक भुगतान संभव हो सके। ज्ञापन में बताया गया है, खाद्यान्न सामग्री के वितरण में 8400+2400 रुपए कमीशन, खाली वारदाना की बिक्री राशि एवं क्षति अनुदान राशि समिति के खाते में प्राप्त होती है। जिसमें विक्रेताओं को 8400 रुपए की दर से प्रतिमाह पारिश्रमिक मिलना चाहिए। लेकिन अधिकाँश समितियों द्वारा इस राशि को अन्य खर्चों पर व्यय किया जाता है। यदि किसी विक्रेता को पारिश्रमिक दिया भी जाता है तो उसमें बंदरबाँट करने के बाद नाम मात्र की राशि उनके हिस्से में आती है। विक्रेताओं की मांग है कि पारिश्रमिक की राशि उनके खातों में डाली जाए ताकि आर्थिक शोषण को रोका जा सके। इसके अलावा तारण ऋण में सुधार कराने एवं पीडीएस पर बैंक द्वारा लगाए जाने वाले ब्याज की व्यवस्था को समाप्त कराने की मांग की गई है।
दोहरी नीति ने बढ़ाई परेशानी
विगत कुछ महीनों से शासकीय राशन दुकानों के खाद्यान्न आवंटन में जारी 30 से 50 प्रतिशत तक की कटौती को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अफसरों की दोहरी नीति से भी विक्रेता काफी परेशान और नाराज हैं। ज्ञापन में बताया गया है, खाद्यन्न में कटौती होने से जिले भर के विक्रेता पन्ना आकर प्रमाण दे रहे हैं कि सर्वर न मिलने, उपभोक्ता का फिंगर मैच न होने आदि कारण से उपभोक्ताओं को खाद्यान्न वितरण रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराकर दिया जा रहा है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अफसरों ने ही उन्हें मौखिक तौर पर यह आदेश दिए हैं कि दुकान से पात्र उपभोक्ता बगैर राशन के खाली हाथ नहीं लौटना चाहिए। दूसरी तरफ ऑफलाइन राशन वितरण पर अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। ऐसी स्थिति में राशन में कटौती करके उन्हें कई तरह से परेशान किया जा रहा। विक्रेता इस पर सवाल उठाते हुए पूँछ रहे है, इन विरोधाभासी परिस्थितियों में वे उचित मूल्य दुकान का सही तरीके से संचालन कैसे कर पाएंगे ?
ये रहे शामिल
अपने हितों के संरक्षण के लिए ज्ञापन सौंपने वाले विक्रेताओं में मुख्य रूप से पवन गर्ग, देवराज त्रिवेदी, संजू रावत, प्रमोद शर्मा, गोकुमार चनपुरिया, नारायण सिंह, रामप्रताप मिश्रा, नरेन्द्र बड़गैयाँ, सनत मिश्रा, राजेश मिश्रा, रामप्रताप तिवारी, कुंजबिहारी शर्मा, विनोद चतुर्वेदी, भूपेन्द्र गुप्ता, सुशील त्रिपाठी, हर्षवर्धन सिंह, रामावतार विश्वकर्मा, टीकाराम यादव, अशोक उपाध्याय, जगदीश पाठक, धर्मेन्द्र सिंह, रामबिहारी दुबे, अतुल खरे, अमर सिंह, दुलीचन्द्र, संत कुमार वर्मा, राकेश कुमार पटेल, अरुण कुमार पटेल, दिनेश शर्मा, किशनू प्रसाद पटेल सहित अन्य विक्रेता शामिल थे। ज्ञापन की प्रतियां आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री, सहकारिता मंत्री, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री, पंजीयक सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थायें पन्ना समेत अन्य को भेजा गया है। विक्रेताओं ने ज्ञापन में उल्लेखित मांगों का निराकरण न होने पर कामबंद करने की चेतावनी दी है।
संयुक्त कर्मचारी परामर्शदात्री समिति की बैठक में उपस्थित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी।
* पन्ना में संयुक्त कर्मचारी परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न
* कलेक्टर बोले, अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें
पन्ना। (www.radarnews.in) कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में विभिन्न कर्मचारी संगठनों एवं अधिकारियों के साथ संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर श्री शर्मा ने कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया किअधिकारियों-कर्मचारियों की शासन से जुड़ी समस्याओं का निराकरण नियमानुसार किया जाएगा। सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करें।
बैठक में तहसील कार्यालयों में कार्यरत पटवारियों को समयमान वेतनमान एवं अन्तर राशि के भुगतान के संबंध में संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अंशदायी पेंशन योजना के कर्मचारियों के अंशदान का लेखा-जोखा के संबंध में निर्देश दिए गए कि प्रत्येक कर्मचारी अपने आईडी एवं पासवर्ड से जानकारी निकालकर स्वयं अपने पास संधारित कर लें। प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को अपने सेवा संबंधी दस्तावेजों को अपने पास रखकर स्वयं अद्यतन कराया जाना चाहिए। शिक्षकों से संबंधित सेवा अभिलेखों को अद्यतन कराए जाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि संकुल स्तर पर शिविर लगाकर शिक्षकों के सेवा अभिलेखों को अद्यतन कराया जाए।
गुरूजी के पदों को शिक्षक संवर्ग में संविलियन करने के लिए शासन से निर्देश प्राप्त होते ही संविलियन कार्यवाही की जाएगी। सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारी अपने पेंशन प्रकरण को ऑनलाइन तैयार कर कोषालय मेें प्रस्तुत करें। जिससे समय पर सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी के स्वयत्तों का भुगतान पीपीओ जारी हो सकें। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन कर्मचारियों के वेतन निर्धारण का सत्यापन नही हो पाया है उनकी सेवा पुस्तिकाएं जिला पेंशन कार्यालय में प्रस्तुत कर कमियों की जानकारी प्राप्त कर उन्हें पूरा करें। जिससे सत्यापन की कार्यवाही पूरी हो सके।
बैठक में पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा प्रस्तुत एजेण्डे से संबंधित सभी कार्यवाहियां पूर्ण हो चुकी हैं। इसी प्रकार अनुसूचित जाति-जनजाति संघ तथा अपाक्स संघ के पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि उनके संघ से संबंधित सभी बिन्दुओं पर कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है। सम्पन्न हुई बैठक में अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे, जिला प्रमुख एवं विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सलेहा थाना पुलिस टीम की अभिरक्षा में आरोपी उपेन्द्र प्रजापति। फाइल फोटो
* जंगल में बंधक बनाकर जबरन किया था गलत काम
* पन्ना जिले के सलेहा थाना अंतर्गत कल्दा पठार क्षेत्र की घटना
पन्ना/सलेहा। (www.radarnews.in) पवित्र रिश्ते को कलंकित करते हुए रिश्ते की भतीजी को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले आरोपी उपेन्द्र प्रजापति पिता राम सहाय प्रजापति निवासी ग्राम जनपुरा, थाना सलेहा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नाबालिग किशोरी के साथ जबरन दुष्कर्म किए जाने की सूचना मिलने पर सलेहा थाना प्रभारी निरंकार सिंह द्वारा मामले की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए तत्परता से कार्यवाही कर आरोपी उपेंद्र प्रजापति को 24 घण्टे के अंदर ही पकड़ लिया था। गुरुवार 2 जनवरी को उसे पन्ना न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
बनियान से बाँध दिए थे हाथ
सांकेतिक फोटो।
सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली बालात्कार की घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार 31 दिसम्बर 2019 को नाबालिग के माता-पिता बैंक से रुपए निकालने के लिए जनपुरा से सलेहा आए थे। इस बीच दोपहर में करीब 1 बजे नाबालिग अपनी बहिन के साथ लकड़ी बीनने के लिए जंगल चली गई। भैंसहाई हार में 13 वर्षीय नाबालिग को अकेला पाकर गांव के ही रिश्ते के चाचा उपेन्द्र प्रजापति 25 वर्ष के अंदर का शैतान जाग उठा। उपेन्द्र ने पीछे से आकर नाबालिग को बुरी नियत से पकड़ लिया और फिर अपनी बनियान से उसके दोनों हाथ पीछे की तरफ बाँध दिए। उपेन्द्र के नापाक इरादों को भांपकर किशोरी चीखने-चिल्लाते हुए उससे रहम की भीख मांगती रही लेकिन कामान्ध हैवान ने उसकी एक न सुनीं। नाबालिग को जमीन में पटककर वहशी ने उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला। दुष्कर्म पीड़िता डरी-सहमी किसी तरह अपने घर पहुँची और माता-पिता के वापिस लौटने तक घर में ही लेटी रही।
रो-रोकर माँ को बताई आपबीती
सांकेतिक फोटो।
बैंक से रुपए मिलने में आई समस्या के चलते नाबालिग की माँ और पिता सलेहा के ही नजदीक कटरा ग्राम में स्थित नाना के घर पर रुक गए थे। अगले दिन दोपहर करीब 3 बजे दंपत्ति जब अपने घर पहुंचे तो देखा नाबालिग किशोरी चारपाई पर कम्बल ओढ़कर सो रही थी। माँ ने जब बेटी का हालचाल जाना तो वह फूट-फूटकर रोने लगी। हैरान-परेशान माँ ने बेटी को संभालते हुए इस तरह अचानक रोने का सबब पूँछा तो बलात्कार पीड़िता द्वारा सिलसिलेवार पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई। आनन-फानन में पीड़िता की माँ के द्वारा डायल-100 पर पुलिस को सूचना दी गई। कुछ देर बाद बेटी के साथ सलेहा पहुंचकर स्थानीय पुलिस थाना में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपी उपेन्द्र प्रजापति के विरुद्ध अपराध क्रमांक 344 /19 धारा 376, 342, 506 भादवि 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर मामले की विवेचना में लिया गया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी उपेन्द्र प्रजापति को 24 घण्टे में गिरफ्तार कर लिया।
* विशेष न्यायाधीश जिला पन्ना अनुराग द्विवेदी ने सुनाया फैसला
* रिश्वत के लिए दबाब बनाने फरियादी को थाना में बैठा लेता था प्रधान आरक्षक
पन्ना। (www.radarnews.in) आपराधिक प्रकरण का चालान न्यायालय में पेश करने के एवज में प्रकरण के आरोपी से 800 रूपये की रिश्वत लेने के मामले में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जिला पन्ना अनुराग द्विवेदी ने फैसला सुनाते हुए प्रधान आरक्षक राजेन्द्र गर्ग को दोषी मानकर विभिन्न धाराओं के तहत 4-4 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने घूसखोर प्रधान आरक्षक को 10 हजार रूपये का अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है। अर्थदण्ड की राशि अदा न करने पर अभियुक्त को 1 वर्ष के अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना पड़ेगा।
प्रकरण के संबंध में जानकारी देते हुये सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना कपिल व्यास ने बताया, दिनांक 16 सितम्बर 2015 को फरियादी कृपाल कुशवाहा पिता मुल्ला कुशवाहा 45 वर्ष निवासी ग्राम बिल्हा तहसील व थाना अमानगंज,जिला पन्ना ने रिश्वत मांग संबधी एक शिकायती पत्र पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर को दिया था। पत्र के माध्यम से कृपाल कुशवाहा ने बताया था उसके विरुद्ध एक झूठा प्रकरण थाना अमानगंज में कायम है। जिसमें सभी धाराएं जमानती है किंतु न्यायालय में चालान पेश करने के लिए थाना अमानगंज में पदस्थ प्रधान आरक्षक राजेन्द्र गर्ग उससे 4000 रूपये मांग रहा है। गरीब मजदूर कृपाल कुशवाहा द्वारा शिकायती पत्र में बताया गया कि रुपए नहीं देने पर प्रधान आरक्षक राजेन्द्र गर्ग रोजाना उसे थाने में दिनभर बैठाकर रखते है और शाम को छोड़ देते है। उसे दिनांक 17 सितम्बर 2015 को सुबह 10 बजे पैसे लेकर थाना बुलाया गया। कृपाल ने अपने शिकायती आवेदन पत्र में उल्लेख किया, मैं प्रधान आरक्षक राजेन्द्र गर्ग रुपए नहीं देना चाहता हूं बल्कि उसे रिश्वत लेते हुये रंगे हाथ पकड़वाना चाहता हूं।
शिकायत के सत्यापन के लिये कार्यालय पुलिस अधीक्षक,लोकायुक्त सागर के द्वारा एक डिजीटल व्हाइस रिकार्डर कृपाल को दिया गया। दिनांक 17 सितम्बर 2015 उसने अमानगंज थाना पहुंचकर प्रधान आरक्षक के साथ हुई रिश्वत की मांग संबंधी बातचीत को रिकार्ड कर लिया। बातचीत के दौरान आरोपी राजेन्द्र गर्ग रिश्वत में 800 रूपये की रिश्वत लेने के लिए सहमत हो गया तथा रिश्वत राशि लेकर अगले दिन थाना अमानगंज बुलाया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत कृपाल ने 18 सितम्बर 2015 को थाना परिसर अमानगंज में पहुंचकर रिश्वत के 800 रूपये जैसे ही प्रधान आरक्षक राजेन्द्र गर्ग को दिए तभी अगले ही पल लोकायुक्त पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में आरोपी के विरूद्ध धारा 7,13(1) डी, 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अपराध क्र.436/15 में आरोपी को गिरफ्तार किया। प्रकरण में विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
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अभियोजन के द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और न्यायिक-दृष्टांतों के आधार पर, विशेष न्यायालय ने आरोपी प्रधान आरक्षक राजेन्द्र गर्ग को दोषी पाया। न्यायालय से अभियोजन के द्वारा आरोपी को कठोर से कठोर दंड से दंडित किये जाने का निवेदन किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्को से सहमत होते हुये अभियुक्त प्रधान आरक्षक राजेन्द्र गर्ग पिता स्व. श्री रामविश्वास गर्ग, उम्र 58 वर्ष टिकुरिया मोहल्ला पन्ना जिला पन्ना (म.प्र.) को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 में 4 वर्ष का सश्रम कारावास और 5000 रूपये का अर्थदण्ड व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) डी, सहपठित 13(2) में. 4 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी, पन्ना प्रवीण कुमार सिंह द्वारा की गई।
* राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस 11 जनवरी से होगा एम.डी.ए. कार्यक्रम का आयोजन
* मध्यप्रदेश में छतरपुर के बाद पन्ना जिले में हैं फायलेरिया के सर्वाधिक मरीज
* गर्भवती माताओं, गंभीर बीमार व्यक्तियों को फायलेरिया रोधी दवा का नहीं करना है सेवन
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी ने बताया है कि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस (16वां एम.डी.ए.) कार्यक्रम 11 जनवरी 2020 से जिले में आयोजित किया जाना है जिसमें दो वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को सामूहिक रूप से फाइलेरिया रोधी दवा (डी.ई.सी एवं एलवेन्डाजोल) का सेवन कराया जाना है। केवल गर्भवती माताओं, अतिवृद्ध और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को फायलेरिया रोधी दवा का सेवन नहीं कराना है। पन्ना जिले में माॅप अप राउंड 12 जनवरी एवं 13 जनवरी 2020 को आयोजित होगा। जिसमें दवा सेवन से छूटे हुये लोगों को पुनः घर-घर जाकर दवा सेवकों द्वारा अपने सामने दवा सेवन कराया जावेगा। जिले में दो वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों की अनुमानित संख्या 1072705 है। जिन्हें यह दवा खिलाने के लिये लगभग तीन हजार नौ सौ दवा सेवक एवं तीन सौ नब्बे सुपरवाइजर की ड्यूटी लगाई गयी है।
जिले के 17 गाँव हाईरिस्क श्रेणी में
सांकेतिक फोटो।
उन्होेंने बताया कि पन्ना जिले में फायलेरिया के 1613 मरीज पंजीकृत है। जिनमें से 875 मरीज अंडकोष में सूजन या हाईड्रोसिल और 738 मरीज हाॅथी पांव या लिम्फेडिमा के है। जिले में 17 हाईरिस्क ग्राम-नगर है जिनमें से सबसे ज्यादा 09 ग्राम अजयगढ़ में है। हाईरिस्क ग्राम-नगरों में इस वर्ष विशेष अधिकारियो की ड्यूटी लगाई जावेगी। सम्पूर्ण जिले में ग्राम अभ्युदय दलों के माध्यम से 100 प्रतिशत दवा सेवन का लक्ष्य रखा गया है। जिसकी सफलता नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, शासकीय सेवकों, स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग पर निर्भर है। प्रदेश में फायलेरिया बीमारी की दृष्टि से जिले का स्थान छतरपुर के पश्चात दूसरे क्रम पर है।
दवा का नहीं कोई भी दुष्प्रभाव
जिला मलेरिया एवं फायलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि फायलेरिया बीमारी गन्दे पानी, नालियों में पनपने वाले संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होती हैं। यदि सात से आठ वर्ष तक सभी लोग फाइलेरिया की दवा का वर्ष में एक बार सेवन करें तो फाइलेरिया बीमारी के नये प्रकरणो को प्रकट होने से रोका जा सकता है। यह दवा एक तरह से टीका है जो कि एक वर्ष तक फायलेरिया के कृमि से सुरक्षा देती है। फाइलेरिया की दवा डी.ई.सी. और अल्वेन्डाजोल का उम्र के अनुसार सेवन करने पर कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होते यह पूर्ण रूप से सुरक्षित दवा है केवल ऐसे लोग जिनके शरीर मे फायलेरिया के कृमि पहले से ही मौजूद होते है उन्हे इस गोली को खाने से हल्का बुखार आ सकता है। जो बिना किसी उपचार के स्वतः ठीक हो जाता है ऐसे लोगों को 12 दिन की दवा देना पड़ती है जिससे फायलेरिया का उपचार हो जाता है।
भोजन के बाद करें दवा का सेवन
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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी व जिला मलेरिया एवं फायलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत ने पन्ना जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि आपके घर में 11 से 13 जनवरी 2020 को स्वास्थ्य कार्यकर्ता पहुुंचेगें। जिनमें आशा, आँगनवाडी कार्यकर्ता और स्वयंसेवी सम्मिलित है। भोजन के पश्चात फायलेरिया रोधी दवा का सेवन इन्ही कार्यकर्ताओं के समक्ष अवश्य करें तथा अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी प्रदान करें। जिससे कि पन्ना जिले को फायलेरिया बीमारी से बचाया जा सके।
जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने बुजुर्गों के लिए डे-केयर सेन्टर का शुभारंभ किया।.
भोपाल। (www.radarnews.in) प्रदेश के जनसम्पर्क एवं धर्मस्व मंत्री पी.सी.शर्मा ने आज बुजुर्गों के लिए बनाए गए डे केयर सेंटर का विवेकानंद पार्क, कोटरा में शुभारंभ किया। यह प्रदेश का पहला डे केयर सेंटर है, जिसमें बुजुर्गों के लिए पुस्तकालय, मनोरंजन के लिए टीवी सेट, शतरंज, केरम आदि सुविधाएं उपलब्ध करवायी गयी है। मंत्री श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिकों को नव-वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अन्य बस्तियों में भी डे-केयर सेंटर शुरू किये जाएंगे। इस अवसर पर पार्षद योगेन्द्र सिंह चौहान, मोनू सक्सेना, अमित शर्मा और रहवासी मौजूद थे।
कर्मचारी आयोग के सदस्य श्री खोंगल को बधाई
मंत्री श्री शर्मा ने मंत्रालय में कर्मचारी आयोग के सदस्य वीरेन्द्र खोंगल के कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। वित्त सचिव गुलशन बामरा ने श्री खोंगल को कार्यभार ग्रहण कराया। श्री शर्मा ने मंत्रालय में विधि-विधायी कार्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को नव-वर्ष की शुभकामनाएँ दीं।
स्वामी स्वरूपानंद और सुबोधानन्द जी से मिले
जनसम्पर्क एवं धर्मस्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने नव-वर्ष पर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद एवं नदी न्यास के अध्यक्ष सुबोधानन्द से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्री शर्मा मंत्रालय में अधिकारियों-कर्मचारियों से भेंट कर नव-वर्ष की शुभकामनाएँ दी।
स्मार्ट रोड का किया लोकार्पण
जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने माता मंदिर से न्यू मार्केट स्मार्ट रोड का लोकार्पण किया।
मंत्री पी.सी.शर्मा ने आज माता मंदिर चौराहे से न्यू मार्केट स्मार्ट रोड का लोकार्पण किया। स्मार्ट सिटी एरिया में किए जा रहे डेवलपमेंट कार्य के चलते इस सड़क को कुछ समय के लिए बंद किया गया था। श्री शर्मा ने इसके पूर्व नेहरू नगर में कोपल स्कूल के सामने सड़क निर्माण का भूमि पूजन भी किया।
धानुक समाज के पदाधिकारियों को दिलाई शपथ
जनसम्पर्क एवं धर्मस्व मंत्री पी.सी.शर्मा ने आज शिवाजी नगर स्थित परशुराम मंदिर में धानुक समाज विकास समिति के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। समाज की ओर से मंत्री श्री शर्मा का शाल श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया।
भोपाल। (www.radarnews.in) राज्य शासन द्वारा 18 नगरीय निकायों में प्रशासक नियुक्त कर दिये गये हैं। इन निकायों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। प्रशासक नगरीय निकाय का कार्यकाल समाप्त होने की तिथि से आम निर्वाचन सम्पन्न होने और नई परिषद द्वारा कार्यभार ग्रहण करने तक के लिये नियुक्त किये गये हैं।
नगरपालिक निगम सागर के लिये संभागीय आयुक्त सागर, नगरपालिका परिषद बीना-इटावा के लिये अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बीना-इटावा, खुरई के लिये अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खुरई, रहली के लिये अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रहली, गढ़ाकोटा के लिये अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गढ़ाकोटा, नगरपालिका परिषद देवरी के लिये अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) देवरी, नगर परिषद राहतगढ़ के लिये अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़, शाहपुर के लिये अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शाहपुर, बंडा के लिये अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बंडा और नगर परिषद शाहगढ़ के लिये अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शाहगढ़ को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
इसी तरह नगरपालिक निगम सतना के लिये कलेक्टर सतना, नगरपालिक निगम रीवा के लिये संभागीय आयुक्त रीवा, नगरपालिक निगम सिंगरौली के लिये कलेक्टर सिंगरौली, नगर परिषद नौरोजाबाद के लिये अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नौरोजाबाद और नगर परिषद चंदिया के लिये अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) चंदिया को प्रशासक नियुक्त किया गया है। नगरपालिक निगम कटनी के लिये कलेक्टर कटनी, नगरपालिक निगम देवास के लिये कलेक्टर देवास और नगरपालिक निगम रतलाम के लिये कलेक्टर रतलाम को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
पन्ना टाईगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत अज्ञात युवा बाघ का कंकाल। फ़ाइल फोटो।
* टाईगर की मौत का 15-20 दिन बाद चला पता
* पन्ना टाईगर रिजर्व की पन्ना कोर रेन्ज अंतर्गत रमपुरा बीट की घटना
* क्षेत्र को लेकर बाघों के बीच आपसी संघर्ष में मौत होने की संभावना
* रमपुरा बीट अंतर्गत करीब 6 माह पूर्व पकड़े गए थे मछलियों के शिकारी
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना टाईगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में वनरक्षक के कैम्प के समीप झाड़ियों में बाघ का कंकाल मिला है। नव वर्ष के आगाज से महज कुछ घण्टे पहले आई इस बुरी खबर से पार्क प्रबंधन में हड़कम्प मचा है। पन्ना कोर रेन्ज की रमपुरा बीट के कक्ष क्रमाँक- 1355 में शनिवार 31 दिसम्बर की सुबह मिला अज्ञात बाघ का कंकाल करीब 15-20 पुराना बताया गया है। बाघ की मौत कब, कैसे व किन परिस्थितियों में हुई, फिलहाल इसका खुलासा नहीं हो सका है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र के लिये हुये आपसी संघर्ष में बाघ की मौत हुई होगी। पार्क प्रबंधन की आशंका को यदि सच मान भी लिया जाए तब भी वनरक्षक के कैम्प के नजदीक हुई इस घटना का पता इतनी अधिक देरी से चलना पार्क के कोर एरिया में बाघों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की अत्यंत ही लचर स्थिति को उजागर करता है।
करीब 2 वर्ष पूर्व पार्क के कोर क्षेत्र में ही रेडियो कॉलर वाली एक युवा बाघिन का शिकार हुआ था। इसकी भनक भी काफी देर से लगी थी। इन दोनों घटनाओं पर गौर करने से पता चलता है, पन्ना टाईगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में ही बाघों की निगरानी सही तरीके से नहीं हो रही है और वे इस कड़ी सुरक्षा वाले इलाके में ही महफूज नहीं हैं। इन हालात पार्क के बफर क्षेत्र एवं इससे सटे सामान्य वन क्षेत्रों में विचरण करने वाले बाघ कितने सुरक्षित होंगे इसका स्वतः ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
इसी गेट से होकर जाता है ग्राम रमपुरा का रास्ता, जहाँ बाघ का कंकाल मिला।
क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पन्ना कोर परिक्षेत्र के बीट रमपुरा कक्ष क्रमाँक- 1355 में गश्त के दौरान जमुनहाई तलैया के पास लेन्टाना की झाडिय़ों में बाघ का कंकाल पाया गया है। सूचना प्राप्त होते ही परिक्षेत्र अधिकारी पन्ना कोर, उप संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व तथा क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया मौके पर पहुँचे। डॉग स्क्वाड को मौके पर बुलाकर सॄचग करवाई गई। पार्क प्रबन्धन के मुताबिक मौके पर अवैध गतिविधि के कोई चिह्न नहीं पाये गये। बताया गया है कि यह वन क्षेत्र बाघ पी-111 का इलाका है, यहां लम्बे समय से इस बाघ की मौजूदगी देखी गई है। जहां बाघ का कंकाल मिला है उसके आस-पास ताजे पगमार्क भी पाये गये हैं।
पार्क के आला अधिकारियों द्वारा मौके पर उपस्थित वनकर्मियों से पूछताछ की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि इस क्षेत्र में बाघिन टी-2 के शावक पी-261, पी-262 एवं पी-263 विचरण करते थे। इन तीनों शावकों की आयु लगभग 3 से 4 वर्ष के आस-पास थी, जो जवानी की दहलीज पर थे और अपनी टेरिटरी बनाने के लिये अनुकूल वन क्षेत्र की तलाश कर रहे थे। इन तीनों ही बाघ शावकों को रेडियो कॉलर नहीं पहनाया गया था, फलस्वरूप उनके मूवमेन्ट की जानकारी वन अमले को नहीं हो पाती थी। क्षेत्र संचालक द्वारा वनकर्मियों से चर्चा के उपरान्त यह संभावना व्यक्त की गई है कि अपनी टेरीटोरी बनाने के चक्कर में बाघ पी-111 से हुये आपसी संघर्ष में उक्त बाघ की मृत्यु हुई होगी। मृत बाघ टी-2 की छठवीं लिटर की तीन सन्तानों में से कोई एक प्रतीत होता है।
सैम्पल लेकर जलाया कंकाल
पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया ने बताया कि मौके पर बाघ के सभी अवयव केनाइन, नाखून व हड्डी पाई गई हैं। आपने यह भी बताया कि मौत होने की घटना लगभग 15-20 दिन पुरानी प्रतीत होती है। मृत बाघ की बॉडी पोस्टमार्टम योग्य न होने से वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार गुप्ता द्वारा मात्र परीक्षण किया गया तथा सेम्पल एकत्रित किये गये। मृत बाघ के कंकाल का परीक्षण करने के उपरान्त क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया, उप संचालक, वन्य प्राणी चिकित्सक, परिक्षेत्र अधिकारी पन्ना कोर, प्रतिनिधि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण एवं अन्य स्टाफ की उपस्थिति में जब्त किए गए बाघ के कंकाल को जलाकर नष्ट कर दिया गया है।
मैदानी अमला और अफसर बेपरवाह !
ग्राम रमपुरा में स्थित वनरक्षक नाका सह आवास के समीप मिला बाघ का कंकाल।
अज्ञात बाघ का कंकाल जिस स्थान पर मिला है वह जंगल के अंदर स्थित रमपुरा ग्राम से बमुश्किल एक-डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव में ही रमपुरा बीट के वनरक्षक का कैम्प (आवास) स्थित है। गौर करने वाली बात है, बीटगार्ड आवास के इतने करीब बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के 15-20 दिन तक यदि वनकर्मियों व अधिकारियों को इसकी भनक न लगे तो मामला बेहद गंभीर और चिन्ताजनक हो जाता है। क्योंकि, करीब 6 माह पूर्व रमपुरा बीट अंतर्गत ही रमपुरा तालाब के पानी में कथित तौर पर अज्ञात अपराधियों द्वारा जहर घोलने के कारण बड़े पैमाने पर मछलियां मरीं थीं। रात के अंधेरे में कुछ शिकारियों को मृत मछलियों को अवैध तरीके से पकड़ते हुए वनकर्मियों द्वारा मौके से गिरफ्तार किया गया था। इस तालाब का पानी इलाके में विचरण करने वाले बाघ सहित दूसरे वन्य प्राणी पीते हैं। रमपुरा क्षेत्र में सशस्त शिकारियों की घुसपैठ की हैरान करने वाली घटना के बाबजूद मैदानी वन अमले एवं पार्क के कथित जिम्मेदार अधिकारियों ने निगरानी तंत्र को मजबूत बंनाने और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने पर जरा भी ध्यान नहीं दिया। इलाके में बाघ का कंकाल मिलने का सनसनीखेज ताजा मामला इस बात का प्रमाण है।
उजड़ सकता है बाघों का संसार
सांकेतिक फोटो।
पार्क प्रबंधन द्वारा बाघों की सुरक्षा को लेकर हद दर्जे की लापरवाही बरती जा रही है। यह सब ऐसे समय पर हो रहा है जबकि पन्ना जिले में वन्यजीवों के शिकार एवं वन क्षेत्रों में अवैध कटाई की घटनाएं चिंताजनक तेजी से बढ़ रहीं है। विगत 2 वर्ष से पन्ना टाईगर रिजर्व के आस-पास बफर जोन व इससे सटे सामान्य वन क्षेत्रों में वन्य प्राणियों के शिकार के कई मामले प्रकाश में आये हैं। जिनमें करीब एक दर्जन तेंदुओं के शिकार की घटनायें भी शामिल हैं। पन्ना जिले के जंगलों में लम्बे समय से सक्रिय शिकारी गिरोहों एवं वन्य जीव तस्करों ने यहाँ चप्पे-चप्पे पर अपना जाल बिछा रखा है। परिणामस्वरूप शिकार की लगातार घटित हो रही घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुये पार्क प्रबंधन को अपने निगरानी तंत्र को मजबूत व चौकस रखना चाहिए। लेकिन धरातल पर हालात बद से बद्तर होते जा रहे हैं। इसी तरह की लापरवाही और अनदेखी के चलते 10 वर्ष पूर्व पन्ना टाईगर रिजर्व बाघ विहीन हुआ था, जिसे करोड़ों रुपए खर्च कर अथक श्रम से पुनः आबाद किया गया। जानकारों का मानना है, बाघों की सुरक्षा को लेकर यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पन्ना टाईगर रिजर्व के एक बार फिर बाघ विहीन होने का खतरा बढ़ सकता है।
* गर्मी के मौसम में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने लगाए जायेंगे हैण्डपम्प
भोपाल। (www.radarnews.in) प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे ने कहा है कि राज्य सरकार की नई पेयजल नीति से गर्मी के मौसम में बड़े गाँवों के साथ छोटे गाँव भी नल-जल योजना से लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि नई नीति में छोटे और दूर-दराज के गाँवों में नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। श्री पांसे ने बताया कि जिन बसाहटों में गर्मी के मौसम में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मान से पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाता है, उनमें नए हैण्डपम्प लगाए जायेंगे।
300 मीटर पर एक पेयजल स्त्रोत
मंत्री श्री पांसे ने बताया कि नई पेयजल नीति में बसाहटों के हित में आवश्यक बदलाव किये गये हैं। इनके मुताबिक बसाहट में न्यूनतम 300 मीटर के दायरे में कम से कम एक शासकीय पेयजल स्त्रोत उपलब्ध कराया जायेगा। पूर्व में बसाहट के 500 मीटर के दायरे में एक पेयजल स्त्रोत उपलब्ध कराने की व्यवस्था थी।
पन्ना में धरम सागर तालाब किनारे स्थित यादवेन्द्र क्लब का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
पन्ना। (www.radarnews.in) नगर के साप्ताहिक रविवारीय बाजार की व्यवस्था सुधारने में नाकाम प्रशासन और नगर पालिका परिषद् ने अब इसे सिविल लाइन क्षेत्र में शिफ्ट करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। कलेक्टर ने इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी पन्ना ओ. पी. दुबे को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। नगर को साफ़-स्वच्छ- सुन्दर बनाए रखने और आमजन एवं व्यापारियों की सुविधा की दृष्टि से साप्ताहिक बाजार को शिफ्ट करने की बात कही जा रही है। पन्ना नगर के बीचों-बीच लगने वाले साप्ताहिक बाजार को अन्यंत्र शिफ्ट किए जाने की स्थिति में बाजार कितना व्यवस्थित हो पाएगा यह तो पता नहीं लेकिन ऐसा होने पर अधिकांश लोगों की परेशानी जरूर बढ़ सकती है। इस बदलाव को लोग क्या स्वीकार करेंगे यह भी अहम सवाल है।
रविवार 29 दिसम्बर को कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने नगर के विभिन्न स्थानों का भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया। इस दौरान राजस्व एवं नगरपालिका के अधिकारी उनके साथ रहे। कलेक्टर श्री शर्मा ने यादवेन्द्र क्लब के आंतरिक एवं परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि यादवेन्द्र क्लब की साफ-सफाई एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य 15 जनवरी 2020 तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए।
कलेक्टर श्री शर्मा ने पन्ना बस स्टैण्ड का निरीक्षण कर नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए कि बस स्टैण्ड को साफ-सुथरा रखने के साथ वहाँ लगने वाली दुकानों को व्यवस्थित किया जाए। उन्होंने नगर में लगने वाले साप्ताहिक बाजार को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को पूर्व में आवंटित सिविल लाइन क्षेत्र में लगवाने की व्यवस्था की जाए। निरीक्षण के दौरान मिलने वाले लोगों को समझाईश दी गयी कि अपने नगर को साफ-सुन्दर एवं आकर्षक बनाएं। निरीक्षण के दौरान मुख्य नगरपालिका अधिकारी ओ.पी. दुबे, पन्ना तहसीलदार कु. दीपा चतुर्वेदी, नजूल तहसीलदार डाॅ. अवंतिका तिवारी के साथ संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।