पन्ना में मुख्यमंत्री के नाम अपना ज्ञापन सौंपने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचीं जिले भर की आशा-ऊषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी।
* नियमित कर्मचारी का दर्जा देने और पारिश्रमिक में वृद्धि की उठाई मांग
* पखवाड़े भर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं जिले की आशा-ऊषा कार्यकर्ता
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आशा-ऊषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी अपनी मांगों को लेकर पखवाड़े भर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) के अंतर्गत कार्यरत आशा-ऊषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी की पन्ना जिले में हड़ताल के चलते कोरोना संकटकाल में फील्ड में स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियां लड़खड़ा गईं हैं। हड़ताली महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मांग है कि, उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा प्रदान करते हुए 24,000/- (चौबीस हजार रुपए) मासिक मानदेय दिया जाए।
नियमित कर्मचारी का दर्जा एवं पारिश्रमिक में वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं पन्ना जिले की आशा-ऊषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी। (समस्त फोटो- मनीष सारस्वत)
अपनी लंबित मांगों के निराकरण को लेकर आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं के द्वारा मंगलवार 15 जून को पन्ना जिला मुख्यालय में विशाल पैदल मार्च निकाला गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय परिसर से शुरू हुआ पैदल मार्च इंद्रपुरी कॉलोनी स्थित संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन पहुंचा, जहां हड़ताली महिला कर्मचारियों के द्वारा मुख्यमंत्री के नाम पन्ना एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा गया।
कोरोना की पहली और दूसरी लहर में अग्रिम पंक्ति योद्धा के रूप में अपनी और अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर बगैर किसी सुरक्षा संसाधन के माहमारी से बचाव एवं रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आशा-ऊषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी बेहद अल्प पारिश्रमिक पर अपनी सेवाएं दे रहीं है। बगैर किसी सम्मानजनक मानदेय के पूरी निष्ठा और लगन के साथ चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य कर रहीं इन कार्यकर्ताओं के लिए मौजूदा दौर में बेतहाशा महंगाई के चलते अपना और परिवार भरण-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया। सम्मानजनक जीवन यापन और सुरक्षित भविष्य की चिंताओं से घिरीं आशा-ऊषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी के द्वारा काफी समय से अपने हितों के संरक्षण के लिए आवाज बुलंद करते हुए कई मांगें की जा रहीं हैं।
ये हैं मुख्य मांगें
आशा-ऊषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी द्वारा मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेखित मांगों मुख्य रूप से- नियमित कर्मचारी का दर्जा देने, प्रतिमाह 24,000/- (चौबीस हजार रुपए) मानदेय प्रदान करने, निर्धारित योग्यता रखने वालीं कार्यकर्ताओं को 6 माह के प्रशिक्षण उपरांत एएनएम के रिक्त पदों पर नियुक्त करने, कार्यक्षेत्र के ग्रामों में भ्रमण हेतु यात्रा भत्ता देने, स्थाई विकलांगता या मृत्यु होने की स्थिति में आश्रितों को 50 लाख की आर्थिक सहायता व परिवार के सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने, महामारी के दौरान काम करते समय स्वयं के अथवा परिवार के किसी भी सदस्य के बीमार पड़ने पर इलाज का सम्पूर्ण खर्च उठाने तथा इस अवधि में प्रतिमाह 10,000/- रूपये अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान करने, फील्ड में कार्य के दौरान होने वाली अभद्रता एवं हमले आदि घटनाओं पर तत्परता से कार्रवाई करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।
इस दौरान हड़ताली आशा-ऊषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी ने अपनी मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के उपेक्षा पूर्ण रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए पत्रकारों से चर्चा में स्पष्ट किया कि जब तक हमारी न्यायोचित मांगों का निराकरण नहीं हो जाता तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से आराधना दुबे,नाजमा बानो, कमला गंगेले, मीतू दत्ता, शहनाज बानो, रुकमणी प्रजापति, रेखा दुबे, अर्चना पाठक, मंजू चनपुरिया, मीनाक्षी बिंदुआ, सुधा विश्वकर्मा, देवी मण्डल, विभा सिंह, मीना पटेल सहित जिले भर की आशा-ऊषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी शामिल रहीं। उल्लेखनीय है कि, कोरोनाकाल में लॉकडाउन की पाबंदियों के बीच हड़ताली आशा-ऊषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी के द्वारा हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय में कलेक्ट्रेट तक विशाल पैदल मार्च निकालना शहर में चर्चा का विषय बना है।
उद्योग गिरी पुरैना में स्थित कटनी मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड की बॉक्साइट फैक्ट्री के बाहर धरना-प्रदर्शन पर बैठे ग्रामीणों से बात करते हुए अधिकारी।
* फैक्ट्री में काम के दौरान बॉक्साइट से भरा बैग गिरने से हुई मजदूर की मौत
* पन्ना जिले के इंडस्ट्रियल एरिया पुरैना कटनी मिनरल्स फैक्ट्री में हुआ हादसा
* आक्रोशित ग्रामीणों ने फैक्ट्री के बाहर धरना-प्रदर्शन कर लगाए गंभीर आरोप
* श्रम कानूनों का उल्लंघन और सुरक्षा को ताक पर रखकर श्रमिकों से करा रहे काम
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की शाहनगर तहसील अंतर्गत इंडस्ट्रियल एरिया उद्योग गिरी पुरैना में स्थित कटनी मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड की बॉक्साइट फैक्ट्री में सोमवार 14 जून की अलसुबह हुए दर्दनाक हादसे में एक युवा मजदूर अजय चौधरी पिता काशीराम चौधरी 25 वर्ष का दुखांत हो गया। श्रमिक की मौत पर फैक्ट्री प्रबंधन के हैरान करने वाले रवैये से क्षेत्र के ग्रामीण भड़क उठे। फैक्ट्री के बाहर जमकर नारेबाज़ी करते हुए आक्रोशित ग्रामीणजन धरने पर बैठ गए। जिसके चलते इंडस्ट्रियल एरिया उद्योग गिरी पुरैना में करीब 5-6 घण्टे तक बेहद तनावपूर्ण माहौल निर्मित रहा। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने कटनी मिनरल्स फैक्ट्री प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए श्रमिक की मौत के लिए उसे जिम्मेदार बताया है।
धरना-प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर पवई एसडीएम रचना शर्मा एवं एसडीओपी रक्षपाल सिंह यादव ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाइश देकर, फैक्ट्री प्रबंधन से मृत श्रमिक के परिजनों को 1 लाख 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाकर तथा नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही का भरोसा दिलाकर किसी तरह धरना-प्रदर्शन को समाप्त करा दिया। मगर, प्रदर्शनकारियों ने जो महत्पूर्ण सवाल उठाए और आरोप लगाए हैं उन पर जिम्मेदार अधिकारी खामोश रहे। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है, मजदूरों की सुरक्षा और शोषण से जुड़े मसलों को जब तक श्रम कानूनों के अनुसार हल नहीं किया जाएगा तब तक इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति होती रहेगी और फैक्ट्री प्रबंधन अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ने का धतकरम करते रहेंगे।
कैसे हुआ हादसा –
प्राप्त जानकारी के अनुसार कटनी मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड की बॉक्साइट फैक्ट्री में श्रमिक अजय चौधरी पिता काशीराम चौधरी 25 वर्ष निवासी सिमरा जिला कटनी रात्रि 9 बजे से सुबह 6 तक की शिफ्ट में काम कर रहा था। सोमवार 14 जून की सुबह लगभग 5 बजे अचानक एक भारी-भरकम बॉक्साइट बैग काफी ऊंचाई से अजय के ऊपर जा गिरा, जिसकी चपेट में आने से गंभीर रूप से जख्मी इस युवा श्रमिक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कथित तौर फैक्ट्री प्रबंधन के द्वारा मृत श्रमिक के परिजनों को हादसे की सूचना नहीं दी गई।
बॉक्साइट फैक्ट्री कटनी मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड पुरैना में हुए हादसे में मृत श्रमिक अजय चौधरी का शव इस हालत में मिला।
आरोप है कि, एम्बुलेंस वाहन बुलाकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया गया। इसी फैक्ट्री में कार्यरत अजय का भाई सुबह 6 बजे जब अपनी शिफ्ट में काम करने पहुंचा तब कहीं जाकर चौधरी परिवार को हृदय विदारक हादसे के बारे में पता चला। ग्रामीणों का आरोप है, अजय की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई उसकी वास्तविकता को छिपाकर लीपापोती करने तथा हादसे को लेकर फैक्ट्री के बाहर विरोध-प्रदर्शन होने की संभावना को देखते हुए जानबूझकर ऐसा किया गया।
फैक्ट्री प्रबंधन पर क्या है आरोप –
पन्ना जिले की शाहनगर तहसील अंतर्गत उद्योग गिरी पुरैना में स्थित कटनी मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड की बॉक्साइट फैक्ट्री के प्रवेश द्वार पर लगा बोर्ड।
श्रमिक की मौत से गुस्साए ग्रामीणों के धरना-प्रदर्शन करने वाले ग्राम पंचायत पुरैना सरपंच पति अमृत लाल चौधरी एवं सिमरा सरपंच मुकेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि अजय की मौत कथित तौर कटनी मिनरल्स फैक्ट्री प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण हुई है। इनका कहना है कि, फैक्ट्री में श्रम कानूनों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। श्रमिकों की सुरक्षा को ताक पर रखकर उनसे काम कराया जा रहा है। मजदूरों के साथ पूर्व में हुए हादसों के बावजूद फैक्ट्री में मजदूरों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
कारखानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा के लिए ग्लव्स, मास्क, हेलमेट, जूते, चश्मे आदि सुरक्षा सामग्री देने का प्रावधान है, मगर यहां काम कर रहे मजदूरों को ये सब सामग्री नहीं दी जा रही है। मजदूरों की जान को जोखिम में डालकर उनसे काम लिया जाता है। फैक्ट्री के अंदर श्रमिक अजय चौधरी का शव जिस हालत में मिला उसे देखकर साफ़ पता चलता है कि, फैक्ट्री प्रबंधन को मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कितना सजग और संवेदनशील है ! मृत मजदूर के शरीर पर एक भी निजी सुरक्षा उपकरण तक मौजूद नहीं था।
अकुशल श्रमिकों से कुशल श्रमिकों का काम
बॉक्साइट फैक्ट्री कटनी मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड पुरैना में श्रमिक की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने फैक्ट्री के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
शाहनगर क्षेत्र के युवा दलित नेता अमृत लाल चौधरी का तो यहां तक कहना है कि, बॉक्साइट फैक्ट्री में बेहद जोखिम भरे माहौल में नॉन टेक्नीकल श्रमिकों से टेक्नीकल वर्कर (कुशल श्रमिकों) का कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए उन्हें जरुरी प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया। फैक्ट्री के अंदर भारी डस्ट के बीच बिना सुरक्षा उपकरणों के श्रमिकों से काम लेना उनके स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ करना है। पुरैना निवासी अमृत लाल ने बताया कि कटनी मिनरल्स फैक्ट्री प्रबंधन के द्वारा अपने श्रमिकों को मासिक वेतन ना देकर उनसे दिहाड़ी पर कार्य कराया जा रहा है।
शोषण का शिकार पुरैना के श्रमिक लम्बे समय से मासिक वेतन सहित लाभ देने की मांग कर रहे हैं लेकिन इन बदनसीबों को उनके खून-पसीने की हाड़तोड़ मेहनत का मानदेय/पारिश्रमिक दिलाने में जिम्मेदारों ने कभी भी दिलचस्पी नहीं ली। मालूम हो कि पन्ना प्रदेश के श्रम एवं खनिज विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह का गृह जिला है। ऐसे में यहां श्रमिकों का शोषण होना और उनकी सुरक्षा से समझौता किया जाना चिंताजनक होने के साथ दुर्भाग्यपूर्ण भी है।
इनका कहना है –
“पुरैना की फैक्ट्री में हुए हादसे पर फिलहाल शाहनगर पुलिस थाना में मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया गया है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने जो मुद्दे उठाए हैं, उन्हें भी जांच में शामिल कर सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जाएगी। फैक्ट्री में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा निश्चित ही महत्वपूर्ण मुद्दा है।”
– रक्षपाल सिंह यादव, एसडीओपी पवई जिला पन्ना।
“हमारी फैक्ट्री विगत 25 वर्षों से संचालित है, नियम-कानूनों के पालन के बगैर इतने लम्बे समय तक काम करना संभव नहीं है। हम अपने सभी श्रमिकों-कर्मचारियों को नियमानुसार निजी सुरक्षा उपकरण मुहैया कराते हैं और वेतन सहित अन्य भुगतान करते हैं। आप जानते हैं, किसी पर भी आरोप लगाना आसान है। हमारे ऊपर लगाए जा रहे आरोप असत्य और निराधार हैं। श्रमिक अजय की जिस स्थान पर मौत हुई वहाँ किसी व्यक्ति का कोई काम ही नहीं है, प्लांट में मैकेनाइज्ड तरीके से बैग नीचे से ऊपर जाकर खाली हो जाता है। उस स्थान पर अजय क्यों गया इसे लेकर हम भी हैरान हैं। आप मोबाइल पर बात करने के बजाए फैक्ट्री में आएं आपके सभी सवालों का जबाव दिया जाएगा।”
– कुमार गौरव, महाप्रबंधक, कटनी मिनरल्स प्रा.लि. पुरैना।
* “हमारा घर-हमारा विद्यालय” -प्रयास अभ्यास पुस्तिका 15 जुलाई से पहले होगी वितरित
भोपाल।(www.radarnews.in) छोटे बच्चों में भावनात्मक विकास और शैक्षणिक समझ विकसित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ‘आओ सीखें’ कार्यक्रम में 15 जून से 15 जुलाई 2021 तक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से विभिन्न छोटे ऑडियो और वीडियो भेजे जाएँगे।
संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र धनराजू एस ने बताया कि इसके साथ ही ‘हमारा घर-हमारा विद्यालय’ के अंतर्गत बच्चों में विषय की प्रारंभिक समझ को विकसित करने की दृष्टि से ‘प्रयास’ अभ्यास पुस्तिका का वितरण भी 15 जुलाई से पहले किया जाएगा। अभ्यास पुस्तिका के मुद्रण और 15 जुलाई के पहले सामग्री बच्चों को उपलब्ध कराने के संबंध में सभी जिला परियोजना समन्वयकों को निर्देश दिए गए हैं।
धनराजू ने बताया कि 16 जुलाई से 15 अगस्त तक विद्यार्थियों के लिए ‘हमारा घर-हमारा विद्यालय-प्रयास’ अभ्यास पुस्तिका सामग्री जिलों को मेल पर प्रेषित की जा रही है। इस 48 पेज की सामग्री को जिले स्तर पर कक्षा 1 व 2 और कक्षा 3 से 5 के लिए बहुरंगी तथा कक्षा 6 से 8 के लिए ब्लैक एंड व्हाइट प्रिंट में मुद्रित कराकर बच्चों को उनके घर पर कार्य करने के लिए 15 जुलाई के पूर्व उपलब्ध करानी होगी।
धनराजू ने बताया कि वर्तमान में कोविड-19 के कारण विगत सत्र माह मार्च 2020 से शालाएँ पूर्णतः बन्द हैं। सत्र 2021-22 में जब तक परिस्थितियों सामान्य नहीं हो जाती हैं, बच्चों के शैक्षणिक उन्नयन के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र ने विभिन्न चरणों में कार्य करने की योजना तैयार की है। इसके अलावा शिक्षकों अथवा वॉलेंटियर के सहयोग से बच्चों से घर पर रहते हुए कुछ अन्य गतिविधियाँ भी कराई जा सकती हैं। पालक, अभिभावक और बच्चे इन गतिविधियों के फोटो और वीडियो बनाकर अपने शिक्षकों को प्रेषित कर सकते हैं।
पन्ना जिले के ग्राम धरमपुर निवासी हीरा मिस्त्री यशवंत सोनी का जीवित अवस्था का चित्र।
* जिले की अजयगढ़ तहसील के ग्राम धरमपुर के निवासी हैं यशवंत
* श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप के विशेष प्रयास से भारत पहुँचेगा पार्थिव शरीर
पन्ना/भोपाल। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की तहसील अजयगढ़ के ग्राम धरमपुर निवासी यशवंत सोनी पिता रामदास सोनी 37 वर्ष रूस में रहकर हीरा मिस्त्री का कार्य कर रहे थे। बीते दिनों उनका कोरोना संक्रमण से निधन हो गया। कोरोना संक्रमित होने के कारण उनका पार्थिव शरीर भारत नहीं आ पा रहा था। यशवंत के परिवार के सदस्यों ने क्षेत्रीय विधायक एवं श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह से संपर्क कर जानकारी उनके संज्ञान में लाई गई। श्रम मंत्री श्री सिंह ने विदेश मंत्रालय, पीएमओ कार्यालय से संपर्क कर श्री सोनी के पार्थिव शरीर को रूस से भारत लाए जाने के लिये अनुरोध किया।
श्रम मंत्री श्री सिंह द्वारा किये गये प्रयासों से यशवंत सोनी का पार्थिक शरीर रविवार 13 जून को रूस से भारत पहुँचेगा और दिल्ली में उनके परिवार को सुपुर्द किया जायेगा। श्रम मंत्री सिंह ने पार्थिव शरीर को भारत लाने में भारत सरकार द्वारा की गई कार्यवाही के लिये आभार व्यक्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोनी परिवार के शोक संतृप्त सदस्य अपने बेटे की पार्थिव देह को प्राप्त करने के लिए आज शाम दिल्ली के लिए के रवाना हो गए।
हीरा तराशने में था हुनरमंद
उल्लेखनीय है कि, पन्ना जिले के छोटे से गांव धरमपुर के निवासी युवा यशवंत सोनी पिछले कई वर्षों से हीरे तराशने का काम कर रहे थे। पहले वह मुम्बई में रहकर लम्बे समय तक हीरों की कटिंग-पॉलिशिंग का काम करता रहा। अनगढ़ हीरों को तराशने के ग़जब के हुनर के चलते यशवंत को बाद में रूस में काम करने का मौका मिला। उसे करीब से जानने वाले ने पन्ना के एक हीरा कारोबारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि यशवंत के हाथों में मानों कोई जादू था, अनगढ़ हीरे को तराशने के शिल्प कौशल में दक्ष होने के साथ-साथ वह गज़ब का हीरा पारखी था।
पकड़े गए हत्यारोपियों के कब्जे से जप्त बाइक एवं अन्य सामग्री को दिखाते हए रैपुरा थाना की पुलिस टीम।
* हत्यारोपी युवक और उसका नाबालिग साथी गिरफ्तार
* आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू एवं मोटरसाइकिल जप्त
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में रैपुरा थाना अंतर्गत प्रेम-संबंध के चलते एक युवक ने अपने ही दोस्त की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी। हत्या की जघन्य वारदात को बघवार के जंगल में चाक़ू व पत्थर से हमला कर अंजाम दिया गया। शनिवार 5 जून को इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद से फरार आरोपी नितिन तिवारी पिता पुष्पेन्द्र तिवारी 21 वर्ष निवासी हीरापुर थाना सिमरिया एवं उसके नाबालिग साथी को रैपुरा थाना पुलिस ने सिमरिया बस स्टैण्ड से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी भागने की फ़िराक में थे। मुखबिर से तथा पुलिस की साइबर सेल से आरोपियों के सिमरिया बस स्टैण्ड में छिपे होने की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी रैपुरा उप निरीक्षक सुशील शुक्ला ने हमराही पुलिस बल के साथ तत्परता से कार्रवाई करते हुए दबिश देकर दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू, पत्थर एवं मोटरसाइकिल जप्त होने का दावा किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार किराना व्यापारी राजकुमार राय पुत्र बेड़ीलाल राय 41 निवासी ग्राम जरगवां थाना रैपुरा की नितिन तिवारी पिता पुष्पेन्द्र तिवारी 21 वर्ष निवासी हीरापुर से दोस्ती थी। नितिन अपने दोस्त के साथ अक्सर जगरगवां आता और राजकुमार से मिलता था। चर्चा है कि, जगरगवां निवासी एक युवती से नितिन का कथित तौर प्रेम संबंध चल रहा था। नितिन को संदेह था कि उसकी प्रेमिका से राजकुमार भी बातें करता है और उनके बीच भी प्रेमपूर्ण संबंध हैं। राजुकमार के इस कृत्य को नितिन दोस्ती में धोखे के तौर देखता था। साथ ही उससे बदला लेने की फिराक में था। शनिवार 5 जून की सुबह करीब 10 बजे नितिन अपने एक दोस्त के साथ जगरगवां पहुंचा और राजकुमार को उसके घर से बाइक में बैठाकर अपने साथ ले गया। शाम करीब 4 बजे बघवार के कुछ लोगों द्वारा बेड़ीलाल पिता सुखनंदन राय 41 वर्ष निवासी ग्राम जरगवां को सूचना दी गई कि उसके पुत्र राजकुमार की खून से लथपथ लाश बघवार के जंगल के पास पड़ी है।
आनन-फानन ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे बेड़ीलाल ने देखा तो मृत पड़े उसके बेटे के सिर, आँख के नीचे, कान में एवं अन्य कई जगह चोट के गंभीर निशान थे। पिता की रिपोर्ट पर रैपुरा थाना पुलिस के द्वारा राजुकमार के दोनों दोस्तों के विरुद्ध हत्या का मामला पंजीबद्ध किया गया। हत्या की घटना को गंभीरता से लेते हुये तत्काल आरोपियों की पतारसी कर गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक पन्ना धर्मराज मीना के द्वारा थाना प्रभारी रैपुरा उप निरीक्षक सुशील शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर एवं साइबर सेल की मदद से फरार हत्यारोपी नितिन तिवारी पिता पुष्पेन्द्र तिवारी 21 वर्ष निवासी हीरापुर एवं उसके नाबालिग साथी को सिमरिया थाना प्रभारी की मदद से स्थानीय बस स्टैण्ड से गिरफ्तार किया है। रैपुरा थाना पुलिस का दावा है, पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पूंछतांछ में प्रेम संबंध के चलते राजकुमार राय की हत्या की वारदात को अंजाम देने का जुर्म कबूल किया है।
मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के तहत पन्ना जिले के पात्र बच्चों को स्वीकृति पत्रों का वितरण करते खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह।
*मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने किया स्वीकृति पत्रों का वितरण
पन्ना। (www.radarnews.in) राज्य सरकार ने हाल ही में ऐसे बच्चों को आर्थिक, खाद्य एवं शिक्षा सहायता देने का निर्णय लिया है, जिनके माता-पिता की कोविड-19 से आकस्मिक मृत्यु हो गई है। ऐसे सभी बच्चों के लिये राज्य शासन ने मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल-कल्याण योजना के आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से योजना को प्रदेश में लागू कर दिया है। पन्ना जिले में शनिवार 5 जून को प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के द्वारा मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को योजना के तहत 5000/- (पाँच हजार रुपये ) प्रतिमाह पेंशन, प्रतिमाह निःशुल्क खाद्यान एवं शिक्षा सहायता के स्वीकृति पत्र वितरण किये गए।
इस योजना के तहत् 3 बच्चों- साकिर मंसूरी निवासी आगरा मोहल्ला पन्ना, प्रियंका पटेल निवासी ग्राम बिल्हा व अमन प्यासी ग्राम देवरा तहसील पवई को स्वीकृति पत्र प्रदान किये। साथ ही उनकी हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। बच्चों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि वह अपने आपको अकेला न समझे मध्यप्रदेश सरकार हर समय आपके साथ है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के तहत स्वीकृति पत्र वितरण के समय ऊदल सिंह ठाकुर जिला कार्यक्रम अधिकारी, अरुण प्रताप सिंह निरंजन सहायक संचालक एवं दुर्गा चरण अहिरवार परियोजना अधिकारी पवई उपस्थित रहे।
क्या है योजना
कोविड-19 संक्रमण से जिन बच्चों के माता-पिता की आकस्मिक मृत्यु हो गई है, राज्य सरकार ने ऐसे बच्चों को आर्थिक, खाद्य एवं शिक्षा सहायता देने का निर्णय लिया है। ऐसे सभी बच्चों के लिये राज्य शासन ने मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल-कल्याण योजना के आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से योजना को प्रदेश में लागू कर दिया है। महिला-बाल विकास विभाग द्वारा जारी आदेश में मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के उद्देश्य एवं क्रियान्वयन की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है।
योजना में परिवार से अभिप्राय पति-पत्नी और उन पर आश्रित बच्चों से है। बाल हितग्राही से अभिप्राय है ऐसे बालक, बालिका जिनकी आयु 21 वर्ष या उससे कम है, परंतु स्नातक में अध्ययनरत रहने की स्थिति में, 24 वर्ष या स्नातक पाठ्यक्रम की निर्धारित अवधि तक इनमें से जो भी कम हो और जिनके माता-पिता की कोविड-19 से मृत्यु हुई हो या माता-पिता का निधन पूर्व में हो गया था तथा उनके वैध अभिभावक की कोविड-19 से मृत्यु हुई हो या माता-पिता में से किसी एक का पूर्व में निधन हो चुका है तथा अब दूसरे की कोविड -19 से मृत्यु हुई है। “कोविड-19 से मृत्यु” का अभिप्राय ऐसी किसी भी मृत्यु से है, जो 1 मार्च, 2021 से 30 जून, 2021 तक की अवधि में हुई। 18 वर्ष से कम आयु के बाल हितग्राही के मामले में संरक्षक का चिन्हांकन योजना के अंतर्गत कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा।
योजना का लाभ लेने की पात्रता
प्रभावित परिवार मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी हो। परिवार को मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना का लाभ प्राप्त करने की पात्रता नहीं हो। बाल हितग्राही के मृतक माता-पिता ऐसे शासकीय सेवक या शासकीय उपक्रम के सेवक न हों, जिन्हें पुरानी पेंशन स्कीम में पेंशन पाने की पात्रता हो। ऐसे प्रत्येक बाल हितग्राही, जिनके माता-पिता, अभिभावक की कोविड -19 से मृत्यु होने से अनाथ हो गये हैं, को पाँच हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी। बाल हितग्राही की आयु 18 वर्ष से कम है तो सहायता राशि चिन्हांकित संरक्षक और बच्चे के संयुक्त खाते में जमा की जायेगी। 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद उनके व्यक्तिगत खाते में राशि दी जाएगी।
अतिकम वजन के बच्चों, गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार व राहत राशन किट वितरण विकास संवाद, गूँज संस्था एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से किया गया।
* विकास संवाद, गूंज संस्था और महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग हुआ वितरण
पन्ना।(www.radarnews.in) विकास संवाद समिति और महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से मझगंवा सेक्टर के 4 गाँव में कोविड 19 के दिशा- निर्देशों का पालन करते हुए अतिकम वजन एवं मध्यम वजन के बच्चों, गर्भवती, धात्री, किशोरी बालिकाओं को पोषण आहार एवं राहत राशन किट वितरित की गई। वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए बच्चों, गर्भवती, धात्री एवं किशोरियों के भोजन में पोषक तत्व शामिल हो सके इस उद्देश्य की पूर्ती के लिए पोषण आहार एवं राहत राशन किट का वितरण किया जा रहा है। ग्राम मझगंवा, हिनौता, कैमासन बड़ौर में असुपात्रों को किट का वितरण सुनिश्चित कराने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना ग्रामीण के परियोजना अधिकारी अशोक विश्वकर्मा, सेक्टर सुपरवाईज़र नीलम एवं संबंधित ग्रामों की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर परियोजना अधिकरी अशोक विश्वकर्मा ने अतिकम वजन के बच्चों की माताओं को सलाह देते हुए कहा की पोषण आहार एवं राहत राशन किट में जो सामग्री है वह बच्चों और परिवार के सदस्यों के लिए है। आप अपने बच्चों का ध्यान रखें ताकि आप का बच्चा कमजोर न हो सके और गाँव वालों को कोविड टीकाकरण हेतु प्रेरित किया गया। विकास संवाद समिति पन्ना के जिला समन्वयक रविकांत पाठक द्वारा बताया गया की पोषण आहार एवं राहत राशन किट में आटा, चावल, दाल, सोयाबड़ी, खाद्य तेल, गुड, साबुन एवं नेपकिन पैड शामिल है | यह किट गर्भवती, धात्री, कुपोषित एवं किशोरी बालिकाओं के भोजन में पोषण की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई है। किट वितरण में गूंज संस्था पदाधिकारी, दस्तक युवा समूह से कमलाकांत एवं विकास संवाद समिति पन्ना से छत्रसाल पटेल, रामविशाल, बबली, समीर एवं वैशाली बंजारा आदि उपस्थित रहे।
मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम और बचाव के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने मलेरिया रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करते सीएमएचओ पन्ना डॉ. आर.एस. पाण्डेय।
* मुख्य चिकित्सा स्वास्थ अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर मलेरिया रथ को किया रवाना
पन्ना। (www.radarnews.in) मलेरिया निरोधक माह जून में मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम और बचाव के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से गुरूवार 3 जून 2021 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. पाण्डेय द्वारा मलेरिया रथ को हरी झण्डी दिखाकर चिन्हित ग्रामों के भ्रमण हेतु अपने कार्यालय के प्रांगण से रवाना किया गया। प्रचार-प्रसार हेतु मलेरिया रथ को रवाना करने के दौरान जिला क्षय अधिकारी एवं प्रभारी पैथोलॉजिस्ट डॉ. प्रीतेश ठाकुर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रदीप गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत, डीसीएम दीपक सिंह राजपूत, जिला कुष्ठ सलाहकार डॉ. संजय अहिरवार, जिला व्ही.बी.डी. सलाहकार सदब खान, लेखपाल एनएचएम शरद पाठक, फार्मासिस्ट एवं जिला प्रभारी स्टोर कीपर राजेश तिवारी, स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी तथा आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
जिला मलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि यह जागरूकता रथ जिले के 85 चिन्हित ग्रामों में भ्रमण कर मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए रोकथाम एवं बचाए की सलाह देगा। ग्रामीणों को बताया जाएगा कि, बुखार होने पर तुरंत मलेरिया की जांच करवाएं और समय पर उपचार करवाने हेतु जन समुदाय को सलाह दी जाएगी। मलेरिया रथ में भी जांच एवं उपचार की सुविधा होगी एवं माइकिंग के माध्यम से एक टीम मलेरिया रथ पर मलेरिया निरोधक माह जून में चिन्हित ग्रामों एवं हाट बाजार में जाकर आईईसी गतिविधियां संचालित करेगी।
आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीणों को वितरण हेतु आशा कार्यकर्ताओं को दवाओं की किट वितरित की गई।
* कोविड टीकाकरण के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने का किया आव्हान
पन्ना। (www.radarnews.in) विकास संवाद समिति और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रक्सेहा में 8 गाँव की आशा कार्यकर्ताओं को दवाईओं की किट का वितरण किया गया। वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए विकास संवाद समिति पन्ना ने अपने कार्यक्षेत्र के 25 गाँव की आशा कार्यकर्ताओं को दवाईओं किट वितरण करना प्रारंभ किया है। गुरुवार 3 जून 2021 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रक्सेहा में खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अभिषेक जैन सहयोग से 8 गाँव की आशा कार्यकर्ताओं को समुदाय के उपयोग के लिए दवाईओं की किटों का वितरण किया गया। इन किटों में 11 प्रकार की दवाओं के अलावा आशाओं की सुरक्षा की दृष्ठि से मास्क एवं सेनेटाईज़र भी शामिल किया गया है ।
दवाईओं के वितरण के पश्चात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रक्सेहाके सेक्टर सुपरवाईज़र अवधेश दिवेदी द्वारा दवाईओं के उपयोग करने से सम्बंधित प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही यह कहा गया की यदि आप को दवाओं की आवश्यकता पड़ती है तो संस्था और विभाग आप के साथ खड़ा रहेगा आप को हर संभव मदद करेगा। कार्यक्रम में शामिल पृथ्वी ट्रस्ट संचालक समीना युसूफ द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को बताया गया की जमीनी नींव आप सब के हाँथ में है इन दवाओं का उपयोग लोग करें यह हमें सुनिश्चित करना होगा। अगर आपको और भी दवाओं की जरुरत पड़ेगी तो हम सभी सहयोग करेंगे। इस किट में आप सब की सुरक्षा को देखते हुए मास्क एवं सेनेटाईज़र शामिल किया गया है।
आशा कार्यकर्ताओं को दवाओं की किट वितरितण के कार्यक्रम में उपस्थित आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं सामाजिक कार्यकर्ता।
विकास संवाद समिति पन्ना के जिला समन्वयक रविकांत पाठक द्वारा कार्यक्रम में शामिल सभी आशा और एएनएम से कहा की संस्था लगातार 5 साल से कुपोषण को लेकर काम करती आ रही है और हमे सफलताएं भी मिली हैं। यदि हम सब मिल कर संघर्ष करें तो कोरोना को भी हरा सकते है। रविकांत ने कहा की अब हमें अपने गाँव में कोविड टीकाकरण के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करना है। इस कार्यक्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रक्सेहा क्षेत्र की 8 आशा, एएनएम, स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थित स्टाफ, विकास संवाद समिति पन्ना से छत्रसाल पटेल, रामविशाल, बबली, समीर, अफरीन एवं वैशाली बंजारा आदि उपस्थित रहे।
रेत माफिया के गुण्डों के हमले में घायल भाजपा नेता कौशल किशोर लोधी का पन्ना जिला चिकित्सालय में हालचाल लेते हुए खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह।
* 5 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
* पन्ना जिले में ठेका की आड़ में खुलेआम जारी है रेत की लूट का खेल
* रेत माफ़िया को शासन-प्रशासन का संरक्षण प्राप्त होने का आरोप
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के अति पिछड़े पन्ना जिले में सक्रिय रेत माफिया का आतंक सिर चढ़कर बोल रहा है। रेत ठेका की आड़ में यहां पिछले एक साल से रेत की लूट का खेल बेरोक-टोक चल रहा है। शासन-प्रशासन का संरक्षण प्राप्त माफिया रेत के लिए खुलेआम पर्यावरण एवं खनन संबंधी नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए जीवनदायिनी केन नदी का सीना और कोख़ को दैत्याकार मशीनों के नुकीले जबड़ों से नोंचकर रात-दिन छलनी करने पर आमादा है। रामराज्य की दुहाई देने वाली शिवराज सरकार में मची रेत की लूट के चलते पिछले सभी रिकार्ड टूटने के साथ ही पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में अघोषित तौर पर माफिया राज कायम हो चुका है। रेत ठेकेदार से माफिया बने रश्मीत मल्होत्रा के भाड़े के गुण्डों की फ़ौज इस इलाके में सरेआम कानून व्यवस्था को रौंदते हुए भय और आतंक फैला रही है।
कल तक इन गुण्डों/गुर्गों का निशाना आम लोग बनते रहे और जनप्रतिनिधि, विपक्ष के नेता, जिम्मेदार अफसर, मीडिया सब तमाशबीन बने रहे। परिणाम स्वरूप इनका आतंक बढ़ता ही गया, सोमवार 31 मई की रात रेत माफिया के गुण्डों ने भाजपा के धरमपुर मण्डल अध्यक्ष कौशल किशोर लोधी के ऊपर क़ातिलाना हमला कर दिया। भाजपा नेता के छोटे भाई और ट्रेक्टर के ड्रायवर को भी बेरहमी से पीटा गया। लंबे समय से रेत माफिया की लूट और उसके गुण्डों के कारनामों को जानबूझकर नजर अंदाज करने वाले कतिपय लोगों का ज़मीर अब जाकर शायद जागा है। इस घटनाक्रम के बाद उन्हें एहसास हुआ है कि, पानी सिर से ऊपर जा चुका है।
पन्ना जिले में सक्रिय रेत माफिया के गुण्डों के आतंक का शिकार बनने के कारण खून से लथपथ भाजपा मंडल अध्यक्ष धरमपुर कौशल किशोर सिंह लोधी।
रेत माफिया के सामने नतमस्तक रहे जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों में भी सोमवार रात से ही आंतरिक हलचल देखी जा रही है, क्योंकि वारदात बेहद संगीन होने के साथ-साथ शिवराज सरकार की फजीहत से सीधे तौर पर जुड़ी है ! बेखौफ गुण्डों ने जिसे मार-मार कर अधमरा कर दिया वह कोई और नहीं बल्कि सत्ताधारी दल का महत्वपूर्ण पदाधिकारी है। गंभीर रूप से घायल भाजपा मंडल अध्यक्ष धरमपुर कौशल किशोर सिंह लोधी 38 वर्ष की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें मंगलवार की सुबह पन्ना जिला चिकित्सालय से मेडिकल कॉलिज जबलपुर के लिए रेफरल कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार 31 मई की रात करीब 9 भाजपा मंडल अध्यक्ष धरमपुर कौशल किशोर सिंह लोधी 38 वर्ष निवासी दुर्गापुर ग्राम पंचायत नयागांव थाना धरमपुर का छोटा भाई शिवकुमार उर्फ़ पप्पू लोधी व ट्रेक्टर चालक नजदीकी ग्राम चम्पतपुर में ईंट उतारने के बाद खाली ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर वापस गांव लौट रहे थे। तभी रास्ते में रेत माफिया रश्मीत मल्होत्रा के गुर्गों ने उनके ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोक लिया और अवैध रूप से रेत परिवहन करने का आरोप लगाते हुए जबरन ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपने साथ ले जाने लगे।
ट्रैक्टर चालक ने तुरंत भाजपा मंडल अध्यक्ष कौशल किशोर सिंह लोधी को मोबाइल पर जानकारी दी गई। आनन-फानन कौशल किशोर बोलेरो वाहन से मौके पर पहुंचे। जहां पहले से मौजूद रेत ठेकेदार के 7-8 गुण्डों ने लाठी-डण्डों व लोहे की रॉड से भाजपा नेता पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। कौशल किशोर को बचाने आगे आए उसके छोटे भाई को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा। साथ ही बोलेरो वाहन पर लाठी-डण्डे बरसाकर उसे भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
उल्लेखनीय है कि,कौशल किशोर की पत्नी संपत लोध नयागांव पचायत की सरपंच है। बैखोफ हमलावरों ने नयागांव के ही समीप उसके ऊपर प्राणघातक हमला किया। खून से लथपथ एवं गंभीर रूप से घायल भाजपा नेता के अचेत होकर जमीन पर गिरते ही हमलावर स्वयं के बोलेरो वाहन से मौके से फरार हो गए। घटना की रिपोर्ट मण्डल अध्यक्ष के भाई पप्पू लोधी ने धरमपुर थाना में दर्ज कराई है। जिस पर पुलिस 5 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 307, 34 आईपीसी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
बर्दाश्त नहीं की जाएगी गुंडागर्दी
प्राणघातक हमले में घायल भाजपा नेता कौशल किशोर लोधी के परिजनों को हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह।
प्राणघातक हमले में गंभीर रूप से घायल कौशल किशोर लोधी को उपचार हेतु अजयगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भर्ती कराया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद रात्रि में ही उसे पन्ना जिला चिकित्सालय के लिए रेफरल कर दिया। पन्ना जिला चिकित्सालय के ड्यूटी डॉक्टर ने रात्रि में कौशल किशोर को भर्ती कर इलाज किया लेकिन उसकी नाजुक देखते हुए मंगलवार 1 जून की सुबह मेडिकल कॉलिज जबलपुर रेफरल कर दिया।
धरमपुर मण्डल अध्यक्ष पर जानलेवा हमला होने की सूचना मिलने पर सुबह-सुबह पन्ना विधायक एवं खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर घायल कौशल किशोर का हालचाल जाना और जबलपुर उनके में बेहतर इलाज हेतु संबंधित चिकित्सक से बात की गई। खनिज मंत्री ने भाजपा नेता के परिजनों को आश्वस्त किया कि गुण्डागर्दी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से बात कर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। इस दौरान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम व युवा नेता तरुण पाठक मौके पर मौजूद रहे।
अजयगढ़ क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल
रेत माफिया के गुण्डों के द्वारा क्षतिग्रस्त की गई भाजपा मंडल अध्यक्ष धरमपुर कौशल किशोर लोधी की बोलेरो जीप।
रेत माफिया के गुर्गों के आतंक की ताज़ा वारदात के बाद से अजयगढ़-धरमपुर क्षेत्र समेत समूचे जिले जबर्दस्त आक्रोश व्याप्त है। सोशल मीडिया पर लोग पन्ना जिले को लूटने वाले रेत माफिया को संरक्षण देने वालों के खिलाफ बेहद तल्ख़ टिप्पणी कर रहे हैं। उधर, भाजपा नेता के परिजनों का आरोप है कि उनके द्वारा हमलावरों के नाम पुलिस को बताए गए थे लेकिन पुलिस ने मुख्य आरोपियों को बचाने के मकसद से जानबूझकर अज्ञात के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया। बोलेरो वाहन में की गई तोड़फोड़ की धारा प्रकरण में ना जोड़ने को लेकर भी असंतोष जताया है।
वहीं इस वारदात के बाद जनमानस में व्याप्त आक्रोश और तनाव पूर्ण माहौल को देखते हुए हरकत में आई पन्ना जिले की पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई कर कुछ हमलावरों को हिरासत में लिया है। लेकिन फ़िलहाल आवश्यक कार्रवाई पूर्ण न होने के कारण पुलिस ने आधिकारिक तौर पर हमलावरों की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।
पहले भी कई लोगों के साथ की बर्बरता
रेत माफिया के लठैतों द्वारा की गई मारपीट में घायल ट्रक चालक व मालिक पन्ना जिला चिकित्सालय में भर्ती। (फाइल फोटो)
पन्ना जिले का तराई अंचल (अजयगढ़-धरमपुर क्षेत्र) कुछ वर्ष पूर्व तक दस्यु गिरोहों के ख़ौफ़ से थर्राता था, अब वह पिछले कुछ समय से सत्ता का संरक्षण प्राप्त रेत माफिया के भय और आतंक के कारण दहशत के आगोश में है। दरअसल, रसूखदार माफिया के आगे नतमस्तक हो चुकी पूरी व्यवस्था अब तक उसके कारनामों पर आंखें बंद कर पन्ना को लुटवाने और उसे आतंक का पर्याय बनाने के अक्षम्य अपराध में संलिप्त रही है। भाजपा नेता कौशल किशोर लोधी पर प्राणघातक हमले से पूर्व भी इसके आतंक की विचलित करने वाली कई वारदातें सामने आ चुकीं है। बताते चलें, करीब दो तीन-चार माह पूर्व रेत माफिया रश्मीत मल्होत्रा के गुर्गों ने पहाड़ीखेरा के नजदीक अमरछी निवासी ट्रक मालिक इरफ़ान व उसके चालक की लाठी-डण्डों से बेदम पिटाई की थी।
रेत माफिया के गुर्गे के द्वारा की गई मारपीट में घायल ट्रक चालक विमल सोनकर। (फाइल फोटो)
कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए दिनदहाड़े की गई इस बर्बरता का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। आरोप है कि पुलिस ने कथित तौर पर रेत ठेकेदार के गुर्गों को बचाने के लिए इस घटना की रिपोर्ट दर्ज न करके दबाव बनाकर दोनों का राजीनामा करा दिया था। इसके पूर्व अजयगढ़ थाना अंतर्गत ट्रक चालक विमल सोनकर को बीरा में बंधक बनाकर बड़ी ही बेरहमी से पीटा था। वहीं अजयगढ़ जनपद अध्यक्ष भरत-मिलन पाण्डेय व उनके परिजनों से भी इनका विवाद हुआ था। इसके अलावा भी कई निरपराध ग्रामीणों पर रेत माफिया के गुण्डों का कहर टूटा है। लेकिन, अधिकांश मामलों पुलिस के द्वारा सख्त कार्रवाई न करने के कारण इनका आतंक लगातार बढ़ता ही गया।
अराजकता की अनदेखी करते रहे जनप्रतिनिधि !
पन्ना जिले के ग्राम जिगनी ग्राम में निजी भूमि पर खुलेआम संचालित रही अवैध रेत खदान में मशीनों से कराए गए रेत खनन कराया गया। (फाइल फोटो)
मालूम हो कि, पन्ना जिले में रेत की खदानें अजयगढ़ तहसील में केन नदी पर स्थित हैं। पन्ना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाला यह इलाका मध्य प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह का निर्वाचन क्षेत्र है। केन नदी का एक किनारा पन्ना और दूसरा छतरपुर जिले में आता है। मध्य प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद विष्णु दत्त शर्मा के संसदीय क्षेत्र खजुराहो में कटनी-पन्ना-छतरपुर तीनों ही जिले शामिल हैं। केन नदी के दोनों तरफ अर्थात छतरपुर एवं पन्ना जिले में की सीमा में पिछले एक साल से रेत ठेका की आड़ में रेत के बेइंतहां अवैध खनन का खेल चल रहा है।
विष्णु दत्त शर्मा, सांसद , खजुराहो लोकसभा क्षेत्र।
पन्ना में तो रेत ठेकेदार ने निजी/शासकीय भूमियों (खेतों) में भी दर्जन भर से अधिक रेत खदानें खोदीं हैं। इसके अलावा केन नदी में करीब 40 किलोमीटर क्षेत्र में जहां भी रेत उपलब्ध है, चाहे पानी के अंदर हो या किनारे पर उसे लिफ्टर और पोकलेन मशीनों के जरिए निकालकर बहुमूल्य खनिज संपदा को लगातार लूटा जा रहा है। केन नदी को अनियंत्रित खनन से खोखला करने के साथ ही भय और आतंक फैला रेत माफिया के कारनामों की जानकारी होने के बाबजूद क्षेत्र के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि अब तक इसे पूरी तरह नजर अंदाज करते रहे हैं।
निर्वाचन क्षेत्र में व्याप्त हद दर्जे की अराजकता को लेकर माननीयों की हैरान करने वाली चुप्पी और भूमिका पर अब तराई अंचल (अजयगढ़-धरमपुर) क्षेत्र के लोग सोशल मीडिया पर न सिर्फ चुभने सवाल उठा रहे हैं बल्कि धिक्कारते हुए उनके प्रति अपने गुस्से को साफ़ जाहिर कर रहे हैं।