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50 कुपोषित को बच्चों गोद लेकर सुपोषित बनाने का लिया संकल्प, कलेक्टर बोले- “जनसहयोग से मिटेगा कुपोषण का कलंक”

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* संजीवनी अभियान के तहत आयोजित हुआ कार्यक्रम

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कुपोषण की अधिकता वाले पन्ना जिले में चल रहे संजीवनी अभियान के तहत कुपोषित गरीब बच्चों को गोद लेकर उन्हें सुपोषित बनाने के लिए समाज के हर वर्ग के लोग लगातार आगे आ रहे हैं। पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की प्रेरणा से जिले के अधिकाँश अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक करीब 5 माह में 12 हजार कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनके संजीवनी अभिभावक बन चुके हैं। इतना ही नहीं 1400 बच्चों के अति कुपोषण से मुक्त होने का दावा किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार 29 जनवरी को पन्ना के संकल्प गार्डन में संजीवनी अभियान के अंतर्गत आयोजित हुए एक कार्यक्रम में 50 कुपोषित बच्चों को गोद लिया गया। कुपोषित बच्चों को पूर्ण स्वस्थ्य और सामान्य बनाने के के संकल्प के साथ उन्हें गोद लेने वालों में कांग्रेस पार्टी के नेता-जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल हैं। इस कार्यक्रम के संयोजक युवा कांग्रेस नेता वैभव थापक रहे। जिसमें पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा मुख्य अतिथि के रूप शामिल हुए।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि शासन-प्रशासन के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को तभी शत-प्रतिशत सफल किया जा सकता है जब उसमें आम जन का सहयोग मिले। पन्ना जिले में जब कुपोषित बच्चों की हालत मेरे सामने लायी गयी तो उसी समय मेरे मन में पन्ना जिले से कुपोषण को कैसे खत्म किया जा सकता है, यह चिंता शुरू हो गयी। कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि जब कुछ दिन पहले “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” संबंधी एक कार्यशाला आयोजित की गयी तो उसमें एक बड़ी संख्या में जिले के दूरस्थ अंचलो से भी जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक आदि ने पहुंचकर कुपोषण से ग्रसित बच्चो को गोद लेने एवं उनकी सेहत की देख-रेख करने की घोषणा की। आज उसी घोषणा को शीघ्र चरित्रार्थ करने का काम वैभव थापक और उनकी टीम द्वारा किया गया है, जो अत्यंत ही सराहनीय है।
उन्होने कहा कि अब इसमें किसी भी तरह की शंका नहीं है, यह अभियान एक जन आंदोलन बन कर हमें एक सफलता के रास्ते पर न खड़ा कर दे। इसी तरह सक्रिय सहयोग मिला तो पन्ना से कुपोषण का कलंक अवश्य ही मिट जाएगा। उन्होने कार्यक्रम आयोजक वैभव थापक को भगवान जुगल किशोर की प्रतिमा भी एक स्मृति चिन्ह के रूप में भेट की। इस दौरान पन्ना ग्रामीण एवं अजयगढ़ क्षेत्र की विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज कुपोषित बच्चे जिनकी संख्या 50 थी उनको अलग-अलग लोगों ने गोद लेने की रस्म अदायगी करते हुये उन्हे पोषण आहार भेंट किया।
कार्यक्रम को वरिष्ठ नेता रामकिशोर मिश्रा, शिवजीत सिंह, मीना सिंह यादव, मनीष मिश्रा, अनीष खान, लक्ष्मी दहायत, मुरारी लाल थापक, मंगला भाले, सत्यजीत सिंह, देवीप्रसाद दीक्षित, युसुफ बेग, संतोष तिवारी, धीरेन्द्र पाठक, विवेक व्यास आदि लोगो ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना के जिला कार्यक्रम अधिकारी ऊदल सिंह, शीला सिंह परिहार, सहायक संचालक ज्योति पाण्डेय, अशोक विश्वकर्मा, गौरव चंसोरिया, आशीष शर्मा, करूणा अवस्थी, पुरूषोत्तम जड़िया, डॉ.प्रमोद श्रीवास्तव, शशिकांत दीक्षित, रियासत खान, सुरेन्द्र सेन, राजेन्द्र कुमार धामी, गणेश जड़िया, पवन पाठक, महेश परमार, सुंदरलाल रैकवार, अज्जू गर्ग, जगतपाल सिंह, अक्षय जैन, पूनम मिश्रा, बहादुर सिंह, राजाबाबू पटेल, सुनील रजक, सत्यम उपाध्याय, छोटू त्रिपाठी, सौरभ रैकवार, अंकित पाराशर, सुनील अवस्थी, विमलेश सेन, रोहित शर्मा, सिद्धार्थ शर्मा, अनुराग मिश्रा, आनंद बाजपेयी, अलोक शर्मा, विकास तिवारी, प्रतीक परमार, निखिल, सुभांश तिवारी, कामता नगायच, सुंदरम गर्ग, राहुल तिवारी, शरद शर्मा, हीरालाल विश्वकर्मा सहित काफी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका उपस्थित रही। कार्यक्रम का सफल संचालन आयुषी चौरसिया द्वारा किया गया।
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दुखद : बेटी के साथ छेड़छाड़ होने से आहत पिता ने लगाई फाँसी ! जंगल में फंदे पर लटका मिला क्षत-विक्षत शव

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* पन्ना कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत इटवांकला जंगल की घटना

* पत्नी और बच्चों को मायके मे छोड़ने के बाद हो गया था लापता

* मृतक के कपड़ों में मिले न्यायालय के समन से सम्भव हुई शिनाख्त

* शव के कई अंगों को वन्यजीवों ने बनाया अपना निवाला

पन्ना।(www.radarnews.in) कोतवाली थाना पन्ना के ग्राम इटवांकला के जंगल में सोमवार 27 जनवरी को फांसी के फंदे पर लटके मिले क्षत-विक्षत शव की शिनाख्त कमलेश तिवारी 40 वर्ष निवासी ग्राम बिरवाही थाना देवेन्द्रनगर जिला पन्ना के रूप में हुई है। वह करीब 12-13 दिनों से लापता था। कमलेश के आत्मघाती कदम उठाने की वजह, उसकी बेटी के साथ कुछ दिन पूर्व गांव के ही एक युवक के द्वारा की गई छेड़खानी की घटना को कथित तौर पर बताया जा रहा है। इस घटना से वह काफी आहत था। छेड़खानी का पता चलने पर कमलेश अपनी पत्नी और बच्चों को ससुराल में छोड़ने के बाद लापता हो गया था। पुलिस की प्रारंभिक जाँच में यह बात सामने आई है। मंगलवार 28 जनवरी को पन्ना पहुंचे मृतक के परिजनों ने शव विच्छेदन गृह में रखे शव की शिनाख्तगी की गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। कोतवाली थाना पुलिस ने घटना पर मर्ग कायम कर हर पहलू से इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
पन्ना कोतवाली थाना के इटवांकला के जंगल में फांसी के फंदे पर एक क्षत-विक्षत शव लटका होने की सूचना वन विभाग के चौकीदार के द्वारा पुलिस को दी गई थी। सोमवार 27 जनवरी को पन्ना कोतवाली पुलिस और एफएसएल टीम ने जब मौके पर जा कर देखा तो मृतक के कपड़ो में न्यायालय का एक समन मिला, जिसमें कमलेश तिवारी का नाम दर्ज था। फांसी के फंदे पर लटके शव की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए उसके 10 से 12 दिन पुराना होने की संभावना एफएसएल के द्वारा व्यक्त की गई। शव के कई अंगों को वन्यजीवों के द्वारा नोंचने-खरौंचने तथा अपना निवाला बनाए जाने से यह काफी क्षत-विक्षत और भयावह हो चुका था। मृतक की शिनाख्ती (पहचान) हेतु पन्ना कोतवाली थाना पुलिस के द्वारा आसपास के पुलिस थानों को सूचना दी गई। उधर, 12-13 दिन से घर से लापता कमलेश के परिजन लगातार उसकी खोजबीन में जुटे थे। इटवांकला के जंगल में शव मिलने की खबर पाकर परिजन पन्ना पहुंचे और मंगलवार को यहां शव की शिनाख्त कमलेश तिवारी निवासी ग्राम बिरवाही के रूप में की गई।
पन्ना एसडीओपी आर.एस. रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि कमलेश तिवारी अपने बच्चों और पत्नी को पन्ना जिले के ही सुनवानी थाना अंतर्गत स्थित ससुराल में छोड़ने के बाद वापस अपने गांव बिरवाही के लिये निकला था। लेकिन, वह घर नहीं पहुंचा। जब यह बात कमलेश के परिजनों और उनके ससुराल पक्ष को पता चली तो उनके द्वारा खोजबीन शुरू की गई साथ ही पुलिस थाना में भी गुमशुदगी की सूचना दी गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि कमलेश अपनी पत्नी और बच्चों को ससुराल लेकर अचानक इसलिये गया था क्योंकि कुछ दिन पूर्व गांव के ही एक युवक ने उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की थी। इस घटनाक्रम को लेकर वह काफी दुःखी था। छेड़खानी की रिपोर्ट पुलिस थाना में दर्ज कराई गई और आरोपी भी जेल जा चुका है। पन्ना एसडीओपी आर.एस. रावत का के अनुसार, फिलहाल यह बात सामने आई है कि बेटी के साथ हुई इस घटना से कमलेश शायद इतना अधिक आहत हुआ कि उसने आत्मघाती कदम उठाते फाँसी लगा ली। एसडीओपी श्री रावत का कहना इस घटना के हर पहलू की बारीकी से विस्तृत जाँच की जा रही है, जाँच में जो निष्कर्ष निकलेगा उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस, कलेक्टर ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली

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* नौनिहालों ने प्रस्तुत की आकर्षक पीटी और सांस्कृतिक कार्यक्रम

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस पन्ना सहित पूरे जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय पन्ना में मुख्य समारोह स्थानीय पुलिस परेड मैदान में आयोजित किया गया। मुख्य समारोह में कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के उपरांत परेड की सलामी ली गई। मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया गया। इस अवसर पर मंच से ही अतिथियों द्वारा रंग-बिरंगे गुब्बारे आसमान में छोड़े गए।
राष्ट्रगान, मार्चपास्ट के आयोजन के उपरांत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके परिजनों को शाल, श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इसके उपरांत नौनिहालों द्वारा आकर्षक पीटी का प्रदर्शन किया गया। आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। बच्चों के जज्बे को वहां उपस्थित सभी ने सलाम किया। इस अवसर पर एक हजार छात्र-छात्राओं द्वारा एक साथ पीटी का प्रदर्शन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति शुरू की गयी इनमें कनिष्ठ वर्ग में सरस्वती उमावि पन्ना, लिस्यु आनन्द विद्यालय पन्ना एवं महर्षि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पन्ना द्वारा प्रस्तुति दी गयी। इसी प्रकार वरिष्ठ वर्ग में नेशनल पब्लिक स्कूल पन्ना, जवाहर नवोदय विद्यालय पन्ना, बालिका छात्रावास पन्ना द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गयी। वहीं खेल एवं युवक कल्याण में प्रशिक्षणरत बच्चों द्वारा मलखम्ब का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की झांकी का प्रदर्शन किया। इसमें आदिम जाति कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास, जिला शिक्षा केन्द्र, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, नगरपालिका, उद्यानिकी, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र आदि विभागों द्वारा आकर्षक झांकियां निकालकर लोगों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एवं गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत अक्षत कुमार खरे को राष्ट्रीय बालीबाल प्रतियोगिता, कु. कनिष्का शुक्ला टेबिल टेनिस, अरविंद यादव राष्ट्रीय बालरंग प्रतियोगिता के लिए पुरस्कृत किया गया। जिला पंचायत पन्ना से श्री बालागुरू के आईएएस एवं संजय सिंह परिहार प्रभारी अधिकारी मनरेगा को मनरेगा राष्ट्रीय सम्मान 2019, अशोक चतुर्वेदी उप संचालक सामाजिक न्याय को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा वयोश्रेष्ठ सम्मान 2019, सरपंच/सचिव ग्रारोस, उपयंत्री ग्राम पंचायत कल्दा एवं सरपंच/सचिव ग्रारोस उपयंत्री ग्राम पंचायत मोहन्द्रा को उत्कृष्ट गौशाला निर्माण, अवधेश मिश्रा एवं गौरीशंकर गुप्ता समन्वयक जनपद पंचायत पन्ना को उत्कृष्ट गौशाला निर्माण के लिए पुरस्कृत किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए मोती सिंह सहायक विकास विस्तार अधिकारी जनपद पंचायत शाहनगर, गौरीशंकर गुप्ता समन्वयक जनपद पंचायत पन्ना, गौरव सराफ सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को सीएम हेल्पलाईन की शिकायतों का निराकरण, कुलदीप द्विवेदी स्टेनो कलेक्टर आदेशों-निर्देशों का तत्परता से पालन, राधाकृष्ण गोस्वामी सहायक ग्रेड-3 उमावि पहाड़ीखेरा संकुल केन्द्रोें में लेखा का उत्कृष्ट संधारण करने पर पुरस्कृत किया गया।
परेड में सब इंस्पेक्टर निवास सिंह को प्रथम, सब इंस्पेक्टर कृष्ण मवाई एवं सब इंस्पेक्टर अंजली राजपूत को द्वितीय, सीनियर एनसीसी में अंडर आफिसर तरूण कुमार राय प्रथम, जूनियर डिवीजन एनसीसी में सर्जेन्ट घनश्याम यादव को द्वितीय, जूनियर एनसीसी छात्रा विंग में सर्जेन्ट नेहा रैकवार को प्रथम, रेडक्रास गल्र्स में आकांक्षा रजक को द्वितीय, गाईड दल में कु. अलमीन खातून को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। कनिष्ठ वर्ग में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लिस्यु आनन्द उमावि पन्ना को प्रथम, महर्षि उमावि पन्ना को द्वितीय तथा सरस्वती उमावि पन्ना को तृती स्थान प्राप्त हुआ। वरिष्ठ वर्ग में बालिका छात्रावास को प्रथम, जवाहर नवोदय विद्यालय एवं नेशनल पब्लिक स्कूल को संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। झांकी के प्रदर्शन में जिला पंचायत को प्रथम, टाईगर रिजर्व एवं महिला बाल विकास को संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान तथा जिला शिक्षा केन्द्र को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। सम्पन्न हुए कार्यक्रम में जिला अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार, गणमान्य नागरिक, आमजन, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम संचालन प्रो. विनय श्रीवास्तव, व्याख्याता प्रमोद अवस्थी तथा अध्यापिका मीना मिश्रा द्वारा किया गया।
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मासूम बच्चों के सामने पत्थर पटककर पत्नी की निर्मम हत्या, चरित्र संदेह पर वारदात को दिया अंजाम

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मृतिका केशबाई राजपूत।

* पन्ना जिले के गुनौर तहसील मुख्यालय की घटना

* कुछ दिन पूर्व ही जेल से रिहा हुआ था हत्यारोपी युवक

पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के गुनौर क़स्बा में आपराधिक प्रवृत्ति के एक शराबी युवक ने चरित्र संदेह पर अपनी पत्नी की पत्थर पटककर निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी। जिस कमरे में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया वहाँ पर मृतिका केशबाई राजपूत का मासूम पुत्रव व पुत्री मौजूद थी। अपने ही पिता को माँ की हत्या करते हुए देखने वाले मासूम बच्चे काफी डरे-सहमे हुए हैं। पत्नी की जघन्य हत्या कर आरोपी रमाकांत राजपूत उर्फ पप्पू मौके से फरार हो गया। शनिवार 25 जनवरी की सुबह गुनौर के लोगों को जब इस सनसनीखेज हत्याकाण्ड का पता चला तो पूरा क़स्बा दहल उठा। गुनौर थाना पुलिस ने हत्या की वारदात को अत्यंत ही गंभीरता से लेकर फरार आरोपी पप्पू राजपूत को महज कुछ घण्टे बाद ही गिरफ्तार कर लिया।
गुनौर थाना प्रभारी जाहिदयार खान ने जानकारी देते हुए बताया कि, ग्राम खलपुरा निवासी रमाकांत राजपूत उर्फ पप्पू की पत्नी केशबाई राजपूत 35 वर्ष अपने दो बच्चों के साथ गुनौर क़स्बा में पेट्रोल पम्प के पीछे रहती थी। रमाकांत राजपूत उर्फ पप्पू आगजनी के एक मामले में जेल में कई साल तक सजा काटने के बाद चंद दिन पूर्व ही रिहा होकर अपनी पत्नी और बच्चों के पास आया था। करीब 2-3 साल तक परिवार से दूर रहने के कारण पप्पू राजपूत अपनी पत्नी केशबाई के चरित्र पर संदेह करने लगा। केशबाई ने अपनी ओर से पति को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन वह पप्पू की शंका-संदेह का निवारण नहीं कर सकी। इस कारण कुछ दिनों से उनके बीच विवाद होने लगा। शुक्रवार-शनिवार की देर रात भी दोनों के बीच काफी वाद-विवाद हुआ। जिसके बाद रमाकांत राजपूत उर्फ पप्पू घर से बाहर चला गया और केशबाई कमरे में ही सो गई। कुछ घण्टे बाद रमाकांत राजपूत उर्फ पप्पू वापिस घर के अंदर आया और उसने क्रूरता की साड़ी हदें पार कर गहरी नींद में सो रही पत्नी केशबाई के सिर पर भारी पत्थर पटक दिया।
सांकेतिक फोटो।
पत्थर की आवाज और माँ की चींख सुनकर उसी कमरे ने सो रहा पप्पू का मासूम पुत्र-पुत्री नींद से जाग गए। पत्नी के खून का प्यासा पप्पू इसके बाद भी नहीं रुका। बेटे-बेटी की आँखों के ही सामने उसने केशबाई के सिर को पुनः 2-3 बार पत्थर से कुचला और फिर मौके से फरार हो गया। इस जघन्य वारदात की सूचना मिलने पर गुनौर थाना प्रभारी जाहिदयार खान हमराही बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे जहाँ खून से लथपथ केशबाई का शव कमरे में पड़ा मिला। इस वीभत्स वारदात के प्रत्यक्षदर्शी दोनों मासूम बच्चे अत्यंत ही डरे-सहमे हुए वहीं बैठे रो रहे थे। थाना प्रभारी ने दोनों बच्चों संभालते हुए उनसे हत्याकाण्ड की जानकारी प्राप्त की गई। गुनौर थाना पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्परता से फरार हत्यारोपी की धरपकड़ के लिए घेराबंदी कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पत्नी को मौत के घाट उतारकर रमाकांत राजपूत उर्फ पप्पू गिरफ्तारी से बचने के लिए गुनौर के बाहरी इलाके में खदान के समीप छिपा हुआ था। जिसकी भनक लगते ही पुलिस टीम ने उसे धर दबोंचा। इस तरह हत्या की वारदात के कुछ घण्टे बाद ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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बिग ब्रेकिंग : प्रभारी तहसीलदार और चौकीदार को 25 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा

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लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम के साथ लाल घेरे में घूसखोर प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला।

* रेत से भरे ट्रेक्टर-ट्रॉली को छोड़ने के एवज में शिक्षक से लिए थे रुपये

* पन्ना जिले के गुनौर क़स्बा में चल रही है लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई

* नए साल में पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई से प्रशासनिक हल्कों में मचा हड़कंप

* जिले के शासकीय कार्यालयों में बगैर रिश्वत दिए नहीं होते आमजन के काम

शादिक खान, कुलदीप सिंह डिघौरा- पन्ना/गुनौर।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए गुनौर के प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला एवं चौकीदार देवीदीन दहायत को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्राली को छोड़ने के एवज प्रभारी तहसीलदार के ने शिक्षक बृज बिहारी प्रजापति से आज सुबह अपने शासकीय आवास में चौकीदार देवीदीन दहायत के माध्यम से घूस ली गई। अगले ही क्षण लोकायुक्त की पुलिस टीम ने दबिश देकर प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला एवं रिश्वत की राशि लेने वाले चौकीदार को रंगे हाथों दबोंच लिया।
लोकायुक्त की टीम दोनों को स्थानीय पुलिस थाना ले गई, जहाँ पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्रवाई चल रही है। शनिवार 25 जनवरी की सुबह-सुबह हुई ट्रैप कार्रवाई से गुनौर तहसील मुख्यालय में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में सोशल मीडिया के जरिए इस खबर के फैलने पर पन्ना के प्रशासनिक हल्क़ों में आंतरिक तौर पर खलबली की स्थिति निर्मित रही। नव वर्ष 2020 में पन्ना जिले में लोकायुक्त पुलिस की यह पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई है, जिसे लोकायुक्त डीएसपी सागर राजेश खेड़े के नेतृत्व वाली टीम ने अंजाम दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुनौर निवासी शिक्षक बृज बिहारी प्रजापति के ट्रैक्टर-ट्राली को छोड़ने के एवज में प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला ने 35 हजार रुपए माँगे। सौदा तय होने पर शिक्षक ने सागर पहुँचकर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इसकी शिकायत की। मामले की सच्चाई जानने के बाद लोकायुक्त एसपी सागर रामेश्वर सिंह यादव के निर्देशन में ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार कर समय व दिन नियत किया गया। इसके पूर्व शुक्रवार की रात प्रभारी तहसीलदार को शिक्षक बृजबिहारी द्वारा 10 हजार रुपए दिए गए। अगले दिन शनिवार 25 जनवरी को शिक्षक बृजबिहारी प्रजापति शेष 25 रुपए देने के लिए सुबह-सुबह प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला के शासकीय आवास पहुँचे। प्रभारी तहसीलदार के कहने पर शिक्षक ने घूस की नकद राशि वहाँ उपस्थित चौकीदार देवीदीन दहायत को सौंप दी। अगले ही क्षण लोकायुक्त पुलिस की टीम ने प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला एवं चौकीदार देवीदीन दहायत को रंगे हाथ दबोंच लिया।
मीडियकर्मियों को कार्रवाई की जानकारी देते हुए लोकायुक्त पुलिस सागर के डीएसपी राजेश खेड़े।
समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त पुलिस प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई में जुटी थी। उल्लेखनीय है कि रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गुनौर के प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला का मूल पद नायब तहसीलदार है। पन्ना जिले की गुनौर तहसील लम्बे समय से घूसखोरी और वहाँ दलालों का नेटवर्क सक्रिय होने को लेकर चर्चा में रही है। अति पिछड़ा पन्ना जिला प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों का चारागाह बना है। जिले के अधिकाँश कार्यालयों में बगैर रिश्वत दिए आमजन के कोई काम नहीं होते। रिश्वत लेने के लिए लोगों को बेबजह काफी परेशान किया जाता है। परिणामस्वरूप पिछले कुछ वर्षों से जिले में लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई के मामले तेजी से बढ़ रहे है। आमजन का भ्रष्टाचार-रिश्वतखोरी के खिलाफ खड़ा होना सकारात्मक बदलाव और बढ़ती जागरूकता का संकेत है।
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पन्ना जिले की ग्राम पंचायतों के पंच-सरपंच पद का आरक्षण 27 को, कार्रवाई सम्पादित कराने के लिए अधिकारी नियुक्त

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पन्ना जिले के नगरीय निकायों के वार्डों के आरक्षण की कुछ समय पूर्व संपन्न हुई कार्रवाई का फाइल फोटो।
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कर्मवीर शर्मा द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के अन्तर्गत ग्राम पंचायतों के वार्डों एवं सरपंच पद के आरक्षण की कार्यवाही के लिए अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गयी है। यह कार्यवाही 27 जनवरी को डाईट पन्ना के अलग-अलग कक्षों में जनपद पंचायतवार की जाएगी।
जनपद पंचायत पन्ना के पंच पदों के आरक्षण की कार्यवाही के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पन्ना एवं खण्ड पंचायत अधिकारी जनपद पंचायत पन्ना को दायित्व सौंपा गया है। यह कार्यवाही कक्ष क्रमाँक 13 में की जाएगी। अजयगढ जनपद से संबंधित पंच पदों के आरक्षण की कार्यवाही डाईट के नये हाल में की जाएगी। कार्यवाही की जिम्मेदारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अजयगढ, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अजयगढ एवं खण्ड पंचायत अधिकारी जनपद पंचायत अजयगढ को दायित्व सौंपा गया है। गुनौर जनपद पंचायत से संबंधित पंच पदों के आरक्षण की कार्यवाही कक्ष क्रमाँक 16 में की जाएगी। कार्यवाही का दायित्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुनौर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गुनौर एवं खण्ड पंचायत अधिकारी जनपद पंचायत गुनौर को सौंपा गया है।
जनपद पंचायत पवई के पंच पदों की आरक्षण की कार्यवाही कक्ष क्रमाँक 14 में की जाएगी। कार्यवाही की जिम्मेदारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पवई, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पवई एवं खण्ड पंचायत अधिकारी जनपद पंचायत पवई को सौंपी गयी है। इसी प्रकार शाहनगर जनपद पंचायत के पंच पदों की कार्यवाही कक्ष क्रमाँक 5 में की जाएगी। कार्यवाही का दायित्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शाहनगर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत शाहनगर एवं खण्ड पंचायत अधिकारी जनपद पंचायत शाहनगर को सौंपा गया है।
इसी प्रकार सरपंच पदों की कार्यवाही डाईट के हाल क्रमाँक 6 में की जाएगी। आरक्षण की कार्यवाही के लिए नियुक्त अधिकारी अपने-अपने जनपद पंचायत के सरपंच पदों के आरक्षण की कार्यवाही सम्पादित करेंगे।
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बगैर लाइसेंस कीटनाशक बिक्री करने वाले को पकड़कर दर्ज कराई एफआईआर

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सांकेतिक फोटो।
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) उप संचालक कृषि पन्ना ने बताया है कि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत विकासखण्ड पवई के कीटनाशक निरीक्षक आर. के. मौर्य वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा ग्राम सुनवानीकला में बगैर लाईसेंस लिए ग्रोथ प्रमोटर एवं कीटनाशक औषधि का विक्रय करते लवकुश पटेल निवासी ग्राम पुरैना पोस्ट नगनौडी ब्योहारी जिला शहडोल को पकड़कर पुलिस के हवाले कर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई गई। उन्होंने जिले के समस्त कीटनाशक/उर्वरक/बीज विक्रेताओं को सूचित किया है कि कृषि आदानों का विक्रय अनुज्ञप्ति लेकर तथा मानक स्तर के कृषि आदान कृषकों को विक्रय करें। विक्रय किए गए सामान की रसीद भी देवें।
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कार्रवाई : मोहाना और बीरा रेत खदान की ईटीपी बंद, पंचायत की आड़ में दोनों खदानों को चला रहे थे रेत माफिया

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सांकेतिक तस्वीर।

* खनिज उत्खनन में नियमों का पालन न करने पर कलेक्टर ने लगाई रोक

* प्रतिबंधित मशीनों के जरिए नदी में पानी के अंदर से निकाली जा रही थी रेत

* पन्ना में मची रेत की लूट में प्रशासन की संलिप्तता पर सवाल उठते ही शुरू हुई कार्रवाई

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में मानसून सीजन की समाप्ति के बाद नए सिरे से मची रेत की जबरदस्त लूट की घोर अनदेखी को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस की भूमिका पर चौतरफा सवाल उठने से बने नैतिक दबाब के चलते आखिरकार कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। रेत माफिया को खुला संरक्षण देने के प्रशासन पर लगे आरोपों के बीच पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने रेत के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। दो दिन पूर्व कलेक्टर ने स्वयं अजयगढ़ क्षेत्र की रेत खदानों में दबिश देकर 3 एलएनटी मशीनों और 15 डम्फरों को पकड़ने के बाद आज मोहाना तथा बीरा पंचायत की रेत खदानों की ईटीपी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। खनिज उत्खनन में नियमों का पालन न करने पर यह कार्रवाई की गई है।
कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर पन्ना।
उल्लेखनीय है कि 22 जनवरी को पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने मोहन रेत खदान में दबिश देकर वहाँ से एक एलएनटी मशीन पकड़ी थी। इस दैत्याकार मशीन के जरिये नदी का सीना और कोख छलनी कर पानी के अंदर से रेत निकाली जा रही थी। प्रतिबंधित मशीन से रेत खनन करने एवं अन्य नियम-शर्तों का उल्लंघन करने कारण मोहाना पंचायत की खदान की ईटीपी बंद की गई है। जनपद पंचायत अजयगढ की ग्राम पंचायत मोहाना की खदान पर दूसरी बार रोक लगी है। इसके पूर्व कलेक्टर मनोज खत्री ने भी मोहाना खदान की ईटीपी बंद की थी। मोहाना नंबर- 1 के नाम से खसरा नम्बर 1463 रकवा 6.74 हेक्टेयर में संचालित इस खदान को अघोषित तौर पर रेत माफियाओं का संगठित गिरोह लम्बे समय से चला रहा था।
इसी प्रकार जनपद पंचायत अजयगढ़ के ग्राम बीरा में पंचायत को आवंटित खदान का संचालन भी रेत माफिया अब तक धड़ल्ले से करते रहे हैं। इसके एवज में माफियाओं से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को कथित तौर पर लाखों रुपए एडवांस बतौर कमीशन देने होते हैं। एक वायरल वीडियो से बात का खुलासा हुआ है। वीडियो में कांग्रेस नेता एवं अजयगढ़ के जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय, पन्ना विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे दशरथ पहलवान, बीरा सरपंच जुगराज सिंह एवं रेत माफियाओं के बीच प्रशासनिक मैनेजमेंट की चर्चा हो रही है। इस वीडियो के सोशल मीडिया में वायरल होने से प्रदेश की कमलनाथ सरकार की अच्छी-खासी बदनामी हो रही है। वीडियो के माध्यम से पन्ना जिले के शीर्ष अधिकारियों के कथित संरक्षण में चल रही रेत की लूट का पर्दाफश होने के साथ अधिकारियों का रेट कार्ड भी मीडिया की सुर्ख़ियों में बना है। माना जा रहा है कि, रेत माफियाओं की बातचीत का वीडियो के वायरल होने से हो रही फजीहत के चलते ही बीरा खदान की ईटीपी तत्काल प्रभाव से बंद की गई है।
ग्राम बीरा नम्बर-3 खसरा नम्बर-1 रकवा 6.00 हेक्टेयर में संचालित पंचायत की रेत खदान के साथ-साथ वहाँ केन नदी में अन्य स्थानों से माफिया खुलेआम मशीनों से बड़े पैमाने पर रेत खनन कर रहे थे। बीरा से निकलने वाली अवैध रेत का परिवहन पंचायत की ईटीपी पर होता था। हालांकि शुक्रवार 24 जनवरी को पन्ना कलेक्टर के हस्ताक्षर से जारी ईटीपी बंद करने के आदेश में जिला प्रशासन द्वारा सरपंच ग्राम पंचायत बीरा एवं मोहाना के द्वारा रेत का गौण खनिज नियमों के तहत उत्खनन न करना, प्लान, सिया/डिया पर्यावणीय अनुमति के तहत एवं स्वीकृत आदेश/अनुबंध पत्र की निहित शर्तों का पालन न किए जाने पर तत्काल प्रभाव से स्वीकृत क्षेत्र खदान की ईटीपी बंद करने का उल्लेख किया गया है।
रेत से लोड वाहनों की धरपकड़ की कार्रवाई को अंजाम देते हुए पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा का फाइल फोटो।
रुपए लेकर रेत माफियाओं को पालने के कथित खुलासे से जिले के कतिपय अधिकारियों की भूमिका पर लोगों को अफ़सोस तो जरूर हुआ लेकिन हैरानी बिल्कुल भी नहीं हुई। क्योंकि, इस सच्चाई को पन्ना के लोग पिछले 6 साल से भलीभांति जान रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिले के मौजूदा अधिकारी अपनी साख और कुर्सी बचाने के लिए फिलहाल रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दिखना चाह रहे हैं या फिर यह वे इस मुहिम को ईमानदारी के साथ आगे भी जारी रखते हैं। पंचायतों की रेत खदानों में नियम-शर्तों का पालन न होने का मामला सिर्फ कुछ समय के लिए ईटीपी बंद करने की फौरी कार्रवाई तक ही सिमटकर रह जायेगा या फिर संबंधितों की जबाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कोई एक्शन भी लिया जाएगा। आने वाले दिनों में इस पर लोगों की नजर रहेगी।
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रेत की लूट : खाता खुलवाने के 8 लाख लगते हैं, 5 लाख एडवांस कलेक्टर और 3 लाख एमओ, कांग्रेस नेता और रेत माफियाओं की बातचीत का वीडियो वायरल

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नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन पन्ना का फाइल फोटो।

* पन्ना जिले में बीरा पंचायत की खदान के संचालन को लेकर वीडियो में हो रही चर्चा

* “अपनी तरह तुम्हारी डील करूँगा लेकिन प्रशासन को मैनेज तुम नहीं हम करेंगे” : भरत मिलन

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लम्बे अर्से जारी को लूट के खेल में प्रशासन का खुला संरक्षण कैसे प्राप्त होता है, इसके लिए कितनी कीमत अदा करनी पड़ती है, रेत माफिया और प्रसाशन के बीच के रिश्ते यहाँ कितने मजबूत हैं ? इस रहस्य को सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने कथित तौर पर काफी हद तक उजागर कर दिया है। इस वीडियो में पन्ना के कांग्रेस नेता एवं अजयगढ़ जनपद के अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय और पन्ना विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के उमीदवार रहे दशरथ पहलवान आपस में चर्चा करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में कुछ अन्य लोगों की बातचीत रिकार्ड हुई है लेकिन उनके चेहरे नहीं दिखते।
सांकेतिक तस्वीर।
वीडियो शायद कुछ समय पूर्व का है, जिसे कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय के घर पर खुफिया कैमरे से शूट किया गया है। स्टिंग ऑपरेशन की तर्ज बनाए गए इस वीडियो को किसने शूट किया यह तो पता नहीं चल सका लेकिन इसके वायरल होने के बाद से जिले के प्रशासनिक एवं राजनैतिक हलकों में खलबली मची है। दरअसल वीडियो में इस बात का उल्लेख है कि बीरा में रेत खदान चलाने के लिए किस अधिकारी को कितना रुपया देना पड़ता है। जिले के शीर्ष अफसरों से जुड़ीं अंदर की बात इस तरह उजागर होने से प्रशासनिक हलकों में बेचैनी बढ़ना और हड़कंप मचना स्वाभाविक है। उल्लेखनीय है कि रेत से जुड़े विवादों को लेकर कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय और उनके परिजन पिछले कुछ समय से सुर्ख़ियों में बने हैं। आज उन्होंने वायरल वीडियो को लेकर अपनी तरफ से सफाई देते हुए इसकी पुष्टि की है। जबकि पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और जिला खनिज अधिकारी एस. के. पाण्डेय वीडियो की बातों को पूर्णतः असत्य और निराधार बताते हुए सिरे से खारिज किया है।

क्या है वायरल वीडियो में

कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय एवं सपा के पूर्व प्रत्याशी दशरथ पहलवान सहित अन्य की चर्चा के वायरल वीडियो का स्क्रीन शॉट।
सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहे इस वीडियो में पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड अंतर्गत बीरा पंचायत को आवंटित रेत खदान के निर्बाध संचालन हेतु आवश्यक प्रशासनिक मैनेजमेंट को लेकर चर्चा होती है। जिसमें कथित तौर पर बीरा पंचायत के प्रधान (सरपंच) जुगराज सिंह जोकि वीडियो में नजर नहीं आते कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय उन्हें प्रशासनिक मैनेजमेंट का फंडा समझाते हुए दिखते हैं। वे किसी व्यक्ति को हिदायत देते हुए कहते हैं- यदि तुम सोचते हो इसे-उसे रुपया न देना पड़े तो यह नहीं चलेगा, फिर बीरा के नाम पर एक ही प्वॉइंट चलेगा जो अपने पास है। प्रधान जी को नहीं देना है, तुम मैनेज नहीं करोगे मैनेज हम करेंगे हमारा शासन-प्रशासन चलता है।
श्री पाण्डेय किसी व्यक्ति से धमकी भरे लहजे में कहते हैं, नहीं तो हम बंद कर दें तुम सब चला लो। इसके पश्चात वहाँ मौजूद एक अन्य व्यक्ति जो वीडियो कहीं नजर नहीं आता वह चर्चा में शामिल होते हुए किसी शर्मा जी को समझाता और बताता है-बीरा में पहले खाता खुलवाने मात्र का 8 लाख रुपये लगता है। जिसमें 5 लाख रुपये एडवांस कलेक्टर और 3 लाख रुपये एमओ (माइनिंग ऑफिसर) अब गौर करो, पैसा दो। इस वीडियो में सपा नेता दशरथ पहलवान कोई बीच का रास्ता निकालने की बात कह रहे हैं। वे कहते हैं मैं सबसे गरीब और अनाड़ी आदमी हूँ, मेरे 12 लाख रुपए लग गए दो मशीनों से रोड बनवा दिया, यदि मुझे पता होता मैं क्यों करता। ऐसा बीच का रास्ता निकालें कि आप लोग अपना चला लें हम अपना चला लें। श्री यादव कहते हैं यदि गाड़ी थोड़ी महँगी नहीं करोगे तो मेरे लिए मरन है, मुझे एक भी चोरी करने नहीं मिल रहा है, प्रशासन पागल हो रखो है।”

रेत बनी बदनामी का कारण

सांकेतिक तस्वीर।
पड़ोसी जिला छतरपुर में कुछ दिन पूर्व कांग्रेस के स्थानीय विधायक आलोक चतुर्वेदी और उत्तर प्रदेश के पूर्व सपा नेता चरन सिंह यादव के बीच कथित तौर पर रेत के कारोबार को लेकर बातचीत का ऑडियो जमकर वायरल हुआ था। जिसमें सत्ता की धमक और प्रशासन तथा पुलिस की सेटिंग से कतिपय रेत खदानें चलाने के बाबजूद आपेक्षित आर्थिक लाभ न होने की शिकायत विधायक जी करते हैं। खदान का ख़र्चा अधिक डाले जाने को लेकर वे खुलकर अपनी नारजगी जाहिर करते हैं। इस ऑडियो के बाद पन्ना के कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय एवं अन्य लोगों के बीच रेत खदान संचालन की प्रशासनिक सेटिंग संबंधी बातचीत से जुड़ा वीडियो वायरल होने से प्रदेश की कमलनाथ सरकार की काफी फजीहत हो रही है। इस घटनाक्रम से विपक्ष को बैठे-बिठाए सरकार पर हमला बोलने का अवसर मिल गया है।
प्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से कुछ स्थानों पर पार्टी के कतिपय नेता भी भाजपाइयों की तर्ज पर रेती की खेती से तेल की जगह शुद्ध घी निकालने में जुट गए हैं। यह सब ऐसे समय पर हो रहा है, जब मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर प्रदेश भर में इन दिनों संगठित माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मुहिम चलाई जा रही है। पन्ना के इस वायरल वीडियो में प्रशासनिक अफसरों को लेकर जो दावे किए गए हैं, यदि उसमें ज़रा भी सच्चाई है तो इस जिले में रेत माफिया के खिलाफ क्या ईमानदारी से कार्रवाई हो सुनिश्चित हो पाएगी। रेत माफिया के आतंक से परेशान पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र के लोगों के जेहन में यह सवाल लगातार कौंद रहा है।
सांकेतिक तस्वीर।
अति पिछड़े इस जिले में रेत की बेइंतहां लूट का सिलसिला नया नहीं है, यह पिछले छः सालों से अनवरत जारी है। अंतर् सिर्फ इतना है कि सत्ता परिवर्तन के साथ रेत की लूट के समीकरण और किरदार बदल गए हैं। पिछली शिवराज सरकार के समय भाजपा के कतिपय स्थानीय नेताओं और उनके परिजनों पर रेत के अवैध कारोबार में संलिप्तता के आरोप लगते रहे हैं। स्पष्ट कर दें कि रडार न्यूज इन वायरल ऑडियो-वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।

इनका कहना है –

“अपने गलत कामों को छुपाने के लिए प्रशासन के नाम का दुरूपयोग करते हुए प्रतीत होते हैं। बोलने वाले के पास कोई प्रमाण हो तो प्रस्तुत करे। कल ही कई खदानों पर कार्रवाई कर 3 एलएनटी मशीनें, 13 डम्फर जब्त किये हैं। नियम विरुद्ध रेत का काम करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है, पिछले कुछ माह में 200 से अधिक केस बनाए एवं 1 करोड़ से अधिक अर्थदण्ड वसूल किया। अवैध उत्खनन की कार्रवाइयों के कारण कुछ लोग इस प्रकार की बातें संभवतः कर रहे हैं। अवैध उत्खनन के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी चाहे कोई कुछ भी कहे।”

कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर पन्ना।

“यह आरोप पूरी तरह निराधार और झूठे हैं, इन पर क्या टिप्पणी करूँ। वीडियो में कोई यह नहीं कहता किसी को रुपया दिया है इसमें सिर्फ पार्टनर आपस में खर्चा बता रहे हैं। अगर कोई रुपया लेता तो इतनी बड़ी कार्रवाइयाँ फिर कैसे होतीं। मुझे यह लगता है यह सब पार्टनरों की चालाकी है वे अपना खर्च एडजस्ट कराने के लिए प्रशासन को बेबजह बदनाम कर रहे हैं।”

एस. के. पाण्डेय, जिला खनिज अधिकारी, पन्ना।

“मैं अपने घर में बैठा था तभी बीरा सरपंच जुगराज और रेत माफिया आए थे, वे अपनी चर्चा कर रहे थे, मैनें उनसे कहा मेरा मैनेजमेंट कहीं नहीं चलता है। मेरी गाड़ियाँ वैध तरीके से ईटीपी लेकर चलती हैं। मैंने आज तक किसी को दो रुपया भी नहीं दिया। वह लोग मैनेजमेंट की बात करते रहे लेकिन मैनें उस पर कोई ध्यान नहीं दिया क्योंकि इसमें मेरी कोई रूचि नहीं है। उन्होंने क्या-क्या बात की ये वह जानें, मैनें उनसे बात नहीं की मुझे पता भी नहीं कहाँ क्या मैनेजमेंट होता है स्वयं जाके लोग जो मैनेजमेण्ट करते हों। मैं इतना सक्षम हूँ न तो किसी को पैसे देता हूँ और ना ही किसी से पैसे लेता हूँ।”

भरत मिलन पाण्डेय, अध्यक्ष, जनपद पंचायत अजयगढ़।

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रेत माफिया को संरक्षण देने के दाग़ धोने की कवायद ! कलेक्टर ने रेत खदानों पर छापामार कार्रवाई कर 3 एलएनटी मशीनें 15 ट्रक पकड़े

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रेत से लोड वाहनों की धरपकड़ की कार्रवाई को अंजाम देते हुए पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा। फाइल फोटो।

* पन्ना जिले के ग्राम मोहाना, जिगनी और रामनई की खदानों में की गई कार्रवाई

* रेत माफिया को खुला संरक्षण देने प्रशासन और पुलिस पर लग रहे थे आरोप

* रेत की लूट के बीच प्रशासन की साख बचाने कलेक्टर ने संभाली कार्रवाई की कमान

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) कुछ तस्वीरें शब्दों की मोहताज नहीं होतीं। वे खुद बोलतीं हैं, अपनी कहानी बयाँ करती है, वह भी उस जुबान में जो सबको समझ आती है। शायद इसीलिए किसी ने कहा है, एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बुधवार 22 जनवरी की देर शाम कुछ ऐसी ही तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं जोकि यहाँ पर मची रेत की बेतहाशा लूट की सच्चाई को उजागर करने के साथ-साथ रेत के खेल में प्रशासन एवं पुलिस की भूमिका को बेनकाब करतीं हैं। मजेदार बात यह कि ये सभी फोटो उस कार्रवाई से जुड़ीं है जिसे रेत के अवैध उत्खनन-परिवहन को रोकने के लिए पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने स्वयं अंजाम दिया है। बुंदेलखंड का बेल्लारी कहलाने वाले पन्ना जिले में लम्बे समय से जारी रेत की खुलेआम मची लूट के बीच जिले के प्रशासनिक मुखिया कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने दलबल के साथ अजयगढ़ क्षेत्र की तीन रेत खदानों पर छापामार कार्रवाई को अंजाम देते हुए 3 एलएनटी मशीनें 15 ट्रक-डम्फर पकड़े हैं।
जिगनी में अवैध रूप से रेत खनन कार्य में लगी रहीं दो एलएनटी मशीनें जब्त की गईं।
रेत के अवैध कारोबार के खिलाफ बुधवार शाम से शुरू हुई कार्रवाई देर रात्रि तक जारी रही जिससे रेत माफियाओं में हड़कंप मचा है। पन्ना कलेक्टर द्वारा स्वयं खदानों में दबिश देकर रेत से लोड वाहनों तथा रेत का खनन करने वाली दैत्याकार मशीनों को पकड़ने की कार्रवाई ऐसे समय पर की गई, जब जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों पर निहित स्वार्थपूर्ति के लिए रेत के अंधाधुंध तरीके से जारी अवैध कारोबार की जानबूझकर घोर अनदेखी करने पर मीडिया में लगातार सवाल उठ रहे हैं। साथ ही रेत माफिया को अघोषित तौर पर संरक्षण देने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय एवं सपा के पूर्व प्रत्याशी दशरथ पहलवान सहित अन्य की चर्चा के वायरल वीडियो का स्क्रीन शॉट।
उल्लेखनीय है कि, कांग्रेस नेता एवं अजयगढ़ के जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय एवं पन्ना विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे दशरथ पहलवान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें कथिततौर पर रेत के कारोबार में प्रशासन को बतौर कमीशन एडवांस में दी जाने वाली राशि का जिक्र हो रहा है। इस वीडियो में होने वाली चर्चा के आधार पर पन्ना जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को रेत से होने वाली काली कमाई का स्वतः ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

रामनई में पकड़े 14 ट्रक

कलेक्टर के नेतृत्व में पकड़े गए रेत से लोड वाहन।
अजयगढ़ एसडीएम सुरेश गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार 22 जनवरी को क्षेत्र की रेत खदानों पर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के निर्देशन एवं उनकी उपस्थिति में शाम 4 बजे से लेकर आज तड़के 3 बजे तक चली कार्रवाई में कुल 3 एलएनटी मशीनें 15 ट्रक-डम्फर पकड़े गए हैं। आपने बताया कि कलेक्टर ने कार्रवाई के लिए तीन टीमें गठित की थीं। उनके द्वारा सबसे पहले मोहाना खदान में दबिश देकर वहाँ से एक एलएनटी मशीन, रेत से लोड एक ट्रक को पकड़ा गया। इसके पश्चात कलेक्टर ने बीरा खदान का निरीक्षण किया और अंत में वे रामनई गए जहाँ से 14 ट्रक-डम्फर जब्त किए गए। एसडीएम सुरेश गुप्ता और प्रभारी तहसीलदार अजयगढ़ धीरज गौतम के द्वारा जिगनी से दो एलएनटी मशीनों को पकड़ा गया। इस कार्रवाई की भनक लगने पर रेत माफिया ने जिगनी में नदी से एलएनटी मशीनों को निकालकर समीप ही छिपा दिया था। हालाँकि रेत माफिया की यह चालाकी उसके काम नहीं आई।

कई ट्रकों और मशीनों को नहीं पकड़ा

रामनई में बुधवार की शाम रेत का खनन करती मशीनें जिन्हें पकड़ा नहीं गया।
चारों तरफ से उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले की सीमा से घिरे पन्ना जिले के अंतिम गाँव रामनई में रेत से लोड वाहनों को पकड़ने की कार्रवाई प्रभारी तहसीलदार उमेश तिवारी के नेतृत्व में की गई थी। रामनई में वाहन बेशक सबसे ज्यादा पकड़े गए लेकिन कार्रवाई में सबसे अधिक लीपापोती भी यहीं पर होने की चर्चाएं आम हैं। बुधवार 22 जनवरी की शाम करीब 4 बजे रामनई में 10 जेसीबी और एलएनटी मशीनें आधा दर्जन से अधिक खेतों से रेत निकाल रहीं थी। इसके अलावा 50 से अधिक ट्रक-डम्फर रेत की लोडिंग के लिए खड़े थे लेकिन वहाँ सिर्फ 14 ट्रक पकड़े गए। शेष ट्रकों और मशीनों को पकड़ा क्यों नहीं गया यह तो संबंधित प्रशासनिक अधिकारी ही बेहतर बता सकते हैं लेकिन ऐसा होने से उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
पन्ना जिले के आखरी छोर पर बसे रामनई ग्राम में अभी भी आधा दर्जन से ज्यादा खेतों में संचालित हैं रेत खदानें, जिनमें धड्ड़ले से मशीनों से जारी है खनन।
उधर, अजयगढ़ एसडीएम सुरेश गुप्ता गुरुवार को रामनई गए और वहाँ एक दिन पहले पकड़े गए सभी 14 ट्रकों को चंदौरा चौकी लाकर पुलिस की सुपुर्दगी में दने की कार्रवाई कराते रहे। रामनई में आज जब अधिकारी मौजूद थे तब भी वहां दो दर्जन से अधिक रेत से लोड ट्रक खड़े रहे, इनकी जानकारी भी एसडीएम को दी गई लेकिन समाचार लिखे जाने तक उन्हें पकड़ा नहीं गया। अजयगढ़ एसडीएम से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने ट्रकों के खड़े होने की सूचना मिलने की बात स्वीकार करते हुये कहा कि पूर्व में पकड़े गए ट्रकों के चूँकि ड्रायवर भाग गए हैं इसलिए दूसरे ड्रायवरों की मदद से उन्हें सुरक्षित चंदौरा पुलिस चौकी में खड़ा कराना हमारी प्राथमिकता है, इसके पश्चात अन्य वाहनों की मौके पर जाकर जाँच की जायेगी।

बंदूकों की नोंक पर हो रहा खनन

रेत खदानों पर कार्रवाई के संबंध में सहयोगियों से चर्चा करते पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
भारतीय किसान संघ के तेज-तर्राट नेता रविन्द्र अवस्थी का मानना है कि बुधवार को रेत खदानों से एलएनटी मशीनों और ट्रक-डम्फरों की धरपकड़ की कार्रवाई महज खानापूर्ति है। श्री अवस्थी का कहना है, रेत माफियाओं को संरक्षण देने के जो अमिट दाग जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के दामन पर लगे हैं, इस तरह की कार्रवाई के जरिए उन्हें धोने और खुद को पाक-साफ़ दिखाने की कवायद बीच-बीच में होती रहती है। यह आँखों रेत झोंकने जैसा है। पूरे अजयगढ़ क्षेत्र में सक्रिय यूपी-एमपी के रेत माफिया केन नदी से खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन कर किसानों के खेतों से बंदूकों की नोंक पर जबरन वाहन निकाल रहे हैं। अजयगढ़ क्षेत्र के किसान नेता रविन्द्र अवस्थी का आरोप है रेत माफिया के आतंक से परेशान क्षेत्र के किसान जब प्रशासन और पुलिस के पास मदद मांगने जाते हैं तो उन्हें संरक्षण नहीं मिलता बल्कि उल्टा धमकी देकर भगा दिया जाता है। कुछ मामलों में तो पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने रेत के वाहनों की खेतों से निकासी रोकने पर संबंधित किसान को मौके पर जाकर धमकाया तक है जिसके प्रमाण उनके पास मौजूद हैं।
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