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इंसानियत शर्मसार : पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाली बेहद ख़ौफ़नाक वारदात !

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सांकेतिक चित्र।

*  पिता पर नाबालिग बेटी के साथ दो साल तक दरिंदगी करने का आरोप

*  पुलिस की मदद से युवती ने पिता के खिलाफ दर्ज कराया बलात्कार का मामला

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के पवई थाना अंतर्गत एक बार फिर पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने और सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक 17 वर्षीय युवती ने अपने पिता के खिलाफ कथित रूप बलात्कार करने का मामला दर्ज कराया है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी पिता उसके साथ दो साल से लगातार दरिंदगी कर रहा था। घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है। वहीं पुलिस द्वारा तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
पवई एसडीओपी रक्षपाल सिंह यादव ने बताया कि अत्यंत ही डरी-सहमी बलात्कार पीड़िता ने पुलिस को अपनी आप बीती में जो कुछ बताया है, वह रोंगटे खड़े करने वाला। उन्होंने बताया कि, पीड़िता कक्षा 12 वीं की छात्रा है, नाबालिग का आरोप है कि कामांध पिता ही पिछले दो साल से कथित रूप से उसे अपनी हवश का शिकार बना रहा था। लंबे समय तक यौन शोषण और प्रताड़ना झेलने वाली छात्रा ने पिता के घृणित कृत्य की जानकारी अपनी माँ तथा चाचा-चाची को दी थी। लेकिन, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले आरोपी का घर के सदस्यों पर जबरदस्त ख़ौफ़ हावी होने के कारण किसी ने भी उसकी करतूत का विरोध करने का साहस नहीं दिखाया। इस स्थिति में बेबश और लाचार पीड़िता अपने साथ होने वाली ज़्यादती को लोक-लाज के डर व पिता की दहशत के कारण ख़ामोशी से सहन करती रही।

डायल-100 पुलिस की मदद से उजागर हुआ मामला

फाइल फोटो।
पवई एसडीओपी रक्षपाल सिंह यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते दिवस बलात्कार पीड़िता का पिता एक शादी-समारोह में शामिल होने गया था।कथित तौर पर अपने पिता की हैवानियत से तंग आकर पीड़ित छात्रा मौका पाकर घर से भागकर गांव के बाहर नदी पर बने पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या करने के इरादे से पहुंच गई। मौके से उसने पुलिस की मदद के लिए डायल-100 पर कॉल कर अपनी व्यथा सुनाई साथ ही यह भी बताया कि वह आत्महत्या करने के इरादे से आई है। डायल-100 ऑपरेटर के द्वारा उसे समझाइश दी गई और तत्परता से नजदीकी पुलिस टीम को जानकारी देकर मौके पर मदद के लिए भेजा गया।
डायल-100 पुलिस जब मौके पहुंचीं तो युवती काफी डरी-सहमी हुई थी। उसने पुलिस टीम से कहा मुझे जल्दी से थाना ले चलो अगर मेरे पिता को भनक लग गई तो वह मुझे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। एसडीओपी श्री यादव ने बताया कि पिछले दो माह में पवई थाना अंतर्गत पिता-पुत्री के रिश्ते को कलंकित करने की तीन घटनाएं सामने आईं हैं लेकिन हालिया घटना बेहद खौफनाक है। उनका कहना है, मैनें अपनी 40 साल की पुलिस की सेवा में पहले कभी इतनी दरिंदगी भरी वारदात नहीं सुनीं। कथित तौर पर पीड़िता ने पुलिस को बताया कि घिनौनी करतूत के उजागर होने के डर से शातिर आरोपी ने रिश्तेदारों के बीच यह दुष्प्रचार करना शुरू कर दिया था कि उसकी बड़ी बेटी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।

वीडियो में कैद है आरोपी के कुकर्म

आरोपी के राजनैतिक रसूख व दहशत के कारण अपने परिजनों के बीच असहाय हो चुकी छात्रा को हालात ने इस बात का भलीभांति एहसास करा दिया था कि बगैर ठोस साक्ष्यों के अगर उसने अपने साथ हो रहे अत्याचार-अनाचार को लेकर बाहर रिश्तेदारों-समाज के बीच जुबान खोली तो उसे ऐनकेन प्रकारेण चुप करा दिया जाएगा या फिर मानसिक बीमार बताकर आरोपों को खारिज कर दिया जायेगा। इस प्रकरण की जांच अधिकारी एवं उप निरीक्षक अंजली राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि कथित तौर पर पीड़िता ने अपने पिता कुकर्म के कुछ वीडियो बनाए हैं, जोकि उसके मोबाइल फोन में सुरक्षित है। पुलिस ने पीड़िता का मोबाइल फोन जप्त कर लिया है और घटना से जुड़े वीडियो की प्रमाणिकता का पता लगाने के लिए उन्हें जांच हेतु भेजने की बात कही जा रही है। इसके अलावा युवती का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ उसका एवं आरोपी पिता का डीएनए सैम्पल जांच हेतु लिया गया है। पुलिस ने यौन शोषण पीड़िता की सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर उसे पन्ना जिला मुख्यालय में स्थित वन स्टॉप सेंटर भेज दिया है।

छेड़छाड़ समेत आधा दर्जन प्रकरण पूर्व से हैं दर्ज

रक्षपाल सिंह यादव, एसडीओपी, पवई, जिला पन्ना।
अपनी बेटी के साथ बलात्कार करने वाला आरोपी एक राजनैतिक दल से सक्रिय रूप से जुड़ा है। इसकी तस्दीक आरोपी के सोशल मीडिया एकाउंट से होती है। करीब 40 वर्षीय इस आरोपी के विरुद्ध पूर्व से छेड़छाड़ एवं मारपीट सहित करीब आधा दर्जन प्रकरण दर्ज हैं। पवई एसडीओपी रक्षपाल सिंह यादव ने मोबाइल पर चर्चा के दौरान बताया कि, आरोपी के आपराधिक रिकार्ड के संबंध उन्हें पता चला है, क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की घटना में भी उसकी कथित तौर पर संलिप्तता रही है। पवित्र रिश्ते और इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस घटना की खबर प्रसारित होने तथा आरोपी की प्रोफ़ाइल सार्वजनिक होने के बाद से इस प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर आमलोगों के साथ-साथ विभिन्न दलों के नेताओं की भी कड़ी प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं। अधिकांश लोग घटना को शर्मनाक बताते हुए इस तरह के घिनौने अपराधों पर अंकुश लगाने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के उद्देश्य से उन्हें सख्त सजा दिए जाने की बात कर रहे हैं।

जेलर के पति ने जिला जेल के बाहर हवा में चलाईं गोलियां, घटना की वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप !

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ग्राम पुरुषोत्तमपुर में स्थित जिला जेल पन्ना। (फाइल फोटो)

कैदियों को सुविधाएं देने के एवज में वसूली को लेकर जेल प्रहरी से हुआ था विवाद

घटना के बाद से बगैर सूचना के गायब महिला जेलर निलंबित, आरोपी पति है फरार

आपराधिक पृष्ठभूमि वाले आरोपी के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज हैं कई प्रकरण

महानिदेशक, जेल एवं सुधारात्‍मक सेवाएं ने कहा- घटना की विभागीय जांच कराएंगे

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना की बदनाम जिला जेल एक बार फिर सुर्ख़ियों में है। इस बार कारण जिला जेल के मुख्य द्वार पर जेल प्रहरी और जेलर के पति के बीच हुआ विवाद है। जिसके चलते जेलर के पति ने जेल के बाहर कट्टे से फायर करते हुए हवा में गोलियां चला दीं। इस सनसनीख़ेज अप्रत्याशित घटनाक्रम के चलते जिला जेल पन्ना के परिसर में हड़कंप मच गया। दिनदहाड़े गोलियां चलने की आवाज़ सुनकर जेल के अंदर बंद कैदी/बंदी और जेल परिसर समेत आसपास रहने वाले लोग दहशत में आ गए। घटना की रिपोर्ट जेल प्रहरी बृहस्पति सिंह 50 वर्ष ने कोतवाली थाना पन्ना में दर्ज कराई है। कोतवाली पुलिस ने जेलर के आरोपी पति ज़लील साईं के विरुद्ध आईपीसी की धारा 353, 336, 506 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए मामले को विवेचना में लिया है। जेल परिसर में घटित गोलीबारी की हैरान करने वाली यह घटना पन्ना नगर समेत मध्यप्रदेश के जेल महकमे में चर्चा का विषय बनीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला जेल पन्ना में पिछले कई सालों से पदस्थ सहायक उप अधीक्षक मंजू कुजूर का पति ज़लील साईं आपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति है। कथित तौर पर एक मामले में न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा प्राप्त जलील फिलहाल जमानत पर है। मंगलवार 22 जून को दोपहर में लगभग डेढ़ बजे जलील साईं जिला जेल के मुख्य द्वार पर पहुंचा जहां अनाधिकृत तौर पर जेल के अंदर प्रवेश करने को लेकर उसका प्रहरी बृहस्पति सिंह से विवाद हो गया। प्रहरी के मना करने पर उसके द्वारा जान से मारने की धमकी देते हुए कट्टे से हवाई फायर कर गोलियां चलाई गईं। इससे कुछ देर के लिए जेल परिसर में अफरा-तफरी फ़ैल गई। फायरिंग की घटना के समय आरोपी की पत्नी सहायक उप अधीक्षक मंजू कुजूर स्वयं जेल के अंदर ड्यूटी पर थीं।
जेल परिसर में हुए गोली काण्ड की सूचना तुरंत जेल विभाग के वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों एवं कोतवाली थाना पन्ना पुलिस को दी गई। हालांकि कोतवाली पुलिस जब मौके पर पहुंची तब तक आरोपी फरार हो चुका था। पुलिस के द्वारा आरोपी की धरपकड़ के लिए सरगर्मी से उसकी तलाश करने एवं संभावित ठिकानों पर दबिश देने की बात कही जा रही है। उधर, इस घटना के बाद से ही सहायक उप अधीक्षक मंजू कुजूर बगैर सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित हैं। महानिदेशक, जेल एवं सुधारात्‍मक सेवाएं भोपाल अरविंद कुमार (आईपीएस) ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए मंजू कुजूर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

पत्नी की आड़ में कैदियों के परिजनों से करता था वसूली

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आपराधिक तत्व जलील साईं अपनी जेलर पत्नी की आड़ में काफी समय से न सिर्फ जिला जेल पन्ना के दैनिक कार्यों में अनुचित हस्तक्षेप करता था बल्कि जेल में बंद कैदियों/बंदियों की उनके परिजनों से मुलाक़ात कराने, जेल के अंदर उनके पास भोजन आदि सामग्री पहुंचाने, तथा सुविधायें दिलाने के नाम पर वसूली करता था। “जब सैयां भये कोतवाल तो फिर डर काहे का” वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए जलील धड़ल्ले से मुलाकातियों से उगाही की अपनी दुकान सिर्फ इसलिए चला पा रहा था क्योंकि, उसे इस काम में अपनी पत्नी का प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से पूर्ण सहयोग मिल रहा था। फलस्वरूप जलील साईं की जिससे सेटिंग हो जाती उसका काम गारण्टी के साथ होता था। जेल के एक कर्मचारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि, मंगलवार को प्रहरी से हुआ विवाद भी अवैध वसूली में हिस्सेदारी से जुड़ा है। दरअसल, जेलर के पति की वसूली के कारण कतिपय जेल प्रहरियों के आर्थिक हित प्रभावित हो रहे थे। जिसे लेकर उनके बीच व्यापक असंतोष पनप रहा था।
फाइल फोटो।
पूर्व में प्रहरियों के द्वारा जेलर के समक्ष उनके पति के अनाधिकृत और अनुचित दखल को लेकर आपत्ती भी दर्ज कराई गई। लेकिन, मामला अवैध वसूली के गोरखधंधे में सबके हितों से जुड़ा होने के कारण उक्त बातें जेल की चारदिवारी के अंदर तक ही सीमित रहीं। मगर, जेल परिसर में गोलीबारी जैसी गंभीर घटना के सामने आने के बाद जिला जेल पन्ना में चल रहीं अवैध गतिविधियों से जुड़ीं ख़बरें अब छन-छनकर लगातार बाहर आ रहीं हैं। जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता पैदा करने वाली इन ख़बरों की सत्यता की उच्च स्तरीय जांच बेहद जरुरी हो गई है। बतातें चलें कि जिला जेल पन्ना में बीते सालों में एक कैदी के साथ जेल के अंदर अप्राकृतिक दुष्कर्म होने, जेल में कैदी के द्वारा आत्महत्या करने, जेल से फरार होने एवं कैदियों को प्रताड़ित किए जाने की कई घटनाएं समाने आईं हैं। फायरिंग की हालिया घटना और इसके पीछे के कारणों से जाहिर है, जिला जेल पन्ना में अंदरखाने काफी कुछ गड़बड़ है।

इनका कहना है –

“जिला जेल पन्ना के परिसर में फायरिंग की घटना की जानकारी मिलने पर तुरंत पन्ना के पुलिस अधीक्षक से बात की गई, इस मामले में आरोपी व्यक्ति के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध हो चुका है। उसकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस के प्रयास जारी हैं। प्रथम दृष्टया जिला जेल पन्ना की सहायक उप अधीक्षक मंजू कुजूर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। गोलीबारी की घटना के पीछे कारण मुलाकातियों से अवैध वसूली होने की जानकारी आपके माध्यम से मिली है, इस प्रकरण के सभी पहलुओं की शीघ्र ही उच्च स्तरीय विभागीय जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसके आधार पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

– अरविंद कुमार, महानिदेशक, जेल एवं सुधारात्‍मक सेवाएं भोपाल।

लुटेरी दुल्हन के गिरोह का पर्दाफाश, विवाह रचाकर ससुराल से गहने और रुपए लेकर हो जातीं थीं चंपत

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पकड़े गए आरोपियों की कोविड-19 की जांच कराने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश करने के लिए ले जाते हुए पुलिसकर्मी।
  •  अंतर्राज्यीय ठग एवं चोर गिरोह की 2 महिला एवं 8 पुरुष सदस्य गिरफ्तार

  • पन्ना जिले में हुई 21 चोरियों/नकबजनी की वारदातों का खुलासा होने का दावा

  • लगभग 14 लाख रुपए के सोने-चाँदी के गहने और अवैध कट्टा-कारतूस बरामद

पन्ना। (www.radarnews.in) फर्जी शादी रचाने के बाद ससुराल से कीमती गहने व नकदी रुपए लेकर चंपत होने वाली लुटेरी दुल्हन के गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा करते हुए पन्ना जिले की पुलिस ने दो महिला एवं आठ पुरुष सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में लंबे समय से सक्रिय रहे इस अंतर्राज्यीय ठग एवं चोर गिरोह से पन्ना जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई 21 चोरियों/नकबजनी की वारदातों का खुलासा होने की बात कही जा रही है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 5 किलो चाँदी एवं सोने के 160 ग्राम वजनी आभूषण, एक अवैध कट्टा-कारतूस एवं एक लैपटॉप-प्रिन्टर सहित कुल जप्त मशरूका का मूल्य 14 लाख 25 हजार रूपये बताया गया है। पन्ना पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना के द्वारा बुधवार 23 जून को प्रेसवार्ता कर इस गिरोह की धरपकड़ के संबंध में पत्रकारों को जानकारी दी गई।
उल्लेखनीय है कि, लुटेरी दुल्हन के शातिर गिरोह की गतिविधियों के संबंध में काफी समय लगातार ख़बरें आ रहीं थी। इस बीच पन्ना कोतवाली थाना के ग्राम बड़खेरा निवासी पुरषोत्तम पटैरिया पिता सुक्कन पटैरिया 33 वर्ष ने दिनांक 20 जून को कोतवाली पन्ना में रिपोर्ट लिखाई कि ग्राम टीला जिला टीकमगढ़ के रहने वाले परिचितों ने उसका विवाह एक युवती से कराया था। शादी के बाद युवती 5 दिन तक उसके साथ रही और छठवें दिन गहने एवं नगदी रूपये लेकर घऱ से भाग गई। धोखाधड़ी एवं छलकपट से आर्थिक हानि पहुँचाने के आशय से गैंग बनाकर मिथ्या विवाह करने के इस मामले में 3 आरोपियों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना में लिया गया।
थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना निरीक्षक अरूण कुमार सोनी के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर पन्ना के धाम मोहल्ला में स्थित एक घर से 8 पुरुष और 2 महिलाओं को पुलिस हिरासत में लेकर पूँछताछ की गई। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों में 1 पुरुष और 2 महिलाओं द्वारा मिथ्या शादी रचाकर दूल्हे के घर से कीमती जेवरात एवं नगदी पैसा चोरी करने की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया गया। पुलिस हिरासत में ली गई 1 महिला द्वारा पूँछताछ पर इन घटनााओं की मास्टर माइंड होना बताया गया है। जबकि इनके अन्य साथियों ने चोरी एवं नकबजनी की 21 घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है।
अंतर्राज्यीय गिरोह की धरपकड़ के के संबंध पत्रकारों को जानकारी देते पन्ना पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना।
पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने बताया कि आरोपियों ने पन्ना जिले में हुई नकबजनी की घटनाओं में से थाना कोतवाली पन्ना के 5 प्रकरण, थाना पवई के 7, थाना सिमरिया के 6, थाना अमानगंज के 2 एवं थाना धरमपुर के 1 प्रकरण में शामिल होने की बात कबूल की है। इन आरोपियों से पन्ना जिले के अलावा टीकमगढ़, दमोह, छतरपुर एवं मध्य प्रदेश के बाहर अन्य राज्यों में मिथ्या शादी कर कीमती जेवरात एवं नगदी रूपये लेकर भागने की अन्य घटनाओं में शामिल होने की का खुलासा होने की संभावना व्यक्त की गई है। इस गिरोह से जुड़े 6 अन्य सदस्य फरार हैं, जिनमें 2 महिलाएं शामिल बताई जा रहीं है।

कोंग्रेस के सच्चे सिपाही वयोवृद्ध नेता “मुखिया जी” अब नहीं रहे, जिले में शोक की लहर

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मईयादीन पटेल मुखिया जी। (फाइल फोटो)

* अंतिम यात्रा में बड़ी तादाद में शामिल क्षेत्र के लोगों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

पन्ना/अजयगढ़।(www.radarnews.in) जिले की अजयगढ़ तहसील के ग्राम बैरागा निवासी वयोवृद्ध कोंग्रेस नेता मईयादीन पटेल “मुखिया जी” अब नहीं रहे। मंगलवार 22 जून की शाम 6 बजे उन्होंने अपने गृह ग्राम में परिजनों के बीच अंतिम साँस ली। वे लगभग 95 वर्ष के थे और इस उम्र में भी काफी सक्रिय थे। मुखिया जी के आकस्मिक निधन की दुखद खबर आते ही अजयगढ़ क्षेत्र सहित समूचे पन्ना जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार 23 जून को सुबह 10 बजे उनका अंतिम संस्कार ग्राम बैरागा में किया गया। अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में अजयगढ़ सहित जिले भर के सभी राजनैतिक दलों के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, क्षेत्र के लोग एवं रिश्तेदारों ने बैरागा पहुंचकर पार्थिव देह के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतृप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
वयोवृद्ध कोंग्रेस नेता मईयादीन पटेल “मुखिया जी” की पहचान तेजतर्राट-मुखर और लोकप्रिय जमीनी नेता की रही। कोंग्रेस के सच्चे सिपाही के तौर पर पार्टी की जीवन पर्यन्त सेवा करने वाले मुखिया जी उसूलों पर चलने वाले एक ईमानदार नेता थे। उन्होंने किसानों, गरीब-शोषित-वंचितों एवं बेसहारा लोगों को उनका हक़ दिलाने के लिए ताउम्र संघर्ष किया। पन्ना राजघराने के स्व. लोकेन्द्र सिंह जब कांग्रेस पार्टी से विधायक निर्वाचित हुए थे तब मुखिया ज़ी उनके विधायक प्रतिनिधि भी रहे।
कोंग्रेस नेताओं एवं अजयगढ़ क्षेत्र के लोगों ने मुखिया जी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके निधन को जिले के लिए अपूर्णीय क्षति बताते हुई कहा कि इसकी भरपाई हो पाना सम्भव नहीं है। मालूम होकि वयोवृद्ध कोंग्रेस नेता एवं समाजसेवी नेता मईयादीन पटेल “मुखिया जी” अपने पीछे चार पुत्रों, नाती, पोतों सहित भरा-पूरा परिवार रोता-बिलखता हुआ छोड़ गए। उनके निधन अजयगढ़ जनपद पंचायत के अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय, पूर्व जनपद अध्यक्ष सुखदेव मिश्रा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अजयगढ़ के अध्यक्ष राकेश गर्ग, कांग्रेस नेता हाकिम सिंह बुन्देला, सरपंच देवगांव, सरपंच बरियारपुर ने मुखिया जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ईश्वर से उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान देने के लिए प्रार्थना की है।

वैक्सीनेशन महाअभियान : मध्यप्रदेश ने बनाया रिकार्ड, पहले दिन सर्वाधिक टीके लगाए गए

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प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को कोरोना से सुरक्षित करना हमारा संकल्प

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शासकीय अमले सहित जनता का आभार माना

5 लाख अतिरिक्त डोज़ के लिए प्रधानमंत्री को दिया धन्यवाद

भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वैक्सीनेशन के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित करना हमारा संकल्प है तथा इसे हम शीघ्र पूर्ण कर लेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में चलाए जा रहे वैक्सीनेशन महाअभियान के अंतर्गत पहले दिन देश में सर्वाधिक 15 लाख टीके लगाए जाने का कार्य मध्यप्रदेश ने कर दिखाया है। यह मध्यप्रदेश के जनभागीदारी मॉडल की जीत है, जिसके द्वारा मध्यप्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया गया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस अद्भुत एवं पुनीत कार्य के लिए प्रदेश के शासकीय अमले सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, धर्मगुरू, पत्रकार, कलाकार, साहित्यकार, एडवोकेट, खिलाड़ी तथा सभी वर्ग के व्यक्ति जिन्होंने टीकाकरण अभियान में प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष सहयोग किया है, बधाई के पात्र हैं। मैं सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ तथा आशा करता हूँ कि आगे भी इसी उत्साह के साथ आप सब लोगों का जीवन बचाने के इस पवित्र कार्य में सक्रिय रूप से सहयोग देते रहेंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में टीकाकरण महाअभियान के प्रथम दिन 10 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। मध्यप्रदेश की क्षमताओं को देखते हुए प्रदेश को 5 लाख अतिरिक्त डोज़ केन्द्र सरकार द्वारा भिजवाए गए। इसके लिए ‘मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देता हूँ’।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज शाम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा जिला टीकाकरण अधिकारियों के साथ अभियान की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान, स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी, जनसंपर्क आयुक्त सुदाम खाड़े आदि उपस्थित थे।

निरंतर चलेगा यह अभियान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि टीकाकरण अभियान जिन्दगी बचाने का अभियान है। इससे पवित्र कार्य दूसरा नहीं हो सकता। सभी व्यक्तियों का टीकाकरण हो जाने तक यह अभियान पूरी शक्ति और ऊर्जा के साथ चलाया जाएगा। इसके साथ ही बीच-बीच में विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। आगामी 1, 2 एवं 3 जुलाई को टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया जाएगा। हम संपूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को शीघ्र हासिल करेंगे।

कोविड-19 से बचने के लिए टीका सबसे बड़ा सुरक्षा कवच – शिवराज

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दतिया में टीकाकरण महाअभियान का शुभारंभ कर वैक्सीनेट हुए लोगों को प्रमाण-पत्र वितरित किये।

*    मुख्यमंत्री ने दतिया जिले में किया टीकाकरण महाअभियान का शुभारंभ

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 को हराने के लिए और खुद को सुरक्षित करने के लिए कोरोना वैक्सीन लगवाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगवाने के बाद या तो कोरोना बिलकुल नहीं होगा और यदि हो गया भी तो इसका अधिक असर नहीं होगा और मरीज शीघ्र स्वस्थ हो जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज दतिया जिले के ग्राम परासरी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर टीकाकरण महाअभियान का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मंच पर पाँच लोगों को प्रतीक स्वरूप कोरेना वैक्सीन का टीका लगवाकर महाअभियान का शुभारंभ किया। यह महाअभियान पूरे प्रदेश में एक साथ चलाया जा रहा है। प्रदेश में आज 21 जून को 10 लाख लोगों के वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा गया है। दतिया जिले में आज 8 हजार लोगों को टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना वैक्सीन जीवन के लिए संजीवनी का कार्य करती है। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। किसी-किसी को थोड़ा बुखार आता है। इसलिए सभी लोग खुद भी वैक्सीन लगवाये एवं अन्य लोगों को भी लगवाने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह अभियान लगातार चलता रहेगा। कोविड-19 से खुद को भी सुरक्षित करना है एवं अपने बच्चों को भी सुरक्षित करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वैक्सीन लगवाने के बाद भी गाइड लाइन का पालन करना है। इसके लिए मास्क का उपयोग करें, आवश्यक दूरी बनाए रखें, भीड़-भाड़ में नहीं जाएँ, आवश्यक होने पर ही घर से निकले तथा समय-समय पर साबुन से हाथ धोये या सेनेटाइजर का उपयोग करते रहें।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह समय स्वागत का नहीं है। कोरोना रूपी संकट से लड़ने का समय है। कोरोना ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। इसलिए नियमों का पालन करते रहना अति-आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता कोरोना पर विजय प्राप्त करना है। कोरोना वायरस बहुरूपिया है, जो अपना रूप बदलता रहता है। उन्होंने कहा कि हमने कोरोना काल में अपनों को खोया है। इसलिए हमारा सभी का यह प्रयास होना चाहिए कि ऐसा समय दोबारा नहीं आने पाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना को फैलने नहीं देना है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दतिया में टीकाकरण महाअभियान के अंतर्गत प्रेरणा रथ को रवाना किया।
गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बेटी बचाओ अभियान, तीर्थ-दर्शन एवं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की घोषणा दतिया में ही की थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व ने प्रदेश को संबल दिया है। दतिया के लिए जो भी मांग की गई हैं वे मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा पूरी की गई हैं।
समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रेरकों का सम्मान किया गया। साथ ही उन्होंने वृक्षारोपण कर वैक्सीनेशन के प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

टीकाकरण महा-अभियान 21 जून को : पन्ना जिले में 10 हजार लोगों को वैक्सीनेट करने का लक्ष्य निर्धारित

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सांकेतिक फोटो।

जिले के ग्रामीण अंचल में 172 और शहरी क्षेत्र में 45 केन्द्रों पर होगा टीकाकरण

कोरोना संक्रमण के खिलाफ सबसे प्रभावी अस्त्र है कोरोना वैक्सीन

मंत्री और कलेक्टर की अपील, स्वयं टीका लगवाएं और दूसरों को भी प्रेरित करें

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना संक्रमण से प्रदेशवासियों को पूरी तरह से सुरक्षित करने के लिये मध्यप्रदेश में 21 जून को टीकाकरण महा-अभियान चलाया जाएगा। अभियान के पहले दिन 10 लाख लोगों को वैक्सीनेट करने का लक्ष्य है। इस अभियान के तहत पन्ना जिले में 10 हजार लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिले में कुल 217 टीकाकरण केन्द्र बनाये गये हैं। प्रात: 10 बजे से शुरू होने वाले वैक्सीनेशन की सभी तैयारियाँ पूर्ण की जा चुकी हैं। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 टीकाकरण महा-अभियान अंतर्गत जिले के ग्रामीण अंचल में 172 और शहरी क्षेत्र (समस्त नगरीय निकायों) में 45 टीकाकरण केन्द्र बनाये गये हैं, जिनमें शाम 5 बजे तक लोगों को वैक्सीनेट किया जाएगा। केन्द्र पर टीका लगवाने के लिए आने वाले व्‍यक्तियों को अपना आधार कार्ड अथवा पहचान संबंधी अन्य मान्य दस्तावेज लाना अनिवार्य है।
उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर आने की संभावना जताई जा रही है और वायरस के बेहद खतरनाक नए वैरिएंट भी सामने आए हैं, ऐसे में हमें पूर्ण सतर्क रहने की आवश्यकता है। कोरोना संक्रमण से सुरक्षा का सबसे प्रभावी अस्त्र है सिर्फ कोरोना वैक्सीन है। इसलिए शासन-प्रशासन के द्वारा लगातार लोगों से अपना वैक्सीनेशन कराने की अपील की जा रही है। डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि, जो व्यक्ति वैक्सीन के दोनों डोज़ लगवा लेते हैं या तो उन्हें कोरोना होगा ही नहीं और यदि हुआ भी तो जल्दी ठीक हो जाएगा। यह दुनियाभर के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों द्वारा प्रमाणित है। उन्होंने कहा कि, वैक्सीन को लेकर किसी प्रकार के भ्रम में न रहें तथा नियत समय अवधि में वैक्सीन के दोनों डोज़ लगवाएँ।
प्रदेश के खनिज मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह एवं पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने कोविड टीकाकरण महा-अभियान की पूर्व संध्या पर रविवार 20 जून को वीडियो सन्देश जारी करते हुए जिले के लोगों से अपील की है कि, अपने जीवन की सुरक्षा के लिए टीकाकरण केन्द्र पहुंचकर स्वयं भी वैक्सीन लगवाएं और दूसरों को भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित कर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले टीकाकरण अभियान को सफल बनाएं।

 

कोरोना की तीसरी लहर का सामना करने के लिए प्रदेश में तैयारियाँ जारी : मुख्यमंत्री शिवराज

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान।

*   प्रदेश को 10 दिन में मिलेंगी 50 लाख वैक्सीन

*   वैक्सीनेशन और तीसरी लहर की तैयारियों पर हुआ प्रस्तुतिकरण

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से बचाव के लिए प्रदेश की अधिक से अधिक जनसंख्या को जल्द से जल्द वैक्सीनेशन का सुरक्षा चक्र प्रदान कर दिया जाएगा। तीसरी लहर का सामना करने के लिए अस्पतालों के संसाधनों में लगातार वृद्धि की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान कोविड-19 वैक्सीनेशन महाअभियान के संबंध में धर्म गुरूओं सहित जिलों के गणमान्य नागरिकों को शनिवार को अपने निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने वैक्सीनेशन तथा प्रदेश में तीसरी लहर का सामना करने के लिए जारी तैयारियों पर प्रस्तुतिकरण दिया।

21 जून को 14 लाख वैक्सीन होंगी उपलब्ध

वर्चुअल बैठक में जानकारी दी गई कि 21 जून को वैक्सीनेशन महाअभियान के लिए प्रदेश में 7 हजार वैक्सीनेशन केन्द्र बनाए जाएँगे। इन केन्द्रों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा ताकि लोग 21 जून को आसानी से वैक्सीनेशन के लिए इन केन्द्रों पर पहुँच सके। प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक वैक्सीन पहुँचाने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। सीधी, सिंगरौली जैसे दूरस्थ जिलों में समय रहते वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। लक्ष्य यह है कि 21 जून को 14 लाख वैक्सीन प्रदेश के केन्द्रों पर उपलब्ध हो। वैक्सीन महाअभियान में 10 लाख टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। महाअभियान के लिए वातावरण निर्माण इस प्रकार से हो कि वैक्सीनेशन की संख्या 10 लाख से अधिक हो।

राज्य सरकार वायरस के नए वैरिएंट के संबंध में सतर्क

कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की संभावनाओं के संबंध में प्रस्तुति बताया गया कि अगले एक माह में हमें तीसरी लहर का सामना करना पड़ सकता है। कोविड अनुकूल व्यवहार यदि नहीं रखा गया तो निश्चित है कि कोरोना के प्रकरण बढ़ेंगे। कोरोना का वायरस अभी गया नहीं है। अब डेल्टा प्लस वेरिएंट की बात हो रही है। वायरस के प्रतिदिन नए वेरिएंट सामने आ रहे हैं। राज्य सरकार वायरस के नए वेरिएशन्स पर लगातार नजर रखे हुए है।

अस्पतालों के लिए 61 करोड़ रूपये की स्वीकृतियाँ जारी

राज्य शासन द्वारा आगामी परिस्थितियों के लिए लगातार तैयारी की जा रही है। जिला स्तर पर आई.सी.यू, एच.डी.यू, पीडियाट्रिक आई.सी.यू. और ओ.टी. बेड बढ़ाने के लिए लगभग 61 करोड़ रूपये की स्वीकृतियाँ जारी की जा चुकी हैं। उपकरणों आदि की आपूर्ति के लिए भी आदेश दिए जा चुके हैं। प्रयास यह है कि प्रदेश में जुलाई अंत तक आवश्यक अधोसंरचना स्थापित हो जाए।

112 ऑक्सीजन प्लांट और 7 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 

प्रदेश में 112 ऑक्सीजन पी.एस.ए. प्लांट स्वीकृत हो गए हैं। आगामी 15 अगस्त तक लगभग सभी प्लांट क्रियाशील हो जाएंगे। बैठक में जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए कि वे इन ऑक्सीजन प्लांटस के लिए बिजली कनेक्शन की व्यवस्था पूर्व से ही सुनिश्चित कर लें ताकि प्लांटस के क्रियान्वयन में विलंब न हो। प्रदेश के विभिन्न जिलों को 4,500 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त भारत सरकार तथा अन्य स्त्रोतों से लगभग 2,500 कंसंट्रेटर और प्राप्त हो रहे हैं। जिलों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए जाएंगे। अत: जिला अस्पतालों के साथ-साथ सामुदायिक तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए जायें।

वॉक इन इंटरव्यू से करें रिक्त पदों की पूर्ति

मेडिकल कॉलेजों में रिक्त डॉक्टरों तथा चिकित्सा विशेषज्ञों के पदों की पूर्ति के लिए भी संभागायुक्तों को निर्देश दिए गए। इसके लिए वॉक इन इंटरव्यू की व्यवस्था आरंभ करने का सुझाव दिया गया। मेडिकल कॉलेजों में जुलाई तक नर्सेस की सभी रिक्तियाँ भर ली जाएँगी। इन्हें तत्काल कोविड संबंधी प्रशिक्षण देकर बच्चों के वार्ड तथा अन्य आवश्यक स्थानों पर इनकी सेवाएँ ली जाएँ।

रेत के ओवरलोड हैवी ट्रक बने समस्या, अजयगढ़ घाटी में आए दिन लग रहा जाम

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पन्ना-अजयगढ़ मार्ग पर शुक्रवार 18 जून की शाम लगे जाम का दृश्य।

*   मार्ग बाधित होने से यात्रियों को उठानी पड़ रही परेशानी

*   खुलेआम बगैर पिटपास के जारी है रेत का अवैध परिवहन

*   सांठगांठ के चलते जिम्मेदार अधिकारी कर रहे हैं अनदेखी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में रेत ठेकेदार ने आपदा को अवसर बनाकर सालभर से खुलेआम लूट मचा रखी है।रेत के अनियंत्रित दोहन के चलते एक ओर जहां शासन को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व की क्षति उठानी पड़ रही है, तो वहीं दूसरी तरफ खनन से छलनी हो चुकी जीवनदायनी केन नदी का अस्तित्व संकट में है। तेज़ी से फल-फूल रहा रेत का अवैध कारोबार अति पिछड़े इस इलाके के लिए बड़ी समस्या बन चुका है। खासकर पन्ना से अजयगढ़ तक का सफर करना अब पहले से कहीं अधिक जोखिम और परेशानी भरा हो चुका है। अजयगढ़ क्षेत्र की खदानों से रेत लेकर पन्ना की तरफ आने वाले ओवरलोड हैवी ट्रक-डम्फरों के कारण 40 किलोमीटर लम्बे इस मार्ग पर आए दिन जाम लग रहा है।
कटनी-कानपुर स्टेट हाईवे-47 में पन्ना-अजयगढ़ के बीच पड़ने वाली विश्रामगंज (अजयगढ़) की खतरनाक घाटी का विहंगम दृश्य। (फाइल फोटो)
प्री-मानसून की दस्तक के बाद से जाम की समस्या जटिल होने लगी है। दो-दो घाटियों वाले इस खतरनाक मार्ग पर रेत के ओवरलोड हैवी ट्रक-डम्फरों में चढाई के दौरान तकनीकी खराबी आने, वाहन धंसने या फिर अन्य वजह से अक्सर जाम लग जाता है। वाहनों की आवाजाही बाधित होने से यहां से होकर गुजरने वाले यात्रियों को अक्सर ही परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। इस समस्या का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि हर दिन लगने वाले जाम के कारण यात्रियों को होने वाली असुविधा की जानकारी के बाद भी जिम्मेदार प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तमशबीन बने बैठे हैं। क्योंकि, रेत माफिया से सांठगांठ के चलते जिम्मेदार अधिकारियों ने उसे मनमानी करने की खुली छूट दे रखी है। रेत से होने वाली कमाई के चक्कर में अफसरों को न तो आमआदमी से कोई सरोकार है और ना ही यात्रियों की कोई परवाह है।
कटनी-कानपुर स्टेट हाईवे-47 अंतर्गत आने वाले पन्ना-अजयगढ़ मार्ग पर सप्ताह भर से रोजाना जाम लग रहा है। शुक्रवार 18 जून को इस मार्ग पर दहलान चौकी ग्राम के आगे मोड़ पर रेत से ओवरलोड एक डम्फर में तकनीकी खराबी आने पर चालक ने उसे बीच सड़क में ही खड़ा कर दिया। इस कारण मार्ग पर हैवी वाहनों के पहिए थम गए, सिर्फ दोपहिया व छोटे चार पहिया वाहनों की आवाजाही जारी रही। इस दौरान पन्ना से प्लास्टिक पाईप लेकर अजयगढ़ जा रहे एक मिनी ट्रक ने जब साईड से निकलने का प्रयास किया तो वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। जिससे कई घंटे तक पन्ना-अजयगढ़ मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप्प रही। देर रात बमुश्किल यातायात बहाल हो सका।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से हर दिन जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। इससे समस्या की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस समस्या की जड़ अजयगढ़ से पन्ना-सतना के लिए रेत का परिवहन करने वाले ओवरलोड हैवी ट्रक-डम्फर हैं। जोकि अक्सर ही सिंहपुर या फिर विश्रामगंज घाटी के घुमावदार खतरनाक मोड़ पर चढ़ाई के दौरान पलट जाते अथवा तकनीकी गड़बड़ी आने के कारण वहीं खड़े हो जाते हैं। प्री-मानसून की बारिश के बाद इस मार्ग पर हालात लगातार ख़राब हो रहे हैं। अब तो स्थिति यह है कि कब जाम लग जाए कुछ भी कहना मुश्किल है।
राजशाही जमाने में निर्मित विश्रामगंज (अजयगढ़) घाटी समुचित देखरेख के आभाव में काफी जर्जर हो चुकी है, हाल के वर्षों में में घाटी में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं भी सामने आईं हैं। जानकार मानते हैं कि भूस्खलन की घटनायें घाटी मार्ग की आवश्यक मरम्मत के आभाव तथा ओवरलोड हैवी वाहनों के ट्रैफिक के दबाव के कारण बारिश के मौसम में होने वाली हलचल की वजह से होती हैं। बहरहाल, पन्ना-अजयगढ़ मार्ग पर जाम की जटिल होती समस्या के काफी हद तक समाधान के लिए रेत की ओवर लोडिंग पर प्रभावी अंकुश लगाया जाना बेहद जरुरी हो गया है।
रेत माफिया को खुला संरक्षण देकर निहित स्वार्थ साधने में जुटे राजस्व, खनिज, परिवहन और पुलिस के अधिकारी जानबूझकर इस समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। जिससे इस मार्ग से होकर अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए यात्रियों जाम के झाम का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी रवि पटेल एवं जिला परिवहन अधिकारी सुनील कुमार शुक्ला से जब सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल फोन रिसीव न होने के कारण बात नहीं हो सकी।
“कोविड संक्रमण की रोकथाम में अभी तक व्यस्त रहा हूँ, अभी थोड़ी फुर्सत मिली है, छुट्टी से वापस लौटकर देखता हूँ, जाम की समस्या का समाधान कराने का हर सम्भव प्रयास किया जाएगा।”

– सत्यनारायण दर्रो , एसडीएम, पन्ना।