* लॉकडाउन व धारा-144 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ शुरू हुई सख्ती
* पुलिस अधीक्षक ने ड्रोन उड़ाकर शुरू की आसमान से निगरानी की नई व्यवस्था
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना से जंग जीतने में समाज और सेहत के दुशमन आड़े आ रहे हैं। घर में रहने की सलाह ना मानकर बेबजह सड़कों पर तफरी करने के लिए निकल रहे हैं। पुलिस ने ऐसे लोगों को पूर्व में कई बार समझाइश दी, सार्वजानिक रूप से मुर्गा बनाया, उठक-बैठक लगवाई और डण्डे भी चटकाए। बाबजूद इसके कतिपय नासमझ और लापरवाह लोग अपनी जान को जोखिम में डालने के साथ अन्य लोगों के लिए भी संकट पैदा करते हुए बेबजह घरों से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। शासन-प्रशासन व पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज कर अकारण घर से निकलकर लॉकडाउन और धारा-144 का उल्लंघन वालों के खिलाफ पन्ना जिले की पुलिस ने अब सख्ती शुरू कर दी है।

जिला मुख्यालय में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से पुलिस ने ऐसे लोगों की निगरानी शुरू कर दी है। अब क़ानून तोड़ने वालों की तस्वीरें ड्रोन कैमरा और नगर के चौराहों-तिराहो में लगे सीसीटीव्ही कैमरों में कैद होने पर सम्बंधित की पहचान कर उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के मकसद से पुलिस को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उधर आँचलिक थाना क्षेत्रों में पुलिस को पेट्रोलिंग के दौरान व सीमावर्ती चेक पोस्ट पर जाँच में मिले बेबजह घरों से बाहर निकलने वाले आधा दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। कुछ प्रकरणों में पुलिस ने दुपहिया-चारपहिया वाहन भी जप्त किये हैं।

उल्लेखनीय है कि नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से समूचे देश में 21 दिन का लॉकडाउन पीरियड चल रहा है। मानव इतिहास में शायद यह पहला अवसर है जब इस महामारी से बचाव के लिए पूरी दुनिया घरों में बंद है। लेकिन कतिपय लोगों की लापरवाही से हमारे देश और प्रदेश में हर दिन तेजी से कोविड-19 (नोवल कोरोना वायरस) से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह वायरस अब तक कई लोगों की जान ले चुका है। इस भीषण आपदा से बचाव का कारगर उपाय आवश्यक सतर्कता बरतना और अपने घरों में रहकर कुछ दिनों तक सामाजिक दूरी बनाए रखना है। इसलिए गंभीर संकट की इस घड़ी में शासन-प्रशासन के द्वारा लोगों से अपने घरों में ही रहने की अपील की जा रही है।

पन्ना जिले में अधिकाँश लोग लॉकडाउन का पालन कर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देते हुए पिछले एक सप्ताह से अपने घर पर ही रह रहे हैं। मगर कुछ लोग ऐसे भी हैं जोकि तमाम समझाइश को नजरअंदाज कर बेबजह घर से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। लॉकडाउन और धारा-144 का उल्लंघन कर ऐसे लोग जहाँ स्वयं कोरोना वायरस के संक्रमण खतरा मोल ले रहे हैं वहीं जाने-अनजाने इस जानलेवा वायरस का संवाहक बन पूरे समाज के लिए संकट पैदा कर सकते हैं। परिणामस्वरूप कोरोना वायरस से जंग लम्बी होती जा रही है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातर बढ़ने से अब इसके समुदाय तक पहुँचने का खतरा काफी बढ़ गया। इस संकट से निपटने के लिए लॉकडाउन का पालन सख्ती से सुनिश्चित कराने के लिए पन्ना पुलिस ने ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से शहर की निगरानी शुरू कर दी है। 24 घण्टे शहर के चप्पे-चप्पे निगरानी सुनिश्चित करने के लिए रविवार 29 मार्च को स्थानीय गाँधी चौक पर दोपहर के समय पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने ड्रोन कैमरे को उड़ाकर परीक्षण किया। इस दौरान ड्रोन के द्वारा ली गई तस्वीरों का भी उनके द्वारा अवलोकन किया गया।

पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि ड्रोन के अलावा शहर में 25 प्वॉइंट पर लगे सीसीटीव्ही कैमरों के जरिये भी लॉकडाउन की सतत निगरानी की जा रही है। सीसीटीव्ही कन्ट्रोल रूम से लोगों की आवाजाही तथा सम्बंधित क्षेत्र की प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस कप्तान ने बताया कि ड्रोन और सीसीटीव्ही कैमरों में अब यदि सड़क किनारे खड़े होकर गप्प मारने, घर के बाहर चबूतरे पर बैठकर टाइम पास करने, बेबजह घरों से बाहर निकलकर तफरी करने और एक से अधिक लोगों के एक साथ नजर आने की गतिविधियों की तस्वीरें कैद होंगी तो सम्बंधित व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें





इस मुश्किल घड़ी में प्रशासन जहाँ अपने स्तर से लोगों के भोजन मुहैया करा रहा है वहीं जिले में कई संस्थायें और परोपकारी लोग जरुरतमंदों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस पुनीत कार्य में पन्ना के किन्नर भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए मानवता की मिशाल कायम कर रहे हैं। पन्ना में किन्नरों द्वारा आज पहाड़कोठी की झुग्गी बस्ती में रहने वाले गरीब परिवारों के बीच पहुंचकर उन्हें खाद्यान्न सामग्री वितरित की गई। लोगों से विभिन्न शुभ अवसरों पर नैंग (बधाई) लेकर अपना गुजारा करने वाले किन्नरों के गरीब-जरूरतमंद परिवारों की मदद करते हुए फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनकी दरियादिली की जहाँ चौतरफा सराहना हो रही है वहीं इससे दूसरों को प्रेरणा भी मिल रही है।
रविवार 29 मार्च को दोपहर के समय किन्नर रजनी अपने सहयोगियों के साथ दो हाथ ठेला में किराना सामग्री लेकर झुग्गी बस्ती पहाड़कोठी पहुंची। जहाँ उनके द्वारा गरीब-जरूरतमंद परिवारों की मदद करते हुए उन्हें चावल, दाल, आटा, तेल, नमक, साबुन आदि खाद्य सामग्री वितरित की गई। लॉकडाउन के चलते परेशान गरीब परिवारों को जब खाद्य सामग्री मिली तो उनके चेहरे ख़ुशी से खिल उठे। हमेशा दूसरों को दुआयें देने वाले किन्नरों को आज आमलोगों ने दिल से दुआ देते हुए उन्हें सच्चा हमदर्द और परोपकारी बताया। किन्नरों के द्वारा दी गई मदद गरीब परिवारों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।




वहीं अब बारिश होने से फसलों की कटाई-गहाई कुछ दिनों तक संभव नहीं हो पाएगी। समाचार लिखे जाने तक जिले भर में आसमान में काले बादल छाए रहे। जिससे फिलहाल मौसम साफ होने की संभावना कम है। जानकारों का मानना है, यदि मौसम की बेरुखी इसी तरह जारी रही तो किसानों की मुसीबतें और भी बढ़ सकती है। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान फसलों की कटाई-गहाई हेतु किसानों, कृषि मजदूरों को घरों से बाहर निकलने, हार्वेस्टर, थ्रेशर एवं फसल के भंडारण हेतु परिवहन हेतु विशेष छूट दी गई है।










इस कार्य के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के. को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके द्वारा इस कार्य के लिए दल गठित किए गए हैं। गठित किए गए दल प्रत्येक नगरीय निकाय में जितने वार्ड हैं उस निकाय के लिए उतने ही दल गठित किए गए हैं। इन दलों में बीएलओ, आंगनवाडी कार्यकर्ता, शिक्षक, आशा, नगरीय निकाय के वार्ड प्रभारियों को शामिल किया गया है। यह दल अपने-अपने दायित्व वाले वार्डो में ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करेंगे जो 25 फरवरी से अब तक देश या प्रदेश से जिले मेें आए हैं। इन लोगों द्वारा ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करने के साथ-साथ जिले के उन व्यक्तियों की सूची भी तैयार की जाएगी जिन्होंने इस अवधि में जिले से बाहर की यात्राएं की हैं। जानकारी में व्यक्ति किस स्थान से यात्रा कर किस दिनांक को जिले में आया, उनका पूर्ण पता, मोबाइल नम्बर, संबंधित व्यक्ति को सर्दी, बुखार, खांसी, सांस फूलने आदि की जानकारी पंजीबद्ध की जाएगी।

जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं संभावित व्यक्तियों की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी द्वारा 31 चलित चिकित्सा दल गठित किए हैं। यह चिकित्सा दल ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में 25 फरवरी से अब तक देश या प्रदेश के बाहर से आए हुए व्यक्तियों की स्क्रीनिंग करेंगे। ऐसे व्यक्तियों की जानकारी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गठित दलों द्वारा पहचान की जा रही है। पहचान के उपरांत चिकित्सा दल को जानकारी दी जाएगी। जानकारी मिलने के उपरांत चिकित्सा दल संबंधित के घर जाकर उनकी स्क्रीनिंग करने के उपरांत आवश्यक उपचार एवं परामर्श देगा। इसके अलावा 15 चलित चिकित्सा दल रिजर्व में रखे गए हैं। चिकित्सक दल में एक चिकित्सक एवं एक सहायक रखे गए हैं। यह चिकित्सा दल भ्रमण के दौरान आवश्यक औषधियां भी साथ रखेगा। आवश्यकतानुसार लोगों को औषधी भी कराई जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी द्वारा बताया गया कि जिले में नियुक्त समस्त आशा कार्यकर्ता एवं बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पास आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी हैै। कोई भी व्यक्ति सर्दी, जुखाम, खांसी, बुखार आदि से पीडित है तो आशा कार्यकर्ता या बहुउद्देशीय कार्यकर्ता से दवाएं प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा अन्य बीमारियों की संबंध में भी आशा कार्यकर्ता एवं बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता से सम्पर्क स्थापित कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श प्राप्त करें।


मंगलवार तड़के पड़ोसी मोहन जाटव की जब नींद खुली तो उन्होंने देखा कि बिहारी के मकान के बाहरी कमरे से भीषण धुआँ उठ रहा था। आग लगने की आशंका के मद्देनजर मोहन ने तुरंत बिहारी जाटव व उनके परिजनों को सूचित किया। जिस कमरे से धुआँ निकल रहा था जब उसके दरवाजे खोले गए तो अंदर रखा बेटी के विवाह का सामान आग की प्रचण्ड लपटों में जलता हुआ देखकर सबके होश उड़ गए। आनन-फानन पड़ोसियों की मदद से कमरे की आग को बुझाने पानी डाला गया। करीब आधा घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालाँकि तब तक अधिकाँश सामान जल कर ख़ाक हो चुका था। आगजनी की घटना में फ्रिज, कूलर, टीव्ही, सोफा सेट, डबल बैड, अलमारी, गद्दे, कपड़े, खाद्यान्न सामग्री सहित करीब 3 लाख रुपए मूल्य का सामान जल गया। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि गृहस्थी के सामान में आग मंदिर के दीपक से लगी है।
आगजनी की घटना के बाद से जाटव परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कल तक बिहारी के घर पर जहाँ ख़ुशी और उत्साह का माहौल था आज वहाँ परिवार के प्रत्येक सदस्य के चेहरे पर उदासी और चिंता साफ़ नजर आ रही है। इन हालात में पूर्व निर्धारित तिथि पर पिंकी के हाथ पीले कैसे होंगे, अपनी लाड़ली को अरमानों के साथ वे कैसे विदा कर पाएंगे यह चिंता जाटव परिवार को हर पल बेचैन कर रही है। बहरहाल अच्छी बात यह है कि इस मुश्किल घड़ी में कुछ संवेदनशील लोग आगजनी प्रभावित इस गरीब दलित परिवार की मदद के लिए आगे आए हैं। उधर कोतवाली थाना पन्ना पुलिस को आगजनी की घटना की सूचना दी गई। पीड़ित बिहारी जाटव ने शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से उदारतापूर्वक मदद करने की गुहार लगाई है।


