* पन्ना जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत कोहनी पिपरी ग्राम की घटना
* दिशा मैदान के लिए खेतों की ओर जाते समय युवती पर किया हमला
* सिरफिरे हत्यारोपी ने मृतिका की छोटी बहिन पर भी किया हमले का प्रयास
पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के कोतवाली थाना पन्ना अंतर्गत आने वाले ग्राम कोहनी पिपरी में एक सिरफिरे युवक ने अपने ही गाँव की एक नाबालिग युवती की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी नृशंस हत्या कर दी। हत्या की यह सनसनीखेज़ वारदात शुक्रवार 7 फरवरी की शाम करीब 5:30 बजे की है। घटना के समय कीर्ति लोधी पुत्री स्व. रूपलाल लोधी 16 वर्ष अपनी छोटी बहिन के साथ दिशा मैदान के लिए खेतों की ओर जा रही थी। रास्ते में घात लगाए बैठे इंद्रजीत सिंह लूनिया पिता राममिलन लूनिया 22 वर्ष ने मौका पाकर कीर्ति की गर्दन पर बका से प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्यारोपी इंद्रजीत सिंह लूनिया ने मृतिका कीर्ति लोधी की छोटी बहिन पूर्ती लोधी 12 वर्ष पर भी हमला करने का प्रयास किया लेकिन वह अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकली।
इस जघन्य हत्याकाण्ड के बाद से कोहनी पिपरी गाँव में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित है। नवयुवक इंद्रजीत सिंह लूनिया ने नाबालिग कीर्ति लोधी की हत्या आखिर क्यों की, फिलहाल यह रहस्य बरकरार है। मृतिका के चाचा रामदुलारे लोधी ने बताया कि इंद्रजीत सिंह या उसके परिवार से हमारे परिवार की किसी तरह की कोई बुराई नहीं है। इंद्रजीत और कीर्ति के बीच किसी तरह के संबंध होने के सवाल पर रामदुलारे ने अनभिज्ञता जताते हुए बताया कि इंद्रजीत लूनिया चूँकि आपराधिक प्रकृति का है इसलिए उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है।
कोतवाली थाना पन्ना में पदस्थ उप निरीक्षक एम. एल. यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि हत्या की वारदात के बाद से आरोपी फरार है, जिसकी धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। हत्या की वजह के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक पुलिस जाँच इसका पता नहीं चल सका। आरोपी के पकड़े जाने पर जघन्य हत्याकाण्ड का आधिकारिक तौर पर खुलासा होने की बात पुलिस की ओर से कही जा रही है। कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने इस घटना पर हत्या का मामला दर्ज किया है।
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उन्होंने कहा कि बच्चे अपनी अच्छाईयों को बढ़ाने के साथ साथ कमियों को घटाने का निरंतर प्रयास करें। हमेशा पठन-पाठन या खेल सभी एकाग्रचित होकर करें तो सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने छात्र-छात्राओं से व्यक्तिगत संवाद करके उनकी जिज्ञासा का समाधान भी किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने संस्था के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को शील्ड, मैडल एवं प्रमाण पत्र देकर पुरूस्कृत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्जवलन से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला शिक्षा अधिकारी के.एस. कुशवाहा ने बच्चों को आश्वस्त किया कि उन्हें किसी प्रकार की शैक्षिक समस्या नही होगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में डी.पी.सी. विष्णु त्रिपाठी एवं योजना अधिकारी के.के. सोनी भी मौजूद रहे। विद्यालय का प्रतिवेदन संस्था प्राचार्य श्रीमती साधना अवस्थी् ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन संस्था के हिन्दी शिक्षक डॉ. अशोक त्रिपाठी ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रूखसार मिर्जा ने कहा कि ट्रिपल तलाक कानून के समय एक पार्टी विशेष के नेतागण मुस्लिम बहिनों के दुख-दर्द और उनकी गरिमा व आत्म सम्मान की रक्षा की बड़ी-बड़ी बातें करते थे, खुद को मुस्लिम बहिनों उनका सच्चा हिमायती बताते थे लेकिन आज अपनी उन्हीं बहिनों को बिरयानी और रूपये के लिए अनशन पर जाने वाली बताकर पवित्र रिश्तों को गालियां दे रहे हैं। इनका दोहरा चरित्र पूरा देश और दुनिया के सामने उजागर हो गया है। धरना-क्रमिक अनशन को सरदार मान सिंह, युवा नेता आनंद पटेल, देव विश्कर्मा, सूफिया खातून, शहनाज परवीन, मुमताज मिर्जा, जयराम यादव, इरफान उल्ला आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर दिव्यांग मुन्ना खान एवं 10 वर्षीय बालक इदरीश राईन ने अपने उद्बोधन से लोगों की जमकर तालियां बटोरीं।
जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष मिश्रा ने संविधान बचाओ आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि आजाद भारत के इतिहास में यह पहली सरकार है, जो कि अपनी सफलताओं को छिपाने और राजनैतिक सत्ता को बनाए रखने के लिए हमारे देश के साम्प्रदायिक सौहार्द-सदभाव को लगातार नुकसान पहुंचा रही है। देश का बहुसंख्यक वर्ग इनके नापाक़ इरादों को भलीभाँति जान चुका है। इसलिए दिल्ली के शाहीन बाग से लेकर पन्ना के हिरणबाग तक हर वर्ग-समुदाय के लोग अपनी माताओं-बहनों के साथ खड़े हैं। क्योंकि यह रिश्ता अटूट है, इसे तोड़ने की साजिश करने वाले कभी सफल नहीं हो सकते। वरिष्ठ नेता रामकिशोर मिश्रा ने कहा कि इतिहास गवाह है कि पन्ना की महिलाएं जब-जब घरों से बाहर आईं है, तो तारीख बदली है। लगभग 75 साल पहले तत्कालीन युवा नेता खुदाबक्श साहब के नेतृत्व में महिलाओं मोर्चा खोलकर पन्ना को जिला बनवाया था। आज एक बार फिर बुंदेलखण्ड की वीरांगनाएं घरों से बाहर आईं हैं। मुझे पूरा विश्वास इस इस बार भी अविस्मरणीय और गौरवशाली इतिहास बनेगा।
पन्ना में आयोजित धरना में सदभाव और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली। यहां शाहीन बाग दिल्ली में बैठी महिलाओं को समर्थन देने और देश विरोधी कानून के खिलाफ जुटे लोगों में सभी धर्मों के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। धरने में मुस्लिम महिलाओं के साथ हिन्दू महिलाएं भी साथ आई और सदभाव की मिशाल पेश की। जहां एक ओर षडयंत्रकारी ताकतें देश के सौहार्द को नष्ट करने का काम कर रहीं है, देश के लोगों को जाति वर्गों और धर्मों के आधार पर बांट रहीं हैं, वहीं पन्ना में आयोजित धरना इस खाई को पाटने का काम करते हुए आपसी सद्भाव का पोषण करता दिखा।







साप्ताहिक रविवारीय बाजार की बैठक व्यवस्था में यह बदलाव करने के पूर्व दुकानदारों से चर्चा कर उन्हें भरोसे में नहीं लिया गया। साथ ही इस बदलाव पर अमल कराने का दायित्व नगर पालिका परिषद् पन्ना एवं पुलिस के जिन कर्मचारियों को सौंपा गया उनके द्वारा कथित तौर दुकानदारों के साथ काफी अभद्रता पूर्ण व्यवहार किया गया। आज सुबह से ही नगरपालिका के कर्मचारी दुकानों की शिफ्टिंग को लेकर लाउड स्पीकर से जिस तरह रौब भरे अंदाज में अनाउन्समेंट कर रहे थे उसने दुकानदारों के गुस्से को भड़काने में आग में घी का काम किया। परिणामस्वरूप छोटे-गरीब दुकानदार इसे अफसरों की हनक को पूरा करने वाले तुगलकी फरमान के रूप में लेकर विरोध में उतर आए।
एक दुकानदार ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर इस सवाल का जबाब देते हुए जो कुछ कहा, वह गौर करने लायक है। युवा सब्जी व्यापारी ने इशारों-इशारों में जिले के शीर्ष प्रशासनिक अफसरों के अव्यवहारिक निर्णयों की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि पहाड़ पर रहने वाले अधिकारियों को जमीन के वाशिंदों की तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है। वे तो सिर्फ अपनी सुविधा देखते हैं। पिछले कुछ माह से हम दुकानदारों को लगातार परेशान किया जा रहा है, सड़क किनारे चूने की लाइन डालकर दुकानें लगाने से रोका जा रहा है। कई बार तो हमारी लगी हुई दुकान को ही हटवा दिया जाता है। पहले कभी हमें इतना परेशान नहीं किया गया। युवा सब्जी व्यापारी का कहना है कि, पन्ना का साप्तहिक बाजार इस स्थान पर कई दशकों से लग रहा है। यह शहर के बीचों-बीच स्थित होने से बाजार आने-जाने लोगों के लिए यह सुविधाजनक है। बस स्टैण्ड भी नजदीक है जिससे दुकानदारों और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों को भी किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होती। यह बात अलग है कि रविवार के दिन कोतवाली चौराहा से पहाड़कोठी एवं मनहर महिला समिति विद्यालय की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग के दोनों किनारों पर दुकानें लगने से चार पहिया वाहन से आने-जाने वालों को थोड़ी असुविधा होती है।
थोक फल-सब्जी विक्रेता शक़ील खान का कहना साप्ताहिक रविवारीय बाजार को अनावश्यक स्थानांतरित करने की जिद छोड़कर प्रशासन को व्यवस्था बनाने के लिए जनहित में खुले दिमाग से अन्य उपायों पर भी गंभीरता पूर्वक विचार करने की जरुरत है। आपने सुझाव देते हुए बताया कि पार्क के सामने वाले नाले के शेष भाग में स्लैब डालने के साथ-साथ रविवार को बाजार प्रांगण में दोपहिया-चार पहिया वाहनों के आवागमन पर पूर्णतः रोक होनी चाहिए। सिर्फ सर्किट हॉउस एवं पहाड़कोठी आने-जाने वालों को इसमें छूट दी जाए। ग्राहक अपने वाहन लेकर बाजार के अंदर प्रवेश न करें इसके लिए कोतवाली थाना परिसर एवं मनहर महिला समिति विद्यालय में वाहनों की पार्किंग की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। बाजार के दोनों तरफ पार्किंग की व्यवस्था होने से वाहनों की धमाचौकड़ी समाप्त हो जाएगी। जिससे पहाड़कोठी के लिए आवागमन में कोई असुविधा नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि जब इस संबंध में जिला प्रशासन का पक्ष जानने के लिए पन्ना की प्रभारी तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी से मोबाइल फोन सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो कई बार घण्टी बजने के बाद भी उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं नगर पालिका परिषद् पन्ना के सीएमओ ओ.पी. दुबे का मोबाइल फोन बंद होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी।
