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ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से पुलिस ने शुरू की लॉकडाउन की निगरानी, बेबजह घर से निकलने वालों की तस्वीरों से पहचान कर दर्ज किया जाएगा आपराधिक मामला

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पन्ना में ड्रोन कैमरे से लॉकडाउन की निगरानी व्यवस्था का शुभारम्भ करते पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी।

* लॉकडाउन व धारा-144 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ शुरू हुई सख्ती

* पुलिस अधीक्षक ने ड्रोन उड़ाकर शुरू की आसमान से निगरानी की नई व्यवस्था

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना से जंग जीतने में समाज और सेहत के दुशमन आड़े आ रहे हैं। घर में रहने की सलाह ना मानकर बेबजह सड़कों पर तफरी करने के लिए निकल रहे हैं। पुलिस ने ऐसे लोगों को पूर्व में कई बार समझाइश दी, सार्वजानिक रूप से मुर्गा बनाया, उठक-बैठक लगवाई और डण्डे भी चटकाए। बाबजूद इसके कतिपय नासमझ और लापरवाह लोग अपनी जान को जोखिम में डालने के साथ अन्य लोगों के लिए भी संकट पैदा करते हुए बेबजह घरों से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। शासन-प्रशासन व पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज कर अकारण घर से निकलकर लॉकडाउन और धारा-144 का उल्लंघन वालों के खिलाफ पन्ना जिले की पुलिस ने अब सख्ती शुरू कर दी है।
आसमान में उड़ान भरते हुए तस्वीरें निकलता ड्रोन कैमरा।
जिला मुख्यालय में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से पुलिस ने ऐसे लोगों की निगरानी शुरू कर दी है। अब क़ानून तोड़ने वालों की तस्वीरें ड्रोन कैमरा और नगर के चौराहों-तिराहो में लगे सीसीटीव्ही कैमरों में कैद होने पर सम्बंधित की पहचान कर उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के मकसद से पुलिस को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उधर आँचलिक थाना क्षेत्रों में पुलिस को पेट्रोलिंग के दौरान व सीमावर्ती चेक पोस्ट पर जाँच में मिले बेबजह घरों से बाहर निकलने वाले आधा दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। कुछ प्रकरणों में पुलिस ने दुपहिया-चारपहिया वाहन भी जप्त किये हैं।
अपने हाथ में ड्रोन कैमरे को उठाए हुए पुलिस आरक्षक नत्थू सिंह यादव।
उल्लेखनीय है कि नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से समूचे देश में 21 दिन का लॉकडाउन पीरियड चल रहा है। मानव इतिहास में शायद यह पहला अवसर है जब इस महामारी से बचाव के लिए पूरी दुनिया घरों में बंद है। लेकिन कतिपय लोगों की लापरवाही से हमारे देश और प्रदेश में हर दिन तेजी से कोविड-19 (नोवल कोरोना वायरस) से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह वायरस अब तक कई लोगों की जान ले चुका है। इस भीषण आपदा से बचाव का कारगर उपाय आवश्यक सतर्कता बरतना और अपने घरों में रहकर कुछ दिनों तक सामाजिक दूरी बनाए रखना है। इसलिए गंभीर संकट की इस घड़ी में शासन-प्रशासन के द्वारा लोगों से अपने घरों में ही रहने की अपील की जा रही है।
पन्ना के गाँधी चौक में उड़ान भरने के लिए तैयार ड्रोन कैमरा।
पन्ना जिले में अधिकाँश लोग लॉकडाउन का पालन कर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देते हुए पिछले एक सप्ताह से अपने घर पर ही रह रहे हैं। मगर कुछ लोग ऐसे भी हैं जोकि तमाम समझाइश को नजरअंदाज कर बेबजह घर से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। लॉकडाउन और धारा-144 का उल्लंघन कर ऐसे लोग जहाँ स्वयं कोरोना वायरस के संक्रमण खतरा मोल ले रहे हैं वहीं जाने-अनजाने इस जानलेवा वायरस का संवाहक बन पूरे समाज के लिए संकट पैदा कर सकते हैं। परिणामस्वरूप कोरोना वायरस से जंग लम्बी होती जा रही है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातर बढ़ने से अब इसके समुदाय तक पहुँचने का खतरा काफी बढ़ गया। इस संकट से निपटने के लिए लॉकडाउन का पालन सख्ती से सुनिश्चित कराने के लिए पन्ना पुलिस ने ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से शहर की निगरानी शुरू कर दी है। 24 घण्टे शहर के चप्पे-चप्पे निगरानी सुनिश्चित करने के लिए रविवार 29 मार्च को स्थानीय गाँधी चौक पर दोपहर के समय पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने ड्रोन कैमरे को उड़ाकर परीक्षण किया। इस दौरान ड्रोन के द्वारा ली गई तस्वीरों का भी उनके द्वारा अवलोकन किया गया।
ड्रोन कैमरे को ऑपरेट करते हुए पन्ना के प्रसिद्द छायाकार संजय साहू उर्फ़ संजू।
पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि ड्रोन के अलावा शहर में 25 प्वॉइंट पर लगे सीसीटीव्ही कैमरों के जरिये भी लॉकडाउन की सतत निगरानी की जा रही है। सीसीटीव्ही कन्ट्रोल रूम से लोगों की आवाजाही तथा सम्बंधित क्षेत्र की प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस कप्तान ने बताया कि ड्रोन और सीसीटीव्ही कैमरों में अब यदि सड़क किनारे खड़े होकर गप्प मारने, घर के बाहर चबूतरे पर बैठकर टाइम पास करने, बेबजह घरों से बाहर निकलकर तफरी करने और एक से अधिक लोगों के एक साथ नजर आने की गतिविधियों की तस्वीरें कैद होंगी तो सम्बंधित व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें

पन्ना एसपी मयंक अवस्थी।
पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने नागरिकों से संकट की इस घड़ी में कोरोना वायरस संक्रमण और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए लॉकडाउन व धारा-144 का पालन करने की अपील की है। उन्होंने दुकानदारों से कहा कि वे अपनी दुकानों पर भीड़ न लगाएं एवं अनिवार्य रूप से सोशल डिस्टेंस बनाये रखें। आपने शहर की गलियों के अंदर बच्चों के खेलने पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि कोविड-19 (कोरोना वायरस) से सर्वाधिक खतरा बच्चों और बुजुर्गों को है। ऐसे में माता-पिता एवं अभिभावकों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह स्वयं घर में रहें और बच्चों को घरों पर ही रखें। उन्हें इस खतरनाक संक्रमण के प्रति जागरूक कर आवश्यक सतर्कता बरतने के लिए प्रेरित करें। अति आवश्यक कार्य होने या जरूरी सामग्री की खरीदी के लिए ही घर से कोई एक व्यस्क सदस्य मास्क लगाकर एवं गलब्स पहनकर सीमित अवधि के लिए बाहर निकल सकता है। आपने कहा कि आपेक्षित जनसहयोग से कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ जारी जंग जीती जा सकती है। बशर्ते इसके लिए नागरिकों को दृंढ संकल्प साथ अपने घरों में रहकर सयंम, अनुशासन का परिचय देते हुए शासन-प्रसाशन के निर्देशों पर अमल करना आवश्यक है।

कोरोना के खिलाफ गरीब-मजदूर परिवारों की मदद के लिए आगे आए किन्नर, खाद्यान्न सामग्री वितरित कर महामारी से बचाव के लिए किया जागरूक

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पन्ना में पहाड़कोठी स्थित झुग्गी बस्ती के गरीबों को राशन सामग्री वितरित करतीं किन्नर रजनी एवं उनके सहयोगी।

* बधाई देकर लोगों ने हमेशा हमें खिलाया आज वे संकट में हैं इसलिए उनकी मदद करना हमारा फ़र्ज : रजनी किन्नर

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। इस महामारी के रोकने के लिए 21 दिन के लिए देशव्यापी लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन के चलते लोग अपने-अपने घरों में ही कैद हैं। तेजी से फैलने वाले कोरोना वायरस संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए लोगों से अपने घरों से बाहर न निकलने के लिए के लिए कहा जा रहा है। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने सम्पूर्ण जिले में धारा-144 भी लागू कर रखी है। परिणामस्वरूप दैनिक मजदूरी पर आश्रित गरीब श्रमिक परिवारों के सामने दो जून की रोटी का संकट गहराने लगा। रोजाना मजदूरी करके अपना और परिवार का भरण-पोषण करने गरीब, आदिवासी, श्रमिक परिवारों का काम-धंधा कोविड-19 (कोरोना वायरस संक्रमण) रुपी भीषण आपदा के कारण ठप्प होने और घर पर ही रहने की मजबूरी के चलते कतार के आखिरी छोर पर खड़े इन परिवारों को भोजन के लाले पड़ गए हैं।
इस मुश्किल घड़ी में प्रशासन जहाँ अपने स्तर से लोगों के भोजन मुहैया करा रहा है वहीं जिले में कई संस्थायें और परोपकारी लोग जरुरतमंदों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस पुनीत कार्य में पन्ना के किन्नर भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए मानवता की मिशाल कायम कर रहे हैं। पन्ना में किन्नरों द्वारा आज पहाड़कोठी की झुग्गी बस्ती में रहने वाले गरीब परिवारों के बीच पहुंचकर उन्हें खाद्यान्न सामग्री वितरित की गई। लोगों से विभिन्न शुभ अवसरों पर नैंग (बधाई) लेकर अपना गुजारा करने वाले किन्नरों के गरीब-जरूरतमंद परिवारों की मदद करते हुए फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनकी दरियादिली की जहाँ चौतरफा सराहना हो रही है वहीं इससे दूसरों को प्रेरणा भी मिल रही है।
रविवार 29 मार्च को दोपहर के समय किन्नर रजनी अपने सहयोगियों के साथ दो हाथ ठेला में किराना सामग्री लेकर झुग्गी बस्ती पहाड़कोठी पहुंची। जहाँ उनके द्वारा गरीब-जरूरतमंद परिवारों की मदद करते हुए उन्हें चावल, दाल, आटा, तेल, नमक, साबुन आदि खाद्य सामग्री वितरित की गई। लॉकडाउन के चलते परेशान गरीब परिवारों को जब खाद्य सामग्री मिली तो उनके चेहरे ख़ुशी से खिल उठे। हमेशा दूसरों को दुआयें देने वाले किन्नरों को आज आमलोगों ने दिल से दुआ देते हुए उन्हें सच्चा हमदर्द और परोपकारी बताया। किन्नरों के द्वारा दी गई मदद गरीब परिवारों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

सतर्कता बरतने की दी सलाह

सांकेतिक फोटो।
शहर के किन्नरों के द्वारा गरीबों को राशन सामग्री वितरित कर उनकी मदद करने के साथ-साथ उन्हें नोवल कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु जागरूक भी किया गया। किन्नरों ने कोविड-19 बीमारी से बचाव के लिए लोगों से अपने घरों में रहकर सामाजिक दूरी कायम रखने की सलाह दी ताकि खतरनाक कोरोना वायरस संक्रमण की चैन को तोड़ा जा सके। लोगों को मास्क लगाने, दिन में कई बार साबुन से अच्छी तरह अपने हाँथ धोने, घरों में साफ़-सफाई रखने, अति आवश्यक कार्य होने पर परिवार के किसी एक सदस्य को सीमित समय के लिए मॉस्क लगाकर घर से बाहर निकलने, अपने हाथ से नाक-मुँह और चेहरे को न छूने, शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, खाँसते-छींकते समय कोहनी या रूमाल लगाने, लोगों से दूर से बात करने, बुजुर्गों एवं बच्चों को घर से बाहर निकलने न देने की सलाह दी गई। किन्नरों ने बताया कि लॉकडाउन से थोड़ी परेशानी जरूर है लेकिन इसका सही तरीके पालन करते हुए अपने घरों में रहकर ही हम इस वैश्विक महामारी के प्रकोप से खुद का बचाव कर सकते हैं।

गुरु ने दिखाया था रास्ता

किन्नर रजनी।
किन्नर रजनी ने बताया कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा उन्हें अपने गुरु हमीद से मिली। करीब 4-5 पूर्व पन्ना के धरमसागर तालाब का जनभागीदारी से गहरीकरण कार्य कराया गया था। उस समय किंन्नर गुरु हमीद ने जल संरक्षण एवं संवर्धन के इस कार्य में अपनी ओर आर्थिक सहयोग दिया था। रजनी ने कहा कि गुरु के दिखाए गए सामाजिक सरोकार एवं सेवाभाव के रास्ते पर चलने के लिए आज उन्होंने किराना दुकान से पहले राशन सामग्री खरीदी और फिर झुग्गी बस्ती के गरीब जरूरतमंद परिवारों में उसे वितरित किया। लॉकडाउन से बेहाल परिवारों के प्रति सहानुभूति जताते हुए किन्नर रजनी ने कहा कि इन लोगों ने बधाई (नेंग) देकर हमेशा हमें खिलाया है, आज जब ये संकट में हैं तो उनकी मदद करना हमारा भी फर्ज बनता है। क्योंकि कल यही लोग तो फिर से हमें ख़ुशी-ख़ुशी बधाई देंगे।

विदेश यात्रा से लौटे चार व्यक्तियों की कोरोना वायरस संक्रमण जाँच के लिए सैम्पल जबलपुर भेजे

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कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों की लार के सैम्पल को सुरक्षित तरीके जाँच हेतु जबलपुर भेजा गया।

* आईसीएमआर जबलपुर ने रिजेक्ट किए सैम्पल इसलिए दूसरी बार भेजने पड़े

* पिछले दो दिनों से जानकारी देने में आनकानी कर रहे स्वास्थ्य विभाग अधिकारी

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) दुनिया भर में कहर बरपा रहे नोवल कोरोना वायरस संक्रमण के मामले हमारे देश और प्रदेश में लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। इस महामारी की रोकथाम एवं बचाव हेतु वर्तमान में देशव्यापी लॉकडाउन चल रहा है। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लॉकडाउन के दौरान उन सभी लोगों की स्क्रीनिंग करने जुटीं हैं जोकि 15 फरवरी 2020 या उसके बाद विदेश यात्रा, दूसरे राज्य और दूसरे जिले की यात्रा कर वापिस पन्ना लौटे हैं। प्रदेश में कोविड-19 (कोरोना वायरस) संक्रमित व्यक्तियों की संख्या में वृद्धि के मद्देनजर एहतियात के तौर पर पन्ना जिले से चार कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों के सैम्पल जांच के लिए जबलपुर भेजे गए हैं। चारों संदिग्ध व्यक्ति पिछले दिनों विदेश से लौटे थे।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि चारों व्यक्तियों की लार (सलाइवा) के सैम्पल को दो दिन पूर्व जांच हेतु भेजा गया था लेकिन उनके मानक-मापदण्ड अनुसार न होने के कारण आईसीएमआर प्रबंधन जबलपुर ने सभी सैम्पल को रिजेक्ट कर दिया। इसलिए शुक्रवार 27 मार्च को चिकित्सकों की देखरेख में उन व्यक्तियों के सैम्पल पुनः सावधानीपूर्वक लेकर उन्हें जांच हेतु जबलपुर भेजा गया है। कोरोना वायरस संदिग्ध चारों व्यक्ति पन्ना के निवासी बताए जा रहे हैं। इनमें दो व्यक्तियों के दुबई, एक नेपाल और एक के अमेरिका से आने की जानकारी मिली है। दुबई से लौटने वाले दोनों व्यक्ति युवा हैं, उनकी आयु 35 व 28 वर्ष है। जबकि नेपाल से आने वाली वृद्धा की आयु 65 वर्ष और अमेरिका से आने वाली युवती की आयु लगभग 21 वर्ष है।
सांकेतिक फोटो।
सूत्रों के अनुसार विदेश से लौटने वाले और उनके सीधे सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों में कोविड-19 कोई लक्षण नहीं पाया गया। मगर इन सभी को सुरक्षा की दृष्टि से 14 दिन के लिए होम क्वारेंटाईन में रखा गया है। इनको स्वास्थ्य विभाग की होम क्वारेंटाईन गाईड लाईन की जानकारी देकर आवश्यक सावधानियां बरतते हुए उसका ईमानदारी से पालन करने के लिए कहा गया। साथ ही उनके घर से निकलने पर सख्त मनाही है। फिहलहाल स्वास्थ्य विभाग को इनके सैम्पल की जाँच रिपोर्ट आने का इंतजार है। मालूम हो कि 15 फरवरी 2020 या फिर उसके बाद विदेश से पन्ना लौटने वालों की संख्या चार से अधिक लेकिन सिर्फ चार व्यक्तियों के ही सैम्पल जांच हेतु क्यों भेजे गए, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
उल्लेखनीय है कि जब इस खबर की पुष्टि और इस सम्बंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए पन्ना जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एल. के. तिवारी से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने आनाकानी करते हुए कहा कि उतनी जानकारी देना उचित जो आपके और हमारे हित में है। वहीं पिछले दो दिनों से मीडियाकर्मियों के बार-बार पूंछने पर भी जिले प्रशासनिक अधिकारी इस सम्बंध में कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग पन्ना के जिला सर्विलेंस अधिकारी प्रतीश ठाकुर ने आज रडार न्यूज़ से मोबाइल पर चर्चा के दौरान चार कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों के सैम्पल जाँच हेतु जबलपुर भेजने की पुष्टि की है। जब उनसे पूंछा गया कि कोरोना वायरस संक्रमण की जाँच हेतु पूर्व में भेजे गए सैम्पल किस कारण रिजेक्ट हुए, तो श्री ठाकुर ने अपने जबाब में ज्यादा कुछ नहीं बताया सिर्फ इतना ही कहा ऐसा तकनीकी कारणों से हुआ है।

बेमौसम बारिश ने अन्नदाता की मुश्किलें बढ़ाई, जिले में रुक-रुक कर हुई हल्की बारिश

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* खेतों में खड़ी और खलिहानों में रखी फसलें भीगीं

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मौसम के बदले मिज़ाज ने जिले के अन्नदाता किसानों की मुश्किलें और चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पन्ना सहित आंचलिक क्षेत्रों में रुक-रूककर हल्की बारिश होने से खेतों में कटाई के लिए तैयार और कटकर खलिहान में गहाई के लिए रखी फसलें पानी में भीग गईं। बेमौसम बारिश के कारण रबी फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ गया है। खासकर रबी की दलहनी-तिलहनी फसलों लिए यह बारिश सर्वाधिक नुकसानदेह साबित हो सकती है। इसलिए अन्नदाता किसान अपने खून-पसीने की कमाई रुपी फसल की सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित नजर आ रहे हैं। तमाम विपरीत परिस्थितियों एवं समस्याओं जूझते हुए जिले के अधिकाँश किसानों ने रात-दिन कड़ी मेहनत करके किसी तरह अपनी फसल तैयार की है। लेकिन बेमौसम बारिश और कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु जारी लॉकडाउन के कारण उन्हें अब अपनी फसल के बर्बाद होने का डर सताने लगा है।
हालात के सामने बेबश और मायूस किसानों ने बताया कि बारिश की वजह से खलिहान में रखी फसल गीली हो चुकी है, जिससे गहाई के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है। मिट्टी गीली होने से खेतों में पकी खड़ी फसल भी काटना मुश्किल होगा। आंचलिक प्रतिनिधियों एवं किसानों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पन्ना सहित आसपास के क्षेत्र- देवेन्द्रनगर, अमानगंज, अजयगढ़, सलेहा आदि में अचानक बारिश होने से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोराना वायरस संक्रमण के प्रकोप के चलते लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर निकलने पर संक्रमित होने का डर, पुलिस की सख्ती की वजह से फसलों कटाई और गहाई के लिए मजदूर व थ्रेशर मिलना पहले से ही मुश्किल हो रहा है।
वहीं अब बारिश होने से फसलों की कटाई-गहाई कुछ दिनों तक संभव नहीं हो पाएगी। समाचार लिखे जाने तक जिले भर में आसमान में काले बादल छाए रहे। जिससे फिलहाल मौसम साफ होने की संभावना कम है। जानकारों का मानना है, यदि मौसम की बेरुखी इसी तरह जारी रही तो किसानों की मुसीबतें और भी बढ़ सकती है। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान फसलों की कटाई-गहाई हेतु किसानों, कृषि मजदूरों को घरों से बाहर निकलने, हार्वेस्टर, थ्रेशर एवं फसल के भंडारण हेतु परिवहन हेतु विशेष छूट दी गई है।

जिले में देश के बाहर एवं अन्य राज्यों से आए नागरिक जानकारी दर्ज कराएं : कलेक्टर

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पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।

* जानकारी दर्ज न कराने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध होगी कार्यवाही

पन्ना। (www.radarnews.in) कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जिले के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि 25 फरवरी से लेकर अब तक देश के बाहर एवं अन्य प्रदेश से जो भी व्यक्ति जिले में आए हैं उनकी जानकारी जिला कन्ट्रोल रूम में दर्ज कराना आवश्यक है। ऐसे व्यक्ति अपनी जानकारी दूरभाष क्रमांक 07732-252363 अथवा मोबाइल नम्बर 9425962024 या 9425383782 पर अनिवार्य रूप से दर्ज करा दें। बाहर से आए हुए व्यक्ति 24 घण्टे के अन्दर अपनी जानकारी दर्ज कराएं। जानकारी दर्ज न कराने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध धारा 144 के तहत उनके विरूद्ध पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।
उन्होंने आमजनता से भी अपील करते हुए कहा है कि यदि आपके गांव में अथवा पास पड़ोस में अन्य देशों अथवा अन्य राज्यों से आए हुए व्यक्ति रह रहे हैं तो इनकी जानकारी अनिवार्य रूप से जिला कन्ट्रोल रूम में दर्ज कराएं। जानकारी को छिपाना भी अपराध की श्रेणी में आता हैै। इसलिए इस तरह की जानकारी को अनिवार्य रूप से दर्ज करा दें। जिससे मानव समाज को कोरोना वायरस जैसी भीषण बीमारी के संक्रमण से समाज के प्रत्येक व्यक्ति को बचाया जा सके। इस कार्य के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में दल गठित किए गए हैं। जो इस तरह की सम्पूर्ण जानकारी एकत्र कर रहे हैं। आपके घर जानकारी प्राप्त करने के लिए आने वाले दलों से किसी भी तरह की जानकारी छिपाए नहीं। यदि आपके परिवार में किसी को सर्दी, जुखाम, बुखार, खांसी एवं सांस फूलने संबंधी तकलीफ है उसकी जानकारी भी उन्हें दें। जिससे रोगी की घर पर ही जांच कराकर दवा एवं परामर्श दिया जाएगा।

पंजीकृत मजदूरों को प्रति मजदूर मिलेगी 1000 रुपए की सहायता, सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन का दो माह का एडवांस भुगतान

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फाइल फोटो।

* मुख्यमंत्री शिवराज ने कोरोना से प्रभावित होने वालों के लिये सहायता पैकेज की घोषणा

* जनजातीय परिवारों के खातों में दो माह की एडवांस राशि

* वीडियो कान्फ्रेंसिग के माध्यम से आयुक्तों, आईजी, कलेक्टरों को दिए निर्देश

शादिक खान, भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी आयुक्तों, आई.जी., जिला कलेक्टरों, एस.पी., सीएमएचओ, नगर निगम आयुक्तों, नगर पालिका, सीएमओ से कोरोना वायरस की रोकथाम और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के आह्वान के संबंध में चर्चा की ।
मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के कारण उत्पन्न होने वाली स्थिति और इससे प्रभावित वर्गों के लिये सहायता पैकेज की देने की बात की । उन्होंने कहा कि प्रदेश के 46 लाख पेंशनर्स को 600 रु. प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा योजना अंतर्गत रुपए 275 करोड़ प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है। सभी प्रकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धा अवस्था पेंशन निराश्रित पेंशन इत्यादि का दो माह का एडवांस भुगतान किया जायेगा।
संनिर्माण कर्मकार मंडल के अंतर्गत मजदूरों को लगभग 8.25 लाख रूपये की सहायता प्रति मजदूर 1000 रुपए के हिसाब से उपलब्ध करायी जायेगी। इसी प्रकार 2.20 लाख राशि सहरिया, बैगा, भारिया जनजातियों के परिवारों के खातों में दो माह की एडवांस राशि दो हजार रुपए भेजी जाएगी।

मिलेगा निःशुल्क उपचार

कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर शासकीय हॉस्पिटल-मेडिकल कॉलेज में नि:शुल्क इलाज किया ही जायेगा साथ-साथ चिन्हित प्राइवेट मेडिकल कॉलेज/प्राइवेट हॉस्पिटल में भी‍ नि:शुल्क इलाज सभी वर्गों के लिए उपलब्ध रहेगा। प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान भारत में निर्धारित दरों के हिसाब से भुगतान किया जावेगा। ग्राम पंचायतों में पंच-परमेश्वर योजना की प्रशासनिक मद में राशि उपलब्ध है। इसे कोरोना के नियंत्रण तथा लॉकडाउन के कारण जहाँ भी लोगों को भोजन-आश्रय की व्यवस्था करना हो खर्च की अनुमति प्रदान की जा रही है।

बच्चों के खातों में आएगी एमडीएम की राशि

स्कूल बंद होने से मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। अप्रैल 2020 तक का खाद्यान्न रिलीज किया जा चुका है। इसे अब पी.डी.एस. अन्तर्गत राशन दुकानों को उपलब्ध कराया जायेगा। इसके फलस्वरूप कुल 65 लाख 91 हजार विद्यार्थियों के खाते में मध्यान्ह भोजन की 156 करोड़ 15 लाख रूपए की राशि का वितरण किया जायेगा – प्राथमिक शालाओं के 60.81 लाख विद्यार्थियों को 155 रु. प्रति विद्यार्थी की दर से 94.25 करोड़ रुपये और माध्यमिक शाला के 26.68 लाख विद्यार्थियों को 232 रु. प्रति विद्यार्थी की दर से 61.90 करोड़ दिये जायेंगे।

बनाए रखें सोशल डिस्टेंसिंग

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी संबंधित अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जरूरी है कि लोग अपने घरों में रहें । भीड़-भाड़ न हो। सभी धार्मिक सामाजिक कार्यक्रम पूरी तरह बंद रहेंगे। सभी धार्मिक स्थानों को भी आम जनता के लिये बंद रखा जायेगा। जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये ककि वे स्थानीय धर्म गुरूओं से चर्चा करें।

मुख्यमंत्री के निर्देश

फाइल फोटो।
मेले आदि का आयोजन भी अगले 21 दिनों तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सोशल डिस्टेंसिंग के मापदण्डों का सभी जगह कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिये हैं।
सामुदायिक निगरानी को बढ़ाया जाये जिससे बुखार, सर्दी, खांसी के मरीजों के बारे में जिला प्रशासन को तत्काल सूचना मिल सके।
जिन मरीजों को सामान्य सर्दी-खांसी और बुखार हो उन्हें जांच के बाद समाधान होने पर घर में ही दवा पहुंचाने के प्रयास करें। कलेक्टर इस कार्य के लिये मोहल्ले या वार्ड की स्वयंसेवी और सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आगे मदद के लिये प्रेरित करें।
कॉल सेंटर को 24 घंटे सक्रिय रखा जाये। कॉल सेंटर से सूचना प्राप्त होने पर घर पर दवाई पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हो सकते है, जिन्हें लॉकडाउन के कारण भोजन की व्यवस्था करने में कठिनाई आ रही हो ऐसी स्थिति में स्वयं सेवी संस्थाओं आदि को प्रेरित कर भोजन के पैकेट बनवाये जाये एवं वितरण की व्यवस्था की जाये ताकि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे।
सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। दवाई की दुकान, किराने की दुकान एवं फल सब्जियों की दुकानों के सामने नगर निगम एवं नगर पालिका एवं ग्राम पंचायत के माध्यम से पेंट तथा चूने से निशान लगाये जाए, जिससे खरीदी करने वाले व्यक्ति आपस में सोशल डिस्टेंसिंग रख सके।
ऐसी दुकान एवं संस्थाओं के खुले रहने का समय अधिक से अधिक हो ताकि किसी एक समय पर भीड़ लगने की संभावना कम हो।
सुनिश्चित करें कि प्रदेश में माल परिवहन बिना बाधित हुए चलता रहें ताकि वस्तुओं की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं आवे। पैकेजिंग मटेरियल के परिवहन में भी बाधा नहीं आए। माल परिवहन से संबंधित वाहनों को चेक पांईट पर भी नहीं रोका जाये।
सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि अत्यावश्यक वस्तु एवं दैनिक उपयोगी एवं मार्केट में दवाई की सामान्य कीमत पर मिल सके। अधिक कीमतें वसूल करने की शिकायत प्राप्त होने पर कड़ी कार्यवाही की जावे।
डॉक्टर, नर्स तथा आवश्यक कार्य करने वाले अमले को पर्याप्त सुरक्षा एवं आवश्यक सुविधा मिल सके, यह सुनिश्चित करें।
समस्त संभागीय आयुक्तों का यह दायित्व है कि वे अपने सभी जिलों में समन्वय रखें। यदि आपूर्ति तथा लॉजिस्टिक्स की कोई समस्या है तो तत्काल अवगत करायें।
उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक सामग्री जैसे सब्जियाँ, किराना, दूध, फल आदि सामग्री निर्बाध रूप से उपलब्ध करायी जाये।
सब्जी मंडियों में अनावश्यक भीड़-भाड़ ना हो। वहाँ से केवल रिटेल व्यापारी ही सब्जियाँ खरीदें उपभोक्ता नहीं। अगर संभव हो तो उन्हें फैला दें।

सड़क हादसा : मोटरसाइकिलों की जबरदस्त भिड़न्त में दोनों के चालकों की दर्दनाक मौत, 2 गम्भीर घायल

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फाइल फोटो।

* पन्ना जिले के रैपुरा थाना क्षेत्रान्तर्गत ताखौरी-बघवार मार्ग पर हुआ हादसा

* हैलमेट पहना होता तो शायद बच सकती थी दोनों नवयुवकों की जान

* कोरोना संकट के बीच ग्रामीण अंचल में बेअसर साबित हो रहा लॉकडाउन

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में रैपुरा थाना क्षेत्रान्तर्गत ताखौरी-बघवार मार्ग पर दो तेज रफ़्तार मोटरसाइकिलों में आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों मोटरसाइकिलों के परखच्चे उड़ गए और उनमें सवार चारों युवक उछलकर दूर जा गिरे। इस भीषण सड़क हादसे में एक बाइक चालक फूल सिंह यादव 32 वर्ष की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि दूसरी मोटरसाइकिल के चालक आनन्द चौधरी 18 वर्ष ने इलाज के दौरान पड़ोसी जिला कटनी में दम तोड़ दिया। हादसे के समय दोनों बाइक में पीछे सवार रहे दो युवकों को गम्भीर चोटें आई हैं। घायलों में एक की हालत काफी नाजुक बताई जा रही है। सड़क हादसे में असमय काल-कवलित होने वाले दोनों मोटरसाइकिल चालकों ने हैलमेट नहीं पहना हुआ था। लोगों का मानना है यदि उन्होंने हैलमेट पहना होता तो शायद आज वे जीवित होते। उधर, इस भीषण सड़क हादसे के बाद से समूचे रैपुरा क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
रैपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आनन्द चौधरी के इलाज के दौरान लिया गया चित्र।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फूल सिंह यादव पिता कुंजीलाल यादव 32 वर्ष मोटरसाइकिल से अपने दोस्त बहादुर यादव पिता रामलाल यादव दोनों निवासी ग्राम ताखौरी मंगलवार 24 मार्च की रात करीब 8:30 बजे किशनपाटन की ओर जा रहे थे। सामने से आनन्द चौधरी 18 वर्ष निवासी किशनपाटन मोटरसाइकिल से आ रहा था। मोटरसाइकिल में पीछे उसका गाँव का ही स्वजातीय दोस्त दीपक चौधरी बैठा था। रास्ते में दोनों तेज रफ़्तार मोटरसाइकिलों के बीच सीधी टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि चारों मोटरसाकिल सवार उछलकर दूर जा गिरे और उनकी मोटरसाकिलों के परख्च्चे उड़ गए। इस हादसे में खून से लथपथ और अत्यंत ही गंभीर रूप से घायल फूल सिंह यादव की मौके पर ही मौत हो गई। युवकों के गांवों के बीच हुए इस हादसे की भनक लगते ही उनके परिजन-रिश्तेदार तुरंत मौके पर पहुँच गए। चंद मिनिट बाद थाना प्रभारी रैपुरा संदीप भारती हमराही बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। खून से लथपथ चारों युवकों को अचेत हालत में तुरंत इलाज हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रैपुरा लाया गया। जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने फूल सिंह यादव का मेडिकल परीक्षण करने के बाद उसे अधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया।
हादसे में अत्यंत ही गम्भीर रूप से घायल आनन्द चौधरी और बहादुर यादव की नाजुक हालत को देखते हुए दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद कटनी के लिए रेफरल किया गया। रैपुरा थाना प्रभारी एवं उप निरीक्षक संदीप भारती ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार देर रात जिला चिकित्सालय कटनी में इलाज के दौरान आनन्द चौधरी की भी मौत हो गई। जबकि मृतक फूल सिंह यादव के साथी बहादुर यादव 22 वर्ष निवासी ताखौरी की हालत अभी भी काफी गम्भीर बनीं हुई है। वहीं घायल युवक दीपक चौधरी का इलाज रैपुरा में ही जारी है।
घटनास्थल पर घायलों को देखते और उनके फोटो मोबाइल से निकालते लोग।
भीषण सड़क हादसे में असमय मृत दोनों नवयुवक विवाहित बताये जा रहे हैं। मोटरसाइकिल चलाते समय दोनों युवकों ने हैलमेट नहीं पहना था। उनके साथी भी बगैर हैलमेट के यात्रा कर रहे थे। लोगों का ऐसा मानना है यदि दोनों बाइक चालक हैलमेट पहने होते तो शायद उनकी जान बच सकती थी। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए पन्ना जिले में मंगलवार 24 मार्च की शाम से 27 मार्च तक के लिए लॉकडाउन घोषित किया गया है। इस दौरान लोगों से अपने घरों पर रहने के लिए कहा जा रहा है। बेहद जरुरी होने पर परिवार से केवल एक व्यक्ति को सीमित अवधि के लिए बाहर आने की छूट दी गई है। यह दुखद हादसा बताता है कि ग्रामीण अंचल में लोग लॉकडाउन का पालन पूरी तरह नहीं कर रहे हैं। कोरोना वायरस के लाइफ साइकल को ब्रेक करने लिया गया लॉकडाउन का फैसला लोगों की लापरवाही के चलते अपने लक्ष्य को कैसे और कितना प्राप्त कर पाएगा, इसका पता तो आने वाले दिनों में ही चलेगा।

कोरोना संकट : पन्ना जिले में 27 मार्च तक लाॅकडाउन घोषित, धारा-144 लागू और बार्डर भी सील, जरुरी होने पर परिवार का कोई एक सदस्य सीमित समय के लिए निकल सकेगा घर से बाहर

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जनता कर्फ्यू के चलते पन्ना में मंगलवार को अघोषित लॉकडाउन नजारा देखने को मिला।

* कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम को लेकर प्रशासन अलर्ट

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पूरी दुनिया में कहर बरपा रहे नोवल कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार-प्रभाव को रोकने के लिए पन्ना जिले में मंगलवार 24 मार्च की शाम से शुक्रवार 27 मार्च तक के लिए अधिकारिक तौर पर लॉकडाउन घोषित किया गया है। जिले में लोकहित एवं नागरिकों को संक्रमण से बचाने के लिए धारा-144 पहले से ही लागू है। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के प्रयासों के तहत जिले की सभी सीमाओं को लॉक (सील) कर आवाजाही पर भी पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है।
जनता कर्फ्यू के चलते लोगों के सुबह से घरों में रहने से सूनी पड़ीं पन्ना की सड़कें।
कोरोना को हारने के लिए जिले के अधिकाँश लोग शासन-प्रशासन का पूर्ण सहयोग करते हुए शनिवार 21 मार्च की रात्रि से ही अपने घरों से बाहर नहीं निकले। कोरोना के खिलाफ जारी जंग में रविवार 22 मार्च को नागरिकों के जनता कर्फ्यू को स्वेच्छा से पूर्ण समर्थन देते हुए ऐतिहासिक बंद रखकर संयम और समझ का अभूतपूर्व उदाहरण प्रस्तुत किया था। हालाँकि शाम 5 बजे के बाद कतिपय लोग ताली और थाली बजाते हुए अति उत्साह में घरों से बाहर निकलकर ऐसा प्रदार्शन कर रहे थे जैसे महज कुछ घण्टों के जनता कर्फ्यू से कोरोना वायरस के खतरे पर पूरी तरह विजय प्राप्त कर ली है। हालाँकि ऐसे लोगों को कुछ ही देर में यह समझ आ गया कि कोरोना से लड़ाई कितनी लम्बी और चौनौतीपूर्ण है।
पन्ना जिले में रविवार 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद से अर्थात 9 बजे से ही अब तक अघोषित तौर पर लॉकडाउन चल रहा था। यह अलग बात कि प्रशासन ने इसे आमजन की स्वेच्छा से जनता कर्फ्यू में वृद्धि बताया। इस दौरान सड़कें सूनीं रहीं, बाजार बंद रहा और लोग घरों में दुबके रहे। बहरहाल मंगलवार शाम से अधिकारिक तौर पर लॉकडाउन घोषित किया जा चुका है। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी कार्यालय एवं व्यापारिक-व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। लॉकडाउन घोषित होने से नागरिकों पर कई तरह की पाबंदी लागू हो गई है। अब हर कोई मनमाने तरीके से घर से बाहर नहीं निकल सकेगा। सिर्फ अतिआवश्यक वस्तुओं के लिए परिवार का कोई एक सदस्य सीमित अवधि के लिए बाहर निकल सकता है। लॉकडाउन की अवधि में लोगों से अपने घरों पर ही रहने के लिए कहा गया है। इसका पालन न करने वालों के विरुद्ध प्रशासन सख्त कार्रवाई कर सकता है।

कलेक्टर ने की सहयोग की अपील

पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने पन्ना जिले के नागरिकों को बधाई देते कहा है कि तीन दिनों तक सयंम के साथ कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए स्वैच्छा से कार्य किया है। आगे आने वाले समय में भी जिले के नागरिक इसी तरह संयम के साथ कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में कार्य करेंगे। आप सभी को विदित है कि यह समस्या बहुत बड़ी है और अभी आगे भी हमें इसके बचाव के लिए और अधिक संयमित होकर कार्य करना पड़ेगा। इसलिए 27 मार्च तक जिले में लाॅकडाउन घोषित किया जाता है। पूरी प्रक्रिया में जिले की सीमाओं को लाॅक किया जाएगा तथा समस्त प्रकार के आवागमन को निषिद्ध किया जा रहा है। अतिआवश्यक वस्तुओं छोड़कर समस्त व्यापारिक प्रतिष्ठान जैसे अभी तक बंद है वैसे ही पूर्णताः बंद रहेंगे।

धारा-144 के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

लोगों को अपने घरों में रहने की समझाइश देते हुए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी।
पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बताया कि अब केवल अतिआवश्यक वस्तुओं के लिए परिवार का कोई एक सदस्य सीमित अवधि के लिए बाहर निकल सकता है। अनावश्यक सभी को बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि आप लोगों से आग्रह है कि आप अपने घर में ही रहें तथा संक्रमण से मुक्त पन्ना जिले को करने के लिए जिला प्रशासन की मदद करें। लोकहित एवं जनता को संक्रमण से बचाने के लिए धारा-144 के उल्लंघन करने पर कार्यवाही की जाएगी।

बाहर से आने वालों की बनेगी सूची

कोरोना संक्रमण की रोकथाम पर बैठक में चर्चा करते कलेक्टर पन्ना।
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने एक आपातकालीन बैठक आयोजित कर कोरोना वायरस रोकथाम के लिए अब तक जिले में की गयी कार्यवाही एवं आगामी दिनों में की जाने वाली कार्यवाही के संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में 25 फरवरी से लेकर अब तक देश व प्रदेश के बाहर से जिले मेें आए लोगों की पहचान कर उनकी स्क्रीनिंग करना अतिआवश्यक है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में यह कार्य प्रभावी ढंग से प्रारंभ है। जिले के नगरीय क्षेत्रों में इस कार्य को प्राथमिकता के साथ दो दिवस के अन्दर पूर्ण किया जाना है।

25 फरवरी के बाद आने वालों जुटाई जाएगी जानकारी

इस कार्य के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के. को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके द्वारा इस कार्य के लिए दल गठित किए गए हैं। गठित किए गए दल प्रत्येक नगरीय निकाय में जितने वार्ड हैं उस निकाय के लिए उतने ही दल गठित किए गए हैं। इन दलों में बीएलओ, आंगनवाडी कार्यकर्ता, शिक्षक, आशा, नगरीय निकाय के वार्ड प्रभारियों को शामिल किया गया है। यह दल अपने-अपने दायित्व वाले वार्डो में ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करेंगे जो 25 फरवरी से अब तक देश या प्रदेश से जिले मेें आए हैं। इन लोगों द्वारा ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करने के साथ-साथ जिले के उन व्यक्तियों की सूची भी तैयार की जाएगी जिन्होंने इस अवधि में जिले से बाहर की यात्राएं की हैं। जानकारी में व्यक्ति किस स्थान से यात्रा कर किस दिनांक को जिले में आया, उनका पूर्ण पता, मोबाइल नम्बर, संबंधित व्यक्ति को सर्दी, बुखार, खांसी, सांस फूलने आदि की जानकारी पंजीबद्ध की जाएगी।

बीमार व्यक्तियों की भी बनेगी सूची

जिले सीमाओं को सील कर आवागमन पर पूर्णतः रोक लगाई गई है, सीमाओं की निगरानी में तैनात पुलिस जवान।
इसके अलावा यह दल अपने-अपने दायित्व क्षेत्र के उन लोगों की जानकारी भी तैयार करेंगे जिन व्यक्तियों द्वारा 25 फरवरी से अब तक की अवधि में जिले से बाहर आना जाना नहीं किया है लेकिन उन्हें सर्दी, खांसी, बुखार आदि की समस्या है। ऐसे व्यक्तियों का पंजीकरण कर उन्हें आवश्यक उपचार उनके घर पर ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है। निर्धारित अवधि में देश या राज्य से बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी चलित चिकित्सा दल को दी जाएगी। इन सभी व्यक्तियों की जानकारी गूगल सीट पर दर्ज की जाएगी। यह दल संबंधित व्यक्ति के घर पर पहुंचकर आवश्यक जांच एवं उपचार उपलब्ध कराएगा। कोेई भी व्यक्ति चिकित्सालय तब तक नहीं आएगा जब तक की जांच उपरांत उसे चिकित्सालय चिकित्सा दल द्वारा भेजा नहीं जाता।

महिला स्व सहायता समूहों ने बनाए मास्क

पन्ना के जिला पंचायत परिसर में लगा महिला स्व सहायता समूहों द्वारा निर्मित मास्क एवं सेनिटाइजर का स्टॉल।
इस बैठक में निर्देश दिए गए हैं कि एनआरएलएम के स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे सेनेटाइजर एवं मास्क प्रथम चरण में उन अधिकारियों/कर्मचारियों को दिए जाएंगे जो वर्तमान में शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लगाए गए हैं। इसके उपरांत इन दोनों सामग्रियों का शासन द्वारा निर्धारित दर पर विक्रय किया जाएगा। सम्पन्न हुई बैठक में अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे, एसडीएम शेर सिंह मीना, डिप्टी कलेक्टर कु. रचना शर्मा, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अशोक चतुर्वेदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास उदल सिंह, परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण ओ.पी. दुबे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पन्ना श्रीमती तपस्या जैन, तहसीलदार पन्ना दीपा चतुर्वेदी, एपीओ संजय सिंह के साथ संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

जिला स्तरीय टीम गठित

नोबल कोरोना वायरस से संबंधित जारी दिशा निर्देशानुसार संबंधित जानकारी हेतु एकीकृत संचार नियंत्रण प्रणाली के संचालन हेतु जारी हेल्पलाईन नम्बर 104 एवं 181 के माध्यम से प्राप्त होने वाली काॅल के निराकरण हेतु जिले में कन्ट्रोल रूम ई-दक्ष केन्द्र यादवेन्द्र क्लब (धरम सागर तालाब के पास) पन्ना में स्थापित किया जा रहा है। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने कन्ट्रोल रूम के नोडल अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को बनाया है। उन्होंने जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम में जिले के डेशबोर्ड पर प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों में आवश्यक कार्यवाही किए जाने हेतु जिला स्तरीय टीम गठित की है। गठित टीम अपने कार्य के साथ-साथ प्रदाय किए गए अन्य कार्य भी निष्पादित करेंगे। उन्होंने गठित टीम को निर्देशित किया है कि किसी भी प्रकार के भारमुक्ति की प्रतीक्षा किए बिना तत्काल कर्तव्य स्थल पर उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना सुनिश्चित करें। इस कन्ट्रोल रूम में 29 कम्प्यूटर आपरेटरों की नियुक्ति की गयी है जो प्रत्येक जानकारी को पंजीकृत करेंगे।

जिले में 31 चलित चिकित्सा दल गठित

जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं संभावित व्यक्तियों की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी द्वारा 31 चलित चिकित्सा दल गठित किए हैं। यह चिकित्सा दल ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में 25 फरवरी से अब तक देश या प्रदेश के बाहर से आए हुए व्यक्तियों की स्क्रीनिंग करेंगे। ऐसे व्यक्तियों की जानकारी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गठित दलों द्वारा पहचान की जा रही है। पहचान के उपरांत चिकित्सा दल को जानकारी दी जाएगी। जानकारी मिलने के उपरांत चिकित्सा दल संबंधित के घर जाकर उनकी स्क्रीनिंग करने के उपरांत आवश्यक उपचार एवं परामर्श देगा। इसके अलावा 15 चलित चिकित्सा दल रिजर्व में रखे गए हैं। चिकित्सक दल में एक चिकित्सक एवं एक सहायक रखे गए हैं। यह चिकित्सा दल भ्रमण के दौरान आवश्यक औषधियां भी साथ रखेगा। आवश्यकतानुसार लोगों को औषधी भी कराई जाएगी।

आशा एवं एएनएम के पास दवाएं उपलब्ध

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी द्वारा बताया गया कि जिले में नियुक्त समस्त आशा कार्यकर्ता एवं बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पास आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी हैै। कोई भी व्यक्ति सर्दी, जुखाम, खांसी, बुखार आदि से पीडित है तो आशा कार्यकर्ता या बहुउद्देशीय कार्यकर्ता से दवाएं प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा अन्य बीमारियों की संबंध में भी आशा कार्यकर्ता एवं बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता से सम्पर्क स्थापित कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श प्राप्त करें।

बेटी के विवाह से पहले गृहस्थी का सामान जला, पाई-पाई जोड़कर और उधार लेकर खरीदा था सामान

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आग लगने से पूरी तरह जला बेटी के विवाह के लिए जमा गृहस्थी का सामान।

* पन्ना में आगजनी प्रभावित गरीब दलित परिवार की बढ़ी मुश्किलें

* जिस कमरे में सामान रखा था वहां भगवान के मंदिर में जलाया था दीपक

* बंद कमरे से धुआँ उठता देखकर पड़ोसी ने दी आग लगने की जानकारी

मनीष सारस्वत, रोहित रैकवार- पन्ना। (www.radarnews.in) शहर के धाम मोहल्ला में रहने वाले एक दलित परिवार की बेटी के विवाह से पहले उसकी गृहस्थी का पूरा सामान जलकर खाक हो गया। पाई-पाई जोड़कर और उधार लेकर खरीदे गए सामान के जलने से पीड़ित परिवार काफी दुखी व चिंता में डूबा हुआ है। बेटी के विवाह का पूरा सामान जलने से मानों उनके ऊपर मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा है। इनकी चिंता इस बात को लेकर है कि वे पहले से तय तिथि में बेटी का विवाह अब कैसे कर पाएंगे ? क्योंकि दूर के रिश्तेदारों व परिचितों को वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रण पत्र (कार्ड) भेजा जा चुका है।
आगजनी प्रभावित बिहारी जाटव अपनी बेटी पिंकी और पत्नी के साथ।
पन्ना के धाम मोहल्ला निवासी फल विक्रेता बिहारी जाटव के घर पिछले कुछ दिनों से चहल-पहल बढने के साथ उत्साह व ख़ुशी का माहौल था। दरअसल, उनकी बेटी पिंकी के विवाह की तारीख़ जो नजदीक आ रही थी। पिंकी का विवाह 14 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के मौदहा में होना तय हुआ है। बेटी के लिए सुयोग्य वर की तलाश करने के बाद बिहारी जाटव व परिवार के अन्य सदस्य बड़े अरमानों के साथ उसे ख़ुशी-ख़ुशी विदा करने के लिए विवाह की आवश्यक तैयारियों में जुट गए।
जले हुए गृहस्थी के सामान को देखते मोहल्ले के लोग।
वैवाहिक सीजन शुरू होने पर घर-गृहस्थी का सामन महंगा होने की संभावना को देखते हुए बिहारी जाटव ने अपनी जमा पूँजी से और परचितों से कुछ रूपए उधार लेकर बेटी के विवाह में उसे उपहार के रूप में देने के लिए अधिकाँश सामान खरीद कर रख लिया था। दूर रहने वाले रिश्तेदारों-परिचितों को विवाह में शामिल होने के लिए आमंत्रण पत्र भी भेज दिए गए। इस बीच सोमवार 23 मार्च की शाम बिहारी के घर पर जिस कमरे में बेटी के विवाह का सामान रखा था उसके अंदर स्थित भगवान के मंदिर में उनकी माँ ने रोज की तरह शाम को पूजा-पाठ कर दीपक जलाया और फिर कमरे के दरवाजे पर ताला डालकर वापस घर के उस हिस्से में चलीं गईं जहाँ सभी सदस्य निवास करते हैं। रात्रि में खाना खाने के बाद बिहारी जाटव और परिवार के अन्य सदस्य अपने-अपने कमरों में सोने के लिए चले गए।
मंगलवार तड़के पड़ोसी मोहन जाटव की जब नींद खुली तो उन्होंने देखा कि बिहारी के मकान के बाहरी कमरे से भीषण धुआँ उठ रहा था। आग लगने की आशंका के मद्देनजर मोहन ने तुरंत बिहारी जाटव व उनके परिजनों को सूचित किया। जिस कमरे से धुआँ निकल रहा था जब उसके दरवाजे खोले गए तो अंदर रखा बेटी के विवाह का सामान आग की प्रचण्ड लपटों में जलता हुआ देखकर सबके होश उड़ गए। आनन-फानन पड़ोसियों की मदद से कमरे की आग को बुझाने पानी डाला गया। करीब आधा घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालाँकि तब तक अधिकाँश सामान जल कर ख़ाक हो चुका था। आगजनी की घटना में फ्रिज, कूलर, टीव्ही, सोफा सेट, डबल बैड, अलमारी, गद्दे, कपड़े, खाद्यान्न सामग्री सहित करीब 3 लाख रुपए मूल्य का सामान जल गया। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि गृहस्थी के सामान में आग मंदिर के दीपक से लगी है।
आगजनी की घटना के बाद से जाटव परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कल तक बिहारी के घर पर जहाँ ख़ुशी और उत्साह का माहौल था आज वहाँ परिवार के प्रत्येक सदस्य के चेहरे पर उदासी और चिंता साफ़ नजर आ रही है। इन हालात में पूर्व निर्धारित तिथि पर पिंकी के हाथ पीले कैसे होंगे, अपनी लाड़ली को अरमानों के साथ वे कैसे विदा कर पाएंगे यह चिंता जाटव परिवार को हर पल बेचैन कर रही है। बहरहाल अच्छी बात यह है कि इस मुश्किल घड़ी में कुछ संवेदनशील लोग आगजनी प्रभावित इस गरीब दलित परिवार की मदद के लिए आगे आए हैं। उधर कोतवाली थाना पन्ना पुलिस को आगजनी की घटना की सूचना दी गई। पीड़ित बिहारी जाटव ने शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से उदारतापूर्वक मदद करने की गुहार लगाई है।

एमपी में एक बार फिर “शिव राज”, मुख्यमंत्री पद की चौथी बार शपथ लेकर बनाया रिकार्ड

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की रिकार्ड चौथी बार शपथ लेते शिवराज सिंह चौहान।

* बोले- कोरोना वायरस (कोविड-19) से मुकाबला पहली प्राथमिकता

* राज्यपाल ने श्री चौहान को दिलायी मुख्यमंत्री पद की शपथ

* पूर्व सीएम कमलनाथ और भाजपा नेता सिंधिया ने दी बधाई

भोपाल। (www.radarnews.in) शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार रात 9 बजे राजभवन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रूप में शपथ ली। वे पहले ऐसे नेता हैं जो चौथी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं। राज्यपाल लालजी टंडन ने शिवराज सिंह चौहान को प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव एम.गोपाल रेड्डी ने किया। शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ एवं सुश्री उमा भारती, भारतीय जनता पार्टी के विधायक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को देखते हुए शपथ ग्रहण समारोह बेहद संक्षिप्त रहा और 10 मिनिट से भी कम चला।
पदभार ग्रहण करते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान।
शिवराज ने अकेले शपथ ली, उनके मंत्रिमण्डल के किसी सदस्य ने आज शपथ नहीं ली। वे करीब 1 वर्ष और 3 माह बाद रिकार्ड चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं। शिवराज के अलावा अब तक अर्जुन सिंह व श्यामाचरण शुक्ल तीन-तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं। विगत दिनों फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस्तीफ़ा देने के बाद मुख्यमंत्री की दौड़ में शिवराज सिंह चौहान को सबसे सशक्त दावेदार माना जा रहा था। चौथी बार मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चौहान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बधाई दी है। मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि “मेरी सबसे प्राथमिकता कोरोना वायरस (कोविड-19) से मुकाबला है, बाकी सब बाद में।”

ट्वीट करके दी बधाई

पूर्व मुख्यमंत्री, कमलनाथ।
शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट करके बधाई दी है। इसके अलावा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं भजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी उन्हें बधाई दी है। कमलनाथ ने अपने ट्वीट में कहा कि- प्रदेश के 19 वे मुख्यमंत्री के रूप में श्री शिवराज सिंह चौहान के शपथ लेने पर मैं उन्हें बधाई देता हूँ।साथ ही उम्मीद करता है कि कांग्रेस सरकार द्वारा विगत 15 माह में शुरू किये गये जनहितैषी कार्यों, निर्णयों व योजनाओं को प्रदेश हित में वे आगे बढ़ाएँगे। वहीं सिंधिया ने अपने ट्वीट में कहा कि- मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार बनने और चौथी बार मुख्यमंत्री का पद संभालने पर श्री शिवराजसिंह चौहान जी को हार्दिक बधाई। प्रदेश के विकास प्रगति और उन्नति में मैं सदैव आपके साथ खड़ा हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप के नेतृत्व में मप्र विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।