* जिले में कोरोना वायरस रोकथाम एवं बचाव हेतु कार्यवाही जारी
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी द्वारा बताया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा महामारी घोषित नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में निरंतर कार्यवाही जारी है। इनमें विदेश से आए 08 लोगों को पूर्व से ही कम्युलेटिव किया गया है। अन्य राज्यों से 11 अप्रैल को 18 व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस प्रकार बाहर से आए कुल 12017 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। जिले के 18 व्यक्तियों का स्क्रीनिंग की गयी। जिले में अब तक 12017 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें आज दिनांक को 18 लोगों को होम क्वारेंटाइन किया गया है। अब तक जिले में कुल 1599 व्यक्तियों को होम क्वारेंटाइन में रखा गया है। शनिवार कोरोना संदिग्ध 10 लोगों के नमूने जांच हेतु लिए गए। जिले में अब तक 63 नमूने लिए जाकर सभी जांच के लिए भेज गए थे। जिसमें से 39 नमूने निगेटिव पाए गए हैं एवं 24 कोरोना वायरस सैम्पल रिपोर्ट अप्राप्त है।
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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में ग्राम एवं शहरी स्तर पर घर-घर सर्वे, सर्विलेन्स एवं जागरूकता कार्य हेतु एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं शिक्षक की गठित टीम द्वारा सामुदाय स्तर पर घर-घर जाकर सर्वे, काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग, बाहर से आए हुए लोगों की जानकारी एवं कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।



विश्रामगंज रेन्ज के जंगल में भड़की आग को लेकर भी वन विभाग का मैदानी अमला दबी जुबान महुआ बीनने वालों को दोषी मान रहा है। उल्लेखनीय है कि जंगल में महुआ बीनने वाले लोग महुआ पेड़ के नीचे साफ़-सफाई करने के लिए अज्ञानतावश आग लगाते हैं, जिससे कई बार हवा के चलते आग बेकाबू होकर जंगल के बड़े क्षेत्र में फैल जाती है। परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर जंगल और वन्यजीवों को क्षति पहुँचती है। जंगल में आग को फैलाने में हवा, तापमान, सूखे पत्ते-टहनियां और घास बारूद का काम करती है। इसलिए गर्मी के मौसम में जंगल में आग लगने पर यदि तत्परता से उसे काबू करने के प्रयास नहीं किये गए तो उसे भीषण रूप लेते देर नहीं लगती।
