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नीलगाय का शिकार कर आपस में बाँट लिया था माँस, चार आरोपी गिरफ्तार

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वन विभाग की टीम की अभिरक्षा में नीलगाय के शिकारी।

* दक्षिण वन मण्डल पन्ना के वन परिक्षेत्र पवई में हुआ था शिकार

* नीलगाय का मांस निकालकर जंगल में स्थित नाला में फेंक दिया था चमड़ा

अजित बढ़ोलिया, पन्ना/पवई ।(www.radarnews.in) जिले के दक्षिण वन मण्डल अन्तर्गत वन परिक्षेत्र पवई में पिछले दिनों हुए नीलगाय के शिकार के बहुचर्चित प्रकरण में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने पवई और शाहनगर रेन्ज के सीमावर्ती जंगल में नीलगाय का शिकार करने के बाद उसे मौके पर ही छीला-काटा गया और माँस का आपस में बँटवारा कर उसके चमड़े को नाला में फेंक दिया था। नीलगाय का शिकार जिस स्थान पर हुआ था उसी के समीप जंगल में एक चूल्हा बना पाया गया। इसके अलावा वहाँ से कुछ हड्डियाँ, शराब की खाली बोतलें मिलने पर यह आशंका जताई गई थी कि अज्ञात बेखौफ शिकारियों द्वारा जंगल में ही शिकार के माँस और शराब की पार्टी की गई। शिकार का यह मामला उजागर होने पर दक्षिण वन मण्डल को काफी बदनामी झेलनी पड़ी। करीब 11 दिन की छानबीन के बाद आखिरकार वन विभाग ने इस घटना का खुलासा करते हुए शिकार के आरोप में चार ग्रामीणों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पकड़े गए शिकारियों में टन्टा चौधरी पिता हल्काई चौधरी 60 वर्ष, सुखीलाल पिता धुन्धी चौधरी 32 वर्ष, हीरा लाल पिता लूना चौधरी 40 वर्ष सभी निवासी ढेंसाई थाना शाहनगर तथा बद्री चौधरी पिता गोरेलाल चौधरी 35 वर्ष निवासी महेबा(बोरी) थाना शाहनगर शामिल हैं।
नीलगाय के शिकारियों की धरपकड़ की जानकारी देतीं वन परिक्षेत्राधिकारी पवई श्वेता सिंह।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पवई वन परिक्षेत्र के बीट दक्षिण मोहाड़िया के कक्ष क्र. पी-638 में वन्य प्राणी नीलगाय का 11 जनवरी 2020 को शिकार करके उसका चमड़ा आरोपियों द्वारा फेंक दिया गया था। मामले में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2, 9, 39 के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमाँक 714/02 दिनांक 20-01-2020 पंजीबद्ध किया गया था। घटना का संबंध वन परिक्षेत्र शाहनगर एवं पवई से जुड़ा होने के कारण वन मण्डलाधिकारी दक्षिण पन्ना श्रीमति मीना मिश्रा द्वारा वन परिक्षेत्र अधिकारी श्रीमति श्वेता सिंह की अगुवाई में टीम का गठन किया गया। इस टीम ने 21 जनवरी की सुबह ग्राम ढेंसाई के टन्टा चौधरी पिता हल्काई चौधरी 60 वर्ष, सुखीलाल पिता धुन्धी चौधरी 32 वर्ष निवासी ढेंसाई, बद्री चौधरी पिता गोरेलाल चौधरी 35 वर्ष निवासी महेबा(बोरी) तथा हीरा लाल पिता लूना चौधरी 40 वर्ष निवासी ढेंसाई थाना शाहनगर को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने नीलगाय का शिकार कर उसके चमड़े को बीट दक्षिण मोहडिय़ा वन परिक्षेत्र पवई में कक्ष क्र. पी-638 में फेंका जाना स्वीकार किया। प्रकरण में संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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लंदन में बेट प्रोग्राम में शामिल हुए प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी

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स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी लंदन में ब्रिटिश काउंसिल द्वारा आयोजित एजुकेशन वर्ल्ड फोरम ब्रिटिश एजुकेशनल ट्रेनिंग एण्ड टेक्निकल बेट शो में शामिल हुए।

* शिक्षा से जुड़े विषयों पर आयोजित की जा रही है परिचर्चा

भोपाल। (www.radarnews.in) स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी लंदन में ब्रिटिश काउन्सिल द्वारा आयोजित ब्रिटिश एजुकेशनल ट्रेनिंग एण्ड टेक्निकल प्रोग्राम (बेट) में शामिल हुए। डॉ. चौधरी बेट में मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा में किये जा रहे नवाचारों की जानकारी देंगे। प्रोग्राम में विश्व के 150 देशों के स्कूल शिक्षा मंत्री भाग ले रहे हैं। इस मौके पर पीसा (प्रोग्राम फॉर इन्टरनेशनल स्टूडेंट एसेसमेंट) द्वारा साक्षरता दर और लर्निंग पद्धतियों की गुणवत्ता बढ़ाने, शिक्षा से समुदायों को जोड़ने और शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत परिचर्चा आयोजित की जा रही है।
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नजूल तहसीलदार के बंगले मे हुई चोरी का 3 दिन के अंदर पर्दाफाश कर आरोपी को किया गिरफ्तार

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कोतवाली थाना निरीक्षक पन्ना हरी सिंह ठाकुर एवं उनकी टीम की अभिरक्षा में चोरी की घटना का मुख्य आरोपी।

* पन्ना कोतवाली थाना पुलिस की सराहनीय कार्रवाई

* क्या ऐसी ही संवेदनशीलता और तत्परता आम आदमी से जुड़े मामलों में दिखेगी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके सिविल लाइन में स्थित नजूल तहसीलदार के सरकारी बंगले में हुई चोरी की सनसनीखेज वारदात का पन्ना कोतवाली थाना पुलिस ने महज 3 दिन के अंदर पर्दाफाश कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार मुखबिर की सूचना पर पकड़े गए आरोपी अख्तर खान पिता हसन खान 29 वर्ष निवासी वेटनरी अस्पताल के पास आगरा मोहल्ला पन्ना ने पूँछताँछ में चोरी की वारदात को अपने एक दोस्त के साथ मिलकर अंजाम देने की बात कबूल की है। इसके कब्जे से पुलिस ने चोरी का माल-मशरूका बरामद बरामद किया है। इस मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी की भी सरगर्मी तलाश की जा रही है। चोरी की इस चर्चित वारदात का खुलासा होने पर कोतवाली थाना पुलिस ने फिलहाल राहत की साँस ली है। उल्लेखनीय है कि, डॉ. अवंतिका तिवारी प्रभारी नजूल तहसीलदार पन्ना गत दिनों ट्रेनिंग के सिलिसिले में राजधानी भोपाल में थीं। इस दौरान पन्ना में उनके सूने पड़े सरकारी आवास को निशाना बनाते हुए 16-17 जनवरी 2020 की दरम्यानी रात अज्ञात चोर ताले का कुंदा तोड़कर नकदी रुपए और गहने चुरा ले गए थे।
चोरी की घटना की जानकारी प्रभारी नजूल तहसीलदार को उनके पड़ोसियों के द्वारा 17 जनवरी की सुबह मोबाइल फोन पर दी गई थी। कोतवाली थाना पुलिस द्वारा इस घटना पर अज्ञात अपराधी के खिलाफ धारा 457, 380 ताहि का कायम कर विवेचना में लिया गया। शहर के सुरक्षित इलाके में चोरी की वारदात के सामने आने पर पुलिस की काफी किरकिरी हुई। स्थानीय मीडिया ने इस घटना को प्रमुखता से प्रकशित करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल भी खड़े किए। दरअसल सिविल लाइन इलाके में पन्ना पुलिस अधीक्षक सहित न्यायाधीशों के सरकारी आवास स्थित हैं, जिनमें 24 घण्टे सुरक्षाकर्मी मुस्तैदी से तैनात रहते हैं। बाबजूद इसके अगर इस इलाके में अपराधी चोरी करने का दुस्साहस करते हैं तो इससे उनमें पुलिस का तनिक भी खौफ न होने की खबर मिलती है। यही वजह है कि बदनामी का सबब बनीं चोरी की इस घटना को पुलिस के द्वारा चुनौती के रूप में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी द्वारा घटना का पर्दाफाश कर आरोपी की धरपकड़ के लिए एक टीम गठित की गई। एसडीओपी पन्ना आर.एस.रावत के नेतृत्व में थाना प्रभारी कोतवाली हरी सिंह ठाकुर ने अपनी टीम के साथ अज्ञात आरोपी की तलाश पतारसी हेतु मुखबिर लगाए गए। सोमवार 20 जनवरी को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर अख्तर खान पिता हसन खान 29 वर्ष निवासी वेटनरी अस्पताल के पास आगरा मोहल्ला पन्ना को हिरासत में लेकर पूँछतांछ की गई। इस दौरान उसने चोरी की वारदात को अपने एक दोस्त के साथ मिलकर अंजाम देने की बात कबूल की है। कोतवाली थाना पुलिस के द्वारा आरोपी अख्तर खान को न्यायालय में पेश किया गया। वहीं इस मामले में फरार चल रहे उसके साथी को भी दबोंचने के लिए पुलिस के प्रयास जारी है।
प्रभारी नजूल तहसीलदार के सरकारी बंगले में चोरी की घटना सामने आने के बाद से ही अज्ञात आरोपियों का सुराग लगाकर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार करने की बात पुलिस की ओर से कही गई जा रही थी। फलस्वरूप शहर के सभी चौराहों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे सीसीटीव्ही कैमरों की निगरानी और अत्याधुनिक तकनीक के जरिए पन्ना पुलिस ने महज तीन दिन के अंदर इस चोरी का पर्दाफाश करने में सफलता प्राप्त की है। बेशक पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है। लेकिन, यहाँ अहम सवाल यह है, आम आदमी से जुड़े आपराधिक मामलों में कार्रवाई को लेकर भी पुलिस क्या इसी तरह संवेदनशीलता और तत्परता दिखाएगी या फिर उन्हें सामान्य अपराध की तरह ही लिया जाएगा। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिये पिछड़ा एवं अल्पसख्यक वर्ग को नि:शुल्क कोचिंग

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सांकेतिक फोटो।

* 5 फरवरी तक आवेदन कर सकेंगे उम्मीदवार

भोपाल। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की आगामी राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने वाले प्रदेश के पिछड़े एवं अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र एवं इच्छुक उम्मीदवार परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिये 5 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन-पत्र का प्रारूप विभागीय वेबसाइट www.bcwelfare.mp.nic.inपर उपलब्ध है।
संचालक, राज्य स्तरीय रोजगार एवं प्रशिक्षण केन्द्र (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण) ने बताया कि प्रशिक्षण केन्द्र में प्रवेश के लिये पिछड़ा वर्ग के लिये 80 और अल्पसंख्यक वर्ग के लिये 20, कुल 100 सीट उपलब्ध है। उम्मीदवारों का चयन स्नातक स्तर पर प्राप्त अंक के आधार पर संकायवार मेरिट बनाकर किया जायेगा।
प्रशिक्षण माह फरवरी से 6 माह की अवधि अथवा परीक्षा तिथि (जो पहले हो) तक होगा। पूर्णत: नि:शुल्क प्रशिक्षण में भोपाल से बाहर के प्रशिक्षणार्थियों को नियमानुसार छात्रावास में स्थान की उपलब्धता आदि सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। प्रशिक्षण अवधि में प्रशिक्षणार्थियों को 350 रुपये मासिक दर से शिष्यवृत्ति दी जाएगी।
आवेदन-पत्र कार्यालय संचालक, पिछड़ा वर्ग, राज्य स्तरीय रोजगार एवं प्रशिक्षण केन्द्र, पुलिस रेडियो मुख्यालय के सामने, भदभदा रोड़, भोपाल-462003 के पते पर 5 फरवरी तक कार्यालयीन समय में पहुँचना आवश्यक है।
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राज्य सरकार ने शुरू किया आम आदमी के सर्वांगीण विकास का सिलसिला : मंत्री श्री यादव

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नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हर्ष यादव ने रायसेन जिले में प्रदेश सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों पर आयेाजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया।

* मंत्री हर्ष यादव ने संवाद कार्यक्रम में दी जानकारी

भोपाल। (www.radarnews.in) कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हर्ष यादव ने शनिवार को प्रभार के जिला रायसेन में संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। श्री यादव ने कहा कि प्रदेश में नई सरकार ने पिछले एक वर्ष में सभी वर्गो के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उनका तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। उन्होंने बताया कि लोगों का अपना घर का सपना साकार करने के लिये सरकार ने कलेक्टर गाईड लाईन में जमीन के दामों में 20 प्रतिशत की कमी की। आवास मिशन में प्रति परिवार दो लाख 50 हजार रूपये सहायता देना शुरू किया। भूमिहीनों को आवासीय पट्टे उपलब्ध कराए गये। इंदिरा गृह ज्योति योजना शुरू कर कमजोर वर्ग को हजारों रूपए के बिजली बिल से मुक्ति दिलाई गई। उन्होंने कहा कि कहा कि अब प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को 100 रूपए में 100 यूनिट बिजली मिल रही है। साथ ही, किसानों को 10 हार्स पॉवर तक के पम्पों के लिए आधी दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रभारी मंत्री हर्ष यादव ने मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सत्ता संभालते ही सबसे पहले किसानों का दो लाख रूपए तक का फसल ऋण माफ किया। पहले चरण में 20 लाख से अधिक किसानों का फसल ऋण माफ किया गया। शेष पात्र किसानों का फसल ऋण माफ करने के लिए दूसरा चरण शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए पांचवी और आठवीं कक्षा को पुनः बोर्ड परीक्षा में शामिल किया गया। प्रदेश के इतिहास में पहली बार 35 हजार से अधिक शिक्षकों का ऑनलाईन ट्रांसफर किया गया।
मंत्री श्री यादव ने लोगों को बताया कि राज्य सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन तथा विधवा पेंशन योजना की राशि बढ़ाकर 600 रूपए प्रतिमाह कर बुजुर्गों को राहत दी है। कन्या विवाह/निकाह योजना में सहायता राशि 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार रूपये की गई। महिलाओं और युवतियों को निःशुल्क ड्राईविंग लायसेंस देने का सिलसिला शुरू किया गया। युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर दिलाने के लिए प्रदेश में स्थापित होने वाले उद्योगों में 70 प्रतिशत नौकरियाँ स्थानीय लोगों को देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हर्ष यादव ने बताया कि अब एक हेक्टेयर भूमि वाले एससी-एसटी वर्ग के किसानों को पांच हार्स पावर तक के कृषि पम्प के लिए निःशुल्क बिजली मिलने लगी है। आदिवासी परिवारों में बच्चे के जन्म पर 50 किलो और मृत्यु पर 100 किलो अनाज प्रति परिवार देने की व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य जनता को पेयजल और स्वास्थ्य का कानूनी अधिकार देने वाला देश का पहला प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है।
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जंगली खरगोश की पार्टी ने पहुँचाया हवालात, वन विभाग के जाल में रंगे हाथ फँसे शिकारी

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धरमपुर रेन्जर बी.के. विश्वकर्मा एवं मैदानी वन अमले द्वारा पकड़े गए शिकारी तथा उनसे जब्त जंगली खरगोश का माँस।

* उत्तर वन मण्डल पन्ना की धरमपुर रेन्ज का मामला

* धरमपुर रेन्ज अंतर्गत शिकारियों के लगाए फंदे में दो दिनों तक फँसा रहा तेंदुआ !

मुस्तक़ीम खान, अजयगढ़/पन्ना।(www.radarnews.in) पन्ना जिले में शिकार की चिंताजनक तेजी से बढ़ती घटनाओं के बीच कुछेक मामलों में शिकारी भी पकड़े जा रहे हैं। यहाँ के उत्तर वन मण्डल की धरमपुर रेन्ज अंतर्गत गत दिनों पंचमपुर एवं धरमपुर बीट के सीमावर्ती जंगल में कथित तौर पर क्लिच वायर के फंदे में एक तेंदुआ के दो दिनों तक फँसे रहने का मामला उजागर होने से मचे हड़कंप के चलते विभागीय अमला हरकत में आ गया है। परिणामस्वरूप वनकर्मियों ने शुक्रवार 17 जनवरी को मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो शिकारियों को जंगली खरगोश के माँस के साथ दबोंचा है। वन विभाग के जाल में फंसे शिकारियों ने सुबह फंदा लगाकर जंगली खरगोश का शिकार किया था। खरगोश के माँस को पकाकर शिकारी जब पार्टी करने वाले थे तभी धरमपुर रेन्ज के वनकर्मियों ने दबिश देकर उन्हें हिरासत में ले लिया। पकड़े गए शिकारियों में बाबू सिंह पिता हीरालाल लोध निवासी चम्पतपुर और बड़े भईया पिता मुन्नीलाल लोध निवासी पंचमपुर शामिल है।
धरमपुर रेन्जर बी.के. विश्वकर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों आरोपी धरमपुर रेन्ज की बीट पंचमपुर के वन कक्ष क्रमांक- 38 में निर्माणधीन पानी की टंकी के पास जंगली खरगोश का शिकार करने के पश्चात उसके माँस को पकाकर पार्टी करने की तैयारी में थे। तभी मुखबिर से मिली सूचना पर आनन-फानन कार्रवाई करते हुए बाबू सिंह पिता हीरालाल लोध निवासी चम्पतपुर और बड़े भईया पिता मुन्नीलाल लोध निवासी पंचमपुर को दबिश देकर जंगली खरगोश के ताजे माँस के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया। दोनों के विरुद्ध वन अपराध कायम कर सुरक्षा की दृष्टि उन्हें पुलिस की अभिरक्षा में भेजा गया है। शनिवार को इनको न्यायालय में पेश करने की बात कही जा रही है। जंगली खरगोश के शिकार के आरोप में पकड़े गए दोनों युवा खुद को निर्दोष बता रहे है। इनका कहना है, जंगली खरगोश का शिकार कर कुत्ते उसे घसीट रहे थे, हमनें तो सिर्फ कुत्तों से उसे छुड़ाया है, हमने उसका शिकार नहीं किया।

शिकार को लेकर जारी है अलर्ट

फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि मकर संक्रांति त्यौहार के उपलक्ष्य पर शिकार की आशंका को देखते हुए पन्ना टाइगर रिजर्व एवं जिले के उत्तर एवं दक्षिण वन मण्डल में अलर्ट घोषित है। शिकार की घटनाओं की रोकथाम हेतु मैदानी अमले को अपने-अपने क्षेत्र में सघन जंगल गश्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। बाबजूद इसके गत दिनों उत्तर वन मण्डल की धरमपुर रेन्ज अंतर्गत बीट धरमपुर एवं पंचमपुर के सीमावर्ती जंगल में कथित तौर पर एक तेंदुए के दो दिनों तक क्लिच वायर के फंदे में फंसा रहा। वन विभाग के चौकीदार रामाधार लोध के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों इसकी सूचना दी गई। लेकिन वन विभाग की टीम 14 जनवरी की रात्रि में जब मौके पर पहुँची तब तक उक्त तेंदुआ खुद को फंदे से आजाद कर जंगल की ओर भाग चुका था। वनकर्मियों को मौके पर क्लिच वायर का एक फंदा और कुछ पगमार्क मिले हैं। लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उक्त पगमार्क तेंदुए के हैं अथवा किसी अन्य वन्यप्राणी के हैं।

जाँच में है तेंदुआ का मामला

सांकेतिक फोटो।
पन्ना जिले के संरक्षित एवं सामान्य वन क्षेत्रों में बेजुबान वन्यजीवों की शिकार की हैरान करने वाली घटनाओं के बीच सामने आए इस मामले के मीडिया की सुर्खियां बनने से हुई बदनामी के मद्देनजर कतिपय वनकर्मी अब सफाई दे रहे हैं कि, फंदे तेंदुआ नहीं लकड़बग्घा फँसा था। हालाँकि जिम्मेदार इस मामले में दावे के साथ कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। उत्तर वन मण्डल की प्रभारी डीएफओ मीना मिश्रा ने यह तो स्वीकार किया है कि फंदे में कोई वन्यजीव फँसा था, वह तेंदुआ था या लकड़बग्घा यह अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जाँच जारी है, जिसके पूर्ण होने पर ही तस्वीर साफ़ हो पाएगी। इस प्रकरण से चौतरफा हो रही किरकिरी के बीच वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लग रहे थे। हालाँकि इस बीच मैदानी वन अमले ने पंचमपुर बीट अंतर्गत ही जंगली खरगोश के शिकारियों को रंगे हाथ पकड़कर अपनी मुस्तैदी साबित करने के साथ-साथ विभाग के अधिकारियों को थोड़ी राहत अवश्य दी है।
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नजूल तहसीलदार के सरकारी आवास में चोरी, नकदी रुपए और गहने ले उड़े चोर

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चोरी की घटना का जायजा लेती पन्ना पुलिस की एफएसएल टीम के सदस्य।

* ट्रेनिंग के सिलसिले में भोपाल में हैं तहसीलदार डॉ. अवंतिका तिवारी

* पन्ना के सिविल लाइन इलाके में स्थित सूने आवास को चोरों ने बनाया निशाना

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके सिविल लाइन में स्थित नजूल तहसीलदार पन्ना डॉ. अवंतिका तिवारी के सरकारी आवास को दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया है। सूने पड़े सरकारी आवास का ताला और अलमारी का लॉकर तोड़कर अज्ञात शातिर चोर नकदी रूपए तथा गहने समेट ले गए। महिला तहसीलदार ट्रेनिंग के सिलसिले में कुछ दिनों से भोपाल में हैं। शुक्रवार 17 जनवरी की सुबह जब पड़ोसियों ने मोबाइल फोन पर उन्हें चोरी की घटना की सूचना दी तो वे हैरान रह गईं। आनन्-फानन में नजूल तहसीलदार डॉ. अवंतिका तिवारी के द्वारा पन्ना पुलिस को कॉल कर घटना की जानकारी दी गई। साथ ही पन्ना तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी को मौके पर भेजा गया। कुछ देर में पन्ना एसडीओपी आर.एस. रावत ने कोतवाली थाना पुलिस बल के साथ सिविल लाइन पहुँचकर चोरी की घटना का जायजा लिया। नजूल तहसीलदार के कमरे के अंदर सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी भी खुली मिली।
अज्ञात शातिर चोरों का सुराग लगाने के लिए पुलिस की एफएसएल टीम के द्वारा सरकारी आवास की वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी कराई गई। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने अज्ञात चोरों के हाथ-पैरों के निशान की बारीकी से जाँच की । साथ ही डॉग स्क्वॉयड को घटनास्थल का मुआयना कराया गया। नजूल तहसीलदार के सरकारी आवास से क्या-क्या चोरी हुआ है यह फिलहाल साफ़ नहीं हो सका। उनके वापिस पन्ना लौटने पर, चोरी हुए सामान की सही जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। पन्ना एसडीओपी ने बताया कि डॉ. अवंतिका तिवारी से हुई चर्चा अनुसार लॉकर में रखे 8-10 नकदी रुपए और कुछ गहने चोरी हुए हैं। हालाँकि उनका लैपटॉप, टीव्ही सहित अन्य सामान सुरक्षित है।
उल्लेखनीय है कि, सिविल लाइन इलाके में ही पन्ना पुलिस अधीक्षक एवं न्यायाधीशों के सरकारी आवास स्थित है, जिनमें 24 घण्टे सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इसलिए सिविल लाइन के इलाके को काफी सुरक्षित माना जाता है। अज्ञात शातिर चोरों के द्वारा इस इलाके में चोरी की वारदात को अंजाम देने को लोग चोरों के दुस्साहस के रूप में देख रहे हैं। पूरे शहर में सीसीटीव्ही कैमरे लगे होने के बाद भी चोरों में पुलिस का तनिक भी खौफ नही हैं। वहीं सर्दी के मौसम में शहर में चोरी की घटनाएं बढ़ने के बाद भी इनकी रोकथाम को लेकर पुलिस पूरी तरह तमाशबीन की भूमिका में नजर आ रही है।
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रेड अलर्ट : फिर भी नहीं सुधरे हालात, जंगल में शिकारियों ने बिछाया जाल, निशाने पर टाइगर-तेन्दुआ और दूसरे वन्यजीव

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सांकेतिक फोटो।

* पन्ना के उत्तर वन मण्डल अंतर्गत दो दिन से फंदे में फँसा था तेंदुआ !

* वन अमले को मौके पर क्लिच वायर का फंदा और वन्यजीव के पगमार्क मिले

* बैखोफ शिकारियों ने कुछ दिन पूर्व नीलगाय का शिकार कर जंगल में की थी पार्टी

* पन्ना टाइगर रिजर्व में 15 दिन पूर्व बाघ का कंकाल मिलने पर संदिग्ध मौत का हुआ था खुलासा

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश को पुनः टाइगर स्टेट का दर्जा दिलाने में अहम योगदान देने वाले पन्ना जिले के जंगलों से पिछले कुछ समय लगातार बुरी ख़बरें आ रहीं हैं। जिनसे यह पता चलता है, यहाँ के संरक्षित एवं सामान्य वन क्षेत्र में स्वछंद विचरण करने वाले बाघ-तेन्दुआ समेत दूसरे वन्यजीव गम्भीर संकट में हैं। पन्ना में सक्रिय शिकारियों और वन्यजीवों के तस्करों ने जंगल के चप्पे-चप्पे में बेजुबान वन्यजीवों के शिकार के लिए जाल बिछा रखा है। फलस्वरूप नियमित अंतराल में वन्य प्राणियों के शिकार की हैरान करने वाली घटनायें सामने आ रहीं हैं। विगत दो वर्ष की अवधि में जिले में एक दर्जन से अधिक तेन्दुओं, दो बाघों, एक भालू, एक मोर, एक पैंगोलिन एवं दर्जनों की तादाद में अन्य शाकाहरी वन्यजीवों का शिकार हुआ है।
इसी गेट से होकर जाता है ग्राम रमपुरा का रास्ता, जहाँ पिछले दिनों बाघ का कंकाल मिला था।
इसके अलावा पन्ना टाइगर रिजर्व सहित पन्ना के उत्तर एवं दक्षिण वन मण्डल अंतर्गत बड़े पैमाने पर जंगल की अवैध कटाई, वन क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर खनिज सम्पदा का उत्खनन तथा वन भूमि में अतिक्रमण के मामले प्रकाश में आए हैं। इन सब से पता चलता है कि वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा एवं निगरानी की व्यवस्था अत्यंत ही लचर स्थिति में होने के कारण हालात किस हद तक बेकाबू हो चुके हैं। इतनी बड़ी तादाद में शिकार की घटनाओं के मद्देनजर यह कहना अतिश्योक्तिपूर्ण न होगा, यदि शीघ्र ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पन्ना के जंगल एक बार फिर बाघ विहीन हो सकते और इस बार यहां से तेन्दुओं का भी नामो-निशान भी मिट सकता है। इस भयावह त्रासदी की आहट अब साफ़ सुनाई दे रही है।
फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि, वर्तमान में मकर संक्रांति त्यौहार के उपलक्ष्य पर शिकार की आशंका को देखते हुए पन्ना टाइगर रिजर्व एवं जिले के उत्तर एवं दक्षिण वन मण्डल में अलर्ट घोषित है। शिकार की घटनाओं की रोकथाम हेतु मैदानी अमले को अपने-अपने क्षेत्र में सघन जंगल गश्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। बाबजूद इसके उत्तर वन मण्डल की धरमपुर रेन्ज अंतर्गत बीट धरमपुर एवं पंचमपुर के सीमावर्ती जंगल में कथित तौर पर एक तेंदुए के क्लिच वायर के फंदे में फँसे होने की ख़बरें रविवार 12 जनवरी 2020 से आ रहीं थी। क्षेत्रीय ग्रामीणों और वन विभाग के चौकीदार रामाधार लोध के अनुसार तेंदुए का पिछला पैर फंदे में फँसा था जोकि मंगलवार 14 जनवरी की शाम तक देखा गया। खबर मिलने पर डिप्टी रेन्जर बल्देव प्रसाद और धरमपुर रेन्जर बी. के. विश्वकर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। रात्रि में जंगल की सर्चिंग कराई गई लेकिन वहाँ तेंदुआ नहीं मिला। जिस स्थान पर तेंदुआ दो दिनों से फंदे में फँसा गुर्रा रहा था, वहाँ पर वनकर्मियों को क्लिच वायर का एक फंदा अवश्य मिला है। ऐसा माना जा रहा है कि वन विभाग की टीम के पहुँचने के पहले ही तेन्दुआ किसी तरह खुद को फंदे से आजाद कर जंगल की ओर भाग निकला।
धरमपुर रेन्जर बी. के. विश्वकर्मा ने बताया कि वन विभाग की टीम के द्वारा दूसरे दिन बुधवार 15 जनवरी को दिन के समय जंगल सर्चिंग की गई। इस दौरान कुछ पगमार्क उस स्थान पर मिले हैं जहाँ पर क्लिच वायर का एक फंदा मिला था लेकिन हल्की बारिश होने की वजह से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि पगमार्क किस वन्य प्राणी के है। रेन्जर श्री विश्वकर्मा के अनुसार उक्त पगमार्क सियार के प्रतीत होते हैं। उनसे यह पूँछा गया कि, फंदे में तेन्दुआ या फिर अन्य कोई वन्यजीव फँसा था, अब तक की जाँच-पड़ताल से क्या निष्कर्ष निकला ? धरमपुर रेन्जर बी. के. विश्वकर्मा का कहना है, फंदे में कोई भी वन्यजीव नहीं फँसा था। वन विभाग के चौकीदार रामाधार लोध के द्वारा फंदे में तेंदुआ के फँसे होने के संबंध मीडियकर्मियों को दिए गए बयान पर जब सवाल पूँछा गया तो उन्होंने अपने जवाब में बताया कि चौकीदार को कुछ पता ही नहीं है, उससे तो मीडियकर्मियों ने बाईट में तेंदुआ कहलवा लिया था। जबकि इसी चौकीदार के द्वारा तेंदुए के फंदे में फँसे होने की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई थी।
सरकोहा बीट के धुबयाई क्षेत्र में स्थित बंद पड़ी पत्थर खदान में मृत पड़ा नर तेंदुआ। फ़ाइल फोटो।
उत्तर वन मण्डल की प्रभारी डीएफओ मीना मिश्रा ने बिना किसी लाग-लपेट के यह स्वीकार किया है कि, फंदे में कोई वन्यजीव फँसा था वह तेंदुआ था या लकड़बग्घा यह अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि, इस मामले की जाँच जारी है, जिसके पूर्ण होने पर ही तस्वीर साफ़ हो पाएगी। गौरतलब है इस संवेदनशील मामले में रेन्जर जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे बी. के. विश्वकर्मा का बयान अत्यंत ही गैर जिम्मेदाराना है। इससे पता चलता है कि वे वन्य प्राणियों और जंगल की सुरक्षा को लेकर कितने सजग और ईमानदार हैं। यह मामला ऐसे समय प्रकाश में आया है जब शिकार की रोकथाम को लेकर अलर्ट जारी है। अभी ज्यादा दिन नहीं हुए जब उत्तर वन मण्डल के ही विश्रामगंज वन परिक्षेत्र अंतर्गत सरकोहा में स्थित पत्थर खदान में एक तेंदुआ संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला था। इसकी मौत कब और कैसे हुई यह रहस्य बना हुआ है। उधर, पन्ना टाइगर रिजर्व के कड़ी सुरक्षा वाले कोर क्षेत्र अंतर्गत 31 दिसम्बर 2019 को रमपुरा बीट में वनरक्षक आवास सह नाका के समीप एक युवा बाघ का कंकाल मिलने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया था। युवा बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के कारणों का भी अब तक खुलासा नहीं हो पाया है।

शिकारियों के हौसले बुलंद

घटनास्थल पर नीलगाय के शिकार की जाँच करते हुए वन विभाग के अधिकारी।
पन्ना के जंगल अब वन्य प्राणियों के लिए सुरक्षित नहीं है। दरअसल, यहाँ शिकारियों और तस्करों की सक्रियता लगातार चिंताजनक तेजी से बढ़ रही है। इसके उलट वन अपराधों की रोकथाम करने के लिए जंगल की निगरानी और वन्यजीवों की सुरक्षा बढ़ाने संबंधी वन विभाग के अफसरों के दावे धरातल पर खोखले साबित हो रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण जिले के दक्षिण वन मण्डल अंतर्गत सामने आया नीलगाय के शिकार का हैरान करने वाला मामला है। यहाँ की शाहनगर एवं पवई रेन्ज के सीमावर्ती इलाके में अज्ञात शिकारियों ने न सिर्फ नीलगाय का शिकार किया बल्कि बड़े ही बेखौफ अंदाज में जंगल में ही शिकार के माँस और शराब की पार्टी की। दिनाँक 10 जनवरी 2020 को शिकार की इस घटना के खुलासे ने वन विभाग के अफसरों के दावों की पोल खोलकर रख दी है। इससे मैदानी अमले से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगने से जहाँ उन्हें शर्मसार होना पड़ा वहीं अराजकता पूर्ण स्थिति(जंगलराज) व्याप्त होने को लेकर वन विभाग की भी काफी बदनामी हो रही है। इस घटनाक्रम से यह साबित हो चुका है पन्ना जिले में शिकारियों और वन्यजीव तस्करों के हौसले कितने बुलंद है। बेजुबान वन्य प्राणियों के शिकार की घटनाओं तथा अन्य वन अपराधों को जिस बेख़ौफ़ अंदाज में अपराधी अंजाम दे रहे हैं उससे तो यही खबर मिलती है कि पन्ना के जंगलों, वन्यजीवों तथा वन सम्पदा को उसके रखवालों ने लुटने के लिए खुला छोड़ दिया है।

शिकार रोकने में नाकाम तो छिपाने लगे घटनाएं

पवई रेन्ज की मोहाड़िया बीट अंतर्गत बिल्हा हार नाला में पड़ा नीलगाय का चमड़ा।
दक्षिण वन मण्डल पन्ना की पवई एवं शाहनगर रेन्ज के सीमावर्ती इलाके में हुए नीलगाय के शिकार की घटना को मैदानी वन अमले ने पहले तो दबाने का भरसक प्रयास किया पर जब मीडियाकर्मियों ने मौके के वीडियो और फोटो वायरल करने शुरू किए तो इससे मचे हड़कंप के चलते अगले दिन 11 जनवरी 2020 को शिकार की घटना होना स्वीकार कर लिया। कुछ समय पूर्व दिनाँक 29 अक्टूबर 2019 को शाहनगर रेन्ज अंतर्गत हुए तेंदुए के शिकार की घटना पर भी इसी तरह पर्दा डालने का प्रयास किया गया था। उस समय भी स्थानीय मीडियाकर्मियों ने ही पूरे मामले को उजागर किया था।
शाहनगर रेन्ज के टिकरिया सर्किल की ढेंसाई बीट में बना वह चूल्हा जिस पर शिकारियों ने नीलगाय का माँस पकाकर पार्टी की।
बहरहाल नीलगाय के शिकार एवं जंगल में ही शिकारियों के पार्टी करने का मामला पवई एवं शाहनगर दोनों ही रेन्जों से जुड़ा है। पवई रेन्ज की मोहाड़िया बीट के कक्ष क्रमांक- 638 में नीलगाय की खाल नाले के पानी में पड़ी मिली। जबकि नाला के दूसरी तरफ शाहनगर रेन्ज के टिकरिया सर्किल की ढेंसाई बीट में चूल्हा बना पाया गया। कथित तौर इसी चूल्हे में शिकार के माँस को पकाकर खाया गया। चूल्हे के ही आसपास शराब की खाली बोतलें और नीलगाय की हड्डियाँ भी मिलीं। सूत्र बताते हैं, पन्ना जिले के जंगलों में प्रतिदिन कई वन्यजीवों का शिकार होता है, जिनमें शिकार की अधिकाँश घटनाएं तो पता ही नहीं चलती और वहीं कुछ को विभाग की बदनामी के डर एवं अपने निकम्मेपन को छिपाने के लिए मैदानी अमला जंगल में ही दफन कर देता है।

जवाबदेही के आभाव में बिगड़े हालत

पन्ना टाईगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत अज्ञात युवा बाघ का कंकाल। फ़ाइल फोटो।
जिले में सक्रिय बेखौफ शिकारियों की हिम्मत तो देखिये, नीलगाय का शिकार करने के बाद जंगल में ही बड़े इत्मिनान से उसे छीला-काटा गया फिर वहीं पर माँस पकाया और शराब के साथ बड़े मजे से पार्टी करके रफूचक्कर हो गए। इस घटना को सप्ताह भर होने को है लेकिन अब तक न तो अज्ञात शिकारियों का कोई सुराग लग पाया और ना ही शिकार की इस अप्रत्याशित घटना के लिए प्रथम दृष्टया जवाबदेह मैदानी अमले की घोर लापरवाही सामने आने पर दोषियों को दण्डित किया गया है। जानकारों का मानना है, मौजूदा रिचार्ज बाउचर व्यवस्था में हर स्तर पर जवाबदेही का आभाव होने से अंधेरगर्दी को बढ़ावा मिल रहा है जिससे हालात बद से बद्तर होते जा रहे हैं। शिकार की घटनाएं यदि इसी गति जारी रहीं तो निकट भविष्य में पन्ना के जंगल पुनः बाघ विहीन हो सकते हैं और तेन्दुओं का भी पूरी तरह खात्मा हो सकता है। वैसे भी पिछले कुछ सालों से हीरा-पत्थर-मुरुम के व्यापक पैमाने पर अवैध उत्खनन एवं पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के चलते यहाँ वनों की विनाशलीला अनवरत जारी है। सरकारी रिकार्ड से इतर जमीनी सच्चाई यह है कि पन्ना में पहाड़ खोखले हो रहे हैं और धरती का हरित आवरण तेजी से सिकुड़ रहा है।
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CAA के समर्थन में बीजेपी ने निकाली विशाल तिरंगा यात्रा, पैदल मार्च कर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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* हाथों में तख्तियाँ और तिरंगा लेकर चल रहे थे लोग

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश भर में इन दिनों विरोध और समर्थन का दौर जारी है। इस कानून की खिलाफत तथा समर्थन करने वाले दोनों ही पक्षों के लोग सड़कों पर उतर कर अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त कर रहे हैं। सोमवार 13 जनवरी को पन्ना जिला मुख्यालय में भारतीय जनता पार्टी नेताओं की अगुवाई में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। पन्ना नागरिक परिषद् के तत्वाधान में निकली यह पदयात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुँचीं जहाँ नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा के नेता, जनप्रतिनिधि एवं प्रबुद्धजन शामिल रहे।
सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नागरिकता संशोधन अधिनियम के प्रति अपना पूर्ण समर्थन जताने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेतागण एवं नागरिक छत्रसाल पार्क के बाहर एकत्रित हुए। तत्पश्चात दोपहर करीब 1 बजे शहर में विशाल पैदल मार्च निकाला गया। जिसमें शामिल लोग सीएए के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने वाली तख्तियाँ, राष्ट्रीय ध्वज एवं लम्बी तिरंगा पट्टी को हाथों में पकड़कर चल रहे थे। देश भक्ति गीतों के बीच निकाले गए समर्थन जुलुस को देखने के लिए लोग अपने घरों के बाहर या फिर छतों पर आ गए। करीब तीन किलोमीटर का नगर भ्रमण कर तिरंगा यात्रा के कलक्ट्रेट पहुँचने पर कलेक्टर के प्रतिनिधि को सीएए के समर्थन में एक ज्ञापन सौंपा गया। तिरंगा यात्रा में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री कुसुम मेहदेले, भाजपा जिलाध्यक्ष रामबिहारी चौरसिया, जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज यादव, सतानंद गौतम, जयप्रकाश चतुर्वेदी, संजय नगायच, अमित गुप्ता, बृजेन्द्र गर्ग, निम्मी जैन, रामकरण द्विवेदी, दिलीप शिवहरे, राजकुमार वर्मा आदि भाजपा नेता शामिल रहे।

विपक्ष के बहकावे में ना आएँ

नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन करने वालों ने इसे मोदी सरकार का सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि, हमारे पड़ोसी देशों में जो भी अल्प संख्यक भाई अपनी धार्मिक आस्था या मान्यताओं के कारण अत्याचार-भेदभाव का शिकार हो रहे हैं उन्हें इस क़ानून के जरिए भारत की नागरिकता प्रदान की जायेगी। इस क़ानून में नागरिकता देने का प्रावधान है, किसी की नागरिकता लेने का नहीं हैं। भारत ने इस क़ानून के माध्यम से पहली बार पूरी दुनिया का ध्यान पाकिस्तान में अल्प संख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की ओर खींचा है। कुछ लोग विपक्षी दलों के बहकावे में आकर इस कानून का विरोध कर रहे हैं। इसलिए आज पूरा देश विपक्षी दलों की वोट बैंक की इस घटिया राजनीति को धिक्कार रहा है।
सीएए का समर्थन करने वालों ने कहा कि देश के नागरिकों को इस क़ानून के लागू होने से ज़रा भी घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि इससे उनकी नागरिकता पर कोई आँच नहीं आएगी। उल्लेखनीय गत दिनों भारतीय जनता पार्टी के द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में एक संगोष्ठी भी पन्ना जिला मुख्यालय में आयोजित की गई थी। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने नागरिकता संशोधन कानून के प्रावधानों पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुए लोगों को जागरूक किया था। साथ ही इस कानून का विरोध करने वाले विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला था।
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बहू को प्रेमी संग आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया, इसलिए दोनों ने मिलकर कर दी सास की हत्या

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पवई थाना पुलिस टीम की अभिरक्षा में हत्यारोपी हल्के चौधरी।

* कुसुम बाई के अंधे क़त्ल का पन्ना पुलिस ने किया खुलासा

* बहू की करतूत बेटे को बताने जा रही थी सास तभी कर दी थी हत्या

पन्ना/पवई। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पवई थाना अंतर्गत बघाई मोड़ के समीप 5 दिन पूर्व हुई अधेड़ महिला की जघन्य हत्या का खुलासा पुलिस ने सोमवार को कर दिया है। बहु ने प्रेमी संग मिलकर सास कुसुम बाई चौधरी की हत्या की थी। क्योंकि, कुसुम बाई ने बहू माया बाई को उसके प्रेमी हल्के चौधरी संग आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इनके नाजायज रिश्ते की जानकारी पुत्र संजू चौधरी को देने के लिए कुसुम बाई जब अपने घर से खेत की तरफ जा रही थी तभी माया बाई और उसके प्रेमी हल्के चौधरी ने कुल्हाड़ी से हमला कर कुसुम बाई की हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में माया बाई और उसके प्रेमी हल्के चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है।

खेत में मिला था खून से लथपथ शव

उल्लेखनीय है कि पवई क़स्बा के समीप बघाई मोड़ पर रहने वाली कुसुम बाई पत्नी मुलुआ चौधरी 55 वर्ष का खून से लथपथ शव बुधवार 8 जनवरी की सुबह उसी के खेत में पड़ा मिला था। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची पवई थाना पुलिस ने शव के समीप से वह कुल्हाड़ी भी बरामद की थी जिससे कुसुम बाई की हत्या की गई थी। घटना दिनाँक को कुसुम बाई अपने घर पर बहू माया बाई के साथ सोई थी, जबकि उसका पति मुलुआ चौधरी और पुत्र संजू चौधरी खेत की रखवाली करने के लिए खेत में बनीं झोपड़ी सोए हुए थे, जोकि घर के ही नजदीक स्थित है। बुधवार 8 जनवरी की सुबह माया बाई ने पति संजू चौधरी को फोन करके बताया कि घर के दरवाजे बाहर से बंद हैं, उसने पति को घर बुलाया कि वह आकर दरवाजे खोल दे। कुछ समय बाद दरवाजे खुलने पर माया बाई जब दिशा मैदान जाने के लिए निकली तो कुछ ही दूरी पर उसे खेत में सास कुसुम बाई मृत अवस्था में पड़ी मिली। कुसुम बाई 55 वर्ष की संदिग्ध मौत पर पवई थाना पुलिस के द्वारा अज्ञात अपराधी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 302, 201, 34 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया गया। अंधी हत्या को चुनौती के रूप में लेते हुए पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी के द्वारा इसके खुलासे के लिए एक टीम गठित की गई।

संदेह के आधार पर पकड़े गए

घटनास्थल पर पंचनामा कार्रवाई करते हुए पवई थाना पुलिस। फाइल फोटो।
पवई एसडीओपी बी.एस. परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पवई एसपी शुक्ला के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने इस मामले की पतारसी की और घटना स्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर किसी जानकार व्यक्ति का हत्या की वारदात में हाथ होने के संदेह के चलते संजू के घर उठने-बैठने वालों के संबंध में पता लगाया। इस दौरान पुलिस को कुसुम बाई की बहू और उसके स्वजातीय पड़ोसी हल्के चौधरी पुत्र भगवत चौधरी 18 वर्ष के बीच करीब एक वर्ष से नाजायज रिश्ते होने की भनक लगी। थाना प्रभारी पवई एसपी शुक्ला ने बताया कि संदेह के आधार पर जब माया बाई 23 वर्ष और उसके प्रेमी हल्के चौधरी 18 वर्ष को हिरासत में लेकर दोनों से कड़ाई से पूँछतांछ की गई तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इनके मोबाइल फोन पुलिस ने जब्त किये हैं।

नाजायज रिश्ते को छिपाने किया क़त्ल

सास कुसुम बाई की हत्या के आरोप में गिरफ्तार बहू माया बाई चौधरी पवई थाना पुलिस टीम की अभिरक्षा में।
थाना प्रभारी श्री शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना दिनाँक 7-8 जनवरी की दरम्यानी रात हल्के चौधरी माया से मिलने के लिए उसके घर गया था। कुसुम बाई जिस कमरे में लेटी थी उसी से होकर बहू माया के कमरे का रास्ता जाता है। रात्रि में हल्के चौधरी और माया को उसकी सास कुसुम बाई ने बेहद आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। दोनों के हम बिस्तर होने से नाराज कुसुम बाई रात्रि में ही अपने पुत्र संजू चौधरी को बहू की चरित्रहीनता और उसके अवैध सम्बंध की जानकारी देने के लिए घर से खेत की तरफ निकली तो बहू माया बाई और उसके प्रेमी ने अपनी घिनौनी करतूत भण्डाफोड़ होने के डर से कुसुम बाई के ऊपर कुल्हाड़ी से हमला कर उसे मौत के घात उतार दिया था। वारदात के बाद माया बाई ने प्रेमी हल्के से अपने घर के दरवाजे की बाहर से जंजीर लगवा दी थी ताकि कोई उस पर संदेह न करे।
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