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अब तम्बाकू-गुटखा चबाकर सार्वजानिक स्थानों पर थूका तो खैर नहीं, हो सकती है जेल !

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सांकेतिक फोटो।

* कोरोना सहित अन्य संक्रामक बीमारियों को रोकने उठाया कदम

* तम्बाकू से बने पदार्थो का सार्वजनिक स्थलों पर उपयोग पर प्रतिबंध

शादिक खान, पन्ना (www.radarnews.in) तम्बाकू का सेवन जनस्वास्थ्य के लिए बड़े खतरों में से एक है। थूकना एक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरा है और संचारी रोगों के फैलने का एक प्रमुख कारण है। तम्बाकू सेवन करने वालों की प्रवृत्ति जहां-तहां थूकने की होती है। थूकने के कारण कई गंभीर बीमारियों यथा कोरोना कोविड-19, इन्सेफलाईटिस, यक्ष्मा, स्वाईन फ्लू इत्यादि बीमारी के संक्रमण फैलने की संभावना प्रबल रहती है। तम्बाकू सेवन करने वाले लोग गंदगी फैलाकर वातावरण को दूषित करते हैं जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने के लिए उपयुक्त परिस्थिति तैयार होती है।
पन्ना कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कर्मवीर शर्मा ने बताया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस को विश्वव्यापी महामारी घोषित किया जा चुका है तथा भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा इस विश्वव्यापी महामारी के रोकथाम एवं बचाव हेतु कई तरह के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। भारतीय दण्ड संहिता की धारा 268 या 269 के अनुसार कोई भी व्यक्ति यदि ऐसा विधि विरूद्ध अथा उपेक्षापूर्ण कार्य करेगा जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण फैलना संभाव्य हो उस व्यक्ति को 6 माह अवधि तक का कारावास अथवा 200 रूपये तके के जुर्माना से दण्डित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा है कि सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पादन अधिनियम (कोटपा) 2003 की धारा 4 के अनुसार सभी सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है। प्रतिबंधित स्थलों पर धूम्रपान निषेध का उल्लंघन करने पर दण्ड स्वरूप 200 रूपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। तम्बाकू सेवन के उपरांत उसे यत्र-तत्र थूकने को निषिद्ध करने के साथ वातावरण के स्वच्छ रखने में सहयोग मिलेगा। साथ ही यह कदम राज्य सरकार के कोरोना जैसी महामारी से बचाने तथा स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत अभियान में अहम योगदान होने के साथ ही जन स्वास्थ्य की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा।
सांकेतिक फोटो।
पन्ना कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कर्मवीर शर्मा ने बताया है कि जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए कोविड-19 से रोकथाम व बचाव हेतु एपिडेमिक एक्ट 1897 एवं मध्यप्रदेश एपिडेमिक डीसीजेज कोविड 19 विनियम 2020 तथा मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 की धारा 71 (1) के सुसंगत प्रावधानों के अन्तर्गत आगामी आदेश तक जिले के सभी सरकारी/गैर सरकारी कार्यालय एवं परिसर, सभी स्वास्थ्य संस्थान तथा परिसर, सभी शैक्षणिक संस्थान एवं परिसर, सभी थाना एवं सार्वजनिक स्थान जैसे मनोरंजन केन्द्र, पुस्तकालय, स्टेडियम, होटल, शापिंग माॅल, काॅपी हाउस, निजी कार्यालय, न्यायालय परिसर, सिनेमा हाॅल, रेस्टोरेंट, सभागृह, प्रतीक्षालय, बस स्टाॅप, लोक परिवहन, टी स्टाॅल, मिष्ठान भण्डार, ढाबा में किसी भी प्रकार का तम्बाकू पदार्थ तथा सिगरेट, बीडी, खैनी, गुटखा, पान मसाला, व जर्दा इत्यादि का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित किया है। यदि कोई भी पदाधिकारी, कर्मचारी या आगन्तुक इस नियम का उल्लंघन करते है तो उल्लंघन कर्ताओं पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
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तेन्दुए के हमले में दो किसान घायल, पन्ना टाइगर रिजर्व से सटे वन क्षेत्र की घटना

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तेंदुए के हमले में घायल किसान सोहन तिवारी।

* फसल की कटाई के दौरान तेन्दुए ने किया हमला

* पन्ना जिला चिकित्सालय में दोनों घायलों को भर्ती कराया

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) तापमान बढ़ने के साथ ही वन्यजीव अब पानी की तलाश में जंगल से सटे आबादी वाले इलाकों की तरफ आने लगे हैं। जिससे वन्यजीव और मानव संघर्ष की स्थिति निर्मित हो रही है। गर्मी के मौसम में तपिश बढ़ने के साथ ही पन्ना जिले में हर साल इस तरह की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। ऐसा ही एक घटना शुक्रवार 17 अप्रैल को पन्ना टाइगर रिजर्व से सटे गंगऊ अभ्यारण अंतर्गत आने वाले ग्राम हरसा में सामने आई है। जहाँ खेत में फसल की कटाई कर रहे दो किसानों पर वहाँ छिपे तेन्दुए ने हमला बोल दिया। दोनों को अपने पंजों और दांतों से नोंचने-खरोंचने बाद हमलावर तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला। घायल कृषक सोहन तिवारी 30 वर्ष एवं दुर्जन सिंह 40 वर्ष निवासी ग्राम हरसा को मड़ला थाना पुलिस की डायल-100 सेवा की मदद से उपचार हेतु जिला चिकित्सालय पन्ना पहुँचाया गया। दोनों घायल किसानों का जहाँ पर इलाज जारी है, उनकी हालत खतरे से पूरी तरह बाहर बताई जा रही है।
तेंदुए के हमले में घायल किसान दुर्जन सिंह।
घायल सोहन तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आज दोपहर के समय तेंदुआ कुँआ के समीप भरे पानी में दबा बैठा था, जैसे ही वह उसके पास पहुंचे कि अगले ही पल बिजली सी तेजी के साथ तेंदुआ छलांग लगाकर झपट पड़ा। तेंदुए के हमले में घायल सोहन की चींख-पुकार सुनकर समीप काम कर रहे दुर्जन सिंह मदद के लिए जैसे ही आगे बढे तेंदुए ने उन पर भी हमला बोल दिया। घायलों के चींखने-चिल्लाने और आसपास खेतों में मौजूद लोगों के शोर से हमलावर तेंदुआ जंगल की तरफ भाग निकला। घायल सोहन का ऐसा मानना है कि उक्त तेंदुआ शायद पानी-पीने के लिए उनके खेत पर आया था। मगर तेज धूप के बीच वहां पानी और छाँव मिलने पर ठण्डक में कुछ पल आराम करने के लिए तेंदुआ वहीं बैठ गया तभी यह घटना घटित हुई।
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दर्दनाक हादसा : अनियंत्रित बाइक खाई में गिरने से युवक की मौत, अनाज लेकर घर लौटते समय हुआ हादसा

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चट्टानों पर औंधे मुंह गिरे पुन्नू रजक का शव एवं दूर पड़ी उसकी बाइक।

* पन्ना जिले के रैपुरा थाना अंतर्गत मलघन-बोरी मार्ग की घटना

* मुखिया की असमय मौत से रजक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

शादिक खान, पन्ना/शाहनगर। (www.radarnews.in) प्रेस एवं कपड़ा धुलाई की दुकान से वापस अपने गाँव लौट रहे बाइक सवार युवक की बाइक जर्जर और पथरीले मार्ग पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में गिर गई। जिससे बाइक से उछलकर चट्टान से टकराए युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह दुखद हादसा पन्ना जिले के दूरस्थ इलाके रैपुरा-शाहनगर थाना के सीमावर्ती क्षेत्र मलघन-बोरी मार्ग पर आज दोपहर के समय हुआ। खून से लथपथ एवं अचेत अवस्था में पड़े युवक की सूचना राहगीरों के द्वारा डायल-100 पर पुलिस को दी गई। पुलिसकर्मी उक्त युवक को लेकर उपचार हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रैपुरा पहुंचे जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने परीक्षण करने के पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की शिनाख्त पुन्नू रजक पुत्र रामप्रसाद रजक 40 वर्ष निवासी ग्राम गजन्दा थाना शाहनगर के रूप में हुई है। मृतक पुन्नू रजक अपने परिवार का मुखिया था। ग्राम मलघन में उसकी कपड़ों की धुलाई और प्रेस की दुकान है, जिससे वह अपने परिवार का जीविकोपार्जन करता था। गुरुवार 16 अप्रैल को पुन्नू की असमय दर्दनाक मौत होने का पता जब उसके परिजनों को चला तो उन पर वज्रपात टूट पड़ा। इस दुखद हादसे के बाद से ग्राम मलघन-गजन्दा समेत पूरे इलाके में शोक की लहर व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुन्नू रजक 16 अप्रैल को दोपहर लगभग 1 बजे अपनी होण्डा शाइन मोटरसाइकिल पर अनाज की बोरी रखकर ग्राम मलघन थाना रैपुरा से अपने गृह ग्राम गजन्दा थाना शाहनगर के लिए निकला था। इस दोनो गांव के बीच लगभग 2 किलोमीटर का फासला है। युवक जैसे ही पतने नदी के पास पहुंचा तभी जर्जर रास्ते पर अचानक उसकी बाइक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। संतुलन बिगड़ने से पुन्नू बाइक से उछलकर खाई में पड़ी चट्टान पर औंधे मुंह गिरा। इस दुर्घटना में खून से लथपथ पुन्नू रजक के सिर व सीने में गंभीर चोटें आईं। वह काफी देर तक अचेत अवस्था में मौके पर ही पड़ा रहा। करीब दो घण्टे बाद वहाँ से गुजरे राहगीरों की जब उस पर नजर पड़ी तो उनके द्वारा डायल-100 पर पुलिस को सूचना दी गई।
चट्टानों के बीच फंसा मृतक पुन्नू रजक का सिर और समीप पड़ी खाद्यान्न की बोरी।
शाम के समय पुलिसकर्मी पुन्नू रजक को लेकर उपचार हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रैपुरा पहुंचे जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने सघन परीक्षण करने के पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया। रैपुरा थाना प्रभारी संदीप भारती ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक के परिजन रैपुरा पहुँच चुके हैं। उसके बड़े भाई की सूचना पर पुलिस ने फिलहाल इस हादसे पर मर्ग कायम किया है। समाचार लिखे जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। रैपुरा थाना प्रभारी संदीप भारती ने बताया कि पीड़ित परिजनों के प्रति संवेदना और सहानुभूति जताते हुए पुलिस की ओर से उनकी पूरी मदद की जा रही है ताकि लॉकडाउन के चलते उन्हें परेशान न होना पड़े।
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एमपी के पन्ना जिले में अनिश्चितकालीन लॉकडाउन के आदेश जारी ! कलेक्टर के नए आदेश को लेकर असमंजस में लोग

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नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन पन्ना का फाइल फोटो।

* लॉकडाउन का दूसरा चरण 16 अप्रैल से शुरू होकर आगामी आदेश तक चलेगा ?

* पूर्व में 28 मार्च से 16 अप्रैल तक के लिए घोषित किया था लॉकडाउन

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण (कोविड-19) की प्रभावी रोकथाम को लेकर मंगलवार 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में जनहित में लॉकडाउन को 3 मई तक के लिए बढ़ाने का ऐलान किया है। पिछले माह 25 मार्च से शुरू हुआ 21 दिनों का पहला देशव्यापी लॉकडाउन 14 अप्रैल को समाप्त हो चुका है। अब 19 दिन इसे और बढ़ाने के साथ ही लॉकडाउन की कुल अवधि 40 दिन हो गई है। लेकिन मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लॉकडाउन की समयावधि का हिसाब-किताब शुरू से ही बाकी देश से अलग चल रहा है। जिले में लॉकडाउन का पहला चरण 28 मार्च से 16 अप्रैल तक घोषित किया गया था। अब दूसरे चरण में 16 अप्रैल से अनिश्चितकालीन लॉकडाउन का आदेश जारी किया गया है। पन्ना कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कर्मवीर शर्मा ने लॉकडाउन 2.0 को लेकर बुधवार 15 अप्रैल को आदेश जारी किया है। जिसमें यह कहा गया है कि पूर्व में जारी लॉकडाउन के आदेश की अवधि 16 अप्रैल से आगामी आदेश तक के लिए बढ़ाई जाती है। यह आदेश 15 अप्रैल से ही आगामी आदेश तक प्रभावशील हो चुका है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में आवश्यकतानुसार उक्त अवधि में संशोधन करने की बात कही है। मगर यह साफ़ नहीं किया गया कि दूसरे चरण का लॉकडाउन 16 अप्रैल से शुरू होकर आखिर कब तक चलेगा ? लॉकडाउन 2.0 को लेकर पहले से चिंतित और परेशान जिले के गरीब और कमजोर तबकों के लोगों की मुश्किलें और बेचैनी इस बेमयांदी आदेश ने बढ़ा दी है। अनिश्चितता की यह स्थिति तब है जबकि पन्ना जिला अभी तक कोरोना के ग्रीन जोन वाले इलाकों में शामिल है। अर्थात अभी तक पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण का एक भी मामला प्रकाश में नहीं आया है।
पन्ना कलेक्टर एवं जिलादण्डाधिकारी के द्वारा जारी लॉकडाउन में वृद्धि सम्बंधी आदेश।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने सम्बोधन में कहा था कि 20 अप्रैल तक अग्नि परीक्षा है, इस दौरान हर कस्बे, थाना, जिले और राज्य को परखा जाएगा कि लॉकडाउन का कितना पालन हुआ और इलाका संक्रमण से कितना बचा हुआ है। उन्होंने कहा था कि इसी आधार पर 20 अप्रैल के बाद कुछ गतिविधियों की सशर्त छूट दी जाएगी। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी थी कि अगर नियम टूटे और इलाके में संक्रमण फैला तो सारी छूट तुरंत वापस ले ली जायेगी। वर्तमान में ग्रीन जोन में चल रहे पन्ना जिले में आवश्यक गतिविधियों में छूट मिलेगी या नहीं इसका फैसला तो 20 अप्रैल तक बनने वाली स्थितियों के आंकलन पर निर्भर करेगा। ग्रीन जोन वाले इलाकों में आवश्यक गतिविधियों के लिए लॉकडाउन में सशर्त और सीमित छूट को लेकर प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद गृह मंत्रालय ने एक विस्तृत गाइडलाईन जारी की है। जिसमें यह स्पष्ट किया गया है, किन गतिविधियों में छूट दी जाएगी।
बहरहाल ग्रीन जोन वाले अति पिछड़े एवं उद्योग विहीन पन्ना जिले के लोग लॉकडाउन की सशर्त छूट को लेकर जितने उत्सुक नहीं उससे कहीं अधिक दूसरे चरण के लॉकडाउन की अनिश्चित अवधि को लेकर असमंजस में हैं। जिले की बहुसंख्यक आबादी जीविकोपार्जन के लिए दिहाड़ी मजदूरी और कृषि पर निर्भर है। कोरोना संकट व लॉकडाउन के चलते जिले के रोज खाने-कमाने वाले परिवार अपने जीवन के सबसे मुश्किल दौर से गुजर हैं। कई तरह के आभाव के बीच किसी तरह पहले चरण का लॉकडाउन पूरा कर चुके गरीब-मजदूर परिवारों को मौजूदा हालात में कोरोना संक्रमण कहीं ज्यादा भूख से मौत का डर सता रहा है। खाद्यान्न एवं किराना सामग्री को मोहताज परिवार हर क्षण कोरोना महामारी के साथ-साथ भूख से भी जंग लड़ रहें है। जिंदगी के जल्द से जल्द दोबारा पटरी पर लौटने की उम्मीद में बैचेन कतार के आख़िरी खड़े पन्ना जिले के लोगों को लॉकडाउन वृद्धि के आदेश में किसी निश्चित समयावधि का उल्लेख न होने से तगड़ा झटका लगा है।
कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर पन्ना।
पन्ना कलेक्टर एवं जिलादण्डाधिकारी ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 में निहित शक्तियों का उपयोग करते हुए जिले में पहले से जारी लॉकडाउन की अवधि को आगामी आदेश तक बढाने सम्बंधी अनिश्चित समयावधि वाला आदेश जारी करके जाने-अनजाने आम लोगों की परेशानी और तनाव को प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से बढ़ाने का काम किया है। इस आदेश में कहा गया है कि, उक्त प्रभावशील अवधि में इस आदेश का उल्लंघन धारा 188 भारतीय दण्ड विधान अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आएगा। इस आदेश के आने बाद लोग यह सवाल पूँछ रहे हैं कि उन्हें अपने घरों में कब तक कैद रहना पड़ेगा। इसे विडम्बना ही कहा जाएगा कि इस कठिन और चुनौतीपूर्ण समय आगे आकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करना जिनकी जिम्मेदारी है वे महत्वपूर्ण सवालों पर मौन साधे हुए हैं या फिर उन्हें जानबूझकर नजरअंदाज कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पन्ना कलेक्टर से जब उनके आदेश के सम्बंध में बात करने के लिए प्रयास किया गया तो उनके सरकारी मोबाइल नम्बर पर कई बार रिंग जाने के बाद भी मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ।

इनका कहना है –

“आपदा के समय प्रशासन को इस तरह के तकनीकी रूप से अस्पष्ट आदेश जारी करने से बचना चाहिए है। आदेश में लॉकडाउन वृद्धि की निश्चित अवधि (तिथि) का खुलासा न होने से अनिश्चितता के चलते लोगों में भ्रम की स्थिति निर्मित हो सकती है साथ ही इससे लोगों की तकलीफ और तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसा इसलिए है क्योंकि गरीब और कमजोर तबके के लोग पहले से ही काफी परेशान हैं। प्रधानमंत्री जी ने जब दूसरे चरण का देशव्यापी लॉकडाउन 3 मई तक घोषित किया है तो जिला स्तर पर जारी लॉकडाउन वृद्धि के आदेश में 3 मई या अन्य कोई अवधि (तिथि) घोषित करना उचित होता। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी को दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 में निहित शक्तियों का उपयोग करते लॉकडाउन की अवधि को आवश्यकतानुसार घटाने और बढ़ाने का अधिकार।”

– शैलेष विश्वकर्मा, एडवोकेट पन्ना।

“कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन जरूरी है इसलिए हमारी कौंग्रेस पार्टी ने भी राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दूसरे चरण का समर्थन किया है। लेकिन पन्ना जिले में लॉकडाउन वृद्धि को लेकर जिस तरह का आदेश जारी किया गया है वह समझ से परे है। हम किसी को क्या बताएंगे कि, हमारे जिले में लॉकडाउन की अवधि आगामी आदेश तक के लिए बढ़ाई गई है, इसका क्या मतलब है ? जिला प्रशासन को चाहिए कि संकट की घड़ी में वह या तो देशव्यापी लॉकडाउन के साथ चले अगर इससे अलग कोई स्टैंड है तो उसमें स्पष्टता आवश्यक है। पन्ना जिला अभी तक कोरोना से पूर्णतः सुरक्षित है इसलिए लॉकडाउन वृद्धि को लेकर यहाँ इस तरह की अस्पष्टता/अनिश्चितता वाले आदेश का क्या औचित्य है। लोग कोरोना संक्रमण के खतरे और लॉकडाउन को लेकर पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में लॉकडाउन वृद्धि के आदेश में किसी निश्चित अवधि का खुलासा न करना प्रशासनिक असंवेदनशीलता को परिलक्षित करता है।”

– डी. के. दुबे वरिष्ठ कौंग्रेस नेता पन्ना।

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मदर टेरेसा हॉस्पिटल में फर्जी डिग्री से नौकरी कर चुके चिकित्सक पर आपराधिक प्रकरण दर्ज

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पन्ना के बाहरी इलाके मोहनपुरवा में एनएच-39 (छतरपुर मार्ग) किनारे स्थित मदर टेरेसा हॉस्पिटल का प्रवेश द्वार।

* सर्जन के पद पर नियुक्ति के दौरान कई मरीजों के इलाज में की थी लापरवाही

* शिकायत के बाद सीएमएचओ दवारा गठित टीम की जाँच में उजागर हुआ फर्जीवाड़ा

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में मदर टेरेसा हॉस्पिटल प्रबंधन के कारनामे इन दिनों चर्चाओं में बने हैं। जिले के इस एकमात्र निजी हॉस्पिटल के संचालक पर वहाँ पदस्थ रही स्टॉफ नर्स का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने तथा गलत काम का पीड़िता द्वारा विरोध किए जाने पर उसे नौकरी से निकालने के मामले को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि मदर टेरेसा हॉस्पिटल से जुड़ी एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इस हॉस्पिटल में फर्जी चिकित्सीय डिग्री के आधार पर सर्जन के पद पर सेवाएं दे चुके जालसाज चिकित्सक अनुराग त्रिपाठी पिता अरविंद त्रिपाठी निवासी नेहरू नगर रीवा के विरुद्ध पन्ना कोतवाली थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 एवं मध्यप्रदेश राज्य आयुर्विज्ञान परिषद् एक्ट (1956 और 1958) की धारा 24 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। जांच में चिकित्सक की डिग्री फर्जी पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।
सांकेतिक फोटो।
उल्लेखनीय है कि पन्ना के बेनीसागर मोहल्ला निवासी दयाशंकर दीक्षित ने 14 फरवरी को एक लिखित शिकायत पुलिस महानिदेशक भोपाल, पुलिस महानिरीक्षक सागर, पुलिस उप महानिरीक्षक छतरपुर रेन्ज एवं पुलिस अधीक्षक पन्ना को भेजी थी। शिकायतकर्ता ने मदर टेरेसा हॉस्पिटल प्रबंधन पर फर्जी चिकित्सकों से मरीजों का उपचार एवं ऑपरेशन कराने का लगाया था। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों ने भी हॉस्पिटल के सम्बंध में पन्ना कलेक्टर से शिकायत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायतकर्ता दयाशंकर दीक्षित अलावा अन्य साक्षियों के कथन दर्ज किए गए। मदर टेरेसा हॉस्पिटल संचालक फादर टोजी के भी बयान लिए।
पन्ना में स्थित मदर टेरेसा हॉस्पिटल की बिल्डिंग।
इसके पश्चात आरोपी चिकित्सक अनुराग त्रिपाठी की 15 जून 2019 को हॉस्पिटल में नियुक्ति के सम्बंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना से जानकारी प्राप्त की गई। जिस पर आनन-फानन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने एक जाँच समिति गठित की। उक्त समिति की जांच रिपोर्ट, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के रजिस्ट्रार की रिपोर्ट एवं ऑल इण्डिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जोधपुर से प्राप्त रिपोर्ट में डॉक्टर अनुराग त्रिपाठी के द्वारा मदर टेरेसा हॉस्पिटल में प्रस्तुत की गई चिकित्सीय डिग्रियों को पूर्णतः फर्जी तथा कूटरचित बताया गया।
सांकेतिक फोटो।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना की समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट में यह भी कहा है कि मदर टेरेसा हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉक्टर अनुराग त्रिपाठी के द्वारा मरीज लोधी बाई गौंड़ निवासी हाटुपुर का जो ऑपरेशन किया था उसमें गलती की गई है। फर्जी चिकित्सक डॉक्टर अनुराग त्रिपाठी ने कथित तौर पर महज छः दिन ही मदर टेरेसा हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं दी हैं। जब उसकी चिकित्सीय डिग्रियाँ फर्जी होने की भनक हॉस्पिटल प्रबंधन को लगी तो उसे तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। साथ ही इसकी जानकारी भी पत्र के माध्यम से पुलिस अधीक्षक पन्ना को दी गई। लेकिन इस मामले में मदर टेरेसा हॉस्पिटल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
पन्ना में मीडीकर्मियों से चर्चा में अपना पक्ष रखते हुए मदर टेरेसा हॉस्पिटल के संचालक फादर टोजी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना की जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में इसका उल्लेख करते हुए लिखा है कि, मदर टेरेसा हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा डॉक्टर अनुराग त्रिपाठी की नियुक्ति की सूचना नियमानुसार उनके कार्यालय में नहीं दी गई। और ना ही उक्त चिकित्सक की डिग्रियों का सत्यापन कराया गया। फर्जी डॉक्टर अनुराग त्रिपाठी की नियुक्ति के मामले को मदर टेरेसा हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा बरती गई घोर लापरवाही से हॉस्पिटल के प्रति जहाँ लोगों भरोसा टूटा है वहीं उक्त चिकित्सक द्वारा हॉस्पिटल में सर्जन के पद पर रहते हुए मरीजों के गलत ऑपरेशन कर उनकी जान के साथ खिलवाड़ किया गया।

इनका कहना है –

“हमारे हॉस्पिटल में आनंद त्रिपाठी ने सिर्फ 6 दिन ही सेवाएं दी हैं, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के रजिस्ट्रार से 17 दिसम्बर 2019 को चिकित्सक की डिग्री होने की जानकारी प्राप्त होने पर मेरे द्वारा स्वयं पुलिस अधीक्षक पन्ना को 6 जनवरी 2020 को इसकी जानकारी पत्र के माध्यम से दी गई थी।”

– फादर टोजी, संचालक, मदर टेरेसा हॉस्पिटल पन्ना।

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नर्स पर हमबिस्तर होने का दबाब बनाया, इंकार किया तो नौकरी से निकाला, मदर टेरेसा हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज

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पन्ना के बाहरी इलाके मोहनपुरवा में एनएच-39 (छतरपुर मार्ग) किनारे स्थित मदर टेरेसा हॉस्पिटल का प्रवेश द्वार।

* पीड़िता का आरोप- चेम्बर में बुलाकर करता था अश्लील हरकतें

* कार्यस्थल में यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले की पन्ना पुलिस ने शुरू की जाँच

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में स्थित मिशनरी संस्था के हॉस्पिटल की एक स्टॉफ नर्स ने हॉस्पिटल के संचालक पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। नर्स के अनुसार हॉस्पिटल संचालक उसे अक्सर किसी बहाने से अपने चेम्बर में बुलाकर अश्लील बातें व हरकतें करता था। कुछ दिन पूर्व नाईट ड्यूटी के दौरान उसने हमबिस्तर होने के लिए दबाब बनाया। युवती ने गलत काम का विरोध किया तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया। पीड़िता ने घटना की रिपोर्ट कोतवाली थाना पन्ना में दी है, जिस पर पुलिस मदर टेरेसा हॉस्पिटल संचालक फादर टोजी के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (क) के तहत प्रकरण दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।
पन्ना में स्थित मदर टेरेसा हॉस्पिटल की बिल्डिंग।
वर्तमान में हमारा देश कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रहा है। इस भीषण संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नागरिकों से कोरोना से लड़ने वाले योद्धाओं- डॉक्टर, नर्सेस, सफाईकर्मी, पुलिस एवं अन्य सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों का आदर-सम्मान कर उनका मनोबल बढ़ाने का आव्हान कर रहे हैं। साथ ही व्यवसायियों एवं निजी संस्थाओं से आपदा की इस घड़ी में अपने कर्मचारियों को नौकरी से न निकालने की अपील भी प्रधानमंत्री जी द्वारा निरंतर की जा रही है। लेकिन इसके उलट पन्ना में मदर टेरेसा हॉस्पिटल के संचालक ने कथित तौर स्टॉफ नर्स के साथ न सिर्फ शर्मनाक अश्लील हरकत की गई बल्कि विरोध करने पर उसे नौकरी से भी निकाल दिया। मदर टेरेसा हॉस्पिटल पन्ना जिले का एकमात्र निजी हॉस्पिटल है, जिसके विनम्र और मृदुभाषी स्वभाव के युवा संचालक फादर टोजी पर यौन उत्पीड़न के बेहद संगीन आरोप लगने से लोग हैरान हैं।

कुछ दिनों से कर रहा था परेशान

सांकेतिक फोटो।
मदर टेरेसा हॉस्पिटल की पूर्व स्टॉफ नर्स मानसी सिंह 24 वर्ष (परिवर्तित नाम) ने सोमवार 13 अप्रैल को कोतवाली थाना पन्ना में एक लिखित शिकायती आवेदन पत्र दिया है। जिसमें उल्लेख है कि कुछ दिन पूर्व उसे पता चला कि मदर टेरेसा हॉस्पिटल पन्ना के संचालक फादर टोजी मुझे गंदी नजर से देखते हैं। मानसी (परिवर्तित नाम) का आरोप है कि ड्यूटी के दौरान अक़्सर किसी न किसी बहाने से चेम्बर में बुलाकर फादर उसके साथ अश्लील बातें और गंदी हरकतें करता था। मना करने पर उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती थी। दिनांक 01 अप्रैल को उसकी नाईट शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई।
पन्ना में मीडीकर्मियों से चर्चा में अपना पक्ष रखते हुए मदर टेरेसा हॉस्पिटल के संचालक फादर टोजी।
इस दौरान कथित तौर पर स्टॉफ की मदद से फादर द्वारा मानसी से हमबिस्तर होने के लिए कहा गया। अपनी गरिमा और आत्म सम्मान की रक्षा के लिए युवती ने जब इसका विरोध करते हुए नाराजगी व्यक्त की तो उसी दिन रात्रि में ही उसे स्टॉफ नर्स की नौकरी से निकाल दिया। मानसी(परिवर्तित नाम) ने गाँव में रह रहे अपने माता-पिता को इस घटनाक्रम की जानकारी दी और फिर अगले दिन 02 अप्रैल को को अपना सामान लेकर पन्ना से वापस गाँव चली गई। करीब दस दिन बाद मानसी ने सोमवार को अपने माता-पिता के साथ पन्ना पहुंचकर जब कोतवाली थाना लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई तब जाकर लोगों को कार्यस्थल में यौन उत्पीड़न से जुड़े इस शर्मनाक मामले का पता चला। फिलहाल पुलिस ने आरोपी फादर टोजी को गिरफ्तार नहीं किया है।

घिनौने कृत्यों से पहले भी किया शर्मसार

मदर टेरेसा हॉस्पिटल के संचालक द्वारा कथित तौर पर स्टॉफ नर्स के ऊपर दबाब बनाकर नौकरी के बदले उसका यौन उत्पीड़न करने एवं आबरू लेने की कोशिश किए जाने का मामला सामने आने से पन्ना में मिशनरी संस्था के विद्यालय और हॉस्टल में पूर्व में हुई घिनौनी घटनाओं की यादें लोगों के जेहन में में ताजा हो गईं हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ वर्ष लिस्यू आनंद विद्यालय पन्ना से सम्बद्ध जेसुपाल आश्रम (हॉस्टल) में रहने वाले एक बच्चे के साथ मेल वार्डन के द्वारा हैवानियत की गई थी। सभ्य समाज व शिक्षा जगत को शर्मसार करने एवं हॉस्टल में रहने वाले बच्चों के अभिभावकों के भरोसे को गहरा आघात पहुंचाने वाली इस घटना के बाद अधिकारियों ने हॉस्टल का निरीक्षण किया था। जिसमें अव्यवस्थाओं-असुरक्षा के बीच बच्चों के हॉस्टल में रहने की बात सामने आई थी। करीब डेढ़ दशक पूर्व लिस्यू आनंद विद्यालय पन्ना का एक कर्मचारी विद्यालय के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया था। उक्त कर्मचारी की मौत को लेकर शहर में लोगों के बीच शुरू से ही कई तरह की चर्चाएं रहीं हैं लेकिन आधिकारिक तौर पर आज तक इस बहुचर्चित मामले का सच पुलिस के द्वारा उजागर नहीं किया गया।

इनका कहना है –

“मैं कभी भी किसी महिला कर्मचारी को अपने कक्ष में अकेले नहीं बुलाता, कोई न कोई वरिष्ठ कर्मचारी हमेशा साथ में आता है। मेरे स्टॉफ में अधिकाँश महिलाएं हैं आप उनसे मेरे आचरण-चरित्र के सम्बंध में पूँछ सकते है। मानसी (परिवर्तित नाम) कोरोना संक्रमण के दौरान ड्यूटी में लगातार लापरवाही कर रही थी, जिस पर आपत्ती करने पर उसके द्वारा आत्महत्या करने की धमकी दी गई। पुलिस को इसकी जानकारी दी गई थी। मानसी के इस रवैये को देखते हुए उसे नौकरी से निकालने का फैसला लेना पड़ा। जिससे नाराज होकर उसने मुझे और संस्था को बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगाए गए हैं।”

– फादर टोजी, संचालक, मदर टेरेसा हॉस्पिटल पन्ना।

“युवती ने लिखित शिकायती आवदेन पत्र प्रस्तुत किया था जिसके आधार पर मदर टेरेसा हॉस्पिटल पन्ना के संचालक फादर टोजी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले की जाँच महिला पुलिस अधिकारी के द्वारा की जा रही है। फादर टोजी को शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा।”

– हरी सिंह ठाकुर, निरीक्षक, कोतवाली थाना पन्ना।

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अभी-अभी : कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाने का प्रधानमंत्री ने किया ऐलान

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राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।

* 20 अप्रैल से कुछ आवश्यक गतिविधियों की मिल सकती है सशर्त अनुमति

* लॉकडाउन उल्लंघन हुआ या कोरोना ने पैर पसारे तो वापस ले ली जायेगी अनुमति

नई दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम हेतु 25 मार्च को लागू हुए देशव्यापी लॉकडाउन के आज अंतिम दिन मंगलवार 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को सम्बोधित किया। उन्होंने 3 मई तक देश में लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान किया है। साथ ही यह भी कहा कि 20 अप्रैल से कुछ जरूरी चीजों की अनुमति दी जाएगी। यदि किसी इलाके कोरोना संक्रमण फैलता है तो तत्काल ये अनुमति वापस ले ली जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लोग लॉकडाउन के कारण बहुत कष्ट सह रहे हैं। उन्होंने लोगों के त्याग की सराहना की है। मोदी ने कहा कि अगर समय पर क़दम नहीं उठाया जाता तो हालात और ख़राब होते। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग से इस महामारी को क़ाबू पाने में बहुत मदद मिली है। मोदी ने कहा कि तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ाया जाएगा, उन्होंने कहा कि सभी ने यही सुझाव दिया है।
 प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि लॉकडाउन बढ़ाने के बाद पहले से भी ज़्यादा सतर्कता बरतनी होगी। उन्होंने कहा कि कठोरता और ज़्यादा बढ़ाई जाएगी। मोदी ने कहा कि 20 अप्रैल तक लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है, इसका मुल्यांकन लगातार किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर लॉकडाउन का पालन ठीक से किया जाएगा तो हो सकता है कि 20 अप्रैल के बाद कुछ मोहलत दी जाए। लेकिन उन्होंने कहा कि ये छूट भी बहुत सारी शर्तों के साथ होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से अपील की है कि वो लॉकडाउन का पालन करें और जहां हैं वहीं पर रहें। उन्होंने कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में जनता का साथ भी माँगा है।

इन सात बातों में देशवासियों से माँगा साथ-

  • घर के बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
  • लॉकडाउन का सही तरीके से पालन करें, घर में बने मास्क का उपयोग करें।
  • एम्युनिटी बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय के निर्देश का पालन करें।
  • आरोग्य सेतु मोबाइल एप डाउनलोड करें और दूसरों को भी करवाएं
  • जितना हो सके, गरीब परिवारों की मदद करें।
  • अपने व्यवसाय, उद्योग में काम करने वालों का ख्याल रखें, नौकरी से न निकालें।
  • कोरोना वॉरियर्स- डॉक्टर, नर्सेस, सफाईकर्मी, पुलिस का सम्मान करें।
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खजुराहो सांसद ने कोरोना से लड़ रहे योद्धाओं से बात कर मनोबल बढ़ाया

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खजुराहो सांसद, विष्णु दत्त शर्मा।
पन्ना। (www.radarnews.in) वैश्विक महामारी घोषित कोरोना वायरस संक्रमण पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। मानवता पर मंडरा रहे इस गंभीर संकट का पन्ना में डटकर मुकाबला कर रहे एवं आपदा की घड़ी में जरूरतमंदों को तत्परता से मदद पहुंचा रहे जिले के सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों, सामजसेवियों से आज क्षेत्रीय सांसद एवं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने बात की। खजुराहो सांसद श्री शर्मा ने पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की प्रभावी रोकथाम हेतु की गई कार्रवाई की सराहना करते हुए सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
उन्होंने कहा कि आप सभी आगे भी पूर्ण मनोयोग एवं जोश के साथ कोरोना के विरूद्ध जंग जारी रखेंगे। आप लोगों द्वारा कठिन परिश्रम के साथ किया जा रहा कार्य प्रशंसनीय ही नही अतुल्नीय है। जिससे जिले में अभी तक एक भी कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति नहीं मिला है। आप लोग इसी तरह आगे भी कार्य करते रहे मैं आप सभी को शुभकामनाएं देता हॅू। खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने पन्ना के युवा व्यापारी एवं भाजपा नेता कमल लालवानी से भी बात की। इस दौरान उन्होंने पन्ना व्यापार मण्डल के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों की मदद पहुंचाने के लिए किये जा रहे परोपकारी कार्यों की सरहाना करते हुए व्यापार मण्डल समस्त सदस्यों को साधुवाद दिया। आपने कहा कि संकट के समय लोग जिस तरह से एकजुटता दिखा रहे हैं और मदद के लिए आगे आ रहे इससे एक बात तय है, कोरोना के खिलाफ जारी जंग में हमारी जीत निश्चित है।
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सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट डालने वाले युवक के खिलाफ मामला दर्ज

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सांकेतिक फोटो।

* पन्ना कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

* आपदा के समय भी अपने कृत्यों से बाज नहीं आ रहे घृणा फैलाने वाले तत्व

पन्ना। (www.radarnews.in) सोशल मीडिया पर बेहद आपत्तिजनक एवं भड़काऊ पोस्ट डालने वाले एक युवक के खिलाफ पन्ना कोतवाली थाना पुलिस ने आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है। जिला मुख्यालय पन्ना के समीपी ग्राम कुंजवन निवासी एक युवक ने फेसबुक पर समुदाय विशेष के आराध्य और उक्त समाज के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक एवं भड़काऊ पोस्ट डाली थी। समुदाय विशेष के लोगों की भावनाओं, धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने और उन्हें अपमानित करने वाली पोस्ट की शिकायत शनिवार 11 अप्रैल को कोतवाली थाना पन्ना में की गई।
पन्ना की शांति-सौहार्दपूर्ण माहौल को खराब करने की घृणित साजिश से जुड़े इस मामले को कोतवाली थाना निरीक्षक हरी सिंह ठाकुर ने गंभीरता से लेते हुए आरोपी राज मण्डल निवासी ग्राम कुंजवन के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 295-ए के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है। आपत्तिजनक पोस्ट की शिकायत करने वाले युवाओं के सहयोग से पुलिस ने आरोपी राज मण्डल को तत्परता से गिरफ्तार भी कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से पन्ना जिले में कतिपय समाज विरोधी तत्वों के द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर समुदाय एवं धर्म विशेष के लोगों के खिलाफ घृणा फैलाई जा रही है। व्हाट्सएप्प के ग्रुपों और फेसबुक पर इन तत्वों की सक्रियता अधिक है। वर्तमान में पूरी दुनिया में मानवता जब कोरोना वायरस संक्रमण के भीषण संकट से जूझ रही तब भी नफरत फैलाने वाले कतिपय तत्व कुछ लोगों की गलती या लापरवाही को लेकर पूरे समुदाय को बदनाम करने का अभियान चला रहे हैं। पुलिस की साइबर सेल के द्वारा लगातार लोगों को किसी भी तरह की भडकाऊ पोस्ट न डालने और झूठी अफवाह न फैलाने के आदि लिये सचेत किया जा रहा है, लेकिन बावजूद इसके कुछ आसामाजिक तत्व अपनी फितरत से बाज नहीं आ रहे है। परिणामस्वरूप पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए कार्यवाही की है।
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कोरोना अपडेट : जाँच के लिए अब तक भेजे गए 63 नमूनों में 57 निगेटिव पाए गए, 6 सैम्पल की रिपोर्ट आना शेष, पड़ोसी जिलों में कोरोना पॉजिटिव केस मिलने से बढ़ा खतरा

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फाइल फोटो।

* जिले में कोरोना वायरस रोकथाम एवं बचाव हेतु कार्यवाही जारी

* सीमावर्ती इलाकों में कड़े सुरक्षा प्रबंध के साथ बरती जा रही विशेष सतर्कता

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा महामारी घोषित नोवल कोरोना वायरस(कोविड-19) संक्रमण से फिलहाल पन्ना जिला सुरक्षित है। जिले में अभी तक एक भी कोरोना वायरस पाॅजिटिव मरीज नहीं पाया गया है। अब तक जिले से कोरोना संदिग्ध 63 व्यक्तियों के सैम्पल लेकर जाँच हेतु जबलपुर भेजे गए थे जिसमें से 57 सैम्पल निगेटिव पाए गए। शेष 6 कोरोना वायरस सैम्पल की जाँच रिपोर्ट आना अभी बाकी है। हालांकि पड़ोसी जिलों बाँदा, सतना और सम्भागीय मुख्यालय सागर में कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद से पन्ना में खतरा बढ़ गया है। अच्छी बात यह है कि पन्ना जिला प्रशासन कोरोना संक्रमण की प्रभावी रोकथाम को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। पड़ोसी जिलों से पन्ना में इस खतरनाक वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करते हुए अजयगढ़ तहसील की उत्तर प्रदेश के बाँदा से लगने वाली सीमा को पहले ही पूरी तरह सील किया जा चुका है।
सतना सहित अन्य जिलों से लगने वाली सीमाएं भी सील है। सीमावर्ती इलाकों में निर्मित चेकपोस्ट से होकर गुजरने वाले मालवाहक वाहनों एवं कृषि कार्य में लगे वाहनों तथा उपकरणों की सघन चेकिंग की जा रही है। शनिवार को पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने संयुक्त रूप पहाड़ीखेरा व देवेन्द्रनगर चेकपोस्ट का निरीक्षण भी किया था। इस दौरान कलेक्टर ने चेकपोस्ट में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि आवश्यक वस्तु लेकर आने वाले मालवाहकों में कोई भी सवारी बैठकर जिले की सीमा में प्रवेश नहीं करना चाहिए। उन्होंने बाहर से छिपकर आने वाली सवारियों की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि पहाड़ीखेरा का इलाका पड़ोसी जिला सतना-बांदा और देवेन्द्रनगर तहसील क्षेत्र की सीमा सतना जिले से लगती है। इसलिए इन सीमावर्ती इलाकों कड़े सुरक्षा इंतजाम करते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

1602 लोगों होम क्वारेंटाइन में रखा गया

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवेन्द्रनगर के निरीक्षण के दौरान पैरामेडिकल स्टॉफ एवं ड्यूटी डॉक्टर से चर्चा करते पन्ना कलेक्टर।
पन्ना जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में निरंतर कार्यवाही जारी है। इनमें विदेश से आए 08 लोगों को पूर्व से ही कम्युलेटिव किया गया है। अन्य राज्यों से 12 अप्रैल आए को 3 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस प्रकार बाहर से आए कुल 12020 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। जिले के 3 व्यक्तियों का स्क्रीनिंग की गयी। जिले में अब तक 12020 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें आज दिनांक को 3 लोगों को होम क्वारेंटाइन किया गया है। अब तक जिले में कुल 1602 व्यक्तियों को होम क्वारेंटाइन में रखा गया है।
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